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- महासमुंद / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा 20 अगस्त को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मचेवा महासमुंद में प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित होगा जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की स्वतंत्र माइक्रोफाइन प्राइवेट लिमिटेड, स्वाभिमान फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, एनआईआईटी लिमिटेड, पुस्कल एग्रोटेक लिमिटेड एवं वेक्टर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न नियोजकों द्वारा 10वीं, 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर एवं स्नातक उत्तीर्ण आवेदकों के लिए कुल 117 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा अन्य नियोजक भी उपस्थित होने पर रोजगार मेले में सम्मिलित किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक एवं योग्य आवेदकों को निर्धारित स्थल एवं समय पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति तथा पासपोर्ट साइज की स्वयं की फोटो के साथ उपस्थित होना होगा। साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदकों को छत्तीसगढ़ रोजगार एप/वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है। रिक्तियों की संख्या, पदवार आवश्यक योग्यता, वेतनमान एवं कार्यस्थल से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय महासमुंद में संपर्क कर सकते हैं अथवा रोजगार विभाग की वेबसाइट erojgar.cg.gov.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के शंकर नगर बाल वाचनालय में स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य अतिथि वार्ड के पार्षद राजेश गुप्ता ने ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ रायपुर मिलेनियम के अध्यक्ष राज प्रजापति अपने क्लब मेंबर्स के साथ, शंकर नगर बाल वाचनालय के प्रभारी सुबोध टोले, विनोद राखुंडे, संजय पुराणिक, शुभम् पुराणिक, रिदुल शर्मा, अभिषेक मिश्रा, भगीरथ कालेले, श्याम सुंदर अग्रवाल, डॉ. अनिकेत ठोके, सतीश जिल्हारे, रैना पुराणिक, पुष्पा जावेकर, निर्मला पिंपल सहित अनेक सभासद, पदाधिकारी व शिक्षक- शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में बाल वाचनालय के समीप स्थित पद्मावती स्कूल के छात्रों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इन छात्रों को शंकर नगर महिला केंद्र ने उपहार देकर उनका सम्मान किया।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में आजादी की 80वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने ध्वजारोहण किया। सामूहिक राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ बच्चों ने तिरंगे को सलामी दी। वहीं छोटे-छोटे बच्चों ने देशभक्ति से ओत प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। प्री प्राइमरी के बच्चों ने सुंदर कविता पाठ कर खूब तालियां बटोरी। विशाखा तोपखानेवाले, वरिष्ठ सभासद प्रसन्न निमोणकर और प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर बच्चों को ज्ञानवर्धक जानकारी दी और आजादी के साथ जिम्मेदारी का महत्व बताया।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सखी निवास (कामकाजी महिला वसति गृह- छात्रावास) में 15 अगस्त की सुबह मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल व सखी निवास प्रभारी ने ध्वजारोहण किया। कामकाजी महिलाओं, छात्राओं, स्टाफ और पदाधिकारियों ने तिरंगे को सलामी दी। गीता दलाल ने संबोधित करते हुए कहा कि आज हम वंदे मातरम का गायन कागज पढ़कर कर रहे हैं लेकिन वह दिन दूर नहीं की पूरा वंदे मातरम हमें याद होगा। आज की युवा पीढ़ी के लिए इसे याद करना बड़ी बात नहीं।
- रायपुर। चौबे कालोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल मुख्यालय में अध्यक्ष अजय मधुकर काले और कार्यकारिणी सदस्य दीपक किरवईवाले ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मंडल सचिव चेतन दंडवते, उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल, कार्यकारिणी सदस्य नमिता शेष, मालती मिश्रा, सुबोध टोले, निरंजन पंडित, वरिष्ठ रंगसाधक प्रसन्न निमोणकर, भागीरथ कालेले, दिव्या पात्रीकर, दीपक पात्रीकर, निखिल मुकादम, पल्लवी मुकादम सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित थे।
- रायपुर। समता कॉलोनी स्थित महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह- सियान गुड़ी में छत्तीसगढ सिविल सोसायटी के संस्थापक डॉ. कुलदीप सोलंकी ने बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज का रोहण किया। इस मौके पर योग प्रभारी आस्था काले के मार्गदर्शन में योग समिति की समन्वयक साक्षी टोले के निर्देशन में दो नुक्कड़ नाटकों 'समय नहीं है' और 'योग सब के लिए' का मंचन किया गया।इस मौके पर कृषि वैज्ञानिक जे.एस. उरकुरकर ने स्वरचित कविता का पाठ किया। दिव्यांग बच्चियों ने देशभक्तिपूर्ण गीतों की सुमधुर प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. सोलंकी और मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने अपने प्रभावशाली संबोधन से दिव्यांग बच्चियों सहित उपस्थित जनों को स्वतंत्रता के साथ संस्कार और दायित्व का बोध कराया। इस मौके पर दिव्यांग बालिका विकास गृह की प्रभारी मालती मिश्रा, सियान गुड़ी के प्रभारी प्रवीण क्षीरसागर, वरिष्ठ रंगसाधक अनिल श्रीराम कालेले, अरुण कठोटे, गौरी क्षीरसागर, दीपक पात्रीकर, दिव्या पात्रीकर, सखी निवास प्रभारी नमिता शेष, सुशांत गुप्ता, विक्रांत, क्षीरसागर, समीक्षा टोले, भालचंद्र पलसोदकर सहित अनेक पदाधिकारी, सभासद सहित आमजन उपस्थित रहे।
- रायपुर। टाटीबंध में नगर निगम द्वारा निर्मित महतारी सदन में महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित हाईटेक आंगनबाड़ी में मंडल सचिव चेतन दंडवते ने ध्वजारोहण किया। आंगनबाड़ी के पहले स्वतंत्रता दिवस समारोह पर मासूम बच्चों को मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही कई राष्ट्रभक्ति जगाने वाली प्रस्तुतियों से तालियां बटोरीं। इस अवसर पर मंडल के कार्यकारिणी सदस्य परितोष डोनगांवकर, सह-सचिव अजय पोतदार, आंगनबाड़ी प्रभारी डॉ. शुचिता देशमुख, गणेशा जाधव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी धर्मवीर सिंह, विभूति भूषण पांडे, आशुतोष दुबे, जितेंद्र शर्मा, संतोष गुप्ता, धीरेंद्र मिश्रा सहित अन्य स्वयंसेवक और पदाधिकारी, आंगनबाड़ी की शिक्षिकाएं भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
