- Home
- छत्तीसगढ़
- --सेवा संकल्प अभियानदूर बिल्लमगढ़ तक पानी लाने की मजबूरी हुई खत्म, जल जीवन मिशन ने आसान किया ग्रामीण परिवार का जीवनरायपुर। गौरेला विकासखंड के वनांचल ग्राम करंगरा की रहने वाली भुलिया बाई के जीवन में जल जीवन मिशन के माध्यम से आया बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों में ‘हर घर जल’ के संकल्प की सार्थकता को सामने लाता है।कुछ समय पहले तक भुलिया बाई के परिवार के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करना रोजमर्रा की बड़ी चुनौती थी। पानी लेने के लिए उन्हें गांव से दूर बिल्लमगढ़ तक उबड़-खाबड़ रास्तों से होकर जाना पड़ता था। पानी लाने में समय और मेहनत दोनों लगते थे। घरेलू जिम्मेदारियों के साथ दूर से पानी लाने की जिम्मेदारी विशेष रूप से उनके लिए परेशानी और शारीरिक थकान का कारण बनती थी।जल जीवन मिशन के तहत घर में नल कनेक्शन स्थापित होने के बाद भुलिया बाई के परिवार की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें पानी के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। घर की देहरी पर नल खुलते ही पेयजल उपलब्ध हो जाता है। इससे परिवार के समय और श्रम की बचत हो रही है तथा दैनिक जीवन पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक हुआ है।भुलिया बाई कहती हैं कि पहले पानी के लिए दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब घर में ही नल से पानी मिल जाता है। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है।प्रधानमंत्री के ‘हर घर जल’ के संकल्प से जुड़ी पहल है जल जीवन मिशनजल जीवन मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को की थी। मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नियमित और दीर्घकालिक आधार पर पर्याप्त मात्रा में निर्धारित गुणवत्ता का पेयजल घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से उपलब्ध कराना है। यह योजना केन्द्र और राज्य सरकारों की साझेदारी में संचालित होती है, जिसमें केन्द्र सरकार राज्यों को तकनीकी एवं वित्तीय सहायता प्रदान करती है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जल जीवन मिशन को ग्रामीण परिवारों के जीवन को आसान बनाने और विशेष रूप से महिलाओं को दूर से पानी लाने की मेहनत से राहत दिलाने से जोड़ा है। केन्द्र सरकार के अनुसार मिशन के आरंभ के समय अगस्त 2019 में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 3.23 करोड़ परिवारों के पास नल कनेक्शन था। 28 जनवरी 2026 तक यह संख्या बढ़कर 15.79 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुंच गई थी।महिलाओं के समय और श्रम की बचत से बढ़ी जीवन की सुविधाभुलिया बाई की कहानी बताती है कि घर तक नल से पानी पहुंचने का असर केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। दूर से पानी लाने में लगने वाला समय और श्रम बचने से परिवार के दैनिक कार्यों के लिए अधिक समय उपलब्ध हो रहा है। स्वच्छ पेयजल की सहज उपलब्धता से परिवार के जीवन में सुविधा और सम्मान की भावना भी बढ़ी है।जल जीवन मिशन के तहत देशभर में ग्रामीण परिवारों तक नल से पेयजल पहुंचाने का प्रयास ग्रामीण जीवन में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जल जीवन मिशन के तहत देश में 15.91 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की आपूर्ति पहुंच चुकी है।सेवा संकल्प अभियान में सामने आई बदलाव की कहानीसेवा संकल्प अभियान के दौरान सामने आई भुलिया बाई की कहानी इस बात का उदाहरण है कि जब जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका सीधा असर उनके दैनिक जीवन पर दिखाई देता है। कभी पानी के लिए दूर तक जाना पड़ता था, वहीं अब घर की देहरी पर नल से पानी उपलब्ध हो रहा है।भुलिया बाई के लिए घर में नल से पानी पहुंचना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कठिनाई से मिली राहत और जीवन को अधिक सहज बनाने वाला बदलाव है। ‘हर घर जल’ के संकल्प के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंच रही इस सुविधा से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं के समय और श्रम की बचत हो रही है।
- जल संसाधन विभाग की 25 वर्षों की विकास यात्रा ने बदली कृषि की तस्वीर, 4,458 हेक्टेयर से बढ़कर 25,936 हेक्टेयर हुई सिंचाई क्षमतारायपुर/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जल संसाधन विभाग की 25 वर्षों की विकास यात्रा ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र में आए महत्वपूर्ण बदलावों को रेखांकित करती है। राज्य निर्माण के बाद जिले में सिंचाई अधोसंरचना के विस्तार से सिंचाई क्षमता 4,458 हेक्टेयर से बढ़कर वर्ष 2026 में 25,936 हेक्टेयर हो गई है।राज्य गठन के समय सीमित थीं सिंचाई सुविधाएंराज्य गठन के समय जिले में जल संसाधन अधोसंरचना सीमित थी। 1 नवंबर 2000 से पूर्व जिले में कुल 28 जल संसाधन परियोजनाएं निर्मित थीं। इनमें 17 जलाशय, 4 व्यपवर्तन योजनाएं, 2 स्टॉप डेम और 5 एनीकट शामिल थे। इन परियोजनाओं से मात्र 4,458 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो पाती थी। सिंचाई के सीमित साधनों के कारण कृषि मुख्यतः मानसूनी वर्षा पर निर्भर थी।25 वर्षों में 57 नई परियोजनाओं का निर्माणराज्य गठन के पश्चात जल संसाधन विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया। पिछले 25 वर्षों में जिले में 57 नई जल संसाधन परियोजनाओं का निर्माण पूर्ण किया गया। पूर्व की 28 परियोजनाओं और नई 57 परियोजनाओं को मिलाकर जिले में कुल 85 जल संसाधन योजनाओं का आधार तैयार हुआ है।पुरानी नहरों के जीर्णाेद्धार और विस्तार के साथ दूर-दराज के खेतों तक पानी पहुंचाने के प्रयास किए गए। कम पानी में अधिक क्षेत्र में सिंचाई के लिए माइक्रो एवं लिफ्ट इरिगेशन को बढ़ावा दिया गया। सोलर पंप और डिजिटल तकनीक के उपयोग से जल वितरण की निगरानी जैसे नवाचार भी किए गए। इसके साथ ही नदियों के संरक्षण, एनीकट निर्माण और भू-जल संवर्धन की दिशा में भी कार्य किया गया।4,458 से बढ़कर 25,936 हेक्टेयर हुई सिंचाई क्षमताजल संसाधन विभाग के प्रयासों का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम जीपीएम की सिंचाई क्षमता में दिखाई देता है। राज्य गठन के समय जहां 4,458 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई संभव थी, वहीं वर्ष 2026 तक यह क्षमता बढ़कर 25,936 हेक्टेयर हो गई है। इस प्रकार 25 वर्षों में सिंचाई क्षमता में 21,476 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि राज्य गठन के समय की तुलना में छह गुना से अधिक है।सिंचाई के विस्तार से कृषि को मिला नया आधारसिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि की तस्वीर में बदलाव आया है। खेतों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को स्थानीय स्तर पर कृषि गतिविधियों को आगे बढ़ाने और बहुफसलीय खेती की दिशा में बढ़ने का अवसर मिला है। सिंचाई का दायरा बढ़ने से कृषि उत्पादन में सुधार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।जीपीएम जिले की प्रमुख जल संरचनाओं में ग्राम देवरगांव का मलनिया जलाशय, ग्राम आंदुल का जोगीडोंगरी जलाशय तथा ग्राम बनझोरका का एनीकट शामिल हैं। ये जल संरचनाएं जिले में विकसित जल अधोसंरचना और जल संरक्षण के प्रयासों को प्रदर्शित करती हैं।जल प्रबंधन में आधुनिक तकनीक और संरक्षण पर जोरजीपीएम में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ जल के बेहतर उपयोग और संरक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। माइक्रो एवं लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप तथा डिजिटल तकनीक के उपयोग से जल प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। नदियों के संरक्षण, एनीकट निर्माण और भू-जल संवर्धन जैसे प्रयास जल की उपलब्धता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।जल संरचनाओं के निर्माण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का सीधा संबंध खेतों में पानी की उपलब्धता, कृषि गतिविधियों के विस्तार और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक संभावनाओं से है। जिले में सिंचाई क्षमता का 4,458 हेक्टेयर से बढ़कर 25,936 हेक्टेयर होना इस दीर्घकालीन प्रयास का महत्वपूर्ण परिणाम है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन में जल, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती को महत्वपूर्ण आधार माना गया है। इसी व्यापक दृष्टि के अनुरूप जल संसाधनों का बेहतर उपयोग, सिंचाई अधोसंरचना का विस्तार और आधुनिक तकनीक का समावेश ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का जोर भी प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और किसानों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने पर है। जीपीएम में जल संसाधन विभाग की उपलब्धियां इस दिशा में जिले में हुए अधोसंरचनात्मक विस्तार को दर्शाती हैं।नई योजनाओं से सिंचाई क्षमता में और विस्तार की उम्मीदजिले में वर्तमान में भी कई नई सिंचाई योजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनके पूर्ण होने के बाद सिंचाई क्षमता में और विस्तार होगा। इससे कृषि क्षेत्र को अतिरिक्त आधार मिलेगा और जल प्रबंधन की अधोसंरचना और मजबूत होगी। जल संसाधन विभाग की 25 वर्षों की यह यात्रा केवल जल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खेतों तक पहुंचते पानी, बढ़ती कृषि संभावनाओं, ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों की विकास गाथा भी है। गौरेला पेन्ड्रा मरवाही जिले की यह उपलब्धि जल संरक्षण, सिंचाई विस्तार और जनकल्याण को विकास के साथ जोड़ने की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती है।
