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- निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 11 दिसम्बर 2024 कोदुर्ग/ छत्तीसगढ़ नगर पालिका निर्वाचन नियम में हुए संशोधनों के परिक्षेप्य में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 01 अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि नियत करते हुए उसके आधार पर फोटो युक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने के लिए पूर्व में जारी आदेश एवं कार्यक्रम में पुनः संशोधन किया गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार निर्वाचन नामावली तैयार करने का संशोधित कार्यक्रम निम्नानुसार है- दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना 13 नवम्बर 2024, दावे/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय 20 नवम्बर 2024 को अपरान्ह 3 बजे तक, दावे/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तारीख 24 नवम्बर 2024, प्रारूप क-1 से रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 27 नवम्बर 2024, प्रारूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि 30 नवम्बर 2024, दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर। परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना 05 दिसम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी.डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालय को सौंपना 07 दिसम्बर 2024 तक। अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपुरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्न करना 10 दिसम्बर 2024 तक और निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 11 दिसम्बर 2024 को किया जाएगा।
- बिलासपुर। बिलासपुर निवासी श्री अविनाश मिश्रा अधिवक्ता (गीधा लिम्हा) वाले का निधन हो गया है। श्री अविनाश मिश्रा, डा. विनय कुमार मिश्र एवम स्व श्रीमती शैल बाला मिश्रा के पुत्र, स्व. आशुतोष मिश्रा के बड़े भाई, डा.शशांक के पिता एवं शोभित मिश्र (अधिवक्ता) के बड़े पिताजी थे।
- पायल की चमक बढ़ा रहे सुंदरताबिलासपुर/ सभी को पता है कि महिलाओं के लिए गहना कितना प्रिय होता है। गरीब, अमीर सबकी इसके प्रति समान रूप से लगाव होता है। अमीर महिलाएं जहां संसाधनों से लैस होती हैं। वे जब चाहें , आसानी से कोई भी मनपसंद चीज खरीद लेती हैं। लेकिन गरीब महिलाओं का नसीब ऐसा नहीं होता है । रोजी - रोटी की जुगाड़ में ही उनकी सारी कमाई खर्च हो जाती है। उनकी ख्वाहिश अधूरी रह जाती है। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय महतारी वंदन योजना लेकर आए जो कि गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। उनके गहने सहित सभी तरह की चाहत पूरी हो रही है। वंदन योजना की राशि बचाकर संतोषी मोहले ने अपने लिए चांदी से बना एक जोड़ा पायल खरीदा है। बेलगहना इलाके की रहने वाली संतोषी इस दिवाली में 8 हजार रुपए की पायल खरीद कर अपनी दबी हुई इच्छा को साकार किया है। संतोषी कहती है कि बेहतर भविष्य और काम की खोज में पति के साथ तीन साल पहले बिलासपुर आ गए। धुरीपारा में किराए की मकान में रहते हैं। चौक चौराहों में साग भाजी और मौसमी फल मैं बेचती हूं। पति एक पुराना ऑटो चलाते हैं। कमाई इतनी नहीं कि हम अपना हर शौक पूरा कर सकें। फिर भी मैं अपने पति को पायल व गहना खरीदने बार - बार कहती रहती थी। हालत देखकर मन मसोस कर रह जाती। लेकिन विष्णुदेव साय की महतारी वंदन योजना से मेरी दबी हुई आशा फिर उछाल मारने लगी। लगने लगा कि अबकी बार सपना पूर्ण होकर रहेगा। हर माह मिलने वाली 1-1 हजार की रकम बैंक खाते में जमा होने लगा। जब 8 हजार पूरे हो गए तो इस दिवाली के अवसर पर चांदी का पायल खरीद लाई। अब मेरे पैर सूने नहीं बल्कि पायल की चमक इसकी सुंदरता बढ़ा रहे हैं। आगे और बचत कर राशि से कुछ बड़ा काम करूंगी। मेरी दबी हुई इच्छा को सायं सायं पूरी करने में मददगार विष्णुदेव सरकार को धन्यवाद और आशीर्वाद।
- डाटा प्रविष्टि करने 2 दिन का अल्टीमेटम, नहीं करने पर मान्यता होगी रद्दबिलासपुर/जिला शिक्षा अधिकारी ने यूडाईस प्लस पोर्टल में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय के मूलभूत सुविधाओं से संपूर्ण जानकारी के डाटा प्रविष्टि का कार्य जल्द पूरा करने सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि दो दिवस के भीतर सभी कार्य पूरे नहीं हुए तो शासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुख के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अशासकीय विद्यालयों की मान्यात समाप्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि 293 शासकीय एवं 289 प्राइवेट स्कूलों द्वारा अब तक डेटा प्रविष्टि का कार्य पूर्ण नही किया गया है।डीईओ ने बताया कि जिले में संचालित सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का यूडाईस प्लस सत्र 2024-25 का विद्यार्थी प्रोफाइल डाटा एण्ड्री का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि पहले से ही सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों को यूडाईस प्लस पोर्टल में अपने विद्यालय के डाटा प्रविष्टि करने निर्देशित किया गया है। लेकिन आज तक यूडाईस प्लस में विद्यार्थी प्रोफाइल का कार्य पूरा नहीं किया गया । उन्होंने बताया कि बहुत से स्कूलों में बड़ी संख्या में ड्रॉप बॉक्स में विद्यार्थी दिखाई दे रहे है जिनको उनकी वर्तमान शाला द्वारा इम्पोर्ट किया जाना है। डीईओ ने कहा कि यदि ड्रॉप बॉक्स मे विद्यार्थी को उनकी शाला द्वारा इम्पोर्ट नहीं किया जाता है तो ऐसे विद्यार्थियों को शाला त्यागी विद्यार्थियों के लिस्ट में शामिल किया जाएगा और इसके जिम्मेदार शाला प्रमुख होंगे।
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*केन्द्रों में धान खरीदी की तैयारियां लगभग पूर्ण*
*नोडल अधिकारियों को मिला अंतिम प्रशिक्षण*
*खरीदी शुरू होने को लेकर किसानों में भारी उत्साह*
