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- कृषि चौपाल का आयोजन कर किसानों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के दिए निर्देश
- सभी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के आधार सत्यापन का कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने कहा-एचपीवी वैक्सीनेशन कार्य में तेजी लाने के दिए निर्देश- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जनजागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश- कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा कीराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों एवं शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त आवेदनों, जन शिकायतों, शासकीय योजनाओं तथा सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों तथा लंबित प्रकरणों के समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन 1076 में विभागवार प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करना अनिवार्य है। इसके लिए सभी विभाग जिम्मेदारी के साथ गुणवत्तापूर्वक निराकरण करें। इसके लिए लगातार ऑनलाईन मॉनिटरिंग करने कहा। कलेक्टर ने विधानसभा सत्र से संबंधित के प्रश्नों के उत्तर निर्धारित समय-सीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जिले में वृहद स्तर पर पौधरोपण की तैयारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों के आधार सत्यापन का कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा, पीजीएन, पीजी पोर्टल एवं जनदर्शन के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की।कलेक्टर ने खरीफ सीजन में खाद-बीज वितरण एवं भण्डारण और खेती-किसानी के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि शासन ने खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना अंतर्गत फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी। उन्होंने किसानों को धान के बदले दलहन, तिलहन एवं अन्य फसल लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने कहा। जिससे किसानों को कम लागत में अधिक आमदनी मिल सके। उन्होंने सभी ग्रामों में कृषि चौपाल का आयोजन कर अधिक से अधिक किसानों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए। जिले के 1 लाख 44 हजार 572 किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन पूर्ण हो चुका है। शेष किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग का कार्य अनिवार्य रूप से किया जाए और इस कार्य को तेज गति से करने के निर्देश दिए। उनकी सोनोग्राफी, स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाईयों पर विशेष ध्यान देते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं से प्रतिदिन उनके स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी मोबाईल के माध्यम से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एचपीवी वैक्सीनेशन के संबंध में जानकारी ली। जिले में 3 हजार 800 किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाया जा चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्कूलों का रोस्टर बनाकर एचपीवी वैक्सीनेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। एक माह में लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों के बिजली व्यय को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। जिले में अब तक 3 हजार 620 हितग्राहियों द्वारा सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। जिससे हितग्राही स्वयं ऊर्जादाता बन चुके हैं। नागरिकों को इस योजना से लाभान्वित करने के लिए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से जिले के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को हितग्राहियों की चिन्हांकन कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। स्वनिधि योजना अंतर्गत शहरी क्षेत्र के 4563 हितग्राहियों को अब तक ऋण का वितरण किया जा चुका है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। - -खरीफ 2026 धान के बदले अन्य फसल लेने पर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ आदान सहायतामहासमुंद / राज्य शासन ने किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ वर्ष 2026 से फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए धान के बदले दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती करने वाले किसानों को अब 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।उप संचालक कृषि श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि राज्य शासन द्वारा पूर्व में कृषक उन्नति योजना के तहत धान के बदले वैकल्पिक फसलें लेने वाले किसानों को 11 हजार रुपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही थी। किसानों को अधिकाधिक फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से इस राशि को बढ़ाकर 15 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दिया गया है। इसके साथ ही वे किसान जो पूर्व से ही खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती कर रहे हैं, उन्हें एकीकृत किसान पोर्टल तथा एग्रीस्टैक पर पंजीयन एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर 10 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल से किसानों को पारंपरिक धान खेती के विकल्प के रूप में लाभकारी फसलों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा। इससे जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता में सुधार तथा कृषि लागत में कमी आने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।उप संचालक कृषि श्री कश्यप ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को एग्रीस्टैक एवं एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। साथ ही डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसल एवं रकबे का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन उपरांत पात्र किसानों को स्वीकृत आदान सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से अंतरित की जाएगी। किसान अपने नजदीकी सेवा सहकारी समिति अथवा संबंधित कृषि कार्यालय के माध्यम से पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
