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- -ग्रामीण विकास, डेयरी और स्वरोजगार से जनजातीय क्षेत्रों को मिलेगी नई पहचान-कृषि मंत्री-नैनो यूरिया के उपयोग और फसल विविधिकरण अपनाने का किया आह्वानरायपुर ।आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत बलरामपुर में आज आयोजित कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 8 करोड़ 17 लाख 67 हजार की राशि के 4 विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अधिकांश पंचायतों में विकास कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा शेष महत्वपूर्ण कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मकरो पीडब्ल्यूडी रोड, परसुवार पीडब्ल्यूडी रोड से करीचल गली, भैरोपुर पीएमजीएसवाई रोड से कोड़ाखूपारा तथा भैरोपुर पीडब्ल्यूडी रोड से चेमी-चबनपुर सहित अनेक सड़क निर्माण कार्य करोड़ों रुपये की लागत से स्वीकृत किए गए हैं। इनमें कुछ सड़कें तकनीकी कारणों से वर्षों से लंबित थीं, जिन्हें भारत सरकार के स्तर पर विशेष प्रयास कर स्वीकृति दिलाई गई। इन सड़कों के निर्माण से दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक लोगों की पहुंच आसान बनेगी।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि क्षेत्र में कॉलेज भवन, थाना एवं चौकी के निर्माण कार्य भी स्वीकृत हो चुके हैं। भूमि संबंधी प्रक्रिया पूर्ण होते ही कॉलेज भवन का निर्माण प्रारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बलरामपुर जिले को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की डेयरी विकास योजना से जोड़ते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। प्रारंभिक चरण में रामचंद्रपुर एवं बलरामपुर विकासखंड में दूध संग्रहण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डेयरी गतिविधियों से किसानों, महिलाओं और युवाओं की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।मंत्री श्री नेताम ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं एवं ग्रामीणों से डेयरी, बकरी पालन, देसी एवं कड़कनाथ मुर्गी पालन तथा सुअर पालन जैसे आजीविका आधारित व्यवसाय अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बनेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने किसानों से मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए धान पर पूर्ण निर्भरता कम करने तथा मक्का, अरहर, उड़द, तिल सहित कम पानी में तैयार होने वाली दलहनी एवं तिलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसल विविधीकरण अपनाकर किसान संभावित नुकसान से बच सकते हैं।मंत्री श्री नेताम ने किसानों को नैनो यूरिया के उपयोग के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के प्रयोग से उर्वरकों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होता है, उत्पादन लागत में कमी आती है, फसलों की उत्पादकता बढ़ती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर वैज्ञानिक खेती करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना नहीं, बल्कि किसानों, महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार एवं आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराकर जनजातीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन के प्रयासों से धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से निश्चित ही जिले के दूरस्थ गांवों में विकास को नई गति मिलेगी और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 8 करोड़ 17 लाख 67 हजार की राशि के 4 कार्य जिसके अंतर्गत पीडब्ल्यूडी रोड से मकरो तक 1.29 किलोमीटर सड़क का निर्माण 111.68 लाख रुपये, परसुवार पीडब्ल्यूडी रोड से कर्री चलगली तक 3.10 किलोमीटर सड़क का निर्माण 272.84 लाख रुपये, पीडब्ल्यूडी रोड से कोड़ाखूपारा तक 1.90 किलोमीटर सड़क का निर्माण 203.55 लाख रुपये तथा पीडब्ल्यूडी रोड से चेमी-चमनपुर तक 1.40 किलोमीटर सड़क का निर्माण 229.60 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा।कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता मरकाम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाई श्री सच्चिदानंद कांत, जनपद सीईओ श्री दीपराज कांत, तहसीलदार एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री ईश्वर लाल टावरे, सहायक अभियंता श्री नरेश कुमार साहू, उपअभियंता श्रीमती पूनम साहू , जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री पूरन कुमार ताण्डी की उपस्थिति में गुरुवार को नगर निगम जोन क्रमांक 3 क्षेत्र के अंतर्गत आनंद नगर में स्थित निजी खुली भूमि मे प्रवाहित बड़ा कच्चा नाला क्षेत्र को प्रवेश निषेध किये जाने हेतु बनायीं गयी सरहदी दीवाल को हटाकर बलपूर्वक भूमि में प्रवेश कर कच्चा नाला क्षेत्र की सफाई करवाई गईlअभियान में नगर निगम जोन क्रमांक 3 नगर निवेश विभाग और जोन स्वास्थ्य विभाग की टीम की सम्बंधित स्थल पर उपस्थिति रहीl सम्बंधित स्थल में 2 जेसीबी, 1 पोकलेन 3 डम्पर सहित मानवबल का उपयोग नगर निगम जोन 3 द्वारा किया गया l इस विशेष सफाई अभियान से आनंद नगर आनंद विहार क्षेत्र सहित आसपास क्षेत्र के लगभग 1000 रहवासियों को जल भराव की समस्या से त्वरित राहत मिली.