- 0- चौपाटी मे होग़ा जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन,सवा लाख दीयों से जगमग होग़ा चौपाटी0- कलेक्टर -एसपी ने तैयारियों का लिया जायजा,चाक-चौबंद व्यवस्था के निर्देशबलौदाबाजार. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निर्बाध जनसेवा और समर्पण काल के पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक जिले मे सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। 'सेवा संकल्प अभियान' का भव्य शुभारंभ 17 सितम्बर को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम से होगी।बलौदाबाजार स्थित चौपाटी पर जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहाँ संध्या 7: बजे से सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन होगा। कलेक्टर कुलदीप शर्मा,एसपी गौरव राय एवं नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन ने बुधवार को चौपाटी मे आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया।उन्होंने उपस्थित अधिकारियो को दीप प्रज्ज्वलन हेतु समय पर सभी आवश्यक तैयारी,पार्किंग,फायर ब्रिगेड,एम्बुलेंस आदि की तैनाती सीनिश्चि करने के निर्देश दिए।चौपाटी मे आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम मे दीप प्रज्जवलन हेतु जलाशय के फुटपाथ मे 20 सेक्टर बनाए गए है जिसे अलग -अलग विभागों को दीप प्रज्जवलित करने हेतु आवंटित किया गया है। चौपाटी मे अपरान्ह 4 बजे से आर्केस्ट्रा टीम द्वारा संगीतमय भजन की प्रस्तुति होगी । मुख्य अतिथि के आगमन पश्चात संध्या 7 बजे एक साथ सवा लाख दीप प्रज्जवलित किये जायेंगे एवं विकसित भारत 2047 का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।एक साथ लगभग सवा लाख दीपो की रोशनी से चौपाटी का खूबसूरत नजारा देखने को मिलेगा।यह आयोजन न केवल बीते 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है, बल्कि वर्ष 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आम जनता को एकजुट करने का एक सशक्त प्रयास भी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा संपूर्ण जिले में लगभग 11 लाख दीये प्रज्ज्वलित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।इसमें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी अपने-अपने घरों में 'आशीर्वाद का दीया' जलाकर इस महाभियान का हिस्सा बनेंगे। इसके साथ ही सभी ग्राम पंचायतों,शासकीय भवनों,कार्यालयों मे भी सामूहिक रूप से दीये जलाये जायेंगे।सेवा और समर्पण की प्रेरक कहानियां पहुंचेंगी जन-जन तक- सेवा संकल्प अभियान के दौरान नमो सेवा-अनकही कहानियां पहल के अंतर्गत स्कूल एवं कॉलेजों मे नुक्कड़ नाटक प्रस्तुतियों के माध्यम से सेवा और समर्पण की प्रेरक कहानियों को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा के अंतर्गत राष्ट्रव्यापी चित्र एवं आलेख प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को विकसित भारत के सपने, रचनात्मक अभिव्यक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ा जाएगा।जनभागीदारी से सेवा का संकल्प-सेवा मेरा योगदान पहल के माध्यम से नागरिकों और विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता से सेवा कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल के जरिए प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर समाज और राष्ट्र के लिए योगदान देने का अवसर मिलेगा।25 सितंबर से 07 अक्टूबर तक आंगन मिलन सेवा के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में सामुदायिक सहभागिता, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य तथा पोषण से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके माध्यम से समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए महिला एवं बाल विकास से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी।7 अक्टूबर को सेवा ज्योति कलश यात्रा का आयोजन किया जाएगा।29 सितंबर को सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम के माध्यम से आभार और संकल्प के रंगों के साथ नागरिकों को अभियान से जोड़ा जाएगा। चयनित नगरों के साथ घर-घर तक इस पहल को पहुंचाया जाएगा।09 अक्टूबर को सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के अंतर्गत नवाचार से संबंधित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य युवाओं और प्रतिभागियों को नवाचार, रचनात्मकता और समाधान आधारित सोच के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नए विचारों और नवाचारों को प्रोत्साहन मिलेगा।अभियान की पूरी अवधि में जल जन सेवा संकल्प के तहत जल संरक्षण और जल संसाधनों के प्रति जनजागरूकता तथा सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण को जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए नागरिकों को जल संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा।17 अक्टूबर 2026 को सुशासन सेवा संवाद के साथ सेवा संकल्प अभियान का समापन होगा। जनकल्याण का महामंच, पंचायत से संसद तक की अवधारणा पर आधारित इस कार्यक्रम में सुशासन, जनकल्याण और सेवा से जुड़े विषयों पर संवाद किया जाएगा। अभियान के दौरान प्राप्त अनुभवों, जनभागीदारी और सेवा कार्यों को साझा करते हुए आगे भी सेवा एवं सुशासन की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा।
- बलौदाबाजार. कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कुलदीप शर्मा ने बुधवार को राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में ईव्हीएम वेयर हाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। उन्होंने ईव्हीएम क़क्ष की साफ- सफाई एवं एंटीटर्माईट उपचार हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।जिला निर्वाचन अधिकारी एवं राजनैतिक दल के प्रतिनिधियों ने उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करने के उपरांत वेयर हॉउस के 5 कक्षों में रखे गए ईव्हीएम का बारी -बारी से निरीक्षण किया। इस दौरान साफ -सफाई एवं सीपेज़ की समस्या दूर करने के निर्देश अधिकारियो को दिये गए। इसके पश्चात् सीसीटीवी मॉनिटरिंग रूम में सीसीटीवी कैमरो के फीड एवं टाइमिंग का भी अवलोकन किया गया।इस दौरान पुलिस अधीक्षक गौरव राय, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी निशा नेताम मड़ावी, इंडियन नेशनल कांग्रेस पार्टी से लखेश साहू, भारतीय जनता पार्टी से नरेश केसरवानी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ पार्टी से सुशील बंजारे मौजूद थे।
- दंतेवाड़ा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में जनभागीदारी और सेवा भावना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर को दीपों से रोशन करने की अभिनव पहल की जाएगी। दीपों की रोशनी से पूरा माँ दंतेश्वरी परिसर जगमगाएगा और आस्था, सेवा एवं जनभागीदारी का भव्य संदेश देगा। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जिलेवासियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं एवं विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। बड़ी संख्या में दीप प्रज्वलित कर जिले की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा।माँ दंतेश्वरी की पावन नगरी दंतेवाड़ा में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत माँ दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में 25,000 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। यह आयोजन आस्था, सेवा एवं सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगा। इस अवसर पर नगर के समस्त श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर माँ दंतेश्वरी के चरणों में श्रद्धा का दीप प्रज्वलित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें। सामूहिक रूप से प्रज्वलित होने वाले हजारों दीप दंतेवाड़ा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक गौरवान्वित करेंगे। इस संबंध में नगर वासियों से आग्रह है कि इस पावन अवसर पर सहभागी बनकर “आस्था का दीप, सेवा का संकल्प” के साथ कार्यक्रम को सफल बनाएं तथा माँ दंतेश्वरी का आशीर्वाद प्राप्त करें।
