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- बिलासपुर/बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने आज ग्राम नेवसा में बांस शिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विधायक श्री शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में इस प्रकार का प्रशिक्षण सशक्त माध्यम साबित होता है। उन्होंने 20 प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेकर अपने भविष्य को सशक्त बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि यह प्रशिक्षण 2 माह का है। डिजाईन एवं तकनीकी विकास कार्यक्रम (डीडीडब्ल्यू)के लिए विभाग की ओर से औजार, उपकरण एवं कच्चा माल सामग्री उपलब्ध कराया गया है। प्रशिक्षक एवं डिजाइनर द्वारा उपयोगी, सजावटी, फर्नीचर तथा विभिन्न कलाकृतियां बनाना सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण हेतु आवश्यक उपकरण, मशीनरी एवं अध्ययन सामग्री पूर्ण रूप से उपलब्ध कराई गई है।कार्यक्रम में हस्तशिल्प विकास बोर्ड की प्रभारी असरीता मिंज, डिजाईनर माधवी कश्यप, प्रशिक्षक श्री फूलसाय सिंह, सरपंच श्री सुरेश कश्यप सहित जनपद प्रतिनिधि, संस्था के पदाधिकारी, प्रशिक्षण प्रदाता संस्था के प्रतिनिधि, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन प्रशिक्षण संस्था द्वारा किया गया।
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और धान खरीदी व्यवस्था बनी किसानों की ताकतबिलासपुर/जिला प्रशासन द्वारा संचालित धान उपार्जन व्यवस्था किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। जिले के ग्राम गुड़ी के किसान श्री संतोष साहू ने धान उपार्जन केंद्र सीपत में 63 क्विंटल 20 किलोग्राम धान का सफलतापूर्वक विक्रय किया। धान विक्रय के लिए टोकन कटाने की प्रक्रिया पूरी तरह सरल, पारदर्शी एवं सुचारु रही, जिससे किसान को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। निर्धारित तिथि पर धान खरीदी होने से समय की बचत हुई और उपज का उचित मूल्य भी प्राप्त हुआ।श्री संतोष साहू ने बताया कि शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिसका उपयोग वे बीज, खाद एवं अन्य कृषि कार्यों में करते हैं। इससे खेती की लागत में कमी आई है और उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि हुई है। किसान हितैषी योजनाओं एवं मजबूत खरीदी व्यवस्था के कारण किसानों का भरोसा शासन की योजनाओं पर लगातार बढ़ रहा है। किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। श्री संतोष साहू की यह सफलता कहानी इस बात का उदाहरण है कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किस प्रकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है।
- -चिकित्सकों से उपचार की जानकारी लेकर परिजनों से की चर्चारायपुर। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शनिवार शाम रायपुर के एक निजी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में हुए आईईडी ब्लास्ट में घायल पुलिस जवानों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की स्थिति की जानकारी ली तथा जवानों के परिजनों से भी चर्चा की।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने घायल जवानों से घटना की जानकारी ली और उनका मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि शासन एवं प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अस्पताल में उपस्थित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जवानों के बेहतर एवं समुचित उपचार हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएँ।उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान में तैनात हमारे जवान अत्यंत साहस और समर्पण के साथ देश-प्रदेश की सुरक्षा में लगे हैं, और उनका त्याग अतुलनीय है।ज्ञात हो कि बीजापुर जिले के उसूर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्रेगुट्टा पहाड़ी में 25 जनवरी को एक के बाद एक कुल छह आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हुए थे। इन विस्फोटों की चपेट में आने से डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के 12 जवान घायल हो गए थे। यह घटना उस समय हुई, जब सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम तेलंगाना सीमा से लगे कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। घटना के बाद सभी घायल जवानों को एयरलिफ्ट कर रायपुर लाया गया, जहाँ उनका उपचार एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। इनमें से 6 जवानों को उपचार उपरांत स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि शेष जवानों की स्थिति में भी लगातार सुधार हो रहा है।
- -आसमान का चीता कहा जाने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन दिखा उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व मेंरायपुर, / पेरेग्रीन फाल्कन दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी है, जो शिकार करते समय गोता लगाते हुए अविश्वसनीय गति प्राप्त कर सकता है। यह बाज़ प्रजाति ऊँचाई से शिकार पर झपट्टा मारने में माहिर है और इसे 'आसमान का चीता' भी कहा जाता है। पेरेग्रीन बाज़ तेज़ और बड़े शिकारी पक्षी होते हैं। इनके मज़बूत, नुकीले पीले पंजे इन्हें उड़ते हुए भी दूसरे पक्षियों को पकड़ने में सक्षम बनाते हैं। छत्तीसगढ़ अब दुनिया भर के पक्षियों के लिए पसंदीदा स्थल बनता जा रहा है। अनुकूल जलवायु और समृद्ध जैव विविधता के कारण कई दुर्लभ पक्षी लंबी दूरी तय कर यहां पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक अत्यंत उत्साहजनक जानकारी सामने आई है। यहां दुनिया के सबसे तेज़ उड़ने वाले पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन (स्थानीय नाम शाहीन बाज) को एक बार फिर देखा गया है।इस दुर्लभ दृश्य को वन रक्षक श्री ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पूर्व भी इस पक्षी को आमामोरा ओड़ क्षेत्र के पास शेष पगार जलप्रपात के समीप ड्रोन कैमरों में दर्ज किया गया था, जो इस क्षेत्र में इसकी सक्रिय उपस्थिति की पुष्टि करता है। उल्लेखनीय है कि पेरेग्रीन फाल्कन अपनी अद्भुत तेज़ उड़ान के लिए विश्व प्रसिद्ध है। शिकार का पीछा करते समय यह लगभग 320 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गोता लगा सकता है, जबकि सामान्य उड़ान में इसकी गति करीब 300 किमी प्रति घंटा रहती है। यह छोटे पक्षियों, कबूतरों और तोतों का शिकार करता है। ऊंचाई से तेज़ी से गोता लगाकर सटीक प्रहार करना इसकी सबसे प्रभावी शिकार तकनीक है।विशेषज्ञों के अनुसार यह पक्षी न केवल अपनी गति बल्कि अपनी वफादारी के लिए भी जाना जाता है। ये आमतौर पर अकेले या जोड़े में रहते हैं और अक्सर जीवनभर एक ही साथी चुनते हैं। लगभग 12 से 15 वर्ष के जीवनकाल वाले इस पक्षी का उदंती-सीतानदी के वनों में दिखना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ का पर्यावरण वन्यजीवों के लिए कितना अनुकूल है। हाल ही में आयोजित बर्ड सर्वे के दौरान बारनवापारा अभ्यारण्य में भी दुर्लभ और खूबसूरत पक्षी ऑरेंज ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन तथा ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर देखे गए हैं।गौरतलब है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं। वन मंत्री के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग की पूरी टीम सतत प्रयासों में जुटी है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।वन विभाग की यह उपलब्धि न केवल अभिलेखीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नई ऊर्जा प्रदान करती है।
