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- -'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री श्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल-100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समांरायपुर। राजधानी रायपुर की शाम आज देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन श्री इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
- ड्रोन दीदियों ने ड्रोन की पूजा कर लगाया गुड़-चीले का भोगबालोद । छत्तीसगढ़ के पावन पर्व हरेली पर इस बार बालोद जिले में लोक-संस्कृति और आधुनिक तकनीक का एक बेहद खूबसूरत और अनूठा नजारा देखने को मिला। सावन अमावस्या के अवसर पर जहां एक ओर किसानों ने अपने पारंपरिक कृषि औजारों हल, नांगर, कुदाली और फावड़े की पूजा कर अच्छी फसल की कामना की, वहीं जिले की ड्रोन दीदियों ने आधुनिक कृषि यंत्र ड्रोन का धूप-दीप से पूजन कर उस पर पारंपरिक गुड़-चीला और नारियल चढ़ाकर हरेली तिहार को एक नया आयाम दिया।शासन की ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रशिक्षित जिले की तीन ड्रोन दीदियों श्रीमती भुनेश्वरी साहू, श्रीमती चित्ररेखा साहू और सुश्री रूचि साहू ने पारंपरिक त्यौहार को आधुनिकता से जोड़कर कृषि क्षेत्र में आ रहे बदलाव को नई पहचान दी है। ड्रोन दीदी भुनेश्वरी साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति हमें कृषि यंत्रों का सम्मान करना सिखाती है। आज के दौर में ड्रोन भी किसानों का एक आधुनिक साथी और यंत्र बन चुका है, जो फसलों में नैनो उर्वरक और दवाइयों का छिड़काव मिनटों में कर देता है। चित्ररेखा साहू ने बताया कि ड्रोन तकनीक ने खेती को आसान बना दिया है। इस हरेली पर उन्होंने जिले के अधिक से अधिक किसानों को इस आधुनिक तकनीक से जोड़ने का संकल्प लिया है। सुश्री रूचि साहू ने कहा कि उनका सपना है कि बालोद के हर खेत तक ड्रोन पहुंचे, जिससे किसानों की लागत घटे, फसल उत्पादन दोगुना हो और जीवन सुगम बने। ड्रोन दीदियों ने इस नवाचार का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है, बल्कि उनमें आत्मबल भी भरा है। अपनी आय और जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के लिए आभार जताते हुए ड्रोन दीदियों ने प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी को हरेली तिहार की शुभकामनाएं प्रेषित की है।
- -उत्पादक समूह से मिला गुणवत्तापूर्ण धान बीज, लाइन विधि और तकनीकी मार्गदर्शन से खेती को मिल रही नई दिशारायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कृषि, पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ कृषि आदान, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण महिलाओं की आय और आत्मविश्वास में दिखाई दे रहा है।सरगुजा जिले के झूमरपारा की श्रीमती शकुंतला राजवाड़े इसकी प्रेरक मिसाल हैं। गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे कृषि गतिविधियों को नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ा रही हैं। उत्पादक समूह के माध्यम से उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में कम लागत पर धान बीज उपलब्ध हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने एक एकड़ खेत में किया है।शकुंतला राजवाड़े बताती हैं कि उत्पादक समूह के माध्यम से उन्हें 20 रुपये से कम की दर पर धान बीज प्राप्त हुआ। इससे खेती की प्रारंभिक लागत कम हुई और गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। कृषि सखी एवं पशु सखी के मार्गदर्शन से उन्होंने खेती में नई पद्धतियों को अपनाते हुए उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।शकुंतला ने एक एकड़ क्षेत्र में धान की खेती के लिए लाइन विधि अपनाई है। इस पद्धति से खेत में फसल का बेहतर प्रबंधन, पौधों की उचित दूरी और कृषि कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करने में सुविधा मिल रही है। उनका कहना है कि नई कृषि पद्धतियों और तकनीकी मार्गदर्शन से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का अवसर मिला है।अम्बिकापुर विकासखंड में बिहान के अंतर्गत 25 गांवों की 19 ग्राम पंचायतों के 505 स्व-सहायता समूहों से 5,540 परिवार जुड़े हुए हैं। स्व-सहायता समूहों को केवल बचत और ऋण तक सीमित न रखते हुए उन्हें आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 16 उत्पादक समूह गठित किए गए हैं, जिनसे लगभग 300 सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हैं।इसी क्रम में 22 उत्पादक समूहों ने एफपीसी के माध्यम से धान बीज का व्यवसाय किया। इन समूहों ने किसानों की मांग के अनुसार धान बीज की खरीद, भंडारण और बिक्री की व्यवस्था की। इससे किसानों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हुआ, वहीं महिला समूहों को कृषि आधारित व्यवसाय और बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिला।कृषि सखी और पशु सखी के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक एवं बेहतर कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। शकुंतला राजवाड़े भी इसी मार्गदर्शन का लाभ लेकर अपनी खेती को व्यवस्थित कर रही हैं। उनका कहना है कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके सामने आजीविका के नए अवसर खुले हैं। पहले वे घर तक सीमित थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद कृषि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और स्वयं निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ा है।बिहान से जुड़कर शकुंतला राजवाड़े ने न केवल अपनी कृषि गतिविधियों को मजबूत किया, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ी हैं। वे ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़ी हैं और इस उपलब्धि को अपने लिए गर्व का विषय मानती हैं। अब वे अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कृषि एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।शकुंतला राजवाड़े ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली इस पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी नई पहचान बनाने का अवसर दिया है। प्रदेश में बिहान के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है। शकुंतला राजवाड़े जैसी महिलाएं इस बदलाव की प्रेरक बनकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह आसान कर रही हैं।
