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- -अनोखी स्थापत्य कला और इंटरलॉकिंग निर्माण शैली से पर्यटकों व शोधकर्ताओं को कर रहा आकर्षित-मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का झुका हुआ प्राचीन मंदिर, जो सदियों से प्राकृतिक चुनौतियों को दे रहा मातरायपुर । छत्तीसगढ़ की धरती प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध है। इन्हीं अनमोल धरोहरों में शामिल है मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र के समीप स्थित घाघरा मंदिर। यह प्राचीन मंदिर अपनी अद्भुत निर्माण शैली और रहस्यमयी अस्तित्व के कारण वर्षों से लोगों की जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। बिना किसी गारा, चूना या सीमेंट के, केवल पत्थरों को आपस में संतुलित (इंटरपिनिंग/इंटरलॉकिंग) कर निर्मित यह मंदिर भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन इंजीनियरिंग कौशल का अद्वितीय उदाहरण है।जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित घाघरा मंदिर को देखकर पहली नज़र में ही आश्चर्य होता है। सदियों पुरानी यह संरचना समय, मौसम और कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हुए आज भी मजबूती से खड़ी है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके निर्माण में भारी-भरकम पत्थरों को इस प्रकार संतुलित किया गया है कि उन्हें जोड़ने के लिए किसी अन्य बाहरी सामग्री की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। यही खूबी इसे देश की अनूठी पुरातात्विक धरोहरों की श्रेणी में खड़ा करती है।घाघरा मंदिर का एक ओर झुका हुआ होना इसकी सबसे रोमांचक विशेषताओं में से एक है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि किसी समय भूगर्भीय हलचल अथवा तीव्र भूकंप के कारण इसका संतुलन प्रभावित हुआ होगा। इसके बावजूद, आश्चर्यजनक रूप से यह संरचना आज भी पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर बनी हुई है, जो प्राचीन शिल्पकारों की अद्वितीय दक्षता को प्रमाणित करती है।मंदिर के निर्माण काल को लेकर इतिहासकारों के बीच विभिन्न मत हैं। कुछ विद्वान इसे 10वीं शताब्दी की कलाकृति मानते हैं, तो कुछ इसे बौद्धकालीन स्थापत्य से जोड़कर देखते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह एक प्राचीन शिव मंदिर है, जहां श्रद्धालु विशेष अवसरों पर पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। हालांकि, मंदिर के गर्भगृह के भीतर किसी प्रतिमा का न होना इसके रहस्य को और भी गहरा बना देता है, जो शोधकर्ताओं के लिए आज भी एक पहेली है। घाघरा मंदिर केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान का जीवंत प्रतीक है। जनकपुर से इसकी सुगम पहुंच और मार्ग में चारों ओर बिखरी प्राकृतिक सुंदरता यहां की यात्रा को और भी यादगार बना देती है। प्रकृति और इतिहास के इस अनूठे संगम को निहारने के लिए प्रदेश और देश भर से पर्यटक एवं इतिहासप्रेमी लगातार यहां पहुंच रहे हैं।
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-सफलता की कहानी
-श्री अन्न की खेती बन रही लाभ का नया माध्यमरायपुर / छत्तीसगढ़ और पूरे भारत में मिलेट्स (मोटा अनाज) की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। कम लागत, कम पानी और बंजर भूमि में भी बेहतरीन पैदावार देने के कारण मिलेट्स किसानों की आय बढ़ा रहे हैं और उनके जीवन में खुशहाली ला रहे हैं । कभी पारंपरिक भोजन का हिस्सा रहे रागी (मड़िया), कोदो और कुटकी जैसे मोटे अनाज आज पूरी दुनिया में ‘सुपर फूड’ के रूप में पहचान बना चुके हैं। पौष्टिक गुणों से भरपूर ये अनाज अब घरों के साथ-साथ होटलों और रेस्टोरेंटों में भी पसंद किए जा रहे हैं। बढ़ती मांग और बेहतर बाजार मूल्य ने किसानों के लिए मिलेट (श्री अन्न) की खेती को लाभकारी बना दिया है।केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान की जा रही है। समर्थन मूल्य में वृद्धि और बाजार उपलब्धता के कारण अब अधिक किसान श्री अन्न की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।जिले के ग्राम पोटाली और नहाड़ी के दो युवा किसानों ने कृषक उन्नति योजना का लाभ लेकर मिलेट उत्पादन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनकी मेहनत और योजना से मिली सहायता ने उनकी आय में बड़ा बदलाव लाया है। ग्राम पोटाली के धुरवा पारा निवासी किसान दिलीप मरकाम ने इस वर्ष अपने खेत में कोदो-कुटकी की खेती कर लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये का लाभ अर्जित किया। वे अपने 17 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में कोदो-कुटकी के साथ धान और सब्जियों का उत्पादन भी करते हैं। दिलीप ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 88 क्विंटल धान बेचकर लगभग 2 लाख 72 हजार रुपये की आय प्राप्त की। खेती को आधुनिक बनाने के लिए उनके पास पावर टिलर जैसे कृषि यंत्र भी उपलब्ध हैं। वे अपनी आय का एक हिस्सा खेती के विकास और नई तकनीकों को अपनाने में निवेश करना चाहते हैं।ग्राम नहाड़ी के किसान हलदर हेमला ने भी कोदो-कुटकी की खेती से उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। उन्होंने इस फसल से लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये का लाभ कमाया। उनका कहना है कि मिलेट की खेती कम लागत में बेहतर आय देने वाली फसल साबित हो रही है। दिलीप मरकाम और हलदर हेमला का मानना है कि कृषक उन्नति योजना मोटे अनाज उत्पादक किसानों के लिए बेहद लाभकारी है। योजना के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहन मिलने से श्री अन्न की खेती का रकबा बढ़ रहा है और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।कोदो, कुटकी और रागी जैसे मोटे अनाज कैल्शियम, आयरन और फाइबर से भरपूर होते हैं। ये ग्लूटेन मुक्त होने के कारण आसानी से पच जाते हैं तथा स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हैं। यही कारण है कि इनकी मांग लगातार बढ़ रही है और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है।पारंपरिक फसलों को आधुनिक बाजार से जोड़कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। दिलीप मरकाम और हलदर हेमला की सफलता यह साबित करती है कि शासन की योजनाओं और मेहनत के साथ श्री अन्न की खेती ग्रामीण समृद्धि का मजबूत आधार बन सकती है। - रायपुर / विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने शुकवार को नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल की केंद्रीय प्रयोगशाला परिसर में मौलश्री पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. शंगीता, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के सदस्य सचिव राजु अगसिमनि सहित विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से मिलेगी नई उम्मीद, रायपुर में होगा उपचार-मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जरूरतमंदों के लिए राहत और भरोसे का केंद्ररायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोरबा जिले की 66 वर्षीय कैंसर पीड़ित महिला श्रीमती उमातिन बाई के उपचार के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 21 लाख 69 हजार 344 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। इस सहायता से उनका उपचार रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाहारा) में कराया जाएगा।जानकारी के अनुसार, फेफड़े के कैंसर से पीड़ित उमातिन बाई के परिजनों ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज के लिए सहायता की मांग करते हुए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही मामले पर त्वरित संज्ञान लिया गया और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत उपचार हेतु 21.69 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल से मरीज और उसके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी आर्थिक सहायता मिलने से अब बेहतर और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह सहयोग उनके परिवार के लिए संबल और नई उम्मीद लेकर आया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह ग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। यहां प्राप्त आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई कर जरूरतमंदों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य जनकल्याणकारी मामलों में लोगों को त्वरित राहत मिल रही है, जिससे शासन के प्रति आमजन का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा की भावना के साथ संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आज जरूरतमंदों के लिए आशा, विश्वास और सहारे का सशक्त केंद्र बन गया है।
- रायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में शुकवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के 7 जिलें बस्तर, कांकेर,दंतेवाड़ा, सुकमा,बीजापुर, नारायणपुर और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में एकीकृत आजीविका कार्यक्रम के तहत यहां के ग्रामीण परिवारों की आय और जीवन स्तर को बेहतर बनाया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एक व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है।मुख्य सचिव ने कार्यक्रम के तहत प्रत्येक लक्षित परिवारों को विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एकीकृत आजीविका कार्यक्रम छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वकांक्षी पहल है। इसके तहत इन जिलों के प्रत्येक लक्षित परिवारों को विविधिकृत आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इन गतिविधियों में सामान्यतः कृषि, वन, पशुपालन, गैर कृषि क्षेत्र में नए नवाचार के माध्यम से आमदनी बढ़ाने के लिए कार्य किया जाएगा। इसके लिए प्रोसेसिंग एकाईयां, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे का विकास होगा। लोगों को सहकारी समितियों से भी जोड़ा जाएगा।पशुपालन एवं संबद्ध गतिविधियों के अंतर्गत कुक्कुट पालन, बकरी पालन, डेयरी, सूकरपालन, मत्स्य पालन जैसे सेक्टरों से जोड़कर लोगों की आमदनी में इजाफा किया जाना है। इसी तरह से वन एवं वृक्ष के माध्यम से इमली, महुआ, चिरोंजी, काजू, बांस, कोसा रेशम, लाख, मधुमक्खी पालन के प्रमुख उत्पादों से जोड़कर परिवारों की आय एवं जीवन स्तर में बेहतर बनाया जाएगा।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विभाग श्री भीम सिंह सहित ग्रामीण विकास विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर, /मुख्य सचिव श्री विकासशील ने शुकवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में सीएम हेल्पलाइन के संबंध में अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन के जरिये प्राप्त होने वाले शिकायतों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश हैं।मुख्य सचिव ने सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों केा निर्देश दिए है कि सीएम हेल्पलाइन 9 जून 2026 से प्रारंभ की जा रही है। सभी विभागों के सचिवों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को सीएम हेल्पलाइन के क्रियान्वयन के संबंध में दिशा-निर्देशों के तहत आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु पत्र जारी किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से आमजनों की शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में हो यह सुनिश्चित होना चाहिए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने सीएम हेल्पलाइन के तहत आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन हेतु विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता पूर्ण शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। शिकायतों के निराकरण के लिए एल-1 से एल-4 स्तर के अधिकारियों तक स्वचालित रूप से ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को समझाया। उन्होंने नागरिकों से उनकी शिकायतों के संबंधों में उनकी संतुष्टि का फीडबैक लेने की पारदर्शी प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में सीएम हेल्पलाइन लॉन्चिंग के बाद नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करके, वेब पोर्टल, समर्पित मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें सीधे तौर पर दर्ज करा सकेंगे।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, कौशल विकास एवं तकनीकी विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस., सामान्य प्रशासन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैंसर अब्दुल हक, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर और वित्त विभाग की विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा सहित मंत्रालय में पदस्थ विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में शुकवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम परिक्षेत्र विकास निधि की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने एनएमडीसी परिक्षेत्र विकास निधि के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए है।बैठक में एनएमडीसी सीएसआर मद के अंतर्गत बस्तर संभाग के 6 जिले दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, बस्तर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर से प्राप्त 49 करोड़ 95 लाख 65 हजार रुपए की प्रस्तुत कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सीएसआर मद के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु नवीन कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। प्रस्तावित कार्यों में पोषण आहार, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, सांस्कृतिक एवं अन्य निर्माण कार्यों को स्वीकृत किया गया। इसमें बस्तर जिले के 29, कोण्डागांव के 18, नारायणपुर के 14, दंतेवाड़ा के 17, बीजापुर के 86, सुकमा के 106 कार्य शामिल है।बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री एवं खनिज विकास विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, एनएमडीसी के सीएमडी सहित खनिज विभाग के अन्य अधिकारी एवं दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, बस्तर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर जिले के कलेक्टर शामिल हुए।
- -17.15 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगी परियोजना, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा आवासीय परिसररायपुर / छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम गिनाबहार में शासन की महत्वाकांक्षी अटल विहार योजना के तहत क्षेत्र की पहली आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी। यह परियोजना न केवल गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती आवास उपलब्ध कराएगी, बल्कि कुनकुरी क्षेत्र में योजनाबद्ध शहरी विकास की नई शुरुआत भी करेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल प्रदेश के सभी 33 जिलों में आवासीय योजनाओं का विस्तार करते हुए नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में कुनकुरी की यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जशपुर जिले में शीघ्र ही अटल विहार योजना के अंतर्गत बालाछापर एवं पत्थलगांव तथा अटल आवास योजना के तहत महुआ टोली एवं कंदोरा में भी नई आवासीय परियोजनाएं प्रारंभ की जाएंगी।आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विशेष निर्देश पर ग्राम गिनाबहार, तहसील कुनकुरी में लगभग 7 एकड़ क्षेत्र में यह परियोजना विकसित की जाएगी। इसके लिए 17 करोड़ 15 लाख 71 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न आय वर्गों के लिए कुल 97 आवास निर्मित किए जाएंगे, जिनमें 91 आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) एवं निम्न आय वर्ग (LIG) के हितग्राहियों के लिए होंगे।अटल विहार योजना के अंतर्गत शासन द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को मात्र 1 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से भूमि आबंटित की गई है। साथ ही पात्र ईडब्ल्यूएस हितग्राहियों को 80 हजार रुपये तथा एलआईजी वर्ग के पात्र हितग्राहियों को 40 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे आवास प्राप्त करना और अधिक सुलभ एवं किफायती बन सके।