- Home
- छत्तीसगढ़
- बिलासपुर /जिला पंचायत की बैठक 25 सितम्बर 2026 को आहूत की गई है। इसके अंतर्गत सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे एवं सामान्य प्रशासन समिति की बैठक दोपहर 4 बजे होगी। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी करेंगे। सामान्य सभा की बैठक में लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, खनिज विभाग, कृषि विभाग, आदिवासी विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा की जाएगी। सामान्य प्रशासन समिति की बैठक में पूर्व बैठक का पालन प्रतिवेदन, उद्यान विभाग, क्रेडा विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी एवं समीक्षा तथा अध्यक्ष श्री सूर्यवंशी की अनुमति से अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- बिलासपुर /छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में जल संसाधन विभाग स्थित प्रार्थना सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले में महिला उत्पीड़न एवं महिला संबंधी शिकायतों से जुड़े कुल 13 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष ने उपस्थित पक्षकारों की समस्याएं और उनके पक्ष सुने तथा प्रकरणों की स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका और अनावेदक दोनों पक्ष उपस्थित हुए। दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद समाप्त कर आपसी सहमति से साथ रहने की बात कही। उन्होंने भविष्य में आपस में लड़ाई-झगड़ा नहीं करने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आयोग द्वारा प्रकरण को नस्तीबद्ध करने की कार्रवाई की गई। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित हुईं, जबकि अनावेदक अनुपस्थित रहा। प्रकरण भरण-पोषण से संबंधित था तथा आवेदिका का आवेदन न्यायालय में लंबित होना बताया गया। प्रकरण में दूसरी पत्नी से संबंधित विषय होने के कारण आवेदिका के अधिवक्ता से आवश्यक चर्चा कर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के संबंध में कहा गया। अनावेदक के मुंगेली जिले में वर्ग-2 शिक्षक के पद पर पदस्थ होने की जानकारी के आधार पर शिक्षा विभाग, मुंगेली को आवश्यक पत्र प्रेषित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी तरह एक अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित हुईं, जबकि अनावेदक उपस्थित नहीं हुआ। आयोग द्वारा अनावेदक से दूरभाष पर संपर्क किया गया। अनावेदक ने सुनवाई की तारीख को लेकर गलतफहमी होने की बात कही। इस प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया।एक प्रकरण में आवेदिका की सुपुत्री उपस्थित हुईं और उनके द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी सुनवाई में आवेदिका स्वयं उपस्थित होंगी। आयोग द्वारा प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका अनुपस्थित रहीं, जबकि अनावेदकगण उपस्थित हुए। आयोग द्वारा आवेदिका से दूरभाष पर संपर्क किया गया तथा निर्धारित समय तक उनकी उपस्थिति नहीं होने पर अनावेदकगण का पक्ष सुना गया। अनावेदकगण द्वारा आवेदिका की ओर से विभिन्न स्थानों पर शिकायत किए जाने सहित अन्य तथ्य आयोग के समक्ष रखे गए। प्रकरण में धर्म परिवर्तन से संबंधित विषय सामने आने पर संबंधित थाना सिविल लाइन से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयोग द्वारा प्रकरण की आगामी सुनवाई में आवेदिका को उपस्थित होने के लिए बुलाए जाने तथा अनावेदकगण को नहीं बुलाए जाने का निर्णय लिया गया।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में राज्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की गई हैं। इसी कड़ी में ’सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के अंतर्गत 01 से 05 अक्टूबर 2026 तक जिले के दुर्ग, धमधा एवं पाटन विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय विशेष ’सेवा सेतु शिविरों’ की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण, पारदर्शी सेवा प्रदायगी तथा प्रत्येक परिवार की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु तिथिवार शिविरों हेतु आदेश जारी कर दिया है।विकासखंडवार शिविरों की इस श्रेणी में विकासखंड दुर्ग के अंतर्गत 01 अक्टूबर को विवेकानंद सभागार भवन दुर्ग में शिविर आयोजित होगा। जिसमें शामिल ग्राम पंचायत/नगर पालिका परिषद् उरला, करहीडीह, सिकोला, बघेरा, दुर्ग, फुलगांव, पोटियाकला, बोरसी, कसारीडीह, तितुरडीह व कातुलबोर्ड है। इसी प्रकार 02 अक्टूबर को भिलाई निगम सभागार में आमदी, कोसानाला, रुआबांधा, रिसाली, डुण्डेरा, जुनवानी, खम्हरिया, कोहका, कुरुद, छावनी व सुपेला के नागरिकों के लिए शिविर लगेगा। 03 अक्टूबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरई में ग्राम पंचायत रसमड़ा, नगपुरा, बोरई, दमोदा, खुरसुल, गनियारी, पीपरछेड़ी, खपरी (सि), महमरा, अंजोरा (ख), मोहलई, कोटनी, बेलौदी, चंदखुरी, पीसेगांव, कोलिहापुरी, धनोरा, खम्हरिया, हनोदा, कोड़िया, कोकड़ी, उमरपोटी, पुरई, पाउवारा, डुमरडीह व उतई के ग्रामीण तथा 04 अक्टूबर को निकुम शाला में तिरगा, झोला, भरदा, थनौद, बिरेझर, चंगोरी, भोथली, निकुम, खांडा, आलबरस, अण्डा, विनायकपुर, आमटी, चिंगरी, अछोटी, भानपुरी, जंजगिरी, कुथरेल, बोरीगारका, करगाडीह, खोपली, रिसामा, चिरपोटी, मतवारी, कातरो, मचांदुर, घुघसीडीह, कोनारी, मातरोडीह, रूदा व मासाभाट के ग्रामीण शामिल होंगे। वहीं 05 अक्टूबर को करंजाभिलाई शाला में करंजाभिलाई, अंजोरा (ढा), ढाबा, डांडेसरा, भेड़सर, सिरसाखुर्द, चिखली, कुटेलाभांठा, खपरी (कु), जेवरा, भटगांव, समोदा, बोड़ेगांव, ननकट्ठी, रवेलीडीह, अरसनारा, बासीन, ढौर, खेदामारा, कचांदुर, सिलोदा, खुर्सीडीह, मालूद, झेंझरी व गनियारी के नागरिक तथा तहसील कार्यालय भिलाई-03 में आयोजित होने वाले शिविर में जामुल नगर पालिका (ग्राम जामुल) एवं भिलाई-चरोदा निगम (ग्राम हथखोज, अकलोरडीह) के नागरिक होंगे।इसी क्रम मंे विकासखंड धमधा के तहत 01 अक्टूबर को ग्राम पंचायत बोरी में शिविर आयोजित होगा, जहां ग्राम पंचायत चीचा, डोड़की, देउरकोना, अरसी, सुखरीकला, टेकापार, तुमाखुर्द, फुण्डा, सिलतरा, दनिया, परसदाखुर्द, बोरी, डोमा, पथरिया, नवागांव व परसदा के ग्रामीणजन तथा मेड़ेसरा पंचायत में आयोजित शिविर में ग्राम सगनी, परसदा, कोड़िया, मेड़ेसरा, पथरिया, नंदिनी सुंदनी, पोटिया, पिटौरा, सेमरिया व गिरहोला के ग्रामीण शामिल होंगे। 02 अक्टूबर को लिटिया पंचायत में आयोजित शिविर में मड़ियापार, करेली, गाड़ाडीह, पुरदा, जोगीगुफा, लिटिया, सेमरिया, चिखला, विरेझर, हसदा, खर्रा, रौता, हिरी, टेमरी, पोटिया व सैवती तथा कपसदा पंचायत में अकोला, कपसदा, पंचदेवरी, सांकरा, खपरी, लिमतरा, कंडरका, ढाबा, बोरसी व मुर्रा का शिविर लगेगा। 03 अक्टूबर को डंगनिया पंचायत में आयोजित शिविर में ग्रा.