- दंतेवाड़ा। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। गीदम निवासी गीता कश्यप ने बताया कि वे जय दंतेश्वरी माँ महिला समूह की सदस्य हैं। समूह से जुड़कर वे महिलाओं के साथ मिलकर आजीविका एवं सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता कर रही हैं। गीता कश्यप ने बताया कि उनके परिवार को शासन द्वारा प्राथमिकता राशन कार्ड के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न प्राप्त हो रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत उन्हें प्रत्येक माह 35 किलो राशन दिया जाता है। इससे परिवार की खाद्य संबंधी जरूरतें पूरी करने में काफी मदद मिल रही है और घरेलू खर्च का बोझ भी कम हुआ है।उन्होंने कहा कि नियमित रूप से मिलने वाला निःशुल्क राशन उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा है। शासन की इस पहल से जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है। गीता कश्यप ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अपने दैनिक जीवन में काफी राहत मिल रही है।
- दंतेवाड़ा। जिले में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन 19 से 22 सितम्बर तक किया जाएगा। प्रतियोगिता में सॉफ्टबॉल एवं कबड्डी के मुकाबले होंगे। सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता बालक एवं बालिका 14 वर्ष आयु वर्ग में तथा कबड्डी प्रतियोगिता बालक एवं बालिका 17 वर्ष आयु वर्ग में आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह 19 सितम्बर को प्रातः 10 बजे शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान एवं इंडोर स्टेडियम, दंतेवाड़ा में आयोजित होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप होंगे। प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले छात्र-छात्राएं अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।इसके प्रतियोगिता का समापन समारोह 22 सितम्बर को प्रातः 11 बजे आयोजित किया जाएगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप होंगे। चार दिवसीय प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच विभिन्न खेल मुकाबले आयोजित होंगे। जिला प्रशासन एवं खेल विभाग द्वारा प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
- दंतेवाड़ा। सेवा संकल्प अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए सेवा सेतु के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम मसेनार निवासी विद्यार्थी कमलू अतरा ने सेवा सेतु के माध्यम से अपना आय प्रमाण पत्र बनवाया है। कमलू अतरा ने बताया कि वह कक्षा 10वीं में अध्ययनरत है और वर्तमान में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास भाँसी में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए छात्रवृत्ति उसके लिए पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण सहारा है। छात्रवृत्ति के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आय प्रमाण पत्र की जरूरत थी। सेवा सेतु के माध्यम से आय प्रमाण पत्र बनने से उसके लिए छात्रवृत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हो गई है।कमलू ने बताया कि सेवा सेतु जैसी सुविधा से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ती। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान के तहत उपलब्ध कराई जा रही इस सुविधा के लिए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को शिक्षा से जुड़े रहने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो रहे हैं।
- महासमुंद. कृषि के देवता भगवान श्री बलराम की जयंती के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर, महासमुंद द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत महासमुंद की अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान शामिल हुई तथा अध्यक्षता जिला पंचायत महासमुंद उपाध्यक्ष श्री भीखम सिहं ठाकुर ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अध्यक्ष भारतीय किसान संघ महासमुंद श्री कुबेर गिरी गोस्वामी, जिला उपाध्यक्ष भारतीय किसान संघ श्री बृजलाल साव, जिला प्रमुख बीज आयाम श्री संजय चन्द्राकर, ब्लाक अध्यक्ष महासमुंद श्री शत्रुघन साहू, जिला कार्यालय प्रमुख श्री राजेन्द्र वैष्णव, सरपंच ग्राम पंचायत भलेसर श्री सेवाराम कुर्रे सहित कार्यक्रम के आयोजक वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, भलेसर डाॅ आर एल शर्मा एवं उपसंचालक कृषि श्री फागुराम कश्यप एवं बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों द्वारा भगवान श्री बलराम के पूजा अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 120 किसानों ने सहभागिता दी। मुख्य अतिथि जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान ने कहा कि वर्तमान समय में केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि कृषि आधारित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आय में वृद्धि करना भी आवश्यक है। किसानों को कृषि के साथ साथ पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं कृषि आधारित उद्यमों को अपनाने के लिये प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान डाॅ आर. एल शर्मा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख ने दलहन, तिलहन कृषि की उपयोगिता, मृदा स्वास्थ्य, उन्नत कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, समसामयिक कृषि समस्याओं तथा कृषि आधारित आय के विभिन्न स्त्रोतों पर जानकारी दी।इसके पश्चात् उप संचालक कृषि, श्री फागूराम कश्यप के द्वारा आत्मनिर्भरता दलहन मिशन योजनांतर्गत भारत में दलहन एवं तिलहन फसल को बढ़ाने और आयात पर निर्भरता को कम करने हेतु विभागीय योजनाओं की जानकारी कृषकों के बीच साझा की। उन्होंने बताया कि जिले में गत वर्ष खरीफ में 8901 हेक्टेयर एवं रबी में 6423 हेक्टेयर दलहन का रकबा किया गया है तथा इस वर्ष खरीफ 2026 में 9120 हेक्टेयर का लक्ष्य दिया गया है एवं लगातार रकबे में विस्तार किया जा रहा है।इस अवसर पर किसानों के साथ प्रश्नोत्तरी एवं संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया जिसमें किसानों ने अपनी कृषि समस्याओं को विशेषज्ञों के समक्ष रखा एवं कृषि विशेषज्ञों ने उन समस्याओं का तकनीकी समाधान एवं आवश्यक सुक्षाव प्रदान किए। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा किसानों से वैज्ञानिक कृषि को अपनाने तथा उपलब्ध कृषि तकनीकों का अधिकतम लाभ उठाकर सतत कृषि विकास एवं किसान कल्याण में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. साकेत दुबे, विषय वस्तु विशेषज्ञ (उद्यानिकी) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ जिला महासमुंद के सदस्य, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, महासमुंद एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में कृषकों को लगभग 500 नग नींबू, आंवला, आम, जामुन, कटहल, बेल एवं अन्य फलदार पौधे का वितरण किया गया।
- महासमुंद / राज्य शासन द्वारा संकल्प सेवा अभियान के तहत आज 17 सितम्बर को आयोजित होने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के लिए लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी विशिष्ट गणमान्य नागरिक के रूप में उपस्थित रहेंगी। इस अवसर पर विधायकगण, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक मौजूद रहेंगे। सेवा, समर्पण, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान के तहत आज महासमुंद जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जाएगा। जिलेभर में शाम 7 बजे एक साथ करीब 6 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर नागरिकों ने सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सामूहिक संकल्प व्यक्त किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा से जुड़े इस आयोजन में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनभागीदारी के लिए अपील की गई है।
