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- -नवा रायपुर स्थित संवाद भवन में रायपुर साहित्य उत्सव आयोजन समिति की बैठक आयोजित-पुरखौती मुक्तांगन में 23 से 25 जनवरी तक आयोजित होगा रायपुर साहित्य उत्सवरायपुर / रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के रूप में छत्तीसगढ़ की राजधानी में शब्दों और विचारों का एक भव्य उत्सव आकार ले रहा है। इस प्रतिष्ठित आयोजन की तैयारियों को लेकर नवा रायपुर स्थित संवाद भवन में आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस अवसर पर आयोजन की रूपरेखा, अतिथियों की सहभागिता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, साहित्यिक सत्रों तथा प्रचार-प्रसार की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा ने बैठक में कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की बौद्धिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का अवसर है। उल्लेखनीय है कि नवा रायपुर अटल नगर के पुरखौती मुक्तांगन में 23 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक साथ मंच साझा करेंगे। इस दौरान साहित्यिक संवाद, पुस्तक विमोचन, विचार-मंथन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर पुस्तक मेले का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के ख्यातिनाम प्रकाशण समुह शामिल होंगे।यह उत्सव पुरखौती मुक्तांगन, अटल नगर, नवा रायपुर में आयोजित किया जाएगा, जहाँ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 को देश के प्रमुख साहित्यिक आयोजनों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। यह उत्सव न केवल लेखकों और पाठकों को जोड़ेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छवि को भी राष्ट्रीय स्तर पर और सुदृढ़ करेगा। आयोजन से जुड़ी विस्तृत कार्यक्रम-सारणी और अतिथियों की सूची शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी। बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शंशाक शर्मा, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विश्वरंजन, अपर संचालक जनसंपर्क श्री उमेश मिश्रा एवं श्री आलोक देव ने भी रायपुर साहित्य उत्सव के सफल आयोजन को लेकर मार्गदर्शन दिया।
- -कटकोना के किसान लखपति सिंह ने 52 क्विंटल धान बेचकर पाया राहत और भरोसारायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में लागू पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था किसानों के जीवन में भरोसे का नया अध्याय लिख रही है। ग्राम कटकोना निवासी किसान लखपति सिंह की सफलता इस बदली हुई व्यवस्था की सशक्त मिसाल बनकर सामने आई है। लखपति सिंह ने कटकोना उपार्जन केंद्र में अपनी मेहनत की फसल के कुल 52 क्विंटल धान की सफल बिक्री की। शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी की नीति के अंतर्गत उन्हें उनकी पूरी उपज का वाजिब और लाभकारी मूल्य प्राप्त हुआ, जिससे उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया। लखपति सिंह का टोकन ऑफलाइन जारी किया गया था, फिर भी वे निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचे और बिना किसी बाधा के धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई। उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। डिजिटल तौल कांटे से धान की सटीक माप की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भरोसेमंद बनी रही। किसान लखपति सिंह बताते हैं कि पहले धान बेचने के दौरान उन्हें लंबी प्रतीक्षा और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस वर्ष सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित व्यवस्था के कारण न तो देरी हुई और न ही किसी प्रकार की परेशानी। समर्थन मूल्य की राशि मिलने के बाद अब वे रबी फसल की तैयारी, बच्चों की शिक्षा तथा घरेलू जरूरतों की योजना निश्चिंत होकर बना पा रहे हैं। ग्राम कटकोना के किसान लखपति सिंह की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था न केवल किसानों के समय और मेहनत की रक्षा कर रही है, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता, आत्मविश्वास और समृद्धि के नए अवसर भी खोल रही है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को वर्ष 2025–26 के मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। विभाग को यह सम्मान अपनी दो महत्वपूर्ण और नवाचार आधारित पहल FDS 2.0 (ई-कुबेर डिजिटल पेमेंट सिस्टम) तथा वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए दिया गया है।FDS 2.0 (eKuber डिजिटल पेमेंट सिस्टम) भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी FDS 2.0 एक आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसके माध्यम से वन विभाग की सभी वित्तीय गतिविधियाँ ई-कुबेर प्लेटफ़ॉर्म से सीधे जुड़ी हैं। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है, पारदर्शिता बढ़ी है। मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हुई है तथा कार्यों, योजनाओं और कर्मचारियों के भुगतान में गति आई है। इस नवाचार से विभाग के प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ी है और आम नागरिकों से जुड़े भुगतान संबंधी कार्य भी सरल और समयबद्ध हुए हैं।वन विभाग द्वारा विकसित यह प्रणाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसके माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जाती है। इस पहल के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय पर अलर्ट भेजा जाता है, ग्रामीणों को संभावित खतरे से पहले ही सूचना मिल जाती है,मानव– हाथी संघर्ष कम हुआ है, वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण सुरक्षा दोनों को मजबूत सहारा मिला है। यह प्रणाली विभाग के वन्यजीव प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और जनहितकारी बनाती है।इन दोनों उपलब्धियों के पीछे विभागीय नेतृत्व की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। गौरतलब है कि एसीएस श्रीमती ऋचा शर्मा,पीसीसीएफ एवं होएफएफ श्री श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ़) श्री अरुण पांडे, तथा अधिकारीगण श्रीमती शालिनी, श्रीमती सतोविषा और श्री वरुण का मार्गदर्शन, नवाचार को प्रोत्साहन और कार्य निष्पादन पर विशेष ध्यान प्रशंसनीय रहा। विभाग की पूरी टीम ने मिलकर इन पहलों को सफलतापूर्वक लागू किया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को दो महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुए हैं।मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के ये सम्मान दर्शाते हैं कि वन विभाग पारदर्शी शासन, तकनीक-आधारित समाधान, नागरिक–केंद्रित सेवा तथा प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। यह उपलब्धि विभाग की उस प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है, जिसके माध्यम से वह राज्य में सुशासन, नवाचार और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देता है।