- -जवानों के साथ किया रात्रि भोजरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नारायणपुर प्रवास के दौरान आईटीबीटी बटालियन परिसर नारायणपुर में आईटीबीटी, सीआरपीएफ, कोबरा बटालियन, बीएसएफ, डीआरजी, सीएएफ़ के जवानों एवं अधिकारियों से मुलाकात और बस्तर की शांति और सुरक्षा के स्थापना में उनके योगदान की सराहना करते हुए सुरक्षा बल के जवानों की हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री श्री साय एवं मत्रीगणों ने बटालियन परिसर में जवानों के साथ रात्रि भोज किया और उनसे आत्मीय चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने जवानों से चर्चा करते हुए कहा कि नैसर्गिक संसाधनों से और सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण बस्तर के कई इलाकें माओवाद आतंक के चलते विकास की मुख्यधारा से अलग-थलग पड़े थे। आप सबके अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम के कारण ही यहां शांति और सुरक्षा का वातावरण निर्मित हुआ है और विकास कार्यों को गति मिली है। उन्होंने देश की सुरक्षा में सुरक्षा बलों के जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में सेवा कर रहे जवानों का मनोबल बनाए रखना हम सबकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जवानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके कल्याण और सुविधाओं के लिए निरंतर प्रयासरत है। जवानों ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और इस आत्मीय मुलाकात को प्रेरणादायक बताया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के संकल्प को यहां साकार करने का काम पूरी दृढ़ता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बम गोलियों की आवाज की जगह अब आमजन की चहल-पहल, स्कूलों में ककहरा की गंूज और गांवों में मांदर की थाप सुनाई दे रही हैं। कार्यक्रम में अतिथियों ने जवानों को उपहार भेंट किए। सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को स्मृति चिह्न भेंट किए।ज्ञात हो कि नक्सल गतिविधि को नियंत्रण के लिए सुरक्षा कैम्प स्थापित कर केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य के सुरक्षा बलों के दस्तों को तैनात किया गया है। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, लघु वनोपज के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम सहित क्षेत्र के अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आई जी श्री सुंदरराज पी, आईटीबीटी, सीआरपीएफ, बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी एवं कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया, केन्द्रीय सुरक्षा बलों के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आईजी श्री सुंदरराज पी ने कार्यक्रम की रूपरेखा और बस्तर संभाग में शांति के लिए जवानों के योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में पुलिस बैंड ने स्वागत में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी।
- -मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ चर्चा में दिया आश्वासनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नारायणपुर के ऐतिहासिक मावली मेला के संरक्षण, संवर्धन एवं उसकी पारंपरिक परंपराओं के निर्वहन के लिए शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज विश्राम भवन में जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों से चर्चा कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि मावली मेला जिले की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे पुरातन मेलों और मड़ई की परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के संपूर्ण उन्मूलन के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी और साहसिक कार्रवाई के परिणामस्वरूप नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री द्वारा 31 मार्च 2026 तक बस्तर की धरती से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का संकल्प लिया गया है, जो अब साकार होने की दिशा में है।मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग के सभी सात जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए लगभग सवा लाख करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास तथा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने का विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि माओवाद के उन्मूलन के साथ-साथ उसकी विचारधारा को समाप्त करना भी आवश्यक है, जिसके लिए सतत संपर्क और सतत विकास की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य सुरक्षा के साथ-साथ विकास को समान रूप से आगे बढ़ाना है।मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में पर्यटन एवं लघु उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि धुड़मारास जैसे ग्रामों ने वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर पहचान बनाई है। क्षेत्र में होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को अतिरिक्त कमरे निर्माण हेतु सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी एवं नजूल पट्टा प्रदान करने पर भी विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है तथा गत वर्ष किए गए वृक्षारोपण से प्रदेश में वनों का रकबा बढ़ा है।इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगरपालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मण्डावी, छोटेडोंगर सरपंच श्रीमती संध्या पवार, वरिष्ठ नागरिक श्री बृजमोहन देवांगन सहित समाज प्रमुख एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- -वित्त मंत्री ओपी चौधरी का विभिन्न संगठनों ने किया सम्मान, जताया आभाररायपुर /छत्तीसगढ़ में भूमि की गाइडलाइन दरों के युक्तिकरण एवं सरलीकरण के तहत रायपुर एवं कोरबा जिलों के लिए जारी संशोधित भूमि गाइडलाइन को लेकर रियल एस्टेट क्षेत्र, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं व्यवसायिक संगठनों में उत्साहजनक माहौल है। नई गाइडलाइन को जनहितकारी बताते हुए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) सहित विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने रायपुर स्थित वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के शासकीय निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य मुलाकात की और आभार व्यक्त किया।