- Home
- छत्तीसगढ़
- -मकान सूचीकरण और मकानों की गणना 01 मई से 30 मई 2026 तक; पहली बार मोबाइल एप से होगा डिजिटल डेटा संकलन-स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना के लिए छत्तीसगढ़ में 62,500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात; टोल-फ्री नंबर 1855 क्रियाशीलरायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य में 'भारत की जनगणना 2027' के सफल क्रियान्वयन हेतु आज सर्किट हाउस, रायपुर में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) श्री मनोज कुमार पिंगुआ और निदेशक (जनगणना कार्य एवं नागरिक पंजीकरण) श्री कार्तिकेय गोयल ने मीडिया को संबोधित करते हुए आगामी जनगणना की रूपरेखा और तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 1872 से शुरू हुई जनगणना की श्रृंखला में यह 16वीं और स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी ।इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है, जिसमें देश में पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प दिया जा रहा है । छत्तीसगढ़ में जनगणना का कार्य दो चरणों में संपादित होगा, जिसमें प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) 01 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जबकि द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा । स्व-गणना का विकल्प चुनने वाले नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी स्वयं भर सकते हैं, जिसके पश्चात उन्हें प्राप्त SE ID प्रगणक के साथ साझा करनी होगी।डेटा सुरक्षा पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के अंतर्गत संकलित समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी । इस जानकारी का उपयोग टैक्स, पुलिस जांच या किसी भी कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता है; इसका उपयोग केवल प्रदेश एवं देश के विकास हेतु योजनाएं बनाने के लिए होगा । राज्य के 33 जिलों और 19,978 ग्रामों में इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए लगभग 62,500 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें 51,300 प्रगणक और 9,000 पर्यवेक्षक शामिल हैं । आमजन की सहायता हेतु टोल-फ्री नंबर 1855 भी 16 अप्रैल 2026 से क्रियाशील हो जाएगा।
- रायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बिलासपुर जिले के बोदरी नगर पालिका में 8 कार्यों के लिए एक करोड़ 99 लाख रुपए से अधिक की राशि मंजूर की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने बोदरी नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-7 में दो बी.टी. कोटिंग सड़कों के लिए 42 लाख 20 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। वार्ड क्रमांक-15 में बी.टी. कोटिंग सड़क के लिए 13 लाख 13 हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-11, 12, 13 एवं 14 में झूलेलाल मंदिर से दुर्गा मदिर तक बी.टी. कोटिंग सड़क के लिए 41 लाख 61 हजार रुपए तथा वार्ड क्रमांक-14 में आत्मानंद स्कूल से काली मंदिर होते हुए मेन रोड तक बी.टी. सड़क के लिए 16 लाख 73 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। विभाग ने वार्ड क्रमांक-6 में रहंगी रोड से मुक्तिधाम तक सी.सी. रोड के लिए 31 लाख 8 हजार रुपए और वार्ड क्रमांक-10 में प्राथमिक शाला दड़हा से मेन रोड तक सी.सी. रोड के लिए 12 लाख 83 हजार रुपए मंजूर किए हैं। विभाग ने पीपल चौक से बिजली ऑफिस रहंगी मोड़ तक आर.सी.सी. नाली के निर्माण के लिए भी 41 लाख 50 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं।
- -डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा-खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्राथमिकता से होंगे कार्यरायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आज कलेक्ट्रेट कोरबा सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के स्वीकृत कार्यों की प्रगति, पूर्ण कार्यों की कार्योत्तर स्वीकृति तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा के विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार सिंह, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित शासी परिषद के सदस्यगण अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने की। पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, श्री कुमार निशांत, पदेन सचिव जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश नाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।बैठक के दौरान डीएमएफ मद से संचालित कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। अपने उद्बोधन में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अन्य योजनाओं के साथ-साथ डीएमएफ मद से भी कोरबा जिले में अतिरिक्त विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज अनुमोदित कार्यों में स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएँ, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने डीएमएफ के माध्यम से पीवीटीजी समुदाय के लिए प्राथमिकता से विकास कार्य संचालित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया।मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करें, निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप स्वीकृति के लिए प्रस्तुत करें। मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से समन्वयपूर्वक कार्य कर जिले के सर्वांगीण विकास में योगदान देने की अपील की।सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान मिलेगी। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्र होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण, राखड़ बांधों से उत्पन्न समस्याओं के समाधान तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु के दौरान पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने, बारिश से पहले स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता तथा जर्जर स्कूल भवनों को सुधारने की आवश्यकता बताई।विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि डीएमएफ राशि से जिले में महत्वपूर्ण विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने आकांक्षी जिला होने के कारण कौशल विकास, आजीविका संवर्धन, रोजगार सृजन तथा कृषि क्षेत्र में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया। पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर मरकाम ने डीएमएफ के तहत बनाए गए निर्माण पोर्टल को जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने जिले में निर्माण कार्यों के मूल्यांकन के लिए इंजीनियरों की भर्ती को उपयोगी कदम बताया। महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार से आमजन को हो रहे लाभों का उल्लेख किया।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बैठक के विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बैठक है। शासन द्वारा डीएमएफ नियमों में संशोधन कर उन्हें इस वित्तीय वर्ष से लागू किया गया है। उन्होंने बैठक के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य खनन के दुष्प्रभावों को कम करना और प्रभावित लोगों की आजीविका एवं जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने डीएमएफ के कार्यों को पारदर्शिता के साथ करने, निर्माण पोर्टल के माध्यम से डीएमएफ सहित अन्य विकास कार्यों की जानकारी मिलने के संबंध में बताया। डीएमएफ नियमों के तहत 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण पर व्यय किया जाएगा तथा 30 प्रतिशत राशि अन्य आधारभूत संरचनाओं पर व्यय की जाएगी। जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रभावित गांवों का चिन्हांकन किया जा चुका है, जिसके अनुसार 5 विकासखंडों के 564 गांव प्रत्यक्ष प्रभावित श्रेणी में आते हैं। उन्होंने बताया कि खनन क्षेत्र से 15 किलोमीटर तक के क्षेत्र को प्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र और 25 किलोमीटर तक के क्षेत्र को अप्रत्यक्ष प्रभावित क्षेत्र माना जाएगा। इससे डीएमएफ की बड़ी राशि कोरबा जिले के प्रभावित क्षेत्रों में व्यय होगी।उन्होंने बताया कि गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सहयोग से खनन प्रभावित परिवारों का विस्तृत बेसलाइन सर्वे किया जा रहा है, जिसके आधार पर एक वर्ष की पर्सपेक्टिव योजना तैयार होगी। आंकड़ों के अनुसार एसईसीएल की विभिन्न खदानों से प्रभावित 20,069 परिवारों और 4,102 विस्थापित परिवारों के कल्याण हेतु योजनाएँ बनाई जा रही हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 519.11 करोड़ रुपये की प्राप्ति के विरुद्ध 1498 कार्यों के लिए 529.