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- जगदलपुर में महापौर और कलेक्टर ने महारानी अस्पताल में, विधायक चित्रकोट ने गृहग्राम धरमाऊर में बच्चों को पिलाई पल्स पोलियो की दवाईजगदलपुर । जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बस्तर जिले को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शानदार आगाज हो चुका है। इस महाअभियान के पहले ही दिन बस्तर के 85 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई है। अभियान की सफलता और जन-जागरूकता को गति देने के लिए क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक प्रमुखों ने खुद कमान संभाली। इसी कड़ी में चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने अपने गृह ग्राम धरमाऊर में, कलेक्टर आकाश छिकारा और महापौर संजय पाण्डे ने महारानी अस्पताल में बच्चों को दवा पिलाई। साथ ही चित्रकोट और तोकापाल जनपद अध्यक्ष श्रीमती रामबती भण्डारी ने अपने गृह ग्राम दुगनपाल में बच्चों को अपने हाथों से 'दो बूंद जिंदगी कीÓ पिलाकर इस कार्य की शुरुआत की।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने बताया बस्तर जिले में इस बार 0 से 5 वर्ष की आयु वर्ग के कुल 1,20,804 बच्चों को जीवन रक्षक पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस महाअभियान के तहत पहले दिन सभी निर्धारित बूथों पर दवा पिलाई गई, जिसके बाद आगामी 29 और 30 जून को स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को कवर करेंगी ताकि कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से बाहर न छूटे। उल्लेखनीय है कि बस्तर जिले का पोलियो उन्मूलन का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, जहाँ वर्ष 1996 से अब तक पोलियों का एक भी मामला सामने नहीं आया है। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2002 से पोलियो का कोई भी पॉजिटिव प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है और इस गौरवशाली निरंतरता को बनाए रखना ही इस अभियान का मुख्य ध्येय है।प्रशासन ने शहरी और संवेदनशील क्षेत्रों के लिए विशेष रणनीति तैयार की है, जिसके तहत अकेले जगदलपुर शहरी क्षेत्र में 72 बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त बाजार, मेले, मड़ई, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, ईंट भ_ा, भवन निर्माण स्थलों, घुमंतू बस्तियों, बस स्टैंड तथा रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले बच्चों के लिए 20 मोबाइल और 24 ट्रांजिस्ट टीमों के साथ 1,932 टीकाकरण कर्मी और 97 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, ताकि शंखनाद के इस पहले दिन की सफलता को अंतिम छोर तक पहुँचाया जा सके।
- मरवाही । गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। भारत सरकार के उपक्रम आईआरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड में कार्यरत सीनियर रेलवे मैनेजर कुंदन कुमार से शेयर बाजार में निवेश पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर 20 लाख 70 हजार रुपये की ठगी की गई।पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने ऑनलाइन संपर्क में आए लोगों के कहने पर एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कर अलग-अलग किस्तों में निवेश किया। बाद में ऐप में बड़ी राशि दिखाई गई, लेकिन रकम निकालने का प्रयास करने पर टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क के नाम पर लगातार पैसे मांगे गए। पीड़ित की शिकायत पर गौरेला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों और संदिग्ध ट्रेडिंग ऐप से सावधान रहें तथा किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले पूरी जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।
- -जीपीएम के पर्यटन विकास मॉडल की सराहना, स्थानीय जनसहभागिता और प्राकृतिक धरोहरों को बताया पर्यटन संवर्धन की सशक्त आधारशिलारायपुर । छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्रवास के दौरान जिले की पर्यटन संभावनाओं का अवलोकन किया। इस अवसर पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया तथा जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को समेटे जीपीएम पर्यटन कॉफी टेबल बुक भेंट कर जिले की पर्यटन उपलब्धियों और संभावनाओं से अवगत कराया गया।भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने जिले में पर्यटन संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यटकों के लिए विकसित की गई सुविधाओं तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता पर आधारित पर्यटन मॉडल की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि जिले के पर्यटन स्थलों को स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जोड़कर विकसित किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को नई दिशा मिल रही है।प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने जीपीएम जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल राजमेरगढ़ का भ्रमण किया।उन्होंने पर्यटन समितियों द्वारा संचालित गतिविधियों, पर्यटकों के लिए उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचारों का अवलोकन किया। इस दौरान स्थानीय पर्यटन समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि जनसहभागिता के माध्यम से पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है।भ्रमण के दौरान पर्यटन समितियों ने स्थानीय युवाओं की भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन स्थलों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्थानीय संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की। अधिकारियों ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यटन के विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और ऐसे प्रयास अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायी हैं।प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। यहां पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से प्रभावी रूप से विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता आधारित पर्यटन मॉडल न केवल पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करता है।उन्होंने जिले में पर्यटन संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि पर्यटन समितियां जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही हैं, वह सराहनीय है। उन्होंने समितियों से भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण, पर्यटक-अनुकूल, स्वच्छ, सुरक्षित एवं जनसहभागिता आधारित गतिविधियों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही राज्य के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सके। इस अवसर पर पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी, पर्यटन समितियों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