- -’वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता, जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत होने का मिला संकेत’-अखिल भारतीय बाघ आकलन (AITE) 2026 के कैमरा ट्रैप में पहली बार रिकॉर्ड हुआ चार ढोलों का संगठित झुंड’रायपुर ।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। अखिल भारतीय बाघ आकलन (AITE) 2026 के दौरान उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में लगाए गए कैमरा ट्रैप में चार दुर्लभ भारतीय जंगली कुत्तों (ढोल) का संगठित झुंड रिकॉर्ड हुआ है। वन विभाग ने इसे जंगल के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र और बेहतर वन्यजीव संरक्षण का महत्वपूर्ण संकेत बताया है।ढोल (भारतीय जंगली कुत्ता) देश के सबसे दुर्लभ और संकटग्रस्त मांसाहारी वन्यजीवों में शामिल है। इनकी मौजूदगी यह दर्शाती है कि टाइगर रिजर्व में शिकार प्रजातियों की संख्या बढ़ी है और प्राकृतिक आवास पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हुआ है। इससे पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलित और स्वस्थ होने का संकेत मिलता है।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। इनमें वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर प्राकृतिक स्वरूप में विकसित करना, वन्यजीव अपराधियों और शिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, एंटी-पोचिंग अभियान को मजबूत करना तथा कैमरा ट्रैप और आधुनिक तकनीक से लगातार निगरानी करना शामिल है। इन प्रयासों में स्थानीय ग्रामीणों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई।वन विभाग ने रिजर्व क्षेत्र की लगभग 956 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इससे वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास और आवागमन के मार्ग फिर से उपलब्ध हुए। साथ ही 550 से अधिक वन्यजीव अपराधियों और अवैध शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर वन्यजीव संरक्षण को और मजबूत किया गया।ढोल झुंड में रहने वाले सामाजिक और अनुशासित वन्यजीव हैं। ये चीतल, सांभर और जंगली सूअर जैसे शाकाहारी जीवों की संख्या को संतुलित रखते हैं, जिससे जंगल का प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। यही कारण है कि इनकी मौजूदगी किसी भी वन क्षेत्र के स्वस्थ और समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उप संचालक ने बताया कि ढोल के संगठित झुंड का रिकॉर्ड होना यह प्रमाणित करता है कि रिजर्व की खाद्य-श्रृंखला मजबूत हुई है और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित वातावरण विकसित हुआ है। यह उपलब्धि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में किए गए वैज्ञानिक प्रबंधन, कड़ी सुरक्षा और प्रभावी संरक्षण प्रयासों का परिणाम है।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दुर्लभ वन्यजीवों की बढ़ती मौजूदगी यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। राज्य सरकार के संरक्षण प्रयासों से यह रिजर्व मध्य भारत में वन्यजीवों के सुरक्षित और समृद्ध आवास के रूप में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है।
- रायपुर / दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव का समापन समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कलाकारों ने लोकनृत्य, नाटक व गीत-संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। पूरे वातावरण में उत्साह, भक्ति और उल्लास की मनोहारी छटा बिखरी रही। कार्यक्रम में श्री राम के भक्तिमय गीत-संगीत की प्रस्तुतियों से वातावरण राममय हुआ।इस दौरान जांजगीर चाम्पा जिले के शांति प्रतिमा डांस ग्रुप की महिशासुर मर्दिनी नृत्य नाटिका की शानदार प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरीं। कस्तूरबा गांधी विद्यालय लखनपुर की छात्राओं ने मेघदूतम पर आधारित नृत्य नाटिका की मनमोहक प्रस्तुत दी। वहीं साई म्यूजिकल पारम्परिक नृत्य समूह ने हनुमान जी की लीला, रामभजन एवं शबरी प्रसंग पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। प्रकाश रसीला ने लोक गीत एवं वाद्य यंत्र की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में स्टार ग्रुप ने सामूहिक नृत्य, शास्वती बनर्जी ने नृत्य, जागृति म्युजिकल ग्रुप (विस्वा) ने लोक संगीत, कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय ने बैंड, कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय ने राजस्थानी नृत्य, शा.उ.मा. विद्यालय सलका उदयपुर ने सरगुजिहा नृत्य, कन्या छात्रावास उदयपुर ने आदिवासी नृत्य, सेजेस उदयपुर द्वारा सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी गई। वहीं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झिरमिटी उदयपुर ने सामूहिक नृत्य, वियन्नी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय झिरमिटी उदयपुर ने सामूहिक नृत्य, बृजेश शर्मा ने भजन, संदीप गोस्वामी ने लोक गीत भजन, लालसाय सरगुजिहा पार्टी ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य, बीजीएम म्युजिकल ग्रुप ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। देर शाम तक चले इन कार्यक्रमों ने दर्शकों को उत्सव स्थल पर बांधे रखा।
- -1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू होगी योजना, ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों के रोजगार की गारंटीरायपुर / देशभर में 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना लागू हो रही है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका संवर्धन और आधारभूत विकास को नई गति देने के उद्देश्य से प्रारंभ की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत -2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में ग्रामीण भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाना है। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, आजीविका संवर्धन और गांवों के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को मांग के आधार पर वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, कृषि आधारित कार्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आजीविका संवर्धन जैसे टिकाऊ कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकसित ग्राम की परिकल्पना को साकार करने के लिए योजना में कुल 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2026-27 के बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।