- Home
- छत्तीसगढ़
- 0- गंगरेल नौकायान उत्सव’ से धमतरी को मिली नई पहचान, 52 टीमों ने दिखाया दम0- महानदी की लहरों पर दौड़ी रफ्तार, गंगरेल बोट चैंपियनशिप सफलतापूर्वक संपन्न0- जल, खेल और संस्कृति का संगम: गंगरेल में भव्य नौकायान प्रतियोगिता आयोजितधमतरी. आज का दिन धमतरी जिले के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार गंगरेल बांध की शांत एवं मनमोहक जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में आयोजित इस रोमांचक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अद्भुत गति, संतुलन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह, रोमांच और जनसहभागिता का अद्वितीय संगम देखने को मिला।इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित समीपवर्ती जिलों कांकेर एवं बालोद की कुल 52 टीमों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक श्री ओमकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।महिला सहभागिता ने बढ़ाया गौरवइस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की श्रीमती चयन बाई, श्रीमती सुमन एवं श्रीमती दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक संदेश भी दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और साहस सभी के लिए अनुकरणीय रहा।प्रतियोगिता के परिणामप्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए—• प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 04 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद)• द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 11 (मंडावी एवं पनवल कोलियारी)• तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी)इसके अतिरिक्त—• वेशभूषा पुरस्कार: बोट क्रमांक 06 (पवनबाई निषाद तिर्रा एवं देवनबती निषाद)• सजावट पुरस्कार: बोट क्रमांक 08 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद)विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए—• प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000• द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000• तृतीय पुरस्कार: ₹25,000साथ ही बोट सजावट एवं वेशभूषा के लिए ₹11,000 के विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जिला प्रशासन द्वारा महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए ₹15,000, ₹10,000 एवं ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की भी घोषणा की गई।विधायक श्री ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं जल पर्यटन को नई पहचान प्रदान करेगा। महापौर श्री रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं में खेल एवं साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित होगी।अन्य प्रमुख गतिविधियाँकार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मत्स्य विभाग द्वारा 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए गए, जिससे मत्स्य व्यवसाय को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। साथ ही जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया।पर्यटन और विकास की नई दिशा‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति एवं खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- दुर्ग. उल्लास साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान आंकलन परीक्षा का आयोजन 22 मार्च 2026 को किया गया। जिसमें 18 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षर जिन्हें स्वयंसेवी शिक्षकों के माध्यम से 200 घण्टे का अध्यापन कराकर साक्षर किया गया, उन्हें सम्मिलित किया गया। तीनों विकासखण्डों में परीक्षा हेतु कुल 316 केन्द्र बनायें गये। परीक्षा का समय शिक्षार्थियों की सुविधा अनुसार प्रातः 10 बजे से 5 बजे तक निर्धारित किया जिसमें प्रत्येक शिक्षार्थी के लिये 03 घण्टें का समय आबंटित था ।परीक्षा के दौरान पूरे केन्द्रों में उल्लासमय वातावरण था। जहाँ शिक्षार्थी परीक्षा देने के लिये बहुत उत्साहित दिखे। हर केन्द्र में परीक्षार्थियों का स्वागत तिलक लगाकर, कहीं फूल-माला पहनाकर तो कही बैण्ड बाजे के साथ स्वागत किया गया। परीक्षा केन्द्रों में 18 से लेकर लगभग 80-85 साल के बुजुर्ग भी बड़ी गम्भीरता से प्रश्न पत्र हल करते पाये गये । कुछ केन्द्रों में पति-पत्नि, सास-बहु, एक साथ बैठकर परीक्षा देते हुये तो कही माँ बच्चे को गोद में बैठाकर परीक्षा देते हुये दिखाई दिये। परीक्षा के पूर्व घर-घर सम्पर्क कर शिक्षार्थियों को परीक्षा हेतु कही पीला चांवल देकर, कही विद्यार्थियों के द्वारा आमंत्रण कार्ड बनाकर कही तिलक लगाकर परीक्षा तिथि को परीक्षा केन्द्र में उपस्थित होने हेतु आमंत्रित किया गया ।परीक्षा के सुचारू संचालक के लिये जिला, विकासखण्ड एवं संकुल स्तर पर मॉनिटरिंग दल का गठन किया गया। सभी स्तर के अधिकारियों के द्वारा केन्द्रों का सघन मॉनिटरिंग किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद कुमार मिश्रा के द्वारा विकासखण्ड धमधा, डॉ पुष्पा पुरूषोतम जिला नोडल अधिकारी के द्वारा विकास पाटन एवं श्री विनोद सिन्हा जिला मिशन समन्वयक द्वारा विकासखण्ड दुर्ग के विभिन्न केन्द्रों का अवलोकन किया गया। इनके अलावा उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के जिले के ब्रांड एम्बेसडर डॉ. विश्वनाथ पाणिग्रही द्वारा भी विभिन्न केन्द्रों का अवलोकन किया गया । यह परीक्षा एनआईओएस द्वारा आयोजित है। इसमें उत्तीर्ण होने वाले शिक्षार्थियों को साक्षर होने का प्रमाण पत्र एनआईओएस, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (National Institute of Open Schooling) द्वारा दिया जाता है। प्रश्न पत्र में तीन खंड होते हैं जिसमें पढ़ना, लिखना और गणितीय कौशल से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
- -
- धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने किया पुरखौती विरासत यात्रा का आयोजनधमधा। ऐतिहासिक नगर धमधा में आयोजित संगोष्ठी में “छै आगर छै कोरी तरिया” यानी 126 तालाबों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए वैज्ञानिक कार्ययोजना बनाने पर विशेषज्ञों ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी एक गांव में इतने तालाब होना गौरवान्वित करने वाला है, इसे अक्षुण्ण बनाये रखने प्राकृतिक तरीके संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता है। इसके लिये हम सब मिलकर वैज्ञानिक तरीके से कार्ययोजना बनाएं।धमधा के विश्राम गृह में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें जानव अपन धमधागढ़, तरिया अऊ पुरखौती धरोहर ल विषय पर चर्चा हुई। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एसके पाण्डेय ने कहा कि किसी भी विरासत को संजोकर रखना आज बहुत बड़ी चुनौती है। धमधा में कांसे का लोटा बनाने के उद्योग इसी कठिन चुनौती से जूझ रहे हैं। किसी जमाने में ये हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मनिर्भरता की पहचान होती थी। यहां के प्राचीन स्मारक, मंदिर, पुरातात्विक अवशेष धमधा की ऐतिहासिक नगर होने की पहचान हैं। किसी एक स्थान पर इतने बड़े-बड़े तालाब होने अपने आप में चौंकाने वाला है। इन्हें संभालकर और सहेजकर रखना होगा, तभी भावी पीढ़ी खुशहाल जीवन जी सकेगी।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति डॉ. एसके पाटिल ने कहा कि मेरी प्रारंभिक शिक्षा धमधा में ही हुई है। यहां के तालाब और आम के बगीचे, मंदिर स्मृति में हैं। आज पुरखौती विरासत यात्रा से धमधा की खासियत का ओर पता चला। पूरे भारत में छै आगर छै कोरी तरिया यानी 126 तालाब बहुत कम स्थानों पर हैं। यहां ये मोतियों की माला की तरह एक दूसरे से जुड़े हुए थे। बारिश का पानी खेतों से बहकर इन तालाबों को भर देता था। उस पुरानी नहर प्रणाली को और भी वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन करने की आवश्यकता है। इसके आधार पर यहां के 126 तालाबों को पुनर्जीवित करने की योजना बनी जानी चाहिए। इसमें धर्मधाम गौरवगाथा समिति का प्रयास सराहनीय है। सभी को साथ मिलकर वैज्ञानिक ढंग से एक विस्तृत कार्ययोजना बनानी चाहिए। मैं भी इसमें अपने अनुभव और सुझाव साझा करना चाहूंगा। ताकि धमधा की यह विरासत हमें जल संरक्षण के प्रति सदैव जागरुक करता रहे।छत्तीसगढ़ राज्य साक्षरता प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. डीएन शर्मा ने कहा कि धमधा के विरासत को देखकर लगता है कि इसे राष्ट्रीय मानचित्र पर लाना चाहिए। इसे लेकर स्थानीय स्तर से लेकर राज्य स्तर पर सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है।समाजसेवी श्री रमेश पटेल ने कहा कि धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने सामूहिक प्रयास से विलुप्त हो चुके सात तालाब को फिर से पुनर्जीवित करने में योगदान दिया। शासन इस समिति को विलुप्त हो चुके अन्य 32 शासकीय तालाबों को प्रदान करे, ताकि उन्हें भी समिति पुनर्जीवित कर सके।छत्तीसगढ़ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष श्री रवि श्रीवास्तव ने कहा कि धमधा के प्राचीन कांसा उद्योग और यहां के पुराने मकान वास्तव में धरोहर हैं, जहां निवास, गोदाम और दुकान एकसाथ होते थे। बिना बिजली के ठंडक और रोशन रहने वाले मकान देखकर बहुत अच्छा लगा। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती श्वेता प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि धमधा की प्राचीन विरासत को बचाने के लिए पुरातात्विक नियमों के अनुसार कार्य किया जाएगा ताकि हमरी धरोहर पर आने वाली पीढ़ी गर्व कर सके। पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्री राजीव गुप्ता ने कहा कि धर्मधाम गौरवगाथा समिति सबका सहयोग लेते हुए बीते 10 वर्षों से प्राचीन धरोहर और तालाबों के संरक्षण के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रही है।स्वागत भाषण श्री वीरेंद्र देवांगन ने दिया। मंच संचालन श्री गोविन्द पटेल ने किया। आभार प्रदर्शन सामर्थ्य ताम्रकार साजन ने किया।इसमें उत्कृष्ठा स्वयंसेवी संस्था की अध्यक्ष श्रीमती शालू मोहन, संडे कैंपस के संपादक श्री दीपकरंदन दास, संपूर्णानंद महाविद्यालय की प्राचार्य एवं इंटैक संयोजक डॉ. हंसा शुक्ला, कवयित्री श्रीमती विद्या गुप्ता, श्रीमती शानू मोहनन, छायाचित्रकार श्री कांतिकुमार सोलंकी, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक डॉ. प्रज्ञा सिंह, सुप्रसिद्ध कलाकार डॉ. महेश चतुर्वेदी, सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री ममता जोगी, भिलाई महिला कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. संध्या मदन मोहन, बाल साहित्यकार श्री कमलेश चंद्राकर, अभिनव जीवन कल्याण समिति दुर्ग के अध्यक्ष श्री जगमोहन सिन्हा, मातृशक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. अलका दास, शिक्षक डॉ. प्रज्ञा सिंह, नवनीत तिवारी, जुगल किशोर साहू, धर्मेंद्र साहू, सुनील साहू मड़ियापार, केशर सिंह दीक्षित देवकर शामिल हुए। धमधा से सर्वश्री मुखराज किशोर यादव, डीपी शर्मा, ईश्वरी निर्मलकर, अशोक देवांगन, अशोक धीवर, तुलेश्वर कहार, संतोष उमरे, धर्मेंद्र यादव, उमेश सोनी, आनंद यादव, विकास राजपूत, लोकेंद्र ब्रम्हभट्ट, पीयूष ताम्रकार, रेखराम साहू, देवीलाल धीवर, केशव देवांगन, विवेकानंद ताम्रकार, किशोर कुमार साहू, अरविंद ताम्रकार, रामदेव शर्मा, भुवनेश्वर धीवर, डोमार वर्मा, सुयश ताम्रकार, किशोर साहू, दुष्यंत साहू करेली उपस्थित थे।ऐतिहासिक नगर धमधा सांस्कृतिक विरासत को जानने-समझने के उद्देश्य से “धमधागढ़ हेरिटेज वॉक – पुरखौती विरासत यात्रा का भ्रमण” का आयोजन धर्मधाम गौरवगाथा समिति ने किया। इसमें एक हजार साल पुराने मंदिर और राजा किले से पर्यटक रुबरु हुए। वहीं छै आगर छै कोरी तरिया (126 तालाब) की श्रृंखला को देखकर अचंभित हुए। सैकड़ों साल से संचालित हस्तशिल्प कांसा उद्योग और वहां बने मिट्टी व बेशकीमती इमारती लकड़ी से बने मकानों को देखकर वे प्रफुल्लित हो गए।इसमें दो पूर्व कुलपति डॉ. एसके पांडेय एवं डॉ. एसके पाटिल समेत 20 प्रोफेसर, प्रिंसिपल व कवि लेखक सहित भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास (INTACH) भिलाई-दुर्ग के प्रतिनिधि शामिल हुए। सर्वप्रथम पंडितवा तालाब से यात्रा आरंभ हुई, जहां बताया गया कि धमधा छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक नगर था, जिसके बारे में ब्रिटिश गजेटियर में लिखा गया है कि धमधा इतना प्रसिद्ध था कि रायपुर की दिशा बताने के लिए धमधा-रायपुर कहकर इंगित किया जाता था।