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-बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में 20 लाख रूपए के सामुदायिक भवन का हुआ भूमिपूजन
रायपुर। बिलासपुर जिला स्थित बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन अमर वही होते हैं जो अपने सत्कर्मों से समाज का निर्माण करते हैं और इतिहास रचते हैं।इस अवसर पर मंत्री ने 20 लाख रूपए से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया। छत्तीसगढ़ निर्माण की पृष्ठभूमि का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना देखा गया था, और मार्ग में निरंतर आगे बढ़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उस सपने को साकार किया। यदि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का निर्माण न हुआ होता, तो प्रदेश की स्थिति आज भी वैसी ही बनी रहती। आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी और अधोसंरचना के हर क्षेत्र में तेज़ी से काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और राजस्व का पूरा पैसा अब यहीं के सर्वांगीण विकास में उपयोग हो रहा है।सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि कभी पूर्णतः कृषि पर आधारित हमारा समाज अब व्यवसाय, व्यापार और नौकरियों के क्षेत्र में भी तेज़ी से आगे बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन का स्तर बदला है; जिनके पास कभी साइकिल नहीं थी, वे आज दोपहिया, चारपहिया और हवाई यात्रा तक का आनंद ले रहे हैं। गांव-गांव में महज 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है। इस भौतिक प्रगति के साथ हम सभी को सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है।आधुनिकता के इस दौर में गांव-घर का पारस्परिक प्रेम और पारिवारिक मर्यादाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रगति के साथ-साथ अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को बनाए रखना बेहद अनिवार्य है, क्योंकि संस्कारों के बिना जीवन अधूरा है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के दुख-सुख में खड़े रहने की भावना सदैव जीवंत रहे।कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने अपने उद्बोधन में वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन और जीवन अनुभवों की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का जीवन अनुभवों से भरा होता है, जिससे सीखकर, समझकर और पढ़कर संगठन व समाज सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पृथक छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद से लेकर आज तक प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक भौतिक साधनों और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच ने आम नागरिक के जीवन को सुगम बनाया है। बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित इस भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी,सरपंच ब्रजेश दुबे,जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। - -छत्तीसगढ़ी भाषा की सेवा में समर्पित वरिष्ठ साहित्यकारों का हुआ सम्मान, राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित 26 पुस्तकों का विमोचन-प्रदेशभर से जुटे साहित्यकार, विद्वानों ने छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और साहित्यिक समृद्धि पर रखे विचाररायपुर। छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य के संरक्षण, संवर्धन तथा विकास को समर्पित राजभाषा आयोग के कार्यालय स्थापना दिवस 14 अगस्त के अवसर पर राजधानी रायपुर में गरिमामय साहित्यिक आयोजन हुआ। कार्यक्रम में प्रदेशभर से साहित्यकार, कवि, रचनाकार, भाषा-सेवी एवं साहित्य प्रेमी शामिल हुए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी भाषा की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ साहित्यकारों एवं भाषा-सेवियों का सम्मान किया गया। साथ ही राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित 26 पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।कार्यक्रम में विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनोज दयाल, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संस्कृति एवं राजभाषा संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा तथा राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार सहित प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार श्री परदेशी राम वर्मा, श्री अरुण निगम, श्री मीर अली मीर, वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती शशिकला दुबे, श्री वीर अजीत शर्मा, श्रीमती शकुंतला तरार और श्रीमती सीमा निगम सहित प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए साहित्यकारों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को समृद्ध बनाया।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्य सृजन और जनमानस तक भाषा की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में सेवानिवृत्त उद्घोषक, आकाशवाणी श्री संजय पाण्डेय, वरिष्ठ दूरदर्शन उद्घोषक एवं पत्रकार श्रीमती ज्योति सिंह, सेवानिवृत्त कार्यक्रम अधिकारी, आकाशवाणी श्री समीर शुक्ला, साहित्यकार श्री चेतन भारती, रायपुर तथा साहित्यकार श्री चोवाराम वर्मा ‘बादल’ शामिल रहे।सम्मान समारोह के दौरान साहित्यकारों एवं भाषा-सेवियों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए किए गए कार्यों की सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी भाषा की वास्तविक शक्ति उसके साहित्य, लोक परंपराओं और उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले लोगों से निर्मित होती है। छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास में साहित्यकारों, कवियों, पत्रकारों, कलाकारों और भाषा-सेवियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित 26 पुस्तकों का विमोचन रहा। इन पुस्तकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य को समृद्ध करने के साथ-साथ प्रदेश की लोकभाषा, लोकसंस्कृति और साहित्यिक परंपरा को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकों का प्रकाशन केवल साहित्य के सृजन और संरक्षण का कार्य नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम भी है। राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित पुस्तकों से छत्तीसगढ़ी साहित्य के विविध पक्षों को सामने लाने और प्रदेश के रचनाकारों को व्यापक मंच प्रदान करने में मदद मिलेगी।कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के अधिष्ठाता कला संकाय एवं विभागाध्यक्ष प्रो. राजन यादव ने जानकारीपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुतिकरण दिया। उन्होंने भाषा, साहित्य और संस्कृति के परस्पर संबंधों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ी भाषा की साहित्यिक परंपरा, उसकी समृद्ध अभिव्यक्ति और वर्तमान समय में उसके संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह किसी समाज की पहचान, इतिहास, संस्कृति, संवेदनाओं और सामूहिक स्मृतियों को अपने भीतर संजोए रखती है। इसलिए छत्तीसगढ़ी भाषा के साहित्य को समृद्ध करना प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के समान है।राजभाषा आयोग के कार्यालय स्थापना दिवस समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से साहित्यकारों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य के प्रति समर्पित रचनाकारों ने एक-दूसरे से संवाद किया तथा भाषा के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार साझा किए।कार्यक्रम ने छत्तीसगढ़ी भाषा के साहित्यिक संसार को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां वरिष्ठ साहित्यकारों के अनुभव, नवोदित रचनाकारों की ऊर्जा और भाषा-सेवियों का समर्पण एक साथ दिखाई दिया। आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के संकल्प को भी मजबूती मिली।राजभाषा आयोग का कार्यालय स्थापना दिवस समारोह इस दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा कि इसमें सम्मान, साहित्य और प्रकाशन तीनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता को अभिव्यक्ति मिली। 26 पुस्तकों का विमोचन और भाषा-सेवियों का सम्मान छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आया।
