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- -मुख्यमंत्री राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्र संत शिरोमणि गाडगे बाबा की 150वीं जयंती पर आयोजित निर्मल दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम सभी ऐसे महान संत का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने जीवन और कर्मों से समाज को स्वच्छता, सेवा और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संत गाडगे बाबा ने “स्वच्छता ही सच्ची पूजा” का जो संदेश दिया, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत गाडगे बाबा की स्वच्छता की प्रेरणा से उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान का स्मरण हो गया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2014 को लाल किले से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की और आज स्वच्छता जनआंदोलन बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह संत गाडगे बाबा के विचारों का ही प्रभाव है कि देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता आई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी माताओं-बहनों को सम्मान दिलाने का कार्य किया है। देशभर में शौचालयों के निर्माण से उनकी गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीबों के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी पहलें शामिल हैं। आज सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश आर्थिक रूप से निरंतर मजबूत हो रहा है और हम सभी विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि समाज के हर वर्ग का सम्मान बढ़े और सभी समुदाय विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त कर नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि सफल और संस्कारित जीवन जीने की आधारशिला है। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में नशामुक्त वातावरण बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने संत गाडगे बाबा के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा उनकी आरती एवं स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान बच्चों और समाज के उत्कृष्ट व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।कार्यक्रम को विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू तथा पद्मश्री पंडित रामलाल बरेठ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संत गाडगे बाबा के वंशज भी मंच पर उपस्थित थे।कार्यक्रम में श्री तुलसी कौशिक, श्री घनश्याम चौधरी, श्रीमती रजनी रजक, श्री विनय निर्मलकर सहित छत्तीसगढ़ रजक समाज के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 24 फरवरी 2026 (मंगलवार) को भारत मंडपम, नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग एवं राज्य चुनाव आयुक्तों (SECs) की राष्ट्रीय गोलमेज संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। यह संगोष्ठी लगभग 27 वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है। इससे पूर्व ऐसी संगोष्ठी वर्ष 1999 में आयोजित हुई थी।इस गोलमेज संगोष्ठी की अध्यक्षता मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा की जाएगी। इस अवसर पर चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित रहेंगे।सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य चुनाव आयुक्त अपने कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ इसमें भाग लेंगे। सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEOs) भी इस सम्मेलन में शामिल हों।इस गोलमेज संगोष्ठी का प्राथमिक उद्देश्य अपने-अपने कानूनी ढांचे के भीतर चुनावी प्रक्रियाओं और रसद (logistics) के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग और राज्य चुनाव आयुक्तों के कामकाज में तालमेल को बढ़ावा देना है। इन चर्चाओं से विचारों के रचनात्मक आदान-प्रदान के लिए एक मंच मिलने और चुनावी प्रबंधन में सहकारी संघवाद की भावना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।दिन भर चलने वाले इस सम्मेलन के दौरान, चुनावी प्रक्रियाओं को मजबूत करने के अलावा तकनीक, ईवीएम और निर्वाचक नामावली को साझा करने पर चर्चा केंद्रित होगी।आयोग के वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलों पर प्रस्तुतियाँ देंगे, जिसमें हाल ही में लॉन्च किया गया ECINET डिजिटल प्लेटफॉर्म और चुनावी सेवाओं को सुव्यवस्थित करने में इसकी परिवर्तनकारी क्षमता शामिल है।प्रस्तुतियों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की मजबूती, पारदर्शिता और सुरक्षा उपायों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।विभिन्न न्यायक्षेत्रों में निर्वाचक नामावली तैयार करने से संबंधित कानूनी ढांचे पर सूचित चर्चा की सुविधा के लिए, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के संदर्भ में निर्वाचकों की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार पात्रता पर एक तुलनात्मक प्रस्तुति भी दी जाएगी।राज्य चुनाव आयोगों का गठन 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के सशक्त प्रावधानों के तहत संबंधित राज्यों के कानून द्वारा किया गया है। राज्य चुनाव आयुक्तों को अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत क्रमशः पंचायतों और नगर निकायों के सभी चुनावों के संचालन और निर्वाचक नामावली तैयार करने के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्तियाँ प्राप्त हैं।
- -समृद्ध किसान, मजबूत उद्योग और बढ़ता सेवा क्षेत्र: विकसित छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते कदमरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रदेश की मजबूत, संतुलित और विकासोन्मुख अर्थव्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, किसानों के हित में लिए गए निर्णयों, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने तथा सेवा क्षेत्र के विस्तार के कारण छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भावों पर बढ़कर लगभग 6 लाख 31 हजार 291 करोड़ रुपये अनुमानित है, जिसकी वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में विकास के सभी प्रमुख क्षेत्र समान रूप से प्रगति कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है, जो किसानों की मेहनत, तकनीकी नवाचार, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार तथा सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं का परिणाम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और समृद्ध किसान ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश की औद्योगिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है और राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग का योगदान लगभग 49 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश, अधोसंरचना विकास और रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक संरचना और अधिक मजबूत हो रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आईटी एवं डिजिटल सेवाओं में विस्तार के कारण युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर लगभग 1.79 लाख रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10.07 प्रतिशत वृद्धि दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेशवासियों की बढ़ती आय, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों का सकारात्मक परिणाम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक परिवार की आय बढ़े, जीवन स्तर बेहतर हो और समृद्धि हर घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त एवं खुशहाल बने।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान और मजबूत करेगा तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
- -बल्ब की रोशनी से जगमगाया गॉव-78 साल बाद पहाड़ियों पर पहुंची बिजली; सन्नाटे की जगह अब गूंज रही बच्चों की पढ़ाईरायपुर । सुकमा की दुर्गम वादियों में करीब 650 मीटर की ऊंचाई पर बसा गोगुंडा गांव सोमवार को विकास के नए अध्याय का साक्षी बना। आजादी के 78 वर्षों बाद इस पहाड़ी गांव में पहली बार बिजली का बल्ब जला। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संभव हुई यह पहल केवल विद्युतीकरण नहीं, बल्कि चार दशकों से पसरे लाल आतंक के अंधेरे पर निर्णायक प्रहार के रूप में देखी जा रही है।कल तक सूरज ढलते ही यह गांव घने जंगलों और नक्सली खौफ के सन्नाटे में डूब जाता था। ढिबरी और टॉर्च की टिमटिमाती रोशनी में जीवन गुजारने वाले ग्रामीण अब अपने घरों में जगमगाते बल्ब देख भावुक हैं। बच्चों की पढ़ाई अब अंधेरे की मोहताज नहीं, और महिलाओं के चेहरे पर सुरक्षा व आत्मविश्वास की नई चमक साफ दिखाई दे रही है।गांव के बुजुर्ग माड़वी सुक्का ने नम आंखों से कहा, “कभी सोचा नहीं था कि अपने जीते जी गांव में बिजली देख पाएंगे। अब लगता है कि हमारा गांव भी देश के नक्शे पर है।” यह एक वाक्य गोगुंडा की दशकों की प्रतीक्षा और पीड़ा का सार बयान करता है।यह परिवर्तन अचानक नहीं आया। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यहां हालात बदले। 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के अनुसार, नक्सली प्रभाव के कारण यह गांव वर्षों तक विकास से वंचित रहा। संयुक्त अभियान के बाद स्थापित कैंप ने नक्सलियों के ‘सुरक्षित ठिकाने’ को ध्वस्त किया और विकास कार्यों का मार्ग प्रशस्त किया।जहां पहले पांच घंटे पैदल पहाड़ चढ़कर पहुंचना पड़ता था, वहां अब विकास की गाड़ियां पहुंच रही हैं। कैंप स्थापित होते ही कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में स्कूल, आंगनबाड़ी और राशन दुकान जैसी बुनियादी सुविधाएं युद्ध स्तर पर शुरू की गईं।कलेक्टर ने कहा कि गोगुंडा में बिजली पहुंचना सामाजिक और आर्थिक बदलाव की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य जिले के अंतिम छोर तक बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाना है। सुरक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। गोगुंडा अब सुरक्षित है और यहां जल्द ही पुल-पुलियों का जाल बिछेगा। गोगुंडा की यह रोशनी बस्तर के बदलते स्वरूप का प्रतीक बन गई है। यह उस जज्बे की कहानी है, जिसने पहाड़ों का सीना चीरकर बिजली के खंभे गाड़े और उस भरोसे की, जो दशकों बाद लोकतंत्र के प्रति फिर मजबूत हुआ।अब गोगुंडा में अंधेरा अतीत बन चुका है। पहाड़ियों पर जला यह बल्ब केवल रोशनी नहीं, बल्कि उम्मीद, विश्वास और नए भविष्य की चमक का प्रतीक है।