बिलासपुर/समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां जिले में लगभग पूर्ण कर ली गई है। खरीदी कार्य 14 नवम्बर 2024 से शुरू होकर 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। खरीदी केन्द्रों के नोडल अधिकारियों का अंतिम प्रशिक्षण आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में संपन्न हुआ। उन्हें विस्तार से उनके दायित्व को बताया गया और कठोरता से इनका पालन करने के निर्देश दिए गये। इस दफा नोडल अधिकारियों को पूरे समय खरीदी केन्द्र पर बैठकर नजर रखना होगा। हर दिन खरीदी की शुरूआत उनकी मौजूदगी से होगी और समापन भी उनके द्वारा किया जायेगा। अपर कलेक्टर आरए कुरूवंशी एवं खाद्य नियंत्रक श्री भदौरिया ने धान खरीदी के संबंध में राज्य शासन के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया। राजस्व् विभाग के पटवारी एवं कृषि विभाग के आरएईओ को इस बार नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिले में 140 धान खरीदी केन्द्र बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर 1 लाख 37 हजार किसान अपना धान बेच पाएंगे। समर्थन मूल्य में धान बेचने को लेकर किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। वे बेसब्री से खरीदी शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशिक्षण में बेचने लाने वाले धान सहित अन्य नियम कायदों की जानकारी दी गई। बताया गया कि धान में 17 प्रतिशत से अधिक नमी नहीं रहनी चाहिए। इसके अलावा निम्न श्रेणी के धान का मिश्रण 6 प्रतिशत, डेमेज एवं डिस्कलर 5 प्रतिशत, अधपका एवं सिकुड़ा धान 3 प्रतिशत, बाह्य पदार्थ 1 प्रतिशत एवं कार्बनिक 1 प्रतिशत तक मान्य होगा। केवल पंजीकृत किसानों से उन्हें जारी टोकन के अनुसार धान खरीदा जायेगा। पुराने वर्षो से धान की खरीदी नहीं की जायेगी। सात दिवस पूर्व इस साल टोकन जारी किये जाएंगे। सीमांत एवं लघु किसानों को टोकन जारी करने में प्राथमिकता दी जायेगी। इलेक्ट्रानिक कांटा-बांट का धान तौल में उपयोग किया जायेगा। एक बोरे में 40 किलोग्राम धान की भरती किया जायेगा। उपार्जन केन्द्रों पर धान का भण्डारण एवं सुरक्षा अच्छी तरह किया जाए। बारदाने की व्यवस्था के अंतर्गत आधा-आधा पुराने और नये बारदानें उपयोग में लाये जाएंगे। धान की ढेरी स्टेक प्लान के बारे में भी बताया गया। सभी तहसीलदारों को अपने तहसील का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे हर दिन निरीक्षण कर कलेक्टर को रिपोर्ट करेंगे। गड़बड़ी करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी। - बिलासपुर/जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है, वे 31 दिसंबर 2024 तक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। इसी प्रकार ड्राफ्ट प्रोपोजल लॉक करने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2025 तक एवं सेक्शन ऑर्डर लॉक करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2025 तक है। यह पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेजों, आईटीआई, पालीटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षा सत्र 2024-25 हेतु ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर की जा रही है।निर्धारित तिथि के पश्चात शिक्षा सत्र 2024-25 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाईन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जाएगा एवं ड्राफ्ट प्रोपोजल लॉक अथवा सेक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जाएगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते है, तो इसके लिए संस्था प्रमुख स्वतः जिम्मेदार होंगें। पीएफएमएस के माध्यम से आधार आधारित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। विद्यार्थी ऑनलाईन आवेदन करते समय ध्यान रखे कि उनका बचत खाता एक्टिव होता एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि ही करना सुनिश्चित करें।अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अनिवार्य रूप से ओटीआर की प्रविष्टि ऑनलाइन आवेदन में करना है। ओटीआर की प्रविष्टियों के संबंध में जानकारी संस्था या कॉलेजों द्वारा छात्रों को दी जानी है। वर्ष 2024-25 में संस्थाओं को जिला नोडल द्वारा दिए गए प्रशिक्षण के अनुसार जीईओ टैगिंग कराना अनिवार्य है। जिन संस्थाओं द्वारा जीईओ टैगिंग नहीं कराया जायेगा ऐसे संस्था या कॉलेजों में अध्ययन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं दिया जायेगा
- -विद्यार्थियों को सिखाया कृत्रिम उपग्रह का विज्ञान-वनांचल क्षेत्र के स्कूलों का शिक्षा सचिव ने किया आकस्मिक निरीक्षणरायपुर /स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने आज महासमुंद जिले के उड़ीसा सीमा से सटे वनांचल क्षेत्रों में स्थित विभिन्न विद्यालयों का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रों की शैक्षिक प्रगति, स्कूलों की सुविधाओं और शैक्षिक गतिविधियों का गहन अवलोकन किया। बच्चों के उत्साही उत्तरों से प्रभावित होकर श्री परदेशी ने उनकी समझ और ज्ञान की सराहना की।निरीक्षण के दायरे में आने वाले स्कूलों में हायर सेकेंडरी स्कूल बेलसोंडा, प्राथमिक शाला ओंकारबंद, पीएम श्री स्कूल खोपड़ी, मिडिल एवं हाई स्कूल खोपली, मिडिल और हाई स्कूल कसेकेरा, मिडिल स्कूल कुलिया, और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सुनसुनिया शामिल थे।निरीक्षण के दौरान श्री परदेशी ने कुछ समय के लिए शिक्षक की भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों को कृत्रिम उपग्रह के बारे में समझाया। उन्होंने बच्चों से विज्ञान, भूगोल और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे। बच्चों से भारत के महान वैज्ञानिकों, इंद्रधनुष के रंगों की संख्या, छत्तीसगढ़ के जिलों और पड़ोसी राज्यों के बारे में सवाल किए गए, जिनका बच्चों ने सही जवाब दिया। छोटे बच्चों से रंगों और फलों से जुड़े सवाल भी पूछे गए, जिनमें अधिकांश बच्चों ने सही उत्तर दिए।कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सुनसुनिया की छात्राओं ने शिक्षा सचिव से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से रक्षाबंधन पर्व पर हुई मुलाकात का अपना अनुभव साझा किया जिसे छात्रों ने एक अविस्मरणीय पल बताया। इस पर सचिव ने कहा कि आज की बालिकाएं और महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, वे सुई से लेकर हवाई जहाज तक उड़ा रही हैं। यह समाज में महिला सशक्तिकरण का एक शानदार उदाहरण है।निरीक्षण में शौचालयों की तालाबंदी देखकर श्री परदेशी ने प्रधानपाठक और प्राचार्य को नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि सभी सुविधाएं बच्चों के लिए सुलभ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन से प्राप्त सामग्री बच्चों के उपयोग के लिए खुली और उपलब्ध रहनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने शौचालयों में स्वच्छता बनाए रखने और उन्हें स्कूल समय में खुला रखने के निर्देश के साथ ही परिसर की साफ-सफाई, पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग, प्रयोगशाला का उपयोग, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, शिक्षक डायरी का संधारण और शासन के दिशा-निर्देशों का समयानुसार पालन करने पर भी जोर दिया।