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- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त होने पर और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- -मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी की सेवाओं के क्रियान्वन की समीक्षा कीरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने गुरुवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभागांे के भारसाधक सचिव की बैठक लेकर विभागों के अंतर्गत छत्तीसगढ़ लोक सेवा गांरटी अधिनियम के अंतर्गत विभागीय सेवाओं के क्रियान्वन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये है कि उनके विभाग के अंतर्गत ऐसी सभी सेवाएं जो सीधे जनता से जुड़ी है, उन सभी सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अधिसूचित की जाये तथा अधिसूचित सेवाओं को ऑनलाईन किया जाये। समय सीमा में सेवाओं का लाभ हितग्राही को दिया जाए। समय सीमा में सेवाएं यदि नहीं दी जाती हैं तो संबधित अधिकारी को उत्तरदायी ठहराया जायेगा और उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जायेगा।मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जनता से जुड़ी सभी शासकीय सेवाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवाएं प्रदान करना हैं। मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग के अंतर्गत लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की । मुख्य सचिव ने अधिकारियों के कहा कि वे अपने विभाग के अंतर्गत और सेवाएं जो अधिनियम के अंतर्गत लायी जा सकती है, उन्हे चिन्हित कर अधिसूचित कर ली जाएं और सुशासन एवं अभिसरण विभाग को इसकी सूची उपलब्ध की जाएं। बैठक में बताया गया की छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लोक सेवा की प्रभावी क्रियान्वन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही हैं। मुख्य सचिव ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों के अधिकारियो को विभागीय सेवओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लाने के लिए मार्ग दर्शन दिया।सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने प्रस्तुतिकरण के जरिए विभिन्न विभागों की लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत आने वाली सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। श्री भगत ने बताया की छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन विभाग द्वारा विभिन्न राज्यों में जाकर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं का अध्ययन किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के परिपेक्ष में प्रदाय की जा रहीं समान्तर सेवाओं एवं संबंधित विभागों की सेवाओं की सांकेतिक रूप से मैपिंग की गई है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग की और सेवाओं को चिन्हित कर अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित करने हेतु प्रस्तावित करें।बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, वित्त एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, ऊर्जा एवं जनसंपर्क के सचिव श्री रोहित यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस., वाणिज्यिक कर (आबकारी) सुश्री आर. शंगीता, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, गामोउद्योग के सचिव श्री श्यामलाल धावड़े सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन, लोक निर्माण, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, सामान्य प्रशासन, स्कूल शिक्षा, लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण, परिवहन, वाणिज्यिक एवं उद्योग, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ यांत्रिकी, श्रम, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल की चाची स्वर्गीय श्रीमती प्रेमलता अग्रवाल जी की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री रामजी वाटिका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत श्रीमती अग्रवाल के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस दुख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय श्री भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
- - बाल आपातकालीन चिकित्सा में राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचानरायपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर (एम्स रायपुर) की पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन (बाल आपातकालीन चिकित्सा) टीम ने 28–29 मार्च 2026 को हैदराबाद में आयोजित 17वें नेशनल असेंबली ऑफ पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन 2026 (National Assembly of Paediatric Emergency Medicine–NAPEM 2026) एवं चौथे इंडियन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स –पीईएम (Paediatric Emergency Medicine) राष्ट्रीय सम्मेलन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर गौरव दिलाया है। यह सम्मेलन KIMS कडल्स अस्पताल, गाचीबोवली द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से विशेषज्ञों एवं प्रशिक्षुओं की सक्रिय भागीदारी रही।