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- -सरगुजा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्पर्धा में जीते मैडल, मुख्यमंत्री ने उज्ज्वल भविष्य के लिए दी शुभकामनाएंरायपुर / सरगुजा के चार खिलाडियों ने कर्नाटक के कुर्ग में 10 से 14 नवंबर तक आयोजित प्रोफेशनल नेशनल किक बॉक्सिंग लीग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए 2 स्वर्ण और एक -एक रजत और कांस्य पदक हासिल इस राष्ट्रीय स्पर्धा में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया। पदक विजेता इन खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें अपनी उपलब्धियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने इस खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।वाको इंडिया किक बॉक्सिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित इस स्पर्धा में सरगुजा की स्वाति राजवाड़े ने 60 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड, सरवर एक्का ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में गोल्ड मैडल, सत्यम साहू ने 70 किलो से कम वजन वर्ग में रजत और संजना मिंज ने 50 किलो से कम वजन वर्ग में कांस्य पदक जीता है। इस अवसर पर किक बॉक्सिंग एसोशिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री छगन लाल मूंदड़ा, कार्यकारी अध्यक्ष श्री तारकेश मिश्रा, सचिव श्री आकाश गुरु दीवान और टीम के कोच श्री खिलावन दास उपस्थित थे।
- रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका आज विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) श्री एमबी ओझा के निधन पर शोक व्यक्त करने उनके मौलश्री विहार स्थित निवास पर गए और उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया।उल्लेखनीय है की स्वर्गीय श्री ओझा ने1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और युद्ध में भारत की विजय के साक्षी भी रहे।उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण मिशनों में सभी को अपने अद्भुत शौर्य एवं पराक्रम से परिचित कराया।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की 19 नवम्बर को जयंती के अवसर पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का साहसपूर्वक विरोध किया और जीवन के अंतिम क्षण तक हार नहीं मानी।रानी लक्ष्मी बाई ने अपनी मातृभूमि की रक्षा और सम्मान के लिए प्राण तक न्यौछावर कर दिए। श्री साय ने कहा कि रानी लक्ष्मी बाई का साहस और शौर्य आज भी लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।
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बिलासपुर /डीएमएफ मद से साढ़े 12 लाख रूपए की लागत से दो नये शव वाहन खरीदे गए हैं। इनमें से एक का उपयोग बिल्हा विकासखण्ड के नगर निगम बिलासपुर क्षेत्र और दूसरे को तखतपुर को आवंटित किया गया है। कलेक्टर अवनीश शरण ने नगर निगम क्षेत्र के लिए आवंटित वाहन को हरी झण्डी दिखाई। दिवंगत लोगों के पार्थिव शरीर को अस्पताल से उनके निवास तक निःशुल्क पहुंचाया जायेगा। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अ्रग्रवाल और सीएमएचओ डॉ. प्रमोद तिवारी उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री गिरिधर मालवीय के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारतरत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के प्रपौत्र श्री गिरिधर मालवीय जी के निधन का समाचार पाकर उन्हें गहरा दुःख पहुंचा है। शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभु श्री राम से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान देने एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।
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बिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण ने साप्ताहिक टीएल बैठक में धान खरीदी सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और लम्बित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने झांसी हादसा को ध्यान में रखते हुए यहां भी सभी अस्पतालों में सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल, सिम्स सहित सभी सामुदायिक अस्पतालों में फायर ऑडिट कराकर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने अस्पताल भवनों की संपूर्ण वायरिंग और बिजली चलित उपकरणों की एक बार सर्विसिंग करा लेने को भी कहा है। उन्होंने अस्पतालों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों को चालू हालत में रखने केे भी निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने नगरीय इलाकों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना -2 की भी समीक्षा की। फिलहाल योजना के अंतर्गत आवेदन लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि च्वाईस सेन्टरों के जरिए भी इसके लिए आवेदन लिये जाएं। स्कूल जतन योजना के तहत मरम्मत में गड़बड़ी करने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध अब तक क्या कार्रवाई की गई, इसकी भी जानकारी ली। उन्हो्रंने इस मामले को टीएल में दर्ज कर प्रति सप्ताह कार्रवाई प्रतिवेदन अवगत कराने को कहा है। उन्होंने प्राकृतिक आपदा से हुई मौत के बाद दी जाने वाली आर्थिक सहायता में विलंब होने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि विलंब होने पर लोग दलाल किस्म के लोगों के चंगुल में आ जाते हैं। इसलिए इस मामले को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ त्वरित गति से निपटाया जाए। उन्होंने ऐसे मामलों में पुलिस से जरूरी रिपोर्ट भी जल्द उपलब्ध कराने की अपेक्षा की है। ज्यादातर मामले पुलिस से रिपोर्ट प्राप्त होने में विलंब को एक प्रमुख कारण बताया गया। बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि खरीदी केन्द्रों में किसानों की सुविधाओं का ख्याल रखा जाए। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ सुमित अग्रवाल, सहायक कलेक्टर तन्मय खन्ना सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। - रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में 24 में राष्ट्रीय वनवासी क्रीड़ा प्रतियोगिता जो की 27 से 31 दिसंबर 2024 के बीच रायपुर में आयोजित होगी जिसमें लगभग 800 प्रतिभागी (तीरंदाजी एवं फुटबॉल) भाग लेंगे। इसकी पूर्व तैयारी एवं विभिन्न कार्यक्रमों के लिए स्वागत समिति का आज गठन किया गया और प्रारंभिक बैठक आयोजित हुई। जनजाति समाज के विकास के लिए 1952 में जशपुर (छत्तीसगढ़) से शुरू हुई यह यात्रा निरंतर जारी है और पूरे देश में वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा बालक/ बालिकाओं के लिए छात्रावास एवं उनके सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न प्रकार के प्रकल्प चल रहे हैं। जिनमें लाखों की संख्या में बालक एवं बालिकाएं जो की जनजाति समाज के दूर वनांचल क्षेत्र के होते हैं और जिन्हें वह सुविधा प्राप्त नहीं हो पाती जिसके अभाव में वह अपनी प्रतिभा नहीं दिखा पाते । इन्हीं उद्देश्यों को लेकर वनवासी विकास समिति काम करती है। रायपुर छत्तीसगढ़ में यह कीड़ा प्रतियोगिता आयोजित की जानी है ।