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि प्रस्तावित कॉलोनी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी। कॉलोनी में चौड़ी एवं सुव्यवस्थित सड़कें, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, समुचित जल निकासी प्रणाली, स्वच्छ एवं हरित वातावरण सहित सभी आवश्यक आधारभूत अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि एक नियोजित एवं आधुनिक आवासीय परिसर के रूप में यह परियोजना क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।परियोजना स्थल कुनकुरी-बगीचा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। एशिया के द्वितीय सबसे बड़े चर्च, हॉलीक्रॉस मिशन अस्पताल, लोयला स्कूल एवं लोयला महाविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थान भी परियोजना स्थल से लगभग 3 से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र आवासीय दृष्टि से अत्यंत उपयुक्त माना जा रहा है।भविष्य में इस क्षेत्र के आसपास शासकीय अस्पतालों, कार्यालयों एवं अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों के निर्माण की भी योजना है। वर्तमान में परियोजना स्थल के निकट शासकीय अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इससे क्षेत्र के सुनियोजित विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ भूमि मूल्य में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे यह परियोजना आवासीय एवं निवेश, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।उल्लेखनीय है कि यह परियोजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में विकसित की जा रही है। क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल साबित होगी।
- -छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलिरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुकवार को राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि श्री सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद श्री सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में श्री सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री अजय चंद्राकर, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री रमेश बैस, श्री राम प्रताप, श्री पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री राम दत्त, श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।
- -पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री-9 हजार 194 विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधिरायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि डिजिटल एडिक्शन आज की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बनती जा रही है। यह केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस‘ से बाहर निकलने की आवश्यकता है, क्योंकि इससे सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है और केवल कृत्रिम संतुष्टि प्राप्त होती है।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने शुकवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में उक्त बातें कही। समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह में मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथिक, मेडिकल बायोटेक, बीपीपी, एमपीटी, नर्सिंग, बीएएसएलपी सहित अन्य संकायों में 7545 स्नातक और 1645 स्नातकोत्तर एवं 5 सुपर स्पेशयलिटी उपाधि प्रदान की गई तथा विभिन्न संकायों में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियांे को विभिन्न स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।राज्यपाल ने कहा कि यदि दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास किया जाए तो 30 दिनों के भीतर डिजिटल एडिक्शन से काफी हद तक मुक्ति पाई जा सकती है। बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखते हुए खेल-कूद और बाहरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। आज के बच्चे सीमित दायरे में रह रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो रही है।राज्यपाल ने नवस्नातक चिकित्सकों से कहा कि जिस प्रकार वे राज्यपाल होने के नाते प्रदेश की जनता के हित के बारे में सोचते हैं, उसी प्रकार आपका दायित्व मरीजों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति समर्पित रहना है। चिकित्सकों के सफेद कोट पर कभी कोई दाग नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप सभी ने मानवता की सेवा के उद्देश्य से इस क्षेत्र का चयन किया है। कठिन परिश्रम के बाद प्राप्त यह डिग्री आपके जीवन की दूसरी पारी की शुरुआत है। जहां भी कार्य करें, मरीज के हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें और ऐसा कार्य करें जो देश, प्रदेश और समाज में मिसाल बने।श्री डेका ने कहा कि वर्तमान समय में नेबरहुड डॉक्टरों की सबसे अधिक आवश्यकता है। पहले फैमिली फिजिशियन की परंपरा थी, जो मरीज और उसके परिवार की परिस्थितियों को भलीभांति समझते थे। चिकित्सा क्षेत्र में उस आत्मीयता को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। किसी भी मरीज के लिए गोल्डन ऑवर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में चिकित्सकों की त्वरित निर्णय क्षमता मरीज का जीवन बचा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि आज के छात्र इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं। विज्ञान निरंतर आगे बढ़ रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है। टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकों का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों और नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के तहत पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पशु, मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज का दिन केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं है बल्कि समाज और मानवता के प्रति नई दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लेने का अवसर है। विद्यार्थियों की सफलता उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के प्रगति और विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा को दर्शाता है।श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल खनिज और कृषि आधारित राज्य के रूप में ही नहीं बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करें यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। श्री साय ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ अधोसंरचना विस्तार, साथ ही बस्तर में नक्सल उन्मूलन के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्याे का भी उल्लेख किया।लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करना लोगों की सेवा का बड़ा अवसर और महती जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत जानकारी दी।अध्यक्ष, राष्ट्रीय विशेषज्ञ पैनल, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, नई दिल्ली एवं दीक्षांत समारोह अभिभाषक डॉ वेदप्रकाश मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. के. पात्रा ने स्वागत उद्बोधन एवं अकादमिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित थे।
- रायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका की पहल पर लोक भवन में आयोजित तीन दिवसीय मेडिटेशन शिविर का शुकवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिविर के अंतिम दिन हार्टफुलनेस संस्था के प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को प्रार्थना के माध्यम से ध्यान की विधि की जानकारी दी तथा ध्यान का अभ्यास भी कराया।शिविर के दौरान लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए मेडिटेशन के विभिन्न पहलुओं को समझा और नियमित अभ्यास के महत्व को जाना। प्रशिक्षकों ने बताया कि ध्यान मानसिक शांति, एकाग्रता और तनाव प्रबंधन का प्रभावी माध्यम है, जिसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर बेहतर कार्यक्षमता और संतुलित जीवन प्राप्त किया जा सकता है। इस शिविर में प्रतिभागियों ने ध्यान की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया और इसके सकारात्मक प्रभावों का अनुभव किया।