छत्तीसगढ़ में योजना के शुभारंभ एवं क्रियान्वयन को लेकर पूरे प्रदेश में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 2 जुलाई 2026 को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें वे देश के विभिन्न राज्यों से संवाद करेंगे। प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ग्रामीणों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़कर संवाद करेंगे।इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान की व्यवस्था होगी, कार्य उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का भी प्रावधान किया गया है। इसी तरह डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था के साथ ग्राम सभा की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाया गया है।वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। इस योजना से ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका के नए अवसर प्रदान करेगी। सामाजिक अंकेक्षण एवं डिजिटल निगरानी से पारदर्शिता में भी वृद्धि होगी। नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।विकसित भारत-जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों में विकास की स्थायी आधारशिला तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
- बलौदाबाजार-भाटापारा / कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को जनदर्शन में दिव्यांग बालिका ईशु पटेल को व्हील चेयर प्रदान किया। सिमगा विकासखंड के ग्राम सकरी निवासी दिव्यांग बालिका ईशु पटेल की माताजी अपनी पुत्री की समस्या लेकर जनदर्शन में पहुंचीं। उन्होंने कलेक्टर कुलदीप शर्मा को बताया कि उनकी सात वर्षीय पुत्री दिव्यांग होने के कारण चलने-फिरने में अत्यधिक कठिनाई का सामना कर रही है, जिससे दैनिक जीवन के सामान्य कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।कलेक्टर श्री शर्मा ने बालिका की समस्या को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण विभाग को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग द्वारा त्वरित पहल करते हुए बालिका को मौके पर ही व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई। व्हीलचेयर मिलने से बालिका एवं उसके परिवार को बड़ी राहत मिली है।बालिका की माताजी ने जिला प्रशासन के त्वरित एवं संवेदनशील प्रयासों के लिए कलेक्टर श्री कुलदीप शर्मा तथा शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनकी पुत्री को आने-जाने में काफी सुविधा होगी और उसका दैनिक जीवन पहले की अपेक्षा अधिक सहज हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है, जिसमें आमजन अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन सीधे प्रस्तुत कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
- -शासन ने जारी की प्रशासकीय स्वीकृति, सभी जिलों में आवश्यक कार्यवाही के निर्देशरायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक संवर्ग (सहायक शिक्षक से लेकर प्राचार्य तक) को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से जारी आदेश के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव पर शासन द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है।आदेश में संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देशित किया गया है कि पुनर्नियुक्ति संबंधी जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र शिक्षकों को शिक्षा सत्र 2026-27 के अंत तक पुनर्नियुक्ति प्रदान करने की आवश्यक कार्यवाही अपने स्तर पर शीघ्र सुनिश्चित करें। शासन के इस निर्णय से शासकीय एवं शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था की निरंतरता बनी रहेगी तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्बाध रूप से संचालित हो सकेगी।
- बलौदाबाजार / संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़ द्वारा भारात मौसम विज्ञान विभाग के अल-नीनो प्रभाव संबंधी पूर्वानुमान को दृष्टिगत रखते हुए किसानों के लिए कृषि कार्य संबंधी आवशयक एडवाइजरी जारी की गई है। किसानो से अपील की है कि अल-नीनो की परिस्थितियों को देखते हुए कम एवं मध्यम अवधि में पकने वाली फसलों तथा किस्मों का चयन करें, जिससे वर्षा की अनिश्चितता वर प्रभाव कम हो।वर्तमान में कम वर्षा की संभावना को ध्यान में रखते हुए धान की सीधी बुआई को प्राथमिकता दें। रोपा खेती में अधिक पानी एवं लागत की आवश्यकता होती है तथा फसल पकने में अतिरिक्त समय लगता है। धान की सीधी बुआई (सी.एस.आर.) विधि से 20 प्रतिशत पानी की बचत होती है। फसल की कास्त लागत लगभग 5000 रूपये प्रति एकड़ कम होती है, तथा फसल 12 से 15 दिन पहले पक जाती है।उच्चहन भूमि वाले क्षेत्रों में धाम के स्थान पर दलहनी फसलें जैसे अरहर, मूंग एवं उड़द तथा तिलहनी फसलें जैसे मूंगफली, तिल, रामतिल एवं सोयाबीन की खेती अपनाएं। फसलों की बुवाई कतार पद्धति से करें। इसतसे खरपतवार नियंत्रण, पौधे की उचित वृद्धि एवं नमी संक्षण में सहायता मिलती है।सभी फसलों के बीजों का बुवाई पूर्व फफूंदनाशी-कार्बन्डाजिन 2 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज़ , वष्टिनाशी थायमेथोक्सान, इमिडाक्लोप्रिड-1.5 मि.ली. प्रति किलोग्राम बीज, जैव उर्वरक धान हेतु एजोरिपरितम्, अन्य फसलों हेतु एजोटोबैक्टर तथा दलहनी फसली हेतु राइजीनियम का अवश्य उपयोग करें। यदि बुवाई के पश्चात् 15 जुलाई तक अंकुरण नहीं होता है, तो पुनः बुवाई करें तथा सामान्य बीज दर की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक बीज का उपयोग करें। जुलाई माह के अंत तक मूंग एवं उड़द की बुवाई पूर्ण कर लें। अगस्त माह में तिल, सूरजमुखी राठा मध्यम अवधि पाली अरहर की बुवाई की जा सकती है। बुवाई के 20 से 25 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण हेतु अनुशंसित खरपतवारनाशी का प्रयोग करें, जिससे मिट्टी में नमी का संरक्षण बना रहे।आवश्यक्तानुसार फसलों में मल्चिंग का उपयोग करें। इससे भूमि की नमी संरक्षित होती है तथा फसलें सूखे के प्रभाव से सुरक्षित रहती हैं। गांव के नालों पर सीमेंट की बोरियों में रेत भरकर अस्थायी बांध बनाएं तथा वर्षा जल का संचयन करें। कम वर्षा की स्थिति में नत्रजन उर्वरकों का उपयोग सीमित मात्रा में करें। इसके स्थान पर 2 प्रतिशत पुरिया घोल का छिड़काव अधिक लाभकारी रहेगा अथवा एक एड़क में 2 बोतल नैनो यूरिया का उपयोग करें।कृषि कार्यों की कठिनाईयों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए अपने निकट स्थित वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, कृषि विकास अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र से सम्पर्क कर सकते हैं। file photo
