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- -युवाओं ने उत्साहपूर्वक आयोजन में लिया हिस्सा: सवालों के सही जवाब देने पर मिले आकर्षक उपहार और डिस्काउंट वॉचर्सरायपुर /देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती में उनके कविता संग्रह में से चुनिंदा कविताओं का राजधानी के युवाओं ने वाचन किया, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया और हिंदी में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में दिए गए उनके भाषण पर भी अपने विचार प्रकट किए। यह अवसर था राजधानी रायपुर के नालंदा परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस का। जनसंपर्क विभाग की ओर से नालंदा परिसर में 'खुशहाल एक साल' इवेंट का आयोजन किया गया जिसमें नालंदा परिसर में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा न केवल देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जीवन यात्रा, कविता संग्रह और विचारों से रूबरू हुए, बल्कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व मे राज्य सरकार की विगत एक वर्ष की उपलब्धियों और योजनाओं के प्रति भी जागरूक हुए। मनोरंजन और खेल - खेल में युवाओं को अपने प्रदेश के बारे में बहुत कुछ जानने का मौक़ा मिला। सबके बीच अपने विचार व्यक्त करने से झिझकने वाले युवाओं ने भी हल्के फुलके वातावरण में संकोच करना बंद कर ख़ुशी-ख़ुशी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।युवाओं ने राज्य में संचालित महतारी वंदन योजना, नियद नेल्ला नार योजना, मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना, कृषक उन्नति योजना, पर्यटन, छत्तीसगढ़ की बोलियों, आभूषणों आदि के बारे में पूछे गए प्रश्नों का सही उत्तर देने में तत्परता दिखाई । छत्तीसगढ़ में मिलने वाले खनिज, प्रदेश की लोक कला, खान -पान, गौरवशाली इतिहास संबंधी प्रश्नों को भी विभिन्न गतिविधियों के बीच में पूछा गया और इस दौरान सही उत्तर देने वाले युवाओं को विभिन्न डिस्काउंट कूपन, बिहान के उत्पाद उपहार स्वरूप प्रदान किए गए। डिस्काउंट वाउचर में नालंदा परिसर में स्थित लाइब्रेरी के मासिक शुल्क में ५० प्रतिशत की छूट ने भी प्रतियोगी परीक्षाओं के एस्पिरेंट्स को खूब लुभाया । इससे उनका उत्साह और बढ़ गया और उन्होंने इवेंट की समाप्ति तक पूरे उमंग के साथ आयोजन में हिस्सा लिया । उल्लेखनीय है कि खुशहाल एक साल इवेंट का यह छठवाँ आयोजन था। इससे पहले भी रायपुर शहर के विभिन्न स्थलों में इवेंट आयोजित किया गया जिसमें युवाओं ने भरपूर रुचि और उत्साह के साथ आयोजन की सफलता में अपनी सहभागिता प्रदान की थी।
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-बालगृह बालक माना कैम्प, बाल जीवन ज्योति बालिका गृह पुरानी बस्ती, बालिका गृह कोंडागांव के साथ मुख्य कार्यालय रायपुर में वीर बाल दिवस मनाया गया- रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में परिषद के संयुक्त सचिव राजेन्द्र कुमार निगम ने वीर बाल दिवस के महत्व की जानकारी दी- विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी हुआ आयोजनरायपुर । सिख गुरु गोविन्द गोविन्द सिंह जी के पुत्रों की शहादत को याद करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालगृह बालक माना कैम्प, बाल जीवन ज्योति बालिका गृह पुरानी बस्ती, बालिका गृह कोंडागांव के साथ मुख्य कार्यालय रायपुर में वीर बाल दिवस मनाया गया। परिषद के संयुक्त सचिव राजेन्द्र कुमार निगम ने बताया की किस प्रकार से गुरू गोविंद सिंह जी के 2 पुत्रों अजीत सिंह और जुझार सिंह, ने वीरता पूर्वक लड़ते हुए चमकौर की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दी और उनके 2 पुत्रों ज़ोरावर सिंह और फतेह सिंह को सरहिंद के नवाब वज़ीर खान ने दीवार में जिंदा चुनवा दिया था । इस प्रकार गुरु गोविन्द सिंह जी के चारों पुत्रों ने धर्म , सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके साहस , वीरता और शहादत को याद करते हुए उन्हे श्रद्धांजलि दी गई। बच्चों और युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा मिलती हैं कि कैसे साहस और संकल्प से बड़े काम किया जा सकता है । इससे हमें राष्ट्र प्रेम और धर्म के प्रति समर्पण के साथ जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा मिलती है । भारत सरकार द्वारा भी 16 दिसम्बर से 24 दिसम्बर 2024 तक वीर बाल दिवस कार्यक्रम करने हेतु प्रपत्र जारी किया गया था जिसके तहत 6 वर्ष से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों से पेंटिंग , 11 वर्ष से 18 वर्ष के बच्चों के लिए कविता, नाटक और मनोरंजन के लिए नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन करने निर्देश प्राप्त हुआ था । बालगृह माना कैम्प में पेंटिंग में प्रथम राजू , द्वितीय दीपक, तृतीय बंटी नाटक में डॉक्टर की भूमिका में पप्पू और शिक्षक की भूमिका के लिए दुर्गेश को और नृत्य में सोनू , बिट्टू और साहिल को पुरस्कार प्रदान किया गया इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर परिषद के उपाध्यक्ष डॉ अशोक त्रिपाठी , डॉ कमल वर्मा , महासचिव चंद्रेश शाह , संयुक्त सचिव राजेन्द्र कुमार निगम , प्रभा सेंद्रे , श्वेता सिंह, पूजा मिसलवार और सभी कर्मचारी उपस्थित रहे । - बिलासपुर /छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मण्डल में पंजीकृत श्रमिको के श्रमिक कार्ड का नवीनीकरण 31 दिसंबर 2024 तक किया जाएगा। ऐसे मजदूर जिन्होंने अपने श्रमकार्ड का नवीनीकरण नहीं कराया है वे श्रमेव जयते मोबाईल एप, मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र, विभागीय वेबसाईट एवं च्वाइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते है। 31 दिसंबर 2024 के बाद अनवीनीकृत श्रमकार्ड पंजीयन को अपंजीकृत माना जाएगा। पंजीयन के संबंध में अधिक जानकारी के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केन्द्र 0771-3505050 से संपर्क किया जा सकता है।