यात्रा में कबीर पंथ के पांचवे गुरु केवल मुनि नाम साहेब की समाधि, दानी तालाब, नईया तालाब और उनसे जुड़े प्राचीन बुढ़वा नरवा को पर्यटकों ने बारिकी से देखा और समझा की पुराने समय में 126 तालाबों में पानी भरने के लिए प्राकृतिक ढलान का उपयोग करते हुए बारिश के पानी को बिना किसी पंप या बिजली की सहायता से लाया जाता था। त्रिमूर्ति महामाया मंदिर, बूढ़ादेव और राजा किला की सुरक्षा के लिए बनाए बूढ़ा तालाब व टार तालाब को उन्होंने देखा। महामाया मंदिर के पुजारी उमेश शर्मा ने पर्यटकों से विधि विधान से पूजन कराया और मंदिर का महत्व बताया। राज्य संरक्षित स्मारक विष्णु मंदिर, चौखड़िया और शीतला मंदिर का प्रतिमाओं का भी पर्यटकों ने अवलोकन किया। तमेर पारा में अशोक कसार के कांसा उद्योग में गर्म भट्टी और सांचे से लोटा ढालते और उसे चमकाते हुए दिखाया गया। विमलचंद ताम्रकार के सौ साल पुराने पठऊंवा वाले मकान को देखकर पर्यटक काफी प्रभावित हुए। वहां ठंडक और इमारती लकड़ी की कारीगरी से वे प्रभावित हुए। शिक्षक विष्णु प्रसाद ताम्रकार की बनाई मूर्तियों ने पर्यटकों का मन मोह लिया। मूर्तियां ऐसी थी मानों जीवंत हों। -
रायपुर । जिले के स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, रायपुर द्वारा 23 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा।
इस प्लेसमेंट कैम्प में निजी क्षेत्र के दो नियोजक शामिल होंगे। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड रायपुर द्वारा अर्बन प्रमोटर (महिला/पुरुष) के 100 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं एवं स्नातक/स्नातकोत्तर निर्धारित है। चयनित अभ्यर्थियों को 10,000 रुपये से 20,000 रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा।इसके अतिरिक्त पेस्ट कंट्रोल टेक्नीशियन के 05 पदों पर भी भर्ती की जाएगी, जिसके लिए न्यूनतम योग्यता 8वीं पास निर्धारित है। इन पदों के लिए 10,000 रुपये से 14,000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।इच्छुक अभ्यर्थी अपने बायोडाटा, आधार कार्ड तथा शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता के प्रमाण पत्रों की छायाप्रति के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला रोजगार कार्यालय, रायपुर से संपर्क कर सकते हैं। इस प्लेसमेंट कैम्प में भाग लेने हेतु अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल e-rojgar.cg.gov.in पर पंजीयन करना अनिवार्य है। पंजीयन के पश्चात ही अभ्यर्थी कैम्प में शामिल हो सकेंगे। - दुर्ग, / आदर्श शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था भिलाई द्वारा 24 मार्च 2026 को एक दिवसीय जॉब फेयर का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन जी.ई. रोड पावर हाउस परिसर में होगा, जिसमें विभिन्न कंपनियां आईटीआई, 10वीं और 12वीं पास युवाओं की भर्ती करेंगी।आदर्श औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था से मिली जानकारी के अनुसार इच्छुक अभ्यर्थी सुबह 9.30 बजे से 11 बजे तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को अपने साथ 10वीं, 12वीं एवं आईटीआई की मार्कशीट, प्रमाण पत्र और रिज्यूम लेकर उपस्थित होना होगा।इस जॉब फेयर में कई उद्योग/प्रतिष्ठित कंपनियां भाग ले रही हैं। कर्टेल लाईफ साईंस प्राईवेट लिमिटेड द्वारा आईटीआई पास उम्मीदवारों के लिए ट्रेनी ऑपरेटर के पद पर भर्ती की जाएगी। जॉब लोकेशन अकोला दुर्ग रहेगी। वहीं सत्या ट्रकिंग प्रा.लि. द्वारा डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन और फिटर के कुल 36 पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों की जॉब लोकेशन रायपुर निर्धारित की गई है। इसके अलावा रैंडस्टैण्ड इंडिया जैसी बड़ी कंपनियों में भी भर्ती का अवसर मिलेगा।
- -समृद्ध और विकसित बस्तर बनाने का प्रयास : वन मंत्री श्री केदार कश्यपरायपुर / बस्तर की ऐतिहासिक और नैसर्गिक धरा उस समय गौरवशाली क्षण की साक्षी बनी, जब ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ में उत्साह का अभूतपूर्व जन सैलाब उमड़ा और 9,800 से अधिक पंजीकृत धावकों ने भाग लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बस्तर के बदलते स्वरूप, बढ़ती शांति और शासन की ‘पूना मारगेम’ जैसी पुनर्वास नीतियों की सफलता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ बस्तर के जगदलपुर स्थित लालबाग से प्रारम्भ होकर चित्रकोट जल प्रपात के समीप समापन पश्चात आयोजित समारोह के अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने मैराथन के विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि समृद्ध और विकसित बस्तर बनाने का प्रयास के साथ बस्तर क्षेत्र में बस्तर हैरीटेज मैराथन 2026 का आयोजन एक मील का पत्थर साबित होगा। बस्तर बदल रहा है, बस्तर जो चार दशक से अशांत क्षेत्र रहा अब शांति का गढ़ बन रहा है। यहाँ के युवा खेल गतिविधियों के साथ ही देश के प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफल हो रहे हैं। शांति के इस माहौल में बस्तर मैराथन में देश-विदेश के कई राज्यों और प्रदेश के अन्य जिलों तथा बस्तर संभाग के खिलाड़ी शामिल हुए।उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को बधाई देते भविष्य में पुनः भव्य आयोजन की आशा व्यक्त की।समारोह में विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में अबूझमाड़ हाफ मैराथन आयोजन के बाद बस्तर हैरिटेज मैराथन का आयोजन शांति, विकास और समृद्धि का नया अध्याय है । अब बस्तर में विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति दी जाएगी इसी का एक प्रयास मैराथन का आयोजन है । इस अवसर पर सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप और विधायक श्री विनायक गोयल ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मैराथन के विजेताओं को बधाई दी।'बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का मुख्य आकर्षण 42 किलोमीटर की फुल मैराथन रही, जिसकी शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से हुई और समापन ‘भारत का नियाग्रा’ कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के तट पर हुआ। आयोजन को समावेशी बनाने के उद्देश्य से इसे 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की श्रेणियों में विभाजित किया गया था। 