पं. देवरी, पेड्री, भिभौरी, गोबरा, नंदवाय, नवागांव, टठिया, ठेगाभाठ, मोहलाई, छिराही, तरकोरी, धौराभाठा, डंगनिया, बिरोदा, गोप्ता, माटरा, हरदी, मोहरेंगा, कंदई, कोकड़ी, खजरी, पेण्ड्रीतराई, बिरझापुर, तितुरघाट, महाराजपुर, सोनेसरार, मोतिमपुर, रहटादाह, सिरनाभाठा, नंदेली, भरनी, रक्सा, खपरी, परसबोड़, धरमपुरा व बरहापुर तथा लहंगा पंचायत में खपरी, पाहरा, डूमर, मलपुरीखुर्द, ढौर (खेरधी), लहंगा, अछोटी, गोढ़ी, मलपुरीकला व ओटेबंद के लिए आयोजन होगा। 04 अक्टूबर को अहिवारा तहसील कार्यालय में आयोजित शिविर में बागडूमर, अहेरी, बिरेभाट, मुड़पार, ढौर (हिं.), खेरधा, मोहंदी, नारधा, रिंगनी, नंदौरी, मुरमुंदा, चेटुवा तथा अहिवारा नगर पालिका (ग्राम अहिवारा, खासाडीह, बानबरद) के शिविर लगेंगे। इसके पश्चात 05 अक्टूबर को पेण्ड्रावन पंचायत के शिविर में ग्राम पंचायत कन्हारपुरी, जाताघर्रा, परसुली, सिल्ली, दानीकोकड़ी, परोड़ा, बसनी, करेली, रौंदा, साल्हेखुर्द, पेण्ड्रावन, परसकोल, कोनका, गोरपा, नवागांव सा., भिलौरी, अगार, राजपुर, कुटहा, पेण्ड्री, अकोली, पगबंधी, अछोली, ठेलका, खैरझिटी, बिरेभाठ, हिरेतरा, घोठा, पेण्ड्री, रूहा, सुखरीखुर्द व खिलोराकला, खिलोराखुर्द, गाड़ाघाट, घसरा, घोटवानी, तुमाकला, धूमा, भाठाकोकड़ी, मुड़पार तथा भिलाई-03 तहसील कार्यालय के शिविर में नगर पालिका परिषद् कुम्हारी (ग्राम कुम्हारी, चोरहा, परसदा, जंजगिरी), भिलाई-चरोदा निगम (ग्राम जरवाय, पर्थरा, दादर) व जामुल पालिका (ग्राम सुरडुंग) के शिविर संपन्न होंगे।इसी तरह विकासखंड पाटन के अंतर्गत 01 अक्टूबर को सेलूद पंचायत में आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत फुण्डा, सांतरा, गोंडपेन्डरी, छाटा, अचानकपुर, ढौर, महकाकला, मुड़पार, चुनकट्टा, पतोरा, धौराभाठा, सेलूद, मानिकचौरी, परसाही, फेकारी, गाड़ाडीह, मटंग, गुढ़ियारी व कानाकोट के ग्रामीण तथा 02 अक्टूबर को रानीतराई पंचायत के शिविर में तेलीगुण्डरा, खर्रा, केसरा, जरवाय, कौही, बोरेन्दा, रानीतराई, असोगा, रेंगाकठेरा, डिडगा, चुलगहन, औंसर, ओदरागहन, निपानी, करेला, पाहंदा व बीजाभाठा के लिए शिविर आयोजित होगा। 03 अक्टूबर को जामगांव (एम) पंचायत के शिविर में महकाखुर्द, पहंडोर, पचपेड़ी, करसा, घुघवा, अमेरी, करगा, जामगांव (एम.), रूही, झीट, खुड़मुड़ी, तुलसी, चंगोरी, चीचा, सावनी, तर्रा, रवेली, राखी, लोहरसी, देवादा व अरसनारा तथा जामगांव (आर) पंचायत में आयोजित शिविर में भरर, भनसुली (आर.), कुर्मीगुण्डरा, गब्दी, कुम्हली, पौहा, जामगांव (आर.), बोरवाय, धमना, खोला, बटरेल, अरमरीखुर्द, नवागांव, गातापार, सुरपा, टेमरी, बेल्हारी, अकतई, आगेसरा व किकिरमेटा के ग्रामीण शामिल होंगे। 05 अक्टूबर को पाटन नगर पंचायत के शिविर में मर्रा, बेलौदी, दरबारबमोखली, बोरीद, सोरम, सेमरी, कसही, पन्दर, गुजरा, बठेना, दैमार, सिकोला, सिपकोन्हा, पाटन, अखरा, अटारी, खोरपा, सोनपुर, तरीघाट, खम्हरिया, भनसूली के ग्रामीण और नगर पंचायत अमलेश्वर में आयोजित शिविर में पाहंदा, घुघवा, जमराव, महुदा, कोपेडीह व उफरा, अमलेश्वर नगर पंचायत में सांकरा, मोतीपुर, बटंग, खम्हरिया, अमलीडीह, आँरी, आँधी, नारधी, मगरघटा, भोथली, अमलेश्वर व खुड़मुड़ा के नागरिक गण शामिल होंगे। वहीं भिलाई-03 तहसील कार्यालय में अयोजित शिविर में नगर पालिका निगम भिलाई-चरोदा अंतर्गत आने वाले भिलाई-03, उमदा, पुरेना, कुगदा, सोमनी, गनियारी, मोरिद, सिरसाकला, देवबलौदा, उरला व चरोदा क्षेत्र के नागरिक सम्मिलित होंगे।इन सभी सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थल पर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अतिक्रमण, खाता विभाजन, डायवर्सन, त्रुटि सुधार, निःशुल्क नक्शा, खसरा, बी-1 व किसान किताब वितरण, आधार-मोबाइल-जेंडर इन्द्राज, एग्रीस्टेक किसान रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना अधिकार अभिलेख वितरण, पीएम-किसान भौतिक सत्यापन, आरबीसी 6(4) राहत प्रकरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र तथा वनाधिकार पत्रक जैसे समस्त राजस्व, किसान व नागरिक कल्याणकारी कार्यों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रदान किया जाएगा।
- दुर्ग / बिहान (एनआरएलएम) और कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान गोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर ग्राम बरहापुर, जनपद पंचायत धमधा की महिला किसान अंजली धार्मिक ने खेती के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। परंपरागत खेती के साथ मशरूम उत्पादन को अपनाकर अंजली आज सफलतापूर्वक रसायन रहित मशरूम का उत्पादन कर रही हैं।अंजली के पास करीब 3 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे टमाटर, धान, चना, अरहर और तिवड़ा जैसी फसलों की खेती करती हैं। बिहान समूह से जुड़ने से पहले भी वे खेती करती थीं, लेकिन खेती में होने वाली लागत की तुलना में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। इसी दौरान बिहान समूह और आत्मा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किसान गोष्ठी में अंजली ने भाग लिया। यहां उन्हें मशरूम की खेती की तकनीक और इसके लाभों के बारे में जानकारी मिली। प्रशिक्षण से प्रभावित होकर उन्होंने घर पर ही मशरूम उत्पादन शुरू करने का निर्णय लिया। आज अंजली सफलतापूर्वक रसायन रहित मशरूम का उत्पादन कर रही हैं। वे अपने उत्पाद को करीब 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रही हैं। गुणवत्ता और रसायन रहित उत्पादन के कारण उनके मशरूम की मांग बनी हुई है और तैयार उत्पाद की बिक्री घर से ही व्यापारियों के माध्यम से कर रही है। अंजली बताती हैं कि बिहान और कृषि विभाग की किसान गोष्ठियों एवं प्रशिक्षणों से उन्हें खेती के नए तरीकों को समझने और अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने बिहान, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके मार्गदर्शन से वे आज एक प्रगतिशील महिला किसान के रूप में अपनी पहचान बना पाई हैं।