- 0 - 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होगा सेवा संकल्प अभियानराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों में संचालित कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की जानकारी लेते हुए सभी नोडल अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितम्बर को शाम 7 बजे आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके तहत शहर के ऐतिहासिक रानी सागर तालाब, बुढ़ासागर तालाब एवं शीतला मंदिर परिसर में एक लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। वहीं मां बम्लेश्वरी मंदिर परिसर डोंगरगढ़ में लगभग 51 हजार दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा एवं आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। सेवा संकल्प अभियान के दौरान एक माह तक विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।कलेक्टर ने सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए ई-ऑफिस के माध्यम से प्राप्त फाइलों का निर्धारित समय-सीमा में परीक्षण एवं निराकरण सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने कहा। शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करते हुए पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर आवेदकों को समय पर राहत उपलब्ध कराने कहा।राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करें -कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने तथा लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि जनसामान्य से जुड़े राजस्व प्रकरणों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। शासकीय भूमि पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध लगातार कार्रवाई करने तथा अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।पीएम सूर्यघर योजना के कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश-कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए प्राप्त आवेदनों का शीघ्र परीक्षण करने तथा पात्र हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापना का कार्य तेजी से पूर्ण कराने कहा। उन्होंने वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से सूर्यघर सभाएं आयोजित कर योजना के संबंध में व्यापक जनजागरूकता लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकों को बैंक प्रोसेसिंग की प्रक्रिया सरल बनाते हुए आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने कहा, ताकि हितग्राहियों की ऋण प्रक्रिया समय पर पूर्ण हो सके।कलेक्टर ने बताया कि जिले में अब तक 6 हजार हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। योजना से हितग्राही ऊर्जा उत्पादक बनने के साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादन के माध्यम से आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता से करें -कलेक्टर ने ग्रामीण सड़कों पर टोल टैक्स बचाने के लिए बड़े एवं भारी वाहनों के आवागमन से सड़कों को हो रहे नुकसान को गंभीरता से लेते हुए ऐसे वाहनों के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त एवं गड्ढों वाली सड़कों पर पेंचवर्क एवं मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराने कहा। आगामी गणेश पूजा एवं दुर्गा पूजा को ध्यान में रखते हुए नगरीय क्षेत्रों की सड़कों का पेंचवर्क प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।सीईओ जिला पंचायत श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, पीजी पोर्टल एवं कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री जीआर मरकाम सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के नचिकेत तांडी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय शालेय फेंसिंग प्रतियोगिता में दो गोल्ड मेडल जीता है। बलौदाबाजार जिले के कसडोल में हुई शालेय फेंसिंग स्पर्धा में नचिकेत ने सेबर एकल इवेंट और सेबर टीम इवेंट में अपने प्रतिद्वंद्वियों को परास्त करके दो केटेगरी में विजेता होने का गौरव हासिल किया है। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, उपाध्यक्ष गीता दलाल, सचिव चेतन गोविंद दंडवते सहित समस्त कार्यकारिणी, प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने टीचर स्टाफ सहित नचिकेत को फेंसिंग स्पर्धा में मिली इस सफलता को शाला और महाराष्ट्र मंडल के लिए बड़ी उपलब्धिपूर्ण बताया। उन्हें सभी ने फेंसिंग स्पर्धा में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने और भारत देश का प्रतिनिधित्व करते हुए वहां भी कामयाबी के झंडे गाड़ने का आशीर्वाद दिया।
- 0- महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव के दूसरे दिन संत ज्ञानेश्वर सभागृह में हिंदी नाटक देखने रंगप्रेमी दर्शकों की उमड़ी भीड़रायपर। पुरानी हवेली में चौकीदार और उसकी बेटी का भजन ‘कर्मों का हिसाब होकर रहेगा’ पर नृत्य, मूसलाधार बारिश, बादल का गर्जन और बारिश के बीच कहीं दूर से आवाज सुनाई देती है... हवेली में नरकंकाल मिला है, नर कंकाल..। फिर नेपथ्य में शुरू होता है लोगों में चर्चा, अटकलों का दौर…। इस बीच मंच पर अंधेरा दिखाई देता है, जहां एक कोने में झूले वाली चेयर पर जज के लिबास में बैठे एक वृद्ध आदमी की आवाज गूंजती है... घबराइए नहीं, आप लोग सही पहचान रहे हैं, मैं मृत केएल माथुर ही हूं और फिर शुरू होता है 45 मिनट का थ्रिलर ड्रामा...।बात हो रही है हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की, जिसका मंचन मंगलवार शाम 7:30 बजे महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर स्मृति रंगमंच पर किया गया। मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दूसरे दिन पवन ओगले लिखित और आचार्य रंजन मोड़क निर्देशित हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की केंद्रीय भूमिका में मृत जज की भूमिका में आचार्य चेतन गोविंद दंडवते प्रभावशाली अभिनय करते दिखे। फॉरेंसिक एक्सपर्ट पवन ओगले, सहायक अक्षदा मातुरकर, मंत्री जी रविंद्र ठेंगड़ी, वकील समीर टल्लू, डॉक्टर भारती पलोसकर, इंस्पेक्टर विनोद राखुंडे ने बेहतरीन टाइमिंग और डायलॉग डिलीवरी के साथ पूरे समय दर्शकों को बांधे रखते हैं। लोग अनुराधा के कत्ल के तफ्तीश करीब से होते देखते हैंऔर उनके बीच नाटक के अंतिम दृश्य तक अनुराधा का खून आखिर किसने किया, वाला सस्पेंस बना रहता है। अंत में कातिल का पता चलते ही सभी भौंचक रह जाते हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक के माध्यम से नाटक को और भी रहस्यमयी, रोचक बनाने के लिए अस्मि जैन के साथ चैतन्य मोडक ने खासी मेहतन की है। गौरव वर्मा व लोकेश साहू का प्रकाश संयोजन, प्रवीण क्षीरसागर, अजय पोतदार की मंच सज्जा, रंगभूषा दिनेश धनगर और नेपथ्य में प्रकाश गुरव व नानक गहलोत की मेहनत दिखती है।छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर नाटक देखने के लिए सपत्नीक पहुंचे थे। वहीं बतौर विशेष अतिथि सीएसपी एंटी करपक्शन ब्यूरो राजेश चौधरी ने नाटक की सराहना की। अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बेहद सीमित समय में गणेशोत्सव के लिए तैयार किए गए नाटक जस्टिस की बेहतरीन प्रस्तुति के लिए बधाई दी।
- राजनांदगांव। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत रबी 2025-26 में फसल बीमा कराने वाले कुछ किसानों की दावा भुगतान राशि विभिन्न बैंकिंग एवं खाता संबंधी कारणों से उनके बैंक खातों में जमा नहीं हो पा रही है। जिले में ऐसे कुल 5412 आवेदन लंबित व प्रक्रियाधीन हैं। विकासखंडवार लंबित व प्रक्रियाधीन आवेदनों में राजनांदगांव से 1545, डोंगरगढ़ से 2290, डोंगरगांव से 603, लाल बहादुर नगर से 829 तथा छुरिया से 145 आवेदन शामिल हैं। बीमा कंपनी द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुसार दावा भुगतान में आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित किसानों से आवश्यक बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त की जा रही है। ऐसे किसान अपने आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक के प्रथम एवं अंतिम पृष्ठ की फोटोकॉपी, जिस पर बैंक की सील, हस्ताक्षर एवं आईएफएसडी कोड स्पष्ट रूप से अंकित हो, अपने निकटतम वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करने कहा गया है। यदि किसान का पूर्व बैंक खाता बंद अथवा निष्क्रिय हो गया है, तो संबंधित बैंक से संपर्क कर सक्रिय एवं आधार-लिंक बैंक खाते की जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। वहीं बीमित किसान की मृत्यु होने की स्थिति में नामिनी व कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेज-मृत्यु प्रमाण-पत्र, उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र एवं संबंधित निर्धारित प्रपत्र जमा करना अनिवार्य होगा।कृषि विभाग द्वारा प्राप्त सभी जानकारी का संकलन कर संबंधित बीमा कंपनी को प्रेषित किया जाएगा, ताकि पात्र किसानों के लंबित दावा भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण कर किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाया जा सके। कृषि विभाग द्वारा लंबित दावा भुगतान के निराकरण की कार्रवाई समय पर पूर्ण करने के लिए पात्र किसानों से आवश्यक दस्तावेज शीघ्र अपने निकटतम वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में जमा करने की अपील की गई है।