- - राज्यसभा सांसद ने आरसेटी एवं सेवा सेतु केंद्र का किया शुभारंभ- सेवा सेतु केंद्र से चार से छह दिनों में मिल रहे प्रमाण पत्र, लाभान्वित हितग्राहियों से की चर्चा- प्रशिक्षणार्थी महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किया प्रोत्साहितमोहला । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने जिले के मानपुर विकासखंड में विभिन्न जनहितकारी संस्थानों एवं सुविधाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) एवं सेवा सेतु केंद्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि इन संस्थानों के माध्यम से आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही महिलाओं एवं युवाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।राज्यसभा सांसद श्रीमती वर्मा ने मानपुर में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) का शुभारंभ किया। उन्होंने आरसेटी में संचालित होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं ट्रेड की जानकारी ली। संबंधित अधिकारी ने बताया कि आरसेटी में प्रथम बैच का प्रशिक्षण प्रारंभ किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं को पशु सखी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। श्रीमती वर्मा ने प्रशिक्षणार्थी महिलाओं से संवाद कर प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शासन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से प्रारंभ किए गए आरसेटी का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं एवं महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण को केवल सीखने तक सीमित न रखें, बल्कि इसे आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार का माध्यम बनाएं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने हरसंभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण कक्ष का अवलोकन भी किया।राज्यसभा सांसद श्रीमती वर्मा ने अनुविभागीय कार्यालय मानपुर परिसर में सेवा सेतु केंद्र का भी शुभारंभ किया। उन्होंने केंद्र के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सेवाओं की जानकारी ली तथा सेवा सेतु से लाभान्वित हितग्राहियों से संवाद किया। मानपुर निवासी कुलदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने सेवा सेतु के माध्यम से आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, जो उन्हें मात्र चार दिनों में प्राप्त हो गया। इसी प्रकार आर्यन कुमार एवं सुलेमान ने बताया कि सेवा सेतु केंद्र में आवेदन करने के बाद उन्हें छह दिनों में जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। हितग्राहियों ने समयबद्ध तरीके से दस्तावेज उपलब्ध होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन की इस पहल की सराहना की।राज्यसभा सांसद श्रीमती वर्मा ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों को शासकीय सेवाएं एवं आवश्यक दस्तावेज सरल, सुगम और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। सेवा सेतु जैसे केंद्रों से लोगों को शासकीय कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करते हुए जनहित में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करें, ताकि आमजन को बिना किसी परेशानी के समय-सीमा में आवश्यक दस्तावेज एवं शासकीय सेवाएं उपलब्ध हो सकें।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, एसएसपी श्री यशपाल सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भोजेश शाह मांडवी, जनपद सदस्य श्रीमती रेणु टांडिया, जनप्रतिनिधि श्री दिलीप वर्मा, श्री मदन साहू, एसडीएम मानपुर श्री अमित नाथ योगी, अपर कलेक्टर श्री मिथलेश डोंडे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- बलौदाबाजार /कलेक्टर कुलदीप शर्मा रविवार को नवीन कृषि उपज मंडी परिसर स्थित मनोविकास केंद्र पहुंचे। उन्होंने केन्द्र में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों से संवाद कर गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें दीं। इस दौरान उन्होंने मनोविकास केंद्र में विभिन्न मानसिक विकारों से पीड़ित बच्चों क़ो उपहार भेंट कर बच्चों का प्रोत्साहित किया।कलेक्टर ने सभी बच्चों से मुलकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और पढ़ाई के लिये उपयोग कर रहे विभिन्न मॉडलो के बारे मे पूछताछ की। इस दौरान उन्होंने वहां उपस्थित बच्चों के अभिभावकों से केन्द्र के उपचार से लाभ के बारे मे जानकारी ली। अभिभावकों ने मनोविकास केंद्र को बच्चों के ईलाज और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।उन्होंने कहा कि केन्द्र मे आकर बच्चों को बहुत लाभ मिल रहा है।कलेक्टर ने केंद्र के एडमिन कक्ष, बच्चों के कक्ष, फिजियो थेरेपी रूम, ऑडियोमेट्री रूम सहित बैठक हाल का जायजा लिया। इस अवसर पर बच्चों ने योगा के साथ ही सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देकर अपने हुनर का परिचय दिया। बताया गया कि वर्तमान में लगभग 40 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे केंद्र में दाखिला लिये हैं । इन बच्चों क़ो पढ़ाने के लिए 3 स्पेशल एजुकेटर, फिजियो थिरेपिस्ट और ऑडियो मेट्रियोलॉजिस्ट और योगा प्रशिक्षक हैं।
- -मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय की खरी-खरी : ‘वन्देमातरम्’ स्वतंत्रता संग्राम का मूल मंत्र और 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का प्रतीक, इसका निरादर अक्षम्य अपराध"कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की राष्ट्रविरोधी और तुष्टीकरण की मानसिकता एक बार फिर उजागर, इस अपराध के लिए बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफी मांगें"रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत ‘वन्देमातरम्’ के प्रति अनादर प्रदर्शित करने पर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर तीखा हमला बोलते हुए इसे देश की संप्रभुता, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और राष्ट्र के गौरव का खुला अपमान करार देते हुए तीनों नेताओं के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने कहा कि जिस ‘वन्देमातरम्’ के उद्घोष ने देश के स्वाधीनता आंदोलन को ऊर्जा दी और जिसके लिए लाखों वीरों ने हँसते-हँसते अपने प्राणों की आहुति दे दी, उसी राष्ट्रगीत का अपमान कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में उसके शीर्ष नेताओं द्वारा ही होना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। यह कृत्य साबित करता है कि गांधी परिवार और कांग्रेस नेतृत्व के मन में भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों और संविधान के प्रति रत्तीभर भी सम्मान नहीं है। श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास हमेशा से राष्ट्र प्रतीकों की उपेक्षा और संकीर्ण वोट बैंक की राजनीति का रहा है। गांधी परिवार और मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक विशेष वर्ग को साधने और तुष्टीकरण की पराकाष्ठा पार करते हुए राष्ट्रगीत की गरिमा को ठेस पहुँचाई है। जो पार्टी राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं कर सकती, वह राष्ट्रहित की बात करने का नैतिक अधिकार पूरी तरह खो चुकी है।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने मांग की कि राष्ट्रगीत के अपमान की धाराओं के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे पर तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए। इसके साथ ही कांग्रेस नेतृत्व अपने इस अक्षम्य कृत्य के लिए बिना शर्त पूरे देश की जनता और वीर स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।