क्रेडाई द्वारा 30 जनवरी 2026 से प्रदेश में लागू संशोधित भूमि गाइडलाइन के लिए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का सम्मान किया गया। एसोसिएशन ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर एवं आम नागरिकों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा गाइडलाइन दरों में यथार्थपरक एवं संतुलित संशोधन किया गया है। इससे प्रदेश में मकान, प्लॉट एवं अन्य अचल संपत्तियों के क्रय-विक्रय में पारदर्शिता बढ़ेगी और आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री मयंक आहुजा, सचिव श्री विक्रांत डोसी, कोषाध्यक्ष श्री दीपक जैन सहित राज्य सलाहकार समिति के सदस्य श्री हेमंत सेठिया, श्री गुरुदास सत्रे, श्री योगेश बोथरा, श्री विनोद छिपा, श्री मनोज महंती एवं श्री संजय निलांजने उपस्थित रहे।जनप्रतिनिधियों ने कहा कि नई भूमि गाइडलाइन से जमीन की दरों में संतुलन स्थापित हुआ है, जिससे आम नागरिकों, मध्यम वर्ग, किसानों एवं व्यापारियों को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से आवास, व्यवसाय तथा औद्योगिक निवेश से जुड़े कार्यों में अब अधिक सुगमता और स्पष्टता आएगी।इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आमजन के हितों की रक्षा करते हुए विकास को गति देना है। भूमि गाइडलाइन का निर्धारण व्यापक विचार-विमर्श, स्थानीय परिस्थितियों एवं जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि निवेश को प्रोत्साहन मिले और जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सभी नीतिगत निर्णयों में जनहित सर्वोपरि रहेगा।प्रतिनिधिमंडलों एवं एसोसिएशन ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन के इस निर्णय से रियल एस्टेट क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ के समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
- -मेगा करियर गाइडेंस कार्यक्रम से युवाओं को मिलेगी नई दिशा-प्रसिद्ध करियर एक्सपर्ट नितिन विजय (एनवी सर) देंगे सफलता का मंत्ररायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन एवं युवा-हितैषी सोच के अनुरूप महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में प्रदेश के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कपिध्वज करियर गाइडेंस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह मेगा करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम कल 31 जनवरी को सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित स्टेडियम ग्राउंड में आयोजित होगा।इस कार्यक्रम में देश के जाने-माने करियर मार्गदर्शक एवं मोशन कोचिंग संस्थान, कोटा के संस्थापक एवं सीईओ श्री नितिन विजय (एनवी सर) विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और हजारों विद्यार्थियों को अपने अनुभवों के माध्यम से करियर चयन, लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा बदलते शैक्षणिक परिदृश्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।तेजी से बदलते प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के समक्ष सही मार्गदर्शन का अभाव एक बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस मेगा करियर गाइडेंस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थी विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त कर अपने भविष्य की दिशा स्पष्ट कर सकें।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश एवं मार्गदर्शन में कार्यक्रम की सभी तैयारियां स्टेडियम ग्राउंड, भटगांव में पूर्ण कर ली गई हैं। कार्यक्रम दोपहर 01ः00 बजे से प्रारंभ होगी। आयोजन स्थल पर विद्यार्थियों की सुविधा, बैठक व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश के विद्यार्थियों एवं युवाओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस मेगा करियर गाइडेंस कार्यक्रम में सहभागिता करें और एनवी सर के कुशल मार्गदर्शन का लाभ उठाकर अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को सही दिशा देने के लिए निरंतर ऐसे प्रयास करती रहेगी।यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा, जो प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, प्रोफेशनल कोर्स एवं करियर चयन को लेकर मार्गदर्शन की तलाश में हैं। इस पहल से क्षेत्र के हजारों युवाओं को प्रेरणा और नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
- राजनांदगांव । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर राजनांदगांव में केस वर्कर के 1 पद एवं बहुद्देशीय कर्मचारी व रसोईया के 1 पद पर सेवा प्रदाताओं की पदपूर्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है। इच्छुक एवं योग्य आवेदक 3 फरवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कलेक्टोरेट परिसर जिला राजनांदगांव पिन कोड 491441 में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट, कोरियर के माध्यम से दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं कार्यालय के सूचना पटल से प्राप्त की जा सकती है।
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राजनांदगांव । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर डोंगरगढ़ में केन्द्र प्रशासन के 1 पद, साईको-सोशल काउंसलर के 1 पद, केसवर्कर के 2 पद, पैरा लीगल कार्मिक व वकील के 1 पद, पैरा मेडिकल कार्मिक के 1 पद, कार्यालय सहायक के 1 पद, बहुद्देशीय कर्मचारी व रसोईया के 3 पद, सुरक्षा गार्ड व नाईट गार्ड के 3 पद पर भर्ती के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों का चयन समिति द्वारा स्कूटनी के बाद पात्र-अपात्र सूची का प्रकाशन किया गया है। जारी पात्र-अपात्र सूची के संबंध में आवेदक 10 फरवरी 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग कलेक्टोरेट परिसर जिला राजनांदगांव में पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट, कोरियर के माध्यम से दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त दावा आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। पात्र-अपात्र सूची का अवलोकन एवं अन्य जानकारी राजनांदगांव जिले की वेबसाईट एवं कार्यालय के सूचना पटल पर की जा सकता है।
- -संयुक्त जांच रिपोर्ट में में सुरक्षा मानकों एवं एसओपी का गंभीर उल्लंघनरायपुर ।तहसील भाटापारा अंतर्गत ग्राम बकुलाही स्थित मेसर्स रियल इस्पात एण्ड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के कारखाना परिसर में 22 जनवरी 2026 को घटित भीषण औद्योगिक दुर्घटना के मामले में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच रिपोर्ट के प्रतवेदन के आधार पर कारखाना प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब एक सप्ताह में देना होगा।सहायक संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा द्वारा जारी आदेशानुसार गंभीर दुर्घटना की जाँच पश्चात कारखाना प्रबंधन द्वारा कारखाना अधिनियम, 1948 एवं छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 में निहित प्रावधानों के अनुपालन के संबंध में उल्लंघन पाया गया है।