- बलौदाबाजार / प्राकृतिक आपदा से मृत दो व्यक्ति के निकट परिजन प्रत्येक के लिए 4 लाख के मान से 8 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने राजस्व पुस्तक परिपत्र की धारा 6-4 के तहत ये स्वीकृतियां प्रदान की हैं। जिला कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित परिजन सोमू प्रधान पिता शिवशंकर प्रधान, निवासी ग्राम कुम्हारी , तहसील टूंडरा एवं संतोष साहु पिता रोहित साहु, निवासी ग्राम मोहतरा , तहसील बलौदाबाजार क़ी सर्पदंश के कारण मृत्यु हो गई थी। कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को आरटीजीएस के जरिये पीड़ित के खाते में राशि जमा करने के निर्देश दिये हैं।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारी कल्याण संघ के महासचिव एवं कर्मचारी नेता श्री सुनील बिजवे आज अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुवे । इस अवसर पर उनके विभाग में विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।वरिष्ठ कर्मचारी नेता अजय शर्मा ने इस मौके पर कहा कि सुनील बिजवे ने पिछले कई दशकों से कर्मचारी राजनीति में सक्रिय रहकर हर संभव मोर्चे पर कर्मचारियों के अधिकारों की पैरवी की। उनके नेतृत्व में संघ ने कई ऐतिहासिक मुद्दे उठाए और वेतन संबंधी विसंगतियों से लेकर सेवा शर्तों तक, हर स्तर पर कर्मचारियों को मजबूती प्रदान की। उनकी सरलता, दृढ़ संकल्प और संघर्षशीलता ने उन्हें कर्मचारियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय बनाया।अजय शर्मा ने बिजवे के उज्ज्वल व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा, आपने जिस निष्ठा और समर्पण के साथ कर्मचारी हितों के लिए काम किया, वह हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। आपका सेवानिवृत्त होना संघ के लिए अपूरणीय क्षति है, पर आपके दिखाए रास्ते पर हम सदा चलते रहेंगे।उन्होंने बिजवे के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय पारिवारिक जीवन और दीर्घायु होने की शुभकामनाएँ दीं।विदाई के समय कई कर्मचारी भावुक नजर आए और सभी ने सुनील बिजवे को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी । इस अवसर पर बड़ी संख्या में उनके परिवारजन विभागीय, कर्मचारी एवं संघ के सदस्य उपस्थित रहे।सुनील बिजवे ने अपने संबोधन में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों का साथ ही उनकी सबसे बड़ी पूँजी रही और आगे भी वह किसी भी भूमिका में कर्मचारियों के लिए प्रयासरत रहेंगे।
- बालोद। प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को आजीविका और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा आगामी 01 जुलाई 2026 से लागू की जा रही वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला स्तर पर लगातार प्रशिक्षण, बैठकें और ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी दी जा रही है।वीबी-जीरामजी योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यह अधिनियम ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार के अधिकार को और मजबूत करता है। इसके अंतर्गत अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी। यदि मांग के बावजूद समय पर कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना राज्य सरकार की बाध्यता होगी। मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा भी दिया जाएगा। कार्य योजनाएं ग्राम सभा के माध्यम से तैयार होंगी, जिससे ग्राम स्तर पर निर्णय और पारदर्शिता बढ़ेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। मनरेगा के अंतर्गत चल रहे कार्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और नए अधिनियम के लागू होने से रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे। राज्य शासन इस अधिनियम के द्वारा ग्रामीण रोजगार, आजीविका, पारदर्शिता और पंचायत सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है जिससे ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनेंगे।
- बालोद । छत्तीसगढ़ शासन ग्रामोद्योग विभाग हाथकरघा प्रभाग जिला हाथकरघा बालोद द्वारा 01 जुलाई 2026 से 07 दिवसीय कोसा एण्ड कॉटन ऑफ छत्तीसगढ़ हाथकरघा वस्त्र प्रदर्शनी सह विक्रय का आयोजन ’सी मार्ट’ बालोद में शुभारंभ किया जा रहा है। हाथकरघा विभाग के सहायक संचालक ने बताया कि प्रदर्शनी में प्रदेश के उत्कृष्ट बुनकर शिल्पकारो, कारीगरों द्वारा हाथकरघा से निर्मित कलात्मक कोसा एवं सूती वस्त्रों का प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए उपलब्ध रहेगा। प्रदर्शनी में प्रदेश के रायगढ़, जांजगीर चांपा, कोरबा जिले के कोसा वस्त्र जिसमें कोसा साड़ी, कोसा सलवार शूट, कोसा दृपट्टा, कोसा साल, कोसा जॉकेट, कोसा शूटिंग तथा बालोद, राजनांदगाँव, दुर्ग, रायपुर जिले के कॉटन वस्त्रों में कॉटन साड़ी, चादर (डबल बेड, सिंगल बेड), हनीकम्ब टॉवेल, नेपकीन, रूमाल, दरी, लूंगी, गमछा, पर्दा आदि का संग्रह लेकर बुनकर सहकारी समिति के प्रतिभागी उपस्थित होंगे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी सुबह 09 बजे से रात 09 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहेगा।
- -केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू एवं उप मुख्यमंत्री अरूण साव करेंगे छात्रों का तिलक लगाकर स्वागतबिलासपुर /जिले में नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन 1 जुलाई को सवेरे 11 बजे से सेजेस लाल बहादुर शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू होंगे एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव करेंगे।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव एवं दिलीप लहरिया शामिल होंगे। इसके अलावा महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। शाला प्रवेशोत्सव के दौरान विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं पुष्प भेंट कर आत्मीय स्वागत किया जाएगा। विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के साथ ही नियमित अध्ययन एवं अनुशासन का संदेश दिया जाएगा।