सम्मेलन से पूर्व 27 मार्च 2026 को एम्स रायपुर की टीम ने मल्ला रेड्डी महिला मेडिकल कॉलेज (Malla Reddy Medical College for Women) हैदराबाद में पीडियाट्रिक ट्रायेज एवं पीईएआरएलएस (PEARLS–Pediatric Emergency Advanced Resuscitation Learning System) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला का नेतृत्व विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक्स एवं प्रभारी पीईएम डॉ. अनिल के. गोयल ने राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में किया, जबकि समन्वय डॉ. जोविन क्रिस एंटनी ने संभाला। कार्यशाला में देशभर से आए 35 प्रतिभागियों को बाल आपातकालीन देखभाल, उन्नत वायुमार्ग प्रबंधन, वैस्कुलर एक्सेस, प्वाइंट ऑफ केयर अल्ट्रासाउंड (Point of Care Ultrasound–POCUS) तथा ट्रॉमा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। सत्रों की उपयोगिता एवं सहभागिता को व्यापक सराहना मिली।मुख्य सम्मेलन में एम्स रायपुर की टीम की प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज रही, जिसमें संकाय सदस्यों के साथ-साथ वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट्स ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में डॉ. अनिल के. गोयल को भारत में पीडियाट्रिक इमरजेंसी मेडिसिन के प्रथम डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (Doctorate of Medicine–DM) कार्यक्रम की स्थापना तथा IAP-PEM Chapter के संस्थापक महासचिव एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष (2025–26) के रूप में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, डॉ. जोविन क्रिस एंटनी को शैक्षणिक गतिविधियों, विशेषकर डिप्लोमा इन Paediatrics (Diploma in Paediatrics–DIAP) वेबिनार श्रृंखला के सफल संचालन हेतु सम्मान प्रदान किया गया।शैक्षणिक उपलब्धियों के अंतर्गत डॉ. बिपिन बिहारी राउत ने मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। राष्ट्रीय पीईएम क्विज़ में डॉ. जोविन क्रिस एंटनी एवं डॉ. आशा ज्योति पेनुगोंडा की टीम उपविजेता रही, जबकि डॉ. हिम्मत राम सियाग एवं डॉ. मोहित देवेंद्र जायसवाल की टीम द्वितीय उपविजेता रही।एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने टीम की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान बाल आपातकालीन चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्टता एवं नवाचार को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में पूर्ण समर्थन प्रदान किया जाएगा।
- भिलाई।स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के भिलाई इस्पात संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) विभाग द्वारा ग्राम पंचायत घुघसीडीह में पूर्ण किए गए विभिन्न विकास कार्यों का औपचारिक हस्तांतरण 7 अप्रैल 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में कला मंच निर्माण, बोरवेल की खुदाई तथा हैंडपंप स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ग्राम पंचायत को सौंपा गया।समारोह के दौरान ग्राम पंचायत घुघसीडीह की सरपंच श्रीमती ललिता बारले को हस्तांतरण विलेख के रूप में प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महाप्रबंधक (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) श्री मनोज कुमार दूबे तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उप प्रबंधक (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) श्री के. के. वर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी श्री बुधेलाल, ग्राम पंचायत के पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री मनोज कुमार दूबे ने निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग और परिधीय ग्रामों के बीच सुदृढ़ होते संबंधों पर बल देते हुए कहा कि समग्र ग्रामीण विकास के लिए विभाग निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ग्राम घुघसीडीह में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकासात्मक कार्यों में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।विशिष्ट अतिथि श्री के. के. वर्मा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों की जानकारी साझा करते हुए ग्रामीणों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।कार्यक्रम का संचालन ग्राम के पूर्व सरपंच श्री गोवर्धन द्वारा किया गया, जिन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र के निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- “आधुनिक सिग्नलिंग से बढ़ी क्षमता, एक साथ कई ट्रेनों का सुगम एवं संरक्षित परिचालन संचालन संभव”रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने हेतु निरंतर आधुनिक तकनीकों को अपना रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रायपुर मंडल के अंतर्गत रायपुर–उरकुरा एवं उरकुरा–मांढर रेलखंड पर ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया है।इस परियोजना के अंतर्गत रायपुर–उरकुरा (लगभग 3 किलोमीटर, डबल लाइन) तथा उरकुरा–मांढर (लगभग 9 किलोमीटर, ट्रिपल लाइन) रेलखंड पर कुल 12 किलोमीटर लंबाई में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की गई है, जो डबल लाइन समतुल्य लगभग 21 किलोमीटर के बराबर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026–27 में इस परियोजना के तहत अब तक कुल 21 किलोमीटर डबल लाइन समतुल्य ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।