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- रायपुर / राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ क्लब चौक पर सोमवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। विधायक श्री पुरंदर मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को माला पहनाकर और मुँह मीठा कराकर अपनी खुशी जाहिर की।यह उत्साह भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के उपलक्ष्य में देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विजय पश्चिम बंगाल की जनता के आशीर्वाद और कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने पूर्ण विश्वास के साथ कहा कि अब पश्चिम बंगाल में सुशासन की सरकार स्थापित होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की जागरूक और राष्ट्रवादी जनता ने विकास, सुशासन और राष्ट्रीय हित की राजनीति पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि 45 वर्षों बाद यह ऐतिहासिक परिवर्तन आया है ।इसके साथ ही उन्होंने अन्य राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि असम में भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रही है, वहीं पुडुचेरी में भी एनडीए गठबंधन की सरकार का गठन हुआ है, जो देशभर में पार्टी के बढ़ते जनसमर्थन का प्रमाण है।
- दुर्ग / प्रदेश के उपमुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरूण साव 05 मई 2026 को दुर्ग जिले के पाटन एवं धमधा के प्रवास पर रहंेगे। प्राप्त जानकारी अनुसार उपमुख्यमंत्री श्री साव 05 मई 2026 को अपरान्ह 1.30 बजे कार द्वारा रायपुर से प्रस्थान कर अपरान्ह 02 बजे पाटन पहुंचेंगे। वे यहां पर अपरान्ह 02 बजे से अपरान्ह 03 बजे तक वार्ड क्रमांक 09 नया बस स्टैण्ड पाटन परिसर में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। तत्पश्चात् श्री साव अपरान्ह 03 बजे कार द्वारा पाटन से प्रस्थान कर सायं 04 बजे धमधा पहुंचेंगे। वे यहां पर साप्ताहिक बाजार मैदान बालक हाईस्कूल के पास विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम पश्चात् उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव शाम 05 बजे कार द्वारा धमधा से रायपुर प्रस्थान करेंगे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी के मानव संसाधन विभाग द्वारा अपने नियमित अधिकारियों- कर्मचारियों के लिए सामूहिक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी कराई गई। इस संबंध में आज मुख्य अभियंता मानव संसाधन ट्रांसमिशन कार्यालय में अनुबंध करार किया गया। बीमा पॉलिसी 5 मई 2026 रात्रि 12 बजे से एक वर्ष के लिए प्रभावशील होगी।इस अवसर पर मुख्य अभियंता मानव संसाधन ट्रांसमिशन श्रीमती रश्मि वर्मा एवं ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री प्रदीप कुमार सिंहा के बीच औपचारिक दस्तावेजों का आदान प्रदान किया गया। कार्यक्रम मे उपमहाप्रबंधक औद्योगिक संबंध श्री गोपाल खंडेलवाल, सहायक प्रबंधक श्री टीपी शर्मा ,ओरिएंटल इंश्योरेंशन कंपनी के महाप्रबंधक श्री लुकेश साहू उपस्थित थे।योजना के तहत कार्य अवधि में मृत्यु होने पर जोखिम राशि रुपए 15 लाख एवं कार्य अवधि के अलावा अन्य अवधि में दुर्घटनावश मृत्यु होने पर राशि रुपए 5 लाख प्रति कार्मिक देने का प्रावधान किया गया है। कंपनी द्वारा दुर्घटना की सूचना अनिवार्य रूप से बीमा कंपनी को 24 घंटे के भीतर देना होगा। साथ ही 30 दिन के अंदर निर्धारित दावा प्रपत्र एवं समस्त वांछित दस्तावेजों की 3प्रतियां व्यक्तिगत रूप से उप महा प्रबंधक औद्योगिक संबंध छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कार्यालय से परीक्षण कराके बीमा कंपनी को भेजना अनिवार्य होगा। दस्तावेज को भेजने हेतु वरिष्ठ व्यावसायिक प्रबंधक, मेसर्स दी ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, प्रमुख व्यावसायिक कार्यालय , एम आई जी 14/15, शंकर नगर, सेक्टर 3, रायपुर, छत्तीसगढ़, पिन नंबर 492004, दूरभाष क्रमांक 9168727775 में प्रेषित करना होगा। यह योजना गैर अंशदायी प्रकृति पर आधारित है, यानि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा वार्षिक प्रीमियम राशि, बीमा कंपनी को देय होगी।
- -लखपति दीदियों के हौसले की उड़ान देख गदगद हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय , सबको और मेहनतकर अब करोड़पति बनने की राह पर चलने कहा-मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री का मिला आशीर्वाद और प्रोत्साहन-बैगा बाहुल्य कमारखोल में आम पेड़ नीचे लगाई मुख्यमंत्री ने चौपाल-ग्रामीणों की माँग पर सामुदायिक भवन , कमारखोल में रामख़िलावन के घर से देवसरा तक छह किलोमीटर मिट्टी मुरुम सड़क, मुक्तिधाम शेड और महतारी सदन की घोषणारायपुर / मई की तपती गर्मी में आज लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय दूरस्थ गांवों के औचक दौरे पर रहे । कबीरधाम ज़िले के पंडरिया स्थित लोखान पंचायत में आज मुख्यमंत्री का आगमन हुआ । इस अवसर पर वे बैगा बाहुल्य कमराखोल में पीएम जनमन योजना के तहत हुए कार्यों का निरीक्षण किए और वहीं पास में आम के पेड़ों के नीचे अपनी चौपाल लगा लिए । अपने बीच मुख्यमंत्री को देख ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई । बीरनमाला, कमल के फूल से मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन करते हुए ग्रामीणों के चेहरे खिल उठे ।इस दौरान महतारी शक्ति को सामने बैठा देख मुख्यमंत्री ने पूछ लिया कितनी महतारी यहाँ लखपति हो गई हैं ? एक साथ अनेक हाथ हवा में उठ गए । मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते सबको करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ने कहा । उन्होंने बारी- बारी से लखपति दीदियों से बातचीत की । यहाँ जंगल से बीन कर लाएमहुआ और चार को मुख्यमंत्री श्री साय को उपहार के रूप में देते हुए कुकदूर की लखपति दीदी श्रीमती कचरा तेलगाम ने मुख्यमंत्री से कहा कि महुआ का पौष्टिक लड्डू बनाकर खाइएगा , वरना मैं बना कर दूँगी । मुख्यमंत्री भी उनकी आत्मीयता देख भाव विभोर होकर मुस्कुराते हुए बोले कि घर जाकर बनवाकर खाऊँगा । श्रीमती कचरा तेलगाम दीदी आस पास के गांवों में बन रहे प्रधानमंत्री आवासों में सेंट्रिग प्लेट लगाती हैं और इससे उन्हें एक साल में ८० हज़ार की आय हुई है । उन्होंने कहा कि आज चौपाल लगा देख वे साहस वहाँ पहुँची और मुख्यमंत्री के लिए भेंट स्वरूप जंगल से बीने महुआ और चार दी हैं ।वहीं डीलर दीदी श्रीमती रजमत बाई धुर्वे ने बताया कि वे प्रधानमंत्री आवासों के लिए मटेरियल सप्लाई का काम करती हैं । उन्हें सालाना 2.50 - 3 लाख का मुनाफा हुआ है । लखपति पशु सखी श्रीमती शिवरानी पटेल का कहना है कि समूह से जुड़ सीआईएफ से उन्होंने व्यवसाय के लिए ऋण लिया और अपने खेत में सब्जी- भाजी लगायी । उन्हें सालाना डेढ़ लाख की आय हो रही । इस बिहान योजना से जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के लिए धन्यवाद स्वरूप उन्होंने अपने खेत की सब्जियां टोकरी में मुख्यमंत्री को भेंट की । मुख्यमंत्री ने भी सभी दीदियों से बात कर प्रोत्साहित किया कि इसी तरह मन लगाकर काम करिए और आर्थिक रूप से सशक्त होइए।ज्ञात हो कि लोखन पंचायत में 58 लखपति दीदियां हैं जो विभिन्न व्यवसाय से जुड़ आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं ।आज अपने नौनिहाल बच्चे के साथ श्रीमती ऋषि बघेल भी चौपाल पहुँची । यहाँ उन्होंने मुख्यमंत्री से एक ही गुहार लगायी कि उनके बच्चे का नामकरण कर दें मुख्यमंत्री । बच्चे को गोद में लेकर दुलारते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने पूछा कि कब हुआ है इसका जन्म ? तब माँ ने बताया कि रविवार के दिन । मुख्यमंत्री ने बच्चे को स्नेह से देखते हुए नाम रविशंकर बघेल रखा और आशीर्वाद स्वरूप ५०० रुपए भी दिए । पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने भी बच्चे को ५०० रुपए अपनी ओर से आशीर्वाद स्वरूप दिया ।मुख्यमंत्री के द्वारा नवजात का नाम रखते ही चौपाल में तालियाँ गूंज उठी ।