- 0- “छत्तीसगढ़ में दलहन, तिलहन एवं प्राकृतिक खेती” विषय पर किसानों, वैज्ञानिकों एवं नीति-निर्माताओं ने साझा किए विचाररायपुर। भारतीय कृषि परंपरा में भगवान श्री बलराम जी का विशेष स्थान है। भगवान बलराम को हल एवं कृषि के प्रतीक के रूप में स्मरण किया जाता है। उनके हाथों में सुशोभित हल किसान के श्रम धरती से उसके गहरे संबंध और कृषि संस्कृति का प्रतीक है। भगवान बलराम जयंती किसान के परिश्रम, कृषि के महत्व तथा धरती और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराती है। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भगवान बलराम दिवस को प्रदेश में किसान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इसी क्रम में स्वामी विवेकानंद सभागार, कृषि महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में “भगवान श्री बलराम जयंती-किसान दिवस” के अवसर पर “छत्तीसगढ़ में दलहन, तिलहन एवं प्राकृतिक खेती” विषय पर राज्य स्तरीय कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह आयोजन कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग एवं महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के माननीय कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम थे। कार्यक्रम में तीनों विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें डॉ. गिरिश चंदेल, कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर डॉ. आर.आर.बी. सिंह, कुलपति दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग तथा डॉ. रवि रतन सक्सेना, कुलपति महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग शामिल रहे। इसके साथ ही श्री राहुल देव, संचालक कृषि, छत्तीसगढ़ शासनय श्री सुरेश चंद्रवंशी, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषदय श्री राजेंद्र नायक, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंकय सहित कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।भगवान बलराम के कृषि संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वानकार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी ने भगवान बलराम जी के कृषि स्वरूप एवं उनके प्रतीकात्मक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हल जुताई का प्रतीक है, जबकि मूसल कृषि उपज के प्रसंस्करण एवं उसके स्वरूप को बदलने का प्रतीक है। उन्होंने नहर एवं नाली के विस्तार को भी भगवान बलराम जी से जुड़े कृषि योगदान के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बलराम जयंती का अर्थ केवल भगवान बलराम जी की पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके कृषि एवं श्रम से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यदि किसान, वैज्ञानिक, कृषि विभाग एवं समाज के सभी वर्ग मिलकर कार्य करें तो छत्तीसगढ़ को कृषि के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया जा सकता है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि प्रदेश में भगवान बलराम दिवस को किसान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने भगवान बलराम जी के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस युग में लोग अस्त्र-शस्त्र के स्थान पर हल और मूसल लेकर चलते थे, वह कृषि एवं श्रम की महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न प्रकार की फसलों की खेती की जा रही है और प्रदेश के किसान प्राकृतिक खेती के माध्यम से भूमि की रक्षा की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। कृषि मंत्री ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विचार करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और उनके उपयोग का अधिकार सभी का है। इसलिए इनका उपयोग संतुलित एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने जल संसाधनों के अत्यधिक दोहन की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि एक ओर जल का दोहन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर किसानों एवं आम लोगों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के दुरुपयोग के कारण नदियां और नाले सूखते जा रहे हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल दिलाने के लिए कृषि उपज का सही एवं उचित मूल्य उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया।संचालक कृषि श्री राहुल देव ने कृषि क्षेत्र में विगत वर्षों में हासिल उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि देश में दलहन एवं तिलहन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए आयात करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में प्रदेश में इन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने किसानों को दलहन एवं तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करते हुए बताया कि धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती करने पर किसानों को रू.15,000 प्रति एकड़ की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री दलहन-तिलहन अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इसके अंतर्गत किसान अपनी दलहन एवं तिलहन उपज को निकटस्थ केंद्रों पर बेच सकते हैं तथा अभियान के लिए रू. 1,500 करोड़ के प्रावधान की जानकारी दी। श्री राहुल देव ने किसानों से मिलेट्स की खेती को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया, ताकि कृषि विविधीकरण के साथ-साथ लोगों को पौष्टिक खाद्य उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर की सुविधा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किसान इन केंद्रों से कृषि यंत्र एवं उपकरण किराये पर लेकर अपनी कृषि लागत एवं श्रम संबंधी समस्याओं को कम कर सकते हैं। उन्होंने वाटरशेड परियोजनाओं के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी। संचालक कृषि ने कहा कि लंबे समय तक रासायनिक खेती किए जाने से भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ अधिक से अधिक किसानों को इसके लिए प्रशिक्षित एवं जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से कृषि में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा खेती की ऐसी पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया, जिनसे भूमि की उत्पादकता एवं कृषि की स्थिरता बनी रहे। भारतीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष श्री आलोक सिंह ठाकुर ने प्राकृतिक खेती के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले समय में विश्व स्तर पर प्राकृतिक खेती से प्राप्त कृषि उत्पादों का एक बड़ा बाजार विकसित हो सकता है। उन्होंने गौरेला-पेंड्रा क्षेत्र में लगभग 25,000 हेक्टेयर भूमि में विष्णुभोग चावल की प्राकृतिक खेती किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने किसानों से पशुधन को बढ़ावा देने का आह्वान किया और कहा कि पशुधन खेती का महत्वपूर्ण पूरक है तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को आगे बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की तकनीकों से प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें इसके व्यावहारिक पहलुओं एवं तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाना आवश्यक है, ताकि वे इसे प्रभावी रूप से अपने खेतों में अपना सकें। संगोष्ठी में प्राकृतिक खेती के मूल सिद्धांत, गोपालन, जैविक खाद एवं जैविक सामग्री निर्माण, खरपतवार नियंत्रण, प्रमाणीकरण तथा प्राकृतिक खेती से प्राप्त उपज की मार्केटिंग जैसे विषयों को तकनीकी सत्रों में शामिल किया गया।कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ में दलहन की खेती एवं क्षेत्रीय अनुशंसाएं, तिलहन की खेती एवं क्षेत्रीय अनुशंसाएं, दलहन एवं तिलहन में पौध संरक्षण, जैविक खाद, प्राकृतिक खेती के मूल सिद्धांत एवं गोपालन तथा प्राकृतिक खेती में खरपतवार नियंत्रण जैसे विषय शामिल रहे।