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- बिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार एवं उप संचालक खनिज विभाग के मार्गदर्शन मे जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनिज अमला बिलासपुर द्वारा 17 मार्च को कोटा, बेलगहना, कोनचरा, बिरकोना, सरकंडा, सिरगिट्टी, सिलपहरी, चकरभाठा, मुढ़िपार, रहँगी क्षेत्र की जाँच की गयी। जाँच के दौरान कोनचरा क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते 02 ट्रेक्टर ट्राली को जप्त किया गया। सिलपहरी क्षेत्र से खनिज साधारण पत्थर का अवैध उत्खनन करते पाये गए 01 जेसीबी वाहन तथा 01 हाइवा वाहन को जप्त किया गया। चकरभाठा क्षेत्र से खनिज मुरुम का अवैध परिवहन करते पाये गए 03 हाइवा वाहनों को जप्त किया गया। इस प्रकार जप्त कुल 07 वाहनों को पुलिस थाना सिरगिट्टी व चकरभाठा में अभिरक्षा मे रखा गया है। खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा लगातार कार्यवाही जारी है।
- - राजधानी स्थित मुख्यालय में सफलतापूर्वक संचालित है ई-ऑफिस- डिजिटल हस्ताक्षर से हो रहा फाइलों का अनुमोदनरायपुर । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के राजधानी स्थित डंगनिया मुख्यालय में ई-ऑफिस का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के बाद अब इसका विस्तार किया जा रहा है। अब प्रदेश के सभी बिजली दफ्तर में 1 अप्रैल 2026 से ई-ऑफिस प्रणाली लागू किया जाएगा। इसके लिए ट्रांसमिशन कंपनी के सभी कक्षा से सभी मैदानी अफसरों को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है।छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के साथ फाइलों के त्वरित व पारदर्शी निराकरण के लिए ई-ऑफिस का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ में मुख्यालय स्तर पर 10 नवंबर 2025 से किया जा चुका है। अब इसे प्रदेश के सभी कार्यालयों में लागू करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) श्री एएम परियल ने इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में अब पेपरलेस काम की तैयारी की जा रही है। इसके तहत 1 अप्रैल से मैदानी स्तर के कार्यालयों में भी ई-ऑफिस प्रणाली को लागू किया जा रहा है। ई-ऑफिस के माध्यम से अब नोटशीट, आदेश, पत्र और परिपत्र जैसे सभी दस्तावेजों का निर्माण, अनुमोदन, प्रेषण तथा संधारण पूरी तरह डिजिटल रूप से किया जाएगा। इससे कार्यों में गति आएगी और कागज के उपयोग में कमी होगी।इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के ऊर्जा सूचना एवं प्रौद्योगिकी केंद्र (ईआईटीसी) ने आज से ऑनलाइन ट्रेनिंग आरंभ कर दी है। छह पालियों में इसका आयोजन किया जा रहा है, जिसमें वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऊर्जा नेट पर ई-ऑफिस के लिए स्व-सेवा पोर्टल भी उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों से अपेक्षा की गई है कि वे पोर्टल पर उपलब्ध उपयोगकर्ता मार्गदर्शिका, दिशा-निर्देश और सामान्य प्रश्नों का अध्ययन करें। इस पहल से संसाधनों और समय की बचत होगी तथा विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- रायपुर / खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के दिशानिर्देश पर छत्तीसगढ़ में निर्बाध एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ कमर्शियल गैस कनेक्शन वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के लिए संतुलित और प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैसर्गिक गैस मंत्रालय के अधीन लागू करने का निर्णय लिया गया है।खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने कहा कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रहे और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार एवं ऑयल कंपनियों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कमर्शियल उपभोक्ताओं को विगत माहों की खपत के आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत की सीमा के अंदर एलपीजी प्रदाय करने पर सहमति बनी है।कमर्शियल एलपीजी की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों एवं चिकित्सालयों के साथ-साथ सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे एवं एयरपोर्ट कैंटीन को पूर्ण प्राथमिकता देते हुए 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों एवं उनके गेस्ट हाउस और कैंटीन के लिए 50 प्रतिशत, पशु आहार उत्पादक संयंत्र एवं बीज उत्पादक इकाई तथा रेस्टोरेंट एवं होटल के लिए 20 प्रतिशत आपूर्ति निर्धारित की गई है।उन्होंने कहा कि कमर्शियल एलपीजी के वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी तथा इसकी जानकारी प्रतिदिन खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावी बनी रहे। खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने कहा कि आम नागरिकों को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े, साथ ही सभी वर्गों तक संतुलित रूप से गैस की उपलब्धता बनी रहे।
- -गैस वितरण में बाधा उत्पन्न करने वालों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई-अस्पताल, वृद्धाश्रम सहित अन्य सामाजिक संस्थानों को गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देशरायपुर / एलपीजी गैस से जुड़े मुद्दों को लेकर आज कलेक्टरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस हॉल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर ने जिले के एलपीजी वितरकों की बैठक ली। अपर कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि जिले में एलपीजी सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है। नियमानुसार उपभोक्ताओं को सिलेण्डर का वितरण किया जा रहा है। यह ध्यान रखें कि वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। साथ ही यदि कोई तत्व वितरण में बाधा पहुंचाता है या एजेंसी कार्यालय में नियम के विरूद्ध सिलेण्डर लेने की कोशिश या डिलिवरी मैन से दुर्व्यवहार करता है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि सभी वितरक व्यवस्था बनाए रखें एवं किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सूचना दें। उन्होेंने कहा कि अस्पताल जैसे एम्स, मेकाहारा, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम एवं अन्य समाज कल्याण विभाग से जुड़े अन्य संस्थानों में भी गैस की पूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में