कारखाना प्रबंधन द्वारा किल्न क्रमांक-01 का शट डाउन किए बिना संचालन जारी रखते हुए श्रमिकों एवं कारखाने के कर्मचारियों से खतरनाक स्थिति में कार्य करवाकर उनके जीवन को जोखिम में डाला गया एवं कार्यस्थल में व्यापक सुरक्षा एवं सुरक्षित कार्यप्रणालियों का उपयोग नही किया गया। कारखाना प्रबंधन द्वारा किल्न क्रमांक 01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के भीतर जमे हुए गर्म ऐश को वेटस्क्रैपर में गिराये जाने के कार्य के दौरान उचित रुप से कार्य अनुमति जारी नही किया गया एवं नवनियुक्त श्रमिकों को बिना कार्य अनुमति के डस्ट सेटलिंग चेंबर जैसे खतरनाक कार्यस्थल में नियोजित किया किया गया, जो कारखाना प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है। कारखाना प्रबंधन द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन के संबंध में अनुमति नही लिया गया जो कि उद्योग नीति के विरुद्ध है। कारखाना प्रबंधन द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत श्रमिकों को वेतन एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में पंजी उपलब्ध नहीं कराया गया। संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के अंतर्गत 20 या 20 से अधिक श्रमिक होने पर उनके द्वारा ठेका श्रमिक 1973 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति लिया जाता है। जबकि उनके द्वारा कारखाना में 02 ठेकेदार होने के बाद भी 100 श्रमिक से कार्य लिए जाने पर अनुज्ञप्ति नहीं लिया गया है।. अंतराज्यीय प्रवासी श्रमिक 1979 के तहत बिना अनुज्ञप्ति लिए अंतराज्यीय श्रमिक से कार्य लिया जा रहा है जो कि उक्त नियमों का उल्लंघन है।मृतको एवं घायलों को मुआवजा राशि का भुगतान- हादसे में मृत 5 श्रमिकों के परिजनों को 20 -20 लाख रुपये एवं 6 घायल श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा राशि का भुगतान कारखाना प्रबंधन द्वारा कर दिया गया है। घायल श्रमिकों का उपचार बिलासपुर में किया जा रहा है।गौरतलब है कि 22 जनवरी 2026 को प्रातः लगभग 9.40 बजे उक्त फैक्ट्री के किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल में कार्य के दौरान अचानक विस्फोट एवं गर्म ऐश की बौछार होने से 6 श्रमिकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जब कि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच उपरांत कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के अंतर्गत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं समस्त मेंटेनेंस कार्यों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
- -124095 किसानों से खरीदा गया 62.53 लाख क्विंटल धान-किसानों को 1484 करोड़ रूपए का हुआ भुगतान-कोचियों एवं बिचोलियों द्वारा 363 करोड़ रूपए मूल्य का 11 लाख क्विंटल धान खपाने का प्रयास हुआ विफल-सतर्क एप के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई, जिससे परिवहन और खरीदी में होने वाली किसी भी अनियमितता पर तत्काल लगाम कसी गई-अवैध धान की आवक रोकने के लिए बॉर्डर और संवेदनशील रास्तों पर रात भर दिया गया पहराराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और शासन के किसान हितैषी दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य निर्विवाद और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला प्रशासन की प्रभावी मॉनिटरिंग और सुदृढ़ व्यवस्था के फलस्वरूप पात्र किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। जिले में 15 नवंबर 2025 से शुरू होकर 30 जनवरी 2026 तक चले इस उपार्जन अभियान में कुल 124095 किसानों ने अपना धान विक्रय किया। इस दौरान कुल 6253504 क्विंटल धान की खरीदी की गई। जिसका कुल मूल्य 1484.57 करोड़ रूपए है। शासन द्वारा इस राशि का भुगतान किसानों के खातों में सुनिश्चित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिली है।जिला प्रशासन द्वारा किसानों के समस्याओं का त्वरित निराकरण और रकबा समर्पण अभियान के दौरान संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 600 से अधिक ऐसे किसानों की समस्याओं का निराकरण किया गया। इनमें पंजीयन, रकबा या फसल संबंधी तकनीकी दिक्कते थी। इसके साथ ही पारदर्शिता का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए जिले के 71790 किसानों ने स्वेच्छा से 55790 एकड़ रकबे का समर्पण किया। रकबा समर्पण से कोचियों एवं बिचोलियों द्वारा 363 करोड़ रूपए मूल्य का 11 लाख क्विंटल धान खपाने का प्रयास विफल हुआ। कलेक्टर के निर्देश पर कोचियों और बिचौलियों के विरूद्ध जिले में अब तक की सबसे प्रभावी कार्रवाई की गई। अन्य राज्यों से अवैध धान खपाने वालों के खिलाफ कुल 243 प्रकरण दर्ज किए गए, जिसमें 43900 क्विंटल धान, (मूल्य 13.60 करोड़ रूपए) और 50 वाहन जप्त किए गए। इस वर्ष शासन द्वारा उपयोग किए गए सतर्क एप के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की गई, जिससे परिवहन और खरीदी में होने वाली किसी भी अनियमितता पर तत्काल लगाम कसी गई।प्रशासनिक नवाचार -कलेक्टर द्वारा इस वर्ष धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए कई नवाचार किए गए। अवैध धान की आवक रोकने के लिए बॉर्डर और संवेदनशील रास्तों पर रात भर पहरा दिया गया। प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारी, जिला स्तरीय नोडल अधिकारी और माइक्रो ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई। 50 सदस्यीय विशेष जांच दल द्वारा प्रति सप्ताह केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन किया गया। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारियों, समिति प्रबंधकों और डाटा एंट्री ऑपरेटरों, नोडल अधिकारी की साप्ताहिक बैठके लेकर आगामी कार्ययोजना बनाई गई और उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया गया।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा इंडस एक्शन के सहयोग से आयोजित “लैब-राइट” कार्यशाला श्रृंखला के अंतर्गत आज एकदिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अपर श्रम आयुक्त श्रीमती सविता मिश्रा, उप श्रम आयुक्त श्री एस. एस. पैकरा और श्री डी.पी. तिवारी सहित छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत 20 नवंबर 2025 को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जिला श्रम अधिकारियों और श्रम निरीक्षकों को डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।कार्यशाला के दौरान गैर-तकनीकी उपयोगकर्ताओं को डेटा सुरक्षा प्रणाली से परिचित कराने हेतु विशेष सत्र आयोजित किए गए। विधि एवं नीति विशेषज्ञ श्री के के प्रह्लाद ने सहभागितापूर्ण गतिविधियों के माध्यम से डेटा संरक्षण और गोपनीयता जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मोबाइल नंबर, ईमेल और लोकेशन जैसी व्यक्तिगत जानकारियां दैनिक जीवन में साझा होती हैं और उनके दुरुपयोग की क्या संभावनाएं हो सकती हैं। सत्र में विशेष रूप से डेटा साझा करने, सहमति लेने और डेटा ब्रीच जैसी स्थितियों में विभागीय सावधानियों पर गहन चर्चा की गई।तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की आधारभूत जानकारी, एलिजिबिलिटी इंजन और मोबाइल ऐप के व्यावहारिक उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही ई-केवाईसी की प्रक्रिया, नवीन विभागीय पोर्टल की विशेषताओं और आवेदनों के त्वरित निराकरण हेतु अपनाई जाने वाली नई कार्यप्रणालियों का पुनरावलोकन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों ने श्रम योजनाओं के सरलीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने हेतु अपने बहुमूल्य सुझाव और फीडबैक भी साझा किए। यह आयोजन राज्य में श्रमिक सेवाओं को पूरी तरह तकनीक-सक्षम और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव कार्यालय के अवर सचिव श्री अरुण कुमार हिंगवे, सामान्य प्रशासन विभाग के दफ़्तरी श्री खुमान सिंह ध्रुव एवं श्री कन्हैया लाल सोम के सेवानिवृत्त होने पर मंत्रालय में गरिमामय एवं भावभीनी विदाई समारोह का आयोजन किया गया।मुख्य सचिव श्री विकाशशील ने सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके दीर्घकालीन, निष्ठापूर्ण एवं समर्पित शासकीय सेवा के लिए धन्यवाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि शासन को उनकी सेवाओं से लंबे समय तक लाभ मिला है, जिसे सदैव स्मरण किया जाएगा।समारोह में मुख्य सचिव श्री विकाशशील एवं अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ द्वारा सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं अवकाश नकदीकरण की राशि भेंट की गई।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मंत्रालय अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण सहित मंत्रालय के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सेवानिवृत्त साथियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
- -केशोडार वन-धन विकास केंद्र से बदली जनजातीय महिलाओं की जिंदगीरायपुर,। पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) की महिलाएं स्व-सहायता समूहों (एसएचजी), सरकारी योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के दम पर आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल कायम कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत संचालित केशोडार वन धन विकास केंद्र (वीडीवीके) के माध्यम से इन महिलाओं को आजीविका के स्थायी साधन उपलब्ध हो रहे हैं।केशोडार वन-धन विकास केंद्र की स्थापना सहकारी समिति मर्यादित, गरियाबंद द्वारा की गई है। वर्तमान में इस केंद्र से 8 स्वयं सहायता समूहों की कुल 87 पीवीटीजी महिलाएं जुड़ी हुई हैं। महिलाएं अपने पारंपरिक औषधीय ज्ञान के साथ आधुनिक तकनीक का उपयोग कर आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण कर रही हैं। केंद्र में निर्मित उत्पादों को आयुष निदेशालय से औषधि निर्माण का लाइसेंस प्राप्त है, जिससे इन उत्पादों को वैधानिक पहचान मिली है। यहां 13 से अधिक आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें महाविषगर्भ तेल, भृंगराज तेल, तुलसी पाउडर, अश्वगंधा, शतावरी, आंवलक्यादि चूर्ण, पुनर्नवा पाउडर, कृमिघ्न, प्रदरांतक एवं वैश्वानर पाउडर प्रमुख हैं। साथ ही कई क्लासिकल आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण की अनुमति भी केंद्र को प्राप्त है।केशोडार वन धन विकास केंद्र की विशेष पहचान पारंपरिक ‘तेल पाक पद्धति’ है, जिसमें औषधीय जड़ी-बूटियों को सात दिनों तक धीमी आंच पर पकाया जाता है। इस पद्धति से औषधीय गुण सुरक्षित रहते हैं और उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। पीएम जनमन योजना एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के सहयोग से केंद्र को आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उत्पादों का विपणन ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के अंतर्गत संजीवनी स्टोर्स के माध्यम से किया जा रहा है। जनवरी 2024 से मार्च 2025 के बीच केंद्र द्वारा लगभग 159.59 लाख रूपए का विक्रय किया गया, जिससे करीब 10 लाख रूपए का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ है। इससे महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं।इस उपलब्धि पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि गरियाबंद की पीवीटीजी महिलाओं द्वारा संचालित केशोडार वन धन विकास केंद्र आत्मनिर्भर भारत की सोच को साकार कर रहा है। पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बाजार से जोड़कर जनजातीय महिलाओं को सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यह केंद्र अन्य जनजातीय क्षेत्रों के लिए प्रेरणास्रोत है।उल्लेखनीय है कि राज्योत्सव 2025 के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई सराहना से महिलाओं को प्रात्साहन मिला और उनका उत्साह बढ़ा है। आज केशोडार वन- धन विकास केंद्र न केवल गरियाबंद बल्कि पूरे प्रदेश के लिए जनजातीय सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता का सफल मॉडल बन चुका है।
- -नारायणपुर जिले को मिली 351 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात-लाल आतंक से रूके विकास को अब मिल रही है गति-आदिवासी संस्कृति और पारम्परिक विरासतों को सहेजने में बस्तर पण्डुम महत्वपूर्ण योगदानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बस्तर के नारायणपुर जिले के दो दिवसीय प्रवास पर जिला मुख्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होकर जिलावासियों को अनेक सौगातें दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल मैदान में आयोजित बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में 351 करोड़ 49 लाख 45 हजार रूपए के 357 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में लाल आतंक समाप्ति की ओर है, जिससे विकास को गति मिल रही है। माओवाद के कारण यह क्षेत्र लम्बे समय से विकास से अछूता रहा, अब यहां नवाचार हो रहे हैैं।नारायणपुर के हाई स्कूल मैदान में आयोजित आज अपराह्न में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से प्रदेश सरकार ने माओवाद मुक्त करने के लगातार प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि नियद नेल्लानार योजना से चलते बस्तर के 400 से अधिक गांवों में विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों के विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की दिशा में उन्हें कौशल उन्नयन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आजीविका प्राप्त करते हुए आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही बस्तर को विकास के सभी आयामों से जोड़ने यहां पर्यटन विकास, खेती-बाड़ी, पशुपालन जैसे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने दोहराया। श्री साय ने यह भी कहा कि आदिवासी संस्कृति और पारम्परिक विरासतों को सहेजने व संजोकर रखने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार बस्तर पण्डुम का आयोजन कर रही है। उन्होंने उपस्थित जनों से जनजातीय सभ्यता और धरोहरों की जड़ों से जुड़कर रहने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने की 332 करोड़ के छह निर्माण कार्यों की घोषणाइस दौरान मुख्यमंत्री ने 06 निर्माण कार्यों की घोषणा की, जिनकी अनुमानित लागत 332 करोड़ रूपए है। इसमें 125 किलोमीटर लम्बे मार्ग नारायणपुर के ओरछा-आदेर-लंका-बेदरे -कुटरूमैमेड जिसकी लागत राशि-250 करोड़ रूपए है। यह नारायणपुर जिले को बीजापुर जिले से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसमें जिले के अंदरूनी क्षेत्र के ईदवाया, एडजुम, आदेर, कुड़मेल, ढोढरीबेड़ा, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका जैसे ग्राम जुड़ते हैं। इसी तरह राजनांदगांव-बैलाडिला मार्ग में सतह मजबूतीकरण कार्य की घोषणा की, इसकी लंबाई 28 कि.