- रायपुर। देश के पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' स्व. अटलबिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की उपस्थिति में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व नेताओं ने 'स्मृति मन्दिर में अटलजी की प्रतिमा व तैलचित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर उनका श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।इस मौके पर भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी, अंजय शुक्ला सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- -प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू का तीखा हमला : 23 मार्च के भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रम के वीडियो को 15 अगस्त का बताकर भ्रम फैला रहे कांग्रेसीरायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष रंजना साहू ने कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे पावन राष्ट्रीय पर्व पर भी कांग्रेस अपनी ओछी राजनीति से बाज नहीं आ रही है। श्रीमती साहू ने कहा कि कांग्रेस के कृत्यों के खिलाफ इन दिनों भारी आक्रोश है, तो कांग्रेस का पूरा तंत्र झूठ और षड्यंत्र का सहारा ले रहा है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती साहू ने कहा कि अपनी शर्मनाक कोशिशों में कांग्रेस के नेता इतने हताश और बदहवास हो चुके हैं कि वे वरिष्ठ भाजपा विधायक अजय चंद्राकर के महीनों पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस का बताकर झूठा प्रचार कर रहे हैं। श्रीमती साहू ने कहा कि जिस वीडियो और तस्वीर को कांग्रेसी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त, 2026) का बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उस पोस्ट पर 23 मार्च की तारीख स्पष्ट रूप से दर्ज है। यह वीडियो 15 अगस्त का कतई नहीं है, बल्कि 22-23 मार्च 2026 को कुरुद (धमतरी) स्थित स्वामी विवेकानंद मंगल भवन में आयोजित भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल प्रशिक्षण वर्ग के दौरान पार्टी ध्वज फहराने का है। संगठनात्मक प्रशिक्षण वर्ग के वीडियो को स्वतंत्रता दिवस का बताकर जनता को गुमराह करना कांग्रेस के बौद्धिक दीवालियापन और घटिया स्तर की राजनीति को उजागर करता है। श्रीमती साहू ने कहा कि देश पर 55 वर्षों तक शासन करने वाली पार्टी राष्ट्रीय पर्व पर इस स्तर की फर्जी और भ्रामक राजनीति पर उतर आएगी, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जनता अब कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र और दुष्प्रचार को भली-भाँति समझ चुकी है। कांग्रेस चाहे जितने भी षड्यंत्र रच ले, वह अपनी दरिद्र मानसिकता और आपराधिक कृत्यों से बच नहीं सकती। भाजपा कांग्रेस के इस फर्जीवाड़े की कड़े शब्दों में निंदा करती है।
- बलौदाबाजार / सद्भाव और भाईचारा का सन्देश देने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को सद्भावना क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। पंडित चक्रपाणी शुक्ल हाई स्कूल मैदान में आयोजित सद्भावना क्रिकेट मैच मे प्रशासन एकादश और पत्रकार इलेवन की टीम ने भाग लिया। मैच में दोनों टीमों ने खेल भावना का परिचय देते हुए अच्छा प्रदर्शन किया जिसमें प्रशासन एकादश क़ी टीम ने बेहतर प्रदर्शन कर विजेता बना।विजेता टीम के कप्तान कलेक्टर कुलदीप शर्मा एवं उप विजेता टीम के कप्तान नरेश गनशानी क़ो ट्रॉफी प्रदान किया गया। टॉस जीत कर पत्रकार इलेवन क़ी टीम ने पहले बल्लेबाजी चुना और निर्धारित 8 ओवर में 3 विकेट खोकर 123 रन बनाए ।124 रन के लक्ष्य क़ा पीछा करते हुए प्रशासन एकादश क़ी मजबूत टीम ने 7 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया । इस तरह से प्रशासन एकादश 7 विकेट से विजयी हुआ। बैटिंग और बॉलिंग में बेहतर प्रदर्शन करने पर प्रशासन एकादश से प्रेम निषाद को ऑल राउंडर,बेस्ट फिल्डर आशीष तिवारी,बेस्ट बैट्स मैन के लिए पत्रकार इलेवन से खिलेश्वर जायसवाल एवं बेस्ट बॉलर के लिये दिलीप माहेश्वरी को ट्रॉफी प्रदान किया गया इस अवसर पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर सद्भावना मैच का आयोजन अच्छी पहल है जिसमें प्रशासन और नागरिकों मे मेल- मिलाप बढ़ता है और एक दूसरे क़ो जानने का भी मौका मिलता है। इस बार बॉलिंग मे एक खिलाडी एक ओवर नियम से सभी को बॉलिंग का मौका मिला।खेल में हार -जीत होता ही है, दोनों टीम के खिलाड़ियों ने टीम भावना के साथ उत्साह के साथ खेला।इस अवसर पुलिस अधीक्षक गौरव राय,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खोमन सिन्हा,खेल अधिकारी प्रीति बंछोर सहित अधिकारी- कर्मचारी,पत्रकार एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे।
- -बिहान से जुड़कर स्वरोजगार की नई राह चुनी, ई-रिक्शा से हर माह 15 से 18 हजार रुपये की शुद्ध आय-रक्षाबंधन पर मिला ई-रिक्शा बना संगीता के लिए आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीकरायपुर। स्वतंत्रता दिवस केवल देश की आजादी का पर्व नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की जिम्मेदारियों में योगदान देने वाली जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड की श्रीमती संगीता देवी की कहानी इसी संकल्प को साकार करती है। कभी परिवार की जरूरतों और कृषि कार्य के लिए छोटे-छोटे ऋण पर निर्भर रहने वाली संगीता आज स्वयं ई-रिक्शा चलाकर प्रतिमाह लगभग 15 से 18 हजार रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं और ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ चुकी हैं।ग्राम पंचायत छेरडाढ़ की दीपक स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती संगीता देवी वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, ऋण सुविधा और विभिन्न आजीविका गतिविधियों की जानकारी मिली। उन्होंने छोटे-छोटे ऋण लेकर कृषि कार्य और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा किया। समय के साथ उनमें स्वयं की स्थायी आय का साधन विकसित करने की इच्छा मजबूत हुई। इसी सोच के साथ उन्होंने दुलदुला के संकुल संगठन के समक्ष ई-रिक्शा के माध्यम से आजीविका शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने दुलदुला से पतराटोली मार्ग पर सवारी मिलने की संभावनाओं का भी आकलन किया। उनकी पहल, इच्छाशक्ति और आजीविका के प्रति स्पष्ट सोच को देखते हुए मुख्यमंत्री जशपुर एक्सप्रेस योजना के तहत वर्ष 2025 में उन्हें बैटरी चालित ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया।’रक्षाबंधन पर मिला उपहार बना आत्मनिर्भरता का माध्यम’वर्ष 2025 में रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कर-कमलों से जिले की 13 दीदियों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए थे। संगीता देवी के लिए यह ई-रिक्शा केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत साबित हुआ। ई-रिक्शा मिलने के बाद संगीता ने स्वयं इसका संचालन शुरू किया। पिछले करीब एक वर्ष से वे नियमित रूप से ई-रिक्शा चला रही हैं। प्रतिदिन लगभग 700 से 800 रुपये की आमदनी होती है। परिचालन एवं अन्य खर्च निकालने के बाद उन्हें प्रतिमाह लगभग 15 से 18 हजार रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हो रही है।’आय बढ़ी तो परिवार में भी आया बदलाव’ई-रिक्शा से प्राप्त आय ने संगीता के परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है। वे अपने बच्चों के पालन-पोषण और उनकी आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं। साथ ही परिवार की जरूरतों में आर्थिक सहयोग देने के साथ आवश्यकता पड़ने पर अपने पति की भी मदद कर रही हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता ने उनके भीतर आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत किया है।संगीता बताती हैं कि बिहान से जुड़ने के बाद उन्हें समूह की ताकत और आजीविका के नए अवसरों की जानकारी मिली। ई-रिक्शा ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। अब वे अन्य बिहान दीदियों को भी पारंपरिक कृषि गतिविधियों के साथ गैर-कृषि गतिविधियों और स्वरोजगार के नए अवसर अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।’ग्रामीण महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा’संगीता देवी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि जब ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित किया जाए और उन्हें वित्तीय सहायता, आजीविका के अवसर तथा प्रशासन का मार्गदर्शन मिले, तो वे अपनी मेहनत और इच्छाशक्ति से आत्मनिर्भरता की नई राह बना सकती हैं। उनकी कहानी यह भी दर्शाती है कि महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। परिवार की आर्थिक मजबूती के साथ बच्चों की शिक्षा, बेहतर जीवन-स्तर और सामाजिक आत्मविश्वास को भी नई दिशा मिलती है।श्रीमती संगीता देवी ने ई-रिक्शा उपलब्ध कराने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अवसर प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन जशपुर एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि ई-रिक्शा ने उन्हें केवल आय का साधन नहीं दिया, बल्कि सम्मान के साथ अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया। स्वतंत्रता दिवस पर संगीता देवी की कहानी आर्थिक आत्मनिर्भरता के उस संदेश को मजबूत करती है, जिसमें स्वावलंबन से सम्मान, आजीविका से आत्मविश्वास और मेहनत से सफलता की नई राह तैयार होती है।
