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- दुर्ग. भारत सरकार गृह मंत्रालय महानिदेशालय अग्निशमन सेवा नागरिक सुरक्षा एवं गृह रक्षक नई दिल्ली के पत्रानुसार नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, एनसीसी एवं होमगार्ड जवानों को सिविल डिफेंस, एयर रेडियो/ब्लैकआउट मॉक एक्सरसाइज हेतु मॉक अभ्यास 24 अप्रैल 2026 को शाम 05 बजे से रात्रि 8 बजे तक डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दुर्ग कैंपस केन्द्रीय विद्यालय के पास (केन्द्रीय जेल) में किया जाएगा। उक्त मॉक अभ्यास हेतु कलेक्टर दुर्ग द्वारा विभिन्न विभाग के अधिकारियों को कार्य दायित्व सौंपे गये हैं। साथ ही मॉक अभ्यास के समय शाम 05 बजे से रात्रि 08 बजे तक उपस्थिति सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया है।--
- दुर्ग. महिला एवं बाल विकास विभाग, दुर्ग द्वारा 'मिशन शक्ति योजना' के अंतर्गत संचालित अतिरिक्त सखी वन स्टॉप सेंटर में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार, दावा आपत्ति के निराकरण के पश्चात पात्र पाए गए आवेदकों के लिए आगामी 29 अप्रैल, 2026 को वॉक-इन-इंटरव्यू और दस्तावेजों का सत्यापन आयोजित किया जाएगा। जिला स्तरीय चयन समिति की अनुशंसा पर तैयार की गई मेरिट सूची के आधार पर यह प्रक्रिया संपन्न होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, साक्षात्कार और दस्तावेज़ सत्यापन का कार्य विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग समय पर होगा। केस वर्कर और बहुउद्देशीय कर्मचारी/रसोइया के लिए सुबह 9 बजे से सत्यापन और 10.30 बजे से इंटरव्यू शुरू होगा।वहीं, सुरक्षा गार्ड/नाइट गार्ड के लिए सुबह 10.30 बजे सत्यापन और अपरान्ह 12 बजे से इंटरव्यू होगा, साइको-सोशल काउंसलर व पैरा लीगल कार्मिक/वकील के लिए दोपहर 12.00 बजे दस्तावेज सत्यापन और अपरान्ह 01 बजे से इंटरव्यू और केन्द्र प्रशासक व पैरा मेडिकल कार्मिक के लिए दोपहर 01 बजे से सत्यापन तथा अपरान्ह 3.00 बजे से इंटरव्यू प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। यह संपूर्ण आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, पांच बिल्डिंग परिसर, जिला-दुर्ग के कार्यालय में किया जाएगा। इंटरव्यू में सम्मिलित होने वाले पात्र आवेदकों की सूची जिले की आधिकारिक वेबसाइट www.durg.gov.in और विभागीय सूचना पटल पर चस्पा कर दी गई है। पात्र अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने मूल दस्तावेजों के साथ नियत समय पर उपस्थित रहें।--
- दुर्ग. कार्यालय परियोजना अधिकारी, एकीकृत बाल विकास परियोजना, दुर्ग-ग्रामीण द्वारा आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पद पर नियुक्ति हेतु चयन प्रक्रिया के अगले चरण की सूचना जारी कर दी गई है। परियोजना स्तरीय मूल्यांकन समिति द्वारा आवेदनों के मूल्यांकन के पश्चात अनंतिम वरीयता सूची जारी की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस सूची पर किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने के लिए अभ्यर्थी 03 मई, 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। ज्ञात हो कि दावा-आपत्ति केवल https://aww.e-bharti.in/ पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी। साथ ही, इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के नवीन दस्तावेज़ स्वीकार नहीं किए जाएंगे। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए अनंतिम वरीयता सूची ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ परियोजना कार्यालय तथा जनपद पंचायत दुर्ग के सूचना पटल पर भी चस्पा कर दी गई है। पात्र आवेदकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल का अवलोकन करने और आवश्यकतानुसार अपनी आपत्ति दर्ज कराने की अपील की गयी है।
- 0- राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रायपुर जिले में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक ली0- ग्राम पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के लिए डबरी का निर्माण किया जाए0- नशे पर सख्ती से रोक लगाए एवं भारी वाहनों के आवागमन पर करे नियंत्रण0- प्रोजेक्ट ग्रीन पालना, प्रोजेक्ट अजा सहित अन्य प्रोजेक्ट की राज्यपाल ने की सराहनारायपुर. राज्यपाल श्री रमेन डेका ने रायपुर जिले की विकासखण्ड स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्यपाल ने कहा कि सभी अधिकारी जनता से मिलें और उनके बीच जाएं तथा हितग्राहियों से मुलाकात करें एवं उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर योजनाओं का फीडबैक लें। उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत जानने का सबसे बेहतर तरीका लोगों से लगातार संवाद है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट ग्रीन पालना और प्रोजेक्ट रचना की सराहना की। श्री डेका ने योजनाओं में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।राज्यपाल श्री डेका ने कलेक्टरेट परिसर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधरोपण किया।राज्यपाल को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। श्री डेका ने जिले के विभिन्न विकासखण्डों में हो रहे डबरी निर्माण की भी सराहना करते हुए कहा कि हमें बड़े किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए इससे रायपुर के जलस्तर में सुधार आएगा और भविष्य में होने वाले संभावित पेयजल की समस्या का सामना करने में सहयोग मिलेगा।उन्होंने अन्य राज्यों के सफल मॉडलों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों को व्यवहारिक और प्रभावी उपाय अपनाने की सलाह दी। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में धान की खेती अधिक होती है, जो पानी की खपत बढ़ाती है। इसलिए बड़े किसानों को अन्य फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि रायपुर तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले वर्षों में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन जाएगा। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। साथ ही निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर जल स्रोतों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाए, ताकि उसी आधार पर बेहतर योजना और रणनीति बनाई जा सके।श्री डेका ने कहा कि हमें ग्राम पंचायत स्तर पर छोटी-छोटी डबरी बनानी चाहिए। इस कार्य में समुदाय की भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करें और जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे कार्यों के लिए शामिल करें। सभी शासकीय कार्यालयों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग करें और अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने जल जागरूकता, संसाधनों के संरक्षण और उनके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले एक वर्ष से मिशन मोड के तहत कुओं के निर्माण का कार्य तेजी से किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत घरों में अब रेन वाटर हार्वेस्टिंग को शामिल किया जा रहा है।राज्यपाल ने कहा कि वृक्षारोपण को अधिक से अधिक बढ़ावा दें। एम्स, डॉ. भीमराव अंबेडकर हॉस्पिटल एवं स्कूलों में वृक्षारोपण करें। सड़कों के किनारे भी वृक्षारोपण किया जा सकता है इससे प्रदूषण की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। उन्होंनेे कहा कि विकास की निशानी अधिक से अधिक पेड़ लगाना और हरियाली है।प्रोजेक्ट हर घर मुनगा की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा दें, नेचुरल फार्मिंग में वैल्यू एडिशन जरूरी है। हमें विशेष रूप से हाइड्रोपोनिक्स को बढ़ावा देना चाहिए। आने वाला समय में इसकी अच्छी संभावना है। उन्होंने नर्सरी हाइड्रोपोनिक्स विकसित करने का सुझाव दिया।“ग्रीन पालना” परियोजना की चर्चा के दौरान राज्यपाल ने जानकरी ली कि नवप्रसूता महिलाओं को दिए गए पौधों की निगरानी कैसे होती है कि वे जीवित हैं या नहीं। इस पर कलेक्टर ने बताया कि एआई आधारित प्रणाली के तहत मितानिन घर-घर जाकर पौधों की फोटो लेकर उनका फॉलोअप करती हैं। राज्यपाल ने कहा कि पेड़ लगाना हम सभी की जिम्मेदारी है और हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। राज्यपाल ने योग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आम जनता से कहा कि योग की कक्षाओं तक ही सीमित न रहें बल्कि योग सीखने के बाद नियमित रूप से घर में भी इसका अभ्यास करें।यातायात व्यवस्था पर राज्यपाल ने कहा कि जिले में भारी वाहनों को नियंत्रित करने की आवश्यकता है। रैश ड्राइविंग और हेलमेट के मामले में पहले जागरूकता बढ़ाने और फिर आवश्यक होने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए कहा कि अभी से सख्ती और जागरूकता के जरिए इसे रोकना जरूरी है।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल, रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती मनीषा ठाकुर, राज्यपाल की उपसचिव सुश्री निधि साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।--
- 0- ‘ज्ञान भारतम्’ अभियान से पांडुलिपि संरक्षण को नया बलबिलासपुर. संस्कृति मंत्रालय की पहल ‘ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण’ के तहत देश की अमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण के लिए अब ग्राम स्तर पर भी व्यापक प्रयास शुरू हो गए हैं। इस अभियान में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित कर सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा, संस्कृति, विज्ञान और दर्शन को संजोए रखने वाली पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार द्वारा ‘ज्ञान भारतम्’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से न केवल पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है, बल्कि उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने का भी लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत ‘ज्ञान भारतम् मोबाइल एप’ विकसित किया गया है, जिसके जरिए कोई भी नागरिक मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी से लॉगिन कर पांडुलिपियों की जानकारी दर्ज कर सकता है। उपयोगकर्ता व्यक्तिगत रूप से, मंदिर ट्रस्ट, विश्वविद्यालय या अन्य संस्थान के प्रतिनिधि के रूप में भी पंजीयन कर सकते हैं। एप पर उपलब्ध पांडुलिपियों की तस्वीरें अपलोड करना अनिवार्य किया गया है, ताकि उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो सके।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस दिशा में राज्य स्तरीय स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है। वहीं बिलासपुर जिले में जिला स्तरीय समिति गठित कर अभियान को गति दी गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिले में 8 मास्टर ट्रेनर और 494 अन्वेषकों की नियुक्ति कर उनका प्रशिक्षण भी पूरा किया जा चुका है। बिलासपुर में इस अभियान को ग्राम सभाओं तक ले जाकर एक अभिनव पहल की गई है। ग्राम स्तर पर बैठकों में पांडुलिपियों के महत्व पर चर्चा की जा रही है और ग्रामीणों को इन्हें सुरक्षित रखने एवं सूचीबद्ध करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इससे गांवों में छिपी हुई दुर्लभ पांडुलिपियों को पहचानने और संरक्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।यह पहल न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का प्रयास है, बल्कि स्थानीय समुदायों को अपनी विरासत के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।--