- -522 घरों में नल कनेक्शन से पानी के लिए हैंडपंपों और कुओं पर निर्भरता खत्म-महिलाओं को अब रोज-रोज नहीं ढोना पड़ता पानीरायपुर। भारत जैसे भौगोलिक विविधताओं से भरे देश में विषमताएं विकास की राह में अक्सर चुनौती बनती रही हैं। पठारी और पाट क्षेत्रों से घिरे दूरस्थ गांव पेयजल की समस्या से जूझते रहे हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन से दूरस्थ व दुर्गम अंचलों में भी सभी घरों में नल से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है।कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 53 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मांगामार की तस्वीर अब बदल चुकी है। ढाई हजार से अधिक की आबादी वाले इस गांव में जल जीवन मिशन के तहत एक करोड़ 45 लाख 34 हजार रुपए की लागत से रेट्रोफिटिंग योजना क्रियान्वित की गई है। योजना के तहत 40 किलोमीटर क्षमता की एक उच्च स्तरीय पानी टंकी स्थापित की गई है। गांव के हर एक घर में पेयजल पहुंचाने के लिए 3700 मीटर पाइपलाइन बिछाकर 522 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।मांगामार की श्रीमती समारिन बाई खाण्डेल बताती है कि पहले पेयजल के लिए हैंडपंप, कुओं और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में भू-जल स्तर नीचे चला जाता था, जिससे पानी की किल्लत और भी बढ़ जाती थी। कई बार सुबह-सुबह पानी भरने के लिए लंबी कतारें लगती थीं। महिलाओं को घर के कामकाज के साथ पानी लाने घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी।जल जीवन मिशन के तहत “हर घर जल” की सुविधा मिलने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल गई है। प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंच चुका है और नियमित रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है। इससे न केवल जल संकट समाप्त हुआ है, बल्कि महिलाओं की दिनचर्या में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है।अब महिलाओं को दूर-दूर तक पानी ढोने की मजबूरी नहीं रही। बचा हुआ समय वे परिवार, बच्चों की पढ़ाई और अन्य आयवर्धक गतिविधियों में लगा रही हैं। स्वास्थ्य के स्तर पर भी सुधार देखने को मिल रहा है, क्योंकि स्वच्छ पेयजल से जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो गया है।जल जीवन मिशन ने मांगामार जैसे सुदूर गांवों में जीवन की बुनियादी आवश्यकता पेयजल को घर-घर तक पहुंचाकर विकास की नई इबारत लिखी है। अब बारहों महीने ग्रामीणों को घर पर ही शुद्ध पानी उपलब्ध हो रहा है। हैंडपंपों पर निर्भरता समाप्त हो चुकी है और मांगामार जल संकट से मुक्त हो गया है। जल जीवन मिशन दूरस्थ क्षेत्रों में न केवल लोगों, खासकर महिलाओं का जीवन आसान बना रही है, बल्कि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में स्थायी सुधार भी ला रही है।
- रायपुर,।राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा स्थित छिंदनार ग्राम पंचायत में रविवार को श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1242 हितग्राहियों को डीबीटी के माध्यम से 1 करोड़ 4 लाख रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में 31 से अधिक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी प्रत्येक श्रमिक तक पहुँचना आवश्यक है, तभी वे इसका समुचित लाभ ले सकेंगे। श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का उद्देश्य भी यही है कि अधिक से अधिक श्रमिक भाई-बहन योजनाओं से जुड़ें और लाभान्वित हों।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों के हित में चार नई श्रम संहिताएँ लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है, जो श्रमिकों और उनके परिवारों के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग 45 प्रतिशत आबादी असंगठित क्षेत्र में कार्यरत है, जिनके विकास के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है।उन्होंने चारों नई श्रम संहिताओं— मजदूरी संहिता, 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता (ओएसएच), 2020 तथा औद्योगिक संबंध संहिता, 2020— के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए प्रावधानों के तहत राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन तय किया जाएगा, जिससे कोई भी राज्य निर्धारित वेतन से कम भुगतान नहीं कर सकेगा। साथ ही मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा, उपचार, भविष्य निधि तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएँ और सुदृढ़ की जाएंगी।उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं श्रमिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक श्रमिकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दें और उन्हें लाभ लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार किया जा सके।कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुनीता भास्कर, जनपद अध्यक्ष शकुंतला भास्कर, जिला पंचायत सदस्य ममता मंडावी, जिला पंचायत सदस्य तुलेश्वरी नागेश, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संतोष गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रम विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर दूर महासमुंद जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक आकर्षक पर्यटन स्थल है। लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला यह अभ्यारण्य साल और सागौन के घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां का शांत वातावरण, हरियाली और वन्यजीवों की प्राकृतिक गतिविधियां पर्यटकों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराती है।बारनवापारा में चीतल, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर, चौसिंगा, भालू तथा कभी-कभी तेंदुए की झलक भी देखने को मिल जाती है। इसके अलावा विभिन्न प्रजातियों के पक्षी यहां के वातावरण को और जीवंत बनाते हैं। वन विभाग द्वारा संचालित जीप सफारी पर्यटकों को जंगल के भीतर सुरक्षित भ्रमण का अवसर देती है। सुबह और शाम का समय वन्यजीवों को देखने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह अभयारण्य सड़क, रेल और हवाई मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। निकटतम हवाई अड्डा रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट है। रेल यात्रियों के लिए रायपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन सबसे सुविधाजनक स्टेशन है। रायपुर, महासमुंद और बलौदाबाजार से नियमित बस एवं टैक्सी सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। निजी वाहन से पहुंचना अधिक सुविधाजनक रहता है।अभयारण्य में प्रवेश शुल्क और सफारी शुल्क निर्धारित हैं। यहां पार्किंग, गाइड, वॉच टॉवर, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे सफारी के लिए अग्रिम बुकिंग कराएं और प्लास्टिक का उपयोग न करें। बारनवापारा की यात्रा को और अधिक सुखद बनाने के लिए पर्यटन मंडल द्वारा संचालित मोहदा रिसोर्ट विशेष आकर्षण का केंद्र है। यह रिसोर्ट प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित है और यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त कमरे, रेस्टोरेंट, बच्चों के खेलने की जगह तथा हरियाली से घिरा शांत परिसर उपलब्ध है। परिवार और समूह में आने वाले पर्यटकों के लिए यह ठहरने का एक उत्कृष्ट विकल्प है। यहां स्थानीय व्यंजनों का स्वाद भी लिया जा सकता है। जंगल सफारी और मोहदा रिसोर्ट की बुकिंग वनविभाग और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की साइट से की जा सकती है।बारनवापारा के समीप स्थित तुरतुरिया भी पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यह स्थान अपने प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। यहां प्राचीन अवशेष, शांत वन क्षेत्र और जलधाराएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। तुरतुरिया को महर्षि वाल्मीकि के आश्रम से जुड़ी मान्यता के कारण धार्मिक और पौराणिक महत्व भी प्राप्त है। यहां पिकनिक और प्रकृति अवलोकन के लिए उपयुक्त वातावरण मिलता है। लोक मान्यता है कि माता सीता ने वनवास के दौरान यहीं आश्रय लिया था और लव-कुश का जन्म भी इसी क्षेत्र में हुआ। इस कारण यह स्थल धार्मिक आस्था का केंद्र है। यह क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और शांत वातावरण से घिरा हुआ है। यहां बहने वाली छोटी जलधाराएं और प्राकृतिक झरने इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। प्रकृति प्रेमियों और पिकनिक मनाने वालों के लिए यह आकर्षक स्थान है। तुरतुरिया में प्राचीन मंदिरों और संरचनाओं के अवशेष मिले हैं, जो इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को दर्शाते हैं। पुरातात्विक दृष्टि से भी यह स्थान महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां प्राकृतिक गरम जल कुंड भी पाए जाते हैं, जिनके बारे में स्थानीय मान्यता है कि इनका जल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। यही “तुर-तुर” ध्वनि से निकले नाम की एक मान्यता भी बताई जाती है।अभयारण्य से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित सिरपुर ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। प्राचीन मंदिर, बौद्ध विहार और पुरातात्विक अवशेष यहां के प्रमुख आकर्षण हैं, जो इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। बारनवापारा घूमने का सर्वाेत्तम समय अक्टूबर से जून तक माना जाता है। वर्षा ऋतु में हरियाली अपने चरम पर होती है, हालांकि कभी-कभी सफारी सेवाएं सीमित हो सकती हैं। यात्रा के दौरान हल्के रंग के वस्त्र पहनना, दूरबीन और कैमरा साथ रखना तथा वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना आवश्यक है। बारनवापारा अभयारण्य, सिरपुर और तुरतुरिया मिलकर एक ऐसा पर्यटन परिपथ तैयार करते हैं, जहां प्रकृति, रोमांच, इतिहास और आरामदायक आवास की सुविधाएं एक साथ मिलती हैं। यदि आप सप्ताहांत में सुकून भरी और यादगार यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए एक आदर्श गंतव्य सिद्ध हो सकता है।
- -कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा–सलका मार्ग का होगा सुदृढ़ीकरण ,40.93 करोड़ रुपए स्वीकृत, 29 किमी सड़क उन्नयन से विकास को मिलेगी नई रफ्ताररायपुर ।राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं विकासोन्मुखी नीति के अनुरूप क्षेत्र में आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से जिला सूरजपुर अंतर्गत कल्याणपुर–लटोरी–दतिमा– सलका (मुख्य जिला मार्ग) के विभिन्न खंडों में सड़क सुदृढ़ीकरण एवं निर्माण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।लगभग 29 किलोमीटर लंबाई में प्रस्तावित इस कार्य के लिए 40.93 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। यह मार्ग क्षेत्र के अनेक ग्रामों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिसके उन्नयन से आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तीव्र होगा। इससे ग्रामीण अंचलों का जिला मुख्यालय एवं अन्य प्रमुख स्थलों से बेहतर संपर्क स्थापित होगा।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़क केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि विकास की जीवनरेखा है। सुदृढ़ सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को शिक्षा संस्थानों तक सुगमता से पहुंच सुनिश्चित होगी तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक त्वरित पहुंच संभव हो सकेगी। साथ ही व्यापार, लघु उद्योग एवं स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता एवं समावेशी विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चरणबद्ध रूप से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