- -लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती से विभाग को मिलेगी नई ऊर्जा, जमीनी स्तर पर पोषण अभियानों का होगा बेहतर क्रियान्वयनरायपुर। महिला सशक्तिकरण और नौनिहालों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से, विभाग के अंतर्गत पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) के 50 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती को आधिकारिक सहमति प्रदान कर दी गई है। मैदानी स्तर पर विभाग की योजनाओं—विशेषकर आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन, पोषण अभियानों की निगरानी, महत्वपूर्ण सामाजिक पहलों के क्रियान्वयन—में पर्यवेक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। लंबे समय से इन पदों के रिक्त होने के कारण मैदानी स्तर पर कार्य का दबाव था। इन 50 नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से विभागीय ढांचे को ऐतिहासिक मजबूती मिलेगी और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे हितग्राहियों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा।इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, "माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व के चलते आज विभाग को यह अहम स्वीकृति मिली है। पर्यवेक्षकों की कमी से जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग में जो चुनौतियां आ रही थीं, वे अब दूर होंगी। हमारी सरकार माताओं और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इन नई नियुक्तियों से विभाग की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार आएगा और हमारी आंगनबाड़ी व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।"ज्ञात हो कि संचालनालय, महिला एवं बाल विकास द्वारा इन पदों की पूर्ति के लिए शासन से अनुमति मांगी गई थी। विभागीय मंत्री के निर्देश पर इस प्रक्रिया में तेजी लाई गई और 13 अगस्त 2026 को वित्त विभाग द्वारा 50 पर्यवेक्षकों की भर्ती के लिए विधिवत सहमति जारी कर दी गई है। इसके पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भी आदेश जारी कर भर्ती प्रक्रिया का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया गया है। इस बहुप्रतीक्षित फैसले से न केवल विभाग के कार्यों में गति आएगी, बल्कि प्रदेश की योग्य युवतियों और महिलाओं को शासकीय सेवा में आकर समाज के लिए कार्य करने का एक बड़ा अवसर भी प्राप्त होगा।
- -छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में बढ़ा दाखिले का दायरा- अब 31 अगस्त तक ले सकेंगे प्रवेशरायपुर। उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि हमारी सरकार का मूल ध्येय प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा का प्रकाश पहुँचाना है। दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के कई मेधावी युवा विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण समय पर प्रवेश नहीं ले सके थे। हम नहीं चाहते कि तिथियों के फेर में किसी भी योग्य विद्यार्थी का एक साल खराब हो या वह उच्च शिक्षा से वंचित रह जाए। छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रवेश की तारीख 31 अगस्त तक बढ़ाई गई है। मैं सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूँ कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं।छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। राज्य के जिन शासकीय और निजी महाविद्यालयों में अभी भी सीटें रिक्त हैं, वहाँ छात्र अब 31 अगस्त 2026 तक दाखिला ले सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।उल्लेखनीय है कि इससे पहले विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत प्राचार्य स्तर पर प्रवेश की समय सीमा 31 जुलाई तक और कुलपति की अनुमति से 14 अगस्त तक तय की गई थी। लेकिन अंतिम तिथि बीतने के बाद भी कई महाविद्यालयों में सीटें खाली रह गई थीं और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले कई अभ्यर्थी समय पर आवेदन नहीं कर पाए थे। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए शासन ने तिथि विस्तार का यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
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रायपुर प्रेस क्लब ने पुनर्जीवित किया पूर्व में संचालित कोष
QR कोड जारी कर शुरू किया “आपका सहयोग, अपने लिए” अभियान
आज का सहयोग, कल का सहारा
रायपुर। पत्रकार साथी या उनके परिवार के सामने आने वाली आकस्मिक और कठिन परिस्थितियों में सहयोग की भावना को एक सशक्त और सहज माध्यम देने के उद्देश्य से रायपुर प्रेस क्लब ने पूर्व में संचालित पत्रकार कल्याण कोष को पुनः सक्रिय करने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में रविवार को प्रेस क्लब परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकार कल्याण कोष के खाते का QR कोड जारी कर इसे सार्वजनिक किया गया।
QR कोड जारी करने के साथ ही “आपका सहयोग, अपने लिए” अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी और मनीष वोरा ने स्वयं सहयोग राशि देकर पत्रकार साथियों से अपनी क्षमता के अनुसार कोष में योगदान करने की अपील की। इसके बाद अभियान के पहले ही दिन बृजेश चौबे, प्रशांत शर्मा, रामावतार तिवारी, मनीष वोरा, दिलीप साहू त्रिलोचन मानिकपुरी ,भूपेश जांगड़े, नरेंद्र बंगाले, भरत योगी, अमृता शर्मा, ऋषि नेताम, सहित पत्रकार साथियों ने यथासंभव सहयोग राशि देकर इस पहल को अपना समर्थन दिया।
अब पत्रकार साथी अपनी इच्छानुसार इस कोष में आसानी से सहयोग कर सकेंगे। इसके अलावा पत्रकारों के शुभचिंतक एवं पत्रकारों के सुख-दुख में सहभागी बनने की इच्छा रखने वाले आम नागरिक भी इस कोष में अपना योगदान दे सकेंगे। QR कोड के माध्यम से प्राप्त राशि का उपयोग आकस्मिक एवं दुखद परिस्थितियों में जरूरतमंद पत्रकारों अथवा उनके परिवारों को संबल प्रदान करने के लिए किया जाएगा। सहायता से संबंधित निर्णय निर्धारित नियम एवं प्रक्रिया के अनुसार प्रेस क्लब की कार्यकारिणी द्वारा लिया जाएगा।
पुरानी परंपरा को फिर मिली नई शुरुआत
रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकार कल्याण की इस पहल का इतिहास पुराना है। वर्ष 2003-04 में तत्कालीन प्रेस क्लब अध्यक्ष बृजेश चौबे के कार्यकाल में पत्रकार कल्याण कोष की शुरुआत की गई थी। उस समय भी पत्रकारों के साथ-साथ आम लोगों से सहयोग लेकर जरूरत के समय पत्रकार साथियों की सहायता करने की परंपरा शुरू की गई थी। अब उसी भावना और परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान कार्यकारिणी ने पुराने कल्याण कोष के खाते को पुनः सक्रिय कर इसे व्यवस्थित रूप से संचालित करने का निर्णय लिया है।