- -इको-फ्रेंडली उत्पादों के निर्माण से बढ़ी आय, ग्रामीण महिलाओं को मिला स्वरोजगार का नया अवसररायपुर/ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत लटोरी की स्व-सहायता समूह की महिलाएं इस पहल का सफल उदाहरण बनकर उभरी हैं। प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के बल पर यहां की महिलाओं ने हस्तशिल्प आधारित स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है।बिहान योजना के तहत महामाया एवं रेखा स्व-सहायता समूह की 20 महिलाओं को छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा तीन माह का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने प्राकृतिक संसाधनों से आकर्षक एवं उपयोगी हस्तशिल्प उत्पाद तैयार करने की तकनीक सीखी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद महिलाएं अब डलिया, टोकरी, सजावटी गुलदस्ते, पूजा ट्रे तथा फ्रूट बास्केट जैसे इको-फ्रेंडली उत्पाद तैयार कर रही हैं।इन हस्तनिर्मित उत्पादों को स्थानीय बाजार में अच्छी पहचान मिल रही है। बढ़ती मांग के कारण समूह की महिलाओं की आय में भी वृद्धि हो रही है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। स्वरोजगार के इस माध्यम ने महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने का अवसर भी प्रदान किया है।रेखा स्व-सहायता समूह की सदस्या श्रीमती कौशल्या राजवाड़े बताती हैं कि पहले उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। बिहान योजना से जुड़ने और प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब वे स्वयं आय अर्जित कर रही हैं। उनका कहना है कि समूह की सभी महिलाएं मिलकर अपने हस्तशिल्प व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार मिले और उनके गांव की पहचान भी बने।महिलाओं ने उन्हें प्रशिक्षण, प्रोत्साहन और स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ शासन और बिहान योजना के प्रति आभार व्यक्त किया है।ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने की यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को गति दे रही है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रही है। आज लटोरी की महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं।
- -धान, गेहूं और सब्जियों की खेती में किसानों को मिल रहे सकारात्मक परिणामरायपुर / छत्तीसगढ़ में आधुनिक कृषि तकनीकों और उन्नत उर्वरकों के उपयोग से खेती अधिक लाभकारी और टिकाऊ बन रही है। राज्य के किसान अब पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ नवाचार को अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाने, लागत कम करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की दिशा में सफल प्रयास कर रहे हैं। नैनो यूरिया का बढ़ता उपयोग इसी परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में किसान नैनो यूरिया के उपयोग से सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो यूरिया पौधों को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराता है, जिससे फसलों की वृद्धि बेहतर होती है और उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है। साथ ही इसके उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में लागत में कमी आती है तथा मिट्टी की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम बड़ादमाली के प्रगतिशील किसान श्री कपूर सिंह ने अपनी लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया का सफल उपयोग कर अच्छे परिणाम प्राप्त किए हैं। धान, गेहूं एवं विभिन्न सब्जी फसलों में इसके प्रयोग से उन्हें बेहतर फसल विकास और लागत में कमी का अनुभव हुआ है। उनका मानना है कि समय पर और वैज्ञानिक तरीके से किए गए छिड़काव से फसलों को अधिक लाभ मिलता है।कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि नैनो यूरिया का छिड़काव सीधे पौधों पर किया जाता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण अधिक प्रभावी होता है। इससे उर्वरकों की बर्बादी कम होती है और फसलों को आवश्यक पोषण समय पर प्राप्त होता है। इसके अलावा मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी यह तकनीक सहायक सिद्ध हो रही है।राज्य सरकार और कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रशिक्षण, प्रदर्शन और तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों से जोड़ा जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि के नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। नैनो यूरिया के सफल उपयोग से प्रेरित किसान अब आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इससे न केवल खेती की लागत कम हो रही है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता को भी मजबूती मिल रही है।
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*लोरमी में 250 युवाओं को कंप्यूटर, सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण, उप मुख्यमंत्री ने किया संवाद*
बिलासपुर/उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोरमी में कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने युवाओं को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और अपने कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र में संचालित गतिविधियों का अवलोकन कर प्रशिक्षणार्थियों के अनुभव भी सुने।श्री साव ने कहा कि स्थानीय युवाओं को उनकी रुचि और आवश्यकता के अनुरूप निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसईसीएल के सहयोग से 1 अप्रैल से 250 युवा कंप्यूटर, सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। युवाओं में नए कौशल सीखने को लेकर उत्साह और उमंग दिखाई दे रहा है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करता है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज के समय में शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है। पढ़ाई के साथ किसी एक व्यावहारिक कौशल का होना भी अत्यंत आवश्यक है। ब्यूटीशियन, सिलाई, डाटा एंट्री जैसे प्रशिक्षण युवाओं को अतिरिक्त दक्षता प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि, कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके व्यक्तित्व को भी सशक्त बनाता है।श्री साव ने युवाओं से कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकनी चाहिए। निरंतर अभ्यास और सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता का आधार है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति के पास अतिरिक्त कौशल होता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह हर परिस्थिति में सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सक्षम बनता है। यही आत्मविश्वास जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी शक्ति है जो सफलता की नई राहें खोलता है। -
स्मृति शेष : रुप नारायण सिन्हा
--गणेशा जाधव पाटिल, सभासद, महाराष्ट्र मंडल रायपुर