- 0- लू से बचाव और उपचार के लिए जारी किए व्यापक दिशा-निर्देशबिलासपुर. प्रदेश में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में लू के लक्षण, बचाव के उपाय, प्रारंभिक उपचार तथा अस्पतालों में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश में तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे लू (हीट स्ट्रोक) की संभावना बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए समय रहते सतर्कता और बचाव अत्यंत आवश्यक है। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लू के प्रमुख लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, शरीर में दर्द, अत्यधिक गर्मी के बावजूद पसीना न आना, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम आना तथा बेहोशी शामिल हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज न करते हुए तुरंत आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।लू से बचाव के लिए नागरिकों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, धूप में निकलते समय सिर और कान ढंकने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के, सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। अधिक पसीना आने पर ओआरएस घोल का सेवन करने तथा चक्कर या घबराहट होने पर छायादार स्थान पर आराम करने और ठंडे पेय पदार्थ लेने की भी सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर 104 आरोग्य सेवा केंद्र से नि:शुल्क परामर्श लेने को कहा गया है।लू से प्रभावित व्यक्ति के लिए प्राथमिक उपचार के रूप में सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखना, शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करना, पर्याप्त तरल पदार्थ देना तथा मरीज को हवादार स्थान पर लिटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही गंभीर स्थिति में तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाने पर जोर दिया गया है।स्वास्थ्य विभाग ने सभी शासकीय अस्पतालों को भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बाह्य रोगी विभाग में आने वाले मरीजों की लू के लक्षणों की जांच, कम से कम दो बेड आरक्षित रखना, वार्डों में कूलर या अन्य शीतलन व्यवस्था करना तथा ठंडे पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा प्राथमिक उपचार कक्ष में ओआरएस कॉर्नर स्थापित करने, पर्याप्त मात्रा में जीवनरक्षक दवाएं, इंट्रावेनस फ्लूइड और ओआरएस पैकेट उपलब्ध रखने तथा गंभीर मरीजों के लिए विशेष प्रबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।प्रत्येक जिला और ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने तथा अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल चिकित्सा दल तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में सतर्क रहें, पर्याप्त पानी पिएं और लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें, ताकि किसी भी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।--
- बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में एक बार फिर जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए डॉक्टरों की टीम ने 22 वर्षीय युवक को नई दृष्टि और सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर प्रदान किया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई आंख की निचली पलक का सफल ऑपरेशन कर मरीज को बड़ी राहत मिली है।दिसंबर 2025 की दुर्घटना के बाद बढ़ी थी परेशानीप्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक दिसंबर 2025 में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में उसकी आंख की निचली पलक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे वह अपनी आंख पूरी तरह बंद नहीं कर पा रहा था। प्रारंभिक उपचार के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद वह सिम्स के नेत्र रोग विभाग पहुंचा।विशेषज्ञों ने किया सर्जरी का निर्णयनेत्र विशेषज्ञों द्वारा गहन जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के दौरान पलक पर बने पुराने कठोर निशान (स्कार टिश्यू) को सावधानीपूर्वक हटाया गया। इसके बाद पलक की संरचना को पुनः सामान्य करने के लिए उन्नत स्किन ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया।जटिल सर्जरी के बाद तेजी से सुधारसर्जरी अत्यंत जटिल थी, क्योंकि ग्राफ्ट का आकार बड़ा था। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने सफलतापूर्वक स्किन ग्राफ्ट का प्रत्यारोपण कर पलक और गाल के हिस्से का पुनर्निर्माण किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अब वह सामान्य रूप से देख पा रहा है। पलक भी पूरी तरह से बंद हो रही है, जिससे चेहरे की विकृति दूर हो गई है।इन विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिकाइस सफल सर्जरी मेंडॉ. सुचिता सिंह, डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. कौमल देवांगन, डॉ. विनोद ताम्कनंद, डॉ. डेलीना नेल्सन, डॉ. संजय चौधरी एवं डॉ. अनिकेत सहित नर्सिंग स्टाफ सिस्टर संदीप कौर तथा नेत्र, सर्जरी एवं निश्चेतना विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।