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि प्रेस क्लब पत्रकारों की हर सुख-दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा रहने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पत्रकार कल्याण कोष को पुनर्जीवित करने का उद्देश्य ऐसा सशक्त माध्यम तैयार करना है, जिसमें पत्रकार साथी अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दें और जरूरत पड़ने पर इसी सामूहिक सहयोग का उपयोग किसी पत्रकार या उसके परिवार को कठिन समय में संबल देने के लिए किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे पत्रकार परिवार के लिए सामूहिक सुरक्षा और सहयोग की भावना है।
इस अवसर पर पुराने पत्रकार कल्याण कोष के खाते को पुनः संचालित कराने में विशेष सहयोग करने वाले पूर्व एसबीआई अधिकारी एवं एंकर शकील साजिद का प्रेस क्लब की ओर से विशेष आभार व्यक्त करते हुए सम्मान किया गया। शकील साजिद ने पत्रकार हित में प्रेस क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए पत्रकारों के हर सुख-दुख में सहयोगी बने रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष बृजेश चौबे ने पत्रकार कल्याण कोष के गठन की अवधारणा और उसके शुरुआती दौर की जानकारी साझा की। उन्होंने वर्तमान कार्यकारिणी को इस पहल को पुनः शुरू करने के लिए बधाई देते हुए कोष के सुचारू एवं पारदर्शी संचालन के लिए राशि के उपयोग की स्पष्ट नियमावली और प्रक्रिया निर्धारित करने का सुझाव दिया।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, विजय मिश्रा, मनीष वोरा, विकास शर्मा, मुकेश वर्मा, भरत योगी, जावेद अली, योगेश साहू, विनय घाटगे,त्रिलोचन मानिकपुरी, विद्याभूषण सहित अन्य पत्रकार साथी उपस्थित रहे। - -लखनपुर के ग्राम कटकोना में क्षेत्रवासियों से किया सीधा संवाद, खदान से जुड़े विषय पर ग्रामीणों को दिया भरोसा-ग्रामीणों के हितों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, किसी भी स्तर पर नहीं होगा समझौता: -राजेश अग्रवालरायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर विकासखंड के ग्राम कटकोना पहुंचकर क्षेत्रवासियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, आवश्यकताओं और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे विभिन्न विषयों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं यथोचित निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।मंत्री श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों से संवाद के दौरान उनकी बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र की जनता से सीधे संवाद करना और उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं के संबंध में उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली और समस्याओं के निराकरण के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान ग्रामवासियों ने खदान से संबंधित विभिन्न विषय भी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के संज्ञान में लाए। ग्रामीणों की चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए मंत्री ने कहा कि इस विषय में ग्रामवासियों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले का यथोचित परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।श्री अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। विकास के साथ स्थानीय लोगों के हितों, सुविधाओं और अधिकारों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामवासियों के हितों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करना सरकार की प्राथमिकता है।ग्राम कटकोना में मंत्री श्री अग्रवाल के साथ हुए संवाद के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानीय विषयों और आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया। मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा उठाए गए विषयों पर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की सहभागिता से ही विकास की दिशा को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ग्रामीणों की अपेक्षाओं और सुझावों को विकास कार्यों में शामिल करते हुए क्षेत्र को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। ग्रामवासियों ने मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाने पर आभार व्यक्त किया।
- -अटल जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना की प्रेरणा: श्री राजेश अग्रवाल-छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता के रूप में अटल जी का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगारायपुर । भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के ऐसे विराट व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने विचारों, सिद्धांतों, संवेदनशील नेतृत्व और राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की भावना से सार्वजनिक जीवन में एक नई मिसाल कायम की। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का छत्तीसगढ़ से विशेष और आत्मीय संबंध रहा है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ देश के नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। छत्तीसगढ़ के गठन का निर्णय केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि यह प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं, पहचान और विकास की संभावनाओं को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर अटल जी को राज्य के निर्माण की दूरदर्शी सोच वाला नेता बताते हुए उनके योगदान को स्मरण कर चुके हैं।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि अटल जी ने राजनीति में विचारों की गरिमा, संवाद की संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वाेच्च स्थान दिया। वे अपनी प्रभावशाली वाणी के साथ-साथ सहज, सरल और संवेदनशील व्यक्तित्व के लिए भी सदैव याद किए जाते रहेंगे। उन्होंने राष्ट्रहित को राजनीति से ऊपर रखा और विभिन्न विचारधाराओं के लोगों के साथ संवाद एवं समन्वय की लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत किया।उन्होंने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं था। वे एक संवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता और भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना के सजग प्रतिनिधि थे। उनके विचारों में देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरा सम्मान और आधुनिक भारत के निर्माण की स्पष्ट दृष्टि दिखाई देती थी। उनकी सरकार के कार्यकाल में देश ने अधोसंरचना, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, परमाणु क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की।