- -230 पदों पर भर्ती का सुनहरा अवसरमहासमुंद / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा 24 सितंबर 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला लाईवलीहुड कॉलेज के द्वितीय तल, पॉलिटेक्निक कॉलेज, ग्राम बरोंडाबाजार में प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगा।उपसंचालक रोजगार डॉ. शशिकला अतुलकर ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की स्वतंत्र माइक्रोफिन प्राइवेट लिमिटेड, पुष्कल एग्रोटेक लिमिटेड, अलर्ट एसजीएस प्राइवेट लिमिटेड, रजत इक्विपमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड एवं श्रमिन टैलेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 230 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों के लिए 10वीं, 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर, स्नातक एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे।रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक एवं योग्य आवेदक निर्धारित तिथि, समय एवं स्थल पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति एवं पासपोर्ट साइज फोटो के साथ उपस्थित हो सकते हैं। साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदकों को छत्तीसगढ़ रोजगार एपध्वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है। रिक्तियों की संख्या, पदवार आवश्यक योग्यता, वेतनमान एवं कार्यस्थल सहित विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय महासमुंद से संपर्क कर सकते हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग की वेबसाइट https://erojgar.cg.gov.in पर भी जानकारी प्राप्त का सकते हैं।
- दुर्ग / जब शासन की नीतियां सीधे आम नागरिक के संघर्षों को आसान बनाने लगें, तो वह केवल कागजी योजना नहीं रह जाती, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने का सशक्त माध्यम बन जाती है। नगर पालिका निगम रिसाली के ग्राम डुंडेरा वार्ड क्रमांक 35 में रहने वाले चेलाराम साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। भिलाई स्टील प्लांट में कार्य करके वर्ष में करीब 80,000 रुपये अर्जित करने वाले चेलाराम अपने 3 सदस्यों के परिवार (पत्नी और एक छोटी बेटी) के साथ कच्चे व खपरैल वाले घर में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और बंदरों द्वारा खपरैल तहस-नहस कर देने के कारण उन्हें बार-बार मरम्मत में काफी पैसे खर्च करने पड़ते थे। इस बदहाली का सबसे बुरा असर उनकी छोटी बिटिया पर पड़ता था, जो नमी के कारण बीमार पड़ जाती थी और उसकी पढ़ाई-लिखाई व सोने में भारी दिक्कतें आती थीं।बिटिया की चिंता से परेशान चेलाराम साहू को जब नगर निगम से प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन किया। योजनांतर्गत 2.66 लाख रुपये की स्वीकृत लागत (जिसमें केंद्रांश 1.50 लाख, राज्यांश 0.665 लाख एवं हितग्राही अंशदान 0.495 लाख रुपये शामिल है) से उनका पक्का मकान एक साल के भीतर बनकर तैयार हो गया। दरअसल, जनसेवा और सुशासन के प्रति यही प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस कार्यशैली को दर्शाती है, जिसने बीते 25 वर्षों में देश में जन-जनकल्याण के नए मानदंड स्थापित किए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां हर गरीब के सपनों को नया संबल दे रही हैं। पक्का घर बनने पर चेलाराम साहू ने प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आवास ने उनके सिर पर सुरक्षित छत दी है, साथ ही यह उनकी नन्ही बेटी की मुस्कान और पूरे परिवार की खुशियों का आधार भी बनी है।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित रिसाली नगर पालिक निगम के निवासी तेज कुमार साहू की जीवन यात्रा जन-कल्याण और निस्वार्थ सेवा के उस संकल्प को साकार करती है, जिसे केंद्र एवं राज्य शासन, सेवा के संकल्प के साथ धरातल पर उतार रही है। रिसाली बस्ती में शिवाजी चौक के पास झलक फैंसी स्टोर (ब्यूटी एवं फैशन एक्सेसरीज) का छोटा व्यवसाय चलाने वाले तेज कुमार जी लंबे समय से अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनकी इस कठिन राह को आसान बनाने और उन्हें शासकीय योजनाओं से सीधे जोड़ने का कार्य ’सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से संभव हुआ। तेज कुमार जी को ’प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ (पीएम स्वनिधि) योजना की संपूर्ण जानकारी मिली और त्वरित सहायता प्रदान की गई। सेवा के इसी समर्पित भाव से उन्हें कार्यशील पूंजी का ऋण बिना किसी परेशानी के स्वीकृत हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने अपनी दुकान में सौंदर्य व फैशन एक्सेसरीज की नई सामग्री शामिल करने के लिए किया। शिवाजी चौक रिसाली बस्ती के पास झलक फैंसी स्टोर जैसी मुख्य जगह पर दुकान होने और बेहतर स्टॉक उपलब्ध होने से उनकी दैनिक आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। शासन और प्रशासन द्वारा दी गई इस सुव्यवस्थित सेवा ने न केवल उनके व्यवसाय को नई गति दी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया। आज तेज कुमार साहू का यह व्यवसाय उनके परिवार की आर्थिक मजबूती और स्वावलंबन का मुख्य स्तंभ बन चुका है। ’सेवा संकल्प अभियान’ के इस सार्थक प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि जब जनकल्याणकारी योजनाएं सच्ची सेवा भावना के साथ आम जनता तक पहुँचती हैं, तो वे जीवन को पूरी तरह से संवार देती हैं।
- - कार्यस्थलों पर संभावित जोखिमों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने के दिए निर्देशदुर्ग / जिले में विगत वर्षों में घटित गंभीर एवं खतरनाक औद्योगिक दुर्घटनाओं की समीक्षा तथा भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से भिलाई इस्पात संयंत्र में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालक श्री मनीष श्रीवास्तव ने की।बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र सहित जिले के विभिन्न बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सुरक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उप संचालक श्री मनीष कुंजाम एवं सहायक संचालक श्री दिव्यांश सिन्हा व श्री पीयूष वर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में जिले में विगत 10 वर्षों में घटित गंभीर एवं खतरनाक औद्योगिक दुर्घटनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। दुर्घटनाओं के कारणों, परिस्थितियों, कार्य-पद्धतियों तथा दुर्घटनाओं के दौरान सामने आई सुरक्षा संबंधी कमियों एवं खामियों का विश्लेषण किया गया।औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संचालक द्वारा निर्देशित किया गया कि पूर्व में घटित दुर्घटनाओं की केस स्टडी तैयार कर उनसे प्राप्त सीख को कारखानों की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया जाए। दुर्घटनाओं के मूल कारणों का विश्लेषण करते हुए आवश्यक निवारक एवं सुधारात्मक उपायों को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।बैठक में खतरनाक एवं जोखिमपूर्ण कार्यों के लिए कार्य-विशिष्ट एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार करने तथा संबंधित श्रमिकों को कार्य की प्रकृति एवं जोखिम के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया। नियमित सुरक्षा एवं रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित करने तथा कार्यस्थल पर निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। संचालक द्वारा स्पष्ट किया गया कि किसी भी खतरनाक कार्य को निर्धारित सुरक्षित कार्य-विधि के बिना नहीं कराया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व जोखिम मूल्यांकन, सुरक्षित कार्य-विधि, आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रमिकों की दक्षता एवं प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। सभी कारखाना प्रबंधनों एवं सुरक्षा अधिकारियों को लागू अधिनियमों एवं नियमों के सुरक्षा प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा कार्यस्थलों पर संभावित जोखिमों की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक का उद्देश्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षित कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करना, दुर्घटनाओं के मूल कारणों का विश्लेषण करना तथा दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकते हुए श्रमिकों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करना रहा।