इस आधुनिक प्रणाली के अंतर्गत 14 नए ऑटोमेटिक सिग्नल एवं 2 सेमी-ऑटोमेटिक सिग्नल स्थापित किए गए हैं। साथ ही कुल 80 डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC, Sigma मेक) लगाए गए हैं, जिनमें ड्यूल डिटेक्शन एवं मीडिया डाइवर्सिटी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे ट्रेन की सटीक एवं रीयल-टाइम स्थिति का पता लगाया जा सकता है।रायपुर–उरकुरा खंड में अप एवं डाउन लाइनों पर 3-3 ऑटो सेक्शन तथा उरकुरा–मांढर खंड में अप, डाउन एवं मिड लाइन (द्विदिशीय) पर 4-4 ऑटो सेक्शन बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इंटर-स्टेशन ब्लॉक इंटरफेस ट्रांसमिशन के लिए यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस (UFSBI) प्रणाली तथा उरकुरा–मांढर खंड में मिड लाइन के लिए डायरेक्शन सेटिंग पैनल की सुविधा भी प्रदान की गई है।संरक्षा को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समपार फाटक संख्या 417 पर एक नया ऑटो हाट भी स्थापित किया गया है, जिससे सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता और बेहतर हुई है।ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने से अब एक ही ब्लॉक सेक्शन में एक ही दिशा में एक से अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो गया है। इससे ट्रेनों की गति में वृद्धि, समय की बचत तथा लाइन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब ट्रेनों को आगे बढ़ने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, जिससे परिचालन अधिक सुचारु एवं कुशल हो गया है।रेलवे में सिग्नलिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा परिचालन की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिससे न केवल ट्रेनों की गति और संख्या में वृद्धि हो रही है, बल्कि यात्रियों को संरक्षित एवं विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी सुनिश्चित हो रहा है।
- सारंगढ़-बिलाईगढ़। सरिया पुलिस ने अवैध गांजा परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से 62 किलो 245 ग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजा की कीमत करीब 5.90 लाख रुपये तथा वाहन सहित कुल जुमला संपत्ति लगभग 10.90 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय के निर्देश पर थाना प्रभारी प्रमोद यादव के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।मुखबिर की सूचना पर ग्राम बोरिदा के पास घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोका गया। हालांकि चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर फरार हो गया। तलाशी के दौरान कार से 59 पैकेट में गांजा बरामद हुआ। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश जारी है। थाना प्रभारी ने टीम की इस कार्रवाई की सराहना की है।
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर अंतर्गत शहर के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 20 कुदुदंड माताचौरा के पास, 223 फोकट पारा कतियापारा, 111 निराला नगर कतियापारा एवं 124 लोधीपारा नाकापारा में सहायिका के 1-1 रिक्त पदों पर 23 अप्रैल तक वेबसाईट https://aww.e-bharti.in/login में जाकर ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। अधिक जानकारी के वेबसाईट का अवलोकन किया जा सकता है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-3 अंतर्गत नवनिर्मित सीमेंटीकरण रोड, सिवरेज लाईन, अवैध चर्च निर्माण सहित स्कूल का निरीक्षण किया गया। उपस्थित अभियंताओं को अप्रारंभ कार्य शीध्र चालू कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार जोन आयुक्त कुलदीप गुप्ता अपने टीम के साथ वार्ड क्रं. 30 प्रगति नगर नवनिर्मित सीमेंटीकरण रोड का निरीक्षण किये। बरसात के दिनों में बरसात का पानी रोड एवं घरों के सामने न रूके इसका विशेष ध्यान देने कहा गया है। अन्य जगहो पर चल रहे रोड निर्माण कार्य को विधिवत कराने निर्देशित किए । समीपस्थ मोहल्ले में बीएसपी का सिवरेज लाईन गया है, जो जाम पड़ा है, स्थानीय नागरिको ने समस्या से अवगत कराया। जोन आयुक्त ने अभियंताओं को समस्या का निराकरण कराने कहा है। केम्प-01 में क्रिशचन समाज द्वारा अवैध रूप से चर्च निर्माण किया गया है, जिसका स्थल अवलोकन किया गया। निर्माण पर रोक लगाया गया है और विधि सम्मत कार्य करने करने कहा गया है।मदर टेरेसा नगर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल का निरीक्षण किया गया है। आगामी कुछ दिनों में जनगणना का कार्य प्रारंभ होने वाला है, जिसका प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्था जैसे- बैठक, साफ-सफाई, बिजली, पानी की व्यवस्था हेतु निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन, सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक चुड़ामणी यादव सहित पार्षद प्रतिनिधि एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