- -चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता, जनजातीय संस्कृति और धुड़मारास के रोमांचक अनुभव से रूबरू हुए देश के विभिन्न राज्यों से आए 30 पर्यटन प्रतिनिधि-चित्रकोट की बदलती जलधारा और प्राकृतिक सौंदर्य को प्रतिनिधियों ने बताया अविस्मरणीय अनुभव, छत्तीसगढ़ को पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश बतायारायपुर ।छत्तीसगढ़ पर्यटन को देश के पर्यटन बाजार में व्यापक पहचान दिलाने और राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत से देशभर के पर्यटन प्रतिनिधियों को परिचित कराने के उद्देश्य से 10 से 14 अगस्त 2026 तक आयोजित फैम टूर का सफल आयोजन हुआ। इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से आए कुल 48 पर्यटन प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इनमें दक्षिण छत्तीसगढ़ अर्थात बस्तर क्षेत्र के भ्रमण में 30 प्रतिनिधि शामिल हुए। पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों, स्थानीय परंपराओं, साहसिक पर्यटन और आत्मीय आतिथ्य का करीब से अनुभव किया। प्रतिनिधियों ने बस्तर के प्रवेश द्वार के रूप में प्रसिद्ध केशकाल घाटी से बस्तर में प्रवेश किया। घने जंगलों, घुमावदार पहाड़ी मार्गों और चारों ओर फैली हरियाली के बीच से गुजरते हुए प्रतिनिधियों ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव किया। केशकाल घाटी ने उन्हें बस्तर के उस प्राकृतिक संसार की झलक दी, जहां जंगल, पहाड़ और घाटियां मिलकर अद्भुत पर्यटन अनुभव रचते हैं।प्रतिनिधियों ने विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। इंद्रावती नदी पर निर्मित यह भव्य जलप्रपात अपने विस्तृत जलप्रवाह और प्राकृतिक परिवेश के कारण प्रतिनिधियों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। चित्रकोट की विशाल जलधारा और आसपास का मनोहारी प्राकृतिक दृश्य देखकर प्रतिनिधियों ने इसे अविस्मरणीय पर्यटन अनुभव बताया।चित्रकोट जलप्रपात का अनुभव साझा करते हुए प्रतिनिधियों ने इसकी प्राकृतिक सुंदरता की विशेष सराहना की। उन्होने चित्रकोट के वातावरण को घूमने के लिए बेहद आकर्षक बताया और जलप्रपात के मनोहारी दृश्य को कैमरे में कैद करते हुए अपने अनुभव साझा किए।चित्रकोट जलप्रपात को करीब से देखकर प्रतिनिधि इसकी सुंदरता से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि यहां जलप्रपात और आसपास का प्राकृतिक दृश्य अलग-अलग समय में अलग रंग और रूप में दिखाई देता है। सूर्य की रोशनी में पानी की चमक और सफेद झाग जलप्रपात की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। उन्होंने कहा कि चित्रकोट प्रकृति की सुंदरता को करीब से महसूस करने का शानदार पर्यटन स्थल है।बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता के साथ प्रतिनिधियों को यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से भी परिचित कराया गया। इस अवसर पर पारंपरिक गेड़ी नृत्य एवं परब नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्रों की धुन और कलाकारों के उत्साहपूर्ण प्रदर्शन ने प्रतिनिधियों को बस्तर की जीवंत लोक संस्कृति से रूबरू कराया।प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रतिनिधियों ने महसूस किया कि बस्तर की पहचान केवल उसके जंगलों और जलप्रपातों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां की लोककलाएं, परंपराएं, नृत्य, संगीत और जनजातीय जीवनशैली भी पर्यटन की महत्वपूर्ण धरोहर हैं। प्रतिनिधियों ने कांगेर नदी और घने जंगलों के बीच बसे धुड़मारास गांव का रोमांचक अनुभव लिया। प्रकृति और जनजातीय जीवन के अनूठे मेल के लिए पहचान बना रहा धुड़मारास ग्रामीण पर्यटन की नई संभावनाओं को सामने लाता है।प्रतिनिधियों ने यहां जनजातीय गृह-निवास का अनुभव लिया। स्थानीय समुदाय द्वारा पारंपरिक तरीके से पर्यटकों का स्वागत, मिट्टी और स्थानीय शैली से बने घरों में ठहरने का अनुभव, स्थानीय व्यंजनों का स्वाद और ग्रामीण जीवन को करीब से समझने का अवसर उनके लिए विशेष आकर्षण रहा।धुड़मारास में प्रतिनिधियों ने स्थानीय हाट बाजार का भी भ्रमण किया। यहां उन्हें स्थानीय उत्पादों, वन उपज, बांस से बने सामान, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्तुओं को देखने और समझने का अवसर मिला। प्रतिनिधियों ने महसूस किया कि ऐसे बाजार स्थानीय समुदाय की आजीविका को पर्यटन से जोड़ने के साथ-साथ पारंपरिक कला और संस्कृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।धुड़मारास में बांस की नाव से जल भ्रमण, नौकायन, जंगल भ्रमण और ग्राम भ्रमण जैसे साहसिक एवं प्रकृति आधारित अनुभवों ने फैम टूर को और अधिक रोमांचक बना दिया। यहां विकसित समुदाय आधारित पर्यटन मॉडल यह दर्शाता है कि स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करते हुए पर्यटन के माध्यम से ग्रामीण समुदायों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।10 से 14 अगस्त तक आयोजित फैम टूर का 14 अगस्त को भव्य समापन हुआ। आयोजन में उत्तर छत्तीसगढ़ भ्रमण के 18 और दक्षिण छत्तीसगढ़ भ्रमण के 30, इस प्रकार कुल 48 पर्यटन प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, सम्माननीय अतिथिगण तथा पर्यटन मंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में अपने अनुभव साझा किए।प्रतिनिधियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रकृति और संस्कृति का ऐसा अनूठा संगम है, जो इसे देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में शामिल करने की क्षमता रखता है। उन्होंने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, चित्रकोट की भव्यता, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय परंपराओं और समुदाय आधारित पर्यटन अनुभवों की विशेष सराहना की।फैम टूर का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराना नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए पर्यटन प्रतिनिधियों को छत्तीसगढ़ की वास्तविक पर्यटन क्षमता का प्रत्यक्ष अनुभव कराना रहा। प्रतिनिधियों ने यहां प्रकृति, संस्कृति, जनजातीय विरासत, साहसिक पर्यटन, ग्रामीण जीवन और आतिथ्य को करीब से जाना। यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों के आधार पर प्रतिनिधियों ने भविष्य में अपने-अपने क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक पर्यटकों को राज्य की यात्रा के लिए प्रेरित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।फैम टूर ने चित्रकोट, बस्तर और धुड़मारास जैसे गंतव्यों को देश के पर्यटन प्रतिनिधियों के प्रत्यक्ष अनुभव से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को राष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने और राज्य को एक प्रमुख, विविधतापूर्ण एवं आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर मिला है। प्रकृति की भव्यता, जनजातीय संस्कृति की जीवंतता, रोमांच और आत्मीय आतिथ्य इन सभी अनुभवों के संगम ने फैम टूर के प्रतिभागियों के लिए छत्तीसगढ़ को केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि यादगार यात्रा अनुभव के रूप में स्थापित किया।
