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- -उप मुख्यमंत्री कर्मा महोत्सव में हुए शामिल, तैलीय सदन का किया लोकार्पणरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन सामाजिक भवन नामकरण एवं लोकार्पण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने सामाजिक पदाधिकारियों के साथ एक करोड़ रुपए की लागत से निर्मित भव्य तैलीय सदन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, दंतेवाड़ा के विधायक श्री चौतराम अटामी और किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह भी महोत्सव में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कर्मा महोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि किरंदुल में छत्तीसगढ़ का सबसे भव्य साहू समाज का भवन बना है। इस भवन का रोज उपयोग हो, ऐसी व्यवस्था बनाएं। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और मेहनत साहू समाज की ताकत और विशेषता है। हमारी इस पहचान को बनाकर रखना है।श्री साव ने कहा कि सभी समाजों के साथ साहू समाज का आत्मीय संबंध है। यह सभी के साथ मिलकर चलने वाला समाज है। साहू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश-विदेश में समाज के युवा अनेक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। भक्त माता कर्मा के बताए मार्ग पर चलकर हमें समाज को ऊंचाईयों पर पहुंचाना है।छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू ने अपने संबोधन में कहा कि साहू समाज का तेल निकालने का पुश्तैनी काम रहा है। हमारे इस पुश्तैनी व्यवसाय को पुनर्स्थापित करना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों को तेल निकालने की मशीन लगाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि तेल निकालने की मशीनों पर सरकार द्वारा 35 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। समाज के लोग इसका लाभ लेकर तेल निकालने का उद्यम कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।विधायक श्री चौतराम अटामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज के लोग किरंदुल में सक्रियता से काम कर रहे हैं। समाज के 300 परिवार यहां रहते हैं। उन्होंने समाज की मांग पर शैक्षणिक कार्य के लिए कमरा बनाने की घोषणा की। किरंदुल नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रुबी शैलेन्द्र सिंह, किरंदुल तहसील साहू समाज के अध्यक्ष श्री टीकमचंद साहू और छत्तीसगढ़ साहू समाज के संगठन सचिव श्री ओमप्रकाश साहू ने भी कर्मा महोत्सव को संबोधित किया।कार्यक्रम में उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए श्री लालाराम साहू को समाजरत्न सम्मान दिया गया। माता कर्मा प्रांगण में दीवारों कर कलाकृति बनाने वाले कलाकार श्री कामता राम कोर्राम को भी सम्मानित किया गया। भगवताचार्य श्रीमती यामिनी देवी साहू, लोक गायिका सुश्री आरू साहू, पार्षद श्री विनोद साहू और तहसील साहू समाज के संरक्षक श्री ओम साहू सहित साहू समाज के प्रदेशभर के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साथ के मार्गदर्शन में नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के विभिन्न 10 स्थानों पर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे है। इस हेतु छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी 10 जोनों में सुशासन विहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन की प्रशासनिक कार्यवाही जोनवार निरन्तर प्रगति पर है।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 अंतर्गत वार्ड कमांक 22, 23, 24, 25, 36, 37 एवं 38 क्षेत्र हेतु दिनांक 8 जून 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में अंतिम और दसवां जनसमस्या निवारण शिविर पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में लगाया जायेगा।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जोनवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन हेतु संबंधित जोन क्षेत्र के जोन कमिश्नर को सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जोन कमिश्नर नोडल अधिकारी शिविर के आयोजन हेतु उत्तरदायी होंगे। आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में शिविर स्थलों में प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। जनसमस्या निवारण शिविर में रायपुर नगर पालिक निगम सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजस्व, विद्युत, खाद्य, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशु धन विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ईडीएम, श्रम विभाग आदि हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित सर्व विभाग भी उपस्थित रहेंगे।निर्देश दिये गये है कि सुशासन तिहार के सफाई और सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाये और अभियान को जन आंदोलन का रूप देते हुए अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाये। जिससे शासन की योजनाओं का व्यापक लाभ नागरिको को प्राप्त हो सके। विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने शिविर में पात्र हितग्राहियों को लाभवितरण किये जाने, शिविरों में प्राप्त आवेदन पत्रों का अधिकतम 1 माह में निराकरण सुनिश्चित किये जाने, प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने संबंधित शिविर से जुड़े क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने, शिविर स्थल पर अनुशांगिक व्यवस्था जैसे छाया, कुर्सी टेबल, पेयजल हेतु घडे आदि की व्यवस्था एवं पानी पिलाने वाले कर्मचारी सहित अन्य की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरो का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।
- रायपुर - रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री नर सिंह मण्डल को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन करने रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 10 के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर के गुरू घासीदास कॉलोनी में सतनामी समाज के सांस्कृतिक भवन प्रांगण में स्थित स्वर्गीय श्री नर सिंह मण्डल की प्रतिमा स्थल के समक्ष रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने नगर निगम संस्कृति विभाग की ओर से रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री नर सिंह मण्डल को उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन किया. प्रमुख रूप से पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रतिमा स्थल पर रायपुर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय श्री नर सिंह मण्डल को रायपुर नगर निगम के पूर्व पार्षद श्री सुन्दर जोगी, वरिष्ठ पत्रकार श्री सुखनन्दन बंजारे, सतनामी समाज के पदाधिकारी सर्वश्री मनीष कोसरिया, नंदू मार्कण्डेय, तुलाराम टंडन, पं.अंजोर दास बंजारे, सुखदास बंजारे, नरेश कुमार, मान सिंग गिलहरे, प्रकाश बन्दे, चेतन चंदेल सहित रायपुर नगर पालिक निगम जोन 10 के उपअभियंता श्री राहुल थारानी ने सादर नमन किया.