श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि अटल जी ने देश को विकास के साथ अपनी जड़ों और विरासत से जुड़े रहने का संदेश दिया। आज छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोककला, लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में अटल जी की दूरदर्शिता और विकास के साथ विरासत को सम्मान देने की सोच विशेष रूप से प्रासंगिक है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति के विकास के प्रयासों में भी अटल जी की उस सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक संपदा को विकास का आधार बनाया जा सकता है। राज्य की ऐतिहासिक धरोहरें, पुरातात्विक स्थल, जनजातीय संस्कृति, लोककलाएं, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन केंद्र छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यटन को रोजगार और आर्थिक अवसरों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को वर्ष 2014 में देश के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके राष्ट्र के प्रति आजीवन समर्पण और अतुलनीय योगदान का सम्मान है। अटल जी का जीवन हमें सिखाता है कि सार्वजनिक जीवन में सिद्धांत, संवेदनशीलता, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का महत्व सर्वाेपरि है। उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए हम सभी को छत्तीसगढ़ के विकास, समृद्धि और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेना चाहिए।श्री अग्रवाल ने पुण्यतिथि पर श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती और प्रदेश की जनता उनके ऐतिहासिक योगदान को सदैव कृतज्ञता के साथ स्मरण करती रहेगी। अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की कल्पना की थी, उसे विकसित, समृद्ध, आत्मविश्वासी और अपनी संस्कृति एवं विरासत पर गर्व करने वाला प्रदेश बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
- -दिल्ली की राष्ट्रीय प्रदर्शनी में छाईं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की राखियां, महिला स्व-सहायता समूहों की रचनात्मकता ने खींचा व्यापारियों का ध्यान-स्थानीय उत्पादों को मिल रहा राष्ट्रीय बाजार, ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में बिहान की महिला उद्यमिता ने बढ़ाया कदमरायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत और रचनात्मकता अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। विकासखंड पेंड्रा की महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थानीय विष्णुभोग धान से तैयार की गई आकर्षक राखियों ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी में देशभर से पहुंचे व्यापारियों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी के बाद अब गुजरात और लुधियाना से इन राखियों के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिससे जिले की महिला उद्यमियों में उत्साह का माहौल है।दिल्ली में 6 से 8 अगस्त तक आयोजित बायोफेच इंडिया ईंटो ऑर्गेनिक प्रदर्शनी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के स्थानीय उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इस राष्ट्रीय मंच पर जिले के विष्णुभोग धान, शहद तथा विष्णुभोग धान से निर्मित राखियों को प्रदर्शित किया गया। इनमें विष्णुभोग धान से तैयार राखियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनीं। स्थानीय कृषि उत्पाद को रचनात्मकता के साथ उपयोग में लाकर तैयार की गई इन राखियों ने अपनी विशिष्टता के कारण प्रदर्शनी में पहुंचे व्यापारियों और आगंतुकों का ध्यान खींचा।विष्णुभोग धान जीपीएम की विशिष्ट पहचान रखने वाले स्थानीय उत्पादों में शामिल है। महिला स्व-सहायता समूहों ने इसी स्थानीय उत्पाद को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ते हुए राखी निर्माण में इसका रचनात्मक उपयोग किया। स्थानीय संसाधन और महिलाओं की सृजनात्मक क्षमता के इस मेल ने एक ऐसे उत्पाद को जन्म दिया, जिसमें जिले की पहचान, ग्रामीण महिलाओं की मेहनत और स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाई देती है। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में इन राखियों को मिली सराहना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय संसाधनों से तैयार गुणवत्तापूर्ण और नवाचार आधारित उत्पादों के लिए देशभर में बाजार की संभावनाएं मौजूद हैं। गुजरात और लुधियाना से मिले ऑर्डर ने इन महिला समूहों के उत्पादों के लिए नए बाजार के द्वार खोल दिए हैं।बिहान समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों में जिले के उत्पादों को प्रदर्शित कर उन्हें संभावित खरीदारों और व्यापारियों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।इसी क्रम में दिल्ली की राष्ट्रीय प्रदर्शनी में जिले के उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश के विभिन्न हिस्सों से आए व्यापारियों तक पहुंचने का अवसर मिला। इसका प्रत्यक्ष परिणाम गुजरात और लुधियाना से प्राप्त राखियों के ऑर्डर के रूप में सामने आया है।राज्यों से प्राप्त ऑर्डर से राखी निर्माण में जुटी महिला स्व-सहायता समूहों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्वरोजगार का अवसर मिलने के साथ अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का मंच भी मिल रहा है।विष्णुभोग धान से तैयार राखियां महिला समूहों की आय बढ़ाने का माध्यम बनने के साथ-साथ जिले के स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिला रही हैं। इससे महिलाओं को अपने हुनर को व्यावसायिक अवसर में बदलने का अवसर मिल रहा है और वे परिवार की आय में योगदान देने के साथ आर्थिक रूप से अधिक सशक्त हो रही हैं।बिहान महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय धान से तैयार राखियों को गुजरात और लुधियाना जैसे दूरस्थ बाजारों से ऑर्डर मिलना इस बात का संकेत है कि जिले के स्थानीय उत्पादों में राष्ट्रीय स्तर पर बाजार की मजबूत संभावनाएं हैं।महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत, स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास मिलकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही को ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। विष्णुभोग धान से निर्मित राखियों की राष्ट्रीय स्तर पर बनी पहचान जिले के लिए गौरव का विषय होने के साथ ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता और महिला उद्यमिता की सफलता की प्रेरक कहानी भी बन रही है।
- -ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4 के तहत सरगुजा से सैनिकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ की बहनों का स्नेह, सम्मान और आशीर्वादरायपुर । रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात सैनिक भाइयों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से संचालित ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुजा की महिलाओं एवं स्काउट-गाइड द्वारा एकत्रित रक्षा सूत्र सैनिकों के लिए रवाना किए। अंबिकापुर के सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वयं रक्षा सूत्र भेजकर सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह लगातार चौथा वर्ष है, जब छत्तीसगढ़ की बहनों की ओर से देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए रक्षा सूत्र भेजे जा रहे हैं। यह अभियान प्रदेश की महिलाओं के सैनिक भाइयों के प्रति स्नेह, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर जब पूरा देश अपने परिवार के साथ खुशियां मनाता है, तब हमारे सैनिक भाई अपने परिवार से दूर रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा में डटे रहते हैं। उनके त्याग और समर्पण को नमन करते हुए बहनों की ओर से भेजा गया यह रक्षा सूत्र प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद का संदेश लेकर जवानों तक पहुंचेगा।