इसके लिए पूरे छत्तीसगढ़ के वनवासी कल्याण आश्रम के अधिकारी एवं अखिल भारतीय के अधिकारी उपस्थित हुए, और पूरे कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी गई, आज इस कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमती कौशल्या विष्णु देव साय और शबरी कन्या आश्रम की बहनो द्वारा संध्या आरती के साथ हुई, कल्याण आश्रम की बहिनों द्वारा भजन प्रस्तुत किए गए। वनवासी कल्याण आश्रम के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री भगवान सहाय ने कल्याण आश्रम द्वारा किए जाने वाले कार्यक्रम एवं अखिल भारतीय स्तर पर वनवासी समिति के बालक और बालिकाओं का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व पर भी चर्चा की और कहा कि लगभग दो लाख छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष प्रारंभिक स्तर पर खेलकूद की प्रतियोगिताओं में जनजाति क्षेत्र से भाग लेते हैं।वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ के प्रांतीय सचिव श्री अनुराग जैन ने इस कार्यक्रम के बारे में प्रारंभिक जानकारी दी, तत्पश्चात स्वागत समिति का गठन किया गया जिसमें सभी क्षेत्र (चिकित्सा ,शिक्षा,व्यवसाय,समाज)के सेवाभावी ,गणमान्य व्यक्तियों के नाम सामने आए जिनमें से प्रमुख श्री केदार कश्यप (मंत्री छत्तीसगढ़ शासन) श्री राजेश मूणत विधायक रायपुर पश्चिम, पूर्व विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा,एन आई टी रायपुर के संचालक प्रो रमन्ना राव,आई आई टी भिलाई के डायरेक्टर श्री राजीव प्रकाश, पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति श्री सच्चिदानंद शुक्ल, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अमर परवानी समाजसेवी वसंत अग्रवाल, व्यवसायी श्री सरल मोदी , राम मंदिर ट्रस्ट के श्री ब्रज लाल गोयल,पार्षद अमर बंसल,डॉ आनंद जोशी, आदि के नाम प्रमुख हैं। सभी की सहमति से इस समिति के अध्यक्ष का दायित्व श्री केदार कश्यप को दिया गया एवं सचिव श्री अमर बंसल को बनाया गया।श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि चूकी इस प्रतियोगिता के लिए पूरे भारतवर्ष से जनजाति क्षेत्र के प्रतिभागी भाग लेंगे अतः हम सब का एक कर्तव्य और दायित्व है कि उनके लिए यह प्रतियोगिता यादगार साबित हो, इसका प्रयास करना चाहिए ।समिति के अध्यक्ष श्री केदार कश्यप ने भी आश्वस्त किया कि हम सब के सहयोग से यह प्रतियोगिता सभी के लिए यादगार होगी ।कार्यक्रम का संचालन श्री राजीव शर्मा सचिव, वनवासी विकास समिति रायपुर के द्वारा किया गया।इस अवसर पर वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ के प्रांत अध्यक्ष श्री उमेश कच्छप, छत्तीसगढ़ प्रांत संगठन मंत्री श्री रामनाथ कश्यप, मध्य क्षेत्र संगठन मंत्री श्री प्रवीण ढोकले, सुभाष बड़ोले, नागेश काले,श्रीमती माधवी जोशी, रवि गोयल, डॉ विजय शांडिल्य, डॉ आशुतोष शांडिल्य, श्रीमती संगीत चौबे, डॉ विजय चौबे, डॉ मीना मुर्मू, तिसेन भगत आदि उपस्थित रहे।
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रायपुर / राज्य शासन द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा नगर पंचायत को नगर पालिका गठित करने के संबंध में अधिसूचना जारी की गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ राजपत्र में इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत सिमगा की सीमाएं ही नगर पालिका परिषद सिमगा की सीमाएं होंगी।
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किसान धान खरीदी केन्द्रों में माइक्रो एटीएम से निकाल सकेंगे 10 हजार रूपए
राज्य में 2739 उपार्जन केन्द्रों में किसानों से हो रही धान खरीदी
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक और बड़ी सुविधा दी है। इससे किसानों को तत्काल राशि की जरूरत पूरी हो सकेगी। धान बेचने केन्द्रों में पहुंचे किसान अब वहां माइक्रो एटीएम से दो हजार रूपए से लेकर दस हजार रूपए तक की राशि निकाल सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा दी गई इस सुविधा से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
राज्य में 14 नवम्बर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। शासन द्वारा किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में 72 घंटे के भीतर उनके बैंक खातों में भुगतान की व्यवस्था भी शासन ने सुनिश्चित की है। परन्तु किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 10 हजार रूपए तक की राशि माइक्रो एटीएम से तुरन्त प्रदान किए जाने की सुविधा दी है। किसानों को धान बेचने के लिए उपार्जन केन्द्र तक उसके परिवहन के लिए किराए पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली-मजदूरी का भुगतान करने के लिए अब न तो किसी से राशि उधार लेने की जरूरत होगी, न ही बैंक का चक्कर लगाना होगा। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदत्त इस सुविधा से किसान बेहद प्रसन्न है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है, जो 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। चालू खरीफ विपणन वर्ष में 14,562 किसानों से लगभग 55 हजार टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के लिए राज्य में इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। धान बेचने के लिए 27.68 लाख किसानों ने पंजीयन कराया गया है, जिसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल है। धान खरीदी केंद्रों में तौल हेतु इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट, बारदाना, किसानों के लिए बैठक एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं। विपणन संघ मुख्यालय स्तर पर शिकायत निवारण हेतु कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जिसका नं. 0771-2425463 है। -
निषाद समाज के सामाजिक भवन के लिए 10 लाख और निषाद समाज के पीड़ित परिवार की सहायता राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की घोषणा
मुख्यमंत्री निषाद समाज के युवक-युवती परिचय सम्मेलन व आदर्श विवाह कार्यक्रम में हुए शामिल
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज यहां राजधानी रायपुर के ग्राम-फुंडहर में छत्तीसगढ़ निषाद समाज के 23वें राज्य स्तरीय युवक-युवती एवं विधवा-विधुर परिचय सम्मेलन तथा आदर्श विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने विवाहित जोड़ियों को शुभकामनाएं दी और निषाद समाज द्वारा किए जा रहे इस कार्य की सराहना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने घोघरा नवापारा में समाज के सामुदायिक भवन के लिए 10 लाख रूपए देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गत दिनों ग्राम छरछेद में हुई घटना में निषाद समाज के पीड़ित परिवार की सहायता राशि को 10 लाख रूपए से बढ़ाकर 20 लाख रूपए करने और साथ ही पीड़ित परिवार के चार बच्चों को 18 वर्ष होते तक प्रतिमाह 4 हजार रूपए की भी सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के 2 युवाओं को कलेक्टर दर पर नौकरी दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने निषाद समाज के सब-इंस्पेक्टर पद पर चयनित 10 युवाओं को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज द्वारा यह आयोजन बहुत अच्छा प्रयास है। सामाजिक एकता बहुत जरूरी है। समाज मे सभी बराबर होते हैं, कोई छोटा-बड़ा नहीं होता। संगठित समाज से सिर्फ समाज को ही फायदा नहीं होता बल्कि समाज के साथ-साथ देश भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उन्नति के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है। शिक्षा से ही समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से सभी को शिक्षा का महत्व समझते हुए शिक्षा से जोड़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी गुहा निषाद राज के वंशज हैं, जिन्होंने श्री राम की नौका पार कराई थी। हमारी सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराए जा रहे हैं। उन्होंने सभी से प्रभु श्री राम के दर्शन करने का आग्रह किया। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना पुनः प्रारंभ की जा रही है। मुख्यमंत्री ने निषाद समाज को शासन की मत्स्य पालन की योजनाओं का लाभ लेने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदीजी की गारंटी को हम पूरा कर रहे हैं। दो साल का बकाया धान बोनस, तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक में बढ़ोत्तरी, आवासहीनों को प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति जैसे अनेक निर्णय हमारी सरकार ले रही है और क्रियान्वित भी कर रही है। समर्थन मूल्य पर 14 नवम्बर से धान खरीदी की जा रही है। किसानों को 72 घण्टे में ही बेची गई धान की कीमत देने की व्यवस्था की गई है।