मरीज व परिजनों ने जताया आभारअस्पताल प्रशासन के अनुसार सर्जरी पूरी तरह सफल रही है। मरीज की पलक सामान्य स्थिति में लौट आई है और आंख की कार्यक्षमता भी बहाल हो गई है। चेहरे की विकृति समाप्त होने से मरीज और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली तथा सिम्स के चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा,“सिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है। हमारे विशेषज्ञ चिकित्सक जटिल से जटिल मामलों में भी उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। यह उपलब्धि संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और डॉक्टरों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा,“इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल निष्पादन हमारी टीम की समन्वित कार्यप्रणाली और विशेषज्ञता को दर्शाता है। सिम्स में अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार यहीं मिल रहा है।”सरकारी संस्थान में विश्वस्तरीय उपचार का उदाहरणइस सफल सर्जरी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के बल पर जटिल से जटिल बीमारियों का विश्वस्तरीय उपचार संभव है।--
- 0- निस्तारी के लिए 107 गांवों के 211 तालाब भरे जाएंगेबिलासपुर. जिले में बढ़ती जल आवश्यकता को देखते हुए जिला प्रशासन ने खूंटाघाट जलाशय से नहरों के माध्यम से गांवों के निस्तारी तालाब भरने का निर्णय लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर जल संसाधन विभाग द्वारा 25 अप्रैल को सवेरे 11 बजे से खारंग जलाशय के बाएं और दाएं तट की नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। नहर किनारे बसे 107 गांवों के 211 तालाबों को भरने की योजना बनाई गई है। यह निर्णय जनप्रतिनिधियों की मांग और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि नहर के पानी का उपयोग केवल निस्तारी तालाब भरने के लिए ही किया जाए। जल संसाधन विभाग के मैदानी अमले को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में तालाबों को भरवाना सुनिश्चित करें और किसी भी स्थिति में निस्तारी के अलावा अन्य उपयोग के लिए पानी न दिया जाए। साथ ही पानी के दुरुपयोग और अपव्यय को रोकने के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपेक्षा की गई है। यदि नहर के पानी का उपयोग रबी में धान की सिंचाई जैसे अन्य कार्यों में किया गया तो संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- 0- अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी0- जिले में 34 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी 119 केंद्रों में देंगे परीक्षाबिलासपुर. छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड अंतर्गत उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2026 का आयोजन 26 अप्रैल को जिले के 119 केंद्रों में सवेरे 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक किया जाएगा। इस परीक्षा में 34 हजार 396 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जिसके अनुसार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा का समय सवेरे 10 बजे से दोपहर 12.15 बजे तक निर्धारित किया गया है, लेकिन सुरक्षा और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के कारण परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार सुबह 9.30 बजे ही बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर आना होगा, जबकि गहरे रंग जैसे काले, गहरे नीले, गहरे हरे, जामुनी, मैरून, बैगनी रंग और चॉकलेटी रंग के कपड़े प्रतिबंधित रहेंगे। धार्मिक या सांस्कृतिक पोशाक पहनने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा जांच के लिए निर्धारित समय से पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा। पैरों में फुटवियर के रूप में चप्पल पहनने की अनुमति होगी और कान में किसी भी प्रकार के आभूषण पहनना वर्जित है। इसके अलावा, परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार के संचार उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, पर्स, पाऊच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा केंद्र में अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी तथा अभ्यर्थिता समाप्त की जाएगी। केंद्र में केवल काले या नीले बॉल पांइट पेन लेकर ही आना होगा।
- बिलासपुर. जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त 5 आवेदकों के आवेदन के छानबीन के क्रम में 7 दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। यदि आवेदक के परिवार के कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में कार्यरत हो अथवा किसी प्रकार के अपराधिक या न्यायालीन मामले उनके विरूद्ध लंबित हो तो इसकी जानकारी उक्त समयावधि में बंद लिफाफे में या स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी दे सकते है।डीईओ ने आगे बताया कि मस्तुरी ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला उड़ागी में सहायक शिक्षक एलबी के पद पर कार्यरत स्व. श्री दुर्गेश कुमार शुक्ला के परिवार से उनके पुत्र श्री शिवम शुक्ला, कोटा ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सीस में व्याख्याता के पद पर कार्यरत स्व. श्री देवेन्द्र कुमार दीक्षित की पत्नी श्रीमती चन्द्रकिरण दीक्षित, बिल्हा ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भाड़ी में व्यायाम शिक्षक के पद पर कार्यरत स्व. श्री राकेश कुमार बाटवे की पत्नी श्रीमती रेनु बाटवे ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है। इसी प्रकार मस्तुरी ब्लॉक के जनपद पंचायत मस्तुरी में सं.