हमारे भैयाजी यानी रुप नारायण सिन्हा अपने विराट व्यक्तित्व के कारण एक युगपुरुष थे। उनके साथ बिताए गए हर एक पल जीवन के अनमोल पल हैं। जिन्होंने अपने पास के किसी भी व्यक्ति को कभी छोटा महसूस नहीं होने दिया। यही भैयाजी का सबसे बड़ा गुण था। ग्राम कुम्हली से कबीर नगर के नए पते से लेकर अंतिम सांस तक, वे सबके लिए ‘भैयाजी’ ही रहे। पद बढ़ा, कद बढ़ा, इसके साथ ही उनके दिल का दायरा और बड़ा होता गया।प्रचारक, विभाग प्रचारक, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री जैसे पदों पर काम करने से परे भैयाजी कार्यकर्ता के लिए छत अर्थात आधार थे। धूप में छांव, बारिश में आड़। ओजस्वी और प्रखर वक्ता होते हुए भी उनका असली ओज सामान्य स्वयंसेवक को असामान्य बना देना था। सम्मान देने की विलक्षण कला मंच से 10- 20 कार्यकर्ताओं का नाम लेकर उनका सम्मान बढ़ाना" सहज हृदय की विशालता थी। भैयाजी भली भांति जानते थे कि संगठन का भवन ईंट-गारे से नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान से बनता है।उनका इतना बड़ा व्यक्तित्व, इतनी विनम्रता, जिज्ञासा व शिष्य से सीखने का भाव ही उन्हें सच्चा गुरु बनाता था। प्रवास पर स्थान का भूगोल, लोग, कार्यकर्ता सहित हर पहलू पर बारीकी से पूछना उनके जमीन से जुडने का प्रणाम था। संस्कारगत दृष्टि से भैयाजी को हम सभी ने अपने माता- पिता की सेवा करते तो देखा होगा लेकिन जब स्वयं की बच्चों से सेवा लेने की बारी आई तो उन्होंने ये अवसर किसी को नहीं दिया। हमेशा दूसरों की चिंता करने वाला यह व्यक्तित्व सबसे बाद में अपने बारे में सोचता था। भैयाजी का जीवन दरअसल तपस्वी का जीवन... नि:स्वार्थ, निष्कपट, पारदर्शी और समर्पित।योग आयोग और गौ सेवा आयोग के संयुक्त कार्यक्रम में मेरी भैयाजी से अंतिम भेंट हुई। यहां आयोग का अध्यक्ष बनने पर कबीर नगर छोड़ने का दुःख तो उन्हें था, लेकिन अब इस लोक से विदाई का महादुःख उन्होंने हमें दे दिया। यहां उनकी रिक्तता हमेशा बनी रहेगी।भैयाजी के व्यक्तित्व का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक समन्वयता की भी थी। संत यात्रा 2023 में बम्लेश्वरी संत यात्रा के स्वागत की जिम्मेदारी उन्होंने मराठा समाज रायपुर को दी थी। समाज के सभी घटकों को जोड़कर समरसता का भाव जगाना उनकी विशेषता थी।शिवाजी महाराज से विशेष लगावछत्रपति शिवाजी महाराज और धमतरी मराठा समाज से उनका विशेष लगाव था। शिवाजी महाराज का शौर्य, धर्मनिष्ठा और सुराज का विचार उनके जीवन का आदर्श था। धमतरी की भूमि और वहां के कार्यकर्ताओं से उनका विशेष आत्मीय रिश्ता सदैव बना रहा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उनके लिए ‘जीवन पद्धति’ था। शाखा से निकला कार्यकर्ता ही घर-परिवार तक संघ के विचार पहुंचाता है। शाखा में किसी भी अधिकारी का प्रवास होता, तो नए स्वयंसेवकों को वरिष्ठों से मिलवा कर वे उनका मनोबल बढ़ाते थे। इस विश्वास के साथ ही यही कार्यकर्ता संगठन के निर्माण व विकास की असली प्रक्रिया है। संघ के कार्यक्रमों में उनका सान्निध्य हमें मिलता रहता था। वे केवल मार्गदर्शक नहीं, सह-यात्री बनकर साथ चलते थे।भैयाजी को 45 विधानसभा का प्रभारी बनाया गया। चुनाव के बाद दूसरे दिवस उनके निवास पर जाने पर उन्होंने चुनाव संबंधी सटीक आंकलन बताया। उन्होंने जो कहा, वो बाद में अक्षरश: सत्य हुआ। जमीनी पकड़, आंकड़ों की समझ और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद जैसी विशेषताओं के साथ उनकी राजनीतिक दूरदृष्टि अलग थी। प्रतिवर्ष गौशाला में गोपाष्टमी को पूजन में हमारे मां बगलामुखी गौशाला में गौ पूजन करने के लिए वे आते थे। गौ, गंगा, गीता उनके जीवन के आधार थे। श्रीमद भागवत, राम कथा में रुपनारायण हमारे मार्गदर्शक होने के कारण हमेशा उनसे मिलना होता था। धर्म और अध्यात्म को वे जीवन का आधार मानते थे। इसी तरह गौशाला और मंदिर से उनका विशेष लगाव था। ऐसे सेवाभावी स्वभाव व कार्यों से वे लोगों को भी प्रेरित करते रहते थे। संस्कृति के केंद्रों को जीवंत रखना ही उनका मिशन था।*दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन:*योग आयोग अध्यक्ष का शपथ ग्रहण पद उनके लिए सेवा का माध्यम बना। भैयाजी ने योग को घर-घर पहुंचाया। इसके प्रचार– प्रसार में कभी कोई कमी नहीं रखी। मेरे जैसे जिस साधारण कार्यकर्ता को उन्होंने अंगुली पकड़कर चलाया, उसी ने उन्हें कंधों से अंतिम विदाई दी। यह गुरु-शिष्य परंपरा का एक और उदाहरण है।*।।सब धरती कागद करूँ, लेखनी सब बनराय।**सात समुद्र की मसि करूँ, आपके गुण लिखा न जाय।।* - रायपुर । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर में पर्यावरण जागरूकता सम्मेलन एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य इकाई, कृषि महाविद्यालय रायपुर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने हेतु जन-जागरूकता पर विशेष बल दिया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र परिसर में पौधरोपण कर किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के संकल्प के साथ फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य इकाई के सचिव श्री गोपाल कृष्णा ने पर्यावरण संरक्षण की वर्तमान आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बढ़ते जलवायु संकट के दौर में प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने संगठन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए अधिकाधिक वृक्षारोपण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं कृषि महाविद्यालय रायपुर की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की पारंपरिक जीवनशैली प्रकृति के संरक्षण पर आधारित रही है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत एवं छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए युवाओं को पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कृषि, पर्यावरण एवं ग्रामीण विकास एक-दूसरे के पूरक हैं तथा सतत विकास के लिए इन सभी क्षेत्रों में समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गौतम रॉय ने पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बैंकों एवं वित्तीय संस्थाओं से ऐसे ऋण प्रस्तावों एवं योजनाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, जिनका पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता हो तथा जो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं सतत कृषि विकास को बढ़ावा देते हों।कार्यक्रम में विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल ने कृषि क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने धान की कतार में सीधी बुआई, टपक सिंचाई प्रणाली, सूखा-रोधी किस्मों का उपयोग, उतेरा खेती, जीरो-टिल ड्रिल तकनीक तथा छत पर बागवानी जैसी नवाचार आधारित तकनीकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों के माध्यम से जल, ऊर्जा एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए कृषि उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है।कार्यशाला के दौरान बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधियों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे ऋण प्राप्त करने के इच्छुक किसानों एवं उद्यमियों को अपने परियोजना प्रस्तावों में ऐसे घटकों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करें, जो कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों के पर्यावरणीय दुष्प्रभावों को कम करने में सहायक हों। इससे हरित एवं सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य इकाई के अध्यक्ष श्री प्रियंक चोपड़ा, कृषि महाविद्यालय रायपुर के डॉ. रामामोहन सावु, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, कृषि महाविद्यालय रायपुर के छात्र-छात्राएं, कृषि वैज्ञानिक एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर की विषय-वस्तु विशेषज्ञ डॉ. स्वाती पारधी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजेश कुमार अग्रवाल, विषय-वस्तु विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण, सतत कृषि विकास एवं हरित वित्तीय पहल के महत्व पर व्यापक चर्चा की गई तथा सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
- -पात्र हितग्राहियों को डेढ़ लाख तक अनुदान राशिरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन, श्रम विभाग के अंतर्गत भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में निर्माण कार्य से जुडे 60 प्रकार के प्रवर्गो में पंजीकृत कर उनके लिये जन्म से मृत्यु तक लगभग 28 प्रकर की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के जीवनयापन के स्तर को उंचा उठाने एवं आय में वृध्दि तथा रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से मंडल में 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण महिला श्रमिकों के लिये दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना संचालित की जा रही हैं जिसके अंतर्गत 1,50,000 रूपये की अनुदान राशि मण्डल द्वारा प्रदाय किया जाना प्रावधानित है। इस योजना के लिये पात्र निर्माण महिला श्रमिक अपने पसंद के ई रिक्शा कंपनी का चयन कर बैंक से ऋण प्राप्त करने के पश्चात् विभाग की वेबसाईटshramevjayate.cg.gov.in, Shramev Jayate Mobile App, नजदीकी श्रम संसाधन केन्द्र, च्वाईस सेंटर अथवा जिला श्रम कार्यालय बलौदा बाजार के कक्ष क्रमांक 117 में आकर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। file photo