आज कबीरधाम के पंडरिया के लोखान पंचायत के आश्रित ग्राम कमराखोल में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की चौपाल को देख वहाँ से गुज़र रहे राजेंद्र मसराम और उनके पिता भी रुक गए । इस दौरान बातचीत में पता चला कि छिरहा के रहने वाले इस मेधावी बच्चे ने इस साल हाई स्कूल में 94.5 % अंक के साथ ज़िले में नौवाँ स्थान प्राप्त किया है । मुख्यमंत्री ने उन्हें ख़ुश होकर पेन दिया और पूछा बड़ा होकर क्या बनना चाहते हैं ? इस पर उन्होंने बड़ा होकर आईएएस बनने के सपने को साझा किया । मुख्यमंत्री ने उन्हें खूब सारी शुभकामनाएँ दी ताकि वो अपना सपना पूरा कर सकें । यहाँ कमराखोल के बैगा बस्ती की कक्षा नवमी की बालिका भी चौपाल में मुख्यमंत्री से मिली और बताया कि आज पीएम जनमन से बने उनके आवास में मुख्यमंत्री पहुंचे थे । वहाँ मुख्यमंत्री से बात नहीं हो पायी इस लिए वे चौपाल में पहुँचीं । इस साल यह बच्ची हेम कुमारी 75% अंक कक्षा नौवी में लायी । एचसीएम ने आगे भी मन लगाकर पढ़ने की सलाह और बधाई देते हुए पेन दिया ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज चौपाल लगाकर शासकीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और प्रसन्न दिखे कि दूरस्थ अंचल तक हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है । उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर कमरखोल मेंमिशन तालाब गहरीकरण (ट्यूबवेल के साथ), रामखिलावन के घर से ग्राम देवसरा तक मिट्टी मुरुम सड़क (६ किलोमीटर लगभग) , सामुदायिक भवन, मुक्तिधाम शेड निर्माण तथामहतारी सदन ( स्व सहायता समूह की महिलाओं की माँग पर ) की घोषणा की । इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह , सीओ जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल और ग्रामीण चौपाल में उपस्थित रहे ।
- -बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं-12वीं के मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हौसला बुलंद रखना सबसे आवश्यक है।बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। अधिकांश विद्यार्थियों ने डॉक्टर और इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की, वहीं कुछ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और न्यायिक सेवा में जाने का संकल्प व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के सपनों की सराहना करते हुए कहा कि सपना देखना और उसे लक्ष्य में बदलकर निरंतर प्रयास करना ही सफलता की कुंजी है।उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ मेहनत की जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि के लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी बधाई देते हुए कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके मार्गदर्शन, सहयोग और त्याग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।इस अवसर पर जिले के कक्षा 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों में वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करमडीहा की कुमारी प्रतिभा गुप्ता, रामचंद्रपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर की कुमारी स्नेहा कुशवाहा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सनवाल के सोनू, वाड्रफनगर के श्री कृष्णा, आदर्श हायर सेकंडरी विद्यालय बलंगी की कुमारी प्रिया लता कश्यप तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बर्तीकला के अजय गुप्ता, कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामवंतपुर के आर्यन गुप्ता, नेशनल पब्लिक इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल रजखेता की कुमारी आराधना पटेल, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रघुनाथनगर की कुमारी रोशनी कांशी, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय सेमरा कुसमी की आलिया परवीन तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज की आरजू परवीन को मुख्यमंत्री से मिलने और मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला।
- -मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन बनी सहारा, 3570 मरीजों को मिली त्वरित चिकित्सा सहायतारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के वनांचल एवं अनुसूचित जनजाति बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उद्देश्य है कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति तक समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंच सके। इसी दिशा में योजनाबद्ध प्रयासों से जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना और आपातकालीन सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए 1 अप्रैल 2026 को जिले को 23 नई एम्बुलेंस प्राप्त हुई हैं, जिनमें 3 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) और 20 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस शामिल हैं। इससे गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में बड़ी सुविधा मिल रही है।मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू की गई “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन” आमजन के लिए एक भरोसेमंद व्यवस्था बनकर उभरी है। सीएम कैंप कार्यालय बगिया में प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए हेल्पलाइन के माध्यम से मरीजों को इलाज, दवाइयां, अस्पताल में भर्ती, रेफरल तथा एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। बीते 26 महीनों में लगभग 3,570 मरीजों को इस सेवा का लाभ मिल चुका है। हेल्पलाइन की विशेषता यह है कि कॉल के 5 मिनट के भीतर रिस्पांस दिया जाता है और प्रत्येक प्रकरण में 1 से 3 फॉलोअप सुनिश्चित किए जाते हैं। साथ ही, एम्बुलेंस ट्रैकिंग लिंक की सुविधा से पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं।इस हेल्पलाइन से कई जरूरतमंदों को समय पर राहत मिली है। ग्राम गोरिया के कोरवाबहरी निवासी बजरंग राम ने बताया कि उनकी माता संतरा बाई के मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए आर्थिक समस्या थी, लेकिन आवेदन देने के कुछ ही मिनटों में सहायता मिल गई और उनका सफल उपचार हुआ। इसी तरह बगीचा विकासखंड के ग्राम सरायपानी के 80 वर्षीय दिव्यांग लुंवर साय को भी त्वरित उपचार उपलब्ध कराया गया।जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना को भी तेजी से मजबूत किया जा रहा है। कुनकुरी विकासखंड के गिनाबहार में लगभग 8 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से 50 बिस्तरीय मातृ-शिशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना भी प्रस्तावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और बेहतर होगी।विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में “पहाड़ी कोरवा हेल्पडेस्क” स्थापित किया गया है। स्थानीय भाषा में संवाद करने वाली प्रशिक्षित आदिवासी महिलाएं यहां मरीजों की सहायता कर रही हैं। इस पहल के माध्यम से अब तक 1450 से अधिक मरीजों को ओपीडी, 900 से अधिक को आईपीडी सेवाएं तथा 140 से अधिक सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए जा चुके हैं। इसके साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जा रहे हैं।इस प्रकार, जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और नवाचारपूर्ण पहलों के माध्यम से आमजन को बेहतर, त्वरित और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