मी जो लगभग 34 करोड़ से तैयार होगी। यह नारायणपुर जिले को दंतेवाड़ा जिले में जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी तरह नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर 28 किमी के सतह मजबूतीकरण कार्य, लंबाई 28 कि.मी. की घोषणा (राशि-34 करोड़ 12 लाख) - यह मार्ग जिले को महाराष्ट्र बार्डर तक जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसमें जिले के ब्रेहबेड़ा, कुरूषनार, बासिंग, सोनपुर ग्राम जुड़ते हैं। इसके अलावा ब्रेहबेड़ा (नारायणपुर)-कंदाड़ी-कीहीकाड़-मुरनार-बेचा मार्ग पर घुड़साल नाला पर उच्चस्तरीय सेतुमय पहुंच मार्ग निर्माण कार्य, जिसकी लंबाई 80 मीटर तथा लागत राशि-12 करोड ़ 42 लाख है। साथ ही नारायणपुर जिला अंतर्गत अबुझमाड़ के अंदरूनी क्षेत्रों में प्रारंभ किये गए 10 वैकल्पिक प्राथमिक शाला ‘घमण्डी, वाला, जटवर, नेलनार, रोहताड़, हितावाड़ा, मोडनार, तोके, कोडटामरका एवं कोडोली‘ के स्कूल सेटअप एवं भवन, तथा तोके में आश्रम शाला भवन की स्वीकृति की घोषणा की, जो 01 करोड़ 06 लाख रूपए से तैयार होगा। इसी तरह जिले के एज्युकेशन हब, गरांजी मे खेल मैदान की घोषणा की घोषणा की जिसका निर्माण 50 लाख रूपए की लागत से होगा।कार्यक्रम में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के सशक्त और निर्णायक नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक देश से सशस्त्र माओवाद के आतंक का पूर्णतः अंत हो जाएगा। नारायणपुर जिला भी शीघ्र ही नक्सल मुक्त होकर शांति, विकास और समृद्धि के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से हर गांव, हर टोले को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। राजस्व मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले को 351 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी है। उनके नेतृत्व में राज्य सफलता की नित नई उंचाइयों को छू रहा है और हर क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है।इसके पहले, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय संस्कृति और परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। बस्तर की संस्कृति और विरासत की पूरे विश्व में अलग पहचान है। आज की नई पीढ़ी हमारी सस्कृति और परंपरा को सहेजकर रखने की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम के 12 विधाओं में जनजातीय संस्कृति के प्रदर्शन के माध्यम से सरकार द्वारा इन परंपराओं को सहेजने और संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक के माध्यम से युवाओं को प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से आदिवासी संस्कृति व परंपरा आगे बढ़ेगी और बस्तर विकास और शांति के पथ पर सतत् आगे बढ़ेगा।मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित माओवादी नव दम्पति को दिया आशीर्वादमुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर पण्डुम के जिला स्तरीय कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आदिवासी व्यंजन, वेशभूषा, आभूषण तथा प्राचीन धरोहरों का अवलोकन कर संरक्षित करने की बात कही। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत माओवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौटे 04 जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री से आशीर्वाद प्राप्त करने वाले जोड़ों में ग्राम पोदावाड़ा की कमला गोटा तथा ग्राम ऐनमेटा के सुकलाल जुर्री, ग्राम कुर्सींग की सुशीला कोवाची और ग्राम तुषवाल के सन्नी सलाम, ग्राम पूसालामा की रीता कोवाची और इसी ग्राम के मासो मण्डावी तथा ग्राम डूंगा की कोसी मण्डावी एवं इसी ग्राम के अर्जुन सिंह शामिल थे। मुख्यमंत्री ने सभी विवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने की बधाई दी।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पंचायती राज और नगरीय संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।
- रायपुर,। प्राथमिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पोषण सहायता कार्यक्रम केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य बच्चों के नामांकन, उपस्थिति और स्कूल में बने रहने की दर में सुधार करना और उनके पोषण स्तर को बढ़ाना था। छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य में संचालित केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के सुचारु संचालन के संबंध में समस्त जिलों को मंत्रालय से आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।राज्य शासन के संज्ञान में आने के फलस्वरूप योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोईया विगत 28 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण कुछ शालाओं में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित हो रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का पुनः अवलोकन करते हुए कलेक्टरों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि किसी भी परिस्थिति में शालेय दिवसों में मध्यान्ह भोजन का संचालन अवरुद्ध नहीं होना चाहिए। रसोईयों की हड़ताल, अस्वस्थता अथवा किसी अन्य विवाद की स्थिति में मध्यान्ह भोजन पकाने की वैकल्पिक व्यवस्था करना संचालनकर्ता समूहों की अनिवार्य जिम्मेदारी होगी।यदि किसी शाला में रसोईया की अनुपस्थिति के कारण मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधित रसोईया के साथ-साथ संचालनकर्ता समूहों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। इसमें कार्य से हटाए जाने, कुर्की कास्ट में कटौती तथा रसोईया के मानदेय में कटौती जैसी कार्यवाही शामिल है।सभी कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि वे अपने जिले में निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ नियमित रूप से मिलता रहे।
- -मंत्रालय में कृषि विकास को लेकर करेंगे समीक्षा बैठकरायपुर। केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कल 31 जनवरी को दोपहर 12.30 बजे राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ दुर्ग जिले के कुम्हारी में युवा प्रगतिशील किसान एसोसिएशन द्वारा आयोजित किसान मेला में शामिल होंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता करेंगे। साथ ही विधायक श्री डोमलाल कोर्सेवाड़ा एवं पूर्व विधायक श्री देवजीभाई पटेल भी उपस्थित रहेंगे।गौरतलब है कि केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान 31 जनवरी को ही सुबह दुर्ग जिले के ग्राम गिरहोला एवं खपरी में कृषि फार्म भ्रमण एवं पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके पश्चात कुम्हारी में आयोजित किसान मेला में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में राज्य में संचालित कृषि, कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जाएंगे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने कहा है कि महात्मा गांधी ने मातृभूमि की सेवा के लिए सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनके आदर्श एवं विचार देश सहित पूरी दुनिया के लिए आज भी प्रासंगिक हैं।लोकभवन के अधिकारियों- कर्मचारियों ने भी गांधी जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