ऑयल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्तमान स्थिति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन की लिमिट रखी गई है जिसके बाद की अगली बुकिंग की जा सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि अभी नए कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन लेने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। आदेश आने पर रायपुर जिले के इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने आम उपभोक्ताओं से अपील की, कि पैनिक न हों जिले में इस समय पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। एजेंसी के कार्यालय में पहुंचकर किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न करें, हमारे कार्यों में सहयोग करें। सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार सिलेण्डर दिया जाएगा। इस अवसर पर खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा सहित खाद्य विभाग के अधिकारी एवं जिले के एलपीजी वितरक उपस्थित थे।
- -शिक्षण संस्थाओं एवं अस्पतालों के आसपास गुटखा, तंबाकू या नशीली चीजें बेचने पर करें सख्त कार्यवाही :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज समय-सीमा की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए विभिन्न विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से डीईएएफपीपी (DEAF) एवं निष्क्रिय (Inoperative) खातों,लंबित राजस्व प्रकरणों, कॉल सेंटर से प्राप्त आवेदनों पर चर्चा की गई।कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं व अस्पतालों के आसपास गुटखा, तंबाकू या अन्य नशीली चीजें बेचने पर सख्त कार्यवाही करें।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने कहा कि सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का जल्द निराकरण करें, इसके साथ ही कॉल सेंटर एवं अन्य लंबित शिकायतों का भी समय-सीमा के भीतर निराकरण करने के निर्देश दिए।इसके अलावा कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे DEAF एवं Inoperative बैंक खातों के निराकरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करें। बैठक में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए तीन बारों के लाइसेंस 3 दिवस के लिए निलंबित किए गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार एफ.एल. 2(क) श्रेणी के रेस्टोरेंट बाररास्ता (Raasta) तथा एफ.एल. 3 ग्रैंड इंपीरिया एवं एफ.एल. 4(क) क्लब मिथ्या के लाइसेंसों को 17 मार्च 2026 को जारी आदेश के तहत निलंबित किया गया है।यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर, रायपुर द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान 24 जनवरी 2026 एवं 1 फरवरी 2026 को निर्धारित समयावधि रात्रि 12:00 बजे के बाद संचालन पाए जाने पर की गई। साथ ही आबकारी विभाग द्वारा की गई जांच में भी इन प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गईं तथा लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन पर प्रकरण दर्ज किया गया।उक्त प्रकरण में कलेक्टर (आबकारी) न्यायालय द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 31(ख) के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों बारों के लाइसेंस 3 दिवस के लिए निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही संबंधित आबकारी अधिकारियों को इन प्रतिष्ठानों को सीलबंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- -मातृत्व वंदना और पेंशन योजना की राशि घर-घर पहुँचा रही हैं बीसी सखियाँरायपुर ।वह मंजर आज भी बस्तर के वनांचलों की यादों में एक कसक पैदा कर देता है, जब एक लाचार बुजुर्ग को अपनी चंद रूपए की पेंशन के लिए तपती धूप में मीलों पैदल चलना पड़ता था। कभी शारीरिक अक्षमता तो कभी तंगहाली के कारण बैंक तक न पहुँच पाने का वह दर्द और थक-हारकर सूनी आँखों से लौट आने की वह बेबसी ग्रामीण जीवन का एक कड़वा सच थी। लेकिन वक्त बदला और बस्तर की इन पथरीली राहों पर ममता और सेवा का हाथ बढ़ाते हुए बीसी सखियों ने उस करुणा को शक्ति में बदल दिया है। आज वही बुजुर्ग अपनी देहरी पर बैठी बैंक सखी को देख मुस्करा उठता है, क्योंकि अब बैंक चलकर उसके घर तक आता है।ग्रामीण बैंकिंग के इस मानवीय चेहरे का सबसे जीवंत उदाहरण छिदगांव में देखने को मिलता है, जहाँ के वृद्ध हितग्राही रतन राम बघेल वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ हैं। ऐसे में बीसी सखी दशोमती कश्यप हर माह उनके घर जाकर पेंशन की राशि उनके हाथों में सौंपती हैं। अपनी इस सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए रतन राम बघेल कहते हैं कि बढ़ती उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण मेरे लिए बैंक तक जाना अब संभव नहीं रह गया था, पेंशन के पैसों के लिए हमेशा दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब दशोमती बेटी हर महीने घर आकर पैसे दे जाती है, जिससे मुझे बहुत सहारा मिला है।बैंक और ग्रामीणों के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर उभरीं जिले की इन 144 बीसी सखियों ने फरवरी महीने में 4 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन कर यह साबित कर दिया है कि यदि महिलाओं को अवसर और तकनीक मिले, तो वे पूरी अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती हैं। इन बैंक सखियों ने न केवल बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाया है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई है। विशेष रूप से मातृत्व वंदना योजना के तहत 67 लाख रुपये से अधिक की राशि गर्भवती और धात्री माताओं तक पहुँचाकर इन सखियों ने स्वास्थ्य और पोषण की दिशा में भी बड़ा योगदान दिया है। इसके साथ ही बुजुर्गों की पेंशन और नरेगा मजदूरों की मजदूरी का भुगतान भी अब इन्हीं बैंक सखियों के माध्यम से गाँव में ही सुरक्षित तरीके से हो रहा है।महिला सशक्तिकरण का सबसे सुंदर उदाहरण दरभा और बस्तर जैसे ब्लॉकों में देखने को मिला, जहाँ इन बैंक सखियों ने दिन-रात मेहनत कर हजारों ट्रांजैक्शन किए। लोहंडीगुड़ा और तोकापाल जैसे क्षेत्रों में भी सखियों ने बड़ी कुशलता के साथ लाखों रुपयों का प्रबंधन किया। यह केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि उन 144 महिला शक्तियों के आत्मविश्वास की कहानी है जो अब खुद आत्मनिर्भर हैं और अपने गाँव के विकास का नेतृत्व कर रही हैं। बस्तर की इन बेटियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल इंडिया का असली चेहरा गाँवों की ये सशक्त बीसी सखियाँ ही हैं।