- रायपुर। सुशासन तिहार के तहत जारी राज्यव्यापी दौरे के दौरान खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित जन चौपाल में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का प्रेरक क्षण देखने को मिला।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम बकरकट्टा के मेधावी छात्र गिरवर पटेल को सम्मानित किया। गिरवर पटेल ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 93.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में स्थान हासिल किया है। वर्तमान में वे रायपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत हैं।मुख्यमंत्री ने गिरवर की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रदेश का नाम रोशन करते हैं और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बनते हैं। उन्होंने गिरवर के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि हर छात्र अपने सपनों को साकार कर सके। गिरवर पटेल का सम्मान न केवल उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है, बल्कि यह ग्रामीण अंचल के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण भी है।
- रायपुर । सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल (ग्राम पंचायत लोखान) में आगमन एक आत्मीय और भावनात्मक प्रसंग का साक्षी बना। आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर जब मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई, तो वहां का वातावरण पूरी तरह से अपनत्व और विश्वास से भर गया। शासन और जनता के बीच की दूरी इस सहज संवाद में पूरी तरह समाप्त होती नजर आई।इसी दौरान ग्राम की निवासी श्रीमती ऋषि बघेल अपने एक माह के नवजात शिशु को गोद में लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचीं और अत्यंत विनम्रता से अपने पुत्र का नामकरण करने का आग्रह किया। यह एक साधारण निवेदन था, लेकिन उसमें ग्रामीण जीवन की सादगी, विश्वास और आत्मीय जुड़ाव की गहराई साफ झलक रही थी।मुख्यमंत्री ने भी पूरे स्नेह और संवेदनशीलता के साथ इस आग्रह को स्वीकार किया और बच्चे के जन्म दिवस के बारे में जानकारी ली।जब श्रीमती बघेल ने बताया कि बालक का जन्म रविवार के दिन हुआ है, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए उस नवजात का नाम “रविशंकर” रखा। नामकरण के इस क्षण ने वहां उपस्थित सभी ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी की चमक बिखेर दी। जैसे ही यह नाम घोषित हुआ, पूरा चौपाल स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और एक उत्सव जैसा माहौल बन गया।यह दृश्य जनप्रतिनिधि और आमजन के बीच गहरे विश्वास का प्रतीक भी बन गया।इस आत्मीय क्षण ने सुशासन तिहार की मूल भावना को और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत किया, जहां शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन के सुख-दुख में सहभागी बनकर उनके साथ खड़ा होता है। मुख्यमंत्री श्री साय का यह सहज और मानवीय व्यवहार यह दर्शाता है कि सुशासन का वास्तविक अर्थ लोगों के जीवन से जुड़कर उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना है।
- -“ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए… मसाला बढ़िया से डालिए” - जब श्रमिक बहन ने मुख्यमंत्री को सिखाया कामरायपुर । सुशासन तिहार के तहत प्रदेशभर में चल रहे औचक निरीक्षण और जनसंवाद के क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले के ग्राम लोखन में एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसने सुशासन के ध्येय को और अधिक जीवंत बना दिया। निर्माणाधीन पंचायत भवन के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने केवल औपचारिक समीक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने उस प्रक्रिया का हिस्सा बनना चुना, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करती है। उनके इस व्यवहार ने यह स्पष्ट कर दिया कि सुशासन केवल नीति और कागज़ों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर उसे महसूस करने और जीने की प्रक्रिया है।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में कार्य कर रहीं श्रमिक बहनों के बीच जाकर कुछ समय उनके साथ ईंट जोड़ाई में हाथ बँटाया।इसी दौरान श्रमिक बहन संगीता ने पूरे आत्मीय अधिकार और सहजता के साथ मुस्कुराते हुए मुख्यमंत्री से कहा - “ईंट जोड़ाई अच्छे से करिए, मसाला बढ़िया से डालिए।” यह संवाद एक सामान्य वाक्य से कहीं अधिक था; इसमें वह विश्वास झलकता है, जो आज सरकार और जनता के बीच विकसित हो रहा है। यह वह स्थिति है, जहाँ आम नागरिक बिना झिझक अपनी बात रखता है और नेतृत्व उसे उसी सहजता से स्वीकार करता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जनता के साथ मिलकर धरातल पर साकार करना है। उन्होंने कहा कि जब शासन और जनता के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता का रिश्ता बनता है, तभी विकास की प्रक्रिया प्रभावी और स्थायी बनती है। उनके अनुसार, यही आत्मीयता और साझेदारी सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है।इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण हों और श्रमिकों के लिए पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। सुशासन तिहार ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल प्रशासनिक ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवेदनशीलता, सहभागिता और विश्वास पर आधारित एक जीवंत व्यवस्था बन चुका है। यहाँ सरकार और जनता के बीच दूरी नहीं, बल्कि संवाद, सहयोग और साझेदारी का संबंध है - और यही संबंध प्रदेश के समग्र विकास की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रहा है।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने पूछा "आवास कोन भेजिस, मोहन ने कहा - मोदी जी ने"रायपुर। कबीरधाम जिले के ग्राम लोखान में आज एक अत्यंत भावनात्मक, आत्मीय और जनसरोकारों से जुड़ा दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक सामान्य ग्रामीण के सादे निमंत्रण को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उसे अपने व्यवहार से एक यादगार क्षण में परिवर्तित कर दिया। गांव में उनके आगमन से जहां उत्साह और जिज्ञासा का माहौल बना हुआ था, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने शासन और आमजन के बीच के आत्मीय संबंधों को भी जीवंत रूप में सामने रखा।ग्राम लोखान निवासी मोहन मरावी के नए पक्के घर का आज गृह प्रवेश कार्यक्रम था। जैसे ही उन्हें यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री गांव के दौरे पर हैं, वे बिना देर किए सीधे उनके पास पहुंचे और अपने घर आने का न्योता दे दिया। यह एक ग्रामीण का असाधारण प्रेम भरा अनुरोध था, जिसे मुख्यमंत्री ने उसी सहजता और विनम्रता के साथ स्वीकार किया और उनके घर पहुंचकर इस अवसर को विशेष बना दिया।प्रधानमंत्री आवास से साकार हुआ सपना, मुख्यमंत्री ने कराया गृह प्रवेशमुख्यमंत्री के मोहन मरावी के घर पहुंचते ही वहां एक आत्मीय और पारिवारिक वातावरण बन गया। उन्होंने बिना किसी औपचारिकता के पूरे स्नेह और अपनत्व के साथ नारियल फोड़ा, दीप प्रज्वलित किया और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ गृह प्रवेश की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान परिवार के सदस्यों के चेहरे पर जो संतोष, गर्व और खुशी झलक रही थी, वह इस बात का प्रतीक थी कि उनके सपनों का घर अब साकार हो चुका है। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने भी इस क्षण को उत्साहपूर्वक देखा और मुख्यमंत्री की सादगीपूर्ण शैली की सराहना की।इस आत्मीय संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए मोहन से पूछा—“आवास कोन भेजिस?” इस पर मोहन ने सहजता के साथ उत्तर दिया—“मोदी जी ने।” यह छोटा-सा संवाद पूरे माहौल को भावनात्मक गहराई से भर गया और यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी का क्रियान्वयन सीधे लोगों के जीवन में किस प्रकार आशा और विश्वास का संचार कर रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने मोहन मरावी और उनके परिवार से विस्तार से बातचीत करते हुए उनके नए घर के निर्माण की प्रक्रिया के बारे में जाना। मोहन ने बताया कि उनका यह घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राप्त राशि और अपने परिश्रम से तैयार हुआ है। पहले उनका घर कच्चा था, लेकिन वर्ष 2024–25 में आवास स्वीकृत होने के बाद उनके भीतर पक्का घर बनाने का हौसला जागा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने स्वयं ईंट बनाकर चार कमरों का सुदृढ़ और व्यवस्थित घर खड़ा किया, जो उनके श्रम, संकल्प और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने घर की गुणवत्ता, संरचना और उसमें झलक रही मेहनत की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि जब शासन की योजनाएं वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं और उसमें लोगों की अपनी मेहनत व सहभागिता जुड़ती है, तभी विकास का वास्तविक स्वरूप सामने आता है। उन्होंने इस पहल को आत्मनिर्भरता, जनभागीदारी और सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ही राज्य के समग्र विकास की नींव को मजबूत करते हैं।