- -प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर का पलटवार : कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को शोषित और वंचित रखने का काम किया; भाजपा ने देश को दिया आदिवासी राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री; आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ारायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने दो टूक कहा है कि तथाकथित 'विश्व आदिवासी दिवस' एक विदेशी अवधारणा है, इसका भारत के जनजातीय समाज से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से भारत की अपनी माटी के वीर सपूतों को नमन करने और उनके सम्मान में दिवस मनाने की परम्परा में विश्वास रखती है।श्री ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर आदिवासी समाज की उपेक्षा और उनके वीर सपूतों के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गेंद सिंह नायक और वीर गुण्डाधुर जैसे महान देशभक्तों को नमन करती आई है। स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के इन वीर सपूतों का योगदान अतुलनीय रहा है, लेकिन दशकों तक सत्ता में रही कांग्रेस ने केवल गांधी परिवार के महिमामण्डन के चक्कर में इन महान शहीदों के बलिदान को इतिहास के पन्नों से दूर रखा। कांग्रेस की मानसिकता हमेशा आदिवासी समाज के स्वर्णिम इतिहास को दबाने की रही है। श्री ठाकुर ने कांग्रेस की सोच पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि आदिवासी समाज के लोग शिक्षित हों या आगे बढ़ें। कांग्रेस की नीति हमेशा आदिवासी समाज को मुख्यधारा से काट कर उनके नाम पर केवल राजनीतिक रोटी सेंकने की रही है। कांग्रेस ने आदिवासी भाइयों-बहनों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और उन्हें विकास के मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि इसके विपरीत, भाजपा ने आदिवासी समाज के सशक्तीकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। भाजपा सरकार ने आदिवासी युवाओं को शिक्षित कर उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर, और एसपी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। भाजपा ने आदिवासी समाज को न केवल प्रशासनिक और सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ा, बल्कि उन्हें देश का सर्वोच्च राजनीतिक सम्मान भी दिया। भाजपा ने सर्वसमावेशी सोच का परिचय देते हुए देश को श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में पहली बार आदिवासी समाज से राष्ट्रपति देने का ऐतिहासिक कार्य किया। भाजपा ने देश के राज्यों में आदिवासी समाज के योग्य नेताओं को मुख्यमंत्री बनाकर नेतृत्व की कमान सौंपी। श्री ठाकुर ने कहा कि आदिवासी समाज अब जागृत हो चुका है। वह जान चुका है कि कौन उनका सच्चा हितैषी है और किसने उन्हें सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल के लिए अंधेरे में रखा? भाजपा आगे भी आदिवासी समाज के मान-सम्मान, उनकी संस्कृति और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करती रहेगी। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक नवाचारों के द्वारा हमारे गौरव की पुनर्स्थापना का कार्य किया है। जनजातीय गौरव दिवस सच्चे अर्थों में जनजातीय अस्मिता और गौरव का प्रतीक है।
- बालोद ।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय बालोद स्थित स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में 13 अगस्त को सुबह 8.30 बजे राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने हेतु अंतिम अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि एवं समय में उपस्थित होने को कहा गया है।
- -हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिलेभर में तिरंगा रैली, शहीद जवानों के परिजनों को तिरंगा भेंट कर किया सम्मानरायपुर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत बीजापुर जिले में देशभक्ति से ओतप्रोत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय और सभी ब्लॉक मुख्यालयों में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। “भारत माता की जय” और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।बीजापुर जिला लंबे समय तक माओवाद से प्रभावित रहा है। 31 मार्च 2026 को जिले के नक्सल मुक्त होने के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है, इसलिए इस बार का उत्सव जिले के लिए विशेष महत्व रखता है।जिले को नक्सलवाद से मुक्त कराने के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम और अन्य अधिकारी उनके घर पहुंचे। अधिकारियों ने शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की, उन्हें तिरंगा भेंट किया और उनके साहस व बलिदान को नमन किया स अधिकारियों ने कहा कि देश की रक्षा के लिए जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। जिलेभर में निकली तिरंगा रैली में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। रैली के दौरान बच्चों और नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गर्व की भावना व्यक्त की। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिलेवासियों से अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय एकता, गौरव और देशभक्ति की भावना के साथ मनाएं। हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुंचाना है।बीजापुर में इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि शांति की स्थापना और देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