21 किमी दौड़ पोटानार तक, 10 किमी दौड़ कुम्हरावंड तक, जबकि 5 किमी की दौड़ लालबाग से दलपत सागर रानीघाट तक आयोजित की गई, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशासन द्वारा 25 लाख रुपये की आकर्षक इनामी राशि घोषित की गई थी। साथ ही स्थानीय धावकों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा का अवसर देने हेतु ‘बस्तर कैटेगरी’ का विशेष प्रावधान रखा गया और बस्तर जिले के निवासियों के लिए पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क रखा गया।विशेष बात यह रही कि इस मैराथन में मांझी- चालकी समुदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे आयोजन की सामाजिक समावेशिता और अधिक सुदृढ़ हुई। इस भव्य आयोजन ने न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित किया, बल्कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति, शांति और विकास की नई तस्वीर को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पांडेय, ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री बलदेव मंडावी, सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मांझी- चालकी, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई जी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में "इनोवेशन महाकुंभ 1.0" के पोस्टर का विमोचन किया।इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति श्री मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक श्री जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे। बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।
-
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आरडीसी रोड से बाकल लंबाई 2.45 किलो मीटर मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। निर्माण के दौरान विभाग द्वारा गुणवत्ता मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतत निगरानी रखी गई। वर्तमान में पूरे मार्ग का डामरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा गुणवत्ता परीक्षण में कार्य संतोषजनक पाया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों की मजबूती और दीर्घकालिक गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिक उद्देश्य है। अधीक्षण अभियंता दुर्ग संभाग श्री बीएस पटेल द्वारा सड़क का निरीक्षण किया गया, जिसमें पूर्व में बिछाए गए ओवरहीट मटेरियल एवं उसके स्थान पर किए गए सुधार कार्य की समीक्षा की गई। उन्होंने सुधार कार्य को मानक अनुरूप पाते हुए संतोष व्यक्त किया।
कार्यपालन अभियंता ने बताया कि डामरीकरण के दौरान ठेकेदार लेखराम साहू के प्लांट में अचानक तकनीकी खराबी आने से डामर मिश्रण ओवरहीट हो गया, जो उपयोग के लिए अनुपयुक्त था। निरीक्षण के उपरांत ऐसे मटेरियल को तत्काल हटाकर पुन: मानक अनुसार डामरीकरण कराया गया।
इसके बाद पुन: प्लांट में आई खराबी के कारण बिछाए गए अनुपयुक्त मटेरियल को भी ग्रेडर के माध्यम से हटवाकर अगले ही दिन उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराया गया। तकनीकी अधिकारियों की उपस्थिति में प्रभावित हिस्सों का पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया गया। कार्य में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - - जिला महिला जागृति शिविर में व्याख्यान.रायपुर। प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञ एवं अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने जिला स्तरीय महिला जागृति शिविर में कहा कि महिला जागृति का अर्थ है ,महिलाओं को उनके अधिकारों ,उनकी क्षमताओं और उनके सामाजिक महत्व के बारे में जागरूक करना, जबकि अंधविश्वास महिला जागृति की राह में लिए एक बड़ा बाधक तत्व है.। अंधविश्वास के कारण जब कुछ महिलाएं अपने अधिकारों और क्षमताओं को नहीं समझ पाती है तो वे अपने भविष्य को संवारने में न सक्षम होती हैं , और न दूसरों को प्रेरित कर पाती हैं.।धरसीवां विकासखंड ग्राम गोढ़ी मोहदी के शासकीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि बालिका शिक्षा महिलाओं में जागृति का एक महत्वपूर्ण साधन है। एक बालिका को शिक्षित करने से न केवल वह बल्कि भविष्य का पूरा एक परिवार शिक्षित होता है । साथ ही महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में पता चलता है । अच्छी शिक्षा के साथ ही महिलाओं को परिवार एवं समाज का समर्थन भी आवश्यक है। इससे भी वह अपने भावी कदमों को तय करने एवं मंजिल प्राप्त करने के लिए न केवल प्रेरित होती है बल्कि सफल भी होती है.।महिलाओं को जागृत करने में स्थानीय महिला समूहों ,संगठनों की भी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है । वह उन्हें राह दिखाने करने तथा उनके उत्साह वर्धन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शासन के द्वारा संचालित योजना की महिलाओं में जागृति एवं क्षेत्र का प्रचार करने में सहयोग प्रदान कर सकते हैं, बल्कि एक महिला के सुशिक्षित , जागरूक होने से समाज में बहुत सारे सकारात्मक परिवर्तन हो सकते हैं। उनकी स्थिति में सुधार होगा ,उनके अधिकारों का सम्मान होगा और महिलाओं की भागीदारी समाज की विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ेगी.। साथ ही समाज के दृष्टिकोण में भी धीरे-धीरे परिवर्तन आएगा यह एक सतत प्रक्रिया है । जिसके लिए शिक्षा सामाजिक समर्थन मिला संगठन मीडिया तथा सरकारी योजनाओं का भी संबल मिलन आवश्यक है ।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए समाज में व्याप्त और अंध विश्वास एवं कुरीतियों के बारे में चर्चा करना बहुत महत्वपूर्ण है । अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियां महिला जागरण की राह में एक बड़ा बाधक तत्व है,। अंधविश्वास के कारण अनेक महिलाएं अपने अधिकारों एवं क्षमताओं को नहीं समझ पाती हैं जिससे अपना भविष्य बनाने में पीछे रह जाती है. ।