- -आरटीई के तहत प्रवेश में रोड़ा अटकाने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने दिए निर्देश-बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम सुधारने की रणनीति पर की चर्चाबिलासपुर /संभागायुक्त महादेव कावरे ने अधिकारियों की बैठक लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने आरटीई के तहत दाखिला के रद्द किये गये आवेदनों का एक बार फिर परीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी एवं निजी स्कूलों के खिलाफ गरीब बच्चों के प्रवेश प्रक्रिया को ठुकराने की शिकायत मिलते रहती है। उन्होंने गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधा से वंचित करने वाले शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता रद्द करने और भारी जर्माना लगाने के निर्देश भी दिए हैं। बैठक में संयुक्त संचालक शिक्षा श्री आरपी आदित्य सहित संभाग के सभी आठों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित थे।श्री कावरे ने स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में गुणवत्ता अपेक्षित नहीं पाई गई। इसलिए गुणवत्ता में सुधार करने और अधिक ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने 10 वीं और बारहवीं बोर्ड के परिणाम सुधारने की रणनीति पर चर्चा की। गुणवत्ता बढ़ाने ब्लू प्रिन्ट का पालन करने पर जोर दिया। मार्च के प्रथम सप्ताह में बोर्ड परीक्षा शुरू होने वाली है। उन्हेांने 10 जनवरी के पहले पेरेन्ट्स-टीचर मीटिंग आयोजित करने के निर्देश दिए। कक्षा पांचवी एवं आठवीं परीक्षा की तैयारी की जानकारी लेकर दिशा-निर्देश दिए। संयुक्त संचालक ने बताया कि कमजोर बच्चों को पांचवी एवं आठवीं में फेल भी किया जा सकता है। पहले ऐसा नियम नहीं था। छात्र दुर्घटना बीमा योजना में आवंटन की कमी की जानकारी मिलने पर डीपीआई को डीओ लेटर भिजवाने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि छात्र बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना में मृत्य हो जाने पर परिवार को एक लाख रूपये तक आर्थिक मदद मिलती है। मध्यान्ह भोजन योजना के तहत मेनू का पालन करने को कहा है। भोजन पकाने के लिए सभी स्कूलों को सिलेण्डर दिया गया है, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। लोगों और समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग लेकर इनका उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संयुक्त संचालक ने सभी पात्र बालिकाओं को साईकिल वितरित करने, गणवेश और किताब शतप्रतिशत उपलब्ध करा देने की जानकारी बैठक में दी। संभागायुक्त ने स्कूल परिसरों में तम्बाकू निषेध नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करने और कराने के निर्देश दिए। तम्बाकू मुक्त परिसर घोषित होने का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए। बैठक में एजेण्डा के अनुरूप लंबित पेंशन प्रकरण, अनुकम्पा नियुक्ति एवं लम्बे समय से अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई की समीक्षा भी की गई।
- बिलासपुर /प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जिले में लेखापाल एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के रिक्त पदों पर संविदा भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे। लेखापाल एवं डाटा एन्ट्री ऑपरेटर के प्राप्त आवेदनों में दावा-आपत्ति 30 दिसंबर 2024 तक जिला पंचायत बिलासपुर के द्वितीय तल के कक्ष क्रमांक 3 में उपस्थित होकर अथवा डाक के माध्यम से लिखित में आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। लेखापाल हेतु 382 आवेदन प्राप्त हुए है जिनमें से 218 पात्र एवं 164 अपात्र पाए गये हैं। इसी प्रकार डाटा एन्ट्री ऑपरेटर हेतु 725 आवेदन प्राप्त हुए है जिनमें से 668 पात्र एवं 57 अपात्र पाए गये हैं।
- - स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ले रहे हैं योजनाओं का फीडबैक-अम्बेडकर अस्पताल में आयोजित हुई क्लीनिकोपैथोलॉजिकल को-रिलेशन (सीपीसी)मीटिंग- मरीज की मृत्यु के कारणों का होता है मूल्यांकन, सही इलाज नहीं मिला तो विभाग की जिम्मेदारीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग में सुधार की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल चिकित्सा शिक्षा को और बेहतर करने के प्रयासों में सतत अधिकारियों से फीड बैक ले रहे हैं। इनके निर्देशन में ही आज डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में गुरुवार को क्लीनिकोपैथोलॉजिकल को-रिलेशन (सीपीसी) मीटिंग का आयोजन चिकित्सालय के टेलीमेडिसिन हाल में किया गया। इस दौरान आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्रीमती किरण कौशल भी वर्चुअल रूप में ऑनलाईन जुड़कर मीटिंग का हिस्सा बनी।इस मीटिंग का उद्देश्य रोगियों के उपचार के क्लीनिकल( जांच एवं उपचार से संबंधित/उपचारात्मक) एवं पैथोलॉजिकल (रोग से संबंधित जांच) कारणों का विश्लेषण कर चिकित्सालय में प्रदाय की जाने वाली सेवा में और अधिक सुधार करना है। इस मीटिंग में डॉक्टरों ने क्लीनिकोपैथोलॉजिकल के क्लीनिकल प्रोटोकॉल पर चर्चा की और क्लिनिकोपैथोलॉजिकल सहसंबंध (कोरिलेशन) के लिए रोगियों के केस पर आधारित डेटा का एनालिसिस (व्याख्या) किया।एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. जया लालवानी ने इस सम्मेलन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह मुख्य रूप से चिकित्सा शिक्षण की केस प्रस्तुतिकरण पर आधारित होती है। केस प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न विभागों में भर्ती मरीजों और उनको प्रदान किये गये इलाज के बारे में चर्चा की जाती है। यदि किसी मरीज की मृत्यु हो गई तो उसके मृत्यु के कारणों में नैदानिक (डायग्नोस्टिक जैसे पैथोलॉजिकल एवं रेडियोलॉजिकल जांच) एवं उपचारात्मक (थेराप्यूटिक) कारणों का मूल्यांकन किया जाता है। यदि किसी मरीज को अस्पताल में सही ढंग से इलाज नहीं मिल पाया तो किसकी चूक से यह हुआ, उस विभाग की जिम्मेदारी भी तय की जाती है। वहीं अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि यह चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबंधित अस्पतालों में चिकित्सा छात्रों को दिए जाने वाले शिक्षण का एक महत्वपूर्ण भाग है जिसके माध्यम से मरीजों के संपूर्ण उपचार के दौरान उसके क्लीनिकल एवं पैथोलॉजिकल पहलुओं पर चर्चा की जाती है। सम्मेलन में केस डिस्कशन के माध्यम से सारे विभाग के डॉक्टर इलाज के लिए अंतर्विभागीय सहयोग के माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान करने के बारे में अपने सुझाव देते हैं। उपचार के दौरान हुई चूक को सुधार कर उसके अंतिम निदान तक पहुंचते हैं।कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं इस मीटिंग के अध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि कई बार मरीज दूसरे अस्पतालों में अपना उपचार करवाते रहते हैं और जब उनकी स्थिति काफी गंभीर हो जाती है, तब हमारे संस्थान में पहुंचते हैं। क्लीनिकोपैथोलॉजिकल को-रिलेशन के माध्यम से गंभीर स्थिति में अस्पताल में पहुंचने वाले केस पर भी चर्चा की गई। कार्डियोलॉजी एवं सर्जरी विभाग के केस का डिस्कशन किया गया। सभी विभागों से सुझाव दिए गए जिससे सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकें।पैथोलॉजी विभाग की डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी ने बताया कि जितनी जल्दी पैथोलॉजी जांच होगी मरीज का उपचार भी उतनी जल्दी ही शुरू किया जा सकता है। अब पैथोलॉजी जांच के लिए लगने वाले रिएजेंट की उपलब्धता हो जाने से मरीजों की सभी प्रकार की जांच आसानी से हो जा रही है जिससे बीमारी के कारणों का जल्द पता लगाने में आसानी हो रही है।इस मीटिंग में सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू सिंह, डॉ. ओ. पी. सुंदरानी, डॉ. आर. एल. खरे, डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी, डॉ. वर्षा मुंगुटवार, डॉ. एस. के. चंद्रवंशी, डॉ. दिवाकर धुरंधर, डॉ. अंजुम खान समेत अन्य चिकित्सा शिक्षक मौजूद रहे।