- दुर्ग / लोक निर्माण विभाग के विभिन्न कार्यालयों में लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए 30 सितम्बर 2026 को पेंशन निराकरण शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन, दुर्ग में आयोजित होगा।संयुक्त संचालक कोष, लेखा एवं पेंशन दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न कार्यालयों में लंबित पेंशन प्रकरणों को पेंशन शाखा प्रभारी लिपिक के माध्यम से शिविर स्थल पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें, ताकि प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जा सके।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राकृतिक आपदा एवं दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजनों को 04-04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नं. 01 नयापारा दुर्ग तहसील व जिला दुर्ग निवासी पूर्णिमा बाई कौशल (उम्र 40 वर्ष) की 19 अगस्त 2025 को इंदिरा नगर नयापारा दुर्ग में खेत में कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गई थी। इसी प्रकार ग्राम कातरो थाना उतई तहसील व जिला दुर्ग निवासी चन्द्रकला साहू (उम्र 55 वर्ष) की 19 अगस्त 2025 को खेत में निदाई करने के दौरान अधिक बारिश होने तथा आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गई थी। वहीं वार्ड नं. 21 ढांचा भवन कुरुद बी.टी.सी.आई.ई. भिलाई तहसील व जिला दुर्ग निवासी स्व. मोहम्मद साहिल अंसारी (उम्र 24 वर्ष) की 02 जून 2025 को मरोदा डेम नेवई में नहाते समय पानी में डूबने से मृत्यु हुई थी।कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों (आरबीसी 6-4) के अनुरूप स्व. पूर्णिमा बाई कौशल के पति श्री हेमप्रकाश कौशल को, आकाशीय बिजली से मृत स्व. चन्द्रकला साहू के पति श्री झुमुक लाल साहू को तथा पानी में डूबने से मृत स्व. मोहम्मद साहिल अंसारी की माता श्रीमती मैमुल निशा को 4 लाख-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
- - कैशलेस जुर्माना भुगतान, AFR मोबाइल ऐप और कोर्ट फीस टिकट जनरेशन सिस्टम से वकीलों और पक्षकारों को मिलेगी त्वरित और पारदर्शी कानूनी सुविधादुर्ग / न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुलभ और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश द्वारा जिला न्यायपालिका के लिए तीन प्रमुख ई-सेवाओं (e-Services) की शुरुआत की गई है। उच्च न्यायालय के कंप्यूटर सेल/सीपीसी (CPC) के निर्देशों के पालन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग ने इन सेवाओं को तुरंत प्रभाव से लागू करने की विस्तृत योजना तैयार की है।कैशलेस जुर्माना भुगतान सुविधा (Cashless Fine Payment Facility): इस प्रणाली के माध्यम से जिला न्यायालयों में अदालती जुर्माने (Court Fines) का भुगतान केवल डिजिटल मोड से किया जा सकेगा। इससे न्यायालयों में नकदी के लेन-देन में कमी आएगी, कागजी कार्रवाई घटेगी और डिजिटल रिकॉर्ड के साथ प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।ए.एफ.आर. मोबाइल एप्लीकेशन (AFR Mobile App): यह ऐप अधिवक्ताओं और पक्षकारों को उच्च न्यायालय के 'एएफआर' (Approved for Reporting) यानी लैंडमार्क फैसलों, केस साइटेशन और कानूनी व्याख्याओं तक त्वरित और पेपरलेस पहुँच प्रदान करेगा। इससे अधिवक्ताओं को त्वरित केस तैयारी (Case Preparation) में मदद मिलेगी।कोर्ट फीस टिकट जनरेशन सिस्टम (Court Fee Ticket Generation System): अधिवक्ता और पक्षकार अब ePay-eCourts पोर्टल और GRAS प्रणाली के माध्यम से UPI या नेट बैंकिंग का उपयोग करके डिजिटल कोर्ट फीस जमा कर सकेंगे। सफल भुगतान के बाद प्रणाली द्वारा स्वचालित रूप से GRN और e-Challan जनरेट होगा, जिसका सत्यापन कोर्ट रजिस्ट्री आसानी से कर सकेगी।दुर्ग जिला न्यायालय में क्रियान्वयन की विशेष व्यवस्था: - उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के परिपालन में जिला न्यायालय दुर्ग (जिसमें पाटन, भिलाई-3 और धमधा तालुका न्यायालय शामिल हैं) द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:KIOSK और प्रिंटर सुविधा: पक्षकारों और अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए दुर्ग जिला न्यायालय परिसर में स्थापित KIOSK मशीन के साथ विशेष प्रिंटर की व्यवस्था की जा रही है, ताकि ई-कोर्ट फीस टिकट तुरंत प्रिंट किए जा सकें।बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं तक पहुँच: AFR मोबाइल ऐप का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करने के लिए डाउनलोड लिंक जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग तथा सभी अधीनस्थ न्यायालयों को ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से साझा किया गया है। जन-जागरूकता एवं वेबसाइट पर प्रसार: इन ई-सेवाओं की विस्तृत जानकारी जिला न्यायालय के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की जा रही है, तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) पर भी इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे आम जनता, पक्षकारों और अधिवक्ताओं को इन डिजिटल सेवाओं की सही जानकारी और सीधा लाभ मिल सके।
-
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं सड़क किनारे किए जा रहे अवैध अतिक्रमण को हटाने लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में निगम की रोका-छेका टीम द्वारा पावर हाउस चौक क्षेत्र में सड़क किनारे अवैध रूप से संचालित फल ठेलों को हटाने की कार्रवाई की गई।