निरीक्षण के अवसर पर रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक श्री राकेश पांडे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री मोहन राव सावंत, आलोक चांडक, जिला मिशन समन्वयक श्री कमल नारायण चंद्राकर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- - छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किया आदेश-निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन 11 दिसम्बर को किया जायेगारायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 1 अक्टूबर 2024 की अर्हता तिथि के अनुसार फोटो युक्त निर्वाचक नामावली तैयार करने का आदेश जारी किया गया है। अब जो मतदाता 1 अक्टूबर 2024 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके होंगे, वे आगामी स्थानीय नगरीय निकाय निर्वाचन में मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। पूर्व में निर्वाचक नामावली हेतु 01 जनवरी 2024 की अर्हता तिथि निर्धारित की गई थी किन्तु राज्य शासन द्वारा नगरीय प्रशासन अधिनियम में संशोधन उपरांत 01 अक्टूबर 2024 की तिथि निर्धारित की गई है, जिसका प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजपत्र में किया जा चुका है। यह प्रक्रिया चुनाव में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है, ताकि सभी योग्य मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व में जारी आदेश में संशोधन किया गया है जिसके तहत् अर्हता तिथि अनुसार मतदाता सूची में नाम शामिल करने, हटाने तथा अद्यतन करने का कार्य किया जा सकेगा। नगरीय निकाय हेतु मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 16 अक्टूबर 2024 को किया जा चुका हैं। अब नवीन संशोधित जारी कार्यक्रम अनुसार दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना बुधवार 13 नवम्बर 2024 से तथा दावा/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 20 नवम्बर 2024 को दोपहर 3 बजे तक एवं दावा/आपत्तियों को निपटारे की अंतिम तारीख बुधवार 24 नवम्बर 2024 निर्धारित किया गया है।इसी प्रकार प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बुधवार 27 नवम्बर 2024, प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि शनिवार 30 नवम्बर 2024 तथा दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर निर्धारित किया गया है। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन बुधवार 11 दिसम्बर 2024 को किया जाएगा।छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव ने बताया कि यदि किसी मतदाता के नाम, फोटो या अन्य विवरण में कोई त्रुटि हो तो उसे समय रहते सुधरवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब नवीन अर्हता तिथि अनुसार हर योग्य व्यक्ति को मतदान का अधिकार मिल सकेगा तथा चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न होगा।
- बिलासपुर/छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी निर्वाचन आयोग रायपुर के आदेशानुसार प्रेस क्लब गृह निर्माण सहकारी समिति बिलासपुर का निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया था। संशोधित जारी कार्यक्रम के अुनसार 23 नवंबर को विशेष साधारण सम्मेलन मतदान एवं मतगणना सवेरे 11 से दोपहर 3 बजे तक संपन्न किया जाएगा जिसका मतगणना 4 बजे होगा। 24 नवंबर को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य सोसाइटियों के प्रतिनिधियों तथा अन्य पदाधिकारियों के निर्वाचन की सूचना जारी किया जाएगा। 28 नवंबर को सवेरे 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं अन्य सोसाईटियों के प्रतिनिधियों तथा पदाधिकारियों का निर्वाचन कार्यक्रम ईदगाह चौक प्रेस क्लब ट्रस्ट भवन में संपन्न होगा।
- -रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए सवेरे 7 बजे से शाम 6 बजे तक डाले जाएंगे वोट-2.71 लाख से अधिक मतदाता करेंगे अपने मताधिकार का उपयोग-मतदान के लिए बनाए गए हैं 253 मुख्य मतदान केंद्र और 13 सहायक मतदान केंद्ररायपुर । मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं से मतदान केंद्र पहुंचकर मतदान करने की अपील की है। रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए 13 नवम्बर को सवेरे सात बजे से शाम छह बजे तक वोट डाले जाएंगे। इसके लिए निर्वाचन क्षेत्र में 253 मुख्य मतदान केंद्र और 13 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। उप-निर्वाचन में क्षेत्र के कुल दो लाख 71 हजार 169 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें एक लाख 33 हजार 800 पुरूष मतदाता, एक लाख 37 हजार 317 महिला मतदाता और 52 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।
- -नंदनवन जंगल सफारी में 1 माह तक चला इलाज-इलाज के बाद पूर्णतः स्वस्थ होकर 1100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए अब गिद्ध पहुंचा गुजरात के सूरत इलाके में-विलुप्त प्रजाति के बीमार गिद्ध के बचाव कार्य की मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं वनमंत्री ने की प्रशंसारायपुर / राजधानी रायपुर के समीप स्थित नंदनवन जंगल सफारी के वन अधिकारियों एवं चिकित्सकों की टीम विलुप्त प्रजाति के सफेद पूंछ वाले बीमार गिद्ध का रेस्क्यू कर उसकी जान बचाने में सफल रही है। यह बीमार गिद्ध लगभग 500 किलोमीटर की उड़ान भरता हुआ बीते दिनों छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद वनक्षेत्र के बागबाहरा पहुंचा था। इस बीमार गिद्ध के रेस्क्यू के बाद नंदनवन जंगल सफारी के वन्य चिकित्सकों एवं वन अधिकारियों ने बड़ी सावधानी के साथ इस गिद्ध का इलाज किया। इसके स्वास्थ्य पर सतत निगरानी रखी, जिसके चलते कुछ ही दिनों में यह गिद्ध स्वस्थ एवं सामान्य स्थिति में आ गया। जंगल सफारी की टीम ने इस गिद्ध को फिर से उड़ान भरने के लिए छोड़ दिया है।नंदनवन जंगल सफारी के अधिकारियों द्वारा बीमार गिद्ध के बचाव कार्य की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सराहना की है। उन्होंने गिद्ध के रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाज में लगी अधिकारियों की टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विलुप्त होती गिद्ध की इस प्रजाति का छत्तीसगढ़ के अधिकारियों द्वारा बचाव के लिए किए गए प्रयासों की जितनी सराहना की जाए कम है। गौरतलब है कि सफेद पूंछ वाला गिद्ध (वाईट रुम्पड वल्चर) एक संकट ग्रस्त प्रजाति है। वर्तमान में इस प्रजाति की संख्या देश में 13 हजार से भी कम रह गई है। यह गिद्ध बड़े पेड़ों पर घोंसला बनाते हैं और साल भर में केवल एक ही अंडा देते हैं, जिससे इनकी संख्या बढ़ने की गति धीमी होती है। ये गिद्ध केवल उन्हीं क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहां जैव विविधता समृद्ध होती है और प्रदूषण या औद्योगीकीकरण का प्रभाव कम होता है। गिद्ध के इस प्रजाति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।