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- 0- 2.80 एकड़ में धान और बाड़ी में सब्जी की खेती कर बने आत्मनिर्भररायपुर। राज्य सरकार की मनरेगा योजना ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन को नई दिशा दी है। गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही जनपद के ग्राम पंचायत रटगा निवासी महाबीर के परिवार की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले मजदूरी पर निर्भर यह परिवार अब अपनी 2.80 एकड़ जमीन पर धान और सब्जी-भाजी की खेती कर आत्मनिर्भर बन गया है। 2 लाख 99 हजार रुपये की स्वीकृति से बने कुएं ने न केवल सिंचाई की समस्या हल की, बल्कि आसपास के परिवारों को भी पीने के पानी की सुविधा प्रदान की है।महाबीर ने बताया कि ग्राम सभा में मनरेगा योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपनी जमीन में कुएं के निर्माण के लिए आवेदन किया। वर्ष 2025-26 में उन्हें 2 लाख 99 हजार रुपये की मंजूरी मिली। कुआं बनने के बाद वे 2.80 एकड़ क्षेत्र में धान की फसल उगा रहे हैं, जबकि बाड़ी में सब्जी-भाजी की खेती से नियमित आय हो रही है। राज्य सरकार की इस योजना ने उनकी कृषि संबंधी सभी समस्याओं को दूर कर दिया है।पहले सिंचाई की कमी से महाबीर कृषि कार्य नहीं कर पाते थे और मनरेगा मजदूरी से ही घर चलाते थे। अब उसी योजना ने उनकी स्थिति उलट दी है। कुएं से न केवल उनका परिवार लाभान्वित हो रहा है, बल्कि आसपास के लोग भी पीने के पानी के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। महाबीर का कहना है कि मनरेगा ने हमें आत्मनिर्भर बनाया, अब मजदूरी की मजबूरी नहीं रही।छत्तीसगढ़ सरकार की मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ रही हैं, जिससे आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। महाबीर की कहानी राज्य भर में हो रहे विकासगाथा की जीवंत मिसाल है। यह पहल न केवल गरीबी उन्मूलन में सहायक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार की ऐसी योजनाओं से छत्तीसगढ़ के लाखों परिवार आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हैं।
- 0- कमार बस्ती तक पहुंचना हुआ आसानरायपुर। महासमुन्द जिले अंतर्गत ग्राम बांसकुड़ा कमार बस्ती लंबे समय तक सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रहा। आदिवासी बाहुल्य एवं विलुप्त प्रजाति कमार जनजाति की बसाहट होने के कारण यहां के परिवार सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों से कटे हुए थे। वर्षा ऋतु में कच्ची सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती थी, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। इस चुनौती को दूर करने हेतु वर्ष 2023-24 में ग्राम बांसकुड़ा को प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत सड़क निर्माण हेतु चयनित किया गया। योजना के अंतर्गत 79.23 लाख रुपये की लागत से 1.60 किलोमीटर मीटर लंबाई की पक्की सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की गई तथा विभागीय अभियंताओं द्वारा सतत निगरानी एवं गुणवत्ता नियंत्रण के साथ कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया गया। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत निर्मित यह सड़क ने सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक परिवेश में व्यापक परिवर्तन लाकर ग्राम को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।बांसकुड़ा कमार बस्ती में सड़क निर्माण पूर्ण होते ही ग्राम के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिले। अब एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के गांव तक पहुंचने लगी हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन रोगियों को समय पर उपचार मिलने लगा है। टीकाकरण एवं स्वास्थ्य अभियान भी नियमित रूप से गांव तक पहुंच रहे हैं, जिससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार की संभावनाएं प्रबल हुई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आया है। बच्चों और युवाओं को स्कूल, कॉलेज एवं उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में अब कठिनाई नहीं होती। विद्यार्थियों की उपस्थिति दर में वृद्धि हुई है और शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है। कृषि एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में समय और लागत की बचत हो रही है। कमार जनजाति द्वारा तैयार किए जाने वाले बांस शिल्प उत्पादों को अब आसानी से बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। दूध, सब्जी और दैनिक आवश्यक वस्तुओं की नियमित आपूर्ति संभव हुई है तथा रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। सड़क निर्माण से गांव का सामाजिक-आर्थिक एकीकरण भी सुदृढ़ हुआ है। मुख्य सड़क से जुड़ाव के कारण सामाजिक आयोजनों, मेलों और सामूहिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ी है। बाहरी क्षेत्रों से संपर्क मजबूत होने के साथ-साथ ग्राम में विकास कार्यों की गति भी तेज हुई है।ग्राम के एक कमार परिवार ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, पहले सड़क न होने से रोजमर्रा के काम बहुत कठिन थे। बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और फसल का बाजार तक पहुंचाना बड़ी समस्या थी। पीएम जनमन योजना से सड़क बन जाने के बाद अब स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना आसान और सुरक्षित हो गया है। हमारी आय और जीवन स्तर में बहुत ही सुधार हुआ है। जनजातीय क्षेत्र एवं यहां के निवासियों के लिए शुरू की इस योजना के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय के सराहनीय पहल है।
- रायपुर। रायगढ़ जिला जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत डबरी निर्माण को राज्य शासन के महत्वाकांक्षी “मोर गांव-मोर पानी” महा अभियान से जोड़ते हुए जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण विकास को स्थायी आधार प्रदान किया जा रहा है। यह पहल वर्षा जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि, रोजगार और आय का अवसर उपलब्ध करा रही है।इस अभियान का उद्देश्य जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा और किसानों की आय बढ़ाना है। मनरेगा के अंतर्गत निर्मित डबरियों से किसानों को वर्ष भर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खरीफ के साथ रबी और जायद फसलों की खेती हो सकेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक बेहतर होगी।डबरियों में मछली पालन को प्रोत्साहित कर ग्रामीणों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर सुलभ कराए जा रहे हैं। जिले में 500 से अधिक डबरियों के निर्माण का लक्ष्य है। इन कार्यों से हजारों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त होगा। “मोर गांव-मोर पानी” महा अभियान के अंतर्गत चेक डेम, फार्म पॉन्ड, कंटूर ट्रेंच, परकुलेशन टैंक, सोक पिट, वृक्षारोपण एवं ग्रे वाटर प्रबंधन जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने हेतु ग्राम सभाओं, जल शपथ कार्यक्रमों, रैलियों और दीवार लेखन के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।स्व-सहायता समूहों तथा “बिहान” योजना से जुड़ी दीदियों की सहभागिता से जल संरक्षण के साथ आजीविका गतिविधियों को भी सशक्त किया जा रहा है। जीआईएस तकनीक के माध्यम से कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवेदन कर इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं और जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दें।