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रायपुर। समहिता सिंह को पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से अपने शोघ कार्य के लिए पीएचडी की उपाधि दी गई। उन्होंने अपना शोध कार्य 'कल्चरल वैल्यूज इन सिलेक्ट साउथ एशियन नोवेल्स: अ स्टडी' विषय पर डॉ. जया तिवारी के मार्गदर्शन में पूरा किया है।
समहिता के शोध का विषय साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आमानाका निवासी समहिता रिटायर्ड कर्नल सीएम सिंह और सपना सिंह की पुत्री हैं, जो वर्तमान में कलिंगा यूनिवर्सिटी में अस्सिटेंट प्रोफेसर हैं। पीएचडी वाइवा के लिए आए परीक्षक डॉ. ओएन उपाध्याय ने उनके अध्ययन और शोध के परिणामों की सराहना की। अपने शोध में समहिता ने साउथ एशियन नोवेल्स में पाए जाने वाले साझा सांस्कृतिक मूल्यों पर चर्चा की और यह भी बताया कि किस प्रकार लेखकों ने अपने- अपने देशों के सांस्कृतिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए उनकी आलोचना की है। - -11 वर्ष बाद स्वर्णिम सफलता: जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियन टीम का डॉ. रमन सिंह ने किया सम्मानरायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ. रमन सिंह जी ने शंकर नगर स्थित विधानसभा अध्यक्ष निवास के सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में 76वीं जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप की स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ बालिका बास्केटबॉल टीम के खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों का सम्मान किया।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह जी ने सभी छत्तीसगढ़ के बालिका खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षको को बधाई दी एवं सभी खिलाड़ियों को अपने स्वेक्षा निधि से 15,000 रुपये देने की घोषणा की।उन्होंने बताया कि जब वो 15 वर्ष मुख्यमंत्री थे तब श्री राजेश पटेल जी ने हमेशा राज्य का मान बढ़ाया था और उनके रहते हुए छत्तीसगढ़ बालिका बास्केटबॉल टीम ने पूरे देश मे अपनी छाप छोड़ी थी और अभी 11 वर्षो के बाद एक बार फिर से छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल बालिका टीम ने विजेता होने का गौरव प्राप्त किया है एवं इसी तरह छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल टीम नई ऊँचाई पर पहुचे।उसके बाद छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिंह सिसोदिया जी ने भी छत्तीसगढ़ की बालिका टीम को बधाई दी एवं छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल को हर संभव मदद करने की बात कही।छत्तीसगढ़ बास्केटबॉल संघ से श्री अमर पारवानी जी के द्वारा सभी खिलाड़ियों को जीके मोटर्स की तरफ से 5100 रुपये देने की घोषणा की गयी।छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षको को शुभकामनाएं दी हैं।
- रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साथ के मार्गदर्शन में नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के विभिन्न 10 स्थानों पर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे है। इस हेतु छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी 10 जोनों में सुशासन विहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन की प्रशासनिक कार्यवाही जोनवार निरन्तर प्रगति पर है।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 अंतर्गत वार्ड कमांक 22, 23, 24, 25, 36, 37 एवं 38 क्षेत्र हेतु दिनांक 8 जून 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में अंतिम और दसवां जनसमस्या निवारण शिविर पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में लगाया जायेगा।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जोनवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन हेतु संबंधित जोन क्षेत्र के जोन कमिश्नर को सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जोन कमिश्नर नोडल अधिकारी शिविर के आयोजन हेतु उत्तरदायी होंगे। आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में शिविर स्थलों में प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। जनसमस्या निवारण शिविर में रायपुर नगर पालिक निगम सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजस्व, विद्युत, खाद्य, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशु धन विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ईडीएम, श्रम विभाग आदि हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित सर्व विभाग भी उपस्थित रहेंगे।निर्देश दिये गये है कि सुशासन तिहार के सफाई और सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाये और अभियान को जन आंदोलन का रूप देते हुए अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाये। जिससे शासन की योजनाओं का व्यापक लाभ नागरिको को प्राप्त हो सके। विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने शिविर में पात्र हितग्राहियों को लाभवितरण किये जाने, शिविरों में प्राप्त आवेदन पत्रों का अधिकतम 1 माह में निराकरण सुनिश्चित किये जाने, प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने संबंधित शिविर से जुड़े क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने, शिविर स्थल पर अनुशांगिक व्यवस्था जैसे छाया, कुर्सी टेबल, पेयजल हेतु घडे आदि की व्यवस्था एवं पानी पिलाने वाले कर्मचारी सहित अन्य की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरो का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।
- रायपुर - विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन कमांक 10 क्षेत्र के अंतर्गत डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्षेत्र स्थित जोन 10 अमलीडीह कार्यालय परिसर में आरआरआर सेंटर नये स्वरूप में प्रारंभ हो गया। वहां पहुंचकर नगर निगम के जोन 10 के आरआरआर सेंटर का नये स्वरूप में लोकार्पण कर शुभारम्भ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोन 10 जोन अध्यक्ष श्री सचिन बी मेधानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, पार्षद श्रीमती सुषमा तिलक साहू, श्री विनय पंकज निर्मलकर, श्रीमती गायत्री नौरंगे, श्री मनोज जांगडे, श्री विनय प्रताप सिंह ध्रुव, जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कंवर, उपअभियंता श्री राहुल थरानी, श्रीमती निवृत्ति गौतम, निगम मुख्यालय स्वच्छ भारत मिशन शाखा उपअभियंता श्रीमती कृष्णा राठी, श्री संस्कार शर्मा, जोन 10 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा, स्वच्छता निरीक्षक श्री अनिल झा एवं वंदना महिला स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं, आमजनों की उपस्थिति में करते हुए शानदार सौगात दी ।इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर निगम रायपुर द्वारा एक ई बैटरी वाहन उपलब्ध कराया गया है जो नगर निगम जोन क्रमांक 10 क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी 7 वार्डों में जाकर वहां से रहवासी नागरिकों के घरों से अनुपयोगी वस्तुएं संग्रह करके लाने का कार्य करेगा, जिन्हें समाज के जरूरतमंद नागरिकों को स्वच्छ भारत मिशन योजना स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-26 अंतर्गत उपलब्ध कराया जायेगा।