- -रायपुर में आईपीएल आयोजन की पहल: मुख्यमंत्री श्री साय को आरसीबी का विशेष आमंत्रणरायपुर /रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को टीम का आधिकारिक जर्सी भेंट कर रायपुर में प्रस्तावित आईपीएल मैच के आयोजन के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर आरसीबी के वाइस प्रेसिडेंट श्री राजेश मेनन तथा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के संयुक्त सचिव श्री प्रभतेज सिंह भाटिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ेगा, खेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रस्ताव रायपुर को एक उभरते हुए स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- -उच्च शिक्षा विभाग में होगी विभिन्न पदों पर 800 से अधिक की होंगी भर्तियां-पारदर्शी परीक्षा को लेकर की जा रही ठोस पहलरायपुर। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन हैं। उच्च शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विभाग में 880 विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती हेतु विज्ञापन जारी की गई थी। इनमें प्रयोगशाला परिचारक के 430, भृत्य के 210, चौकीदार के 210 एवं स्वीपर के 30 पद शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है।प्रयोगशाला परिचारक के 430 पदों हेतु छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा चुका है तथा अनंतिम सूची भी जारी कर दी गई है, वहीं चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की कार्यवाही संचालनालय में तेजी से किया जा रहा है।अन्य पदों भृत्य, चौकीदार एवं स्वीपर पर सीधी भर्ती हेतु परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी व्यापमं को सौंपी गई है साथ ही प्राप्त आवेदनों का त्रुटिरहित डिजिटल डाटा, व्यापमं को उपलब्ध कराने की सहमति प्राप्त कर ली गई है।और सभी आवेदन के डाटा छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल को हस्तांतरित कर दिया गया है।विभाग द्वारा परीक्षा से संबंधित पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रारूप एवं अन्य आवश्यक विवरण पूर्व में ही व्यापमं को उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिसकी जानकारी अभ्यर्थियों को समय-समय पर दी गई है। इसके आधार पर व्यापम द्वारा आगामी परीक्षा की तैयारी की जा रही है।इन पदों की भर्ती परीक्षा की तिथि, प्रवेश पत्र एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा जारी की जाएगी तथा विभाग द्वारा सूचना पटल व अन्य माध्यमों से प्रसारित की जाएगी।
- -अजिरमा की कुमुदनी को मिला सुरक्षित आशियाना, जीवन दर्ज हुआ सम्मानजनक बदलावरायपुर ।प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण छत्तीसगढ़ के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है। राज्य में तेजी से अमल में लाई जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना ने उन परिवारों के जीवन को बदलना शुरू कर दिया है, जो अब तक कच्चे मकानों में रहते हुए मौसम की मार और असुरक्षा का सामना कर रहे थे।सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड की ग्राम पंचायत अजिरमा की श्रीमती कुमुदनी भी इसी योजना से लाभान्वित हुई हैं। उनका नया पक्का घर बनकर तैयार हो गया है, जिसने उनके परिवार को राहत की सांस दी है। इससे पहले वे कच्चे मकान में रहती थीं जहां गर्मी, सर्दी और बारिश के दौरान कई तरह की कठिनाइयाँ झेलनी पड़ती थीं।श्रीमती कुमुदनी ने बताया कि आर्थिक कमजोरी के कारण पक्का घर बनाना संभव नहीं था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत प्राप्त प्रोत्साहन राशि ने उनके सपने को साकार कर दिया। शासन से मिली सहायता और अपनी बचत जोड़कर उन्होंने अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक आवास तैयार किया।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह योजना वास्तव में गरीब परिवारों के जीवन में परिवर्तन ला रही है। पक्का मकान मिलने से अब उनका परिवार हर मौसम में सुरक्षित है और सामाजिक सम्मान भी बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आवासहीन परिवारों, कच्ची झोपड़ियों में रहने वाले ग्रामीणों तथा प्राथमिकता श्रेणी के लाभार्थियों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के विभिन्न जिलों में हजारों परिवार पक्के घरों में रहने का अवसर पा रहे हैं, जिससे ग्रामीण जीवन, आत्मविश्वास और जीवन-स्तर में व्यापक बदलाव महसूस हो रहा है।
- भिलाई। स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के उपलक्ष्य में भिलाई के सेक्टर–10 में एक विशेष उपहार क्षेत्रवासियों को मिला। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार ने सेरेब्रल पाल्सी, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और ऑटिज़्म जैसी चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों के लिए ‘निःशुल्क फिजियोथेरेपी केन्द्र’ का औपचारिक उद्घाटन किया। सेक्टर-10 स्थित मेंटेनेंस ऑफिस परिसर में शुरू हुआ यह केंद्र पूर्णतः विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के उपचार और पुनर्वास के लिए समर्पित है।यह परियोजना भिलाई इस्पात संयंत्र के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) का हिस्सा है, जिसका संचालन ‘सेवा फाउंडेशन’ द्वारा ‘ऑफिसर्स एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट’ के सहयोग से किया जाएगा। उद्घाटन के दौरान मुख्य अतिथि श्री पवन कुमार ने इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इन गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों की पीड़ा को कम करने की दिशा में यह केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया।कार्यक्रम में उपस्थित ऑफिसर्स एसोसियसन के अध्यक्ष श्री नरेंद्र कुमार बंछोर ने विवेकानंद के आदर्शों को सेवा का आधार बताते हुए सभी से इस पुनीत कार्य में सहयोग की अपील की। सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री एस. के. जैन ने संस्थान के सेवा कार्यों का ब्यौरा दिया, वहीं महाप्रबंधक (व्यवसायिक उत्कृष्टता) श्री शिवराजन नायर ने बताया कि यह केंद्र तीन साल की कड़ी मेहनत और सामूहिक सहयोग का परिणाम है। इस केंद्र के खुलने से अब जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञों की देखरेख में समय पर उपचार मिल सकेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार की नई उम्मीद जगी है।
