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*भंडारण और विक्रय पर लगा प्रतिबंध*
बिलासपुर/किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान की उपलब्धता सुनिश्चित करने जिले में पदस्थ निरीक्षकों द्वारा सहकारी संस्थानों का सतत निरीक्षण एवं भंडारित आदानों का विधिवत नमूना लिया जाकर विश्लेषण हेतु शासन द्वारा अधिकृत प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इसी कड़ी में दो सहकारी समितियों से 29.60 क्विंटल गेंहू बीज अमानक पाए गए। इनमें मेसर्स सेवा सहकारी समिति मोहतरा से 14 क्विंटल गेंहू बीज एवं मेसर्स सेवा सहकारी समिति बरतोरी से 15.60 क्विंटल गेंहू बीज शामिल है। इन बीजों का नमूना लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था कृषक संस्थान रायपुर में प्रशिक्षण किया गया, जिसमें ये बीज अमानक पाए गए। विश्लेषण परिणाम प्राप्त होने के बाद अमानक मिले 29.60 किंवटल बीज बैच/लॉट के विक्रय पर उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बीज गुण नियंत्रण 1983 के प्रावधान अनुसार खण्ड (11) में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए गेंहू बीज भण्डारण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया।
- -अनाधिकृत व्यक्तियों से सावधान रहने की सेना भर्ती कार्यालय की अपीलरायगढ़। रायगढ में शुरु अग्निवीर भर्ती रैली में युवाओं में काफी उत्साह और जोश देखने को मिल रहा है। अबतक पांच हजार से अधिक युवा इस भर्ती में शामिल हुए हैं।आज भर्ती के छठे दिन छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार, धमतरी, कबीरधाम, सुकमा, रायपुर, कोंडागांव और नारायणपुर इन सात जिलों के युवाओं ने शामिल होकर अपना कौशल दिखाया । कुल 1091 उम्मीदवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई ।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के 33 जिलों के लिए आयोजित सेना भर्ती के लिए 8556 युवाओं ने सामान्य प्रवेश परीक्षा पास की थी ।जिला प्रशासन रायगढ़ और सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के संयुक्त सहयोग से भर्ती प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है तथा युवाओं में इस रैली भर्ती के प्रति अपार उत्साह देखा जा रहा है । भारतीय सेना में चयन निष्पक्ष, पारदर्शी केवल योग्यता के आधार पर होती इसलिए सेना भर्ती कार्यालय ने अनाधिकृत व्यक्तियों से सावधान रहने की अपील की है ।
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रायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पशु कल्याण समिति की बैठक ली। इस बैठक में भेड़ एवं बकरी, पशुपालकों का विशेष ध्यान रखते हुए किसी भी प्रकार की सर्जरी को निःशुल्क करने का निर्णय लिया गया। साथ ही पशुओं के प्रबंध संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चिकित्सकीय एवं अन्य उपकरण खरीदने 14 लाख की स्वीकृति दी गई। इसी प्रकार बैठक में 50 हजार पशुओं के प्रबंध आकस्मिक प्रबंधन के आरक्षित रखा गया।
उल्लेखनीय है कि जिले में 92 पशु चिकित्सा संस्थाएं संचालित है। जहां पशुओं का इलाज किया जाता है। पशुओं के माइनर सर्जरी एवं आर्थाेपेडिक सर्जरी में बीपीएल कार्डधारियों के लिए निःशुल्क इलाज किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर एवं पशु चिकित्सा सेवाएं संयुक्त संचालक श्री शंकर लाल उईके समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। -
रायपुर । राजीव युवा उत्थान योजना के तहत जिले के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे रेल्वे, बैंकिंग, एस.एस.सी. अन्य के लिए निःशुल्क कोचिंग दिए जाने का प्रावधान है। जिसमें 100 सीटों के लिए आवेदन मंगाया गया है। इसके लिए विद्यार्थियों को 11 दिसंबर तक आवेदन करना होगा। इसमें अनुसूचित जाति के लिए 30, अनुसूचित जनजाति के लिए 50, अन्य पिछडा वर्ग के लिए 20 सीट आरक्षित की गई है। इसके अलावा वर्गवार 33 फीसदी सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। इसमें विद्यार्थियों को एक हजार रूपए स्कॉलरशिप देने का भी प्रावधान है। विद्यार्थियों की न्यूनतम आयु 20 वर्ष व अधिकतम 30 वर्ष निर्धारित की गई है।
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रायपुर/ लाइवलीहुड कॉलेज जोरा में महिंद्रा एन्ड महिंद्रा लिमिटेड के द्वारा ट्रैक्टर मैकेनिक कोर्स में प्रशिक्षण हेतु नवीन तकनीक से लैब स्थापित किया गया है | जहां महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा कौशल विकास योजना अंतर्गत ट्रैक्टर मैकेनिक कोर्स में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है| प्रशिक्षित प्रथम बैच के सभी हितग्राहियों को प्लेसमेंट कैंप आयोजित कर महिंद्रा ट्रैक्टर डीलरशिप एवं प्लांट में रोजगार प्रदान किया गया | इस कोर्स के लिए जिले में निवासरत 18 से 45 वर्ष के इच्छुक हितग्राही आवेदन जमा कर सकते है|
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*-छात्रा ने छात्रावास में प्रवेश दिलाने दिया आवेदन*
*-जनदर्शन में आज 130 आवेदन प्राप्त हुए*
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशन में आज एडीएम श्री अरविंद एक्का जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहंुचे लोगांे से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा भी जनदर्शन में मौजूद थे। जनदर्शन में आज 130 आवेदन प्राप्त हुए।
ग्राम रेंगा कठेरा निवासी कृषक ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि ऋण पुस्तिका मंे त्रुटि सुधार किया गया, जिसके कारण पंजीयन कराने में विलम्ब हो गया। धान की फसल विक्रय करने के लिए पंजीयन दर्ज कर टोकन दिलाने गुहार लगाई। इस पर एडीएम ने तहसीलदार पाटन को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
कोडिया निवासी छात्रा ने शिक्षा प्रदान करने आदिम जाति विभाग द्वारा संचालित विज्ञान विकास केन्द्र के छात्रावास में प्रवेश दिलाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि वह शासकीय विश्वनाथ यादव राव तामस्कर कामर्स एवं कला महाविद्यालय में अध्यनरत है। गांव महाविद्यालय से 25 किलोमीटर दूरी पर है। सुबह की क्लास होने के कारण बस की सुविधा नही मिल पाती। आर्थिक स्थिति भी इतनी अच्छी नही है कि वह गाड़ी खरीद सके। इस पर एडीएम ने आदिम जाति विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