- 0- फायर मॉक ड्रिल के साथ ट्रेनिंग में अध्यक्ष, मुख्य समन्वयक व सचेतक भी रहे साथरायपुर। चौबे कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के मुख्य सामाजिक भवन में लगातार विविध गतिविधियां और आयोजन होते रहते हैं और यहां आमजनों सहित सभासदों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। इन परिस्थितियों में भवन में आग लगने जैसी दुर्घटना हुई, तो उससे कैसे निपटा जाए, यही दिखाने, बताने व समझाने के लिए मंडल भवन में फायर मॉक ड्रिल के साथ फायर फाइटिंग ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसमें मंडल के उच्च पदाधिकारियों सहित तमाम कर्मचारियों- अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान सभी ने तय नियमों के अनुसार आग बुझाने का प्रशिक्षण भी लिया।महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि मंडल भवन की सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता करने के लिए स्थानीय फायर फाइटर्स ने अग्निशमन का प्रदर्शन किया। साथ ही अग्निशमन यंत्र के उपयोग के बारे में प्रयोगात्मक जानकारी दी। सबसे पहले भवन में आग ही न लगे, इसके बारे में बुनियादी सावधानियां बरतने कहा गया। फायर फायटर्स ने गैस सिलेंडर में आग लगने, खुले मैदान में आग लगने पर आग बुझाने और आग लगने पर बरती जाने वाली जरूरी सावधानियों के बारे में बताया गया।अग्निशमन टीम के एक्सपर्ट ने बताया कि आग लगने पर लोगों को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि संयम बरतते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यस्थल पर काम खत्म होने के बाद बिजली संबंधित हर उपकरणों को बंद कर देना चाहिए, ताकि शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका लगभग पूरी तरह खत्म हो जाए। सचेतक रविंद्र ठेंगड़ी ने कहा कि समय-समय पर फायर माकड्रिल करने से मंडल के कर्मचारी आग बुझाने के गुर को अच्छी तरह सीख जाएंगे। आपात स्थिति में निपटने में कर्मचारी खुद ही सक्षम होंगे। इस अवसर पर विशेष रूप से अध्यक्ष अजय मधुकर काले, प्रबंधक बी. नंदिनी नायडू, मेस प्रभारी मंजरी भखाडे़, श्रद्धा जोशी, प्रकाश गुरुव, सनत यदु, किशोर साहू, तेजनारायण साहू सहित अनेक प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
- 0- उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारीबिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा नगर निगम में चार प्रमुख सड़कों के डामरीकरण के लिए पांच करोड़ 93 लाख 45 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा नगर निगम के कोरबा जोन में सुनालिया ब्रिज से पॉवर हाउस रोड फाटक अंडर ब्रिज रोड तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 12 लाख 55 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। कोरबा जोन में ही पॉवर हाउस रोड फाटक से पुराने बस स्टैंड अंडर ब्रिज तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 56 लाख 90 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। विभाग ने कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत जैन चौक से घंटा घर सड़क तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 25 लाख रुपए तथा घंटा घर से कोसाबाड़ी चौक तक डामरीकरण कार्य के लिए एक करोड़ 99 लाख रुपए मंजूर किए हैं।--
- 0- अनियमितता पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारीबिलासपुर. सीजन 2026 को देखते हुए किसानों को खाद, बीज और कीटनाशकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और वितरण में गड़बड़ी रोकने के उद्देश्य से जिला एवं विकासखंड स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन कर औचक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में उड़नदस्ता दल ने आज विकासखंड मस्तूरी के जोंधरा क्षेत्र में संचालित कृषि केंद्रों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। मेसर्स प्रजापति खाद भंडार में बिल और वास्तविक वितरण में अंतर, स्टॉक और दर प्रदर्शित नहीं करना तथा आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने जैसे उल्लंघन पाए गए। इसके चलते प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी कर 21 दिनों के लिए उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसी तरह मेसर्स चंदेल ट्रेडर्स में भी स्टॉक और दर प्रदर्शित नहीं करना, निर्धारित प्रारूप में बिल जारी न करना तथा बिना पॉस मशीन के उर्वरक विक्रय जैसी अनियमितताएं पाई गईं। इस पर भी 21 दिनों के लिए बिक्री पर रोक लगाई गई है।संभागीय संयुक्त संचालक कृषि श्री आर.के. राठौर ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरक का वितरण केवल पॉस मशीन के माध्यम से ही किया जाएगा और स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर तत्काल कार्रवाई होगी। जिले में हर विकासखंड के लिए 4 सदस्यीय उड़नदस्ता दल गठित किया गया है, जो सहकारी और निजी विक्रेताओं के स्टॉक का नियमित निरीक्षण करेगा। साथ ही जिला स्तर पर भी निरीक्षण जारी रहेगा।किसानों की सुविधा एवं शिकायत के लिए उप संचालक कृषि कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 07752-470814 पर संपर्क किया जा सकता है।--
