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- रायपुर/ रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम अपर आयुक्त नगर निवेश श्री पंकज के. शर्मा, नगर निवेशक श्री आभाष मिश्रा, कार्यपालन अभियंता नगर निवेश श्री आशुतोष सिंह, शशयक अभियंता श्री नीतीश झा सहित सम्बंधित यातायात पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता की टीम द्वारा राजधानी शहर रायपुर में नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत मालवीय मार्ग मुख्य मार्ग में टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत बाजार क्षेत्र में प्रमुख मार्ग को अतिक्रमण से मुक्त करने व्यापक अभियान के अंतर्गत जनहित में जनसुविधा की दृष्टि से सुगम और सुव्यवस्थित यातायात देने सभी सम्बंधित दुकानदारों को एक बार पुनः स्पष्ट समझाइश दी गयी कि वे सड़क पर कब्जा ना करें, अन्यथा की स्थिति में सड़क पर रखे उनके सामानों की यातायात जाम की समस्या दूर करने जनहित में सख्तीपूर्वक जब्ती कर ली जाएगी, अन्यथा की स्थिति में सम्बंधित कब्जाधारी दुकानदार इसके लिए स्वतः जिम्मेदार रहेंगे ।आज चलाये गए जनहितकारी टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत नगर निगम जोन 4 क्षेत्र अंतर्गत मालवीय रोड मुख्य मार्ग के मार्ग विभाजक के दोनों ओर के दुकानदारों द्वारा मुख्य बाजार के सड़क मार्ग पर किये गए कब्जोँ की वीडियोग्राफी करवाकर सम्बंधित दुकानदारों को भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी चेतावनी देते हुए कुल 55000 रूपये का ई चालान वसूलने की कार्रवाई की गयी।टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत लगातार चलाये जा रहे अतिक्रमणरोधी अभियान से राजधानी शहर रायपुर के भिन्न मुख्य बाजार क्षेत्रों के विभिन्न प्रमुख मार्गो का यातायात निरन्तरता से सुगम और सुव्यवस्थित हो रहा है और इससे आमजनों एवं राहगीरों को यातायात जाम की समस्या से त्वरित राहत मिल रही है।
- महाराष्ट्र मंडल में चौबे कालोनी केंद्र- आध्यात्मिक समिति की ओर से कराया गया राष्ट्रीय कीर्तनरायपुर। भारत देश को आजाद कराने के संग्राम में एक ही मां की तीन संतानों को अंग्रेजों ने एक साथ फांसी पर लटका दिया था। आज हमें इन वीर सपूतों के बारे में युवा पीढ़ी को बताने की जरूरत है। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति और चौबे काॅलोनी महिला केंद्र की ओर से छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित राष्ट्रीय कीर्तन में ह.भ.प. चारूशीला देव ने कहीं।चारूशीला ने कहा कि 22 जून 1897 को अंग्रेज अधिकारी रैंड को मौत के घाट उतार कर आजादी की लड़ाई में प्रथम क्रांतिकारी धमाका करने वाले वीर दामोदर पंत चाफेकर का जन्म 24 जून 1869 को पुणे के ग्राम चिंचवड़ में प्रसिद्ध कीर्तनकार हरिपंत चाफेकर के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में हुआ था। उनके दो छोटे भाई क्रमशः बालकृष्ण चाफेकर व वसुदेव चाफेकर थे। बचपन से ही सैनिक बनने की इच्छा दामोदर पंत के मन में थी, विरासत में कीर्तनकार का यश-ज्ञान मिला ही था। महर्षि पटवर्धन एवं लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक उनके आदर्श थे। चारूशीला दामोदर हरि चाफेकर, बालकृष्ण हरि चाफेकर तथा वासुदेव हरि चाफेकर सगे भाई थे, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया। तीनों भाइयों को संयुक्त रूप से चाफेकर बन्धु कहा जाता है।चारूशीला ने बताया कि वर्ष 1897 में पुणे में प्लेग महामारी विकराल रूप धारण कर रही थी। महामारी से मुक्ति के लिए जब अंग्रेज अधिकारियों ने कोई खास प्रयास नहीं किया, तो इस विकट स्थिति को देखते हुए तिलक जी के परामर्श से तीनों भाइयों ने क्रांति का मार्ग चुन लिया। साथ ही संकल्प किया कि वे प्लेग कमिश्नर वाल्टर चार्ल्स रैंड और एक अन्य अधिकारी अयस्र्ट का वध करके ही दम लेंगे। 22 जून 1897 को महारानी विक्टोरिया का 60वां जन्मदिन हीरक जयंती के रूप में पुणे के गवर्नमेंट हाउस में मनाया जाना था। सूचना थी कि अंग्रेज अधिकारी रैंड और अयस्र्ट भी इस आयोजन में सम्मिलित होंगे। इस अवसर का लाभ उठाकर दामोदर हरि चाफेकर एवं बालकृष्ण हरि चाफेकर के साथ उनके मित्र विनायक रानाडे वहां पहुंचे। दामोदर हरि चाफेकर ने कमिश्नर रैंड की बग्घी पर चढ़कर उसे गोली मार दी व बालकृष्ण हरि चाफेकर ने अयस्र्ट को गोलियों से छलनी कर दिया।राष्ट्रीय प्रवचन से पूर्व कीर्तन में संत तुकाराम महाराज के अभंग का विवेचन किया गया। जिसमें उन्होंने कहा कि दया का भाव सिर्फ भूखों को खाना खिलाना और प्यासे को पानी पिलाना नहीं होगा। संकटग्रस्त लोगों की मदद करना भी सेवा का भाव है। कीर्तन में हारमोनियम में शुभदा गिरजे और तबले पर राकेश देशमुख ने संगत दी। इस अवसर पर मंडल की कार्यकारिणी सदस्य आस्था काले, मालती मिश्रा विशेष रूप उपस्थित थीं। कार्यक्रम में आध्यात्मिक समिति की समन्वयक सृष्टि दंडवते, सह महिला प्रमुख प्रिया बक्षी, मनीषा वरवंडकर, चौबे काॅलोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित, सह संयोजिका स्वाति डबली, संगीता निमोणकर, अनुपमा बोधनकर और प्राची डोनगांवकर सहित बड़ी संख्या में चौबे काॅलोनी केंद्र और आध्यात्मिक समिति की महिलाएं उपस्थित रहीं।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से मंडल परिसर में शुक्रवार 14 अगस्त को पार्थिव शिवलिंग पूजन किया जाएगा। आध्यात्मिक समिति की समन्वयक सृष्टि दंडवते ने बताया कि श्रावण मास के अवसर पर पार्थिव शिवलिंग पूजन का आयोजन किया गया है। पूजा में कोई भी भाग ले सकता है।सृष्टि दंडवते ने आगे बताया कि पूजा में शामिल होने के इच्छुक भक्त समिति की आध्यात्मिक समिति की समन्वयक, प्रमुख अथवा मंडल कार्यालय में गुरुवार शाम पांच बजे तक पंजीयन कराना आवश्यक है। पूजा के बाद भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को पूजा के सामान जैसे हल्दी, कुमकुम, गंध, अक्षत, चिल्हर पैसे, सुपारी, पंचामृत, तेल, दीया, बेलपत्र, फूल अपने साथ लाना होगा।
- हजारों स्कूली बच्चों ने लिया राष्ट्रध्वज के सम्मान का संकल्पबिलासपुर/हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने उपस्थित जनसमुदाय को तिरंगा शपथ दिलाई। इस अवसर पर नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी, अन्य अधिकारी-कर्मचारी, हजारों की संख्या में स्कूली बच्चे, एनसीसी कैडेट्स एवं अन्य नागरिक मौजूद रहे।तिरंगा शपथ के दौरान स्कूली बच्चों सहित सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रध्वज की गरिमा एवं सम्मान बनाए रखने, देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने तथा राष्ट्रहित के प्रति सदैव समर्पित रहने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में बच्चों द्वारा एक साथ तिरंगा शपथ लेने से पुलिस परेड ग्राउंड देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत नजर आया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने हर घर तिरंगा अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रध्वज के सम्मान के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया। तिरंगा शपथ के माध्यम से बच्चों एवं युवाओं में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता और जिम्मेदार नागरिक होने की भावना को और मजबूत करने का आह्वान किया गया। पुलिस परेड ग्राउंड में हजारों स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेट्स और अन्य प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया।