तकनीकी सत्र में डॉ. दीपक चंद्राकर, डॉ. नंदन मेहता, डॉ. वाय.के. मेघम, डॉ. तपस चैधरी, डॉ. गौतम राय एवं डॉ. नितिश तिवारी ने संबंधित विषयों पर किसानों को जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया। द्वितीय तकनीकी सत्र में प्राकृतिक खेती के व्यावहारिक अनुभवों एवं तकनीकों पर चर्चा की गई। इसमें विगत तीन वर्षों से प्राकृतिक खेती करने के अनुभव, डी.डी. किसान द्वारा तैयार डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन, प्राकृतिक खेती में जैविक सामग्री तैयार करने की विधि तथा प्राकृतिक खेती प्रमाणीकरण एवं उपज मार्केटिंग जैसे विषय शामिल रहे। इस सत्र में श्री आम प्रकाश सेन, श्री ईश्वरी साहू एवं डॉ. गौतम राय द्वारा संबंधित विषयों पर जानकारी दी गई।इस राज्य स्तरीय कृषक संगोष्ठी की विशेषता यह रही कि इसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुरय दाऊ वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, दुर्ग तथा महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, दुर्ग ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। तीनों विश्वविद्यालयों की सहभागिता से कृषि, पशुधन एवं उद्यानिकी से संबंधित विशेषज्ञता को किसानों तक पहुंचाने के लिए एक व्यापक मंच उपलब्ध हुआ। संगोष्ठी में फसल विविधीकरण, दलहन एवं तिलहन उत्पादन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, पशुधन आधारित कृषि, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण, कृषि यंत्रीकरण, प्रमाणन एवं बाजार व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। तकनीकी सत्रों के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम की निर्धारित समय-सारणी में प्रथम तकनीकी सत्र प्रातः 11ः00 से 12ः30 बजे तक तथा द्वितीय तकनीकी सत्र दोपहर 2ः25 से 4ः30 बजे तक निर्धारित था। संगोष्ठी में किसानों एवं विशेषज्ञों के बीच संवाद के माध्यम से खेती की वर्तमान चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा हुई। किसानों को दलहन एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने, प्राकृतिक खेती अपनाने, पशुधन को कृषि से जोड़ने, कृषि यंत्रों की उपलब्धता का लाभ लेने तथा जल एवं भूमि जैसे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के अंत में डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों, किसानों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी ने किसान-केंद्रित, प्राकृतिक संसाधन आधारित एवं टिकाऊ कृषि विकास की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया। कार्यक्रम का समापन किसानों की समृद्धि, कृषि के सतत विकास तथा छत्तीसगढ़ को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
- 0- पात्र वरिष्ठजनों एवं दिव्यांगजनों से मूल्यांकन शिविर में शामिल होने की अपीलराजनांदगांव। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), राष्ट्रीय वयोश्री योजना (आरवीवाय) एवं एडीआईपी योजना अंतर्गत 21 सितम्बर से 24 सितम्बर 2026 तक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक जिले में दिव्यांगजन व वरिष्ठजनों को जीवन सहायक उपकरण प्रदाय करने के लिए मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत मंगलवार 21 सितम्बर 2026 को सामुदायिक भवन छुरिया, बुधवार 22 सितम्बर 2026 को गांधीसभागृह राजनांदगांव, गुरूवार 23 सितम्बर 2026 को मण्डी परिसर डोंगरगढ़ एवं शुक्रवार 24 सितम्बर को बहुउद्देशीय भवन मोहड़ में मूल्यांकन शिविर का आयोजन किया जाएगा।उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती वैशाली मरड़वार ने बताया कि मूल्यांकन शिविर में एलिम्को के तकनीकी दल द्वारा वरिष्ठजनों एवं दिव्यांगजनों का परीक्षण व मूल्यांकन किया जाएगा। परीक्षण उपरांत पात्रतानुसार विभिन्न प्रकार के सहायक उपकरण प्रदान किया जाएगा। 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठजनों को व्हील चेयर, व्हील चेयर कमोड, स्टुल विथ कमोड, वाकिंग स्टीक एडजेस्टेबल, बैसाखी, साईज, टेट्रापेड, फोल्डिंग वाकर, सरवाईकल कालर, श्रवण यंत्र, स्पाईनल सपोर्ट, फुट केयर कीट, कनी ब्रेस, पोलीमर जेल, एलएस बेल्ट, वाकर फोल्डिंग, चश्मा सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल, फोल्डिंग व्हील चेयर, मोटराईज्ड ट्रायसायकल, बैसाखी कोहनी (साईज 1 एवं 2), बैसाखी (छोटा, मध्यम, बड़ा), वाकिंग स्टीक, ब्रेल केन, फोल्डिंग (दृष्टिबाधित), ब्रेल किट, रोलटर, साईज, श्रवण यंत्र, सीपी चेयर, लेप्रोसी सू, मोबाईल फोन, सुगम्य केन, टीएलएम किट, कैलिपर्स, जॉय स्टिक व्हील चेयर सहित अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। नि:शुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए वरिष्ठजनों को प्रतिमाह 14500 रूपए से कम का आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड से लिंक मोबाईल नंबर, आधार कार्ड की छायाप्रति, पासपोर्ट साईज फोटो तथा दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, आधार कार्ड से लिंक मोबाईल नंबर, आधार कार्ड, प्रतिमाह 14500 रूपए से कम का आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रदर्शित पासपोर्ट साईज फोटो दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। समाज कल्याण विभाग एवं एलिम्को के माध्यम से तीन वर्ष से जिन हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान नहीं किया गया हो, उन्हीं नवीन पात्र वरिष्ठजनों व दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान किया जाएगा। मोटराईज्ड ट्रॉयसायकल हेतु 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यंागता के हितग्राहियों के लिए समय-सीमा 5 वर्ष निर्धारित है। पात्र वरिष्ठजनों एवं दिव्यांगजनों से शिविर में शामिल होकर नि:शुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए मूल्यांकन शिविर में शामिल होने की अपील की गई है।--
- राजनांदगांव । नोनी सुरक्षा योजना सामान्य आय वाले परिवारों के लिए बेटियों की शिक्षा और उसके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। बेटी के जन्म के साथ ही उसके भविष्य की बेहतर तैयारी के लिए यह योजना अभिभावकों को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। छुरिया विकासखंड के ग्राम गुण्डरदेही निवासी श्रीमती फुलेश्वरी साहू ने अपनी बेटी गरिमा के उज्ज्वल भविष्य के लिए नोनी सुरक्षा योजना का लाभ लिया है। साथ ही सुकन्या समृद्धि खाते के माध्यम से नियमित बचत की शुरूआत की है।श्रीमती फुलेश्वरी साहू सामान्य आय वाले परिवार से हैं। वर्ष 2015 में उनकी प्रथम संतान के रूप में पुत्री गरिमा साहू के जन्म पर बहुत खुशी हुई। बेटी के जन्म के साथ ही उसकी शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए राशि बचत करने का मन बनाया। इसी दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती सुशीला मालेकर के माध्यम से नोनी सुरक्षा योजना की जानकारी मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य और उनके सशक्तिकरण के उद्देश्य से नोनी सुरक्षा योजना संचालित की जा रही है। योजना में राज्य शासन द्वारा लाभार्थी बालिका के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम में 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष 5000 रूपए कुल 25000 रूपए जमा किए जाते हैं। बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी करने और कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होने पर 1 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच लाना, भु्रण हत्या रोकना, शिक्षा को बढ़ावा देना एवं बाल विवाह पर रोक लगाना है। नोनी सुरक्षा योजना की जानकारी मिलने के बाद श्रीमती फुलेश्वरी साहू ने अपनी पुत्री गरिमा साहू को योजना का लाभ दिलाने के लिए उसका योजना के तहत पंजीयन कराया।नोनी सुरक्षा योजना से जुडऩे के साथ ही श्रीमती फुलेश्वरी ने अपनी पुत्री गरिमा के नाम से सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता भी खुलवाया है। वह इस खाते में प्रतिमाह 500 रूपए जमा कर रही हैं। इस तरह शासन की योजना से मिलने वाले सहयोग के साथ वह स्वयं भी नियमित बचत कर बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक आधार तैयार कर रही हैं। श्रीमती फुलेश्वरी साहू ने बताया कि बेटी के जन्म के बाद से ही उसके भविष्य के लिए राशि बचत करना चाहती थी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से नोनी सुरक्षा योजना की जानकारी मिलने पर अपनी बेटी गरिमा का पंजीयन कराया। इसके साथ ही उसके नाम से सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाकर प्रतिमाह 500 रूपए जमा कर रही हैं। इससे उन्हें बेटी के भविष्य के लिए बचत करने की प्रेरणा और आर्थिक सुरक्षा का भरोसा मिला है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं से बेटियों के भविष्य को लेकर पालकों में सकारात्मक सोच विकसित हो रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ऐसी योजनाएं बेटियों की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए सहारा बन रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के भविष्य के लिए शासन द्वारा संचालित सुकन्या समृद्धि योजना एवं नोनी सुरक्षा योजना लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया।
