- Home
- छत्तीसगढ़
-
15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए मोहल्लों तक पहुंची इलाज की सुविधा
घर के नजदीक इलाज, जांच और दवाइयां — जरूरतमंद नागरिकों के लिए बनी बड़ी राहत
रायपुर/राजधानी शहर रायपुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों को उनके मोहल्ले और घर के नजदीक ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों—इसी उद्देश्य के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू ) स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब पहुंचाने का काम कर रही हैं।
रायपुर में संचालित 15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श, लैब टेस्ट और आवश्यक दवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि इन सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में नागरिकों तक पहुंचा है।
एमएमयू की बड़ी उपलब्धियां--
लाभार्थियों की संख्या
???? कुल ओपीडी - 16,88,768
???? लैब टेस्ट किए गए मरीजों की संख्या - 3,57,296
???? दवा वितरण किए गए मरीजों की संख्या - 14,83,515
16.88 लाख से अधिक ओपीडी का आंकड़ा बताता है कि नागरिकों ने अपने नजदीक उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का बड़े स्तर पर लाभ उठाया है। वहीं 3.57 लाख से अधिक मरीजों के लैब टेस्ट के जरिए विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच में मदद मिली और 14.83 लाख से अधिक लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
मोहल्ले तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा
अस्पताल तक पहुंचने में दूरी, समय और खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। विशेषकर मजदूर, बुजुर्ग, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार कई बार छोटी स्वास्थ्य समस्या के लिए भी अस्पताल जाने में कठिनाई महसूस करते हैं।
एमएमयू मॉडल इसी समस्या को कम करने की दिशा में काम करता है। मेडिकल टीम लोगों के नजदीक पहुंचती है और वहीं डॉक्टर की सलाह, प्राथमिक उपचार, जांच तथा आवश्यक दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराती है।
महिलाओं के लिए खास पहल — दाई-दीदी क्लीनिक
महिला मरीजों के लिए महिला डॉक्टर और स्टाफ के साथ विशेष स्वास्थ्य सेवा
एमएमयू व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेष पहलों में से एक है “दाई-दीदी क्लीनिक”, जिसे विशेष रूप से महिलाओं के लिए तैयार किया गया है।
दाई-दीदी क्लीनिक में महिला डॉक्टर, महिला फार्मासिस्ट, महिला लैब टेक्नीशियन और एएनएम सहित महिला स्टाफ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को बिना संकोच अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बताने और उपचार प्राप्त करने का सुरक्षित एवं सहज वातावरण देना है।
यह पहल खास तौर पर उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो समय की कमी, दूरी, आर्थिक परेशानी या संकोच के कारण अपनी स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं करा पाती थीं।
दाई-दीदी क्लीनिक में महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ गर्भावस्था, स्त्री स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार नियोजन से संबंधित परामर्श एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
सिर्फ इलाज नहीं, जांच भी
एमएमयू का उद्देश्य केवल मरीज को डॉक्टर की सलाह देना नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लैब जांच की सुविधा भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रायपुर में अब तक 3,57,296+ मरीजों के लैब टेस्ट किए जा चुके हैं।
इससे मरीजों की बीमारी को समझने, आवश्यक उपचार तय करने और समय पर आगे की चिकित्सा सलाह देने में मदद मिलती है।
राज्य की एमएमयू व्यवस्था में विभिन्न प्रकार की नियमित जांचों के साथ बीपी, ब्लड शुगर और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य जांचों की सुविधा का भी उल्लेख किया गया है।
दवा भी, इलाज भी
डॉक्टर से जांच और परामर्श के बाद मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना एमएमयू की महत्वपूर्ण विशेषता है।
रायपुर में 14,83,515+ लोगों को दवा वितरण किया गया है।
इससे विशेष रूप से ऐसे परिवारों को राहत मिलती है, जिनके लिए इलाज के बाद दवाइयों का खर्च भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है।
15 एमएमयू — शहर के अलग-अलग क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवा
15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को अलग-अलग बस्तियों और जरूरतमंद क्षेत्रों तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य साफ है—
“अस्पताल तक मरीज पहुंचे” के साथ-साथ “स्वास्थ्य सेवा मरीज तक पहुंचे।”
यही मॉडल शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एमएमयू से नागरिकों को यह मिला:-
घर के नजदीक इलाज
दूर अस्पताल जाने की आवश्यकता कम हुई और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा लोगों के करीब पहुंची।
जांच की सुविधा
लैब टेस्ट के माध्यम से बीमारी की पहचान और उपचार में सहायता मिली।
निःशुल्क/उपलब्ध दवाओं से राहत
डॉक्टर की सलाह के अनुसार आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया।
* महिलाओं के लिए विशेष सुविधा
दाई-दीदी क्लीनिक के जरिए महिलाओं को महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सहज वातावरण में उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया।
कमजोर वर्गों तक पहुंच
स्लम एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का मॉडल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिन्हें नियमित स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
आंकड़ों में रायपुर की स्वास्थ्य सेवा
कुल 15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स
16,88,768- कुल ओपीडी
3,57,296 - लैब टेस्ट किए गए मरीजों की संख्या
14,83,515 को दवा वितरण
एमएमयू ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने का काम किया है
रायपुर में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने का काम किया है। ओपीडी से लेकर लैब जांच और दवा वितरण तक, एक ही व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए दाई-दीदी क्लीनिक जैसी विशेष पहल इस व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील बनाती है—जहां महिला मरीजों को महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अपनी समस्याएं साझा करने और उपचार प्राप्त करने का सहज अवसर मिलता है।
15 एमएमयू 16.88 लाख से अधिक ओपीडी , 3.57 लाख से अधिक लैब टेस्ट और 14.83 लाख से अधिक दवा वितरण—ये आंकड़े बताते हैं कि स्वास्थ्य सेवा को नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास किया जा रहा है। -
रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 4 स्वास्थ्य विभाग को गन्दगी एवं कचरे से सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेते हुए नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चन्द्रवंशी के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर के मार्गनिर्देशन में जोन क्षेत्र अंतर्गत नेहरूनगर बूढातालाब बायपास मार्ग में तत्काल टीम भेजकर बायपास मार्ग पर पड़े कचरे को उठवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु स्वच्छता कायम की गयी और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
-
वर्चुअल बैठकों के जरिए लगातार संगठन का कर रहे मार्गदर्शन
'हर घर तिरंगा' और 'मन की बात' जैसे प्रमुख कार्यक्रमों में रहे सक्रिय
