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- -78 लाख 06 हजार रुपये से अधिक की राशि की विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से अब तक 10 लाख 62 हजार 170 रुपये की हुई आमदनी-जिले के सभी 11 स्थानों में ग्रामीणों को मिल रहा है उनके रूचि का स्वरोजगारबालोद। राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर ग्रामीणों को उनके गांव के आसपास ही रोजगार का कारगार माध्यम उपलब्ध कराने हेतु शुरू की गई महत्वाकांक्षी महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क ग्रामीणों के लिए उनके गांव के आसपास स्वरोजगार प्रदान करने का महत्वपूर्ण जरिया बन गया है। जिले के सभी विकासखण्डों के कुल 11 स्थानों पर ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना होने से ग्रामीणों को अब रोजगार की तलाश में बड़े शहरों एवं अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। अब उन्हें आसानी से उनके गांव तथा आसपास के गांव में उनके रूचि और कौशल के आधार पर स्वरोजगार प्राप्त हो रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा बालोद जिले के सभी 11 गौठानों में 78 लाख 06 हजार 106 रुपये की लागत से संचालित की जा रही आजीविका मूलक गतिविधियों के अंतर्गत विभिन्न उत्पादों की बिक्री से अब तक कुल 10 लाख 62 हजार 170 रुपये की आमदनी भी हो चूकी है।ज्ञातव्य हो कि बालोद विकासखण्ड के ग्राम बरही में संचालित गोबर पेंट ईकाई से अब तक कुल 07 हजार 940 लीटर गोबर पेंट का उत्पादन किया गया है। इस गोबर पेंट का उत्पादित मूल्य 17 लाख 86 हजार 500 रुपये है। इसमें से अब तक 03 हजार 469 लीटर गोबर पेंट की बिक्री की जा चूकी है, जिसका विक्रय मूल्य 07 लाख 80 हजार 525 रुपये है। इस गोबर पेंट इकाई से अब तक कुल 02 लाख 42 हजार 830 रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है। इसी तरह बालोद विकासखण्ड के करकाभाट ग्रामीण औद्योगिक पार्क में कूलर एवं अलमारी निर्माण यूनिट की स्थापना की गई है। जिसमें अब तक 72 नग अलमारी और कूलर 70 नग का निर्माण किया गया है। जिसका उत्पादित मूल्य 05 लाख 02 हजार 900 रुपये है। जिसमें 62 अलमारी एवं 55 कूलर की बिक्री भी की जा चूकी है। जिसका विक्रय मूल्य 04 लाख 39 हजार 900 रुपये हैै। इस तरह कूलर एवं अलमारी की बिक्री से 65,000 रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है। इसी तरह गुरूर विकासखण्ड के ग्रामीण औद्योगिक पार्क भोथली में गुड़ प्रोसेसिंग, एलोवीरा प्रोसेसिंग, लेमन ग्रास प्रोसेसिंग, सेवा गतिविधि बैकिंग यूनिट की स्थापना की गई है। जिसमें लेमन ग्रास प्रोसेसिंग यूनिट से 20़6 लीटर उत्पादन किया गया है। जिसमें सभी 206 लीटर उत्पाद की बिक्री भी की जा चूकी है। जिससे 89,000 हजार रुपये का लाभ भी अर्जित हुआ है। इसी तरह डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम अवारी में संचालित चिक्की निर्माण यूनिट में 15 टन चिक्की का निर्माण किया गया है। जिनका उत्पादित मूल्य 37 लाख 50 हजार रुपये है। जिसमें से 14 टन चिक्की की बिक्री भी की जा चूकी है। जिसका विक्रय मूल्य 35 लाख रुपये है। जिससे 04 लाख 50 रुपये की आमदनी प्राप्त हुई है। डौण्डी लोहारा विकासखण्ड के ग्रामीण औद्योगिक पार्क नंगूटोला में मसाला निर्माण यूनिट, लेयर मूर्गी पालन, वांशिग पाउडर निर्माण यूनिट एवं बैकिंग सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही है। इसी तरह गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्रामीण औद्योगिक पार्क गब्दी में कोदो प्रोसेसिंग यूनिट, वर्मी कम्पोस्ट बोरी प्रिटिंग यूनिट, अगरबत्ती निर्माण यूनिट, सेवा गतिविधि बैकिंग निर्माण एवं नाॅन कूकेन बैग निर्माण यूनिट तथा ग्रामीण औद्योगिक पार्क कांदुल में पापड़ निर्माण, मुरमुरा एवं अगरबत्ती निर्माण किया जा रहा है। इसी तरह से गुरूर विकासखण्ड के छेड़िया औद्योगिक पार्क में मूनगा प्रोसेसिंग यूनिट, बनाना फाइबर एक्सट्रैशन यूनिट की स्थापना की गई है। डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के मार्री बंगला औद्योगिक पार्क में एपरेल, डोरमेंट एवं कपड़ा यूनिट की स्थापना की गई है। डौण्डी विकासखण्ड के अमूरकसा ग्रामीण औद्योगिक पार्क में बेकरी यूनिट तथा गुदुम ग्रामीण औद्योगिक पार्क में हाउस होर्ड क्लीनिंग मटेरियल यूनिट, बास गुड़ी एवं स्क्रबर निर्माण का कार्य किया जा रहा है।बालोद जिले में संचालित सभी 11 महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क में 140 महिला एवं 75 पुरूष सहित कुल 215 उद्यमी कार्यरत है। जिनके द्वारा एक माह के अल्प अवधि में ही 78 लाख 06 हजार 106 रुपये की सामग्रिया निर्मित कर 56 लाख 80 हजार 875 रुपये की राशि की सामग्री की बिक्री गई है। जिससे उन्हें शुद्ध 10 लाख 62 हजार 170 रुपये का लाभ प्राप्त हुआ है। जिससे 9,908 रुपये की प्रति व्यक्ति औसत आय प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही 107 हितग्राहियों को लाभांश भी प्रदान कर दिया गया हैै। इस तरह से बालोद जिले में स्थापित की गई ग्रामीण औद्योगिक पार्क मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप ग्रामीणों को अपने गांव में ही रोजगार प्रदान कर उनकी आय में वृद्धि करने का महत्वपूर्ण जरिया बन गया है। जो राज्य शासन द्वारा ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाकर गांवों को विकसित करने की परिकल्पना को मूर्त रूप प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