वार्ड-34 भिलाई वार्डवासियों ने आबादी क्षेत्र में किए जा रहे पशुपालन की शिकायत की। उन्होंने बताया कि मिलन चौक स्कूल के सामने घनी आबादी वाले क्षेत्र में गाय और बकरी पालन किया जा रहा है, जिससे यहां पर निवास करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थान पर सार्वजनिक कुंआ है, जिसका पानी रहवासियों द्वारा उपयोग में लाया जाता है। पशुपालन किए जाने के कारण गंदगी पूरा कुंए में चला जाता है, जिसके कारण पानी दूषित हो गया है। इस पर एडीएम ने पशुपालन विभाग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
धमधा निवासी ने शासकीय घास जमीन में गोबर खाद गढ्ढ़ा को बंद करने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि वार्ड क्रमांक 10 में ओम सांई संस्कृत विद्यालय के बाजू में शासकीय भूमि आम रस्ता में गोबर खाद गढ्ढा बनाया गया है, जिससे उक्त खाद गढ्ढा के दुर्गन्ध से आस-पास के रहवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही आम रास्ता से लगे होने के कारण गंभीर दुर्घटना होने की आशंका भी बनी रहती है। इस पर एडीएम ने संबंधित अधिकारी को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। -
कैंसर पीड़ित चितरंजन साहू को मिली 10.46 लाख रुपये की सहायता*
*-विष्णु के सुशासन में चितरंजन को मिला नया जीवन*
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना राजीव नगर, दुर्ग निवासी चितरंजन साहू जैसे जरूरतमंद लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत चितरंजन साहू को कैंसर के इलाज के लिए 10,46,304 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। चितरंजन साहू, जो पेशे से मजदूर हैं और जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, ने बताया कि कैंसर के इलाज का खर्च उठाना उनके लिए असंभव था। उनके पिता, जो बढ़ई का काम करते हैं, ने शुरुआती दिनों में कर्ज लेकर इलाज शुरू किया। लेकिन जब डॉक्टर ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत आवेदन करने की सलाह दी, तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। आश्चर्यजनक रूप से, कुछ ही समय में उन्हें सहायता राशि स्वीकृत हो गई। इस मदद के कारण उनका इलाज सफलतापूर्वक पूरा हो सका। चितरंजन साहू ने कहा, “अगर इस योजना की सहायता नहीं मिलती, तो मेरा इलाज संभव नहीं हो पाता। यह मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए एक नई जिंदगी के समान है।”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ शासन ने इस योजना के तहत दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों के इलाज के लिए अधिकतम 25 लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराने का प्रावधान किया है। यह योजना राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने और महंगे इलाज का बोझ कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। चितरंजन साहू और उनके परिवार ने इस मदद के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है। यह योजना छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को स्वस्थ और सशक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है और राज्य के सुशासन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। -
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार के एक साल पूर्ण होने पर साइंस काॅलेज में आयोजित प्रस्तावित कार्यक्रम का प्रभारी मंत्री एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज जायजा लिया। इस अवसर पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री राजेश मूणत उपस्थित थे। मंत्री श्री कश्यप ने कार्यक्रम की तैयारियों के लिए आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही कार्यक्रम स्थल की साफ-सफाई रखने, शौचालय की व्यवस्था के निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने प्रवेश द्वार और निकासी द्वार में फ्लैक्स लगाने के निर्देश दिए, ताकि अलग-अलग वर्ग के लोगों को कार्यक्रम स्थल में पहुंचने में दिक्कतें न हो। कार्यक्रम स्थल पर कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह, एसएसपी श्री संतोष सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, जनसंपर्क अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, अपर संचालक श्री उमेश मिश्रा भी उपस्थित थे।
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नरेय्या तालाब में बच्चों के लिए शीघ्र चलेगी ट्राय ट्रेन
तालाब पार में चारों ओर पारिजात की सुगंध बिखरेगीरायपुर/राजधानी शहर रायपुर में चारों ओर विकास कार्य तेज गति से हो रहे हैँ. शहर को तेजी से सुन्दर विकसित स्मार्ट सिटी का स्वरूप मिल रहा है, जिससे आमजनों को विष्णु के सुशासन का प्रत्यक्ष लाभ परिलक्षित हो रहा है. राजधानी शहर के नरेय्या तालाब में बच्चों के स्वस्थ मनोरंजन हेतु शीघ्र ट्राय ट्रेन चलाई जाएगी. नवीन विद्युतीकरण कार्य होगा, बच्चों के लिए खेलकूद के नवीन उपकरण लगाए जायेंगे. वहीं नरेय्या तालाब के चारों ओर पारिजात के वृक्षारोपण के साथ सुगंध बिखरेगी. नरेय्या तालाब परिसर में पहुंचकर रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी सहित निगम एमआईसी सदस्य श्री समीर अख्तर, जोन 6 जोन अध्यक्ष श्रीमती निशा देवेन्द्र यादव, पार्षद श्रीमती सरिता वर्मा,श्रीमती सावित्री जयमोहन साहू, निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री सुभाष तिवारी, सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री श्याम सुन्दर अग्रवाल, निगम जोन 6 जोन कमिश्नर श्री रमेश जायसवाल, कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा सहित नगर के गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, महिलाओं, नवयुवकों, आमजनों की उपस्थिति में नरेय्या तालाब में 1 करोड़ रूपये की लागत से शीघ्र सौंदर्यीकरण