- -शौर्य और पराक्रम की जीवंत गाथा ‘जाणता राजा’ के समापन समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवालरायपुर ।राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक साइंस कॉलेज ग्राउंड में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा आयोजित विश्वविख्यात महानाट्य ‘जाणता राजा’ का भव्य समापन समारोह अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। समापन समारोह में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर तथा आदिम जाति विकास विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा भी उपस्थित थे।छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्वितीय शौर्य, रणनीति, राष्ट्रभक्ति और लोक-कल्याणकारी शासन की गाथा पर आधारित इस ऐतिहासिक महानाट्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भव्य मंच सज्जा, सजीव अभिनय, प्रभावशाली प्रकाश एवं ध्वनि संयोजन तथा ऐतिहासिक दृश्यों की जीवंत प्रस्तुति ने मानो इतिहास के स्वर्णिम पन्नों को साकार कर दिया। महान मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित ‘जाणता राजा’ केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्रगौरव और स्वाभिमान की प्रेरक गाथा है। इस विश्वप्रसिद्ध नाट्यकृति की संकल्पना और प्रस्तुति सुप्रसिद्ध रंगकर्मी बाबासाहेब पुरंदरे द्वारा की गई थी, जिसने दशकों से देश-विदेश में दर्शकों को इतिहास से जोड़ा है।संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जाणता राजा केवल एक नाटक नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास की उस अमर गाथा का सजीव दर्शन है, जिसने हमें स्वराज, स्वाभिमान और सुशासन का मार्ग दिखाया। छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उनके आदर्श हमें साहस, संगठन और राष्ट्रभक्ति का संदेश देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयोजनों का होना हमारे लिए गौरव का विषय है। राज्य सरकार संस्कृति और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। इस प्रकार के आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ते हैं और उन्हें सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।मंत्री श्री अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग, कलाकारों, तकनीकी टीम तथा सभी सहयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी राज्य में ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सके। ‘जाणता राजा’ जैसे भव्य ऐतिहासिक मंचन न केवल सांस्कृतिक चेतना को जागृत करते हैं, बल्कि सांस्कृतिक पर्यटन को भी नई दिशा देते हैं। रायपुर में इस आयोजन ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं में इतिहास के प्रति नई जिज्ञासा और गर्व की भावना उत्पन्न की। समापन अवसर पर पूरा परिसर “जय भवानी, जय शिवाजी” के उद्घोष से गूंज उठा, जिसने वातावरण को राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कर दिया।
- -विशेष शिविर में 401 दिव्यांगजन हुए लाभान्वित, संवेदनशील पहल से लौटी मुस्कानरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की समावेशी और संवेदनशील नीतियों का प्रभाव अब सुदूर वनांचलों तक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में राज्यभर में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में सुकमा जिले में आयोजित तीन दिवसीय विशेष दिव्यांग सशक्तिकरण शिविर में 401 दिव्यांगजनों को आधुनिक सहायक उपकरण प्रदान कर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई गई।सुकमा के शबरी ऑडिटोरियम में 20 से 22 फरवरी तक आयोजित इस शिविर में कोंटा, छिंदगढ़ और सुकमा विकासखंड के हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें आवश्यक उपकरण मौके पर ही उपलब्ध कराए गए। यह शिविर केवल वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन और सम्मानजनक जीवन की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।शिविर में भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर के विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक “जयपुर फुट”, कृत्रिम हाथ, कृत्रिम पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण तैयार कर वितरित किए गए। वर्षों से बैसाखियों के सहारे चल रहे कई हितग्राहियों को जब आधुनिक कृत्रिम अंग मिले, तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और नई उम्मीद साफ झलक रही थी।ट्राइसिकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, स्टिक और बैसाखी जैसे उपकरण शिविर स्थल पर ही प्रदान किए गए।आर्टिफिशियल कैलिपर्स के लिए माप लेकर शीघ्र वितरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।समाज कल्याण विभाग की नोडल अधिकारी सुश्री मधु तेता ने बताया कि शिविर में 213 दिव्यांगजनों के प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन भी लिए गए, ताकि वे राज्य शासन की अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। यह पहल दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा है कि राज्य का कोई भी नागरिक अपनी शारीरिक बाधा के कारण अवसरों से वंचित न रहे। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भी दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए विभागीय योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए हैं।सुकमा का यह शिविर राज्य स्तर पर दिव्यांग सशक्तिकरण के व्यापक अभियान की कड़ी है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थानीय आदिवासी स्वास्थय परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस के अवसर पर उनके गृह ग्राम बगिया में 2100 औषधीय पौधों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं पारंपरिक औषधीय ज्ञान के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से आयोजित किया गया।इस अवसर पर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को औषधीय पौधों के महत्व, उनके संरक्षण तथा घरेलू उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक आदिवासी स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है।उल्लेखनीय है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और छत्तीसगढ़ स्थानीय आदिवासी स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के मार्गदर्शन में औषधीय पौधों का वितरण कर लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। इससे एक ओर हरित आवरण बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को भी मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की गई। साथ ही उनके नेतृत्व में प्रदेश के सतत विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का विश्वास व्यक्त किया गया।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज छत्तीसगढ़ की 6 वीं विधानसभा के अष्टम् सत्र को संबोधित किया और अभिभाषण पढ़ा।विधानसभा पहुंचने पर राज्यपाल श्री डेका का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने स्वागत किया।अभिभाषण का मूल पाठ इस प्रकार है-:माननीय सदस्यगण,1. आप सभी को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना और हमारी विधानसभा की रजत जयंती की बहुत-बहुत बधाई।2. राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से हमारी विधानसभा के नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। आप सभी को लोकतंत्र के मंदिर इस नये भवन की हार्दिक शुभकामनाएं।3. प्रदेश की षष्ठम् विधानसभा के वर्ष 2026 में आयोजित इस प्रथम सत्र में आप सभी का हार्दिक अभिनंदन है।4. अब हमारे प्रदेश ने विकसित राज्य की ओर अपना नया सफर शुरू किया है। सामूहिक प्रयत्न और संकल्प से निश्चित रूप से हम वर्ष 2047 तक विकसित राज्य का लक्ष्य प्राप्त करेंगे।5. भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमारे राज्य का निर्माण किया। उन्होंने जिस संकल्पना को लेकर छत्तीसगढ़ बनाया, उसे पूरा होते देखकर बहुत खुशी होती है।6. छत्तीसगढ़ में विकास की असीम संभावनाएं हैं। यहां की सरल, सहज और मेहनतकश जनता की बदौलत मेरी सरकार इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में कड़ी मेहनत कर रही है।7. मेरी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता अंत्योदय का कल्याण है। मेरी सरकार की प्रत्येक नीति में यह सोच है कि इसके लागू होने से आखिरी पंक्ति में खड़े नागरिक को किस तरह से लाभ मिलेगा। जब इस सोच के अनुरूप नीति बनती है तो समावेशी विकास की दिशा में कदम स्वतः बढ़ जाते हैं।8. समावेशी विकास में महिला सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। मातृ शक्ति को सशक्त बनाना मेरी सरकार की प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष‘ के रूप में मनाया जा रहा है।9. सामाजिक कल्याण के साथ तीव्र आर्थिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नये जमाने के अनुरूप मेरी सरकार ने नवाचार भी किया है जिसका व्यापक असर प्रदेश के आर्थिक विकास के आंकड़ों में नजर आता है।माननीय सदस्यगण,10. विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान मजबूत और समृद्ध होंगे। इसलिए मेरी सरकार उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम कर रही है।11. इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया और 33 हजार 431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मेरी सरकार ने ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत होली से पहले किसानों को 10 हजार 292 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया है।12. केंद्र में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार भी किसान हितैषी सरकार है। छत्तीसगढ़ के 24 लाख 72 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।13. मेरी सरकार के कल्याणकारी दायरे में भूमिहीन कृषक मजदूर भी शामिल हैं। राज्य के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना‘ के तहत सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं।14. मेरी सरकार गुणवत्तापूर्ण बीज किसानों को उपलब्ध कराने की दिशा में पुख्ता काम कर रही है। बीज उत्पादन में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति एवं महिला वर्ग के किसानों को प्रमाणीकरण शुल्क में शतप्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। दो साल में 21 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किये गये हैं।15. हमारे किसान भाइयों द्वारा उपजाया खाद्यान्न निर्यात के माध्यम से विदेशों तक अधिकाधिक पहुंचाया जाए, इसके लिए मेरी सरकार ऐसी तकनीकों पर काम कर रही है जिससे खाद्यान्नों की शेल्फ लाइफ बढ़ाई जा सके। इसके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र की सहायता से 06 करोड़ रुपए की लागत से सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है।16. दुनिया भर में खेती-किसानी की तकनीक बदल रही है। कृषि शोध में लगे अध्यापकों और छात्रों को मेरी सरकार द्वारा निरंतर एक्सपोजर विजिट भी कराया जा रहा है। प्रदेश में दलहन और तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। ‘दलहन बीज उत्पादन प्रोत्साहन योजना‘ में प्रति क्विंटल दिए जाने वाले 1000 रूपए के अनुदान को अब बढ़ाकर 5 हजार रुपए कर दिया गया है। ‘अक्ती बीज संवर्धन योजना‘ के तहत तिलहनी फसलों के उत्पादन एवं वितरण पर अनुदान राशि 1000 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति क्विंटल कर दी गई है।17. फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने धान के बदले अन्य खरीफ फसल लेने वाले कृषकों को भी प्रति एकड़ 11 हजार रुपए आदान सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया है।18. खाद्यान्न तेल के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार पाम ऑयल को बढ़ावा दे रही है। मेरी सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा दिये जा रहे अनुदान के अतिरिक्त 69 हजार 620 रुपए का टापअप अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है।19. छत्तीसगढ़ में कोदो और रागी जैसे मिलेट्स की खेती में बड़ी संभावना है और इसके बीजों के आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मेरी सरकार प्रयासरत है।20. हमारे वनांचल जैविक खेती के लिए सबसे अनुकूल हैं और इससे स्थानीय किसानों के लिए बड़े लाभ की संभावनाएं खुलेंगी। प्रदेश में 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती हो रही है।21. हमारा छुईखदान पान की बेलों के लिए प्रसिद्ध रहा है। मेरी सरकार ने यहां पान अनुसंधान केंद्र आरंभ किया है।माननीय सदस्यगण,22. खेती-किसानी से जुड़ी अर्थव्यवस्था का विस्तार पशुपालन को बढ़ावा दिए बिना संभव नहीं है। मेरी सरकार ने इस क्षेत्र में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एमओयू किया है।23. सहकारिता की ताकत सबसे बड़ी ताकत है। इस ताकत से लोगों को जोड़ते हुए ‘सहकार से समृद्धि योजना‘ के तहत 488 नवीन डेयरी समितियों का गठन किया गया है। दुग्ध उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से महासंघ द्वारा दूध का क्रय मूल्य 35 रुपए से बढ़ाकर 36 रुपए 50 पैसे प्रति लीटर कर दिया गया है।