- -अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देशबिलासपुर /कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देश पर आज नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे ने जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल एवं एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में आज तखतपुर विकासखंड अंतर्गत उस्लापुर के शासकीय प्राथमिक शाला घुरु की शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों ने नगर निगम आयुक्त के समक्ष स्कूल के जर्जर हो चुके किचन कक्ष के संबंध में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि किचन रूम पूरी तरह से जर्जर हो चुका है, जिससे वहां कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने जल्द से जल्द सेंटर किचन के माध्यम से मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत दर्राभांठा से आए ग्रामीण धनसाय पात्रे ने बताया कि सरपंच एन.एल. धृतलहरे एवं मनोज बारले द्वारा 30-35 वर्ष पुराने एक सार्वजनिक हैंडपंप में बोर फिटकर उसे कब्जा कर लिया गया है। जिससे पूरे मोहल्ले में पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने जांच कर दोषियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सीपत तहसील के ग्राम कुकुदा निवासी प्रभा बाई साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि को आशा मरकाम द्वारा आहरण करने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनके आवास की राशि को आशा मरकाम नामक महिला ने फर्जी तरीके से आहरण कर लिया। पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने जनदर्शन में राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है।इसी तरह, ग्राम जलसो निवासी 64 वर्षीय बुजुर्ग किसान अशोक शुक्ला पिछले कई वर्षों से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने की मांग की है। 3.40 एकड़ कृषि भूमि के पात्र स्वामी होने और चॉइस सेंटर में कई बार फॉर्म भरने के बावजूद उन्हें योजना की शुरुआत से लेकर आज तक एक भी किश्त प्राप्त नहीं हुई है। बोदरी तहसील के ग्राम पंचायत सरवानी के ग्रामीणों ने गांव के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बिजली संकट के संबंध में ज्ञापन दिया है। स्कूल में नया ट्रांसफार्मर न होने के कारण विद्युत आपूर्ति लगातार बाधित रहती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान आ रहा है। उन्होंने बच्चों के भविष्य को देखते हुए जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने का आग्रह किया है। इसी तरह का लोफंदी से पहुंचे नेतराम, जयराम और सुदर्शन सहित अन्य गरीब भूमिहीन किसानों ने बताया कि शासन द्वारा उन्हें जीवन यापन के लिए दी गई जमीन पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर लिया है और अधिकारियों द्वारा सीमांकन संबंधी कार्यवाही नहीं की जा रही है। शहर के मोपका निवासी भगवती प्रसाद ने जनदर्शन में अपनी पुत्री कुमारी अंशिका का प्रवेश स्वामी आत्मानंद स्कूल (हिंदी माध्यम) लिंगियाडीह में दिलाने की गुहार लगाई। आज जनदर्शन में आवास, अवैध कब्जा, भूमि और राजस्व संबंधी शिकायतें मिली। नगर निगम आयुक्त श्री सर्वे ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने एवं समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ विधानसभा का षष्ठम विधानसभा के दशम् सत्र 13 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 17 जुलाई 2026 तक आयोजित है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा प्रश्नों के उत्तर तैयार करने के लिये जिले के अधिकारियों से सामंजस्य स्थापित कर त्वरित गति से जवाब भेजने के लिये जिला कार्यालय दुर्ग हेतु नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। कलेक्टर के आदेशानुसार अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह को नोडल अधिकारी तथा डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सहायक नोडल अधिकारी को विधानसभा प्रश्नों की जानकारी समय-सीमा में प्राप्त कर नोडल अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
- -एनएचएआई ने सभी एंट्री एवं एग्जिट पॉइंट किए बंद-सीसीटीवी से होगी निगरानी, उल्लंघन पर होगी कानूनी कार्रवाईबिलासपुर । भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130A) के निर्माणाधीन बिलासपुर-उरगा खंड पर आम नागरिकों एवं सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। यह खंड अभी निर्माणाधीन है तथा तकनीकी रूप से सामान्य यातायात के लिए चालू नहीं किया गया है। वर्तमान में इस मार्ग का उपयोग केवल परियोजना निर्माण कार्य में संलग्न वाहनों, मशीनरी एवं अधिकृत कर्मियों द्वारा ही किया जा रहा है।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), परियोजना कार्यान्वयन इकाई, कोरबा के परियोजना निदेशक श्री अंकित आनंद ने बताया कि निर्माणाधीन बिलासपुर-उरगा खंड पर अनधिकृत आवागमन को रोकने के लिए सभी एंट्री एवं एग्जिट पॉइंट बंद कर दिए गए हैं। साथ ही, पूरे राजमार्ग में निगरानी के लिए सीसीटीवी सर्विलांस प्रणाली स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद निर्माणाधीन मार्ग पर प्रवेश करने वाले व्यक्तियों एवं वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।एनएचएआई ने सभी नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्माणाधीन मार्ग पर प्रवेश न करें तथा आवागमन के लिए केवल निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। निर्माणाधीन मार्ग पर अनधिकृत प्रवेश न केवल सुरक्षा की दृष्टि से अत्यधिक जोखिमपूर्ण है, बल्कि इससे निर्माण कार्य की गति भी प्रभावित होती है। एनएचएआई सुरक्षित, सुगम एवं विश्वस्तरीय राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है तथा आम नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा करता है।