मोहन मरावी ने यह भी बताया कि उन्हें योजना के तहत राशि तीन किस्तों में प्राप्त हुई, जिसका उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और समझदारी से उपयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप वे अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक पक्का घर तैयार कर सके। मुख्यमंत्री ने पूरे परिवार को नए घर की हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और इस अवसर को गांव के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया, जो यह संदेश देता है कि संकल्प, श्रम और शासन की योजनाओं के समन्वय से हर सपना साकार हो सकता है।
- रायपुर । सुशासन तिहार के अंतर्गत खैरागढ़ वनमण्डल द्वारा रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई।वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के राज्य कैम्पा (क्षतिपूर्ति वर्गीकरण) मद से आस्थामूलक कार्यों के लिए ग्राम आमगांव के समाज प्रमुख श्री विष्णु ठाकरे को टेंट एवं बर्तन सामग्री प्रदाय की गई।यह सामग्री मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से सौंपे जाने पर कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों में उत्साह का माहौल रहा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर सामाजिक एवं पारंपरिक आयोजनों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना और साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।समाज प्रमुख श्री विष्णु ठाकरे ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे गांव में सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में सुविधा होगी और आय के नए साधन भी विकसित होंगे। इस पहल को ग्रामीणों ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सार्थक कदम बताया, जिससे स्थानीय समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
- -ग्रामीणों की समस्याओं का होगा त्वरित समाधान-शिविर में 13 गांवों के ग्रामीण होंगे शामिलरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए व्यापक स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत 05 मई 2026 को जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खूंटीटोली से होगी, जहां 13 गांवों के ग्रामीण शामिल होकर अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करेंगे।सुशासन तिहार के अंतर्गत प्रदेशभर में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में क्लस्टर आधारित शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य प्रशासन को सीधे आमजन से जोड़ना और समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। प्रत्येक शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर किया जाएगा, जिससे शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंचे।जशपुर जिले में कुल 36 क्लस्टरों में शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जनपद पंचायत क्षेत्रों के साथ-साथ नगरीय निकाय भी शामिल हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न विकासखंडों कुनकुरी, बगीचा, दुलदुला, मनोरा, पत्थलगांव, फरसाबहार, जशपुर एवं कांसाबेल में मई माह के दौरान अलग-अलग तिथियों में शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में भी शिविर आयोजित कर शहरी नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र में आयोजित शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनका शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों को शिविरों के सुचारू संचालन और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। “सुशासन तिहार 2026” राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए आमजन तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत जारी राज्यव्यापी दौरे में आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड के ग्राम सरोधी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत सुभान सिंह मेरावी को उनके नवनिर्मित आवास की चाबी सौंपकर गृह प्रवेश कराया।सुभान सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री स्वयं उनके गांव आकर उन्हें यह सौभाग्य देंगे। उनके लिए यह केवल घर नहीं, बल्कि सम्मान और विश्वास का प्रतीक है।बउन्होंने बताया कि उन्हें वन अधिकार पट्टा के तहत 3 एकड़ 2 डिसमिल भूमि मिली है, जिस पर खेती कर वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। साथ ही उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता भी मिल रही है, जिससे घरेलू जरूरतों में सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि शासन का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
- रायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल में शासन की संवेदनशीलता और त्वरित कार्यवाही का एक भावनात्मक उदाहरण सामने आया। सरोधी की रहने वाली सरलाबाई मरावी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष अपनी समस्या रखी और कुछ ही पलों में उसका समाधान भी मिल गया।सरलाबाई मरावी, पति श्री लल्लूराम मरावी, एक साधारण कृषक परिवार से हैं। उनके पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है और परिवार में उनका एक बेटा है। खेती ही उनके जीवनयापन का मुख्य साधन है।चौपाल के दौरान सरलाबाई ने बताया कि उन्होंने एक माह पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत 1.50 लाख रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही यह बात सुनी, उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और तुरंत निराकरण सुनिश्चित कराया।अपनी समस्या का त्वरित समाधान होते देख सरलाबाई भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी बात इतनी जल्दी सुनी जाएगी और समाधान भी मिल जाएगा। उनकी आंखों में संतोष और चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।सरलाबाई ने यह भी बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे घरेलू खर्चों में सहारा मिलता है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज उन्हें महसूस हुआ कि सरकार वास्तव में गांव-गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनका समाधान कर रही है। ग्राम सरोधी की यह घटना इस बात का सजीव प्रमाण है कि सुशासन तिहार केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में भरोसा और राहत लेकर आने वाली पहल बन चुका है।
- - महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई केकती बाई की जिंदगीरायपुर, /सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम केवल प्रशासनिक संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आम जनजीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जीवंत तस्वीर भी बन गया।इसी चौपाल में सामने आई एक ऐसी कहानी, जिसने सरकारी योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को भावनात्मक रूप से उजागर किया।ग्राम सरोधी की निवासी श्रीमती केकती मरावी, अपने पति श्री राजेंद्र मेरावी और तीन बच्चों—चिंरजीव, किरण और विक्रांत के साथ एक साधारण किसान परिवार से जुड़ी हैं। खेती-किसानी ही उनके जीवन का मुख्य आधार है, लेकिन सीमित आय के बीच परिवार का खर्च चलाना हमेशा एक चुनौती रहा है।केकती बाई बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है। अब तक उन्हें योजना की 26 किश्तें मिल चुकी हैं, जिससे वे घर के छोटे-छोटे खर्चों में हाथ बंटा पा रही हैं। पहले जहां हर छोटी जरूरत के लिए सोच-विचार करना पड़ता था, वहीं अब उनके पास आत्मनिर्भरता का एक आधार बन गया है।उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में भी कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है और रसोई का काम आसान हुआ है।केकती बाई केवल अपने परिवार तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की अध्यक्ष भी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपए का अनुदान मिला है, जिससे वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।भावुक होते हुए केकती बाई ने कहा कि आज उनका परिवार पहले से कहीं अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी महसूस करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं सही हितग्राहियों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक मदद नहीं देतीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोलती हैं।
- रायपुर / सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को आम, रखिया बड़ी, कुटकी, चार और पपीता से सजी टोकरी भेंट की। महिला समूह द्वारा भेंट किए गए ये स्थानीय उत्पाद गांव की समृद्ध परंपरा और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए महिलाओं के प्रयासों को प्रोत्साहित किया और कहा कि स्व सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान समूह की महिलाओं ने बताया कि वे स्थानीय संसाधनों से उत्पाद तैयार कर अपनी आय बढ़ा रही हैं और शासन की योजनाओं से उन्हें निरंतर सहयोग मिल रहा है।
- रायपुर ।सुशासन तिहार के तहत जारी राज्यव्यापी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बकरकट्टा पहुंचे। यहां उन्होंने बैगा समाज प्रमुखों और जनप्रतिनिधियों के साथ सामूहिक भोजन कर आत्मीय संवाद किया।मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि समाज के सभी वर्गों के साथ सीधे जुड़ना शासन की प्राथमिकता है। ऐसे संवाद न केवल आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं, बल्कि शासन को जमीनी हकीकत समझने का अवसर भी देते हैं।उन्होंने बैगा समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और जीवन शैली की सराहना करते हुए कहा कि इनका संरक्षण और संवर्धन राज्य सरकार की जिम्मेदारी है, जिसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सामूहिक भोजन के दौरान माहौल बेहद सहज और आत्मीय रहा। ग्रामीणों और समाज प्रमुखों ने मुख्यमंत्री से खुलकर चर्चा की, अपनी समस्याएं और सुझाव साझा किए।
- रायपुर,। सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम सरोधी में आयोजित मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की चौपाल केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं रही, बल्कि यह ग्रामीण जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की सजीव तस्वीर भी बनी। इसी चौपाल में स्वच्छता दीदी श्रीमती मनीषा मरकाम की कहानी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।मनीषा मरकाम अपने पति श्री रंजीत मरकाम और तीन बेटों के साथ एक साधारण परिवार से हैं। उनके बच्चे वर्तमान में अध्ययनरत हैं और परिवार की आजीविका खेती-किसानी एवं मजदूरी पर निर्भर है। सीमित आय के बीच घर का खर्च और बच्चों की पढ़ाई संभालना पहले चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अब परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आया है।मनीषा बताती हैं कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1000 रुपए की मासिक सहायता उनके लिए बड़ा सहारा बनी है। इन दोनों आय स्रोतों से वे घरेलू खर्चों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई में भी सहयोग कर पा रही हैं।उन्होंने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से रसोई का कार्य आसान हुआ है।मनीषा मरकाम “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” से भी जुड़ी हैं, जहां वे अन्य महिलाओं के साथ मिलकर आत्मनिर्भरता की दिशा में कार्य कर रही हैं।मनीषा कहती हैं कि पहले जहां हर खर्च चिंता का कारण बनता था, वहीं अब उन्हें एक स्थिर आर्थिक संबल मिल गया है। महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को मजबूत किया है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जैसे अनेक परिवारों को नई उम्मीद और बेहतर भविष्य की दिशा दी है।ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक सहायता नहीं देतीं, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में स्थायित्व और सशक्तिकरण भी लाती हैं।
- रायपुर । सुशासन तिहार में ईशु को मिला लर्निंग लाइसेंस दुर्ग जिले के ग्राम तिरगा निवासी ईशु देशमुख के लिए सुशासन तिहार का यह समस्या निवारण शिविर खुशी का पैगाम लेकर आया। ईशु ने दोपहिया मोटरसायकल चालन हेतु जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचकर परिवहन विभाग में आवश्यक दस्तावेजों के साथ लर्निंग ड्रायविंग लाइसेंस के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।ड्रायविंग लाइसेंस के अभाव में ईशु को कई बार चालान शुल्क जमा करना पड़ा था। इससे बचने वह परिवहन कार्यालय में भी आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन अब तक उन्हें लर्निंग लाइसेंस नहीं मिल पाया था। ईशु ने बड़ी उम्मीद के साथ कुथरेल में आयोजित शिविर में पुनः अपना आवेदन प्रस्तुत किया।परिवहन विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच उपरान्त ईशु देशमुख को शिविर स्थल पर ही लर्निंग लाइसेंस प्रदान किये। शिविर में मौजूद क्षेत्रीय विधायक श्री ललित चन्द्राकर ने अपने करकमलों से ईशु को उनके नाम पर लर्निंग लाइसेंस प्रमाण पत्र परिवहन विभाग के स्टॉल में ही प्रदान किया। लर्निंग लाइसेंस मिलने पर ईशु देशमुख बहुत खुश हुआ। उन्होंने कहा कि सोचा भी नहीं था कि शिविर में ही मुझे वाहन चालन हेतु लर्निंग लाइसेंस मिल जाएगा। उन्होंने प्रशंसापूर्वक शासन-प्रशासन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
- -पीएम जनमन अंतर्गत बनी जामभाठा-सोनारी में बनी पक्की सड़क-विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों का आवागमन हुआ आसानरायपुर । कोरबा विकासखण्ड के दूरस्थ, पहाड़ी और जंगलों की गोद में बसे जामभाठा, सोनारी और आसपास के छोटे-छोटे पारा-टोले, जहाँ वर्षों से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और पंडो परिवार निवास करते आ रहे थे। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह क्षेत्र जितना सुंदर था, उतना ही कठिन भी। गाँव तक आने-जाने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं थी। लोग पथरीली और ऊबड़-खाबड़ पगडंडियों से गुजरते थे। बारिश के दिनों में कीचड़ और फिसलन से रास्ता और भी खतरनाक हो जाता था। बीमार को अस्पताल ले जाना हो, किसी बुजुर्ग को बाहर ले जाना हो या बच्चों की पढ़ाई, हर कदम संघर्ष से भरा हुआ था। ग्राम देवपहरी मुख्य मार्ग से भीतर के इन गाँवों तक पहुँचना कई बार ऐसा लगता था जैसे दुनिया से कटकर एक अलग पहाड़ी द्वीप में प्रवेश कर रहे हों। लोगों को राशन लाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था और फिर सिर पर बोरा रखकर उसी कच्चे, पथरीले रास्ते से लौटना पड़ता था। बरसात में तो कोई वाहन आने को तैयार ही नहीं होता था, जिससे गाँव का संपर्क लगभग टूट जाता था।इसी कठिन जीवन के बीच आशा की किरण तब दिखाई दी जब देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। प्रधानमंत्री की पहल के पष्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देषन में इस योजना के अंतर्गत जामभाठा, सोनारी और आसपास के टोला-पारा तक पक्की सड़क पहुँचाने का निर्णय लिया गया। लगभग 3.60 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण पहाड़ी और पथरीले भू-भाग पर एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन संकल्प और प्रयासों ने इसे संभव बना दिया। धीरे-धीरे पहाड़ों को चीरती हुई नई सड़क गाँव तक पहुँच गई।