- -तालपुरी में 30.22 लाख के विकास कार्यों का भूमिपूजनटी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक स्थित शिव मंदिर प्रांगण में बुधवार को विधायक ललित चंद्राकर ने 30.22 लाख रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रिसाली नगर निगम के विकास की नई गाथा अब वार्ड क्रमांक 1 से शुरू हो चुकी है और जल्द ही निगम के सभी 40 वार्डों में विकास कार्यों की श्रृंखला जारी रहेगी। भूमिपूजन के तहत साउथ गार्डन के पास 9.55 लाख रुपये की लागत से कवर ड्रेन निर्माण, शिव मंदिर परिसर में 5 लाख रुपये की लागत से फेंसिंग, तालपुरी गेट नंबर-1 के सौंदर्यीकरण पर 9.67 लाख रुपये, ब्लॉक-ए में 5 लाख रुपये की लागत से डोमशेड निर्माण तथा 1 लाख रुपये की लागत से कवर ड्रेन निर्माण कराया जाएगा।वाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट पर शासन से चर्चा जारीसमारोह को संबोधित करते हुए विधायक चंद्राकर ने तालपुरी की लंबे समय से चली आ रही एसटीपी समस्या पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए दो वर्ष पहले ही राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन ऊंची निविदाओं के कारण टेंडर निरस्त होते रहे। उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसा टेंडर तैयार किया जाए जिससे एसटीपी समस्या का स्थायी समाधान हो सके। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू होगा। जल संकट के स्थायी समाधान के लिए विधायक ने बताया कि 130 से 150 करोड़ रुपये की लागत वाले वाटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट पर शासन स्तर पर चर्चा जारी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद अगले 50 वर्षों तक क्षेत्र में पेयजल की समस्या नहीं रहेगी।महाविद्यालय व संगीत महाविद्यालय का प्रस्तावउन्होंने यह भी बताया कि निगम क्षेत्र में महाविद्यालय, संगीत महाविद्यालय और नालंदा लाइब्रेरी की स्थापना का प्रस्ताव तैयार है, लेकिन भूमि की कमी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। बीएसपी द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण महाविद्यालय निर्माण का कार्य भी लंबित है। भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर शशि सिन्हा, नेता प्रतिपक्ष शैलेंद्र साहू, मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, पार्षद सविता ढवस, एसोसिएशन अध्यक्ष सुनील चौरसिया, पूर्व अध्यक्ष कुबेर देशमुख, मंदिर समिति अध्यक्ष यमलेश देवांगन सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। समारोह में विकास कार्यों को लेकर लोगों ने उत्साह व्यक्त किया और क्षेत्र के समग्र विकास की उम्मीद जताई।
- -एक करोड़ की लागत से होगा कायाकल्प-जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल एवं निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने किया निरीक्षणरायपुर । राजधानी रायपुर के अनुरूप रायपुर प्रेस क्लब को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा स्वीकृत एक करोड़ रुपये की राशि से प्रेस क्लब भवन के जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण का कार्य जल्द प्रारंभ होगा। इसी क्रम में गुरुवार को जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल एवं रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने रायपुर प्रेस क्लब भवन का निरीक्षण कर प्रस्तावित निर्माण कार्यों का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान प्रेस क्लब भवन की वर्तमान आवश्यकताओं का विस्तृत आकलन किया गया तथा आधुनिक सुविधाओं के अनुरूप निर्माण, इंटीरियर, साज-सज्जा एवं अन्य आधारभूत व्यवस्थाओं की रूपरेखा तैयार की गई। जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने वरिष्ठ पत्रकारों एवं प्रेस क्लब पदाधिकारियों से चर्चा कर उनके सुझाव भी लिए, ताकि प्रेस क्लब को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा सके।प्रस्तावित योजना के अनुसार प्रेस क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए दो अत्याधुनिक सभागार, गेमिंग ज़ोन, ड्रॉइंग/लाउंज हॉल, सुविधायुक्त शौचालय, आधुनिक इंटीरियर, बेहतर बैठक व्यवस्था , जीम हाल, लाइव डिस्कशन स्टूडियो तथा आकर्षक आउटर लैंडस्केपिंग विकसित की जाएगी। प्रेस क्लब में शुरू हो रहे हैं इस नवनिर्माण कार्य का उद्देश्य है कि राजधानी के पत्रकारों को एक आधुनिक, सुविधासंपन्न एवं गरिमामय कार्यस्थल उपलब्ध कराया जा सके।इस दौरान जनसंपर्क विभाग एवं रायपुर प्रेस क्लब के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने भी निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया।रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने प्रेस क्लब की वर्तमान आवश्यकताओं एवं प्रस्तावित जीर्णोद्धार की विस्तृत जानकारी जनसंपर्क आयुक्त एवं निगम आयुक्त को दी। उन्होंने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब को राजधानी की गरिमा के अनुरूप आधुनिक स्वरूप प्रदान करना प्रेस क्लब की प्राथमिकता है और इसके लिए राज्य शासन द्वारा मिली स्वीकृति पत्रकार समुदाय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।निरीक्षण के दौरान रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक , ज़ाकिर घुड़सेना , संतोष साहू चंदन साहू , नीरज मिश्रा, संजीव सिन्हा, रायपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, बृजेश चौबे, रामावतार तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, विजय मिश्रा, यशवंत धोटे, प्रफुल्ल पारे, रवि भोई, राजेश जोशी, ,संजीव वर्मा, ई व्ही मुरली, समीर शुक्ला, संदीप तिवारी,मनीष वोरा, शंकर चंद्राकर, पप्पू फरिश्ता, प्रदीप चंद्रवंशी, प्रहलाद दमाहे, मनोज बघेल, चंद्रकांत दौंड़,रमेश पाण्डेय, जतिन नचरानी,मनोज बघेल, गिरीश केसरवानी, वरिष्ठ पत्रकार एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर /छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल सर्टिफिकेट द्वितीय अवसर परीक्षा 2026 के अंतर्गत गणित विषय की परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए जिले में व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं।जिले में कुल 3542 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 3392 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 150 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान नकलविहीन वातावरण सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न परीक्षा केंद्रों का उड़नदस्ता दलों द्वारा सघन निरीक्षण किया गया। उड़नदस्ता टीम-1 ने सहायक संचालक श्रीमती वर्षा शर्मा के नेतृत्व में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मस्तूरी एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय मस्तूरी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं, टीम-2 ने जिला शिक्षा अधिकारी श्री रामेश्वर जायसवाल के नेतृत्व में सेजेस उमा वि बालक सरकण्डा, सेजेस उमावि कन्या सरकण्डा एवं शासकीय देवकीनंदन कन्या उमावि परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों में परीक्षा संचालन संतोषजनक एवं व्यवस्थित पाया गया। जिले में कहीं भी नकल का कोई मामला सामने नहीं आया तथा सभी परीक्षार्थी शांतिपूर्वक परीक्षा में शामिल हुए।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग अंतर्गत संचालित संभागीय वित्त एवं लेखा प्रशिक्षण संस्थान दुर्ग में जुलाई से अक्टूबर 2026 तक के नवीन लेखा प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर संचालक (कोष एवं लेखा) डॉ. अल्पना घोष ने दीप प्रज्वलित कर किया।प्राचार्य श्री गिरीश देवांगन ने बताया कि संस्थान के शुरुआती दो प्रशिक्षण बैचों ने राज्य स्तरीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, 60 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित कर अग्रिम वेतन वृद्धि (एडवांस इंक्रीमेंट) की पात्रता हासिल करने वाले सर्वाधिक कर्मचारी भी इसी संस्थान से रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संभागीय संयुक्त संचालक (कोष, लेखा एवं पेंशन) श्री विवेक कुमार मिश्रा ने जुलाई 2025 में स्थापित संस्थान की उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि अल्प समय में संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने प्रशिक्षकों एवं व्याख्याताओं को इस सफलता के लिए बधाई दी।मुख्य अतिथि डॉ. अल्पना घोष ने कहा कि लेखा प्रशिक्षण शासकीय एवं अर्धशासकीय विभागों के कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और नियमों के प्रभावी पालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने नवप्रवेशी प्रशिक्षुओं से समर्पण और मेहनत के साथ प्रशिक्षण लेकर उत्कृष्ट परिणाम हासिल करने का आह्वान किया।इस अवसर पर राज्य स्तरीय परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले कर्मचारी टोमिन साहू एवं खेमलाल साहू को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उप संचालक श्री देवेंद्र चौबे, वरिष्ठ व्याख्याता सबरीना सिंह, व्याख्याता कैलाश साहू सहित संस्थान के अधिकारी, प्रशिक्षक एवं नवप्रवेशी प्रशिक्षु उपस्थित रहे। अंत में वरिष्ठ व्याख्याता सबरीना सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
- रायपुर - टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत रायपुर पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार गुरुवार को नगर निगम जोन क्रमांक 2 क्षेत्र अंतर्गत देवेन्द्र नगर सेक्टर =3 क्षेत्र में नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उडनदस्ता और नगर निगम जोन 2 नगर निवेश विभाग द्वारा यातायात पुलिस बल की उपस्थिति में जोन 2 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री पी. डी. धृतलहरे , उपअभियंता श्रीमती अंजलि बारले की उपस्थिति में नगर निगम जोन 3 नगर निवेश विभाग ने देवेन्द्र नगर सेक्टर - 3 क्षेत्र में अभियान चलाकर बिना अनुमति आशीष पटेल द्वारा लगभग 450 वर्गफीट क्षेत्र में निर्मित 3 व्यवसायिक दुकानों को जेसीबी मशीन की सहायता से तोड़ने की कार्रवाई नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत सम्बंधित निर्माणकर्ता को नोटिस देने के पश्चात की गयी.
- रायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के मार्गनिर्देशन एवं कार्यपालन अभियंता श्री दिनेश सिन्हा, सहायक अभियंता श्री आशीष श्रीवास्तव, उपअभियंता श्री सागर ठाकुर की उपस्थिति में गुरुवार को जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत चंद्रशेखर आजाद वार्ड क्रमांक 60 क्षेत्र में चौरसिया कॉलोनी में लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में पुनः की जा रही अवैध प्लाटिंग पर स्थल पर निर्मित की गयी अवैध मुरम रोड को जेसीबी मशीन की सहायता से काटकर एवं आवागमन अवरुद्ध करते हुए स्थल पर तत्काल कारगर रोक लगायी गयी. नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर नगर निगम जोन 6 नगर निवेश विभाग द्वारा रायपुर अपर कलेक्टर को उक्त भूमि का नियमानुसार प्रक्रिया के अंतर्गत अधिग्रहण की कार्रवाई करने जोन 6 जोन कमिश्नर ने अनुरोध पत्र लिखा है.निर्देश अनुसार शीघ्र आवश्यक कार्रवाई अधिग्रहण के सम्बन्ध में की जानी प्रस्तावित है.
- -3 माह का राशन, 151 परिवारों को मिली बड़ी राहतरायपुर / छत्तीसगढ़ के दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न और पोषण सामग्री पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष रणनीतियां लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश है कि राज्य के पहुच विहीन क्षेत्रों में वर्षा व भौगोलिक बाधाओं को पार करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर राशन दुकानें खोलना, ट्रैक्टर के माध्यम से डोर-स्टेप डिलीवरी और मॉनसून से पहले तीन महीने का अग्रिम राशन भंडारण करने के निेर्दश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में नारायणपुर जिले के दूरस्थ और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ समय पर पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक विशेष और सराहनीय पहल की है। बारिश के मौसम और कठिन रास्तों को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैक्टरों के माध्यम से अंदरूनी गांवों तक तीन माह का खाद्यान्न सुरक्षित पहुंचाया है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित छह गांवों मुरुमवाड़ा, गुडेकोर, दिवालूर, धोबे, बोटेर और हरबेल के राशनकार्डधारी हितग्राहियों को जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह का राशन एक साथ वितरित किया गया।खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम क्षेत्रों में बसे कुल 151 राशनकार्डधारी परिवारों को उनकी निर्धारित मात्रा में तीन महीने का खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। लाभान्वित गांवों और परिवारों में मुरुमवाड़ा के 98 परिवार, दिवालूर के 32 परिवार, गुडेकोर के 13 परिवार, धोबे के 03 परिवार, हरबेल के 03 परिवार, बोटेर के 02 परिवार शामिल हैं।इन वनांचल गांव घने जंगलों, कच्चे रास्तों और नदी-नालों से घिरे होने के कारण सामान्य दिनों में भी परिवहन के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को राशन के लिए कई किलोमीटर की पैदल और जोखिमभरी यात्रा करनी पड़ती थी। इस समस्या को भांपते हुए जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान राशन सामग्री को सीधे ट्रैक्टर के जरिए गांवों तक भिजवाया, जिससे ग्रामीणों को अपने घर के पास ही राशन मिल गया। खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में अत्यंत पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गई। गांव में ही राशन मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस पहल से उनके समय और श्रम दोनों की बचत हुई है। विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग हितग्राहियों के लिए यह व्यवस्था किसी वरदान से कम नहीं रही, क्योंकि उन्हें अब राशन के लिए कठिन रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ा।इस संबंध में जिला प्रशासन का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य जिले के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। इसके लिए दुर्गम क्षेत्रों में विशेष परिवहन व्यवस्था की कार्ययोजना पर लगातार काम किया जा रहा है। प्रशासन की इस मुस्तैदी ने यह साबित कर दिया है कि भौगोलिक कठिनाइयां भी जनता तक उनका हक पहुंचाने में बाधा नहीं बन सकतीं।
- -सरोरा में विकास की दोहरी सौगात- 1.60 करोड़ के मिनी स्टेडियम और 11.86 लाख के आंगनबाड़ी भवन का हुआ लोकार्पण-भूमिपूजनरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष पहल कर रही है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के जरिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा रहे हैं।राज्य में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत सरोरा में विकास कार्यों की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। यहां 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य का भूमिपूजन तथा 11.86 लाख रुपये की लागत से निर्मित आंगनबाड़ी भवन का लोकार्पण किया गया।इस अवसर पर श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ बच्चों, महिलाओं और युवाओं के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी भवन से क्षेत्र के नौनिहालों को बेहतर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिलेगा, वहीं मिनी स्टेडियम बनने से ग्रामीण युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए बेहतर मंच उपलब्ध होगा और गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। ग्राम सरोरा में एक ही दिन बाल विकास और खेल अधोसंरचना से जुड़े इन दो महत्वपूर्ण कार्यों के शुभारंभ को ग्रामीणों ने विकास की बड़ी सौगात बताया। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि इन कार्यों से गांव में बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। मंत्री श्री वर्मा ने सरोरा में स्वामी विवेकानंद स्कूल (कक्षा 1ली से 12वीं तक) खोलने की बात कही। इसी तरह उन्होंने अधूरे आईटीआई भवन निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र के युवाओं को प्रशिक्षित होने का मौका मिलेगा और स्थानीय उद्योगों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही उन्होंने बुनियादी कार्यों के लिए राशि और घोषणाएं कीं जिसमें स्कूल मैदान में अहाता निर्माण के लिए 20 लाख रुपये, सायकल स्टैंड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये, शेड निर्माण, बुंदेली गांव में स्कूल निर्माण के लिए 10 लाख रुपये, सरोरा स्कूल के लिए वाटरकूलर, मुक्तिधाम शेड तथा बुंदेली में एक सामुदायिक भवन की घोषणा की।छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से तेजी से विकास कार्य किया जा रहा है। बलौदाबाजार क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी और आवागमन को मजबूत बनाने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की राशि पहले ही स्वीकृत की गई है। इसके तहत तिल्दा से सांकरा मार्ग और बलौदाबाजार से भाटापारा मार्ग के निर्माण के लिए 25 -25 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ ही, बलौदाबाजार से सिमगा मार्ग के लिए 50 करोड़ रुपये और पड़कीडीह मार्ग के लिए 35 करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे स्थानीय यातायात व्यवस्था और अधिक सुगम हो जाएगी।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करते हुए राज्य के सभी घरों में पानी, शौचालय, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस और हर घर को पक्का बनवाया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर महीने 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। वहीं, किसानों को उनके धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य दिया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में समृद्धि और खुशहाली आई है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य में 26 लाख आवासों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।कार्यक्रम में मंत्री श्री वर्मा ने लोगों को एक प्रेरणादायक कहानी भी सुनाई। उन्होंने वैचारिक दृढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि हमारे अंदर एक विचार होगा तो सोचने की शक्ति होगी। हम जो सोचते और विचार करते हैं, उनके अनुसार ही हम काम करते हैं। अगर हम अच्छा विचार करेंगे तो काम भी अच्छा होगा, सही विचार हमारी जिंदगी को बदल सकता है। इस अवसर पर जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष, नगर पालिका तिल्दा-नेवरा की अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