- - रूरल इंडस्ट्रियल पार्क द्वारा महिला सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा- मछली उत्पादन, पैराकुट्टी, वर्मी कम्पोस्ट, केंचुआ पालन, गाय पालन, मुर्गी पालन व बायोफ्लॅाक्स कार्य कर सशक्त हो रही हैं महिलाएंदुर्ग / जिले के गौठानों में विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित हो रही है इसी कड़ी में ग्राम पंचायत चंदखुरी के 6 महिला स्व सहायता समूहों द्वारा गौठान में विभिन्न आर्थिक गतिविधियां संचालित कर महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। शासन की नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत जिले के ग्राम चंदखुरी के गौठान में विभिन्न प्रकार के कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें मछली उत्पादन, पैराकुट्टी, वर्मी कम्पोस्ट, केंचुआ पालन, गाय पालन, मुर्गी पालन व बायोफ्लॅाक्स का कार्य जोरो से किया जा रहा है।गौठान में मछली पालन- जय अम्बे स्व सहायता समूह के अध्यक्ष श्रीमती दीपिका चंद्राकर के अनुसार अक्टूबर माह से अब तक गौठान में 400 से 500 रंगीन मछलियों का उत्पादन किया जा रहा है। अब तक 29 हजार की रंगीन मछलियां बेची जा चुकी है। मछली उत्पादन से 9 हजार रूपए का व्यय हुआ है। इसी प्रकार श्री सिन्धुजा स्व सहायता समूह के माध्यम से फिंगर फिश का उत्पादन किया जा रहा है, जिसकों बड़ा होने पर तालाब व ढबरी में छोड़ दिया जाता है, जिसे किसान इसे बेचकर आय अर्जित कर रहे हैं। अभी तक 7 हजार की फिंगर फिश बेची जा चुकी है।पल्लवी स्व सहायता समूह के माध्यम से 5 बायोफ्लॅाक्स का निर्माण किया गया, जिसमें एक बायोफ्लॅाक्स 2500 किलो मछलियां उत्पादित की जा रही है। यह बायो जनवरी माह में स्थापित किया गया था। भविष्य में 12 हजार 500 किलो मछलियां बेचने की संभावना है।गौठान में वर्मी कम्पोस्ट- गौठान में अब तक स्व सहायता समूह के माध्यम से 1800 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है, जो अब तक लगभग 5 लाख 38 हजार का वर्मी कम्पोस्ट खाद बेचा गया। साथ ही केचुंआ का उत्पादन कर लगभग 4 लाख का केंचुआ बेचा गया। आसपास के ग्राम पंचायतों में खाद बनाने के लिए केचुंआ विक्रय किया गया। इसके अलावा आंध्रप्रदेश के श्रीमती रजनी राव द्वारा 10 किलो केंचुआ क्रय कर खाद बनाने का कार्य कर रही है। चंदखुरी गौठान से पाटन विकासखण्ड के ग्राम पंचायत मे भी खाद बनाने के लिए केंचुआ बेचा जा रहा है। इसके अलावा 25 हजार का डिकम्पोजर तथा 22 हजार का कीटनाशक बेचा गया। इसके साथ गौमूत्र से वृद्धिवर्धक का उत्पादन किया जा रहा है, जो फसलों के लिए उपयोगी है। गौमूत्र वृद्धिवर्धक 9 हजार रूपए तक का बेचा जा चुका है।गौठान में राईस मिल- गौठान में मिनी राईस मिल लगाया गया है, जिसमें दाल व चावल पिसाई की जाती है।गौठान में गाय पालन- गौठान में पूजा स्व सहायता समूह के माध्ये से गौठान में 5 गाय का पालन किया जा रहा है। प्रत्येक गाय 10 से 12 लीटर दुध देती है, जिसे बेचकर समूह द्वारा लगभग 60 हजार रूपए महीने का आय अर्जित कर रही हैं। गौठान में बकरी पालन- गौठान में प्रजा स्व सहायता समूह द्वारा बकरी पालन भी किया जा रहा है, जिसमें 10 बकरी पाली जा रही है।गौठान में मुर्गी पालन- जागृति क्रास फांउडेशन स्व सहायता समूह के अध्यक्ष श्रीमती टोमिन चंद्राकर के माध्यम से गौठान में मुर्गी पालन किया जा रहा है। समूह द्वारा अब तक 2328 मुर्गीयां बेची गई है, जिसमें 3 लाख 19 हजार का मुनाफा प्राप्त किया।महात्मा गांधी रूरल इंड्रस्ट्रियल पार्क योजना के अंतर्गत रीपा में मिल्क प्रोडक्ट बनाए जाने की संभावना है। रीपा योजना के अंतर्गत 30 लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किया जाएगा, जिसमें उनके द्वारा सोयाबीन बड़ी, सोया टॉफी, सोया पनीर, आलू चिप्स व दोना पत्तल तैयार किया जाएगा। डोम के अंदर 30 लोगों को रोजगार देने की संभावना है। इसके अलावा योजना के अंतर्गत दुध से बनी पनीर, मिठाई, खोवा व अन्य सामग्री तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही रीपा में मोबाइल और सायकल रिपेरिंग की दुकान के साथ चाय, नाश्ते की दुकान प्रारंभ की जाएगी।
- - जिला चिकित्सालय को मिली एक और बड़ी उपलब्धि स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर ने किया सफल ऑपरेशनदुर्ग/ जिला चिकित्सालय दुर्ग को मिली एक और बड़ी उपलब्धि। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक से प्राप्त जानकारी के अनुसार आर्या नगर दुर्ग निवासी श्रीमती राधिया बाई साहू उम्र 46 साल पिछले एक महीने से अपने पेट दर्द की समस्या को लेकर जिला चिकित्सालय दुर्ग में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्मिता सिन्हा के पास ईलाज करने पहुंची।विशेषज्ञ द्वारा लक्षण के आधार पर जांच करने के बाद उन्हें सोनोग्राफी करने की सलाह दी गई। सोनोग्राफी के बाद जांच में पाया गया कि उनके ओवरी में गांठ बना हुआ है, जिसे श्लेष्म सिस्टेडेनोमा कहा जाता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ ने मरीज को ऑपरेशन कराने की सलाह दी। महिला का ऑपरेशन कर 3.8 किलो का सिस्ट निकाला गया। जिससे वर्तमान में मरीज की स्थिति समान्य है। इस कार्य में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्मिता सिन्हा एवं टीम डॉ. बसंत चौरसिया, असिस्टेंट स्टॉफ द्वारा ओवरी सिस्ट का सफलतापूर्वक सर्जरी किया गया।
- -आंगनबाड़ी के अधोसंरचना व मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति पर ध्यान दें अधिकारी- सैम बच्चों के लिए समुदाय आधारित प्रबंधन को लेकर हुई विशेष चर्चादुर्ग / कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी के अधोसंरचना की मरम्मत और मूलभूत आवश्यकता जैसे पानी, बिजली व शौचालय इत्यादि पर संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के इंजिनियर के साथ समन्वय स्थापित कर आने वाले बरसात के पूर्व मरम्मत कार्य विभाग व डीएमएफ के फंड से पूर्ण कराने के लिए कहा।बैठक में कलेक्टर ने आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र बनाने, ई-कवच सैम के अंतर्गत पंजीकरण, पोषण ट्रैकर फिडिंग सहित अन्य कई बिंदुओं पर उपस्थित अधिकारियों से चर्चा की गई। 6 माह से लेकर 5 साल तक के अधिक कुपोषित (सैम) बच्चों का ईलाज करने के लिए उन्होंने ब्लॉक स्तर पर विशेष यूनिट शुरू करने के लिए उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही गंभीर कुपोषित बच्चों (सैम) के चिन्हांकन के लिए कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर परीक्षण करने के लिए निर्देशित भी किया। उन्होंने अति कुपोषित श्रेणी (सैम) में आने वाले बच्चों के लिए समुदाय प्रबंधन पर आधारित गतिविधियों को युद्धस्तर पर चलाने के लिए उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया ताकि कुपोषित बच्चों के ग्राफ को जिले में कम किया जा सके। उन्होंने कहा 5 साल तक के सैम विद कॉम्पलीकेशन वाले बच्चों को एन.आर.सी. में भर्ती कर उचित प्रबंधन के माध्यम से शीघ्र पोषण की श्रेणी में लाना उपस्थित अधिकारियों के प्राथमिकता में होना चाहिए। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को ए.एन.एम., मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकताओं को योजनाबद्ध तरीके से क्लस्टर वार ट्रेनिंग देने के लिए कहा। ताकि वह क्षेत्र में बेहतर से बेहतर कार्य कर सके।