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।कलेक्टर ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र, जनसंख्या और क्षेत्रफल के आधार पर शासन को विस्तृत जानकारी भेज दी गई है तथा स्वीकृत होने के बाद कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने गौण खनिज राजस्व के उपयोग, प्रभावित व्यक्तियों एवं परिवारों के चिन्हांकन तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण एवं नगरीय विकास और अधोसंरचना को दी गई प्राथमिकता के संबंध में भी जानकारी दी।बैठक में डीएमएफ अंतर्गत विशेष निधियों के अनुमोदन के साथ-साथ खनन प्रभावित प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष क्षेत्रों के निर्धारण, प्रभावित परिवारों एवं विस्थापित परिवारों की सूची के अनुमोदन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए गए। इसके अलावा एंडोमेंट फंड के गठन तथा पंचवर्षीय कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव, शासी परिषद ने डीएमएफ अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई के चयन, प्रशासनिक व्यय के अनुमोदन तथा वर्ष 2025-26 में किए गए कार्यों की स्वीकृति, खनन प्रभावित क्षेत्रों में व्यक्तियों के चिन्हांकन एवं संबंधित विभागीय कार्यों के अनुमोदन, वार्षिक प्रतिवेदन (वित्तीय वर्ष 2016-17 से 2023-24 तथा 2025-26) के अनुमोदन का प्रस्ताव भी पारित किया गया।बैठक में डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देते हुए वेबसाइट, वेब पोर्टल, डाटा प्रबंधन प्रणाली, डॉक्यूमेंट्री एवं वेबपेज निर्माण से संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति, जीजीवी के साथ एमओयू, वीसी रूम एवं स्टोरेज संरचना निर्माण, थर्ड पार्टी ऑडिट तथा टोल-फ्री नंबर स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
- -मैदानी स्तर पर डिजिटल सर्वे के जरिए जुटाई जा रही जानकारी, योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग को मिलेगा बलरायपुर /भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति (PVTG) समुदाय के समग्र विकास हेतु एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य के सभी 18 PVTG बहुल जिलों में निवासरत परिवारों का व्यापक सर्वेक्षण कर उनकी जानकारी "सर्वे सेतु ऐप" में अपलोड की जा रही है। पीवीटीजी परिवारों की वास्तविक स्थिति जानने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने के लिए मोबाइल ऐप के माध्यम से घर-घर सर्वेक्षण किया जा रहा है।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि इस डिजिटल सर्वे के माध्यम से PVTG परिवारों की भौतिक एवं सामाजिक स्थिति का सटीक आंकलन किया जा रहा है, जिससे शासकीय योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। उन्होंने कहा कि यह पहल PVTG समुदाय के शत-प्रतिशत सैचुरेशन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।यह सर्वे कार्य विभागीय मंत्री श्री रामविचार नेताम के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जबकि प्रमुख सचिव श्री बोरा स्वयं इसकी सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। पूर्व में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी कर सर्वे कार्य में तेजी लाने को कहा गया था। राज्य के जिन 18 जिलों में यह सर्वे कार्य चल रहा है, उनमें मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर, बिलासपुर, धमतरी, नारायणपुर, जशपुर, सरगुजा, बलौदाबाजार, कोंडागांव, कांकेर, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही, मुंगेली, गरियाबंद, बलरामपुर, कोरबा, खैरागढ़- छुईखदान-गण्डई, कबीरधाम, रायगढ़ और महासमुंद शामिल हैं।शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार इस सर्वे को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति कार्य कर रही है, जबकि विकासखंड स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं ग्राम स्तर पर सर्वे दल इस प्रक्रिया को अंजाम दे रहे हैं।सर्वे के दौरान प्रत्येक परिवार की विस्तृत जानकारी एकत्र कर उन्हें 'PVTG एंटाइटलमेंट कार्ड' से जोड़ा जाएगा, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके। साथ ही, इससे शासन को भविष्य की नीतियों के निर्माण में भी सटीक डेटा उपलब्ध होगा।भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सर्वेक्षण कार्य अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना है। इसके लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर लगातार समीक्षा और निगरानी की जा रही है। मैदानी अमले द्वारा भी सक्रिय रूप से गांव-गांव पहुंचकर सर्वे कार्य को समय-सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने विश्वास जताया कि यह पहल न केवल PVTG समुदाय के जीवन स्तर में सुधार लाएगी, बल्कि राज्य में समावेशी विकास को भी नई दिशा दे रही है l
- रायपुर। नक्सलवाद के प्रभाव से उबरकर नए विश्वास और विकास की राह पर अग्रसर बस्तर क्षेत्र में आज एक महत्वपूर्ण पड़ाव जुड़ गया, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले को 308 करोड़ रुपए से अधिक के 228 विकास कार्यों की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने 159 कार्यों का शिलान्यास और 69 कार्यों का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान की।मिनी स्टेडियम सुकमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों से नक्सलवाद के कारण पिछड़े रहे क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में बस्तर में शांति स्थापित हुई है और अब यहां विकास की गंगा बह रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिन गांवों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां आज स्कूलों की घंटियां गूंज रही हैं और लोग लोकतंत्र पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3 हजार से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं और उन्हें पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से नई जिंदगी की शुरुआत के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया और “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को घर-घर तक सुनिश्चित करने के प्रयासों की सराहना की। इस अभियान के तहत 7 जिलों में 1100 टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच करेंगी।कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री श्री साय ने मिनी स्टेडियम में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और आम नागरिकों एवं हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता सामग्री और प्रमाण पत्र वितरित कर शासन की संवेदनशीलता का परिचय दिया। स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 7 टीबी मुक्त पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान किए और जानकारी ली कि जिले में अब तक 28 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने 3 टीबी मरीजों से संवाद कर उन्हें फूड बास्केट वितरित किया।मोतियाबिंद ऑपरेशन कराए मरीजों को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से चश्मा पहनाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की। साथ ही दवा और आई ड्रॉप भी वितरित किए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए मूर्तोंडा, पेंटा और कांकेरलंका उपस्वास्थ्य केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री श्री साय ने आईईडी ब्लास्ट में पैर गंवा चुके 5 हितग्राहियों को कृत्रिम पैर प्रदान किए। इसके अलावा 4 व्हीलचेयर और 3 ट्राइसिकल भी वितरित किए गए तथा 6 दिव्यांगजनों को पहचान पत्र देकर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की पहल की गई।एनआरएलएम स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें “लखपति दीदी से करोड़पति दीदी” बनने के लिए प्रेरित किया और सरकार की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के स्टॉल में हितग्राहियों से बातचीत कर निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। आदिवासी विकास विभाग के माध्यम से 15 वनाधिकार पत्र वितरित किए गए, जिससे आदिवासी परिवारों को उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई। वन विभाग के स्टॉल में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े हितग्राहियों को सहायता प्रदान की गई। सहकारी समिति तोंगपाल को 4.27 लाख रुपए का सांकेतिक चेक दिया गया तथा एक हितग्राही को संग्रहण कार्ड वितरित किया गया।