- Home
- छत्तीसगढ़
- -विधायक अनुज शर्मा एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने पद्म विभूषण तीजन बाई से अस्पताल में की मुलाकातरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पद्म विभूषण एवं विश्वविख्यात पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई के परिजनों से दूरभाष के माध्यम उनका हालचाल जाना तथा मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की तथा हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।श्रीमती तीजन बाई से विधायक श्री अनुज शर्मा एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आज एम्स पहुंचकर मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सिंह ने श्रीमती तीजन बाई के परिजनों से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरभाष पर बातचीत भी कराई।विधायक श्री शर्मा ने कहा कि "पद्म विभूषण श्रीमती तीजन बाई हमारी लोककला की अमूल्य धरोहर हैं। मैं उनके शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ।" कलेक्टर डॉ. सिंह ने श्रीमती तीजन बाई के परिजनों से भी मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज महाराष्ट्र मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में समाज के युवा डॉक्टरों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने लोक भवन की ओर से महाराष्ट्र मंडल को प्रदत्त एंबुलेंस का लोकार्पण भी किया।अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि डॉक्टर और चार्टर्ड अकाउंटेंट दोनों ही समाज के विकास और प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं। डॉक्टर मानव जीवन की रक्षा और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े होते हैं, जबकि चार्टर्ड अकाउंटेंट उद्योग, व्यापार और व्यवसाय को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि चिकित्सा एक नोबल व्यवसाय है, जो केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वाेच्च दायित्व है। मरीज डॉक्टर को भगवान का स्वरूप मानता है, इसलिए चिकित्सकों की जिम्मेदारी अत्यंत गंभीर है। कठिन परिश्रम और अपने अभिभावकों के सहयोग से डॉक्टर बनने वाले युवाओं को सेवा भावना के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की जिम्मेदारी केवल अस्पताल तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह 24 घंटे समाज की सेवा के लिए तत्पर रहता है।राज्यपाल ने चिकित्सकों से कहा कि आधुनिक जांच रिपोर्टों के आधार पर उपचार आवश्यक है, लेकिन मरीज का प्रत्यक्ष परीक्षण और उससे आत्मीय संवाद भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इससे मरीज को मानसिक संतोष मिलता है और चिकित्सक के प्रति उसका विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों के प्रति संवेदनशील, सहानुभूतिपूर्ण और मानवीय व्यवहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में आज जो अभूतपूर्व प्रगति हुई है, उसका श्रेय मानव की बुद्धिमत्ता, अनुसंधान और निरंतर नवाचार को जाता है।चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका पर राज्यपाल ने कहा कि आज उनके कार्य का दायरा काफी व्यापक हो गया है। वे केवल लेखा-जोखा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यवसायियों के मार्गदर्शक और मेंटर की भूमिका भी निभाते हैं। व्यवसाय का विस्तार कैसे किया जाए, स्टार्टअप कैसे स्थापित किया जाए तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ कैसे प्राप्त किया जाए, इसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं।उन्होंने कहा कि आज अनेक युवा पारिवारिक व्यवसाय को अपेक्षित महत्व नहीं देते और उसमें संभावनाएं कम देखते हैं, जबकि सही सोच, नवाचार और उचित मार्गदर्शन से पारिवारिक व्यवसाय को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष श्री अजय मधुकर काले ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित थे।
- -परिजनों से फोन पर चर्चा कर जाना स्वास्थ्य : बेहतर उपचार और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देशरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई के अस्वस्थ होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनके शीघ्र एवं पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। श्रीमती तीजन बाई वर्तमान में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के मेडिकल आईसीयू में उपचाराधीन हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रीमती तीजन बाई के परिजनों से स्वयं दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि तीजन बाई के उपचार, निरंतर चिकित्सकीय निगरानी तथा सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा उपलब्ध हो सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीमती तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय पंडवानी शैली और विलक्षण कला-साधना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनका योगदान राज्य की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है।मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि तीजन बाई शीघ्र पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः अपनी अनुपम कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाती रहें।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा का जताया आभाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा छत्तीसगढ़ को 46,500 मीट्रिक टन अतिरिक्त डीएपी आवंटित किए जाने पर उनका हार्दिक आभार व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा के विशेष सहयोग से लिया गया यह निर्णय प्रदेश के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि कुछ समय पूर्व नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा से हुई भेंट के दौरान उन्होंने खरीफ सीजन की आवश्यकताओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ के लिए अतिरिक्त डीएपी उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया था, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को अतिरिक्त डीएपी का आवंटन प्राप्त हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूरिया की उपलब्धता पहले से ही पर्याप्त थी और अब अतिरिक्त डीएपी मिलने से खरीफ सीजन के लिए खाद की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इससे किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा तथा कृषि कार्य सुचारु रूप से संचालित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें समय पर डीएपी, यूरिया सहित सभी आवश्यक कृषि आदान उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार अन्नदाता के कल्याण और कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