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है और वे बहुत जल्द पूरी सक्रियता के साथ सीधे कार्यकर्ताओं के बीच लौटेंगे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि अस्वस्थ होने के बावजूद वे संगठन के कामकाज से पूरी तरह जुड़े हुए हैं और लगातार डिजिटल माध्यमों से पार्टी की सभी गतिविधियों का संचालन व मार्गदर्शन कर रहे हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव प्रदेश कार्यालय में आयोजित होने वाली तमाम महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकों में नियमित रूप से ऑनलाइन जुड़ रहे हैं। 'हर घर तिरंगा' अभियान और 'तिरंगा यात्रा' कार्यक्रमों में उनकी सक्रियता कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरक रही, वहीं पार्टी के आगामी अभियानों की रूपरेखा तय करने और कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए वे पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। श्री देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' को भी सुना और देशहित में किए जा रहे अभूतपूर्व प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त किया। संगठन के सभी अभियानों की लगातार मॉनीटरिंग कर रहे प्रदेश अध्यक्ष श्री देव जल्द ही पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे, जिसे लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मिश्रा ने चिकित्सकीय बुलेटिन के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि श्री देव के कमर के ऊपरी हिस्से में किसी प्रकार की कोई चोट नहीं लगी थी। कमर के निचले हिस्से में एक छोटा सा फ्रैक्चर था, जिसके उपचार हेतु एक छोटी-सी सफल सर्जरी की गई थी। डॉ. मिश्रा ने बताया कि चिकित्सकीय बुलेटिन के अनुसार फ्रैक्चर अब तेजी से ठीक हो गया है और रिकवरी की स्थिति बेहद संतोषजनक है। डॉक्टरों ने उनके स्वास्थ्य में हो रही इस त्वरित प्रगति पर पूर्ण प्रसन्नता जताई है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि श्री देव अपनी अद्भुत इच्छाशक्ति और लाखों कार्यकर्ताओं की प्रार्थनाओं के बल पर जल्द ही पूर्णतः स्वस्थ होकर रायपुर लौट रहे हैं। वे शीघ्र ही रायपुर पहुँचकर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व पर पुनः पूर्ण ऊर्जा के साथ कार्य करने वाले हैं। -
भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में किसानों के हित व संगठन विस्तार पर हुआ मंथन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि ने किसानों को धान खरीदी के लिए अधिक सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 354 नए धान खरीदी केंद्र खोले जाएंगे। श्री साय ने किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों को गांव-गांव और किसानों तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री श्री साय सोमवार को यहाँ भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में पार्टी के किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन सत्र को मुख्य वक्ता की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि करीब 11 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं से जुड़े कार्यों को आगामी दो वर्षों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश सरकार किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के हितों को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है। श्री साय ने केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश लगातार नक्सलमुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में विकास कार्यों के विस्तार, शिक्षा के स्तर में सुधार और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी श्री साय ने साझा की।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों को कार्यकर्ताओं के सामने रखा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि जब देश में शौचालय निर्माण की बात सामने रखी गई थी, तब विपक्ष द्वारा इसका विरोध किया गया, लेकिन आज वही पहल महिलाओं, बेटियों और माताओं के सम्मान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बन चुकी है। श्री साहू ने वर्ष 2014 से लेकर 2026 तक देश में हुए विकास कार्यों को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास की नई ऊँचाइयों को छुआ है। श्री साहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन और उनकी बेदाग छवि को भी संगठन के समक्ष प्रमुखता से रखा।
प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कार्यकर्ताओं को उनके दायित्वों का बोध कराया और किसान और कृषि के महत्व को बारीकी से कार्यकर्ताओं तक पहुँचाने का प्रयास किया। श्री नेताम ने बताया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। सरकार की किसान हितैषी योजनाओं, नीतियों और उनके प्रभावों की उन्होंने विस्तार से जानकारी दी।
भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने अपने उद्घाटन भाषण में कार्यकर्ताओं में उत्साह और संगठन के प्रति समर्पण का भाव जगाया। श्री साय ने कहा कि किसान मोर्चा केवल एक अलग संगठनात्मक इकाई नहीं, बल्कि भाजपा के मुख्य संगठन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मोर्चा में सक्रिय कार्यकर्ताओं के लिए मुख्य संगठन में नेतृत्व की संभावनाओं के द्वार खुले हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
प्रदेश किसान मोर्चा के अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में दायित्व संभालने से लेकर अब तक किसान मोर्चा द्वारा किए गए कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा मुख्यमंत्री श्री साय के समक्ष रखा। उन्होंने मोर्चा को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए आगामी कार्ययोजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
उल्लेखनीय है कि कार्यसमिति में किसान हित, संगठन को मजबूत करने, केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यसमिति में किसान हित से जुड़े विषयों को लेकर राजनीतिक प्रस्ताव भी रखा गया। इसमें प्रदेश में किसानों के लिए और बेहतर एवं श्रेष्ठ कार्ययोजना पर चर्चा की गई। प्रस्ताव को प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष सहित उपस्थित कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त हुआ।
कार्यसमिति के दौरान किसान मोर्चा के पदाधिकारी, प्रदेश एवं जिला स्तर के कार्यकर्ता तथा भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने तथा किसानों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचाने को लेकर कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। -
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पत्रकार साथियों एवं उनके परिजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बुधवार, 2 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
शिविर में ओम हॉस्पिटल, रायपुर के डॉ. योगेश धाबर्डे (एमडी मेडिसिन), डॉ. प्रवीण साहू, डॉ. गोविंद साहू एवं उनकी टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया जाएगा।
इसके अलावा रायपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, रामकुंड, रायपुर की टीम भी शिविर में सेवाएं देगी। टीम में डॉ. दिलीप मुकुंद पिंपले, प्राचार्य, डॉ. निर्मल भोई, उप प्राचार्य, डॉ. योगेश श्रीवास्तव, मेडिकल ऑफिसर एवं शिविर प्रभारी, डॉ. हर्षिता मेहता, मेडिकल ऑफिसर, डॉ. पद्मश्री बक्शी, आरएमओ, डॉ. पंकज कटारिया, मेडिकल ऑफिसर एवं उनकी टीम शामिल रहेगी।
रायपुर प्रेस क्लब ने सभी पत्रकार साथियों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श का लाभ उठाएं।
स्थान : रायपुर प्रेस क्लब
दिनांक : 2 सितंबर 2026, बुधवार
समय : दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक
आयोजक : रायपुर प्रेस क्लब -
- जमीन आवंटन के लिए बनेगी वरिष्ठ पत्रकारों की कमेटी
- नवा रायपुर में पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने सरकार से संवाद करेगी कमेटी
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने प्रेस क्लब के सदस्यों के लिए नवा रायपुर में जमीन उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। राजनांदगांव और बिलासपुर की तर्ज पर रायपुर के पत्रकारों को भी आवास के लिए जमीन अथवा आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रेस क्लब लगातार शासन स्तर पर संवाद और पत्राचार कर रहा है।
इसी क्रम में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा शासन को भेजे गए प्रस्ताव एवं अब तक हुए संवाद के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने का प्रकरण आवास एवं पर्यावरण विभाग को भेजा जा चुका है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने तथा शासन के साथ प्रभावी संवाद के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से रायपुर प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने वरिष्ठ पत्रकारों के समक्ष जमीन आवंटन को लेकर अब तक शासन के साथ हुए पत्राचार, संवाद और प्रकरण की प्रगति की विस्तृत जानकारी रखी। जिसमें फरवरी, जून और अगस्त माह में सरकार से हुए पत्राचार और प्रकरण की अद्यतन स्थिति बताई गई