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि आज भी कुछ स्थानों में महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखा जाता है, तो किन्हीं समाजों में महिलाओं को पर्दे में रखा जाता है। दहेज प्रथा, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियां आज भी कुछ वर्गों में जारी है , जो वर्तमान समय में महिलाओं के लिए घातक है.।डॉ दिनेश मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियां और अंधविश्वासों के संबंध में चर्चा करते हुए कहा कि जादू टोने जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है, यह सिर्फ अंधविश्वास है पर आज भी अनेक महिलाओं को जादू टोना कर बीमार करने के संदेह में, टोनही, डायन कहने, मारने, पीटने, हत्या के मामले आते हैं , जो दुखद , शर्मनाक है यह सब बंद होना चाहिए।डॉ दिनेश मिश्र ने कहा कि कोई महिला टोनही नहीं होती, किसी भी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसकी उचित जांच, उपचार होना चाहिए, झाड़ फूंक, कथित तंत्र मंत्र से कोई ठीक नहीं हो सकता। चमत्कार होने के लालच में कथित तांत्रिकों के जाल , बहकावे में न फंसे.।कार्यक्रम में आयुक्त श्री महादेव कावरे,पूर्व आई ए एस श्रीमती इंदिरा मिश्र, महिला बाल विकास विभाग की श्रीमती ए.श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
-
- राजनांदगांव जिले में एक सप्ताह में 347 क्विंटल दलहन-तिलहन उपार्जन
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में रबी मौसम की दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसके लिए कृषि सहित संबंधित विभागों को किसानों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत 15 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के उपार्जन केंद्रों तथा एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड, सुकुलदैहान के माध्यम से खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। जिसके लिए सोयाबीन 5 हजार 328 रूपए प्रति क्विंटल, अरहर 8 हजार रूपए प्रति क्विंटल, चना 5 हजार 875 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर 7 हजार रूपए प्रति क्विंटल तथा सरसों 6 हजार 200 रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
उपसंचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि इस सप्ताह जिले में कुल 347 क्विंटल दलहन-तिलहन की खरीदी की गई है। इसमें एफपीओ सुकुलदैहान द्वारा 75 किसानों से 53 क्विंटल चना, 220 क्विंटल मसूर एवं 1 क्विंटल सरसों तथा सेवा सहकारी समिति तुमड़ीबोड़ द्वारा 73 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी की गई है। एकीकृत किसान पोर्टल में पीएसएस के तहत चना के लिए 529 किसान, मसूर के लिए 264 किसान एवं राई व सरसों के लिए 82 किसानों सहित कुल 649 किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। शेष किसानों से भी अपील की गई है कि वे शीघ्र पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। किसान एकीकृत किसान पोर्टल एवं नाफेड के ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कराएं, ताकि खरीदी की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यह योजना दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। - महासमुंद / छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिले के महासमुंद अंतर्गत केनाल लिंक मार्ग के निर्माण एवं पुल-पुलिया सहित कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस परियोजना के तहत लगभग 3.125 किलोमीटर लंबाई के मार्ग का निर्माण किया जाएगा।लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस कार्य के लिए 381.36 लाख रुपये (लगभग 3.81 करोड़ रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। कार्य का क्रियान्वयन लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित मानकों एवं प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।निर्देशों में निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी तथा कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा। पुल एवं पुलिया का निर्माण भी स्वीकृत डिजाइन एवं ड्रॉइंग के अनुरूप किया जाएगा। उक्त स्वीकृति से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री सी एस चंद्राकर ने बताया कि यह सड़क खल्लारी मंदिर भलेसर रोड से केंद्रीय विद्यालय की तरफ से जाकर बरोंडा रोड में मिलेगा।
- महासमुंद / जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वच्छता को जन-आंदोलन का रूप देने हेतु 17 मार्च से 27 मार्च 2026 तक सभी ग्राम पंचायतों में स्वच्छता प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। प्रतियोगिता के तहत निर्धारित तिथिवार कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता, व्यवहार परिवर्तन एवं सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।प्रतियोगिता की शुरुआत 17 मार्च को प्रत्येक विकासखंड की ग्राम पंचायतों में कार्यशालाओं, वीडियो प्रदर्शन, IEC सामग्री एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से की गई, जिसमें सरपंचों एवं वार्ड सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। 18 मार्च को स्वच्छाग्राहियों द्वारा घर-घर जाकर शौचालय उपयोग, हाथ धोने की आदत एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया। 19 मार्च को विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों में स्वच्छता सत्र आयोजित कर बच्चों को हाथ धोने का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया तथा निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वच्छता के प्रति रुचि विकसित की गई। 20 मार्च को सोशल मीडिया के माध्यम से स्वच्छता संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। वहीं 21 मार्च को स्थानीय भाषा में नुक्कड़ नाटक एवं रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया गया। 22 मार्च को स्वच्छाग्राहियों, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों को शौचालय निर्माण एवं व्यवहार परिवर्तन की तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।इसी तरह 23 मार्च को पंचायत स्तर पर दीवार लेखन एवं चित्रण के माध्यम से दृश्य जागरूकता बढ़ाई जाएगी तथा 24 मार्च को सामुदायिक चौपालों का आयोजन कर स्वच्छता एवं जल संरक्षण पर चर्चा की जाएगी, जिसमें लोकगीतों का भी उपयोग किया जाएगा। 