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि सैनिकों और देशवासियों के बीच भावनात्मक संबंध का प्रतीक है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताएं और बहनें देश के वीर जवानों को यह संदेश दे रही हैं कि पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवार और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से दूर रहने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं। छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए रक्षा सूत्र जब सैनिक भाइयों की कलाइयों पर बंधेंगे, तो उनमें प्रदेश की बहनों के स्नेह और आशीर्वाद की अनुभूति होगी।अभियान के संयोजक एवं पूर्व सैनिक महासभा के अध्यक्ष श्री महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने बताया कि ‘सिपाही रक्षा सूत्र’ अभियान की शुरुआत बिलासपुर से हुई थी। वर्ष 2023 में लगभग 6 लाख 71 हजार, वर्ष 2024 में लगभग 9 लाख और वर्ष 2025 में 12 लाख 21 हजार रक्षा सूत्र सैनिकों तक भेजे गए। इस तरह पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ से लगभग 27 लाख 92 हजार रक्षा सूत्र सैनिकों के सम्मान में भेजे जा चुके हैं।वर्ष 2026 में अभियान का चौथा चरण ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ के रूप में संचालित किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 21 लाख रक्षा सूत्र एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के माध्यम से थल सेना, जल सेना और वायु सेना के जवानों तक भी छत्तीसगढ़ की बहनों का रक्षा सूत्र पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम के बाद रक्षा सूत्रों से भरी वाहन रैली जशपुर होते हुए रांची की ओर रवाना होगी। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात सैनिकों तक रक्षा सूत्र पहुंचाए जाएंगे। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, पूर्व सांसद श्री कमल भान सिंह, श्री किसन सिंह, श्री भारत सिंह सिसौदिया, श्री विनोद हर्ष, श्रीमती अरुणा सिंह सहित जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक महासभा के पदाधिकारी, स्काउट-गाइड की सदस्याएं एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- -स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी-वंदे मातरम की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का प्रदर्शन-21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनीरायपुर । 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा राज्य की सुशासन और विकास यात्रा को प्रदर्शनी में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।इसी क्रम में बी.पी. पुजारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, राजातालाब रायपुर के विद्यार्थियों ने शिक्षिकाओं के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विद्यार्थी मानवी साहू, पलक साहू, योगिता विश्वकर्मा, आनंदित बोस और युगती सोनकर शिक्षिका अनवरी जावेद शेख एवं सुनील महर के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचे। विद्यार्थियों ने विभिन्न छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और प्रदर्शित सामग्री को उत्सुकता के साथ देखा तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी प्राप्त की।प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।प्रदर्शनी के माध्यम से नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर मिल रहा है कि स्वतंत्रता केवल संघर्ष और बलिदान का परिणाम नहीं, बल्कि देशवासियों की एकजुटता, राष्ट्रप्रेम और दृढ़ संकल्प की भी गौरवगाथा है।प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों को छायाचित्रों और ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण से अवगत कराया।प्रदर्शनी में राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित योजनाओं के माध्यम से विकास और सशक्तिकरण की तस्वीर प्रस्तुत की गई है।महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है। विद्यार्थियों ने इन योजनाओं के बारे में भी विशेष रुचि दिखाई।प्रदर्शनी में डिजिटल पंजीयन, सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा एवं अधोसंरचना विस्तार सहित राज्य की विकास यात्रा को भी छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों की झलक भी यहां देखने को मिल रही है।प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अनूठा संगम भी देखने को मिल रहा है। एआई आधारित विशेष पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। बच्चों और युवाओं में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इसके अलावा राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10ः30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास एवं वर्तमान विकास से परिचित कराने वाला अनुभव बताया।
- रायपुर । कृषि विभाग द्वारा कृषि आदान सामग्री के भंडारण, अभिलेखों के संधारण एवं विक्रय व्यवस्था की नियमित निगरानी के क्रम में बेमेतरा के विकासखंड बेरला अंतर्गत कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के संधारण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कृषि आदान विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।निरीक्षण के दौरान वर्मा कृषि केंद्र, कोदवा एवं जय भोले कृषि केंद्र, कोदवा में स्टॉक रजिस्टर एवं बिल बुक का नियमित एवं नियमानुसार संधारण नहीं किया जाना पाया गया। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए दोनों कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया तथा तत्काल प्रभाव से कृषि आदान सामग्री के विक्रय पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की गई।इसी प्रकार सिद्धिविनायक कृषि केंद्र, कोदवा एवं तिवारी कृषि केंद्र, घोटमर्रा के निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर का समुचित रूप से संधारण नहीं किया जाना पाया गया। इस पर संबंधित कृषि केंद्रों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।कृषि विभाग द्वारा कृषि आदान विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे उर्वरक, बीज, कीटनाशक सहित अन्य कृषि आदान सामग्री के भंडारण एवं विक्रय से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेखों का नियमित एवं नियमानुसार संधारण सुनिश्चित करें। स्टॉक रजिस्टर एवं बिल बुक में प्रत्येक आवक एवं विक्रय का सही एवं अद्यतन विवरण दर्ज किया जाए तथा शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।कृषि विभाग द्वारा कृषि आदान विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कृषि सामग्री के भंडारण एवं विक्रय में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कृषि आदान विक्रेताओं की जांच एवं निगरानी की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- -पीएम श्री सेजेस धरमजयगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा अर्चना एक्का के ‘ईको ब्रिक बैंक’ नवाचार का राष्ट्रीय स्तर पर चयनरायपुर । प्लास्टिक कचरे को समस्या के बजाय संसाधन के रूप में देखने वाली रायगढ़ जिले की छात्रा अर्चना एक्का ने अपने नवाचार से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। पीएम श्री सेजेस धरमजयगढ़ की कक्षा 11वीं की छात्रा अर्चना के नवाचार ‘ईको ब्रिक बैंक रू प्लास्टिक कचरे को उपयोगी उत्पादों में बदलना’ का राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ है। यह उपलब्धि उनकी रचनात्मक सोच, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान तलाशने की क्षमता को दर्शाती है।