पावर हाउस चौक शहर का व्यस्ततम क्षेत्र होने के कारण यहां दिनभर वाहनों का आवागमन अधिक रहता है। सड़क किनारे फल ठेले एवं अन्य अस्थायी दुकानें लगने से सड़क की चौड़ाई कम हो रही थी तथा यातायात का दबाव बढ़ रहा था। इसे देखते हुए निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क किनारे लगाए गए अवैध ठेलों को हटाया और आवागमन के लिए मार्ग को व्यवस्थित किया। निगम अधिकारियों ने बताया कि सड़क एवं सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण के कारण आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी होती है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए ऐसे स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। -
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सामान्य पुस्तक परिपत्र में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कैलेण्डर वर्ष 2026 में राजनांदगांव जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। संशोधित आदेश अनुसार शनिवार 5 सितम्बर 2026 को गोविंदा उत्सव के लिए केवल डोंगरगढ़ तहसील में एवं शनिवार 26 सितम्बर 2026 को गणेश विसर्जन के लिए डोंगरगढ़ तहसील को छोड़कर संपूर्ण जिले में तथा सोमवार 19 अक्टूबर 2026 को दशहरा (महाअष्ठमी) एवं बुधवार 11 नवम्बर 2026 को भाई दूज (दीपावली) के लिए संपूर्ण जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। घोषित स्थानीय अवकाश बैंकों एवं कोषालयों पर लागू नहीं होगा।
-
नई सीवरेज लाइन से जोड़ा गया नेटवर्क, शेष स्थलों पर भी शीघ्र होगा सुधार कार्य
भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र के नेहरू नगर में सीवरेज लाइन से संबंधित समस्या की लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगम द्वारा आवश्यक सुधार कार्य प्रारंभ किया गया है। निगम की तकनीकी टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में सीवरेज लाइन को नई लाइन से जोड़ते हुए आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण किया गया है, जिससे संबंधित क्षेत्र में सीवरेज की समस्या से राहत मिलने लगी है। वहीं, कुछ स्थलों पर तकनीकी एवं आवश्यक कार्य शेष हैं, जिन्हें भी शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।नगर निगम द्वारा बताया गया कि शेष कार्य पूर्ण होने के बाद नेहरू नगर क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था में और सुधार आएगा तथा नागरिकों को आगामी समय में समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। निगम की टीम द्वारा कार्य की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि सीवरेज संबंधी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जा सके।नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सीवरेज लाइन में कचरा, प्लास्टिक अथवा अन्य अनुपयोगी सामग्री न डालें, ताकि सीवरेज व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। - -समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित रूप से बनाया गया दिव्यांग ऐश्वर्य का यूडीआईडी कार्डबालोद । कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयोजित ’कलेक्टर जनदर्शन’ जरूरतमंदों के लिए बड़ा संबल साबित हो रहा है। जनदर्शन में आज कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गुण्डरदेही विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम देवरी ’द’ के अस्थिबाधित दिव्यांग छात्र ऐश्वर्य चैबे को मौके पर ही व्हीलचेयर प्रदान की गई। गौरतलब है कि ऐश्वर्य चैबे 80 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग है। व्हीलचेयर मिलते ही ऐश्वर्य और उनके परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।ऐश्वर्य चैबे के पिता श्री यशवंत कुमार चैबे ने बताया कि उनका पुत्र बचपन से ही चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ है। उसे कॉलेज आने-जाने, परिसर के भीतर जाने तथा दैनिक दिनचर्या के लिए दूसरों के सहारे की आवश्यकता पड़ती थी। वे अपने पुत्र की इस समस्या को लेकर आज कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहाँ कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। विभागीय अमले द्वारा आवेदन की औपचारिकताएं तेजी से पूरी कराते हुए ऐश्वर्य को तत्परता से व्हीलचेयर उपलब्ध करा दी गई। इसके साथ ही साथ उनका यूडीआईडी (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान) कार्ड भी त्वरित प्रक्रिया से बनकर तैयार हो गया। व्हीलचेयर पाकर उत्साहित छात्र ऐश्वर्य चैबे ने कहा कि अब वह बिना किसी के सहारे अपने कॉलेज आ-जा सकेगा, कक्षाओं और परिसर में आसानी से पहुंच सकेगा और सुगमता से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेगा। जनदर्शन में मिली इस त्वरित सहायता और संवेदनशीलता से अभिभूत होकर दिव्यांग छात्र एवं उनके पिता ने जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।
- -घरेलू जिम्मेदारियों से निकलकर स्वच्छता दीदी के रूप में शहर की तस्वीर बदल रहीं निशा बेगम, प्रधानमंत्री मोदी के अभियान को दे रही हैं आयामबालोद ।छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता का एक ऐसा प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जो हर किसी के लिए मिसाल है। नगरपालिका बालोद के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत संचालित एम.आर.एफ. प्लांट में कार्यरत स्वच्छता दीदी निशा बेगम ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से साबित कर दिया है कि यदि हौसला बुलंद हो, तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।निशा बेगम का सफर इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं अपने जीवन में किसी भी पड़ाव पर नई शुरुआत कर सकती हैं। कुछ साल पहले तक वे पूरी तरह से घरेलू कामों तक सीमित थीं। घर की साफ-सफाई, झाड़ू-पोछा करना और बच्चों की देखरेख ही उनकी दुनिया थी। लेकिन साल 2017 में उन्होंने ’मिशन क्लीन सिटी’ के अंतर्गत बतौर स्वच्छता कर्मी कदम रखा। शुरुआत में उनके लिए यह सब बिल्कुल नया था, यहाँ तक कि उन्हें साइकिल चलाना तक नहीं आता था। लेकिन समय के साथ उन्होंने हिम्मत जुटाई, रिक्शा चलाना सीखा और आज वे आत्मविश्वास के साथ घर-घर जाकर कचरा संग्रहण और प्रबंधन का कार्य संभाल रही हैं।निशा बेगम बताती हैं कि जब वे घर में थीं, तो उनकी दुनिया मोहल्ले तक सीमित थी। लेकिन स्वच्छता दीदी बनने के बाद वे बालोद के हर एक घर और हर एक गली को भली-भांति जानने लगी हैं। उनके कार्य की खूबी यह है कि वे कचरे को संग्रहित कर प्लांट में लाती हैं, जहाँ उसे गीले और सूखे कचरे में वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग छांटा जाता है। रेड्यूस, रियूस एवं रिसायकिल के मूलमंत्र पर काम करते हुए यह प्लांट पर्यावरण संरक्षण में अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले हमारे पास जो चीजें चाहकर भी खरीदने के साधन नहीं हुआ करती थीं, आज इस कार्य से मिलने वाली आय से हम अपने बच्चों को अच्छी जिंदगी और बेहतर शिक्षा दे पा रहे हैं। निशा बेगम इस बात का गहरा आभार व्यक्त करती हैं कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छता योजनाओं ने उनके और उनके जैसे तमाम परिवारों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाया है।आज बालोद नगर पालिका क्षेत्र में निशा बेगम जैसी महिलाएँ न केवल शहर को स्वच्छ और सुंदर बना रही हैं, बल्कि समाज में उन तमाम महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं जो आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहती हैं। उनकी यह मुस्कान और समर्पण भाव यह सिखाता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता, बशर्ते उसे निष्ठा और ईमानदारी के साथ किया जाए।