- रायपुर। राज्य सरकार द्वारा किसानों को उनकी मेहनत और पसीने की कमाई का उचित मूल्य सुनिश्चित किए जाने से ग्रामीण अंचलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और वे अपनी जरूरतों को सहजता से पूरा कर पा रहे हैं।कांकेर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पीढ़ापाल निवासी युवा कृषक श्री कौशल कुमार नाग अपनी 10 एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन में उन्होंने पहले चरण में लगभग 90 क्विंटल धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय किया है। उन्होंने बताया कि शेष धान को सुखाने के लिए रखा गया है, जिसे टोकन कटने के उपरांत बेचेंगे।युवा किसान श्री कौशल नाग ने बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। धान विक्रय से हुए लाभ की राशि वह बचाकर रखेंगे और जो अगले साल उन्हें स्वयं के विवाह के लिए काम आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समय पर और उचित मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।श्री नाग ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को किसान हितैषी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि शासन की इस पहल से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे भविष्य की योजनाओं एवं सपनों को साकार करने की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं।
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- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले सामाजिक भवन का किया भूमिपूजन
- विधानसभा अध्यक्ष नंदई चौक में आयोजित गुरूघासीदास बाबा जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह गुरुवार को राजनांदगांव शहर के गुरूघासीदास धर्मशाला गुरूघासीदास चौक नंदई रोड में आयोजित सत्यमूर्ति परम पूज्य बाबा गुरूघासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले सामाजिक भवन का भूमिपूजन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज बाबा गुरूघासीदास जी के अवतरण दिवस है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बाबा गुरूघासीदास जी की आशीर्वाद से देश एवं प्रदेश में समरसता, शांति, सद्भावना एवं प्रेम है। श्रद्धापूर्वक बाबा जी के प्रतीक के रूप में सफेद ध्वज फहराते है। सफेद ध्वज शांति, प्रेम, सद्भावना, एकात्मता, सबको एक साथ मिलाने, सादगी और बाबा जी के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरूघासीदास बाबा जी के जन्मस्थली गिरौदपुरी पूरे देश-दुनिया में विख्यात है। बाबा जी की प्रतीक एवं गरिमा के अनुरूप गिरौदपुरी में देश का अनूठा, सबसे ऊंचा और भव्य जैतखाम का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि बाबा जी के आशीर्वाद से ही जैतखाम को निर्माण कराने का अवसर मिला है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ने कहा कि शासन द्वारा प्रदेश के लगभग सभी ग्रामों में समाज के लिए मंगल भवन का निर्माण किया गया है। सभी ग्रामों में कांक्रीट रोड का निर्माण किया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। साथ ही नवोदय विद्यालय की स्थापना, नि:शुल्क कोचिंग और बच्चों के प्राथमिक शिक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि समाज के लिए शिक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। शिक्षित समाज ही नेतृत्व करते है और आगे बढ़ते है। उन्होंने कहा कि बालक हो या बालिका सभी के लिए शिक्षा जरूरी है और बाबा जी का पंथी के माध्यम से यही संदेश है। बाबा जी का हिंसा छोडऩे, मांस-मदिरा छोडऩे का उपदेश किसी एक समाज के लिए नहीं है, यह मानवता एवं सभी समाज के लिए है। मनुष्य में सतगुण, सद्भाव, सादगी होने और हिंसा छोडऩे पर दुनिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शानदार नया विधानसभा बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने समाज के नागरिकों को नए विधानसभा भवन में विधानसभा की कार्यवाही और विधानसभा को देखने के लिए आमंत्रित किया।
पूर्व विधायक श्री रामजी भारती ने सभी को गुरूघासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बाबा के संदेश मनखे-मनखे एक समान हैं के उपदेश को लेकर समाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि गुरूघासीदास बाबा का आशीर्वाद पूरे समाज सहित सभी लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज सतनामी समाज अग्रणी समाज के रूप में आगे आ रहा है। इस अवसर पर अध्यक्ष शहर सतनामी समाज सेवा समिति राजनांदगांव श्री नरेन्द्र राय ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री रमेश पटेल, पार्षद श्रीमती केवरा रॉय, पूर्व पार्षद श्री विजय राय, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, एसडीएम श्री गौतम पाटिल एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी तथा सतनामी समाज के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। -
सुकमा. जिले में बृहस्पतिवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक महिला माओवादी समेत तीन माओवादी मारे गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के गोलापल्ली थाना क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सुकमा जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दल को माओवादी विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि आज सुबह से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है और इस मुठभेड़ में अभी तक एक महिला माओवादी समेत तीन माओवादियों के मारे जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि अभियान पूरा होने के बाद इस संबंध में अधिक जानकारी दी जाएगी।
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- रायपुर /छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विनिर्माण को नई गति देते हुए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में प्रस्तावित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) परियोजना के लिए ₹22.50 करोड़ की पहली किश्त जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि माडिफाइड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (EMC 2.0) योजना के अंतर्गत दी गई है।इस परियोजना का क्रियान्वयन नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा किया जाएगा। परियोजना के मूल्यांकन एवं निगरानी की जिम्मेदारी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) को सौंपी गई है, जिसने इस पहली किश्त की अनुशंसा की थी।इस स्वीकृति से नवा रायपुर को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और आईटी हार्डवेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। कॉमन फैसिलिटी सेंटर के माध्यम से उद्योगों को साझा अधोसंरचना, तकनीकी सुविधाएं, परीक्षण एवं नवाचार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को साकार करने में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। नवा रायपुर को अत्याधुनिक औद्योगिक एवं तकनीकी शहर के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ईएमसी 2.0 योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाला यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को सशक्त आधार भी प्रदान करेगा। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का आभार व्यक्त किया।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को ओमान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “द फर्स्ट क्लास ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ ओमान” से अलंकृत किया जाना भारत के लिए अत्यंत गौरव, सम्मान और आत्मविश्वास से भर देने वाला ऐतिहासिक क्षण है। यह सम्मान प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व, वैश्विक प्रभाव और भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सशक्त प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को प्राप्त यह 29वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि यह उभरती हुई विश्व शक्ति के रूप में भारत की स्वीकार्यता और विश्व समुदाय के बीच देश की मजबूत साख का उद्घोष है। उनके नेतृत्व में भारत आज आत्मनिर्भर, निर्णायक और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में वैश्विक मंच पर नई दिशा प्रदान कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज न केवल आर्थिक, तकनीकी और सामरिक दृष्टि से सशक्त हुआ है, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और सहयोग के क्षेत्र में भी नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह सम्मान प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है और भारत माता के मस्तक को गौरव से ऊँचा करता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को इस अद्वितीय अंतरराष्ट्रीय सम्मान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत निरंतर नई ऊँचाइयों को छूता रहेगा।
- -सतनाम भवन सेक्टर-6 भिलाई में आयोजित बाबा गुरु घासीदास जयंती एवं गुरु पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय-सतनाम भवन में डोम निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा बाबा गुरु घासीदास जयंती आयोजन हेतु प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये की घोषणारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज दुर्ग जिले के भिलाई सेक्टर-6 स्थित सतनाम भवन में आयोजित परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती एवं गुरु पर्व कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सतनाम भवन में बाबा गुरु घासीदास जी की गुरु-गद्दी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।इस गरिमामय आयोजन में प्रदेश के तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, कौशल विकास तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा तथा विधायक श्री रिकेश सेन विशेष रूप से उपस्थित थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि 18वीं सदी में जब समाज में छुआछूत, भेदभाव और असमानता चरम पर थी, उस समय बाबा गुरु घासीदास जी ने “मनखे-मनखे एक समान” का महान संदेश देकर मानवता को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के इन्हीं आदर्शों और शिक्षाओं को आत्मसात करते हुए सभी समाज वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जैसी योजनाओं का सीधा लाभ किसानों और आम नागरिकों को मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के समग्र विकास के उद्देश्य से अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जिसमें अहिवारा विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। समाज के विकास के लिए प्राधिकरण के माध्यम से 75 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। साथ ही समाज के बेटा-बेटियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने हेतु सरकार द्वारा 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर उच्च पदों तक पहुँच सकें। उन्होंने समाज में फैल रही नशाखोरी पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके विरुद्ध कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोजगारी दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नई उद्योग नीति लागू की गई है, जिसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस उद्योग नीति के अंतर्गत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने समाज से शिक्षा को बढ़ावा देने, समानता, सद्भाव और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरु घासीदास सेवा समिति की मांगों का उल्लेख करते हुए सतनाम भवन सेक्टर-06 भिलाई में डोम निर्माण के लिए 50 लाख रुपये तथा प्रति वर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती कार्यक्रम के आयोजन हेतु 10 लाख रुपये की स्वीकृति देने की घोषणा की।प्रदेश के तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को पूर्ण भाव से जीवन में उतार लिया जाए, तो समाज की सभी बुराइयों का स्वतः अंत हो जाएगा। उन्होंने सतनाम मार्ग पर चलने वालों से खान-पान और आचरण को शुद्ध रखने का आह्वान किया।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने संक्षिप्त संबोधन में बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग और संदेशों को जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री सांवला राम डाहरे, गुरु घासीदास सेवा समिति के अध्यक्ष श्री भरत लाल कुर्रे, उपाध्यक्ष श्रीमती उर्मिला भास्कर एवं समिति के अन्य पदाधिकारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे सहित अनेक जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक उपस्थित थे।
- दुर्ग /जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टेªट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों के पालन की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले के समस्त 381 ग्रामों को ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किया जा चुका है तथा उनका सत्यापन पूर्ण हो चुका है। जनपद पंचायत दुर्ग के एक ग्राम में एमआईएस की तकनीकी समस्या के कारण प्रविष्टि शेष है। साथ ही मॉडल ग्रामों का प्रत्येक छह माह में सत्यापन किया जाएगा।कलेक्टर श्री सिंह ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक घर से निर्धारित यूजर चार्ज नियमित रूप से वसूलने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्वच्छताग्राही समूह को 15वें वित्त आयोग से मानदेय नियमित रूप से भुगतान सुनिश्चित करने को कहा। जिन ग्राम पंचायतों में मानदेय भुगतान नहीं किया गया है, उन्हें 15 दिवस के भीतर मानदेय भुगतान कर प्रतिवेदन प्रेषित किये जाने के निर्देश दिये गये।बैठक में महतारी सदन में शौचालय निर्माण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने ग्राम मेड़ेसरा में अपूर्ण शौचालय को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्मित शौचालयों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराने के लिए कहा। कलेक्टर ने बर्तन बैंक की भी समीक्षा की और बड़े कार्यक्रमों एवं समारोहों में इसके उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए, ताकि एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक लगाई जा सके।