करने भूमिपूजन किया एवं तालाब के गार्डन में ओपन जिम का लोकार्पण जनहित में जनसुविधा हेतु नगर निगम जोन 6 की ओर से किया. नरेय्या तालाब में तिकोमा के फूलदार पौधों एवं लगभग 10 फुट ऊँचे पारिजात के फूलदार पौधों का सुव्यवस्थित रोपण प्रारम्भ करवाया जा चुका है एवं इसे सुव्यवस्थित स्वरूप दिया जा रहा है . रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने विकास कार्य स्वीकृत करने नागरिकों की ओर से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साव को हार्दिक धन्यवाद दिया. रायपुर लोकसभा सांसद एवं रायपुर दक्षिण विधायक ने कहा कि राजधानी रायपुर को सुन्दर तरीके से विकसित करने में फंड की कोई कमी नहीं होंगी. रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आमजनों को बताया कि मठपुरैना तालाब में सवा करोड़ रूपये एवं गोकुल नगर मुक्तिधाम में सवा करोड़ रूपये के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव को राज्य शासन ने स्वीकृत कर दिया है एवं यह नए विकास कार्य भी निविदा प्रक्रिया के पश्चात प्रारम्भ किये जायेंगे. आज मठपुरैना में 38 लाख रूपये के नई सीसी रोड एवं नाली निर्माण के कार्यों सहित संजय नगर में 58 लाख रूपये के नई सीसी रोड एवं नाली निर्माण के कार्यों को भूमिपूजन कर प्रारम्भ करवाया गया है. सभी नए विकास कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्ता सहित जनहित में जनसुविधा विस्तार की दृष्टि से प्राथमिकता से पूर्ण करवाने के निर्देश रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल एवं रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने दिए हैँ. नए विकास कार्य प्रारम्भ होने पर आमजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है. -
रायपुर। दो दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) का 7वां संस्करण 11 दिसंबर, 2024 को रायपुर में अमिटी यूनिवर्सिटी में शुरू होगा। साथ ही देशभर 51केंद्रों पर भी इसका प्रारंभ होगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। अमिटी यूनिवर्सिटी छत्तीसगढ़ में एसआईएच की मेजबानी करेगी, कुलपति प्रोफेसर (डॉ) पीयूष कांत पांडे ने कहा।
कुलपति प्रोफेसर (डॉ) पीयूष कांत पांडे ने कहा की इस अत्यधिक प्रत्याशित कार्यक्रम में तेरह राज्यों की 31 टीमें, जिसमें 186 प्रतिभागी (103 पुरुष और 83 महिलाएं), 28 मेंटरों की देखरेख में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम को उद्योग और अकादमिक दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों सहित 17 प्रतिष्ठित जूरी सदस्यों की उपस्थिति से और समृद्ध किया जाएगा, जो प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करेंगे। इसका समापन 12 दिसंबर को होगा.कुलपति प्रोफेसर (डॉ) पीयूष कांत पांडे ने कहा कि एमिटी यूनिवर्सिटी, रायपुर नोडल सेंटर में एसआईएच 2024के ग्रैंड फिनाले से समस्या कथनों के परिणाम के रूप में अपेक्षित समाधान (I)स्वच्छ और हरित प्रौद्योगिकी, (Ii)स्मार्ट शिक्षा, (Iii)आपदा प्रबंधन, (Iv)विरासत और संस्कृति, (v) फिटनेस और खेल हैं।एसआईएच एक राष्ट्रव्यापी पहल है और इसका उद्देश्य छात्रों को दैनिक जीवन में आने वाली कुछ गंभीर समस्याओं को हल करने के लिए मंच प्रदान करके उत्पाद नवाचार और समस्या-समाधान मानसिकता की संस्कृति को विकसित करना है। पिछले संस्करणों की तरह, छात्र दल मंत्रालयों/विभागों/उद्योगों द्वारा दिए गए समस्या सुझावों पर काम करेंगे या 17 विषयों में से किसी पर भी छात्र नवाचार श्रेणी में अपना विचार प्रस्तुत करेंगे।एआईएच 2024 के लिए 54 मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योगों द्वारा 250 से अधिक समस्याओं के बारे में विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इस वर्ष संस्थान स्तर पर आंतरिक हैकथॉन में 240 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है, जो एआईएच 2023 में 900 से बढ़कर एआईएच 2024 में 2247 से अधिक हो गई है, जिससे यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण है। संस्थान स्तर पर एआईएच 2024 में 86,000 से अधिक टीमों ने भाग लिया है और लगभग 49,000 छात्र टीमों (प्रत्येक में 6 छात्र और 2 संरक्षक शामिल हैं) को राष्ट्रीय स्तर के चरण के लिए इन संस्थानों द्वारा अनुशंसित किया गया है। एआईएच का ग्रैंड फिनाले विभिन्न मंत्रालयों/सरकारी विभागों के अधिकारियों और छात्रों, शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों के बीच खुली बातचीत के लिए एक खुले मंच के रूप में भी कार्य करता है।पहचान की गई चुनौतियों और उनके समाधान के तहत राष्ट्रीय महत्व और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के क्षेत्रों से जुड़े 17 प्रमुख क्षेत्र और विषयों में स्वास्थ्य सेवा, आपूर्ति श्रृंखला और रसद, स्मार्ट प्रौद्योगिकी, विरासत और संस्कृति, स्थिरता, शिक्षा और कौशल विकास, जल, कृषि और खाद्य, उभरती हुई प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन शामिल हैं।एसआईएच ने भारत के नवाचार परिदृश्य को गहराई से प्रभावित किया है, छात्रों और पेशेवरों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए सशक्त बनाया है। इस सफलता को सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण तत्व एसआईएच पूर्व छात्र नेटवर्क है। इस नेटवर्क के पोर्टल (https://alumni.mic.gov.in/) पर परिवर्तनकारी परिणामों को दर्शाने वाली सफलता की कहानियां उपलब्ध हैं। एसआईएच पूर्व छात्रों द्वारा कई मजबूत सामाजिक आयाम वाले स्टार्टअप सहित आज तक 100 से अधिक स्टार्टअप स्थापित किए जा चुके हैं।दिल्ली, यूपी, पांडिचेरी, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और अन्य राज्यों के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। -
कचरा उठवाकर स्वच्छता कायम करने कहा