- दुर्ग / जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक 6 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष दुर्ग में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कलेक्टर श्री सिंह ने विभिन्न शासकीय विभागीय योजनाओं का विभागवार एवं बैंकवार समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा के दौरान जिन विभागों की योजनाओं के प्रगति में कमी पायी गई उन्हंे वित्तीय वर्ष में पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया। साथ ही विभागों एवं बैंक के मध्य उचित समन्वय स्थापित कर दुर्ग जिले में चल रहे विभिन्न योजनाओं के लक्ष्य पूर्ति हेतु निर्देशित किया। बैठक में बैंकों की सीडी रेशियों, प्राथमिकता क्षेत्र अंतर्गत दिए जाने वाले लोन, जनसुरक्षा योजना बीमा, पेंशन तथा विभिन्न विभागों के शासकीय योजनाओं की बैंकों में लंबित आवेदनों की विस्तृत चर्चा कर समीक्षा की गई, जिसमें चारों नगर निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली, भिलाई चरौदा के कमिश्नर की उपस्थिति में कलेक्टर द्वारा पीएम स्वनिधि योजना की बैंकवार समीक्षा करते हुए 15 जून तक सारे लंबित आवेदन को निराकृत कर पोर्टल में अपडेट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना पीएम एफएमई, पीएम ईजीपी, खादी ग्रामोद्योग व पीएम अजय योजना अंत्यावसायी विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, मछली पालन, पशु पालन अंतर्गत बैंकों में लंबित आवेदनों की प्रगति व शिकायतों की समीक्षा किया गया। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर से एलडीओ श्री सदानंद बास्की, जिला पंचायत मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री संजय गर्ग, नाबार्ड से श्रीमती अंशु गोयल, बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी निदेशक श्री गुलशन कुमार, एफएलसी दुर्ग श्री लेखराम ध्रुव, सीईओ अंत्यावसायी श्री आदर्श साव, डीपीएम एनआरएलएम श्री सागर पंसारी तथा बैंकों के जिला समन्वयक, शाखा प्रबंधक, विभागीय जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर । मौसम वैज्ञानिकों द्वारा वर्ष 2026 के मानसून को लेकर जारी पूर्वानुमानों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में वर्षा दीर्घकालिक औसत के लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। एल-नीनो के प्रभाव के कारण मानसून सामान्य से कमजोर रहने और जून माह में भी अपेक्षाकृत कम बारिश होने के संकेत हैं। ऐसे में कृषि विशेषज्ञ किसानों को जल संरक्षण आधारित वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह दे रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि कम वर्षा की स्थिति में धान की सीड ड्रिल से कतार बोनी किसानों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो सकती है। इस पद्धति में बीज निर्धारित गहराई और समान दूरी पर बोए जाते हैं, जिससे अंकुरण बेहतर होता है तथा पौधों की जड़ें अधिक गहराई तक विकसित होती हैं। मजबूत जड़ प्रणाली मिट्टी में उपलब्ध सीमित नमी का प्रभावी उपयोग करती है, जिससे सूखे जैसी परिस्थितियों में भी फसल अपेक्षाकृत सुरक्षित रहती है।कतार बोनी का एक अन्य महत्वपूर्ण लाभ यह है कि पौधों के बीच प्रतिस्पर्धा कम होती है। परिणामस्वरूप उपलब्ध पानी, पोषक तत्व और सूर्य प्रकाश का संतुलित उपयोग होता है। साथ ही निराई-गुड़ाई और खरपतवार नियंत्रण भी आसान हो जाता है, जिससे मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है।कृषि विभाग किसानों को नैनो डीएपी के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसमें मौजूद फास्फोरस के सूक्ष्म कण पौधों द्वारा आसानी से अवशोषित किए जाते हैं। इससे जड़ों का विकास तेज होता है, प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है और पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता बढ़ती है। कम नमी की स्थिति में भी पौधे उपलब्ध पोषक तत्वों का बेहतर उपयोग कर पाते हैं।कृषि विभाग ने किसानों से खरीफ 2026 में कतार बोनी, मेड़बंदी, वर्षा जल संरक्षण तथा नैनो डीएपी, नैनो यूरिया और जैव उर्वरकों के संतुलित उपयोग को अपनाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक तकनीकों का समन्वित प्रयोग कम वर्षा के बावजूद उत्पादन को स्थिर और लाभकारी बनाए रखने की कुंजी है।
- -रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना सरकार की प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव श्री प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
- -राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन में कहा श्री डेका ने- भरोसा और गोपनीयता ही इस पेशे की सबसे बड़ी पूंजीरायपुर / छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट केवल खातों और कर संबंधी सलाह देने वाले पेशेवर नहीं हैं, बल्कि वे व्यवसायों को सही दिशा दिखाने वाले भरोसेमंद मार्गदर्शक भी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता में लेखांकन की भूमिका रीढ़ की हड्डी की तरह होती है और बदलते समय के साथ इसकी जिम्मेदारियां पहले से कहीं अधिक व्यापक हो गई हैं।राज्यपाल रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का आयोजन भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) की रायपुर शाखा और सेंट्रल इंडिया चार्टर्ड एकाउंटेंट्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (सिकासा) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। देशभर से आए एक हजार से अधिक सीए विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। राज्यपाल ने कहा कि देश के विकास और सुचारु प्रशासन के लिए कर राजस्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से अपील की कि वे पात्र नागरिकों को कर भुगतान के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग कर चुकाना चाहते हैं, लेकिन कई बार जटिल प्रक्रियाएं उनके सामने कठिनाई पैदा करती हैं। विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कर प्रणाली को अधिक सरल और सुगम बनाया जाना चाहिए।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत में रोजगार सृजन का सबसे बड़ा आधार छोटे व्यवसाय और उद्यमी हैं। इसलिए व्यापार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लघु और मध्यम उद्योग देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि तकनीक का उपयोग सकारात्मक और रचनात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई मानव मस्तिष्क की जगह नहीं ले सकता, बल्कि उसे बेहतर बनाने और कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से करने का माध्यम बन सकता है।युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डिजिटल लत व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देशों में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मोबाइल उपयोग को लेकर विशेष प्रतिबंध और दिशानिर्देश बनाए गए हैं।सीए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस पेशे की सबसे बड़ी ताकत विश्वास और गोपनीयता है। ग्राहक का भरोसा केवल पेशेवर की कार्यशैली, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों पर निर्भर करता है। यही विश्वास एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सीए बनने के बाद उनके सामने अनेक अवसर होंगे। इसलिए उन्हें पूरे उत्साह और समर्पण के साथ अपने क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। साथ ही जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करना चाहिए, जो किसी व्यक्तिगत लाभ या लेन-देन से जुड़ा न हो, बल्कि समाज के हित में हो।कार्यक्रम के दौरान एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया। सम्मेलन में आईसीएआई बोर्ड ऑफ स्टडीज के अध्यक्ष सीए राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष सीए ज्ञान चंद्र मिश्रा, रायपुर आईसीएआई मैनेजिंग कमेटी की चेयरपर्सन सीए रश्मि वर्मा सहित विभिन्न पदाधिकारी, कार्यकारिणी सदस्य और बड़ी संख्या में सीए विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- -युवाओं को मिलेगा लोक कलाओं का प्रशिक्षणरायपुर / संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 8 जून से 14 जून 2026 तक सरगुजा संभाग के उदयपुर और लखनपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रदेश की लोक कला परंपराओं से जोड़ना तथा उनमें पारंपरिक शिल्प और कला के प्रति रुचि विकसित करना है।संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को नृत्य, नाटक, वाद्ययंत्र, चित्रकला, क्ले आर्ट, म्यूरल आर्ट, हस्तकढ़ाई, ड्राई फ्लावर आर्ट, कोरिया कला, रजवार मिट्टी चित्र, मेहंदी, मृदा शिल्प, गोदना कला और बांस शिल्प सहित कुल 14 पारंपरिक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन विधाओं में प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों और पारंगत कला गुरुओं द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को कला के व्यावहारिक एवं तकनीकी पक्षों की जानकारी मिल सके।शिविर के अंतर्गत उदयपुर में प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित होगा, जबकि लखनपुर में पीएमश्री स्कूल परिसर में शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया 6 जून से प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित शुल्क जमा कर इसमें भाग ले सकते हैं।“आकार-2026” का उद्देश्य केवल पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रदेश की विलुप्तप्राय और लोक जीवन से जुड़ी कला विधाओं को संरक्षित करना भी है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवा कलाकारों को अनुभवी गुरुओं के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और भविष्य में स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रशिक्षण शिविर के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 100 रुपये निर्धारित किया गया है। दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी तथा उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी में लोक कला और शिल्प परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। “आकार-2026” न केवल कला प्रशिक्षण का मंच बनेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी साबित होगा।वेबसाइट www.cgculture.in से आवेदन पत्र का प्रारूप डाउनलोड किया जा सकता है। ई-मेल sanskriti.rajbhasha@ gmail.com एवं वेबसाइट www.cgculture.in से प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। अन्य जानकारी हेतु श्री अनूप किंडो प्रभारी अधिकारी आकार से मोबाइल नंबर 77730-49560 और संचालनालय संस्कृति विभाग रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2995629 और 0771-2537404 पर कार्यालयीन समय पर संपर्क कर सकते हैं।
- -रायपुर में 8 से 12 जून तक विशेष प्रदर्शनी-महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय की आर्ट गैलरी में लगेगी दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी, 9 जून को होगा विशेष व्याख्यानरायपुर / संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अवसर पर 8 से 12 जून 2026 तक राजधानी रायपुर में विशेष प्रदर्शनी एवं व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय स्थित आर्ट गैलरी में होगा, जहां आम नागरिकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और इतिहास प्रेमियों को ऐतिहासिक अभिलेखों और दस्तावेजों को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी में नीति, नियम और शासन संबंधी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेजों के छायाचित्र प्रदर्शित किए जाएंगे। इन अभिलेखों के माध्यम से प्रदेश और देश के प्रशासनिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक इतिहास की महत्वपूर्ण झलक देखने को मिलेगी। प्रदर्शनी प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से अपराह्न 5 बजे तक आमजन के लिए खुली रहेगी।अंतर्राष्ट्रीय अभिलेखागार सप्ताह के अंतर्गत 9 जून 2026 को विशेष व्याख्यान कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। न्याय के लिए अभिलेखागार, अधिकार, स्मृति और भविष्य विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में अभिलेखों के महत्व, उनके संरक्षण और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली के विशेषज्ञ श्री दीपक तथा भुवनेश्वर, (ओडिशा) के श्री सत्यनारायण मिश्र विषय विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार साझा करेंगे। दोनों विशेषज्ञ अभिलेखागारों की उपयोगिता, ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण की चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डालेंगे।आयोजकों के अनुसार यह प्रदर्शनी और व्याख्यान कार्यक्रम विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, इतिहासकारों तथा अभिलेख संरक्षण में रुचि रखने वाले नागरिकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को अभिलेखागारों की भूमिका, ऐतिहासिक दस्तावेजों के महत्व तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा।पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में आम नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा अभिलेखागारों के महत्व को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना है। नागरिक 8 से 12 जून तक आर्ट गैलरी, महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर पहुंचकर इस विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं।