- दुर्ग। शाला प्रवेशोत्सव के तहत शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव आज दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के बोरसी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, आदर्श कन्या शाला एवं जेआरडी विद्यालय में आयोजित प्रवेश उत्सव कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर स्वागत किये तथा उन्हें नवीन शिक्षा सत्र की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गणवेश एवं जूते भी वितरित किए गए।शिक्षा मंत्री बताया यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित पालकों से भी मुलाकात कीये और उनसे अपने बच्चों की नियमित पढ़ाई, विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किये। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका परिवार होता है और अभिभावकों का सहयोग ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है।इस अवसर पर विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित शिक्षण व्यवस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम बनाएगी।कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री सीधे क्लासरूम पहुंचे और बच्चों के बीच बैठकर उनसे संवाद किये। उन्होंने विद्यार्थियों से पहाड़े सुनने के साथ स्वयं भी उन्हें सरल तरीके से पहाड़ा सिखाया तथा पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए प्रेरित किये। बच्चों की जिज्ञासाओं का उत्तर देते हुए उनके सपनों, भविष्य की आकांक्षाओं और लक्ष्य के बारे में चर्चा की तथा उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने और निरंतर मेहनत से आगे बढ़ने का संदेश दिया।शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने छात्राओं एवं शिक्षकों से भी संवाद करते हुए शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और छात्राओं को पूरी लगन, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ अध्ययन कर अपने परिवार, समाज और प्रदेश का नाम गौरवान्वित करने के लिए प्रेरित किये।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डाॅ. एम.पी. ठाकुर सहित चार कर्मचारियों को आज यहां भावभीनी विदाई दी गई। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सभा कक्ष में कुलपति डाॅ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित विदाई समारोह में पूर्व में निदेशक शिक्षण, निदेशक विस्तार सेवाएं तथा अधिष्ठाता कृषि संकाय जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके डाॅ. एम.पी. ठाकुर को उनकी अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण होने पर विदाई दी गई। डाॅ. ठाकुर सेवानिवृत्ति से पूर्व कृषि विश्वविद्यालय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नोडल अधिकारी का दायित्व संभाल रहे थे। छत्तीसगढ़ में मशरूम की खेती को गांव-गांव तक पहुंचाने में डाॅ. ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके अलावा निदेशक शिक्षण कार्यालय से सेवानिवृत्त तीन अन्य कर्मचारियों श्री मुक्तानंद नायक शाखा अधिकारी, श्री जलम यादव सहायक ग्रेड-01 एवं श्री नवल किशोर श्रीवास्तव वाहन चालक को भी भावभीनी विदाई दी गई। कुलपति डाॅ. चंदेल ने सभी सेवानिवृत्त होने वालों को शाॅल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने उनके सेवानिवृत्ति उपरांत स्वस्थ, सुदीर्घ तथा सुखमय जीवन हेतु शुभकामनाएं व्यक्त कीं। विदाई समारोह में कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. कपिलदेव दीपक, निदेशक शिक्षण डाॅ. विजय कुमार, वित्त नियंत्रक श्रीमती मनीषा नाग, उप वित्त नियंत्रक श्री सचिन शर्मा, उप कुलसचिव डाॅ. येमन कुमार देवांगन सहित विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।
- -मुख्य सचिव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई की सामान्य सभा की बैठक सम्पन्नरायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई की सामान्य सभा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने सामाजिक अंकेक्षण में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों का कंडिकावार शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण ग्राम सभा को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से अंकेक्षण रिपोर्ट दिया जाना आवश्यक है। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण इकाई द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। इस वर्ष प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण एवं राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रमों के सामाजिक अंकेक्षण कराये जाने पर बल दिया गया।बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 में अब तक किए गए सामाजिक अंकेक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना एवं बजट का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण इकाई के निर्माण हेतु विस्तार से चर्चा हुई। सामाजिक अंकेक्षण कार्य में नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम क्रियान्वयन हेतु डेवलपमेंट एजेंसी के सहयोग के लिए भी चर्चा हुई। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण इकाई के विस्तार हेतु अन्य योजनाओं से निश्चित विकास निधि के निर्धारण के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मनरेगा योजना को संशोधित नवीन योजना वीबीजीरामजी में सामाजिक अंकेक्षण के प्रावधान का अवलोकन, आत्मसात करने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा सहित अन्य योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के कार्यों के संपादन हेतु विभिन्न पदों को नियमानुसार भरने के लिए आवश्यक नियमों के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अनुमोदन किया गया।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋर्चा शर्मा, आदिम जाति विकास विभाग एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई के सामान्य सभा के सदस्यों ने भाग लिया।