- दुर्ग / स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आम नागरिकों में देशभक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान जागृत करने के उद्देश्य से जिले में 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक 'हर घर तिरंगा' अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन, संस्कृति विभाग से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में तथा राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दुर्ग शहर में एक भव्य 'तिरंगा यात्रा' निकाली जाएगी। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में इस भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन 13 अगस्त 2026 को दोपहर 2:00 बजे से किया जाएगा। यह यात्रा शासकीय झाडूराम देवांगन विद्यालय (हिन्दी भवन के सामने) मैदान से प्रारंभ होकर इंदिरा मार्केट रोड होते हुए शहीद चौक, दुर्ग तक जाएगी। प्राप्त जानकारी अनुसार, इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन और जनसामान्य की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और वंदे मातरम गायन के प्रति प्रेरित करना है, जिससे आमजनों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु जिला स्तर पर विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
- -बोरी क्षेत्र में 15 दुकानदारों पर हुई चालानी कार्रवाई, 2150 रु. का जुर्माना भी वसूलादुर्ग । खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा बोरी थाना क्षेत्र में कोटपा अधिनियम 2003 के तहत बड़ी चालानी कार्रवाई की गई है। उक्त कार्रवाई कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार विगत 11 अगस्त 2026 को संचालित की गई। कार्रवाई के दौरान विद्यालयों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से निरीक्षण किया गया। इसके तहत शासकीय हिंदी मीडियम पीएम श्री स्कूल बोरी, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पथरिया तथा शासकीय हाई स्कूल अंजोरा ढाबा (तहसील धमधा) के समीप तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कोटपा अधिनियम 2003 की धारा 4 एवं 6 के तहत कार्रवाई की गई। टीम ने कुल 15 दुकानदारों पर चालान बनाते हुए 2,150 रुपये का अर्थदंड अधोरोपित किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचने तथा सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन पर लगे प्रतिबंध की जानकारी दी। साथ ही तंबाकू सेवन से स्वास्थ्य पर होने वाले जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग की अपील की। इस विशेष कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन से सहायक औषधि नियंत्रक श्री संजय सिंह झड़ेकार, औषधि निरीक्षक जागेश्वरी साहू तथा पुलिस विभाग से आरक्षक मोहम्मद समीम, जितेंद्र धीवर और प्रशांत साहू उपस्थित रहे।
- दुर्ग / खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। निरीक्षण दल एवं उर्वरक निरीक्षक द्वारा 13 जून 2026 और 16 जून 2026 को मैसर्स विद्या कृषि केन्द्र बोरी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान दुकान में कई अनियमिताओं जैसे उर्वरकों के दर एवं पॉस अनुसार स्कंध का सही उल्लेख न होना, कैश/क्रेडिट मेमो जारी न करना, बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) में प्रविष्ट उर्वरक का भण्डारण, जांच में सहयोग न करना, भौतिक स्टॉक व पॉस स्टॉक में अंतर तथा जांच दल की कार्यवाही में बाधा पहुंचाना पाया गया। जिस हेतु विक्रय क्रेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जप्ती की कार्यवाही की गई। संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण के उपरांत यह पाया गया कि निरीक्षण तिथि में नियम विरुद्ध उर्वरकों का भण्डारण व विक्रय किया जा रहा था, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, के खण्ड 4, 5, 8(3), 28(4), उर्वरक (संचलन नियंत्रण) आदेश 1973 खण्ड 3(ए), व डीबीटी पद फर्टीलाइजर तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6(ए)(1) के तहत रसायनिक खाद 514 बोरी, जैविक खाद 311 बोरी एवं जैव उत्प्रेरक 1.8 कि.ग्रा. जब्ती कर राजसात करते हुए संबंधित प्रतिष्ठान के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।कृषि विभाग के उप संचालक श्री संदीप भोई ने बताया गया कि किसानों को खाद/कीटनाशक की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सभी उर्वरक/कीटनाशक विक्रेताओं एवं समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराएं तथा अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। किसान भाई किसी भी प्रकार की कृषि आदान सामग्री वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं।
- - दुर्ग विधानसभा में निकाली गई तिरंगा यात्रा में उमड़ा राष्ट्रभक्ति का जनसैलाबदुर्ग / दुर्ग विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में आज आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में कैबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। उन्होंने तिरंगा यात्रा में सहभागी बनकर राष्ट्रभक्ति के इस उत्सव का हिस्सा बने।तिरंगा यात्रा के दौरान हाथों में लहराता तिरंगा, हृदय में भारत माता के प्रति सम्मान और कदमों में राष्ट्रसेवा का संकल्प नजर आया। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा एवं नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरे मार्ग में देशभक्ति का वातावरण बना रहा और भारत माता के जयकारों से माहौल गुंजायमान रहा।तिरंगा यात्रा में युवाओं ने विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा जैसे राष्ट्रभक्ति के जयकारों के साथ तिरंगे के प्रति अपना सम्मान और देश के प्रति समर्पण व्यक्त किये। तिरंगा यात्रा ने देश की एकता, अखंडता और गौरव का जीवंत संदेश दिया।कैबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि तिरंगा केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली विरासत, बलिदान, एकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। देश की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए असंख्य वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। आज हमारा दायित्व है कि हम उनके बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमें तिरंगे की आन-बान-शान को सर्वाेच्च रखते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को और मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए।मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देशसेवा की भावना को और मजबूत करना है। आज युवाओं में जिस तरह राष्ट्रभक्ति का उत्साह देखने को मिला, वह विकसित और सशक्त भारत के निर्माण की मजबूत नींव है।उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए देश की प्रगति में अपना योगदान दें और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनें।