- -112 आत्मसमर्पित युवाओं ने तिरंगा थामकर दिया शांति और राष्ट्रप्रेम का संदेश-पुनर्वास नीति से बदली जिंदगी, सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे युवा-एसपी श्री मयंक गुर्जर ने पुनर्वासित महिला अमीला पदामी को ध्वजारोहण का दिया अवसररायपुर। कभी हिंसा के रास्ते पर चले 112 आत्मसमर्पित युवाओं ने इस स्वतंत्रता दिवस पर हाथों में तिरंगा थामकर शांति, भाईचारे और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। सुकमा के पुनर्वास केंद्र में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में इन युवाओं ने देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।कभी जिन हाथों में हथियार थे, उन्हीं हाथों में आज तिरंगा था। यह बदलाव केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि सुकमा में शांति और पुनर्वास की दिशा में हो रहे सकारात्मक प्रयासों की कहानी है। आत्मसमर्पण के बाद शासन की पुनर्वास नीति के माध्यम से इन युवाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटने और सम्मानजनक जीवन शुरू करने का अवसर मिल रहा है।स्वतंत्रता दिवस समारोह में पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर पुनर्वास केंद्र पहुंचे। उन्होंने पुनर्वासित महिला अमीला पदामी को ध्वजारोहण के लिए आमंत्रित किया। अमीला पदामी के हाथों तिरंगा फहराए जाने का क्षण सभी के लिए भावुक और प्रेरणादायी रहा। राष्ट्रगान के दौरान सभी पुनर्वासित युवाओं ने तिरंगे को सलाम कर देश के प्रति अपनी आस्था और सम्मान व्यक्त किया।एसपी श्री मयंक गुर्जर की इस संवेदनशील पहल ने पुनर्वासित युवाओं में आत्मविश्वास और अपनत्व की भावना को मजबूत किया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की।आत्मसमर्पण के बाद इन युवाओं के जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई है। शासन-प्रशासन की पुनर्वास नीति उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति, रोजगार और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। सही मार्गदर्शन और सहयोग से ये युवा अब अपने परिवार और समाज के लिए बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।स्वतंत्रता दिवस का यह आयोजन सुकमा में बदलते वातावरण की प्रेरक तस्वीर बना। तिरंगे की छांव में आत्मसमर्पित युवाओं का यह उत्सव बताता है कि विश्वास, अवसर और पुनर्वास के प्रयासों से हिंसा के रास्ते से लौटकर युवा शांति और विकास के सहभागी बन सकते हैं।कार्यक्रम में श्री हरिशंकर साहू, क्रांति बघेल, सुमन मौर्य, भगत यादव, राजेश तिग्गा, किच्चे मुका, सोढ़ी भीमा सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर किया नमनरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा तथा प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया। छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था। श्री साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं भी श्रद्धेय अटल जी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। अटल जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। वे ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी।राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वाेपरि रहा और मां भारती की सेवा उनके जीवन का सर्वाेच्च ध्येय थी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने सुशासन और अंत्योदय को शासन का आधार बनाकर विकास की ऐसी विरासत स्थापित की, जो आज भी देश को दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल ने ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी। किसानों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों का दूरगामी प्रभाव पड़ा।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। उन्होंने विकास की मुख्यधारा को गांव, गरीब, किसान, जनजातीय समाज और वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए अनेक दूरदर्शी पहल कीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी, उसे समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाना हम सभी का दायित्व है। उनकी सरकार अटल जी के सुशासन, अंत्योदय और जनकल्याण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रहा है। सरकार का प्रत्येक प्रयास गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन, विचार और आदर्श नेतृत्व सदैव देश और प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। छत्तीसगढ़ के निर्माता के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर और एकात्म परिसर स्थित कार्यालयों में 80वें स्वाधीनता दिवस के पावन अवसर पर गरिमामय एवं देशभक्तिपूर्ण माहौल में ध्वजारोहण कार्यक्रम किया गया।भाजपा प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में आयोजित समारोह में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लहराया और उपस्थित सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, श्रम आयोग अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, खाद्य आयोग अध्यक्ष संदीप शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, प्रदेश मंत्री द्वय अमित साहू व जयंती पटेल, प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने, डॉ. विजयशंकर मिश्रा, डॉ. किरण बघेल, अंजय शुक्ला सहित वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी, विभिन्न निगमों, मण्डलों व आयोगों के अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।एकात्म परिसर में भी लहराया गया तिरंगाभाजपा के एकात्म परिसर स्थित कार्यालय में भी स्वाधीनता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्र सेवा का संकल्प दोहराया।