आत.ले.परी. एवं करा. अधिकारी के पद पर कार्यरत स्व. श्री भागवत प्रसाद सुमन के पुत्र श्री कृष्ण कुमार सुमन एवं तखतपुर ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला लिम्ही में सहायक शिक्षक एलबी के पद पर कार्यरत स्व. श्री मनोज कुमार श्रीवास के पुत्र श्री ओमकार श्रीवास ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदकों के संबंध में जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कक्ष क्रमांक 25 पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग प्रथम तल में निर्धारित अवधि में दिया जा सकता है। विलंब से प्राप्त दावा आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- बिलासपुर. केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू 26 अप्रैल को दोपहर 12 बजे कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव जी शासकीय सुपर स्पेशलिटी अस्पताल कोनी में अत्याधुनिक रक्त केंद्र, माइक्रोबायोलॉजी, हार्माेन लैब तथा एआई पावर्ड माइक्रोस्कोपी यूनिट का लोकार्पण करेंगे। एनटीपीसी सीपत द्वारा सीएसआर मद के अंतर्गत लगभग 4.27 करोड़ रुपये के उपकरण प्रदान किए गए हैं। इस आशय की जानकारी अस्पताल के संयुक्त संचालक सह चिकित्सा अधीक्षक के द्वारा दी गई।इस अवसर पर विशिष्ट उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी शामिल होंगे। साथ ही विधायक सर्वश्री धरम लाल कौशिक, अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, दिलीप लहरिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख श्री स्वपन कुमार मंडल शामिल होंगे।--
- 0- उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समीक्षा बैठक में 31 मई तक नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के दिए हैं निर्देश0- जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निकायों में ड्रेनेज सफाई का करेंगी भौतिक निरीक्षण0- विभाग ने नाले-नालियों से अतिक्रमण हटाने तथा नदी व अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के भी दिए निर्देशबिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले नगरीय निकायों में नाले व नालियों की सफाई तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से परिपत्र जारी कर सभी निकायों को जलभराव रोकने, बाढ़ की स्थिति में आपदा प्रबंधन तथा बरसात में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विगत 20-21 अप्रैल को नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा के दौरान आगामी 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए थे। बैठक में उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निकायों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक नहीं मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि वर्षा ऋतु में बारिश के पानी के निकासी के लिए निर्मित नालियों की समय पूर्व समुचित सफाई न होने तथा पानी निकासी के रास्तों के अवरोधों को दूर नहीं करने के कारण आकस्मिक वर्षा से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है। इन स्थितियों से बचाव के लिए वर्षा ऋतु के पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लेवें।विभाग ने इसके लिए शहरों के मुख्य मार्गों के साथ-साथ गलियों व चौराहों की अच्छी साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नाले व नालियों की पूर्ण एवं नियमित रूप से अंतिम छोर तक गहराई से साफ-सफाई कराने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नदी या अन्य जलस्रोत किसी भी प्रकार से प्रदूषित न हों। पानी के बहाव में निरंतरता के लिए निर्माणाधीन नाले व नालियों में पानी बहाव के रास्ते में से निर्माण सामग्रियों को हटाने तथा नाले-नालियों में निर्मित कच्चे एवं पक्के अतिक्रमित अवरोधों को हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।नगरीय प्रशासन विभाग ने बरसात के पहले बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर आवश्यक अमले, टूल, मशीन आदि के साथ नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा है। विभाग ने बाढ़ नियंत्रण कक्षों के 24 घंटे कार्यरत रहना सुनिश्चित करने के साथ ही इसके दूरभाष नम्बर आदि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। निचली बस्तियों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों व प्रभावितों का चिन्हांकन कर प्रभावितों के लिए सुरक्षित स्थलों को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।विभाग ने बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। अन्य क्षेत्रों में भी बाढ़ के दौरान एवं बाढ़ के प्रभाव के समाप्त होने पर संक्रामक बीमारियों की आशंका बनी रहती है। इन स्थितियों में संबंधित विभागों को तत्परता से इसकी सूचना देने को कहा गया है। विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले पेड़ों में लगे सभी साइन-बोर्डों, विज्ञापनों, किसी भी प्रकार के अन्य बोर्ड या साइनेज, बिजली वायर, हाईटेंशन लाइन या अन्य सामग्रियों को हटाने के निर्देश सभी निकायों को दिए हैं।--
- बिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर अनुविभाग एवं बेलतरा तहसील के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर लंबित सीमांकन एवं बटांकन प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर श्री शिव कुमार बनर्जी, संयुक्त कलेक्टर श्री अभिषेक दीवान, एसडीएम बिलासपुर श्री मनीष साहू सहित सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं राजस्व निरीक्षक उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर श्री अग्रवाल ने निर्देशित किया कि बटांकन एवं सीमांकन के सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अभी भी कई प्रकरण ऑफलाइन लंबित हैं, जिन्हें तत्काल ऑनलाइन दर्ज कर नियमानुसार बटांकन करते हुए सीमांकन कार्य पूर्ण किया जाए। बैठक में बताया गया कि केवल बिलासपुर अनुविभाग में लगभग 2 हजार सीमांकन के मामले लंबित हैं जो कि औसत से ज्यादा हैं। इन प्रकरणों का तेजी से निराकरण सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर ने ये विशेष बैठक आयोजित की थी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु अतिरिक्त टीमों का गठन कर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राजस्व सेवाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन शासन की प्राथमिकता है। अतः सभी अधिकारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए आमजनों को राहत पहुंचाने सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रकरणवार समीक्षा कर स्पष्ट कार्ययोजना बनाने और उसकी सतत समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।--
- 0- मिट्टी-मुरूम के लिए बनेगी सुनियोजित व्यवस्था, 200 तालाब होंगे गहरे0- गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्त कलेक्टर, ठेकेदारों को दी स्पष्ट चेतावनीबिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी निर्माण एजेंसियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित राज्य सरकार की विभिन्न निर्माण एजेंसियों, रेलवे, एनटीपीसी और एनएचएआई के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली मिट्टी-मुरूम की अव्यवस्थित व्यवस्था पर चिंता जताते हुए इसे सुनियोजित ढंग से उपलब्ध कराने और तालाब गहरीकरण से जोड़ने की नई पहल की घोषणा की।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले में अधिकांश निर्माण कार्यों में मिट्टी और मुरूम की आवश्यकता होती है, जिसे ठेकेदार वर्तमान में असंगठित तरीके से विभिन्न स्थानों से जुटाते हैं। इस व्यवस्था में सुधार लाने के लिए अब एक सुव्यवस्थित योजना तैयार की जाएगी, जिससे आवश्यक सामग्री निर्धारित स्थलों से ही उपलब्ध कराई जा सके।उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में जिले के अनेक तालाब सूख चुके हैं और अधिकांश तालाब उथले हैं। ऐसे में इन तालाबों के गहरीकरण से प्राप्त मिट्टी और मुरूम का उपयोग निर्माण कार्यों में किया जा सकता है। इससे एक ओर निर्माण कार्यों को सामग्री उपलब्ध होगी, वहीं दूसरी ओर तालाबों की जलग्रहण क्षमता बढ़ेगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दिशा में आगामी डेढ़ से दो माह में जिले के 200 तालाबों के गहरीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि गहरीकरण कार्यों के लिए ठेकेदार मशीनों का उपयोग कर सकते हैं, जिसके लिए संबंधित पंचायतों से विधिवत प्रस्ताव पारित कराकर अनुमति दी जाएगी। उन्होंने सब इंजीनियरों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे यह सुनिश्चित करें कि ठेकेदार निर्धारित स्थानों से ही मिट्टी-मुरूम ला रहे हैं। अनियमित या अवैध परिवहन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए ठेकेदारों से अपील की कि वे तालाबों के मेड़ों पर वृक्षारोपण करें और इसे अपने सीएसआर दायित्व के रूप में लें। उन्होंने पीपल, बरगद और आम जैसे बड़े एवं धार्मिक महत्व वाले वृक्ष लगाने की सलाह दी तथा स्थानीय जनता की सहभागिता से इस अभियान को सफल बनाने पर बल दिया।इसके साथ ही कलेक्टर ने सभी निर्माण कार्यों को एग्रीमेंट के अनुरूप तय समयसीमा और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में अंतर नहीं होना चाहिए। योजनाओं की स्वीकृति में लंबा समय लगता है और यह जनता के टैक्स का पैसा होता है, इसलिए प्रत्येक कार्य जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने बसाहट क्षेत्रों के आसपास भूमि के बेहतर उपयोग, भवनों में पार्किंग की समुचित व्यवस्था तथा योजनाबद्ध विकास पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारी और ठेकेदार आपसी अनुभव साझा कर कार्यों की गुणवत्ता को और बेहतर बना सकते हैं। बैठक में सभी निर्माण विभागों के सब इंजीनियर से लेकर कार्यपालन अभियंता स्तर तक के अधिकारी उपस्थित रहे और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।--
- 0- अब तक 97 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना "प्रोजेक्ट धड़कन" के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 एवं 4 सेवनी में 130 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1,2 एवं 3 कुकरा में 155 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 9 सिलतरा में 84 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र वार्ड क्रमांक 12 में 101 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 11 मठपुरैना एवं नेहरूनगर में 87 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 11 एवं 14 उरला में 80 बच्चों की स्क्रीनिंग हुई व पूरे जिले में आज कुल 637 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 97 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।--