इसके साथ ही पुनर्वासित स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 ई-रिक्शा प्रदान कर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया गया और एक हितग्राही को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किया गया।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि नियद नेल्लानार योजना के तहत अब तक 500 से अधिक गांवों में 17 विभागों की 45 योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य किए गए हैं। इस योजना के अगले चरण ‘नियद नेल्लानार 2.0’ में अब 10 जिलों को शामिल किया जाएगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए 8 महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें सड़क निर्माण, पुलिया निर्माण, बस स्टैंड, सामुदायिक भवन और मंदिर जीर्णोद्धार जैसे कार्य शामिल हैं।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, सांसद श्री महेश कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुनर्वास केंद्र का किया अवलोकन, पुनर्वासितों से किया आत्मीय संवाद-मोबाइल, आवास की चाबी और नियुक्ति पत्र का वितरण, ‘पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचनरायपुर। नक्सल आतंक से लंबे समय तक प्रभावित रहे सुकमा में अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर उभर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां संचालित पुनर्वास एवं कौशल विकास गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित लोगों से आत्मीय संवाद कर उनके अनुभव जाने और उन्हें मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन प्रारंभ करने के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार भटके हुए लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए दृढ़संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासितों की आंखों में दिखता आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो हर भटका हुआ कदम नई दिशा और नया जीवन प्राप्त कर सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति के चलते सुकमा सहित बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है, जिनमें से 361 पुनर्वासितों ने नया जीवन प्रारंभ कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि इन नागरिकों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और समाज में बराबरी का अवसर प्रदान करना है। पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, कपड़ा सिलाई, कृषि उद्यमिता और वाहन चालक जैसे विभिन्न ट्रेडों में कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में अब तक 307 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, वहीं मुख्यधारा में लौटे 313 युवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी प्रदान किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 107 पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं, जिससे वे डिजिटल और संचार माध्यमों से जुड़कर आधुनिक जीवनशैली की ओर अग्रसर हो सकें। विशेष रूप से 115 महिलाएं प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों को भी राहत प्रदान करते हुए अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग में 20 तथा जिला प्रशासन द्वारा 95 लोगों को शासकीय सेवा में रोजगार के अवसर दिए गए हैं।कार्यक्रम के दौरान ग्राम ढोंडरा कोंटा निवासी मौसम संजना, नागारास जगरगुंडा निवासी भरत कुमार हेमला सहित अन्य हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के अंतर्गत 10 नव नियुक्त शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल, राजमिस्त्री किट, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियां तथा पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर 25 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर उन्हें सम्मानित किया गया।मुख्यमंत्री ने नक्सल पुनर्वास की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाती ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। साथ ही, पुनर्वास केंद्र के कला केंद्र में कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल भौतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक बदलाव का भी प्रतीक है।कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रसारित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह देश की मातृशक्ति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक’ नारी की भागीदारी सुनिश्चित करने का यह प्रयास नए भारत की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस दृष्टिकोण को रेखांकित किया कि निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की सीधी भागीदारी ही विकसित भारत की सशक्त नींव है।उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर होने वाली चर्चा इस ऐतिहासिक पहल को मूर्त रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा में नारी को सदैव उच्च स्थान दिया गया है। वैदिक काल से लेकर वर्तमान समय तक महिलाओं की भूमिका समाज के निर्माण और विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हमारी डबल इंजन सरकार की विभिन्न योजनाओं ने इस परंपरा को आधुनिक संदर्भ में सशक्त रूप दिया है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ आगे बढ़ रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं। स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिला है, जिसका सकारात्मक प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। साथ ही ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहल माताओं-बहनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बना रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि जब देश में महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है, उसी समय छत्तीसगढ़ ‘महतारी गौरव वर्ष’ मना रहा है। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का सम्मान और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी प्रदेश की पहचान बन चुकी है।उन्होंने प्रदेश की मातृशक्ति और महिला संगठनों से आह्वान किया कि वे हर मंच पर अपनी आवाज़ बुलंद करें और इस परिवर्तन यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती सहभागिता से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा समाज में सकारात्मक बदलाव की नई दिशा स्थापित होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में कहा कि जब नारी सशक्त होती है, तभी राष्ट्र सशक्त बनता है। यह समय देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा में निर्णायक भूमिका देने का है।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- - IIIT रायपुर में राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest' का आयोजनरायपुर। राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest' के आयोजन में युवा मामले और खेल मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मंडाविया का वर्चुअल संबोधन में विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को समावेशी विकास तथा सतत विकास की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।राज्य निदेशक (प्रभारी) MY Bharat छत्तीसगढ़, युवा मामले और खेल मंत्रालय भारत सरकार श्री अर्पित तिवारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में, MY Bharat छत्तीसगढ़ द्वारा 13 अप्रैल 2026 को IIIT रायपुर में राष्ट्रीय-स्तरीय 'MY Bharat Budget Quest' का सफलतापूर्वक समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से 500 से अधिक युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो नीतिगत संवाद और राष्ट्र-निर्माण की पहलों में युवाओं की गहरी भागीदारी को दर्शाता है।कार्यक्रम के शुभारम्भ में पर्यटन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्री राजेश अग्रवाल ने युवाओं को संबोधित किया । कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब के मुख्य अतिथि के रूप में सामपन सत्र में इस कार्यक्रम में शिरकत की और युवाओं को बजट क्वेस्ट कार्यक्रम में विकसित भारत मे संकल्प को पूरा करने का आव्हान किया। सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होकर युवाओं से चर्चा कर बजट के विषय पर प्रकाश डाला।इस दो दिवसीय कार्यक्रम में मानव पूंजी विकास और विकसित कृषि (विकसित खेती) जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषयों पर सारगर्भित चर्चाएँ आयोजित की गईं। इन सत्रों ने प्रतिभागियों के बीच सार्थक संवाद, नवीन विचारों के आदान-प्रदान और नीति-उन्मुख सोच को बढ़ावा दिया। 'MY Bharat Budget Quest' ने युवाओं के लिए एक गतिशील मंच के रूप में कार्य किया, जिसके माध्यम से वे बजटीय और विकासात्मक ढाँचों को समझने, उन पर चर्चा करने और उनमें योगदान देने में सक्षम हुए। यह पहल भारत की प्रगति में युवा नागरिकों को एक हितधारक(stakeholder) के रूप में सशक्त बनाने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।इस आयोजन का समापन युवा-नेतृत्व वाले परिवर्तन के एक सशक्त संदेश के साथ हुआ, जिसने एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया। श्री ओपी व्यास डायरेक्टर IIIT रायपुर ने भी सभी का स्वागत किया।