- -गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित समारोह में होंगे शामिल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे अध्यक्षतारायपुर । छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार फेस-2 के नामकरण एवं लोकार्पण समारोह का आयोजन 5 जुलाई 2026 (रविवार) को शाम 5:00 बजे किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।कार्यक्रम में मंत्री श्री केदार कश्यप, मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब तथा रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक समारोह में शामिल होंगे।
- -125 दिनों का रोजगार, 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी और मेट की जिम्मेदारी से बढ़ा आत्मविश्वासरायपुर / शासन की विकसित भारत-जीरामजी (ग्रामीण रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन) योजना दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इस योजना से उन्हें अधिक रोजगार, बेहतर मजदूरी और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य मिल रहा है। पहले जहां मनरेगा के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, वहीं अब वीबी-जीरामजी योजना के अंतर्गत 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है। इससे दिव्यांग हितग्राहियों की आय बढ़ी है और उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुंदरा निवासी दिव्यांग श्री चंद्रप्रकाश साहू को वीबी-जीरामजी योजना के तहत 100 मजदूरों के लिए मेट की जिम्मेदारी दी गई है। वे बताते हैं कि पहले उन्हें मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन अब 125 दिनों तक काम और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।उन्होंने कहा कि मेट की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गर्व की बात है। इससे उन्हें समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला है।श्री चंद्रप्रकाश साहू को राजनांदगांव प्रवास के दौरान जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। वे बताते हैं कि यह सम्मान उनके जीवन का अविस्मरणीय पल है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और आगे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिली है।विकासखंड डोंगरगांव के ग्राम कोहका की दिव्यांग सुश्री रंभा मंडावी को भी वीबी-जीरामजी योजना के तहत मेट का कार्य मिला है। पहले उन्हें मनरेगा में 261 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी के साथ 100 दिनों का रोजगार मिलता था। अब उन्हें 125 दिनों का रोजगार और 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिल रही है, जिससे उनकी आय बढ़ी है और परिवार को आर्थिक संबल मिला है।सुश्री रंभा मंडावी ने बताया कि वे मेट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ गांव के लोगों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी देती हैं, ताकि पात्र हितग्राही समय पर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।उन्हें भी जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से उनका उत्साह और आत्मविश्वास दोनों बढ़े हैं।दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद बनी योजनादोनों हितग्राहियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी योजना दिव्यांगजनों के लिए सम्मानजनक आजीविका का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के तहत बढ़े कार्य दिवस, बेहतर मजदूरी और जिम्मेदारीपूर्ण दायित्व ने उनके जीवन में नई उम्मीद, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुरक्षा का संचार किया है।
- -रोजगार अवधि बढ़ने एवं मजदूरी में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण, गोमती साहू ने जताई खुशीरायपुर / ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन का आधार देने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ने गांवों में नई उम्मीद जगाई है। रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन किए जाने और मजदूरी दर में वृद्धि से ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। मुंगेली जिले के ग्राम लिम्हा की निवासी श्रीमती गोमती साहू ने इस योजना को ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बतया। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण परिवारों को वर्ष में केवल 100 दिनों का रोजगार मिलता था, जिससे कई बार आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करना कठिन हो जाता था। अब योजना के तहत 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की गारंटी मिलने से परिवार की आय बढ़ेगी और घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा।गोमती साहू ने कहा कि बढ़ी हुई मजदूरी से बच्चों की शिक्षा, परिवार की दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में काफी सुविधा होगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि गांव में ही अधिक दिनों तक रोजगार उपलब्ध होने से अब रोजगार की तलाश में बाहर पलायन करने की आवश्यकता भी कम होगी। यह मिशन केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों के समग्र विकास की मजबूत नींव भी रखेगा। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियों के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिलेगी। गोमती साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय ग्रामीण परिवारों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी और गांवों के विकास को नई गति मिलेगी।
- -केंद्र एवं राज्य शासन की सब्सिडी से घर की छत पर लगा सोलर रूफटॉपरायपुर / प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों के बिजली खर्च को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम मोखला निवासी श्री विद्यासागर साहू ने इस योजना का लाभ लेकर अपने घर की छत पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। इससे वे स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं तथा भविष्य में बिजली खर्च में बचत का लाभ प्राप्त करेंगे। श्री विद्यासागर साहू ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवेदन कर अपने घर में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कराया। योजना का बैंकिंग प्रक्रिया छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक भर्रेगांव शाखा से पूरी हुई। योजना के तहत उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रूपए तथा राज्य शासन से 30 हजार रूपए की सब्सिडी स्वीकृत हुई है। सब्सिडी दावा की प्रक्रिया भी पूर्ण हो चुकी है तथा शीघ्र ही राशि उनके बैंक खाते में प्राप्त हो जाएगी।श्री विद्यासागर साहू ने बताया कि सोलर रूफटॉप सिस्टम का स्थापना कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में संयंत्र सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। मोर बिजली मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रतिदिन सोलर पैनल द्वारा उत्पादित बिजली एवं बिजली की खपत की जानकारी आसानी से देख रहे हैं। इससे ऊर्जा उत्पादन की निगरानी सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक हो गई है। श्री विद्यासागर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। यह योजना न केवल बिजली खर्च कम करने में सहायक है, बल्कि स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।श्री विद्यासागर साहू ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी से सोलर रूफटॉप लगवाना पहले की अपेक्षा अधिक सुलभ हो गया है। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार को स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में आगे आना चाहिए। इससे बिजली पर होने वाले खर्च में कमी आएगी, ऊर्जा की बचत होगी तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सभी की सहभागिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए केन्द्र एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं जनहितकारी पहल है। इससे नागरिकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।