24. वर्ष 2022-23 में जहां दूध उत्पादन 1955 हजार टन था वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 2162 हजार टन हो गया। प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता भी वर्ष 2022-23 के 180 ग्राम प्रतिदिन से बढ़कर 194 ग्राम प्रतिदिन हो गई है। दूध उत्पादन बढ़ने का लाभ किसानों को तो हो ही रहा है, हमारे नौनिहालों को भी इसके माध्यम से बेहतर पोषण मिल रहा है।25. मत्स्यपालन के क्षेत्र में भी बड़ी संभावनाएं हैं। कांकेर जिला देश भर में इस क्षेत्र में मॉडल जिला बना है। यह केंद्र सरकार द्वारा बेस्ट इनलैंड डिस्ट्रिक्ट के रूप में चुना भी गया है। अभी हमारा प्रदेश मत्स्य उत्पादन के मामले में देश में छठवें स्थान पर है। मेरी सरकार ने वर्ष 2047 तक इसे देश में तीसरे स्थान पर लाने का लक्ष्य रखा है। गांव में खेत, घर में पशुपालन और खेत से लगी डबरी में मछली पालन, इस तरह के एप्रोच से काम करने से किसान भाइयों की आय में और भी वृद्धि होगी। मेरी सरकार इस दिशा में किसान भाइयों को प्रेरित करने का काम कर रही है। इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आये हैं। निजी क्षेत्र में 7580 हेक्टेयर में मत्स्यपालन का काम हो रहा है।माननीय सदस्यगण,26. विकसित छत्तीसगढ़ का आधार सिंचाई परियोजनाएं हैं। पिछले दो वर्षों में मेरी सरकार ने प्रदेश में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता की वृद्धि की है, जिससे राज्य में कुल विकसित सिंचाई क्षमता 21 लाख 76 हजार हेक्टेयर हो गई है।27. 73 हजार हेक्टेयर से अधिक सिंचाई सुविधा में विस्तार एवं पुनर्स्थापन के लिए 477 सिंचाई योजनाओं के लिए 1874 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी गई है।28. सिंचाई योजनाओं के लिए अधिग्रहित भूमि के लंबित मुआवजों के प्रकरण को निपटाने में मेरी सरकार ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। किसान भाइयों को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 400 करोड़ रुपए मुआवजा का भुगतान किया गया, वहीं वन भूमि से संबंधित 100 करोड़ रुपए की लंबित मुआवजे राशि का भुगतान किया गया। इससे वन प्रभावित सिंचाई योजनाओं के निर्माण में गति आई है।29. मातृशक्ति का सम्मान, उनकी गरिमा की रक्षा और उनका आर्थिक सशक्तीकरण मेरी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।30. माताएं-बहनें कुशल बजट प्रबंधक होती हैं। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से हर महीने एक-एक हजार रुपए की राशि हम प्रदेश की लगभग 69 लाख महिलाओं के खाते में जमा कर रहे हैं। मेरी सरकार ने लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 24 किश्तों में 15 हजार 596 करोड़ रूपए जमा किए हैं।31. दो साल पहले मेरी सरकार ने यह योजना अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आरंभ की। तीन महीने में ही हितग्राहियों के चिन्हांकन का काम पूरा हो चुका था। माओवादी हिंसा की वजह से बस्तर के कुछ क्षेत्रों की महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल सका था। उन 7,763 महिलाओं को भी योजना से लाभान्वित करना आरंभ कर दिया गया है।32. ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना‘ के अंतर्गत फरवरी 2026 में राज्यभर में एक साथ 6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया। इनमें से 1,316 जोड़े रायपुर में विवाह बंधन में बंधे। यह भव्य आयोजन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। इस आयोजन की एक और उल्लेखनीय उपलब्धि यह रही कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के 6 जोड़ों का विवाह भी इसी योजना के तहत कराया गया, जो विश्वास, पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ाव का सशक्त संदेश है।33. मेरी सरकार ने मातृशक्ति के लिए प्राथमिकता से योजनाएं बनाई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में माताएं-बहनें अपने हुनर को आगे बढ़ाएं, इसके लिए 137 महतारी सदन पूर्ण करा लिए गए हैं तथा 212 महतारी सदन निर्माणाधीन हैं।34. हमारे नौनिहाल हमारा भविष्य हैं। पूरे जतन के साथ उनकी परवरिश हो, इसके लिए मेरी सरकार उनके पोषण का खास ध्यान रख रही है। ‘पोषण ट्रैकर एप‘ के नतीजे उत्साहित करने वाले हैं, इससे हमारे नौनिहालों के कुपोषण के सभी मापदण्डों में कमी आ रही है।35. पोषण पखवाड़ा 2025 में प्रति आंगनबाड़ी गतिविधि में हमारा राज्य देश में प्रथम स्थान पर रहा है।माननीय सदस्यगण,36. जब आतंक का साया हट जाता है तो विकास का उजाला स्वतः ही फैल जाता है और लोगों का जीवन रोशन हो जाता है।37. हमने बीते दो वर्षों में माओवादी आतंकवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता प्राप्त की है। दो वर्षाें में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए, 2704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया तथा 2004 माओवादी गिरफ्तार किये गये। मेरी सरकार ने आत्मसमर्पण की बेहतर पालिसी बनाई है, जिसके फलस्वरूप भटके हुए युवा अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। हथियार छोड़कर संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं। प्रदेश तेजी से माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है।38. जिन धुर नक्सल प्रभावित इलाकों को माओवाद से मुक्त किया गया है वहां ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इस योजना में 17 विभागों की भागीदारी है और शासन की 25 कल्याणकारी योजनाओं तथा 18 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ हितग्राहियों को दिया जा रहा है।39. मेरी सरकार ने बस्तर में विकास के लिए कनेक्टिविटी को विशेष प्राथमिकता दी है। 146 सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए 1109 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गयी है। अनेक महत्वपूर्ण सड़क एवं पुलों का कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा अनेक कार्य प्रगति पर हैं।40. बीजापुर जिले में बीजापुर-आवापल्ली-जगरगुण्डा तथा बीजापुर-मोदकपाल-तारलागुड़ा, सुकमा जिले में गादीरास से मनकापाल, नारायणपुर जिले में गारपा से कच्चापाल, गारपा से आकाबेड़ा सड़कों के निर्माण के साथ ही बासागुड़ा-धरमावरम्-पामेड़ मार्ग में चिंतावागु नदी में, नेलसनार-गंगालूर मार्ग में मरी नदी, तुमका नदी तथा मिंगाचल नदी में तथा पेदारास से डोलेरास में फूल नदी पर पुलों का निर्माण पूर्ण किया गया है।माननीय सदस्यगण,41. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 728 मोबाइल टॉवर चालू किए गए हैं। साथ ही 449 मोबाइल टॉवरों को 4जी में अपग्रेड किया गया। गांवों तक डीटीएच कनेक्शन पहुंचा है और रात को हाई मास्ट लैंप से गांव जगमगाने लगे हैं।42. एक बड़ा फायदा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का भी है, जिनमें अब तक ये नक्सल प्रभावित क्षेत्र पीछे रह गये थे। 31 नई प्राथमिक शालाएं और 19 उपस्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किये गये हैं।43. माओवादी आतंक के चलते यहां बच्चों का टीका भी नहीं हो पाता था, नियद नेल्ला नार योजना के आरंभ होने से अब तक 11 हजार से अधिक बच्चों एवं महिलाओं को टीके लगाये गए हैं। इससे आने वाली पीढ़ी का स्वास्थ्य सुरक्षित हो रहा है।माननीय सदस्यगण,44. राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में मेरी सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। वनाधिकार पत्र जारी करने के संबंध में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल स्थान पर है। अब तक प्रदेश में 4 लाख 83 हजार 222 व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, 48 हजार 251 सामुदायिक वनाधिकार पत्र तथा 4 हजार 396 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र जारी किए गए हैं। पिछले दो साल में 4659 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 97 सामुदायिक वन अधिकार पत्र तथा 89 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र इस प्रकार कुल 4,845 वन अधिकार पत्र वितरित किये गये हैं। मेरी सरकार द्वारा संवेदनशील निर्णय लेते हुए व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र धारकों की मृत्यु होने पर इनके वारिसों के नाम वनाधिकार पत्र का नामांतरण एवं अन्य प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है।45. तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दिया गया है। संग्राहकों को चरण पादुका भी वितरित की जा रही है। वन धन केंद्रों के माध्यम से संग्राहकों को वनोपज का उचित दाम दिया जा रहा है।46. हमारे प्रदेश की 31 फीसदी आबादी जनजातीय है। मेरी सरकार जनजातीय उत्थान के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है।47. आदिम जाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति अब ऑनलाइन पोर्टल से दी जा रही है। वर्ष 2025-26 से नई व्यवस्था लागू कर समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है।48. इसी तरह एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जनजातीय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुडा को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम स्थान और 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला, जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है।49. ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2025 में छत्तीसगढ़ ने देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने कुल 162 पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया।50. धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की संकल्पना को पूरा करने जनजातीय विकास की दिशा में मेरी सरकार तत्परता से कार्य कर रही है। ‘पीएम जनमन योजना‘ तथा ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ के तहत तेजी से कार्य हो रहे हैं। ‘आदि कर्मयोगी अभियान‘ से डेढ़ लाख आदिकर्मयोगी तैयार किये गये हैं। ये ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का नेतृत्व करेंगे। ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना‘ एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति महोदया श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।51. शहीद वीरनारायण सिंह और जनजातीय शहीदों की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए मेरी सरकार ने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय, शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय नवा रायपुर में स्थापित किया है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के करकमलों से राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर हुआ। मेरी सरकार द्वारा नवा रायपुर में ट्राइबल एवं कल्चरल कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जा रहा है। इसके माध्यम से हमारी जनजातीय संस्कृति को सहेजने में विशेष मदद मिलेगी।माननीय सदस्यगण,52. प्रदेश की सुंदर जनजातीय संस्कृति को सहेजने मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। लगातार दूसरे साल भी बस्तर पंडुम का सफल आयोजन किया गया है। इस साल बस्तर पंडुम में विधाओं की संख्या 7 से बढ़ाकर 12 कर दी गई। पिछले साल बस्तर पंडुम में जहां 47 हजार कलाकारों ने पंजीयन कराया, वहीं इस साल यह संख्या बढ़कर 54 हजार 745 हो गई। बस्तर पंडुम के शुभारंभ के मौके पर राष्ट्रपति महोदया का आगमन हुआ। उन्होंने बस्तर की संस्कृति को सहेजने के लिए की गई इस सुंदर पहल की सराहना की। बस्तर पंडुम के समापन समारोह में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।53. हमारे जनजातीय भाइयों के पूजा स्थल अखरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए मेरी सरकार ने योजना बनाई है।