रायपुर / आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा के आदेशानुसार निगम उपायुक्त श्रीमती राजेश्वरी पटेल ने स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान 2024 के अंतर्गत नगर निगम जोन नम्बर 10 के तहत रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड नम्बर 55 के लालपुर क्षेत्र में विनायक हॉस्पिटल, जैनम विहार, कमल विहार ( कौशल्या विहार ), लालपुर तालाब के समीप सड़क मार्गो की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण जोन 10 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री भूषण ठाकुर की उपस्थिति में किया.उपायुक्त श्रीमती राजेश्वरी पटेल ने मार्गो की सफाई करवाकर कचरा उठवाकर जनहित में जनस्वास्थ्य सुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम करने के निर्देश जोन 10 के जोन स्वास्थ्य अधिकारी को दिए हैँ. - रायपुर /कोरबा जिले के पाली ब्लॉक के अंतर्गत डूमरकछार निवासी पीवीटीजी श्यामलाल बिरहोर का कहना है कि हम पांच पीढ़ी से यहां रह रहे हैं। गरीबी इतनी थी कि कभी इतना पैसा भी नहीं जोड़ पाये कि अपने कच्चे घर को पक्का बना लें। मिट्टी का ही घर था, और इसी घर में हमारी कई पीढ़ी आई और चली गई। हम लोग भी बचपन से लेकर अभी तक इस कच्चे मकान में रह रहे हैं। बारिश के समय तो कच्चे घरों में मानों मुसीबत का पहाड़ ही टूट कर गिरता है। खपरैल से पानी की धार घर पर गिरती है। कपड़े से लेकर अन्य जरूरी सामानों को भिगाने के साथ हमारे बैठने-सोने की जगह को बर्बाद कर देती है।गरज-चमक के बीच घर में ही कैद होकर रहना पड़ता है और तेज बारिश में उखड़ती दीवारें हमारी धड़कनों को बढ़ाने के साथ हमें डरने और सहम कर रहने के लिए विवश करता है। हमें खुशी है कि भले अभी तक हमने और हमारी माता-पिता सहित दादा-दादी ने यह मुसीबतें सही, लेकिन हमारी आने वाली पीढ़ी कच्चे मकानों में नहीं रहेंगी। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना से मिले पीएमजनमन आवास में खुशियों के साथ बिना किसी डर और मुसीबत के रहने का मौका मिलेगा।श्यामलाल ने बताया कि हमारी आर्थिक स्थिति ऐसी है कि पक्के आवास का सपना हमारे लिए महज सपना ही है। हमारा जो कच्चा मकान है वही ठीक-ठाक नहीं है, ऐसे में पक्के मकान बनाने की सोंच भी नहीं सकते थे। श्याम लाल ने बताया कि घर पर उनकी पत्नी, बच्चे और बूढ़ी मां रहती है। वे पारम्परिक रूप से बांस लाकर टोकरी, सूपा आदि सामग्री बनाकर उसे बेचने का काम करते हैं। कुछ खेती है, उस पर धान की फसल उगाते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे इतना पैसा कमा कर जोड़ सके कि पक्का घर बन पाए। उन्होंने बताया कि अभी तक की जिंदगी झोपड़ी में ही बीत गई। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने विशेष पिछड़ी जनजाति समाज की सुध ली और पीएम जनमन अंतर्गत हम जैसे अति गरीब परिवारों को पक्का आवास बनाकर दिया। उन्होंने बताया कि पक्का आवास बनकर तैयार है और वे अपने नये घरों में शिप्ट होंगे। बिरहोर श्यामलाल का कहना है कि कच्चे घरों में जो बारिश के दिनों की तकलीफें है वह आने वाली पीढ़ी को नहीं भुगतनी पड़ेगी। उनके बच्चे और नाती पक्के घर में बेफिक्र होकर आराम से रह पायेंगे।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास को मंजूरी देते हुए हितग्राहियों के खाते में राशि जारी की। राशि खाते में आते ही हितग्राहियों द्वारा आवास निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। खास बात यह भी है कि देश के प्रधानमंत्री ने पीएम जनमन योजना से पीवीटीजी परिवारों को विकास से जोड़ते हुए इनके बसाहटो तक सड़क, इनके लिए आवास सहित अन्य योजनाओं से लाभान्वित करने की पहल की है।
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भिलाईनगर। राज्य शासन से प्राप्त दिशा.निर्देश अनुसार सरकार गठन के 1 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 09 दिसम्बर से 20 दिसम्बर तक सभी नगरीय निकायों में अलग.अलग गतिविधियां कराए जाने के निर्देश प्राप्त हुए है। जिसके तहत आज नगर पालिक निगम भिलाई में सिंगलयूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने की रैली निकाली गई। रैली सुबह 10.30 बजे पावर हाउस लाल मैदान से होकर सर्कुलर मार्केट होते हुए जलेबी चैंक पर समापन किया गया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, पाषर्दगढ़, व्यपारीगण, चेंबर के सदस्य आदि उपस्थित रहे। सभी लोगों ने प्लास्टिक मुक्त भिलाई बनाने हेतु अभियान छेड़ने का आवाहन किया। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने सभी अधिकारियो को निर्देशित किए है कि भिलाई शहर को साफ.सुथरा बनाये रखने के लिए सभी वार्डोए गली मोहल्लो में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाये। साथ ही सिंगलयूज प्लास्टिक पर भी प्रतिबंध लगाए। प्लास्टिक पर्यावरण के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए भी बहुत हानिकारक होता है। आज प्लास्टिक मुक्त अभियान ही पहला थीम था जिसके लिए रैली निकालकर लोगो को जागरूक किया गया। समझाइए दिए जाने के बाद भी जो व्यापारी सिंगल युज प्लास्टिक में समान बेचेंगे, उनके ऊपर चालानी कार्रवाई की जाएगी। जागरूकता रैली में डोर.टू.डोर कचरा एकत्रित करने वाले सफाई कर्मचारियो ने अपनी बुलंद आवाज में स्वच्छता ही सेवा की मार्केट क्षेत्र में गुंज लगाए। रैली का समापन जलेबी चैंक पर राष्ट्र पिता महात्मागांधी जी के मुर्ति पर माल्यापर्ण किया गया। अंत में आयुक्त ने सभी को स्वच्छता की शपथ दिलाई।अभियान के तहत वार्ड क्रमांक 36 के पूरा पार्षद विनोद चेलक वार्ड क्रमांक 30 के पार्षद राजकुमार जायसवाल जोन आयुक्त येशा लहरे, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के.के.सिंह, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, अनिल मिश्रा, हेमंत माझी, वीरेंद्र बंजारे, जोन स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह, अतुल यादव,जी सी एम यादव, मिशन मैनेजर अमन पटले, अभिनव , पाटनी, सहित जोन के अधिकारी कर्मचारी अधिक संख्या में उपस्थित रहे। - दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग दुबे के मार्गदशन में जिले में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया। रोजगार दिवस में महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्याे की जानकारी से ग्रामीणों को अवगत कराया गया और योजना के महत्व की जानकारी दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत सामुदायिक कार्यों, हितग्राही मूलक कार्यों एवं प्रधान मंत्री आवास योजना से भी अवगत कराया गया। ग्रामीणों, कृषकों, मनरेगा जॉबकार्डधारी परिवारों को भू-जल को रिचार्ज करने एवं जल भराव को लंबे अवधि तक रोकने के बारे में किए जाने वाले कार्यों को लेकर प्रोत्साहित किया गया। तालाब, डबरी, कुआं के अलावा जल संरक्षण एवं जैव विविधता के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। जल निकायों के कायाकल्प एवं जीर्णाेद्धार के सकारात्मक प्रभावों को भी बताया गया। ब्लॉक पाटन के ग्राम पंचायत मानिकचौरी, महकाखुर्द, ब्लाक दुर्ग के चंगोरी, विनायकपुर, करगाडीह रिसामा एवं ब्लॉक धमधा के नवागांव स, बिरोदा, लिटिया, पोटिया (एस) खजरी में रोजगार दिवस का आयोजन किया गया।