इसी कड़ी में भारत में वाईट रुम्पड वल्चर की निगरानी और संरक्षण के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) और ताडोबा अंधेरी टाइगर रिजर्व ने एक विशेष पहल करते हुए 10 सफेद पूंछ वाले एक गिद्धों को एक साथ जियो-ट्रैकिंग उपकरण के साथ जंगल में छोड़ा गया था, जिसमें से एक गिद्ध महाराष्ट्र राज्य में उड़ान भरते हुए छत्तीसगढ़ के इन्द्रावती टाईगर रिजर्व होते हुए कांकेर जिले से महासमुंद वन क्षेत्र बागबाहरा में पहुंच गया था। नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) और ताडोबा अंधेरी टाइगर रिजर्व का गिद्धों को छोड़ने का उद्देश्य उनके प्रवास मार्गों का अध्ययन करने के साथ- साथ उनको प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रख उनका संरक्षण और संवर्धन करना था। उन 10 गिद्धों में से एक गिद्ध 20 दिनों में लगभग 500 किलोमीटर की उड़ान भरने के बाद महासमुंद वन क्षेत्र में आ गया था। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) की निगरानी टीम ने जियो-ट्रैकिंग उपकरण की मदद से जाना कि यह गिद्ध बागबाहरा जंगल मे एक ही स्थान पर लंबे समय तक रुका हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने नंदनवन जंगल सफारी रायपुर के अधिकारियों से सम्पर्क किया और पूरी स्थिति की जानकारी दी।नंदनवन जंगल सफारी के वन्यजीव डॉक्टरों और वन अधिकारियों की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बागबाहरा क्षेत्र से गिद्ध का सुरक्षित रेस्क्यू किया और 26 अगस्त को उसे नंदनवन जंगल सफारी ले आए। यहां चिकित्सकों की देखरेख में गिद्ध को उचित उपचार और पोषण दिया गया, जिससे वह स्वस्थ होने लगा। कुछ दिनों में ही गिद्ध पूरी तरह से स्वस्थ हो गया और उसकी सक्रियता लौट आई।नंदनवन जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि नंदनवन जंगल सफारी से वन्य जीव चिकित्सकों के सलाह के आधार पर 26 सितंबर 2024 को गिद्ध को फिर से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया, जिसके बाद यह गिद्ध यहाँ से 1100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए गुजरात के सूरत इलाके में पहुंच गया है। इस गिद्ध की लोकेशन की ट्रेकिंग बीएनएचएस द्वारा की जा रही है।
- -वन अपराध तथा वन्यजीवों के अवैध शिकार के रोकथाम में उदासीनता का मामलारायपुर / छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख ने वनमंडल कटघोरा में पदस्थ रेंजर श्री देवदत्त खाण्डे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की यह कार्यवाही रेंजर देवदत्त खाण्डे द्वारा एतमानार परिक्षेत्र अंतर्गत पी.ओ.आर. प्रकरणों की जांच एवं वन अपराध तथा वन्यजीवों के अवैध शिकार के रोकथाम एवं जांच में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के कारण की गई है।गौरतलब है कि वन विभाग को रेंजर देवदत्त खाण्डे के विरूद्ध बिना कार्य कराए प्रमाणक प्रस्तुत करने की शिकायत विभाग को प्राप्त हुई थी, जिसकी जांच वनमंडलाधिकारी, कटघोरा द्वारा की गई। जांच में उक्त शिकायत सही पायी गई। रेंजर श्री खाण्डे के विरूद्ध जांच-पड़ताल में यह भी पाया गया कि वे एतमानार परिक्षेत्र अंतर्गत पी.ओ.आर. प्रकरणों की जांच एवं वन अपराध तथा वन्यजीवों के अवैध शिकार के रोकथाम में असफल रहे हैं। जिसके चलते प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत शासकीय काम एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही तथा शिकायत की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाये पर निलंबित कर दिया है।
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*डाटा प्रविष्टि करने 2 दिन का अल्टीमेटम, नहीं करने पर मान्यता होगी रद्द*
बिलासपुर/जिला शिक्षा अधिकारी ने यूडाईस प्लस पोर्टल में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय के मूलभूत सुविधाओं से संपूर्ण जानकारी के डाटा प्रविष्टि का कार्य जल्द पूरा करने सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि दो दिवस के भीतर सभी कार्य पूरे नहीं हुए तो शासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुख के विरूद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अशासकीय विद्यालयों की मान्यात समाप्त की जाएगी। उन्होंने बताया कि 293 शासकीय एवं 289 प्राइवेट स्कूलों द्वारा अब तक डेटा प्रविष्टि का कार्य पूर्ण नही किया गया है।
डीईओ ने बताया कि जिले में संचालित सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का यूडाईस प्लस सत्र 2024-25 का विद्यार्थी प्रोफाइल डाटा एण्ड्री का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि पहले से ही सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों को यूडाईस प्लस पोर्टल में अपने विद्यालय के डाटा प्रविष्टि करने निर्देशित किया गया है। लेकिन आज तक यूडाईस प्लस में विद्यार्थी प्रोफाइल का कार्य पूरा नहीं किया गया । उन्होंने बताया कि बहुत से स्कूलों में बड़ी संख्या में ड्रॉप बॉक्स में विद्यार्थी दिखाई दे रहे है जिनको उनकी वर्तमान शाला द्वारा इम्पोर्ट किया जाना है। डीईओ ने कहा कि यदि ड्रॉप बॉक्स मे विद्यार्थी को उनकी शाला द्वारा इम्पोर्ट नहीं किया जाता है तो ऐसे विद्यार्थियों को शाला त्यागी विद्यार्थियों के लिस्ट में शामिल किया जाएगा और इसके जिम्मेदार शाला प्रमुख होंगे। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह की बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि देवउठनी एकादशी का दिन शुभ और मंगलकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार माह की निद्रा से जागृत होते हैं। हिन्दुओं में इस दिन से सारे मांगलिक कार्यों की शुरूआत की जाती है। छत्तीसगढ़ में देवउठनी एकादशी का पर्व बहुत उत्साह और उमंग से मनाया जाता है। इस दिन भगवान शालिग्राम और देवी तुलसी का विवाह भी संपन्न किया जाता है। इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कामना की है कि एकादशी का त्यौहार सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए और सभी का जीवन मंगलमय हो।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को संत नामदेव जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी है। श्री साय ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि संत नामदेव महाराष्ट्र में कार्तिक एकादशी के दिन जन्म लेने वाले प्रसिद्ध संत-कवि हैं। भगवान विठोबा के अनन्य भक्त नामदेव जी का संपूर्ण जीवन भक्तिभाव से ओतप्रोत था। उन्होंने भक्तिगीतों की रचना की और हरिनाम को लोक सुलभ बनाकर उसका प्रचार किया। श्री साय ने कहा है कि संत नामदेव की भक्ति और समता के संदेश आज भी हम सभी का मार्गदर्शन करते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारतरत्न पंडित मदनमोहन मालवीय की 12 नवंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने मदन मोहन मालवीय जी के देश के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि मालवीय जी ने देश की आजादी और भारत माता की सेवा में अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया। मालवीय जी महान शिक्षाविद, बेहतरीन वक्ता तथा राष्ट्रीय भावना एवं नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण देशभक्त थे। उन्होंने भारत में शिक्षा के एक बड़े केन्द्र बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की स्थापना की है। उन्हें सम्मानपूर्वक महामना के नाम से जाना जाता है। हिन्दी भाषा के उत्थान में भी मालवीय जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। श्री साय ने कहा कि मालवीय जी ने जिस समर्पण की भावना और उदात्त विचारमूल्यों के साथ भारतमाता की सेवा की, वह हम सभी के लिए अनुकरणीय है।