- -तिरंगा दौड़ एवं मैराथन, भारत विभाजन विभीषिका दिवस, तिरंगा बाइक रैली और तिरंगा यात्रा का होगा आयोजनबिलासपुर / हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को बिलासपुर में देशभक्ति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से दिनभर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 7.30 बजे तिरंगा दौड़ एवं मैराथन का आयोजन नेहरू चौक से पंडित लाल बहादुर शास्त्री स्कूल तक किया जाएगा। इसके पश्चात सुबह 8.30 बजे भारत विभाजन विभीषिका दिवस कार्यक्रम पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित होगा। इसी क्रम में सुबह 11 बजे सीएमडी चौक से तिरंगा बाइक रैली निकाली जाएगी। दोपहर 3 बजे मिनी स्टेडियम दयालबंद से रिवर व्यू तक तिरंगा यात्रा आयोजित होगी। शाम 6 बजे रिवर व्यू में वंदेमातरम् बैंड की प्रस्तुति दी जाएगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिलेवासियों से इन सभी आयोजनों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना से जुड़ा अभियान है। उन्होंने नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता कर स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों को सफल बनाने का आह्वान किया है। file photo
- -गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर अच्छी फसल व खुशहाली का कामना कीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ के पहले त्योहार हरेली पारंपरिक तरीके से पूजा-पाठ कर मनाई। उन्होंने नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास मे गौमाता एवं कृषि औजारों नांगर, गैती, कुदारी इत्यादि की विधिवत पूजा-अर्चना की। घर के प्रवेश द्वार पर आरोग्य और हरियाली के प्रतीक नीम की डाली लगाई। उन्होंने हरेली पर ईश्वर से प्रदेश में अच्छी बारिश, खुशहाली और खेतों में लहलहाती फसल की कामना की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेशवासियों को हरेली की बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की माटी, खेती-किसानी और लोक संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें गेड़ी सहित छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। हरेली हमारी संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता को दर्शाता है। यह पर्व प्रकृति और अन्नदाता के प्रति सम्मान का भाव भी प्रकट करता है। हमारी लोक परंपराएं और त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है।
- -हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस के पूर्व रंगारंग कार्यक्रम-वंदे मातरम गीत के 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित हुआ कार्यक्रम-रिवर व्यू में आरपीएफ के बैंड ग्रुप ने दी अपनी प्रस्तुति,देश भक्ति गानों से सजी महफिल-जिला प्रशासन,पुलिस,नगर निगम और आरपीएफ का संयुक्त आयोजनबिलासपुर /हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के उपलक्ष्य में आज रिवर व्यू में रेलवे सुरक्षा बल के बैंड ग्रुप की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। एसके पाॅल की अगुवाई में बैंड ग्रुप ने देश भक्ति गीतों की धुन पर इंस्ट्रूमेंट के ज़रिए अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत वंदे मातरम गीत से की गई,उसके बाद दिल दिया है, जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए,ऐ मेरे वतन के लोगों जैसे गीतों से समा बांधा गया। देशभक्ति से सराबोर इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि यह तिरंगा हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी और संघर्ष की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।आजादी हमारे लिए केवल अधिकार नहीं, बल्कि वीर शहीदों के बलिदान से मिली एक अनमोल विरासत है।आइए, तिरंगे का सम्मान करते हुए देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लें,हम अपने छोटे छोटे प्रयासों से अपने शहर और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकते हैं और राष्ट्र सेवा कर सकते हैं,स्वच्छता के प्रति खुद भी और दूसरों जागरूक कर शहर को साफ रखने में अपने कर्तव्य निभाना भी राष्ट्र सेवा है, पानी के बचाव और सदुपयोग भी राष्ट्र सेवा है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके संघर्ष से हमें आजादी मिली।आज हम जिस स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे अनगिनत वीरों की कुर्बानी है।हर घर तिरंगा अभियान हमें अपने राष्ट्र और तिरंगे के प्रति सम्मान एवं जिम्मेदारी का संदेश देता है। आइए, स्वतंत्रता के महत्व को समझते हुए राष्ट्रहित में अपना योगदान देने का संकल्प लें। नगर निगमसभापति श्री विनोद सोनी ने कहा कि तिरंगा देश की शान है,असंख्य कुर्बानियों के बाद आजादी मिली है,हर घर में तिरंगा शान से लहराना चाहिए,वीर जवानों की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता,देश ॠणी है उन सभी क्रांतिकारियों का सेनानियों का।कार्यक्रम में मौजूद एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी आजादी अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, साहस और बलिदान से प्राप्त हुई है, जिसे सदैव याद रखना हमारा कर्तव्य है। तिरंगा उन वीर शहीदों के सपनों और देश की एकता एवं अखंडता का प्रतीक है।हर घर तिरंगा अभियान हमें आजादी के महत्व को समझने और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। हमारी आज की पीढ़ी आने वाले कल का भविष्य है,इसलिए इस यह पीढ़ी देश के महापुरुषों को अपना आदर्श मानकर उनसे प्रेरणा लें, सच्चाई के रास्ते पर चलें, मेहनत और लगन से अपना कैरियर बनाएं,कानून का पालन करें और नशे से दूर रहकर देश के विकास में अपनी सहभागिता दें। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने कहा कि आजादी हमारे देश के वीर सपूतों के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है, इसलिए स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गौरव का पर्व है। स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी हमें देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की प्रेरणा देती है।