इस नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर में नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर महिलाओं के कल्याणार्थ सिलाई मशीन की व्यवस्था दी गई है। जिस पर महिलाएं कार्य कर रोजगारयुक्त हो सकेंगी एवं आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगी। यहां नये स्वरूप वाले आरआरआर सेंटर का संचालन वंदना महिला स्वसहायता समूह की पदाधिकारी महिलाओं के माध्यम से जनहित में योजना अंतर्गत किया जायेगा। साथ ही वहां बर्तन बैंक, झोला बैंक की व्यवस्था रखी गयी है। अलग अलग आलमारियों के खंड़ों में पुराने कपड़ों, जूते -चप्पलों, इलेक्ट्रॉनिक सामानों, पुराने बर्तनों, पुराने प्लास्टिक सामानों अन्य पुरानी अनुपयोगी वस्तुओं को रखने की व्यवस्था दी गई है। जिससे नागरिकों को यहां नगर निगम जोन 10 के अमलीडीह जोन कार्यालय परिसर पहुंचकर अपने घरों की अनुपयोगी वस्तुओं को देना सहज और सरल हो सके। इससे पर्यावरण संरक्षण सहित जरूरतमंद नागरिकों तक उनके उपयोग की वस्तुएं सहजता से पहुंचायी जा सकेंगी।इस अवसर पर नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिकों को बताया कि आरआरआर (रिड्यूज, रियूज, रिसायकल) ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की एक महत्वपूर्ण अवधारणा है, जिसका उद्देश्य कचरे को स्रोत पर कम करना, उपयोग योग्य वस्तुओं का पुनःउपयोग बढ़ाना तथा अपशिष्ट का पुनर्चक्रण कर संसाधनों का संरक्षण करना है। इसके माध्यम से लैंडफिल में जाने वाले कचरे में कमी आती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और सर्कुलर इकॉनमी को मजबूती मिलती है। आरआरआर सेंटर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहाँ नागरिक अपनी उपयोग योग्य वस्तुएँ दान करते हैं, जिन्हें मरम्मत कर जरूरतमंदों को निःशुल्क या न्यूनतम लागत पर उपलब्ध कराया जाता है। आरआरआर सेंटर में संग्रहित एवं मरम्मत की गई उपयोग योग्य वस्तुओं को जरूरतमंद नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है।इसके साथ ही जो सामग्री पुनः उपयोग योग्य नहीं होंती, जैसे पुराने व अनुपयोगी कपड़े, उन्हें स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा पुनर्चक्रित कर थैले, झोले आदि उपयोगी उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है। इसके अतिरिक्त शेष अपशिष्ट को अधिकृत रिसाइक्लर्स एवं प्रोसेसिंग यूनिट्स तक भेजा जाता है, जिससे वैज्ञानिक निपटान सुनिश्चित होता है और सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा मिलता है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने रायपुर नगर पालिक निगम की ओर से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से एक बार पुनः विनम्र अपील की है कि कृपया अपने घर में उपयोग में न आने वाली वस्तुओं को आरआरआर सेंटर में जमा करने का कष्ट करें। नागरिकों के इस छोटे से प्रयास से न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलेगा, बल्कि इन वस्तुओं के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान भी लाई जा सकेगी।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना में 12 पात्र हितग्राहियों को मकान निर्माण करने स्वीकृति पत्र प्रदत्त, ई श्रम कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए-विश्व पर्यावरण दिवस पर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने मौलश्री एवं महापौर मीनल चौबे ने कचनार का पौधा लगायारायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम जोन कमांक 10 के अंतर्गत रानी दुर्गावती वार्ड क्रमांक 49. पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड कमांक 50, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड कमांक 52, बाबू जगजीवन राम वार्ड कमांक 53, कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड कमांक 54, रविन्द्रनाथ टैगोर वार्ड कमांक 55, लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड क्रमांक 56 के लिए सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर जोन क्रमांक 10 क्षेत्र अंतर्गत देवपुरी गुरूद्वारा परिसर के समीप हॉल में लगाया गया ।शिविर की व्यवस्था का प्रत्यक्ष निरीक्षण रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री नंदकुमार साहू, आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू, जोन 10 अध्यक्ष श्री सचिन बी मेघानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, श्री अमर गिदवानी, श्री भोला राम साहू, पार्षद श्रीमती सुषमा तिलक साहू, श्रीमती गायत्री नौरंगे, सर्वश्री विनय पंकज निर्मलकर, मनोज जांगडे, विनय प्रताप सिंह ध्रुव, श्री राजेश गुप्ता, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री गजाराम कंवर सहित विभिन्न 15 से अधिक रायपुर जिले के शासकीय विभागों के सम्बंधित शासकीय कर्मचारियों एवं आमजनों की उपस्थिति में किया।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जोन 10 अंतर्गत देवपुरी गुरुद्वारा परिसर के पास हॉल के सामने रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू एवं नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने समाज हित में पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधा रोपित किया। ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने मौलश्री और महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कचनार का पौधा रोपित किया एवं नागरिको से विश्व पर्यावरण दिवस पर अधिक से अधिक संख्या में शहर में सुरक्षित स्थानो पर समाज हित में पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधरोपण कर लगाये गये प्रत्येक पौधे की देखभाल व सुरक्षा अपनी संतान की भांति करने का संकल्प लेने की विनम्र अपील की।रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने भीषण गर्मी की तपिश के मध्य महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री नंदकुमार साहू आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू, जोन 10 अध्यक्ष श्री सचिन बी मेघानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, श्री अमर गिदवानी, श्री भोला राम साहू वार्ड पार्षदों सहित सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर स्थल पर रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 10 सहित विभिन्न शासकीय विभागो द्वारा लगाये गये स्टॉलो की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया एवं वहाँ आमजनो से उनकी समस्याओं और मांगों को लेकर चर्चा कर जानकारी ली। रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कहा कि जब से प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार आयी है तब से अपने ग्रामीण विधायक के कार्यकाल में वे अब तक रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 500 करोड से अधिक से नये विकास कार्यों को करवा चुके है। इसके पूर्व पूर्ववर्ती सरकार में विकास कार्य पूरी तरह ठप्प थे। प्रतिपक्ष के नेतागण हो रहे तेज विकास कार्य को उस समय स्वीकृत हुआ बताते है। जबकि उस समय कोई विकास कार्य स्वीकृत नहीं हुए थे। ये सभी कार्य विष्णुदेव साय सरकार के कार्यकाल के दौरान के है। जिसकी शत प्रतिशत जानकारी वे दे सकते है। ग्रामीण विधायक ने कहा कि नागरिको को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सुशासन तिहार शिविर का लाभ अवश्य उठाना चाहिए और विकास विरोधी लोगो को पहचानकर उनसे सावधान रहकर विकास कार्यों से सकारात्मक जुडाव करना चाहिए।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नागरिको से विनम्र अपील की कि वे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य शासन द्वारा लगाये जा रहे सुशासन तिहार शिविर में अधिकाधिक संख्या में आकर सभी शासकीय योजनाओ का वांछित लाभ अवश्य उठाये। महापौर ने कहा कि राज्य शासन के निर्देश पर लगाये जा रहे सुशासन तिहार शिविर में आमजनों द्वारा दिये जा रहे सभी आवेदनो, मांगो, शिकायतो पर शत प्रतिशत आवश्यक कार्यवाही नगर निगम रायपुर जोन 10 के जोन कमिश्नर व अधिकारीगणों सहित संबंधित शासकीय विभागों के अधिकारीगण गंभीरता से प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा में एक माह की अवधि के भीतर करना सुनिश्चित करें। महापौर ने निर्देशित किया कि नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर एवं जोन नगर निवेश विभाग के संबंधित अधिकारीगण शिविर में जोन 10 के वार्डो में अवैध निर्माणो से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनो को गंभीरता से लेकर शासकीय अधिनियम अनुसार सभी अवैध निर्माणो के प्रकरणो में नोटिस जारी करने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करके आवेदनो का समय सीमा में निराकरण सुशासन तिहार अंतर्गत करना सुनिश्चित करें।रायपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष श्री नंदकुमार साहू ने सभी नागरिको को सुशासन तिहार शिविर आयोजन में बधाई दी एवं कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार सुशासन तिहार शिविर लगाकर नागरिको की मांगो, शिकायतो को सुनकर उनके आवेदन ले रही है, सभी आवेदनो का एक माह की तय समय सीमा के भीतर सभी शासकीय विभागों के अधिकारीगण शत प्रतिशत संख्या में समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होने अपील की कि नागरिक अधिक से अधिक संख्या में सुशासन तिहार शिविरों में पहुंचे एवं अपनी मांगो, शिकायतो के आवेदन देकर नियमानुसार प्रक्रिया के तहत तय समय सीमा में त्वरित समाधान प्राप्त करें एवं सभी शासकीय योजनाओं का पात्रतानुसार पूर्ण वांछित लाभ उठाएं।रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री नंदकुमार साहू, आयुक्त श्री संबित मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक प्रतिनिधि श्री मैकमिलन साहू, जोन 10 अध्यक्ष श्री सचिन बी मेघानी, एमआईसी सदस्य डॉ. अनामिका सिंह, श्री अमर गिदवानी, श्री भोला राम साहू, पार्षद श्रीमती सुषमा तिलक साहू, श्रीमती गायत्री नौरंगे, सर्वश्री विनय पंकज निर्मलकर, मनोज जांगडे, विनय प्रताप सिंह ध्रुव, श्री राजेश गुप्ता, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय सहित प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 12 पात्र हितग्राहियों बालू विश्वकर्मा, कामदेव साहू, प्रदीप सेन, हेमा बाई साहू, हिरेश साहू, कौशल्या शर्मा, लक्ष्मी पुरेना, मोना हलधर, रामदास जोशी, साद बाई, वर्षा हलघर, नंदकुमार गडरिया को आवेदन करते ही मकान निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र प्रदत्त किया गया। शिविर में मंच स्थल पर अतिथियों ने पात्र हितग्राहियों को आवेदन देते ही प्रदत्त नये राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, ई श्रम कार्ड प्रदत्त किये। गर्भवती माताओं की गोदभराई की रस्म अदायगी तत्काल की गई वहीं नवजात शिशुओं का अन्नप्रासन्न किया गया।
- -सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशो के अनुरूप वार्ड पार्षदों को लीड फैसिलिटेटर्स के रूप में उनकी भूमिका के प्रति सशक्त बनाना हैरायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वार्ड पार्षदों को लीड फैसिलिटेटर्स हेतु ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का भ्रमण कार्यक्रम सकरी प्लांट में करवाकर शैक्षिक भ्रमण में महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर वार्ड पार्षदों को अनौपचारिक बैठक कर इस विषय में विस्तृत चर्चा कर जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई ।यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशो के अनुरूप वार्ड पार्षदों को लीड फैसिलिटेटर्स के रूप में उनकी भूमिका के प्रति सशक्त बनाना है, यह आज के शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य रहा। वार्ड पार्षदों को अपने अपने वार्ड क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति रहवासी नागरिको को जागरूक करने की जिम्मेदारी सौपी गयी है ताकि वे स्त्रोत स्तर पर कचरे का पृथककरण करें, कचरा निर्धारित डस्टबीन में डाले और अपने घरों और दुकानों के आस पास स्वच्छता बनाये रखे। इसी उद्देश्य से सभी लीड फैसिलिटेटर्स को कचरे के संग्रहण से लेकर उसके सम्पूर्ण प्रसंस्करण की प्रक्रिया को समझाने हेतु इस शैक्षिक भ्रमण का आयोजन नगर पालिक निगम रायपुर द्वा bरा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रखा गया।शैक्षिक भ्रमण पर सकरी प्लांट के कार्य की प्रक्रियाओं के सुक्ष्म निरीक्षण एवं अध्ययन हेतु पहुंचे नगर निगम रायपुर के वार्ड पार्षदो ने नगर निगम अधिकारियों सहित मिलकर वहां विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश दिया एवं सभी नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सुरक्षित स्थानो पर शहर में पौधरोपण कर लगाये गये प्रत्येक पौधे की देखभाल अपनी संतान की भांति करने का समाज हित में पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रण लेने की विनम्र अपील की।शैक्षिक भ्रमण में इस दौरान नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, पर्यावरण एवं उद्यानिकी विभाग अध्यक्ष श्री भोला राम साहू, संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग अध्यक्ष श्री नंदकिशोर साहू, शहरी गरीबी उपशमन एवं समाज कल्याण विभाग अध्यक्ष श्री खेमकुमार सेन, जोन 1 जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, जोन 4 जोन अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, वार्ड पार्षद सर्वश्री राजेश गुप्ता, अजय साहू, मोहन साहू, अर्जुन यादव, महेन्द्र औसर, भगत राम हरवंश, कैलाश बेहरा, नगर निगम अपर आयुक्त श्री लोकेश्वर साहू, अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय, स्वच्छ भारत मिशन नोडल अधिकारी कार्यपालन अभियंता श्री योगेश कडु, उपअभियंता श्रीमती कृष्णा राठी, श्री संस्कार शर्मा, विषय विशेषज्ञ श्री प्रणीत चोपड़ा, श्री सूरज चंद्राकर, अनुबंधित एजेंसी रामकी कंपनी के लोकल हेड श्री योगेश कुमार सहित रामकी कंपनी के अन्य अधिकारी प्रतिनिधिगण एवं अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारीगण की उपस्थिति रही।
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रायपुर/ स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में स्वच्छता को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। मिशन के तहत गांव-गांव में दीवार लेखन, नुक्कड़ नाटक, स्कूली रैलियां तथा स्वच्छता एवं महामारी प्रबंधन से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
ग्राम स्तर पर विशेष रूप से महिलाओं एवं बालिकाओं को स्वच्छता, व्यक्तिगत स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जानकारी प्रदान की गयी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वच्छाग्रहियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से घर-घर संपर्क अभियान भी चलाया गया है, जिससे ग्रामीणों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई है|दीवार लेखन एवं नुक्कड़ नाटकों के जरिए स्वच्छता का संदेश सरल और प्रभावी तरीके से आमजन तक पहुंचाया गया है। वहीं, स्कूली बच्चों द्वारा निकाली गई रैलियों ने पूरे गांव में स्वच्छता का संदेश फैलाने एवं बच्चों ने स्वयं भी स्वच्छता दूत की भूमिका निभाई। -
*स्वयं के व्यवसाय से कर रहीं सालाना 1.20 लाख की आय*
रायपुर/ बिहान योजना से जुड़कर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं, ऐसी ही प्रेरणादयक कहानी है ग्राम कुम्हारी की निवासी श्रीमती महेश्वरी यादव की। योजना से जुड़कर आज वे सालाना 1 लाख 20 हजार तक की आय अर्जित कर लखपति दीदी बन गई हैं, जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं बल्कि उन्होंने समाज में अपनी नई पहचान भी बनाई है।श्रीमती यादव पहले गृहणी थीं एवं घर के काम-काज में अपना समय व्यतीत करती थीं। बिहान से जुड़ने के बाद वे सक्रिय महिला के रूप में कार्य करने लगीं। अपना व्यवसाय शुरू करने हेतु उन्हें योजना के तहत 75 हजार की सीआईएफ राशि एवं बैंक से 1 लाख रूपए का ऋण प्राप्त हुआ जिससे उन्होंने जनवरी 2024 में उन्होंने फैन्सी स्टोर, ब्यूटि पार्लर, केक शॉप एवं कपड़े की दुकान शुरू की एवं अब उनकी मसिक आय 10 हजार एवं सालाना आय 1 लाख 20 हजार हो गई है। इस आय का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई एवं घर खर्च में कर रहीं हैं।इस योजना हेतु श्रीमती यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंन्द्र मोदी का धन्यवाद किया, जिन्होंने महिलाओं के हित के बारे में सोचा और स्व-सहायता समूह की महिलाओं को लखपति दीदी बनने में सहयोग प्रदान किया।















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