- -खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने युवाओं को किया सम्मानित-दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और समर्पण से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़े युवा – श्री विष्णु देव सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राज्य के आठ युवाओं तथा धमतरी जिले के युवा स्टार सेवा समिति खुरतुली को सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस पर सम्मानित किया। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आज रायपुर के नवीन विश्राम भवन में आयोजित युवा रत्न सम्मान समारोह में सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर रायपुर में उनके बिताए समय का स्मरण करते हुए समारोह में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने मात्र 31 वर्ष की आयु में दुनिया में भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और सभ्यता का मान और सम्मान बढ़ाया। उन्होंने खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य की उत्कृष्ट युवा प्रतिभाओं को सम्मानित करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारत युवाओं का देश है। हमारी युवा प्रतिभाओं को पोषित, पल्लवित और आगे बढ़ाने का काम हम कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए उन्हें दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम, समर्पण और संकल्प से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने को कहा।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत की सांस्कृतिक शक्ति का परचम पूरी दुनिया में फहराया था। आज करोड़ों युवा उनसे प्रेरणा लेकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से युवा रत्न सम्मान के लिए आवेदन आए हैं, उससे पता चलता है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार ने इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बड़ी पहल करते हुए आज राज्य में पहली बार व्यक्तिगत क्षमता में सुधार तथा समाज सेवा में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देने राज्य की प्रतिभाओं को "युवा रत्न सम्मान" से नवाजा है। राज्य के 15 वर्ष से 29 वर्ष की आयु के प्रतिभाओं के उत्कृष्ट कार्यों एवं उपलब्धियों के लिए पुरस्कृत किया है।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि युवा रत्न सम्मान के लिए राज्य के बहुत से सक्षम युवाओं के आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से अलग-अलग क्षेत्रों से एक-एक नाम का चयन बहुत मुश्किल था। राज्य के युवा कई क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम कर रहे हैं। उनके कार्यों को सम्मानित और रेखांकित करने के लिए विभाग ने इस वर्ष से ये सम्मान शुरू किए हैं। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल और खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।राज्य के इन युवाओं को मिला युवा रत्न सम्मानमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित समारोह में बेमेतरा के एस्ट्रोफिजिक्स में सबसे कम उम्र के वैज्ञानिक एवं पीएचडी छात्र तथा एनएएसओ (NASO) ओलंपियाड में स्वर्ण पदक से सम्मानित श्री पीयूष जायसवाल को छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कांकेर की सुश्री शिल्पा साहू, साहित्य के क्षेत्र से सरगुजा के श्री अमित यादव, नवाचार के लिए महासमुंद की सुश्री मृणाल विदानी तथा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए दुर्ग की सुश्री परिधि शर्मा को सम्मानित किया।मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बिलासपुर की सुश्री संजू देवी को खेल, कवर्धा के श्री सचिन कुनहरे को कला एवं संस्कृति और सुश्री आरू साहू को लोककला में उत्कृष्ट कार्यों के लिए युवा रत्न सम्मान दिया। उन्होंने स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्वच्छता, साक्षरता, महिला उत्थान, सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति, मतदाता जागरूकता, जल स्रोतों के संरक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्यों के लिए धमतरी जिले के खुरतुली के युवा स्टार सेवा समिति को भी छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान प्रदान किया।
- -डिजिटल टोकन प्रणाली से धान विक्रय प्रक्रिया बनी और सरलरायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान सरगुजा जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था किसानों के लिए राहत लेकर आई है। डिजिटल प्रणाली के चलते किसानों को धान विक्रय में न सिर्फ समय की बचत हो रही है, बल्कि अनावश्यक परेशानी से भी मुक्ति मिली है।ग्राम पंचायत मेंड्राखुर्द के लघु सीमांत कृषक श्री त्रिभुवन राजवाड़े ने धान खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने इस वर्ष 108 क्विंटल धान विक्रय हेतु पंजीकृत कराया है। उन्होंने कहा कि किसान तुहंर टोकन ऐप की मदद से घर बैठे 24×7 टोकन कटाने की सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें बार-बार समिति आने की जरूरत नहीं पड़ती। यह उनका दूसरा टोकन है, जिसके तहत उन्होंने 52.40 क्विंटल धान बेचा है।उपार्जन केंद्र पहुंचने पर किसानों को गेट पास, धान की नमी की त्वरित जांच, तथा बारदाने की तुरंत उपलब्धता मिल रही है, जिसके कारण धान विक्रय की प्रक्रिया तेजी से पूरी हो रही है और किसी प्रकार की देरी या कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ रहा।श्री राजवाड़े ने केंद्र की बेहतर सुविधाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि किसानों के लिए पेयजल, छाया में बैठने की व्यवस्था, तथा समिति कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग उपलब्ध कराया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया सहज और किसान हितैषी बन गई है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों को प्रति क्विंटल 3,100 रुपये का सर्वाधिक समर्थन मूल्य और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की स्वीकृति मिल रही है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है।अंत में कृषक श्री त्रिभुवन राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था अत्यंत पारदर्शी, लाभकारी और किसान हितों को केन्द्र में रखकर संचालित की जा रही है। किसान इस बदलाव से बेहद संतुष्ट हैं।
- अंबिकापुर । विभागीय परीक्षा माह जनवरी 2026 का आयोजन 27 जनवरी से 03 फरवरी 2026 तक परीक्षा केंन्द्र शासकीय बहुउद्देशीय सीनियर सेकेण्डरी विद्यालय, अम्बिकापुर के कक्ष क्रमांक-04 में किया गया है। विभागीय परीक्षा माह में भाग लेने वाले अधिकारी निर्धारित तिथि व नियत स्थान पर विभागीय परीक्षा में उपस्थित हो सकते हैं।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने शांति नगर क्षेत्र का प्रातः भ्रमण किये। भ्रमण के दौरान त्रिकोणा उद्यान, नवीन डामरीकरण रोड, प्रस्तावित सड़क निर्माण सहित साफ-सफाई का मौका निरीक्षण कर जायजा लिये और उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये है।