- -राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का लखनपुर से शुभारंभ, अभिभावकों से किया आह्वान—‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार’रायपुर। प्रदेश में चल रहे राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज अंबिकापुर जिले के लखनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अभियान में हर बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक पिलाना अत्यंत आवश्यक है।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत ने वर्षों के सतत प्रयास, जनभागीदारी और स्वास्थ्यकर्मियों की अथक मेहनत से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। अब इस उपलब्धि को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवार, मोहल्ले और आसपास के 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि "दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को आजीवन स्वस्थ रखने का राष्ट्रीय संकल्प है। यदि कोई बच्चा बूथ तक नहीं पहुंच पाता है तो अभिभावक घर-घर आने वाली स्वास्थ्य विभाग की टीम को अवश्य जानकारी दें और सुनिश्चित करें कि बच्चे को पोलियो की खुराक मिल जाए।श्री राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और जागरूकता के बल पर छत्तीसगढ़ भविष्य में भी अपनी पोलियोमुक्त पहचान को सुदृढ़ बनाए रखेगा।उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। स्वस्थ बचपन ही सशक्त भारत की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने आसपास किसी भी बच्चे को पोलियो की खुराक से वंचित न रहने दे तथा अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करे।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। बच्चों को उत्साहपूर्वक पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाई गई तथा अभिभावकों को नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक किया गया।प्रदेश में 28 से 30 जून 2026 तक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत राज्य के लगभग 35 लाख 98 हजार 904 (करीब 36 लाख) बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे प्रदेश में 14 हजार 396 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 28 जून को बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है।अभियान को सफल बनाने के लिए 28 हजार 791 टीमें तथा 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। बूथ दिवस के बाद 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।विशेष क्षेत्रों पर रहेगा फोकसस्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने राज्य के सभी 33 जिलों में अभियान की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों, शहरी मलिन बस्तियों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक परिवारों, प्रवासी एवं घुमंतू समुदायों के बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच सुनिश्चित की जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की सुरक्षा से वंचित न रहे।वर्तमान राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत देशभर में लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे को हाल ही में कोई अन्य टीका लगाया गया हो, तब भी पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और अवश्य दी जानी चाहिए। हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार होने पर भी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा सकती हैं।पोलियोमुक्त भारत और पोलियोमुक्त छत्तीसगढ़ की पहचान बनाए रखने के लिए प्रत्येक परिवार की सहभागिता आवश्यक है। हम सभी संकल्प लें कि हमारे आसपास का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक दो बूंद से वंचित न रहे। यही स्वस्थ बचपन, सुरक्षित भविष्य और सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।
- -पंजीयन एवं प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में हासिल किया प्रथम स्थान-विशेष अभियान के मात्र 9 दिनों में 72 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, जांजगीर-चांपा प्रदेश में अव्वल-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाईरायपुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।
- -अपनी संस्कृति और मूल्यों से समाज को जोड़कर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है भारत : श्री इंद्रेश कुमार-आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है : डॉ. रमन सिंह-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में हुए शामिल-मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का किया विमोचन-आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानितरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका “आपातकाल के योद्धा” का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा।मुख्य वक्ता श्री कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है। उन्होंने युवाओं से “राष्ट्र प्रथम” की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया। श्री साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय श्री नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है। उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था। श्री साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे। उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ श्री कैलाश सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्रीमती गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर श्री अजय रामदास, श्री अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय स्तर पर "आपातकाल कभी विस्मृत न हो" विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के श्री सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के श्री अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे। वहीं महाविद्यालय स्तर पर "25 जून : संविधान हत्या दिवस" विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुश्री कल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुश्री खुशबू तृतीय स्थान पर रहीं। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
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- 53 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य
-कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर किया शुभारंभ, अभिभावकों से की सहयोग की अपीलरायपुर । जीपीएम जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को जिला चिकित्सालय में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक दिलाना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं, ताकि पोलियो मुक्त भारत का संकल्प और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने कहा कि "दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार" केवल एक संदेश नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. के.के. सोनी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ तथा बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। अभियान के शुभारंभ के साथ ही जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का कार्य प्रारंभ किया गया। बूथों पर सुबह से ही अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और उत्साहपूर्वक अभियान में भागीदारी निभाई।