- दुर्ग / पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत चलने वाले निर्माण कार्य की वस्तु स्थिति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा आज संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक का आयोजन कलेक्टोरेट सभाकक्ष में किया गया था, जिसमें निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति को लेकर चर्चा की गई। कलेक्टर ने उपस्थित अभियंताओं को विभिन्न कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा की पूर्ति समय-सीमा में हो इसके लिए निर्देश दिए। उन्होंने समग्र शिक्षा व मुख्यमंत्री जतन योजना के तहत् चलने वाले कार्य को शीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लिए कहा। ताकि आने वाले शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए एक बेहतर वातावरण मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत् होने वाले सड़क निर्माण कार्य की भी समीक्षा हुई।इस अवसर पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के मुख्य कार्यपालन अभियंता व अन्य उप अभियंता उपस्थित थे।
- दुर्ग / चुनाव आयोग ने पंथी नर्तक पद्मश्री डॉ. राधेश्याम बारले और पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले छत्तीसगढ़ का स्टेट आइकॉन नियुक्त किया है। जिसके पश्चात् आज दोनों कलेक्टोरेट परिसर में कलेक्टर श्री पुष्पेन्द्र कुमार मीणा से मिलने पहुंचे थे। चुनाव आयोग द्वारा स्टेट आइकॉन नियुक्त किए जाने व कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान पर कलेक्टर ने उन्हें बधाई दी और आशा जताई कि उनके स्टेट आइकॉन बनने से छत्तीसगढ़ राज्य के मतदाता अपने मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक होंगे और विवेक पूर्ण इसका इस्तेमाल करेंगे।इस अवसर पर पदमश्री डॉ. राधेश्याम बारले व श्रीमती उषा बारले ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा सौंपे गए दायित्व का पूर्ण निर्वहन उनके द्वारा किया जाएगा।
- -शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय में आयोजित संभाग स्तरीय रीपा कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्रीजगदलपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज यहाँ शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कुम्हरावंड जगदलपुर में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) के बस्तर संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए। रीपा के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों एवं उत्पादन के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में इस पार्क की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीपा के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजन किए जा रहे हैं। अब युवाओं को काम की तलाश में बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। योजनांतर्गत 2 करोड़ रूपए प्रति औद्योगिक पार्क के मान से राशि स्वीकृत की गई है। बस्तर संभाग के बस्तर, दन्तेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर सुकमा एवं कोंडागांव जिले के प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने रीपा से जुड़े महिला स्व-सहायता समूह को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंड के मान से कुल 64 रीपा स्वीकृत किए गए हैं। पूरे प्रदेश में 300 रीपा संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बस्तरिया रीपा के स्मृति चिन्ह का विमोचन किया।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान सुराजी गांव योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों द्वारा मछली पालन, कुक्कुट पालन, मशरूम उत्पादन किया जा रहा है। पिछले तीन साल के भीतर साढ़े पांच हजार गौठान स्वावलंबी हो गए हैं। गौठान समिति के दौरान गोबर क्रय किया जा रहा है। गौठान को डे केयर सेंटर विकसित किया गया है। प्रदेश के गौठानों में 28 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किए गए हैं। गोबर बिक्री करने वाले हितग्राहियों के बैंक खाते में राशि सीधे अंतरित की जा रही है। इसी तरह लघु वनोपज की बिक्री, तेंदूपत्ता, संग्राहकों के खाते में भी आनलाईन पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा 67 प्रकार के वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसके अलावा कोदो, कुटकी, रागी भी समर्थन मूल्य पर खरीदी कर रहे हैं। ग्रामीण उत्पाद को बेचने के लिए प्रत्येक जिले में सी-मार्ट की स्थापना की गई है। सी-मार्ट के जरिए बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। अब गौठान को वाई-फाई से कनेक्ट कर रहे हैं। बस्तर, सरगुजा जैसे वनांचल क्षेत्रों में किसानों की संख्या में वृद्धि हुई है। अब प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदी का निर्णय लिया है।ज्ञात हो कि बस्तर जिले में मशरूम स्पॉन ईकाई उत्पादन, काजू प्रसंस्करण, तिखुर प्रसंस्करण, लघु धान्य (कोदो, कुटकी, रागी) प्रसंस्करण, मसाला प्रसंस्करण, सुगंधित चावल मिलिंग, इमली कण्डी उत्पादन, रेशम धागाकरण, ओवन बैग निर्माण, पोहा उत्पादन, खादी कपड़ा एवं रेशम कपड़ा बुनाई एवं प्रशिक्षण, मुर्गी दाना एवं पशु आहार उत्पादन, बेकरी ईकाई एवं प्राकृतिक गोबर पेंट इत्यादि का उत्पादन कार्य हितग्राहियों के द्वारा किया जा रहा है।कार्यशाला में बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डाॅ प्रदीप शर्मा, रीपा के नोडल अधिकारी श्री डाॅ गौरव कुमार सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन, विधायक कोंडागाँव मोहन मरकाम, विधायक श्री चन्दन कश्यप, श्री राजमन बेंजाम, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, बविप्रा के उपाध्यक्ष श्री विक्रम मंडावी, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मिथलेश स्वर्णकार, महापौर श्रीमती शफिरा साहू, सभापति कविता साहू, संभागायुक्त बस्तर श्री श्याम धावड़े आई जी बस्तर रेंज श्री सुन्दरराज पी, रीपा के नोडल अधिकारी डॉ गौरव कुमार सिंह, कलेक्टर श्री विजय दयाराम के., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मीणा, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रकाश सर्वे सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