- -तालाब भरने गंगरेल का पानी देने ज्ञापनरायपुर । लगभग 4 हजार की आबादी वाले ग्राम बड़गांव को भी इस साल निस्तारी पानी की जरूरत महसूस हो रही है । पंचायत ने सिंचाई विभाग के संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन भेज सिंचाई नाली में कतिपय उद्योगपतियों द्वारा डाले गये व्यवधानों को हटवा तालाब को भरवाने का आग्रह किया है । मांढर शाखा नहर से निकले करीबन 13 किलोमीटर लंबी वितरक शाखा के 5 किलोमीटर लंबी माइनर नंबर 01 के अंतिम छोर में पड़ता है यह गांव जहां डिमांड पर सिंचाई व निस्तारी पानी पहुंचाना भी व्यवहारिक दिक्कतों के चलते विभाग के लिये चुनौतीपूर्ण कार्य रहता है ।इस माइनर के शुरुआती ग्राम सोनपैरी से कुटेसर में पानी आने के बाद माइनर को दो भागों में बांट तोड़गांव व बड़गांव को सिंचाई पानी देने की व्यवस्था है लेकिन निस्तारी पानी की बात तो दूर खरीफ सिंचाई के दौरान भी खासकर कुटेसर , बड़गांव व तोड़गांव को सिंचाई पानी पहुंचाना दुष्कर हो जाता है । इसी के चलते या तो इन ग्रामों के ग्रामीणों ने या फिर सिंचाई विभाग ने सिंचाई अनुबंध को समाप्त कर दिया है और गाहे - बगाहे सिंचाई अथवा निस्तारी पानी की मांग पर डिमांड में पानी दिया जाता है जिसे भी पहुंचाने जहां विभाग को काफी मशक्कत करना पड़ता है और ग्रामीणों को भी जूझना पड़ता है । बहरहाल बड़गांव के बांधा व एक तालाब को ट्यूबवेल से निस्तारी लायक भरने के कोशिशों के बीच अभी गर्मी के सर्वाधिक बचे माहों को देखते हुये निस्तारी संकट से बचने ग्राम पंचायत बड़गांव के उपसरपंच बनवारी यादव ने अधीक्षण अभियंता एस के साहू , कार्यपालन अभियंता ललित रावटे , अनुविभागीय अधिकारी एम के खेलकर व सहायक यंत्री निखिल अग्रवाल को ज्ञापन दे इसकी प्रति बीते वर्षों में सिंचाई व निस्तारी पानी पहुंचवाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करने वाले रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा को भी प्रदत्त की है जिन्होंने ग्रामीणों के साथ माइनर का निरीक्षण कर इसमें कतिपय उद्योगपतियों द्वारा अवैध रूप से सड़क बना अवरोध उत्पन्न करने वालों से चर्चा कर अवरोध को हटवाने व निस्तारी पानी लाने विभागीय अमला को सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया है और साथ ही निस्तारी पानी देने विभागीय अधिकारियों से भी चर्चा करने का आश्वासन दिया है ।
- जिला अस्पताल में निशुल्क डायलिसिस और दवाइयों की सुविधा, बिना कठिन प्रक्रिया के मिल रहा है मरीजों को लाभरायपुर/ अभनपुर निवासी सत्यवती भी अपने अन्य दोस्तों की तरह पढ़ाई और करियर बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी, तभी जिंदगी ने उनके सामने एक बड़ी चुनौती रख दी। कॉलेज में प्रथम वर्ष की इस छात्रा को किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या ने घेर लिया और इलाज के लिए डॉक्टरों ने हफ्ते में 2-3 बार डायलिसिस कराने की सलाह दी।इलाज की शुरुआत अभनपुर के एक निजी अस्पताल से हुई पर वहां हर हफ्ते 2-3 बार डायलिसिस कराने में करीबन 35 हजार रुपये का खर्च आता था, जो लंबे समय तक वहन करना सत्यवती एवं उनके परिवार के लिए संभव नहीं था।इसी बीच सत्यावती को जिला अस्पताल रायपुर में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत मुफ्त इलाज की जानकारी मिली। अब वह नियमित रूप से जिला अस्पताल, पंडरी में डायलिसिस करा रहीं हैं, वो भी बिना कोई शुल्क दिए।सत्यवती बताती हैं कि पहले हर दिन चिंता बनी रहती थी कि इलाज कैसे होगा, पैसे कहां से आएंगे। अब कम से कम यह चिंता खत्म हो गई है। इलाज समय पर हो रहा है, जिससे उसकी तबीयत भी सुधर रही है।परिवार के लिए भी यह बड़ी राहत है। सत्यवती के साथ आये उनके भाई कहते हैं कि पहले हर हफ्ते पैसे की व्यवस्था करना सबसे बड़ा तनाव था। अब जिला अस्पताल में मुफ्त सुविधा मिलने से घर की स्थिति संभल पाई है।जिला अस्पताल में चल रही यह सेवा ऐसे कई मरीजों के लिए सहारा बन रही है, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। डायलिसिस केंद्र की संचालिका ने बताया कि जिला अस्पताल के दूसरे फ्लोर पर स्थित इस केंद्र में डायलिसिस के लिए 11 मशीनें उपलब्ध हैं और दिन में 30 से अधिक सेशन डायलिसिस किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि औसतन हर महीने ज़िला अस्पताल में 80 से ज्यादा मरीज निशुल्क डायलिसिस करवाकर इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।सत्यवती और अन्य किडनी मरीजों के लिए यह योजना सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि बिना आर्थिक बोझ के सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद भी है।
- बारिश की चिंता खत्म, पक्के घर में सुकून भरी जिंदगी : प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का किया आभाररायपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य योग्य ग्रामीण और शहरी गरीबों को पक्का मकान प्रदान करना है। वित्तीय सहायता (सब्सिडी) सीधे बैंक खातों में दी जाती है। यह योजना सभी के लिए घर सुनिश्चित करती है। शासन इस जनकल्याणकारी योजना समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचकर उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं तथा आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।राजकुमार यादव ने बताया कि पहले वे अपने परिवार के साथ एक छोटे से कच्चे मकान में अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करते थे। बारिश के दिनों में छप्पर से पानी टपकता था, जिससे रहने और सोने में काफी दिक्कत होती थी। कच्चे घर में चूहों का भी प्रकोप था। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले राजकुमार अक्सर दूसरों के पक्के घरों की पुताई करते समय सोचते थे कि उनका खुद का घर कब बनेगा।परिवार के भरण-पोषण के लिए वे पास की एक कंपनी में लगभग 5000 रुपये मासिक मजदूरी कर जीवनयापन करते थे। इसी बीच प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की सूची में नाम आने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। योजना के तहत पंजीयन के बाद स्वीकृत राशि प्राप्त हुई और तकनीकी मार्गदर्शन में उन्होंने अपने कच्चे मकान को तोड़कर नए पक्के आवास का निर्माण शुरू किया।करीब 6 माह में ही उनका पक्का घर बनकर तैयार हो गया। अब राजकुमार अपने परिवार के साथ नए घर में सुरक्षित और सुखद जीवन जी रहे हैं। वे बताते हैं कि अब उन्हें चैन की नींद आती है और बारिश का डर भी नहीं सताता।योजना के अभिसरण से उन्हें मनरेगा के तहत 90 दिनों का रोजगार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस चूल्हा तथा राशन कार्ड के माध्यम से खाद्यान्न का लाभ भी मिल रहा है।राजकुमार यादव एवं उनका परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि शासन की इस पहल ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। आज उनका परिवार खुशी-खुशी सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रहा है।