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं।इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य श्री संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक श्री रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- -क्षेत्रीय भाषाओं में भी विज्ञान के अध्ययन और रिसर्च पेपर लाने की आवश्यकता- उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा-दो दिवसीय आयोजन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय होंगे शामिलरायपुर ।अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, नया रायपुर (IIIT-NR) में आयोजित 21वें छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन (सीवाईएससी–2026) का शुभारंभ आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद तथा ट्रिपलआईटी नया रायपुर द्वारा किया जा रहा है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य के विकास में विज्ञान, नवाचार और शोध की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने अपने छात्र जीवन और विज्ञान अध्ययन की यादें साझा करते हुए कहा कि विज्ञान पढ़ने से पहले मुझे अंग्रेजी पढ़नी पड़ती थी जिसके कारण कई लेक्चर मैंने छोड़ दिए पर धीरे धीरे सब सिख गया, आज जो रिसर्च पेपर आए हैं सभी अंग्रेजी में है और शायद परंपरागत शायद अंग्रेजी में ही होते हैं पर हमें अब क्षेत्रीय भाषाओं में भी विज्ञान के अध्ययन और रिसर्च पेपर लाने की आवश्यकता है ताकि एक ग्रामीण परिवेश का व्यक्ति भी ज्ञान अर्जित कर सके इस पर ध्यान देना चाहिए।उन्होंने भारत में विज्ञान के उद्भव पर चिंतन करते हुए कहा कि विभिन्न विषयों पर भारत के मनीषियों एवं ऋषियों ने उस समय कितने चिंतन कर लिए थे जो आज भी चिंतन का विषय है। किसी एक विषय को समझने के लिए आप प्रायोगिक तरीकों से भी जा सकते हैं और वैचारिक तरीकों से भी जा सकते हैं पर आपको उस विषय को समझना है तो प्रायोगिक के साथ वैचारिक तरीकों का समावेश आवश्यक है। आर्यभट्ट जी ने जो किताब लिखी तो चार भागों में उसमें तीन सूत्र दिए जिनमें न्यूटन के तीन नियमों के संबंध में जानकारी प्राप्त हो जाती है।उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ के यंग साइंटिस्ट के द्वारा प्रस्तुत किए गए 194 पेपर्स को जांचने के लिए देश भर से जो हमारे 45 परीक्षक आए हैं मैं उनका हृदय से आभार करना चाहता हूं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की सरकार ने राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने के लिए शोधकर्ताओं को भारत के विज्ञान तीर्थों का दर्शन कराने के लिए विज्ञान तीर्थ दर्शन योजना शुरू की जा रही है। जिसमें विज्ञान के विद्यार्थी सीवी रमन, शांति स्वरूप भटनागर, बीरबल साहनी, जगदीश चंद्र बोस, डॉ. होमी जहांगीर भाभा, विक्रम सारा भाई, सत्येंद्रनाथ बोस, हरगोविंद खुराना, सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, अबुल कलाम आजाद जैसे भारत के महान वैज्ञानिकों के कार्यस्थल को जाकर देख सकेंगें और विज्ञान के अनुसंधानों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने अपने संबोधन में कहा कि ने छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा समर्थित विभिन्न योजनाओं और शोध परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राज्य शासन किस प्रकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान अनुदान और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है।इस अवसर पर प्रो. ओम प्रकाश व्यास ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ट्रिपल आईटी नया रायपुर में इस सम्मेलन का आयोजन संस्थान की शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान के बदलते स्वरूप और 'इंटरडिसिप्लिनरी' सहयोग पर जोर दिया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वर्तमान में युवा वैज्ञानिक कांग्रेस में 20 विषय श्रेणियाँ निर्धारित हैं। 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरविषयी अनुप्रयोग' को 21वीं श्रेणी के रूप में जोड़ा जाए, ताकि उभरती डिजिटल तकनीकों में युवा प्रतिभाओं को विशेष मंच मिल सके।"छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री पी. कवीश्वर ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवा वैज्ञानिक सम्मेलन राज्य की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना और गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना है। प्रो. एस. के. पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों की भूमिका वैज्ञानिक सोच विकसित करने और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महानिदेशक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद श्री पी. कवीश्वर, पूर्व कुलपति पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय प्रो. एस. के. पांडेय तथा कुलपति एवं निदेशक ट्रिपल आई टी नया रायपुर प्रो. ओम प्रकाश व्यास उपस्थित रहे।इस सम्मेलन में ऑनलाइन सबमिशन पोर्टल के माध्यम से कुल 194 शोध-पत्र प्राप्त हुए, जो देश भर के युवा शोधकर्ताओं ने अपने शोध-पत्र 20 विविध वैज्ञानिक विषयों में प्रस्तुत किए हैं। इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान स्वीकृत शोध-पत्रों को उनके संबंधित विषय-क्षेत्र में विशेषज्ञों के पैनल के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे शोधार्थियों को अपने कार्य पर विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ और सुझाव प्राप्त होंगे। निर्णायकगण विभिन्न विषय-धाराओं में प्रस्तुत शोध-पत्रों का मूल्यांकन कर प्रत्येक क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र का चयन करेंगे। इसके माध्यम से उभरते हुए युवा वैज्ञानिकों की पहचान कर उन्हें आगे के मार्गदर्शन, परामर्श और शोध के अवसरों के लिए प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया जाएगा।सम्मेलन के समापन समारोह में 18 मार्च को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय भी शामिल होंगे। इस अवसर पर वे विभिन्न विषय-धाराओं में चयनित सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले युवा वैज्ञानिकों को सम्मानित करेंगे और उन्हें पुरस्कार प्रदान करेंगे। इस समारोह में इटली की प्रतिष्ठित कंपनी स्मार्ट मी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एंजेलो ज़ाइया भी शामिल होंगे।