- -सामाजिक-आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बेहतर समन्वय के लिए 50 बिंदुओं पर हुई विस्तृत चर्चा-नवा रायपुर में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17वीं बैठकरायपुर / नवा रायपुर में आज हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की 17 वीं बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच चारों राज्यों में सामाजिक- आर्थिक विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित विषयों के निराकरण और बेहतर समन्वय के लिए 50 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मध्य क्षेत्र के इन चारों राज्यों से संबंधित प्रशासनिक, आर्थिक एवं सामाजिक मुद्दों का समाधान निकालने तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में मौजूद अधिकारी चारों राज्यों के नवाचारों और बेस्ट प्रेस्टिसेस से भी रू-ब-रू हुए।मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की इस बैठक का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें मध्य क्षेत्रीय परिषद की मुख्य बैठक से पहले एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाता है, इसमें लिए गए निर्णय और सिफारिशें परिषद की आगामी बैठक में प्रस्तुत किए जाते हैं। बैठक में परिषद के सदस्य राज्यों के लंबित अंतर्राज्यीय मामलों के समाधान, नीतिगत समन्वय को सुदृढ़ करने तथा विकास परियोजनाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को दूर किया जाता है।मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील, केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त सचिव श्रीमती शुभा ठाकुर, मध्यप्रदेश की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रश्मि अरुण शामी, उत्तरप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा और उत्तराखंड के प्रमुख सचिव श्री रमेश कुमार सुंधाशु सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा चारों राज्यों के संबंधित विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए।मुख्य सचिव श्री विकास शील ने मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में कहा कि आज चारों राज्यों एवं केंद्र सरकार के अधिकारियों के बीच राज्य सरकारों और भारत सरकार से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर रचनात्मक और उपयोगी चर्चा हुई है। निरंतर संवाद और अंतर्राज्यीय सहयोग के जरिए मध्य क्षेत्र के राज्यों के साझा हितों को प्रभावी रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्राज्यीय परिषद सचिवालय के सचिव श्री आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि आज हुई चर्चा के निष्कर्षों के अनुरूप चारों राज्य तत्काल कार्यवाही प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि चारों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच विचार-विमर्श से आपसी संवाद बेहतर होंगे। केंद्र सरकार एवं मध्य क्षेत्रों के राज्यों की साझा समस्याओं के समाधान के लिए ठोस व व्यावहारिक निर्णय लेने में इससे मदद मिलेगी।मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ही केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सहकारिता मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, ऊर्जा मंत्रालय, आवास और शहरी विकास मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, रेल मंत्रालय, खान मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, जल जीवन मिशन, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अभिकरण, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, वित्त सेवा विभाग, डाक विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, वाणिज्य विभाग तथा मछली पालन विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।मध्य क्षेत्रीय परिषद की स्थायी समिति की बैठक में अंतर्राज्यीय समन्वय, विकास और सुशासन के साथ-साथ चारों राज्यों द्वारा अपनाई गई बेस्ट प्रेक्टिसेस की भी प्रस्तुति हुई। इस दौरान छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड एवं उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने अपने-अपने राज्यों के नवाचारों और प्रभावी योजनाओं की जानकारी साझा की।छत्तीसगढ़ द्वारा वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की प्रस्तुति दी गई, जिसे जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा लॉन्च किया गया है। यह उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को एकीकृत करता है, जिससे औद्योगिक निवेश, भूमि प्रबंधन, पर्यावरणीय स्वीकृति और सब्सिडी प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। इसके साथ ही दंतेवाड़ा मॉडल के तहत ब्लॉक-चेन आधारित सुरक्षित भूमि अभिलेख प्रणाली और एआई-आधारित विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की अभिनव पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।मध्यप्रदेश ने ग्रामीण पर्यटन विकास को अपनी प्रमुख बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में प्रस्तुत किया। इसके तहत 125 गांवों में होम-स्टे और स्थानीय संस्कृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही ऊर्जा बचत एवं नवीकरणीय ऊर्जा नीति- 2025 के माध्यम से 2030 तक 50 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने के लक्ष्य तथा पीएम श्री टूरिज्म हेली सर्विस के जरिए पर्यटन एवं क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाने की पहल की जानकारी दी गई। उत्तराखंड द्वारा किसान-से- आईटीबीपी आपूर्ति श्रृंखला योजना के माध्यम से सीमावर्ती किसानों की आय वृद्धि, डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन तथा स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवेनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा जल स्रोतों के पुनर्जीवन की पहलों का प्रस्तुतीकरण किया गया। उत्तरप्रदेश के अधिकारियों ने शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुधारों की नई पहलों, श्रम न्याय सेतु पोर्टल तथा सेवा मित्र जैसे नवाचारों पर प्रस्तुतिकरण दिया।