निगम आयुक्त द्वारा वैशाली नगर अंतर्गत वार्ड क्रं. 14 शांति नगर क्षेत्र में स्थित त्रिकोणा उद्यान का निरीक्षण किया गया है। उद्यान में साफ-सफाई, सिंचाई एवं प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर कराने कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा एवं उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू को निर्देशित किया गया है। मोहल्ले के उपस्थित नागरिको से उद्यान रखरखाव एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा किये। दिगम्बर जैन मंदिर के समीपस्थ नागरिको एवं मोहल्ले वासियो को सुगम यातायात की सुविधा मिले इस हेतु नया डामरीकरण सड़क निर्माण किया गया है, जिसका अवलोकन आयुक्त द्वारा किया गया है। शिव मंदिर कालोनी में स्थानीय नागरिको द्वारा सड़क बनाने मांग किया गया है। उक्त स्थल पर सड़क निर्माण होना प्रस्तावित है। जिसका अवलोकन कर आयुक्त ने कार्यवाही पूर्ण कर कार्य कराने निर्देशित किये है। शांति नगर में गली, मोहल्लो का साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश किये है। रिक्त भूमि में लोगो द्वारा अपने घरो का कचरा फेका जाता था, जिसका कायाकल्प करते हुए गार्बेज वेरियेबल प्वाइंट के रूप में पेविंग कर ब्यूटिफिकेशन का कार्य किया गया है। जिससे जगह की खुबसुरती बड़ गई है। उक्त स्थल का शेष बचे हुए भूमि में वेडिंग जोन हेतु उपयोग करने कहा गया है।निगम आयुक्त द्वारा शहर की नागरिकों से अपील किया गया है कि अपने घरों के सामने व्यर्थ का पानी न बहाएं । अनजाने में किए गए आपके इस रोड धुलाई से डामर रोड की मजबूती खत्म होती है और ज्यादातर स्थलों में रोड ध्वस्त हो जाता है जिससे पूरा शहर परेशान होता है।निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता अर्पित बंजारे, उप अभियंता चंदन निर्मलकर, सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।संल -
एमआईसी में संकल्प पारित, प्रभावित दुकानदार महापौर मीनल चौबे से मिले, दिया हार्दिक धन्यवाद0*
रायपुर- राजधानी शहर रायपुर में ऑक्सीजोन का निर्माण किये जाने लगभग 8 वर्ष पूर्व खालसा स्कूल के सामने से हटाए गए प्रभावित 69 दुकानदारों को क्रिस्टल आर्केड के सामने शीघ्र व्यवस्थापन दिए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में एमआईसी ने इसे लेकर संकल्प पारित किया है, जिससे प्रसन्न होकर प्रभावित दुकानदारों ने नगर निगम मुख्यालय भवन पहुंचकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे से मिलकर उन्हें बुके प्रदत्त करते हुए हार्दिक धन्यवाद दिया. महापौर से मिलने वालों में प्रभावित दुकानदार श्री उमेश नामदेव, श्री परेश चौहान सहित नगर निगम रायपुर के पूर्व पार्षद श्री दिलीप किरण सारथी, वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिरुद्ध दुबे की महापौर कक्ष में उपस्थिति रही. -
रायपुर - आज नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत महात्मा गाँधी वार्ड कमांक 8 क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड कालोनी सड्डू क्षेत्र में सडक पर भवन निर्माण सामग्री रखकर उसे बाधित करने पर संबंधित भवन स्वामी पर तत्काल 2000 रू. का जुर्माना करके भवन निर्माण सामग्री को जेसीबी मशीन की सहायता से जप्त करने की कार्यवाही की एवं इस संबंध में प्राप्त जनशिकायत का संबंधित स्थल पर त्वरित निदान कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, उपअभियंता श्री आशुतोष पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया।
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बिजली विकास का जिलानामा
पारेषण - वितरण अधोसंरचना में 5 गुना से अधिक वृ़िद्धरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अंतर्गत अंबिकापुर क्षेत्र में आने वाले कोरिया जिले में विगत 25 वर्षों में बहुत तेजी से विद्युत अधोसंरचना का विकास हुआ है। वर्ष 2000 में कोरिया जिले में वर्तमान का मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला शामिल था जिसका भौगोलिक क्षेत्रफल 6228 वर्ग किलोमीटर था। वर्ष 2022 सितम्बर में नया जिला बन जाने के कारण जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल घटकर 2002 वर्ग किलोमीटर शेष रह गया। विद्युत प्रदाय की निरंतरता और विश्वसनीयता के कारण जिले में उपभोक्ताओं की संख्या कुल उपभोक्ता(एलटी एवं एचटी) 25,922 से बढ़कर 94,065 हो गई हैं। जिसमें निम्नदाब उपभोक्तओं की संख्या 11617 से बढ़कर 48965 हो गई है। निम्नदाब कनेक्शन के अंतर्गत बीपीएल कनेक्शन 4354 से बढ़कर 21026,घरेलू कनेक्शन 9776 से बढ़कर 21425 एवं पंप कनेक्शन 157 से बढ़कर 2634 हो गई है। इस प्रकार 25 वर्षों में विद्युत उपभोक्ताओं में लगभग 362 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके विद्युत आपूर्ति हेतु छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने विद्युत अधोसंरचनाओं में विस्तार एवं मैदानी अमलों को तैयार किया है। इसके अलावा कंपनी प्रबंधन ने हर वर्ग के लिए अलग अलग योजनाएं बना कर सभी वर्ग के उपभोक्ताओं को योजनाअनुसार रियायतें एवं विशेष छूट दे कर उभोक्ताओं को लाभ पहुंचाया जा रहा हैं।विगत 25 वर्षों में कोरिया जिले में 132/33 केवी उपकेंद्रों की संख्या 00 से बढ़कर 1 हो गई इसी प्रकार 33/11 केवी उपकेंद्रों की संख्या 02 से बढ़कर 10, पाॅवर ट्रांसफार्मरों की संख्या 03 से बढ़कर 15 हो गई। वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या 338 से बढ़कर 1988, उच्चदाब लाईनों की लंबाई 897 किलोमीटर से बढ़कर 2072 किलोमीटर हो गई तथा निम्नदाब लाईनों की लंबाई 449 से बढ़कर 2636 किमी हो गई। इस प्रकार कोरिया जिले में विगत 25 वर्षों में तेजी से विकास कार्यों से लाखों उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं।कोरिया जिले में कुल उपभोक्ता लगभग 3 ़62 गुना और सिंचाई पंप 16 गुना बढ़े जिसके लिए 5 वितरण केंद्र का निर्माण कर कुल 45675 उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत प्रदाय किया जा रहा एवं ग्रामों का विद्युतीकरण शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया। -
युवा दिवस पर लोकार्पित विकास से युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के द्वार - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री साय राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कर रहे कार्य - सासंद श्री भोजराज नाग
- ग्रामीण व शहरी अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती, आमजन को मिलेगा सीधा लाभ
- गुण्डरदेही में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन हेतु एक करोड़ और प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य हेतु एक करोड़ की घोषणा