- -प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को दिया जा रहा बढ़ावा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय-आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर राज्य स्तर के अधिकारियों ने सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की उपलब्धिरायपुर । प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना को लाभार्थियों तक पहुंचाने में छत्तीसगढ़ अव्वल रहा है। इससे एक बार फिर साबित हुआ है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार न सिर्फ जनकल्याणकारी योजनाओं को तेजी से अमल में लाती है, बल्कि प्रशासनिक सक्रियता से उसे हर तबके तक समय पर पहुंचाने के अपने वादे को पूरा करती है।गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करने की इस केंद्रीय योजना के तेजी से क्रियान्वयन और शिकायतों का त्वरित निपटान कर छत्तीसगढ़ ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। यह सिर्फ एक सरकारी योजना का राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वयन भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर पर्यवेक्षक, परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर के अधिकारियों तक के सेवा, समर्पण और दृढ़ निश्चय से हासिल की गई उपलब्धि है।जच्चा एवं बच्चा का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है।ऐसे मिली उपलब्धिप्रशासनिक अमले द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लगातार मॉनिटरिंग की गई और लाभार्थियों के पंजीयन पर मुख्य रूप से फोकस किया गया। इस योजना का लाभ लेने के लिए वर्ष 2023-24 में जहां 1,75,797 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था, वहीं वर्ष 2024-25 में 2,19,012 रजिस्ट्रेशन किए गए। इसे ही लक्ष्य मानते हुए वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2,04,138 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया जो लक्ष्य का 93.3 प्रतिशत है।रजिस्ट्रेशन के बाद इसे तुरंत मंजूरी देने पर फोकस किया गया। तय प्रक्रिया के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा फार्म भरने, पर्यवेक्षक द्वारा इसके सत्यापन और परियोजना अधिकारी और राज्य स्तर पर मंजूरी देने में तेजी लाई गई। भरे गए आवेदनों के 83 प्रतिशत का परीक्षण कर इसे भुगतान के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया। केंद्र से छत्तीसगढ़ को मिली स्वीकृति की दर भी सबसे ज्यादा 83.87 रही है।इसके बाद तीसरी कैटेगरी शिकायतों के निराकरण के संबंध में आंकड़ों का परीक्षण किया गया। लाभार्थियों की ज्यादातर शिकायतें भुगतान न होने को लेकर थी। इस पर तत्काल ध्यान दिया गया और कोई कमी थी तो उसे दूर किया गया। हालांकि राज्य सरकार ने सभी शिकायतों का निराकरण कर दिया गया, लेकिन केंद्र सरकार के आंकड़ों में 30 दिन से ज्यादा लंबित शिकायतों की संख्या 7 प्रतिशत पाई गई है। इसके बावजूद 93 प्रतिशत शिकायतों का निराकरण कर राज्य पहले स्थान पर रहा।यदि तीन वर्षों के आंकड़ों को देखा जाए तो छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कुल 5,98,947 गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जिनमें से 5,40,624 को स्वीकृति दे दी गई।गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान और उससे पूर्व पौष्टिक आहार व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार इस योजना के तहत 5 हजार रुपये और दूसरी बेटी के जन्म पर एकमुश्त 6 हजार रुपये देती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है। गर्भवती महिलाओं के रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये, 6 माह बाद 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म, पंजीकरण और टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसका मकसद संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संस्था के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को 23 मार्च को बेमेतरा जिले में आयोजित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए संस्था के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान देश के इतिहास में अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। यह केवल कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देने का भी सशक्त माध्यम है।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में राष्ट्रीय मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रहलाद रजक, संस्था के अध्यक्ष डॉ. शिरीष शर्मा, डॉ. शिवेन्द्र त्रिपाठी, श्री ललित मिश्रा, श्री विनायक दीवान सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- एमआईसी ने वित्तीय वर्ष 2026- 27 के बजट प्रस्तावों की अनुशंसा कर बजट प्रस्तावों को चर्चा हेतु नगर निगम सामान्य सभा की बैठक में विचारार्थ रखने दिए निर्देशरायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम में महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल ( एमआईसी ) बैठक, 21 निर्धारित एजेण्डों पर चर्चा की गयी और विचार उपरांत एजेंडावार आवश्यक निर्देश दिए गए. बैठक में एमआईसी ने रायपुर नगर पालिक निगम के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्तावों की अनुशंसा कर नियमानुसार रायपुर नगर पालिक निगम सामान्य सभा की बैठक में चर्चा हेतु विचारार्थ रखने के निर्देश दिए. महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में एमआईसी की बैठक में रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, एमआईसी सदस्य सर्वश्री महेन्द्र खोडियार, मनोज वर्मा, अवतार भारती बागल, संतोष सीमा साहू, दीपक जायसवाल, नंदकिशोर साहू, खेम कुमार सेन, भोलाराम साहू, श्रीमती सरिता आकाश दुबे, डॉ अनामिका सिंह, श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, श्रीमती संजना संतोष हियाल सहित अपर आयुक्त गणों, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंतागणों, उपायुक्तगणों, जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंतागणों, सभी विभागों के प्रभारी अधिकारीगणों की नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष एमआईसी बैठक कक्ष में उपस्थिति रही.
