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- -उप मुख्यमंत्री ने सभी जिला पंचायतों के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा दिए आवश्यक तैयारियों के निर्देश-बस्तर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को मिलेगा विशेष स्वरूप, शहीद परिवारों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जलेंगे दीपरायपुर । ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का अभियान बनाने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने अटल नगर नवा रायपुर स्थित महानदी भवन से सभी जिलों के जिला पंचायत के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में उन्होंने 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम सहित पूरे अभियान की तैयारियों और इसके व्यापक संचालन को लेकर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के हर वर्ग और हर व्यक्ति को इससे जोड़ते हुए सेवा, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प को जन-जन का संकल्प बनाया जाए। आशीर्वाद के दीयों से पूरा छत्तीसगढ़ रौशन होना चाहिए।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि अभियान का उद्देश्य प्रत्येक हितग्राही और प्रत्येक नागरिक को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रदेशभर में लोग अपने-अपने स्थानों पर दीप जलाकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करेंगे और वर्ष 2047 तक विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान की पहुंच गांव के अंतिम व्यक्ति तक हो और इसमें शासन की योजनाओं के हितग्राहियों के साथ आम नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने के लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। स्कूलों और छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, महतारी सदनों, पीडीएस दुकानों, धान खरीदी केंद्रों, अमृत सरोवरों, अटल चौकों और धार्मिक स्थलों सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर दीप जलाए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के घरों में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित किया जाएगा। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी बिहान की दीदियां भी इसमें सहभागी बनेंगी। पर्यटन स्थलों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्ज्वलन कर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को जनभागीदारी से मजबूत किया जाएगा।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर संभाग में ‘सेवा संकल्प अभियान’ को विशेष स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस्तर में यह अभियान सेवा, शांति, विकास और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को अभिव्यक्त करने वाला बने। इसके तहत वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा केंद्रों, सुरक्षा कैंपों, पुनर्वास केंद्रों तथा उन स्थानों पर विशेष रूप से दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सल अभियानों में सफलता मिली है अथवा नक्सल हिंसा की बड़ी घटनाएं हुई हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल हिंसा के विरुद्ध संघर्ष में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर जवानों और नागरिकों के परिवारों को भी इस अभियान से विशेष रूप से जोड़ा जाए। शहीदों के घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर उनके बलिदान को नमन किया जाएगा। इन दीपों के माध्यम से शांति, विकास और नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बस्तर संभाग के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को अभियान की विशेष तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों के साथ-साथ अब नक्सल मुक्त हुए गांवों को भी ‘सेवा संकल्प अभियान’ से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। इन गांवों में विकास, शांति और नई उम्मीद की रोशनी को प्रतीकात्मक रूप से दीपों के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान की प्रत्येक गतिविधि में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो और यह कार्यक्रम बस्तर में बदलती तस्वीर तथा विकास की नई दिशा का संदेश बने।उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ किसी एक स्थान या वर्ग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सामूहिक भावना का प्रतीक बने। गांव, शहर, स्कूल, आंगनबाड़ी, खेत-खलिहान, शासकीय संस्थान और आम नागरिक हर कोई इस संकल्प का सहभागी बने। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति विकास की इस यात्रा से अपने आपको जोड़ता है, तभी विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प वास्तविक जनआंदोलन का रूप लेता है।इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव श्री रजत बंसल, आयुक्त वीबी जी राम जी श्री तारन प्रकाश सिन्हा, संचालक श्री अश्वनी देवांगन सहित सभी जिलों के जिला पंचायत सीईओ, जनपद सीईओ भी शामिल हुए।
- -लखनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मिले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल-17 सितंबर को आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर ‘सेवा संकल्प अभियान‘ में सहभागी बनने का किया आह्वानरायपुर / सरगुजा दौरे के दौरान नगर पंचायत लखनपुर पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की स्थिति, योजना से मिले लाभ तथा आवास से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से अनेक परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया है, उससे देश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद भी मजबूत हुई है।उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े।हितग्राहियों से चर्चा के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवास निर्माण से संबंधित आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी के भाव को निरंतर मजबूती मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि 17 सितंबर की संध्या 7 बजे अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करें और सेवा, समर्पण तथा जनभागीदारी के इस संकल्प से जुड़ें। उन्होंने कहा कि घरों में प्रज्ज्वलित होने वाला आशीर्वाद का दीया समाज में सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी देगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान‘ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली का प्रकाश फैलाया है, उसी तरह ‘आशीर्वाद का दीया‘ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित नागरिकों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ें।इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने मंत्री श्री अग्रवाल से अपने अनुभव साझा किए और योजना से मिले लाभ के संबंध में जानकारी दी। हितग्राहियों ने बताया कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद बढ़ी है। मंत्री श्री अग्रवाल ने हितग्राहियों की बातों को सुना और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से संबंधित सुझावों पर भी चर्चा की।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और जनसेवा को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्की छत देकर उनके जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव तभी तैयार होगी, जब प्रत्येक परिवार के पास सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हों। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को मजबूत करते हुए सेवा और सामाजिक सरोकारों की इस भावना को और व्यापक बनाया जा सकता है।