- -पुलिस परेड ग्राउंड में 15 अगस्त के मुख्य समारोह का किया गया हूबहू पूर्वाभ्यास*कलेक्टर-एसएसपी ने तैयारियों का लिया जायजा*बिलासपुर/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय मुख्य समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आज सवेरे पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित किया गया। रिहर्सल में 15 अगस्त को केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू के मुख्य आतिथ्य में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह की पूरी रूपरेखा का हूबहू पूर्वाभ्यास किया गया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल और एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने रिहर्सल के दौरान समारोह के मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बैंड प्रदर्शन, पुरस्कार एवं सम्मान सहित प्रत्येक आयोजन की बारीकियों को देखा और राष्ट्रीय पर्व की गरिमा एवं भव्यता के अनुरूप सभी तैयारियां समयबद्ध और बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने रिहर्सल में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई।फुल ड्रेस रिहर्सल में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, परेड निरीक्षण और 13 टुकड़ियों द्वारा शानदार मार्च पास्ट का पूर्वाभ्यास किया गया। स्कूली बच्चों ने देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। मुख्य समारोह के लिए इस बार छह स्कूलों का चयन किया गया है, जिनके विद्यार्थी सामूहिक रूप से देशभक्ति पर आधारित प्रस्तुतियां देंगे।इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक नया आकर्षण बच्चों द्वारा साहसिक खेल ताईक्वांडो का प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही जिला पुलिस एवं केंद्रीय जेल की संयुक्त बैंड द्वारा देशभक्ति की धुनों पर विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। मुख्य समारोह में नक्सल हिंसा में शहीद हुए जवानों एवं नागरिकों के परिवारों के प्रति आदर और श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया जाएगा। वहीं शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया जाएगा। ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा समारोह में नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई जाएगी। अंतिम रिहर्सल के माध्यम से समारोह के प्रत्येक चरण का समयबद्ध एवं व्यवस्थित पूर्वाभ्यास किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह गरिमापूर्ण, अनुशासित और आकर्षक हो तथा कार्यक्रम में शामिल होने वाले नागरिकों, विद्यार्थियों और अतिथियों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। जिला प्रशासन द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- बिलासपुर/जिला प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त 2026 को जिला स्तरीय स्वतंत्रता दौड़ (तिरंगा यात्रा) का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम सवेरे 7.30 बजे से शुरू होगा। वंदेमातरम् की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर तिरंगा यात्रा को भी इस आयोजन में शामिल किया गया है।कार्यक्रम के तहत स्वतंत्रता दौड़ के पूर्व वंदेमातरम् का सामूहिक गायन किया जाएगा। इसके बाद प्रतिभागी नेहरू चौक से सवेरे 7.30 बजे दौड़ शुरू करेंगे। यात्रा देवकीनंदन चौक, कम्पनी गार्डन, राघवेन्द्र राव सभा भवन, सदर बाजार और गोल बाजार मार्ग से होते हुए पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभाभवन स्थित लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय परिसर में पहुंचकर संपन्न होगी। स्वतंत्रता दौड़ में जिले के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, एनसीसी, एनएसएस, खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी तथा जिला मुख्यालय के स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की गई है।जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने नागरिकों से देश के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिलासपुर में देशभक्ति से जुड़े अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
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-नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ पर दी बधाई; त्रैमासिक कार्य-प्रगति रिपोर्ट की भेंट
नई दिल्ली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान श्री साहू ने छत्तीसगढ़ के नक्सलमुक्त होने पर श्री अमित शाह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।श्री तोखन साहू ने इस अवसर पर अपना त्रैमासिक कार्य-प्रगति विवरण श्री अमित शाह को भेंट किया तथा अपने मंत्रालयीय दायित्वों एवं संसदीय क्षेत्र से संबंधित कार्यों की प्रगति की जानकारी साझा की। उन्होंने विभिन्न विषयों पर केंद्रीय गृह मंत्री से मार्गदर्शन भी प्राप्त किया।श्री साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ का नक्सलवाद से मुक्त होना प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह केवल सुरक्षा के मोर्चे पर मिली सफलता नहीं, बल्कि शांति, सुशासन, विकास और जनविश्वास के नए युग का शुभारंभ है।उन्होंने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ में अब विकास की गति और तेज होगी तथा लंबे समय से प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास और रोजगार जैसी सुविधाओं का विस्तार नई ऊर्जा के साथ होगा।श्री तोखन साहू ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के प्रति उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता ने छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है। - -प्राकृतिक धरोहर, जनजातीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने के दिए निर्देशरायपुर। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरूण पाण्डेय ने अपने जशपुर प्रवास के दौरान जिले के महत्वपूर्ण प्राकृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने इन स्थलों के संरक्षण और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।वन बल प्रमुख श्री अरूण पाण्डेय ने मनोरा विकासखंड स्थित भैरव पहाड़ का भ्रमण कर स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व तथा स्थानीय जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक मान्यताओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भैरव पहाड़ का विकास स्थानीय जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक स्वरूप और सोगड़ा आश्रम से जुड़ी आस्था के अनुरूप किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति का संरक्षण सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, इस स्थल को प्रकृति, आस्था और जनजातीय संस्कृति के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।