- अधिकारियों को दिए त्वरित कार्यवाही के निर्देशबिलासपुर/कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों सहित ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में राजस्व एवं प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदन अधिक मिले। जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।जनदर्शन में आज धुरीपारा मंगला निवासी पुरूषोत्तम पटेल ने कलेक्टर से मुलाकात कर बताया कि कृषि भूमि में उनके पिताजी के नाम की जगह अन्य व्यक्ति का नाम ऑनलाईन दिख रहा है। जिससे उन्हें भविष्य में जमीन से जुड़े कार्याें में परेशानी आ सकती है। कलेक्टर ने एसडीओ बिलासपुर को जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलगहना के सेवानिवृत्त पुरूष पर्यवेक्षक ने कलेक्टर से सेवानिवृत्ति के पश्चात जीपीएफ राशि का अंतिम भुगतान दिलाने की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को सीएमएचओ को सौंपा है। सीपत तहसील के उच्चभट्ठी निवासी किसान संतराम एवं गिरधारी लाल सूर्यवंशी ने किसान सम्मान निधि की राशि नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि उन्हें केवल दो किस्त की राशि प्राप्त हुई है उसके बाद की राशि आज दिनांक तक ई-केवायसी कराने के बाद भी नहीं मिल रही है। कलेक्टर ने उप संचालक कृषि को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पंचायत दगोरी के सरपंच श्री मथुरा प्रसाद ने शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दगोरी में मूलभूत सुविधाओं जैसे की पेयजल की आपूर्ति, अहाता, शौचालय सहित शिक्षक व्यवस्थाओं के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि शाला में 237 बच्चे वर्तमान में स्कूल में अध्ययनरत है। शौचालय में पानी नहीं है। इस संबंध में शिक्षा विभाग को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।तिफरा निवासी श्रीमती अमरिका बाई ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि महतारी वंदन योजना की भुगतान राशि मिलना बंद हो गया है। उन्होंने बताया कि किसी त्रुटिवश मेरे आवेदन में मुझे मृत दर्शा दिया गया है जिससे उन्हें योजना की राशि नहीं मिल पा रही है। अब तक केवल 5 किस्तों की राशि ही मिली है। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी को मामले का निराकरण करने का निर्देश दिया। बिटकुली तहसील के पत्थरखान निवासी श्री मनोज पाण्डेय ने उनके गांव में गौधाम योजना शुरू करने की मांग की। रामा लाईफ सिटी सकरी निवासी श्री अशोक कुमार धुरी ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए आवेदन दिया कि उनके नाम से किसी ने फर्जी लोन निकाल लिया है। उन्होंने एसबीआई मस्तुरी के ब्रांच मैनेजर, स्टॉफ एवं अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध उचित कार्रवाई करते हुए केसीसी फर्जी लोन को समाप्त करने निवेदन किया। कलेक्टर ने मामले की जांच लीड बैंक मैनेजर को करने के निर्देश दिए है। तखतपुर के ग्राम विजयपुर निवासी श्री घनाराम सहित अन्य लोगों ने प्राथमिक शाला के शिक्षक श्री अभिमन्यु मरकाम एवं भरत धु्रव के विरूद्ध शिकायत करते हुए बताया कि प्रायः स्कूल में शराब पीकर आते है। हुल्लड़ करते है और अध्यापन कार्य नहीं करते है। इनके ऐसे कृत्य से छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण काफी परेशान हो चुके है। कलेक्टर ने डीईओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।श्री राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत -आजाद नगर निवासी श्री शैलेन्द्र सिंह ठाकुर ने नेहरू नगर स्थित श्री राम केयर अस्पताल के विरूद्ध शिकायत करते हुए कलेक्टर को बताया कि अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज करा रहे मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। वार्ड एवं परिसर मे गंदगी एवं अव्यवस्था तथा साफ-सफाई की कमी के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निगम से पास नक्शे के विपरीत निर्माण किया गया है एवं अस्पताल की बिल्डिंग के उपर अवैध रूप से छत पर टीन का शेड बनाकर अतिरिक्त निर्माण किया गया है। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त एवं सीएमएचओ को मामले की जांच के निर्देश दिए।
- किसानों से लेकर सोलर योजना तक, हर मोर्चे पर तेजी के निर्देश : अग्रवालटीएल बैठक में सख्त संदेश: समय पर काम, तभी बेहतर एसीआर : कलेक्टरबिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित टीएल (समय-सीमा) बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के शेष लक्ष्य पूर्ति की विभागवार गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन में अब मात्र दो सप्ताह शेष हैं, ऐसे में सभी विभाग युद्धस्तर पर कार्य करते हुए लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) कार्य प्रदर्शन और लक्ष्य पूर्ति के आधार पर ही लिखी जाएगी।बैठक में वन भूमि अधिकार के तहत लगभग 3 हजार तैयार पट्टों के शीघ्र वितरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल मिलने वाली 6 हजार रुपये की सहायता को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी पात्र किसानों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि मृत किसानों के वारिसों को भी योजना का लाभ दिलाने हेतु उनका नाम रिकॉर्ड दर्ज किया जाए। वर्तमान में जिले के 25 से 30 हजार किसान अभी भी सम्मान निधि योजना से वंचित हैं।कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गर्मी धान का रकबा कम हुआ है। इस क्षेत्र में वैकल्पिक एवं लाभकारी फसलों को बढ़ावा देने, किसानों को आदान सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि जिले में अब तक 2,692 सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जबकि 7 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। योजना को गति देने के लिए कलेक्टर ने संबंधित विभागों और हाउसिंग सोसाइटियों की संयुक्त बैठक बुधवार को आयोजित करने के निर्देश दिए।शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां यह सुविधा नहीं है, वहां सर्वे कर नए निर्माण के प्रस्ताव भेजे जाएं तथा पुराने जर्जर शौचालयों की मरम्मत कराई जाए। पीएचई विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि 635 हैंडपंपों का जलस्तर नीचे चला गया है, जिनमें राइजिंग पाइप बढ़ाने का कार्य जारी है। कलेक्टर ने निर्माण विभागों को सूखे तालाबों की गहराई बढ़ाने हेतु मिट्टी-मुरूम निकालने के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जल संग्रहण क्षमता बढ़ाई जा सके।