- -'दीदी के गोठ' में गूंजी आत्मनिर्भर बस्तर की आवाज-लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वासरायपुर / बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में गुरुवार को आयोजित 'दीदी के गोठ' के 12वें संस्करण में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से आई हजारों महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वरोजगार के प्रति नया उत्साह जगाया। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की मातृशक्ति ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आज समाज में परिवर्तन की सशक्त भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होता है, जब महिलाएं उन्हें अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर की महिलाएं आज आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हो रही हैं। बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज का विकास महिलाओं के सशक्तिकरण पर निर्भर करता है। उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), लखपति दीदी योजना, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है।चित्रकोट विधायक श्री विनायक गोयल ने कहा कि बस्तर की महिलाएं अब केवल परिवार की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं हैं। वे मुर्गीपालन, बकरीपालन, मत्स्यपालन, सब्जी उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप ने भी महिलाओं की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में चपका की श्रीमती नीतू झा, सुलेंगा की श्रीमती सुगनी कश्यप और इरपा की श्रीमती हेमबती नाग सहित कई सफल लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रमाण-पत्र और सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कोंडागांव जिले की श्रीमती नम्रता पटेल ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज और 5 लाख रुपये के ऋण की सहायता से उन्होंने अपने 'अमृत तुल्य' चाय एवं नाश्ता कैफे का विस्तार किया। आज उनके कैफे से प्रतिदिन लगभग 5 हजार रुपये की आय हो रही है।कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। संवाद, सम्मान और प्रेरणा से भरपूर यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बस्तर के संकल्प को नई मजबूती देने वाला साबित हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
- -भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा-श्रमिक हितों और सामाजिक सुरक्षा पर जोररायपुर / छत्तीसगढ़ में नवीन श्रम संहिताओं (New Labour Codes) के प्रभावी क्रियान्वयन और श्रमिक कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार ने गुरुवार को राज्य में चल रही प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। नया रायपुर स्थित 'छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल' के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में श्रम कानूनों को धरातल पर उतारने को लेकर गंभीर मंथन किया गया।बैठक के दौरान केंद्र सरकार द्वारा अधिनियमित चारों नवीन श्रम संहिताओं के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा अब तक जारी की गई अधिसूचनाओं और उनके अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई, वेतन संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019)औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 (Industrial Relations Code, 2020)सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security, 2020)व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य-परिस्थितियाँ संहिता, 2020 (OSH Code, 2020)। बैठक में राज्य के अधिकारियों ने केंद्र सरकार को अवगत कराया कि इन नवीन संहिताओं को छत्तीसगढ़ में सुचारू रूप से लागू करने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग के अधिकारियों ने राज्य में श्रमिकों के हित में चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की जानकारी दी। संयुक्त सचिव को विभाग द्वारा अपनाई गई आधुनिक डिजिटल पहलों और तकनीकी नवाचारों (Digital Initiatives) से भी रू-ब-रू कराया गया। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि नई व्यवस्था के आने से श्रम प्रशासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगा, जिससे श्रमिकों के हितों का बेहतर संरक्षण हो सकेगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की संहिताओं के अनुरूप राज्य के स्तर पर नियमों (Rules) के निर्माण की प्रक्रिया को शीघ्र ही अंतिम रूप देकर इन्हें प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा। इस पहल से छत्तीसगढ़ के लाखों श्रमिकों के साथ-साथ नियोजकों (Employers) को भी नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों का लाभ समयबद्ध, सरल और सुगम तरीके से मिलना शुरू हो जाएगा। इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग की ओर से श्री एस.एल. जांगड़े, श्रीमती सविता मिश्रा, श्री गिरीश रामेटेके, श्री अजीतेश पाण्डेय, श्री एस.एस. पैकरा, श्री डी.पी. तिवारी, श्री बी.एस. बरिहा, श्री मनीष श्रीवास्तव, श्री विवेक चेलकर, श्रीमती श्रद्धा केशरवानी एवं श्री देवेन्द्र देवांगन उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के प्रतिनिधि के रूप में श्री साकेत कुमार पाण्डेय, श्री भूपेन्द्र कुमार, श्री रोहित गुप्ता, श्री गौरव डोगरा, श्री अखिलेश राय, श्री सौरभ त्यागी, सुश्री जयंती सिंह सहित केंद्र व राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी सम्मिलित हुए।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर बोड़ला के खारिया से अगरी तक पीएम जनमन योजना की सड़क की राज्य स्तरीय जांच-सचिव भीम सिंह ने सड़क की कोर कटिंग करवाकर मौके पर ही करवाई जांच-क्षतिग्रस्त हिस्से को उखाड़कर पुनः बनाने के साथ गुणवत्ता के साथ शोल्डर सुधार करवाने के दिए गए निर्देशरायपुर / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर बोड़ला विकासखंड के दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क के धंसने की शिकायत के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण कराने के लिए कोर कटिंग कराई गई तथा विभिन्न तकनीकी मानकों पर सड़क की जांच की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि नवनिर्मित सड़क हैवी लोड वाहनों के आवागमन के कारण क्षतिग्रस्त हुई। जिस सड़क पर केवल 10-12 टन क्षमता वाले वाहनों के संचालन की अनुमति है, वहां 60-70 टन क्षमता तक रेत परिवहन करने वाले भारी वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामी से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।