इस अवसर पर विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, विधायक श्री मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू निषाद भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर श्री एम आर निषाद, श्री सुरेश धीवर सहित बड़ी संख्या में निषाद समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। - *अतिक्रमण की सूक्ष्म जाँच कर धारा 36 और 40 के तहत सरपंच पर कार्रवाई के दिये निर्देश**धमतरी ज़िले की कुर्रा ग्राम पंचायत का मामला, एक माह में निराकरण के आदेश भी दिए*रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने धमतरी ज़िले के कलेक्टर और एसडीएम के आदेश को पलट ग्राम पंचायत कुर्रा के सरपंच के विरुद्ध अतिक्रमण की शिकायत की सूक्ष्म जाँच कर विधि अनुरूप निराकरण करने के निर्देश जारी किए है । श्री कावरे ने इस प्रकरण में कलेक्टर और एसडीएम के फ़ैसले में प्रस्तुत साक्ष्यों का पंचायत राज अधिनियम की धारा 36 और धारा 40 प्रावधानों के तहत सूक्ष्म जाँच कर एक माह में निराकरण के आदेश जारी किए है ।धमतरी ज़िले की कुर्रा ग्राम पंचायत के सरपंच खम्हन लाल साहू और उनके परिजनों द्वारा चार स्थानों पर गाँव की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण,अतिक्रमित ज़मीन पर पक्का मकान और दुकान बनाकर लाभ लेने की शिकायत उप सरपंच और पंचों ने की थी। शिकायत की जाँच भखारा के तहसीलदार ने की और सरपंच के परिजनों पर अर्थदंड लगाया था। शिकायतकर्ताओं ने इस पर आगे कार्रवाई के लिए कुरुद के एसडीएम न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया परंतु एसडीएम ने प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया था।एसडीएम के फ़ैसले के विरुद्ध शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर न्यायालय में अपील की थी। धमतरी कलेक्टर ने भी एसडीएम के फ़ैसले को सही मानते हुए प्रकरण में अपील की माँग ख़ारिज कर दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर और एसडीएम के फ़ैसले के विरुद्ध रायपुर संभागायुक्त न्यायालय में अपील की थी।कमिश्नर श्री कावरे ने पूरे प्रकरण में दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर जिरह के लिए बुलाया और प्रस्तुत साक्ष्यों का प्रतिपरीक्षण किया। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर श्री कावरे ने एसडीएम के आदेश और कलेक्टर के अपील ख़ारिज करने के फ़ैसले को पलट दिया। संभागायुक्त ने प्रकरण की सुनवाई के बाद उसे पंचायत राज अधिनियम की धारा 36 और धारा 40 के तहत कार्रवाई योग्य माना। उन्होंने प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों, अवैध अतिक्रमण पर भखारा तहसीलदार के प्रतिवेदन, सरपंच पर शासकीय विकास कार्यों के प्रति लापरवाही और उदासीनता सहित सरपंच के परिजनों द्वारा शासकीय भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण की भी सूक्ष्म जाँच करने के निर्देश दिये है । कमिश्नर ने कुरुद के एसडीएम को पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह जाँच एक माह में पूरी कर विधिसम्मत निर्णय देने के भी आदेश दिए है ।
- बिलासपुर। अपने एक दिवसीय बिलासपुर प्रवास में कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक अनुसंधान सेवाएं एवं डॉ. राजेंद्र लाकपाले, निदेशक प्रक्षेत्र, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों का अवलोकन किया।महाविद्यालय आगमन पर कुलपति एवं अन्य अतिथियों का स्वागत डॉ. आर.के.एस. तिवारी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। इसके पश्चात कुलपति ने उत्तक संवर्धन, मृदा विज्ञान, फल,सब्जी परिक्षण एवं प्रसंस्करण, उद्यानिकी, पादप रोग,विषाणु सूचीकरण एवं आणविक जीव विज्ञान, पादप स्वास्थ्य क्लिनिक, सस्य विज्ञान, कीट विज्ञान, कंप्यूटर, शहतूत रेशम कीट पालन इकाई, अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय का अवलोकन कर किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी ली। प्राध्यापक एवं वैज्ञानिकों से चर्चा के दौरान माननीय कुलपति महोदय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण एवं स्वरोजगारमुखी शिक्षा पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर के समस्त प्राध्यापक, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी गण उपस्थित थे।
- रायपुर। वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों पर आश्रितों की अधिकतम आय सीमा में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा 3 हजार 50 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 7 हजार 750 रुपये प्रतिमाह करने को स्वीकृति प्रदान की गई है।उल्लेखनीय है कि साल 2014 के बाद से शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि राज्य में श्रमिकों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। अर्द्ध कुशल श्रमिकों के लिए दैनिक मजदूरी की दर अब 10,900 रुपये प्रति माह तक पहुंच गई है। ऐसे में शासकीय सेवकों के आश्रित सदस्य 3 हजार 50 रुपये प्रतिमाह से अधिक आय प्राप्त कर रहे थे, उन्हें परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब, आय सीमा बढ़ाने के साथ जिन आश्रितों की आय 3,050 रुपये से अधिक थी, वे सभी परिवार पेंशन का लाभ प्राप्त करने के पात्र हो सकेंगे।इस कदम से शासकीय सेवकों के आश्रितों की स्थिति सुधरेगी और आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जो शासकीय सेवक के निधन के बाद परिवार पेंशन पर निर्भर रहते हैं। आय सीमा में इस वृद्धि से उन्हें भी अब परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा।