इसके बाद श्री पाण्डेय ने कांसाबेल वन परिक्षेत्र के ग्राम बगिया में निर्मित पर्यावरण वाटिका का निरीक्षण किया। उन्होंने पौधरोपण, हरित क्षेत्र विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यावरण वाटिका को स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति शिक्षा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। साथ ही स्थानीय और उपयोगी प्रजातियों के पौधों के संरक्षण, बेहतर रख-रखाव और पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।वन बल प्रमुख श्री पाण्डेय ने कहा कि जशपुर जिले की प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता, जनजातीय संस्कृति और धार्मिक आस्था इसकी विशिष्ट पहचान हैं। इसलिए इन सभी धरोहरों के विकास में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परंपराओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भैरव पहाड़, हनुमान टेकरी और पर्यावरण वाटिका जैसे स्थलों का विकास प्रकृति आधारित, पर्यावरण अनुकूल और जनभागीदारी के मॉडल पर किया जाए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और पर्यटन के अवसर मिलेंगे तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।इस अवसर पर सरगुजा वृत्त के मुख्य वन संरक्षक श्री दिलराज प्रभाकर, वनमंडलाधिकारी बलरामपुर श्री आलोक वाजपेयी, वनमंडलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार, जशपुर वनमंडल के उपवनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्राधिकारी और वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान माताओं और गर्भवती महिलाओं को दी गई स्तनपान और पोषण की महत्वपूर्ण जानकारीरायपुर। माँ और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य तथा कुपोषण की रोकथाम के उद्देश्य से विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत बीजापुर के सांस्कृतिक भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित किया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 280 माताओं और गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया।कार्यक्रम में बीजापुर के बीएमओ डॉ. चेलापति राव और डॉ. पटेल ने माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिशु के जन्म के पहले एक घंटे के भीतर माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और उसे कई संक्रमणों से बचाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस दौरान पानी, घुट्टी या अन्य खाद्य पदार्थ देने की जरूरत नहीं होती। छह माह के बाद पूरक आहार शुरू किया जा सकता है, लेकिन स्तनपान जारी रखना चाहिए।विशेषज्ञों ने बताया कि स्तनपान से शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और बच्चा स्वस्थ रहता है। वहीं माँ के लिए भी स्तनपान प्रसव के बाद स्वास्थ्य सुधार में लाभकारी होता है। माताओं को शिशु को सही तरीके से स्तनपान कराने की जानकारी दी गई और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी गई। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मौसमी फल, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन करने की भी जानकारी दी गई।कार्यक्रम के दौरान माताओं ने स्तनपान से जुड़े कई सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। एक गर्भवती महिला ने कहा कि अब उन्हें समझ आया है कि माँ का दूध बच्चे के स्वस्थ भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और यह संदेश हर परिवार तक पहुंचना चाहिए।विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, कुपोषण रोकने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले की हर माँ तक स्तनपान और पोषण से जुड़ी सही जानकारी पहुंचे, ताकि हर बच्चे को जीवन की शुरुआत से ही बेहतर पोषण और स्वस्थ भविष्य मिल सके।
- -छत्तीसगढ़ से अयोध्या तक आस्था का सेतु, अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में प्रदेशवासियों को मिल रहा प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन का अवसररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशवासियों की धार्मिक आस्था और भावनाओं को सम्मान देते हुए संचालित रामलला दर्शन योजना प्रदेश के श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या धाम से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसी क्रम में आज राजनांदगांव से रामलला दर्शन विशेष ट्रेन श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर स्टेशन परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में योजना के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश के श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष ट्रेनों के माध्यम से समूह में तीर्थयात्रा की सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम की यात्रा अधिक सहज, व्यवस्थित और सुविधाजनक बन रही है।50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शनरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। यह उपलब्धि प्रदेशवासियों की रामलला के प्रति गहरी आस्था के साथ ही योजना की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाती है। विशेष ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के श्रद्धालुओं को एक साथ अयोध्या धाम की यात्रा का अवसर मिल रहा है।योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए भी अयोध्या धाम की यात्रा सुलभ हुई है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संबंधित विभागों एवं संस्थाओं द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे वे सहजता और श्रद्धाभाव के साथ अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर सकें।राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, महापौर राजनांदगांव श्री मधुसूदन यादव, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू एवं अन्य जन प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को अयोध्या धाम के लिए रवाना किया।इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि रामलला दर्शन योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण पहल है।विशेष ट्रेन के रवाना होने के अवसर पर राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर उत्सव जैसा वातावरण रहा। बड़ी संख्या में परिजन अपने प्रियजनों को विदा करने स्टेशन पहुंचे। भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम की यात्रा शुरू की।अयोध्या जा रहे श्रद्धालुओं ने कहा कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव होगा। उन्होंने इस यात्रा को सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। अयोध्या धाम के लिए रवाना विशेष ट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचने पर भी तीर्थयात्रियों का आत्मीय एवं उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। यहां दुर्ग ग्रामीण के विधायक श्री ललित चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, दुर्ग जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, जिला प्रशासन के अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं दीं तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वागत के दौरान दुर्ग रेलवे स्टेशन पर भी जय श्रीराम के जयघोष से धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।