- -पौधारोपण, जल संरक्षण और ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ की दी गई जानकारीरायपुर ।स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रप्रेम के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। शासन के निर्देशानुसार जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्मित अमृत सरोवरों के तट पर स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए गए। इन आयोजनों में पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समारोह के दौरान अमृत सरोवर स्थलों पर ध्वजारोहण के साथ पौधारोपण, स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं संवर्धन के महत्व की जानकारी देते हुए वर्षा जल को सहेजने, जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। अमृत सरोवरों को जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करने का संदेश दिया गया।कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों को ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के उद्देश्यों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण तथा गांवों के समग्र विकास में इसकी भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के साथ-साथ गांव के विकास, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों में देशभक्ति गीत, तिरंगा यात्रा, नुक्कड़ नाटक, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं सहित विविध सांस्कृतिक एवं जनजागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इन आयोजनों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को जनभागीदारी से जोड़ते हुए राष्ट्रप्रेम के साथ जल, पर्यावरण और ग्रामीण विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।
- -अमर वाटिका में शहीदों को दी श्रद्धांजलिरायपुर / 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर क्षेत्र के वीर जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान को नमन किया। जगदलपुर स्थित अमर वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा जिले में पदस्थ अधिकारी-जवानों को जिन्हें वीरता पदक से अलंकृत पुलिस जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि जवानों के शौर्य ने बस्तर का नया इतिहास लिखा है,नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में मिली ऐतिहासिक सफलताओं का श्रेय सुरक्षा बलों के साहस, समर्पण और दृढ़ संकल्प को जाता है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जवान कठिन परिस्थितियों और आईईडी जैसे घातक खतरों के बीच भी पूरी निष्ठा से मोर्चे पर डटे रहे हैं। राज्य गठन के 25 वर्ष के भीतर छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को गैलेंट्री अवार्ड मिलना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और शौर्य का प्रमाण है। श्री शर्मा ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद बस्तर के उन दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में भी राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराया जा रहा है, जहां पहले ऐसा संभव नहीं था। इस वर्ष 93 नए स्थानों पर तिरंगा फहराकर सुरक्षा बलों ने विश्वास और लोकतंत्र की नई नींव मजबूत की है।उप मुख्यमंत्री ने जगदलपुर में 2025 अगस्त माह के दौरान हुए बड़े आत्मसमर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि 210 नक्सलियों द्वारा 163 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पुनर्वास अभियान है। उन्होंने इसे सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प और शांति की दिशा में बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर में संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रभावी स्थापना जवानों के पराक्रम और स्थानीय जनता के विश्वास का परिणाम है। माओवादी विचारधारा पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि बंदूक के बल पर कायम व्यवस्था जनता के अधिकारों की रक्षा नहीं कर सकती। लोकतंत्र में वही व्यवस्था मान्य है, जो जनता द्वारा चुनी गई हो और जनता के प्रति जवाबदेह हो।गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बस्तर की जल, जंगल और संस्कृति को संरक्षित रखते हुए यहां के बच्चों को आधुनिक शिक्षा और तकनीक से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं।उन्होंने बताया कि टेकुलगुड़म जैसे क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों को ‘शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों में स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी और कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएं स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों के अनुरूप विकसित की जाएंगी।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति, विकास और लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में लगातार सकारात्मक बदलाव हो रहे हैं। उन्होंने सभी जवानों और अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर में सुख, शांति और विकास का नया मार्ग प्रशस्त करने में सुरक्षा बलों के साथ-साथ यहां की जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस अवसर पर वीर जवानों ने अपनी वीरता की कहानियों को बयां किया और शहीदों के पराक्रम की कहानियां साझा की। इस दौरान गृह मंत्री ने अमर जवान शहीद स्मारक में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शहीदों की स्मरण पट्टिका पर पुष्पांजलि अर्पित की । इस दौरान महापौर श्री संजय पांडेय, सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई जी श्री बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी- जवान उपस्थित रहे ।
- रायपुर /स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकभवन में स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हुईं। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री डेका को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी उपस्थित थीं।समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री श्री टंकराम वर्मा, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ ममता साहू, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। समारोह में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित श्री भारतीबंधु, डॉ. राधेश्याम बारले, सुश्री उषा बारले एवं अन्य उपस्थित थे। स्वागत समारोह में शहीदों के परिजन, वीरता पुरस्कार से सम्मानित पुलिस के अधिकारी, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियां, ब्रम्हकुमारी बहनें मौजूद थीं। समारोह में देशभक्ति पूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।समारोह में मुख्य सचिव श्री विकास शील, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, सेना के वरिष्ठ अधिकारीगण, विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रेस-मीडिया कर्मी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- - विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मेडिकल कॉलेज परिसर में किया पौधरोपण- एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशराजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में मौलश्री का पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और प्रकृति के संतुलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से अधिक से अधिक फलदार एवं उपयोगी पौधे लगाने का आह्वान किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आजादी की 80 वर्ष की यात्रा पूरी हो चुकी है। भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर स्थापित राजनांदगांव का मेडिकल कॉलेज सभी के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ और आज प्रदेश में बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थान विकसित हुए हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज परिसर को हरा-भरा देखकर प्रसन्नता व्यक्त की।