54. यह हमारे लिए गौरव की बात है कि देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिली है। ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सुंदर जनजातीय संस्कृति की झलक भी देश दुनिया को दिखेगी। इस आयोजन के माध्यम से दुनिया अब बस्तर में बारूद का धुँआ नहीं अपितु चित्रकोट जलप्रपात का भव्य दूधिया नजारा देखेगी। बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के पश्चात मेरी सरकार सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी कर रही है।माननीय सदस्यगण,55. सबको आवास दिलाने का मेरी सरकार का निश्चय सरकार गठन के पहले दिन से आप सबको मालूम है। मेरी सरकार ने अपनी पहले ही कैबिनेट की बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये और इन पर तेजी से काम चल रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए मेरी सरकार ने 15 हजार आवास निर्माण का लक्ष्य रखा है। चालू वित्तीय वर्ष में 10 माह की अवधि में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ ने देश में कीर्तिमान स्थापित किया है।56. मेरी सरकार युवा ऊर्जा को रचनात्मक और सृजनात्मक भूमिका के लिए तैयार कर रही है। उनकी पुख्ता शिक्षा, स्किल अपग्रेडेशन के साथ ही उनमें उद्यम आधारित संभावनाओं को बढ़ाने के लिए भी कार्य कर रही है।57. हम अपनी युवा शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा अवसर मानते हैं। बेहतर शिक्षा व्यवस्था के निर्माण हेतु मेरी सरकार लगातार प्रयास कर रही हैं। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देशभर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हो रही हैं, जिससे युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए राज्य के बाहर नहीं जाना पड़ेगा।58. मेरी सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट प्रदान की है, साथ ही विभिन्न विभागों में करीब 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की जा रही है।59. छत्तीसगढ़ का हस्तशिल्प देश भर में प्रसिद्ध रहा है। चांपा की कोसा की साड़ियों की धूम तो विदेशों में भी है। मेरी सरकार ने नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (छप्थ्ज्) की स्थापना का निर्णय लिया है। यह संस्थान प्रदेश के प्रतिभाशाली डिजाइनरों के सपनों को पंख प्रदान करेगा।60. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन से प्रदेश में स्कूल शिक्षा की नींव मजबूत हुई है। बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए हर संभव कार्य किया जा रहा है।61. अटल नगर नवा रायपुर में पहले अंतरिक्ष केंद्र की शुरुआत से बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिली है और छत्तीसगढ़ अंतरिक्ष विज्ञान में आगे बढ़ रहा है। ‘अंतरिक्ष संगवारी’ पहल से विद्यार्थियों, किसानों और युवाओं को लाभ होगा, रोजगार बढ़ेंगे और इसे हर जिले तक फैलाया जाएगा।62. इसी तरह नवा रायपुर में साइंस सिटी स्थापित की जा रही है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर और मायापुर में जहां कर्क रेखा गुजरती है, वहां एस्ट्रो पार्क बनाया जा रहा है। स्कूली बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोगों की सुविधा देने के लिए बस्तर और सरगुजा में नेशनल काउंसिल ऑफ सांइस म्यूजियम कोलकाता के सहयोग से मोबाइल साइंस लैब की स्थापना की जा रही है।63.क्लाइमेट चेंज हमारे समय की बड़ी चुनौती है, इसका सामना करने के लिए मेरी सरकार वन क्षेत्र का दायरा बढ़ाने लगातार कार्य कर रही है। इंडियन स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वन एवं वृक्ष आवरण क्षेत्र में 683 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जो देश में सर्वाधिक है।64. सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी मेरी सरकार कार्य कर रही है। पर्यावरण जागरूकता से नई पीढ़ी को भी जोड़ना बेहद आवश्यक है। इसके लिए ईको क्लब के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।65. युवा आबादी के लिए बड़े पैमाने पर अवसर पैदा हों, इसके लिए मेरी सरकार ने नई औद्योगिक नीति लागू की है। इस नीति में प्रदेश में उद्यम स्थापित करने पर आकर्षक सब्सिडी है। मेरी सरकार ने इज आफ डूइंग बिजनेस और इज आफ लिविंग के मुताबिक 400 से अधिक रिफार्म्स किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के चलते एनओसी काफी आसान हो गई है। मेरी सरकार जन विश्वास अधिनियम लाने वाले देश के अग्रणी राज्यों में है। इसके माध्यम से विभिन्न अधिनियमों के 279 प्रावधानों में बदलाव लाये गये हैं। जीएसटी में अनेक सुधार हुए हैं, जिसका लाभ प्रदेश के कारोबारियों को मिल रहा है। इन सभी रिफार्म्स से प्रदेश में बिजनेस बहुत आसान हो गया है।66. नई औद्योगिक नीति के कारण अब तक 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आये हैं। खुशी की बात है कि यह निवेश सेमीकंडक्टर, आईटी, फार्मा, एआई जैसे क्षेत्रों में भी आ रहे हैं।67. युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने मेरी सरकार ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 बनायी है। इस नीति से प्रदेश में स्टार्टअप के लिए शानदार इकोसिस्टम तैयार होगा। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में उभर सकेगा।68. प्रधानमंत्री जी का फोकस टीयर-2 और टीयर-3 सिटी पर है। मेरी सरकार स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में नवा रायपुर, रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल कर विकास के लिए संकल्पित भाव से काम कर रही है।69. यहां आईटी हब, एआई हब, फार्मा हब, टैक्सटाइल पार्क आदि के माध्यम से मेरी सरकार नवा रायपुर में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने पर पुख्ता काम कर रही है।माननीय सदस्यगण,70. नवा रायपुर में मेरी सरकार ने बॉम्बे हॉस्पिटल के साथ एमओयू किया है। 680 करोड़ रुपये की लागत से यहां 300 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाया जाएगा। यह अस्पताल गरीबों को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।71. मेरी सरकार ने ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना‘ के तहत प्रदेश में 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये हैं। 4 लाख 96 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाये गये हैं। इस योजना के माध्यम से पिछले दो वर्ष में 31 लाख 44 हजार से अधिक क्लेम प्रकरणों में 4 हजार 551 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।72. इसी तरह ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना‘ के तहत पिछले दो वर्ष में 2 हजार 273 मरीजों के उपचार के लिए 62 करोड़ रूपए की राशि जारी की गई है।73. मेरी सरकार स्वास्थ्य से जुड़े सभी कार्यक्रमों पर प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है। आंकड़े इन उपलब्धियों का बयान करते हैं। राज्य की 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं। उपचार सफलता दर 92 प्रतिशत हो गई है। इसके साथ ही प्रदेश को मोतियाबिंद मुक्त करने हेतु अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) तथा समाज कल्याण विभाग के मध्य डवन् निष्पादित किया गया है।74. हमारा प्रदेश सिकल सेल की समस्या से जूझता रहा है। इस संकट से निपटने के लिए मेरी सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। सिकल सेल के निराकरण की दिशा में बेहतर कार्य करने में छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है।75. मेरी सरकार द्वारा मेडिकल शिक्षा को प्रोत्साहित करने गंभीरता से कार्य किया जा रहा है तथा इसके लिए 5 नए मेडिकल कॉलेज जशपुर, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं दंतेवाड़ा जिले में स्थापित किए जा रहे हैं। इससे राज्य में एमबीबीएस की 250 सीटों की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी माध्यम में भी कराई जा रही है। साथ ही 6 नए फिजियोथेरेपी कॉलेज तथा 9 नर्सिंग कॉलेज की स्थापना भी मेरी सरकार द्वारा की जा रही है।76. स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मेडिकल स्टॉफ होता है। पिछले दो वर्षों में मेरी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न कैडरों में 1639 पदों पर नियुक्ति प्रदान की है एवं 2300 पदों पर भर्ती की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।77. स्कूली बच्चों के लिए नेत्र परीक्षण का काम भी मेरी सरकार कर रही है। इसके लिए स्कूलों में नियमित रूप से कैंप लगाये जा रहे हैं। 1 लाख 62 हजार स्कूली बच्चों को चश्मे का वितरण किया गया है।माननीय सदस्यगण,78. प्रदेश को मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस इंडस्ट्री का हब बनाने मेरी सरकार संकल्पित है। डबल इंजन की सरकार में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना विकसित हुई है। 51 हजार करोड़ रुपए के रेलवे प्रोजेक्ट प्रदेश में चल रहे हैं। जगदलपुर से रावघाट रेल मार्ग जुड़ जाने से बस्तर के विकास में तेजी आएगी। इसी तरह केके (कोत्तावलसा से किरंदुल) रेल लाइन के दोहरीकरण का काम तेजी से चल रहा है। बस्तर के विकास के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होगी।79. डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन की मंजूरी मिल गई है तथा कोरबा-अंबिकापुर रेल लाइन के सर्वेक्षण और डीपीआर का काम चल रहा है। धरमजयगढ़-लोहरदगा तथा खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा रूट से औद्योगिक केन्द्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे प्रदेश के आर्थिक प्रगति में तेजी आएगी।80. छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने के लिए रायपुर-विशाखापट्नम और रायपुर-धनबाद दो नए एक्सप्रेस वे का निर्माण किया जा रहा है। पिछले दो वर्षाें में अधोसंरचना विकास के अंतर्गत मेरी सरकार ने 8 हजार 92 करोड़ रूपए की लागत के 4 हजार 878 किलोमीटर लंबाई की 919 सड़कें, 188 पुल और 19 भवन स्वीकृत किए हैं। ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना‘ में 2426 किलोमीटर लम्बाई की 774 सड़कों की स्वीकृति मिली है। पिछले दो वर्षों में 1731 करोड़ रूपए की लागत से 9 राष्ट्रीय राजमार्गों में 241 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूरा किया गया है।81.मेरी सरकार ने अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना तैयार करने के साथ ही यहां लोगों को परिवहन सुविधा प्रदान करने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना‘ आरंभ की है, इसमें प्रथम चरण में 57 मार्गाें में इतनी ही बसों का संचालन किया जा रहा है और इनसे 330 गांवों को पहली बार यात्री बस सुविधा मिली है।82.प्रधानमंत्री जी ने अंबिकापुर में मांॅं महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया। मेरी सरकार रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर के एयरपोर्ट के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। मेरी सरकार ने रायपुर एयरपोर्ट में कार्गाे सुविधा भी आरंभ कराई है, जिससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है।83. स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे शहरों की अच्छी रैंक आई है और इज आफ लिविंग के लिए वे उपयुक्त बन रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना‘ के तहत सवा पांच सौ करोड़ रुपए की राशि से तेजी से नगरीय निकायों का ढांचा उन्नत किया जा रहा है।84. मेरी सरकार विकसित भारत के लिए प्रदेश को पॉवर हाउस के रूप में तैयार कर रही है। मेरी सरकार ने इसके लिए एनर्जी समिट का आयोजन भी किया, जिसमें साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।