- बालोद । क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र गोंदिया (महाराष्ट्र) के द्वारा प्रायवेट सिक्यूरिटी एजेंसी एसआईएस लिमिटेड की ओर से जिले के 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण युवाओं को रोजगार प्रदान करने रजिस्ट्रेशन कैंप का आयोजन किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण ने बताया कि आवेदित उम्मीदवारों को पंजीकृत कर प्रशिक्षणोपरांत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा गार्ड में रोजगार दिया जाएगा। जिसके अंतर्गत पंजीयन शिविर का आयोजन थाना परिसर डौण्डीलोहारा में 23 सितंबर, थाना डौण्डी में 24 सितंबर, थाना देवरी में 25 सितंबर, थाना अर्जुंदा में 26 सितंबर, थाना गुण्डरदेही में 28 सितंबर, चैकी परिसर संजारी में 29 सितंबर एवं थाना परिसर मंगचुवा में 30 सितंबर 2026 को सुबह 10.30 बजे से शाम 04 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदक को भर्ती से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड की मूल एवं छायाप्रति के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है।
- -स्कूली बच्चों ने बड़े उत्साह से लिया हिस्सा, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति का किया प्रदर्शनबालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के प्रभावी नेतृत्व तथा सेवा संकल्प अभियान के नोडल एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न विद्यालयों में चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में स्कूली बच्चों ने बड़े उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया।’मेरे सपनों का भारत’ प्रतियोगिता अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपने विचारों और कल्पनाओं को कागज पर उकेरा। वहीं भाषण प्रतियोगिता में बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी से विद्यालयों में रचनात्मक एवं सकारात्मक वातावरण बना।प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ-साथ विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने का अवसर मिला। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में जनभागीदारी और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। विद्यालय स्तर पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान के उद्देश्यों को गति मिली।
- समय-सीमा की बैठक में अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को दिए कड़े निर्देशबालोद । राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के सफल क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित गतिविधियों और विभागीय तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कार्यक्रम स्थलों के चयन, गतिविधियों की रूपरेखा और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि प्रत्येक गतिविधि का सुव्यवस्थित और प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर दिखाई दे।बैठक में ‘मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा’, ‘नमो सेवा-अनकही कहानी’, ‘संगीतमय नुक्कड़ नाटक प्रस्तुति गांव-गांव तक’, ‘आंगन मिलन सेवा’, ‘आंगनबाड़ी सम्मान एवं मातृ संवाद’, ‘सेवा की कहानी’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘जल जन सेवा संकल्प’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘सेवा के रंग राष्ट्र के संग’, ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’, ‘सुशासन सेवा संवाद’ सहित विभिन्न गतिविधियों की विभागवार समीक्षा की गई।कलेक्टर ने अधिकारियों द्वारा संतोषजनक जानकारी प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी बैठक में पूरी तैयारी और होमवर्क के साथ उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ‘सुग्घर छत्तीसगढ़’ और ‘सुशासन तिहार’ के दौरान अधिकारियों ने मेहनत और समर्पण के साथ कार्य किया है, उसी भावना से सेवा संकल्प अभियान को भी सफल बनाएं। उन्होंने मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों और निर्णयों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा।कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान से जुड़ी सभी गतिविधियों का विस्तृत शेड्यूल तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं, सेवाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सेवा संकल्प अभियान के नोडल अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री सुरेश साहू, श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
-
भिलाईनगर। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजनान्तर्गत शासन के निर्देशों के अनुपालन एवं निगम आयुक्त सुरुचि सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आज दिनांक 21.09.2026 को प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से नगर निगम सभागार कक्ष में स्ट्रीट वेंडर्स हेतु स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्ट्रीट वेंडर्स को अपने व्यवसाय स्थल एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने तथा नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना था।इस अवसर पर स्ट्रीट वेंडर्स को खाद्य एवं व्यवसाय स्थल की नियमित साफ-सफाई, कचरे का उचित निपटान, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने तथा स्वच्छ एवं व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय संचालित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही स्वच्छता को अपनी दैनिक कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाने हेतु प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के नोडल अधिकारी श्री अनिल कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स उपस्थित रहे।