nरामलला दर्शन योजना प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अयोध्या धाम की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन के साथ वहां के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिलता है।छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और धार्मिक परंपराओं में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था रही है। वनवास काल से छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंधों को अयोध्या से जोड़ने वाली यह यात्रा प्रदेशवासियों के लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखती है। योजना के माध्यम से यह सांस्कृतिक जुड़ाव और अधिक मजबूत हो रहा है।50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा रामलला के दर्शन किया जाना इस पहल की व्यापक पहुंच और जनआस्था से इसके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। वहीं योजना के माध्यम से धार्मिक यात्रा को सुविधाजनक और व्यवस्थित स्वरूप मिलने से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिल रही है।राजनांदगांव से विशेष ट्रेन के रवाना होने और दुर्ग स्टेशन पर तीर्थयात्रियों के स्वागत के दौरान जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। जय श्रीराम के जयघोष के बीच अयोध्या धाम की ओर रवाना हुए श्रद्धालुओं के चेहरों पर प्रसन्नता, मन में रामलला के दर्शन की उमंग और हृदय में प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा स्पष्ट दिखाई दी।
- -स्वतंत्रता दिवस पर सरईटोला के कलाकार देंगे गुट्टा मांदर नृत्य की प्रस्तुति-राष्ट्रीय मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोकसंस्कृतिरायपुर ।15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोककला, संस्कृति और परंपराओं के लिए यह गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ के जिले के नगरी विकासखंड की पारंपरिक लोककला की अनूठी छटा देखने को मिलेगी। ग्राम सरईटोला (गुडरापार) का सुप्रसिद्ध ‘जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल’ राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गुट्टा मांदर नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देगा।यह अवसर न केवल छत्तीसगढ सहित धमतरी जिले के लिए गौरव का विषय है। देश के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मंच पर जिले के ग्रामीण अंचल के कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलना प्रदेश की लोक परंपराओं की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करेगा। सरईटोला का यह लोक नृत्य दल अपनी विशिष्ट गढ़वा नृत्य शैली, गुट्टा मांदर की ऊर्जावान प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों के लिए जाना जाता है। दल के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के लोकजीवन, परंपराओं, उत्सवों और सामुदायिक संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं। मांदर की थाप, पारंपरिक गीत और सामूहिक नृत्य की लय इस कला को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। नृत्य की एक विशेष पहचान कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा भी है। पारंपरिक परिधान, आभूषण और साज-सज्जा नृत्य की सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ाते हैं। यह लोकनृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकजीवन, सामुदायिक एकता और परंपराओं का संवाहक है। फसल कटाई, उत्सवों, मेलों तथा विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक अवसरों पर इसका विशेष आयोजन किया जाता है। नागपुर सांस्कृतिक भवन द्वारा विशेष चयन।दल के सचिव श्री रूपराय नेताम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि सांस्कृतिक भवन, नागपुर द्वारा दल की उत्कृष्ट प्रस्तुति और पारंपरिक कला की विशिष्टता को देखते हुए राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वाेच्च संवैधानिक संस्थान में छत्तीसगढ़ की लोककला प्रस्तुत करना दल के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अनुभव है। कलाकार इस अवसर के लिए विशेष रूप से उत्साहित हैं और अपनी श्रेष्ठ प्रस्तुति देने की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में प्रस्तुति देने के लिए सरईटोला के श्री रतन लाल निषाद, श्री सुरेंद्र सोरी, श्री हेमंत सोरी, कु. सुलोचना सोरी और कु. मधु नेताम नई दिल्ली रवाना होंगे।ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचने वाले इन कलाकारों की उपलब्धि यह संदेश भी देती है कि छत्तीसगढ़ की लोककला और जनजातीय संस्कृति आज भी अपनी मौलिकता, जीवंतता और आकर्षण के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध कर रही है। राष्ट्रपति भवन में गूंजने वाली मांदर की थाप धमतरी की धरती की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी ।उल्लेखनीय है कि विगत 4 अगस्त को जनदर्शन के दौरान गढ़िया बाबा आदिवासी लोक नृत्य सेवा समिति, सरईटोला के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कलेक्टर धमतरी से सौजन्य भेंट की थी । समिति ने जानकारी दी कि उनकी टीम आगामी 15 अगस्त 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में धमतरी की समृद्ध आदिवासी लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकनृत्य की प्रस्तुति देंगे । कलेक्टर धमतरी ने पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर जिले की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी कला का प्रदर्शन पूरे धमतरी के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि हमारी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा भी देगी। मुझे विश्वास है कि आपकी प्रस्तुति धमतरी की सांस्कृतिक समृद्धि की एक सशक्त पहचान बनेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ”15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश के सर्वाेच्च संवैधानिक परिसर राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की पावन धरा और धमतरी के सरईटोला के कलाकारों द्वारा ”गुट्टा मांदर नृत्य” की प्रस्तुति दिया जाना पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है।”मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी आदिवासी लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और मांदर की थाप केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के समृद्ध लोकजीवन, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर की जीवंत अभिव्यक्ति है। धमतरी जिले के ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी के इतने प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि हमारी छत्तीसगढ की जनजातीय संस्कृति आज भी अपनी मौलिकता और आकर्षण से देश को प्रभावित कर रही है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों की आवाज को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर और गोंडवाना विश्वविद्यालय, गढ़चिरौली के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) करने जा रहे हैं। केटीयू के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल और गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति के बीच हुई सौजन्य भेंट में इस एमओयू की रूपरेखा तैयार की गई, जिसका मुख्य केंद्र 'ग्रामीण एवं ग्रासरूट जनसंचार' को मजबूत करना है।इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय फलक पर लाना, शोध को बढ़ावा देना और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को मीडिया व जनसंचार क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।इस साझा प्रयास के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से सेमिनार, संगोष्ठी और तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन ऑफलाइन, ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड में करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सुदूर ग्रामीण इलाकों के छात्र, शिक्षक एवं पत्रकार सीधे लाभान्वित हो सकें। एमओयू के तहत फैकल्टी एक्सचेंज, स्टूडेंट इंटर्नशिप, अकादमिक शोध और कम्युनिटी रेडियो के प्रभावी उपयोग से ग्रामीण संचार को एक नई दिशा दी जाएगी। आदिवासी बहुल और पहुंच-विहीन क्षेत्रों की जमीनी वास्तविकताओं व विकास की कहानियों को मीडिया के माध्यम से दुनिया के सामने लाना है।कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने एमओयू की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और ग्रामीण पत्रकारिता ही देश की वास्तविक जमीनी सच्चाई को उजागर करती है। इस साझा मंच से हम ऐसे संवेदनशील और दक्ष पत्रकार तैयार करेंगे जो संवेदनशीलता के साथ ग्रामीण विकास के नए आयाम लिखेंगे।गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति ने विश्वास जताया कि दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों का यह संयुक्त कदम आदिवासी बहुल और पिछड़े क्षेत्रों की आवाज को अधिक सशक्त और मुखर बनाएगा।
- -धान खरीदी, खाद वितरण, वित्तीय प्रबंधन और अधोसंरचना विकास की हुई समीक्षारायपुर। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों को समय से पहले अंतिम रूप देने और किसानों को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) में प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में धान खरीदी, खाद वितरण, वित्तीय प्रबंधन तथा शाखावार कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत उपार्जित धान के निराकरण, मिलर्स द्वारा धान उठाव, भारतीय खाद्य निगम एवं नान में चावल जमा, कस्टम मिलिंग, परिवहन व्यवस्था तथा समितियों में उपलब्ध शेष धान की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को धान के समयबद्ध निराकरण एवं भंडारण क्षमता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।आगामी खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपार्जन केंद्रों की अधोसंरचना, बारदाना उपलब्धता, आवश्यक उपकरण, मानव संसाधन, किसान पंजीयन, सीसीटीवी, इंटरनेट एवं विद्युत व्यवस्था को समय पर पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था की भी विस्तृत समीक्षा की गई। यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता, समितिवार वितरण, भंडारण, स्टॉक सत्यापन, परिवहन व्यवस्था तथा आगामी सीजन की मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।लेखा शाखा की समीक्षा के दौरान आय-व्यय, वित्तीय स्थिति, लंबित देयकों की वसूली, भुगतान, ऑडिट आपत्तियों के निराकरण, बैंक मिलान तथा लंबित अग्रिम राशि के समायोजन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही समितियों के लंबित प्रकरणों, शिकायतों एवं विभागीय निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा कर शाखावार जिम्मेदारियां और समय-सीमा निर्धारित की गई।प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी ने सभी शाखा एवं कक्ष प्रभारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें, व्यवसायिक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा आगामी समीक्षा बैठक में अद्यतन प्रगति प्रस्तुत करें।
- -जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और जनभागीदारी का दिया जाएगा संदेशरायपुर। स्वतंत्रता दिवस 2026 को जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रप्रेम के साथ प्रकृति एवं जल संरक्षण के संदेश से जोड़ते हुए विशेष रूप से मनाया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार जिले की ग्राम पंचायतों में 15 अगस्त को अमृत सरोवरों के तट पर मनरेगा श्रमिकों के द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।अमृत सरोवरों को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन सरोवरों के तट पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से मनरेगा श्रमिकों के माध्यम से ग्रामीणों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ ही सामुदायिक भागीदारी और सतत आजीविका गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। समारोह के दौरान ध्वजारोहण, तिरंगा यात्रा, अमृत सरोवर परिसर में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, नुक्कड़ नाटक, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों से जोड़ा जाएगा।अमृत सरोवर स्थलों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिवार के सदस्यों अथवा पुरस्कार विजेताओं और ग्राम पंचायत के विशिष्ट नागरिकों को आमंत्रित कर सम्मानित करने की पहल भी की जाएगी। इससे नई पीढ़ी को देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों से प्रेरणा मिलेगी।ग्राम पंचायतों को कार्यक्रमों में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से अमृत सरोवरों को जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा श्रमिकों के द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रप्रेम और प्रकृति संरक्षण का संदेश व्यापक रूप से पहुंचाया जाएगा।
- -शहीदों को श्रद्धांजलि, पौधारोपण और हर घर तिरंगा अभियान का दिया संदेशरायपुर। बस्तर तिरंगा यात्रा के तहत नारायणपुर से शुरू हुई बाइक तिरंगा यात्रा आज उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में बारसूर पहुंची। बारसूर में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में भारत माता के जयकारों और देशभक्ति के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से भर गया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने हाथों में तिरंगा लेकर बाइक यात्रा में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके सम्मान में पौधारोपण किया और शहीद परिवारों से मुलाकात की।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर तिरंगा यात्रा पूरे बस्तर के विकास, शांति और राष्ट्रीय एकता की यात्रा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं ने इस अभियान की अगुवाई की है और सभी नागरिकों को इसमें सहभागी बनना चाहिए।