- -खरीफ 2026 में पूर्व वर्ष की तरह मिलेगा एकमुश्त यूरिया, 80 प्रतिशत वितरण सीमा समाप्तरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने और खेती को अधिक सुगम बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इसी क्रम में खरीफ सीजन 2026 के लिए जांजगीर-चांपा जिले के किसानों को बड़ी राहत देते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया वितरण पर लागू 80 प्रतिशत की सीमा समाप्त कर दी गई है। अब किसानों को खरीफ 2025 की भांति उनकी पात्रता के अनुसार एकमुश्त यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा ने बताया कि खरीफ 2026 में किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के अनुरूप यूरिया वितरित किया जाएगा। यदि संबंधित सहकारी समिति में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा तो किसानों को एकमुश्त यूरिया प्रदान किया जाएगा। किसी समिति में स्टॉक की कमी होने पर शेष मात्रा यूरिया उपलब्ध होते ही किसानों को वितरित कर दी जाएगी।उन्होंने बताया कि शासन के इस निर्णय से किसानों को बार-बार समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और खरीफ सीजन में आवश्यक उर्वरक समय पर उपलब्ध होने से कृषि कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सकेंगे। इससे किसानों को खेती की तैयारी में सुविधा मिलेगी तथा समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल उत्पादन को भी गति मिलेगी। राज्य सरकार का यह निर्णय किसान हितों के प्रति उसकी संवेदनशीलता और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शासन का उद्देश्य किसानों को आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाना और कृषि को अधिक समृद्ध एवं टिकाऊ बनाना है।
- -किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक-राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण-नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 1.14 लाख बोतलों का वितरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए राज्य में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के दौरान सहकारी समितियों के माध्यम से नैनो उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। 26 जून 2026 की स्थिति में राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है तथा 1.14 लाख बोतलों से अधिक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। शेष मात्रा समितियों में उपलब्ध है, जिससे आगामी कृषि कार्यों के लिए किसानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।राज्य सरकार किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया पारंपरिक ठोस रासायनिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। इनका उपयोग करने से उर्वरकों की मात्रा कम लगती है, पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है, उत्पादन लागत घटती है तथा फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकें।कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी प्राप्त करें तथा इन आधुनिक उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग कर कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में सहभागी बनें।
- - कालाबाजारी रोकने प्रशासन सतर्करायपुर /राज्य सरकार खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। जिलों में भी खाद बीज की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खाद-बीज की कालाबाजारी को रोकने प्रशासन सतर्क है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिला प्रशासन के कृषि अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि खरीफ 2026 सीजन के लिए जांजगीर-चांपा जिले में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए नियमित निरीक्षण एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।कृषि विभाग के अनुसार सहकारी क्षेत्र में 39,200 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण लक्ष्य के विरुद्ध वर्तमान में 21,362 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है, जिसमें से 7,826 मीट्रिक टन किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसी प्रकार निजी क्षेत्र में 26,130 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 13,487 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है तथा 10,150 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। जिला जांजगीर-चांपा के नवागढ़ विकासखंड की सेवा सहकारी समिति मुनुंद में वर्तमान में यूरिया, डीएपी, एनपीके, जिंकेटेड सुपर फॉस्फेट तथा नैनो उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसानों को निरंतर वितरण किया जा रहा है।अधिकारियों ने बताया कि किसानों को उनके खेती के रकबे के आधार पर किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शनिवार एवं रविवार सहित अवकाश दिवसों में भी सेवा सहकारी समितियों को संचालित कर खाद वितरण जारी रखा गया है। खाद की कालाबाजारी एवं वितरण में अनियमितता रोकने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय उर्वरक निरीक्षक दल द्वारा निजी कृषि केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान शासकीय दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। file photo
- -दो विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारीरायपुर /राज्य सरकार खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को पर्याप्त रासायनिक खाद उपलब्ध कराने सतर्कता के साथ कार्य कर रही है। जिलों में भी खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खाद-बीज की कालाबाजारी को रोकने प्रशासन सतर्क है। इसी कड़ी में कबीरधाम जिले में भी खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है तथा कालाबाजारी एवं अधिक मूल्य पर विक्रय रोकने के लिए व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।अधिकारियों ने बताया कि जिला कबीरधाम में सहकारी क्षेत्र में 57,200 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण लक्ष्य के विरुद्ध सेवा सहकारी समितियों में 32,700 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जबकि डबल लॉक केंद्रों में 5,668 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हैं। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 21,151 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।