हर घर तिरंगा अभियान इसी राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। आइए, तिरंगे के सम्मान के साथ जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। आज के कार्यक्रम में एसडीएम श्री मनीष साहू, नगर निगम के अपर आयुक्त श्री खजांची कुम्हार,आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट श्री सैयद निहाल अधिकारी- कर्मचारी,नागरिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई, IIT भिलाई एवं केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के संयुक्त सहयोग से “जल रक्षा भिलाई” एकीकृत जल संरक्षण एवं प्रबंधन पहल को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में प्रथम समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य भिलाई में विज्ञान एवं तकनीक आधारित जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, शहरी जल निकासी व्यवस्था, जलभराव की रोकथाम तथा जल गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना है।बैठक में निगम क्षेत्र में ग्रीष्म ऋतु के दौरान जल की कम उपलब्धता, वर्षा ऋतु में जलभराव, पेयजल में सीवेज के पानी के मिश्रण जैसी गंभीर समस्याओं तथा जल के पुनः उपयोग की कम दर पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में बोरवेल रिचार्ज शाफ्ट के तत्काल निर्माण तथा संबंधित प्राक्कलनों के आदान-प्रदान के बाद आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने पर जोर दिया गया।परियोजना के अंतर्गत जी आई एस एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भिलाई के प्राकृतिक जल निकासी तंत्र की पहचान, जलभराव की रोकथाम के लिए कम लागत वाले वैज्ञानिक समाधान, सीवेज एवं जलापूर्ति लाइनों का अध्ययन तथा समस्या-ग्रस्त क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। इसके साथ ही जी आई एस आधारित भूजल मानचित्रण कर अधिकतम भूजल पुनर्भरण क्षमता वाले क्षेत्रों में कम लागत की संरचनाओं के निर्माण के उपाय सुझाए जाएंगे।बैठक में सतही जल पर निर्भरता बढ़ाने, रासायनिक प्रदूषण से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान एवं वैज्ञानिक उपचार, मौजूदा रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं में आवश्यक सुधार, प्रशिक्षण एवं हैंड-होल्डिंग सहायता तथा परियोजना से संबंधित समस्त आवश्यक दस्तावेजीकरण पर भी चर्चा की गई।“जल रक्षा भिलाई” के अंतर्गत तैयार की जाने वाली कार्ययोजना को समयबद्ध रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया गया। लक्ष्य रखा गया है कि आवश्यक जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण वर्ष 2027-28 के मानसून से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए। इसके लिए डी पी आर तैयार करने, स्वीकृति प्रदान करने तथा निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी।इस पहल का ध्येय वाक्य है—“जल रक्षा भिलाई — सतत भविष्य के लिए विज्ञान-आधारित जल सुरक्षा।”नगर पालिक निगम भिलाई, IIT भिलाई एवं CGWB के समन्वित प्रयास से यह पहल भिलाई में दीर्घकालिक जल सुरक्षा, बेहतर जल प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में निवासरत 50 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को हरेली त्यौहार के अवसर पर श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या धाम रवाना किया गया। इस अवसर पर निगम मुख्य कार्यालय परिसर से तीर्थयात्रियों को तिलक लगाकर सम्मान के साथ रवाना किया गया। इसके बाद निगम के वाहन से सभी श्रद्धालुओं को दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया।
श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या धाम रवाना होने वाले सात तीर्थयात्रियों में अलका ताम्रकार, बेन कुमार, मंतराम यादव, थनेन्द्र कुमार साहू, लक्ष्मी साहू, गणेश सोनी एवं प्रीति लता सोनी शामिल हैं। वरिष्ठ नागरिकों में अयोध्या धाम जाकर भगवान श्री रामलला के दर्शन को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल रहा। निगम परिसर में विदाई के दौरान श्रद्धालुओं के माथे पर तिलक लगाया गया तथा आरती कर उनकी मंगलमय एवं सुखद यात्रा की कामना की गई। निगम द्वारा सभी तीर्थयात्रियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए उन्हें सुरक्षित रूप से दुर्ग रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया, जहां से वे अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए।हरेली पर्व के अवसर पर आयोजित यह तीर्थयात्रा वरिष्ठ नागरिकों के लिए धार्मिक आस्था और उत्साह से जुड़ा विशेष अवसर रहा। तीर्थयात्रियों ने अयोध्या धाम में श्री रामलला के दर्शन को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। - -‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत शहीद परिवार का किया सम्मान, राष्ट्रभक्ति और एकता का दिया संदेशरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर जिले में चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत एसडीएम श्री जागेश्वर कौशल ने एक शहीद के घर पहुंचकर तिरंगा भेंट किया और उनकी शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया। एसडीएम श्री कौशल ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए शहीद द्वारा दिए गए सर्वाेच्च बलिदान को याद करते हुए परिवार के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वीर जवानों का त्याग, समर्पण और बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।शहीद के घर तिरंगा भेंट कर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी तिरंगे के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अभियान में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।जिला प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलेवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल होने, अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देश की आजादी के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करने की अपील की है।