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 53 हजार 490 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के प्रथम चरण में 28 जून को सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि दूसरे एवं तीसरे चरण में 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके। इसके लिए जिले भर में विशेष स्वास्थ्य दलों का गठन किया गया है, जिन्हें प्रत्येक गांव, मोहल्ले और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा पोलियो की दवा, परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित कर ली गई हैं। दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी विशेष दल तैनात किए गए हैं ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि यदि उनके घर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचे तो उसका पूरा सहयोग करें और सुनिश्चित करें कि परिवार के शून्य से पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाई जाए। विभाग ने स्पष्ट किया कि पोलियो की नियमित खुराक ही इस गंभीर बीमारी से बच्चों को स्थायी सुरक्षा प्रदान करती है। जनसहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से ही पोलियो मुक्त समाज का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है। - -साय सरकार की जनकल्याणकारी पहल से सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन की नई शुरुआत, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रयासों से आदिवासी परिवार के चेहरे पर लौटी मुस्कानरायपुर । किसी भी परिवार के लिए अपना सुरक्षित और पक्का घर केवल चार दीवारों का निर्माण नहीं होता, बल्कि वह सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार होता है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम पंचायत पंडरीपानी के निवासी श्री कृष्णा बैगा के जीवन में भी ऐसा ही सुखद परिवर्तन आया है। वर्षों तक कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाले कृष्णा बैगा का पक्के घर का सपना अब साकार हो चुका है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का आवास मिलने से उनके परिवार के जीवन में खुशियों का नया सवेरा आया है।श्री कृष्णा बैगा लंबे समय तक अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में रहने को विवश थे। बरसात आते ही घर की दीवारों में सीलन भर जाती थी, छत से पानी टपकने लगता था और घर में सांप-बिच्छुओं के प्रवेश का खतरा बना रहता था। ऐसे हालात में परिवार की सुरक्षा और बच्चों के भविष्य को लेकर वे हमेशा चिंतित रहते थे। सीमित संसाधनों के कारण स्वयं पक्का घर बनाना उनके लिए संभव नहीं था।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब उनके गांव तक पहुंचा, तब उनके जीवन में परिवर्तन की नई शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन तथा सतत निगरानी में उनका पक्का घर तैयार हो गया। आज उनका परिवार एक सुरक्षित, स्वच्छ, मजबूत और सम्मानजनक आवास में जीवन व्यतीत कर रहा है।श्री कृष्णा बैगा बताते हैं कि अब बरसात का मौसम उनके लिए चिंता का कारण नहीं रहा। न छत से पानी टपकने की परेशानी है और न ही दीवारों में सीलन की समस्या। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब परिवार को सांप-बिच्छुओं और अन्य खतरों का भय नहीं सताता। पक्का घर मिलने से उनके परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है और उनमें भविष्य के प्रति नया आत्मविश्वास जागा है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पक्का घर मिलने से हमारे परिवार का जीवन पूरी तरह बदल गया है। अब हम बिना किसी डर और परेशानी के अपने घर में सुकून और सम्मान के साथ रह रहे हैं। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी और सरकार का हृदय से धन्यवाद करता हूँ।राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा विशेष रूप से प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों सहित पात्र ग्रामीण परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जिला प्रशासन, जनपद पंचायतों तथा ग्राम पंचायतों के समन्वित प्रयासों से योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।साय सरकार का लक्ष्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता प्रदान करना है। इसी उद्देश्य से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निर्माण, पारदर्शिता और सतत निगरानी पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार अपने पक्के घर का सपना साकार कर सके।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को तेजी से लाभान्वित किया जा रहा है। इन योजनाओं ने हजारों ग्रामीण और आदिवासी परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हुए उन्हें सुरक्षित आवास, सम्मान और बेहतर भविष्य का विश्वास दिया है।कृष्णा बैगा की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी ढंग से धरातल पर पहुंचती हैं, तो वे केवल घर नहीं बनातीं, बल्कि लोगों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों की मजबूत नींव भी रखती हैं।
- -राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन योजना के तहत 25 किसानों को वितरित किए गए गुणवत्तायुक्त बीज, आधुनिक खेती की तकनीकों का भी दिया गया प्रशिक्षण-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भर कृषि को मिल रहा नया संबलरायपुर । किसानों की आय बढ़ाने, तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि करने और देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जीपीएम जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम कोटमीकला में भारत सरकार की राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ) योजना के अंतर्गत चयनित किसानों को उन्नत किस्म के मूंगफली बीज वितरित किए गए। यह पहल किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। कृषि विभाग किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह और शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से तिलहनी फसलों के रकबे और उत्पादकता में वृद्धि कर किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।ग्राम कोटमीकला में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी अमित कुमार तंवर, कृषि विकास अधिकारी मधुसूदन, क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच भंवर सिंह अर्मो की उपस्थिति में योजना के अंतर्गत 10 हेक्टेयर प्रदर्शन रकबे के लिए चयनित 25 किसानों को उन्नत गुणवत्ता के मूंगफली बीज वितरित किए गए। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्रमाणित एवं उन्नत बीजों के उपयोग से उत्पादन बढ़ने के साथ फसल की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है।कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बीज उपचार, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा फसल की वैज्ञानिक देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने तथा विभागीय सलाह का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया, जिससे उत्पादन लागत कम हो और अधिक लाभ प्राप्त हो सके।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के माध्यम से किसानों को केवल बीज उपलब्ध कराना ही उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक खेती की नवीनतम तकनीकों से जोड़कर तिलहनी फसलों का उत्पादन बढ़ाना और खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करना भी प्राथमिकता है। प्रदर्शन आधारित खेती से अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और क्षेत्र में मूंगफली सहित तिलहनी फसलों का रकबा बढ़ेगा।कार्यक्रम में किसानों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनेगी। कृषि विभाग ने सभी किसानों से शासन की कृषि हितैषी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने, उन्नत तकनीकों को अपनाने तथा तिलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि कर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। राज्य सरकार और कृषि विभाग की ऐसी पहलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ किसानों के जीवन में समृद्धि का नया अध्याय लिख रही है।