85. ऊर्जा संपन्न प्रदेश होने का प्रत्यक्ष लाभ नागरिकों को मिल रहा है। वर्ष 2025-26 में 15 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों के लिए 30 यूनिट तक निःशुल्क बिजली देने के लिए लगभग 5 सौ करोड़ रुपए का प्रावधान है।86. ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना‘ का लाभ प्रदेश के नागरिकों को देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। केंद्र सरकार द्वारा दिये गये अनुदान के अतिरिक्त मेरी सरकार भी इस योजना के तहत 30 हजार रूपए तक का अनुदान दे रही है, जिससे बड़ी संख्या में उपभोक्ता योजना का लाभ उठाने आगे आ रहे हैं।87. इस योजना में 01 लाख 32 हजार उपभोक्ताओं ने सोलर प्लांट लगाने के लिए पंजीयन कराया है, जिनके घरों में 880 वेंडर्स के माध्यम से 27 हजार 400 घरों में सोलर प्लांट इंस्टाल किए जा चुके हैं साथ ही 48 हजार सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया चल रही है।माननीय सदस्यगण,88. विकसित छत्तीसगढ़ तैयार करने हम पूरी तरह से जुटे हैं और इसमें महत्वपूर्ण भागीदारी हमारे श्रमिक भाइयों की है। श्रमिक भाइयों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा पुराने 29 श्रम कानूनों की जगह 4 श्रम संहिताएं लायी गयी हैं। मेरी सरकार इनके क्रियान्वयन पर तेजी से काम कर रही है। दो सालों में 8 सौ करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिक कल्याण की योजनाओं के लिए दी जा चुकी है।89. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मनरेगा की खामियों को दूर कर ग्रामीण विकास को सशक्त करने तथा रोजगार के अधिकार को मजबूती देने के लिए विकसित भारत जी-राम-जी कानून लाया गया।90. हमारा प्रदेश खनिज संसाधनों से समृद्ध है। यह हमारे विकास की आधारशिला है। मेरी सरकार इनके अन्वेषण के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। लीथियम ब्लाक आवंटित करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। रेत खदानों की नीलामी में पारदर्शिता बरतने ई-नीलामी प्रक्रिया को अपनाया गया है।91. प्रशासनिक कार्यप्रणाली को दुरूस्त करने बड़े निर्णय लिये गये हैं। मेरी सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से पारदर्शिता को अपनाया है। लालफीताशाही को रोकने ई-फाइल की व्यवस्था लागू की है। बायोमीट्रिक अटेंडेंस सिस्टम शुरू हुआ है।92. जिस प्रकार सतत अध्ययन से व्यक्ति की सोच और क्षमता परिष्कृत होती है। उसी प्रकार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण से प्रशासनिक दक्षता और निर्णय क्षमता सुदृढ़ होती है। इसी उद्देश्य से राज्य में ‘मिशन कर्मयोगी’ के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों का क्षमता निर्माण और कौशल संवर्धन का कार्य किया जा रहा है।93. गोपनीय चरित्रावली के मूल्यांकन के तरीकों में भी बदलाव किये गये हैं। इससे अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यदक्षता का बेहतर आकलन संभव हो रहा है।94. राजस्व विभाग सीधे आम जनता के सरोकारों से जुड़ा है। मेरी सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए तकनीक को अपनाते हुए बड़े सुधार किये हैं।95. ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक डीजीपीएस और रोवर्स की मदद से सर्वे आरंभ किया गया है। नगरीय क्षेत्रों में 1500 के स्केल पर भूमि का नवीन सर्वेक्षण आरंभ करने का निर्णय मेरी सरकार ने लिया है इससे शहरी क्षेत्रों में छोटे भूखंडों को भू-नक्शे पर दर्ज किया जाना संभव हो सकेगा। पटवारी नक्शों के जिओ-रिफ्रेंसिंग का कार्य भी किया जा रहा है।96. डायवर्सन की प्रक्रिया को सरल और ऑनलाइन करते हुए आटो डायवर्सन की प्रक्रिया की जा रही है। स्व-नामांतरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गई है। प्रदेश के 970 गैर सर्वेक्षित ग्रामों में भी सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।97. राजस्व अभिलेखों में त्रुटि सुधार का अधिकार पहले केवल एसडीओ (रा.) के पास था जिसे तहसीलदारों को प्रत्यायोजित किया गया है ताकि आम जनता को सुविधा हो सके।98.मेरी सरकार ने रजिस्ट्री को सरल और सुगम बनाने सुधार किये हैं। इस दिशा में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से रजिस्ट्री अब सरल, सहज और पारदर्शी हो गई है।माननीय सदस्यगण,99. मेरी सरकार छत्तीसगढ़ की सुंदर संस्कृति को सहेजने और संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। अभी राजिम कुंभ कल्प का सुंदर आयोजन किया गया। इसमें देश भर से संत-समागम हुआ और लोगों ने इसका पुण्य लाभ लिया।100. बाबा गुरु घासीदास जी ने हमें मनखे मनखे एक समान का संदेश दिया। उनसे जुड़ी पुण्यभूमि को सहेजने के लिए मेरी सरकार प्रतिबद्ध है। बाबा गुरु घासीदास जी की पवित्र स्थली गिरौदपुरी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार किया गया है। गिरौदपुरी धाम मेला के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन और चिकित्सा सुविधा, पेयजल, विद्युत, आपातकालीन, सुविधा में वृद्धि के साथ-साथ सुरक्षा और स्वच्छता सुविधा को सुदृढ़ किया गया है। मेरी सरकार भंडारपुरी में 162 करोड़ रुपए के विकास कार्य करा रही है।101. साहित्य हमारी संवेदनाओं को निखारता है और लोकजीवन को संस्कारित करता है। छत्तीसगढ़ में साहित्य की समृद्ध परंपरा हमेशा से रही है। हिंदी की पहली कहानी भी इसी पावन धरती पर लिखी गई थी। साहित्य की इस उर्वर भूमि में साहित्यिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए मेरी सरकार ने ‘रायपुर साहित्य उत्सव‘ का आयोजन किया। तीन दिनों तक चले इस उत्सव में देशभर के प्रसिद्ध साहित्यकारों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी इस सुंदर आयोजन में शामिल हुए।102. मेरी सरकार चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण भी कर रही है। हमारी समृद्ध छालीवुड इंडस्ट्री को अब शूटिंग की बेहतरीन लोकेशन मिल सकेगी और इससे छत्तीसगढ़ी सिनेमा समृद्ध होगा।माननीय सदस्यगण,103. पर्यावरण को सहेजना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रधानमंत्री जी के ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान के तहत 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाये गये हैं।104. छत्तीसगढ़ अब तेजी से वैश्विक टूरिज्म के नक्शे में अपनी जगह बना रहा है। हमारे बस्तर के धुड़मारास को यूएन टूरिज्म संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। हमारी जैव विविधता की ओर दुनिया का ध्यान जा रहा है। शक्तिपीठ कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए शक्ति स्थलों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट के रूप में चुना गया है। ‘स्वदेश दर्शन योजना‘ के माध्यम से कवर्धा जिले के भोरमदेव तथा जशपुर जिले के मयाली को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।माननीय सदस्यगण,105. वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट बनाया गया है। यह मेरी सरकार की सोच का ब्लू प्रिंट है। इस पर आगे बढ़ते हुए तेजी से विजन डाक्यूमेंट के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सफलतापूर्वक काम हो रहा है।106. मेरी सरकार लगातार आम जनता से फीडबैक लेती है और उनकी अपेक्षाओं और सोच के अनुरूप नीतियां तैयार करती है, ताकि सामूहिक भागीदारी से छत्तीसगढ़ महतारी को संवारने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।आप सभी इसमें अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।आप सभी को सत्र की बहुत बहुत शुभकामनाएं
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति अब सुदूर अंचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर उनके बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब धरातल पर जीवंत होता दिख रहा है। इसी कड़ी में बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी के एक पंजीकृत श्रमिक नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता का अध्याय लिख दिया है। डिंपल का चयन राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल के लिए हुआ है, जो उनके परिवार के लिए किसी सुखद चमत्कार से कम नहीं है। यहां डिंपल कक्षा छठवीं में अध्ययन कर रही है और बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेगी।इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने डिंपल की माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पूरी पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इस निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के प्रावधान ने परिवार के सिर से आर्थिक चिंता का बोझ पूरी तरह हटा दिया है, जिससे अब डिंपल की प्रगति की राह में कोई बाधा नहीं आएगी। अपनी बेटी की इस अभूतपूर्व सफलता पर पिता नंदकिशोर कश्यप भावुक स्वर में कहते हैं कि एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। वे दिन-रात कड़ी मेहनत ही इसलिए करते हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य उनके अपने संघर्षपूर्ण जीवन से कहीं बेहतर और सुगम हो सके। आज सरकार की इस कल्याणकारी योजना ने उनके उन धुंधले सपनों को हकीकत के पंख दे दिए हैं।माता-पिता के रूप में कश्यप दंपत्ति आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब यह अटूट विश्वास हो चला है कि उनकी बेटी का भविष्य न केवल सुरक्षित है, बल्कि वह अपनी अटूट लगन से सफलता के उस आसमान को भी छू सकेगी जिसका उन्होंने कभी केवल कल्पनाओं में विचार किया था। ग्राम बिलौरी-2 से निकलकर एक प्रतिष्ठित स्कूल तक का डिंपल का यह सफर समाज के उस हर वर्ग के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं। शासन की यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि यदि बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकार की योजनाएं एक मजबूत सेतु बनकर उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँचाने में पूरी मदद करती हैं।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य प्रशासनिक सेवा तथा एलाइड सर्विस से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह जनसेवा के व्यापक अवसरों और जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त श्री तीर्थराज अग्रवाल, सुश्री लीना कोसम, श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, श्री सुमित अग्रवाल, श्री संदीप कुमार अग्रवाल, श्री आशीष कुमार टिकरिहा, श्री ऋषभ पाराशर एवं श्री तरुण किरण उपस्थित थे।
- रायपुर/ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के समिति कक्ष में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री धरम लाल कौशिक, विधायक श्री धर्मजीत सिंह, विधायक श्री अजय चंद्राकर सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
- बिलासपुर/शासकीय उद्यान रोपणी सरकंडा, बिलासपुर में स्थित आम के मातृ वृक्षों में लगे फलों की नीलामी 27 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। उद्यान अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार नीलामी प्रक्रिया बंद लिफाफा पद्धति से संपन्न होगी। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति 27 फरवरी तक दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आम पौधों में लगे फलों का निरीक्षण कर सकते हैं। नीलामी शर्तों की विस्तृत जानकारी उद्यान अधीक्षक कार्यालय, सरकंडा से प्राप्त की जा सकती है।