- -बेमेतरा में अवैध उर्वरक भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, 275 बोरी यूरिया जब्त; किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य सरकार सजगरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को समय पर, उचित मूल्य पर और गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे प्रदेश में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अवैध भंडारण के विरुद्ध सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बेमेतरा जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 275 बोरी यूरिया जब्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश तथा कृषि विभाग के उप संचालक श्री मोरध्वज डडसेना के मार्गदर्शन में गठित जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा जिलेभर में लगातार औचक निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध हो तथा कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर अनुचित लाभ कमाने के प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।इसी अभियान के तहत प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर उड़नदस्ता दल ने ग्राम जानो, तहसील देवकर में अँजोर वर्मा के परिसर में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए 275 बोरी यूरिया का अवैध भंडारण पाया गया। मौके पर संपूर्ण उर्वरक को विधिवत जब्त कर लिया गया तथा संबंधित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। प्राप्त जवाब के परीक्षण के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।कृषि विभाग ने जब्त किए गए उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को केवल मानक गुणवत्ता वाले उर्वरक ही उपलब्ध कराए जाएं और किसी भी प्रकार की मिलावट अथवा निम्न गुणवत्ता की सामग्री बाजार में न पहुंचे।जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध भंडारण तथा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। यदि कोई निजी कृषि केंद्र, उर्वरक विक्रेता अथवा सहकारी संस्था इस प्रकार की अनियमितता करते हुए पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक होने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कर प्रकरण न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परिस्थिति में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन पूरे जिले में लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत प्राप्त होते ही बिना पूर्व सूचना के तत्काल जांच एवं छापामार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा, कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता तथा कृषि आदानों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश में चल रही इस तरह की सतत कार्रवाई न केवल कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने में सहायक होगी, बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत करेगी कि सरकार उनकी मेहनत, उनकी फसल और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।जिला प्रशासन ने किसानों एवं आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता की जानकारी मिले तो तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर / राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। इसी का प्रेरक उदाहरण सरगुजा जिले के विकासखंड अंबिकापुर की तैलासो राजवाड़े हैं, जो महादेव स्वयं सहायता समूह, रोशनी ग्राम संगठन (वीओ) एवं समृद्ध सरगुजा संकुल से जुड़ी हुई हैं। वे पिछले दो वर्षों से पशु सखी के रूप में कार्य करते हुए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं।तैलासो राजवाड़े बताती हैं कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका का सशक्त माध्यम मिला। वर्तमान में वे पशुपालकों को बकरियों की देखभाल, टीकाकरण के प्रति जागरूकता, समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाइयों की जानकारी उपलब्ध कराती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण एवं बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल रही है।उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें बड़ा बेटा कक्षा 12वीं, दूसरा कक्षा 10वीं तथा सबसे छोटा कक्षा 8वीं में अध्ययनरत है। पहले आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज स्वयं की आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं।तैलासो ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां पशुपालन एवं बकरियों के स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। उन्होंने कहा कि यदि पशु सखियों को नियमित रूप से उन्नत प्रशिक्षण एवं टीकाकरण संबंधी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को और बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकेंगी।उन्होंने यह भी बताया कि बिहान योजना के माध्यम से उन्हें आजीविका संवर्धन के लिए विभिन्न अवसर प्राप्त हुए हैं। योजना से मिली सहायता के आधार पर उन्होंने अपने खेत में बोर खुदवाया है तथा धान की खेती शुरू की है। भविष्य में वे सब्जी उत्पादन कर अपनी आय में और वृद्धि करने की योजना बना रही हैं। तैलासो राजवाड़े ने कहा कि बिहान योजना से जुड़कर उन्हें आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन मिला है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है और इससे अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