- -जनजातीय वाचिकोत्सव 2023’ के तीन दिवसीय आयोजन का शुभारंभ-240 जनजातीय वाचक कर रहे सहभागितारायपुर /आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा है कि राज्य में जनजातीय समुदायों की वाचिक परंपरा के संरक्षण के लिए इसको अभिलेखिकरण के साथ ही इस परंपरा से अगली पीढ़ी को अवगत कराना भी जरूरी है। डॉ. टेकाम आज आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में 3 दिवसीय ’जनजातीय वाचिकोत्सव 2023’ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन 27 मई तक आदिमजातीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय एवं राज्य शासन के सहयोग से किया जा रहा है। जनजातीय वाचिकोत्सव में 09 विधाओं में 240 जनजातीय वाचक सहभागिता कर रहे हैैं।मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा कि राज्य में जनजातीय समुदायों की वाचिक परंपरा लिखित में नही है फिर भी यह समुदाय वाचिक परंपरा का अनुसरण करते है। प्रदेश में विभिन्न भाषाओं को बोलने वालेे लोग हैं और क्षेत्र के अनुसार उनकी बोली है। इन समुदायों में उनके आदि पुरूष या पूर्वजों द्वारा बताई गई कथा, कहानी, लोकोक्ति, देवी-देवताओं की स्तुति, विभिन्न अवसरों पर गाए जाने वाले लोकगीतों आदि के पीछे छुपी हुई उनकी अवधारणा, मान्यताएं, कहानियां, मिथक जो प्रारब्ध में अनेक वर्षों से पीढ़ी दर पीढ़ी मौखिक या अलिखित रूप में है। जनजातीय समुदाय के दिन-प्रतिदिन के जीवन शैली में यह आत्मसात रही है। इस कार्यशाला के माध्यम से आदिवासी संस्कृति और उनकी वाचिक परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रयास किया जा रहा है। इन सभी का संकलन कर एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए विषयों के साथ-साथ राज्य के अन्य जनजातीय समुदायों के व्यक्तियों से भी जनजातीय वाचिक परंपरा के क्षेत्र में प्रकाशन हेतु आलेख आमंत्रित किए गए हैं। इससे आने वाली पीढ़ी वाचिक परंपरा की अवधारणा से अवगत होगी।मंत्री डॉ. टेकाम ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार द्वारा जनजातीय समुदायों की स्थानीय भाषा-बोली, परंपरा को संरक्षित और संवर्धित करने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही विशेष जनजातीयों के विकास के लिए प्राधिकरण बनाए गए हैं। राज्य के स्कूलों में कक्षा पहली और दूसरी के बच्चों को सोलह प्रकार की स्थानीय बोली में पढ़ाने की व्यवस्था की गई है। आदिवासी प्रकृति की पूजा करते है। सरकार ने इनके पूजा स्थलों को भी संरक्षित और संवर्धित करने का प्रयास किया है। इन समुदायों की आर्थिक उन्नति के लिए योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। 65 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी हो रही है। आदिवासी नृत्य महोत्सव में अन्य राज्यों के साथ विदेशों के जनजातीय कलाकारों के दल भी राज्योत्सव में प्रस्तुति दे रहे है।संसदीय सचिव श्री द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि जल, जंगल, जमीन से जुड़ी जनजातियों के लोक साहित्य और ज्ञान की मौखिक परंपरा ही वाचिक परंपरा है, जो जनजातीय सामाजिक परंपरा के रूप में दिखाई देती है। आदिवासी समाज के पुरखों ने जंगल को बचाकर रखा जिससे हम जीवनदायिनी ऑक्सीजन ले रहे है। आदिवासी समाज हमेशा सबके मदद के लिए तैयार रहता है।कोण्डागांव निवासी डॉ. जयमती कश्यप ने कहा कि वाचिक परंपरा सभी समाज में है। छट्टी की परंपरा बच्चों को संस्कार देने के लिए और माटी पूजा समस्त जीवों को ध्यान में रखने वाला है। इसको आने वाली पीढ़ी को बताने और सिखाने की जरूरत है। नेशनल बुक ट्रस्ट नई दिल्ली के श्री पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ भाषा और बोली के मामले में काफी समृध्द है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तथ्य है कि जितनी अधिक बोली-भाषा होंगी उतनी ही जैव विविधता होगी। हमें इन दोनों को ही बचाना है। जनजातीय समुदाय की भाषा-बोली की रक्षा के साथ ही अन्य समाज के लोगों को भी इसके प्रति संवेदनशील बनाना चाहिए। रांची-झारखण्ड से आए जनजातीय साहित्यकार श्री अश्विनी कुमार पंकज ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद वाचिक परंपरा पर बात करने जा रहे हैं। वाचिक ज्ञान आदिवासी तौर तरीका है जिसमें हम एक दूसरे को बताते और सिखाते है। वाचिक परंपरा का ज्ञान हमें बुजुर्गों से उनके अनुभव के आधार पर सीखना चाहिए । वाचिकता कहे हुए शब्दों पर भरोसा करना और उस पर कायम रहना है। आदिवासी इसीलिए कम बोलते है और जो बोलते है उस पर कायम रहते है। वाचिकता जीवन जीने का तरीका और लोगों से बर्ताव का तौर तरीका है।कार्यशाला को संचालक सह आयुक्त आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान श्रीमति शम्मी आबिदी, अनुसूचित जनजातीय आयोग की उपाध्यक्ष सुश्री राजकुमारी दीवान ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास श्री डी.