बालोद/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में 233 करोड़ रूपए की लागत के 103 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर जनता को विकास की बड़ी सौगात दी। इन कार्यों में 16,388.83 लाख रूपए के 61 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 6,982.45 लाख रूपए के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने यहां पर गुण्डरदेही में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन हेतु एक करोड़ और प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य हेतु एक करोड़ रूपए की घोषणा की। उन्होंने गुण्डरदेही में एसटीपी निर्माण का भी भरोसा दिलाया।
समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज कुल 233 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इसके अंतर्गत 1 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर के भूमिपूजन से युवाओं को स्वरोजगार एवं व्यवसाय के नए अवसर प्राप्त होंगे। वहीं सड़क एवं पुल के निर्माण से जनसामान्य को यातायात में सुगमता मिलेगी।
उन्हांेने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का सफल संचालन किया जा रहा है। इसी तरह तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को तेंदूपत्ता का उच्चतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है तथा चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। वनोपज का मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) कर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस प्रकार सभी वर्ग को ध्यान में रख कर योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा हैं।
राम लाल दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री दर्शन योजना के माध्यम से जनता को प्रदेश की संस्कृति एवं विरासत से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में लाल आतंक को समाप्त करने के लिए प्रभावी पुनर्वास नीति अपनाई गई है, जिससे न केवल नक्सलवाद पर नियंत्रण पाया जा रहा है, बल्कि विकास को भी गति मिल रही है। इससे बस्तर अंचल में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर हम सभी युवा दिवस मना रहे हैं, जिसकी सभी को हार्दिक बधाई। स्वामी विवेकानंद जी ने अल्पायु में ही अपने विचारों और सनातन संस्कृति के माध्यम से पूरे विश्व में भारत को गौरवान्वित किया।
उन्होंने कहा कि आज हमारा छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सौगात के रूप में रायपुर में डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जहां आदिवासी महानायकों के संघर्ष, इतिहास एवं जीवन गाथा को संजोकर रखा गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास है, जिससे गांव, गरीब, किसान और आम नागरिक को सीधे लाभ मिले। इन विकास कार्यों से जिले में आवागमन सुगम होगा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इन कार्यों का लाभ गुंडरदेही, डौंडी लोहारा एवं संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्रों के नागरिकों को मिलेगा। राज्य सरकार निरंतर आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करते हुए छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सांसद श्री भोजराज नाग ने जनसामान्य को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो बस्तर अंचल कभी लाल आतंक के नाम से जाना जाता था, वह आज नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। इससे बस्तर क्षेत्र में विकास को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। बस्तर अब शांति, प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी के तहत अब ग्राम स्तर पर विकास संभव हो पाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्थानीय व्यापारियों ने लड्डुओं से तौलकर स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को योजनांतर्गत सामग्री, पात्रता प्रमाण पत्र वितरित किए। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में बहुमूल्य उपस्थिति के लिए मुख्यमंत्री साय एवं अतिथियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रेरणा एवं मार्गदर्शन बालोद जिले को मिल रहे निरंतर उपलब्धियों के संबंध में भी प्रकाश डाला।नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन ने स्वागत उद्बोधन में नगर के विकास हेतु विभिन्न मांगों की ओर मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट किया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, गुण्डरदेही पूर्व विधायक श्री राजेंद्र राय, कंवर समाज के संरक्षक श्री वीरेंद्र शेखर कंवर, श्री पीआर कंवर, लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद अध्यक्ष श्रीमती तारिणी चंद्राकर, नगर पंचायत गुण्डरदेही अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के उपाध्यक्ष श्री नरेश यदु सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री आरजी गर्ग पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, सी ई ओ जिलापंचायत श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर क्लेक्टर श्री चन्द्रकान्त कौशिक सहित अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। -
बालोद जिले में 20 हजार लोगों का एक साथ शपथ लेने का बना विश्व रिकार्ड
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा को प्रदान किया गोल्डन बूक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड्स प्रमाण पत्र, मेडल पहनाकर किया सम्मानित
जिले को मिल रहे निरंतर उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक और कड़ी हुआ शामिल
बालोद/ जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में आयोजित देश का प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का सफल एवं बेहतरीन आयोजन बालोद जिले को मिल रहे लगातार उपलब्धियों की श्रृंखला में एक और कड़ी को जोड़ने की दिशा में अत्यंत निर्णायक साबित हुआ है। आज आयोजित राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के समापन अवसर में उपस्थित 20 हजार लोगों के बाल विवाह मुक्ति के कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने के संबंध में शपथ लेकर विश्व रिकार्ड बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित रोवर रेंजरों, स्काउटर गाइडर्स सहित कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं उपस्थित जन समुदाय को बाल विवाह की रोकथाम हेतु सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु बालोद जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे बेहतरीन प्रयासों की सराहना की। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा अपने घर, परिवार, जान-पहचान, रिश्तेदार एवं पास-पड़ोस के लोगों को बाल विवाह की दुष्प्रभावों की जानकारी देकर इस सामाजिक कुरीति को रोकने में बहुमूल्य भूमिका दिलाने की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को बाल विवाह मुक्त अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु एक साथ 20 हजार लोगों के शपथ लेेने पर बालोद जिले का गोल्डन बूक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड्स में दर्ज होने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया। श्री साय ने बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास करने के लिए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग, भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त श्री के के खण्डेलवाल, राष्ट्रीय महासचिव श्री पीजीआर सिंधिया, भारत स्काउट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, भारत स्काउट गाइड के जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोमन साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, श्री सौरभ लुनिया, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक तथा देश के विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजर, स्काउट गाइड्स एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। -