- -केरेमुड़ा में किसानों को दी गई ग्राफ्टेड टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती की कमान-नगरी विकासखंड में बांटे गए 1 लाख से अधिक पौधे, लागत घटेगी और बढ़ेगी किसानों की आय-जिला पंचायत, प्रदान (PRADAN) संस्था और गट्टासिल्ली FPO की अनूठी साझा पहलरायपुर ।खरीफ और रबी मौसम में बदलती जलवायु (Climate Change) की चुनौतियों के बीच किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कम लागत में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन दिलाने के लिए धमतरी जिले में एक बड़ी पहल की गई है। जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम केरेमुड़ा में ग्राफ्टेड (कलमी) टमाटर और बैंगन की वैज्ञानिक खेती पर एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पंचायत के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण का संचालन प्रदान (PRADAN) संस्था द्वारा किया गया।इस प्रशिक्षण में नगरी और मगरलोड विकासखंड की कृषि सखियों, मास्टर ट्रेनर्स सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को ग्राफ्टेड सब्जी उत्पादन की आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीकों से रूबरू कराकर उन्हें जलवायु-अनुकूल, टिकाऊ और अधिक मुनाफे वाली खेती के लिए प्रेरित करना था।अधिकारियों ने बताया कि इस आजीविका मिशन के तहत नगरी विकासखंड में किसानों को कुल 1 लाख 1 हजार 800 ग्राफ्टेड पौधों का वितरण किया गया है। इसमें 51 हजार 800 ग्राफ्टेड टमाटर और 50 हजार ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्राफ्टेड पौधे सामान्य पौधों की तुलना में बेहद मजबूत होते हैं। इनकी जड़ प्रणाली (Root System) सशक्त होती है, जिससे इनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। ये पौधे विपरीत मौसम में भी तेजी से बढ़ते हैं और बंपर पैदावार देते हैं, जिससे किसानों को बाजार में अपनी फसल की बेहतर कीमत मिलती है।ग्राफ्टिंग एक ऐसी वैज्ञानिक तकनीक है जिसमें एक पौधे के मजबूत जड़ वाले हिस्से (रूटस्टॉक) पर दूसरे अधिक उत्पादन देने वाले पौधे के ऊपरी हिस्से (सायन) को जोड़कर एक नया 'सुपर प्लांट' तैयार किया जाता है। इससे बीमारियां कम लगती हैं और पैदावार दोगुनी तक हो जाती है। प्रशिक्षण की सबसे खास बात रहा खेत पर आयोजित 'लाइव फील्ड डेमोंस्ट्रेशन' (व्यावहारिक प्रदर्शन)। इसमें किसानों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर सीधे खेत में ले जाकर भूमि की तैयारी, पौधों का उपचार, वैज्ञानिक तरीके से रोपण (Plantation), मल्चिंग, नमी संरक्षण और जैविक कृषि तकनीकों का लाइव प्रदर्शन करके दिखाया गया।इसके साथ ही कृषि विशेषज्ञों ने समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन (IPM), मृदा स्वास्थ्य (Soil Health), जैव उर्वरकों का सही उपयोग और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन की बारीकियां सिखाईं। संवाद सत्र में किसानों ने खेती के दौरान होने वाली अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को रखा, जिसका विशेषज्ञों ने मौके पर ही वैज्ञानिक समाधान बताया।इस पूरी मुहिम को धरातल पर उतारने में 'गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी' (FPO) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसके माध्यम से किसानों को उन्नत ग्राफ्टेड पौधे और जरूरी जैविक खाद-सामग्री उपलब्ध कराई गई। वहीं प्रदान संस्था द्वारा कृषि सखियों और किसानों को पूरे फसल चक्र (Crop Cycle) के दौरान लगातार तकनीकी और व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर उनका कौशल विकास किया जा रहा है।जिला पंचायत धमतरी के मार्गदर्शन में चल रही यह त्रिकोणीय पहल (प्रशासन, FPO और प्रदान संस्था) नगरी और मगरलोड विकासखंड में आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ खेती का एक नया मॉडल पेश कर रही है। इससे न केवल ग्रामीण आजीविका मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर पोषण सुरक्षा को भी एक नया आयाम मिलेगा।
- -नई दिल्ली स्थित आईआईआईडीईएम में आयोजित हुआ एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रमरायपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) में मीडिया एवं संचार अधिकारियों के लिए दूसरे एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। तीन जुलाई शुक्रवार को आयोजित सम्मेलन में देश के 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के विभिन्न जिलों के मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। छत्तीसगढ़ से सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, अपर संचालक जनसंपर्क विभाग तथा प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी सम्मेलन में शामिल हुए।सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की प्रत्येक कार्यवाही संविधान, निर्वाचन संबंधी कानूनों तथा आयोग द्वारा समय-समय पर जारी पारदर्शी दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित होती है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक एवं फर्जी सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने तथा तथ्यात्मक जानकारी के प्रभावी प्रसार के माध्यम से गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाने में मीडिया एवं संचार अधिकारियों की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत भारतीय मतदाताओं के निर्वाचन प्रणाली पर गहरे विश्वास का परिचायक है। चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने डिजिटल युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डीपफेक तथा भ्रामक डिजिटल सामग्री से उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इनका प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने चुनावी साक्षरता क्लबों के माध्यम से युवा मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया।सम्मेलन में निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों से संबंधित संचार रणनीतियों, मतदाता सूची प्रबंधन, मतदान एवं मतगणना प्रक्रिया, ईसीआईनेट, संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों, मीडिया प्रबंधन, प्रेस विज्ञप्ति लेखन, सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा भ्रामक सूचनाओं के प्रबंधन पर विस्तृत तकनीकी एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को समूहों में निर्वाचन प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रदर्शन कराया गया तथा प्रदर्शनी एवं मीडिया कॉर्नर का अवलोकन भी कराया गया। कार्यक्रम के दौरान हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने निर्वाचन प्रबंधन एवं जनसंचार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा प्रभावी संचार की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर चर्चा की। सम्मेलन का समापन प्रतिभागियों एवं भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।