- नारायणपुर ।राज्य सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने नारायणपुर के एक दिवसीय भ्रमण के दौरान 2 करोड़ 12 लाख रूपये का लोकार्पण एवं 65 करोड़ 5 लाख रूपये का भूमिपूजन कर जिले वासियों को सौगत दिया। उन्होंने राहत शिविर भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ 50 लाख रूपये, शबरी एम्पोरियम का नवनीकरण कार्य हेतु 24 लाख 52 हजार रूपये, कस्तुरबा गांधी आवासीय विद्यालय 100 सीटर हेतु 37 लाख 70 हजार रूपये से निर्मित भवनों का लोकापर्ण किया। उन्होंने कस्तुरमेटा से इकपाड़ सड़क निर्माण हेतु 2 करोड़ 19 लाख 94 हजार रूपये, कस्तुरमेटा कुतुल रोड से तोके सड़क निर्माण हेतु 10 करोड़ 32 लाख 38 हजार रूपये, सोनपुर मसपुर रोड से तुमेरादि सड़क निर्माण हेतु 14 करोड़ 58 लाख 98 हजार रूपये, सोनपुर से ऐहनार सड़क निर्माण हेतु 4 करोड़ 32 लाख 60 हजार रूपये, कड़ेमेटा से कोडोली सड़क निर्माण हेतु 18 करोड़ 78 लाख 64 हजार रूपये और कस्तुरमेटा से मकसोली सड़क निर्माण हेतु 18 करोड़ 67 लाख 41 हजार रूपये से निर्माण हेतु भूमिपूजन किया गया। इस अवसर पर इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, जिला पंचायत सदस्य प्रताप मण्डावी, पार्षद जैकी कश्यप, सरपंच कानागांव मगंड़ूराम नुरेटी, बृजमोहन देवांगन, नरेंद्र मेश्राम, प्रीतेश जैन, नारायण मरकाम, रीता मण्डल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत वासु जैन, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, सहायक आयुक्त राजेंद्र सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -बस्तर ओलंपिक के विजेता खिलाड़ियों को किया पुरस्कृतरायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि जीवन में संपूर्ण विकास के लिए पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप बस्तर ओलम्पिक के माध्यम से गांव के प्रतिभाओं को निखारने का अच्छा अवसर मिला है। मंत्री श्री कश्यप आज बस्तर ओलम्पिक-2024 के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर बस्तर ओलम्पिक के विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की पहल पर जनजातीय बाहुल्य और माओवाद प्रभावित बस्तर संभाग में खेल के माध्यम से विकास और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक 2024 का आयोजन किया गया। इस आयोजन को लेकर बस्तर के युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया, जिसमें सुदूर गांवों से आए युवा अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया।बस्तर ओलम्पिक-2024 के तहत नारायणपुर जिले में विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 16 नवंबर तक किया गया, जिसमें नारायणपुर विकासखंड हेतु प्रतियोगिता का आयोजन 09 से 11 नवंबर तक नारायणपुर के परेड ग्राउंड और खेल परिसर में किया गया, जिसमें जिले के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ओरछा विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता 14 से 16 नवंबर तक आयोजन किया गया।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि इस अवसर का फायदा उठाते हुए राज्य स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित कर खेल के क्षेत्र में आगे बढ़े। खिलाड़ियों को हमेशा खेल भावना के साथ खेलकर अपने अनुशासन का परिचय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ क्षेत्र के बच्चों ने मलखम्भ खेलों का हुंनरबाज बनकर देश के कई शहरों में प्रदर्शन कर अपने अबूझमाड़ का नाम रोशन किया है।
- -46 करोड़ 60 लाख 53 हजार 993 रूपए डीबीटी के माध्यम से 85,026 श्रमिक हितग्राहियों के खाते में हुई अंतरित-श्रमेव जयते पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 0771-3505050 से लाभ उठाने की अपील की-कोरबा में प्रदेश स्तरीय वृहद श्रमिका सम्मेलन का किया गया आयोजनरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग व श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन की मुख्य आतिथ्य में कोरबा शहर के प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम परिसर में प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित 17 विभिन्न योजनाओं के 85,026 श्रमिक हितग्राहियों को 46 करोड़ 60 लाख 53 हजार 993 रूपए डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में सीधे अंतरित की गई।श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमवीर हमारे प्रदेश के रीड़ की हड्डी है, इनके निरंतर श्रम से ही हमारा राज्य प्रगतिशील है। उन्होंने कहा कि श्रमवीरों के सच्चे सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में श्रमिकों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की गई है। जिनके बेहतर क्रियान्वयन से श्रमिक को लाभ मिल रहा है। कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्ग के हितों के विकास के दृढ़ संकल्पित है। राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में सुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। अब सरकार एवं श्रमिकों के बीच कोई बिचौलिया नहीं रह गया है। श्रमिकों को उनके हित की राशि अब सीधे उनके बैंक खातों में मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर विभिन्न योजनांतर्गत 235 करोड़ की सहायता राशि श्रमिकों को प्रदान की गई थी। अनेक सामग्री का वितरण भी किया गया था। आज भी श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। जिसका सीधा लाभ श्रमिकों एवं उनके परिवार के सदस्यों को मिलेगा।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि कोरबा श्रमिक बाहुल्य जिला है। यहां बाल्को, एनटीपीसी एसईसीएल जैसे अनेक संयंत्र स्थापित है। जहां कार्य करने वाले श्रमिकों की बहुलता है। इन मेहनतकश श्रमिकों के हित में वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित है। जहां श्रमिकों को 5 रुपए में भरपेट भोजन मिलता है। इसे पूरे राज्य में संचालित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग अंतर्गत लागू नई औद्योगिक नीति में अनुदान की व्यवस्था से बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। श्रम मंत्री ने सम्मेलन में पड़ोसी जिलों से आए श्रमिकों का अभिवादन करते हुए कहा कि आप सभी को विभागीय योजनाओं से लाभांवित करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है, आप सभी इसका लाभ उठाएं। साथ ही विभागीय प्रदर्शनी में जाकर शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें एवं योजनाओं से जुड़कर लाभ लें। उन्होंने बताया कि श्रमिकों की समस्या-शिकायतों के समाधान एवं सहायता के लिए श्रमेव जयते पोर्टल लागू की गई है। जिसका हेल्पलाइन नंबर 0771-3505050 है। उन्होंने श्रमिकों से हेल्पलाइन नंबर साझा करते हुए कहा कि आपकी समस्या व शिकायतों का इसके माध्यम से समाधान किया जाएगा।इस अवसर पर विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि में श्रमिकों का योगदान अहम है। उनके बिना विकास की परिकल्पना भी संभव नही है। उन्होंने कहा कि श्रमवीरों एवं उनके परिवार के हित में सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की गई है। उन्होंने श्रमिकों को इन योजनाओं की जानकारी रखने एवं उनका लाभ उठाने के किये कहा।प्रभारी सचिव श्रीमती मंगई डी ने कहा कि देश की तरक्की में श्रमिकों का महत्वपूर्ण योगदान है। उनके सहयोग के बिना विकास की धुरी थम जाएगी। श्रम वीरों के कल्याण के लिए विभाग द्वारा अनेक कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। जिसका उन्हें लाभ दिलाने जिला प्रशासन द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रभारी सचिव ने कहा कि कोरबा से उनका पुराना रिश्ता रहा है। उनके शासकीय सेवा की शुरुआत कोरबा जिले से हुई है। वह यहां सहायक कलेक्टर व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के रूप में अपनी सेवा दे चुकी है। आज लगभग 15 वर्ष बाद पुनः कोरबा आकर प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने बताया कि श्रमिक परिवार के मेधावी बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना प्रारम्भ की गई है। जहां ऐसे परिवार के मेधावी छात्रों का प्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को अनेक योजनाओं का लाभ दिलाने शिविर लगाई गई है। जहां उनका श्रमिक पंजीयन, स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाई वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने सभी से शिविरों का लाभ लेने का आग्रह किया।