बैठक में पूर्व अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, रामावतार तिवारी और बृजेश चौबे, नवभारत के वाइस प्रेसीडेंट उमाशंकर व्यास , वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा, नवप्रदेश के प्रधान संपादक यशवंत धोटे, हरिभूमि से संपादक ब्रह्मवीर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार , शेख स्माइल, राजेश जॉन पॉल, प्रफुल्ल पारे एवं संदीप पुराणिक उपस्थित रहे।
वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारों के आवास से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय पर सकारात्मक पहल की आवश्यकता जताते हुए वरिष्ठ पत्रकारों की एक कमेटी गठित करने पर सहमति व्यक्त की। यह कमेटी शासन के संबंधित विभागों और सरकार के साथ संवाद कर जमीन आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि रायपुर प्रेस क्लब के अधिक से अधिक सदस्यों को इस योजना का लाभ मिल सके, इसके लिए वरिष्ठ पत्रकारों की कमेटी के सुझावों के आधार पर प्रस्ताव और कार्ययोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों के लिए आवास की सुविधा लंबे समय से एक महत्वपूर्ण आवश्यकता रही है। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का प्रयास है कि शासन के सहयोग से इस दिशा में ठोस और परिणामदायी पहल हो। नवा रायपुर में पत्रकारों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना प्रेस क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए वरिष्ठ पत्रकार जनों की सलाह पर जल्द एक कमेटी गठित कर सरकार से निरंतर संवाद किया जाएगा। - *नमो दीदी ड्रोन योजना ने खोला रोजगार का नया रास्ता*बिलासपुर/जिले के मस्तुरी विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी सीमा वर्मा आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने अपनी आजीविका को नई दिशा दी है। नमो दीदी ड्रोन योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर अब ड्रोन दीदी के रूप में किसानों के खेतों में आधुनिक तकनीक से कीटनाशक, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कर रही हैं।सीमा वर्मा ने बताया कि ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके लिए रोजगार का एक नया अवसर खुला है। वे आसपास के किसानों के संपर्क में रहकर उनकी आवश्यकता के अनुसार खेतों में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक एवं नैनो उर्वरकों का छिड़काव करती हैं। इससे किसानों को कम समय में खेतों में छिड़काव की सुविधा मिल रही है और सीमा को भी इस कार्य से अच्छी आय प्राप्त हो रही है। आधुनिक तकनीक से जुड़कर काम करने से उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि ड्रोन से छिड़काव का कार्य उनके लिए आजीविका का बेहतर माध्यम बन गया है। इससे प्राप्त होने वाली अतिरिक्त आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। पहले जहां आय के सीमित साधन थे, वहीं अब ड्रोन संचालन के साथ उन्होंने अपनी आमदनी बढ़ाने का नया रास्ता तैयार किया है। सीमा का कहना है कि बिहान योजना और नमो दीदी ड्रोन योजना ने उन्हें आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।सीमा वर्मा केवल ड्रोन संचालन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मशरूम उत्पादन का कार्य भी कर रही हैं। मशरूम उत्पादन के माध्यम से भी वे अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं। एक ओर वे किसानों के खेतों में ड्रोन से छिड़काव कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर मशरूम उत्पादन जैसी गतिविधियों से अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं। इस तरह विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। शासन की योजनाओं से मिले इस अवसर के लिए श्रीमती सीमा वर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- बालोद/संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज उस समय मानवीय संवेदना और सुशासन की सुखद तस्वीर देखने को मिली, जब कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के तीन दिव्यांगजनों को मौके पर ही ट्राईसिकल प्रदान कर उनकी राह आसान कर दी। शासन की इस त्वरित सहायता से लाभान्वितों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा ’धन्यवाद विष्णु भैया’। जनदर्शन में पहुंचे दिव्यांगजनों की स्थिति का परीक्षण कर उनकी दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम मनकी सा की सुश्री टुमेश्वरी और ग्राम कोबा की शशिकला को 80 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर पर आधुनिक बैटरी चालित ट्राईसिकल प्रदान की गई। इसी प्रकार 50 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर बालोद विकासखण्ड के ग्राम तमोरा के श्री राजेश कुमार को सामान्य ट्राईसिकल प्रदान किया गया।डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम पंचायत मनकी सा निवासी टुमेश्वरी ने बताया कि दिव्यांगता के चलते उन्हें कहीं भी आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। वे अपने पिता या भाई पर निर्भर रहती थीं, जिससे उनका परिवार का समय भी काफी प्रभावित होता था। उसने बताया कि वह स्व-सहायता समूह से जुड़कर काम कर रही हैं। बैटरी चलित ट्राईसिकल मिलने से अब वे बैंक आने-जाने और समूह के कार्यों को बिना किसी सहारे के खुद संभाल सकेंगी। उन्होंने अपनी राह आसान होने पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद विष्णु भैया कहा है।ग्राम कोबा निवासी दिव्यांग शशिकला गांव में ही किराने की एक छोटी दुकान चलाती हैं। दुकान जाने-आने और सामग्री खरीदने के लिए दूसरे गांव जाने में उन्हें बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। शशिकला ने बताया कि बैटरी चालित ट्राईसिकल मिलने से अब उनका व्यवसाय और दैनिक जीवन दोनों सुगम हो जाएंगे। उन्होंने प्रशासन की त्वरित संवेदनशीलता की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा - धन्यवाद विष्णु भैया। शशिकला ने कहा कि इतने कम समय में मिली इस मदद से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। जनदर्शन में मिली इस सहायता ने न केवल इन दिव्यांगजनों के सफर की बाधाओं को दूर किया है, बल्कि उन्हें समाज में स्वावलंबन और गरिमा के साथ आगे बढ़ने का एक नया हौसला भी दिया है।
- आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद/संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पहुँचे आम नागरिकों के लिए राहत भरा साबित हुआ। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम संबलपुर के लक्ष्मी बाई ने आर्थिक सहायता राशि दिलाने, गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम साजा के सरपंच ने ग्राम पंचायत भवन निर्माण, सीसी सड़क निर्माण एवं नाली निर्माण करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए। इसी तरह ग्राम चिटौद के सरपंच ने उचित मूल्य की दुकान खोलने, ग्राम सरेखा के ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने, ग्राम किल्लेकोड़ा के ग्रामीणों ने नवीन शाला भवन बनाने एवं ग्राम झलमला के के श्री हीरासिंह ने राजस्व अभिलेख दुरूस्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या मंे लोग कलेक्टर से मुलाकात करने पहुँचे थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर पूरी आत्मीयता से उनके मांगों एवं समस्याओं को सुना। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जनदर्शन में पहुँचे लोगों के मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देशबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्राप्त अपने-अपने विभागों से संबंधित आवेदनों का विशेष प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक को संबोधित कर रही थीं। बैठक में उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से विभागवार प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण के लिए की जा रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदनों के निराकरण के पश्चात संबंधित आवेदकों से दूरभाष पर संपर्क कर संतुष्टि का फीडबैक अवश्य लिया जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित विभिन्न राजस्व अनुविभागीय अधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 छत्तीसगढ़ शासन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण नागरिक-केंद्रित शिकायत निवारण प्रणाली है, जो नागरिकों को सरल और पारदर्शी तरीके से अपनी शिकायतें दर्ज कराने और उनका समयबद्ध समाधान प्राप्त करने का अवसर देती है। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एल-1 स्तर पर ही प्राप्त शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करते हुए उचित फीडबैक दर्ज किया जाए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने शासन के निर्देशानुसार राजस्व विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों का आई-गोट कर्मयोगी पोर्टल में प्रत्येक माह प्रशिक्षण के कार्य की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन के निर्देशानुसार स्वयं तथा अपने अधीनस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारियों का प्रतिमाह न्यूनतम 01 घण्टे आई-गोट कर्मयोगी प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को युवा आयोग के वेबपोर्टल में ’युवा उड़ान 2026’ में शामिल होने के लिए स्कूल एवं कालेज के छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक पंजीयन कराने के निर्देश दिए।
- *सभी जेडएचओ फुंडहर जाकर निरीक्षण करें और गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए यथासंभव प्रयास करें.**गोवंश हमारी आस्था भी और ज़िम्मेदारी भी.शासन प्रशासन के साथ मिलकर गोवंश के लिए यथाशीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे.*रायपुर- नगर पालिक निगम रायपुर के गोठानों में गौवंश की व्यवस्थाओं एवं रखरखाव को लेकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने आज सभी जोनों के जोन हेल्थ ऑफिसरों (जेडएचओ ) एवं काउकैचर टीम के कर्मचारियों की बैठक लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सड़क से पकड़े जाने वाले गौवंश, गोठानों की क्षमता, चारा-पानी, शेड, स्वास्थ्य व्यवस्था तथा पकड़े गए गौवंश की आगे की व्यवस्था की जानकारी ली गई।बैठक में यह जानकारी सामने आई कि नगर निगम के सभी गोठानों की क्षमता लगभग पूरी हो चुकी है और इसके कारण सड़क से पकड़े जाने वाले कुछ गौवंश को आउटर क्षेत्र में छोड़े जाने की जानकारी दी गई। इस पर महापौर ने स्पष्ट कहा कि गोठानों की क्षमता पूरी होना गौवंश को असुरक्षित खुले स्थान पर छोड़ने का कारण नहीं बन सकता। गौवंश को पकड़ने के बाद उसकी सुरक्षित व्यवस्था और उसे कहां रखा गया, इसकी पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास होना आवश्यक है।महापौर ने निर्देश दिए कि किसी भी गोठान में निर्धारित क्षमता से अधिक गौवंश न रखा जाए। वहां उपलब्ध स्थान, चारा-पानी, शेड एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का आकलन करने के बाद ही गौवंश को रखने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि केवल गौवंश पकड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षित देखभाल सुनिश्चित करना नगर निगम की जिम्मेदारी है।महापौर ने सभी जोन हेल्थ ऑफिसरों को निर्देशित किया कि आज ही सभी गोठानों एवं कांजी हाउस का मौके पर जाकर निरीक्षण करें। वहां मौजूद गौवंश की संख्या, क्षमता, स्वास्थ्य, चारा-पानी, शेड, साफ-सफाई एवं जल निकासी की स्थिति का जायजा लेकर तत्काल क्या बेहतर व्यवस्था की जा सकती है, इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं मौके पर जाकर गौवंश की वास्तविक स्थिति देखें और आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करें।लगातार बारिश को देखते हुए महापौर ने फुंडर क्षेत्र में गौवंश को बारिश से बचाने के लिए तत्काल सुरक्षित एवं मजबूत तिरपाल/अस्थायी शेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही कीचड़ एवं जलभराव की समस्या को देखते हुए आवश्यक सफाई और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।महापौर ने कहा कि स्थायी शेड बनने में समय लग सकता है, लेकिन तब तक गौमाता को बारिश में खुले में नहीं रखा जा सकता। तत्काल ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे गौवंश को बारिश, पानी और कीचड़ से राहत मिल सके।यदि गोठानों की क्षमता पूरी हो चुकी है तो सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था तत्काल तैयार की जाए।बैठक में विभिन्न जोनों में काउकैचर व्यवस्था एवं टेंडर की स्थिति की भी जानकारी ली गई। महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक जोन में गौवंश व्यवस्थापन से संबंधित व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों एवं लंबित प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों के पास होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि गौवंश जैसे संवेदनशील विषय में किसी भी स्तर पर लापरवाही, समन्वय की कमी अथवा गैर-जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की जाएगी।महापौर ने कहा कि मेरी प्राथमिकता किसी कर्मचारी अथवा एजेंसी को परेशान करना नहीं, बल्कि गौवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। बारिश के इस दौर में गौवंश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गोठानों में क्षमता से अधिक गौवंश न रखा जाए, उन्हें असुरक्षित खुले में न छोड़ा जाए तथा चारा, पानी, शेड, सफाई एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।गोकुल नगर गोठान में प्रत्येक गौवंश के रखरखाव के लिए ₹23 तथा फुंडहर, अटारी एवं जरवई गोठानों में ₹27 प्रति गौवंश के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। वहीं काउकैचर टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन 4 से 5 गौवंश पकड़े जाने की जानकारी काउकैचर टीम के द्वारा दी गयी.यदि गौवंश को पकड़ने और उनके रखरखाव पर नगर निगम द्वारा राशि खर्च की जा रही है तो प्रत्येक गौवंश की सुरक्षित व्यवस्था और उसके गंतव्य की पूरी जानकारी अधिकारियों के पास होनी चाहिए।*काउकैचर टेंडर की जानकारी नहीं होने पर अधिकारियों पर जताई नाराजगी*बैठक के दौरान जानकारी सामने आई कि जोन-8 एवं जोन-10 में काउकैचर का टेंडर अब तक नहीं हुआ है। इस पर महापौर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं संबंधित उपायुक्त के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि गौवंश पकड़ने जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में किस जोन में टेंडर हुआ है, कहां टीम कार्यरत है और कहां व्यवस्था लंबित है—इसकी पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों को होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चल रही व्यवस्था की जानकारी होना आवश्यक है।
- रायपुर/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिला प्रशासन, नगर पालिक निगम रायपुर, कला केंद्र रायपुर एवं स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित **“तिरंगा शक्ति फेस्ट 2026 – गुरु वंदन उत्सव”** के दूसरे दिन भी प्रतिभागियों एवं अभिभावकों का उत्साह देखने को मिला।शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस विशेष आयोजन के दूसरे दिन भी गायन एवं नृत्य विधाओं के लिए ऑडिशन आयोजित किए गए, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया।आयोजन समिति के अनुसार दो दिनों में अब तक **150 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन** दर्ज किया जा चुका है। प्रतिभागियों ने देशभक्ति, भक्ति एवं बॉलीवुड थीम पर आधारित शानदार प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं रचनात्मकता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मंच पर उभरती प्रतिभाओं की ऊर्जा और समर्पण ने पूरे आयोजन को उत्सवमय बना दिया।ऑडिशन के दौरान अभिभावकों एवं दर्शकों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया, जिससे आयोजन स्थल पर लगातार सकारात्मक और प्रेरणादायक वातावरण बना रहा। प्रतिभागियों की प्रस्तुति शैली, अभिव्यक्ति, मंच संचालन क्षमता एवं कलात्मक कौशल ने निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में **पद्मश्री भारती बंधु**, **राजू शर्मा**, **राहुल ठाकुर** एवं **संतोष चंद्राकर** ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निर्णायकों ने प्रतिभागियों का निष्पक्ष मूल्यांकन करते हुए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन भी प्रदान किया।आयोजन समिति ने बताया कि ऑडिशन के माध्यम से चयनित प्रतिभागियों को आगामी **3 सितंबर 2026** को **शहीद स्मारक भवन, रायपुर** में आयोजित होने वाले भव्य **गुरु वंदन उत्सव ग्रैंड फिनाले** में प्रस्तुति देने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम **शाम 4:00 बजे से** प्रारंभ होगा, जिसमें चयनित प्रतिभागी अपनी सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ग्रैंड फिनाले में प्रदेश की उत्कृष्ट प्रतिभाएं अपनी शानदार प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाएंगी। साथ ही आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों, शिक्षकों, निर्णायकों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए ग्रैंड फिनाले में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करने की अपील की।