इसके साथ ही निर्माण एजेंसियों को स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने, सड़कों का निर्माण चौड़ाई में करने तथा अर्जित भूमि का 15 दिनों के भीतर शासन के पक्ष में नाम पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी कहा कि माननीय हाई कोर्ट के निर्देशों और निर्णयों का समय-सीमा में पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अवमानना की स्थिति उत्पन्न न हो। बैठक में मुख्यमंत्री जनदर्शन, सीएम की घोषणा, पीएम पोर्टल, विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त पत्रों के निराकरण की समीक्षा की गई। बैठक में निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- बिलासपुर/ बढ़ती गर्मी को देखते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आमजन, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों एवं समाजसेवी संस्थाओं से मानवीय पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में राहगीरों, पशु-पक्षियों और गौवंश को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, ऐसे में सभी को मिलकर उनके लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।कलेक्टर ने नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों से प्रमुख स्थानों पर राहगीरों के लिए प्याऊ खोलने की अपील की है, ताकि लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि वे अपने घरों के बाहर टब,बर्तन या सकोरा में पानी भरकर रखें, जिससे पशु-पक्षियों, गौवंश और आवारा कुत्तों को पानी के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि हर वर्ष समाजसेवी संस्थाएं इस तरह के पुण्य कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। इस वर्ष भी सभी संस्थाएं और नागरिक आगे आकर सेवा भाव से इस अभियान में सहयोग करें, ताकि भीषण गर्मी के दौरान अधिक से अधिक जीवों को राहत मिल सके।
- भिलाई नगर। शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यातायात को सुगम बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह, नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यपालन अभियंता की उपस्थिति में प्रस्तावित कैनाल रोड का विस्तृत निरीक्षण किया गया। यह प्रस्तावित मार्ग अवंती बाई चौक से पॉवर हाउस स्थित शीतला कॉम्प्लेक्स तक बनाया जाना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परियोजना की बारीकियों और धरातलीय चुनौतियों का जायजा लिया । लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तावित सड़क की मार्किंग (सीमांकन) का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। निरीक्षण के दौरान रोड के एलाइनमेंट और चौड़ाई का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया।कैनाल रोड के निर्माण में बाधा बन रहे सभी अवैध अतिक्रमणों को चिन्हित कर लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण के कार्य को निर्बाध गति से चलाने के लिए जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। इस सड़क के बनने से पॉवर हाउस क्षेत्र और अवंती बाई चौक के बीच यातायात का दबाव कम होगा और नागरिकों को एक वैकल्पिक सुगम मार्ग उपलब्ध होगा। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और समय-सीमा के भीतर आवश्यक प्रारंभिक प्रक्रियाओं को पूरा किया जाए।निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय दंडाधिकारी हितेश पिस्दा, तहसीलदार डिगेश्वर साहू, जोन आयुक्त अजय राजपूत, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, उप अभियंता शबनम निशा एवं अन्य अधिकारी गण उपस्थित रहे।--
- 0- महापौर मीनल चौबे ने भाठागांव चौक से दतरेंगा मोड तक इको फ्रेंडली सड़क निर्माण में अत्यधिक विलम्ब को लेकर गहन नाराजगी व्यक्त की0- महापौर की नाराजगी के बाद कार्यपालन अभियंता ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर 3 दिन में अनिवार्य सड़क डामरीकरण कार्य प्रारम्भ करने के दिए निर्देश0- अन्यथा की स्थिति में अनुबंध की कंडिका 2 एवं 3 के प्रावधान अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही करने की दी चेतावनी0- मार्ग में यातायात के भारी दबाव के कारण सड़क डामरीकरण में देरी के कारण न परियोजना की प्रगति प्रभावित हो रही है, बल्कि निगम की छबि धूमिल हो रही हैरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भाठागांव चौक से दतरेंगा मोड तक किये जा रहे सड़क डामरीकरण कार्य में अत्यधिक विलम्ब को लेकर गहन नाराजगी व्यक्त की है. महापौर की गहन नाराजगी के बाद नगर निगम रायपुर के कार्यपालन अभियंता ने 15वें वित्त आयोग मद अंतर्गत भाठागांव चौक से दतरेंगा मोड तक नगर निगम रायपुर द्वारा करवाये जा रहे इको फ्रेंडली सड़क निर्माण को अगले तीन दिनों के भीतर प्रारम्भ करने के निर्देश सम्बंधित अनुबंधित ठेकेदार मेसर्स नरेश एंड कम्पनी को नोटिस जारी करते हुए दिए हैँएजेंसी को नोटिस दी गयी है कि विगत 18 फरवरी 2026 को कार्य की गति बढ़ाने और पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु दिए गए निर्देशों, बार -बार के निर्देशों के बाद भी यह अत्यंत खेदजनक है कि एजेंसी द्वारा अब तक सड़क डामरीकरण का कार्य प्रारम्भ नहीं किया गया है, मार्ग में यातायात का भारी दबाव होने के कारण कार्य में देरी से न केवल परियोजना की प्रगति बाधित हो रही है, बल्कि इससे निगम की छबि प्रभावित हो रही है और आमजनता और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश की स्थिति निर्मित हो रही है.कार्यपालन अभियंता ने अनुबंधित एजेंसी मेसर्स नरेश एंड कम्पनी को नोटिस प्राप्ति के तीन दिन के भीतर अनिवार्य रूप से सड़क डामरीकरण का कार्य प्रारम्भ करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैँ, समयसीमा के भीतर कार्य प्रारम्भ नहीं किये जाने पर एजेंसी पर अनुबंध की कंडिका 2 एवं 3 के प्रावधान अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी, जिसके लिए एजेंसी स्वयं जिम्मेदार रहेगी.