- 0- राजस्व शिविर बने राहत का जरिया, सैकड़ों आवेदनों का मौके पर निपटाराबिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक चल रहे राजस्व पखवाड़ा के प्रथम चरण में जिलेभर में शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। अब तक 1161 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 807 का निराकरण तत्काल कर दिया गया है। न्यायालयीन प्रकृति के कामों के लिए समय सीमा दी गई है।जिला बिलासपुर में राजस्व पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविरों में आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन में सभी 12 तहसीलों के अंतर्गत ग्रामों में शिविर लगाकर आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं और उनका मौके पर ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विगत दिनों में 949 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 667 का निराकरण किया गया, जबकि 282 आवेदन शेष थे। वहीं 8 अप्रैल को आयोजित शिविरों में 212 नए आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 140 का निराकरण किया गया और 67 आवेदन लंबित हैं।इस प्रकार जिले में अब तक कुल 1161 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 807 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 349 आवेदन शेष हैं, जिन पर तेजी से कार्यवाही जारी है। तहसीलवार स्थिति पर नजर डालें तो बिलासपुर, तखतपुर, बिल्हा और पचपेड़ी जैसे क्षेत्रों में सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जहां निराकरण की गति भी संतोषजनक रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष आवेदनों का शीघ्र निराकरण कर आम जनता को राहत प्रदान करें। जिलाप्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शिविरों में प्राप्त आवेदनों की न केवल संख्यात्मक जानकारी, बल्कि उनके निराकरण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आम नागरिकों को त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।
- 0- आम नागरिकों के राजस्व संबंधी समस्याओं का किया जा रहा है त्वरित निराकरणबालोद. राज्य शासन के निर्देशानुसार संपूर्ण बालोद जिले की भाँति जिले के राजस्व अनुविभाग गुरूर एवं डौण्डीलोहारा के राजस्व ग्रामों में भी नियमित रूप से 01 अप्रैल से प्रारंभ राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान शिविरों में आम नागरिकों के नामांतरण, बटवारा, नक्शा सुधार, त्रुटि सुधार, आय, जाति, निवास एवं अन्य राजस्व प्रकरणो से संबधित आवेदन स्वीकार किये जा रहे है तथा पात्र प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राजस्व पखवाड़ा के अंतर्गत तीन महिनों में 01 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026, 04 मई से 18 मई 2026 तथा 01 जून से 15 जून 2026 तक शिविरों का आयोजन किया जाएगा।शिविरों की सूचना संबंधित ग्रामों में मुनादी एवं अन्य माध्यमो से पूर्व में दी जाएगी जिससे अधिक से अधिक ग्रामीण जन शिविर का लाभ उठा सकें। राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों द्वारा समस्त नागरिको से अपील की गई कि वे अपने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु निर्धारित तिथियों में आयोजित शिविरो में उपस्थित होकर शासन की इस जन हितकारी पहल की लाभ उठाने की अपील की जा रही है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गुरूर श्री रामकुमार सोनकर ने बताया कि आम नागरिकों को शिविर आयोजन की सूचना मुनादी एवं अन्य माध्यमों से नियमित रूप से दी जा रही है। इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डौण्डीलोहारा श्री शिवनाथ बघेल ने बताया कि डौण्डीलोहारा अनुविभाग में राजस्व पखवाड़ा का सफल आयोजन सुनिश्चित करने हेतु उनके साथ-साथ तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा नियमित रूप से शिविरों का विजिट कर शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
- बालोद. भारत सरकार द्वारा किसानों के किसान आईडी कार्ड बनाने हेतु एग्रीस्टेक के अंतर्गत किसान पंजीयन का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने हेतु किसानों को किसान आईडी बनाना अनिवार्य है। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि किसान आईडी के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, विभिन्न कृषि अनुदान, सेवा सहकारी समितियों में कृषि ऋण रासयनिक उर्वरक जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा, किसान अपना डिजिटल किसान आईडी बनवाने के लिए बी-1, आधार कार्ड, आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर लेकर लोक सेवा केन्द्र अथवासेवा सहकारी समितियों के माध्यम से किसान आई डी बना सकते है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किश्त उन्हीं किसानों को प्राप्त होगा जिनका किसान आई डी बना है। उन्होंने जिले के किसानों से अपील कि है कि वे अपना डिजिटल किसान आईडी अति शीघ्र बनाए जिससे शासन की योजना का लाभ प्राप्त हो सके।