- -पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर हुई चर्चारायपुर / नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के आवंटन, पंचायतों की वित्तीय क्षमता को सुदृढ़ करने तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर सेवा प्रदायगी, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में सहभागिता करते हुए पंचायतों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आयोजित प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श का अवलोकन किया।कार्यशाला के दौरान 16वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों (Rural Local Bodies) के लिए प्रस्तावित अनुदान की जानकारी साझा की गई। आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि में छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट तथा 2,333 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। वहीं, ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है। वर्षवार आवंटन के अनुसार 2026-27 में राज्य को 1,498 करोड़ रुपए की बेसिक ग्रांट मिलेगी। 2027-28 में 1,663 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 248 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2028-29 में 1,846 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 624 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2029-30 में 2,049 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 693 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट तथा 2030-31 में 2,275 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 768 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट का प्रावधान किया गया है।यह अनुदान ग्राम पंचायतों एवं अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत अधोसंरचना के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
-
सरकार की सख्ती से वन्यजीव अपराधों पर लग रहा अंकुश, वन्यजीव संरक्षण को मिल रही मजबूती
रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम द्वारा अवैध शिकार के विरुद्ध विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में कवर्धा परियोजना मंडल ने नर चीतल के अवैध शिकार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद जेल भेज दिया गया।मुखबिर की सूचना पर योजनाबद्ध कार्रवाईवन विकास निगम के बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र के भलपहरी बीट स्थित जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर लगभग तीन वर्ष के नर चीतल का शिकार किया। इसके बाद उसके मांस को पकाकर आपस में बांटने की तैयारी की जा रही थी। मुखबिर से मिली सूचना पर वन विकास निगम की टीम ने तत्काल योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सभी सात आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।शिकार में प्रयुक्त सामग्री और चीतल का मांस जब्तकार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से लगभग 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन की रस्सी, तीन कुल्हाड़ियां, स्टील के तार एवं लकड़ी से बने फंदे तथा खून से सना थैला बरामद कर जब्त किया गया। आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।सघन निगरानी और गश्त से मिल रही सफलतावन विभाग और वन विकास निगम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त, सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा विशेष निगरानी अभियान चलाने के कारण वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से अवैध शिकार करने वालों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।वन्यजीव संरक्षण के लिए सरकार की स्पष्ट नीतिमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग आधुनिक निगरानी व्यवस्था, नियमित गश्त और प्रभावी सूचना तंत्र के माध्यम से वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने का कार्य कर रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि वन्यजीवों का अवैध शिकार करने या प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वन मंत्री श्री कश्यप ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वन्यजीवों के संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं। यदि कहीं भी अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा और जैव विविधता का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। file photo - -18 से 25 वर्ष तक के आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी हो सकते हैं कार्यशाला में शामिलबालोद । पीएम इंटर्नशिप योजना 2026 के अंतर्गत शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर में आज सुबह 11 बजे से 03 बजे तक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुरूर के प्राचार्य ने बताया कि आईटीआई उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी जिनकी आयु 18 से 25 वर्ष तक है, वे अपने समस्त शैक्षणिक तथा आवश्यक प्रमाण-पत्र के साथ उक्त कार्यशाला में शामिल होकर अवसर का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- - राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सभी नियुक्तियों में शासन की मार्गदर्शिका का किया गया कड़ाई से पालनबालोद ।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत बालोद जिले में विभिन्न पदों पर की गई संविदा भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और शासकीय नियमों के अनुरूप संपन्न की गई है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा ने बताया कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित इस भर्ती में शासन के निर्धारित मार्गदर्शिका और मापदंडों का कड़ाई से पालन किया गया है। उन्होंने बताया कि संविदा भर्ती के अंतर्गत अभ्यर्थियों द्वारा जमा किए गए स्व-प्रमाणित शैक्षणिक दस्तावेजों और घोषणा पत्र के आधार पर पूर्ण प्रामाणिकता के साथ अंकों का निर्धारण किया गया है। विभाग युवाओं को अवसर देने और संपूर्ण चयन प्रक्रिया की उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में अभ्यर्थी आशा साहू को कार्यालय द्वारा 18 नवंबर 2024 को नियुक्ति आदेश जारी किया गया। जिसके परिपालन में 25 नवंबर 2024 को कार्यस्थल पर उपस्थिति दी गई। जिसके 10 दिवस के बाद 05 दिसंबर 2024 को अभ्यर्थी द्वारा पारिवारिक जिम्मेदारी और शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक तैयारी का आवेदन कार्यालय में सौंपकर त्यागपत्र दिया गया, जिसे नियमानुसार स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की सभी भर्ती व्यवस्थाओं को पूरी तरह आदर्श और पारदर्शी बताया है।