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राज्यपाल श्री डेका ने आईआईटी भिलाई में संस्कृति, भाषा और परम्परा केंद्र का किया शुभारंभ*
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि आईआईटी भिलाई की यात्रा में संस्कृति भाषा और परम्परा केंद्र महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इस केंद्र की स्थापना आदिवासी समुदायों की सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान, लुप्तप्राय भाषाओं और सतत विकास पर अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्टता के लिए एक अंतःविषय केंद्र के रूप में की गई है। केंद्र का मिशन छत्तीसगढ़ के आदिवासी समुदायों की भाषाई विविधता, सांस्कृतिक बहुलवाद, पारिस्थितिक ज्ञान और सामूहिक स्मृति को भारत में सामने लाना है। राज्यपाल श्री डेका आज आईआईटी भिलाई में संस्कृति, भाषा और परम्परा केंद्र के शुभारंभ अवसर पर आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि की आसंदी से सम्बोधित कर रहे थे। राज्यपाल श्री डेका ने आगे कहा कि यह केंद्र छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर एक नोडल ज्ञान केंद्र बनाने के लिए काम कर रहा है। इसमें आईआईटी भिलाई में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर एक पुस्तकालय और अत्याधुनिक विस्तारित वास्तविकता संग्रहालय शामिल होगा। इस ज्ञान केंद्र को राज्य के आदिवासी समुदायों के मौखिक इतिहास और सामूहिक सांस्कृतिक यादों के भंडार के रूप में योजनाबद्ध किया गया है। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि विकसित भारत 2047 के हमारे सामाजिक और राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए इस तरह की पहल समय की मांग है। तेजी से हो रहे वैश्वीकरण के हमारे समकालीन युग में, एक जोखिम यह है कि अपने राष्ट्र के विकास में, हम अपने इतिहास, विरासत और विरासत से संपर्क खो सकते हैं। हमारी साझेदारी, सामूहिक एकता, अपने समाज को ऊपर उठाने और इसे दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल करने की इच्छा कभी-कभी हमें यह भूलने पर मजबूर कर देती है कि हम कौन हैं और हम कहाँ से आए हैं। यह याद रखना और खुद को लगातार याद दिलाना महत्वपूर्ण है कि विकास का मतलब एकरूपता नहीं है, इसका मतलब हमारी सांस्कृतिक और जातीय पहचान का नुकसान नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि हम भारत के लोग दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक होने के लिए भाग्यशाली हैं। भारतीय दर्शन, कला और वास्तुकला की जड़ें हजारों साल पुरानी हैं, और जाति, पंथ और समुदायों के विचारकों की अनगिनत पीढ़ियों के योगदान के माध्यम से परिष्कृत हुई हैं। राज्यपाल ने कहा कि आईआईटी हमारे भारतीय ज्ञान प्रणालियों की इस विरासत को पुनः प्राप्त करने के लिए शोध के विभिन्न तरीकों पर काम कर रहा है। हमारी खोई हुई ऐतिहासिक विरासत का दस्तावेजीकरण और उसकी गरिमा को बहाल कर रहा है और बिगड़े हुए पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करने में पारंपरिक कृषि तकनीकों के लाभों को सामने ला रहा है। यह ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल तकनीकों के साथ लचीली आजीविका हासिल करने में सक्षम बना रहा है। आज लॉन्च की गई रिपोर्ट हमारे राज्य की विरासत और इतिहास तथा आदिवासी समुदायों के गहन पारिस्थितिकी और कृषि ज्ञान को उजागर करती है। राज्यपाल ने आईआईटी भिलाई के छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए बधाई दी। इस अवसर पर राज्यपाल श्री डेका ने अपने कर-कमलों से हेरिटेज एप्रीसिएशन ऑफ बारसुर- पर्सपेक्टिव्स ऑन हिस्ट्री, आर्किटेक्चर एण्ड ट्यूरिस्म और ऑगमेंटिग लाइवलीहुड्स थ्रू जीआई- ए केस स्टडी ऑन छत्तीसगढ़ रिपोर्ट लॉन्च किया। राज्यपाल श्री डेका ने समारोह स्थल पर लगाए गए छत्तीसगढ़ जनजातीय हैन्डीक्राफ्ट्स स्टॉल का भी अवलोकन किया। समारोह में सीसीएलटी (संस्कृति, भाषा और परम्परा) केन्द के संयोजक डॉ. अनुभव प्रधान ने स्वागत भाषण दिया। आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश ने आईआईटी की गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र शुक्ला, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर, प्रोफेसर्स एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -राज्य सरकार गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति द्वारा प्रकाशित ”गाय - धर्म और विज्ञान” पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री श्री साय को इस अवसर पर समिति के सदस्यों ने बताया कि इस पुस्तक में गाय के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व को बताया गया है। पूरे देश में 4 जनवरी 2025 को गौ-विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर के लगभग सवा लाख स्कूली छात्र-छात्राएं सम्मिलित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने गौमाता के महत्व से बच्चों को परिचित कराने के लिए आयोजित की जा रही इस परीक्षा के सफल आयोजन के लिए समिति के सदस्यों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने राज्य के 125 गौशालाओं को चारे के लिए दी जा रही अनुदान राशि प्रति गाय 25 रुपए से बढ़ाकर 