- -हजारों यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत-मंत्री श्री नेताम ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से दिल्ली में की सौजन्य मुलाकातरायपुर । आदिम जाति और कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के लोगों की लंबे समय से चली आ रही महत्वपूर्ण मांग को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से आज सुबह दिल्ली में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मांग पत्र प्रेषित कर बलरामपुर जिला मुख्यालय में शीघ्र रेलवे रिजर्वेशन काउंटर प्रारंभ कराने का आग्रह किया है। मंत्री श्री रामविचार नेताम की मांग पर केन्द्रीय रेल मंत्री ने सहमति प्रदान करते हुए जल्द मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। रेल्वे काउंटर बनने से हजारों यात्रों को राहत मिलेगी।मंत्री श्री नेताम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों तथा मरीजों सहित हजारों यात्रियों को टिकट आरक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है तथा आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से जिले में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोलने की मांग लगातार की जा रही है। जनसंख्या, बढ़ती यात्रा आवश्यकताओं तथा क्षेत्रीय विकास को देखते हुए अब यह सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक हो गया है।श्री नेताम ने केंद्रीय रेल मंत्री से आग्रह किया है कि जनहित एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए बलरामपुर जिला मुख्यालय में रेलवे रिजर्वेशन काउंटर खोले जाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। इससे जिले के हजारों यात्रियों को बेहतर रेलवे सेवाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें आरक्षण के लिए दूर-दराज के शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
- रायपुर। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी व गोढ़ी के असामाजिक तत्वों का गुट बीते रविवार - सोमवार के दरम्यानी रात टेकारी में भिड गये । टेकारी के एक आपराधिक रिकार्ड धारी असामाजिक तत्व के कथित चुनौती को स्वीकार कर गोढ़ी के 19 वर्षीय आरोपी विवेक उर्फ राउडी आत्मज देवनारायण वर्मा की अगुवाई में पहुंचे गोढ़ी गुट टेकारी गुट पर भारी पड़ गया और गोढ़ी गुट के चाकू -तलवार के वार से टेकारी के दो आपराधिक रिकार्ड धारी अंगेश्वर उर्फ प्रेम आत्मज संतोष वर्मा व योगेश आत्मज टीकाराम साहू को जानलेवा चोटें पहुंची ।घटना की सूचना मिलते ही सक्रिय थाना अमला ने लगातार दबिश पर दबिश दे आरोपी विवेक सहित गोढ़ी के ही 20 वर्षीय राजा आत्मज पवन साहू , 20 वर्षीय विक्रम उर्फ भौंकलू पिता तेजराम यादव , 19 वर्षीय प्रशांत पिता सुरेश प्रजापति व 22 वर्षीय ओमप्रकाश पिता दुकालू पाल को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 109/ 191(1--2--3 ) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 /27 के अपराध के आरोप में गिरफ्तार कर बीते कल मंगलवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम वर्ग , रायपुर अजय सिंह मीणा के न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें आगामी 25 अगस्त तक के लिये न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया ।मिली जानकारी के अनुसार बीते 9-10 अगस्त की दरमियानी रात लगभग 11 बजे के आसपास जब टेकारी के जख्मी दोनों पुलिसिया रिकार्ड धारी अपने साथियों के साथ ग्राम के बाहर टेकारी से कठिया जाने वाले सड़क मार्ग के किनारे स्थित शनि मंदिर के पास बैठे थे तभी कथित चुनौती को स्वीकार कर लेने की बात कह आरोपीगण कुछ ही समय बाद मोटरसाइकिल से पहुंच गये । गाली गलौच व धक्का मुक्की के बाद अचानक चाकू - तलवार के हमले से अंगेश्वर व योगेश जख्मी हो गये व उनके साथी भाग निकले । सूचना मिलते ही सक्रिय थाना अमला रात से ही दबिश दे आरोपियों की धर-पकड़ शुरू कर दी । दूसरे दिन ग्राम के कशियाही तालाब में डूबे विक्रम यादव के पिता के नाम की मोटरसाइकिल व तलवार तथा चाकू जप्त की गयी ।इधर ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को दोपहर समय ग्राम के बंधवा तालाब पार में महिलाओं की मौजूदगी में गाली गलौच करते पाये गये इस घटना में जख्मी हुये अंगेश्वर उर्फ प्रेम व एक अन्य पुलिसिया रिकार्ड धारी मिथिलेश उर्फ़ सड्डे को ग्रामीणों ने वहां से भगाया था और दोपहर बाद इनके साथ ग्राम व बाहर के असामाजिक तत्वों के स्वागत द्वार के पास इकट्ठा होने की सूचना पर थाना प्रभारी आशीष यादव द्वारा भेजे गये पुलिस अमला के पहुंचने के पूर्व अधिकांश भाग निकले थे लेकिन सपड़ में आये तीन आरोपी के खिलाफ की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर कार्यपालन दंडाधिकारी मंदिर हसौद के न्यायालय में पेश किये जाने पर एक दिन बाद ही आसन्न स्वतंत्रता दिवस पर्व पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के निर्देश की कीमत पर रिहा कर दिये जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है ।
- रायपुर/नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने बुधवार को नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान श्री संतोष ने श्री देव का कुशलक्षेम जाना और उनके चल रहे इलाज एवं स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने श्री देव के शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की कामना भी की।
- -13 अगस्त को सुकमा के दुर्गम इलाकों से गुजरेगी तिरंगा यात्रा-’हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेशरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर ‘बस्तर तिरंगा यात्रा 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। 13 अगस्त को सुकमा जिले में होने वाली इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप भी शामिल होंगे।राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना हैमोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित यह यात्रा बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे और अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।सुकमा के दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा13 अगस्त को तिरंगा यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम किया जाएगा।बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा हैयात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने लाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ना और नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों एवं नागरिकों के सर्वाेच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।महिला बाइकर्स भी होंगी शामिलबस्तर तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे।‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत होगा पौधरोपणयात्रा के दौरान प्रत्येक शहीद स्थल पर ‘एक पेड़ शहीदों के नाम’ अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने ही पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