25 मार्च को प्रत्येक पंचायत में सामुदायिक स्थलों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। 26 मार्च को जिला स्तर की समिति द्वारा मैदानी सर्वेक्षण कर शौचालय उपयोग एवं स्वच्छता प्रथाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। अभियान के अंतिम दिवस 27 मार्च को जिला स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विकासखंडों की प्रगति पर चर्चा की जाएगी तथा अंतिम स्कोरिंग एवं रैंकिंग सुनिश्चित की जाएगी, जिसके आधार पर विजेता एवं उपविजेता पंचायतों की घोषणा की जाएगी।सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत नन्दनवार ने इस संपूर्ण गतिविधि के दौरान प्रत्येक विकासखंड से स्वच्छता आधारित रील्स तैयार कर व्हाट्सएप एवं फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जनसहभागिता को और अधिक बढ़ावा मिल सके। साथ ही पंचायतों में दीवार चित्रण, रैलियों, नुक्कड़ नाटकों एवं चौपालों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित की जा रही है। गतिविधियों के परिणामस्वरूप सभी पंचायतों में स्वच्छता के प्रति 100 प्रतिशत जागरूकता, कम से कम 80 प्रतिशत घरों तक स्वच्छता संदेशों की पहुंच, विद्यार्थियों में स्वच्छ आदतों का विकास, सामाजिक सहभागिता में वृद्धि तथा स्वच्छता प्रथाओं में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विकासखंड से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर व्यवहार परिवर्तन से संबंधित आंकड़ों का संकलन किया जाएगा, जिससे कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर आगे की रणनीति बनाई जा सके।सीईओ जिला पंचायत श्री नन्दनवार द्वारा निर्देशित किया गया है कि समस्त ग्राम पंचायतों में निर्धारित तिथिवार गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन समय-सीमा में इस कार्यालय को प्रेषित किया जाए, ताकि अभियान का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।
- -अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुखदेव ने 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता-ईश्वरी निषाद ने 200 मीटर दौड़ में जीता कांस्य पदकमहासमुंद / पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया तथा स्टेट पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ओडिशा द्वारा 24 वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 का आयोजन 18 से 21 मार्च कलिंगा स्टेडियम भुवनेश्वर उड़ीसा में आयोजित किया गया। जिसमें महासमुंद जिले से 05 खिलाड़ियों ने भागीदारी किया।फॉर्चून फाउंडेशन कर्मापटपर बागबाहरा खुर्द बागबाहरा जिला महासमुंद के संस्थापक एवं राष्ट्रीय टीम के मैनेजर निरंजन साहू ने बताया कि 4 बालक एवं 01 बालिका खिलाड़ी एवं कोच मैनेजर व गाईड रनर प्रशांत निषाद एवं अनिमेष सिदार एवं सुकदेव के गाईड रनर वेंकटेश शामिल हुए। सीनियर चैंपियनशिप के टी 11 कैटेगरी में सुखदेव ने 1500 मीटर दौड़ में भागीदारी किया एवं 1500 मीटर दौड़ में बेहतर प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतने में सफलता हासिल किया। टी 12 कैटेगरी में निखिल कुमार यादव ने 1500 मीटर दौड़ में भागीदारी किया। टी 12 कैटेगरी में नोशन लाल पटेल ने 400 मीटर दौड़ में भागीदारी किया एवं ईश्वरी निषाद ने 200 मीटर एवं 400 मीटर दौड़ में भागीदारी किया तथा 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल किया। सुखदेव ने 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक एवं ईश्वरी निषाद ने 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल कर प्रदेश एवं जिले को गौरवान्वित किया हैं। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में महासमुंद जिले से 05 खिलाड़ियों को भागीदारी करने एवं 02 पदक जीतने पर ने जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
- -अरुणाचल के वेटलिफ्टरों का विमानतल पर रंगारंग स्वागतरायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है।खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे। देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों - रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।
- रायपुर/ शहीद हेमू कालाणी की जयन्ती दिनांक 23 मार्च 2026 सोमवार को प्रातः 11 बजे रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में राजधानी शहर रायपुर के कचहरी चौक के समीप स्थित शहीद हेमू कालाणी के मूर्ति स्थल के समक्ष उन्हें सादर ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है। कार्यक्रम में शहीद हेमू कालाणी से सम्बंधित उनके मूर्ति स्थल में नियत दिवस को मूर्ति स्थल का संधारण और मूर्ति स्थल सहित उसके आसपास के क्षेत्र की विशेष सफाई, मूर्ति स्थल की पुष्पसज्जा सहित आवश्यकतानुसार पेयजल की व्यवस्था नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम रायपुर के सम्बंधित जोन क्रमांक 2 के सहयोग से की जायेगी।
- रायपुर/ आज नगर पालिक निगम रायपुर जोन क्रमांक 8 स्वास्थ्य विभाग के सफाई मित्रों ने जेसीबी मशीन की सहायता से समाज हित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से नगर निगम जोन 8 अंतर्गत माधव राव सप्रे वार्ड 69 अंतर्गत गदही तालाब के किनारे फैले हुए कचरे को एकत्र कर तत्काल उठाकर स्वच्छता कायम करते हुए जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा हेतु विशेष सफाई अभियान ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर से सम्बंधित लगभग 20 स्वयंसेवकों की सहायता से रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 8 के जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिँह ठाकुर एवं माधव राव सप्रे वार्ड क्रमांक 69 के पार्षद श्री महेन्द्र औसर एवं नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल के मार्गनिर्देशन में नगर निगम जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा की स्थल पर उपस्थिति में चलाया और सरोवर की स्वच्छता के प्रति जन - जन को जागरूक बनाने अभियान चलाकर और सरोवर में गन्दगी और कचरा नहीं फेंकने और गन्दगी नहीं फैलाने की विनम्र अपील करते हुए जन -जन को स्वच्छ सरोवर का सकारात्मक सन्देश दिया.