इसके अलावा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और फीकल स्लज प्रबंधन की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में डी-स्लज वाहनों के उपयोग को बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ को ग्रामीण इलाकों में अधिक से अधिक डी-स्लज वाहनों के उपयोग के लिए लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। सीईओ श्री दुबे ने बताया कि जिले में वर्तमान में 5 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट एवं 3 प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट क्रियाशील हैं।बैठक में जिला पंचायत के उप संचालक श्री आकाश सोनी, जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ श्री रूपेश पाण्डेय, पाटन के सीईओ श्री जागेन्द्र साहू, धमधा के सीईओ श्री कौशिक, कार्यपालन अभियंता तांदुला श्री आशुतोष सारस्वत, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा श्री जे.के. मेश्राम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- -विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेगा फायदा-प्राधिकरण के अध्यक्ष ने कुलपति डॉ. चंदेल को सौंपे पंजीयन प्रमाण पत्ररायपुर, । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एक बार फिर सफलता की नई इबारत लिखी है.इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर को पौधा किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा संजीवनी धान, छत्तीसगढ़ धान 1919, छत्तीसगढ़ संकर धान 2, बौना लुच्चई, ट्राम्बे छत्तीसगढ़ सोना गाठी, छत्तीसगढ़ भव्या धान प्रजातियों के संरक्षण एवं संवर्धन के अधिकार प्राप्त हुए है। विगत दिवस नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में पौधा किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. त्रिलोचन महापात्रा द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को इन किस्मों के पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर पौधा किस्म संरक्षण के रजिस्ट्रार जनरल डॉ. दिनेश अग्रवाल एवं रजिस्ट्रार श्री दीपक राय चौधरी एवं नोडल ऑफिसर डॉ. दीपक शर्मा, भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पौधा किस्म संरक्षण और कृषक अधिकार प्राधिकरण (PPV&FRA) में किसी किस्म को पंजीकृत कराने से प्रजनक (breeders) और किसान दोनों को बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) मिलते हैं, जिससे उन्हें अपनी नई किस्मों के उत्पादन, बिक्री और मार्केटिंग पर 15-18 साल के लिए विशेष अधिकार मिलते हैं, किसानों को उनके पारंपरिक ज्ञान और किस्मों के संरक्षण के लिए मान्यता मिलती है, और उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित होती है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार और निवेश को बढ़ावा मिलता है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा कई वर्षों की मेहनत और अनुसंधान के माध्यम से धान की उपरोक्त नवीन किस्मों का विकास किया गया है। इन किस्मों का विकास भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर ट्रॉम्बे (मुंबई) के सहयोग से किया गया है जिसमें म्यूटेशन एवं रेडियेशन पद्धतियों का उपयोग किया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित संजीवनी धान शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाकर विभिन्न रोगों से लड़ने में सहायक पाई गई है तथा इसमें कैंसर रोधी गुण भी पाए गए हैं। इसके अलावा अन्य धान की किस्में भी कम अवधि में पकने वाली, अधिक उपज देने वाली तथा विभिन्न रोगों की प्रतिरोधक है।किसानों और प्रजनकों के लिए लाभः इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को उपरोक्त किस्मों के पंजीयन प्रमाण मिलने से विश्वविद्यालय एवं छत्तीसगढ़ के किसानों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होंगे-विशेष अधिकार (Exclusive Rights)- अपनी किस्म के व्यावसायिक उत्पादन और बिक्री पर कानूनी अधिकार, जिससे उन्हें अपनी मेहनत का वित्तीय लाभ मिलता है।किसानों के अधिकार (Farmers Rights)-किसान अपनी संरक्षित किस्मों के बीज को बचा सकते हैं, बो सकते हैं, साझा कर सकते हैं और बेच सकते हैं (जब तक ब्रांडेड न हो)नवाचार को प्रोत्साहन (Incentive for Innovation)-यह नई और बेहतर फसल किस्मों के विकास के लिए अनुसंधान और निवेश को बढ़ावा देता है।मान्यता और पुरस्कार (Recognition & Rewards)-पारंपरिक किस्मों और आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण के लिए किसानों और समुदायों को पुरस्कार मिलते हैं।सुरक्षा (Protection)-यह आपकी किस्म को अनधिकृत उपयोग और धोखाधड़ी से बचाता है।उच्च गुणवत्ता वाले बीज (High&Quality Seeds)-यह बीज उद्योग के विकास में मदद करता है, जिससे किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज मिलते हैं।यह कैसे काम करता हैः-एक किस्म को पंजीकृत करने के लिए, उसे अद्वितीय (distinct), समान (uniform) और स्थिर (stable) होना चाहिए (DUS Test) पंजीकरण के बाद, प्रजनक को अपनी किस्म पर 15-18 साल तक के लिए विशेष अधिकार मिलते हैं। संक्षेप में, यह प्रणाली किसानों और प्रजनकों के योगदान को मान्यता देती है और उन्हें उनकी मेहनत का फल सुनिश्चित करती है, जिससे देश में कृषि और बीज उद्योग दोनों का विकास होता है।
- भिलाईनगर। 18 दिसम्बर संत सीरोमणि गुरु घांसीदास जयंती के अवसर पर नगर पालिक निगम भिलाई छेत्र से वरिष्ठ नागरिकों को अयोध्या धाम में श्री रामलला दर्शन के लिए रवाना किया गया। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के आदेशानुसार योजना के नोडल अधिकारी सह अपर आयुक़्त राजेन्द्र कुमार दोहरे के नेतृत्व में निगम भिलाई से 7 दर्शनार्थी चोवाराम साहू, देवेन्द्र यादव, गुहरी राम साहू, चोवाबाई साहू, विश्राम साहू, कुमार साहू एवं शकुन बाई को तिलक लगाकर मुख्य कार्यालय से दुर्ग स्टेशन छोड़ा गया। इन दौरान समाज कल्याण विभाग से त्रिलोक ताम्रकार, सुखराम यादव, अंजू साहू ने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं दिये।
- - महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के एनुअल स्पोर्ट्स का शुभारंभ- दौड़, स्लो साइकिल, म्यूजिकल चेयर, क्रिकेट, वाॅलीबाल की हुईं स्पर्धाएंरायपुर। जीवन में खेलों का बड़ा महत्व है। शालेय जीवन में तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। खेलों के माध्यम से नेतृत्व क्षमता, धैर्य, समन्वय, प्रेरणा और टीम भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। व्यक्तित्व निर्माण में भी खेलों का बहुत महत्व है। कुछ लोगों के लिए, यह केवल शारीरिक गतिविधि या खेल की रणनीति नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के एनुअल स्पोर्ट्स के शुभारंभ पर स्कूल के सह प्रभारी नवीन देशमुख ने व्यक्त किए।शुभारंभ अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि स्कूलों में खेलकूद बेहद ज़रूरी हैं। ये शारीरिक फिटनेस, टीम वर्क और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं और स्वस्थ्य प्रतिस्पर्धा के मूल्यों का संचार करते हैं। खेलों को केवल पाठ्येतर गतिविधियों के रूप में देखने के बजाय, पाठ्यक्रम का एक अभिन्न अंग माना जाना चाहिए।बच्चों को संबोधित करते हुए स्कूल के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने कहा कि खेल खेलने वाले बच्चे न केवल अपनी उम्र के बच्चों के साथ, बल्कि टीम के बड़े और छोटे खिलाड़ियों, कोच, खेल अधिकारियों आदि के साथ भी बातचीत करना सीखते हैं। उनमें अपनेपन की भावना भी विकसित होती है और उन्हें नए दोस्त बनाने का मौका मिलता है। ये संवाद और सामाजिक कौशल उनके भविष्य के रिश्तों और कैरियर में मददगार साबित होते हैं। खेल का पहला तत्व जिस पर हम ध्यान केंद्रित करेंगे, वह है संतुलन। संतुलन खेल के मैदान के कई क्षेत्रों में होता है और पढ़ने-लिखने के कौशल के विकास के लिए आवश्यक है।स्कूल के उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार ने कहा कि दो दिवसीय वार्षिक खेलकूद स्पर्धा में सभी क्लास के बच्चे भाग ले रहे है। बच्चों के लिए स्लो साइकिल रेस, म्यूजिकल चेयर, निडल और थ्रेड, टंग आफ वार, लेमन एंड स्पून रेस, क्रिकेट और वाॅलीवाल जैसे खेल का आयोजन किया जा रहा है। स्पर्धा के शुभारंभ के साथ पहले दिन लगभग सभी वर्गों की क्रीड़ा स्पर्धाएं आयोजित की गई।