शैक्षणिक सत्र 2025-26 में अर्चना ने दुर्ग स्थित छत्रपति शिवाजी प्रौद्योगिकी संस्थान (सीएसआईटी) में आयोजित राज्य स्तरीय मार्गदर्शन सत्र में रायगढ़ जिले का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने विशेषज्ञों और मार्गदर्शकों के समक्ष अपने नवाचार का प्रतिरूप प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों के आधार पर परियोजना में आवश्यक सुधार किए गए। पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी वास्तविक समस्या के समाधान और परियोजना की उपयोगिता को देखते हुए ‘ईको ब्रिक बैंक’ का चयन राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया।अर्चना की परियोजना का उद्देश्य अनुपयोगी समझकर फेंके जाने वाले प्लास्टिक को एकत्रित कर उसका पुनः उपयोग करना और उससे टिकाऊ एवं उपयोगी उत्पाद तैयार करना है। परियोजना में प्लास्टिक कचरे से फर्नीचर सहित विभिन्न उपयोगी वस्तुओं के निर्माण की संभावनाओं पर काम किया गया है। यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे के बेहतर प्रबंधन की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है।‘ईको ब्रिक बैंक’ के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के साथ ही लोगों को कचरे के पुनः उपयोग, संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार के लिए जागरूक करने का प्रयास किया गया है।अर्चना अपनी सफलता का श्रेय अपनी मार्गदर्शक अनामिका लहरे के निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन को देती हैं। विद्यालय के प्राचार्य हकीम उल्लाह खान और व्याख्याता रवि कुमार यादव ने भी परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विद्यालय में विद्यार्थियों को नवाचार, प्रयोग और रचनात्मक गतिविधियों के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जाता है।विद्यालय में तैयार सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं को पहचानने और उनके समाधान के लिए नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इसी प्रोत्साहन का परिणाम है कि अर्चना का स्थानीय स्तर पर शुरू किया गया विचार अब राष्ट्रीय मंच तक पहुँचने में सफल हुआ है।अर्चना एक्का की यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पीएम श्री सेजेस धरमजयगढ़ और रायगढ़ जिले के लिए भी गौरव का विषय है। उनकी परियोजना यह संदेश देती है कि नवाचार के लिए हमेशा बड़े संसाधनों या अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की आवश्यकता नहीं होती। आसपास मौजूद किसी समस्या को संवेदनशीलता और रचनात्मक दृष्टिकोण से देखने पर भी समाधान की नई राह निकाली जा सकती है। प्लास्टिक कचरे में उपयोगिता और संभावना तलाशने वाली अर्चना की सोच अब राज्य की सीमाओं से आगे राष्ट्रीय मंच तक पहुँच गई है। उनकी यह पहल नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, नवाचार और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है।
- -बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने किया योजना का शुभारंभ-48 वैद्यों को हर्बल गार्डन के लिए प्रथम किस्त का स्वीकृति पत्र वितरित-जिला स्तरीय वैद्य सम्मेलन में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के संरक्षण और संवर्धन पर हुई चर्चारायपुर। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक स्वास्थ्य परंपरा और वनौषधियों के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विगत 13 अगस्त को छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा कोण्डागांव में जिला स्तरीय वैद्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। दक्षिण कोण्डागांव वनमंडल के काष्ठागार में आयोजित सम्मेलन में बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने हीलर हर्बल गार्डन योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 48 वैद्यों को अपने घर की बाड़ी में औषधीय पौधों का उद्यान विकसित करने के लिए प्रथम किस्त का स्वीकृति पत्र वितरित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। वैद्य रामप्रसाद निषाद, सुखमन मरकाम, हीरालाल मरकाम, जेठूराम प्रधान, श्रीमती चिला पोथाम, जयनाथ मरकाम, विशाल सोरी, सकालु राम कोर्राम, मोहन नेताम और नथाराम नाग ने पारंपरिक जड़ी-बूटियों और उनके उपचार में उपयोग से संबंधित अपना अनुभव साझा किया। वैद्यों ने पहचान पत्र जारी करने तथा वनौषधियों के संरक्षण में वैद्यों की भूमिका बढ़ाने का आग्रह किया। बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे.ए.सी.एस. राव ने बताया कि हीलर हर्बल गार्डन योजना के तहत वैद्य अपनी बाड़ी में सामान्य रूप से उपयोग होने वाली वनौषधियों का छोटा उद्यान तैयार कर सकेंगे। इसके लिए बोर्ड की ओर से आर्थिक और तकनीकी सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वैद्यों के समूहों को जड़ी-बूटियों की बेहतर प्रसंस्करण के लिए निःशुल्क पिसाई मशीन (पल्वराइजर) उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।उन्होंने कहा कि वैद्यों के निवास वाले गांवों के स्कूलों में स्कूल हर्बल गार्डन विकसित करने के लिए भी बोर्ड तकनीकी और आर्थिक सहायता प्रदान कर रहा है। साथ ही प्रदेश के वैद्यों के प्रमाणीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। वैद्यों द्वारा तैयार औषधीय उत्पादों और पारंपरिक उपचार से जुड़े उत्पादों के पेटेंट में भी बोर्ड सहयोग करेगा।दक्षिण कोण्डागांव वनमंडल अधिकारी श्री चूड़ामणि सिंह ने वैद्यों की सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने वनौषधियों के उपयोग की मात्रा और उपचार संबंधी जानकारी को व्यवस्थित करने, विभिन्न बीमारियों के विशेषज्ञ वैद्यों की सूची तैयार करने तथा उनके अनुभवों को साझा करने की आवश्यकता बताई।उन्होंने कम हो रही वनौषधियों की जानकारी वैद्यों से उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए आवश्यक योजना बनाई जा सके। उन्होंने वैद्यों के साथ हर महीने बैठक आयोजित करने और वनौषधियों से संबंधित उपयोगी जानकारी का प्रकाशन एवं प्रचार-प्रसार करने की बात कही।बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने कहा कि सरकार वैद्यों और पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों के संरक्षण के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों में वैद्य सम्मेलन आयोजित कर वैद्यों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अगले तीन महीनों में राज्य के सभी जिलों में वैद्य सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।श्री मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज और वैद्यों ने पारंपरिक भोजन, दैनिक जीवनशैली, स्वास्थ्य परंपराओं और उपचार पद्धतियों के ज्ञान को आज भी जीवित रखा है। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में अखिल भारतीय वैद्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें विशेषज्ञ वैद्यों को अपनी उपचार पद्धतियों का प्रदर्शन करने के लिए मंच और स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे।कार्यक्रम के अंत में बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने हीलर हर्बल गार्डन योजना का विधिवत शुभारंभ करते हुए 48 वैद्यों को प्रथम किस्त का स्वीकृति पत्र वितरित किया। सम्मेलन में शामिल सभी वैद्यों को सहभागिता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया।सम्मेलन में दक्षिण कोण्डागांव और केशकाल वनमंडल से लगभग 200 वैद्य शामिल हुए। इस अवसर पर उपवनमंडल अधिकारी श्री आशीष कुमार कोटरीवार, परिक्षेत्र अधिकारी श्री मोतीलाल बेसरिया, श्री प्रतीक वर्मा सहित दोनों वनमंडलों और बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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