- रायपुर / स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान बिरसा मुण्डा जी के जन्म दिवस के अवसर पर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग एवं आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में 14 एवं 15 नवंबर को दो दिवसीय कार्यक्रम संगोष्ठी-परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा।जनजातीय गौरव दिवस जिसमें जनजातीय संस्कृति, संरक्षण, संवर्धन एवं विकास, जनजातीय विधार्थियों के करियर निर्माण संबंधी विभिन्न संभावनाएं, भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में जनजातीय नायकों का योगदान, जनजातीय समुदायों के युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां, भारतीय सभ्यता के मूल में जनजातीय समाज, जनजातीय ज्ञान परम्परा, जनजातीय समुदाय पर्यावरण संरक्षण वैश्विक परिपेक्ष में, जनजातीय चित्रकला के प्रायोगिक पक्ष एवं संभावना, वन अधिकार अधिनियम, क्रियान्वयन एवं चुनौतियाँ, जनजातीय क्षेत्रों में चुनौतियां और समाधान विषयों को सम्मिलित किया गया है, जिसमें जनजातीय अनुसंधान क्षेत्र के विशिष्ट विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ अन्य अनुसंधानकर्ताओं, शोधकर्ताओं, छात्रों एवं विषय पर रूची रखने वाले बुद्धिजीवियों से विचार विमर्श किया जावेगा। प्रतियोगिता से संबंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए सुश्री पार्वती जगत, सहायक अनुसंधान अधिकारी (मो. नं. 7805982502) एवं श्रीमती अनिता डेकाटे, सहायक अनुसंधान अधिकारी (मो.नं. 9893674509) से संपर्क किया जा सकता है।
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*दक्षिण विधानसभा उप चुनाव*
रायपुर/ दक्षिण विधानसभा उप चुनाव में अधिक से अधिक मतदान के लिए मतदाताओं को जागरूक करने आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह तथा एसएसपी श्री संतोष सिंह के नेतृत्व में स्वीप बाइक रैली का आयोजन किया गया।
यह रैली कलेक्टोरेट परिसर रायपुर से आकाशवाणी चौक, टिकरापारा चौक, संजयनगर, संतोषीनगर, मठपुरैना, रायपुरा, सुंदरनगर, लाखेनगर, पुरानीबस्ती, कालीबाड़ी चौक, चंगोराभाठा, कुशालपुर, बुढ़ातालाब, सदरबाजार, कोतवाली थाना चौक, जयस्तंभ चौक, घड़ी चौक मोतीबाग चौक, व्हाइट हाउस नगर निगम गार्डन में समाप्त हुई। जहां पर जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. गौरव सिंह ने उपस्थित प्रबुद्धजनों को मतदाता जागरूकता की शपथ दिलाई।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला स्वीप नोडल अधिकारी श्री विश्वदीप सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- -महानदी महाआरती महोत्सव में होंगे शामिलरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 12 नवम्बर को सक्ती जिले के सुप्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल चन्द्रपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शाम 4.20 बजे पुलिस मुख्यालय हेलीपेड नवा रायपुर से हेलीकॉप्टर से रवाना होकर शाम 5 बजे खेल मैदान नगर पंचायत चन्द्रपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शाम 6 बजे से 7.30 बजे तक मां चन्द्रहासिनी देवी मंदिर दर्शन एवं दरहाघाट चन्द्रपुर में मां महानंदा चित्रोत्पला गंगा महानदी महाआरती महोत्सव 2024 में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय 7.30 बजे कार द्वारा रायगढ़ के लिए रवाना होंगे। जहां वे रात्रि 8 बजे रायगढ़ पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे।
- -रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 14 एवं 15 नवंबर को होगा राज्य स्तरीय आयोजन-आदि लोक नृत्य नाटिका, भील भगोरिया नृत्य, गारो और आओ नागा सहित होंगी विभिन्न प्रस्तुतियांरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 14 एवं 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती-जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय भव्य आयोजन किया जायेगा। दो दिवसीय आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित 17 राज्यों के आदिवासी नर्तक दल मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। इनमें अरूणाचल प्रदेश के आदि लोक नृत्य नाटिका, मध्यप्रदेश के भील भगोरिया नृत्य, मेघालय के गारो लोक नृत्य और नागालैण्ड के आओ नागा लोक नृत्य सहित विभिन्न आकर्षक प्रस्तुतियां होगी।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 15 नवंबर को जमुई (बिहार) से जनजातीय गौरव दिवस का शुभारंभ करेंगे। वे छत्तीसगढ़ में आयोजित कार्यक्रमों में वर्चंुअली शामिल होंगे और पीएम जनमन योजना में शामिल जिलों के हितग्राहियों से चर्चा भी करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में भी एक दिवसीय गौरव दिवस का आयोजन किया जायेगा।आदिम जाति विभाग द्वारा इसकी तैयारियां की जा रही हैं। साइंस कॉलेज मैदान में जनजातीय गौरव दिवस के दौरान 14 एवं 15 नवंबर को पूर्वान्ह 11 बजे से लेकर रात्रि 8 बजे तक जनजातीय गौरव पर आधारित विविध कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिसमें विषय विशेषज्ञ सहित कई राज्यों के आदिवासी कलाकार, आदिवासी कला संस्कृति के मर्मज्ञ शामिल होंगे।दो दिवसीय राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन को भव्य एवं यादगार बनाने के लिए आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा देश के विभिन्न राज्यों से आदिवासी नर्तक दलों एवं कलाकारों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है। अब तक 18 राज्यों के 22 आदिवासी नर्तक दलों ने इस दो दिवसीय आयोजन में शामिल होने के लिए अपनी सहमति दी है, जिसमें अरूणांचल प्रदेश, मिजोरम, नागालैण्ड, मेघालय, आसाम, त्रिपुरा, उत्तराखण्ड, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित अन्य राज्यों के आदिवासी नर्तक दल शामिल हैं। इनमें पुरूष एवं महिला कलाकारों की संख्या लगभग 425 है।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि 14 नवंबर एवं 15 नवंबर को साइंस कॉलेज मैदान में संध्या 3 बजे से अंतर्राज्यीय लोक नर्तक दलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ-साथ जनजातीय गौरव से संबंधित विषयों पर संगोष्ठी का आयोजन तथा जनजातीय जीवन शैली पर चित्रकला का प्रदर्शन भी होगा।