प्रदर्शनी देखने उमड़ी भीड़, ओड़िसा व राजस्थान के ब्रिज एवं टावर मॉडल्स बना आकर्षण का केन्द्र
सांध्यकालीन बेला पर विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजरों द्वारा नैनाभिराम एवं सुमधुर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी गई प्रस्तुति, सांस्कृतिक संध्या में बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
बालोद/बालोद जिले के ग्राम दुधली में प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर आज पायोनरिंग स्काउटिंग आदि गतिविधियां खासा आकर्षण का केन्द्र रहा। इसके अलावा आज जंबूरी के समापन दिवस के सांस्कृतिक संध्या के बेला पर विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजरों द्वारा नैनाभिराम एवं सुमधुर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से उपस्थित जन समुदाय को भाव विभोर कर दिया। आज सांस्कृतिक संध्या के अवसर पर विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजरो द्वारा प्रस्तुति की जाने वाली रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन करने हेतु बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के अलावा संबलपुरी, राजस्थानी लोक कलाओं के अलावा कार्यक्रम में उपस्थित रोवर रेंजरो ने अपने-अपने राज्यों के लोक कला एवं लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति दी।
उल्लेखनीय है कि स्काउटिंग केवल गतिविधियों का समूह नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सेवा का जीवन-दर्शन है। इस दर्शन की आत्मा यदि किसी एक कला में साकार होती है, तो वह है पायोनरिंग। स्काउटिंग में पायोनरिंग का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह सीख को केवल सैद्धांतिक नहीं रहने देती, बल्कि हाथों से गढ़े गए अनुभव में बदल देती है। कैंपों के दौरान पायोनरिंग का प्रदर्शन स्काउटिंग की रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता का प्रतीक होता है। रोवर्स, स्काउट्स, रेंजर्स एवं गाइड्स को गठानों और बंधनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। ये गठानें केवल रस्सी बांधने की कला नहीं, बल्कि आपात परिस्थितियों से निपटने का मजबूत आधार हैं। प्राकृतिक आपदाएं हों, जंगल कैंप हों या सीमित संसाधनों में जीवनयापन-पायोनरिंग हर स्थिति में स्काउट्स को समाधान तलाशना सिखाती है। पायोनरिंग स्काउट्स को यह भी सिखाती है कि कम से कम साधनों में अधिक से अधिक कैसे किया जाए। जंगल कैंप में उपलब्ध बांस, रस्सी और सही गठानों के सहारे जीवन की सुविधाएं खड़ी कर देनाकृयह कला आत्मविश्वास, धैर्य और टीमवर्क का अद्भुत संगम है। दुधली में आयोजित नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के अंतर्गत पायोनरिंग प्रोजेक्ट की विशेष प्रदर्शनी इस कला का जीवंत उदाहरण बनी हुई है। ओड़िसा व राजस्थान के रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा बांस, स्काउट रस्सी और विविध गठान-बंधन तकनीकों से निर्मित ब्रिज, वॉच टावर और रोप ब्रिज दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन अद्वितीय मॉडल्स को देखने के लिए प्रदर्शनी स्थल पर लगातार बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इन संरचनाओं को देखकर दर्शकों की आंखों में कौतूहल और प्रशंसा साफ झलकती है, वहीं युवा स्काउट्स के लिए यह प्रदर्शनी प्रेरणा का सशक्त माध्यम बन रही है। -
आत्मनिर्भर दिव्यांगजन : श्रवण बाधित युवक को मिला रोजगार का अवसर
रायपुर/ समाज कल्याण विभाग रायपुर द्वारा सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संबल केंद्र में आयोजित वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से चयनित श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी रायपुर के श्रवण बाधित दिव्यांग श्री उज्जवल सिंह को एक पेट्रोल पंप में स्वागतकर्ता के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है।
नियुक्ति प्राप्त होने पर श्री उज्जवल सिंह ने साइन लैंग्वेज के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस अवसर से अत्यंत प्रसन्न एवं उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को रोजगार देने को लेकर समाज में संकोच देखा जाता था, किंतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व एवं सकारात्मक प्रयासों के कारण आज दिव्यांगजन सम्मानपूर्वक रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
श्री सिंह ने इस अवसर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर गरिमापूर्ण जीवन यापन कर पा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें समाज में सम्मान, स्वावलंबन एवं आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। -
दुर्ग/ राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान की तैयारियों के क्रम में कार्यालय डीडीजी (टीबी), सेंट्रल टीबी डिवीजन के निर्देशानुसार केंद्रीय टीम द्वारा दुर्ग जिले का दौरा किया गया। इस दौरान डीडीजी (टीबी) डॉ. शोबिनी राजन, तथा टीबी ऑफिसर डॉ. भवानी सिंह कुशवाहा सेंट्रल टीबी डिवीजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का भ्रमण किया गया। केंद्रीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमलेश्वर (विकासखंड पाटन), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन तथा ए.आर.टी. सेंटर दुर्ग का निरीक्षण किया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमलेश्वर में भ्रमण के दौरान सीएचओ एवं मितानिनों के पास उपलब्ध अति जोखिम जनसंख्या की सूची, टीबी ट्रीटमेंट कार्ड तथा एक्स-रे जांच हेतु रिफर रजिस्टर का अवलोकन किया गया। साथ ही उपस्थित मितानिनों से टीबी कार्यक्रम की जानकारी ली गई एवं वहां मौजूद दो टीबी मरीजों का साक्षात्कार कर उन्हें टीबी के प्रति जागरूक किया गया। इसके पश्चात टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीट का निरीक्षण किया गया, जहां NAAT सेंटर का अवलोकन करते हुए टीबी नोटिफिकेशन रजिस्टर, लैब रजिस्टर, NAAT टेस्ट रजिस्टर, कल्चर डीएसटी रजिस्टर एवं ट्रीटमेंट कार्ड की जांच की गई। इसके साथ ही एक पल्मोनरी टीबी मरीज का होम विजिट कर उनके द्वारा ली जा रही दवाइयों की जानकारी ली गई तथा उचित परामर्श प्रदान किया गया।