- रायपुर । आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में देशी मदिरा और दो वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर. संगीता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश तथा प्रभारी उपायुक्त आबकारी श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।यह कार्रवाई बीते 17 दिसंबर 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने ग्राम देवदा, थाना आरंग, जिला रायपुर में कार्रवाई की। इस दौरान रामेश्वर बारले के घर से 62 पाव देशी मदिरा मसाला (कुल 11.16 बल्क लीटर) और एक एच.एफ. डिलक्स वाहन जब्त किया गया। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।इसी तरह लखौली–रीवा मार्ग पर सुमित देवदास को अवैध रूप से शराब बेचते हुए पकड़ा गया। मौके से 22 पाव शोले मसाला मदिरा और शराब बिक्री में इस्तेमाल की जा रही स्प्लेंडर प्लस बाइक को जब्त किया गया। आरोपी पर आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(ख) के तहत कार्रवाई की गई।दोनों मामलों की जांच आबकारी उपनिरीक्षक सुश्री प्रीति कुशवाहा द्वारा की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक राकेश दुबे और वाहन चालक अविनाश थूल का विशेष योगदान रहा है।
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-तिल्दा–खरोरा में आबकारी विभाग के छापे, 2 आरोपी गिरफ्तार, 22.32 लीटर देशी मदिरा जब्त
रायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देश पर गुरु घासीदास जयंती के अवसर पर घोषित ड्राई डे के दौरान तिल्दा–खरोरा क्षेत्र में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।आबकारी टीम ने ग्राम सरारीडीह, थाना तिल्दा में छापा मारकर एक महिला आरोपी के घर से 76 पाव देशी शराब बरामद की। वहीं ग्राम देवगांव, थाना खरोरा में एक अन्य आरोपी के घर से 48 पाव देशी शराब जब्त की गई। इस कार्रवाई में कुल 22.32 बल्क लीटर देशी मदिरा पकड़ी गई। साथ ही दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आबकारी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।ड्राई डे के दौरान शराब की अवैध बिक्री रोकने के लिए आबकारी टीम तिल्दा, खरोरा और आसपास के अन्य गांवों में लगातार गश्त में रही। पूरी कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक सुश्री मेधा मिश्रा एवं सुश्री सिल्विया सुमन के द्वारा की गई, जिसमें आबकारी मुख्य आरक्षक श्री दिगंबर भूरा का भी विशेष सहयोग रहा। - रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत कृषि महाविद्यालय, रायपुर एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (छात्रा इकाई) के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 17 दिसंबर 2025 को वी केयर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक कृषि महाविद्यालय, रायपुर के सेमिनार हॉल में आयोजित हुआ।शिविर का उद्देश्य विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्नातक एवं पी.एच.डी. विद्यार्थियों को स्वास्थ्य परीक्षण एवं विशेषज्ञ चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराना था।इस अवसर पर वी केयर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञ डॉ. हर्षित मिश्रा, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. विवेक पांडेय एवं डॉ. विपुल प्रशांत, यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. तुषार दानी तथा जनरल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अनिस सिद्दीकी शामिल रहे।शिविर के दौरान BMI, रक्तचाप (BP), शुगर जांच, बोन डेंसिटी परीक्षण, सामान्य चिकित्सा परामर्श, यूरिन जांच तथा न्यूरोलॉजिस्ट एवं न्यूरोसर्जन द्वारा परामर्श प्रदान किया गया। इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर से 140 से अधिक स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थीलाभान्वित हुए।कृषि महाविद्यालय, रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने शिविर में उपस्थित होकर स्वयं की स्वास्थ्य जाँच कराई तथा इस पहल को अत्यंत उपयोगी एवं सराहनीय बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
- रायपुर । राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रभावी संचालन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर आयोजित द्वितीय राज्य स्तरीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा ने राष्ट्रीय लोक अदालत में बेहतर कार्य करने वाले जिलों एवं परिवार न्यायालयों को सम्मानित किया।यह सम्मेलन 18 दिसंबर को छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में आयोजित हुआ। सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में राष्ट्रीय लोक अदालत प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना तथा इसके माध्यम से हुए प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा करना था। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया गया।मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें संविधान के अनुच्छेद 39-क के तहत आम नागरिकों को सुलभ और त्वरित न्याय प्रदान करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि विगत नौ वर्षों में राष्ट्रीय लोक अदालतों के माध्यम से 2 करोड़ 27 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ राज्य राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल रहा है।इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालतों की सफलता में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों, परिवार न्यायालयों के न्यायाधीशों एवं पैरा लीगल वालंटियर्स को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही वर्ष 2023, 2024 एवं 2025 में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालतों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों एवं परिवार न्यायालयों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