- -गढ़बेेंगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप- मुख्यमंत्री ने घोटुल की स्थापत्यकला को सराहारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए।मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया।इस दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, पद्मश्री श्री पंडीराम मंडावी, लोककलाकार श्री बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्रीमती संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंटमुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं - वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की।इको-फ्रेंडली घोटुल:वन विभाग और पद्मश्री पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्मश्री पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बालक आश्रम के निरीक्षण के दौरान मौके पर ही दी स्वीकृति-स्कूली बच्चों से किया संवाद कहा मन लगाकर करें पढ़ाई, खेलों पर भी दें ध्यानरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अबुझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कुरुषनार स्थित बालक आश्रम पहुंचकर छात्रों से रूबरू हुए आश्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों की मांग पर यहां एक नए हॉस्टल निर्माण की स्वीकृति प्रदान की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने यहां उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया। इस मौके पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि कहा आप सभी खूब पढ़ाई करें और अपने माता पिता सहित देश प्रदेश का नाम गौरव करें। उन्होंने आश्रम में रहने वाले विद्यार्थी रामजी से कहा की आप पढ़ लिखकर क्या बनना चाहते हैं तब रामजी ने कहा की मैं बड़ा होकर शिक्षक बनना चाहता हूँ। तब मुख्यमंत्री ने उनकी प्रशंसा की और मेहनत से पढ़ाई करने की समझाइश दी। इसी तरह छात्र सोप सिंह ने मुख्यमंत्री को पहाड़ा सुनाया। स्कूली बच्चों से संवाद के दौरान कक्षा दूसरी में पढ़ने वाला आदित्य ने मुख्यमंत्री से पूछा आपको स्कूल जाने में कैसा लगता था? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे स्कूल जाना अच्छा लगता था। बचपन में पढ़ाई को भरपूर समय दे, बड़ा आदमी बनने के लिए पढ़ाई आवश्यक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता की जानकारी ली और कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने मुख्यमंत्री को अंतरिक्ष अभियान के मॉडल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने मॉडल प्रदर्शित करने वाले सभी विद्यार्थियों को खूब पढ़ाई करने और वैज्ञानिक बनने का प्रयास के लिए बधाई दी।उचित मूल्य दुकान का निरीक्षणमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शासकीय कार्यक्रमों की क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत देखने कुरूषनार के शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुंचे। उचित मूल्य दुकान में मौजूद राशनकार्डधारियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि उन्हें नियमित रूप से समय पर राशन मिल रहा है।मुख्यमंत्री ने उचित मूल्य दुकान में मौजूद डुटाखार के मेहरो, दशरी, तिलो एवं सुनिता, गुमियाबेड़ा की रजनी बाई एवं अनिता और ग्राम कंदाड़ी की वीणाबाई से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की और उनके परिवार के सदस्यों की जानकारी भी ली। इन सभी ने बताया कि उन्हें हर माह चांवल मिल रहा है और इसकी गुणवत्ता अच्छी है।मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान उचित मूल्य दुकान में स्टॉक की उपलब्धता, रखरखाव , साफ सफाई, स्टॉक रजिस्टर, भंडारण क्षमता आदि की जानकारी ली। गौरतलब है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान से आसपास के 12 गांव आलवर, कंदाड़ी, कुरुषनार, कोडोली (विरान), गुमियबेड़ा, जिवलापदर, अरसगढ़, डुटाखार, कंकाल, जामपारा, कावड़वार और नदीपारा संलग्न है तथा 408 राशन कार्ड धारकों को राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
- सुकमा । सुकमा जिले में आज दो महिलाओं सहित चार माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। इन पर आठ लाख रुपये का इनाम था। सुकमा जिला मुख्यालय में बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी, सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चौहान और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा बल अधिकारियों के सामने आत्मसर्पण किया। इस दौरान एक एस.एल.आर. समेत चार हथियार भी सौंपे। ये माओवादी जिले के गोल्लापल्ली, कोंटा और किस्ताराम क्षेत्रों में सक्रिय थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने किया कुरूसनार से बस में यात्रियों के साथ सफर-मुख्यमंत्री बस सेवा के तहत दूरस्थ अंचल के लोगों को मिल रही परिवहन सुविधारायपुर/ राज्य के दूरस्थ और सीमांत जनजातीय अंचलों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बस सेवा अब नारायणपुर जिले में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिले के प्रवास के दौरान कुरूसनार से लगभग 4 किमी तक ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा की।मुख्यमंत्री का बस सेवा से सफर करना इस योजना की विश्वसनीयता और जनोन्मुखी सोच को रेखांकित करता है। उन्होंने अपने सह यात्रियों से अब इस नक्सल प्रभावित इलाके में बस सेवा शुरू होने से हुए फायदों के बारे में भी ग्रामीणों से पूछा। मुख्यमंत्री का यह दौरा और बस सेवा से किया जाने वाला सफर नारायणपुर जिले में विकास, विश्वास और सुशासन की दिशा में एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान में नारायणपुर जिले में मुख्यमंत्री बस सेवा के अंतर्गत चार बसें संचालित की जा रही हैं, जिनमें से तीन बसें नियद नेल्ला नार मार्गों पर नियमित परिवहन सेवाएं प्रदान कर रही हैं। ये बसें उन क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं, जो बीते एक दशक से माओवादी उग्रवाद के कारण सार्वजनिक परिवहन से लगभग वंचित रहे थे। पहला मार्ग नारायणपुर-नेलंगूर का है, जिसके अंतर्गत डूमरतराई, कुकडाझोर, आंकाबेडा, कस्तूरमेटा, मोहंदी, कोडलियार, कुत्तूल, बेडमाकोटी तथा नेलंगूर ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं। दूसरा मार्ग नारायणपुर-कुतूल का है, जिसमें कच्चापाल, कोडलियार एवं कुतूल के साथ कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, कोहकामेटा और इरकभट्टी ग्रामों को परिवहन सुविधा मिल रही है। तीसरा मार्ग नारायणपुर-गारपा का है, जिससे कुरूषनार, बासिंग, कुन्दला, सोनपुर, मसपुर और होरादी ग्राम लाभान्वित हो रहे हैं।यह बस सेवा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें संचालन की जिम्मेदारी एक निजी बस ऑपरेटर को सौंपी गई है, जबकि शासन द्वारा मार्ग निर्धारण और निगरानी की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सीमांत जनजातीय समुदायों को विश्वसनीय, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना, सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना तथा क्षेत्र में आवागमन और कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना है।
- -सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार रहा है सिमट - मुख्यमंत्रीरायपुर /किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि “नक्सल मुक्त बस्तर – सुरक्षित छत्तीसगढ़” का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के समन्वित एवं सतत प्रयासों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था, प्रभावी क्षेत्रीय उपस्थिति तथा बेहतर सड़क और संचार कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और उनका सामाजिक आधार कमजोर हो रहा है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।









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