- -बगीचा-मयाली-जशपुर क्षेत्र के 6 जनजातीय गांवों में विकसित होंगे 30 होमस्टे, स्थानीय परिवारों को पर्यटन से मिलेगा सीधा रोजगार और आय के नए अवसर-जनजातीय संस्कृति और स्थानीय आजीविका को पर्यटन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता-पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवालरायपुर । छत्तीसगढ़ में जनजातीय पर्यटन को नई ऊंचाई देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA) के अंतर्गत जशपुर जिले के बगीचा-मयाली-जशपुर क्लस्टर में क्लस्टर आधारित होमस्टे परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के माध्यम से जनजातीय अंचल के गांवों में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के साथ-साथ स्थानीय परिवारों को पर्यटन गतिविधियों से सीधे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।परियोजना के तहत किंकेल, कमतरा, डंगरी, महनई, सरुधाप और पंडरापाठ सहित 6 जनजातीय गांवों में कुल 30 नए होमस्टे विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक गांव में 5 होमस्टे तैयार किए जाने का प्रस्ताव है। इस क्लस्टर के विकास पर लगभग 1.80 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। इसमें होमस्टे निर्माण के साथ गांव स्तर पर आवश्यक सामुदायिक सुविधाओं के विकास का भी प्रावधान किया गया है।यह परियोजना पारंपरिक होटल आधारित पर्यटन से आगे बढ़कर कम्यूनिटी बेस्ड को प्रोत्साहित करेगी। होमस्टे के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के बीच रहकर जशपुर की जनजातीय संस्कृति, खान-पान, लोक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण जीवन को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। इससे पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।प्रस्तावित होमस्टे स्थानीय परिवेश और पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक गांव में सामुदायिक स्तर की सुविधाओं के लिए 5 लाख रुपये तक के कार्य प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलने के साथ गांवों में सामूहिक उपयोग की आधारभूत सुविधाएं भी विकसित होंगी।क्लस्टर का चयन क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। प्रस्तावित गांव बगीचा और जशपुर नगर के साथ-साथ कैलाश गुफा, खुड़ियारानी गुफा, बादलखोल अभयारण्य, रानीदाह जलप्रपात, देशदेखा पहाड़, लोरोघाट सहित अनेक प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के निकट स्थित हैं। होमस्टे सुविधा विकसित होने से पर्यटकों के लिए इन क्षेत्रों में ठहरने के बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे। इससे जशपुर में पर्यटकों की ठहरने की अवधि बढ़ने की संभावना है और पर्यटन गतिविधियों का लाभ स्थानीय स्तर पर व्यापक रूप से पहुंच सकेगा।होमस्टे क्लस्टर का प्रभाव केवल आवास सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को आतिथ्य सेवा, स्थानीय व्यंजन, पर्यटक गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प तथा अन्य पर्यटन सेवाओं से जोड़ने की संभावनाएं विकसित होंगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प की मांग में भी वृद्धि हो सकती है। इस प्रकार पर्यटन गतिविधियां गांवों में रोजगार और आय के अनेक सहायक अवसरों को जन्म देंगी।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति प्रदेश की विशिष्ट पहचान है और सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संरक्षित करते हुए स्थानीय समुदायों को पर्यटन से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिले।उन्होंने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विशिष्ट लोक परंपराओं से समृद्ध क्षेत्र है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत स्वीकृत यह क्लस्टर होमस्टे परियोजना पर्यटन को गांवों तक पहुंचाने और स्थानीय परिवारों को इसके आर्थिक लाभ से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि पर्यटक जब जशपुर आएं तो वे यहां की प्रकृति के साथ-साथ जनजातीय जीवन, संस्कृति और परंपराओं को भी करीब से अनुभव करें।मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं को पर्यटन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में अवसर मिलने से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से विकसित पर्यटन मॉडल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि जशपुर की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि पर्यटन का लाभ केवल बड़े पर्यटन स्थलों अथवा होटल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव और स्थानीय परिवारों को भी इसका सीधा भागीदार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जशपुर का यह होमस्टे क्लस्टर स्थानीय संस्कृति, प्रकृति और आजीविका को एक साथ जोड़ने वाला मॉडल बनेगा। इससे पर्यटकों को प्रामाणिक छत्तीसगढ़ी अनुभव मिलेगा और जनजातीय परिवारों के लिए स्थायी आय के नए अवसर विकसित होंगे।क्लस्टर होमस्टे परियोजना के माध्यम से जशपुर में पर्यटन का विस्तार प्रमुख पर्यटन स्थलों से आगे आसपास के गांवों तक होने की उम्मीद है। इससे पर्यटकों को स्थानीय जीवन का अनुभव मिलेगा और ग्रामीण समुदाय पर्यटन मूल्य-श्रृंखला का सक्रिय हिस्सा बनेगा।प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल आने वाले समय में जशपुर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
- -पारंपरिक खेती के साथ मछली पालन बन रहा अतिरिक्त आमदनी का मजबूत जरियारायुपर / प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के गांव, गरीब और किसान को सशक्त बनाने के विजन के अनुरूप, केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। धान की पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर जिले के करीब 150 किसान अब मछली पालन, हैचरी और पाउंड लाइनर जैसी आधुनिक गतिविधियों के जरिए अपनी आय और आजीविका के नए रास्ते तैयार कर रहे हैं। सरकारी अनुदान और बुनियादी सुविधाओं के विकास से ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) ने आधुनिक तकनीकों, वित्तीय सहायता और अनुदान के जरिए देश के हजारों किसानों और मछली पालकों की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है । पारंपरिक खेती में बढ़ती लागत से परेशान होकर बिरकोनी निवासी दिनेश चन्द्राकर ने मछली पालन की तरफ कदम बढ़ाया। योजना के तहत उन्होंने करीब 7.50 लाख रुपए की लागत से एक हेक्टेयर में तालाब खुदवाया और 14 लाख रुपए की लागत से 20 हजार वर्गफुट में मछली हैचरी स्थापित की। हैचरी में तैयार बच्चे तालाब में डाले जाते हैं, जिससे 8 से 9 महीने में लगभग 15 टन मछली तैयार हो जाती है। 70 से 80 रुपए प्रति किलो की लागत आने के बावजूद बाजार में 120 से 150 रुपए प्रति किलो तक बिक्री होने से उन्हें बेहतरीन मुनाफा मिल रहा है।