- बालोद. जिला प्रशासन की पहल पर शुरु की गई पीएम राहत योजना बालोद जिले के सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से जिले के सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को चिन्हित अस्पतालों में त्वरित और पूरी तरह कैशलेस (निःशुल्क) इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा और पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़िता को त्वरित चिकित्सा सहायता और पीएम राहत योजना के तहत वित्तीय सुरक्षा प्रदान कर कीमती जान बचाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। हाल ही में घटित अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में पुलिस की तत्परता, योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल तकनीक (ई-डार पोर्टल) के समन्वय से पीड़ितों को निशुल्क इलाज मिलना सुनिश्चित हुआ है।बालोद जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिला प्रशासन बालोद और पुलिस विभाग द्वारा सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। इस मामले में पुलिस की तत्परता और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कीमती जान बचाने और उसे बेहतर उपचार दिलाने में सफलता मिली है। पीएम राहत योजना अंतर्गत बालोद जिले में 04 जिंदगियों को नया जीवन मिला है। पिछले 20 दिनों में बालोद पुलिस और प्रशासन की तत्परता से 04 गंभीर सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ई-डार पोर्टल और पीएम राहत योजना के तहत कैशलेस (निःशुल्क) उपचार प्रदान किया गया है। जिसमें 15 मार्च को बस-ट्रक टक्कर में अज्ञात यात्री के गंभीर चोट का इलाज, 01 अप्रैल को 12 वर्ष के सूर्यकांत ठाकुर के पैर में गंभीर चोट, 05 अप्रैल को महेश कुमार साहू के जबड़े में फ्रेक्चर एवं 06 अप्रैल को शेखसमीर के कलाई में फ्रेक्चर का पीएम राहत योजना के तहत निःशुल्क उपचार किया गया।उल्लेखनीय है कि पीएम राहत योजना डिजिटल इंडिया और स्वास्थ्य सुरक्षा का अनूठा संगम है। जिसमें गोल्डन ऑबर सहायता अंतर्गत पुलिस द्वारा पीडित को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाना। ई-डार पोर्टल अंतर्गत दुर्घटना स्थल पर ही फील्ड ऑफिसर द्वारा डिजिटल आईडी जनरेट करना। टीएमएस 2.0 मैपिंग अंतर्गत निजी एवं सरकारी अस्पतालों में बिना किसी अग्रिम भुगतान के इलाज एवं प्रशासन द्वारा 24 घंटे के भीतर उपचार की अनुमति प्रदान करना है।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि पीएम राहत योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित को जीवन सुरक्षा प्रदान करना है। हमारा लक्ष्य है कि जिले का कोई भी नागरिक धन के अभाव में बेहतर इलाज से वंचित न रहे। अब तक कई मरीजों ने इस योजना का लाभ उठाकर नया जीवन प्राप्त किया है। उन्होंने इस मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल ट्रैकिंग और कैशलेस स्वास्थ्य योजनाओं का यह संगम बालोद जिले के लिए एक मिसाल है। जिला प्रशासन बालोद सभी नागरिकों से अपील करता है कि सड़क पर सावधानी बरतें। सुरक्षित वाहन चलाएं। दुर्घटना की स्थिति में घबराएं नहीं, पुलिस और प्रशासन आपकी सहायता के लिए सदैव तत्पर है। पीएम राहत और ईडार पोर्टल जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित कर रही है कि घायल व्यक्ति को ’गोल्डन ऑवर’ में इलाज मिले और धन की कमी आए न आए। प्रशासन की यह सुदृढ व्यवस्था आपके और आपके अपनों की जान बचाने के लिए चैबीसों घंटे सक्रिय है। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ित मरीज या उनके परिजन स्वास्थ्य संबंधी किसी भी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर या संबंधित नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें। सड़क दुर्घटना की स्थिति में नागरिकों से अनुरोध है कि वे पीएम राहत योजना का लाभ उठाने एम्बुलेंस/चिकित्सा आपातकालीन सेवा 108 एवं पुलिस नियंत्रण कक्ष 112 एवं 100 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
- 0- जल संरक्षण को बढ़ावा देने युवाओं की भागीदारी पर जोरबिलासपुर. जिले की समस्त 486 ग्राम पंचायतों में शासन के निर्देशानुसार रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “मोर गांव मोर पानी” एवं “मोर तरिया” अभियान के तहत जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान “नवा तरिया-आय के जरिया” थीम के अंतर्गत नए तालाब (तरिया) निर्माण हेतु संभावित स्थलों का चिन्हांकन प्लॉट एवं जीआईएस टूल के माध्यम से किए जाने की जानकारी दी गई तथा प्रस्तावित कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत आवासों को 90 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।हितग्राहियों को योजना अंतर्गत प्राप्त होने वाली राशि की जानकारी देते हुए उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। स्व-सहायता समूह की महिलाओं को सामग्री आपूर्ति एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो सकें।कार्यक्रम में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जियो टैगिंग, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष बल दिया गया। साथ ही क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार की जानकारी भी दी गई। उक्त आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।