नगर निगम द्वारा स्ट्रीट वेंडर्स से अपील की गई कि वे स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करते हुए अपने व्यवसाय स्थल को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखें तथा शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं। - राजनांदगांव । जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रवास कुमार सिंह बघेल ने प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर डोंगरगांव विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला मलईडबरी के प्रधान पाठक श्री रणजीत लाल धुर्वे एवं कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 श्री संतोष कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगांव से शासकीय प्राथमिक शाला मलईडबरी के प्रधान पाठक श्री रणजीत लाल धुर्वे के विरूद्ध प्राप्त जांच प्रतिवेदन में 15 सितम्बर 2026 को शराब लेकर शाला में उपस्थित होना, संकुल प्राचार्य एवं संकुल समन्वयक द्वारा ग्रामीणों की उपस्थिति में घटना की सत्यता की पुष्टि होना, संबंधित से जानकारी लेने पर रिश्तेदार द्वारा शराब रखना स्वीकार करना, संबंधित के रिश्तेदार से बात करने पर शराब रखे जाने के संबंध में अनभिज्ञता जाहिर करना पाया गया है। यह कृत्य श्री रणजीत लाल धुर्वे के पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, शिक्षकीय गरिमा के विपरीत, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है, जो कदाचरण की श्रेणी में आता है। साथ ही यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरित है। इस कृत्य के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत प्रधान पाठक श्री रणजीत लाल धुर्वे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव नियत किया गया है।इसी तरह विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ से कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 श्री संतोष कुमार यादव के विरूद्ध प्राप्त जांच प्रतिवेदन में कार्यालयीन अनुशासन एवं शासकीय सेवक के आचरण के अनुरूप व्यवहार नहीं किये जाने के संबंध में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डोंगरगढ़ द्वारा समय-समय पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर समझाइस एवं निर्देश देने, अनेकों बार शराब का सेवन कर कार्यालय में उपस्थित होकर अवकाश आवेदन प्रस्तुत करने, कार्यालय स्टॉफ के साथ अभद्र व्यवहार एवं अपशब्द व गाली-गलौज करने इसके अतिरिक्त अनेकों बार बिना पूर्व सूचना के कार्यालय से अनुपस्थित रहने, अनेक बार कारण बताओ सूचना पत्र जारी किये जाने के बावजूद भी अपने व्यवहार में सुधार नहीं लाना पाया गया है। यह कृत्य पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं स्वेच्छाचारिता को प्रदर्शित करता है, जो कदाचरण की श्रेणी में आता है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरित है। इन कृत्य के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत सहायक ग्रेड 03 श्री संतोष कुमार यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी डोंगरगांव नियत किया गया है।
- - आकर्षक रंगोली और दीपों की रोशनी से जगमगाया नदी तट, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर हुआ परिसरराजनांदगांव । सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत डोंगरगांव विकासखंड के सांकरदाहरा में आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रसिद्ध एवं धार्मिक आस्था स्थल सांकरदाहरा शिवनाथ नदी के किनारे स्थिति है। कार्यक्रम के दौरान नदी किनारे आकर्षक रंगोली सजाई गई और 7 हजार से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए। हजारों दीपों के एक साथ प्रज्वलित होने से सांकरदाहरा का नदी तट दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। नदी किनारे सजाई गई रंगोली और दीपों की मनमोहक कतारों ने पूरे परिसर को आकर्षक एवं आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के माध्यम से सांकरदाहरा में सामूहिक सहभागिता, आस्था और सेवा की भावना का सुंदर संगम देखने को मिला। दीप प्रज्वलन के इस आयोजन ने क्षेत्रवासियों में उत्साह का संचार किया। नदी तट पर हजारों दीपों की रोशनी का दृश्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा और कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इस मनोहारी पल को अपने कैमरों में भी कैद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन शामिल हुए।
- -किसानों के लगभग 30 एकड़ खेतों में सिंचाई की सुविधा-सोलर और बिजली के पंप लगाकर किसानी कर रहे एक दर्जन परिवारकोरिया ।कोरिया जिले के कदमनारा ग्राम पंचायत में एक पहाड़ी के नीचे जोबा पारा आश्रित ग्राम है। यंहा लगभग दो दर्जन आदिवासी परिवार निवासरत हैं। इसी पहाड़ी के नीचे बहने वाले नकटी नाले पर बने एक स्टॉपडेम से इन किसान परिवारो का जीवन बदल रहा है। उचित स्थल चयन के साथ बने एक स्टॉपडेम की मदद से जोबापारा के दर्जनभर किसान परिवार खुशहाली की राह पर बढ़ने लगे हैं। स्टॉपडेम से सिंचाई की सुविधा पाकर यंहा लगभग 30 एकड़ खेतों में धान की फसल लहलहा रही है।जोबापारा, कदमनारा ग्राम पंचायत में आश्रित ग्राम लगभग पहाड़ी पर बसा हुआ है। जिसके नीचे से नकटी नाले का बहाव है। यंहा की आबादी में आदिवासी परिवार बहुतायत में हैं। भूमि काफी ऊपर नीचे होने के कारण इन भौगोलिक परिस्थितियों में खेती करना बेहद चुनौती भरा है। नाले में पानी रहने के बाद भी यंहा रहने वाले किसान परिवार अपने खेतों में सिंचाई के लिए हमेशा परेशान रहते थे। लेकिन एक स्टॉपडेम ने सिंचाई की सभी मुसीबतें खत्म कर दी हैं।ग्राम पंचायत में उपस्थित होकर जोबा पारा के किसानों ने नकटी नाले पर एक स्टॉपडेम बनाए जाने की मांग रखी। ग्राम सभा के निर्णय अनुसार मनरेगा के अंतर्गत यंहा एक स्टॉपडेम बनाए जाने के लिए 19 लाख रुपए से अधिक स्वीकृत किए गए। ग्राम पंचायत की देखरेख में ही यह निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। अब इससे दर्जन भर किसान सीधे लाभ ले रहे हैं।गांव में रहने वाले किसानों ने बताया कि जब स्टॉपडेम निर्माण कार्य पूर्ण हो गया तो हमने सौर सुजला योजना से पंप लगा लिए हैं। अब सौर ऊर्जा संयंत्र से आसानी से ऊपर तक हर खेत में भरपूर पानी पंहुचा रहे हैं। साथ ही स्टॉपडेम में बिजली का पंप भी आवश्यकता अनुसार लगा सकते हैं। ग्राम पंचायत के सरपंच श्री दयाल साय ने बताया कि तेज बहाव होने से पहले नाले में पानी रोकना कठिन था लेकिन स्टॉपडेम से सब कुछ आसान हो गया है। अब नाले से गांव में तीस एकड़ खेतों में सिंचाई हो रही है। धान की फसल के बाद सभी किसान अपने खेतों में सब्जी और गेहूं की फसल भी लगाएंगे।स्टॉपडेम बनाए जाने से ग्राम जोबापारा में रहने वाले आदिवासी किसान धर्मपाल की 2 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई हो रही है। साथ ही राम सिंह के 2 एकड़, प्रभुदयाल के 1 एकड़, जोखन राम के 1 एकड़, श्री गणेश के डेढ़ एकड़, उमेश कुमार के 3 एकड़, दयाल साय के 5एकड़, करण साय के 3 एकड़, वंश गोपाल के 3 एकड़, किसान लोधे राम के 3एकड़,शेषमन के 2 एकड़ तथा दखल साय के 3 एकड़ खेतों में भरपूर पानी पंहुचा है। सभी किसान परिवार खुशहाली से आगामी फसलों की खेती की योजना बना रहे हैं।