डी. सिंह, सदस्य अनुसूचित जनजातीय आयोग श्री नितिन पोटाई, अध्यक्ष कमार विकास अभिकरण श्री सुखचंद कमार, अध्यक्ष बैगा विकास अभिकरण श्री पुसुराम मेरावी, अध्यक्ष भुजिया विकास अभिकरण श्री हुम्मन सिंह सहित बड़ी संख्या में सहभागिता करने वाले जनजातीय वाचक और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -जिले के अधिकारी- कर्मचारियों ने झीरम घटना के शहीदों को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित कीबालोद // झीरम श्रद्धांजलि दिवस के अवसर पर आज कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा ने संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में अधिकारी कर्मचारियों को अहिंसा और सहनशीलता की परंपरा में दृढ़ विश्वास करते हुए सभी प्रकार के नक्सलवाद और हिंसा का डटकर विरोध करते हुआ राज्य को पुनः शांति का टापू बनाने का संकल्प लेने की शपथ दिलाई। झीरम श्रद्धांजलि दिवस के अवसर पर आज बालोद जिले के अधिकारी कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में झीरम घटना में शहीद हुए शहीदों के सम्मान में 2 मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने सभी प्रकार के हिंसा और नक्सलवाद का डटकर विरोध करने का संकल्प भी लिया। संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में आज एडीएम श्रीमती इंदिरा तोमर संयुक्त कलेक्टर श्री गायकवाड एवम योगेंद्र श्रीवास सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- भिलाई नगर/ नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल ने आज डी मार्ट के समीप एवं कोसनागर गौठान का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने गौठान में मौजूद सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्व सहायता समूह की महिलाओं एवं उपस्थित अधिकारियों के साथ आजीविका मूलक गतिविधियों को लेकर चर्चा की। गौठान के देखरेख करने वाले कर्मचारी तथा उपस्थित स्व सहायता समूह की महिलाओं व अधिकारियों ने महापौर को जानकारी देते हुए बताया कि गौठान में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है। पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा और पानी उपलब्ध है। पशुओं की देखभाल अच्छे से की जा रही है। पशु चिकित्सालय के चिकित्सक पशुओं का निरंतर परीक्षण और उपचार कर रहे हैं। गौ सेवकों के माध्यम से हरा चारा प्रतिदिन उपलब्ध हो रहा है। पशुपालकों से गोबर खरीद कर उच्च गुणवत्ता का वर्मी कंपोस्ट तैयार किया जा रहा है। पशुओं के लिए शेड की व्यवस्था मौजूद है। मवेशियों की उचित देखभाल के लिए गौठान में कर्मचारी उपलब्ध है। महापौर नीरज पाल ने निरीक्षण के दौरान कहा कि गौठान में हर प्रकार की सुविधाएं मौजूद है इसके बावजूद किसी भी प्रकार का भ्रम न फैलाएं। निरीक्षण के दौरान जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, जोन आयुक्त राजेंद्र नायक, नोडल अधिकारी प्रीति सिंह, कार्यपालन अभियंता विनीता वर्मा, सहायक अभियंता आर एस राजपूत, उप अभियंता अर्पित बंजारे एवं पुरुषोत्तम सिन्हा आदि मौजूद रहे।
- - चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण के प्लानिंग के दिए निर्देश, महापौर नीरज पाल एवं निगम आयुक्त रोहित व्यास ने ली समीक्षा बैठकभिलाई नगर/ भिलाई निगम महापौर नीरज पाल एवं निगम आयुक्त रोहित व्यास ने आज निगम के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा बैठक में चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण को लेकर प्लानिंग के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों के डामरीकरण एवं मरम्मत तथा संधारण के कार्यों को 15 जून के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, इसके साथ ही सड़कों की स्थिति को बारिश से पूर्व दुरुस्त करने कहा गया है। महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट जैसे तारामंडल, रीपा की तर्ज पर अर्बन कॉटेज, गारमेंट फैक्ट्री, स्विमिंग पुल, ऑडिटोरियम, अर्बन इंडस्ट्रियल पार्क, सुपेला अस्पताल का विकास कार्य तथा ट्रेफिक पार्क के प्रगति को लेकर भी विस्तार से समीक्षा हुई। महापौर एवं आयुक्त ने नेहरू नगर चौक, सम्राट अशोक चौक, पावर हाउस चौक, मरोदा टैंक, पावर हाउस बस स्टैंड, छावनी चौक, साक्षरता चौक, सूर्या मॉल चौक, जूनवानी चौक आदि के सौंदर्यीकरण को लेकर प्लानिंग के निर्देश दिए है। सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय में सुविधाओ को लेकर जानकारी ली गई। शौचालय में हमेशा केयरटेकर की मौजूदगी रखने के निर्देश दिए गए है, बावजूद इसके केयर टेकर द्वारा लापरवाही की गई तो भुगतान से कटौती की जाएगी। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के मापदंडों के अनुरूप की तैयारियों की समीक्षा बैठक में वृहद रूप से की गई। निगम क्षेत्र में वार्ड वार जलभराव वाले स्थलों की जानकारी लेकर इनके समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, मितान योजना, गोधन न्याय योजना, नियमितीकरण योजना, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, धन्वंतरी योजना, बेरोजगारी भत्ता एवं आयुष्मान कार्ड जैसे प्रमुख योजनाओं की समीक्षा बैठक में की गई। इसके अलावा बाजार क्षेत्रों में आदर्श मार्केट की जानकारी ली गई और बारिश से पूर्व सभी बड़े छोटे नालों को सफाई करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, अधीक्षण अभियंता बीएल जोशी, जोन आयुक्त राजेंद्र नायक, येशा लहरे, पूजा पिल्ले एवं खिरोद्र भोई, स्वास्थ्य अधिकारी धर्मेंद्र मिश्रा, भवन अनुज्ञा अधिकारी हिमांशु देशमुख, नोडल अधिकारी प्रीति सिंह, लेखा अधिकारी जितेंद्र ठाकुर आदि मौजूद रहे।
- -कलेक्टर डाॅ. भुरे ने अहिंसा और सहनशीलता की दिलाई शपथरायपुर / दस वर्ष पहले बस्तर जिले के झीरम घाटी नक्सल हिंसा में शहीद हुए जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को आज रायपुर कलेक्टोरेट कार्यालय में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। झीरम श्रद्धांजलि दिवस के अवसर पर इन शहीदों के सम्मान में आज यहां 2 मिनट का मौन रखा गया। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर भुरे ने सभी अधिकारी कर्मचारियों को अहिंसा एवं सहनशीलता की परंपरा बनाये रखते हुए किसी भी प्रकार की हिंसा का डटकर विरोध करने की शपथ दिलाई। सभी ने नक्सलवाद और हिंसा का विरोध करने तथा छत्तीसगढ़ राज्य को फिर से शान्ति का टापू बनाने का संकल्प लिया।झीरम घाटी में हुई नक्सल हिंसा में शहीद हुए जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ पदाधिकारीगण, सुरक्षाबलों के जवान एवं विगत वर्षों तथा वर्तमान में नक्सल हिंसा के शहीदों को श्रद्धांजली अर्पित की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री एन आर साहू, अपर कलेक्टर श्री बी. सी. साहू, अपर कलेक्टर बी.बी. पंचभाई सहित सभी संयुक्त एवं डिप्टी कलेक्टर और कार्यालय के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