टीम ने ग्राम पंचायत चीचा का भी भ्रमण किया, जहां सरपंच से मुलाकात कर टीबी फ्री ग्राम पंचायत से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में मितानिनों से टीबी कार्यक्रम पर चर्चा की गई तथा पांच टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया। यहां वॉलंटियर से मुलाकात कर टीबी कार्यक्रम की आगामी गतिविधियों पर चर्चा की गई। साथ ही हमर लैब के NAAT सेंटर एवं आईसीटीसी सेंटर का निरीक्षण कर संबंधित रजिस्टरों का अवलोकन किया गया। अंत में टीम द्वारा ए.आर.टी. सेंटर दुर्ग का भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग, जिला क्षय अधिकारी दुर्ग, श्री निशांत मेश्राम (माइक्रोबायोलॉजिस्ट, ईक्यूए), डॉ. मनीष मसीह (डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट), डॉ. सचिन चंद्राकर (माइक्रोबायोलॉजिस्ट, आईआरएल), डॉ. रोचक सक्सेना (डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट) सहित एनटीईपी के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। -
- पेट्रोल पम्पों में नो हेलमेट, नो पेट्रोल का सुस्पष्ट बोर्ड/पोस्टर लगाने के निर्देश
दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वाले वाहन चालक/सवार को किसी भी पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से आकस्मिक सेवा मेडिकल इमरजेंसी एवं धार्मिक पगड़ी पहनने वाले व्यक्तियों को छोड़कर पेट्रोल एवं अन्य उपयोगी इंधन उपलब्ध नहीं कराने संबंधी आदेश दिये हैं। जिला दण्डाधिकारी के आदेशानुसार सभी पेट्रोल पम्प संचालक उक्त नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पेट्रोप पम्प परिसर में ’नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ का सुस्पष्ट बोर्ड/पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाएंगे। उक्त आदेश का उल्लंघन किए जाने पर पेट्रोल पम्प संचालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के तहत विधि अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश जनहित में नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के दृष्टिकोण से तत्काल पारित किया जाना अत्यावश्यक हैं एवं इतना समय उपलब्ध नहीं हैं कि सभी पक्षों को सूचना दी जाए। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के तहत एक पक्षीय जारी किया गया हैं। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है और आगामी आदेश पर्यन्त लागू रहेगा।
ज्ञात हो कि दुर्ग जिले में दोपहिया वाहन चालकों को स्वयं की सुरक्षा के लिए हेलमेट धारण करने व सड़क दुर्घटनाओं से हो रही जन-धन की हानि को नियंत्रित करने हेतु लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है, परंतु दोपहिया वाहनों से घटित सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। इसलिए आमजन को व्यवहारिक स्तर पर इसका पालन करने हेतु कठोर व प्रभावी उपाय किया जाना आवश्यक है। इस हेतु जिले में समस्त पेट्रोल पम्प संचालकों को बिना सुरक्षात्मक उपाय जैसे-हेलमेट धारण नहीं किये दोपहियां वाहन चालकों को पेट्रोल या अन्य उपयोगी ईंधन नहीं देने हेतु प्रतिबंधित किये जाने तथा प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पेट्रोल पम्प परिसर में आवश्यक सूचना पटल लगाए जाने व आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पम्प संचालकों के विरुद्ध विधि अनुसार कार्यवाही हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए है। उक्त प्रस्ताव के आधार पर जिला दण्डाधिकारी द्वारा पेट्रोल पम्प संचालकों को उक्त आदेश दिये गये हैं। -
- किसानों को 84,921.44 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान
दुर्ग/राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी और उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 90,556.49 लाख रूपए की लागत से 3,81,992.64 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 69995 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,31,011.74 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,45,118.52 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 39377 कृषकों ने 982.01 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 28,43,883 बारदाने उपलब्ध है। -
दुर्ग/ परिवहन आयुक्त, कार्यालय नवा रायपुर एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 दिनांक 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जाना है। क्षेत्रीय परिवहन दुर्ग द्वारा सड़क सुरक्षा हेतु विविध कार्यक्रम आयोजित कर आम जनता एवं युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के दिशा निर्देश अनुसार जिले के निजी स्कूलों के बसों का निरीक्षण/परीक्षण कार्य 11 जनवरी 2026 से सेक्टर 06 पुलिस ग्राउंड भिलाई में किया गया। जिसमें कुल 230 बसों को चेकिंग गया है, जिसमें से 65 बसों पर दस्तावेज/तकनीकी खराबी के कारण 50900 रूपए जुर्माना वसूल किया गया। आगामी दिनों में नियमित रूप से चेंकिग की कार्यवाही जारी रहेगी। उक्त चेंकिग कार्यक्रम में वाहन चालक एवं परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण/नेत्र परीक्षण भी किया गया। साथ ही उन्हें सड़क सुरक्षा विषय पर जागरूक किया गया। उक्त कार्यक्रम परिवहन विभाग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एस.एल. लकड़ा के मार्गदर्शन में परिवहन निरीक्षक श्री सनत कुमार जांगड़े, श्रीमती अरूणा साहू, एवं श्री अनिश बघेल, परिवहन उप निरीक्षक सुश्री रिचा मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात, जिला दुर्ग के संयुक्त तत्वाधान में सम्पन्न हुआ।
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-टी सहदेव
भिलाई नगर। अग्रसेन भवन में सोमवार को भिलाई के आधुनिक शिल्पकार एवं सामाजिक व शैक्षणिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले भूमित्र गुप्ता की स्मृति में उनका जन्म शताब्दी समारोह शहर की जानीमानी हस्तियों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों की मौजूदगी में मनाया गया। भूमित्र गुप्ता के कार्यों को जनसामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से अग्रवाल समाज द्वारा मनाए गए इस समारोह में उनके समकालीन व्यक्तियों ने उनके सामाजिक योगदान, सार्वभौमिक उपलब्धियों, उनके साथ बिताए हुए सुनहरे पलों को साझा किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी पुष्पा भूमित्र गुप्ता की स्मृति में तुलेश्वरी, सीता साहू, ऋद्धिमा शर्मा, श्रेया सिंह, प्रिंसि ठाकुर, साक्षी सिंह, प्रीति मल, पी ज्योति, हिमाद्रि नायक, संचिता, ऋद्धिमा पटेल, वर्दापति काव्या तथा तान्या मिश्रा को स्कॉलरशिप प्रदान की गई, वहीं दर्शिका प्रवीण भूटड़ा को पीयूष भूमित्र गुप्ता मेमोरी गोल्ड मेडल दिया गया।