- रायपुर । चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 में 15 दिसंबर 2025 को सूचना मिली कि ट्रेन क्रमांक 12102 ज्ञानेश्वरी सुपरफास्ट की जनरल बोगी में नाबालिक बच्चों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही रेलवे चाइल्ड हेल्प लाइन ने तुरंत आरपीएफ और जीआरपी को जानकारी दी और संयुक्त कार्रवाई की गई।चाइल्ड हेल्प लाइन, आरपीएफ, जीआरपी और बचपन बचाओ आंदोलन की संयुक्त टीम ने ट्रेन में कार्रवाई कर दो नाबालिक बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। इस दौरान राशिद मल्ला (उम्र 34 वर्ष), निवासी दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल को बच्चों को शालीमार रेलवे स्टेशन से बाटनेरा (महाराष्ट्र) की कपड़ा फैक्ट्री में काम कराने के लिए ले जाते हुए पकड़ा गया।रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को रेलवे चाइल्ड हेल्प लाइन बूथ लाया गया, जहां उनसे अलग-अलग बात की गई। मामले की जानकारी जीआरपी थाना में दर्ज कराई गई। आरोपी के खिलाफ कानून के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति के आदेश पर बच्चों को शासकीय बाल गृह (बालक), माना कैंप में सुरक्षित रखा गया है।उल्लेखनीय है कि जिले में चाइल्ड हेल्प लाइन अगस्त 2025 से शुरू हुई है। अब तक चाइल्ड हेल्प लाइन ने 60 से 70 ऐसे बच्चों को रेस्क्यू किया है, जिन्हें सुरक्षा और देखभाल की जरूरत थी। इनमें बाल मजदूरी, बाल तस्करी, भिक्षावृत्ति, घुमंतू और भटके हुए बच्चे शामिल हैं। बाल कल्याण समिति के आदेश पर करीब 50 बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके घर भेजा जा चुका है।
- रायपुर । रजत जयंती के अवसर पर समाज कल्याण विभाग रायपुर द्वारा आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में मेगा हेल्थ कैंप-2025 का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सामाजिक सरोकारों को सशक्त करते हुए दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु महत्वपूर्ण पहल की किया गया।कार्यक्रम में विधायक रायपुर नगर पश्चिम श्री राजेश मूणत द्वारा दिव्यांग महिला श्रीमती हसीना को उनके आवागमन की सुविधा के लिए ट्राइसाइकिल प्रदान की गई। ट्राइसाइकिल प्राप्त कर श्रीमती हसीना ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समाज कल्याण विभाग एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।मेगा हेल्थ कैंप के प्रथम दिवस दिव्यांगजनों को 11 श्रवण यंत्र एवं 01 ट्राइसाइकिल का वितरण किया गया। इस अवसर पर विधायक श्री मूणत ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासन द्वारा दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा से जुड़ते हैं।कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग का अमला, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मेगा हेल्थ कैंप के दौरान स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
- दुर्ग। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव गुरु घासीदास जयंती पर दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में शामिल हुए। गुरु गद्दी को प्रणाम कर समस्त जन मानस के सुख समृद्धि की कामना की।शिक्षा ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा की समाज में सद्भावना, समानता और मानवता का संदेश देने वाले सतनाम पंथ के संस्थापक परम पूज्य गुरु घासीदास जी के उपदेशों की महत्ता को साझा किया। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा और नैतिक मूल्य प्रदान करने में प्रेरणास्रोत हैं।जैतखाम पर जोड़ा नारियल अर्पित कर समस्त जनमानस के सुख समृद्धि की कामना किये और उपस्थितजन को सम्बोधित करते हुए कहा की गुरु घासीदास जी के मनखे–मनखे एक समान प्रेरणादायी संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का आव्हान किया। उनके विचार समानता और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
- रायपुर, / राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्थावर संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण से संबंधित नई गाइडलाइन दरें 20 नवंबर 2025 से लागू कर दी हैं। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने वर्ष 2025-26 की गाइडलाइन दरों को अनुमोदित किया है।इसी क्रम में रायपुर जिले में वर्ष 2017-18 के बाद पहली बार गाइडलाइन दरों का व्यापक, तार्किक और युक्तियुक्त पुनरीक्षण किया गया है। लंबे समय से पुनरीक्षण नहीं होने के कारण नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य और गाइडलाइन दरों के बीच असंतुलन की स्थिति बन गई थी, जिसे अब संतुलित किया गया है।वर्ष 2019 और 2024 में रायपुर नगर निगम के वार्डों का परिसीमन हो चुका था, लेकिन इसके अनुरूप गाइडलाइन दरों का अद्यतन नहीं हो पाया था। इसी अवधि में रायपुर नगर निगम और उसके आसपास के क्षेत्रों में अनेक नए प्रमुख मार्ग, कॉलोनियां, व्यवसायिक परिसर, औद्योगिक क्षेत्र और नई बसाहटें विकसित हो गई थीं, जिनका गाइडलाइन में समावेशन नहीं था। इसके कारण एक ही मार्ग पर आमने-सामने की दरों में अंतर, समान परिस्थिति वाले क्षेत्रों में अलग-अलग दरें तथा एक ही वार्ड में स्थित स्वीकृत अभिविन्यास कॉलोनियों के नाम के आधार पर भिन्न-भिन्न दरें निर्धारित थीं।नवीन गाइडलाइन में इन विसंगतियों को दूर करते हुए रोड आधारित दर प्रणाली अपनाई गई है। उदाहरण के तौर पर रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 1 के अंतर्गत रिंग रोड नंबर 2 में पूर्व में एक ही मार्ग पर दो अलग-अलग दरें प्रचलित थीं। एक दर के अनुसार मुख्य मार्ग का मूल्य 19,000 रुपये प्रति वर्गमीटर और अंदर का मूल्य 9,800 रुपये प्रति वर्गमीटर था, जबकि दूसरी दर में मुख्य मार्ग का मूल्य 20,000 रुपये और अंदर का मूल्य 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर था। इन दोनों को युक्तियुक्त करते हुए मुख्य मार्ग के लिए 20,000 और अंदर के लिए 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर को आधार माना गया तथा यथोचित वृद्धि कर अब मुख्य मार्ग का मूल्य 30,000 और अंदर का मूल्य 20,000 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है।इसी तरह रायपुर–बिलासपुर रोड पर वार्ड नंबर 4 में समान परिस्थिति वाले क्षेत्र में मुख्य मार्ग की दर 53,000 और 45,000 रुपये प्रति वर्गमीटर अलग-अलग निर्धारित थी। इनका युक्तियुक्त औसत 50,000 रुपये मानते हुए इसमें वृद्धि कर नई दर 60,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। रायपुर–बलौदाबाजार रोड पर वार्ड नंबर 7 में मुख्य मार्ग की दर 28,000 और 38,000 रुपये प्रति वर्गमीटर थी, जिसे युक्तियुक्त करते हुए 45,000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है।जी.ई. रोड पर वार्ड नंबर 21, 22 और 23 में मुख्य मार्ग के लिए 32,000 और 55,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दो अलग-अलग दरें थीं। इन्हें समायोजित कर 50,000 रुपये आधार मानते हुए 60,000 रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार जी.ई. रोड वार्ड नंबर 27 में मुख्य मार्ग की दर 1,55,000 और 1,60,000 रुपये प्रति वर्गमीटर थी, जिसे युक्तियुक्त कर अब 1,95,000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। जयस्तंभ चौक से फाफाडीह चौक तक इसी वार्ड में 1,00,000 और 1,20,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दरों को समायोजित कर नई दर 1,45,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है।एक ही वार्ड के समान परिस्थिति वाले क्षेत्रों में भी दरों की समानता लाई गई है। वार्ड नंबर 12 में कॉलोनियों के लिए 35,000, 22,000 और 16,000 रुपये प्रति वर्गमीटर जैसी अलग-अलग दरें थीं, जिन्हें युक्तियुक्त कर 30,000 रुपये आधार मानते हुए 40,000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है। वार्ड नंबर 15 में अंदरूनी क्षेत्रों के लिए 7,600, 9,000 और 10,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दरों को समायोजित कर 12,000 रुपये प्रति वर्गमीटर किया गया है।