- -सीएम कैम्प कार्यालय क्षेत्र के विकास के लिए कर रहा कार्य - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को जशपुर जिले में गृहग्राम बगिया से सीएम कैम्प कार्यालय की उपलब्धियों को दर्शाती 'सेवा एवं समर्पण का 1 साल' पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ की एक समृद्ध और विकसित राज्य बनाने कि दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में निरंतर अग्रसर है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वप्न को मूर्तरूप देते हुए छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए शासन द्वारा निरंतर प्रयासरत है। सरकार के निर्माण के साथ घोषणा पत्र में की गई मोदी की गारंटी के तहत किये गए वादों में से अधिकांश वादे पूरे किए जा चुके हैं।छत्तीसगढ़ सरकार ने जशपुर जिले सहित क्षेत्र के लोगों की समस्या का निदान के लिए बगिया में सीएम कैम्प कार्यालय को प्रारम्भ किया गया था। जो लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है और क्षेत्र के विकास के लिए निरन्तर कार्य कर रहा है। सीएम कैम्प कार्यालय में विगत एक वर्ष में 4569 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें से 3787 आवेदन का निराकरण किया जा चुका है।विगत एक वर्ष में जशपुर जिले में विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं जैसे सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में निरंतर सुधार के परिणाम स्वरूप लोगों की जीवन शैली में सकारात्मक बदलाव आया है। क्षेत्र के विकास के लिए कुनकुरी में 400 केव्ही के विद्युत उपकेंद्र की स्थापना, 345 करोड़ रुपये से अधिक लागत से 36 सड़कों के निर्माण, महतारी वंदन योजना से जिले की 2 लाख 29 हजार से अधिक महिलाओं को लाभान्वित करने के साथ विभिन्न विकास कार्य किये जा रहे हैं।
- -रायपुर में वीर बाल दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल होंगेरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 26 दिसंबर को जशपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले और राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूर्वान्ह 11.30 बजे जशपुर जिले के ग्राम बगिया से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 11.40 बजे बगीचा विकासखंड के ग्राम घुघरी पहुंचेंगे और वहां ‘आदिवासी नागवंशी समाज के वार्षिक महासम्मेलन 2024‘ में शामिल होंगे।मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के बाद 12.50 बजे घुघरी से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 1.30 बजे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम टिमरलगा पहुंचेंगे और वहां पर्वतदान (अन्न) एवं अश्वमेघ यज्ञ महोत्सव में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री टिमरलगा से अपरान्ह 3.05 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.50 बजे रायपुर पहुंचेंगे। वे शाम 5 बजे राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘वीर बाल दिवस‘ पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल होंगे। संगोष्ठी के बाद मुख्यमंत्री रात्रि 8.30 बजे रायपुर के पंडरी गुरूद्वारा में वीर बाल दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- -सुशासन दिवस पर जगदलपुर में सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने समितियों को प्रदान किया पंजीयन प्रमाण पत्ररायपुर / केन्द्र सरकार की सहकार से समृद्धि अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सहकारी समितियों में नई सुविधाएं बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डेयरी, मत्स्य पालन के क्षेत्र में नई सहकारी समितियों के गठन को बढ़ावा दिया जा रहा है। वन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज जगदलपुर में राज्य में गठित 300 से अधिक नवगठित बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी व मत्स्य सहकारी समितियों का शुभारम्भ किया। गौरतलब है कि भारत के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के द्वारा नईदिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के नवगठित 10 हजार से अधिक बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी एवं मत्स्य समितियों के शुभारंभ अवसर पर वन एवं सहकारिता मंत्री वर्चुअल रूप से जुड़े।वन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम में सुशासन दिवस पर देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को नमन करते हुए कहा कि अभी प्रदेश में कार्यरत 2058 पैक्स तथा लैम्प्स द्वारा प्रदेश के कृषकों को कृषि ऋण तथा खाद-बीज एवं विभिन्न तरह की सेवाएं प्रदान की जा रही है। इन्हें और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है। राज्य में 500 नये बहुउद्देशीय पैक्स के गठन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि राज्य में दुग्ध उत्पादक कृषकों की आय में वृद्धि के लिए एनडीडीबी के साथ राज्य दुग्ध संघ तथा राज्य सरकार के साथ त्रिपक्षीय एमओयू किया गया है। राज्य में 57 से अधिक नवीन दुग्ध समितियों का पंजीयन कर लिया गया है। राज्य के 113 वन-धन समितियों को भी प्राथमिक बहुउद्देशीय लघु वनोपज सहकारी समिति के रूप में पंजीकृत किया गया है। 169 नवीन मत्स्य समितियों का गठन किया गया है।सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पिछले एक वर्ष में सहकारी बैंकों की 16 नवीन शाखाएं प्रारंभ किए गए हैं। पैक्स समितियों में 2058 माईक्रो एटीएम उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश के 2014 पैक्स समितियों को कॉमन सर्विस सेन्टर की सुविधा, 25 पैक्स समितियों में प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक तथा 06 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों में 300 से अधिक पदों पर भर्ती की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है और अभ्यर्थियों को नियक्ति पत्र प्रदान किया गया है। राज्य के 2058 पैक्स में प्रधानमंत्री किसान संमृद्धि केन्द्र स्थापित किया गया है, पूर्ण रूप से विकसित होने के उपरान्त इन केन्द्रों में कृषकों को मिटटी परीक्षण, मौसम पूर्वानुमान तथा कृषि तकनीक संबंधी जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी। वहीं अन्न भण्डारण योजनांतर्गत 200 मेट्रिक टन क्षमता के 725 नवीन गोदामों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 625 गोदामों का निर्माण पूर्ण हो चुके हैं।कार्यक्रम को सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप ने भी सम्बोधित किया। इस मौके पर बस्तर अंचल के 10 नवीन सहकारी समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र, 25 किसानों को रुपे किसान क्रेडिट कार्ड तथा दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति बड़े कापसी को माइक्रो एटीएम प्रदान किया गया। साथ ही प्रदेश के पहले ई-पैक्स समिति ओरछा सहित माइक्रो एटीएम से सर्वाधिक ट्रांजेक्शन करने वाले सहकारी समितियों मद्देड़, केशरपाल एवं नारायणपुर सहित लोक सेवा केन्द्र के बेहतर संचालन के लिए पैक्स समितियों माड़पाल, कांकेर, केरलापाल एवं बांसकोट को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