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रकृति सबसे बड़ी चिकित्सक है। पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश पंचतत्वों से हमारा जीवन और यह सृष्टि बनी है। प्रकृति हमें अन्न, जल, वायु और सूर्य की ऊर्जा जैसी अमूल्य चीजे नि:शुल्क प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन का महत्व कोरोना काल में सभी ने अनुभव किया, जब लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए संघर्ष करना पड़ा। इसलिए पेड़ों का संरक्षण और अधिक से अधिक पौधरोपण मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बिगडऩे पर मानव अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा। जल को प्रदूषित और वायु को अशुद्ध करने के दुष्परिणाम आज महानगरों में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने भावी चिकित्सकों से प्रकृति संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी भविष्य के डॉक्टर हैं और डॉक्टर मानव जीवन की रक्षा करने वाले महत्वपूर्ण सेवक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के बाद मानव जीवन की रक्षा में डॉक्टर का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मचारियों एवं अन्य कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आने वाले समय में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिक से अधिक कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाना चाहिए।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने पौधरोपण के अवसर पर नागरिकों से स्थानीय एवं फलदार प्रजातियों के पौधे लगाने का आग्रह किया। उन्होंने आम, जामुन, पीपल, बरगद, आंवला, हर्रा, बहेड़ा, कुसुम आदि उपयोगी पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधे केवल लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी किया जाना चाहिए। उन्होंने सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करने कहा। उन्होंने कहा कि सूर्य की ऊर्जा कभी समाप्त नहीं होने वाली ऊर्जा है और इसका उपयोग स्वच्छ ऊर्जा के रूप में किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने और पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने का संदेश दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की प्रतिष्ठा वहां कार्य करने वाले चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की सेवाभावना से बनती है। उन्होंने शासकीय मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में बेहतर कार्य करने के लिए सभी चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं दी।महापौर श्री मधुसूदन यादव ने देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले शहीदों को नमन किया। उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव लाखों लोगों को जीवनदान देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की सेवाभावना की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। महापौर श्री यादव ने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में आगामी फिजियोथेरेपी सेंटर के लिए 200 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव में इस वर्ष लगभग 10 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। पिछले भीषण गर्मी को देखते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ नागरिकों को अपने घरों में भी फलदार एवं छायादार पौधे लगाने चाहिए। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़कर प्रत्येक नागरिक से पौधरोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि नगर पालिक निगम, वन विभाग एवं अन्य माध्यमों से नागरिकों को पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महापौर श्री यादव ने मेडिकल कॉलेज परिसर में पौधों की बेहतर देखरेख के लिए प्रबंधन को धन्यवाद देते हुए सभी से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। इस अवसर पर अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, श्री खूबचंद पारख, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री संतोष अग्रवाल, श्री रमेश पटेल, पार्षद श्री पारस वर्मा, श्री भावेश बैद, आईजी श्री अजय कुमार यादव, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के डीन श्री पंकज लुका सहित चिकित्सक, अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- - विधानसभा अध्यक्ष ने जिला स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लीराजनांदगांव । स्वतंत्रता दिवस का पर्व जिले में अपूर्व उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन शौर्य परेड मैदान पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय राजनांदगांव में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। समारोह में राष्ट्रगीत वंदेमातरम्... एवं राष्ट्रगान जन गण मन... का गायन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपना उद्बोधन दिया। इस दौरान कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उल्लास एवं उमंग के प्रतीक गुब्बारे आसमान में छोड़े। मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ध्वजारोहण के बाद समारोह में परेड का निरीक्षण किया। परेड द्वारा हर्ष फायर किया गया। परेड द्वारा तिरंगे को सलामी दी गई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशंसनीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया एवं उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने शहीद जवानों के परिवारजनों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। स्वतंत्रता दिवस समारोह की परेड में आम्र्स प्लाटून के साथ-साथ एनसीसी और स्काउट-गाईड की टुकडिय़ों तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विजेता प्रतिभागियों एवं टीम को पुरस्कार वितरण किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा उपस्थित थे।स्वतंत्रता दिवस समारोह के परेड का नेतृत्व परेड कंमाडर रक्षित निरीक्षक राजनांदगांव श्री लोकेश कुमार कंवर ने किया। प्रशिक्षु सूबेदार राजनांदगांव सुश्री नेहा मान ने परेड टू-आई-सी का दायित्व निभाया। परेड में 15 प्लाटून भाग ले रहे हैं। परेड में जीडी 38वीं बटालियन आईटीबीपी राजनांदगांव, 8वीं वाहिनी राजनांदगांव, जिला बल पुरूष, पीटीएस बल पुरूष, जिला बल महिला, नगर सेना महिला, पीटीएस महिला बल, एनसीसी बालक दिग्विजय महाविद्यालय, नेवल विंग एनसीसी बालक दिग्विजय महाविद्यालय, एनसीसी बालिका दिग्विजय महाविद्यालय, एनसीसी बालिका कमला कालेज, एनसीसी बालक स्टेट हाई स्कूल, एनसीसी बालिका स्टेट हाई स्कूल, एनसीसी बालक जूनियर नेवल डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र स्कूल बसंतपुर, स्काउट-गाईड बालिका महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल शामिल हुए। स्वतंत्रता दिवस समारोह में पीएमश्री सर्वेश्वर दास नगर पालिका निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने हरियर छत्तीसगढ़..., रॉयल किड्स कान्वेन्ट के विद्यार्थियों ने तेरा हिमालय..., युगांतर पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने हमारा विकसित भारत..., संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने भारत देश..., पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने मिट्टी के बेटे...