प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब निर्माण, बायोफ्लॉक यूनिट, मछली बीज हैचरी, कोल्ड स्टोरेज और फीड प्लांट जैसी परियोजनाओं के लिए सहायता दी जाती है। ग्राम बकमा के किसान हिमांशु चंद्राकर ने लगभग 28 लाख रुपए की लागत से दो पाउंड लाइनर यूनिट तैयार कराईं। सरकार से 60 प्रतिशत अनुदान मिलने के बाद, सभी खर्च काटकर उन्हें सालाना 3 से 4 लाख रुपए की शुद्ध बचत हो रही है।मछली पालन से केवल यूनिट संचालकों ही नहीं, बल्कि स्थानीय मजदूरों को भी बड़ा लाभ मिला है। बिरकोनी के मजदूरों का कहना है कि अब उन्हें काम की तलाश में बाहर नहीं जाना पड़ता, बल्कि गांव में ही सालभर नियमित रोजगार मिल रहा है। करीब 9 हजार रुपए प्रतिमाह की आय से उनके परिवारों का जीवनयापन बेहद आसान हो गया है।बुनियादी ढांचे के विकास के लिए नए तालाबों का निर्माण, बायोफ्लॉक यूनिट, हैचरी, कोल्ड स्टोरेज और मछली दाना निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत महिला, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को 60 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को 40 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है। धान की पारंपरिक खेती पर निर्भर महासमुंद के किसानों के लिए अब मछली पालन आत्मनिर्भरता, समृद्धि और विकास का एक नया प्रतीक बन चुका है।
- -गोल बाजार में विराजे विघ्नहर्ता के किए दर्शन-पूजन, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कीरायपुर / गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर राजधानी रायपुर का ऐतिहासिक गोल बाजार गणपति बप्पा की भक्ति और उत्सव के उल्लास से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज रात्रि गोल बाजार पहुंचे और यहां श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति द्वारा विराजित विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान गणेश से छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने गोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के समीप गणेशोत्सव पंडाल में विराजित भगवान श्री गणेश को मुकुट पहनाया और तिलक लगाकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की आरती उतारी और विघ्नविनायक से प्रदेश की प्रगति, समृद्धि तथा प्रदेशवासियों के मंगलमय जीवन के लिए आशीर्वाद मांगा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्री गणेश प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। गणेशोत्सव हमारी आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण पर्व होने के साथ समाज को एक सूत्र में जोड़ने वाली हमारी समृद्ध परंपरा का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गणपति बप्पा की कृपा से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़े तथा प्रदेश के हर घर-परिवार में सुख और खुशहाली का वास हो, यही उनकी कामना है।मुख्यमंत्री ने गोल बाजार में 117 वर्षों से निरंतर चली आ रही गणेशोत्सव की गौरवशाली परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी आस्था और सामाजिक सहभागिता के साथ किसी सांस्कृतिक परंपरा को जीवंत बनाए रखना अपने आप में विशेष है। ऐसी परंपराएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ती हैं।उल्लेखनीय है कि राजधानी के ऐतिहासिक गोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर के समीप श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति द्वारा पिछले 117 वर्षों से गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। यहां विराजित होने वाली गणेश प्रतिमा अपनी भव्यता और आकर्षक स्वरूप के कारण गोल बाजार ही नहीं, पूरे रायपुर में श्रद्धालुओं की आस्था और आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती है। गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय के गोल बाजार पहुंचने पर गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की मंगलध्वनि और गणपति बप्पा के जयकारों के बीच मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से अभिनंदन किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें गजमाला पहनाकर स्वागत किया। पूरे परिसर में गणेशोत्सव का उल्लास और भक्तिमय वातावरण दिखाई दिया।भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय गोल बाजार में ही स्थित 150 वर्ष से अधिक पुराने हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने यहां भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने राजधानी की इस प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री श्रीचंद सुंदरानी, श्री केदार गुप्ता, श्री छगन मूंदड़ा, श्री अमरजीत छाबड़ा सहित गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
- -महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को राज-सिंहासन से ऊपर रखा, रायगढ़ घराने को दिलाई विश्व पहचान-23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में देश-प्रदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुतियांरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रायगढ़ की धरती पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का सोमवार को महाराजा चक्रधर की तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत भव्य शुभारंभ किया। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। 14 से 23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में आयोजित समारोह में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी गायन, वादन, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां देंगी।शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने समारोह में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान किया। पद्मश्री डॉ. उषा बारले, पद्मश्री श्री अनुज शर्मा सहित अन्य कलाकारों और कला गुरु स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह की सांस्कृतिक गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि चक्रधर समारोह महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और उनकी दूरदृष्टि को स्मरण करने का अवसर है। रायगढ़ भारतीय शास्त्रीय कलाओं की महत्वपूर्ण धरोहर भूमि है और रायगढ़ घराने के कथक ने देश ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। महाराजा चक्रधर सिंह ने राजसिंहासन से अधिक महत्व कला को दिया। उन्होंने कलाकारों को संरक्षण दिया और संगीत, नृत्य एवं साहित्य को आमजन के जीवन से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की कृतियां ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ आज भी कला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने अपनी साधना से यह सिद्ध किया कि कला किसी एक स्थान या केंद्र की मोहताज नहीं होती। जहां निरंतर साधना होती है, वही स्थान कला का तीर्थ बन जाता है। रायगढ़ की पहचान आज संगीत, घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और नृत्य की भाव-भंगिमाओं से जुड़ी है।