सड़क बनते ही यहाँ के लोगों के जीवन में एक नया अध्याय शुरू हुआ। गाँव के पहाड़ी कोरवा पन साय बताते हैं कि पहले की कठिनाइयों को याद करते ही आज भी आँखें भर आती हैं। बारिश के दिनों में बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना बहुत कठिन होता था। कोई वाहन घर तक नहीं आता था, राशन सिर पर उठाकर पैदल लाना पड़ता था। अब वाहन सीधे घर तक पहुँचने लगे हैं और एम्बुलेंस भी आसानी से आ जाती है। उनके अनुसार, इस सड़क ने गाँव में नई जान फूंक दी है।गाँव की कुमारी बाई बताती हैं कि गाँव के लोग बहुत गरीब हैं और उनका जीवनयापन जंगल पर निर्भर है। लेकिन पक्की सड़क बनने से आवागमन बेहद आसान हो गया है। गाँव में अब स्कूल तक शिक्षक भी आसानी से पहुँच पाते हैं। उनका मानना है कि सड़क ने गाँव को बाहरी दुनिया से जोड़ दिया है और अब उन्हें लगता है कि उनका जीवन भी मुख्यधारा से जुड़ रहा है। कुछ ही दिन पहले कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और अन्य अधिकारी भी गाँव पहुँचे और सड़क का निरीक्षण किया। इससे लोगों को भरोसा मिला कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है और प्रशासन अब उनकी दहलीज तक पहुँच रहा है।जब पहाड़ों के बीच बसे लोग लंबे समय बाद विकास की किरण को अपनी चौखट पर देखते हैं, तो वह सड़क उनके लिए सिर्फ एक मार्ग नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत बन जाती है। जामभाठा और सोनारी की यह कहानी सिर्फ सड़क बनने तक सीमित नहीं है। यह उन गाँवों की कहानी है जो वर्षों से अलग-थलग पड़े थे। यह उस उम्मीद की कहानी है जो एक सड़क के माध्यम से उनके जीवन में प्रवेश कर गई। अब न सिर्फ आवागमन आसान हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और सुविधाओं तक पहुँच भी सरल हो गई है।
- -राज्य स्तरीय एनकोर्ड की समन्वय समिति की बैठक संपन्न-शिक्षण संस्थानों का 500 मीटर का दायरा होगा ड्रग फ्री ज़ोन-तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को राजसात कर नीलामी करने के निर्देशरायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी और नशाखोरी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अधिकारियों को सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफीम की अवैध खेती और ड्रग्स के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समन्वय समिति (NCORD) की दूसरी तिमाही की बैठक में उन्होंने विभिन्न एजेंसियों द्वारा की गई कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की।मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पुलिस, डाक विभाग और निजी कूरियर सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने परिवहन और कूरियर सेवाओं पर कड़ी निगरानी रखने तथा तस्करी में उपयोग किए जाने वाले वाहनों को राजसात कर उनकी नीलामी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। साथ ही, अवैध रूप से संचालित केमिकल ड्रग प्रयोगशालाओं की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल छापेमारी और निरीक्षण के निर्देश दिए गए।नशाखोरी से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार हेतु मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश के प्रत्येक जिला अस्पताल में न्यूनतम 10 बिस्तरों वाला नशा मुक्ति केंद्र अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। आवश्यकतानुसार जिलों में नए नशा मुक्ति केंद्रों का संचालन शुरू किया जाए। नशामुक्त भारत अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। पुनर्वास और सहायता हेतु जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1333) का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो।बैठक में युवाओं को नशे की चपेट से बचाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे को ड्रग मुक्त क्षेत्र घोषित कर वहां सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने जब्त किए गए मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण (Destruction) की प्रक्रिया को भी तेज करने को कहा।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, गृह सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत सहित समाज कल्याण, आबकारी, स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के वरिष्ठ अधिकारी, सभी संभागायुक्त, कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सम्मिलित हुए।
- -स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी की बड़ी सौगात-नर्सिंग कॉलेज के साथ 4 गांवों में खुलेंगे उप स्वास्थ्य केंद्ररायपुर। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगर पंचायत सरिया में रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में 100 बिस्तर सिविल अस्पताल का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने 18 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अस्पताल का शुभारंभ किया।कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत बाइक रैली, पुष्प वर्षा और रंगोली के माध्यम से भव्य रूप से किया गया। अतिथियों ने गर्भवती माताओं को उपहार भेंट किए तथा बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरिया में बनने वाला यह अस्पताल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा और लोगों को बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने अपने संबोधन में क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि सरिया सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़कों, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सांकरा गांव में 14 करोड़ रुपये की लागत से लिफ्ट इरिगेशन परियोजना स्वीकृत हो चुकी है, वहीं चंद्रपुर से सरिया तक सड़क निर्माण पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि अपेक्स बैंक और रजिस्ट्री कार्यालय की स्थापना से अब किसानों को अन्य स्थानों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही हाईस्कूल और बाजार भवन का निर्माण भी प्रगति पर है।वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरिया में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी, जिससे क्षेत्र की बालिकाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही बार, साल्हेओना, गोबरसिंघा और सांकरा में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की स्वीकृति भी बजट में दी गई है।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।राज्य स्तर पर कक्षा 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले जिले के छात्र शिवम दुबे और हेमंत पटेल को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने दोनों छात्रों को स्वेच्छानुदान से 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा की। कार्यक्रम में रायगढ़ लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, सीजीएमएससी लिमिटेड के अध्यक्ष श्री दीपक महस्के, कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे, एसपी आंजनेय वार्ष्णेय, नगर पंचायत सरिया अध्यक्ष कमलेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- -रॉट आयरन निर्माण प्रक्रिया से रूबरू हुई जयपुर की टीमरायपुर ।आदिवासी बहुल कोण्डागांव जिले की पारंपरिक शिल्पकला अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत राजस्थान की प्रतिष्ठित संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्राफ्ट्स एंड डिजाइन (आईआईसीडी), जयपुर के विशेषज्ञों ने कोण्डागांव के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर यहां के शिल्पकारों के कौशल को नजदीक से समझा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप ढालना तथा शिल्पकारों को बेहतर विपणन अवसर उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञ गांव-गांव पहुंचकर शिल्पकारों से सीधे संवाद करते हुए उनके कार्यों का अवलोकन कर सराहना की।