देशभक्ति पूर्ण गीतों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पहले विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने आकर्षक व्यायाम प्रदर्शन किया। समारोह में अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्री प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित श्री सचिन बघेल, अध्यक्ष राजगामी संपदा न्यास श्रीमती पूर्णिमा साहू, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, श्री खूबचंद पारख, श्री संतोष अग्रवाल, श्री भरत वर्मा, श्री रमेश पटेल, पद्मश्री पुखराज बाफना, आईजी श्री अजय कुमार यादव, वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेम प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर, नगर निगम आयुक्त श्री जीआर मरकाम, सीएसपी सुश्री वैशाली जैन, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री कमल किशोर श्रीवास्तव, श्री लेखा प्रसाद उर्वसा, श्रीमती शीतल दास, श्रीमती स्वाति जैन द्वारा किया गया।स्वतंत्रता दिवस पर स्कूली बच्चों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी गई प्रस्तुति- पीएमश्री सर्वेश्वर दास नगर पालिका निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को मिला प्रथम पुरस्कारस्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शौर्य परेड मैदान पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय राजनांदगांव में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभक्ति गीत पर आधारित समूह नृत्य का आकर्षक प्रदर्शन किया। जिसमें पीएमश्री सर्वेश्वर दास नगर पालिका निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा हरियर छत्तीसगढ़... गीत पर आधारित नृत्य समूह को प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया। पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय द्वारा मिट्टी के बेटे... गीत पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। युगांतर पब्लिक स्कूल राजनांदगांव द्वारा हमारा विकसित भारत...गीत पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति को तृतीय पुरस्कार दिया गया।स्वतंत्रता दिवस में आम्र्स प्लाटून वर्ग में 38वीं बटालियन आईटीबीपी को मिला प्रथम पुरस्कारस्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शौर्य परेड मैदान पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय राजनांदगांव में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में आम्र्स प्लाटून के साथ-साथ एनसीसी और स्काउट-गाईड की टुकडिय़ों ने हिस्सा लिया। आम्र्स प्लाटून वर्ग में 38वीं बटालियन आईटीबीपी की टोली को प्रथम एवं जिला पुलिस बल पुरूष के दल को द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया। अनाम्र्स प्लाटून वर्ग में एनसीसी बालक सिनियर दिग्विजय महाविद्यालय को प्रथम एवं एनसीसी बालक सिनियर दिग्विजय महाविद्यालय ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जूनियर बालिका वर्ग में एनसीसी बालिका दिग्विजय महाविद्यालय को प्रथम एवं एनसीसी बालिका कमला कालेज ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। जूनियर बालक वर्ग में एनसीसी बालक स्टेट हाई स्कूल को प्रथम एवं एनसीसी नेवल डॉ. बल्देव प्रसाद मिश्र स्कूल बसंतपुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
- रायपुर । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जगदलपुर स्थित लाला जगदलपुरी ग्रंथालय परिसर में स्थापित बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो का शुभारंभ किया। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह क्रिएटर हब बस्तर के युवाओं, नवाचारी लोगों और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मकता एवं विचारों को व्यापक मंच तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा।शुभारंभ के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने क्रिएटर हब की विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया और यहां उपलब्ध आधुनिक तकनीकी संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने युवाओं को डिजिटल माध्यमों से अपनी प्रतिभा को सामने लाने और बस्तर की कला, संस्कृति, परंपरा, पर्यटन एवं विकास की सकारात्मक तस्वीर देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।बस्तर क्रिएटर हब के शुभारंभ के साथ ही इसके पहले पॉडकास्ट में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा का इंटरव्यू भी रिकॉर्ड किया गया। उन्होंने बस्तर के विकास, युवाओं की भूमिका और नई तकनीकों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराने सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। यह क्रिएटर हब बस्तर के युवाओं को कंटेंट निर्माण, पॉडकास्ट, वीडियो, डिजिटल मीडिया और अन्य रचनात्मक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से स्थानीय युवा अपने विचारों, अनुभवों और नवाचारों को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। बस्तर की प्रतिभाओं को मंच देने और स्थानीय विषयों को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में बस्तर क्रिएटर हब स्टूडियो एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की उम्मीद है। इस अवसर पर इस अवसर पर महापौर श्री संजय पाण्डेय, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री दिनेश कश्यप सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बद्रीनारायण मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना, सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नाईक, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं क्रिएटर हब से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में पत्र सूचना कार्यालय चेन्नई के निदेशक श्री पी. अरूण कुमार के नेतृत्व में चेन्नई से आए पत्रकारों के दल ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में हो रहे विकास कार्यों, विशेष रूप से बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद तेजी से हो रहे विकास तथा उद्योग-व्यापार की बढ़ती संभावनाओं के संबंध में चर्चा की।राज्यपाल ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद की समाप्ति के पश्चात लोग तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यापार की बढ़ती संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से व्यापारी और उद्योगपति यहां आकर निवेश एवं व्यवसाय के लिए रुचि दिखा रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां वनोपज, कृषि, उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं।इस अवसर पर राज्यपाल ने पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के वन उत्पाद भेंट किए तथा शाल पहनाकर उनका सम्मान किया। उन्हें स्मृति चिह्न भी प्रदान किए गए। पत्रकारों ने राज्यपाल को चेन्नई के महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की।इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।
- -असम के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने दिए 5 करोड़ रुपये-मुख्यमंत्री ने सहायता राशि का चेक राज्यपाल श्री रमेन डेका को सौंपारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्यपाल को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल श्री डेका ने भी मुख्यमंत्री को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने असम में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि का चेक राज्यपाल श्री रमेन डेका को सौंपा। यह सहायता राशि असम के बाढ़ प्रभावित परिवारों के राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए प्रदान की गई है। राज्यपाल श्री रमेन डेका 16 अगस्त को असम के दौरे पर जा रहे हैं।