- -समय पर मिली आर्थिक सहायता से खरीफ की तैयारियों को मिली गति, खेती की लागत का बोझ हुआ कमरायपुर ।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए खेती-किसानी को नई मजबूती प्रदान कर रही है। योजना के तहत मिलने वाली प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता से किसानों को कृषि आदानों की समय पर व्यवस्था करने में सुविधा मिल रही है, जिससे खेती की लागत का दबाव कम हो रहा है और वे पूरे उत्साह के साथ कृषि कार्यों में जुट रहे हैं।जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत ग्राम नवापारा निवासी किसान श्री रामनाथ कश्यप भी योजना से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त प्राप्त होने के बाद उन्होंने खरीफ सीजन की तैयारियां तेज कर दी हैं।श्री कश्यप ने बताया कि वे लगभग 7 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करते हैं। प्रत्येक फसल सीजन की शुरुआत में बीज, उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि आदानों की व्यवस्था के लिए पर्याप्त राशि की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता खेती की तैयारियों को आसान बनाती है और आर्थिक दबाव को काफी हद तक कम कर देती है। उन्होंने बताया कि 23वीं किस्त से प्राप्त राशि का उपयोग वे बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि कार्यों में करेंगे, जिससे समय पर बुवाई के साथ बेहतर उत्पादन की उम्मीद है।श्री रामनाथ कश्यप ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। यह योजना खेती के लिए समय पर आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है, जिससे किसानों का जीवन अधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर बन रहा है।
- -नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने की रायपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा-राजधानी की गरिमा के अनुरूप साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश, स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए व्यवस्था दुरुस्त करने कहा-तकनीकी अड़चनें दूर कर अप्रारंभ कार्यों को तत्काल शुरू करने के दिए निर्देशरायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने शुक्रवार को वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ रायपुर नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर राजधानी रायपुर में विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर नगर निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक में तकनीकी कारणों से लंबित अप्रारंभ कार्यों की बाधाएं दूर कर उन्हें तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को हर 15 दिनों में कार्यस्थलों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री आर. एक्का और रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा भी बैठक में मौजूद थे।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि राजधानी में नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बुनियादी सेवाओं की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए सभी जोन कमिश्नरों, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारियों और नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ निर्वहन करने को कहा। नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव ने शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर व्यापक सफाई अभियान चलाने तथा जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी नियमित एवं प्लेसमेंट अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्धारित समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलने से कार्यक्षमता और सेवा वितरण दोनों बेहतर होते हैं।उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के आवासों के निर्माण में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा के दौरान रायपुर की स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने को कहा।सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने राजधानी की गरिमा के अनुरूप स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने, शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने तथा कचरा परिवहन की व्यवस्था की नियमित निगरानी व समीक्षा करने को कहा। उन्होंने नालंदा परिसर की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा और रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक श्री एस.के. सुन्दरानी सहित नगर निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, जोन कमिश्नर, अभियंता, सभी विभागों के प्रभारी अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन के वार्ड प्रभारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी तथा जोन सहायक राजस्व अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
- -यूटिलिटी शिफ्टिंग में तेजी लाने के दिए निर्देश, शासकीय भवनों के उपकरणों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने कहारायपुर।. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक लेकर विभाग द्वारा किए जा रहे विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक सुव्यवस्थित, तेज और प्रभावी बनाने के साथ ही कार्यों में आधुनिक तकनीकों व उपकरणों का अधिकतम उपयोग करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में अधिकारियों को भवनों, सड़कों और पुलों के विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों में उच्च गुणवत्ता और टिकाऊ सामग्रियों के उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा खरीदी गई सामग्री के जीएसटी बिल अनिवार्य रूप से जमा कराने को कहा। उन्होंने शासकीय भवनों में स्थापित सभी विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का समग्र ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे परिसंपत्तियों के रखरखाव और प्रबंधन में पारदर्शिता तथा दक्षता आएगी।विभागीय सचिव ने मरम्मत, रखरखाव तथा विभिन्न आयोजनों से संबंधित बिलों के भुगतान नियमित रूप से एक माह के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-ऑफिस के माध्यम से भुगतान की कार्यवाही करने को कहा। उन्होंने चालू जुलाई माह में 30 जून 2026 तक के सभी लंबित बिलों के भुगतान करने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने प्रमुख अभियंता को कार्यपालन अभियंताओं के लिए आवश्यक बजट आबंटन जारी करने को कहा।श्री बंसल ने बैठक में यूटिलिटी शिफ्टिंग के कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन कार्यों के कारण निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने शहरों के बीच की सड़कों पर स्थापित स्ट्रीट लाइटों के संचालन, संधारण एवं मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित नगरीय निकायों को सौंपने के लिए आवश्यक समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने शासकीय भवनों के हैंडओवर के समय ही वहां स्थापित लिफ्टों के संचालन, संधारण और मरम्मत की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शासकीय आयोजनों एवं कार्यक्रमों में लगने वाली व्यवस्थाओं के लिए ठेकेदारों एवं वेंडर्स से रेट-कॉन्ट्रैक्ट व रेट-इम्पैनलमेंट करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अन्य राज्यों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें लागू करने को कहा।श्री बंसल ने विद्युत एवं यांत्रिकी ठेकेदारों के साथ भी बैठक कर कार्यों में आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्युत एवं यांत्रिकी कार्यों में सुदृढ़ता एवं तेजी लाने के लिए उनसे सुझाव भी मांगे। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, विद्युत एवं यांत्रिकी परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम और श्री जी.एस. मंडावी, अधीक्षण अभियंता श्री सुरेश भूपल और श्री एन.के. लाल सहित सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता तथा उप संभागों के अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -रायपुर में होगा राष्ट्रीय ’साइंस म्यूजियम’ का आयोजन-प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, आईएसओ प्रमाणन, साइंस सिटी और दो वर्षीय कार्ययोजना बनाने दिए निर्देशरायपुर । छत्तीसगढ़ में विज्ञान एवं अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा देने की पहल के तहत प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने शुक्रवार को रायपुर स्थित विज्ञान केन्द्र का निरीक्षण कर छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (सीजी कॉस्ट) की केंद्रीय प्रयोगशाला सुविधा का जायजा लिया। उन्होंने प्रयोगशालाओं, तकनीकी इकाइयों एवं अन्य वैज्ञानिक सुविधाओं का अवलोकन करते हुए उनके आधुनिकीकरण, संसाधनों के विस्तार तथा गुणवत्ता उन्नयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संभावित आगामी माह दिसम्बर में राजधानी रायपुर में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय साइंस म्यूजियम का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गौरतलब है कि इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर के साइंस सेंटर हिस्सा लेंगे।निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव श्री बोरा ने परिषद की सभी शाखाओं एवं प्रयोगशालाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विज्ञान केन्द्र की लाइब्रेरी को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित बनाने, प्रयोगशालाओं को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करने तथा शोध एवं अनुसंधान गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान केन्द्र को राज्य में विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए दीर्घकालीन योजना के साथ कार्य किया जाए। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने इस मौके पर विज्ञान केन्द्र परिसर में वृक्षारोपण भी किया।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने निर्देश दिए कि परिषद की वैज्ञानिक सुविधाओं का लाभ केवल परिषद तक सीमित न रहे, बल्कि शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों को भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों की व्यापक समीक्षा कर उन्हें अधिक उपयोगी एवं सुलभ बनाने तथा युवाओं को विज्ञान गतिविधियों से जोड़ने के लिए विज्ञान केंद्रों की गतिविधियों का सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया।उन्होंने विज्ञान भवन में आवश्यक अधोसंरचना एवं गुणवत्ता मानकों का विकास कर शीघ्र आईएसओ प्रमाणन प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिषद में संचालित जीआईएस आधारित प्रणाली के कार्यों की सराहना की तथा डीजीपीएस आधारित मैप निर्माण की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की।प्रमुख सचिव ने परिषद की सभी शाखाओं एवं प्रयोगशालाओं के प्रभारियों को आगामी दो वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रस्तावित साइंस सिटी परियोजना की तैयारियों में तेजी लाने, आवश्यक मानव संसाधन विकसित करने, नए पदों के सृजन एवं भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।उन्होंने विज्ञान केन्द्र में उपलब्ध वैज्ञानिक उपकरणों एवं भवनों के नियमित रखरखाव और मरम्मत के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि केंद्र के बेहतर संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित समीक्षा की जाएगी।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर एवं सीजी कॉस्ट के महानिदेशक श्री प्रशांत कवीश्वर, डॉ. शिरीष कुमार सिंह, डॉ. अमित मेश्राम, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. अमित राम, सुश्री प्रज्ञा कदम, डॉ. वसीम रजा, क्यूरेटर श्री प्रदीप कुर्रे सहित परिषद के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -6 माह से बंद हैंडपंप हुआ चालू, लीलापुर के ग्रामीणों को फिर मिली स्वच्छ पेयजल की सुविधारायपुर ।शासन की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यप्रणाली का सशक्त माध्यम बन चुकी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसेमंद मंच बनकर उभर रही है। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम लीलापुर के निवासी श्री दिनेश कुमार की पहल और प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से ग्राम लीलापुर के वार्ड क्रमांक-16 में लगभग 6 माह से हैंडपंप खराब की मरम्मत कर पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। हेण्डपम्प खराब होने के कारण गॉव में पेयजल संकट बना हुआ था। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दराज से पानी लाना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।समस्या के समाधान के लिए गांव के निवासी श्री दिनेश कुमार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। आवेदन प्राप्त होते ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही प्रारंभ की। विभाग की तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंप का निरीक्षण किया और आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा किया। शिकायत दर्ज होने के मात्र 3 दिनों के भीतर हैंडपंप को पुनः सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। इसके बाद वार्ड के सभी परिवारों को फिर से स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलने लगी, जिससे लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो गया। दिनेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत का त्वरित निराकरण हुआ, जिससे पूरे वार्ड के लोगों को राहत मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