इसी प्रकार निजी क्षेत्र में 10,457 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 7,639 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। सहकारी समितियों एवं निजी विक्रय केंद्रों के माध्यम से उर्वरकों का वितरण निरंतर जारी है। डीएपी उर्वरक के वैकल्पिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुशंसाओं के अनुसार एनपीके, टीएसपी एवं एसएसपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग और वितरण के संबंध में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। मैदानी अमलों द्वारा किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। जिले में उर्वरकों के भंडारण, वितरण, कालाबाजारी, अधिक मूल्य पर विक्रय एवं अन्य अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों, उड़नदस्ता दल तथा उर्वरक निरीक्षकों द्वारा अब तक 170 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है।निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 2 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तथा 40 कृषि केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य एवं नियमानुसार उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में कलेक्टर की उपस्थिति में बोड़ला विकासखंड के तीन निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसानों से चर्चा कर उर्वरक वितरण व्यवस्था तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई। कृषि विभाग ने कहा है कि खरीफ 2026 के दौरान किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी एवं कार्रवाई जारी रहेगी। file photo
- -छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के सामाजिक भवन का हुआ लोकार्पण, उत्कृष्ट प्रतिभाओं का सम्मान-शिक्षा, संगठन और संस्कार से समाज होगा मजबूत, युवाओं से आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकाररायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप आज रायपुर के महादेव घाट में आयोजित छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के सामाजिक भवन लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए। उन्होंने नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण किया और शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों एवं प्रतिभाओं को सम्मानित किया।मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसकी शिक्षा, संगठन और संस्कार होते हैं। आज आदिवासी समाज के युवा शिक्षा, प्रशासन, तकनीक, व्यवसाय, खेल और जनप्रतिनिधित्व सहित अनेक क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। यह नए और विकसित होते छत्तीसगढ़ का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि आज दूरस्थ क्षेत्रों के आदिवासी युवा डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी और जनप्रतिनिधि बनकर समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि सामाजिक भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि समाज की एकता, संवाद, संस्कार और नई पीढ़ी के मार्गदर्शन का केंद्र है। यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक कार्यक्रमों और समाज के विकास से जुड़े कार्यों के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।श्री कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार आदिवासी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। नई शिक्षा नीति, छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय, कौशल विकास, वनाधिकार, स्वरोजगार, लघु वनोपज का बेहतर मूल्य तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण जैसी योजनाओं से आदिवासी समाज को आगे बढ़ाया जा रहा है।मंत्री श्री केदार कश्यप ने समाज के वरिष्ठजनों से अपनी समृद्ध परंपराओं और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, डिजिटल तकनीक और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की।कार्यक्रम के अंत में मंत्री श्री केदार कश्यप ने सामाजिक भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि संगठित समाज, शिक्षित युवा और सशक्त नेतृत्व के बल पर छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज विकास और प्रगति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आदिवासी परंपरा औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम, अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री नंदकुमार साय,छत्तीसगढ़ कंडरा आदिवासी समाज के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र कुंजाम,श्रीमती अनसूया मरकाम, श्रीमती तुलसी मरकाम, श्री होरीलाल छेदैया, श्री शांतनु मरकाम श्री कमल नारायण मरकाम सहित बड़ी संख्या में कंडरा आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अभियान को मिली बड़ी सफलता, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जनस्वास्थ्य संकल्प को मिला बल-90 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, अब शत-प्रतिशत टीकाकरण पर विशेष जोररायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 फरवरी 2026 को प्रारंभ किए गए राष्ट्रव्यापी निःशुल्क एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। महिलाओं को भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संचालित इस अभियान में जिले ने 8,785 लक्ष्य आबादी के विरुद्ध 7,931 बालिकाओं का टीकाकरण कर 90 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार जनस्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। इसी प्रतिबद्धता के अनुरूप बलरामपुर-रामानुजगंज जिले ने एचपीवी टीकाकरण अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अग्रणी स्थान हासिल किया है।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग तथा मैदानी अमले के समन्वित प्रयासों से अभियान को व्यापक जनसहभागिता मिली। दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर पात्र बालिकाओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया गया।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने इस उपलब्धि पर सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई देते हुए शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए छूटी हुई प्रत्येक पात्र बालिका तक पहुंच बनाने के निर्देश दिए हैं। दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों वाला बलरामपुर-रामानुजगंज जिला आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जनकल्याणकारी विजन, मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व, विभागीय समन्वय और जनसहभागिता से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा रहे हैं।








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