- -शहीदों की स्मृति में किया पौधारोपण, कहा- बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा हैरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर जिले के झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण कर उनके बलिदान को नमन किया। इस दौरान श्रद्धा और संकल्प के नारों के साथ शहीदों को याद किया गया।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि झीरम के शहीदों की स्मृति में निर्मित स्मारक को जल्द ही और अधिक स्मरणीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। उन्होंने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान भी किया।इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री विनायक गोयल, महापौर जगदलपुर श्री संजय पांडेय, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में प्रदेश ने अपने वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। पूर्व मंत्री स्वर्गीय श्री नंदकुमार पटेल, नेता प्रतिपक्ष रहे स्वर्गीय श्री महेंद्र कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।उन्होंने कहा कि आज वे झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि जिस ताकत ने वर्षों तक बस्तर को भय और हिंसा के साये में रखा, संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचने से रोका तथा तिरंगे और विकास की राह में बाधा उत्पन्न की, उस ताकत को जड़ से उखाड़ने में सफलता मिली है।श्री शर्मा ने कहा कि आज बस्तर फिर खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर शांति और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ माने जाने वाले कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर यह संदेश दिया गया कि भारत का संविधान देश के हर कोने में प्रभावी रूप से लागू होगा।उन्होंने कहा कि अब कोई भी ताकत बंदूक के बल पर इस धरती को निर्दाेषों के रक्त से रक्तरंजित नहीं कर सकेगी। झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने झीरम के शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता गया है। उन्होंने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़ चुके और भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। यह बदलाव बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह का संकेत है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस पर सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ-स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी-‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन-ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा-मुख्यमंत्री ने कहा - अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़-21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 से रात 8 बजे तक आम नागरिक कर सकेंगे प्रदर्शनी का अवलोकनरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया है।प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों - टाउन हॉल और शहीद स्मारक - के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की गति के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा भी अक्षुण्ण रहे। इन स्थलों को बेहतर स्वरूप मिलने से नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान की परंपरा को और निकटता से जान सकेगी।प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण खंड राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने वाली योजनाओं एवं पहलों को छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिल रहे संबल तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने के साकार होने की तस्वीर यहां दिखाई गई है। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं नए अवसरों के विस्तार और श्रमिकों सहित विभिन्न वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।प्रदर्शनी यह संदेश देती है कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है।प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डिजिटल पंजीयन के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता, सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान, हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयास तथा शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार की झलक यहां देखने को मिलती है।बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रकार प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और तेजी से आकार लेते भविष्य को एक साथ प्रस्तुत करती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा मिलती है और यही प्रेरणा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी ऊर्जा बनती है।प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अभिनव संगम भी आकर्षण का केंद्र है। विशेष एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।इस पहल के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर नई पीढ़ी को प्रदेश की पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से रोचक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आगंतुक इन डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शनी की स्मृति के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं।प्रदर्शनी स्थल पर रखी गई विजिटर डायरी में आगंतुक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का यह उपयोगी प्रयास है।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील करते हुए कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा, श्री संजीव तिवारी, श्री आलोक देव सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।
- रायपुर/आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने राजधानी रायपुर में भाठागांव में स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल ( आईएसबीटी ) भवन के प्रांगण में राष्ट्र ध्वज तिरंगा फहराया. नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने अंतर राज्यीय बस टर्मिनल और रायपुर नगर निगम जोन 6 के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनायें दीं. उन्होंने भारत माता एवं महात्मा गाँधी एवं संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ बी. आर. अम्बेडकर, भारत गणराज्य के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू, नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के छायाचित्र पर माल्यार्पण किया. समस्त उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक राष्ट्रगान किया. ध्वजारोहण के अवसर पर रायपुर नगर निगम अधीक्षण अभियंता मोटर कर्मशाला श्री प्रदीप यादव, नगर निगम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव, कार्यपालन अभियंता श्री दिनेश सिन्हा सहित अंतर राज्यीय बस टर्मिनल और रायपुर नगर निगम जोन 6 के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण की उपस्थिति रही.