- -202 घरों तक पहुंचा नल कनेक्शन, महिलाओं का बचा समय, बढ़ी स्वच्छता और सुविधामहासमुंद। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा सेवा, सुशासन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर देश के अंतिम छोर तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प की यात्रा रही है। इसी सोच को धरातल पर साकार करती हुई योजनाएं आज गांवों में लोगों के जीवन को आसान बना रही हैं। महासमुंद जिले के उड़ीसा सीमा से लगे आदिवासी बहुल ग्राम झिटकी में जल जीवन मिशन ने पानी की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान करते हुए ग्रामीणों के जीवन में ऐसा बदलाव लाया है, जिसे वे रोज अपनी आंखों से देख और महसूस कर रहे हैं। कभी दो हैंडपंप और दूर स्थित जोक नदी पानी का सहारा थे, आज उसी गांव के 202 घरों तक नल से पानी पहुंच रहा है।विकासखंड बागबाहरा का ग्राम झिटकी छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर उड़ीसा सीमा से लगा हुआ गांव है। कुछ समय पहले तक गांव में पेयजल की व्यवस्था केवल दो हैंडपंपों पर निर्भर थी। गर्मी के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती थी। कई परिवारों को दूर स्थित जोक नदी से पानी लाना पड़ता था। पानी लाने की जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा महिलाओं के कंधों पर था। घर के दूसरे जरूरी कामों के बीच पानी लाने में लगने वाला समय उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका था। इसका असर बच्चों की पढ़ाई, परिवार के साथ समय और अन्य घरेलू कार्यों पर भी पड़ता था।झिटकी में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम योजना के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया गया। 62.43 लाख रुपये की लागत से तैयार योजना में 40 किलोलीटर क्षमता और 12 मीटर स्टेजिंग वाले उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया गया। इसके साथ ही 3196 मीटर पाइपलाइन बिछाकर ग्रामीणों के घरों तक पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 11 सितंबर 2026 का दिन ग्राम झिटकी के लिए विशेष बन गया। ग्राम की सरपंच श्रीमती कौशल्या पटेल एवं सचिव श्री कृष्ण चंद पटेल के प्रयासों से गांव में जल उत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी अवसर पर झिटकी को हर घर जल घोषित किया गया। ग्रामीणों ने इसे वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या से मिली राहत के उत्सव के रूप में मनाया। नल से पानी मिलने की खुशी में श्रीमती मधुलिका दीवान एवं अन्य ग्रामीणों ने स्टैंड पोस्ट की पूजा की।ग्राम की हितग्राही श्रीमती मधुलिका दीवान पुराने दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि पहले पानी लाने के लिए काफी परेशानी होती थी। दूर से पानी लाना पड़ता था और इसमें काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में नल से पानी मिलने लगा है। पानी के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो गई है और रोजमर्रा के काम आसानी से पूरे हो रहे हैं। उनकी बातों में पानी मिलने की सुविधा के साथ उस राहत की खुशी भी साफ दिखाई देती है, जो घर के आंगन में नल से पानी पहुंचने के बाद उनके जीवन में आई है।घरों के साथ ही स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवन में भी नल से पानी की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों, महिलाओं और ग्रामीणों को सार्वजनिक संस्थानों में भी स्वच्छ पानी की सुविधा मिल रही है। स्कूल में पानी की उपलब्धता से बच्चों के लिए हाथ धोना और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां आसान हुई हैं। वहीं आंगनबाड़ी केंद्र में छोटे बच्चों की देखभाल तथा स्वच्छता संबंधी कार्यों में भी पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गांव में पेयजल की गुणवत्ता पर नजर रखने और ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के प्रति जागरूक करने के लिए 5 जल वाहिनियों की नियुक्ति की गई है। इनमें श्रीमती हीराबाई सेन, श्रीमती मधुलिका दीवान, श्रीमती सिया भाई दीवान, श्रीमती प्रियंका दीवान एवं श्रीमती सेवती सेन शामिल हैं। इनके माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। इस तरह झिटकी में केवल पानी पहुंचाने की व्यवस्था ही नहीं बनी, बल्कि जल की गुणवत्ता और सुरक्षित उपयोग की जिम्मेदारी में भी ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हुई है।आज झिटकी में नल से निकलती पानी की धार केवल पानी नहीं है। उसमें ग्रामीणों की वर्षों की परेशानी से मिली राहत, महिलाओं का बचा हुआ समय, बच्चों के लिए बेहतर स्वच्छता, परिवारों की बढ़ी सुविधा और भविष्य की नई उम्मीद दिखाई देती है। कभी जिन हाथों में पानी के बर्तन लेकर दूर जाने की मजबूरी थी, आज उन्हीं घरों के आंगन में नल से पानी पहुंच रहा है।
- -पोषण माह 2026 में बच्चों के विकास की निगरानी और देखभाल पर विशेष जोररायपुर। छत्तीसगढ़ में पोषण माह 2026 के तहत बच्चों के समुचित विकास, पोषण और स्वास्थ्य को लेकर परिवारों को जागरूक किया जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत भी बच्चों के विकास की समय पर पहचान, उचित परामर्श और जरूरतमंद बच्चों को विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने की दिशा में सेवाभाव के साथ प्रयास किए जा रहे हैं।अभियान के माध्यम से अभिभावकों को बताया जा रहा है कि वे बच्चे की उम्र के अनुसार उसके सीखने, खेलने, प्रतिक्रिया देने और व्यवहार पर ध्यान दें। विकास में किसी प्रकार की देरी या चिंता दिखाई देने पर इंतजार न करें, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से बात करें और स्वास्थ्यकर्मी से आवश्यक सलाह लें। जरूरत पड़ने पर बच्चे को विशेषज्ञ सेवा के लिए रेफर कराया जा सकता है।आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों के विकास और पोषण की नियमित निगरानी की जा रही है। ‘हर बच्चे के विकास में ध्यान देना जरूरी’ संदेश के साथ परिवारों को यह समझाया जा रहा है कि समय पर पहचान और उचित मार्गदर्शन बच्चों के बेहतर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ पोषण माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्यकर्मी और परिवार मिलकर बच्चों के स्वस्थ विकास की दिशा में काम कर रहे हैं। यही निरंतर देखभाल और समय पर सहयोग ‘सेवा की कहानी’ को मजबूत करते हुए बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार कर रहा है।














.jpeg)





.jpg)







.jpg)