35 रूपए करने की घोषणा की है। राज्य सरकार द्वारा गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए आयोग का गठन किया है। राज्य सरकार ने गौ धाम बनाने तथा गौमूत्र और गोबर के उपयोग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि घर-घर इस पुस्तक के निःशुल्क वितरण से लोगों में गौ माता के प्रति जागरुकता आएगी। इस अवसर पर गाय धर्म और विज्ञान पुस्तक की संकलनकर्ता- संपादक श्रीमती शताब्दी सुबोध पाण्डे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -अब पर्यटन वेबसाइट के माध्यम से पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक जगहों की मिलेगी जानकारी-वैश्विक पर्यटन के नक्शे में जशपुर जिले का शामिल होना सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं और उसका सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहा है। अब देशभर के पर्यटन प्रेमी जशपुर की हरी-भरी वादियों की जानकारी के लिए पर्यटन वेबसाइट www.easemytrip.com का उपयोग कर सकते हैं। जशपुर पर्यटन वेबसाइट में शामिल होने वाला प्रदेश का पहला जिला बन गया है। अब पर्यटन वेबसाइट के माध्यम से पर्यटन प्रेमियों को जशपुर के नैसर्गिक जगहों की जानकारी आसानी से मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा है कि वैश्विक पर्यटन के नक्शे में जशपुर जिले का शामिल होना सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र को समृद्ध बनाने हेतु हमारी सरकार कृत संकल्पित है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा जशपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने के क्षेत्र में अनेक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में स्थित जशपुर जिला शहरी जीवन शैली से और भागदौड़ की जिंदगी से सुकून का अहसास दिलाता है। प्रकृति को नजदीक से जानने के लिए जशपुर एक आदर्श स्थान है। चाहे वह हरे-भरे चाय बागान हो , रॉक क्लाइम्बिंग का रोमांच हो, आदिवासी समुदायों की जीवंत परंपराओं को नजदीक से जानना हो, जशपुर हर यात्री के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करता है। अपने मनमोहक परिदृश्य, ठंडी जलवायु और आदिवासी संस्कृति, रीति रिवाज, रहन-सहन, खान-पान, पारंपरिक व्यंजन और आत्मीयता से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ, जशपुर एक ऐसा अनुभव प्रदान करता है जो यात्रा के बाद लंबे समय तक पर्यटकों के साथ रहता है। जशपुर में रूकने के लिए एक सुंदर और आकर्षक सुविधा युक्त सरना एथनिक रिज़ॉर्ट है। जशपुर में दमेरा, देशदेखा, चाय बगान, सोगड़ा आश्रम, रानीदाह, बगीचा विकास खंड में कैलाश गुफा, खुडियारानी,राजपुरी ,दनगरी , मकरभंजा , कुनकुरी विकास खंड में एशिया का सबसे दूसरा बड़ा चर्च, मधेश्वर पहाड़ सबसे बड़ा शिवलिंग, मयाली नेचर कैम्प आदि बहुत सारे पर्यटन स्थल का आनंद लिया जा सकता है।
- रायपुर . छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज की अंतरक्षेत्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में रायपुर रीजन विजेता रहा। टीम इवेंट में कोरबा वेस्ट की क्षेत्र उपविजेता रही। पुरस्कार वितरण समारोह कल 9 दिसंबर को कंचना स्थित निजी कोर्ट में होगा, जिसमें प्रबंध निदेशक गण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।पॉवर कंपनीज की क्रीड़ा एवं कला परिषद के तत्वाधान से आयोजित अंतर क्षेत्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में प्रदेशभर की 10 टीम हिस्सा ले रही हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ा सचिव श्री विनय चंद्राकर ने बताया कि आज टीम इवेंट के प्रतियोगिता में रायपुर रीजन एवं कोरबा वेस्ट के बीच फाइनल मुकाबला हुआ। रायपुर की टीम ने 12 वर्षों की चैंपियन कोरबा वेस्ट की टीम 03-02 से पराजित किया।विजेता टीम के खिलाड़ी योहन नायक, राजेश ठाकुर, दिलेश्वर ठाकुर, के गिरीश व नवीन इक्का ने बेहतर खेल का प्रदर्शन किया। कोरबा वेस्ट के खिलाड़ी अविनेष पाठक, सीमांत मिंज, एम जोशी, नरेंद्र उइके एवं गौरव गुप्ता ने कांटे की टक्कर दी।कल सोमवार को महिला एकल में झरना लता साहू व संध्या रानी के बीच फाइनल मुकाबला होगा।महिला युगल का फाइनल कोरबा पूर्व और रायपुर सेंट्रल के बीच होगा। पुरूष युगल का मुकाबला रायपुर सेंट्रल व बिलासपुर क्षेत्र की टीम के बीच कल खेला जाएगा
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- गवर्नमेंट हाई स्कूल पसीदी में व्याख्यान
रायपुर/अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने कसडोल के नजदीक ग्राम पसीदी, छरछेद में ग्रामीणों एवम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पसीदी के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है,जिससे निदान के लिए आम जन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास की अत्यंत आवश्यकता है.
डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कुछ लोग अंधविश्वास के कारण हमेंशा शुभ-अशुभ के फेर में पड़े रहते है। यह सब हमारे मन का भ्रम है। शुभ-अशुभ सब हमारे मन के अंदर ही है। किसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाये, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमायी हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में है। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास को कुरीतियों के विरूद्ध समाज के साथ विद्यार्थियों को भी एकजुट होकर आगे आना चाहिए।
डॉ. मिश्र ने कहा प्राकृतिक आपदायें हर गांव में आती है, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती है, वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते है। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते है। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुनः प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगड़ने पर उसे ताबीज पहिनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चहिए। डॉ. मिश्र ने विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से नहीं डराएं क्योंकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता.
डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा — देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन /टोनही के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। डायन के सन्देह में प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। कुछ मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई है अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती है। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी व्यक्ति के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, आसाम सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही है जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए. झारखंड ,बिहार छत्तीसगढ़ ,ओडिशा में, राजस्थान,आसाम में हजारों प्रमाणिक जानकारी है।जबकि कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला. पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैं
डॉ. मिश्र ने कहा आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं को वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्में थे।
डॉ. मिश्र ने कहा भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा के बजाय चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है।
डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को आगे आना चाहिए। कार्यक्रम को डॉ शैलेश जाधव, डॉ . एच के एस गजेंद्र, आलोक मिश्र ने संबोधित किया . छात्रों के समक्ष वैज्ञानिक अभिक्रियाओं पर आधारित ट्रिक्स का प्रदर्शन किया गया . ग्रामीणों एवम छात्रों के प्रश्नों एवम उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया. कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य परमेश्वर जायसवाल, आभार प्रदर्शन सोनवानी सर ने किया. ग्राम पसीदी और छरछेद में अन्धविश्वास एवं टोनही प्रताड़ना के खिलाफ़ अभियान चलाया गया , छात्रों एवं ग्रामीणों को पंपलेट किताबें प्रदान की गईं. -
भिलाई/ नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 1 क्षेत्र में फाइट द बाईट अभियान चलाया गया| वार्ड क्रमांक 1 जुनवानी क्षेत्र शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद कॉलेज एवं नर्सिंग भिलाई में फाइट द बाईट अभियान के तहत कॉलेज के क्लासरूम, टॉयलेट, बाथरूम एवं नालियों में डेंगू मलेरिया बचाव एवं मच्छर उन्मूलन टीम द्वारा जांच कर दवाई छिड़काव किया गया | कॉलेज के बच्चों को भी प्रेरित किया गया कि वह भी साफ-सफाई रखें अपने क्लास रूम, हॉस्टल,
एवं कैंपस की बच्चों को भी बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। साथ में समझाइश दी गई कि बाहर का खाना बंद करें, फास्ट फूड, दुकानों का जंक फूड शरीर के नुकसानदाई होता है। ताजा खाने ही शरीर के लिए फायदेमंद है। हम सब मिलकर स्वच्छता बनाए रखेंगे।
आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किए हैं कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु लगातार अभियान चलाया जाए| स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार निगम के अलग-अलग वार्डों में जाकर बीमारियों की रोकथाम हेतु जांच कर रही है| जहां पर भी गंदगी पाई जा रही है उसकी जांच कर मैलाथियांन, टेमीफस, जला आइल का छिड़काव कर रही है ओर नालियों मे भी स्प्रे के माध्यम से दवाई डाल रही है|
अभियान के दौरान वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के के सिंह, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, अनिल मिश्रा, वीरेंद्र बंजारे, हेमंत मांझी, सुदामा परगनिया, गोपी साहू, प्रभारी स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, संतोष हरमुख आदि उपस्थित रहे| -
- विकास कार्यों को दुर्ग शहर में गति मिली - गजेन्द्र यादव
- जिले के युवाओं की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में रहेगी महत्वपूर्ण भूमिका
दुर्ग/ दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य और कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में शहर में स्थित सीटी क्लब के प्रांगण में 148 लाख की लागत से तरणताल निर्माण के लिए आज भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधायक श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जिस प्रकार बेडमिंटन का मैदान तैयार किया जा रहा है, उसी प्रकार तरणताल का निर्माण भी हो। उन्होंने विधायक बनने के बाद जो सपना देखा था उसको पूरा करने में कलेक्टर सुश्री चौधरी का बहुत बड़ा योगदान रहा है। जिला को वैभवशाली बनाने हरसंभव कोशिश करूंगा। वर्तमान में छत्तीसगढ़ की रेकिंग में दुर्ग जिला प्रथम स्थान पर रहा है।
विधायक श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए जिला अस्पताल में 9 करोड़ की लागत से 150 बिस्तरों का वार्ड तैयार किया जा रहा है। जिले को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए बेंगलुरू के आईटी पार्क की तरह भिलाई में भी आईटी पार्क का निर्माण किया जाएगा। जिससे जिले के छात्र-छात्राओं को पढ़ने तथा रोजगार प्राप्त करने में कठिनाई न हो सके। उन्होंने जिले को सुव्यविस्थत करने के लिए जैसे पटेल चौक, राजेन्द्र प्रसाद चौक तथा अन्य क्षेत्रों का सौन्दर्यीकरण करने के लिए राशि की व्यवस्था की जाएगी।
महापौर श्री धीरज बाकलीवाल ने कहा कि शहर के विकास कार्यों को नया आयाम देने के साथ ही क्षेत्र के विकास के लिए कलेक्टर का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि आम जनता के सुझाव के आधार पर विधायक श्री यादव ने शहर का विकास करने हमेशा तत्पर रहे है। जिले के विकास के लिए व्यक्तिगत जागरूकता होना अनिवार्य है। खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए विधायक के माध्यम से शहर को तरण ताल की सौगात मिली है, इससे जिले के युवाओं को सुविधा मिलेगी।
कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि शहर की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। जिले के युवा पीढ़ी को खेल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का कार्य अनुभवी खिलाड़ियों का बहुत बड़ा योगदान रहेगा। उन्होंने कहा कि तरणताल का निर्माण करने के उपरांत उसका संचालन भी सुव्यवस्थित सुचारू रूप से होना चाहिए।
इस अवसर पर पार्षद श्री राजकुमार नारायणी, दुर्ग नगर निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण यंत्री श्री जे.के. मेश्राम सहित अन्य जनप्रतिनिधी एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। -
दुर्ग/ कृषि विभाग द्वारा जैविक खेती मिशन योजनांतर्गत जैविक किसान मेला का आयोजन सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में तथा जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हर्षा लोकमणी चंद्राकर की अध्यक्षता में आज पाटन विकासखण्ड के ग्राम सोनपुर में किया गया।