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कहा कि उर्जाधानी कोरबा में माइंस एवं संयंत्र दोनों संचालित है। जहां बड़ी संख्या में श्रमिक जीविकोपार्जन करते है। राज्य शासन के मंशानुसार श्रमिक परिवारों को लाभान्वित करने हेतु श्रम विभाग की सभी योजनाओं का प्रशासन द्वारा बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का लाभ समाज के कमजोर लोगों तक पहुंचाने जिला प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर कार्य किया जा रहा है। जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। सम्मेलन को नेता प्रतिपक्ष नगर पालिक निगम श्री हितानंद अग्रवाल, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन ने भी संबोधित किया और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।स्टॉल के माध्यम से योजनाओं की दी गई जानकारी -सम्मेलन स्थल पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिको हेतु संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाया गया था। जिसमे स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाई वितरण, कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं के तहत लागू स्कीम, श्रम पंजीयन, प्रधानमंत्री आवास, महतारी जतन, दिव्यांग सहायता, बच्चों हेतु छात्रवृत्ति जैसे अन्य योजनाओं की जानकारी देकर श्रमिको को लाभांवित किया गया। स्थल पर जनसंपर्क विभाग द्वारा छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। विभाग द्वारा शासन की योजनाओं पर आधारित जनमन, सुशासन के नवीन आयाम, उदित छत्तीसगढ़, रोजगार नियोजन जैसे अनेक पत्रिकाओं, ब्रोसर पाम्पलेट का वितरण भी किया गया।
- महासमुंद / बसना अनुविभागीय अधिकारी मनोज खांडे के निर्देशन में आज ग्राम ठाकुरपाली और गढ़फुलझर में अवैध धान भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की। अधिकारियों को इन गांवों में अवैध धान संग्रहण की सूचना मिल रही थी, जिसके आधार पर छापेमारी की गई। ग्राम ठाकुरपाली निवासी अनंतु नायक के घर से 200 कट्टा अवैध धान और ग्राम गढ़फुलझर निवासी विजय पाडे के घर से 50 कट्टा अवैध धान जब्त किया गया। यह कार्रवाई मंडी अधिनियम के तहत की गई, जिसमें अधिकारियों ने अवैध रूप से संग्रहित धान को कब्जे में ले लिया।बसना एसडीएम ने बताया कि कलेक्टर श्री लंगेह ने निर्देश दिए हैं कि अवैध धान परिवहन और भण्डारण पर सख्ती जारी रहेगी, और जांच में दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई मे अनुविभागीय अधिकारी श्री मनोज खांडे, तहसीलदार ममता ठाकुर, फ़ूड इंस्पेक्टर, मंडी उपनिरीक्षक, पटवारी मौजूद थे।
- -डौण्डी धान खरीदी केन्द्र में किसानों की सुविधा के लिए की गई चाक-चैबंद व्यवस्था-पहले दिन धान बिक्री करने वाले किसानों ने की सराहनाबालोद,। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार संपूर्ण जिले के साथ-साथ जिले के सुदूर एवं आदिवासी अंचलों के धान खरीदी केन्द्रांे में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न करने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा की गई इस व्यवस्था से जिले के साथ-साथ वनांचल के कृषक भी बहुत ही प्रसन्नचित है। इसके अंतर्गत विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डी के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के धान खरीदी केन्द्र में किसानों को जरूरी सुविधा प्रदान कर धान खरीदी के कार्य को आसान बनाने हेतु सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। धान खरीदी केन्द्र में अपने धान की बिक्री के लिए आने वाले किसानों के लिए छांव, बैठक व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, शौचालय आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति डौण्डी के इस धान खरीदी केन्द्र में की गई व्यवस्था की सराहना धान खरीदी के पहले दिन 14 नवंबर को धान खरीदी में आने वाले किसानों ने मुक्तकंठ से सराहना की है।आदिम जाति सेवा सहकारी समिति डौण्डी की व्यवस्था की सराहना करते हुए धान खरीदी केन्द्र में पहले दिन अपने धान की बिक्री करने पहुँचे किसान संतोष साहू, जोहार, भागीरथ, फटकन बाई आदि किसानों ने की है। धान खरीदी केन्द्र की व्यवस्था की सराहना करते हुए भण्डारी पारा डौण्डी के कृषक श्री संतोष साहू ने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में धान बिक्री के लिए आने वाले किसानों के लिए सभी व्यवस्था उपलब्ध होने से हम किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई नही हुई है। उन्होेंने कहा कि उनके धान की बिक्री के लिए धान खरीदी के पहले दिन 14 नवंबर का टोकन कटा था। धान खरीदी केन्द्र में धान बिक्री में पहुँचने पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा उनका स्वागत एवं अभिनंदन के पश्चात् उनकी धान की खरीदी इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन के माध्यम से किया गया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन के माध्यम से धान का तौल करने से बहुत कम समय में उनके धान की खरीदी का कार्य पूरा कर लिया गया।इसी तरह धान खरीदी केन्द्र डौण्डी की बेहतर व्यवस्था की सराहना धान खरीदी केन्द्र में पहले दिन 14 नवंबर को अपने धान की बिक्री करने पहुँचे किसान जोहार ने भी किया है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में उनके लिए पेयजल, बैठक एवं शौचालय सभी व्यवस्था उपलब्ध है। इसलिए अपने धान की बिक्री करने में हम किसानों को किसी प्रकार की परेशानी या असुविधा नही हुई। उन्होेंने कहा कि पहले दिन धान खरीदी केन्द्र में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों ने उनका स्वागत अभिनंदन कर उत्साहवर्धन किया। जिससे हम सभी किसानों को बहुत ही अपनत्व एवं गर्व की अनुभूति हो रही थी। किसान जोहार ने राज्य सरकार के प्रति क्ंिवटल 3100 रुपये दर से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल की धान खरीदी की निर्णय की भी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी की दर में वृद्धि कर हम किसानों के मेहनत का सम्मान करने का कार्य किया है। इसके साथ ही धान खरीदी केन्द्र में पहले दिन अपने धान की बिक्री करने पहुँचे भण्डारी पारा डौण्डी के किसान श्री भागीरथ, छिंदगांव के किसान श्रीमती फटकन बाई एवं श्री श्रवण आदि ने भी धान खरीदी केन्द्र की व्यवस्था की सराहना करते हुए जिला प्रशासन द्वारा किए गए इस बेहतर व्यवस्था की भूरी-भूरी सराहना की।
- भिलाई,।। नगर निगम भिलाई क्षेत्र के सभी प्रमुख मार्केट आकाशगंगा, सुपेला मार्केट, पावर हाउस, सर्कुलर , जवाहर, हार्डवेयर लाइन, होजरी मार्केट , इत्यादि जगहों पर नगर निगम नगर निगम भिलाई द्वारा दोनों पाली में सुबह शाम सफाई व्यवस्था, कचरा संग्रहण का काम किया जा रहा है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को को निर्देशित किए हैं कि सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही ना हो । प्रमुख मार्केटप्लेस में दोनों समय सफाई होनी चाहिए। यह बात का ध्यान रखा जाए कि किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही विक्रेताओं, दुकान मालिकों से भी नगर निगम भिलाई किया अपील है कि कचरे को रोड में इधर-उधर मत फेके, नगर निगम भिलाई का सफाई कर्मचारी दुकान तक जाएंगे आप उन्हें कचरा उठाकर के दे दीजिए। दुकानदार किसी बोरे में, खड्डे में भर के रखें रोड में मत फेके, रोड में फेंकने वालों अर्थ दंड वसूला जाएगा। उनके खिलाफ कार्रवाई की जांच की जाएगी।