स्वीकृत अभिविन्यास कॉलोनियों में भी नाम के आधार पर अलग-अलग दरें समाप्त की गई हैं। वार्ड नंबर 1 में बालाजी हाईट्स, अविनाश प्राइड, पार्थिव नगर और एमडी कॉलोनी के लिए 13,000 रुपये प्रति वर्गमीटर, जबकि अन्य कॉलोनियों के लिए 12,000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर थी। इन्हें समायोजित कर 12,000 रुपये आधार मानते हुए नई दर 15,000 रुपये प्रति वर्गमीटर तय की गई है। इसी तरह वार्ड नंबर 7 और वार्ड नंबर 9 में भी विभिन्न स्वीकृत अभिविन्यास कॉलोनियों की अलग-अलग दरों को समाप्त कर एक समान दर निर्धारित की गई है।गाइडलाइन को सरल बनाने के लिए कंडिकाओं की संख्या में भी बड़ी कमी की गई है। उदाहरण के लिए वार्ड नंबर 1 में पूर्व में 20 कंडिकाएं थीं, जिन्हें घटाकर 5 कर दिया गया है। पूरे रायपुर नगर निगम क्षेत्र में 70 वार्डों में कुल 861 कंडिकाएं थीं, जिन्हें युक्तियुक्त समायोजन के बाद 454 कर दिया गया है।ग्रामीण क्षेत्रों में भी दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। रायपुर–बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम धरसींवा, तिवरईया और चरीदा में पूर्व में मुख्य मार्ग के लिए 68 और 81 लाख रुपये तथा अंदरूनी क्षेत्रों के लिए 53, 52.5 और 45 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दरें थीं। इन्हें समायोजित कर अब मुख्य मार्ग के लिए 150 लाख और अंदरूनी क्षेत्र के लिए 120 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित किए गए हैं। इसी प्रकार सिलतरा, धनेली, सांकरा, पंढरभट्टा, भैसमुड़ा, मुर्रा तथा रिंग रोड नंबर 4 पर स्थित तेदवा, बोरझरा और कन्हेरा जैसे ग्रामों की दरों को भी समान परिस्थिति के आधार पर एकरूप किया गया है।इस तरह रायपुर जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में गाइडलाइन दरों से जुड़ी वर्षों पुरानी विसंगतियों और विषमताओं को दूर करते हुए तार्किक और राज्यपरक आधार पर नई गाइडलाइन तैयार की गई है, जिससे आम जनता को संपत्ति मूल्यांकन में पारदर्शिता, सरलता और वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप लाभ मिलेगा। file photo
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर को हिंसा से मुक्त कर शांति, विकास और विश्वास के मार्ग पर आगे बढ़ाना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिला सुकमा के गोंदीगुड़ा क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा की गई सटीक, साहसिक और सफल कार्रवाई ने माओवादी नेटवर्क को करारा झटका दिया है। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में हिंसा के दिन अब समाप्ति की ओर हैं और बस्तर तेज़ी से विकास तथा मुख्यधारा की दिशा में आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ नेतृत्व एवं स्पष्ट नीति, सुरक्षा बलों की सतत और प्रभावी कार्रवाई, राज्य सरकार की संवेदनशील पुनर्वास नीति तथा स्थानीय जनता के अटूट सहयोग से बस्तर में निर्णायक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। माओवाद की संरचना लगातार कमजोर हो रही है और उनकी हिंसक साजिशें अब प्रभावहीन होती जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है—जो लोग हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए पुनर्वास, आजीविका, सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य सुनिश्चित किया जाएगा। राज्य सरकार ऐसे सभी लोगों के साथ मानवीय दृष्टिकोण से खड़ी है। वहीं, जो अब भी हथियार और भय के रास्ते को नहीं छोड़ेंगे, उनके प्रति सरकार की कोई सहानुभूति नहीं होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि शांति, विकास और जनभागीदारी के संयुक्त प्रयासों से बस्तर एक सुरक्षित, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य की ओर तेजी से अग्रसर होगा।
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रायपुर ।खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने हेतु मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जिसके तहत दुर्ग जिले में भौतिक सत्यापन के दौरान गंभीर खामियां पाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिले की सेवा सहकारी समिति मर्यादित खिलोराकला में अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण और पंचनामा रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड से 282 बोरों द्वारा कुल 112.80 क्विंटल धान अधिक पाया गया। जिसमें 72.40 क्विंटल मोटा धान और 40.40 क्विंटल सरना धान शामिल है।
इसी प्रकार, सेवा सहकारी समिति मर्यादित कन्हारपुरी के भौतिक सत्यापन में भी भारी विसंगति मिली, जहाँ कुल 181 बोरा अतिरिक्त धान पाया गया और स्टॉक में मोटा धान (+437 बोरा) तथा सरना धान (-258 बोरा) के आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया। इन दोनों ही केंद्रों पर धान की स्टेकिंग अव्यवस्थित पाई गई, जो शासन की धान खरीदी नीति का स्पष्ट उल्लंघन है।इस घोर लापरवाही और छत्तीसगढ़ सेवा नियम 2018 के नियम 16.4 के अंतर्गत ’दुराचरण’ की श्रेणी में आने वाले आचरण के परिप्रेक्ष्य में, सक्षम प्राधिकारियों ने खिलोराकला के समिति प्रभारी श्री देवदत्त पटेल और कन्हारपुरी के समिति प्रभारी श्री सेवाराम पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा। - -राज्य शासन की ओर से तीर्थ यात्रियों के लिए सभी सुविधाएं निःशुल्करायपुर,। छत्तीसगढ़ सरकार की रामलला दर्शन योजना के तहत आज राजनांदगांव रेलवे स्टेशन से भारत गौरव स्पेशल ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस ट्रेन से 850 श्रद्धालु श्री रामलला के दर्शन के लिए रवाना हुए, जहां उन्हें रामलला के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा। राज्य शासन ने यात्रियों के लिए आने-जाने, रहने-खाने, रुकने और चिकित्सा जैसी सभी सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की हैं।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त, राजनांदगांव महापौर श्री मधुसूदन यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण रवींद्र एवं श्री खूबचन्द पारख ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। अतिथियों ने श्रद्धालुओं का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया और तीर्थयात्रा को बधाई व शुभकामनाएं दीं।रामलला दर्शन के लिए 850 श्रद्धालु भारत गौरव ट्रेन से अयोध्या रवानाट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचने पर तीर्थयात्रियों का जोरदार स्वागत किया गया। विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारा, जिला प्रशासन के अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।यात्रा में शामिल एक बुजुर्ग श्रद्धालु श्री रामू साहू ने कहा कि राज्य सरकार का यह प्रयास सराहनीय है। निःशुल्क सुविधाओं के साथ रामलला और काशी विश्वनाथ के दर्शन का अवसर मिलना हमारे लिए जीवन का सबसे बड़ा आशीर्वाद है।रामलला दर्शन के लिए 850 श्रद्धालु भारत गौरव ट्रेन से अयोध्या रवानायुवा तीर्थयात्री सुश्री राधा वर्मा ने भावुक होकर कहा कि रामलला दर्शन योजना से हम जैसे सामान्य परिवारों को यह सौभाग्य मिला। स्टेशन पर मिला स्वागत और सभी व्यवस्थाएं देखकर मन प्रसन्न हो गया। यह योजना छत्तीसगढ़ सरकार की धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है, जो श्रद्धालुओं को सुगम और सुलभ तीर्थयात्रा का अवसर प्रदान कर रही है।