- - पावर ट्रांसफॉर्मर सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत, क्षमता बढ़कर 160 एमवीए हुईरायपुर, । छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) ने राजधानी सहित दुर्ग की विद्युत पारेषण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। 220/132 केवी उपकेंद्र, भिलाई में 160 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफॉर्मर की स्थापना की गई। इसे छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बटन दबाकर ऊर्जीकृत कर दिया।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री शुक्ला ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, अभियंताओं एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि सीएसपीटीसीएल राज्य की विद्युत पारेषण प्रणाली को आधुनिक, सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने के लिए निरंतर कार्यरत है तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर मुख्य अभियंता (सब-स्टेशन) श्री अब्राहम वर्गीज, मुख्य अभियंता (सिविल) श्री संजय तिवारी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री आर. के. तिवारी सहित सीएसपीटीसीएल एवं सीएसपीडीसीएल के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि योजना के अंतर्गत पूर्व स्थापित 125 एमवीए पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता को बढ़ाकर 160 एमवीए किया गया है। इस क्षमता वृद्धि से भिलाई एवं आसपास के औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। परियोजना के पूर्ण होने से राजधनी रायपुर सहित दुर्ग, भिलाई, गुरूर, बालोद तथा आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती विद्युत मांग की पूर्ति करने में सहायता मिलेगी। साथ ही विद्युत तंत्र की विश्वसनीयता में वृद्धि, वोल्टेज प्रोफाइल में सुधार तथा पारेषण तंत्र पर भार के बेहतर वितरण के कारण ओवरलोडिंग की संभावनाओं में भी कमी आएगी। यह क्षमता वृद्धि भविष्य की औद्योगिक एवं शहरी विकास आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु पर्याप्त पारेषण अधोसंरचना उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- -पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए 27 हजार बूथों तक पहुँचेंगे भाजपा कार्यकर्ता’रायपुर।’ भारतीय जनता पार्टी द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए एक वृहद और ऐतिहासिक पौधारोपण अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस महा-अभियान के तहत पूरे प्रदेश में 21 लाख पौधे रोपने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं बारह साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के अभियान के प्रदेश प्रभारी अखिलेश सोनी ने इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना के बारे में बताया।भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री सोनी ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना और धरती को हरा-भरा करना भाजपा की वैचारिक और सामाजिक प्राथमिकताओं में शीर्ष पर है। इसी के मद्देनजर पार्टी ने इस बार प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को एक जन-आंदोलन का रूप देने का निर्णय लिया है। यह अभियान केवल शहरों या प्रमुख स्थानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे सीधे तौर पर संगठन की सबसे मजबूत इकाई श्बूथश् से जोड़ा गया है। प्रदेश के सभी बूथों में अनिवार्य रूप से पौधारोपण का कार्य किया जाएगा। श्री सोनी ने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस अभियान में श्पर्यावरण प्रहरीश् की भूमिका निभाएगा। हमारा उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने और उनके संवर्धन की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। हर बूथ स्तर पर इसके लिए विशेष टोलियों का गठन किया जा रहा है। समाज के सभी वर्गों, पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से इस पुनीत कार्य में जुड़ने का आह्वान किया गया है। श्री सोनी ने कहा कि बदलते मौसम चक्र और बढ़ते तापमान से निपटने का एकमात्र जरिया हरित आवरण को बढ़ाना है। पार्टी के सभी जन-प्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान का नेतृत्व करेंगे।
- बालोद । नैनो उर्वरक का उपयोग कर बालोद जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम नंगुटोला के किसान श्री जाहिद अंसारी अब अपनी खेती को बेहतर उत्पादन एवं मुनाफेदार बना रहे हैं। वे नैनो उर्वरक का वैज्ञानिक पद्धति से उपयोग कर अपने फसल उत्पादन में वृद्धि कर रहे है। किसान श्री जाहिद अंसारी ने बताया कि वे लगभग 07 एकड़ भूमि पर कृषि कार्य करते हैं। वे खरीफ सीजन में धान की फसल तथा रबी सीजन में मुख्य रूप से चना और गेहूं की खेती करते हैं। इसके लिए वे प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति रेंगाडबरी से उन्नत बीज और खाद प्राप्त करते हैं। जाहिद ने बताया कि इस वर्ष भी उन्होंने समय पर सहकारी समिति से पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज का उठाव कर लिया है। नैनो उर्वरक के उपयोग के संबंध में अपने अनुभव साझा करते हुए श्री जाहिद अंसारी ने कहा कि उसने कृषि विभाग के अधिकारियों के तकनीकी मार्गदर्शन में अपने खेतों में नैनो उर्वरक का छिड़काव किया है। इसका परिणाम बेहद ही प्रभावी रहा है। नैनो खाद के उपयोग से न केवल धान, चना, गेहूं की फसल की गुणवत्ता सुधरी है तथा बल्कि प्रति एकड़ उत्पादन में भी बेहतरीन वृद्धि हुई है। उन्होंने जिले के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे पारंपरिक खादों पर निर्भरता कम कर नैनो उर्वरक को अपनाएं, जिससे कम लागत में बेहतर और पौष्टिक फसल का उत्पादन किया जा सके। श्री जाहिद अंसारी ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा चलाई जा रही कृषक उन्नति योजना की सराहना करते हुए बताया कि इस योजना के तहत धान का बढ़ा हुआ मूल्य मिलने से हम किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। योजना से मिली अतिरिक्त राशि का उपयोग वे अपने खेती-किसानी के कार्यों को बेहतर बनाने में कर रहे हैं। किसान हितैषी योजनाओं के निरंतर संचालन और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए किसान श्री जाहिद अंसारी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहर्ष आभार व्यक्त किया है।