- *हाथ में पीपीओ लिए रिटायर्ड अधिकारियों-कर्मचारियों के चेहरे में दिखी मुस्कुराहट, दिया मुख्यमंत्री को धन्यवाद*रायपुर/ आप सभी सदैव स्वस्थ्य रहें, दीर्घायु हों, अपने जीवन के द्वितीय पाली का आनंद लें। आपने जीवन भर शासकीय सेवा करते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने यह कहते हुए जिले के विभिन्न विभागों से 49 सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का “प्रोजेक्ट वंदन” के तहत सम्मान किया। साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने हाथों में पेंशन पेमेन्ट ऑर्डर (पीपीओ), जीपीओ सहित सभी सत्वों की राशि लेकर विदा हुए, उनके चेहरे में मुस्कुराहट थी और संतुष्टि का भाव भी था। वे सभी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कह रहे थे कि उन्हें बड़ी आसानी सेे बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे रिटायरमेंट के अंतिम दिन पेंशन का आर्डर हाथों में ही मिल गया और सभी सत्वों की राशि भी मिल गई। अब वे बड़े उत्साह के साथ जीवन का आनंद लेेंगे।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रोजेक्ट वंदन के तहत जिला प्रशासन द्वारा रिटारमेंट होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सभी सत्वों का निराकरण रिटायरमेंट के दिन ही किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट सेकेण्ड इनिंग” चल रहा है। इसके तहत रिटारमेंट होने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी से आग्रह किया जाता हैै कि वे अपना कुछ समय स्कूलों में व्यतीत करें। इससे वे स्वस्थ्य रहेंगे और उनके अनुभव का लाभ बच्चों को भी मिलता है। कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि वर्तमान में 29 सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी शासकीय स्कूलों में निःशुल्क सेवाएं दे रहे हैं। यह सारे लोग समय पर स्कूलों में पहुंचते हैं और बच्चों को पूरी रूचि से पढ़ा रहे हैं।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला कोषालय अधिकारी श्री गजानंद पटेल एवं सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- *आयुक्त ने गोधामो में दाना, चारा, पानी की व्यवस्था, स्वच्छता, गौवंश की सुरक्षा, गौवंश की चिकित्सकीय जांच टीकाकरण की शासकीय पशु चिकित्सको के मार्गदर्शन में आवश्यक व्यवस्था देने के दिये निर्देश**आयुक्त ने गोधामो में सतत मॉनिटरिंग कर सुचारू व्यवस्था बनाये रखने के दिये निर्देश*रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र जोन 9 अंतर्गत फुण्डहर गोधाम और जोन 6 अंतर्गत गोकूलनगर गोधाम की व्यवस्थाओ का वहां पहुंचकर प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। आयुक्त ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र में संचालित गोधामो की व्यवस्था सतत नियमित मॉनिटरिंग कर सुचारू बनाये रखने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।आयुक्त ने गोधामो के निरीक्षण के दौरान मवेशियों के चारा, पानी, दाना आदि की सुचारू व्यवस्था करने गौवंश की सुरक्षा की दृष्टि से स्वच्छता, गौवंश एवं गौमाता की शासकीय पशु चिकित्सा विभाग के पशु चिकित्सको के मार्गदर्शन में समय समय पर टीकाकरण सहित चिकित्सकीय जांच की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शासन के निर्देशानुसार सुनिश्चित करवाने के निर्देश संबंधित जोन अधिकारियों को दिये।आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा गौधामो के निरीक्षण के दौरान नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त श्री जसदेव सिंह बाबरा, जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, श्री दिनेश सिन्हा सहित नगर निगम के अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारीगण की उपस्थिति रही।
- *आयुक्त ने अधिकारियों को प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने के दिये निर्देश*रायपुर/प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन द्वारा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संचालित प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के अंतर्गत रायपुर नगर निगम क्षेत्र में पेडो के चारो ओर के कांक्रीट घेरे एवं ट्री गार्ड को हटाने का अभियान सभी 10 जोनो में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर निरंतर प्रगति पर है।आज रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने रायपुर नगर निगम क्षेत्र के जोन 1 अतर्गत बसंत विहार कालोनी गोगाँव जोन 4 अंतर्गत जीई रोड में गौरवपथ, जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत एम्स हॉस्पिटल टाटीबंध के सामने, रायपुर जिला प्रशासन के अभिनव प्रोजेक्ट पुनर्जीवन अंतर्गत जोन के माध्यम से पेडो के चारो ओर के काँक्रीट घेरे एवं ट्री गार्ड को हटाने चलाये जा रहे अभियान का वहा पहुंचकर प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। आयुक्त ने जोन अधिकारियों को रायपुर जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट पुनर्जीवन अंतर्गत पेड़ो के चारो ओर से कांक्रीट घेरे और ट्री गार्ड को हटाकर पेडो को समाज हित में पर्यावरण संरक्षण हेतु स्वतः विकसित होने पर्यावरण अनुकुल वातावरण प्रदान करने कार्य शीघ्रता से करके पूर्ण करवाने के निर्देश दिये है।आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा किये गये प्रत्यक्ष निरीक्षण के दौरान नगर निगम अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, संबंधित जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर, डॉ दिव्या चंद्रवंशी, श्रीमती राजेश्वरी पटेल, उपायुक्त उद्यान श्रीमती जागृत्ति साहू एवं सीएसईबी एवं वन विभाग के संबंधित क्षेत्र अधिकारीगण की उपस्थिति रही।
- 2861 ट्री गार्ड एवं लगभग 1400 स्थानों पर कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य करवाया गया-इससे इन सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पर्यावरण हितैषी वातावरण सहजता से प्राप्त हुआ*रायपुर/ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन के जनप्रिय पर्यावरण हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन की अभिनव योजना के अंतर्गत महाभियान अंतर्गत रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिह के मार्गनिर्देशन में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण कार्य को लेकर व्यक्त की गई गहन चिंता के तत्काल पश्चात से रायपुर जिला क्षेत्र अतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में आयुक्त श्री संबित मिश्रा के मार्गनिर्देशन में सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा सतत मॉनिटरिंग कर प्रतिदिन नियमित अपने अपने जोन क्षेत्र के सभी वार्डो में ऐसे सभी पौधों को चिन्हित करने का कार्य किया गया, जो पूर्व में चारों ओर से ट्री गार्ड एवं कांक्रीट के घेरों पेवर में घिरे हुए होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे।ऐसे समस्त पौधों को चिन्हित करके प्राकृतिक रूप से स्वतः विकसित होने एवं स्वयं मिट्टी, पानी प्राप्त करने पर्यावरण हितैषी वातावरण देने इन सभी पौधों को चारों ओर से घेरकर लगाये गये ट्री गार्ड और कांक्रीट के घेरों पेवर को हटाने का कार्य रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत सभी 10 जोनों में तेज गति से निरन्तर समाजहित में पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से करवाया गया।विभिन्न जोनों के भिन्न क्षेत्रों के स्थानों में इन सभी चिन्हित पौधों को समाज हित में पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से चारों ओर कॉक्रीट के घेरे पेवर लगाकर लगाए गए अब तक लगभग 2861 ट्री गार्ड और लगभग 1400 कांकीट के घेरों पेवर को समस्त जोन कमिश्नरों द्वारा वहां पहुंचकर हटवाये जाने का कार्य तेजी के साथ करवाया है और यह महाभियान रायपुर नगर निगम क्षेत्र में निरन्तर प्रगति पर है एवं सभी जोन कमिश्नरों की सतत निगरानी में सभी 10 जोन क्षेत्रों में ऐसे सभी पौधों को स्वतः विकसित होने पानी प्राप्त कर सकने आवश्यक पर्यावरण हितैषी वातावरण कायम करने का कार्य प्राथमिकता के साथ किया गया है। इसके साथ ही रायपुर जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान अंतर्गत विभिन्न शासकीय विभागो सीएसपीडीसीएल, डब्ल्यूआरडी, पीएचई, केडा, आरईएस आदि की टीम द्वारा रायपुर जिला क्षेत्र अंतर्गत आज 31 अगस्त 2026 को 70 विभिन्न स्थानो से पेडो के चारो ओर से ट्री गार्ड एवं 147 विभिन्न स्थानो से पेडो के चारो ओर कांकीट के घेरे एवं पेवर हटाकर पेडो को पर्यावरण अनुकुल वातावरण देने स्वतः विकसित होने वातावरण देने की कार्रवाई रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की गई अभियान निरंतर प्रगति पर है। वहीं नंगर निगम रायपुर द्वारा आज 31 अगस्त को प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान अंतर्गत 194 स्थानो से ट्री गार्ड एवं 331 स्थानो से कांकीट घेरे एवं पेवर पेडो के चारो ओर से हटाने की कार्रवाई की गई।रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने उक्त कार्य को पहली प्राथमिकता में रखकर करवाने सभी जोन कमिश्नरो समाजहित में पर्यावरण संरक्षण कार्य हेतु स्पष्ट निर्देशित किया।रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने राजधानी रायपुर शहर क्षेत्र के समस्त रहवासी नागरिको से रायपुर जिला प्रशासन की ओर से विनम्र अपील की कि वे ऐसे सभी पौधों को आवश्यक पानी खाद आदि देकर विकसित करने में सहभागी बनकर अपनी सक्रिय सहभागिता को दर्ज करवाने का कष्ट करें। ऐसा करने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नगरवासियों को पर्यावरण मित्र के रूप में रायपुर जिला प्रशासन के तत्त्ववधान में पर्यावरण हितैषी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत समाज में उनके द्वारा पर्यावरण हितकारी योगदान देने हेतु सम्मानित किया जायेगा।'रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के 10 जोन कमिश्नरों द्वारा करवाये जा रहे उक्त पर्यावरण हितैषी कार्यों की रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा द्वारा प्रतिदिन स्वतः नियमित मॉनिटरिंग और कार्य की प्रगति की सतत निरंतर समीक्षा रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के निर्देश पर की जा रही है।
- *सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों ने फुण्डहर गोधाम में गौमाता और गौवंश की लगभग 200 किलो गुड खिलाकर सेवा की, जोन 9 द्वारा बारिश मे गोधाम भूमि समतल बनाने जेसीबी से समतलीकरण कार्य प्रगति पर*रायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम रायपुर के सभी 10 जोनो के जोन स्वास्थ्य अधिकारियों ने नगर निगम जोन 9 अंतर्गत फुण्डहर गौधाम पहुंचकर वहा की प्रशासनिक व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों सर्वश्री खेमलाल देवांगन, रवि लावनिया, पुरन कुमार ताडी, विरेन्द्र चंद्राकर, संदीप वर्मा, अदिव्य हजारी, आत्मानंद साहू, गोपीचंद देवांगन, उमेश नामदेव, अमित बेहरा ने फुण्डहर गौठान में गौवश और गौमाता की लगभग 200 किलो गुड खिलाकर सेवा की ।अधिकारियो ने बताया कि महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर फुण्डहर गोधाम में गौवश और गौमाता को बारिश की ठंड से सुरक्षा हेतु गुड खिलाकर सेवा की गई। वहीं बारिश से सुरक्षा हेतु फुण्डहर गोधाम में जोन 9 के माध्यम से महापौर के निर्देश पर गोधाम भूमि क्षेत्र में जेसीबी मशीन की सहायता से भूमि को गौवश और गौमाता की सुविधा की दृष्टि से समतलीकरण करने की कार्रवाई तेजी से प्रगति पर है।
- -राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 'उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' का होगा व्यापक संचालन*रायपुर/ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत पूरे देश सहित छत्तीसगढ़ में 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षर वयस्कों को शिक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से 'उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' (ULLAS) संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस (8 सितम्बर) के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 1 से 15 सितम्बर 2026 तक पूरे प्रदेश में 15 दिवसीय राज्यव्यापी 'साक्षरता पखवाड़ा' आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने इस संबंध में समस्त जिला कलेक्टरों एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्षों को विस्तृत कार्ययोजना भेजकर जिले में व्यापक जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।साक्षरता पखवाड़े की शुरुआत 1 सितम्बर को समस्त शासकीय कार्यालयों, स्कूलों एवं कॉलेजों में उल्लास शपथ के साथ होगी। इस अभियान के दौरान घर-घर सघन सर्वेक्षण कर 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों का उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से शत-प्रतिशत डिजिटल पंजीयन किया जाएगा। अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा 10 असाक्षरों को साक्षर बनाने पर स्थानीय एवं बोर्ड परीक्षा में 10 बोनस अंक देने का विशेष प्रावधान किया गया है, जिसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पखवाड़े के शुरुआती दिनों में 'अंगूठे से कलम की ओर' अभियान चलाकर नव-साक्षरों को हस्ताक्षर सिखाया जाएगा तथा शिक्षक दिवस (5 सितम्बर) पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों व समाजसेवियों का सम्मान किया जाएगा।जन-जागरूकता फैलाने के लिए हाट-बाजारों में नुक्कड़ नाटक, साक्षरता चौपाल, प्रभात फेरी और मशाल रैलियों का आयोजन किया जाएगा। 7 सितम्बर को 'चिट्ठी कलेक्टर के नाम' प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें नव-साक्षर बुजुर्ग एवं महिलाएँ स्वयं हाथ से चिट्ठी लिखकर साक्षरता का संदेश देंगे। 8 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर पर मुख्य समारोह होंगे और सायं 7:00 बजे पूरे राज्य में 'उल्लास साक्षरता दीप' जलाकर सामूहिक संकल्प का प्रदर्शन किया जाएगा। इसी दिन प्रातः 8:00 बजे विद्यार्थियों व नागरिकों द्वारा साक्षरता नारों के साथ विशाल मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। इसके अगले दिन 9 सितंबर को नवाचारी शिक्षकों द्वारा उल्लास के शिक्षार्थियों को सीखने सिखाने के लिए मनोरंजन टीएलएम का प्रदर्शन किया जाएगा।पखवाड़े के अंतिम चरण में वाचन दिवस, महिला साक्षरता पर केंद्रित संगोष्ठी, और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वसहायता समूहों की महिलाओं के लिए विशेष साक्षरता गतिविधियाँ आयोजित होंगी। बैंकों के सहयोग से नागरिकों को स्मार्टफोन चलाने, डिजिटल भुगतान, व्हाट्सऐप उपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। गणेशोत्सव पंडालों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया पर 'सेल्फी विद नव-साक्षर' के माध्यम से प्रचार किया जाएगा। 15 सितम्बर को समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं व स्वयंसेवी शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा तथा सितम्बर के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाली महापरीक्षा अभियान की अंतिम तैयारी सुनिश्चित की जाएगी।