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रत्येक परिवार अपने घर पर तिरंगा अवश्य फहराए। उन्होंने बताया कि पहले कई गांवों में नक्सलवाद के डर से राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराने में बाधाएं आती थीं, लेकिन आज लोग गर्व के साथ अपने घरों में तिरंगा लगा रहे हैं। उन्होंने इसे बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में बड़ा परिवर्तन बताया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तर के लोगों के सहयोग से क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण बना है।बाइक तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को नारायणपुर से शुरू होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोडेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी।13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, सुकमा, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी।14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए करेगुट्टा पहाड़ी में समाप्त होगी।इस अवसर पर विधायक श्री चौतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, बस्तर आईजी श्री बद्रीनाथ मीणा, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री एम. भार्गव, डीएफओ श्री रामकृष्ण रंगनाथा वाय, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, अन्य अधिकारी, सुरक्षा बलों के जवान और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -बदलती तकनीक और हरित परिवहन की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को मिलेगा आधुनिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण-ऑनलाइन प्रवेश पंजीयन प्रक्रिया शुरूरायपुर /छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह इस संस्था का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए करियर की दृष्टि से बेहद अहम साबित होगा।मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के साथ-साथ बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS), मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, वाहन सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में यह ट्रेड छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 5 शासकीय आईटीआई संस्थानों में ही संचालित है, जिससे जीजामगांव आईटीआई में इसकी शुरुआत जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ई-व्हीकल के बढ़ते चलन से अधिकृत सर्विस सेंटरों, ई-व्हीकल निर्माण कंपनियों, चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी से संबंधित सेवा इकाइयों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रशिक्षित युवा खुद का सर्विस सेंटर या तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे।जीजामगांव क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न विकास एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नवीन आईटीआई भवन के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण भी किया था। जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य श्री योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए इस नवीन ट्रेड में प्रवेश लें। आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम करेली बड़ी में आयोजित समारोह में जिले के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा की थी, जिसमें जीजामगांव में नवीन आईटीआई की स्थापना भी शामिल थी।
- -वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को मार्च-2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने कहा-मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यों की समीक्षा के निर्देश, कहा साइट देखने के बाद ही तैयार करें निर्माण कार्यों के प्राक्कलन-गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर, ठेकेदारों को नियमित भुगतान के निर्देशरायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश दिए। श्री बंसल ने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री पी.एम. कश्यप और श्री टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने फील्ड का दौरा कर और साइट देखने के बाद ही निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश विभागीय अभियंताओं को दिए। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय बनाकर निर्धारित टाइम-लाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने टाइम-लाइन के मुताबिक समय पर काम नहीं करने वाले, लापरवाही बरतने वाले और गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा आगामी निविदाओं के लिए अपात्र करने के निर्देश दिए।विभागीय सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने सुव्यवस्थित तथा योजनाबद्ध ढंग से काम करने को कहा। उन्होंने रायपुर और नवा रायपुर में कार्यों की सहूलियत, बेहतर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कसावट के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों को पुनर्गठित कर कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने को कहा। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितम्बर तक नई पदस्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक निर्माण विभाग के रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति तथा न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की।श्री बंसल ने पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुविधा और नागरिकों की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले पांच वर्षों में सड़कों की जरूरत का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तत्काल अनुबंध कर कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निविदा में कार्यपूर्णता के लिए उपयुक्त समय-सीमा के निर्धारण के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु, पोल शिफ्टिंग, पाइपलाइन शिफ्टिंग तथा अन्य यूटिलिटीज की शिफ्टिंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यपूर्णता के लिए समयावधि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद तीन महीनों के भीतर फाइनल बिल तैयार करने तथा ठेकेदारों को भुगतान के लिए भी एसओपी बनाने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए।श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं को विभिन्न आयोजनों के बिलों के भुगतान ठेकेदारों को तत्परता से एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चालू मानसून सीजन में सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढा भरने के काम तत्काल करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की भी मरम्मत तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता श्री वी.के. बेदिया और श्री सुरेश भूपल तथा रायपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री श्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल-100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समांरायपुर। राजधानी रायपुर की शाम आज देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन श्री इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