- बालोद । विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर आज जिला मुख्यालय बालोद में ’फिट इंडिया मूवमेंट’ के अंतर्गत साइकिल रैली का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित यह रैली सुबह 06.30 बजे से जिला मुख्यालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान से शुरू हुई। संडे आॅन सायकल (सायकल रैली) सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान से प्रारंभ होकर, घड़ी चैक, पुराना बस स्टैण्ड, सदर मार्केट से होते हुए मधु चैक, कचहरी चैक वापस घड़ी चैक होते हुए कार्यक्रम स्थल सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान में समाप्त हुई। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद बालोद के उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु शपथ दिलाई। इस गरिमामयी आयोजन में पार्षद श्री गिरिजेश गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को दैनिक जीवन में साइकिल अपनाने, शारीरिक रूप से एक्टिव रहने और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करना था।
- -किसान अर्जुन यादव के लिए आसान हुई खेती की तैयारीरायपुर / राज्य शासन की किसान हितैषी पहल और कृषि विभाग की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है।जिले के विकासखंड अभनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भेलवाडीह के किसान श्री अर्जुन यादव ने उर्वरक वितरण व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें समिति केंद्र में बिना किसी परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो गया। उन्होंने कहा कि समिति पहुंचने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका परमिट तत्काल जारी किया गया तथा आवश्यक उर्वरक भी आसानी से प्राप्त हो गया।किसान श्री अर्जुन यादव ने बताया कि वे 4 एकड़ कृषि भूमि पर खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समिति से उन्हें खेती की आवश्यकता के अनुसार 4 बोरी डीएपी, 4 बोरी यूरिया खाद प्राप्त हुआ है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल प्रबंधन में सुविधा होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत समिति केंद्र में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली से किसानों का समय बच रहा है तथा खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो पा रही हैं।श्री यादव ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाओं से खेती-किसानी के कार्यों में काफी सुविधा हुई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के प्रयासों का सीधा लाभ ग्रामीण अंचलों के किसानों को मिल रहा है।
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-पर्यटन, संस्कृति और निवेश की संभावनाओं का भव्य प्रदर्शन
-ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को मिलेगा नया आयाम, पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने दिखाई विशेष रुचि
रायपुर / छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने सहयोगी संस्था फिक्की (FICCI) के साथ मिलकर भुवनेश्वर के मेफेयर कन्वेंशन सेंटर में भव्य छत्तीसगढ़ पर्यटन रोड शो का सफल आयोजन किया गया। इस रोड शो में छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों, आध्यात्मिक स्थलों, प्राकृतिक जलप्रपातों, घने वनों, वन्यजीव अभ्यारण्यों, लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। साथ ही पर्यटन निवेश, नए पर्यटन उत्पादों और संभावित व्यावसायिक अवसरों पर भी विस्तार से जानकारी साझा की गई।
इस कार्यक्रम में पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों, टूर ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों, ट्रैवल एजेंट्स, मीडिया प्रतिनिधियों और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करना तथा ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन सहयोग को और मजबूत बनाना था। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओडिशा के टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स और होटल व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने और अपने पर्यटक समूहों को छत्तीसगढ़ लाने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए निजी क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। श्री शर्मा ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच संयुक्त पर्यटन गतिविधियों और आयोजनों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय पर्यटन को नई गति मिलेगी और दोनों राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे।
छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन विभाग के सचिव श्री एस. भारती दासन ने कहा कि राज्य सरकार सतत और अनुभव-आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जहां पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय जीवन, आध्यात्मिक स्थलों और रोमांचक पर्यटन गतिविधियों का अनूठा अनुभव प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न माध्यमों से पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार कर रही है तथा नई दिल्ली, कोलकाता, वडोदरा और भोपाल सहित प्रमुख शहरों में पर्यटन सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। जल्द ही ओडिशा में भी छत्तीसगढ़ पर्यटन का कार्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों और पर्यटन उद्योग को और अधिक सुविधा मिल सकेगी।