- महासमुंद/ छत्तीसगढ़ शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल जिले के महासमुंद अंतर्गत केनाल लिंक मार्ग के निर्माण एवं पुल-पुलिया सहित कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस परियोजना के तहत लगभग 3.125 किलोमीटर लंबाई के मार्ग का निर्माण किया जाएगा।लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस कार्य के लिए 381.36 लाख रुपये (लगभग 3.81 करोड़ रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। कार्य का क्रियान्वयन लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित मानकों एवं प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। निर्देशों में निर्माण कार्य की निविदा प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न की जाएगी तथा कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाएगा। पुल एवं पुलिया का निर्माण भी स्वीकृत डिजाइन एवं ड्रॉइंग के अनुरूप किया जाएगा। उक्त स्वीकृति से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिलने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री सी एस चंद्राकर ने बताया कि यह सड़क खल्लारी मंदिर भलेसर रोड से केंद्रीय विद्यालय की तरफ से जाकर बरोंडा रोड में मिलेगा।
- महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जताई है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हुई रोप-वे दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। दुर्घटना में एक श्रद्धालु के निधन के समाचार से मन व्यथित है। मेरी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार हेतु आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।इस घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मां खल्लारी माता से प्रार्थना है कि इस दुर्घटना में घायल सभी श्रद्धालुओं को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।॥ॐ शांति॥
- केला उत्पादन से बढ़ी आमदनी, उद्यानिकी खेती से मिला नया सहाराबिलासपुर/कहते हैं खेती में नई तकनीक और सही फैसले किसान की तकदीर बदल देते हैं, और इसे सच कर दिखाया है तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम कपसिया कला के किसान श्री हेतराम मनहर ने। पारंपरिक धान की खेती छोड़कर केला उत्पादन अपनाने वाले श्री मनहर आज लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत केला (जी-9 किस्म) की खेती शुरू की। विभाग से प्राप्त तकनीकी सहयोग, उन्नत पौध सामग्री एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के उपयोग से उन्होंने लगभग 0.900 हेक्टेयर क्षेत्र में केला फसल का रोपण किया। उचित देखभाल और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें लगभग 510 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस फसल में करीब 1.70 लाख रुपये की लागत आई, जबकि 4 से 5 लाख रुपये तक की आय अर्जित हुई, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है।केला उत्पादन से हुई अतिरिक्त आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। अब वे परिवार की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं पर भी बेहतर ध्यान दे पा रहे हैं। श्री हेतराम मनहर की यह सफलता क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह दर्शाती है कि फसल परिवर्तन एवं आधुनिक खेती अपनाकर बेहतर आय अर्जित की जा सकती है।
- महासमुंद/ छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन सुबह करीब 10:30 बजे मंदिर पहुंचने के लिए बने रोपवे का केबल अचानक टूट गया। ट्रॉली में सवार 5 श्रद्धालु 20 फीट की ऊंचाई से नीचे गिर गई। हादसे में एक युवती की मौत हो गई है। 4 गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी को तुरंत बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पलात रेफर किया गया है। जानकारी के मुताबिक श्रद्धालु देवी के दर्शन कर रोपवे से लौट रहे थे।
- नई सोच के साथ 25 एकड़ में बहुफसली लेकर बने उन्नत किसानरायपुर/ बहु-फसली पद्धति के माध्यम से जैविक खेती को नया रूप दे रहा है, जो मिट्टी के स्वास्थ्य, लचीलेपन और उपज को बढ़ावा देती है। श्री मुकेश कुजूर पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक टिकाऊ कृषि सिद्धांतों के साथ जोड़ता है-यह दर्शाता है कि प्रकृति के साथ खेती करना न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि लाभदायक, जलवायु-अनुकूल खेती का भविष्य भी है। जशपुर जिला के विकास खंड बगीचा के ग्राम पंचायत भीतघरा के प्रगतिशील किसान मुकेश कुजूर जैसे किसान बहु-फसली खेती के माध्यम से आय दोगुनी कर सफलता का नया मॉडल पेश कर रहे हैं। टमाटर, पत्तागोभी, मक्का,खीरा और गेंदा फूल जैसी फसलें उगाकर ये किसान एक ही जमीन से वर्ष भर सीजनल और वार्षिक मुनाफा कमा रहे हैं। इस तकनीक से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और खरपतवार नियंत्रित रहते हैं।ग्राम पंचायत भीतघरा, बगीचा विकास खंड के मुकेश कुजूर ने दिखा दिया कि नई सोच और आधुनिक तकनीक से खेती को ज्यादा लाभकारी बनाया जा सकता है। 25 एकड़ में टमाटर, पत्ता गोभी, मक्का, खीरा और गेंदा की बहु-फसली खेती कर ये बना रहे हैं सफलता का नया मॉडल अगर आप भी सीखना चाहते हैं ऐसी ही नई तकनीकें, तो 23-25 मार्च को कृषि क्रांति एक्सपो, कुनकुरी (जशपुर) में जरूर आएँ।भीतघरा के किसान मुकेश कुजुर ने अपने 25 एकड़ खेत को नवाचार का मॉडल बना दिया है। किसान अपने खेतों में बहुफसली खेती से जिले के दूसरे किसानों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। किसान मुकेश ने नई सोच और प्रयोगों से साबित किया है कि समझदारी से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।उन्होंने बताया कि वे सिंचाई के लिए ड्रिप और मल्चिंग से टमाटर की खेती करते हैं। खेतों के बीच बीच में मक्का और गेंदा का फूल भी लगाए हैं जिससे उनको अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिक की सलाह और मार्गदर्शन में कौन सी किटनाशक दवाइयों का उपयोग करना है कितनी मात्रा में करना इसकी भी जानकारी उन्हें है।किसान मुकेश ने बताया कि ड्रिप लगाने का फायदा यह होता है कि सिंचाई के लिए कम पानी की आवश्यकता होती है। इसी से खाद भी सीधे पौधों तक पहुंचाया जाता है। कम पानी से अच्छी फसल ली जा सकती है। किसान मुकेश ने बताया की बरसात में खीरा की फसल लेते हैं और गर्मी में मक्का की फसल ले रहे हैं खीरा और मक्का के उत्पादन से उन्हें अच्छी आमदनी हो जाती है।
- ग्राम पंचायतों में बैंकिंग सेवाएं मिलने से ग्रामीणों को मिल रही राहतरायपुर/ कोंडागांव जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाने अटल डिजिटल केंद्र खोले गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गांव में संचालित इन केंद्रों के माध्यम से अब ग्रामीणों को बैंकिंग और शासकीय सेवाएं उनके घर के पास ही मिल रही हैं। इससे शहर जाने की जरूरत कम हुई है और समय के साथ खर्च की भी बचत हो रही है। अटल डिजिटल केंद्रों के जरिए ग्रामीणों को बैकिंग सेवाएं, बिजली बिल जमा, डीटीएच रिचार्ज, महतारी वंदन योजना की राशि आहरण, श्रम कार्ड से जुड़ी सेवाएं, डिजी-पे के माध्यम से शासकीय योजनाओं की राशि प्राप्त करना व वाहन व स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।इससे ग्रामीण अब सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। जिले की 260 ग्राम पंचायतों में वीएलई के साथ एमओयू कर सेवाओं का विस्तार किया गया है। अटल डिजिटल केंद्रों के माध्यम से अब तक 2,78,083 ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं, जिनके जरिए 84 करोड़ 23 लाख 23 हजार 76 रुपये का लेनदेन हुआ है। कोण्डागांव जिले में प्रति वीएलई प्रति महीना 136 ट्रांजेक्शन और 410889 रुपये के साथ कोण्डागांव जिला राज्य में "प्रथम" स्थान पर हैं।यह ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। बताया कि इस पहल से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहर नहीं जाना पड़ रहा, जिससे उनकी सुविधा और संतुष्टि दोनों बढ़ी है। जिला प्रशासन द्वारा इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के प्रयास जारी हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके।