- 0- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का मिला लाभरायपुर। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा जनपद पंचायत धरसीवां में हितग्राही स्व. ईश्वर यादव की नॉमिनी को 2 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गोढ़ी, तहसील धरसीवां निवासी स्वर्गीय ईश्वर यादव की नॉमिनी श्रीमती पूर्णिमा बाई यादव को योजना के तहत 2,00,000 रुपये की बीमा दावा राशि प्रदान की गई। यह राशि छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के माध्यम से प्रदान की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धरसीवां श्री आशीष केशरवानी एवं नरेगा कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती जया मिश्रा एवं बैंक शाखा प्रबंधक श्री नवीन शर्मा उपस्थित रहे।
- 0- जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु ने ग्रहण की सदस्यतारायपुर। जिला रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के समक्ष जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री संदीप यदु ने रेडक्रॉस सोसाइटी में वार्षिक सदस्य के रूप में सदस्यता ली। कलेक्टर डॉ. सिंह ने सदस्यता राशि ग्रहण की। इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानव समाजसेवी संस्था है, जो आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ एवं सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता है।संस्था से जुड़ने के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता प्रदान की जाती है, जिसमें संरक्षक सदस्य के लिए 25,000 रुपए, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12,000 रुपए, आजीवन सदस्य के लिए 1,000 रुपए तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर रेडक्रॉस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से संस्था से जुड़कर मानव सेवा में योगदान देने का आह्वान किया गया।
- 0- अतिरिक्त सर्वेयर जनरल मोहन कुमार स्टालिन ने कलेक्टर डॉ. गौरव से की सौजन्य मुलाकातरायपुर। अतिरिक्त सर्वेयर जनरल श्री मोहन कुमार स्टालिन ने आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह से कलेक्ट्रेट कार्यालय में सौजन्य भेंट कर सर्वे ऑफ इंडिया के तहत चल रहे ड्रोन सर्वे और जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट करने के काम पर चर्चा की। सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा देश के अधिकांश राज्यों में ड्रोन के जरिए सर्वे किया जा रहा है। इससे गांवों के जमीन के रिकॉर्ड सही और अपडेट किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को फायदा मिलेगा।श्री स्टालिन ने बताया कि ड्रोन सर्वे से जमीन से जुड़ी जानकारी इकट्ठा कर भू-अभिलेख विभाग को दी जा रही है, जिससे रिकॉर्ड पारदर्शी और सही बन रहे हैं। श्री मोहन ने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को बताया कि रायपुर में यह काम साल 2022 से चल रहा है और अगले 2-3 महीनों में इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
- 0- पीएम किसान, बीज-खाद वितरण व खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षारायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि, उद्यानिकी एवं पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त बैठक ली। बैठक में विभिन्न योजनाओं और आगामी खरीफ 2026 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री में जिला लक्ष्य का 99 प्रतिशत प्राप्त कर चौथे स्थान पर है। कलेक्टर डॉ. सिंह ने शेष कार्य को 7 दिनों में पूरा करने के निर्देश दिए।क्षेत्र आच्छादन, दलहन-तिलहन के रकबे तथा जैविक प्रमाणीकरण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जैविक प्रमाणीकरण में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। बीज वितरण की समीक्षा में बताया गया कि लक्ष्य के विरुद्ध 142 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई है। वहीं बीज उत्पादन लक्ष्य से कम रहने पर कलेक्टर ने बीज निगम के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। खाद वितरण की भी समीक्षा की गई।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। साथ ही आधार सीडिंग की समीक्षा में बताया गया कि 99 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले में 214 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है। कलेक्टर ने इस उपलब्धि को बनाए रखने के निर्देश दिए।बैठक में APC बैठक के एजेंडे की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही खरीफ 2026 में धान के रकबे में कमी लाने के प्रस्तावित कार्यक्रम तथा संस्थागत बीज की मांग के विरुद्ध अग्रिम उठाव की रणनीति पर चर्चा की गई।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं के कार्य समयसीमा में पूर्ण करें जिससे किसानों को अधिकतम लाभ मिले। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- अब तक 3900 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 225 बैचों में 3900 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के 45 से अधिक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- 0- मंत्री यादव ने निर्माण कार्य एजेंसी विभागों के अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक0- दुर्ग जिले में लगभग 500 करोड़ के निर्माण कार्य स्वीकृत0- धमधा नाका ओेवरब्रिज गुढ़ियारी (रायपुर) ब्रिज के तर्ज पर बनेगादुर्ग. प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि तथा विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज यहां लोक निर्माण विभाग कार्यालय के सभाकक्ष में निर्माण कार्य एजेंसी विभागों के अधिकारियों की बैठक में निर्माण कार्यों की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा दुर्ग जिले में लगभग 500 करोड़ रूपए लागत की विभिन्न निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इन कार्यों में सड़क, पुल, पुलिया, भवन, आडिटोरियम, केनाल रोड, नवीन विश्राम भवन, जेल तिराहा से मिनी माता चौक तक सड़क चौड़ीकरण एवं प्लाईओवर ब्रिज निर्माण, चण्डी मंदिर रोड, अग्रसेन चौक से दुर्ग-धमधा अण्डरब्रिज तक के कार्य, सड़कों के संधारण, चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य शामिल है।उन्होंने सड़कों के संधारण, चौड़ीकरण एवं ट्रैफिक नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिाकरियों से विस्तारपूर्वक चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग के संयुक्त बैठक में आपसी समन्वय और तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के कार्यों में तेजी लाकर जनता को शीघ्र लाभ पहुंचना सुनिश्चित करें। मंत्री श्री यादव ने कहा कि निर्माण कार्य एजेंसी विभाग पुराने स्वीकृत निर्माण कार्य समयावधि में पूर्ण करायें। इसी प्रकार वर्तमान बजट में विभागों को जो निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये हैं, ऐसे कार्यों का टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर लिया जाए। मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों से कार्य स्वीकृति पश्चात् मंत्रालय स्तर एवं वित्त विभाग संबंधी समस्याएं की जानकारी भी ली। साथ ही आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि दुर्ग केनाल रोड निर्धारित मापदण्ड के अनुसार बनायी जाए। उक्त निर्माण हेतु अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही हेतु राजस्व विभाग द्वारा आवश्यक पहल किया जाए। मंत्री श्री यादव ने चण्डी मंदिर सड़क निर्माण, ब्रम्हकुमारी संस्थान से मुख्य सड़क मार्ग, दुर्ग-धमधा सड़क मार्ग, दुर्ग नंदिनी रोड, संगीत महाविद्यालय, पेंशनर भवन एवं नवीन विश्राम भवन दुर्ग आदि के संबंध में जानकारी ली।इसी प्रकार धमधा नाका ओवर ब्रिज निर्माण हेतु आवश्यक पहल करने तथा धमधा नाका ओवर ब्रिज को गुढ़ियारी (रायपुर) ब्रिज के तर्ज पर बनाने सेतु विभाग के कार्यपालन अभियंता को निर्देशित किया हैं। मंत्री श्री यादव ने बोरसीभांठा में पौधरोपण के संबंध में जानकारी ली। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बोरसीभांठा के 12 एकड़ जमीन में पौधरोपण किया जाना है। इस हेतु 65 लाख रूपए स्वीकृति हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया है। मंत्री श्री यादव ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को पेयजल हेतु पाईपलाईन विस्तार के साथ ही दुर्ग नगर निगम अंतर्गत पानी सप्लाई की व्यवस्था सुव्यवस्थित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने नगर में साइंससिटी निर्माण पर जोर देते हुए राजस्व विभाग के अधिकारियों को शासकीय निर्माण कार्यों हेतु नक्शा-खसरा सहित जमीन शीघ्रतापूर्वक उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। बैठक में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता श्री बी.के. पटेरिया, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम भिलाई-3/भिलाई श्री महेश राजपूत, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, तहसीलदार श्री प्रफुल्ल गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, पीएचई, आरईएस, सेतु विभाग, विद्युत विभाग, उद्योग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए भिलाई नगर विधानसभा अंतर्गत जनहित के विभिन्न कार्यों के लिए 61.00 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित इन कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत राशि से भिलाई नगर क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इसमें शासकीय स्वामी आत्मानंद विद्यालय खुर्सीपार में पेयजल हेतु वाटर कूलर लगाने के लिए 1.00 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। वार्ड क्रमांक 42 गौतम नगर खुर्सीपार में डोमशेड निर्माण हेतु 10.00 लाख रूपए तथा इसी वार्ड के विभिन्न स्थानों पर सीमेंटीकरण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार, वार्ड क्रमांक 44 लक्ष्मी नारायण नगर में नारद मुनि के घर से बड़े नाले तक नाली निर्माण हेतु 10.00 लाख रूपए तथा प्रजापति फैंसी स्टोर से बालाजी टेलर तक सीमेंटीकरण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, वार्ड क्रमांक 58 सर्वेश्वर धाम मंदिर के सामने मंच व शेड निर्माण हेतु 9.90 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वार्ड क्रमांक 41 छावनी इंडस्ट्रियल एरिया के अंतर्गत राजू नगर में डोमशेड सहित मंच निर्माण हेतु 7.00 लाख रूपए तथा इसी वार्ड में एक अन्य स्थान पर मंच निर्माण कार्य के लिए 3.10 लाख रूपए की राशि स्वीकृत की गई है।



