- - पीएम सूर्यघर योजना के रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को मिलेगा अधिशेष बिजली का लाभरायपुर । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सोलर बिजली की खरीद दर तय कर दी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस दर को अपनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दर को अनुमोदन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद उपभोक्ताओं को इसकी राशि अगले बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में दिखाई देगी।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) ने बताया कि नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत सोलर संयंत्र से बनने वाली बिजली का पहले उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत में समायोजन किया जाता है। यदि इसके बाद भी बिजली बचती है और ग्रिड में जाती है, तो उसकी यूनिट हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती रहती है।वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर खाते में बची सभी अतिरिक्त यूनिट का नियमानुसार बायबैक किया जाता है। इसकी राशि निर्धारित दर के अनुसार उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाती है और आगामी बिजली बिलों में समायोजित की जाती है।प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा नए सिरे से शुरू होता है। इसलिए पिछले वित्तीय वर्ष की अतिरिक्त यूनिट नए बिजली बिल में यूनिट के रूप में नहीं दिखाई देती। उसका मूल्य उपभोक्ता के खाते में सुरक्षित रहता है और नियमानुसार बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित किया जाता है।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिशेष बिजली के समायोजन और बायबैक की पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित नियमों के अनुसार पारदर्शी ढंग से संचालित की जाती है।समझिए पूरी प्रक्रियासोलर संयंत्र से बनी बिजली का पहले उपभोक्ता की मासिक खपत में समायोजन किया जाता है। यदि इसके बाद भी बिजली बचती है और ग्रिड में जाती है, तो उसकी यूनिट हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती रहती है। वित्तीय वर्ष के अंत में बची हुई सभी यूनिट का निर्धारित दर पर बायबैक किया जाता है। इसकी राशि उपभोक्ता के खाते में सुरक्षित रहती है और आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में समायोजित की जाती है। नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा फिर से शून्य से शुरू होता है, इसलिए पिछले वर्ष की बची यूनिट नए बिल में यूनिट के रूप में नहीं दिखती। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बायबैक की दर सेकी (SECI) तय कर चुकी है। नियामक आयोग से अनुमोदन मिलने के बाद यह राशि उपभोक्ताओं के आगामी बिजली बिलों में दिखाई देगी।
- -एम.टेक. (डाटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में प्रवेश का सुनहरा अवसर-प्रतिमाह ₹50 हजार की फेलोशिप, ट्यूशन फीस का पूरा खर्च वहन करेगी राज्य सरकाररायपुर / तकनीकी शिक्षा को सुशासन और नवाचार से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप 2026 के अंतर्गत एम.टेक. (डाटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 7 जुलाई 2026 कर दी गई है। पूर्व में आवेदन की अंतिम तिथि 1 जुलाई निर्धारित थी।यह कार्यक्रम नवा रायपुर स्थित IIIT-NR में संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को प्रतिमाह ₹50,000 की फेलोशिप प्रदान की जाएगी। साथ ही उनकी ट्यूशन फीस का संपूर्ण व्यय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वहन किया जाएगा।मुख्यमंत्री आईटी फेलोशिप कार्यक्रम की विशेषता यह है कि विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों में वास्तविक परियोजनाओं (Projects) पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रतिभाशाली युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डाटा साइंस के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा तथा शासन की डिजिटल सेवाओं और नवाचार आधारित पहलों में योगदान देने का अवसर भी मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थी 7 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए IIIT-NR की वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण का अवलोकन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-2474048 एवं 0771-2474182 पर संपर्क किया जा सकता है।
- - कोरबा जिले के 1 लाख 72 हजार 423 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य, 1578 बूथों पर चलाया जा रहा विशेष अभियानरायपुर। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ आज कोरबा जिले में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम, आबकारी तथा सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने रानी धनराज कुंवर शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोरबा में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाकर किया। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन एवं पार्षद श्रीमती रूबी सागर सहित जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के प्रथम चरण के शुभारंभ पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए आमजन एवं जनप्रतिनिधियों से अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक माता-पिता का यह दायित्व है कि वे अपने जन्म से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो बूंद अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि यह अभियान बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी बच्चे का छूटना नहीं चाहिए।मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि जिले में आज 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 72 हजार 423 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 1578 पल्स पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित टीमों द्वारा बच्चों को दवा पिलाई जा रही है। इसके अलावा गांवों, पारा-मोहल्लों, वार्डों, बाजारों, चौक-चौराहों एवं हाट-बाजारों में भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में देश एवं प्रदेश को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दिशा में जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने आसपास के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक दिलाने में सहयोग करें।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की शत-प्रतिशत सफलता सुनिश्चित करने के लिए सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की गई है। अभियान के प्रभावी संचालन हेतु सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है। अभियान के दौरान यदि कोई बच्चा बूथ पर दवा पीने से छूट जाता है तो स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर उसे पोलियो रोधी दवा की दो बूंद पिलाएगी।जिले के सभी विकासखंडों में भी जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम के दौरान महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत एवं पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन,प्रेसक्लब के पूर्व अध्यक्ष श्री राजेन्द्र जायसवाल ने भी सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाने की अपील की। मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने नवजात शिशुओं सहित पांच वर्ष तक के बच्चों को स्वयं पोलियो की खुराक पिलाई तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से शेड सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही।