राज्यपाल ने कहा कि चक्रधर समारोह अब केवल एक शासकीय या संस्थागत आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बन चुका है। देश के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलना इस समारोह की विशेषता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में अपनी जड़ों के प्रति जुड़ाव पैदा करते हैं। युवाओं को परंपरा के साथ नवाचार को जोड़ते हुए कला को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पंथी, राउत नाचा, भरथरी, सुआ, करमा सहित आदिवासी नृत्य और लोकगीत हमारी सांस्कृतिक विविधता की पहचान हैं। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता है और चक्रधर समारोह इसी सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।राज्यपाल ने कहा कि विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी जरूरी है। रायगढ़ औद्योगिक विकास के साथ-साथ अपनी कला और संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। पिछले वर्ष समारोह ने अपने 40 वर्ष पूरे किए और अब 41वां समारोह नई ऊर्जा और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनते हैं और कला को समाज से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने का माध्यम हैं। आज के डिजिटल युग में भी नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। अपनी जड़ों से जुड़ाव पिछड़ापन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और ताकत है। चक्रधर समारोह अतीत को याद करने के साथ-साथ उस विरासत को आने वाली पीढि़यों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।41वें चक्रधर समारोह के पावन अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से समारोह की गरिमा और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह की गौरवशाली परंपरा रही है कि इसका शुभारंभ राज्यपाल के करकमलों से होता है। राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह का जन्म 19 अगस्त 1905 को हुआ था। उन्होंने ऐसे समय भारतीय कला, संगीत और संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया, जब हमारी अनेक सांस्कृतिक परंपराएं अपने मूल स्वरूप से दूर होती जा रही थीं। भारतीय संगीत और कला की उस गौरवशाली परंपरा को, जो मंदिरों, धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक अवसरों के साथ जनजीवन से जुड़ी रही है, उसके मूल स्वरूप में संरक्षित रखने के लिए महाराजा चक्रधर सिंह ने उल्लेखनीय प्रयास किए। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति के महान संरक्षक थे। उनकी रचनाएं और उनके द्वारा सृजित ग्रंथ भारतीय संगीत एवं कला जगत की अमूल्य धरोहर हैं। इन महत्वपूर्ण ग्रंथों का संरक्षण, अध्ययन और व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढि़यां भी इस महान सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें। राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह की महत्वपूर्ण रचनाओं और ग्रंथों के संरक्षण एवं प्रकाशन का विषय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी रखा है, जिस पर प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इन अमूल्य ग्रंथों के प्रकाशन की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार भारतीय संस्कृति, कला और गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। महाराजा चक्रधर सिंह ने जिस उद्देश्य के साथ भारतीय कला और संस्कृति की महान परंपरा को संरक्षित और समृद्ध किया, उसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत और नृत्य के क्षेत्र में जो समृद्ध विरासत रायगढ़ को दी, उसे आगे बढ़ाने में यह समारोह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह को निरंतर नई ऊंचाइयों तक ले जाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान ने अतिथियों और कलाकारों का स्वागत करते हुए आयोजन की सफलता के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, आयोजन समिति, मीडिया एवं रायगढ़वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की कला-संस्कृति की विशिष्ट पहचान है और इसे और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समारोह में उपस्थित राज्यपाल, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और कला प्रेमियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, अधिकारी-कर्मचारियों, तकनीकी टीम, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों और कला प्रेमी नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति किसी समाज की आत्मा होती है और कला उसकी जीवंत अभिव्यक्ति। चक्रधर समारोह रायगढ़ की इसी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से समारोह कला और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, सभापति श्री डिग्री लाल साहू, श्री गुरूपाल भल्ला, श्री श्रीकांत सोमावार, श्री सुभाष पाण्डेय, श्री विकास केडिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, सहायक कलेक्टर श्री गोकुल आर.के, सहित अन्य गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी, कला-संस्कृति से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।गणेश वंदना से हुई 41 वें चक्रधर समारोह के कार्यक्रम की शुरुआतसुर-ताल, छंद और घुंघरुओं की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 की पहली शाम का शुभारंभ रामलीला मैदान में गणेश वंदना के साथ हुआ। श्री वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना ने समारोह के वातावरण को भक्तिमय बना दिया।गणेश वंदना के बाद कलाकारों ने गायन और वादन की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। प्रस्तुति में श्रीमती प्रियंका साहू ने हारमोनियम पर संगत की। कुमारी सुनीता तिवारी, कुमारी ईश्वरी गुप्ता, कुमारी शुभांगी साहू, श्री चवल कुमार पटेल, श्री वेदप्रकाश आदित्य और श्री बसंत यादव ने गायन की प्रस्तुति दी। वाद्य संगीत में श्री देवलाल देवांगन ने पखावज, श्री शान्तनु पटेल ने तबला, श्री किशोर बारीक ने बाँसुरी तथा कुमारी शगुफ्ता बानो ने वायलिन वादन किया। श्री आनन्ददास महंत ने घुंघरू वादन के माध्यम से प्रस्तुति को और आकर्षक बनाया।कार्यक्रम का निर्देशन श्रीमती प्रियंका साहू ने किया, जबकि श्री सुरेश कुमार चन्देल संयोजक रहे। कलाकारों की सधी हुई प्रस्तुतियों ने समारोह की पहली शाम को सुर और ताल से यादगार बना दिया। रामलीला मैदान में उपस्थित दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