- ड्रोन दीदियों ने ड्रोन की पूजा कर लगाया गुड़-चीले का भोगबालोद । छत्तीसगढ़ के पावन पर्व हरेली पर इस बार बालोद जिले में लोक-संस्कृति और आधुनिक तकनीक का एक बेहद खूबसूरत और अनूठा नजारा देखने को मिला। सावन अमावस्या के अवसर पर जहां एक ओर किसानों ने अपने पारंपरिक कृषि औजारों हल, नांगर, कुदाली और फावड़े की पूजा कर अच्छी फसल की कामना की, वहीं जिले की ड्रोन दीदियों ने आधुनिक कृषि यंत्र ड्रोन का धूप-दीप से पूजन कर उस पर पारंपरिक गुड़-चीला और नारियल चढ़ाकर हरेली तिहार को एक नया आयाम दिया।शासन की ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रशिक्षित जिले की तीन ड्रोन दीदियों श्रीमती भुनेश्वरी साहू, श्रीमती चित्ररेखा साहू और सुश्री रूचि साहू ने पारंपरिक त्यौहार को आधुनिकता से जोड़कर कृषि क्षेत्र में आ रहे बदलाव को नई पहचान दी है। ड्रोन दीदी भुनेश्वरी साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति हमें कृषि यंत्रों का सम्मान करना सिखाती है। आज के दौर में ड्रोन भी किसानों का एक आधुनिक साथी और यंत्र बन चुका है, जो फसलों में नैनो उर्वरक और दवाइयों का छिड़काव मिनटों में कर देता है। चित्ररेखा साहू ने बताया कि ड्रोन तकनीक ने खेती को आसान बना दिया है। इस हरेली पर उन्होंने जिले के अधिक से अधिक किसानों को इस आधुनिक तकनीक से जोड़ने का संकल्प लिया है। सुश्री रूचि साहू ने कहा कि उनका सपना है कि बालोद के हर खेत तक ड्रोन पहुंचे, जिससे किसानों की लागत घटे, फसल उत्पादन दोगुना हो और जीवन सुगम बने। ड्रोन दीदियों ने इस नवाचार का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है, बल्कि उनमें आत्मबल भी भरा है। अपनी आय और जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के लिए आभार जताते हुए ड्रोन दीदियों ने प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी को हरेली तिहार की शुभकामनाएं प्रेषित की है।
- -उत्पादक समूह से मिला गुणवत्तापूर्ण धान बीज, लाइन विधि और तकनीकी मार्गदर्शन से खेती को मिल रही नई दिशारायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कृषि, पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ कृषि आदान, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण महिलाओं की आय और आत्मविश्वास में दिखाई दे रहा है।सरगुजा जिले के झूमरपारा की श्रीमती शकुंतला राजवाड़े इसकी प्रेरक मिसाल हैं। गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे कृषि गतिविधियों को नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ा रही हैं। उत्पादक समूह के माध्यम से उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में कम लागत पर धान बीज उपलब्ध हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने एक एकड़ खेत में किया है।शकुंतला राजवाड़े बताती हैं कि उत्पादक समूह के माध्यम से उन्हें 20 रुपये से कम की दर पर धान बीज प्राप्त हुआ। इससे खेती की प्रारंभिक लागत कम हुई और गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। कृषि सखी एवं पशु सखी के मार्गदर्शन से उन्होंने खेती में नई पद्धतियों को अपनाते हुए उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।शकुंतला ने एक एकड़ क्षेत्र में धान की खेती के लिए लाइन विधि अपनाई है। इस पद्धति से खेत में फसल का बेहतर प्रबंधन, पौधों की उचित दूरी और कृषि कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करने में सुविधा मिल रही है। उनका कहना है कि नई कृषि पद्धतियों और तकनीकी मार्गदर्शन से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का अवसर मिला है।अम्बिकापुर विकासखंड में बिहान के अंतर्गत 25 गांवों की 19 ग्राम पंचायतों के 505 स्व-सहायता समूहों से 5,540 परिवार जुड़े हुए हैं। स्व-सहायता समूहों को केवल बचत और ऋण तक सीमित न रखते हुए उन्हें आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 16 उत्पादक समूह गठित किए गए हैं, जिनसे लगभग 300 सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हैं।इसी क्रम में 22 उत्पादक समूहों ने एफपीसी के माध्यम से धान बीज का व्यवसाय किया। इन समूहों ने किसानों की मांग के अनुसार धान बीज की खरीद, भंडारण और बिक्री की व्यवस्था की। इससे किसानों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हुआ, वहीं महिला समूहों को कृषि आधारित व्यवसाय और बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिला।कृषि सखी और पशु सखी के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक एवं बेहतर कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। शकुंतला राजवाड़े भी इसी मार्गदर्शन का लाभ लेकर अपनी खेती को व्यवस्थित कर रही हैं। उनका कहना है कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके सामने आजीविका के नए अवसर खुले हैं। पहले वे घर तक सीमित थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद कृषि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और स्वयं निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ा है।बिहान से जुड़कर शकुंतला राजवाड़े ने न केवल अपनी कृषि गतिविधियों को मजबूत किया, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ी हैं। वे ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़ी हैं और इस उपलब्धि को अपने लिए गर्व का विषय मानती हैं। अब वे अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कृषि एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।शकुंतला राजवाड़े ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली इस पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी नई पहचान बनाने का अवसर दिया है। प्रदेश में बिहान के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है। शकुंतला राजवाड़े जैसी महिलाएं इस बदलाव की प्रेरक बनकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह आसान कर रही हैं।
- -प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर का पलटवार : कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को शोषित और वंचित रखने का काम किया; भाजपा ने देश को दिया आदिवासी राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री; आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ारायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने दो टूक कहा है कि तथाकथित 'विश्व आदिवासी दिवस' एक विदेशी अवधारणा है, इसका भारत के जनजातीय समाज से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से भारत की अपनी माटी के वीर सपूतों को नमन करने और उनके सम्मान में दिवस मनाने की परम्परा में विश्वास रखती है।