- -जशपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय और बगीचा में खुलेगा पॉलीटेक्निक कॉलेजरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के अवसर पर जशपुर जिले के विकास के लिए कई बड़ी सौगाते दीं। मुख्यमंत्री ने कुनकुरी अंचल के ग्राम सलियाटोली में आयोजित कार्यक्रम में 726 करोड़ 27 लाख रूपए की लागत के 172 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जिनमें 65 करोड़ 94 लाख रूपए की लागत के 50 कार्यों का लोकार्पण और 660 करोड़ 33 लाख रूपए की लागत के 122 कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शासन के विभिन्न विभागों की हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत अनेक हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री एवं उपकरण प्रदान किए।मुख्यमंत्री श्री साय ने 660.33 करोड़ रूपए की लागत के जिन 122 कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें जशपुर विधानसभा के 58.83 करोड़ रूपये की लागत के 21 कार्य, कुनकुरी विधानसभा में 498.01 करोड़ रूपये की लागत के 58 कार्य, पत्थलगांव विधानसभा में 103.48 करोड़ रूपये की लागत के 43 कार्य शामिल हैं। भूमिपूजन होने वाले कार्याे में मुख्य रूप से जशपुर में प्रयास आवासीय विद्यालय, बगीचा में नवीन पॉलिटेक्निक कॉलेज, कुनकुरी में रिक्रिएशन पार्क, जिला कार्यालय जशपुर के द्वितीय तल, 15 धान उपार्जन केन्द्रों में अधोसंरचना-गोदाम, सलिहाटोली में इंडोर जिम, बगीचा में बैडमिंटन कोर्ट, कुनकुरी में अमृत मिशन 2.0 के विभिन्न कार्य शामिल है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री श्री साय ने 65.94 करोड़ की लागत के जिन नवनिर्मित 50 कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें जशपुर विधानसभा में लगभग 27.76 करोड़ लागत के 26 कार्य, कुनकुरी विधानसभा में 5.65 करोड़ लागत के 12 कार्य और पत्थलगांव विधानसभा में 32.51 करोड़ लागत के 12 कार्य शामिल है। लोकार्पित होने वाले कार्यों में मुख्य रूप से पोंगरों एनीकट हाइड्रो पावर आधारित पम्पिंग योजना, 4 प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन, 6 स्टाप डेम, सेन्द्रीमुण्डा में नवीन आदिवासी कन्या आश्रम, नारायणपुर में हाई स्कूल भवन शामिल है।इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय और रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, श्री कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, श्री रामप्रताप सिंह, श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री रोहित साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- - राज्य के शासकीय अस्पतालों में खोले जा रहे हैं जन औषधि केंद्र-मोदी की गारंटी के अंतर्गत 26 जनवरी तक 151 जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्यरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य में सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशन में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के अंतर्गत सभी जिलों में जन औषधि केंद्र स्थापित किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिवस एवं "सुशासन दिवस" के उपलक्ष्य में राज्य के शासकीय चिकित्सालयों में जन औषधि केंद्र का शुभारंभ कर उनका संचालन शुरू किया जा रहा है। सुशासन दिवस के मौके पर इसी सप्ताह राज्य में 51 नवीन जन औषधि केंद्रों का संचालन शुरू कर छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि राज्य में नवंबर माह तक 68 जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे थे जिनमें दिसबर माह के अंत तक 51 जन औषधि केंद्रों की वृद्धि हो जाएगी।छत्तीसगढ़ मे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देशन में 26 जनवरी 2025 तक राज्य में 151 जन औषधि केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है एवं 31 मार्च 2025 तक राज्य में 200 जन औषधि केंद्रों की स्थापना एवं संचालन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध चिकित्सालयों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अन्य शासकीय अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों का संचालन अस्पताल प्रबंधन अथवा रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री जन औषधि योजना में शासन द्वारा उच्च गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाईयों के दाम बाजार मूल्य से कम दर पर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। जन औषधि केंद्र, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत खोले गए आउटलेट हैं। जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य सभी वर्गों के लोगों को किफ़ायती दामों पर अच्छी गुणवत्ता की दवाइयां उपलब्ध कराना है। इन केंद्रों पर दवाइयां खुले बाजार की तुलना में 50 फीसदी से 90 फीसदी तक कम कीमत पर उपलब्ध होती हैं।
- -प्रदर्शनी में विष्णु देव साय सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और एक वर्ष की उपलब्धियों की मिल रही जानकारीरायपुर /भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा रायपुर के नालंदा परिसर में दो दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी आज 25 दिसंबर से लगाई गई हैं। प्रदर्शनी में स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की छत्तीसगढ़ से जुड़ी स्मृतियों के साथ-साथ केन्द्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं की जानकारी भी प्रदर्शित की गई है। प्रदर्शनी में अटल जी के कार्यकाल की उल्लेखनीय उपलब्धियों तथा छत्तीसगढ़ से जुड़े उनके प्रवास के दुर्लभ छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार के जनकल्याण के कार्यक्रमों एवं योजनाओं की उपलब्धियों की झलक भी प्रदर्शनी में लोगों का ध्यान खींच रहा है। प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सल उन्मूलन एवं जनजातीय उत्थान, सामाजिक समृद्धि एवं प्रगति, अधोसंरचना विकास, पर्यटन एवं संस्कृति, नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, युवा कल्याण, कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना, छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए संचालित योजनाएं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, रामलला दर्शन, डिजिटल भारत सहित अन्य योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी देखने आए शासकीय नागार्जुन साइंस कालेज के छात्र शिवम् पांडेय और उनके साथियों मयंक, अभय और राहुल ने कहा कि छाया चित्र प्रदर्शनी में श्री अटल जी के विचारों से अवगत कराया गया है जो सराहनीय है। छात्रों ने प्रदर्शनी में शासन के द्वारा प्रदर्शित योजनाओं की जानकारी को काफी उपयोगी बताया। प्रदर्शनी स्थल पर शासकीय योजनाओं पर आधारित प्रचार सामग्री का भी वितरण किया जा रहा हैै।