- -सांप के जहर से शरीर हो रहा था लकवाग्रस्त, 42 घंटे तक नहीं था होश, 3 दिन तक वेंटीलेटर पर रखा गया-एक हफ्ते तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में चला गहन इलाज-परिजनों ने कहा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मिले इलाज से बच्चे की मुस्कुराहट लौट आईरायगढ़ / तीन तस्वीरों से समझा जा सकता है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार के प्रयास कैसे लोगों के जीवन में संजीवनी का काम कर रहे हैं। यह तस्वीर 3 साल के मासूम मानविक की है, जिसे जहरीले करैत सांप ने डस लिया था। मरणासन्न हालत में उसे मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में इलाज के लिए जब भर्ती कराया गया तो सांप का जहर पूरे शरीर में फैल चुका था उसकी स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी। शरीर में लकवे का असर दिख रहा था और सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। शुरुआती 40 से 42 घंटे तक वह पूरी तरह से होश में नहीं आया था और उसे वेंटीलेटर में रखना पड़ा था। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रायगढ़ के डॉक्टरों ने एक हफ्ते तक गहन इलाज कर उसकी जान बचाई और नया जीवनदान दिया।करैत भारत में पाए जाने वाले सर्वाधिक जहरीले सांपों में से एक है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है। जिससे नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है। सही समय पर इलाज न मिले तो जान बचने की गुंजाइश कम होती है। ऐसे में एक छोटे मासूम बच्चे की रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में मिले उचित इलाज से जान बचाई जा सकी।रायगढ़ के खरसिया ब्लॉक के औरदा गांव के निवासी तुलेश्वर चौहान के 3 साल के बेटे मानविक चौहान को सोते समय घर में सुबह पांच बजे के करीब जहरीले करैत सांप ने दाहिने हाथ की उंगली में काट लिया। परिजन बच्चे को सिविल अस्पताल खरसिया लेकर गए। वहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार कर बच्चे को बेहतर ईलाज के लिए संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में रेफर कर दिया गया। बच्चे को सुबह लगभग 8 बजे के आसपास संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ के आपातकालीन विभाग में अत्यंत गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया। बच्चे के शरीर में सॉप का जहर फैल चुका था, बच्चे की आँखों की दोनों पलकों में लकवा मार चुका था, सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, मुँह से झाग आ रहा था, बच्चे के हाथ-पैर ठंडे पड़ गए थे एवं नाड़ी भी कमजोर हो रही थी। बच्चे को आपातकालीन विभाग में ही बाल्य एवं शिशुरोग विभाग के आपातकालीन ड्युटी में उपस्थित डाक्टरों द्वारा त्वरित ईलाज प्रारंभ कर चिकित्सकों की आपातकालीन टीम द्वारा आई.सी.यू. वार्ड में शिफ्ट किया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ.एल. के. सोनी, विभागाध्यक्ष बाल्य एवं शिशुरोग के नेतृत्व में डॉक्टरों और स्टॉफ नर्सों की टीम के अथक प्रयासों से बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार आना शुरू हुआ। बच्चे के शरीर में सांप के जहर का असर कम होने के उपरांत बच्चे को 3 दिवस पश्चात वेंटीलेटर से बाहर निकाला गया। वेंटीलेटर से बाहर निकलने के पश्चात् बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। एक हफ्ते तक चले गहन इलाज से बच्चे के स्वास्थ्य में पूर्ण सुधार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दिया गया।परिजनों ने कहा मेडिकल कॉलेज के इलाज से लौटी बच्चे की मुस्कुराहटकिसी भी माता पिता के लिए अपने बच्चे को जिंदगी और मौत से लड़ते देखना बहुत हृदयविदारक होता है। नन्हा मानविक अपने माता पिता की इकलौती संतान है। करैत के डसने से उसकी हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि शुरुआती 40 से 42 घंटे तक वह पूरी तरह से होश में नहीं था। लेकिन मेडिकल कॉलेज में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम के साथ सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने से उसका बेहतर इलाज संभव हुआ। पिता तुलेश्वर चौहान कहते हैं कि डॉक्टरों के प्रयासों से उसके बच्चे की मुस्कान वापस लौट आई।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए स्वास्थ्य बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ के लिए यह जरूरी है कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था कुशल चिकित्सकों के हाथों में रहे। लेकिन आज से 24 वर्ष पहले छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक शासकीय मेडिकल कालेज था जिसमें मात्र 100 एमबीबीएस की सीटें थीं। बीते 24 वर्षों में राज्य में शासकीय मेडिकल कालेजों की संख्या 1 से बढ़कर 10 हो गयी है और एमबीबीएस की सीटें भी बढ़कर 1460 हो गयी हैं। शासकीय मेडिकल कालेजों में 291 स्नातकोत्तर की सीटें भी बढ़ी हैं जिससे राज्य को विशेषज्ञ चिकित्सक मिल रहे हैं।वो छत्तीसगढ़ जो 1 नवंबर 2000 को जन्म लेते समय बीमारू राज्य का दर्जा रखता था वो आज बीते जमाने की बात हो गयी है। वर्तमान में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ये बात भली भांति समझती है कि भारत की तर्ज पर छत्तीसगढ़ को भी वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाना है तो स्वास्थ्य ही वो पहली कड़ी है जो राज्य को सक्षम और समृद्ध बनाएगा। खुशी की बात ये है कि राज्य की वर्तमान सरकार इस पर लगातार प्रयास कर रही है और इसके बेहतर परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य सेवाओं को सजग रूप से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। राज्य स्तर पर डीकेएस और मेकाहारा जैसे अस्पताल अत्याधुनिक तकनीकों से लैस हो रहे हैं तो वहीं संभाग स्तर पर सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों का कार्य निरंतर जारी है। इसी तरह से जिले और ब्लाक स्तर पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर राज्य के लोगों की सेहत का विशेष ध्यान रख रहे हैं।