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने कहा कि पर्यटन बोर्ड राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने, पर्यटकों के अनुभव को बेहतर करने और छत्तीसगढ़ को देश के उभरते पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने ओडिशा के ट्रैवल ट्रेड पार्टनर्स को छत्तीसगढ़ के विभिन्न थीम आधारित पर्यटन सर्किटों और विशेष पर्यटन अनुभवों के प्रचार-प्रसार में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाली रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। इसके बाद रोड शो सत्र में राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, निवेश संभावनाओं और नए पर्यटन उत्पादों पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इससे पहले आयोजित बी-टू-बी नेटवर्किंग सत्र में ओडिशा के टूर ऑपरेटर्स और छत्तीसगढ़ के पर्यटन हितधारकों के बीच सार्थक संवाद हुआ। इस दौरान भविष्य में संयुक्त पर्यटन पैकेज, व्यवसायिक साझेदारी और पर्यटन प्रचार-प्रसार के विभिन्न अवसरों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित ट्रैवल और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के प्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और एडवेंचर पर्यटन के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में बढ़ावा देने में रुचि व्यक्त की। आयोजन का समापन नेटवर्किंग डिनर के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने पर्यटन क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनहित में आयोजित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम जोन-10 कमल विहार गेट के पास देवपुरी धर्मशाला (गुरूद्वारा) में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में डूमरतराई निवासी श्रीमती मोनिका सिंह का राशन कार्ड एवं लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल बनाकर प्रदान किया गया। श्रीमती सिंह ने सुशासन तिहार की सराहना करते हुए कहा कि शिविर में मात्र 10 मिनट के भीतर मेरा राशन कार्ड एवं लाइसेंस बनाकर प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि शिविर में विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों द्वारा त्वरित एवं प्रभावी ढंग से कार्य किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को कम समय में आवश्यक सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
- -धान से लेकर सब्जियों तक दिखा सकारात्मक असररायपुर। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का बढ़ता उपयोग किसानों की आय और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सरगुजा जिले के लुंड्रा विकासखंड के ग्राम पसेना निवासी प्रगतिशील किसान गोविंद कुमार बेहरा इसकी मिसाल बनकर उभरे हैं। लगभग 17.75 एकड़ भूमि में खेती करने वाले गोविंद पिछले दो-तीन वर्षों से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणामों से उत्साहित हैं।गोविंद बताते हैं कि उन्होंने शुरुआत में नैनो उर्वरकों का प्रयोग परीक्षण के रूप में किया था, लेकिन बेहतर परिणाम मिलने के बाद इसका उपयोग नियमित रूप से करने लगे। विशेष रूप से धान की फसल में उन्हें उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार देखने को मिला। उनके अनुसार नैनो उर्वरक पौधों तक पोषक तत्वों की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं, जिससे फसल का विकास बेहतर होता है।वे धान के साथ खीरा, बैंगन जैसी सब्जी फसलों की भी खेती करते हैं। उनका कहना है कि नैनो उर्वरकों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्हें कम मात्रा में आसानी से परिवहन और उपयोग किया जा सकता है। इससे किसानों का श्रम, समय और लागत तीनों की बचत होती है। गोविंद का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किए जाने पर नैनो उर्वरक उत्पादन बढ़ाने में सहायक हैं। वे अन्य किसानों से भी आधुनिक तकनीकों को अपनाने और नैनो उर्वरकों के उपयोग के माध्यम से टिकाऊ एवं लाभकारी खेती की दिशा में आगे बढ़ने की अपील करते हैं।
- रायपुर। सुशासन तिहार आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम जोधपुर निवासी किसान सानू कुमार रजवाड़े को भी इस पहल से बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के अभाव में खेती के लिए आवश्यक खाद और बीज निजी दुकानों से खरीदने को मजबूर सानू की समस्या का समाधान अब हो गया है।सानू कुमार बताते हैं कि किसान क्रेडिट कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें कृषि आदानों की खरीद नकद भुगतान कर करनी पड़ती थी। इससे खेती की लागत बढ़ जाती थी और कई बार आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सहकारी समिति से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा था।सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने समाधान शिविर में अपनी समस्या रखी। आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उनका किसान क्रेडिट कार्ड बना दिया गया। अब वे सहकारी समिति के माध्यम से खाद और बीज आसानी से प्राप्त कर सकेंगे, जिससे खेती की तैयारियां अधिक सुगम हो गई हैं। सानू के अनुसार अब उन्हें निजी दुकानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। समय पर कृषि आदान उपलब्ध होने से खेती की लागत कम होगी और आर्थिक बचत भी होगी। वे कहते हैं कि एक छोटे से दस्तावेज ने उनकी बड़ी समस्या का समाधान कर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में किसानों और आम नागरिकों के लिए राहत का माध्यम बन रहा है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के परिवारों के जीवन में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) योजना एक नई रोशनी लेकर आई है। इस योजना ने नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम गारपा के निवासी लखमुराम के जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल दी है। वर्षों से कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर इस आदिवासी परिवार को अब अपना पक्का आवास मिल गया है।लखमुराम का परिवार पीढ़ियों से एक कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रहा था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण खुद का पक्का मकान बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था। हर साल मानसून आते ही परिवार की चिंताएं बढ़ जाती थीं। बरसात के मौसम में घर की छत से लगातार पानी टपकता था। तेज हवाएं, कड़कड़ाती ठंड और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के बीच पूरा परिवार हमेशा डर के साये में जीने को मजबूर था। कच्चे और सीलन भरे घर के कारण बच्चों की शिक्षा पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा था।