- -डीओ कटने के उपरांत 7 दिवस के भीतर धान उठाव सुनिश्चित करें- कलेक्टर-धान उठाव के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में पहुंचेगा पैसा-एसडीएम की निगरानी में होंगी धान खरीदी गतिविधियांदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज पीडब्ल्यूडी कार्यालय दुर्ग के सभागार में धान खरीदी से संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में धान खरीदी के गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को धान उपार्जन केंन्द्रों में आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्था, किसानों एवं धान हेतु समुचित सुविधा, किसानों को भुगतान और गुणवत्तायुक्त धान खरीदी के संबंध आवश्यक निर्देश दिए। बैठक के दौरान खाद्य अधिकारी श्री टीएस अत्रि ने अवगत कराया कि वर्ष 2024-25 हेतु जिले में धान खरीदी के लिए सहकारी समिति 87, उपार्जन केन्द्र 102 है। धान की खरीदी के लिए अनुमानित लक्ष्य 6 लाख 48 हजार 485 मेट्रिक टन है। जिले में कुल पंजीकृत किसान 114655 और 1,21,114.10 पंजीकृत रकबा है। आज की स्थिति तक खरीदी गई 1485 किसानों से धान खरीदी 6,369.16 मेट्रिक टन है।धान उपार्जन केन्द्र में व्यवस्थाओं की आपूर्ति का रखें विशेष ध्यान, किसानों को ना हो असुविधाकलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा धान खरीदी केन्द्र में आवश्यक व्यवस्थाओं की आपूर्ति का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि किसानों को असुविधा न हो। केन्द्र में बोरा-सुतली, धान तौलने की इलेक्ट्रॉनिक मशीन व मीटर सही स्थिति में हो। किसान से धान खरीदी का कार्य व्यवस्थित रूप से हो, किसानों को सुविधापूर्वक धान बेचने की व्यवस्था रखे। टोकन वाले किसानों को एक दिन पूर्व शाम के समय या खरीदी वाले दिन धान लाने दे जिससे जगह की समस्या न हो। इस दौरान किसानों के बैठने एवं पेय जल इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा मैदान में धान रखने की स्थिति में पानी निकासी की सुगम व्यवस्था की जाए।गुणवत्ता परीक्षण के उपरांत धान खरीदी की जाए सुनिश्चितकलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा धान लाने पर आवश्यक रूप से ढेरी लगवाकर गुणवत्ता परीक्षण उपरांत धान खरीदे जाए। औसत उपज से अधिक धान लाने वाले कृषकों का टोकन जारी होने के पश्चात् परीक्षण कर लें। मोटा-पतला, नये-पुराने धान की पहचान कर व्यवस्थित किया जाए। टोकन एक सप्ताह पूर्व कटेगा, इस बीच परीक्षण किया जाए। धान उपार्जन के दिन ही सिलाई व स्टेकिंग की व्यवस्था कर दी जाए, इसके लिए पर्याप्त हमाल रखें। उपार्जन केन्द्र के कोचिया/बिचौलियां की सूची, टोल फ्री नंबर इत्यादि का प्रदर्शन हो। शनिवार को स्टॉक का सत्यापन करें, स्टॉक के साथ साथ खाली बारदाने का मिलान भी करें। उपार्जन प्रभारी धान को व्यस्थित स्टेकिंग में मात्रा व प्रकार लिखकर रखें। बारदाने की आवश्यकता का अनुमान लगाकर कम से कम दो दिन पूर्व सूचित करें। मिलर द्वारा मिल से ऑनलाईन चिन्हांकिन वाहन में ही धान लोड कराएं। गुणवत्ता के संबंध में विवाद होने पर तहसील स्तरीय समिति द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यथासंभव समिति स्तर पर निराकरण का प्रयास करें।धान उठाव के 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान सुनिश्चितकलेक्टर सुश्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कृषि विभाग से सही किसान के खाते में पैसा पहुंचे। धान उठाव नियमित एवं समय सीमा के भीतर हो। डीओ कटने के उपरांत 7 दिन के भी धान उठाव सुनिश्चित किया जाए। धान उठाव के 48 घंटे के भीतर किसानों के खाते में पैसा पहुंचे इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। नगद भुगतान की स्थिति में प्रबंधक पर्याप्त मात्रा में राशि की व्यवस्था रखे। उन्होंने कहा फर्जी किसान का एक दाना भी समिति में नहीं लिया जाए। शासन की मंशानुरूप प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सही किसान को ही योजना का लाभ मिले। इसके लिए एसडीएम एवं नोडल अधिकारी धान खरीदी की सख्ती से निगरानी रखें। समितियों में धान उठाव में किसी प्रकार की समस्या आने पर एसडीएम से समन्वय बनाकर निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए।बैठक में एडीएम श्री अरविंद एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम भार्गव, अनुविभागीय अधिकारी भिलाई श्री महेश राजपूत, धमधा श्री सोनल डेविड सहित विभाग के अधिकारीगण एवं प्रबंधन समिति के सदस्य, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अधिकारी श्री हृदेश शर्मा मौजूद थे।
- -स्कूलों से लगे दुकानों व ठेलों से हजारों नग गुटका पाउच जब्त, लाखों रुपए जुर्माना-मजिस्ट्रेट, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई-कई दुकान सीलबंद किए गएबिलासपुर । जिले में आज अवैध रूप से संचालित तंबाकू और इसके उत्पादों की दुकानों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। खासकर स्कूल और इसके 100 मीटर के दायरे में आने वाले दुकानों और ठेलों को लक्षित कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सघन अभियान चलाया। नगर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एक साथ अभियान चला। इस दौरान हजारों नग गुटका पाउच, बीड़ी, सिगरेट, गुड़ाकू सहित अन्य अवैध सामग्री जब्त किए गए। दुकान मालिक और ठेला वालों से लाखों रुपए जुर्माना वसूला गया। उन्हें आइंदा ऐसी आपत्तिजनक सामग्री नहीं बेचने की चेतावनी भरी हिदायत भी दी गई। कोटपा एक्ट यानी कि तंबाकू के सेवन और व्यापार को नियंत्रित करने वाला संसद से पारित एक कानून है। जिसके तहत शैक्षणिक और स्वास्थ्य केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों के विक्रय पर सख्त प्रतिबंध है।नगर निगम बिलासपुर की राजस्व, पुलिस, और कार्यपालिक दंडाधिकारी की संयुक्त टीम द्वारा जोन क्रमांक 3 के अंतर्गत राजेंद्र नगर स्कूल नेहरू चौक के सामने देवांगन पान सेंटर, दीपक डेली नीड्स, अनुसूचित जनजाति जाति हॉस्टल जरहाभाटा के पास बाबा डेली नीड्स एवं पटेल पान सेंटर, नवीन प्राथमिक शाला राजीव गांधी चौक के पास मिलन पान सेंटर, साहू टी स्टॉल अमित चाय कॉफी, अंबेडकर स्कूल सत्यम चौक के पास हरि पान सेंटर एवं शकुंतला सहारे की दुकान कुल नौ दुकानों पर कोटपा एक्ट के अंतर्गत करवाई करते हुए तंबाकू सिगरेट आदि पदार्थ जप्त किए गए। साथ ही कुछ दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान रुपए 22 हजार की चालानी कार्रवाई निगम एवं कोटपा एक्ट अंतर्गत संयुक्त रूप से की गई। नायब तहसीलदार सिद्धी गवेल के नेतृत्व में निरीक्षण दल ने नूतन चौक और सरकंडा इलाके में 5 दुकानों पर कार्रवाई कर 1900 रुपए का चालान काटा गया। नायब तहसीलदार राहुल शर्मा की टीम ने बुधवारी बाजार और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में 6 दुकानों पर 3300 रुपए का जुर्माना लगाया। अतिरिक्त तहसीलदार शिल्पा भगत ने शास्त्री स्कूल और लक्ष्मीबाई स्कूल के आसपास कार्रवाई की। गनियारी क्षेत्र में 20 व्यक्तियों के विरुद्ध 23 हजार 200 रुपए का चालान काटा गया। उसलापुर क्षेत्र में 20 ठेलों और दुकानों पर कार्रवाई की गई। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत द्वारा चालान काटा गया। सिरगिट्टी क्षेत्र में छह दुकानों से सामान जब्त कर 650 रुपए चालान लिया गया। खैरा जयराम नगर में स्कूल के सामने किराना दुकानों की जांच की गई और तंबाकू युक्त सामग्री जब्त कर थाना प्रभारी को सुपुर्द किया गया। मल्हार नगरीय क्षेत्र में स्कूल से लगे 6 दुकानों पर एक्शन लिया गया। पचपेड़ी तहसील क्षेत्र में भी 5 दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर सामग्री जब्त किया गया। मस्तूरी में सांदीपनी एकेडमी पेंडारी में भी ठेले वालों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इसी प्रकार तखतपुर, बिल्हा और कोटा अनुविभाग में भी सघन कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने इस अभियान को आगे भी जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