- बिलासपुर/भारत स्काउट एवं गाइड्स जिला संघ बिलासपुर द्वारा विश्व चिंतन दिवस के 100 वर्ष पूर्ण होने पर एक गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ओल्ड कंपोजिट बिल्डिंग, डीईओ कार्यालय स्थित स्काउट विभाग कक्ष क्रमांक-16 के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित जिले भर के स्काउट-गाइड, रोवर्स और रेंजर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ। प्रार्थना के माध्यम से सर्वधर्म समभाव, अनुशासन, सेवा और भाईचारे का संदेश दिया गया, जो स्काउट-गाइड आंदोलन की मूल भावना को दर्शाता है। इसके बाद कक्ष क्रमांक-6 स्थित सभा हॉल में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सभी सदस्य एकत्रित हुए। विश्व चिंतन दिवस के उपलक्ष्य में स्काउट, गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा तैयार स्लोगन, पोस्टर और बैनरों का प्रदर्शन एवं मूल्यांकन किया गया। प्रतिभागियों ने विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, सेवा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर रचनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस परेड, राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों में सक्रिय सेवा देने वाले स्काउट-गाइड, रोवर्स एवं रेंजर्स को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संयुक्त राज्य सचिव श्रीमती बीना यादव, अध्यक्षता पदेन जिला आयुक्त (गाइड) श्रीमती सुनीता ध्रुव ने की। विशिष्ट अतिथियों में सहायक राज्य आयुक्त स्काउट श्री विजय कुमार यादव, श्री भूपेंद्र शर्मा तथा सहायक राज्य आयुक्त गाइड डॉ. भारती दुबे उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला संघ के अनेक पदाधिकारी, स्काउटर-गाइडर एवं सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विश्व चिंतन दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सेवा भावना को सुदृढ़ करने का अवसर है। उन्होंने संगठन के सिद्धांतों का पालन करते हुए समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम अनुशासन, उत्साह और संगठनात्मक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण रहा तथा शताब्दी वर्ष का यह आयोजन स्काउट-गाइड आंदोलन के प्रति समर्पण और सेवा भावना को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।कार्यक्रम में जिला सचिव सुश्री लता यादव, जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री महेन्द्र बाबू टंडन, जिला संगठन आयुक्त गाइड डॉ पूनम सिंह, एल.टी.स्काउट श्री देवब्रत मिश्रा, डॉ.नवनीत कौशिक, श्री शत्रुघन सूर्यवंशी, श्री सूर्यकांत खूंटे, श्री निखिल सिंह, श्री शशांक विश्वकर्मा, गाइडर के रूप में प्री.ए.एल.टी गाइड पुष्पा शर्मा, श्रीमती लक्ष्मी बृजवासी, श्रीमती रागिनी चौधरी, श्रीमती मिंदु साडे, डॉ.शीला शर्मा, श्रीमती शशिकला साहू, सुश्री निशा साहू, सुश्री कौशल्या साहू, स्काउट-गाइड रोवर्स-रेंजर्स, स्काउटर-गाइडर मुख्य रूप से उपस्थित रहें।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे अब जिला मुख्यालयों पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रहे हैं। इसी का जीवंत उदाहरण जिला अस्पताल कोंडागांव की नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में देखने को मिला, जहां एक गंभीर नवजात शिशु को नया जीवन मिला है।कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के सतत निर्देशन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रेमलाल मंडावी के नेतृत्व में जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सशक्त किया जा रहा है। आवश्यक संसाधनों, जीवन रक्षक उपकरणों एवं दवाइयों की उपलब्धता तथा नियमित मॉनिटरिंग के कारण आज एसएनसीयू दूरस्थ अंचलों के लिए आशा की किरण बन चुकी है।ग्राम राकसबेड़ा, विकासखंड माकड़ी निवासी बो सुखदई मरकाम एवं चैतराम मरकाम के नवजात शिशु का जन्म 18 दिसंबर 2025 को शाम 5:28 बजे हुआ। जन्म के तुरंत बाद शिशु की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई। 20 दिसंबर 2025 को शिशु को एसएनसीयू में भर्ती किया गया। जन्म के समय शिशु का वजन 2.70 किलोग्राम था तथा वह बर्थ एस्फिक्सिया, लगातार दौरे और संक्रमण जैसी जटिल समस्याओं से जूझ रहा था। गर्भावस्था के दौरान माता में गंभीर ओलिगोहाइड्राम्नियोस की स्थिति भी पाई गई थी।शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रुद्र कश्यप, डॉ. राजेश बघेल एवं डॉ. परोमिता सूत्रधार सहित एसएनसीयू की टीम ने शिशु का तत्काल उपचार प्रारंभ किया। प्रारंभिक दिनों में ऑक्सीजन सपोर्ट एवं एंटीबायोटिक दिए गए, परंतु अपेक्षित सुधार न होने पर पांचवें दिन शिशु को मैकेनिकल वेंटिलेशन पर रखा गया,जहां 12 दिनों तक गहन निगरानी में उपचार जारी रहा। उपचार के दौरान शिशु में सेप्सिस एवं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग जैसी जटिलताओं की पहचान हुई। चिकित्सकीय टीम ने तत्परता से उच्च श्रेणी के एंटीबायोटिक तथा आवश्यकतानुसार फ्लुकोनाजोल प्रदान किया। बार-बार आने वाले दौरों को नियंत्रित करने के लिए फेनोबार्बिटोन/फेनाइटोइन दवाएं दी गईं। चिकित्सकों की विशेषज्ञता, संवेदनशीलता और सतत निगरानी ने इस नन्हीं जान को सुरक्षित रखा।लगातार 18 दिनों के गहन उपचार के बाद शिशु की स्थिति में सुधार होने लगा। स्थिर होने पर 19वें दिन से 10 दिनों तक कंगारू मदर केयर (केएमसी) प्रारंभ की गई, जिससे शिशु के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। लगभग 27 दिनों के अथक प्रयासों के पश्चात शिशु को पूर्णतः स्थिर अवस्था में छुट्टी प्रदान की गई।प्रदेश सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप अब जिला स्तर पर ही उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे दूरस्थ अंचलों के नागरिकों को महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही। कलेक्टर द्वारा जिला अस्पताल के एसएनसीयू की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए समय समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और सतत मॉनिटरिंग भी की जा रही है। उक्त प्रकरण जिला अस्पताल के इकाई की नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और सेवाओं एवं टीमवर्क का उदाहरण है।
- -छत्तीसगढ़ का शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय अद्वितीय-सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने नवा रायपुर में बने देश का पहला डिजिटल संग्रहालय का किया अवलोकनरायपुर। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने रविवार को राजधानी नवा रायपुर के आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान में बने देश के पहले डिजिटल संग्रहालय का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह जनजातीय संग्रहालय अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को जनजातीय इतिहास और संस्कृति से वाकिफ होना चाहिए।चीफ जस्टिस ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अंदोलनों और शौर्य गाथाओं पर संग्रहालय में बने प्रत्येक गैलरी को निकट से देखा। उन्होंने कहा कि इस संग्रहालय में जनजातीय आंदोलनों की स्मृतियां लोगों को शोषण एवं अन्याय के खिलाफ एक जुट होने और उसका प्रतिकार करने के लिए प्रेरित करेंगी।आदिमजाति विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणी बोरा ने जनजातीय संग्रहालय पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत, जस्टिस श्री पी.एस.नरसिम्हा, जस्टिस श्री प्रशांत कुमार और हाईकोर्ट बिलासपुर के चीफ जस्टिस श्री रमेश सिन्हा, राजस्थान के चीफ जस्टिस श्री कल्पथी राजेंद्रन श्रीराम सहित अन्य न्यायाधीश गण का बीरनमाला से आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उन्हें स्मृति स्वरूप जनजातीय जीवन पर आधारित भित्ती चित्र भेंट किया।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने जनजातीय संग्रहालय के अवलोकन के दौरान चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत सहित अन्य न्यायधीश गणों को जनजातीय विद्रोहों की पृष्ठिभूमि और जनजातीय नायकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। श्री बोरा ने संग्रहालय के अलग-अलग गैलरियों में प्रदर्शित विद्रोहों को साल, साजा और महुआ के प्रतिकात्मक वृक्ष के पत्तों के जरिये समझाने का प्रयास किया गया है। संग्रहालय में बने यह वृक्ष उसी तरह से है जिस तरह से मोशन फिल्मों में एक वृद्ध व्यक्ति फिल्म की कहानी बताते है।चीफ जस्टिस श्री सूर्यकांत ने जनजातीय संग्रहालय में प्रदर्शित भूमकाल विद्रोह के बारे में जानकर काफी प्रभावित हुए। यह विद्रोह बस्तर क्षेत्र के चित्रकोट के आस-पास वर्ष 1910 में हुआ था। यह विद्रोह 20 वर्षीय जननायक गुंडाधुर के नेतृत्व में, औपनिवेशिक वन नीतियों, जमींदारों के शोषण और बाहरी हस्तक्षेप के विरूद्ध था, जिसमें आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों से अंग्रेजों के खिलाफ किया था। चीफ जस्टिस ने संग्रहालय में शहीद वीर नारायण सिंह की तलवार सहित अन्य जनजातीय नायकों द्वारा विद्रोह के दौरान उपयोग में लाए गए अस्त्र-शस्त्र का भी अवलोकन किया।चीफ जस्टिस ने गैलरी में स्थापित मां दंतेश्वरी का प्रतिकात्मक डिजिटल मंदिर से काफी प्रभावित हुए उन्होंने दो बार घंटी बजाकर मां दंतेश्वरी के दर्शन किया। उन्होंने आगामी समय बस्तर (दंतेवाड़ा) जाकर मां दंतेश्वरी की साक्षात दर्शन करने की इच्छा जाहिर की।उल्लेखीनय है कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव रजत जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 01 नवबंर 2025 को इस भव्य डिजिटल संग्रहालय को लोगों को समर्पित किया था। तब से आगुन्तकों के लिए यह संग्रहालय आर्कषण एवं उत्साह का केंद्र बना हुआ है। जनसमुदाय में इस संग्रहालय के प्रति आकर्षण और लोकप्रियता को देखते हुए इसके द्वितीय चरण के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।गौरतलब है कि आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणी के मार्गदर्शन में जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर आधारित म्यूजियम तथा सहित वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी म्यूजियम का निर्माण तेजी के साथ पूरा हुआ है। मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर निर्माण से उद्घाटन तक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी श्री बोरा के नेतृत्व में बारीकी से एक-एक पहलुओं को परखा तब जाकर संग्रहालय का बुनियाद बनकर तैयार हुआ है। संग्रहालय का धरातल में आने से नई पीढ़ियों को अपने पुरखों की वीरता और साहस का याद दिलाता रहेगा। यह न केवल जनजातीय वर्गो के बल्कि सभी लोगों के प्रेरणापद है।