जब लखमुराम का चयन पीएम जनमन योजना के तहत हुआ, तो उनके परिवार की किस्मत बदल गई। योजना के अंतर्गत पक्के आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता सीधे उनके खाते में ट्रांसफर की गई। प्रशासन की निगरानी और लखमुराम की मेहनत से निर्धारित समय के भीतर एक सुंदर और मजबूत पक्का मकान बनकर तैयार हो गया।नए घर में गृह प्रवेश के दौरान लखमुराम और उनके परिजनों के चेहरों पर जो मुस्कान थी, वह बयां कर रही थी कि यह बदलाव कितना बड़ा है। लखमुराम ने भावुक होते हुए कहा कि मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वनांचल के इस सुदूर इलाके में मेरा भी कभी एक पक्का और सुरक्षित घर होगा। अब मेरे बच्चों को पढ़ने के लिए शांत और बेहतर माहौल मिला है। हमें बारिश, धूप और आंधी-तूफान के डर से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है। यह घर हमारे लिए केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और हमारे बच्चों के बेहतर भविष्य का प्रतीक है। उन्होंने इस मदद के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।लखमुराम की यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब सरकार की जन कल्याणकारी नीतियां धरातल पर सही व्यक्ति तक पहुँचती हैं, तो जीवन में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन आता है। पीएम जनमन योजना आज छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों में रह रहे हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है, जो उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रही है।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष सुश्री साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर श्री नेहरू राम निषाद, श्री एमएस चंद्र कांति वर्मा एवं श्री अमित श्रीवास्तव उपस्थित थे।
- -चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री, समाज की एकता और संगठन शक्ति की सराहना-छाती-झूरानवागांव सड़क, नवीन हायर सेकेंडरी भवन, नगर पंचायत और नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि की घोषणारायपुर। संगठित, शिक्षित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र निर्माण की वास्तविक शक्ति होता है। समाज जितना सशक्त होगा, राष्ट्र उतना ही प्रगतिशील, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चन्द्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस गौरवशाली समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना, संगठन क्षमता और उत्कृष्ट मूल्यों का वाहक है। यह वही समाज है जिसने देश को छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर निरंतर आगे बढ़ता है। चन्द्रनाहू समाज ने कृषि, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की नई पीढ़ी शिक्षा, तकनीकी दक्षता और नवाचार के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रही है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने छाती से झूरानवागांव तक सड़क निर्माण, ग्राम छाती को भविष्य में नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने, नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण तथा समाज के लिए नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऐसे अधिवेशन केवल सामाजिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने के प्रभावी मंच होते हैं। जब समाज के लोग एकत्र होकर विचार-विमर्श करते हैं, अनुभव साझा करते हैं और नई पीढ़ी के लिए दिशा निर्धारित करते हैं, तब सामाजिक एकता और विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं।उन्होंने समाज द्वारा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि सम्मान की संस्कृति समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है। ऐसे प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार बनती है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने समाज के उद्यमियों और व्यवसायियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अध्ययन करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति में युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर पर आधारित पुस्तक ‘अद्भुत श्री तुलसी चरितायणम्’ का विमोचन भी किया। इस दौरान प्रशासनिक सेवाओं, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में चयनित और कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शैक्षणिक एवं खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री दिनेश चंद्राकर ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि केंद्रीय अधिवेशन का यह 55वां वर्ष समाज की संगठनात्मक शक्ति, सामाजिक जागरूकता और निरंतर प्रगति का प्रतीक है।इस अवसर पर सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री अजय चंद्राकर, विधायक श्री ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक श्री विनोद चंद्राकर, श्री लालबहादुर चंद्रवंशी, श्री पूनम चंद्राकर, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने निर्माणाधीन पुल और सड़क का किया निरीक्षण, लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को लगाई फटकाररायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने गीदम से बांगाबाड़ी तक बन रहे 10.6 किमी लंबे दंतेवाड़ा बायपास सड़क और इस मार्ग में डंकिनी नदी पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल निर्माण में देरी पर ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों पर गहरी नाराजगी जताई। निर्धारित अवधि में काम नहीं होने पर उन्होंने फटकार भी लगाई। श्री साव ने इस बायपास सड़क पर जल्दी आवाजाही शुरू करने सड़क और पुल दोनों के काम आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। विधायक श्री चैतराम अटामी भी इस दौरान मौजूद थे।दंतेवाड़ा शहर को भारी वाहनों और ट्रैफिक के दबाव से बचाने गीदम से बांगाबाड़ी तक 26 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से 10.6 किमी लंबा बायपास बनाया जा रहा है। इस बायपास सड़क पर पड़ने वाले डंकिनी नदी पर 9 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से 161 मीटर लंबा उच्च स्तरीय पुल भी बनाया जा रहा है। सड़क का अब तक 85 प्रतिशत और पुल का 60 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इस बायपास मार्ग के चालू हो जाने के बाद दंतेवाड़ा में प्रवेश किए बिना भारी वाहन एवं अन्य ट्रैफिक बैलाडीला से गीदम और जगदलपुर आ-जा सकेंगे।