- -0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाने का किया आग्रहरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटी-सी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।इस मौक़े पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भी अपील करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो दिवस के अवसर पर मैं प्रदेश के सभी अभिभावकों से आग्रह करता हूँ कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की दो बूंद जीवन की अवश्य पिलाएँ।पोलियो एक गंभीर एवं अपंगता का कारण बनने वाली बीमारी है, जिसका एकमात्र प्रभावी बचाव पल्स पोलियो अभियान में सहभागिता है। आपके सहयोग से ही हम अपने बच्चों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दे सकते हैं ।
- न्यू प्रेस क्लब ऑफ भिलाई नगर का प्रेस से मिलिए कार्यक्रमभिलाई। न्यू प्रेस क्लब ऑफ भिलाई नगर द्वारा शनिवार को 'प्रेस से मिलिए' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रेस क्लब भवन सुपेला में आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अभिजीत सिहं व वरिष्ट पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल अथिति के रूप से उपस्थित हुए। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर व एसएसपी ने जिले में अपने अब तक के अनुभवों को साझा किया। इस दौरान दोनों अफसरों ने जिले में कानून व्यवस्था व प्रशासनिक ढांचे पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों का भी जवाब दिया। इस तरह प्रेस से मिलिए कार्यक्रम प्रेस-पुलिस संवाद का सशख्त मंच बना।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। न्यू प्रेस क्लब ऑफ भिलाई नगर के अध्यक्ष अनिल गुप्ता व महासचिव दिलीप शर्मा ने बारी बारी कलेक्टर व एसएसपी को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। प्रेस क्लब के सभी पदाधिकारियों ने भी अतिथियों का स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में अध्यक्ष अनिल गुप्ता ने प्रेस क्लब की गतिविधियों से अवगत कराया और क्लब के संधारण के लिए कलेक्टर अभिजीत सिंह के समक्ष मांग रखी। कार्यक्रम के दौरान क्लब के महासचिव दिलीप शर्मा ने अतिथियों को प्रेस क्लब की सामाजिक, रचनात्मक गतिविधियों, पत्रकार कल्याण योजनाओं और भावी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।जिले की पुलिसिंग एक बड़ी चुनौतीकार्यक्रम के दौरान प्रेस क्लब के सदस्यों के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि दुर्ग जिले में तीन अलग अलग क्षेत्र हैं और सभी की अलग व्यवस्था है। एक ओर भिलाई टाउन शिप दूसरी ओर पटरी पार का क्षेत्र और तीसरा दुर्ग शहर। इसके साथ ही एक बड़ा क्षेत्र देहात भी है। 25 लाख से अधिक की आबादी के लिए दो हजार से कुछ ज्यादा का पुलिस बल काम कर रहा है। इतने कम बल के साथ पूरे जिले की कानून व्यवस्था को संभालना एक बड़ी चुनौती है। एसएसपी विजय अग्रवाल ने कार्यक्रम के दौरान अपने कार्यकाल के कुछ किस्से भी साझा किए।कलेक्टर ने की पत्रकारों के भूमिका की सराहनाकार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मीडिया को लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ बताते हुए शहर और जिले के विकास में पत्रकारों की सकारात्मक भूमिका की सराहना की और प्रशासन–मीडिया के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया। उन्होंने बताया कि 2012 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन के बाद केन्द्र सरकार के अधीन कार्य किया। दुर्ग जिला कलेक्टर के तौर पर यहां काम करना काफी सुखद रहा। उन्होंने बताया कि दुर्ग जिले की भौगोलिक स्थिति व यहां की मांग के अनुसार प्रशासन का कार्य करना चुनौती पूर्ण रहा है। कार्यक्रम के समापन पर प्रेस क्लब की ओर से दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रेस क्लब के वरिष्ट उपाध्यक्ष सुनील चौहान, उपाध्यक्ष जय प्रकाश आर्य, रघुनंदन पंडा, सचिव गौकरण निषाद, जोगिंदर सिंह, कार्यालय सचिव मोहन राव, सह सचिव भोपाल देवांगन, कार्यक्रारिणी सदस्य सर्वेश सिंह, पी मोहन, सोनू यादव, योगेश वर्मा व सुरेन्द्र ठाकुर ने अतिथियों का अभिनंदन किया।कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थितिकार्यक्रम में टी सूर्या राव, अरविंद सिंह, राजेंद्र सोनबोईर, बीडी निजामी, राजेंद्र गोस्वामी, अशोक पंडा, सुधीर सिंह, संदीप उपाध्याय, आर एन रामाराव राव, रत्नाकर अल्वा,,रमेश गुप्ता, कोमल धनेसर ,राजेश अग्रवाल, डीके साहू, आनंद ओझा, हरप्रीत भाटिया, रमेश भगत, कमल शर्मा, मोहम्मद फारूक, प्रशांत सरकार, आरबी केशरवानी, शमशीर शिवानी, यदुनंदन मिश्रा, संतोष तिवारी, शशिकांत तिवारी, तापस सान्याल, संतोष मलिक, सतीश बौद्ध, शफीक कलीम, सुशील सोनी, दीपक दहाट, अमित नागरकर, संजय पांडेय, इस्माइल खान, रवि दहाट, नीरज उपाध्याय, जवाहर चौहान, सूरज सिंह, तनवीर अहमद, रमजान खान, शमसुद्दीन खान, जनार्दन मांझी सहित अन्य पत्रकार मुख्य रूप से शामिल रहे।
- -ग्रामीणों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित निराकरण के दिए निर्देश-20 लाख से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा-वनांचलों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने सरकार प्रतिबद्ध : अरुण सावरायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के अचानकमार क्षेत्र के सुदूर वनांचल ग्रामों—जमुनाही, जकड़बांधा, सुरही और बम्हनी, कटामी और अचानकमार में जनचौपाल आयोजित कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान अनेक विकास कार्यों की घोषणाएं भी की।ग्राम जमुनाही में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिवतराई से केवची तक बहुप्रतीक्षित सड़क को स्वीकृति मिल चुकी है। वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं बिजराकछार से औरापानी सड़क को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।ग्रामीणों द्वारा बिजली एवं पेयजल की समस्या उठाए जाने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने जमुनाही में सड़क की मरम्मत, गांव में 5 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण, देवभूमि में हैंडपंप स्थापना की घोषणा की तथा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि महतारी वंदन योजना, पेंशन, राशन सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश देते हुए मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपये तथा गणेश चौक में गणेश पंडाल हेतु शेड निर्माण के लिए 3 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कोटरा-पथरा-मनियारी मार्ग पर पुल निर्माण का सर्वे पूरा हो चुका है और कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। उन्होंने जनचौपाल के दौरान पेयजल समस्या के समाधान के निर्देश देने के साथ ही स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को खेल सामग्री भी वितरित किए।सुरही में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वनांचल क्षेत्रों में बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सुरही में 5 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण की घोषणा की। ग्राम बम्हनी में जनचौपाल के दौरान उप मुख्यमंत्री ने बताया कि गांव के 111 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा 206 महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वनांचल क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने निवासखार में पुलिया निर्माण के लिए भी शीघ्र प्रयास करने का भरोसा दिलाया।उप मुख्यमंत्री ने ग्राम कटामी एवं छपरवा में हैंडपंप एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम बिंदावल में सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपए की घोषणा की तथा पानी एवं बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। जनचौपालों में मुंगेली के कलेक्टर श्री कुंदन कुमार और वनमंडलाधिकारी श्री अभिनव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