ग्राम करनपुर में ढोकरा शिल्प की जटिल निर्माण प्रक्रिया ने विशेषज्ञों को विशेष रूप से प्रभावित किया। वहीं ग्राम छोटेराजपुर एवं कुसमा में रॉट आयरन शिल्पकला को बारीकी से समझते हुए संबंधित समूहों से चर्चा की गई और बाजार से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।इस दौरान राज्य कार्यालय से सहायक राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनोज मिश्रा के नेतृत्व में जिला एवं विकासखंड स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोण्डागांव श्री अविनाश भोई के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री कुंजलाल सिन्हा ने शिल्पकारों और विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित किया।विशेषज्ञों ने माना कि कोण्डागांव के शिल्पकारों में अद्भुत कौशल और सृजनात्मकता है। उन्होंने कहा कि यदि इन उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, बेहतर फिनिशिंग और प्रभावी ब्रांडिंग का सहयोग मिले, तो इनके मूल्य में कई गुना वृद्धि संभव है। साथ ही उन्होंने बाजार के नए रुझान, ग्राहकों की पसंद और आकर्षक पैकेजिंग के महत्व के प्रति शिल्पकारों को जागरूक किया।इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आईआईसीडी जयपुर ने बस्तर के शिल्पकारों को जयपुर आमंत्रित किया है, जहां उन्हें विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से ई-कॉमर्स, डिजाइन नवाचार और आधुनिक विपणन तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। संस्था का उद्देश्य शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन मानकों में दक्ष बनाकर उनके उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाना है।इस पहल के अंतर्गत शिल्पकारों को आधुनिक डिजाइन, पैकेजिंग और ब्रांडिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के तरीकों से अवगत कराया जाएगा। जयपुर में प्रशिक्षण एवं एक्सपोजर से शिल्पकारों को नए अवसर मिलेंगे, जिससे उनके उत्पादों की मांग बढ़ेगी और आय में वृद्धि होगी।जयपुर से आए आईआईसीडी के प्रतिनिधियों ने ‘मोर सुआद’ के तहत छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया और उनकी सराहना की। ‘मोर सुआद’ का संचालन कर रही लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद करते हुए उनके नवाचार की प्रशंसा की और उनका उत्साहवर्धन किया।
- -डोडपाल, फायदागुड़ा और भूसारास में मिशन के कार्यों को देखा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टरों की बैठक लेकर छत्तीसगढ़ में मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा ली-अधिकारियों से कहा - किसी भी परिवार को न हो जल संकट, कोई भी गांव योजना से वंचित न रहे, ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्यरायपुर। भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के मिशन संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा और दंतेवाड़ा का दौरा कर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने सुकमा जिले के डोडपाल और फायदागुड़ा, तथा दंतेवाड़ा जिले के भूसारास पहुंचकर हर घर नल से जल की आपूर्ति देखी। उन्होंने गांववालों से मिलकर और उनसे चर्चाकर पेयजल की गुणवत्ता की जानकारी भी ली।श्री सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की। उन्होंने बैठक में कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रीष्म काल में किसी भी परिवार को पानी की दिक्कत नहीं होना चाहिए। जल जीवन मिशन के तहत नल से जल की आपूर्ति की योजना से कोई भी गांव वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि गांवों और दूरस्थ अंचलों में हर घर स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना मिशन का प्राथमिक लक्ष्य है।केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा जिले के ग्राम डोडपाल पहुंचकर जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पानी टंकी का निरीक्षण किया। उन्होंने सरपंच श्रीमती बिज्जो वेट्टी से मिलकर पेयजल व्यवस्था की स्थिति और जल की गुणवत्ता की जानकारी ली। सरपंच ने उन्हें बताया कि योजना शुरू होने के बाद अब ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। घर-घर स्वच्छ पानी की आपूर्ति हो रही है।निरीक्षण के दौरान श्री सोन ने योजना के संचालन, जल वितरण प्रणाली तथा पानी की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने बारिश के दिनों में नियमित रूप से अधिक जल परीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को हर समय सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने ग्रामीणों को पानी की बचत और जल का अपव्यय रोकने के लिए जागरूक भी किया।राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने सुकमा जिले में दुब्बाटोटा ग्राम पंचायत के ग्राम फायदागुड़ा में सोलर पंप आधारित पेयजल योजना का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी टंकी एवं स्टैंड पोस्ट का अवलोकन कर कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सरपंच श्रीमती परसेक दुले से जल जीवन मिशन के कार्यों पर चर्चा कर गांव की जनसंख्या, पानी टंकी के संचालन की तिथि तथा पूर्व में ग्रामीणों के पेयजल स्रोतों के बारे में जानकारी ली।श्री सोन ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से कहा कि कोई भी गांव जल जीवन मिशन की योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए। सभी ग्रामीणों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने जल संचय पर विशेष ध्यान देने की बात कही तथा सरपंच एवं सचिवों को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में लॉग-इन कर समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने हर गांव में एक व्यक्ति को प्रशिक्षित कर मिशन के कार्यों में सक्रिय भूमिका देने और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने नियमित अंतराल में पानी टंकी की सफाई व अन्य सुधार कार्य कराने के निर्देश भी दिए।श्री सोन ने ग्रामीणों को जल संचयन और जलस्रोतों की सस्टेनिबिलिटी (Sustainability) के बारे में जागरूक किया। दोनों गांवों में निरीक्षण के दौरान सुकमा के कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण, जल जीवन मिशन के अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता श्री जी.एल. लखेरा और अधीक्षण अभियंता श्री कैलाश मढ़रिया भी मौजूद थे।भूसारास में घर-घर जाकर जल आपूर्ति देखी, अपने सामने जल की गुणवत्ता का कराया परीक्षण, ‘जल अर्पण’ कर ग्राम पंचायत को सौंपी योजना के संचालन की जिम्मेदारीदंतेवाड़ा के भूसारास में भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव श्री कमल किशोर सोन ने घर-घर जाकर 2 करोड़ 82 लाख रुपए की लागत से तैयार नल जल योजना द्वारा जल की आपूर्ति देखी। उन्होंने ग्रामीणों और जल बहिनियों से संवाद कर योजना के संचालन व पानी की गुणवत्ता को लेकर उनके अनुभव जाने। उन्होंने जल बहिनियों से अपने सामने पानी की गुणवत्ता का परीक्षण भी कराया जिस पर वे संतुष्ट दिखे।श्री सोन ने सरपंच को ‘जल अर्पण’ कर नल जल योजना के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को सौंपी। सरपंच श्री मंडावी ने इस दौरान कहा कि जल जीवन मिशन ने पूरे गांव को पेयजल की समस्या से मुक्ति दिला दी है। इससे गांववालों के जीवन स्तर में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव महसूस किया जा रहा है।श्री सोन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए इस बात पर विशेष जोर दिया कि भविष्य में भी योजना का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर घर तक शुद्ध जल की सतत उपलब्धता बनी रहे। दंतेवाड़ा के कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, अतिरिक्त मिशन संचालक श्री ओंकेश चंद्रवंशी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री कैलाश मढ़रिया और कार्यपालन अभियंता श्री जगदीश कुमार भी इस दौरान उपस्थित थे।राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के संचालक श्री कमल किशोर सोन ने जिला मुख्यालय सुकमा में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने गर्मियों में पेयजल संकट की स्थिति और इससे निपटने के उपायों की भी समीक्षा की। बैठक में राज्य में पेयजल की व्यवस्था तथा गर्मियों में उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जल जीवन मिशन के राज्य संचालक श्री जितेन्द्र शुक्ला और बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह भी बैठक में शामिल हुए।श्री सोन ने बैठक में सभी कलेक्टरों से जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति, उनकी प्रगति, कार्य में आ रही समस्याओं तथा उनके निराकरण के लिए बनाई गई कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल की समस्या वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित कर समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक गांव में कम से कम एक व्यक्ति को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए, जिससे जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित बोर, सोलर पंप एवं पेयजल व्यवस्था में आने वाली छोटी तकनीकी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान किया जा सके। उन्होंने जल सेवा आकलन के माध्यम से ऐसे परिवारों एवं क्षेत्रों को चिन्हांकित करने को कहा जो अब तक योजना के लाभ से वंचित हैं।श्री सोन ने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा वहां पानी की कमी न होने देने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टरों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर ग्राम पंचायत विकास योजना के अंतर्गत जल संबंधी कार्यों की प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
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*20 लाख रूपये में नई पाईप लाईन डालने का कार्य होगा, सामुदायिक भवन शेड नाली आदि विविध विकास कार्य होंगे*
रायपुर/ रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकांत राठौड सहित रायपुर नगर निगम जोन 5 अंतर्गत डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड कमांक 68 में लगभग 43 लाख के नये विविध विकास कार्यों को जनहित में जनसुविधा विस्तार हेतु शीघ्र करवाने पुराना चंगोराभाठा क्षेत्र पहुंचकर श्रीफल फोडकर एवं कुदाल चलाकर भूमिपूजन करते हुए नगरवासियों को एक और शानदार सौगात दी।
भूमिपूजन के अवसर पर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, सभापति श्री सूर्यकांत राठौड सहित जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल, डॉ. खूबचंद बघेल वार्ड कमांक 68 की पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू, पूर्व पार्षद श्री बसंत गिरपुंजे, जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके, उपअभियंता सुश्री प्राची चौबे सहित बड़ी संख्या में पुराना चंगोराभाठा क्षेत्र के रहवासी गणमान्यजनों, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नवयुवकों, बच्चों की उपस्थिति में लगभग 43 लाख रूपये के नये विकास कार्यों का भूमिपूजन सहित कार्यारंभ किया गया।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि नगर निगम रायपुर द्वारा महापौर श्रीमती मीनल चौबे के सतत प्रयासों से चंगोराभाठा क्षेत्र की पेयजल समस्या का निदान करने चंगोराभाठा और रायपुर जलागार का कमांड एरिया पृथक -पृथक करने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिससे समाधान पेयजल समस्या का हो जायेगा।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने इस पर गहन अप्रसन्नता व्यक्त की कि संबंधित अधिकारियों ने समय पर पेयजल समस्या दूर करने वांछित जानकारी महापौर तक को उपलब्ध नहीं करवायी। अत्यधिक विलंब से जानकारी दिए जाने के कारण से इस वर्ष भी गर्मी में यहां के रहवासियों को गहन पेयजल संकट का सामना करना पड़ा ।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने निर्देशित किया कि सभी नये विकास कार्यों को तय समय सीमा में सतत मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता युक्त तरीके से संबंधित अधिकारीगण एवं सम्बंधित अनुबंधित ठेकेदार पूर्ण करवाना हर हाल में सुनिश्चित कर लेवें।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि चंगोराभाठा क्षेत्र में सड़क मार्ग पर बाजार विगत कई वर्षों से लगाया जा रहा है। इससे उत्पन्न सड़क यातायात की गहन समस्या को यहां रिक्त शासकीय भूमि की उपलब्धता होने पर मंडी बोर्ड से आवश्यक धनराशि स्वीकृत करवाकर दूर करेंगे एवं नए बाजार का निर्माण व विकास करवाकर वहां सम्मान सहित सब्जी फल व्यवसायियों को व्यवस्थापन दिलवायेंगे, ताकि अच्छा बाजार विकसित हो एवं इसके साथ ही चंगोराभाठा में सड़क पर यातायात की समस्या दूर हो सके।
रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने कहा कि राजधानी रायपुर शहर में चंगोरामाठा, संतोषी नगर, मठपुरैना जैसे आउटर क्षेत्रों में नया विकास कार्य करवाने की व्यापक संभावनाएं हैँ । इन क्षेत्रों को सबके साथ मिलकर नए विकास कार्य करवाकर तेजी के साथ विकसित करने का कार्य करवायेंगे।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि चंगोराभाठा का अत्यंत तेजी के साथ निरन्तर विकास हो रहा है। पहले यहां जनसंख्या कम थी एवं यह क्षेत्र ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता था। रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में सम्मिलित होने के बाद रायपुर निगम में वार्ड बनने के बाद चंगोराभाठा में जनसंख्या बड़ी तेजी से बढी एवं विकास भी तेज गति से लगातार से हुआ। पेयजल के संसाधन सीमित होने पर यहां पेयजल संकट की स्थिति आयी। चंगोरामाठा में नए बड़े जलागार का निर्माण करवाकर रायपुर नगर निगम के तत्कालीन महापौर रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी ने पेयजल संकट निदान हेतु कार्य किया। चंगोराभाठा जलागार से रायपुरा क्षेत्र को भी वहाँ के रहवासी नागरिको को जलआपूर्ति की जाती रही। अब चंगोराभाठा में गहन जलसंकट के निदान हेतु राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर लगभग 50 लाख रू. स्वीकृत किये गये है एवं इससे चंगोराभाठा और रायपुरा पानी टंकी का कमांड एरिया पृथक पृथक करने का कार्य प्रारंभ किया गया है। जिससे जुलाई माह 2026 तक चंगोराभाठा की पेयजल समस्या का स्थायी निदान कर लिया जायेगा।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने चंगोराभाठा क्षेत्र के रहवासी नागरिको से पेयजल संकट को पूरी तरह दूर करने अपने -अपने घरो में शीघ्र रैन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु पीट का निर्माण कार्य करवाने विनम्र अपील की। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने साफ कहा कि वर्षा जल का संचयन कर धरती माता को जल वापस करने पर ही हम सबकी आगामी पीढी को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा इस लिए सभी महिलाएं एवं समस्तजन अपने - अपने घर में अनिवार्य रूप से रैन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली लगवाने भविष्य के संभावित जलसंकट को दूर करने गंभीरता से विचार करके अवश्य करवायें ।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने वार्ड पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू को वार्ड की जलसमस्या का निदान करने लगातार सक्रिय व जागरूक रहकर कार्य करने पर सराहा। अंत में वार्ड पार्षद श्रीमती दुर्गा यादराम साहू ने नगर निगम जोन 5 अंतर्गत डॉ खूबचंद बघेल वार्ड क्रमांक 68 के क्षेत्र में लगभग 43 लाख के नये विकास कार्य प्रारंभ करने भूमिपूजन करने पर समस्त वार्डवासियों की ओर से रायपुर दक्षिण विधायक श्री सुनील सोनी, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकांत राठौड और जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अम्बर अग्रवाल को मंच से हार्दिक धन्यवाद दिया।



