- - प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जिंदगीरायपुर। एक समय ऐसा था जब सूरजपुर जिले की जनपद पंचायत प्रेमनगर की ग्राम पंचायत पार्वतीपुर निवासी सुहानो का परिवार जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात के दिनों में छत से टपकता पानी और बच्चों की सुरक्षा की चिंता उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी थी। सीमित आय और खेती-किसानी पर निर्भरता के कारण पक्का घर बनाना उनके लिए केवल एक सपना था।यह सपना प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से साकार हुआ। वर्ष 2024-25 में योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के बाद सुहानो का पक्का घर बनकर तैयार हुआ और आज उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक वातावरण में जीवन बिता रहा है।सुहानो बताती हैं कि अब बारिश के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। बच्चों को बेहतर रहने का माहौल मिला है और परिवार में सुरक्षा तथा आत्मविश्वास की भावना बढ़ी है। उनके अनुसार, इस योजना ने केवल घर ही नहीं दिया, बल्कि जीवन को नई दिशा भी दी है।लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पार्वतीपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल रहा है। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और पंचायत अमले के समन्वित प्रयासों से यह पंचायत ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का उदाहरण बनकर उभरी है।
- रायपुर ।सूरजपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों की समस्याओं को समझने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में शासकीय नवीन महाविद्यालय, चांदनी बिहारपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों ने सराहनीय पहल की है। महाविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्राम पण्डो बस्ती (कोलसो पारा एवं चौका पारा) में एनएसएस के कैडेट ने पहुंचकर जनजातीय परिवारों की समस्याओं का विस्तृत सर्वेक्षण किया।प्रभारी प्राचार्य रंजीत कुमार सातपुते के मार्गदर्शन तथा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र कुमार जायसवाल के निर्देशन में आयोजित इस सर्वेक्षण के दौरान स्वयंसेवकों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी जीवनशैली, दैनिक चुनौतियों और मूलभूत आवश्यकताओं की जानकारी ली।ग्रामीणों ने पेयजल संकट, सड़क सुविधा के अभाव, बच्चों की शिक्षा में आने वाली कठिनाइयों तथा वृद्धा पेंशन से वंचित पात्र हितग्राहियों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा। साथ ही क्षेत्र में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को भी गंभीर सामाजिक चुनौती बताया।एनएसएस टीम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को जिला प्रशासन तक पहुंचाकर समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे। महाविद्यालय प्रबंधन ने भी पण्डो जनजाति के सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। यह पहल संवेदनशील शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।
- -आधुनिक खेती, उन्नत बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से बढ़ी पैदावार, किसानों की आय में हो रहा इजाफारायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (च्डक्क्ज्ञल्) जशपुर जिले में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कृषि-केंद्रित नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, सिंचाई सुविधाएं और कृषि विशेषज्ञों का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। इसका परिणाम यह है कि किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के किसान श्री सुधीर लकड़ा इस परिवर्तन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। लगभग 3.40 हेक्टेयर कृषि भूमि के स्वामी श्री लकड़ा को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे उनकी खेती अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और टिकाऊ बनी है। आत्मा योजना के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, कृषि यंत्रों एवं ट्रैक्टर की सुविधा तथा सौर सुजला योजना के तहत सोलर सिंचाई व्यवस्था ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। कृषि विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन ने उन्हें आधुनिक खेती की विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें पारंपरिक धान फसल के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का उत्पादन की सलाह दी। विभाग से प्राप्त 8 किलोग्राम निःशुल्क उन्नत बीज का उपयोग कर उन्होंने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की। वैज्ञानिक पद्धति, संतुलित पोषण प्रबंधन और समय-समय पर तकनीकी सलाह के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिकता की नई पहलप्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के माध्यम से जिले में फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि मशीनीकरण, भंडारण क्षमता विकास तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य अनाज, दलहन एवं तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीजों और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा देकर मानसून पर निर्भरता कम करने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को घटाने तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।किसानों के जीवन में आया सकारात्मक बदलावश्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि योजना से प्राप्त उन्नत बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी है। बेहतर उत्पादन के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में संचालित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना आज जशपुर सहित प्रदेश के किसानों के लिए समृद्धि का नया माध्यम बन रही है। आधुनिक कृषि तकनीकों और शासकीय सहयोग के माध्यम से यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाते हुए कृषि क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन कर रही है।



