- -छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला आज साहसिक पर्यटन के लिए बन चुका है एक नई पहचानरायपुर / जशप्योर और पहाड़ी बकरा एडवेंचर द्वारा हाल ही में आयोजित एक बाइक ट्रिप ने पूरे देश भर के राइडर्स को आकर्षित किया। देशभर से आए इन साहसी बाइकर्स ने जशपुर की घुमावदार सड़कों, कठिन ट्रेल्स, और हरे-भरे जंगलों का रोमांचक अनुभव लिया। इन राइडर्स को हिमालय राज्य जैसे लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कठिन रास्तो पर बाइकिंग अनुभव प्राप्त है और उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य की अनछुई प्राकृतिक सुंदरता को एक नए नजरिये से देखा। जशपुर का अनोखा प्राकृतिक आकर्षण जैसे रानी दह जलप्रपात, सारुडीह चाय बागान, किनकेल पाठ, चुरी और मक्करभज्जा जलप्रपात एवं यहाँ के जनजातीय संस्कृति एवं खाद्य उत्पाद उनके लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। इसके अलावा, देशदेखा क्लाइंबिंग सेक्टर में रॉक क्लाइम्बिंग एवं कैंपिंग तथा पंड्रापाठ में स्टार गेजिंग का रोमांचक अनुभव भी उनके लिए खास था।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने पर्यटन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पिछले वर्ष से व्यापक प्रयास शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने जशपुर की प्राकृतिक संपदा और रोमांचक गतिविधियों की संभावनाओं को देखते हुए इसे साहसिक खेलों के एक नए केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है। उनके कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के कारण, यह क्षेत्र अब न केवल राज्य में बल्कि पूरे देश में एक प्रमुख साहसिक पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है।साहसिक खेल और पर्यटन केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि ये स्थानीय युवाओं के रोजगार का एक प्रमुख स्रोत भी बन सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में स्थानीय युवाओं एवं जनजातीय लोगो को एडवेंचर खेलों की बारीकियों में अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित किया जा चूका है। जशपुर के “देशदेखा क्लाइंबिंग सेक्टर” में स्थानीय गाइडों की मदद से रॉक क्लाइम्बिंग का आयोजन हुआ, जो अब देशभर में एडवेंचर खेलों के शौकीनों के बीच चर्चा में है।इस यात्रा के दौरान एक विशेष स्टार गेजिंग सत्र का भी आयोजन किया गया था, जिसमें प्रतिभागियों ने खुली रात के आकाश में खगोलीय पिंडों को देखा और एस्ट्रोलॉजी के बारे में जाना। जशपुर का यह हिस्सा अब राष्ट्रीय स्तर पर स्टार गेजिंग के लिए उपयुक्त स्थान के रूप में देखा जा रहा है, जो पर्यटकों को एक विशेष और अनोखा अनुभव देने की क्षमता रखता है।बाइकर्स ने यहां के स्थानीय आदिवासी खान-पान और संस्कृति का भी आनंद लिया। जशप्योर द्वारा बनाये गए महुआ और मिलेट के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद, और आदिवासी घरों का दौरा कर उनके रहन-सहन और सांस्कृतिक धरोहर के बारे में जानना, उनके लिए यादगार अनुभव रहा। अंतराष्ट्रीय पर्वतारोहण गाइड, एक्सट्रीम एडवेंचर स्पोर्ट ट्रेनर एवं जिला एडवेंचर टूरिज्म के सलाहकार के स्वप्निल राचेलवार ने कहा की यह क्षेत्र विविध सम्भावनावो से परिपूर्ण है। यहाँ के स्थानीय एवं जनजातीय लोग ऐसे खेलो में प्राकृतिक एवं मानसिक रूप से सशक्त होते हैं, और उचित मार्गदर्शन पाकर यहाँ से कई अन्तराष्ट्रीय स्तर के खिलाडी एवं पेशेवर गाइड उभर कर बहार आ सकते हैं। जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की इसी क्रमबद्ध पहल ने यह भी सुनिश्चित किया कि इस क्षेत्र का विकास पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी संस्कृति के सम्मान के साथ हो। उनका सपना है कि जशपुर साहसिक खेलों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरे और इसके माध्यम से स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाया जाए। जशपुर अब एडवेंचर खेलों का छत्तीसगढ़ में एक नया केंद्र बनकर उभर चूका है। यह न केवल केंद्रीय भारत बल्कि सपूर्ण राष्ट्र में एडवेंचर खेलों का हॉटस्पॉट बनने की ओर अग्रसर है, जहाँ पर्यटक एक अलग और अनोखा अनुभव पा सकते हैं।
- -महतारी वंदन की राशि से बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना और ग्रामीण डाकघर में खाता खुलवाने का बनाया मन-महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ ही सुखद भविष्य की योजना बनाने महतारी वंदन योजना कर रही प्रेरितरायपुर / छत्तीसगढ़ में महिलाओं को अपने घरेलू खर्च को पूरा करने से लेकर स्वयं के सुखद भविष्य के सपने गढ़ने तक के लिए शासन की महतारी वंदन योजना कारगर साबित होते दिखाई दे रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई है जिसके अंतर्गत हितग्राही महिलाओं को प्रति माह एक-एक हजार रूपए की राशि प्रदान की जा रही है। अभी तक महतारी वंदन योजना के 9 किस्त जारी हो चुके है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना की नौवीं किस्त को दीपपर्व के पहले जारी किया गया।कबीरधाम जिले के आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य बोड़ला विकासखण्ड के ग्राम भोंदा के रहने वाले पटेल परिवार की छह महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ मिला रहा है। हर माह प्रत्येक महिला को एक-एक हजार रूपए इस प्रकार पटेल परिवार की सभी 6 महिलाओं को कुल 6 हजार रूपए की राशि मिल रही है। उनके खाते में नौवीं किस्त की राशि भी आ चुकी है। अब तक महतारी वंदन योजना से इस परिवार के खाते में कुल 54 हजार रुपए जमा हो गए है।कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के ग्राम बोड़ला में रहने वाले सदाराम पटेल और रामकुमार पटेल दोनों भाई संयुक्त परिवार में रहते हैं। इस परिवार में दिलेश्वरी, मनीषा, अनिता, गनेशिया सहित कुल छः महिलाएं हैं। परिवार की महिलाओं में महतारी वंदन योजना से अपने और अपने बच्चों के भविष्य के प्रति सुरक्षा का अहसास बढ़ने के साथ ही महतारी वंदन उन्हें सुखद भविष्य की योजना बनाने के लिए भी प्रेरित कर रही है। हर माह मिलने वाले महतारी वंदन योजना की राशि से अब परिवार की महिलाओं ने अपने-अपने बच्चों के नाम केन्द्र सरकार द्वारा डाक घर के माध्यम से संचालित होने वाली सुकन्या समृद्धि योजना और ग्रामीण डाक बीमा जैसी योजनाओं में खाता खुलवाने का मन बनाया है। आगामी अनेक वर्षों तक के लिए अपने बच्चों के लिए यह परिवार सुकन्या समृद्धि योजना या ग्रामीण डाक जीवन बीमा जैसी योजनाओं में खाता खोल कर बच्चों के सुखद भविष्य के लिए एक-एक हजार रूपए जोड़ने का मन बनाया है। परिवार के मुखिया और महिलाओं ने डाक घर जा कर इन योजनाओं के फायदे के बारे में पूरी जानकारी भी ले रखी है।परिवार की महिलाओं को आशा है कि महिलाओं की आर्थिक उन्नति और उनकी समृद्धि के लिए खोली गई महतारी वंदन योजना सतत रूप से संचालित होते रहेगी और उनके खाते में हर माह ऐसे ही पैसे आते रहेंगे। इसलिए इस पैसे को जोड़कर एक बेहतर सुखद प्लान बनाया जा सकता है।