- -कलेक्टर, एसपी और नगर पालिका अध्यक्ष ने बच्चों को पिलाई पोलियो की खुराकरायपुर । राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 को पूरे भारत में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के रूप में शुरू हुआ। इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाई जा रही हैं ताकि भारत को पोलियो-मुक्त रखा जा सके।स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), आंगनवाड़ी केंद्र या सरकारी अस्पताल में जाकर अपने बच्चे को पोलियो की दवा दिलवा सकते हैं।सुकमा जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान-2026 का शुभारंभ आज उत्साहपूर्वक किया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने मराईगुड़ा वन स्थित केंद्र में बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान की शुरुआत की। वहीं बस स्टैंड सुकमा में नगर पालिका अध्यक्ष श्री हूंगाराम मरकाम ने भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।इस अवसर पर पार्षद श्री रंजीत बारठ, श्री रमेश कर्मा, श्री अनिल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. प्रदीप पटेल सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।जिला टीकाकरण सुकमा अधिकारी ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 38,518 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान 28 से 30 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा।पहले दिन जिले के सभी पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई जा रही है। दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी, जो पहले दिन किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।अभियान के सफल संचालन के लिए जिले में 389 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। साथ ही 1,117 स्वास्थ्य कर्मियों और सहयोगी कर्मचारियों की तैनाती की गई है, ताकि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की जीवनरक्षक खुराक से वंचित न रहे। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाएं। यह खुराक बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। इससे स्वस्थ एवं पोलियो-मुक्त समाज के निर्माण के राष्ट्रीय अभियान को भी मजबूती मिलेगी।
- रायपुर। श्री अरुण कुमार पाण्डेय, सुपुत्र श्री जगन्नाथ प्रसाद पाण्डेय (ग्राम - रामपुर-बछेरा वाले) का 28 जून को रायपुर में निधन हो गया। वे 76 वर्ष के थे। वे श्रीमती शोभा पाण्डेय के पति, सोनल, समीर एवं स्वाति के पिता, श्री रवीन्द्र पाण्डेय व प्रफुल्ल पाण्डेय के बड़े भाई तथा अभिषेक पाण्डेय के बड़े पापा थे।
- भाजपा जनप्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और संगठन महामंत्री पवन साय की उपस्थिति में संपन्न हुई वर्चुअल बैठकसांसद, विधायकों और विधानसभा प्रभारियों से बूथ स्तर पर 'डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म' प्रशिक्षण अभियान को सफल बनाने का आग्रहरायपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान' के अंतर्गत 'डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म' कार्यक्रम को लेकर एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक का आयोजन शनिवार को किया गया। इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश के समस्त सांसदों, विधायकों, निगम, मंडल व आयोग के अध्यक्षों तथा विधानसभा प्रभारियों ने वर्चुअली जुड़कर सहभागिता की।जनप्रतिनिधियों की है बड़ी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री सायप्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संगठन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि निश्चित रूप से हम सभी मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि इस डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम को पूरी तरह सफल बनाएँ। डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रशिक्षण से न केवल कार्यकर्ताओं का, बल्कि हम सभी जनप्रतिनिधियों का भी डिजिटल व तकनीकी ज्ञान बढ़ेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके माध्यम से बूथ स्तर के नए और युवा कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, इतिहास और कार्यप्रणाली की सटीक जानकारी घर बैठे मिल सकेगी।कार्यकर्ताओं के डिजिटल ज्ञान में होगी वृद्धि : किरण देवभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म प्रशिक्षण से भाजपा कार्यकर्ताओं के आधुनिक एवं डिजिटल ज्ञान में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। संगठन को और अधिक हाईटेक बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इसके साथ ही श्री देव ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे 28 जून को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक प्रसारण 'मन की बात' कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में उपस्थित रहें और साथ ही सभी कार्यकर्ताओं को अपना डिजिटल प्रशिक्षण जल्द-से-जल्द पूर्ण करने के लिए प्रेरित करें।बूथ स्तर तक कार्यक्रम को प्रभावी बनाएँ : पवन सायप्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने अपने उद्बोधन में बैठक के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस वर्चुअल बैठक के आयोजन का मुख्य हेतु यही है कि सभी जनप्रतिनिधियों के ध्यान में यह बात आ जाए कि संगठन में वर्तमान में कौन-से महत्वपूर्ण कार्यक्रम चल रहे हैं? यह पूरी तरह से बूथ स्तर का कार्यक्रम है, इसलिए सभी सांसदों और विधायकों को इस महाभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभानी होगी।कार्यक्रम के प्रदेश प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही ने विस्तृत रूपरेखा साझा कीबैठक की शुरुआत में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म के प्रदेश प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही ने इस अभियान की विस्तृत रूपरेखा और इसके उद्देश्यों की जानकारी साझा की। श्री पाणिग्रही ने बताया कि यह मंच कार्यकर्ताओं को वैचारिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।'सरल ऐप' के माध्यम से दी गई तकनीकी ट्रेनिंगबैठक के दौरान भाजपा आईटी सेल के प्रदेश संयोजक सुनील पिल्लई ने तकनीकी सत्र को सम्बोधित करते हुए प्रोजेक्टर और स्क्रीन के माध्यम से विस्तार से समझाया कि कार्यकर्ताओं को 'सरल ऐप' का उपयोग किस तरह करना है और इस ऐप के माध्यम से अपना डिजिटल प्रशिक्षण कैसे आसानी से पूर्ण करना है? बैठक की कार्यवाही का संचालन भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय और आभार प्रदर्शन कमल गर्ग ने किया।
- रायपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने राम मंदिर चंदा विवाद पर दुष्प्रचार करने वाले को आड़े हाथ लिया है। श्री चौधरी ने कहा कि वह एक आपराधिक प्रकरण है जिसकी जांच के आदेश दे दिए गए हैं, कड़ाई से जांच हो रही है और कोई अगर दोषी होंगे तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। श्री चौधरी ने कहा कि लेकिन इस घटना के बहाने श्रीराम भक्तों की आस्था पर सवाल उठाने वाले कालनेमियों को जनता भली-भांति पहचानती है, उनके झाँसे में कोई नहीं आने वाला।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि ऐसे किसी घटना से रामलला के प्रति हमारी आस्था पर चोट का सवाल ही नहीं पैदा होता है। हमारी आस्था मोम की नहीं बनी है जो ऐसी किसी आपराधिक घटना से पिघल जाये। श्रीराम मंदिर पाँच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद आज जिस वैभव के साथ खड़ा है, वह हमारे गर्व के लिए काफी है। वह इस बात का साक्षी है कि श्रद्धालुओं के दान का अधिकतम बेहतर ढंग से उपयोग किया गया है। वह भारत के सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि जिन तत्वों ने सरयू के जल को श्रीराम भक्तों के रक्त से लाल कर दिया था या जो श्रीराम के अस्तित्व से ही इनकार कर रहे थे, वे अगर आज आस्था की बात कर घड़ियाली आसूं बहा रहे है हैं, ऐसे लोगों के प्रोपगंडा से हमारी आस्था पर कोई ठेस पहुँचने का प्रश्न ही नहीं है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भारतवर्ष के आस्था का प्रतीक हैं और रहेंगे।
- अरपा नदी के पुनरुद्धार के लिए 251 करोड़ के प्रोजेक्ट को दी सैद्धांतिक सहमतिनिर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करने के निर्देश70 नालों के गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने बनेगा व्यापक तंत्रबिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज लगभग तीन घंटे तक स्कूटी से बिलासपुर शहर का भ्रमण कर नगर निगम, स्मार्ट सिटी तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे भी उपस्थित थे।निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मंगला स्थित 10 एमएलडी एवं 6 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), कोनी कन्वेंशन सेंटर, शिवघाट बैराज, रामसेतु के बाईं ओर अटल पथ निर्माण, अशोकनगर-बिरकोना सड़क गौरव पथ निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने में आ रही बाधाओं का निराकरण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। एसटीपी निर्माण में विलंब पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ठेकेदार निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि अरपा नदी बिलासपुर की जीवनदायिनी है और शहरवासियों की भावनाओं से जुड़ी हुई है। इसके संरक्षण एवं पुनरुद्धार में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने अरपा नदी को प्रदूषण से मुक्त करने और उसके पुनरुद्धार के लिए तैयार 250 करोड़ 93 लाख रुपये की परियोजना को सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए इसे शीघ्र धरातल पर उतारने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में शहर के लगभग 70 नालों का दूषित पानी सीधे अरपा नदी में गिर रहा है, जिससे नदी का जल प्रदूषित हो रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम द्वारा 250.93 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किया गया है। इसके तहत नगर निगम सीमा क्षेत्र में 17 किलोमीटर लंबाई में प्रवाहित 70 नालों के दूषित जल को उपचारित करने की व्यापक योजना बनाई गई है। परियोजना में 57 स्थानों पर इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन स्ट्रक्चर, 13 स्थानों पर डाइवर्जन वियर, 9.99 किलोमीटर डाइवर्जन सीवर, 2.77 किलोमीटर सीवरेज पंपिंग राइजिंग मेन, 3 सीवेज पंपिंग स्टेशन, 2 नए एसटीपी सहित विद्युतीकरण एवं इंस्ट्रूमेंटेशन कार्य शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से नालों का गंदा पानी नदी में जाने से पहले उपचारित किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर राज्य शासन स्तर पर त्वरित स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अरपा नदी के संरक्षण का कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शहर में बेतरतीब ढंग से लगे बिजली के खंभों एवं ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही भविष्य में नए बिजली खंभे अथवा ट्रांसफार्मर स्थापित करने से पूर्व नगर निगम की अनिवार्य सहमति लेने के निर्देश दिए। कोनी स्थित कन्वेंशन सेंटर के लिए पर्याप्त वाहन पार्किंग विकसित करने तथा उसके पीछे स्थित शासकीय भूमि का उपयोग पार्किंग के रूप में किए जाने के निर्देश भी उन्होंने अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जनहित के सभी काम समय पर पूर्ण हों, और लोगों को त्वरित रूप से इनका लाभ मिले। ठेकेदारों को पेनाल्टी अथवा सजा दिलाना हमारा उद्देश्य नहीं है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी विकास परियोजनाओं के समयबद्ध पूर्ण होने से बिलासपुर की आधारभूत संरचना मजबूत होगी और शहर की दशा एवं दिशा में व्यापक परिवर्तन आएगा। निरीक्षण के संपूर्ण कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला साथ थे। उन्होंने भी अधिकारियों को लम्बे समय से अधूरे पड़ें इन कार्यों को जल्द पूर्ण करने का व्यवहारिक समाधान सुझाया। इस अवसर पर स्मार्ट सिटी परियोजना, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, सीएसईबी, जल संसाधन विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, इतिहास, संस्कृति, साहित्य और लोककला का होगा अद्भुत संगम-विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ में दो दिनों तक सजेंगी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक गतिविधियांरायपुर ।सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक रामगढ़ में आषाढ़ के प्रथम दिवस के अवसर पर 29 एवं 30 जून को दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित महोत्सव में प्रदेश की लोकसंस्कृति, साहित्य, इतिहास, पुरातत्व और पर्यटन की समृद्ध विरासत एक साथ देखने को मिलेगी। महोत्सव के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, कलाकार, शोधकर्ता, पर्यटक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहेंगे।29 जून को प्रातः 10ः30 बजे अतिथियों के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। स्वागत समारोह, अतिथियों के उद्बोधन तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं पर आधारित लोकनृत्य, लोकगीत एवं लोकवाद्य प्रस्तुतियां पूरे दिन आकर्षण का केंद्र रहेंगी। सायंकाल सुप्रसिद्ध लोक एवं सांस्कृतिक कलाकारों की विशेष प्रस्तुतियां महोत्सव को और अधिक भव्य बनाएंगी। महोत्सव के दौरान आगंतुक विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण करेंगे। विशेषज्ञ इन धरोहरों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी देंगे।