- -उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने बाइक चलाकर किया नेतृत्व, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचेगा तिरंगा-उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री ने फूंका विकास का बिगुल, किया विकास के आगाज का संदेशरायपुर ।बस्तर में शांति, एकता और राष्ट्र निर्माण का संदेश लेकर बुधवार को नारायणपुर जिला मुख्यालय के हायर सेकेंडरी स्कूल ग्राउंड से 'बस्तर तिरंगा यात्रा 2026' का शुभारंभ हुआ। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप बाइक पर तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व करते हुए रवाना हुए, जिसे क्षेत्र के विभिन्न समाज प्रमुखों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बस्तर तिरंगा यात्रा के आयोजन में शामिल बच्चों से मंत्री द्वय ने उनके बीच पहुंच कर आत्मीयता के साथ मुलाकात की और सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विकास का बिगुल फूंकते हुए सभी को शांति और विकास का संदेश दिया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि यह यात्रा उन क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जहां पहले नक्सली घटनाओं ने लोगों को प्रभावित किया था। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से देश और दुनिया को यह संदेश दिया जाएगा कि इन क्षेत्रों में अब नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि नारायणपुर का चयन विशेष उद्देश्य के तहत किया गया है, क्योंकि यह जिला सबसे लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहा है। यात्रा का समापन 14 अगस्त को बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में माओवाद के विरुद्ध नीति बनाकर नियत तिथि पर 31 मार्च 2026 में नक्सलवाद राज्य के साथ साथ देश से समाप्त किया गया है। आज के बाद हर राष्ट्रीय पर्व एवं स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर के कोने-कोने तक भारत का तिरंगा पूरी आन, बान और शान से लहराएगा। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से लेकर अब तक बस्तर के अनेक दुर्गम गाँवों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर ध्वजारोहण किया गया है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर सम्भाग के 90 से अधिक ऐसे गाँव हैं, जहाँ आजादी के बाद पहली बार इस स्वाधीनता दिवस पर तिरंगा लहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहरने का मतलब बाबा साहब के द्वारा लिखा संविधान अब राज्य के कोने कोने पर लागू होगा।श्री शर्मा ने कहा कि आज जब मैं बस्तर के अलग अलग गांवों में जाता हूँ तो बस्तरवासी कहते हैं कि वे खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और अब कोई ऐसी ताकत नहीं बची जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज को नकार सके। पहले राष्ट्रीय पर्वों पर माओवादियों का फरमान होता था कि अपने घरों में काला झंडा लगाया जाए, आज हर घर में तिरंगा फहर रहा है। इसमें बस्तर के लोगों ने अपने मनोबल और जवानों का अदम्य साहस सहयोग रहा, जिससे नक्सलावाद से मुक्ति पाई है। अब समय आ गया है कि दुनिया के लोग बस्तर को जानें, अब बस्तर के लोग दुनिया में छाने वाले हैं। बस्तर के लोग आगे चलकर नया इतिहास लिखने वाले हैं।गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में अब लोगों को मूलभूत सुविधाएं, विकास कार्य और सुरक्षा का वातावरण मिल रहा है। शासन बस्तर में सड़क, शिक्षा, कौशल विकास, लघु वनोपज के प्रसंस्करण और रोजगार के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। वहीं विकास कार्यों में गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।वन मंत्री एवं नारायणपुर विधायक श्री केदार कश्यप ने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों का केंद्र माने जाने वाले क्षेत्रों से आज तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा उन स्थानों की मिट्टी एकत्रित करेगी, जहां जवानों और नागरिकों ने शहादत दी है। इस मिट्टी का उपयोग भविष्य में बनने वाले स्मारक में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 12 अगस्त से प्रारंभ होकर 14 अगस्त तक बस्तर के अति-संवेदनशील और भीषण माओवाद प्रभावित रहे इलाकों से गुजरेगी।आज पहले दिन यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर यात्रा मुंजमेटा, झारागांव, धौड़ाई, कन्हारगांव, कड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसुर होते हुए दंतेवाड़ा पहुंची। दूसरे दिन यात्रा दंतेवाड़ा से सुकमा और बीजापुर जिले के विभिन्न नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। तीसरे दिन बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी, ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर यात्रा का समापन होगा।इस अवसर पर लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका के अध्यक्ष इंद्रप्रसाद बघेल, जनप्रतिनिधि राहुल टिकरिया श्रीमती संध्या पवार सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, एसपी श्री संदीप कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ डीएफओ सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