- -एसआईएचएम नया रायपुर में ब्रोशर प्रतियोगिता और पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी में 300 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी-राज्य व राष्ट्रीय विजेताओं को मिला सम्मान, प्रदर्शनी और करियर मार्गदर्शन का सफल आयोजनरायपुर । भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय इंडिया टूरिज्म, मुंबई द्वारा स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर (एसआईएचएम) के सहयोग से ‘देखो अपना देश’ ब्रोशर निर्माण प्रतियोगिता, पुरस्कार वितरण समारोह एवं पर्यटन शिक्षा प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारत के विविध पर्यटन स्थलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पर्यटन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से उन्हें परिचित कराना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक अभनपुर तथा पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशक श्री मोहम्मद फारूक मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त पश्चिम एवं मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की डीजीएम सुश्री पूनम शर्मा, आईएचएम रायपुर के वरिष्ठ लेखा अधिकारी श्री समीर मिश्रा तथा संस्थान के प्राचार्य श्री विवेक आचार्य के मार्गदर्शन में कार्यक्रम संपन्न हुआ।समारोह के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य के विजेताओं को नकद पुरस्कार (चेक), पदक, किट एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्यभर से लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, दुधली के छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार हासिल कर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय बैकुंठपुर एसईसीएल एवं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर कवर्धा ने राज्य स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय खैरागढ़, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कुरुद तथा पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय धमतरी ने राज्य स्तर पर तृतीय पुरस्कार अर्जित किया।कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन एवं आतिथ्य उद्योग में उपलब्ध विविध और बढ़ते करियर अवसरों पर विशेष प्रस्तुति दी गई। छात्रों एवं शिक्षकों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिससे सहभागिता और ज्ञानवर्धन को बढ़ावा मिला। प्रदर्शनी में होटल उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया था। प्रतिभागियों को एसआईएचएम रायपुर परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा। छात्रों ने रिसेप्शन प्रबंधन, खाद्य एवं बेकरी निर्माण, फ्रूट एवं वेजिटेबल कार्विंग, फ्लावर डेकोरेशन, टॉवेल आर्ट तथा मॉकटेल निर्माण जैसी व्यावहारिक गतिविधियों का प्रदर्शन देखा और आतिथ्य उद्योग की बारीकियों को समझा।‘देखो अपना देश’ पहल के माध्यम से छात्रों में भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के प्रति रुचि और गर्व की भावना विकसित हुई है। यह आयोजन न केवल रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि युवाओं को पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं से भी जोड़ता है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार की ‘देखो अपना देश’ पहल वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य देशवासियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध परंपराओं से परिचित कराना तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को अपने ही देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि वे भारत की अद्भुत विविधता को निकट से जान सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में योगदान दे सकें। ‘देखो अपना देश’ अभियान के अंतर्गत वेबिनार श्रृंखलाएँ, ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिताएँ, वर्चुअल टूर, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ तथा पर्यटन शिक्षा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। यह पहल विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों को पर्यटन एवं आतिथ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर अवसरों से अवगत कराने का भी कार्य करती है। साथ ही, डिजिटल माध्यमों और जनसहभागिता के जरिए देश के कम प्रसिद्ध लेकिन संभावनाशील पर्यटन स्थलों को भी राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार ‘देखो अपना देश’ पहल न केवल नागरिकों में अपने देश के प्रति गर्व और जागरूकता की भावना को सुदृढ़ करती है, बल्कि पर्यटन उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है।
- रायपुर। कोण्डागांव वनमण्डल के मर्दापाल परिक्षेत्र में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी श्री प्यारेलाल ठाकुर कोे प्रदत्त आहरण संवितरण अधिकारी वापस ले लिया गया है। मुख्य वन संरक्षक कांकेर वृत्त श्री राजेश कुमार चंदेल द्वारा यह कार्यवाही श्री प्यारेलाल ठाकुर द्वारा महत्वपूर्ण वित्तीय कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने में रुचि नहीं लेने, बजट उपयोग में गंभीर लापरवाही बरतने तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरते जाने के कारण की गई है।जारी आदेश के तहत छत्तीसगढ़ वन वित्तीय नियम 74 (टी.ओ.-16) के अंतर्गत पूरक नियम तथा वन लेखा संहिता की धारा 6 में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए श्री प्यारेलाल ठाकुर, वनक्षेत्रपाल एवं परिक्षेत्र अधिकारी, मर्दापाल से तत्काल प्रभाव से आहरण-संवितरण अधिकार (डीडीओ पावर) वापस ले लिया गया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत आगामी आदेश तक मर्दापाल परिक्षेत्र का प्रभार श्री गौरव टंडन, वनक्षेत्रपाल प्रशिक्षु, कोण्डागांव वनमण्डल को उनके वर्तमान दायित्वों के अतिरिक्त सौंपा गया है।
- -हर घर जल आपूर्ति से पोंगाभेज्जी के ग्रामीण प्रसन्न-विकास कार्यों की कलेक्टर ने की मैदानी समीक्षारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अंदरूनी इलाके के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से संचालित मिशन कनेक्ट के अंतर्गत गांवों में चौपाल लगाकर मौके पर ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ग्राम पोंगाभेज्जी पहुंचकर वहां की जमीनी हकीकत का मुआयना किया। इस मौके पर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मिशन कनेक्ट वास्तव में प्रशासन और ग्रामीणों के मध्य विश्वास एवं संवाद को सुदृढ़ करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।पोंगाभेज्जी ग्राम पहुंचने पर कलेक्टर एवं अधिकारियों की टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित एवं प्रगतिरत आवासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, आंगनबाड़ी भवन, शासकीय विद्यालय तथा पंचायत भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में आवश्यक गति लाई जाए तथा गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए।भ्रमण के दौरान ग्राम में इमली के पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर कलेक्टर ने ग्रामीणों से रूबरू बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति, नल-जल कनेक्शन, शौचालय निर्माण, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत डबरी निर्माण एवं भूमि समतलीकरण कार्य, बकरी शेड एवं गौशाला शेड जैसी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर ग्रामीणों की मांग पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने ग्राम में देवगुड़ी निर्माण की स्वीकृति प्रदान की तथा निर्माणाधीन पुल के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से अब अधिकांश घरों तक नल से जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है तथा पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास एवं शौचालय निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीण बेहद प्रसन्न नजर आए।ग्रामीणों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर ने आगामी शुक्रवार को ग्राम में विशेष आधार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। ग्राम पोंगाभेज्जी के पश्चात कलेक्टर ने सिरसट्टी, रवापारा एवं बड़ेसेट्टी ग्रामों का भी भ्रमण कर शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश प्रदान किए।मिशन कनेक्ट के माध्यम से जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ पहुँचे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास की प्रक्रिया को गति मिले।
- -अंत्योदय के कल्याण भावना के साथ अधिकारी पहुँचे गाँव-गाँव-शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत परखीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अंत्योदय की कल्याण एवं सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में सुकमा जिले में शुरू हुआ मिशन कनेक्ट का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से शासन और आमजन के बीच की दूरी को कम करते हुए प्रशासनिक अमला सीधे ग्राम पंचायतों तक पहुँचकर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन कर रहा है।जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान के तहत सुकमा विकासखंड की 33 ग्राम पंचायतों में एक साथ अधिकारियों ने दस्तक दी गई। कलेक्टर के नेतृत्व में जिला स्तरीय अधिकारियों ने प्रातः 10 बजे से ही निर्धारित पंचायतों में पहुँचकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की।अभियान के अंतर्गत स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों द्वारा बच्चों को प्रदत्त मध्यान्ह भोजन एवं पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, स्टॉक रजिस्टर तथा स्वच्छता का भी मुआयना किया गया। इसके साथ ही पंचायतों में संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति का अवलोकन कर गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।मैदानी भ्रमण के उपरांत तुंगल बांध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पंचायत से प्राप्त प्रतिवेदन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुँच सके। इस अवसर पर डीएफओ श्री अक्षय भोंसले, मिशन कनेक्ट के नोडल अधिकारी श्री रविशंकर वर्मा, जनपद पंचायत सीईओ सुश्री निधि प्रधान, एसडीपीओ श्री परमेश्वर तिलकवार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।यहां यह उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले में मिशन कनेक्ट के माध्यम से प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ सुदूर वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुँचे।
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रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से रविवार को यहां लोकभवन में वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन और कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने सौजन्य भेंट की।
- -ओवरलोड से राहत, अब 63 एमवीए का दूसरा ट्रांसफार्मर शुरूरायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश के परिपालन में महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को और अधिक स्थिर व भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड ने 132/33 केवी उपकेंद्र बागबाहरा में 40 एमवीए क्षमता वाले पुराने पावर ट्रांसफार्मर की जगह 63 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उसका ऊर्जीकरण कर दिया है। खास बात यह है कि यह इस उपकेंद्र का दूसरा 63 एमवीए ट्रांसफार्मर है।पहले यहां 63 एमवीए और 40 एमवीए के ट्रांसफार्मर लगे थे, जिससे कुल क्षमता 103 एमवीए थी। अब 40 एमवीए ट्रांसफार्मर को हटाकर 63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाए जाने से उपकेंद्र की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 126 एमवीए हो गई है। पिछले साल पीक लोड सीजन में यहां करीब 90 एमवीए तक लोड दर्ज किया गया था, जिससे ओवरलोड की स्थिति बनने लगी थी। नई क्षमता जुड़ने के बाद अब ओवरलोड की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहेगी।बागबाहरा उपकेंद्र को 132 केवी परसवानी और 132 केवी झलप से विद्युत आपूर्ति होती है। यहां से 33 केवी के नौ फीडरों क्रमशः बागबाहरा (महासमुंद), टेमरी, सुनसुनिया, गोयनबहरा, टाउन, तेंदुकोना, मुंगसेर और खलारी के माध्यम से 150 से अधिक गांवों में बिजली पहुंचाई जाती है। क्षेत्र में उन्नत खेती, कृषि आधारित उद्योगों और अन्य औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ रही है, ऐसे में क्षमता वृद्धि से इन सभी को सीधा लाभ मिलेगा।कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने नए ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण कर आपूर्ति प्रारंभ की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कंपनी अध्यक्ष श्री सुबोध कुमार सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश के पारेषण नेटवर्क को मजबूत करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। खासकर आदिवासी, वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षमता बढ़ने से अब क्षेत्र के किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।


























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