- पांडुलिपि संरक्षण के लिए शुरू हुआ खोज अभियानबिलासपुर/भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए “ज्ञानभारत मिशन” के तहत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को जिले में गति दी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक के उपरांत समिति ने जिले में पांडुलिपियों की खोज का अभियान भी प्रारंभ कर दिया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के कुलसचिव तारनिश गौतम, साहित्यकार विनय पाठक, सहायक संचालक शिक्षा पी. दासरथी तथा समग्र शिक्षा मिशन के समन्वयक ओम पांडे सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं हस्तलिखित ग्रंथों के चिन्हांकन, सर्वेक्षण और संरक्षण हेतु विस्तृत कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय एवं निजी संग्रह केंद्रों, पुस्तकालयों, मंदिरों, मठों, आश्रमों और व्यक्तिगत संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध पांडुलिपियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह अभियान हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का सशक्त माध्यम है, जिसके लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।कलेक्टर ने जिले के नागरिकों, विद्वानों, संस्थाओं एवं निजी संग्रहकर्ताओं से अपील की है कि यदि उनके पास किसी भी प्रकार की प्राचीन पांडुलिपियां, ताड़पत्र या हस्तलिखित ग्रंथ सुरक्षित हैं, तो वे इसकी जानकारी प्रशासन को अवश्य दें। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई अमूल्य पांडुलिपियां नष्ट हो जाती हैं, जबकि “ज्ञानभारत मिशन” का उद्देश्य इन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। इस अभियान को तकनीक से भी जोड़ा गया है। नागरिक “ज्ञानभारत” मोबाइल ऐप के माध्यम से पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। सरल प्रक्रिया के तहत जानकारी दर्ज करने पर विशेषज्ञ टीम संबंधित व्यक्तियों से संपर्क कर संरक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ करेगी। कलेक्टर ने इतिहास एवं संस्कृति में रुचि रखने वाले शोधार्थियों और विद्यार्थियों से भी इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया है, ताकि जिले की समृद्ध विरासत का दस्तावेजीकरण कर उसे सुरक्षित रखा जा सके।पांडुलिपि की तलाश में स्वयं निकले कलेक्टरसमिति की बैठक के पश्चात कलेक्टर के नेतृत्व में समिति के सदस्य पांडुलिपियों की खोज के लिए क्षेत्र भ्रमण पर निकले। इस दौरान वे बिलासपुर के शुभम विहार स्थित पूर्व कुलसचिव और शिक्षाविद श्री नंद किशोर तिवारी के निवास पहुंचे, जहां पांडुलिपियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। श्री तिवारी ने बताया कि बिलासपुर सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहा है और आज भी कई प्राचीन पांडुलिपियां मंदिरों, मठों और पुजारियों के पास सुरक्षित हैं। उन्होंने इस अभियान की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
- 31 लाख की लागत से निखरा प्रेस क्लब भवन“कोशिश कर, हल निकलेगा…”—प्रेस क्लब लोकार्पण में श्री अरुण साव ने बढ़ाया पत्रकारों का उत्साहबिलासपुर/बिलासपुर के प्रेस क्लब के सुसज्जित भवन का लोकार्पण उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा लगभग 31 लाख रुपये की लागत से पुराने भवन का सौंदर्यीकरण कर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने पत्रकारों को नई ऊर्जा के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की शुभकामनाएं दीं।बिलासपुर में प्रेस क्लब के नवनिर्मित एवं सुसज्जित भवन का लोकार्पण आज उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा करीब 31 लाख रुपये की लागत से पुराने भवन का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कर इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने की। लोकार्पण अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रेस क्लब के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि बेहतर संसाधनों और सुविधाओं के साथ पत्रकार अब और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य कर सकेंगे। उन्होंने बिलासपुर प्रेस क्लब के गौरवपूर्ण इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर के विकास एवं जनसमस्याओं के समाधान में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समय की मांग के अनुरूप प्रेस क्लब की हर आवश्यकता को पूरा किया जाएगा। श्री साव ने शहर में हो रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में सड़क, पुल-पुलिया सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। इस दौरान उन्होंने अपनी प्रेरणादायक पंक्तियां “कोशिश कर, हल निकलेगा, आज नहीं तो कल निकलेगा” सुनाकर उपस्थित पत्रकारों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोंसले के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके संगीत योगदान को याद किया।समारोह की अध्यक्षता करते हुए विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने भी प्रेस क्लब को सुसज्जित भवन के लिए बधाई देते हुए कहा कि सामाजिक असमानताओं को दूर करने और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने में प्रेस क्लब की भूमिका सराहनीय रही है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों द्वारा उठाए गए मुद्दों से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को दिशा मिलती है।कार्यक्रम में प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सचिव संदीप करिहार ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रेस क्लब उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, कोषाध्यक्ष किशोर सिंह, सह सचिव हरिकिशन गंगवानी, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव सहित प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष, पत्रकारगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -त्वरित रूप से मार्ग आवागमन सुगम बनायारायपुर/रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 7 नगर निवेश विभाग की टीम द्वारा जनशिकायत मिलते ही जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से जोन 7 क्षेत्र अंतर्गत शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्षेत्र अंतर्गत समता कॉलोनी में श्री श्याम खाटू मन्दिर पहुंचमार्ग में सुगम आवागमन देने जनशिकायत मिलते ही तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और जोन 7 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के निर्देश पर जोन 7 नगर निवेश उपअभियंता श्रीमती प्रेरणा अग्रवाल एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में अभियान चलाकर श्री श्याम खाटू मन्दिर समता कॉलोनी पहुंचमार्ग के दोनों ओर सड़क पर कब्जा जमाकर व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को स्पष्ट समझाइश दी गयी और सड़क पर कब्जा करने वाले ठेलों और गुमटियों को हटाया गया और श्री श्याम खाटू मन्दिर परिसर के बाहर सड़क पर कब्जा जमाकर व्यवसाय कर रहे दुकानदारों को कड़ी हिदायत देते हुए सड़क किनारे किया गया और जनसुविधा और नागरिकों के सुगम आवागमन में बाधा नहीं डालने के निर्देश दिए गए, अन्यथा की स्थिति में ठेला, गुमटी अभियान चलाकर हटाने की चेतावनी दी गयी. अभियान मार्ग में जनसुविधा हेतु सुगम आवागमन बनाये रखने आगे भी जनहित की दृष्टि से निर्देशानुसार जारी रहेगा.
- सामुदायिक भवन का संधारण शीघ्र करवाने प्रस्ताव देने के निर्देशरायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 अंतर्गत पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 के पार्षद श्री भगतराम हरबंश ने नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और नगर निगम मुख्यालय स्वच्छ भारत मिशन शाखा नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कडु, जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा, श्री राकेश बंजारे सहित अन्य सम्बंधित जोन 8 जोन अधिकारियों, कर्मचारियों की उपस्थिति में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की पुख्ता प्रशासनिक तैयारी करवाने नगर निगम जोन 8 क्षेत्र अंतर्गत पण्डित जवाहर लाल नेहरू वार्ड क्रमांक 2 के अंतर्गत विभिन्न स्थानों और क्षेत्रों में सिटी प्रोफाइल को विशेष ध्यान में रखकर स्वच्छता व्यवस्था का स्वच्छता वाल राइटिंग, शौचालयों की सफाई व्यवस्था सहित अन्य विविध कार्यों का स्थलों पर सूक्ष्मता से प्रत्यक्ष निरीक्षण कर तैयारियों की वार्डों में स्थल समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश नगर निगम सम्बंधित जोन 8 जोन अधिकारियों को दिए.स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के पूर्व ही स्वच्छता व्यवस्था वार्ड 2 क्षेत्र में पुख्ता बनाने जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन को और वार्ड क्षेत्र के सामुदायिक भवन का रखरखाव और संधारण कार्य शीघ्र करवाने सहायक अभियंता श्री अनुराग पाटकर को प्रस्ताव बनाने के निर्देश जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल द्वारा वार्ड के निरीक्षण के दौरान स्थल पर दिए गए.