- बिलासपुर /भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा पद्म पुरस्कार श्रृंखला के तहत पद्म विभूषण, पद्म भूषण तथा पद्म श्री पुरस्कार के लिए वर्ष 2024 हेतु नामांकन प्रस्ताव 30 अगस्त तक ऑनलाईन www.padmaawards.gov.in के माध्यम से चाही गई है। यह पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान, इंजीनियरिंग, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग आदि क्षेत्रों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों एवं सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। कोई भी व्यक्ति, किसी जाति, व्यवसाय, लिंग के भेदभाव के बिना इन पुरस्कारों के लिए महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गाें जैसे अनुसूचित जातियां, जनजातियां, दिव्यांग व्यक्तियों आदि में से प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान कर पुरस्कार के लिए विचार किये जा सकते हैं।
- बिलासपुर /संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन 28 मई को दो पालियों में किया जा रहा है। इस हेतु जिले के महाविद्यालय एवं विद्यालयों में भी परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। परीक्षा की प्राथमिक तैयारियों के संबंध में बैठक का आयोजन 26 मई को अपरान्ह 4 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में किया जाएगा।
- बिलासपुर, /राजीव युवा उत्थान योजनांतर्गत जिले के अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग हेतु प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग हेतु प्राक्चयन परीक्षा 4 जून को सवेरे 11 बजे से 1 बजे तक आयोजित की जाएगी। पात्र प्रशिक्षार्थी प्रवेश पत्र परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्र कार्यालय, सांइस कॉलेज के पास बिलासपुर से प्राप्त कर सकते हैं।
- बिलासपुर /प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलग्रहण विकास घटक-2.0 में स्वीकृत परियोजना अंतर्गत डब्ल्यूडीटी के रिक्त पदों जैसे डब्ल्यूडीटी यांत्रिकी, डब्ल्यूडीटी आजीविका, डब्ल्यूडीटी समूह विकास, लेखापाल सह डाटा एण्ट्री ऑपरेटर की पात्र-अपात्र की सूची जारी की गई है। यदि किसी अभ्यर्थी को उक्त सूची में दावा आपत्ति हो तो वह मय अभिलेख सहित स्वयं या पंजीकृत डाक से 25 मई से 31 मई तक प्रस्तुत कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट https://bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है।
- बिलासपुर /छत्तीसगढ़ में वो दिन लद गए जब महिलाएं दूसरों पर आश्रित रहती थी। छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब विकास की नयी इबारत लिख रही है। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने में छत्तीसगढ़ शासन की गोधन न्याय योजना की महती भूमिका है। महिलाओं के जीवन में गोठानों ने आर्थिक संपन्नता का एक नया रंग भर दिया है। महिलाओं को समूह के माध्यम से एक ही समय में एक से अधिक कार्य करके आर्थिक मजबूती प्राप्त करने का रास्ता गौठानों ने बखूबी दिखाया है। मोपका शहरी गोठान में कार्यरत गोवर्धन समूह की महिलाओं से अन्य महिलाएं भी प्रेरित हो रही है। श्रीमती खुशबू वस्त्रकार ने अपनी आमदनी से स्कूटी खरीदी है। उनका आत्मविश्वास दोगुना हो गया है।गोवर्धन समूह की अध्यक्ष श्रीमती खुशबू वस्त्रकार ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके समूह में 30 महिलाएं कार्यरत है। उन्होंने 1200 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट बना लिया है। जिसमें से 900 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री करने पर लगभग समूह को 9 लाख की आमदनी हो चुकी है। इसके अलावा समूह ने 358 क्विंटल गो काष्ट बना लिया है। वे कहती हैं कि इस योजना से समूह की महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। अब वे घर के खर्चाें में बराबर की हिस्सेदारी निभा रही है। श्रीमती वस्त्रकार कहती हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे अपनी कमाई से स्कूटी खरीद पायेंगी। उन्होंने कहा कि स्कूटी मिलने से हर सफर जैसे आसान हो गया है। इस योजना से उनके सपनों को पंख मिल गए है। इतनी अच्छी योजना लाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार जताया।
- -मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का किया अनावरण- संभाग का पहला जिला कार्यालय जहाँ छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा हुई स्थापितजगदलपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज जगदलपुर के कलेक्टर कार्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया और पुष्पार्पित कर उन्हें नमन किया। संभाग का पहला जिला कार्यालय जहाँ छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की गई है।मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रतिमा अनावरण के उपरांत कहा कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, स्वाभिमान और सम्मान की प्रतीक है छत्तीसगढ़ महतारी। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा लगाई जा रही है ताकि लोगों में अपनी संस्कृति को लेकर चेतना जागृत की जा सके। अपने तीज-त्यौहार, लोक परम्पराओं को जानने-समझने का भावी पीढ़ी को पर्याप्त अवसर मिले, यही हमारा प्रयास है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के परंपरागत तिहारों का आयोजन किया जा रहा है। तीजा-पोरा, अक्ती, हरेली छेरछेरा जैसे लोक जीवन के तिहारों को व्यापक स्तर पर मनाने की सार्थक पहल हुई है। बोरे-बासी को आज पूरा देश जानने लगा है। आदिवासी नृत्य महोत्सव, देवगुड़ी का कायाकल्प, आदिवासी परब सम्मान निधि जैसी पहल के माध्यम से जनजातीय संस्कृति को सम्मान दिलाने का काम किया गया है।इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, बविप्रा के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, बविप्रा के उपाध्यक्ष श्री विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन, विधायक नारायणपुर श्री चंदन कश्यप, पूर्व सांसद श्री नन्द कुमार साय, महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर पालिक निगम की अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, अक्षय ऊर्जा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मिथिलेश स्वर्णकार, कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, आई जी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेंद्र मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण व अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर / योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के नवनियुक्त 10 सहायक संचालकों की पदस्थापना कर दी गई है। इनमें श्री राहुल राजपूत को आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय नवा रायपुर, अटल नगर, श्री देबोजीत दास को जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय कोरिया, सुश्री शिवानी शुक्ला जिला कार्यालय दंतेवाड़ा, सुश्री आराधना यादव जिला कार्यालय बेमेतरा, श्री सागर साहू जिला कार्यालय दुर्ग, श्री विकास ध्रुव जिला कार्यालय बलौदाबाजार भाटापारा, श्री मुकेश ठाकुर जिला कार्यालय बालोद, श्री रूपेश कुमार नाग आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय नवा रायपुर, श्री दिनेश कुमार देवांगन जिला कार्यालय बस्तर, श्री वेंकटेश मार्वल जिला कार्यालय बलरामपुर में पदस्थ किया गया है। उपरोक्त अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल 56100 रुपए तथा समय-समय पर महंगाई भत्ते सहित 3 वर्ष की परीवीक्षा अवधि के लिए आगामी आदेश तक पदस्थापित किया गया है।
- -17 लाख रुपए का वर्मी खाद बेचकर समूह ने कमाया 7 लाख रुपए का शुद्ध लाभ-गौठान के जरिए खरीदी स्कूटी,बनाया अपना घररायपुर। शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना आज आमजनों के सपने साकार करने वाली योजना बन गयी है। योजनांतर्गत पशुपालकों को गोबर विक्रय से एक ओर अतिरिक्त आमदनी मिली, वहीं दूसरी ओर गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण एवं विक्रय ने महिलाओं को स्वरोजगार का नया जरिया दिया। कोरिया जिले के गौठानों में संचालित आजीविकामूलक गतिविधियों से स्व सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा गया है, कभी घरेलू कार्यों में व्यस्त रहने वाली ये महिलाएं आज दूसरों को लिए प्रेरणा बनीं हैं।महिलाएं अपनी सफ़लता की कहानी स्वयं बताते हुए कहती हैं कि गौठान गतिविधियों ने उनकी जिंदगी बदल दी है, आर्थिक रुप से मजबूत होकर सक्षम होना बहुत ही सुखद अनुभव है।ऐसा ही एक उदाहरण पेश कर रही हैं जागृति महिला स्व सहायता समूह की महिलाएं, जो निरंतर वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य कर रहीं हैं। वर्मी कंपोस्ट निर्माण के लिए जिला प्रशासन द्वारा सम्मान पा चुकी कोरिया जिले के विकासखंड बैकुण्ठपुर के ग्राम छिंदिया की दीदी नीलम बताती हैं कि शासन की मदद से आज उनका सपना पूरा हुआ है। समूह द्वारा 2019 से वर्मी तथा सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण और विक्रय गौठान में किया जा रहा है। उन्होंने अब तक कुल 17 लाख रुपए का वर्मी कम्पोस्ट खाद बेचकर 7 लाख रुपए का लाभ प्राप्त किया है, वहीं 2.5 लाख का केंचुआ खाद भी समूह द्वारा विक्रय किया गया।नीलम बताती हैं कि लंबे समय से उनका सपना था कि उनका स्वयं का घर बन जाए, इसके साथ ही उनकी एक टू व्हीलर लेने की भी बेहद इच्छा थी। वर्मी खाद के विक्रय से जो लाभांश मिला, उससे इन दोनों इच्छाओं को पूरा करने में उन्हें मदद मिली। अब वे शान से अपनी गाड़ी से आना-जाना करती हैं। इसी प्रकार समूह की अन्य महिलाओं के जीवन में भी गौठान गतिविधियों के द्वारा सपने पूरे होने से खुशहाली आयी है।
- -9.34 लाख रुपये का वर्मी कम्पोस्ट बेचा, महिलाओं का सामूहिक लाभांश 3.06 लाख रूपए, साथ ही बटेर और मुर्गी पालन, अंडा उत्पादन से भी कर चुकी हैं 3.85 लाख रुपये से ज्यादा की कमाईबेहतर ग्रामीण अर्थव्यवस्था तैयार करने पर आधारित योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का महिलाओं ने जताया आभाररायपुर । सरगुजा जिले के जनपद पंचायत लुण्ड्रा अंतर्गत ग्राम बटवाही के गौठान में वर्मी कंपोस्ट निर्माण करने वाली प्रगति समूह की महिलाएं लगातार लाभ अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। इन महिलाओं ने ना केवल वर्मी कम्पोस्ट निर्माण का काम किया, बल्कि साथ ही साथ बटेर, मुर्गी, मछली पालन और अंडा उत्पादन से 3.85 लाख रुपये की आय भी हासिल कर चुकी है।आमदनी से मिली कुछ राशि को फिर काम में इन्वेस्ट किया और इससे भी इन्हें 1.85 लाख रूपए तक का लाभ मिला.।गोधन न्याय योजना के तहत इस महिला समूह ने 934 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन किया है जिसका मूल्य लगभग 9 लाख 34 हजार रुपये है। समूह द्वारा तैयार वर्मी खाद का विक्रय सहकारी सोसायटी के माध्यम से किया गया है। विक्रय के बाद महिला स्व सहायता समूह को 3 लाख 06 हजार रुपये की शुद्ध आमदनी प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त महिला स्व सहायता समूह द्वारा बटेर और मुर्गी पालन सहित अंडा उत्पादन जैसे आजीविका भी चलाई जा रही हैं जिससे समूह की महिलाओं को लाभ मिला. ।प्रगति महिला स्व सहायता समूह की सचिव एंजिला कहती है कि हमारे समूह में 6 से 8 महिलाएं काम करती हैं। हम लोग लगभग दो साल से लगातार वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन कर रहे हैं। इसके साथ ही अन्य आजीविका में भी शामिल रहे। गौठान के माध्यम से हमें यह मौका मिला कि हम अपने परिवार के लिए आर्थिक मजबूती के स्तंभ बन सके। वर्मी कंपोस्ट के लाभांश से हमने अपने लिए परिवार और घर के लिए बहुत सा सामान खरीदा। इसके साथ ही हमने गौठान में बटेर और मुर्गी पालन का काम किया। अंडा उत्पादन का भी काम किया जिससे आर्थिक लाभ मिला।समूह की अन्य सदस्य रामेश्वरी दीदी ने अपने बच्चे के इलाज के लिए 5 हजार रुपये का उपयोग किया। समूह की ही सदस्य इलीना तिग्गा भी प्राप्त लाभांश से अपने परिवार में वैवाहिक कार्यक्रम में आर्थिक योगदान कर पाई जिसपर वे बेहद खुश हैं। समूह की सदस्य श्रीमती जुगनी ने गांव की बेहतर अर्थव्यवस्था तैयार करने पर आधारित इस योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद ज्ञापन करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।