सचिव श्री सिंह ने दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के कारण ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे रितेश नायडू को तत्काल निलंबित किया गया। वहीं कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर को निलंबित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त है उसे उखाड़कर पुनः बनवाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। वहीं पूरी सड़क के शोल्डर को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ सुधार करवाने के निर्देश दिये गये हैं। जांच के दौरान अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण भी किया गया, जिसमें कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया। जीएसबी एवं डब्ल्यूबीएम परतों के परीक्षण में ग्रेडेशन तथा कम्पैक्शन संतोषजनक रहा। वहीं बीटी कार्य के तहत पीएमसी एवं सील कोट के लिए किए गए बाइंडर कंटेंट परीक्षण में 6 प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है। तकनीकी जांच के दौरान यह पाया गया कि सड़क के शोल्डर का कॉम्पैक्शन निर्धारित मापदंड (100 प्रतिशत) से कम था। आर.डी. 1400 मीटर पर यह 95 प्रतिशत और आर.डी. 2100 मी. पर केवल 94.68 प्रतिशत पाया गया, जो कि मानकों से कम है। जांच में आर.डी. 1400 मी. पर निर्मित पुलिया के एप्रोच में बैकफिलिंग (मिट्टी भराई) का कार्य भी मापदंड के अनुसार नहीं किया गया था। इस वजह से वर्षाऋतु में बारिश का पानी शोल्डर से होते हुए सड़क के सब-बेस (निचली सतह) में घुस गया, जिससे सड़क के अंदरूनी हिस्से कमजोर हो गए।सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क की क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के चलने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। ऐसे वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इस अवसर पर अधिक्षण अभियंता श्री अखिलेश तिवारी, श्री बलवंत पटेल, श्री अमित गुलहरे कार्यपालन अभियंता श्री संतोष ठाकुर, सहायक अभियंता श्री सौरभ देशमुख श्री मुरारी साहू, उप अभियंता जे रितेश नायडू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- -खनिज न्यास निधि से संवरेगा नौनिहालों का भविष्य- बलौदाबाजार जिले के स्कूलों के लिए 1.65 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत-डीएमएफ से बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के स्कूलों का होगा कायाकल्प-ग्रामीण अंचलों में सुदृढ़ होगा शिक्षा ढांचा, मिलेंगे अतिरिक्त कक्ष, किचन और प्रार्थना शेडरायपुर /छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जिला खनिज न्यास निधि से विभिन्न विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के कई स्कूलों में नए किचन शेड, अतिरिक्त कक्षाएं और प्रार्थना शेड बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर होगी।जिले के कई सरकारी स्कूल लंबे समय से बैठक व्यवस्था (स्थान की कमी), मध्याह्न भोजन पकाने के लिए सुरक्षित जगह और खराब मौसम जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। डीएमएफ से स्वीकृत ये नए कार्य न केवल इन कमियों को दूर करेंगे, बल्कि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला खनिज न्यास निधि से विकास कार्यों की सिलसिलेवार स्वीकृतियां दी गई हैं। इसकी शुरुआत 12 जून 2026 को सिमगा विकासखंड के अंतर्गत परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए क्रमशः 10-10 लाख रुपये जारी किए गए, जबकि इसी विकासखंड की फूलवारी और तिल्दाबांधा प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के लिए भी 20 लाख रुपये (10-10 लाख रुपये प्रति स्कूल) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।इसके बाद 18 जून 2026 को बलौदाबाजार विकासखंड के प्राथमिक शाला चिचोली, मगरवाय, केशडबरी, और पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया-चापा व धवई में 5-5 लाख रुपये की लागत से कुल पांच किचन शेड मंजूर किए गए। इसी तारीख को करमनडीह और खम्हरिया यदु की प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।अधोसंरचना विकास की इस कड़ी में 07 जुलाई 2026 को मिली, जिसमें सिमगा और बलौदाबाजार विकासखंड के 10 गांवों चंडी, फरहदा, केसली, मटिया,रवेली,भाटागांव, खैरघटा, कोलियारी, कुकुरदी और मगरवाय के स्कूलों को शामिल किया गया। इन सभी 10 शिक्षण संस्थानों में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए प्रति स्कूल 10 लाख रुपये के मान से कुल 1करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और पर्याप्त स्थान मिल सकेगा। इस महत्वपूर्ण सौगात पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का विजन सिर्फ भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि सुदूर गांवों तक ऐसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना ह,ै जो बच्चों के लिए शिक्षा के मार्ग को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बना सकें। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का असली हकदार स्थानीय समाज है। हमारी सरकार खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इस पैसे का सीधा लाभ वहां के बच्चों तक पहुंचा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा यह निवेश आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के निर्माण में निवेश है। जब बच्चों को बैठने के लिए अच्छे कमरे, मध्याह्न भोजन के लिए स्वच्छ किचन और प्रार्थना के लिए व्यवस्थित शेड मिलेगा, तो स्कूलों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा।
- - 13 जुलाई तक ऑनलाइन होगा भुगतान, वनांचल के परिवारों को मिलेगा आर्थिक संबलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वनांचल क्षेत्रों के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर के निर्देशानुसार तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2023 के पात्र संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 03 जुलाई 2026 को सहकारिता सप्ताह एवं अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर इस वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ किया था।जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, सरगुजा के अंतर्गत संचालित 06 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के कुल 16,981 पात्र तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 2 करोड़ 30 लाख 61 हजार 50 रुपये की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि 13,761.590 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहण के आधार पर निर्धारित की गई है।प्रबंध संचालक, जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित, सरगुजा ने बताया कि भुगतान Online MFP Collection and Payment System के माध्यम से 08 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक सीधे हितग्राहियों के खातों में ऑनलाइन किया जाएगा। भुगतान प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद इसकी जानकारी राज्य कार्यालय को भेजी जाएगी।समितिवार वितरण के अनुसार केदमा समिति के 2,073 संग्राहकों को 28,09,597 रुपये, कमलेश्वरपुर समिति के 1,527 संग्राहकों को 2,74,018 रुपये, लखनपुर समिति के 4,211 संग्राहकों को 20,21,194 रुपये, उदयपुर समिति के 2,824 संग्राहकों को 31,90,545 रुपये, डांडगांव समिति के 2,955 संग्राहकों को 95,84,633 रुपये तथा रीखी समिति के 3,391 संग्राहकों को 51,81,063 रुपये की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि प्रदान की जाएगी।तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिलने वाली यह प्रोत्साहन राशि वनांचल क्षेत्रों के हजारों परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे संग्राहकों की आय में वृद्धि होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। प्रबंध संचालक ने बताया कि प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरण का कार्य निर्धारित समय-सीमा में प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भुगतान प्रक्रिया की सतत निगरानी करते हुए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर राशि पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- -आरक्षित वन में वन्यजीवों के शिकार पर बड़ी कार्रवाई-न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, जांच जारीरायपुर। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार धमतरी वनमंडल के बिरगुड़ी परिक्षेत्र अंतर्गत खैरभरी बीट के आरक्षित वन में वन्यजीवों के शिकार के मामले में वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वनमंडलाधिकारी कांकेर से प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत 4 जुलाई को ग्राम भनसुली (तहसील नरहरपुर, जिला कांकेर) के पांच लोगों पर तीन धामन (असोड़िया) सांप और एक गोह का शिकार करने का आरोप है। आरोप है कि शिकार किए गए वन्यजीवों को एक आरोपी के घर ले जाकर उनके टुकड़े किए गए और भोजन के रूप में उपयोग किया गया।मामले की सूचना मिलने पर वनमंडलाधिकारी श्री जाधव श्रीकृष्ण के निर्देश पर धमतरी वनमंडल, कांकेर वनमंडल, उड़नदस्ता तथा एंटी-पोचिंग टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, नगरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।वन विभाग ने बताया कि मामले की जांच जारी है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत संरक्षित वन्यजीवों के शिकार, अवैध कब्जे या व्यापार पर तीन से सात वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें तथा शिकार या वन्यजीव अपराध से संबंधित किसी भी सूचना की तत्काल विभाग को जानकारी दें। वन्यजीवों की सुरक्षा जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- -श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं और प्रार्थनाओं को जगन्नाथ धाम तक पहुंचाएगा रथरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय से "जोहार श्री जगन्नाथ रथ" को झंडा दिखाकर रवाना किया। विधायक श्री दीपेश साहू भी इस दौरान मौजूद थे। माय एफएम 94.3 और एटी ज्वेलर्स द्वारा तैयार यह रथ प्रदेश के श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं और प्रार्थनाओं को जगन्नाथ धाम तक पहुंचाएगी। श्रद्धालु अपनी मनोकामना व प्रार्थना लिखकर इस रथ के कलश में समर्पित कर सकेंगे, जिसे 94.3 माय एफएम की टीम श्री जगन्नाथ धाम तक लेकर जाएगी। यह अभिनव पहल भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और मनोकामनाओं को उनके पावन धाम तक पहुँचाने का सुंदर माध्यम बनेगी।
- रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु B.Tech- (कृषि अभियांत्रिकी) एवं B.Tech- (खाद्य प्रौद्योगिकी) पाठ्यक्रमों में प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। प्रवेश प्रक्रिया पी.ई.टी.-2026, JEE & Mains - 2026 तथा 12वीं (गणित समूह) की प्रावीण्य सूची के आधार पर विश्वविद्यालय के प्रवेश नियम-2026 के अनुसार संपन्न की जाएगी। ऑनलाइन काउंसिलिंग में भाग लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन दिनांक 10 जुलाई 2026 से 20 जुलाई 2026 (रात्रि 11ः00 बजे तक) उपलब्ध रहेगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित अवधि में ऑनलाइन पंजीयन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन पंजीकृत अभ्यर्थियों की प्रावीण्य सूची 23 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। इसके उपरांत निर्धारित कार्यक्रमानुसार 24 जुलाई 2026 से 30 जुलाई 2026 तक विभिन्न चरणों में PET & 2026] JEE & Mains 2026 तथा 12वीं (गणित समूह) के आधार पर सीट आवंटन, दस्तावेज सत्यापन एवं प्रवेश की कार्यवाही संपन्न की जाएगी। प्रवेश विज्ञापन, ऑनलाइन काउंसिलिंग समय-सारणी, ऑनलाइन पंजीयन दिशा-निर्देश, ऑनलाइन काउंसिलिंग दिशा-निर्देश, सीटों का विवरण एवं अन्य आवश्यक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइटhttps://igkv.ac.inपर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि आवेदन करने से पूर्व सभी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें तथा नवीनतम जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें।
- -निर्माण कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और निरीक्षण के दिए निर्देश, ठेकेदारों से बेहतर समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने कहा-सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश, अनुबंध अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने कहारायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक कार्यों की प्रगति पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से बेहतर समन्वय और संवाद रख कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभाग के अभियंताओं की दक्षता और क्षमता फील्ड पर दिखनी चाहिए। उन्होंने प्रभावी एवं परिणाममूलक कार्यों के लिए समयानुकूल नई कार्यप्रणाली और कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तत्परता से पूर्ण कर आगामी सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, जिससे कि बरसात के तत्काल बाद पूरी गति से काम शुरू हो सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर समय पर काम प्रारंभ कराने को कहा।श्री साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य का 'ग्रोथ इंजन' है। राज्य में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण के साथ ही सभी तरह की अधोसंरचना विकसित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विभाग पर है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विभाग को भी अहम भूमिका निभाना है। उन्होंने इसके लिए पूरी सक्रियता और गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को काम का पुराना ढर्रा बदलने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के समय पर बिल तैयार करने और उनका हर महीने भुगतान करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि फील्ड पर विभाग के काम और उनके परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने सड़कों और पुल-पुलियों सहित स्कूलों, कॉलेजों, ऑडिटोरियम, कार्यालयों, आवासगृहों एवं अन्य भवनों के निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ अनुबंध में निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने को कहा। उन्होंने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को भू-अर्जन के कार्यों में तेजी लाने इससे संबंधित कानूनों व नियमों की व्यापक एवं समग्र जानकारी के लिए राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।श्री साव ने पहुंचविहीन गांवों तक साल भर कनेक्टीविटी बनाए रखने के लिए सड़कों और पुलों के प्रस्ताव व प्राक्कलन प्राथमिकता से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पुराने लंबित कार्यों से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर काम आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को ब्लैक-लिस्ट करने और उनके अनुबंध टर्मिनेट करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने बैठक में अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा अनुशंसित कार्यों के साथ ही द्रुतगामी सड़कों व पुलों, पहुंचविहीन गांवों के लिए पक्की सड़कों, जिले की जरूरतों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों की प्राथमिकता तय कर आगामी 31 अगस्त तक नए कार्यों के प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के काम पूरा होने के बाद तत्काल इन्हें संबंधित विभागों या नगरीय निकायों को हैंडओवर करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता और सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता भी बैठक में मौजूद थे।