- रायपुर । केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, छत्तीसगढ़ द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के विभिन्न जिलों की नवीन गाइडलाइन दरों को अनुमोदन प्रदान किया गया है। यह गाइडलाइन व्यापक सर्वेक्षण, क्षेत्रीय अध्ययन तथा वैज्ञानिक, निष्पक्ष और तर्कसंगत आधार पर तैयार की गई है। नई दरें 20 नवंबर 2025 से प्रदेशभर में प्रभावशील हैं। शासन का उद्देश्य भूमि के वास्तविक बाजार मूल्य को प्रतिबिंबित करना, वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को समाप्त करना तथा भूमि क्रय-विक्रय और पंजीयन प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाना है।इसी कड़ी में रायगढ़ जिले की नई गाइडलाइन दरों को अनुमोदन प्रदान किया गया है। कार्यालय जिला पंजीयक रायगढ़ के अनुसार यह गाइडलाइन दरें विभाग द्वारा किए गए व्यापक सर्वेक्षण, वैज्ञानिक अध्ययन एवं निष्पक्ष विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई हैं। नई दरें पारदर्शी, सरल एवं व्यवहारिक हैं, जिनमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में दरों का नए सिरे से युक्तियुक्तकरण किया गया है। इससे जिले में भूमि क्रय-विक्रय, पंजीयन एवं राजस्व प्रक्रिया अधिक सुगम होगी तथा किसानों, आम नागरिकों और व्यापारियों की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप संतुलन स्थापित किया गया है।उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग आठ वर्षों से गाइडलाइन दरों में कोई व्यापक परिवर्तन नहीं हुआ था। इस अवधि में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के चलते नई सड़कें, गलियां और आवासीय क्षेत्र विकसित हुए, वहीं पुराने गाइडलाइन ढांचे में लगातार नई कंडिकाएं जुड़ती चली गईं। परिणामस्वरूप एक ही वार्ड या एक ही सड़क पर अलग-अलग दरें प्रचलित हो गई थीं। इससे जहां शासकीय गाइडलाइन दर और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच बड़ा अंतर उत्पन्न हो गया था, वहीं भूमि स्वामियों को आर्थिक हानि के साथ-साथ बैंक ऋण एवं भू-अर्जन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इन सभी विसंगतियों को दूर करने के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 में वैज्ञानिक एवं पारदर्शी पद्धति से नई कलेक्टर दर गाइडलाइन तैयार की गई है।जिले के सभी उपपंजीयक कार्यालय रायगढ़, खरसिया, घरघोड़ा एवं धरमजयगढ़ में पूर्व में 141 वार्डों में कुल 515 कंडिकाएं थीं, जिन्हें समायोजित कर अब 178 कंडिकाएं निर्धारित की गई हैं। नगरीय क्षेत्रों में गाइडलाइन दरें पूर्व की असमानताओं को समाप्त करते हुए पुनर्गठित की गई हैं। रायगढ़ नगर पालिक निगम क्षेत्र में पहले 48 वार्डों में 295 कंडिकाएं थीं, जिन्हें विलोपित कर अब 48 वार्डों में केवल 71 कंडिकाएं रखी गई हैं। इसका उद्देश्य दरों में एकरूपता लाना और एक ही क्षेत्र के लिए अलग-अलग दरों की विसंगति को समाप्त करना है।उदाहरणस्वरूप नगर निगम रायगढ़ के वार्ड क्रमांक 1 में कोतरा रोड जैसे एक ही मार्ग पर पहले अलग-अलग कंडिकाओं के कारण भिन्न दरें प्रचलित थीं। कहीं मुख्य मार्ग की दर 10,790 रुपये थी तो कहीं 10,000 रुपये, जबकि अंदरूनी क्षेत्रों की दरें भी अलग-अलग थीं। नई गाइडलाइन में इन सभी कंडिकाओं को समेकित कर एक ही मार्ग पर आमने-सामने समान दरें निर्धारित की गई हैं तथा वार्ड सीमाओं के भीतर अंदरूनी क्षेत्रों की दरों को भी एकसमान किया गया है। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 12 में एक ही सड़क पर विभिन्न कंडिकाओं के कारण 40,000 रुपये से लेकर 13,300 रुपये तक की अलग-अलग मुख्य मार्ग दरें थीं, जिन्हें अब युक्तियुक्तकरण कर एक समान कर दिया गया है।एक ही मुख्य मार्ग से लगे अलग-अलग वार्डों में भी पूर्व में दरों में भारी अंतर पाया गया था। उदाहरण के तौर पर रेलवे अंडरब्रिज से जुटमिल मार्ग या मुस्लिम कब्रिस्तान से खराखाट रपटा पुल जैसे मार्गों पर अलग-अलग वार्डों में अलग-अलग दरें थीं, जबकि बाजार मूल्य लगभग समान था। नई गाइडलाइन में ऐसे सभी मामलों में पूरे मार्ग पर समान दरें लागू की गई हैं। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 17 के मुख्य मार्ग की युक्तियुक्त दर को वार्ड क्रमांक 01, 14, 15, 16, 39 एवं 40 तक समान रूप से लागू किया गया है।नगर निगम क्षेत्र की कॉलोनियों में भी व्यापक सुधार किया गया है। वर्तमान में नगर निगम सीमा के भीतर 267 कॉलोनियां और सीमा के बाहर 11 कॉलोनियां हैं। पूर्व में इन कॉलोनियों की दरों में काफी भिन्नता थी, जिसे समाप्त कर समान प्रकृति और समान सुविधाओं वाली कॉलोनियों के लिए एकसमान दरें निर्धारित की गई हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में गाइडलाइन का निर्धारण नक्शों और जियो-लोकेशन आधारित सर्वे के माध्यम से किया गया है। सर्वे में यह पाया गया कि मुख्य मार्ग और अन्य मार्ग पर स्थित समान प्रकार की भूमि का बाजार मूल्य लगभग समान है। इसी आधार पर मुख्य मार्ग तथा अन्य मार्ग के आमने-सामने स्थित भूमि की दरों में समानता रखी गई है। ग्रामों से होकर गुजरने वाली सड़कों के दोनों ओर स्थित गांवों की दरों को भी एकसमान किया गया है। आसपास स्थित और समान महत्व वाले ग्रामों को वर्गीकृत कर प्रत्येक वर्ग के लिए एक समान दर निर्धारित की गई है।उदाहरण के रूप में रायगढ़–खरसिया मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम जोरापाली, धनागर और रामपुर छोटे; रायगढ़–घरघोड़ा मार्ग पर लाखा, गेरवानी और शिवपुरी; तथा रायगढ़ से जिंदल स्टील प्लांट होते हुए खरसिया मार्ग पर खैरपुर और बिराईपानी में समान परिस्थितियों के आधार पर दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। वहीं रायगढ़ से ओडिशा नेशनल हाईवे के बीच स्थित ग्राम झलमला, भाठनपाली, दूमरमुडा और मिडमिका में मुख्य मार्ग और अंदरूनी क्षेत्रों के बीच वर्षों से चली आ रही विसंगतियों को भी समायोजित किया गया है।इसके साथ ही शासन द्वारा जनसुविधा की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण राहतें भी दी गई हैं। हकत्याग, दानपत्र एवं बंटवारा नामा जैसे दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क मात्र 500 रुपये निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर दर को समाप्त कर भूमि का मूल्यांकन हेक्टेयर दर पर किए जाने का प्रावधान किया गया है। परिवर्तित भूमि में सिंचित भूमि की दो गुना गणना समाप्त की गई है तथा वृक्षों पर लगने वाले प्रभार भी समाप्त कर दिए गए हैं।नई गाइडलाइन दरों के निर्धारण में शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों, जनसामान्य के हित, पारदर्शिता और वैज्ञानिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिले के सभी वार्डों और कॉलोनियों में वर्षों से चली आ रही असमानताओं को दूर करते हुए दरों को तर्कसंगत, संतुलित और न्यायसंगत बनाया गया है। नई व्यवस्था से जहां आम नागरिकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी, वहीं भूमि क्रय-विक्रय और पंजीयन की प्रक्रिया अधिक सरल, स्पष्ट और पारदर्शी होगी।





















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