- पारंपरिक खेलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया गयाविश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी हरेली तिहार आयोजितरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ का प्रमुख कृषि पर “हरेली तिहार” हर्षोल्लास से मनाया गया। कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान प्रक्षेत्र में पारंपरिक तरीके से आयोजित हरेली तिहार उत्सव के मुख्य अतिथि कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल ने बैलों, हलों एवं अन्य कृषि यंत्रों एवं उपकरणों की पूजा-अर्चना की और अच्छी फसल की कामना की। इसके उपरांत कृषि महाविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में विभिन्न पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं - गेड़ी दौड़, कुर्सी दौड़, फुगड़ी, पिठ्ठुल, नारियल फेंक, रस्साकशी (रस्सा-कासी) एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और वहां उत्सव का माहौल निर्मित हो गया। कुलपति डाॅ. चंदेल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हरेली तिहार की प्रासंगिकता तथा कृषि एवं पर्यावरण के संबंध में इसके वैज्ञानिक महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होनें कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व किसानों, गौ-वंश, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की हमारी समृद्ध परंपरा का प्रतीक है।डा. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों एवं पारंपरिक कृषि विरासत से जोड़ना महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर पारंपरिक हरेली प्रसाद तथा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों- खुरमी, ठेठरी, अईरसा, बड़ा, पीढ़िया, गुलगुला आदि का वितरण किया गया। स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय की अधिष्ठाता डाॅ. आरती गुहे ने दिया। इस अवसर पर संचालक अनुसंधान, निदेशक विस्तार, निदेशक शिक्षण, निदेशक प्रक्षेत्र, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय एवं अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय सहित अनेक विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, वैज्ञानिकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित समस्त महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में भी हरेली तिहार का आयोजन किया गया।
- बिलासपुर/आदर्श वैली आवासीय सहकारी समिति मर्यादित बोदरी का निर्वाचन कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार संचालक मंडलों के सदस्यों के निर्वाचन के लिए 18 अगस्त को नामांकन पत्र प्राप्त किये जाएंगे। 25 अगस्त को आमसभा आहूत कर निर्वाचन हेतु मतदान एवं मतगणना और 2 सितंबर को अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का निर्वाचन सम्पन्न किया जाएगा।
- ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में दिखने लगी तकनीक और पारदर्शिता की नई तस्वीरबिलासपुर/कभी राशन लेने के लिए लंबी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सरकंडा में शुरू हुई ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की नई व्यवस्था में राशन लेने की प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो रही है। तकनीक से जुड़ी इस पहल की शुरुआत के साथ ही हितग्राहियों को समय की बचत, सटीक तौल और पारदर्शी वितरण का अनुभव मिलने लगा है।चिंगराजपारा निवासी हितग्राही प्रीति मानिकपुरी के लिए राशन लेने का अनुभव अब पहले से अलग है। वह बताती हैं कि अब लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ता। मशीन के माध्यम से राशन मिलने से प्रक्रिया आसान हो गई है और तौल को लेकर भी किसी तरह की चिंता नहीं रहती। इसी तरह हितग्राही दुर्गेश कुमार यादव बताते हैं कि ग्रेन एटीएम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद स्क्रीन पर उनकी पात्रता के अनुसार मिलने वाले राशन की मात्रा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। पुष्टि करने के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखते ही निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है। उनके लिए यह अनुभव न केवल आसान है, बल्कि राशन की मात्रा को लेकर भरोसा भी बढ़ाता है। ग्रेन एटीएम की संचालिका रिंकू सिंह ठाकुर बताती हैं कि नई व्यवस्था से राशन वितरण का काम अधिक व्यवस्थित हो रहा है। मशीन आधारित प्रक्रिया के कारण भीड़ को नियंत्रित करने, समय बचाने और निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है।तकनीक के साथ बढ़ रहा भरोसा -‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक के उपयोग की दिशा में एक नई पहल है। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से लेकर स्क्रीन पर पात्रता की जानकारी और निर्धारित मात्रा में राशन के स्वचालित वितरण तक पूरी प्रक्रिया हितग्राही के सामने होती है। इससे वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूती मिलती है। अभी इस नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है, लेकिन शुरुआती अनुभवों में ही इसका सबसे महत्वपूर्ण असर दिखाई देने लगा है। राशन लेने में लगने वाला समय कम हुआ है और हितग्राहियों का भरोसा बढ़ा है। आने वाले समय में यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।छत्तीसगढ़ शासन की यह अभिनव पहल तकनीक को जनसुविधा से जोड़ते हुए यह संदेश देती है कि शासन की योजनाओं का लाभ केवल उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उसे सम्मानजनक, सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
- रायपुर/महान शिव भक्तिनी, कुशल प्रशासिका, लोकप्रिय समाज सुधारिका देवी अहिल्या बाई होल्कर की पुण्यतिथि दिनाक 13 अगस्त 2026 गुरूवार को क्रमशः प्रातः 11 बजे राजधानी शहर रायपुर के राजातालाब में लोटस हॉस्पिटल के सामने कैनाल लींकिंग रोड के किनारे स्थित महान शिव भक्तिनी, कुशल प्रशासिका, लोकप्रिय समाज सुधारिका देवी अहिल्या बाई होल्कर के मूर्ति स्थल के समक्ष उनका सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है।दिनांक 13 अगस्त 2026 गुरूवार को प्रातः 11 बजे आयोजित महान शिव भक्तिनी, कुशल प्रशासिका, लोकप्रिय समाज सुधारिका देवी अहिल्या बाई होल्कर की पुण्यतिथि पर पुष्पांजलि कार्यक्रम में राजातालाब में लोटस हॉस्पिटल के सामने कैनाल लींकिंग रोड के किनारे स्थित उनके मूर्ति स्थल और उसके आसपास की विशेष सफाई, स्थल की पुष्पसज्जा सहित अन्य सभी आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थायें रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में रायपुर नगर पालिक निगम के सम्बंधित जोन क्रमांक 4 के सहयोग से की जावेंगी |







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