- -मुख्यमंत्री ने नुआखाई पर्व की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के अनुपम उपहार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व नुआखाई के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और सभी परिवारों की खुशहाली की मंगलकामना की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नुआखाई समृद्ध कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। नई फसल के आगमन की खुशी में मनाया जाने वाला यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अन्न के सम्मान और किसान के अथक परिश्रम के प्रति आदर का भाव प्रकट करता है। खेतों में उपजी नई फसल केवल किसान की मेहनत का प्रतिफल नहीं, बल्कि प्रकृति की कृपा और हमारी कृषि प्रधान संस्कृति की समृद्धि का भी प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खेती-किसानी केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। हमारे अनेक पर्व और परंपराएं कृषि चक्र, प्रकृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ी हुई हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नुआखाई अपनी मिट्टी, अपनी जड़ों और अपनी गौरवशाली परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। यह पर्व सामाजिक आत्मीयता, पारिवारिक एकजुटता और आपसी सद्भाव को भी मजबूत करता है। नई फसल की खुशियां जब परिवार और समाज मिलकर साझा करते हैं, तब लोकसंस्कृति और अधिक जीवंत तथा समृद्ध होती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने नुआखाई के पावन अवसर पर कामना करते हुए कहा कि प्रकृति की कृपा छत्तीसगढ़ पर सदैव बनी रहे। हमारे किसान साथियों के खेत हरे-भरे और फसलों से लहलहाते रहें, अन्न के भंडार भरें तथा अन्नदाताओं के घर-आंगन में समृद्धि आए। प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का संचार हो तथा आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव निरंतर मजबूत होता रहे।
- -नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने टीम के साथ राज्य की ओर से की भागीदारीरायपुर । गुजरात के गांधीनगर में आयोजित 10वें वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (WCEF 2026) में छत्तीसगढ़ ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के नेतृत्व में राज्य से गई टीम ने फोरम में शामिल होकर सर्कुलर इकोनॉमी, संसाधन दक्षता और कचरे को संसाधन में बदलने के आधुनिक समाधानों पर वैश्विक विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। राज्य शहरी विकास अभिकरण के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल भी प्रतिनिधि मंडल में शामिल हैं।राज्य की टीम के प्रमुख श्री बोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन शहरी क्षेत्रों में टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के अधिकतम उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य का प्रयास है कि नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कचरे का बेहतर प्रबंधन करते हुए उसे उपयोगी संसाधन में परिवर्तित किया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वच्छ, मजबूत और टिकाऊ शहरों के निर्माण को गति मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में राज्य की पहल और मजबूत होगी।फोरम में दुनिया के विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, नवाचारी तकनीक विकसित करने वाले संस्थान और क्षेत्र में काम कर रहे विशेषज्ञ एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने, संसाधनों के बेहतर उपयोग, टिकाऊ उत्पादन एवं उपभोग तथा वेस्ट-टू-रिसोर्स जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने फोरम के दौरान प्रदर्शनी केंद्रों का भी अवलोकन किया। यहां रिसाइक्लिंग, संसाधनों की रिकवरी, कचरे से उपयोगी उत्पाद तैयार करने, टिकाऊ सामग्री तथा सर्कुलर बिजनेस मॉडल से जुड़ी नवीन तकनीकों और समाधानों को प्रदर्शित किया गया था। टीम ने इन तकनीकों और मॉडलों के जरिए कचरे को बोझ के बजाय उपयोगी संसाधन में बदलने की संभावनाओं को समझा।विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम में सहभागिता के दौरान राज्य की टीम को वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को समझने तथा छत्तीसगढ़ के शहरी विकास और अपशिष्ट प्रबंधन तंत्र के लिए उपयोगी नवाचारों की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला। इनमें विशेष रूप से संसाधन दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन और वेस्ट-टू-वैल्यू से जुड़े समाधानों पर फोकस रहा।
- -तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मिट्टी के दीये बेच रही मीरा से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत, एक हजार रुपए देकर किया उसके श्रम और स्वावलंबन का सम्मान-मुख्यमंत्री ने पूछा - सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है? मीरा ने बताया - जनधन खाता खुला है, महतारी वंदन योजना की राशि भी मिल रही-‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं खरीदा मिट्टी का दीया, सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का किया आह्वान-स्थानीय श्रम और स्वावलंबन के सम्मान का संदेश दे गया मुख्यमंत्री का सहज अंदाजरायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे पसरा लगाकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए आज का दिन अचानक बेहद खास बन गया। रोज की तरह वह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास जाकर रुक गया।सड़क किनारे पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मीरा के पसरे से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मीरा के पसरे पर रखे मिट्टी के दीयों को देखा और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से एक दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने महिला को एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री का यह सहज भाव स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का सुंदर संदेश भी दे गया।मुख्यमंत्री का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का अवसर बन गया। बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा।बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत उसका बैंक खाता खुल चुका है। उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने एक हजार रुपए की राशि प्राप्त हो रही है।महिला के मुंह से योजनाओं का लाभ मिलने की बात सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे संबल दे और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बने। शासन की प्राथमिकता यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें - इन सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है। उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है। जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं तो हमारे इस छोटे से प्रयास से उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल मिलता है।सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक बनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का यह दीया ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है। इसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी भावना को अभिव्यक्त करता है। यह सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है। प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा।सेवा को जन-जन का संकल्प बनाने का अभियानमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है।मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा संकल्प अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ें। अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनें, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं, जरूरतमंदों की सहायता करें और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प अवश्य लें। उन्होंने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता। किसी जरूरतमंद की सहायता, अपने आसपास स्वच्छता, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना अथवा समाज के हित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।एक छोटे से दीये में समाया बड़ा संदेशतेलीबांधा मरीन ड्राइव के सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का यह दीया कई मायनों में खास बन गया। इसमें एक ओर मेहनत से आजीविका अर्जित कर रही महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान जुड़ा, तो दूसरी ओर सहज बातचीत में जनधन और महतारी वंदन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी सामने आई। इसके साथ ही यही दीया अब ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