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-समय पर नहीं खुले कई स्कूल, शो कॉज नोटिस
-स्कूल टाइम में बाहर बैठ गप्पे हॉक रहे थे शिक्षक
बिलासपुर, / जिला शिक्षा अधिकारी टीकाराम साहू द्वारा आज प्रातः7.30बजे से दोपहर 2 बजे तक विकासखंड तखतपुरऔर कोटा विकासखण्ड के दर्जनों स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया । जिसमें तखतपुर विकासखंड अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक शाला पोड़ी(भरनी)प्रातः7.35बजे बंद पाया गया । शा उ मा वि पोड़ी प्रातः 8 बजे तक खुला नही था। ग्रामीणो द्वारा प्राचार्य का शिकायत भी किये। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यामिक शाला नवापारा घुटकू में सिर्फ दो शिक्षक समय पर उपस्थित पाए गए । दोनों शाला के प्रधान पाठक एवं अन्य शिक्षक विलंब से शाला में उपस्थित हुए। शासकीय प्राथमिक शाला चक्राकुंड में शिक्षक अध्यापन के समय बाहर बैठे हुए पाए गए एवं कक्षा में बच्चे स्वयं से पढ़ते हुए पाए गए। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गनियारी , खरगहना, में निरीक्षण के दौरान गनियारी प्राचार्य आकस्मिक अवकाश में थी एवं अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं कक्षाओं में अध्यापन कार्य करते हुए पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी महोदय द्वारा कक्षा में छात्र छात्राओं से विषय संबंधित प्रश्न किये तथा गणित व विज्ञान में बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने हेतु छात्र /छात्राओं को टिप्स दिए। शिक्षको को रुचिपूर्वक अध्यापन हेतु प्रेरित किये। तत्पश्चात कोटा विकासखंड के पीपर तराई एवं खुरदुर, नवापारा,खरगहनी शाला का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान पीपर तराई में उपस्थित दोनों शिक्षिका कार्यालयीन कार्य करते पाए गए। प्राथमिक/ पूर्व माध्यमिक शाला खुरदुर में शिक्षक उपस्थित मिले एवं अध्यापन कार्य कराते हुए पाए गए। प्राथमिक शाला नवापारा खुरदुर में दोनों शिक्षक विलंब से शाला में उपस्थित हुए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा मध्याह्न भोजन स्वयं चखकर निरीक्षण किया गया और संतोषप्रद पाया गया। और सभी शालाओं में साफ सफाई, मध्याह्न भोजन मेनू अनुसार बनाने एवं शिक्षकों को पाठ्यक्रम अनुसार अध्यापन कार्य कराने हेतु निर्देशित किया गया।अनियमित शिक्षको प्रधान पाठकों व प्राचार्यों को नोटिस जारी किया जायेगा। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्कूलों से 11 शिक्षक बीएलओ ड्यूटी के कारण शाला से अनुपस्थित पाए गए
- -स्कूलों की दक्षता बढ़ाना सुनिश्चत करें : सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशीरायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने प्रदेश के स्कूलों में राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण के मद्देजर स्कूलों की दक्षता बढ़ाने के लिए गंभीरता के साथ तैयारी करने के निर्देश दिए है। गौरतलब है कि आगामी माह के 4 दिसम्बर को कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों की दक्षता को राष्ट्रीय सर्वेक्षण होना है। इसके तहत केन्द्रीय स्कूल शिक्षा मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों की दक्षता का परीक्षण किया जाएगा।शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय अधिकारियों को राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर व्यापक प्रशासनिक, प्रबंधकीय व अकादमिक तैयारी प्रारंभ करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण-2024 के आकलन कार्य के सभी जिलों में शत-प्रतिशत क्रियान्वयन को सुनिश्चित कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मिशन समन्वयक तथा प्राचार्य डाइट को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के 99 जिला स्तरीय अधिकारी जिले में परख क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं 146 विकासखंडों में बीईओ, बीआरसीसी तथा संकुल प्राचार्य को संयुक्त जिम्मेदारी सौंपते हुए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।शिक्षा सचिव श्री परदेशी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत देश भर में एक साथ होने जा रहे इस सर्वेक्षण का प्राथमिक उद्देश्य स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठचर्या रूपरेखा 2023 के साथ उच्च गुणवत्ता युक्त वैश्विक मूल्यांकन विकसित करना है। उल्लेखनीय है कि केंद्र शासन द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जा चुका है। इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में नवीन शिक्षा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप कक्षा 3री, 6वीं और 9वीं में आधार भूत प्रारंभिक एवं मध्य चरणों के अंत में छात्रों की दक्षता का आकलन किया जा रहा है। यह सर्वेक्षण छत्तीसगढ़ के मात्र छात्र-छात्रों का नहीं बल्कि, शिक्षक, स्कूल तथा संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था का मूल्याँकन सिद्ध होगा, जिसके आधार पर भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ सहित अन्य सभी राज्यों की शैक्षणिक गुणवत्ता का श्रेणी निर्धारण भी होगा ।उन्होंने बताया कि परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में कक्षा 3री के लिए भाषा, गणित एवं हमारे आसपास की दुनिया से 90 मिनट में 45 प्रश्न पूछे जाएँगे। कक्षा 6वीं के लिए उक्त विषयों से संबंधित 51 प्रश्न 90 मिनट में पूछे जाएँगे। कक्षा 9वीं में भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान के 60 प्रश्न 120 मिनट पर हल करने होंगे। परीक्षार्थियों को एक ही प्रश्न पत्र दिया जायेगा। परख मूल्याँकन माइनस मार्किंग नहीं होगी। केंद्र सरकार के नियमानुसार जिस माध्यम की शाला चयनित की गई, उस माध्यम की प्रथम भाषा पर सर्वे अर्थात् प्रश्नपत्र होगा । यदि अंग्रेजी माध्यम की कई शाला सेम्पल शाला के रूप में चयनित की जाती हैं, तो वहाँ अंग्रेजी भाषा में आकलन परीक्षा निर्धारित होगी ।राज्य में परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 के लिए सेंपल शालाओं के रूप में जिले की शासकीय सहित राज्य शासन से अनुदान प्राप्त शालाओं, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय शालाओं, केंद्रीय, नवोदय विद्यालयों को सीधे भारत शासन, स्कूल शिक्षा वि नई दिल्ली द्वारा चयनित व निर्धारण किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 33 जिलों में कुल 3420 को चुना गया है। इस मूल्याँकन सर्वेक्षण या परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मूल्याँकन कार्य की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के शासकीय या अशासकीय किसी भी शिक्षक को परीक्षक या पर्यवेक्षक के रूप में कार्य में नियुक्त नहीं किया जायेगा, बल्कि परीक्षा का मूलभूत कार्य राज्य के शासकीय डाइट कालेज में छात्राध्यापक या प्रशिक्षु शिक्षक अर्थात् अध्यनरत डीएलएड, बीएड एवं एमएड के प्रशिक्षणार्थियों द्वारा संपन्न कराया जायेगा ।