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दक्षिचि के तहत मानवता और जनसेवा की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल करते हुए एसबीआई के चीफ़ मैनेजर श्री चंदन कुमार केसरी ने अंगदान का संकल्प लेकर समाज के समक्ष अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। जिले में संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत उन्होंने अंग दान के लिए पंजीयन कर जनजागरूकता का संदेश दिया।इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सम्मान पत्र प्रदान कर उनके इस पुनीत कार्य की सराहना की तथा कहा कि अंगदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है।श्री केसरी ने अपने संकल्प के बारे में कहा कि “मेरे जाने के बाद यदि मेरे अंगों से किसी को स्वस्थ जीवन मिल सके, तो इससे बड़ी खुशी कोई नहीं हो सकती।” उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक 90 से अधिक लोगों ने अंग एवं संपूर्ण शरीर दान का संकल्प लिया है, जिससे समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस पुनीत कार्य से जुड़कर अंगदान का संकल्प लें। अधिक जानकारी एवं पंजीयन हेतु 9406049000 संपर्क नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।--
- 0- रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती मनीषा ठाकुर ने ली सदस्यतारायपुर। कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सोसायटी सभाकक्ष में राज्यपाल श्री रमेन डेका के समक्ष प्रभारी रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती मनीषा ठाकुर ने रेडक्रॉस सोसाइटी में आजीवन सदस्य के रूप में सदस्यता ली।इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी एक स्वतंत्र मानव समाजसेवी संस्था है, जो आपदा एवं संकट की परिस्थितियों में पीड़ितों की सहायता के लिए समर्पित है। संस्था द्वारा भूकंप, आग, बाढ़ एवं सूखा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के साथ-साथ प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन किया जाता है।संस्था से जुड़ने के लिए विभिन्न श्रेणियों में सदस्यता प्रदान की जाती है, जिसमें संरक्षक सदस्य के लिए 25,000 रुपए, उप संरक्षक सदस्य के लिए 12,000 रुपए, आजीवन सदस्य के लिए 1,000 रुपए तथा वार्षिक सदस्यता के लिए 100 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इस अवसर पर रेडक्रॉस के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से संस्था से जुड़कर मानव सेवा में योगदान देने का आह्वान किया गया।
- 0- उच्च अधिकारियों की निगरानी में हो रहा काम0- रात्रिकालीन शिफ्ट में भी हो रहा कार्य0- यातायात व सुरक्षा का रखा जा रहा विशेष ध्यानरायपुर। राजधानी के मुख्य मार्गों पर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुट ओवर ब्रिज (स्काईवॉक ब्रिज) का शेष निर्माण कार्य अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2017 में प्रारंभ यह निर्माण कार्य शासन के आदेशानुसार 2018 से 2025 तक लगभग 6 वर्षों तक बंद रहा था। उक्त जानकारी लोक निर्माण विभाग सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस के कोरी ने दी।श्री कोरी ने कहा कि शासन के आदेश दिनांक 19.07.2024 के परिपालन में शेष निर्माण कार्य के लिए 21.05.2025 को पी.एस.ए.ए. कंस्ट्रक्शन कम्पनी प्रा.लि. को कार्यादेश जारी किया गया। वर्तमान में उच्च अधिकारियों एवं मैदानी स्तर के अभियंताओं द्वारा कार्य की सतत् निगरानी की जा रही है।स्काईवॉक के खराब हुए भागों में आवश्यकतानुसार सुधार एवं प्रतिस्थापन का कार्य भी साथ-साथ किया जा रहा है। चूंकि यह निर्माण कार्य शहर के मध्य अत्यधिक यातायात वाले क्षेत्र में हो रहा है, इसलिए नागरिकों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ज्यादातर कार्य रात्रिकालीन समय में कराया जा रहा है।स्काईवॉक ब्रिज का शेष कार्य शासन के निर्देशानुसार प्राथमिकता से कराया जा रहा है। गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए कार्य में तेजी लाई गई है। विगत वर्षों में प्रभावित हुए हिस्सों की मरम्मत कर निर्माण किया जा रहा है। रात्रिकालीन शिफ्ट में कार्य कराने से आम जनता को यातायात में असुविधा नहीं होगी। कार्य पूर्ण होने पर शहरवासियों को पैदल आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
- रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा “प्रोजेक्ट ग्रीन पालना” अभियान को प्रभावशाली ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के तहत शासकीय अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप दिए जा रहे हैं, ताकि एक नई ज़िंदगी के आगमन के साथ एक नया वृक्ष भी धरती पर जन्म ले।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान के तहत आज ग्रीन पालना में एमसीएच कालीबाड़ी में 03, धरसीवां में 02, सिलतरा में 01, आज दिनांक में कुल 06 प्रसुताओं को 30 पौधे भेंट किए गए।यह प्रयास मातृत्व के साथ प्रकृति से जुड़ाव को भी बढ़ावा देता है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न सिर्फ नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में सचिवालय सहायक सीएमएचओ ऑफिस श्री राज यदु ने आंगनबाड़ी केंद्र सरस्वती नगर में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई : बाबू निलंबित, प्राचार्य को शोकॉज नोटिस जारीरायपुर। कैंसर से जूझ रही एक महिला व्याख्याता द्वारा सुनवाई न होने की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सिर्फ दो दिनों के भीतर लगभग 2 लाख रुपये की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। आर्थिक तंगी और इलाज में आ रही बाधाओं को लेकर व्याख्याता ने हाल ही में कलेक्टर से मुलाकात कर सहायता की गुहार लगाई थी, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही मामले में लापरवाही बरतने पर ग्रेड 3 बाबू का निलंबन आदेश जारी करते हुए प्रधानाचार्य को कारण-बताओ नोटिस भी जारी किया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मामले को प्राथमिकता में रखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़िता को बिना विलंब चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर के निर्देशों के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्परता दिखाते हुए संचालनालय लोक शिक्षण को मांग पत्र भेजा और महज दो दिनों में राशि आबंटित करवा दी। यह राशि संबंधित डीडीओ को भुगतान के लिए जारी कर दी गई है।