- -6 जिलों में 44 मुख्य सड़क कार्यों के लिए 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृतिरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा संभाग के विकास और सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। संभाग के सभी छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जशपुर में सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए 44 मुख्य सड़क कार्यों हेतु कुल 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के तहत नई सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण, डामरीकरण, सुदृढ़ीकरण, फोरलेन निर्माण और आवश्यक स्थानों पर पुल-पुलिया का निर्माण किया जाएगा।अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में लरंगसाय चौक से रामानुजगंज मार्ग के 5 किमी हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 69.10 करोड़ रुपए तथा गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी फोरलेन के लिए 61.34 करोड़ रुपए स्वीकृत। लुण्ड्रा और सीतापुर क्षेत्रों में असकला-दोरना मार्ग, सोनतराई-मैनपाट मार्ग (26.33 करोड़) सहित विभिन्न मार्गों और पुलियों के सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं।भटगांव विधानसभा क्षेत्र के तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर 63 किमी मार्ग के लिए 64.93 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा कल्याणपुर-लटोरी मार्ग (40.93 करोड़), विशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग (32.24 करोड़) और सूरजपुर के 17 किमी रिंग रोड के मजबूतीकरण (16.39 करोड़) सहित कई अन्य मार्ग संवरेंगे।परसवार से चलगली 18 किमी उन्नयन मार्ग के लिए 38.80 करोड़ रुपए, वाड्रफनगर- जनकपुर-बलंगी मार्ग के लिए 35.32 करोड़ रुपए, तथा कामेश्वरनगर-लुरगी मार्ग के लिए 25.69 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।लुड़ेग-बागबहार-तपकरा-लवाकेरा 55.80 किमी राज्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 40.32 करोड़ रुपए, पत्थलगांव के पहाड़ी भागों के उन्नयन हेतु 36.85 करोड़ रुपए, और बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग के लिए 34.44 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।इन व्यापक सड़क परियोजनाओं से केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक और सामाजिक लाभ होंगे। कृषि और व्यापार को गति मिलेगी, किसानों के कृषि उत्पाद आसानी से बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बेहतर होगा स्वास्थ्य और शिक्षा, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से गांवों तक सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ त्वरित गति से पहुँचेगा।1,093.73 करोड़ रुपए की लागत वाली ये 44 परियोजनाएं सरगुजा संभाग के समग्र विकास, निवेश और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
- -17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, जनभागीदारी और जनसेवा को दिया जाएगा व्यापक स्वरूपरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रदेश के सभी नगर निगमों के महापौरों, आयुक्तों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्षों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में अभियान के दौरान संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों, विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और प्रचार-प्रसार को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल अहमदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक में जुड़े।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक में सभी नगरीय निकायों को ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसेवा के प्रति आभार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जन-जन से जोड़ने के लिए अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा। उन्होंने अभियान में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देश के विकास और जनकल्याण के लिए विगत 25 वर्षो से अनवरत कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत हुई है। श्री साव ने कहा कि आज चीन भी भारत के साथ काम करना चाहता है और रूस के साथ भारत की मित्रता और मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है और ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अभियान के दौरान किए जाने वाले कार्यों के प्रभावी दस्तावेजीकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभिन्न गतिविधियों और जनभागीदारी से जुड़े कार्यों का व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकरण किया जाए। हर आयोजन की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए तथा उनकी रील तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाए, ताकि अभियान की गतिविधियों और उनके प्रभाव की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।उन्होंने कहा कि योजनाओं और अभियानों से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को भी प्रमुखता से सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों की वास्तविक कहानियों, गतिविधियों और उपलब्धियों को रिकॉर्ड कर डिजिटल माध्यमों से प्रसारित करने पर ध्यान दिया जाए। बैठक में अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न गतिविधियों की तैयारियों की समीक्षा की गई। इनमें ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘सेवा की कहानी’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘सेवा—मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र’ और ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल हैं। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को ‘जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट’ के साथ प्रस्तावित है।श्री साव ने विशेष रूप से ‘सेवा की कहानी’ के तहत वास्तविक लाभार्थियों की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाने और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए वास्तविक बदलावों को सामने लाकर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने ‘सेवा सेतु अभियान’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने तथा योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए।बैठक में ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ से जुड़ी गतिविधियों को भी जनभागीदारी के साथ संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। श्री साव ने कहा कि स्वच्छता को व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। इसके लिए नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को अपनी अगुवाई में नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों को सक्रिय रूप से जोड़ने का आह्वान किया जाएगा।श्री साव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे स्थानों और क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष स्वच्छता अभियान चलाए जाएं जहां स्वच्छता के क्षेत्र में प्रभावी परिणाम दिखाई दे सकें। उन्होंने अभियान के दौरान किए गए कार्यों की पहले और बाद की स्थिति दर्ज करने के निर्देश भी दिए, ताकि स्वच्छता प्रयासों से हुए वास्तविक बदलावों को सामने लाया जा सके।उप मुख्यमंत्री ने अभियान की गतिविधियों की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन और बेहतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ सेवा की भावना, जनभागीदारी और विकास के संकल्प को जमीनी बदलाव से जोड़ने का माध्यम बने। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेशकुमार क्षीरसागर और अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य भी उप मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा बैठक में सर्किट हाउस में मौजूद थे।
- सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में शाम 7 बजे आयोजित होगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रमबालोद/ सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत बालोद जिले में 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम शाम 7 बजे सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम, बालोद में आयोजित होगा। कलेक्टर श्रीमति दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।कार्यक्रम के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं और सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारियों को कार्यक्रम प्रारंभ होने से पहले दोपहर 1 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियांकार्यक्रम स्थल पर दीया, तेल, बाती, मोमबत्ती, माचिस सहित अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी श्री केशव राम पिद्दा, कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड बालोद को सौंपी गई है। उनके सहयोग के लिए बालोद, गुरूर, गुण्डरदेही, डौंडी और डौंडीलोहारा विकासखंड के कृषि विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है।प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। इस आयोजन के माध्यम से सेवा संकल्प अभियान 2026 की भावना के अनुरूप जनभागीदारी और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
- गलियों में पहुंचकर सुनीं समस्याएं, सड़क-बिजली से जुड़े कार्यों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देशदुर्ग। कैबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग-उरला क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 57 एवं 58 में पहुंचकर वार्डवासियों से सीधा संवाद किये। उन्होंने क्षेत्र की गलियों एवं प्रमुख मार्गों का भ्रमण करते हुए नागरिकों से उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने सड़क, बिजली, पानी, नाली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी अपनी मांगें एवं समस्याएं मंत्री के समक्ष रखीं।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने नागरिकों की बातों को गंभीरता से सुने और संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही चर्चा की और आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद ही क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को समझने का सबसे बेहतर माध्यम है। नागरिकों द्वारा बताई जा रही समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाएगा और विकास कार्यों को धरातल पर गति दी जाएगी।इस दौरान वार्डवासियों के आग्रह पर मंत्री श्री यादव ने वार्ड की भीतरी गलियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने उन स्थानों का जायजा लिया जहां बिजली की सुविधा के लिए अतिरिक्त पोल की आवश्यकता है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यकतानुसार बिजली पोल का विस्तार करने के निर्देश दिए, ताकि भीतरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर विद्युत सुविधा मिल सके।इस दौरान नागरिकों ने क्षेत्र की सड़क व्यवस्था को लेकर भी अपनी परेशानी बताई। मंत्री श्री यादव ने चंडी चौक से उरला तक सड़क मजबूतीकरण कार्य की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने बताया कि उक्त सड़क के मजबूतीकरण कार्य की स्वीकृति हो चुकी है। बारिश के कारण सड़क के खराब होने से वाहन चालकों एवं क्षेत्रवासियों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को स्वीकृत सड़क मजबूतीकरण कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में बेहतर और सुगम सुविधा मिल सके।मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो तथा स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि दुर्ग शहर के प्रत्येक वार्ड में नागरिकों की सुविधा और आवश्यकता के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।इस अवसर पर पार्षद सरस निर्मलकर, गुलाब वर्मा, श्रीमती रेशमा सोनकर, मंडल अध्यक्ष कमलेश फेकर सहित वार्डवासी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- गुरूर विकासखंड में पंचायत स्तर पर 500-500 और अमृत सरोवर कनेरी में 11 हजार दीये जलाने की तैयारीबालोद/ सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत 17 सितंबर को शाम 7 बजे गुरूर विकासखंड के चिह्नित अमृत सरोवरों पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की निरंतर जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करना और ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक संकल्प को मजबूत करना है।अमृत सरोवरों पर होगा दीप प्रज्वलनकार्यक्रम के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में स्थित अमृत सरोवरों पर 500-500 दीये जलाए जाएंगे। वहीं अमृत सरोवर कनेरी में ब्लॉक स्तरीय मुख्य कार्यक्रम होगा, जहां 11 हजार दीये एक साथ प्रज्वलित किए जाएंगे। इस आयोजन के माध्यम से जल संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश भी दिया जाएगा।कलेक्टर के निर्देश पर तैयारियों को अंतिम रूपकलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के विशेष निर्देश पर कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं जनभागीदारीपूर्ण बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। एसडीएम गुरूर श्रीमती प्राची ठाकुर के मार्गदर्शन में संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं तथा कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। ग्राम पंचायतों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोजन की तस्वीरें एवं वीडियो भी तैयार कर संबंधित कार्यालय को भेजे जाएंगे।अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारीकार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में तकनीकी सहायक को नोडल अधिकारी तथा ग्राम रोजगार सहायक को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। संबंधित अधिकारी कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं, दीप प्रज्वलन और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक समन्वय करेंगे।जल संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से अमृत सरोवरों को जनभागीदारी से जोड़ते हुए जल संरक्षण, सेवा भावना और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया जाएगा। जिला प्रशासन ने क्षेत्रवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने नजदीकी अमृत सरोवर स्थल पर पहुंचकर दीप प्रज्वलित करने और सेवा संकल्प अभियान 2026 को सफल बनाने में सहभागिता की अपील की है।