- रायपुर । जिला प्रशासन द्वारा खरीफ मौसम 2026 के दौरान उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक विक्रय केंद्रों के साथ-साथ अवैध भंडारण एवं नकली उर्वरकों के विरुद्ध कृषि विभाग द्वारा लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विभाग की टीम ने खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम पांडुका में बड़ी कार्रवाई करते हुए 202 बोरी संदिग्ध डीएपी खाद जब्त की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड खैरागढ़ अंतर्गत ग्राम पांडुका निवासी राजेश वर्मा के गोदाम से महाराष्ट्र निर्मित 202 बोरी खाद बरामद की गई, जिस पर डीएपी अंकित था। विभाग को सूचना मिली थी कि उक्त खाद किसानों को 1,900 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही है। सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।प्रारंभिक जांच के दौरान राजेश वर्मा द्वारा उक्त खाद को मनोज वर्मा का बताया गया, किंतु खाद की खरीदी एवं भंडारण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दस्तावेजों के अभाव में कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संपूर्ण स्टॉक को जब्त कर लिया तथा प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं पंजीकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री खरीदें तथा खरीदारी के समय पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजीकृत विक्रेताओं के साथ-साथ अन्य व्यक्तियों द्वारा कालाबाजारी, मुनाफाखोरी, अवैध भंडारण अथवा नकली खाद से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसानों के हितों की रक्षा की जा सके। कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि श्री लुकमान साहू, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री लखेश्वर तिवारी, श्री देवेंद्र वर्मा एवं श्री अश्विन पटौती उपस्थित रहे।
- -रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया मरम्मत कार्यरायपुर ।कटघोरा से अंबिकापुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के कटघोरा-शिवनगर खंड पर गुरसियाँ स्थित तान नदी ब्रिज को मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद आम यातायात के लिए पुनः खोल दिया है।परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक श्री मुकेश कुमार ने बताया कि आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए ब्रिज की आवश्यक संरचनात्मक मरम्मत रिकॉर्ड समय में पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही इस मार्ग पर यातायात पुनः पूर्ण क्षमता के साथ सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। पुल की रेलिंग के बचे कार्य को कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्य मरम्मत कार्य पूरा होने से कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों तथा भारी वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि एनएचएआई सुरक्षित, निर्बाध और उच्च गुणवत्ता वाली सड़क अवसंरचना उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
- रायपुर। गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले के पंजीकृत श्रमिकों को राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का समयबद्ध एवं निर्बाध लाभ दिलाने के उद्देश्य से श्रमिक ई-केवाईसी अभियान को गति दी जा रही है। जिला पंचायत में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के 75 से अधिक वीएलई (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वीएलई को आधार के अनुरूप डेटा संशोधन के बाद श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक पंजीकृत श्रमिकों का 31 जुलाई 2026 तक ई-केवाईसी और आवश्यक डेटा संशोधन पूरा कराया जाएगा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।सीनियर मैनेजर मोहम्मद रियाज ने ऑनलाइन डेटा संशोधन की पूरी प्रक्रिया का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने श्रमिक कार्ड में नाम, पता, आधार और अन्य आवश्यक जानकारियों में संशोधन की प्रक्रिया समझाते हुए त्रुटिरहित डेटा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सभी वीएलई को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के दौरान श्रम पदाधिकारी बी.एल. ठाकुर, श्रम निरीक्षक राहुल यादव और श्रम कल्याण अधिकारी प्रभात गुप्ता ने ई-केवाईसी के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं, ऑनलाइन प्रक्रिया की सामान्य त्रुटियों तथा उनके समाधान की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही दस्तावेजों के सत्यापन और पहचान संबंधी जानकारी का सावधानीपूर्वक मिलान करने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर श्रम पदाधिकारी बी.एल. ठाकुर ने जिले के सभी पंजीकृत श्रमिकों से अपील की, कि वे अपने नजदीकी सीएससी केंद्र में पहुंचकर आधार के अनुसार आवश्यक संशोधन के बाद ई-केवाईसी अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने पर भविष्य में श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है।
- -बैंकर्स, वेंडर्स और 'बिहान' की दीदियों के सामूहिक प्रयास से जिला बना 'ऊर्जा आत्मनिर्भरता' की मिसालरायपुर। छत्तीसगढ़ के नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत एक बड़ी क्रांति देखने को मिल रही है। कलेक्टर के नेतृत्व में जिले में यह योजना रॉकेट की रफ्तार से आगे बढ़ रही है। विभागीय तालमेल, बैंकर्स-वेंडर्स की सक्रियता और 'बिहान' छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला सदस्यों के मैदानी प्रचार-प्रसार के चलते जिले में हर दिन औसतन 8 घरों में सोलर सेटअप इंस्टॉल किए जा रहे हैं। विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता और जिले के ऊर्जा कर्मियों के कड़े परिश्रम से चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मिले 4,312 कनेक्शनों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है। पिछले तीन महीनों अप्रैल, मई और जून में ही जिले के घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और शासकीय-निजी कार्यालयों में 550 से अधिक सोलर सेटअप लगाए जा चुके हैं, जबकि 780 नए आवेदनों पर काम तेजी से चल रहा है।जिले में अब तक 1,700 से अधिक परिवार इस योजना से जुड़कर सीधे लाभ उठा रहे हैं। इन जागरूक उपभोक्ताओं ने अपने छतों पर लगे सोलर पैनलों से 5 लाख 88 हजार यूनिट ग्रीन एनर्जी (बिजली) का उत्पादन किया है। इससे हितग्राहियों को 25 लाख 80 हजार रुपये की सीधे मुफ्त बिजली का फायदा मिला है। इस तरह जिला अब वास्तव में “ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत” के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।इस योजना के तहत हितग्राहियों को केंद्र और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से संयुक्त रूप से अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक का अनुदान (सब्सिडी) सीधे बैंक खाते में दिया जा रहा है। बिजली बिल में भारी कटौती के साथ-साथ यह योजना स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार के अवसर पैदा कर रही है और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है।योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने बेहद पारदर्शी व्यवस्था बनाई है। उपभोक्ता घर बैठ कर आधिकारिक पोर्टलpmsuryaghar.gov.in,'पीएम सूर्य घर ऐप' या सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) का 'मोर बिजली ऐप' या टोल-फ्री नंबर 1912,पोर्टल पर जाकर उपभोक्ता अपनी पसंद के अधिकृत वेंडर का चुनाव खुद कर सकते हैं। सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ पंचायत, ग्रामीण विकास और स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मी भी इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में जुटे हैं।



-copy.jpg)























.jpg)