- - कुमरावंड स्थित शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय परिसर में किया गया मूर्ति की स्थापनाजगदलपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान कुमरावंड स्थित शहीद गुंडाधुर कृषि महाविद्यालय परिसर में भूमपाल विद्रोह के जननायक रहे वीर गुंडाधुर की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि बस्तर के आदिवासी जननायक में से एक रहे वीर गुंडाधुर ने भूमकाल जैसे महान विद्रोह का नेतृत्व किया। आज उनकी प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान को चिरस्थाई बनाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय परिसर में प्रतिमा स्थापित होने से हमारे युवा भी उनके अदम्य साहस और वीरता से परिचित हो सकेंगे। बस्तर क्षेत्र में स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आदिवासी संस्कृति के संरक्षण संवर्धन के लिए बस्तर के आदिवासी नायक सदैव मुखर रहे और अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। सरकार भी बस्तर सहित समूचे छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को सहेजने लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत राशि दस लाख से निर्मित शहीद वीर गुण्डाधुर की मूर्ति के अनावरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ग्राम नेतानार से पहुंचे वीर गुंडाधुर के परिजनों में उनके परपोते जयदेव नाग, पुनु नाग, दुलारू नाग, परदेसी नाग से भी मुलाकात की।इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, बविप्रा के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, बविप्रा के उपाध्यक्ष श्री विक्रम मंडावी,पूर्व सांसद श्री नंद कुमार साय, संसदीय सचिव श्री रेखचन्द जैन, विधायक नारायणपुर श्री चंदन कश्यप, संजरी बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा,महापौर श्रीमती सफीरा साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू,इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।शहीद वीर गुण्डाधुर-शहीद वीर गुंडाधुर ने आदिवासियों की धरती को बचाने के लिए अंग्रेजों के विरुद्ध ‘भूमकाल’ आंदोलन 1910 का नेतृत्व किया था । भूमकाल आंदोलन भूमकाल का अर्थ भूमि में कम्पन या भूकंप से है। भूमकाल एक ऐसा आंदोलन था जिसने सम्पूर्ण बस्तर को हिलाकर रख दिया था। इस आंदोलन के पीछे अनेक कारण थे इनमें वन नीति, अनिवार्य शिक्षा, धर्म परिवर्तन, बेगारी प्रथा, नौकरशाही आदि प्रमुख था। भूमकाल विद्रोह की इतनी सूक्ष्म योजना तैयार की गई थी कि आदिवासियों ने तीर-धनुष और भाला-फरसा के साथ अंग्रेजी सेना का डटकर मुकाबला किया। यही कारण है आज छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पूरा देश वीर गुंडाधुर के शौर्य को जानने लगा है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वीर गुण्डाधुर की स्मृति में साहसिक कार्य और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गुण्डाधुर सम्मान स्थापित किया है।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 25 मई को बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर के लाल बाग मैदान स्थित झीरम घाटी मेमोरियल में झीरम घाटी शहादत दिवस पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री बघेल रायपुर पुलिस ग्राउण्ड हेलीपेड से पूर्वान्ह 11.30 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 12.40 बजे जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचेंगे और झीरम शहादत दिवस पर लाल बाग मैदान स्थित झीरम स्मृति उद्यान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री इसके बाद दोपहर 1.25 बजे शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय कुम्हरावंड पहुंचेंगे और वहां शहीद गुण्डाधुर की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद यहां परिसर में आयोजित ग्रामीण औद्योगिक पार्क की संभाग स्तरीय कार्यशाला में शामिल होंगे। श्री बघेल दोपहर 2.10 बजे जगदलपुर कलेक्टोरेट कार्यालय परिसर पहुंचकर वहां छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे तथा पत्रकारों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4.30 बजे रायपुर लौट आएंगे। - रायपुर, / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की शीर्ष समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों सहित वार्षिक कार्य योजना 2023-24 पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिये है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिन योजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है, उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू भी शामिल हुये। बैठक में समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए आमंत्रित निविदाओं पर प्री-बिड में वेंडर्स से प्राप्त सुझाव के उपरांत संशोधन किये जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।वीडियों कॉन्फेंसिंग के जरिये आयोजित इस बैठक में जल जीवन मिशन के संचालक श्री आलोक कटियार, मिशन संचालक स्वच्छ भारत मिशन सुश्री इफ्फत आरा सहित वित्त विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग और जनसम्पर्क विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुये।
- बिलासपुर /प्रधानमंत्री कृशि सिंचाई योजना-जलग्रहण विकास घटक-2.0 में स्वीकृत परियोजना अंतर्गत डब्ल्यूडीटी के रिक्त पदों जैसे डब्ल्यूडीटी यांत्रिकी, डब्ल्यूडीटी आजीविका, डब्ल्यूडीटी समूह विकास, लेखापाल सह डाटा एण्ट्री ऑपरेटर की पात्र-अपात्र की सूची जारी की गई है। यदि किसी अभ्यर्थी को उक्त सूची में दावा आपत्ति हो तो वह मय अभिलेख सहित स्वयं या पंजीकृत डाक से 25 मई से 31 मई तक प्रस्तुत कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट https://bilaspur.gov.in पर उपलब्ध है।













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