विशेष परिस्थिति में शासकीय कॉलेज के विद्यार्थी, अशासकीय प्रशिक्षण संस्थाओं के डीएलएड, बीएड, एमएड प्रशिक्षणार्थियों को लिया जा सकेगा। परीक्षा कार्य संपन्न कराने वाले ऐसे लगभग 3800 छात्राध्यापकों को जिले के 33 डाइट के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि वे सुचारू पूर्वक परीक्षा कार्य बिना बाधा के पूरा करा सकें। इस सर्वेक्षण के पारदर्शी क्रियान्वयन हेतु भारत सरकार द्वारा सीबीएसई के प्रशासनिक व अकादमिक अमले को ऑब्जर्वर के रूप में नियुक्त किया गया है जो प्रत्येक निर्धारित परीक्षा केंद्र में मानटरिंग करेंगे।राज्य के विद्यार्थी अपनी शैक्षिक दक्षता का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें इसके लिए परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण की पूर्व तैयारी के रूप में एससीईआरटी तथा समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्या द्वारा राज्य के सभी स्कूलों के कक्षा 3री, 6वीं तथा 9वीं के विद्यार्थियों को प्रश्न बैंक एवं रीडिंग कार्ड उपलब्ध कराया गया है। उनके लिए विशेष तौर पर सभी निजी व सरकारी स्कूलों में मॉक टेस्ट का विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस कार्य में राज्य के लगभग 146 निजी शिक्षा महाविद्यालयों के 19 हजार छात्र अध्यापकों का भी स्वैच्छिक सहयोग लिया जा रहा है।
- -बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और बर्ड काउंट इंडिया के विशेषज्ञों ने दिए सुझावरायपुर। गिद्ध संरक्षण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा इस कार्यक्रम में शोधकर्ता, छात्र, और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एकत्रित हुए, जहां गिद्ध संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। कार्यशाला में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और बर्ड काउंट इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संगठनों के विशेषज्ञों ने गिद्धों की वर्तमान स्थिति, उनकी संख्या में गिरावट के कारण और उनके लिए सकारात्मक वातावरण बनाने के उपायों पर चर्चा की।शोधकर्ताओं और छात्रों ने गिद्ध संरक्षण के महत्व और उससे संबंधित चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में न केवल गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को प्रोत्साहन दिया, बल्कि सभी प्रतिभागियों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित भी किया। शोधकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ में गिद्धों की गणना से जुड़े आंकड़े प्रस्तुत किए। इंद्रावती टाइगर रिजर्व और अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रयासों को विशेष रूप से सराहा गया, जहां गिद्ध संरक्षण के लिए वल्चर रेस्टोरेंट और वल्चर सेफ जोन जैसी पहल की जा रही हैं। वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और ड्रग कंट्रोल विभाग के साथ समन्वय स्थापित करेगा।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) श्री प्रेम कुमार ने कहा कि गिद्ध संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ वन विभाग नागरिकों की भावनाओं को गिद्धों से जोड़ने का प्रयास करेगा, जिससे वे इनके संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनें। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में व्हाईट रम्पड वल्चर को पुनः बसाने के प्रयास किए जाएंगे। इसी तरह वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग और ड्रग कंट्रोल विभाग के साथ समन्वय स्थापित करेगा, ताकि पालतू जानवरों के उपचार के दौरान उपयोग किए जाने वाले घातक दवाईयों पर प्रतिबंध लगाया जा सके।इसी तरह स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्रों को प्रकृति और गिद्ध संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया जा सके। संरक्षण के प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए वन विभाग एनजीओ, शोधकर्ताओं और अन्य संबंधित संगठनों के साथ समन्वय करेगा। गिद्धों के आवास और उनकी गतिविधियों को समझने के लिए एक निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी और उनका जियोटैगिंग किया जाएगा।इस कार्यशाला में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आर. के. सिंह, सहायक प्रधान मुख्य वन संरक्षक, योजना एवं विकास श्री अरुण कुमार, सीसीएफ वाइल्डलाइफ एवं फील्ड डायरेक्टर, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व श्रीमती सातोविषा समझदार, संचालक, जंगल सफारी रायपुर श्री धम्मशील गणवीर, उप निदेशक, अचानकमार टाइगर रिजर्व श्री यू. आर. गणेश, उप निदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व श्री संदीप बालगा और डीएफओ, कवर्धा श्री शशि कुमार उपस्थित रहे।पैनल चर्चा में शोधार्थी डॉ. विभू प्रकाश, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया डॉ. सुरेश कुमार, श्री क्रिस्टोफर बाउडेन, डॉ. काजवीन उमरीगर श्री शेखर कोलिपाका और श्री दिलशेर खान ने अपने अनुभव साझा किए और गिद्ध संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
- महासमुंद ।भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा दाल के व्यापारियों (मिलर्स, डीलर्स, ट्रेडर्स, स्टॉकिस्ट, आयातक) को लेकर निर्देश जारी किए गए हैं। जिला स्तर पर इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक कार्यवाही तेज कर दी गई है।खाद्य अधिकारी ने बताया कि दाल कारोबारियों को निर्देश दिया गया है कि अरहर और अन्य दालों (काबुली चना को छोड़कर) पर लागू स्टॉक सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यापारी जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें तत्काल पंजीकरण कराना होगा। साथ ही, अपने स्टॉक की नियमित घोषणा उपभोक्ता मामले विभाग के पोर्टल (fcainfoweb.nic.in@psp) पर दर्ज करनी होगी।मौजूदा स्थिति के अनुसार, राज्य में लगभग 50% पंजीकृत व्यापारियों द्वारा ही स्टॉक की घोषणा की जा रही है। शेष व्यापारियों को भी नियमित घोषणा करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी व्यापारी का स्टॉक निर्धारित सीमा से अधिक पाया जाता है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामला सक्षम अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा।जिला स्तर पर निगरानी हेतु नोडल अधिकारी नियुक्तदालों की निगरानी और मॉनिटरिंग के लिए श्री मनीष यादव, सहायक खाद्य अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। संपर्क के लिए उनका मोबाइल नंबर +91-9926545105 जारी किया गया है। त्योहारी मौसम में दाल की कीमतों पर अनुचित वृद्धि को रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय रूप से सतत निगरानी करेगा।प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि वे अपने प्रभार क्षेत्र में खुदरा संघों के साथ समय-समय पर बैठकें आयोजित करें। दाल कारोबारियों को पोर्टल पर स्टॉक की घोषणा करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अलावा, बड़े खुदरा विक्रेताओं द्वारा 30 किलो के थोक पैक में दाल बेचने की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी, ताकि जीएसटी से बचने के प्रयासों को रोका जा सके।





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