- -संभाग आयुक्त श्री श्याम धावड़े ने मैदानी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन एवं नियमित मॉनिटरिंग पर दिया जोर*रायपुर/ कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेड क्रॉस सभा कक्ष में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने रायपुर संभाग में संचालित विकसित भारत-जी राम जी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में रायपुर संभाग आयुक्त श्री श्याम धावड़े ने भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान विकसित भारत-जी राम जी अंतर्गत जुलाई एवं अगस्त माह में सृजित मानव दिवस तथा गत वित्तीय वर्ष की तुलना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत 90 मानव दिवस रोजगार, सिक्योर पोर्टल के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति, प्रत्येक ग्राम पंचायत में कार्य स्वीकृति, बालिका शौचालय, मुक्तिधाम , महात्मा गांधी नरेगा के अपूर्ण कार्यों की पूर्णता, एसएनए-स्पर्श के माध्यम से भुगतान, पौधरोपण, वर्षा उपरांत श्रममूलक कार्यों की स्वीकृति एवं मानव दिवस सृजन की कार्ययोजना, NMMS के माध्यम से उपस्थिति, लंबित ई-केवायसी, शून्य प्रविष्टि वाले मस्टर रोल तथा युक्तधारा में प्लान किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।सचिव श्री भीम सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति में तेजी लाई जाए। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप श्रममूलक कार्य स्वीकृत करने, अधिकाधिक मानव दिवस सृजन करने तथा महात्मा गांधी नरेगा के अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, विशेष परियोजना एवं पीएम जनमन योजनांतर्गत लक्ष्य के विरूद्ध स्वीकृत एवं पूर्ण आवासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रथम किस्त के प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा आवास निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही आवास सॉफ्ट से अपात्र किए गए हितग्राहियों, जॉब कार्ड, योजनाओं के अभिसरण तथा A, B एवं C कैटेगरी के प्रकरणों के चिन्हांकन एवं निराकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।सचिव श्री सिंह ने R-SETI एवं RMT के माध्यम से हितग्राहियों के प्रशिक्षण तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।संभाग आयुक्त श्री श्याम धावड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करते हुए मैदानी स्तर पर योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।उन्होंने मानव दिवस सृजन, आवास निर्माण, लंबित प्रकरणों के निराकरण एवं अपूर्ण कार्यों की पूर्णता में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही जिला एवं जनपद स्तर पर सतत समीक्षा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।बैठक में रायपुर संभाग के सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं कार्यपालन अभियंता, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सहित संबंधित अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
- -आज 18 प्रसूता माताओं को 90 पौधे भेंट किए गएरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा "प्रोजेक्ट ग्रीन पालना" अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है।इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत प्रसूता माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई जिंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आज दिनांक 31 अगस्त 2026 को इस अभियान के अंतर्गत कुल 18 प्रसूताओं को 90 पौधे भेंट किए गए। इसमें एम.सी.एच. कालीबाड़ी अस्पताल में 04, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 50 बिस्तर आयुर्वेदिक अस्पताल में 04, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आरंग में 04, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाभांडी में 01, गोगांव में 01, गुढ़ियारी में 01, बिरगांव में 01 और उरला में 02 प्रसूताओं को पौधे वितरित किए गए।अब तक कुल 8871 माताओं को 12886 पौधे भेंट किए जा चुके हैं। यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।
- *प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान : रायपुर में 2861 ट्री गार्ड और 1400 कंक्रीट घेरे हटे, पेड़ों को मिली खुलकर सांस*रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यक्त की गई चिंता के पश्चात रायपुर जिला प्रशासन के जनप्रिय एवं पर्यावरण हितकारी प्रोजेक्ट पुनर्जीवन महाभियान के अंतर्गत अभिनव पहल की जा रही है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन एवं नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के नेतृत्व में निगम के सभी 10 जोन कमिश्नरों द्वारा सतत मॉनिटरिंग कर ऐसे पौधों को चिन्हित किया गया, जो चारों ओर से ट्री गार्ड एवं कंक्रीट के घेरों/पेवर से घिरे होने के कारण प्राकृतिक रूप से विकसित नहीं हो पा रहे थे।निगम क्षेत्र में अब तक विभिन्न जोनों के विभिन्न स्थानों में लगभग 2861 ट्री गार्ड एवं लगभग 1400 स्थानों पर लगे कंक्रीट के घेरों/पेवर को हटाने का कार्य तेज गति से करवाया गया है। इससे इन सभी पौधों को स्वतः विकसित होने के लिए पर्यावरण हितैषी वातावरण सहजता से प्राप्त हुआ है।आज 31 अगस्त 2026 को रायपुर जिला प्रशासन के विभिन्न शासकीय विभागों सीएसपीडीसीएल, डब्ल्यूआरडी, पीएचई, केडा, आरईएस आदि की टीम द्वारा जिले के 70 विभिन्न स्थानों से पेड़ों के चारों ओर से ट्री गार्ड एवं 147 स्थानों से कंक्रीट के घेरे एवं पेवर हटाकर पेड़ों को पर्यावरण अनुकूल वातावरण प्रदान करने की कार्रवाई की गई। वहीं नगर निगम रायपुर द्वारा आज 31 अगस्त को इस महाभियान के अंतर्गत 194 स्थानों से ट्री गार्ड एवं 331 स्थानों से कंक्रीट घेरे एवं पेवर हटाने की कार्रवाई की गई।नगर पालिक निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने इस कार्य को पहली प्राथमिकता में रखकर करवाने हेतु सभी जोन कमिश्नरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सभी 10 जोनों में किए जा रहे कार्यों की प्रतिदिन नियमित मॉनिटरिंग एवं प्रगति की समीक्षा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर की जा रही है। इस प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारियों एवं उनकी टीम ने संयुक्त रूप से कार्य किया है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने राजधानी के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे सभी पौधों को आवश्यक पानी, खाद आदि देकर विकसित करने में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराएं। ऐसा करने वाले सभी पर्यावरण प्रेमी नगरवासियों को प्रोजेक्ट पुनर्जीवन योजना के अंतर्गत 'पर्यावरण मित्र' के रूप में सम्मानित किया जाएगा।
- - न्यायिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल*दुर्ग/ नागरिकों के निकट न्याय को पहुंचाने तथा न्यायिक सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में आज भिलाई-3 में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट-अतिरिक्त बैठक) का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने माननीय श्री न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी, पोर्टफोलियो न्यायाधीश, जिला दुर्ग की गरिमामयी उपस्थिति में भिलाई-3 स्थित जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट-अतिरिक्त बैठक), जिला दुर्ग का वर्चुअल उद्घाटन किया। यह उद्घाटन भिलाई-3 क्षेत्र में न्यायिक सेवाओं की उपलब्धता को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय कैम्प कोर्ट-अतिरिक्त बैठक के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को न्यायिक कार्यवाहियों के लिए अधिक सुविधाजनक एवं निकटस्थ न्यायिक मंच उपलब्ध होगा। उद्घाटन तत्पश्चात् माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति ने अपने उद्बोधन में न्यायिक सेवाओं के विस्तार से जोड़ते हुए अपने विचार व्यक्त किए। भिलाई-3 में न्यायिक सुविधाओं का यह विस्तार न्याय वितरण प्रणाली में सुगमता, पहुंच एवं नागरिक-केंद्रित न्याय की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम है। विशेष रूप से, परिवार न्यायालय कैम्प कोर्टदृअतिरिक्त बैठक के प्रारंभ होने से पारिवारिक विवादों से संबंधित मामलों में संलग्न पक्षकारों को स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणमान्य अतिथियों के आगमन के साथ हुआ। तत्पश्चात श्री के. विनोद कुजूर, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि भिलाई-तीन एक महत्वपूर्ण एवं तीव्र गति से विकसित हो रहा क्षेत्र है, जहां बढ़ती हुई जनसंख्या तथा विविध प्रकार की विधिक आवश्यकताएं हैं। समर्पित न्यायालयों की स्थापना के पीछे की परिकल्पना एवं मार्गदर्शक विचार माननीय मुख्य न्यायाधिपति के दूरदर्शी नेतृत्व एवं मार्गदर्शन से अत्यधिक प्रेरित रहे हैं। अतः भिलाई-तीन में न्यायालयों की स्थापना, अधिक सुगम, उत्तरदायी एवं नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली के संबंध में माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय की परिकल्पना का प्रतिबिंब है।