- 0- बढ़ी आमदनी से परिवार को मिला आर्थिक संबलराजनांदगांव। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें स्वरोजगार से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। श्रम विभाग की ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ मिलने से राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड निवासी 32 वर्षीय श्रीमती गिरजा साहू आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं। श्रीमती गिरजा साहू ने श्रम विभाग की योजना के माध्यम से ई-रिक्शा प्राप्त कर स्वरोजगार को अपनाया है। ई-रिक्शा मिलने के बाद उनकी आमदनी में वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है। उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 से 18 हजार रूपए तक की आय प्राप्त हो रही है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया को धन्यवाद ज्ञापित किया है। श्रीमती गिरजा साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल में देश निरंतर विकास और जनकल्याण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने उनके राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित सेवा संकल्प को हार्दिक शुभकामनाएं दी है।श्रीमती गिरजा साहू ने बताया कि ई-रिक्शा मिलने से पहले वह गांव में मजदूरी का कार्य करती थी। उन्हें प्रतिदिन लगभग 150 से 200 रूपए की मजदूरी मिलती थी, लेकिन पूरे माह नियमित रूप से काम नहीं मिल पाता था। इसके कारण उनकी मासिक आमदनी केवल 2 से 3 हजार रूपए के आसपास ही हो पाती थी। सीमित आय में परिवार का खर्च चलाना उनके लिए कठिन था और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत श्रीमती गिरजा साहू ने 10 हजार रूपए मार्जिन मनी जमा की। श्रम विभाग द्वारा उन्हें 1 लाख रूपए का अनुदान प्रदान किया गया तथा बैंक द्वारा 80 हजार रूपए का ऋण स्वीकृत किया गया। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने ई-रिक्शा चलाकर स्वरोजगार शुरू किया। श्रीमती गिरजा साहू ने बताया कि वर्तमान में ई-रिक्शा चलाकर उन्हें प्रतिदिन 400 से 600 रूपए तक की आमदनी हो रही है। इस तरह उन्हें प्रतिमाह लगभग 12 से 18 हजार रूपए तक की आय प्राप्त हो रही है।इससे अब वे परिवार के खर्च के साथ बैंक की ऋण किस्त भी आसानी से जमा कर पा रही हैं। नियमित आमदनी होने से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। श्रीमती गिरजा साहू ने कहा कि ई-रिक्शा उनके लिए केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का माध्यम बना है। योजना से मिली सहायता के कारण आज वे स्वयं रोजगार कर अपने परिवार को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही हैं। उन्होंने दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें रोजगार का बेहतर अवसर मिला है। इससे उनकी आर्थिक और पारिवारिक स्थिति में सुधार हुआ है।
- 0- क्षेत्र के माननीय विधायक अनुज शर्मा द्वारा किया गया उद्घाटनरायपुर. क्षेत्र की एक लंबे समय से प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए, धरसीवा में उप पंजीयक कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) का शुभारंभ क्षेत्र के माननीय विधायक श्री अनुज शर्मा जी के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यालय का विधिवत उद्घाटन एवं पूजन किया गया। इस नवीन रजिस्ट्री कार्यालय के शुरू होने से धरसीवा सहित आसपास के लगभग 60 ग्रामों के निवासियों को अब अपने दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने के लिए रायपुर जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। यह सुविधा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए समय, धन और श्रम की बचत के साथ-साथ एक बड़ी राहत साबित होगी। अब लोग अपने ही क्षेत्र में सुगमता से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।उल्लेखनीय है कि रजिस्ट्री कार्यालय के शुभारंभ के पहले ही दिन 12 दस्तावेजों की रजिस्ट्री सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिससे कार्यालय में आम जनता के लिए सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित हुआ।कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में माननीय विधायक श्री अनुज शर्मा जी उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्रीमती शकुंतला सेन, उपाध्यक्ष श्री दिनेश खुटे, जनपद सदस्य श्रीमती पूजा वर्मा, सरपंच श्री साहिल खान, उपसरपंच श्री ललित साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री गोविंद साहू, उपाध्यक्ष श्री राजा भैया, तथा पार्षदगण एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यालय क्षेत्र के विकास एवं जनसुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। माननीय विधायक श्री अनुज शर्मा जी ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्रवासियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए यह रजिस्ट्री कार्यालय शुरू किया गया है, जिससे हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
- 0- जाति प्रमाण पत्र में देरी पर स्टेनो पर 1700 रुपये का जुर्मानारायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में कार्य नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है। अभनपुर तहसील में जाति प्रमाण पत्र बनाने में देरी पर स्टेनो सुश्री हेमलता दीवान पर 1700 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार समय-सीमा बीत जाने के बाद भी 17 आवेदनों का निराकरण नहीं किया गया था।सेवा में लापरवाही और देरी के कारण प्रति आवेदन 100 रुपये के हिसाब से कुल 1700 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड की राशि को नियमानुसार चालान के माध्यम से शासकीय कोष में जमा कराया गया है।यह कार्रवाई लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आम जनता को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
- 0- इन्फ्लुएंसर से जिले के विकास के लिए हुई सकारात्मक चर्चारायपुर. जिला प्रशासन रायपुर द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में ‘लंच विद क्रिएटर्स’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्रिएटर्स के साथ संवाद कर जिले के विकास कार्यों पर चर्चा की। कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा ने कहा कि रायपुर के विकास के लिए सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना है। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह पहल सराहनीय है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि आप सभी युवा हमारे जिले के आइकॉन के रूप में कार्य कीजिए और रायपुर के पर्यटन, सांस्कृतिक विशेषताओं, खान-पान और यहां की विशेष पहचान को दुनिया के सामने लाइए। जिले का कोई निवासी ऐसा कार्य कर रहा है जिससे लोगों को प्रेरणा मिले, उसकी कहानी सामने लाएं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन अपने पेज के अनुसार कंटेंट के साथ-साथ माह में एक दिन जनकल्याणकारी योजनाओं को भी जनता तक पहुंचाएं, जिसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल सके।उन्होंने कहा कि आप इकोनॉमिक सर्कुलर के हिस्सा हैं और आपके सहयोग से रायपुर की पूरे देश में अलग पहचान बनेगी। कई बार आप लोगों के माध्यम से समस्याओं की जानकारी मिली है, जिस पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई कर आम लोगों को राहत पहुंचाई है। आप राजधानी के विकास के लिए सकारात्मक सुझाव देते रहें।अतिरिक्त कमिश्नर श्री अमित तुकाराम कांबले ने कहा कि साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूकता सबसे जरूरी है। क्रिएटर्स जनता को जागरूक करने में प्रशासन की मदद कर सकते हैं। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधान किए गए हैं, इसके प्रचार-प्रसार में भी सहयोग अपेक्षित है।नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने नगर निगम के विकास कार्यों के लिए सुझाव देने का आग्रह किया। जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि कार्यक्रम में सकारात्मक सुझाव प्राप्त हुए हैं, जो प्रशासन के लिए उपयोगी होंगे।कार्यक्रम के दौरान कला केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों ने बांसुरी, माउथ ऑर्गन, कीबोर्ड एवं गायन की प्रस्तुति दी। विभिन्न प्रोजेक्ट समन्वयकों ने प्रोजेक्ट आज, प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी, प्रोजेक्ट धड़कन सहित अन्य प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। इस अवसर पर विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- बिल्हा, कोटा, तखतपुर और मस्तूरी जनपद क्षेत्रों में केंद्र संचालन के लिए 30 सितंबर तक आवेदनबिलासपुर. जिले के चिन्हांकित शासकीय स्थानों पर आधार पंजीयन केंद्रों का संचालन किया जाना है। इसके लिए जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी बिलासपुर द्वारा आधार केंद्र संचालकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 16 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक कार्यालयीन समय में बंद लिफाफे में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।जारी सूचना के अनुसार जिले में कुल 20 आधार किट के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इनमें जनपद पंचायत बिल्हा क्षेत्र में 3, कोटा में 8, तखतपुर में 3 तथा मस्तूरी में 6 आधार केंद्र शामिल हैं। आधार केंद्र संचालक के लिए प्रमुख पात्रताएं निर्धारित की गई हैं। आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त संस्था से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण अथवा 2 वर्षीय आईटीआई या 3 वर्षीय डिप्लोमा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। 1 जुलाई 2026 की स्थिति में न्यूनतम 18 वर्ष की आयु पूर्ण होना चाहिए। साथ ही कंप्यूटर का बुनियादी ज्ञान होना आवश्यक है तथा न्यूनतम एमएस ऑफिस/डिग्री-डिप्लोमा संबंधी वैध प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।इसके अलावा यू आई डी ए आई के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार एनएसइआईटीवी से वैध आधार सुपरवाइजर/ऑपरेटर प्रमाण-पत्र होना आवश्यक है। एनरोलमेंट एजेंसी कोड 2084 एवं 4082 से आधार सुपरवाइजर/ऑपरेटर परीक्षा प्रमाण-पत्र धारक अभ्यर्थी आवेदन के लिए पात्र होंगे। आवेदन कलेक्टर एवं अध्यक्ष, जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी बिलासपुर के नाम से कार्यालय में प्रस्तुत किए जा सकते हैं। चयन प्रक्रिया एवं कार्य अनुमति का अंतिम निर्णय जिला ई-गवर्नेंस सोसायटी द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है।
- 0- सेवानिवृत्त अभियंताओं ने मनाया अभियंता दिवसबिलासपुर. जल संसाधन परिसर स्थित प्रार्थना भवन में भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के अवसर पर अभियंता दिवस समारोह का आयोजन फोरम ऑफ रिटायर्ड डिप्लोमा इंजीनियर्स, छत्तीसगढ़, जिला समिति बिलासपुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। छत्तीसगढ़ रत्न से सम्मानित बाल गायक मास्टर तनिष्क वर्मा ने सरस्वती वंदना तथा तेजस्विनी कन्या छात्रावास की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य अभियंता, हसदेव कछार, जल संसाधन विभाग बिलासपुर इं. एस.के. पाण्डेय ने की।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने सभी को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अभियंता जल, थल और नभ तीनों क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सर विश्वेश्वरैया के जीवन और कार्यों से सभी अभियंताओं, विशेषकर नवोदित अभियंताओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने फोरम के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी अनुभवी अभियंताओं की सक्रियता और अनुभव का लाभ जिले एवं प्रदेश को मिलना चाहिए। फोरम के संरक्षक इं. आर.पी. शुक्ला ने फोरम के प्रेरणास्रोत संघरत्न इंजी. सुरेंद्र सिंह टुटेजा का भावपूर्ण स्मरण करते हुए फोरम की सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संघरत्न इंजी. टुटेजा की स्मृति में 22 अप्रैल 2026 को सेंट्रल गुरुद्वारा, गोंडपारा को जनसेवार्थ शव वाहन एवं डीप फ्रीजर प्रदान किया गया है।जिला समिति के सदस्य इं. आर.के. दीक्षित ने बताया कि वे फाउंडेशन फॉर एक्सीलेंस इंडिया ट्रस्ट से जुड़े हैं। उनके माध्यम से 400 निर्धन मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दिलाई गई है, जिनमें 200 विद्यार्थी छत्तीसगढ़ के हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में मुख्य अभियंता इं. सुरेश कुमार पाण्डेय ने सभी अभियंताओं एवं मातृशक्ति को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सर विश्वेश्वरैया के जीवन, कृतित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए उनकी प्रतिमा स्थापना के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।इस अवसर पर तेजस्विनी कन्या छात्रावास की 6 कन्याओं को एक वर्ष के लिए गोद लेने हेतु छात्रावास अधीक्षिका को चेक प्रदान किया गया। नेपाल बाढ़ आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए फोरम द्वारा 11 हजार रुपये की सहयोग राशि देने की घोषणा भी की गई। वरिष्ठ अभियंता इं. टी.आर. देवांगन का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया। तेजस्विनी कन्या छात्रावास की अधीक्षिका श्रीमती सुलभा ताई ने फोरम द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्वों के निर्वहन के लिए आभार व्यक्त किया और सेवा कार्यों की सराहना की।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त अभियंता सपरिवार उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में इं. निर्मल शर्मा, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, आर.ई.एस., इं. आर.के. बंजारे, अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन मंडल बिलासपुर तथा इं. संजय शर्मा, सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता, पी.एम.जी.एस.वाई. उपस्थित रहे।
- बिलासपुर. दीपावली पर्व वर्ष 2026 के अवसर पर अस्थायी पटाखा दुकानों के लिए नवीन लायसेंस जारी करने तथा पूर्व से जारी लायसेंसो के नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर 2026 तक है। इच्छुक आवेदक अस्थायी पटाखा दुकान के नवीन लायसेंस हेतु आवेदन तथा पूर्व से जारी लायसेंस के नवीनीकरण हेतु आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में आवश्यक दस्तावेजों सहित कार्यालय अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी में 5 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तुत कर सकते है। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
- बिलासपुर. 1 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री तिलकेश प्रसाद भावे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों हेतु संचालित संस्थाओं एव पेंशनर संघटन एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक में निर्णय लिया गया कि 30 सितंबर 2026 को सवेरे 11 बजे अनुभव भवन, बृहस्पति बाजार, बिलासपुर में खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें कुर्सी दौड़, मटका फोड़, बकेट बॉल, पासिंग बॉल सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल होंगी। 1 अक्टूबर को सवेरे 9.30 बजे से पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में वरिष्ठ नागरिक सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभा गृह शनिचरी बिलासपुर में होगा। इस अवसर पर विशेष आवश्यकता वाले चिन्हांकित वरिष्ठजनों को वॉकर, स्टिक, श्रवण यंत्र तथा व्हील चेयर परीक्षण के बाद प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा बैठक में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान पर विशेष चर्चा की गई।इस अवसर पर उप नियंत्रक श्रीमती बबीता कमलेश, सहायक संचालक श्री सुमित केशरवानी, परिवीक्षा अधिकारी श्रीमती सरस्वती अग्रवाल एवं संस्थाओं से श्रीमती सत्यभामा अवस्थी, श्री राकेश जैन, श्री बालगोविंद अग्रवाल, श्री नित्यानंद अग्रवाल, श्री राजेंद्र कश्यप, श्री रंजन प्रधान, श्री प्रशांत मोकाशे, श्री श्याम तिवारी, श्री वी.के. सिंह, श्री प्रशांत द्विवेदी, निरंकार तिवारी, अशोक अग्रवाल, आकांक्षा साहू, सौरभ दीवान सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




























.jpg)