- -अवैध रेत, मुरुम व गिट्टी परिवहन पर शिकंजा, लगातार कार्रवाई जारीबिलासपुर / जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर 2 हाइवा और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत कुल 8 वाहनों को जब्त किया है।कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार एवं उप संचालक खनिज के मार्गदर्शन में जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 10 अप्रैल एवं 12 अप्रैल 2026 को खनिज विभाग की टीम द्वारा चकरभाठा, रहंगी-बिल्हा, दगोरी, उमरिया, उड़गन, उड़नताल, खपरी, कोहरौदा, बर्तोरी, सेलर, पिपरा और खैरा क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान उड़नताल क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया गया। वहीं उमरिया क्षेत्र में ईंट-मिट्टी का परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े गए। खैरा क्षेत्र से मुरुम का अवैध परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को जब्त किया गया, जबकि अशोक नगर क्षेत्र में गिट्टी का परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को भी कब्जे में लिया गया। इसके अलावा पिपरा क्षेत्र में रेत परिवहन करते 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गईं।इस प्रकार कुल 8 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पुलिस थाना बिल्हा एवं कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने सुप्रसिद्ध पार्श्वगायिका आशा भोंसले के देहावसान पर गहन शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि आशा भोंसले जी के निधन की खबर सुनकर मन अत्यंत व्यथित है। भारतीय संगीत जगत का एक स्वर्णिम अध्याय आज समाप्त हो गया। श्री देव ने कहा कि सात दशकों तक भारतीयों के मनो-मस्तिष्क पर छाई रही सुरों की जादुई आवाज आज खामोश हो गई।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि भारतीय संगीत की अनमोल धरोहर, सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोंसले जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद और मर्माहत करने वाला है। संगीत के प्रति उनका समर्पण और उनकी आवाज की विविधता ने उन्हें विश्व भर में 'वर्सेटाइल क्वीन' के रूप में स्थापित किया। उन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप, गजल और कैबरे तक हर विधा में अपनी अमिट छाप छोड़ी। संगीत जगत में उनके नाम दर्जनों रिकॉर्ड्स रहे, लेकिन उनका सबसे बड़ा रिकॉर्ड करोड़ों प्रशंसकों का प्यार है। श्री देव ने कहा कि स्वर कोकिला आशा ताई का चले जाना न केवल संगीत जगत के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज हमारे बीच सदा अमर रहेगी। श्री देव ने कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके शोकाकुल परिवार तथा अनगिनत प्रशंसकों को यह असीम दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें।
- -मुख्यमंत्री निवास में अभियान के क्रियान्वयन पर महत्वपूर्ण बैठक, जनजागरूकता पर दिया जोररायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को भारतीय लोकतंत्र को अधिक समावेशी, संवेदनशील और सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम देश की मातृशक्ति को निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक दूरगामी और महत्वपूर्ण कदम है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को वास्तविक रूप देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम से नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। ऐसे में राजनीतिक प्रतिनिधित्व में उनकी भागीदारी को संस्थागत स्वरूप देना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रतिनिधिक, संतुलित और प्रभावी बनाएगी।रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं व्यापक जनजागरूकता को लेकर मंत्रिगण, जनप्रतिनिधियों एवं संगठन पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति महिलाओं की समान भागीदारी से ही संभव है और इस दिशा में समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि वर्ष 2023 में इस अधिनियम को व्यापक समर्थन मिलना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और सामूहिक इच्छाशक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू होने की दिशा में यह पहल लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। ‘महतारी गौरव वर्ष’ और ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहलें इस दिशा में किए जा रहे ठोस प्रयासों का प्रमाण हैं, जिनसे लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम देश की महिलाओं और आने वाली पीढ़ियों के सशक्त भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।सभी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें – किरण सिंह देवभारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम देश की मातृशक्ति को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने का मजबूत आधार प्रदान करेगा।उन्होंने भाजपा के समस्त पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे इस विषय पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर समाज के हर वर्ग तक इसकी जानकारी पहुंचाएं और अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विधायी पहल नहीं, बल्कि समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है, जिसमें सभी की सहभागिता आवश्यक है।बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, गुरु खुशवंत साहेब, श्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं श्री संतोष पांडेय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री किरण सिंह देव, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सतीश लाठिया, प्रदेश महामंत्री श्री यशवंत जैन एवं श्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा एवं श्री आर कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती विभा अवस्थी, प्रदेश मीडिया संयोजक श्री हेमंत पाणिग्रही, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा, प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक श्री मितुल कोठारी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल एवं श्रीमती शताब्दी पांडे, जिला अध्यक्ष श्री रमेश सिंह ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चल रहे राजस्व पखवाड़ा के प्रथम चरण में जिलेभर में शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। बिलासपुर जिले में राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविरों में आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर के निर्देशन में सभी 12 तहसीलों के अंतर्गत ग्रामों में शिविर लगाकर आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं और उनका मौके पर ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।इसी क्रम में आज बिलासपुर तहसील के मंगला, लिंगियाडीह, बेलतरा के पौंसरा, मस्तुरी के ग्राम पेण्ड्रीडीह एवं अकोला तथा सीपत तहसील के ग्राम कौड़िया, हरदाडीह, देवरी, रांक लगाए गए हैं । इसके अलावा पचपेड़ी तहसील के ग्राम सोन, कुकुर्दीकेरा, तखतपुर के खैरी, सागर, सकरी तहसील के ग्राम लमेर, घुटकू, बिल्हा तहसील के ग्राम मगरउछला, बोड़सरा एवं कोटा के ग्राम पिपरतराई, रानीसागर, बेलतरा तहसील अंर्गत ग्राम शक्तिबहरा, भेलवाटिकरी, केन्दाडांड, लुसदा एवं रतनपुर तहसील के ग्राम कलमीटार, भरदैयाडीह, जंजीराडीह, रतखण्डी, कंचनपुर, मझवानी एवं बरर में भी शिविर लगाए गए हैं ।जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों की न केवल संख्यात्मक जानकारी, बल्कि उनके निराकरण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें। file photo