30 जून को साहित्य, इतिहास एवं संस्कृति पर केंद्रित परिचर्चाएं, जनजातीय संस्कृति की प्रस्तुतियां, लोककलाओं का प्रदर्शन, स्थानीय हस्तशिल्प एवं पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी तथा विद्यालयों एवं सांस्कृतिक संस्थाओं के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का सम्मान भी किया जाएगा। रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा। महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को रामगढ़ क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को निकट से जानने का अवसर मिलेगा। जिला प्रशासन ने प्रदेशवासियों, साहित्यकारों, कलाकारों, विद्यार्थियों एवं पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में महोत्सव में शामिल होकर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से शिकायतों का त्वरित समाधान, छात्र का तत्काल कक्षा 9वीं में हुआ प्रवेश-समयबद्ध कार्रवाई से शिक्षा विभाग ने कायम किया जनविश्वास, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी सुशासन का प्रभावी माध्यमरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जा रही है, जिससे आम नागरिकों का शासन पर विश्वास और मजबूत हो रहा है।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की प्रभावशीलता का एक प्रेरक उदाहरण रायगढ़ जिले के विकासखंड पुसौर में देखने को मिला, जहां विद्यालय प्रवेश में आ रही कठिनाई से जूझ रहे एक छात्र की समस्या का समाधान महज कुछ ही समय में कर दिया गया।ग्राम खोखरा निवासी श्री श्याम कुमार पटेल ने अपने पुत्र पवन देव पटेल के कक्षा 9वीं में प्रवेश नहीं होने संबंधी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री भुवनेश्वर पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल शिकायतकर्ता से संपर्क किया और आवश्यक जानकारी प्राप्त की।पालक की इच्छा के अनुरूप छात्र का प्रवेश शासकीय हाई स्कूल तेलीपाली में कराने के लिए तत्काल आवश्यक निर्देश जारी किए गए। विद्यालय के प्राचार्य के सहयोग से छात्र का विधिवत प्रवेश सुनिश्चित कराया गया। प्रवेश उपरांत विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने छात्र को नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं।समस्या के त्वरित समाधान पर छात्र के पालक श्री श्याम कुमार पटेल ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं शिक्षा विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की यह व्यवस्था आम नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। समय पर कार्रवाई होने से उनके पुत्र का शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं हुआ और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शासन और नागरिकों के बीच विश्वास का सशक्त सेतु बन चुकी है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी विद्यार्थी शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और प्रत्येक छात्र को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 इसी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है, जो प्रदेश में सुशासन को मजबूत करने के साथ-साथ नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का नया अध्याय लिख रही है।
- -किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने राज्यभर में निरीक्षण अभियान जारीरायपुर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा राज्यभर में उर्वरक विक्रय केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में कृषि विभाग ने कार्रवाई करते हुए वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज से उड़ीसा प्रिंट वाली पीआरओएम (च्त्व्ड) उर्वरक की 11 बोरियां (लगभग 550 किलोग्राम) जब्त की हैं।महासमुंद जिले के कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम ने बागबाहरा विकासखंड के ग्राम घोयनाबाहरा स्थित वैष्णवी एग्रो इंडस्ट्रीज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में सालेपाली, पाइकमाल, जिला बरगढ़ (उड़ीसा) प्रिंट वाली उर्वरक की 11 बोरियां मिलीं, जिन्हें नियमानुसार जब्त कर लिया गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों के हितों की सुरक्षा तथा उर्वरकों की गुणवत्ता एवं वैध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि उर्वरक के भंडारण एवं विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्यभर में यह निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
- -पशुधन की सुरक्षा के लिए राज्यभर में सतर्कता एवं निगरानी बढ़ाने के निर्देशरायपुर। मानसून के आगमन के साथ पशुओं में फैलने वाली खतरनाक जीवाणुजनित बीमारी गलघोंटू (एचएस/बघर्रा) का खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए पशुधन विकास विभाग ने राज्य के सभी पशुपालकों से सतर्क रहने तथा अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि समय पर टीकाकरण और त्वरित उपचार से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गलघोंटू रोग मुख्य रूप से गाय, भैंस और भेड़ को प्रभावित करता है। संक्रमण होने पर पशुओं में तेज बुखार, गले एवं जबड़े के नीचे सूजन, मुंह से अत्यधिक लार निकलना, नाक से स्राव, सांस लेने में कठिनाई तथा गले से घरघराहट की आवाज जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। कई मामलों में पशु चारा खाना बंद कर देते हैं, दुग्ध उत्पादन प्रभावित होता है और गंभीर स्थिति में उनकी मृत्यु भी हो सकती है।पशु चिकित्सा विभाग ने पशुपालकों से कहा है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखें, प्राथमिक उपचार प्रारंभ करें तथा तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय या पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करें। साथ ही किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशुओं में बीमारी के लक्षण मिलने पर इसकी सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की गई है।अधिकारियों ने बताया कि मानसून के दौरान पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए समय पर टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच और शीघ्र उपचार ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। इसके लिए राज्यभर में आवश्यक सतर्कता एवं निगरानी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- -स्थानीय लोगों से की आत्मीय मुलाकातरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान कोण्डागांव जिले के ग्राम मर्दापाल स्थित साप्ताहिक बाजार में अचानक पहुंचे। नारायणपुर के कन्हारगांव में आयोजित कार्यक्रम से घने वनांचलों कडेनार, हड़ेली और मर्दापाल होते हुए कोण्डागांव जाते समय सड़क किनारे लग रहे साप्ताहिक बाजार को देखकर आप को रोक ना सके और उन्होंने अपना काफिला रुकवाया एवं सीधे बाजार में लोगों के बीच पहुंच गए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बाजार में मौजूद ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और व्यापारियों से आत्मीयता से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से बाजार की व्यवस्थाओं, क्षेत्र की आवश्यकताओं तथा जनजीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि नक्सल भय खत्म होने के बाद अब यहां के बाजार में रौनक लौट आई है। मर्दापाल के आस पास के कई ग्रामीण जो पहले बाजार में नहीं आ पाते थे, अब दूर दूर से ग्रामीण बाजार में शामिल हो रहे हैं। उनके सहज और आत्मीय व्यवहार से बाजार में मौजूद लोगों में उत्साह का माहौल रहा।











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