श्री ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर आदिवासी समाज की उपेक्षा और उनके वीर सपूतों के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गेंद सिंह नायक और वीर गुण्डाधुर जैसे महान देशभक्तों को नमन करती आई है। स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के इन वीर सपूतों का योगदान अतुलनीय रहा है, लेकिन दशकों तक सत्ता में रही कांग्रेस ने केवल गांधी परिवार के महिमामण्डन के चक्कर में इन महान शहीदों के बलिदान को इतिहास के पन्नों से दूर रखा। कांग्रेस की मानसिकता हमेशा आदिवासी समाज के स्वर्णिम इतिहास को दबाने की रही है। श्री ठाकुर ने कांग्रेस की सोच पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि आदिवासी समाज के लोग शिक्षित हों या आगे बढ़ें। कांग्रेस की नीति हमेशा आदिवासी समाज को मुख्यधारा से काट कर उनके नाम पर केवल राजनीतिक रोटी सेंकने की रही है। कांग्रेस ने आदिवासी भाइयों-बहनों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और उन्हें विकास के मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि इसके विपरीत, भाजपा ने आदिवासी समाज के सशक्तीकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। भाजपा सरकार ने आदिवासी युवाओं को शिक्षित कर उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर, और एसपी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। भाजपा ने आदिवासी समाज को न केवल प्रशासनिक और सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ा, बल्कि उन्हें देश का सर्वोच्च राजनीतिक सम्मान भी दिया। भाजपा ने सर्वसमावेशी सोच का परिचय देते हुए देश को श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में पहली बार आदिवासी समाज से राष्ट्रपति देने का ऐतिहासिक कार्य किया। भाजपा ने देश के राज्यों में आदिवासी समाज के योग्य नेताओं को मुख्यमंत्री बनाकर नेतृत्व की कमान सौंपी। श्री ठाकुर ने कहा कि आदिवासी समाज अब जागृत हो चुका है। वह जान चुका है कि कौन उनका सच्चा हितैषी है और किसने उन्हें सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल के लिए अंधेरे में रखा? भाजपा आगे भी आदिवासी समाज के मान-सम्मान, उनकी संस्कृति और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करती रहेगी। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक नवाचारों के द्वारा हमारे गौरव की पुनर्स्थापना का कार्य किया है। जनजातीय गौरव दिवस सच्चे अर्थों में जनजातीय अस्मिता और गौरव का प्रतीक है।
- बालोद ।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय बालोद स्थित स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में 13 अगस्त को सुबह 8.30 बजे राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने हेतु अंतिम अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि एवं समय में उपस्थित होने को कहा गया है।
- -हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिलेभर में तिरंगा रैली, शहीद जवानों के परिजनों को तिरंगा भेंट कर किया सम्मानरायपुर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत बीजापुर जिले में देशभक्ति से ओतप्रोत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय और सभी ब्लॉक मुख्यालयों में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। “भारत माता की जय” और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।बीजापुर जिला लंबे समय तक माओवाद से प्रभावित रहा है। 31 मार्च 2026 को जिले के नक्सल मुक्त होने के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है, इसलिए इस बार का उत्सव जिले के लिए विशेष महत्व रखता है।जिले को नक्सलवाद से मुक्त कराने के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम और अन्य अधिकारी उनके घर पहुंचे। अधिकारियों ने शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की, उन्हें तिरंगा भेंट किया और उनके साहस व बलिदान को नमन किया स अधिकारियों ने कहा कि देश की रक्षा के लिए जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। जिलेभर में निकली तिरंगा रैली में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। रैली के दौरान बच्चों और नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गर्व की भावना व्यक्त की। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिलेवासियों से अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय एकता, गौरव और देशभक्ति की भावना के साथ मनाएं। हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुंचाना है।बीजापुर में इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि शांति की स्थापना और देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
- दुर्ग / स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आम नागरिकों में देशभक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान जागृत करने के उद्देश्य से जिले में 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक 'हर घर तिरंगा' अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन, संस्कृति विभाग से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में तथा राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दुर्ग शहर में एक भव्य 'तिरंगा यात्रा' निकाली जाएगी। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में इस भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन 13 अगस्त 2026 को दोपहर 2:00 बजे से किया जाएगा। यह यात्रा शासकीय झाडूराम देवांगन विद्यालय (हिन्दी भवन के सामने) मैदान से प्रारंभ होकर इंदिरा मार्केट रोड होते हुए शहीद चौक, दुर्ग तक जाएगी। प्राप्त जानकारी अनुसार, इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन और जनसामान्य की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और वंदे मातरम गायन के प्रति प्रेरित करना है, जिससे आमजनों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु जिला स्तर पर विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
- -बोरी क्षेत्र में 15 दुकानदारों पर हुई चालानी कार्रवाई, 2150 रु. का जुर्माना भी वसूलादुर्ग । खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा बोरी थाना क्षेत्र में कोटपा अधिनियम 2003 के तहत बड़ी चालानी कार्रवाई की गई है। उक्त कार्रवाई कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार विगत 11 अगस्त 2026 को संचालित की गई। कार्रवाई के दौरान विद्यालयों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से निरीक्षण किया गया। इसके तहत शासकीय हिंदी मीडियम पीएम श्री स्कूल बोरी, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पथरिया तथा शासकीय हाई स्कूल अंजोरा ढाबा (तहसील धमधा) के समीप तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कोटपा अधिनियम 2003 की धारा 4 एवं 6 के तहत कार्रवाई की गई। टीम ने कुल 15 दुकानदारों पर चालान बनाते हुए 2,150 रुपये का अर्थदंड अधोरोपित किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचने तथा सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन पर लगे प्रतिबंध की जानकारी दी। साथ ही तंबाकू सेवन से स्वास्थ्य पर होने वाले जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग की अपील की। इस विशेष कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन से सहायक औषधि नियंत्रक श्री संजय सिंह झड़ेकार, औषधि निरीक्षक जागेश्वरी साहू तथा पुलिस विभाग से आरक्षक मोहम्मद समीम, जितेंद्र धीवर और प्रशांत साहू उपस्थित रहे।
























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