- -बालोद जिले में राजस्व पखवाड़े के दौरान अधिकार अभिलेखों का किया जा रहा वितरणबालोद। राज्य शासन की लोक-कल्याणकारी पहल और श्राजस्व पखवाड़ाश् के सफल क्रियान्वयन से बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली की नई लहर देखी जा रही है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजनाके अंतर्गत अब ग्रामीणों को उनकी जमीन और मकान का वास्तविक मालिकाना हक मिल रहा है, जिससे वर्षों पुराने संपत्ति विवादों का अंत हो रहा है।बालोद जिले के निर्धारित 669 ग्रामों में ड्रोन सर्वे का कार्य शतप्रतिषत पूर्ण कर लिया गया है। यह प्रशासन की तत्परता और आधुनिक तकनीक के प्रति सजगता का परिणाम है। जिले में सर्वे और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से पूर्ण करने के बाद अब तक 12 गांवों के कुल 1,296 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में स्थित घरों और बाड़ियों का आधुनिक ड्रोन तकनीक से सटीक सर्वे किया गया है, जिससे पारदर्शी तरीके से दस्तावेज तैयार किए गए हैं।जिला प्रशासन बालोद ने वर्तमान में चल रहे राजस्व पखवाड़े (01 अप्रैल 2026 से 15 जून 2026 तक) के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इसके अंतर्गत लक्षित गांव 142 में 23,157 अधिकार अभिलेख वितरण का लक्ष्य रखा है। जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम पीकरिपार के निवासी श्री याद राम साहू और श्री माखन लाल साहू ने शिविर के माध्यम से अपना अधिकार अभिलेख प्राप्त किया। अपनी खुशी जाहिर करते हुए उन्होंने बताया कि अब उनके पास अपनी जमीन के पक्के दस्तावेज हैं, जिससे वे भविष्य में बैंक लोन और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे। लाभार्थियों ने इस कल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत मिल रहा अधिकार अभिलेख केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण का आधार है। इससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर कानूनी सुरक्षा मिली है।
- -गीला कचरा हरे डिब्बे, सूखा कचरा नीले डिब्बे, सेनेटरी कचरा लाल डिब्बे, विशेष देखभाल कचरा काले डिब्बे में पृथक - पृथक डिब्बे में रखने और कचरा मिक्स नहीं करने की विनम्र अपील-यदि आपके क्षेत्र में डोर टु डोर कचरा संग्रहण वाहन समय पर नहीं आता है, तो तुरंत रायपुर नगर निगम की हेल्पलाइन 1100 में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सकेरायपुर - भारत सरकार के केन्द्रीय आवासन और शहरी विकास मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा जारी दिशा - निर्देशों के अनुरूप दिनांक 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के नए नियमों के अनुरूप नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष श्री गायत्री सुनील चंद्राकर और आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर निगम मुख्यालय स्वच्छ भारत मिशन शाखा और नगर निगम मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के स्वास्थ्य विभाग की टीमों के माध्यम से सभी 70 वार्डो में स्वच्छता के चार धुरंधर पहल को लेकर नागरिकों के मध्य सघन जनजागरूकता अभियान राजधानी शहर रायपुर को जनसहभागिता से स्वच्छ राजधानी शहर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है.आज इसके अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 1 क्षेत्र के अंतर्गत वार्डो में नगर निगम जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू ने जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री खेमलाल देवांगन सहित सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों के साथ मिलकर घर - घर जाकर स्वच्छता के चार धुरंधर पहल के सम्बन्ध में नागरिकों के मध्य जनजागरूकता अभियान चलाया.इसी प्रकार नगर निगम जोन 8 अंतर्गत संत रविदास वार्ड क्रमांक 70 अंतर्गत सरोना में बीएसयूपी आवासीय परिसर में रहवासियों के मध्य वार्ड 70 के पार्षद श्री अर्जुन यादव ने शहीद भगत सिंह वार्ड क्रमांक 21 के वार्ड पार्षद प्रतिनिधि श्री सुनील चंद्राकर सहित नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा और स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों के साथ मिलकर स्वच्छता के चार धुरंधर पहल के सम्बन्ध में जनजागरूकता अभियान चलाया. नागरिकों को जानकारी दी गयी कि वे हरे रंग के डिब्बे में गीला कचरा सब्जियों के छिलके, बचे हुए खाद्य पदार्थ, नीले रंग के डिब्बे में सूखा कचरा प्लास्टिक, कागज, धातु, लाल रंग के डिब्बे में सेनेटरी कचरा डायपर, सेनेटरी पेड एवं काले रंग के डिब्बे में विशेष देखभाल कचरा धरेलू खतरनाक अपशिष्ट, पेंट और केमिकल के डिब्बे, घरेलू कीटनाशक तथा उपयोग की गयी अथवा एक्सपायर्ड दवाईयां पृथक - पृथक रखें, कचरा मिक्स ना करें. 4 डिब्बे अपनाएं रायपुर शहर को स्वच्छ बनाएं. जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू और संत रवि दास वार्ड क्रमांक 70 के पार्षद श्री अर्जुन यादव ने नगर निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नागरिकों से विनम्र अपील की कि यदि उनके क्षेत्र में डोर टु डोर कचरा संग्रहण करने वाहन समय पर नहीं आता है, तो वे रायपुर नगर पालिक निगम की हेल्पलाइन 1100 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके.
- -रायगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को मिल रही नई गति: वित्त मंत्री ने करोड़ों रुपयों के कार्यों की दी सौगात- विधानसभा के 05 ग्रामों में विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजनरायगढ़। जिले के ग्रामीण अंचलों में अधोसंरचना और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को नई दिशा देते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। “गांव चलो अभियान” के तहत क्षेत्र के प्रवास पर पहुंचे वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसके लिए लगातार जमीनी स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।इस दौरान ग्राम-सूरजगढ़ में लगभग 192.92 लाख रुपये की लागत से निर्मित सूरजगढ़-पड़िगांव से तेलीपाली सड़क का लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और यातायात सरल व सुगम होगा। वहीं ग्राम टिनमिनी में 12 लाख रुपये की लागत से शेड तथा 5.20 लाख रुपये की लागत से विक्रम घर से स्कूल तक सीसी रोड का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर कक्षा 12वीं की छात्रा अंजली सतपति को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम पंचायत नावापाली में 7.50 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक शेड का लोकार्पण किया गया, जिससे ग्रामीणों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।इसी क्रम में पड़िगांव में जगन्नाथ मंदिर के पास 7 लाख रुपये की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया गया। साथ ही यहां 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन तथा चौहान मोहल्ला में 10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया गया। ग्राम गुडू में वार्ड क्रमांक 01 में 10 लाख रुपये की लागत से बनी सीसी रोड का लोकार्पण किया गया, वहीं 10.40 लाख रुपये की लागत से बनने वाली एक अन्य सीसी रोड का भूमिपूजन किया गया।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने टिनमिनी सहित अन्य गांवों में “गांव चलो अभियान” के तहत चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन कार्यों से न केवल बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, ग्राम के सरपंच, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -देश में 80 लाख से अधिक और छत्तीसगढ़ में दो लाख गीग वर्कर-ई-श्रम पोर्टल में अब होने लगा गीग मजदूरों का भी पंजीयनरायपुर। गीग मजदूर यानी ओला, उबर, जोमेटो, रैपिडो, स्विगी, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे संस्थानों में कार्य करने वाले मजदूरों के जिन्हें कंपनियां अपना पार्टनर कहती है, लेकिन उनकी सुरक्षा औऱ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति उदासीन रहती है। गीग मजदूरों के लिए आयोजित आज की यह संगोष्ठी उनके पुर्नउत्थान का शंखनाद है। गीग मजदूरों को आज यूनियन की जरूरत हैं, क्योंकि एकता ही शक्ति है। उक्ताशय के विचार रविवार को महाराष्ट्र मंडल में आयोजित संगोष्ठी में भारतीय मजदूर संघ की अध्यक्ष शोभा सिंहदेव ने कहीं।