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति ने पाप मोचनी एकदाशी पर विष्णु सहस्त्रनाम का सामूहिक पाठ किया। ऑनलाइन मोड पर हुए आयोजन को नागपुर से जुड़ी अलखनंदा नारद ने करवाया। इसमें बड़ी संख्या में समिति के सदस्यों ने भाग लिया। अंत में ओम का उच्चारण, प्राणायाम और मानसिक पूजा करवाई गई।समन्वयक आस्था काले ने बताया कि हर एकादशी पर आध्यात्मिक समिति की ओर से विष्णु सहस्त्रनाम पाठ किया जाता है। इस अवसर पर अंजलि नलगुंडवार, दिव्या जोशी, गौरी देशपांडे, गौरी शेंडे, प्रणिता नलगुंडवार, रोहिणी नेने, संध्या खंगन, संजय मैराल, शताब्दी पांडे, शुभदा अगस्ती, वर्षा करंजगांवकर, अलखनंदा नारद, अलोक शेंडे, अंजलि खेर, माधुरी बालाखे समेत अनेक सभासदों के साथ श्रद्धालुजन शामिल हुए।बताते चले कि सचिव आचार्य चेतन गोविंद दंडवते के नेतृत्व में आध्यात्मिक समिति 28 मार्च से वाल्मिकी रचित रामायण पर आधारित रामकथा का आयोजन कर है। पुणे के कथावाचक आचार्य रामनाथ रामचंद्र अय्यर महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में पांच दिवसीय आयोजन में राम कथा सुनाएंगे। उसके बाद दो अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर तात्यापारा स्थित हनुमान मंदिर में आचार्य अय्यर नारदीय कीर्तन करेंगे।
- 0- प्रो. शंभू दयाल ने जन्मदिन पर काटा केक, चर्चा सत्र के बाद कैरम का भी लिया मजा0- गैस की किल्लत को देखकर पैनिक न हो, समस्या है... दूर हो ही जाएगी: कालेलेरायपुर। हरियाली के बीच सुकून के पल की तलाश किसे नहीं होती। समता कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के सियान गुड़ी में आने वाले बुजुर्गों को यही कुछ हरियाली और सुकून के पल एक साथ मिलता है। वरिष्ठ जन का एकाकीपन से दूर करती सियान गुड़ी में सोमवार, 16 मार्च को दुर्गा कालेज के रिटायर प्रोफेसरों का ग्रुप पहुंचा। दुर्गा कालेज के प्रो. शंभू दयाल ने मित्रों के साथ केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। साथ ही पूरा दिन सियान गुड़ी में व्यतीत किया और केरम खेलकर, आपस में चटपटी बातें सुन- सुनाकर बिताया।सियान गुड़ी के प्रभारी मंडल समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि सोमवार की शुरुआत दुर्गा कॉलेज के प्रोफेसर की सम सामयिक चर्चाओं के साथ हुई। वहीं प्रो. शंभूदयाल भारती का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। इस अवसर पर आचार्य पंडित सीपी मिश्रा ने स्वस्तिवाचन का पाठ कर उनके जन्मदिन को और भी खास बना दिया। आगंतुकों ने वहां कैरम खेला और भोजन के बाद कुछ समय विश्राम भी किया।सम-सामयिक चर्चाओं के बीच मंडल के वरिष्ठ रंगसाधक व सभासद प्रो. अनिल श्रीराम कालेले ने गैस सिलेंडर की मची मारामारी को लेकर सभी को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मात्र अफवाह के कारण पैनिक उपभोक्ताओं ने इसकी डिमांड बढ़ा दी है। यही वजह है कि इन दिनों हमें कृत्रिम किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। समस्या आती है तो ही खत्म होने के लिए है। यह परेशानी भी कुछ दिनों में खत्म हो जाएगी।दुर्गा कालेज से रिटायर प्राचार्य प्रो. एसएस खनूजा ने कहा कि हमने महाराष्ट्र मंडल के सेवाभावी कार्यों के बीच सियान गुड़ी का संचालन प्रशंसनीय है। आज हम अखबारों में गैस की किल्लत की खबरें रोज पढ़ रहे है। गैस एजेंसी के सामने लंबी कतारें भी देखने को मिल रही है। समय पर गैस नहीं मिलने के डर से जिन्हें अभी आवश्यकता नहीं है, वह भी नंबर लगा रहे हैं, दो-चार दिनों में परेशानी खत्म हो जाएगी।इस अवसर पर दुर्गा कालेज से रिटायर प्रो. विश्राम सिंह वर्मा, प्रो. सीपी मिश्रा, प्रो. सीएम मुखर्जी, प्रो. आशा राय, प्रो. मदन हाजरा, प्रो. बीएस चंदेल, प्रो. सीएम मुखर्जी, कृषि विवि से रिटायर वैज्ञानिक प्रो. जेएस उरकुरकर उपस्थित थे।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में आज सहायक शिक्षक सुश्री सरिता बघेल ने शासकीय प्राथमिक शाला केंद्री अभनपुर, स्पेशियलिस्ट ई एन टी में डॉक्टर संतोष कुमार भंडारी ने आँगनबाड़ी भवन कुष्टबस्ती क्षेत्र पंडरी, सहायक ग्रेड 3 कु. सुभी ठाकुर ने आँगनबाड़ी केंद्र क्रमांक - 1 लालपुर, सहायक शिक्षक सुश्री ममता कंडरा ने आँगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 12 अभनपुर एवं सहायक राजस्व निरीक्षक टेशम लाल गिलहरे ने शासकीय प्राथमिक शाला नायकबाँधा अभनपुर में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने दी बधाई एवं शुभकानाएंबालोद. चंडीगढ़ में 05 से 10 मार्च तक आयोजित ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में बालोद जिले की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं कोच अनीता शिंदे ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किया। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ियों ने भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार सफलता प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। खेलो इंडिया महिला लीग में कुमारी निकिता ने स्वर्ण पदक तथा कुमारी हेमा ने कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता में कुमारी मोनिका धु्रव ने स्वर्ण पदक के साथ-साथ बेस्ट महिला खिलाड़ी का खिताब भी अपने नाम किया। इन उपलब्धियों के बाद सभी महिला खिलाड़ी आज कलेक्ट्रेट पहुँचकर कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा से मुलाकात की और अपनी उपलब्धियों एवं अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा ने कहा कि जिले की बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों को आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान खिलाड़ियों ने बताया कि आगामी राष्ट्रीय ट्राइबल वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता, जो 26 से 29 मार्च तक राजधानी रायपुर में आयोजित होने जा रही है, उसमें दल्ली राजहरा के पांच खिलाड़ियों कुमारी निकिता, कुमारी मोनिका, कुमारी किरण पोटाई, कुमारी आशा गोंड और सौरभ कुमार का चयन हुआ है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा ने सभी चयनित खिलाड़ियों को इस प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से एक बार फिर जिले का नाम गौरवान्वित करेंगे।