पटेल परिवार की महिलाओं ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना में वह महतारी वंदन योजना की राशि को जमा कराने जा रही हैं, जिससे 15 वर्ष बाद उन्हें एक मुश्तराशि मिले और इस राशि का उपयोग बच्चों के सुखद भविष्य के लिए खर्च किया जा सके। इन महिलाओं ने बताया कि वे महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को अपने बच्चों की शिक्षा और शादी के लिए जमा कर रहीं हैं। खेती बाड़ी कर अपना और पूरे परिवार का जीवन यापन करने वाले मरार पटेल परिवार के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक समृद्धि और तरक्की का एक मजबूत आधार बन कर सामने आई है। परिवार की सभी बहुएं पढ़ी लिखी है। पटेल परिवार की बहु दिलेश्वरी, मनीषा, अनिता, गनेशिया और इन सभी की सासु मां सुखबती पटेल और बीरझा बाई ने बताया कि आज पूरा परिवार बहुत खुश है। परिवार को हर माह 6 हजार रूपए की अतिरिक्त आमदनी हो रही है। हमारा परिवार हर सुख-दुख में एकजुट है। इसी तरह से पांच साल से परिवार के छहः महिलाओं के खाते में जमा होने राशि का हिसाब करेंगे तो परिवार के पास कुल 3 लाख 60 हजार रूपए की अतिरिक्त आमदनी होगी।छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को अब हर माह महतारी वंदन योजना की राशि का इंतजार रहता है। उनको पता है कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव की सरकार मोदी की गांरटी के मुताबिक हर माह को महतारी वंदन का पैसा उनके खाते में आ जाएगी। छत्तीसगढ़ की महिलाएं और उनके परिवार महतारी वंदन योजना से अपने आप को सुरक्षित भी महसुस कर रही है, साथ ही सुखद भविष्य की सपने गढ़ने और बूनने भी लग गए है। परिवार और महिलाओं को पूरा यकिन भी होने लगा है कि महतारी वंदन योजना से परिवार की बेटियों की पढ़ाई लिखाई से लेकर उनकी शादी तक का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले में महतारी वंदन की योजना का 2 लाख 55 हजार महिलाओं को लाभ प्राप्त हो रहा है।महिलाओं के खाते में प्रत्येक माह डीबीटी के माध्यम से राशि पहुंच रही है। इस योजना के तहत जिले के सभी लाभार्थी महिलाओं को प्रत्येक माह कुल 23 करोड़ 56 लाख रूपए डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरण किया जा रहा है। योजना प्रारंभ होने के बाद से 9 किस्तों के जरिए महिलाओं के खाते में कुल 212 करोड़ 4 लाख रूपए की राशि अंतरित की जा चुकी है।
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*- नियम विरुद्ध नाली व सड़क पर अवैध कब्जा हटाने दिया आवेदन*
*- जनदर्शन में आज 95 आवेदन प्राप्त हुए*
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज जनदर्शन में पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में आज 95 आवेदन प्राप्त हुए।
फरीद नगर सुपेला भिलाई निवासी ने नियम विरुद्ध नाली व सड़क पर किये गये अवैध कब्जा को हटाने के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि कैलाश नगर वार्ड 21 में टाइल्स व मार्बल विक्रय की तीन मंजिला कामर्शियल इमारत का निर्माण किया गया है। इस संबंध में भवन निर्माण अधिकारी व जोन 2 के कार्यालय जाकर तथा पत्र देकर इसकी शिकायत भी की गई थी। निर्माणकर्ता ने मुख्य रोड पर नाली के उपर पक्का स्लेब ढलाई करके 15 फीट कब्जा कर लिया है। साथ ही सड़कों पर सामानों को रखा जा रहा है तथा वाहनों को खड़ा किया जाता है, जिससे आना जाना मुश्किल हो गया है। मुख्य रोड से मुड़कर क्रिश्चियन कॉलेज जाने वाले इस रोड पर दो बड़े अपार्टमेंट हैं जिसके आवागमन का यह एक मात्र रास्ता है। इसी मोड़ से क्रिश्चियन कॉलेज सहित अन्य स्कूलों, कालेजों की बड़ी बसों तथा ट्रकों को इस अतिक्रमण से अपने वाहनों को मोड़ने में कठिनाइयां हो रही हैं और हमेशा रोड में जाम की स्थिति बनी रहती है। इस पर कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम भिलाई को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
मरौदा रिसाली नगर भिलाई निवासी ने गाड़ी किराया का भुगतान नही किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत उनका टाटा एस गाड़ी खाना लाने और ले जाने के लिए उपयोग होता है, किंतु एक वर्ष से संबंधित विभाग द्वारा गाड़ी किराया का भुगतान नही किया गया है, जिसके चलते गाड़ी का किश्त जमा करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को तत्काल भुगतान की कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
पुरानी बस्ती कोहका, वार्ड क्र. 13, भिलाई निवासियों ने आबादी पट्टा दिलाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 2017-18 में आबादी क्षेत्र में पट्टा वितरण किया गया था, तब इस क्षेत्र में निवासरत लोगों को भी पट्टा वितरण किया गया। किंतु इस क्षेत्र में कई वर्षाे से निवासरत अन्य लोगों को पट्टा प्रदान नही किया गया, जिसके कारण हम लोग असहज महसूस करते है। इस पर कलेक्टर ने आयुक्त नगर निगम भिलाई को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। - रायपुर। रायपुर नगर (दक्षिण) विधानसभा उप-निर्वाचन के लिए आगामी 13 नवम्बर को होने वाले मतदान के लिए वोटर मतदाता फोटो पहचान पत्र के अतिरिक्त 12 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज दिखाकर भी मतदान कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सभी मतदाताओं को निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। आयोग सभी मतदाताओं से अपेक्षा करता है कि वे मतदान स्थल पर अपना मत देने से पहले अपनी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आयोग की ओर से जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र दिखाएंगे।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती कंगाले ने कहा कि यदि कोई निर्वाचक फोटो पहचान पत्र नहीं दिखा पाता है तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा उनके लिए 12 वैकल्पिक दस्तावेज भी अनुमत किए गए हैं। ऐसे निर्वाचक जो अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए 12 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेजों यथा आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी फोटोयुक्त पासबुक, श्रम मंत्रालय द्वारा स्वास्थ्य बीमा स्कीम के तहत जारी स्मार्ट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, रजिस्टार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) द्वारा नेशनल पापुलेशन रजिस्टर (NPR) के अंतर्गत जारी स्मार्ट कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, केंद्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किया गया फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र, सांसदों/विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किया गया सरकारी पहचान पत्र तथा भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड दिखाकर मतदान कर सकते हैं।





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