बारनावापारा अभयारण्य वन परिक्षेत्र में मृत 3 चीतल का किया गया पोस्टमार्टम
बलौदाबाजार। बारनवापारा अभयारण्य के वन परिक्षेत्र में मृत 3 चीतलों की पोस्टमार्टम कराई गई हैं एवं मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक एवं विधि सम्मत जांच कराई जाएगी।
वनमण्डलाधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 7 जुलाई 2026 को बारनवापारा अभयारण्य के वन परिक्षेत्र बारनवापारा अंतर्गत पकरीद बीट के रामपुर चारागाह, कक्ष क्रमांक 127 में नियमित वन गश्त के दौरान 2 नर चीतल मृत अवस्था में पाए गए। दोनों चीतलों का शासकीय शल्य पशु चिकित्सालय, कसडोल के पशु चिकित्सकों द्वारा विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया। प्रथम दृष्टया दोनों नर चीतलों के गले में आपसी संघर्ष (लड़ाई) के कारण चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर के अन्य किसी भाग पर किसी मांसाहारी वन्यप्राणी द्वारा हमला किए जाने के निशान नहीं पाए गए। दोनों चीतलों के गले में रक्त के धब्बे अवश्य पाए गए हैं, किन्तु मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत ही स्पष्ट हो सकेगा। यह एक प्राकृतिक घटना प्रतीत होती है।
इसी प्रकार 8 जुलाई 2026 को उसी कक्ष क्रमांक 127 के चारागाह क्षेत्र में वन गश्त के दौरान 1 अन्य चीतल मृत अवस्था में पाया गया। मौके के निरीक्षण में मृत चीतल के गले पर किसी हिंसक वन्यप्राणी द्वारा किए गए हमले के स्पष्ट निशान पाए गए। मृत चीतल के सभी अंग, सींग एवं खाल घटनास्थल पर सुरक्षित पाए गए, जिससे शिकार की कोई घटना परिलक्षित नहीं होती है। घटना के संबंध में निगरानी हेतु 8 जुलाई 2026 की शाम को उक्त क्षेत्र में ट्रैप कैमरा भी स्थापित किया गया है। वन्यप्राणियों के प्राकृतिक आवास में अनावश्यक हस्तक्षेप न करते हुए वन विभाग द्वारा आवश्यक निगरानी की जा रही है।
बारनवापारा अभयारण्य के वन क्षेत्रों में अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिदिन नियमित रूप से गश्त कर वन्यप्राणियों की सुरक्षा एवं संरक्षण का कार्य कर रहे हैं।प्रकरण की वैज्ञानिक एवं विधिवत जांच की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। वन विभाग वन्यजीवों के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है तथा अभ्यारण्य क्षेत्र में नियमित गश्त एवं निगरानी का कार्य सतत रूप से जारी है।













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