- 0- कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कीबालोद. कलेक्टर दिव्या मिश्रा की अध्यक्षता में आज संयुुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, कलेक्टर जनदर्शन सहित समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी विभागों से लंबित मामलों की जानकारी लेते हुए उनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के जिले में प्रवास के दौरान की गई घोषणाओं के प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर शासन को भेजे जाएं। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यापालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एवं डिप्टी कलेक्टर श्री आशीष पेंद्रो के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु के आगमन को देखते हुए जिले में पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिक प्रभावित गांवों की सूची तैयार कर आवश्यकतानुसार बोर खनन कराने के निर्देश दिए, ताकि गर्मी के दौरान लोगों को पेयजल के लिए परेशानी न हो।कलेक्टर ने ई-ऑफिस प्रणाली और आधार बेस्ड उपस्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सरकारी कामकाज को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है, इसलिए सभी विभागीय अधिकारी सुनिश्चित करें कि सरकारी कार्य इसी प्रणाली के माध्यम से किए जाएं। साथ ही अधिकारियों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की समय पर कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि शासन की मंशानुसार जिलेवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सभी विकासखंडों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करना सुनिश्चित किया जाए।बैठक में कलेक्टर ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से घरेलू गैस की उपलब्धता और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित बुकिंग समय-सीमा, गैस कनेक्शन की सुरक्षा जांच तथा घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए टीम गठित कर गैस गोदामों का निरीक्षण करने और आपूर्ति पर सतत निगरानी रखने को कहा। उन्होंने व्यावसायिक होटलों और अन्य संस्थानों में घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग की जांच करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा हाल ही में प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मादक पदार्थों की खेती की सूचना मिलने के मद्देनजर कलेक्टर ने कृषि, उद्यान, राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित क्षेत्रों का गंभीरता से निरीक्षण कर इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।बैठक के दौरान कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित विभिन्न प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों से प्रकरणों के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं की जानकारी लेते हुए सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
- 0- योजना से युवाओं के सपने को मिल रही नई उड़ान, अब तक 10 हजार से अधिक पुस्तकें प्राप्त0- आप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदाररायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं। इसी क्रम में आज बिलासपुर के मंत्रा टुटोरियल के संचालक श्री मनीश पटेल जी ने छत्तीसगढ़ वृहद अध्ययन, मनोविज्ञान एवं समाजशास्त्र की 265 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।श्री पटेल ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 10 हजार तीन सौ से अधिक पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक श्री प्रभात सक्सेना (94060 49000) एवं श्री केदार पटेल (94255 02970) से संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना मस्तुरी अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र बहतरा 01 में सहायिका के रिक्त एक पद पर प्राप्त आवेदनों की जांच उपरांत अंनतिम सूची दावा-आपत्ति हेतु परियोजना कार्यालय एवं जनपद पंचायत मस्तुरी के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। दावा आपत्ति 23 मार्च 2026 शाम 5.30 बजे तक किये जा सकते है। निर्धारित समय के पश्चात दावा आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- 0- जनपद पंचायतों में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने अधिकारी नियुक्तदुर्ग. दुर्ग जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। इसके तहत जिले के संबंधित जनपद पंचायतों की मतदाता सूचियों को 1 अप्रैल 2026 को संदर्भ तिथि मानते हुए तैयार एवं पुनरीक्षित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पंचायत निर्वाचन नियम 1995 के नियम 18 के अनुसार जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा और पाटन के लिए फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के आदेशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग, धमधा और पाटन को संबंधित जनपद पंचायतों के लिए रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं तहसीलदार दुर्ग, तहसीलदार धमधा तथा तहसीलदार पाटन को सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग को अपीलीय प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।उप निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा और पाटन क्षेत्र के विभिन्न ग्राम पंचायतों और वार्डों में मतदाता सूची तैयार एवं पुनरीक्षण का कार्य किया जाएगा। जनपद पंचायत दुर्ग अंतर्गत 5 ग्राम पंचायत भोथली, तिरगा, बोरई, कोटनी, उमरपोटी शामिल है। इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा के 5 ग्राम पंचायत रुहा, पथरिया (डो.), लहंगा, नंदवाय, करेली एवं जनपद पंचायत पाटन के 7 ग्राम पंचायत सुरपा, तुलसी, मानिकचौरी, कसही, गोडपेन्ड्री, मनसुली, गातापार वार्ड सहित पाहंदा(अ) सांकरा शामिल हैं।



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