- -ई-रिक्शा सहायता का अनुदान बढ़ाकर एक लाख कियारायपुर /छत्तीसगढ़ के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा दायरे का विस्तार करने और उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की प्रथम बैठक संपन्न हुई, जिसमें श्रमिकों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया गया। इसके तहत ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत वर्तमान में दी जा रही 50 हजार रुपये की अनुदान राशि को बढ़ाकर सीधे एक लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे श्रमिक आसानी से अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकेंगे।डिलीवरी कार्य करने वाले कर्मकारों (गिग वर्कर्स), चरवाहों और मेधावी बच्चों के लिए बनेंगी नई योजनाएं असंगठित क्षेत्र के अलग-अलग वर्गों को सुरक्षा देने के लिए मंडल ने अपने दायरे का विस्तार किया है। डिलीवरी कार्य करने वाले कर्मकारों को अब मंडल के दायरे में शामिल करते हुए उनके लिए विशेष कल्याणकारी योजना तैयार की जाएगी। चरवाहों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए एक पृथक (अलग) योजना बनाई जाएगी। असंगठित कर्मकारों के प्रतिभावान व मेधावी बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए नई प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी। श्रमिकों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवर देने के लिए एक व्यापक बीमा योजना तैयार करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई। श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि असंगठित बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन किया जाए, ताकि योजनाओं का सीधा और वास्तविक लाभ केवल पात्र श्रमिकों को ही मिल सके। उन्होंने पाम्पलेट और चित्रमय बुकलेट के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा हितग्राहियों के आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के भी निर्देश दिए।इस महत्वपूर्ण प्रथम बैठक में मंडल के सदस्य एवं विधायक श्री चैतराम अटामी, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एवं नोडल अधिकारी श्री एस.एल. जांगड़े, श्रम विभाग के उप सचिव श्री विपुल गुप्ता सहित वित्त विभाग एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के महाप्रबंधक तथा उप श्रमायुक्त व प्रभारी अधिकारी श्री एस.एस. पैकरा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- - नक्सल पीडि़त परिवारों के आवास एवं जमीन के लिए 60 लाख रूपए स्वीकृत- आत्मसमर्पित नक्सलियों को 65 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशिराजनांदगांव । जिले में नक्सल पीडि़त परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला स्तरीय पुनर्वास समिति द्वारा 15 नक्सल पीडि़त परिवारों तथा 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास का लाभ प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पीडि़त राहत पुनर्वास नीति-2025 के तहत नक्सल पीडि़त परिवारों के आवास एवं जमीन के लिए 60 लाख रूपए तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 65 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। जिले में पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी एंटी नक्सल अभियान संचालित किया गया। जिसके परिणामस्वरूप नक्सल मोर्चे पर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। वहीं नक्सलियों द्वारा क्षेत्र में दहशत फैलाने, जनाधार मजबूत करने तथा मुखबिर होने के संदेह में ग्रामीणों की हत्या जैसी घटनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन निरंतर कार्य कर रहा है।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय पुनर्वास समिति तथा पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, अतिरिक्त कलेक्टर श्री सीएल माकण्डेय एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सदस्यता वाली समिति नक्सल पीडि़तों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पीडि़त राहत पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के अनुसार जिले के 15 नक्सल पीडि़त परिवारों को आवास एवं जमीन के बदले ग्रामीण क्षेत्र में प्रति परिवार 4-4 लाख रूपए की दर से कुल 60 लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रति व्यक्ति 5-5 हजार रूपए की दर से कुल 65 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।जिला प्रशासन द्वारा बताया गया कि इसके पूर्व भी नक्सल पीडि़तों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता, केंद्रीय आर्थिक सहायता, शासकीय सेवा में नियुक्ति, मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत राशन कार्ड, राज्य में संचालित यात्री बसों के किराए में 50 प्रतिशत की छूट का प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न शासकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत होने पर नक्सल पीडि़तों के प्रतिनिधि धीरेन्द्र साहू ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति से नक्सल प्रभावित परिवारों को नई उम्मीद मिली है तथा स्वीकृत 60 लाख रूपए की सहायता राशि उनके जीवन को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
- -100 से अधिक विद्यार्थियों को मिला रोजगार, सर्वाधिक वार्षिक वेतन पैकेज 5 लाख रुपये-कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने दी बधाई, गुणवत्ता, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में बताया जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धिधमतरी। तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, नवाचार और संस्थागत उत्कृष्टता के क्षेत्र में धमतरी जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया- क्यूसीआई) द्वारा छत्तीसगढ़ के शासकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों के व्यापक गुणवत्ता मूल्यांकन में भोपाल राव पवार शासकीय पॉलिटेक्निक, धमतरी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में तृतीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रभावी प्रबंधन, आधुनिक अधोसंरचना, कौशल विकास तथा विद्यार्थी-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण का प्रमाण है।भारतीय गुणवत्ता परिषद द्वारा किए गए मूल्यांकन में संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों, अधोसंरचना, रोजगार एवं नियोजन, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग, संस्थागत प्रबंधन तथा समग्र गुणवत्ता मानकों सहित विभिन्न पहलुओं का विस्तृत परीक्षण किया गया। इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संस्थान ने प्रदेश के अग्रणी तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अपना स्थान सुनिश्चित किया।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इस उपलब्धि पर संस्थान के प्राचार्य, प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि, “भोपाल राव पवार शासकीय पॉलिटेक्निक द्वारा भारतीय गुणवत्ता परिषद के मूल्यांकन में प्रदेश में तृतीय स्थान प्राप्त करना पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। यह सफलता गुणवत्ता आधारित शिक्षा, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण, नवाचार तथा सामूहिक प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है। जिला प्रशासन तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सक्षम, रोजगारोन्मुख एवं नवाचार आधारित बनाने के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करता रहेगा। हमें विश्वास है कि संस्थान भविष्य में प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।”