- रायपुर / आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के आदेशानुसार एवं उपायुक्त राजस्व डॉ अंजलि शर्मा एवं जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 9 राजस्व टीम द्वारा जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री नरेन्द्र कुमार नायक एवं राजस्व निरीक्षक श्री राम सेन्द्रे एवं सहायक राजस्व निरीक्षक श्रीमती सादिका तनवीर की उपस्थिति में नगर निगम जोन 9 क्षेत्र में नगर निगम जोन 9 राजस्व विभाग द्वारा बकाया राजस्व वसूली अभियान चलाया गया।रायपुर नगर पालिक निगम जोन 9 राजस्व विभाग द्वारा जोन क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 11 क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2023-24 के बकायादार समविन्दर सिंह संधू द्वारा 66482 रू. की बकाया राशि, वर्ष 2022- 23 के बकायादार नीलू अग्रवाल, वर्ष 2021-22 के कमल किशोर अग्रवाल द्वारा 52483 रू की बकाया राशि एवं बकायादार विनोद तिवारी द्वारा 48595 रू की बकाया राशि अदा ना करने उनके सम्बंधित व्यवसायिक परिसरों को स्थल पर ताला लगाकर सीलबंद करने की नियमानुसार कड़ी कार्रवाई प्रक्रिया के अंतर्गत नगर निगम जोन 9 राजस्व विभाग की टीम द्वारा की गयी।
- *आजादी के पावन अवसर पर अपने कर्तव्यों का समर्पित भाव से निर्वहन करने का लें संकल्प : कलेक्टर डॉ. सिंह*रायपुर/ राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज कलेक्टोरेट परिसर में गरिमापूर्ण वातावरण में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के पश्चात उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और सभी अधिकारी-कर्मचारियों एवं जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हम सभी के लिए गौरव और खुशी का अवसर है। आज ही के दिन हमारा देश स्वतंत्र हुआ और देशवासियों को स्वतंत्र वातावरण में जीवन जीने का अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने की प्रेरणा देता है, जिनके कारण हमें स्वतंत्र भारत मिला।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर हम सभी यह संकल्प लें कि शासन ने हमें जो दायित्व सौंपे हैं, उनका पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पित भाव से निर्वहन करेंगे। आमजन की सेवा और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन सहित वरिष्ठ एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर/ संभागायुक्त कार्यालय में कमिश्नर श्री श्याम धावड़े ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। संभागायुक्त ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आजादी के इस पर्व का महत्व बताते हुए कहा कि हमें अंग्रेजों की गुलामी से स्वाधीनता बहुत संघर्षों और बलिदानों के बाद मिली है। आजादी किसी देश के मूलभूत विकास के लिए सबसे जरूरी है। अपना देश-अपने लोग-अपनी सरकार और अपने निर्णय ही आजादी के मूलभूत मायने हैं। संभागायुक्त ने कहा कि शहीदों ने अपने प्राणों की आहूति देकर देश को आजाद करा कर विकास के जिस सपने कों संजोया था, उसे पूरा करना हम सब भारतवासियों की जिम्मेदारी है। इस मौके पर श्री धावड़े सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने-अपने शासकीय दायित्वों का पूरी क्षमता से निर्वहन करने और जनहित के सभी कामों को समय पर पूरा करने की समझाईश भी दी। इस अवसर पर उपायुक्त श्रीमती ज्योति सिंह एवं श्री दिलीप कुमार अग्रवाल सहित कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कलेक्टोरेट में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, एसडीएम दुर्ग श्री महेश सिंह राजपूत, डिप्टी कलेक्टर श्री सोनल डेविड सहित कार्यालय के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
- दुर्ग/ 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संभागायुक्त श्री एस.एन. राठौर ने संभागायुक्त कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुमलाल यादव तथा कार्यालय केे अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे। संभागायुक्त ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
- दुर्ग/ स्वतंत्रता दिवस पर जिला जनसंपर्क कार्यालय में ध्वजारोहण किया गया। संयुक्त संचालक (जनसंपर्क) श्री एम.एस. सोरी ने कार्यालय में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर कार्यालय के कर्मचारियों ने राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान कर तिरंगा झण्डे को सलामी दी। इस दौरान कार्यालय के सहायक सूचना अधिकारी सुश्री भारती साहू, सहायक ग्रेड-2 श्रीमती कनक कोमरा एवं श्री दिनेश साहू, श्रीमती हिमेश ठाकुर, कम्प्यूटर ऑपरेटर अंजली फूले, मंजू कोमरा उपस्थित थे।
- दुर्ग/ स्वतंत्रता दिवस के 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला पंचायत में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे व जिला पंचायत सीईओ श्री बजरंग दुबे ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर माल्यार्पण कर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान कर तिरंगा झण्डा को सलामी दी। गया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के सभी अधिकारी/कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कुलदीप निगम वृद्धाश्रम माना कैम्प रायपुर में झंडा फहराया गया और भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए देश विरोधी ताकतों की पहचान कर उन्हें दण्डित करने की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया गया। इस शुभ दिन में RISEVO प्रोजेक्ट एंड डेवलपर्स द्वारा कुलदीप निगम वृद्धाश्रम में खाद्य सामग्री चांवल, दाल, पोहा, मूंगफली, तेल, बिस्कुट, चना के साथ कपड़े, सफाई में उपयोग होने वाले सामान नियमित दिनचर्या में उपयोगी सामग्री का वितरण किया गया। उपस्थित सभी लोगों को मिष्ठान वितरण किया गया।इस अवसर पर कुलदीप निगम वृद्धाश्रम के अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार निगम, सचिव बिमल घोषाल, अजय राठौर , एस. के. घर , पारुल चक्रवर्ती RISEVO प्रोजेक्ट एंड डेवलपर्स के डायरेक्टर सागर सेन , देवेंद्र कुमार, ईश्वर वर्मा,मुन्ना यादव, दीपांजलि साहू के अतिरिक्त वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्ग उपस्थित रहे ।



