- -भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मशती पर जशपुर के सराईटोली में आयोजित की गई अटल सुशासन चौपाल, मुख्यमंत्री हुए शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर के सराईटोली में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित अटल सुशासन चौपाल में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के निर्माता श्रद्धेय अटल जी को छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से नमन किया। मुख्यमंत्री ने देश के निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का रजत जयंती वर्ष ‘अटल निर्माण वर्ष‘ के रूप मनाया जाएगा। इस दौरान अधोसंरचना विकास के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य छत्तीसगढ़ उनकी ही देन है।उन्होंने कहा कि अटल जी हमेशा अपने मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहते थे। आज पूरे प्रदेश में उनकी जयंती सुशासन दिवस के रूप में मनाई जा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी का मानना था कि छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा तो इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। यहां के निवासियों और जनजातियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। उनकी प्रगति को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के स्वप्न को पूरा कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में लगातार मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम राज्य सरकार कर रही है। 3100 रूपए प्रति क्विंटल एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना में 70 लाख माताओं-बहनों को हर माह एक हजार रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। रामलला दर्शन योजना के साथ अब तीर्थ यात्रा योजना भी जल्द शुरू की जाएगी। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की दर 4000 रूपए से बढ़ाकर 5500 रूपए कर दी गई है।सीजीपीएससी घोटाले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। इसमें लिप्त लोगों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इससे छात्रों का भरोसा सीजीपीएससी पर फिर से लौटा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है। गुड गवर्नेंस के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर निर्णायक लड़ाई लड़ी जा रही है। राज्य सरकार पूरे प्रदेश में सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी के योगदान के लिए पूरे देश के साथ विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लोग उनके बहुत आभारी हैं। उन्होंने हमें छत्तीसगढ़ के रूप में एक अलग राज्य की सौगात दी। आज छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। मोदी की गारंटी के अधिकांश वायदे हमने एक वर्ष में पूरे किए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने सराईटोली में अनेक विकास कार्यों की घोषणा कीमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र के किसानों की सुविधा की दृष्टि से फरसाबहार में अपेक्स बैंक की शाखा खोलने की घोषणा की। इसके साथ ही कोतईबीरा से कपाटद्वार तक लक्ष्मण झूला की तर्ज पर सस्पेंशन ब्रिज निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अटल सुशासन चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को सहायता राशि और दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया। उन्होंने मछुआ सहकारी समिति एवं दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को पंजीयन प्रमाण पत्र देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक द्वारा पे-केसीसी कार्ड के वितरण सहित अनेक हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल, राष्ट्रीय परिवार सहायता राशि एवं दिव्यांग बच्चों को निःशक्तजन छात्रवृत्ति का प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने दिव्यांग बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित भी किया। उन्होंने स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से मां तारिणी स्व-सहायता समूह को 80 हजार रुपए एवं जय मां अम्बे स्व सहयता समूह को एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया।इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या देवी साय, श्री रोहित साय, श्री भरत साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -श्रद्धेय अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का किया अवलोकनरायपुर /भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 100 वीं जयंती पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखण्ड के ग्राम सराईटोली में श्रद्धेय अटल जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किया और द्वीप प्रज्ज्वलन कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के नेतृत्व, दूरदृष्टि और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और देश के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। श्री साय ने इस मौके पर श्रद्धेय श्री अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती छत्तीसगढ़ में सुशासन दिवस के रूप में मनाई जा रही है। राज्य भर में सुशासन सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है जिनमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं अंतर्गत सभी को लाभान्वित किया जा रहा है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जशपुर के सलियाटोली में अटल सुशासन समारोह में हुए शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस पर कुनकुरी के सलियाटोली में आयोजित अटल सुशासन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सबके श्रद्धेय नेता, छत्तीसगढ़ के निर्माता, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का शताब्दी जयंती वर्ष है। हम यह वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। अटल जी की जयंती हम सब सुशासन दिवस के रूप में मनाते हैं। आज छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है और भारत के नक्शे में 26 वें राज्य के रूप में उभरा है तो इसके पीछे अटल जी की दूरदर्शी सोच थी। छत्तीसगढ़ की जनता से किया गया वायदा न केवल अटल जी ने निभाया अपितु नये राज्य को संवारने के लिए हर संभव मदद भी की।अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य में विकास की जिस तरह परिकल्पना की थी उसके अनुरूप हम छत्तीसगढ़ को संवारने में जुटे हुए हैं। उन्होंने जो सुशासन के आदर्श हमारे समक्ष रखे हैं उन पर चलते हुए हमने प्रशासन के हर स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस को अपनाया है। सुशासन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया है। अटल मानिटरिंग एप, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-आफिस, सुगम एप, संगवारी एप जैसे नवाचारों के माध्यम से हम डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर अपना रहे हैं। इससे प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। अटल जी की चिंता किसानों के प्रति थी। छत्तीसगढ़ बनने के बाद हमने धान खरीदी का बढ़िया माडल बनाया। आज छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिलता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए हम हर महीने एक हजार रुपए 70 लाख माताओं-बहनों के खाते में दे रहे हैं। एक साल के भीतर ही हमने माओवादियों को उनके सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले इलाकों से खदेड़ दिया। अब माओवाद अंतिम सांसें ले रहा है। इससे बस्तर में विकास की नई राह खुली है। पीएम जनमन योजना एवं नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में खुशियों की लहर आई है। नई उद्योग नीति के माध्यम से हमने ढाई लाख करोड़ रुपए निवेश का लक्ष्य रखा है इससे पांच लाख लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बनेंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुनकुरी और जशपुर में ऑडिटोरियम निर्माण, कुनकुरी नगर के विकास के लिए 5 करोड़ रूपए, कुनकुरी इंडोर स्टेडियम के लिए 20 लाख रूपए, ग्राम पंचायत नारायणपुर ओघेश्वर आश्रम में दो प्रवेश द्वार निर्माण, तपकरा तहसील में लिंक कोर्ट की स्थापना, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सलियाटोली में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रूपए एवं बार एसोसिएशन कुनकुरी में फर्नीचर, पुस्तकालय के लिए 25 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी के पुनीत अवसर पर आयोजित "अटल सुशासन समारोह" में जशपुर जिले के स्पेशल लोगो, वार्षिक प्रगति पत्रक, जशप्योर कैलेंडर और जशपुर के पर्यटन स्थलों के कैलेंडर का विमोचन किया। साथ ही पीएम आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम जनमन आवास योजना के लाभान्वित हितग्राहियों को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंप कर बधाई दी। उन्होंने अटल सुशासन समारोह में शासन के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों पर आधारित स्टाल्स का अवलोकन कर हितग्राही मूलक योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को हितग्राहीमूलक सामग्री प्रदान की।इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय और रायमुनी भगत, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शांति भगत, कृष्ण कुमार राय, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, रामप्रताप सिंह, यश प्रताप सिंह जूदेव, सुनील गुप्ता, रोहित साय सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस पर दसवें सिख गुरू श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के अदम्य साहस और बलिदान को नमन किया है। मुख्यमंत्री ने गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्रों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी के पुत्रों ने धर्म की रक्षा के लिए बहुत कम उम्र में ही अपने आप को बलिदान कर दिया। उन्होंने अपनी वीरता और शौर्य से देश को गौरवान्वित किया है। हम सभी को वीर सपूतों के अदम्य साहस और बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए।
- -विश्वविद्यालय की पत्रिका ‘कन्हार’ सहित कई प्रकाशनों का किया विमोचन-केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव भी हुए शामिलरायपुर. । केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान आज बिलासपुर के अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘कुल उत्सव’ समारोह में शामिल हुए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। राज्यपाल श्री खान ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधा भी लगाया। उन्होंने विश्वविद्यालय की त्रैमासिक पत्रिका ‘कन्हार’ के नए अंक सहित विभिन्न प्रकाशनों का विमोचन भी किया। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने समारोह की अध्यक्षता की। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। विधायकगण सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, सुशांत शुक्ला और जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान भी कार्यक्रम में शामिल हुए।केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने ‘कुल उत्सव’ में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी को उनकी 100वीं जयंती पर नमन करते हुए कहा कि अटल जी सच्चे जननायक थे। सभी वर्गों में उनकी समान रूप से स्वीकार्यता थी। जटिल विषयों पर भी वे देशहित में त्वरित निर्णय लेते थे। देश के प्रति उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। वे कुशल राजनीतिज्ञ थे। राज्यपाल श्री खान ने भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्ञान और शिक्षा से आदमी इंसान बनता है। ज्ञान और शिक्षा से ही मनुष्य का विकास संभव है। ये ही सशक्तिकरण का जरिया है। भारत की संस्कृति ज्ञान की संस्कृति रही है। भारत ज्ञान का बड़ा केन्द्र रहा है। पूरी दुनिया में भारत को ज्ञान एवं प्रज्ञा के संवर्धन के लिए जाना जाता है। उन्होंने शैक्षणिक एवं अन्य उपलब्धियां हासिल करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।‘कुल उत्सव’ समारोह की अध्यक्षता कर रहे केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि अटल जी के जीवन वृत्तांत को शब्दों मे पिरोना कठिन है। अटल जी की जीवनी से प्रेरणा लेकर हमें उनके मार्ग पर चलना चाहिए। अटल जी ऐसे मनीषी थे जो सदियों में एक बार जन्म लेते हैं। संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए उन्होंने काम किया। श्री साहू ने अटल जी की कविताओं का पठन भी किया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समारोह में अटल जी को नमन करते हुए कहा कि वे प्रखर राष्ट्रवादी और जननायक थे। वे अपने दृढ़ संकल्पों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ में जो भाषण दिया वो राष्ट्रवादिता का प्रतीक है। उन्होंने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया। छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दिलाया। आज छत्तीसगढ़ राज्य जो संवर रहा है, बढ़ रहा है, यह अटल जी की ही देन है। उनके कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ का रोम-रोम कृतज्ञ है। उनकी स्मृतियों को संजोने राज्य के 187 नगरीय निकायों में अटल परिसर बनाया जा रहा है। अटल संकल्पों के साथ यह विश्वविद्यालय भी आगे बढ़ रहा है।