- रायपुर/ प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई राह खोल दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन जिले में किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। बगीचा विकासखंड के ग्राम चम्पा निवासी श्री कोइरा राम इसकी एक सशक्त उदाहरण हैं।उन्होंने अपने घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 2 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराया है। श्री कोइरा राम बताते हैं कि सोलर पैनल लगने से पहले उन्हें हर महीने अधिक बिजली बिल चुकाना पड़ता था, जिससे घरेलू खर्च पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। लेकिन सोलर पैनल लगने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और अब वे बिना किसी चिंता के बिजली का उपयोग कर पा रहे हैं।उन्होंने बताया कि सोलर पैनल स्थापना की कुल लागत लगभग 1.20 लाख रुपये आई, जिसमें शासन की ओर से 90 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। शेष राशि वहन करना उनके लिए भी आसान हो गया, क्योंकि योजना के अंतर्गत उन्हें समय पर मार्गदर्शन और सहयोग मिला। इससे न केवल उनकी मासिक बचत बढ़ी है, बल्कि वे स्वच्छ और हरित ऊर्जा के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण में भी सहभागी बन रहे हैं। श्री कोइरा राम का कहना है कि यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इससे एक ओर बिजली खर्च से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर आत्मनिर्भरता की भावना भी मजबूत हो रही है। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सरकार आम नागरिकों के जीवन को आसान और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
- रायपुर/ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के नवनियुक्त उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर, जीरो प्वाइंट, रायपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा , विधायक श्री किरण सिंह देव, विधायक श्री अनुज शर्मा और विधायक श्री इंद्रकुमार साहू अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।वन मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक वन संपदा से समृद्ध राज्य है, जहां लगभग 44.21 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। यहां के वनों में विभिन्न प्रकार की वनौषधियां पाई जाती हैं, जिनका उपयोग प्राचीन काल से उपचार के लिए किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने और आमजन तक इसके लाभ पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 से 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन श्री अंजय शुक्ला द्वारा उपाध्यक्ष का पदभार ग्रहण करना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके अनुभव से औषधि पादप बोर्ड को मजबूती मिलेगी और यह नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि औषधि पादप बोर्ड द्वारा वैद्य सम्मेलन, वनौषधि प्रदर्शनी और जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि श्री शुक्ला के मार्गदर्शन में बोर्ड और बेहतर कार्य करेगा। कार्यक्रम को विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी संबोधित करते हुए कहा कि श्री शुक्ला के अनुभव का लाभ औषधि पादप बोर्ड को मिलेगा और बोर्ड नए आयाम स्थापित करेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने कि राज्य सरकार वन औषधीय के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए पादप बोर्ड का गठन किया है। जो लगातार बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने श्री शुक्ला को बधाई देते हुए कहा पादप बोर्ड को उनके अनुभव का निश्चित ही लाभ मिलेगा और बोर्ड बेहतर नवाचार करेगा।कार्यक्रम में अपेक्स बैंक के अध्यक्ष श्री केदारनाथ गुप्ता, खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, अध्यक्ष अल्प संख्यक आयोग श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम, श्री लोकेश कावड़िया, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण श्री नंदकुमार साहू , जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती स्वाती वर्मा, सतनामी समाज के धर्मगुरू गुरू बालदास, श्री रमेश सिंह ठाकुर, श्री अशोक पाण्डे, श्री श्याम नारंग सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव श्री सुरेन्द्र पाटनी, श्री अमित साहू, श्री आलोक साहू सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- "एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने लगाया साल का पौधादलहन-तिलहन के उत्पादन को बढ़ावा देने वाले प्रयासों से किसानों को मिल रहा है लाभरायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों को दी जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपायों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों से धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में कर रही है तथा अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है। श्री साय ने कहा कि पिछले 2 वर्षों से हमारी सरकार किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है। उन्होंने किसानों से संवाद कर होली के पूर्व धान के अंतर की राशि का भुगतान तथा योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी भी ली।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, लेकिन तिलहन उत्पादन में अभी भी कमी है। वर्तमान में देश अपनी आवश्यकता का लगभग 57 प्रतिशत ही तिलहन उत्पादन कर पा रहा है, शेष 43 प्रतिशत आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए तिलहन विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिकों के सुझावों को अपनाकर तिलहन उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने जानकारी दी कि कृषक उन्नति योजना की तर्ज पर तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि जीएसटी में सुधार के बाद कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने तिलहन विकास कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को विश्वविद्यालय के माध्यम से उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य में संचालित 28 कृषि महाविद्यालयों, 27 कृषि विज्ञान केंद्रों एवं अनुसंधान संस्थानों के जरिए हर वर्ष लगभग 50 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।इस अवसर पर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री राम किशुन सिंह, सभापति श्री हरविंदर सिंह, श्री राम लखन पैंकरा, संभाग आयुक्त श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।




.jpg)
.jpg)









.jpg)