वर्चुअल उद्घाटन के तत्काल पश्चात् भिलाई-3 में प्रारंभ किए जा रहे जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय तथा परिवार न्यायालय (कैम्प कोर्ट-अतिरिक्त बैठक) से संबंधित एक संक्षिप्त वीडियो प्रदर्शित किया गया। वीडियो के माध्यम से प्रस्तावित न्यायिक सुविधा तथा उसकी प्रकृति की एक झलक उपस्थितजनों के समक्ष प्रस्तुत की गई। यह प्रस्तुति केवल एक नई न्यायिक सुविधा के संबंध में जानकारी मात्र नहीं थी, बल्कि यह न्याय वितरण प्रणाली को लोगों के और अधिक निकट लाने की दिशा में एक नई शुरुआत का दृश्यात्मक परिचय भी बनी।कार्यक्रम के अंत में, श्रीमती सुमन एक्का, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, दुर्ग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधिपति, न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी संबंधित व्यक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि भिलाई-3 में इस नवीन न्यायिक सुविधा का प्रारंभ “न्याय को लोगों के और निकट लाने” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल न केवल न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार को प्रतिबिंबित करती है, बल्कि बदलते समय के अनुरूप एक सुचारु, सुगम एवं नागरिक-केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।
-
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा एग्रीस्टेक एवं बकेट क्लेम पंजीयन को प्राथमिकता देते हुए इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। किसानों के पंजीयन एवं संबंधित प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसके परिणामस्वरूप जिले में बकेट क्लेम के निराकरण की प्रक्रिया में लगातार प्रगति हो रही है।
27 अगस्त 2026 तक जिले में कुल 1,21,878 बकेट क्लेम पूर्ण किए जा चुके हैं। जिले में कुल 4,59,909 बकेट क्लेम दर्ज हैं। तहसील स्तर पर बोरी 57.19 प्रतिशत क्लेम पूर्ण कर जिले में प्रथम स्थान पर है। इसके बाद धमधा में 49.93 प्रतिशत, अहिवारा में 39.97 प्रतिशत और पाटन में 38.59 प्रतिशत क्लेम पूर्ण किए जा चुके हैं।
विगत चार दिवस में जिले में 931 बकेट क्लेम की प्रगति दर्ज की गई। इसमें पाटन में 426, धमधा में 141, दुर्ग में 137, बोरी में 96, अहिवारा में 86 तथा भिलाई-3 में 45 क्लेम शामिल हैं। बकेट क्लेम पंजीयन किसानों के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। कलेक्टर ने बकेट क्लेम से संबंधित लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधाार पर निराकरण करते हुए पंजीयन की गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए है, ताकि अधिक से अधिक पात्र किसानों को लाभ मिल सके। - दुर्ग/ ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला पंचायत दुर्ग द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के अनुमोदन पश्चात् जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बीके दुबे ने विकसित भारत रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (व्हीबी-जीरामजी) योजना के तहत जनपद पंचायत पाटन और जनपद पंचायत दुर्ग के अंतर्गत शासकीय शालाओं में निर्माण कार्यों के लिए कुल 25 लाख 57 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। जारी आदेशों के अनुसार स्वीकृत समस्त निर्माण कार्य संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा संपादित कराए जाएंगे।जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने बताया कि जनपद पंचायत पाटन के अंतर्गत ग्राम पंचायत सेलूद में विद्यालय हेतु बहु-इकाई बालिका शौचालय निर्माण के लिए ₹4.30 लाख तथा अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए ₹7.09 लाख, इस प्रकार कुल ₹11.39 लाख के कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। वहीं दूसरी ओर, जनपद पंचायत दुर्ग के ग्राम पंचायत उमरपोटी में पूर्व माध्यमिक शाला के कक्ष क्रमांक 01 एवं कक्ष क्रमांक 02 में दो अतिरिक्त क्लासरूम के निर्माण हेतु कुल ₹14.18 लाख (प्रत्येक कक्ष हेतु ₹7.09 लाख) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जिला प्रशासन द्वारा इन स्वीकृत निर्माण कार्यों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। योजना के नियमों के अनुसार निर्माण कार्यों में ठेकेदारी प्रथा एवं मशीनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा तथा केवल पंजीकृत जॉब कार्डधारी श्रमिकों के माध्यम से ही कार्य संपादित कराया जाएगा। श्रमिकों को ₹300 प्रतिदिन की दर से मजदूरी का भुगतान सीधे उनके बैंक या डाकघर खातों में सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। इन स्वीकृतियों से सेलूद और उमरपोटी के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और मूलभूत सुविधाएँ प्राप्त होंगी।
- दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में स्वाइन फ्लू के संबंध में डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग, डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी, आईडीएसपी दुर्ग एवं सुश्री भूमिका वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एन.एच.एम. दुर्ग के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। दुर्ग जिले में 05 से 29 अगस्त 2026 तक कुल 13 स्वाइन फ्लू धनात्मक प्रकरण मिले। वर्तमान में जिले में कुल 09 एक्टिव मरीज है, जिनका विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सकीय उपचार चल रहा है जिनकी स्थिति अभी सामान्य है। जिले में नये धनात्मक प्रकरण मिलने पर कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाती है, नियमित मरीज की मोनिटरिंग की जाती है।*स्वाइन फ्लू के संबंध में सामान्य जानकारी*स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र का संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है। इन्क्यूबेशन पीरियड सामान्यता 1-2 दिवस। संक्रमण का प्रसार संक्रमित व्यक्ति में लक्षण प्रारंभ होने के 3-5 दिवस तक अन्य व्यक्तियो में हो सकता है। संक्रमण का प्रसार सामान्यता संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से ड्राप्लेट इन्फेक्शन के माध्यम से होता है।*मुख्य लक्षण*सर्दी, खासी, बुखार एवं बदन दर्द*क्या करें-*खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल/टिश्यू या कोहनी से ढकें। हाथों को बार-बार साबुन पानी से धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें। आंख, नाक और मुंह को बार-बार छूने से बचें। स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें। पर्याप्त आराम करें, भरपूर नींद लें, पानी पिएं और पौष्टिक भोजन करें। लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से संपर्क करें। होम आइसोलेशन के दौरान स्वास्थ्य की निगरानी करें तथा स्थिति बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल जाएं।*क्या न करें-*अभिवादन के लिए हाथ न मिलाएं और गले न मिलें। डॉक्टर की सलाह के बिना दवाई न लें। बीमारी के लक्षण होने पर स्कूल, कार्यालय या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर न जाएं। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढक लेवे।स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपील की गई है कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, सतर्क रहें, स्वच्छता का पालन करें, लक्षण होने पर समय पर स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें तथा संक्रमण के प्रसार को रोकने में सहयोग करें।




