कार्यक्रम में उप संचालक श्री संदीप कुमार भोई ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने उद्बोधन में जैविक खेती के वर्तमान परिदृश्य एवं संभावनाएं के संबंध में प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि सांसद श्री बघेल द्वारा उपस्थित कृषकों को संबोधित करते हुए अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किया कि जैविक खेती से मिट्टी भुरभुरी एवं टिकाऊ होती है, जबकि रासायनिक खेती से मिट्टी कठोर एवं अनुपजाऊ होती है। जैविक खेती से प्राप्त उपज का बाजार मूल्य 02-03 गुना तक प्राप्त होता है तथा उत्पाद का स्वाद एवं स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। मुख्य अतिथि द्वारा उपस्थित कृषकों को शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए अधिकाधिक क्षेत्र में जैविक खेती करने का आह्वान किया गया।
कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा के वैज्ञानिकों द्वारा उपस्थित किसानों को जैविक खेती के बारे में विस्तृत व्याख्यान दिया गया है जिसमें जैविक विधि से कीटव्याधि नियंत्रण, संतुलित उर्वरकों का उपयोग जैसे अन्य संबंधित विषयों पर विस्तार से बताया गया है। कार्यक्रम में सर्वदा के प्रतिनिधि द्वारा श्री अन्न (मिलेट्स) की विशेषता के बारे मे बताते हुये इसे दैनिक आहार में सम्मिलित करने हेतु आह्वान किया गया।
अंत में मुख्य अतिथि सांसद श्री बघेल द्वारा कृषकों को कृषि यंत्र, केसीसी, नर्सरी पौध, मत्स्य पालक को आइस बॉक्स का वितरण किया गया। कार्यक्रम में श्रीमती हर्षा लोकमणी चंद्राकर सदस्य जिला पंचायत, श्रीमती राम बाई सिन्हा अध्यक्ष जनपद पंचायत पाटन एवं अन्य जन प्रतिनिधि, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुधन, सहकारिता विभाग, क्रेडा, स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अधिकारी, कर्मचारी एवं लगभग 300 से अधिक कृषक उपस्थित रहे। -
युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
साहू समाज छात्रावास का किया लोकार्पण, मंच निर्माण एवं पेवर ब्लॉक के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की
बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव बलौदाबाजार में जिला साहू संघ द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन और सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान झिरिया साहू समाज के नवनिर्मित छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने साहू स्मारिका, तेली दिवस पुस्तक एवं पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पवन साहू द्वारा तैयार कैलेंडर का विमोचन भी किया। श्री साव ने साहू छात्रावास में मंच निर्माण और पेवर ब्लॉक के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। भाटापारा के विधायक श्री इंद्र साव और कसडोल के विधायक श्री संदीप साहू भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने युवक-युवती परिचय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज मेहनतकश समाज है। साहू समाज के लोग ईमानदारी और मेहनत के लिए जाने जाते हैं। इसी की बदौलत आज साहू समाज हर क्षेत्र में अपना विशिष्ट योगदान दे रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में साहू समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि अपनी संस्कृति को सहेजते हुए आधुनिकता की ओर समाज को लेकर जाना है। इसके लिए सामाजिक बुराईयों और कुप्रथाओं को दूर करते हुए शिक्षा पर जोर देने की ज़रूरत है। शिक्षित समाज से ही एक सशक्त राज्य और राष्ट्र का निर्माण हो सकता है। युवक-युवती परिचय सम्मलेन साहू समाज की प्रशंसनीय पहल है। -
युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव आज बिलासपुर के सिम्स (CIMS) ऑडिटोरियम में आयोजित साहू युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में सम्मिलित हुए। उन्होंने कार्यक्रम में परिचय पुस्तिका का विमोचन किया और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले साहू समाज के व्यक्तियों को सम्मानित किया। उन्होंने योग्य जीवन साथी की तलाश में सम्मेलन में पहुंचे युवाओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने मुख्य अतिथि के रूप में परिचय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि साहू समाज प्रदेश के सभी जिलों में परिचय सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। उसका लाभ समाज को मिल रहा है। यह आयोजन समाज के लोगों की मदद के लिए है। परिचय पत्रिका के मध्यम से रिश्ता तय हो रहा है। यह समाज के लिए अनुकरणीय कार्य है।
श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि आज साहू समाज के लोग अपनी मेहनत और ईमानदारी से आगे बढ़ रहे हैं। विगत वर्षों में समाज के लोगों ने सभी क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विधायक सर्वश्री धरमलाल कौशिक, संदीप साहू, सुशांत शुक्ला और पूर्व सांसद श्री लखन लाल साहू सहित साहू समाज के कई पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे। -
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजनांदगांव जिले के गायत्री विद्यापीठ स्कूल में एकल अभियान अभ्युदय यूथ क्लब संभाग स्तरीय खेलकूद के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में एक पक्ष जीतता है, तो दूसरा पक्ष हारता नहीं है, बल्कि दूसरे पायदान पर आ जाता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों को ग्रामीण क्षेत्रों में एकल अभियान अभ्युदय यूथ क्लब के माध्यम से बहुत लाभ मिल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गायत्री विद्यापीठ स्कूल के खेल मैदान के सौंदर्यीकरण के लिए 20 लाख रूपए देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने तथा सुशासन स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश के 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, तेंदूपत्ता बोनस एवं विभिन्न योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए विशेष तौर पर कार्य किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे स्कूली बच्चों, विजेता प्रतिभागियों एवं एकल अभियान परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से पता चला कि बिलासपुर में एक रिक्शा चालक की बिटिया पर्वतारोहण के लिए अफ्रीका के किलीमंजारो जाना चाहती है, उसे तत्काल पौने चार लाख रूपए की आर्थिक सहायता देकर समस्या का समाधान किया गया। वही एक श्रमिक की बिटिया बैडमिंटन की प्रतिभावान खिलाड़ी है, उसे भी सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संसाधन की कमी नहीं होगी और प्रदेश के खिलाडिय़ों को शासन द्वारा हरसंभव मदद दी जाएगी। ओलंपिक में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों द्वारा स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर 3 करोड़ रूपए, रजत पदक में 2 करोड़ रूपए और कांस्य पदक में एक करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बहुत परिश्रमी रहे हैं तथा उन्होंने जशपुर में पैदल चलकर तथा कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई की है। आप में से भी कोई कठिन परिश्रम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिश्रम की पराकाष्ठा तक जाइए, आपका सफल होना सुनिश्चित है। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, एकल विद्यालय एवं यूथ क्लब के सदस्य, खिलाड़ी बच्चे उपस्थित थे।










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