समारोह में कुलपति आचार्य अरूण दीवाकर नाथ वाजपेयी ने स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने पौधे भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धियों की जानकारी दी। कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, नगर निगम के कमिश्नर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- - विष्णु के सुशासन से छत्तीसगढ़ का हो रहा समावेशी विकास: श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़ेरायपुर, / महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिला के रामनगर में सुशासन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 4729 प्रधानमंत्री आवास का भूमिपूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके कुशल नेतृत्व क्षमता और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। वे कवि, सम्पादक, एक दूरदर्शी राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। किसी एक व्यक्ति का उनके समान हर विधा में पारंगत होना आज सम्भव नहीं है। उन्होंने आगे कहा हमारा छत्तीसगढ़ उन्हीं की देन है, जो निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है और जिस तरह से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार सेवा भावना से जनता के हित को केन्द्र में रखकर निर्णय ले रही है, जिससे निश्चित ही हमारा प्रदेश समावेशी विकास करेगा।इस अवसर पर मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जानकी स्व-सहायता समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से 100 शटरिंग प्लेट उपलब्ध कराया। जिसका उद्देश्य स्व-सहायता समूह की दीदियों को निर्माण के क्षेत्र में आगे लाना है।गौरतलब है आज देश के भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 100 वीं जयंती पर प्रदेश में ’’सुशासन दिवस’’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।जिसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों व गणमान्य नागरिकों द्वारा श्री अटल बिहारी वाजपेयी की छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके साथ ही श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविता का पाठ, विष्णु की पाती का वितरण व सुशासन के संकल्प के साथ-साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
- - अटल जी के सुशासन के सपने को साकार कर रही केंद्र और राज्य सरकार – श्री तोखन साहू-पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी की 100वीं जयंती पर अटल परिसर के निर्माण के लिए हुआ भूमिपूजन-उप मुख्यमंत्री श्री साव ने की घोषणा - अटल पथ के नाम से जाना जाएगा बिलासपुर का रिवर-व्यू रोड, चौक का नाम होगा अटल चौकरायपुर.। देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की 100वीं जयंती पर आज बिलासपुर में 50 लाख रुपए की लागत से बनने वाले अटल परिसर के निर्माण का भूमिपूजन किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने इसका भूमिपूजन किया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर के रिवर-व्यू रोड का नामकरण अटल पथ और चौक का नाम अटल चौक करने की घोषणा की। विधायकगण सर्वश्री धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल और सुशांत शुक्ला भी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्रद्धेय श्री अटल बिहारी बाजपेयी के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में अटल जी की भूमिका को याद करते हुए कहा कि उनके कारण ही एक नए प्रदेश के रूप में छत्तीसगढ़ को पहचान मिली। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने अटल जी की कविता का पाठ करते हुए उन्हें स्मरण किया और कहा कि सुशासन का जो सपना अटल जी ने देखा है, उसे पूरा करने की दिशा में केंद्र और प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने अटल जी के व्यक्तित्व और उनकी दूरदर्शिता को याद किया। बिलासपुर के विधायक श्री अमर अग्रवाल ने कार्यक्रम में अटल जी के बिलासपुर प्रवास की स्मृति को साझा किया। उन्होंने कहा कि वे युग पुरूष और लोकप्रिय व्यक्तित्व थे। ऐसे अद्भुत राजनेता को आज पूरा देश स्मरण कर रहा है। उनके द्वारा देखे गए सपनों को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग द्वारा चयनित 20 संविदा शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री अरुण चौहान, नगर निगम के कमिश्नर श्री अमित कुमार और जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित अनेक पार्षद, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- राजभवन में दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर आरंभरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर आयोजित दो दिवसीय रक्त दान शिविर एवं स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया और स्वयं स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी, पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, मेकाहारा के अधीक्षक डॉ. सोनकर, डॉ. एस.बी. नेताम, डॉ. अरविंद नेरल सहित मेकाहारा के सभी विभागों के चिकित्सक उपस्थित थे।राज्यपाल श्री डेका ने शिविर में उपस्थित रक्तदान मोबाइल मेडिकल वैन, चलित दंत चिकित्सा वैन एवं टी.बी. रोग के परीक्षण के लिए लगाई गयी अत्याधुनिक मोबाइल यूनिट का भी अवलोकन किया, जिसमें स्थल पर ही तत्काल एक्स-रे लिया जा सकता है।स्वास्थ्य शिविर में मेडिसिन, नेत्र रोग, दंत रोग, स्त्री रोग, चर्म रोग माइक्रोबायोलॉजी सहित अन्य विभागों के चिकित्सा विशेषज्ञ उपस्थित रहकर राजभवन परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण किए।
- राज्यपाल श्री डेका ने पूर्व प्रधानमंत्री श्री बाजपेयी की जयंती पर दी श्रद्धांजलिराजभवन में श्री बाजपेयी जी की कविताओं का हुआ काव्य पाठरायपुर। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती पर आज राज्यपाल श्री रमेन डेका ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित की। इस अवसर पर राजभवन में रक्त दान शिविर एवं स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। साथ ही स्व. श्री अटल बिहारी बाजपेयी की कविताओं का काव्य पाठ किया गया। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी भी उपस्थित थी।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि श्री बाजपेयी विराट व्यक्तित्व, महान वक्ता, जननायक थे। वे एक अत्यंत संवेदनशील व्यक्ति होने के साथ ही अजातशत्रु भी थे, जिनका सभी दलों के लोग बराबर सम्मान करते थे। श्री डेका ने श्री बाजपेयी से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया और कहा कि वे छोटे-बड़े सभी कार्यकर्ताओं का ध्यान रखते थे और सम्मान करते थे। श्री डेका ने 1978-79 में उनके असम दौरे के संबंध में स्मृतियां साझा की।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती को ‘सुशासन दिवस‘ के रूप में समर्पित करना, उनके मूल्यों और आदर्शों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है। श्री बाजपेयी ने कहा था कि ‘सुशासन तभी संभव है जब शासन जनता के प्रति उत्तरदायी हो, पारदर्शी हो और हर नागरिक के अधिकारों का सम्मान करे।‘श्री डेका ने कहा कि आज हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि अटल जी के दिखाए मार्ग पर चलकर हम भारत को एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाएंगे। सभी नागरिकों को समान अवसर, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और न्याय तक हर व्यक्ति की पहुंच हो। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम स्व. श्री अटल के सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान दें। उनकी कविताओं में उनकी आत्मा बोलती थी। उनकी एक प्रसिद्ध कविता हमें प्रेरित करती है ‘छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता यह पंक्तियाँ हमें बताती हैं कि सुशासन केवल प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही संभव है। राज्यपाल श्री डेका ने भारत को विश्व पटल पर स्थापित करने के लिए स्व. श्री बाजपेयी के योगदान का उल्लेख करतेे हुए कहा कि विदेश एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर भारत का मजबूती से पक्ष रखकर उन्होंने देश का मान बढ़ाया। भारत को जब कमजोर देश समझा जाता था, तब पोखरण में परमाणु परीक्षण कर उन्होंने भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न देश घोषित किया। इस कदम से उन्होंने भारत को विश्व में एक सुदृढ़ वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया। राज्यपाल ने श्री वाजपेयी के प्रधानमंत्री के कार्यकाल को अभूतपूर्व बताया। समारोह में श्री विकास शर्मा ने स्व. श्री बाजपेयी की प्रसिद्ध कविताओं ‘‘आओ मिलकर दिया जलाएं‘‘ ‘‘गीत नया गाता हूं‘‘ एवं अन्य कविताओं का काव्य पाठ किया। राज्यपाल को श्री शर्मा ने श्री बाजपेयी की कविता संग्रह भेंट की। राज्यपाल ने श्री शर्मा को राजकीय शॉल भेंट कर सम्मानित किया।इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, सहित राजभवन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- कहा - छत्तीसगढ़वासियों की भावनाओं का सम्मान करने वाले महान राजनेता थे अटल जीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के अवंति विहार चौक पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती सुशासन दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुण्य स्मरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़वासियों की भावनाओं का सम्मान करने वाले महान राजनेता थे। अटल जी का नेतृत्व, दूरदृष्टि और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी नीतियों और विचारों ने भारत को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी के सपनों को साकार करते हुए ही छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने अटल जी के जन्मशती के इस विशेष अवसर पर कहा कि अटल जी के मूल्यों को आत्मसात कर हम सभी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री राजेश मूणत सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 25 दिसंबर को छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशती है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में अटल जी की भूमिका को याद करते हुए कहा कि श्रद्धेय अटल जी ने छत्तीसगढ़वासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ के विकास और यहां के लोगों की समृद्धि के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी के सपनों को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ी तेजी से काम कर रही है। हमने अटल जी की स्मृति में इस रजत जयंती वर्ष को "अटल निर्माण वर्ष" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है जिसके अंतर्गत राज्य में अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के 25 दिसंबर को जन्मदिन पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशती है।अटल जी का छत्तीसगढ़ से और छत्तीसगढ़ के लोगों से हमेशा आत्मीय लगाव रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में अटल जी की भूमिका को याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़वासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए छत्तीसगढ़ के विकास और यहां के लोगों की समृद्धि के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया। अटल जी के सपनों को पूरा करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ी तेजी से काम कर रही है। छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। हमने अटल जी की स्मृति में इस रजत जयंती वर्ष को "अटल निर्माण वर्ष" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है जिसके अंतर्गत राज्य में अधोसंरचना विकास के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ एक ओजस्वी वक्ता और कवि हृदय सरल व्यक्तित्व थे। अटल जी की याद में उनका जन्मदिन ’सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। अटल जी का सपना था - एक सशक्त, समृद्ध और खुशहाल भारत। उसी सपने को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ आज शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुशासन दिवस के अवसर पर हम सभी को अटल जी के दिखाए रास्तों पर चलकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपना योगदान देकर अटल जी के स्वर्णिम भारत के स्वप्न को पूर्ण करने में सहभागी बनने के लिए दृढ़संकल्पित होना चाहिए।
- राजधानी रायपुर में 27 से 31 दिसंबर तक आयोजित होगी 24वीं राष्ट्रीय वनवासी क्रीडा प्रतियोगितारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास रायपुर में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित होने वाले 24वें राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने आयोजकों को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दी और वनवासी समाज के उत्थान और खेल संस्कृति के विकास की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रतियोगिता जनजातीय खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का बड़ा अवसर देगा। इससे विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच एकता की भावना भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि एक पुनीत उद्देश्य के साथ यह प्रतियोगिता आयोजित हो रही है और इससे वनवासी युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलेगा।राष्ट्रीय वनवासी क्रीडा प्रतियोगिता का आयोजन 27 से 31 दिसंबर 2024 तक राजधानी रायपुर में किया जा रहा है। प्रतियोगिता का शुभारंभ 28 दिसंबर को साइंस कॉलेज मैदान में होगा, जिसमें अण्डमान, मणिपुर, पंजाब सहित देश भर के विभिन्न प्रांतों और पड़ोसी देश नेपाल से लगभग 800 खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग लेने राजधानी पहुंच रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ी फुटबॉल और तीरंदाजी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।इस अवसर पर वन मंत्री और प्रतियोगिता के स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, प्रांताध्यक्ष श्री उमेश कच्छप, सचिव डॉ. अनुराग जैन, श्री रामनाथ कश्यप सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।



























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