वैदिक भजनों ने किया मंत्रमुग्ध
दिल्ली से पधारे आर्यसमाज प्रचारक पंडित कंचन कुमार ने अपनी टीम के सदस्यों शिवा राय तथा बृजमोहन के साथ वैदिक भजन प्रस्तुत किया। लोगों ने उनके द्वारा गाए मन के गहरे अंधियारे में ओम का नाम दीये जैसा, जो मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा सुबह-शाम बोल बंदे कृष्णा- कृष्णा, पापों का दमन न किया जीवन गंवा दिया और माता पिता की सेवा की ही नहीं देवी देवताओं को मनाता है जैसे भजनों को मंत्रमुग्ध होकर सुना। इन दिनों भूमित्र गुप्ता की सेवा परंपरा को उनके पुत्र सुरेंद्र गुप्ता तथा पौत्र- पौत्रियों द्वारा स्थापित प्रभु चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। जहां समारोह का संचालन पीयूष अग्रवाल और सविता गुप्ता ने किया, वहीं नीना गुप्ता ने आभार जताया।
भूमित्र की उपलब्धियों का बखान
इस अवसर पर उनके समकालीन बीके इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग ट्रस्टी विजय गुप्ता ने कहा कि उनकी उपलब्धियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। भूमित्र जी ने भिलाई स्टील प्लांट को अपना सौ प्रतिशत दिया है। शिक्षा के क्षेत्र से लेकर इस्पात नगरी के चहुंमुखी विकास में उनका योगदान अतुलनीय है। प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है। उन्हीं के एक और समकालीन शंकराचार्य इंस्टिट्यूट के संस्थापक आईपी मिश्रा ने उन्हें युगद्रष्टा बताते हुए कहा कि जीने का अर्थ यह नहीं कि आप कितने वर्ष जिए, बल्कि आपका नाम कितने वर्षों तक जिंदा रहता है, यह मायने रखता है। इनके अलावा अग्रवाल जनकल्याण समिति के अध्यक्ष बंसी अग्रवाल, आर्यसमाज के अध्यक्ष अवनी पूरंग, संजीव कासलीवाल, मनोज गुप्ता, जेपी अग्रवाल, दिनेश सिंघल, भिलाई महिला महाविद्यालय की प्रिंसिपल प्रतिभा छाया क्लाडियस तथा आईएम जैन ने भी उनके कार्यों की सराहना की। - -35 एकड़ में रागी उत्पादन से बदली खेती की तस्वीररायपुर। धमतरी जिले के वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल उच्चहन क्षेत्र में कृषि के इतिहास में एक नई इबारत जुड़ गई है। गंगरेल बांध के ऊपरी क्षेत्र में स्थित ग्राम डांगीमांचा और खिड़कीटोला में लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रबी सीजन में संगठित रूप से खेती की शुरुआत की गई है। कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम “आत्मा” योजना के तहत इन दोनों गांवों में कुल 35 एकड़ रकबा में लघु धान्य फसल रागी (मिलेट) की खेती की जा रही है।विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्चहन क्षेत्र में रागी की खेती की पहल को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में पोषणयुक्त लघु धान्य फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आत्मा योजना के माध्यम से कृषकों को आधुनिक तकनीक, SMI (Systematic Millets Intensification) पद्धति और बीज उत्पादन की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में मिलेट आधारित खेती का विस्तार करते हुए किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने की योजना है।विगत सप्ताह जिले में आयोजित मिलेट महोत्सव के बाद आज आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुमराबहार के सरपंच श्री दीपक राम ध्रुव, संबंधित विभागीय अधिकारी, 40 महिला कृषक एवं 32 पुरुष कृषक उपस्थित रहे।कृषक पाठशाला में रागी फसल की उन्नत खेती से जुड़ी SMI पद्धति, बीज उत्पादन, फसल एवं पोषक तत्व प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण तथा उत्पादन लागत कम कर अधिक लाभ अर्जित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही रागी के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ तथा इसकी बाजार संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान कृषकों को मिलेट आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण, जलवायु अनुकूल खेती और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित कृषकों ने क्षेत्र में रागी की खेती के सफल प्रयोग को भविष्य में और अधिक विस्तार देने की सहमति व्यक्त की।
- -31 मार्च 2026 तक चरणबद्ध रूप से रेजिडेंट वेलफेयर एसोशिएशन को सौंपा जाएगा प्रबंधनरायपुर /छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अपनी आवासीय कॉलोनियों के संधारण एवं प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत बोर्ड के अधीन संचालित कॉलोनियों के रख-रखाव की जिम्मेदारी चरणबद्ध रूप से संबंधित रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) को हस्तांतरित की जाएगी। यह प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूर्ण की जाएगी।हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण की अध्यक्षता में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में इस सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उन सभी कॉलोनियों का मूल्यांकन किया गया, जिनका अब तक नगर निगम या स्थानीय निकायों को विधिवत हस्तांतरण नहीं हो सका है।आयुक्त श्री शरण ने निर्देश दिए कि ऐसी प्रत्येक कॉलोनी में रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जब कॉलोनीवासी स्वयं अपने क्षेत्र के रख-रखाव और विकास से जुड़ते हैं, तो न केवल सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि उत्तरदायित्व और स्वामित्व की भावना भी सुदृढ़ होती है। इस उद्देश्य से संबंधित उपायुक्तों एवं कार्यपालन अभियंताओं को कॉलोनीवासियों के साथ बैठकें आयोजित कर RWA गठन की प्रक्रिया को तेज करने और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम एवं RERA प्रावधानों के अनुसार परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद निर्धारित अवधि में संधारण की जिम्मेदारी RWAs को सौंपना वैधानिक दायित्व है। हाउसिंग बोर्ड इस प्रक्रिया को सुनियोजित, समयबद्ध और विधिसम्मत तरीके से लागू कर रहा है।प्रथम चरण में बोर्ड की कुल 32 कॉलोनियों को RWA-आधारित संधारण व्यवस्था के तहत सौंपा जाएगा। हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए विशेष प्रशासनिक दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।हाउसिंग बोर्ड का यह निर्णय न केवल कॉलोनीवासियों को अपने परिवेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर देगा, बल्कि शहरी आवासीय क्षेत्रों में नागरिक सहभागिता, स्वशासन और उत्तरदायी संधारण व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में सशक्त सामुदायिक शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।














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