संगोष्ठी को संबोधित करते हुए शोभा सिंहदेव ने कहा कि आनलाइन सेवाएं देने वाली कंपनियां आपको पार्टनर तो कहती है, लेकिन इस शब्द की आड में आपको बुनियादी सुविधाओं से दूर रखती है। इन्हीं सुविधाओं को उनसे लेने के लिए हमें संगठित रहना जरूरी है।छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि संगठन की शक्ति है। उसी संगठन का परिणाम है कि आज केंद्र में मोदी की सरकार बैठी है। गीग वर्करों का एक बड़ा तंत्र देश में कार्य कर रहा है। वह हर व्यक्ति को आपको घर पहुंच सेवा देता है गीग वर्कर की श्रेणी में आता है, फिर यह जरूरी नहीं कि वह किसी बड़ी कंपनी से जुड़ा हो। चार नये श्रम कानून मजदूरों के हित में है।कर्मकार मंडल के पूर्व अध्यक्ष मोहन एंटी ने कहा कि गीग वर्करों को अपने अधिकारों को जानना जरूरी है। आपको अब ई-श्रम में पंजीयन का अधिकार है। पहले यह अधिकार नहीं था। श्रमिक पंजीयन के तहत दो लाख रुपये का बीमा भी आपका अधिकार है। वहीं किसी कंपनी द्वारा आईडी ब्लाक कर देने पर कंपनी के विरुद्ध सुनवाई का भी आपको अधिकार है। अधिकार जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी आपके कर्तव्य भी है। और आपका कर्तव्य है कि आप कंपनी को अपनी सही जानकारी दें। कंपनी के साथ होने वाले अनुबंध को अच्छे से पढ़े और समझे।इससे पूर्व स्वतंत्र श्रमिक शोधार्थी सुश्री शुभांगी शुक्ला ने कहा कि गीग की सेवा देश की अर्थ व्यवस्था के लिए जरूरी है। बड़ी कंपनी सरकार तक अपनी बात आसानी से पहुंचा देती है, लेकिन गीग मजदूरों को अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए एक उचित माध्यम चाहिए और वह माध्यम हमारा संगठन हैं। देश की जीडीपी में गीग मजदूरों का लगभग 2 फीसद योगदान है। इनकी परेशानियों को सरकार तक पहुंचाने का काम संगठन कर रहा है। राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना जैसे राज्यों में गीग मजदूरों के लिए कानून बन चुके है। छत्तीसगढ़ में भी इसकी तैयारी कर चल रही है।छत्तीसगढ़ शासन की मोर संगवारी प्रोजेक्टर के परियोजना प्रबंधक और महाराष्ट्र मंडल के परितोष डोनगांवकर ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गीग श्रमिकों को बताया कि अब बे शासन की ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीयन करा सकते है। अब पोर्टल में इसके लिए अलग से विकल्प दिया गया है। इसमें आपको अपनी कंपनी का नाम दर्ज करना होगा। इसके तहत आपको दो लाख का बीमा लाभ भी मिलता है।कार्यक्रम का संचालन करते हुए महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष और समाजसेवी अजय मधुकर काले ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ की शुरूआत भी कुछ इसी तरह कुछ लोगों के साथ हुई थी। आज वह देश की बड़ी संघ के रुप में मजदूरों के हित के लिए कार्य कर रही है। आज की यह संगोष्ठी गीग मजदूरों की सफलता की पहली सीढ़ी है। संगठन की शक्ति ही सफलता दिलाएगी। इस दौरान छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल द्वारा 20 गीग मजदूरों को साइकिल खरीदने के लिए 3697 रुपये का चेक प्रदान किया गया।
- रायपुर । संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित CDS (I) एवं NDA/NA (I) परीक्षा-2026 रविवार को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।जिले में CDS परीक्षा 3 पालियों में तथा NDA परीक्षा 2 पालियों में आयोजित की गई। परीक्षा के सफल संचालन हेतु सभी परीक्षा केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।प्रथम पाली में CDS परीक्षा सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक 3 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई, जिसमें कुल 950 परीक्षार्थियों में से 542 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। वहीं NDA की प्रथम पाली सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक 5 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई, जिसमें 1816 में से 1335 परीक्षार्थियों ने भाग लिया।द्वितीय पाली में CDS परीक्षा दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक 3 केंद्रों में आयोजित हुई, जिसमें 950 में से 544 परीक्षार्थी उपस्थित रहे। NDA की द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से 4:30 बजे तक 5 केंद्रों में संपन्न हुई, जिसमें 1816 में से 1333 परीक्षार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई।तृतीय पाली में CDS परीक्षा शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक 2 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई, जिसमें 449 में से 216 परीक्षार्थी उपस्थित रहे।परीक्षा समाप्ति के उपरांत उपयोग में न लाई गई गोपनीय परीक्षा सामग्री को सुरक्षित रूप से कलेक्ट्रेट रायपुर में जमा कराया गया। जिला प्रशासन ने बताया कि संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया नियमों के अनुरूप शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
-
-बिना अधिभार देय अंतिम नियत तिथि दिनांक 30 अप्रैल तक नगर निगम रायपुर के सभी जोन कार्यालय के राजस्व विभाग सहित मोर रायपुर एप और ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ से ऑनलाइन सम्पतिकर भुगतान की सुविधा की उपलब्धता
रायपुर - छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेशानुसार बिना अधिभार सम्पतिकर की अदायगी दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक करने की छूट सभी सम्पतिकरदाता नागरिकों को प्रदान की गयी है. रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग द्वारा नगर पालिक निगम रायपुर के सभी बकायादारों को एक बार पुनः स्पष्ट अवगत करवाया गया है कि सम्पूर्ण बकाया राशि नगर निगम राजस्व विभाग अदा नहीं किये जाने पर सम्बंधित बकायादारों पर कुर्की और सीलबंदी करने की नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई की परेशानी और तनाव से बचने सम्बंधित बकायादार रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग को अपना देय सम्पूर्ण बकाया तत्काल अदा कर देवें.बिना अधिभार नियत अंतिम देय तिथि दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक बिना अधिभार करों की अदायगी नहीं किये जाने पर नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार सहित बकाया राजस्व की वसूली की नियमानुसार कड़ी कार्रवाई के तनाव और परेशानी से बचें.रायपुर नगर पालिक निगम के समस्त 10 जोन कार्यालयों के राजस्व विभाग और समस्त सदर काउंटरों में दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक सम्पतिकरदाता नागरिक जोन कार्यालय जाकर अपनी सुविधा अनुसार अपना देय सम्पूर्ण सम्पतिकर सहज और सरल तरीके से अदा कर सकते हैँ.इसके साथ ही रायपुर नगर पालिक निगम के मोर रायपुर एप को प्ले स्टोर से मोबाइल पर डाउनलोड करके और ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ से ऑनलाइन सम्पतिकर भुगतान की सुविधा की उपलब्धता है. जिससे कोई भी सम्पति करदाता नागरिक अपने देय सम्पतिकर सहित सभी निगम करों का भुगतान घर बैठे एक क्लिक पर आसानी से बिना अधिभार देय अंतिम नियत तिथि दिनांक 30 अप्रैल 2026 तक रायपुर नगर पालिक निगम राजस्व विभाग को अपनी सुविधा अनुसार कर सकता है.रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों के रहवासी सम्पति करदाता नागरिकों को इस सहज और सरल प्रशासनिक जनसुविधा का पूर्ण वांछित लाभ अधिकाधिक संख्या में अवश्य प्राप्त करना चाहिए.



















.jpg)