संस्थान के प्राचार्य श्री अमित मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2026 के 120 उत्तीर्ण विद्यार्थियों में से सभी 100 से अधिक विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों में रोजगार सुनिश्चित हुआ है, जो संस्थान की गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और उद्योगों से बेहतर समन्वय का प्रमाण है। चयनित विद्यार्थियों को न्यूनतम 1.80 लाख रुपये, औसतन 3.03 लाख रुपये तथा अधिकतम 5 लाख रुपये वार्षिक वेतन पैकेज प्राप्त हुआ है। शेष विद्यार्थियों का भी चयन हो रहा है ।उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों का चयन मारुति सुजुकी, नुवोको विस्टा, वेलस्पन (गुजरात), श्री बालाजी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स (भिलाई), टाटा ईवी मोटर्स, अपोलो बिल्डिंग प्रोडक्ट्स (रायपुर), फिक्सिंग डॉट (रायपुर), केसर अर्थ सॉल्यूशंस (रायपुर), डाइकिन एसी, आइकॉन सोलर (रायपुर), महेन्द्र कंस्ट्रक्शन (रायपुर) तथा रिको ऑटो इंडस्ट्री (बावल, हरियाणा) सहित अनेक प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ है।संस्थान प्रबंधन ने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पूर्व विद्यार्थियों तथा सभी हितधारकों के सामूहिक सहयोग, समर्पण और सतत प्रयासों को दिया है। संस्थान द्वारा गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, अनुसंधान एवं नवाचार, उद्योग-संस्थान समन्वय तथा बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि भोपाल राव पवार शासकीय पॉलिटेक्निक, धमतरी ने पिछले वर्षों में आधुनिक प्रयोगशालाओं के विकास, डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विस्तार, कौशल आधारित प्रशिक्षण, उद्योगों के साथ समन्वय तथा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं रोजगार क्षमता के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। इसी का परिणाम है कि संस्थान गुणवत्ता के विभिन्न मानकों पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए नई उपलब्धियां अर्जित कर रहा है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान के लिए, बल्कि धमतरी जिले की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इससे जिले के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा मिलेगी तथा भविष्य में संस्थान उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ेगा।
- -ट्रांसफार्मर बदले जाने से विद्युत आपूर्ति हुई सुचारू, पेयजल संकट से भी मिली राहत-मोहल्लेवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित पहल से जशपुर जिले के पत्थलगांव स्थित प्रेमनगर मोहल्ले में लंबे समय से बनी लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान कर दिया गया है। विद्युत विभाग द्वारा कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो गई है, जिससे स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। जानकारी के अनुसार, प्रेमनगर के रहवासियों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर बताया था कि पूरे मोहल्ले में केवल एक ट्रांसफार्मर होने के कारण पिछले कई दिनों से लगातार लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई थी। इसके चलते घरों में लगे विद्युत उपकरण सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे थे। वहीं, कुओं और बोरवेल की मोटरें भी नहीं चलने से पेयजल संकट गहरा गया था और लोगों को दैनिक उपयोग के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर को बदलते हुए नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया। इसके बाद क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुचारू हो गई और लो-वोल्टेज की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई।समस्या के त्वरित समाधान पर प्रेमनगर के नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर हुई कार्रवाई से न केवल बिजली व्यवस्था सामान्य हुई, बल्कि पेयजल संकट से भी राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील कार्यशैली और त्वरित समाधान की सराहना करते हुए इसे जनसमस्याओं के प्रभावी निराकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई से लोगों को समय पर राहत मिल रही है और शासन के प्रति उनका विश्वास निरंतर मजबूत हो रहा है।
- -10 हजार रुपये की वार्षिक की सहायता से बढ़ी आर्थिक सुरक्षारायपुर । राज्य शासन की जनकल्याणकारी भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजनाआर्थिक रूप से कमजोर और भूमिहीन परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक बड़ा माध्यम साबित हो रही है। यह योजना जरूरतमंद परिवारों को सीधी आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत संबल दे रही है। इसी कड़ी में विकासखंड सक्ती के ग्राम जेठा की निवासी श्रीमती रुकमणी पटेल इस योजना का लाभ उठाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में सफल रही हैं। श्रीमती रुकमणी पटेल के परिवार के पास कृषि योग्य भूमि नहीं है, जिसके कारण उनकी आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर ही निर्भर है। सीमित आय होने की वजह से परिवार की दैनिक आवश्यकताओं और घरेलू खर्चों का प्रबंधन करना बेहद कठिन होता था। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में राज्य शासन की यह योजना उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आई। योजना के अंतर्गत उन्हें प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है।श्रीमती रुकमणी ने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने घरेलू खर्चों की पूर्ति और अन्य ज़रूरी कार्यों के लिए कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार को बड़ी आर्थिक राहत मिली है, बल्कि उनका जीवनयापन भी पहले की तुलना में काफी सहज और सुगम हो गया है। नियमित रूप से मिलने वाली इस मदद से भविष्य को लेकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और दैनिक खर्चों को लेकर होने वाली आर्थिक चिंताएं काफी हद तक दूर हुई हैं।योजना की उपयोगिता के संबंध में श्रीमती रुकमणी पटेल ने कहा कि भूमिहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह योजना अत्यंत लाभकारी है, जो संकट के समय सीधे मदद पहुँचाती है। उन्होंने इस कल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को एक नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा का ठोस आधार प्रदान किया है।
- रायपुर। बढ़ती खेती लागत और घटती मिट्टी की उर्वरता के बीच हरी खाद किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, रायगढ़ के वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि किसान रासायनिक उर्वरकों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय हरी खाद और हरी पत्तियों की खाद को अपनाएं तो न केवल मिट्टी की सेहत सुधरेगी, बल्कि खेती भी अधिक लाभकारी बनेगी।वैज्ञानिकों के अनुसार ढैंचा, सनई, मूंग, उड़द, लोबिया और ग्वार जैसी दलहनी फसलें 35 से 45 दिन बाद खेत में मिलाने से प्राकृतिक जैविक खाद में बदल जाती हैं। इससे प्रति हेक्टेयर 50 से 60 किलोग्राम तक नाइट्रोजन की पूर्ति होती है। वहीं नीम, करंज, ग्लिरिसिडिया और सहजन की हरी पत्तियां भी मिट्टी में जैविक तत्व और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाती हैं। इस प्राकृतिक तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह है कि रासायनिक उर्वरकों की जरूरत घटने से खेती की लागत कम होती है, जबकि फसलों की उपज में 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी गई है। धान की गुणवत्ता में भी सुधार और पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ने के सकारात्मक परिणाम मिले हैं। वैज्ञानिकों ने किसानों से हरी खाद और ब्राउन मैन्योरिंग जैसी तकनीकों को अपनाकर मिट्टी की सेहत बचाने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और टिकाऊ कृषि की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।



