लापरवाही पर कलेक्टर की सख्तीमामले की जांच में सामने आया कि पीड़िता ने अपने विद्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन संबंधित सहायक ग्रेड-03 (बाबू) द्वारा आवेदन उच्च कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई। संबंधित बाबू को निलंबित कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धरसींवा कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। वहीं, विद्यालय के प्राचार्य को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।--
- बिलासपुर. विकासखंड तखतपुर के विभिन्न वार्डों से आज डॉग बाइट के कुल 17 मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तखतपुर पहुंचे, जहां सभी का त्वरित और समुचित उपचार किया गया। मरीजों को प्राथमिक उपचार देने के साथ ही एंटी-रैबीज वैक्सीन एवं इम्यूनोग्लोबिन लगाया गया। उपचार के बाद सभी मरीजों की स्थिति सामान्य पाई गई, जिसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि मरीज अलग-अलग समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जिससे प्रत्येक मरीज को पर्याप्त समय देकर इलाज किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्षा को भी तत्काल सूचना दी गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी मरीजों को रैबीज के निर्धारित पांचों टीके समय पर लगवाने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीज पूरी तरह सुरक्षित हैं। घर पर रहकर उपचार ले रहे हैं तथा क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
- 0- श्रमदान कर सोख्ता गड्ढा के निर्माण कार्य में सहभागिता निभाईबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम खुरसुनी प्रवास के दौरान आज मुख्य मार्ग के किनारे ग्रीष्म ऋतु के दौरान आम लोगों के लिए शीतल पेजयल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु फीता काटकर एवं पूजा-अर्चना कर प्याऊ घर का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से बातचीत की एवं उनके ग्राम में प्याऊ घर का शुभारंभ होने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।इस दौरान उन्होंने ग्राम खुरसुनी में सामुदायिक नल के किनारे जिला प्रशासन के नीर चेतना अभियान के अंतर्गत निर्मित किए जा रहे सोख्ता गड्ढा में श्रमदान कर जल संरक्षण के कार्य में अपनी सहभागिता निभाई। इस मौके पर ग्राम खुरसुनी आगमन पर ग्रामीणों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा कलेक्टर एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत भी किया गया।इस दौरान महिला कमाण्डों एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं ने जल संरक्षण के उपायों के संबंध में नारे लगाकर आम लोगों को पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ-साथ इनका सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।
- 0- प्रगतिरत निर्माण कार्यों की गई विस्तृत समीक्षाबालोद. जिला स्तरीय संचार एवं संकर्म समिति की बैठक बुधवार 22 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में संचार एवं संकर्म समिति की सभापति श्रीमती चंद्रिका यशवंत गंजीर की अध्यक्षता में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रगतिरत निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य श्री गुलशन चंद्राकर, श्री राजा राम तारम, श्रीमती प्रभा रामलाल नामक, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्रीमती पूर्णिमा चंद्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में संचार एवं संकर्म समिति की सभापति ने जिले में प्रगतिरत निर्माण कार्यों के संबंध में विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्तायुक्त ढंग से निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए।
- 0- ग्राम झीकाटोला में प्राप्त हुए ऐतिहासिक दस्तावेजबालोद. ज्ञान भारतम् राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य के अंतर्गत बुधवार 22 अप्रैल को डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम झीकाटोला में सर्वेक्षण कार्य के दौरान श्री बलीराम हूपेंडी के पास अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज प्राप्त हुए। डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने बताया कि दस्तावेजों में गोंड शासकों के मुकद्दम वंशावली स्व. सोनकर सिंह हूपेंडी के पिता स्व. बुधियार सिंह हूपेंडी मुकद्दम (पटेल) के भी पूर्व अंग्रेजों के समय के लगभग 1890 ई. के आस-पास के संग्रह स्टाम्प पेपर 07 प्रति प्राप्त किए गए। जिसे सुरक्षित लेमिनेशन कर श्री बलीराम हूपेंडी द्वारा रखा गया है। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण एवं संरक्षण किया जाएगा जिससे कि आने वाली पीढ़ी अपने समृद्ध इतिहास से परिचित हो सके। इस अवसर पर एबीईओ श्री एके साहू, बीआरसीसी श्री दिनेश मलेकर, सहायक नोडल श्री विजय यादव, श्री भागवत इंदौरिया एवं प्रधान पाठक श्री भगवान सिंह सलामे उपस्थित थे।



