- नागरिक सहभागिता के साथ नगर में होंगी विभिन्न जनसेवा एवं स्वच्छता गतिविधियांभिलाईनगर । राज्य शासन के निर्देशानुसार नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक “सेवा संकल्प अभियान” का आयोजन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य नगरीय निकाय से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन करते हुए अधिकतम नागरिक सहभागिता सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान आयोजित प्रत्येक गतिविधि का फोटो एवं वीडियो सहित समुचित दस्तावेजीकरण एवं रिपोर्टिंग भी की जाएगी।अभियान के अंतर्गत “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम के तहत 17 सितंबर की संध्या प्रत्येक परिवार स्तर पर दीप प्रज्ज्वलन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार एवं नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।इसी क्रम में “25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत” के अंतर्गत विद्यालय स्तर पर ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। संबंधित विद्यालयों से समन्वय कर प्रतियोगिता के लिए आवश्यक स्थान, साफ-सफाई एवं मूलभूत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।“नमो सेवा गाथा” के अंतर्गत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों एवं चौक-चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।“आंगन का उत्सव” के तहत 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, मूलभूत व्यवस्थाओं तथा माताओं, हितग्राहियों एवं जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित होंगे।अभियान के दौरान निगम की योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की “कहानी बदलाव की” के रूप में सफलता की वास्तविक कहानियां संकलित की जाएंगी। साथ ही “विकसित भारत संकल्प यात्रा” के अंतर्गत बस्तर सहित परिवर्तनकारी स्थलों/दिवसीय यात्राओं का आयोजन तथा 7 अक्टूबर को “सेवा ज्योति यात्रा” का आयोजन किया जाएगा।“जल जन सेवा संकल्प” के अंतर्गत तालाब, कुएं, जलस्रोत एवं सार्वजनिक जल परिसरों की स्वच्छता एवं सुधार, जल संरक्षण संबंधी जनजागरूकता तथा विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। वहीं “सेवा—मेरा योगदान” के अंतर्गत 25 सेवा गतिविधियों, नदी घाट स्वच्छता, सार्वजनिक स्थलों एवं उद्यानों की स्वच्छता-सौंदर्यीकरण तथा पौधारोपण जैसे कार्य किए जाएंगे।अभियान के तहत “सेवा सेतु अभियान—सरकार आपके द्वार” के माध्यम से शिविरों में नागरिक सेवाओं के काउंटर/हेल्प डेस्क, आवेदन एवं शिकायत पंजीयन, मौके पर निराकरण तथा लंबित प्रकरणों का फॉलोअप किया जाएगा। इसके साथ ही रंगोली राष्ट्र/भारत मंडल अभियान एवं राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल प्रबंधन, डिजिटल सेवाओं, यातायात एवं शहरी पर्यावरण से जुड़े नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाएगा।अभियान के समापन अवसर पर 17 अक्टूबर 2026 को “जनसेवक महाकुंभ—पंचायत से पार्लियामेंट” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी तथा निगम के उत्कृष्ट कार्यों एवं जनसेवा की उपलब्धियों की जानकारी साझा की जाएगी।नगर पालिक निगम भिलाई ने नागरिकों से अपील की है कि वे “सेवा संकल्प अभियान” से जुड़कर जनसेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं नगर विकास से संबंधित गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएं और अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें।
- 0- मुख्यमंत्री विष्णु देव ने अध्यक्ष काले, सच्चिदानंद उपासने, सह प्रतिनिधियों से विभिन्न विषयों, मांगों व सुझावों पर की सौहार्दपूर्ण लंबी बातचीतरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के 91 वर्षों के ऐतिहासिक व गौरवशाली 10 दिवसीय गणेशोत्सव में से किसी एक दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महाआरती में शामिल होने के मंडल के आमंत्रण पर हामी भरी है। सीएम ने कहा कि जल्दी ही वे किस दिन मंडल के गणेशोत्सव की महाआरती में शामिल होंगे, ऑफिस की ओर से सूचित किया जाएगा। वहीं विभिन्न मांगों, सुझावों व विषयों पर हुई चर्चा में भी सीएम साय काफी सकारात्मक रहे।अध्यक्ष अजय मधुकर काले, उपाध्यक्ष गीता दलाल, सह सचिव मालती मिश्रा कार्यकारिणी सदस्य प्रवीण क्षीरसागर सहित वरिष्ठ सभासद सच्चिदानंद उपासने ने मुख्यमंत्री साय से सीएम हाउस पर लंबी बातचीत की। मंडल अध्यक्ष काले ने अपनी चिरपरिचित मांगों अटल नगर (नवा रायपुर) में गुरुकल, गौ शाला और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार का संग्रहालय बनाने के लिए पांच एकड़ भूखंड देने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने शासकीय स्तर पर भूखंड स्वीकृत कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी।काले ने स्वातंत्र्य वीर दामोदर विनायक सावरकर की भारत की स्वराज आंदोलन में कितनी प्रभावी भूमिका थी, यही बताने- समझाने के लिए 200 युवाओं की टीम को प्रत्येक दो माह में अंडमान स्थित सेल्यूलर जेल की यात्रा कराने की मांग की। साय ने कहा कि उनकी मांग पर प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की जाएगी। बताते चलें कि महाराष्ट्र मंडल की ओर से इस आशय की मांग मुख्यमंत्री साय सहित विभिन्न जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों से कई अवसरों व समारोहों में की जा चुकी है।रजनी ताई की स्मृति में महिला सशक्तिकरण सम्मानगीता दलाल ने बताया कि काले के साथ सच्चिदानंद उपासने ने भी महाराष्ट्र मंडल की ओर से मांग की कि राज्योत्सव में छत्तीसगढ़़ की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने की स्मृति में महिला सशक्तिकरण सम्मान शुरू किया जाए और अपने जीवन काल में विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व और प्रेरक काम करने वाली महिलाओं को यह सम्मान दिया जाए। साय ने इस मांग पर भी गौर करने की बात कही।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के संस्कार की शाला में बच्चों को बताया गया दोनों त्योहारों का हमारे जीवन में महत्वरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में ग्रीन हाउस ने तीजा पर्व व गणेश चतुर्थी त्योहार परंपरागत उत्साह के साथ मनाया। नाटकीय रूपांतरण में हरितालिका तीज की पौराणिक कथा बताई गई। गणेशजी के प्रथम पूज्य का कारण, सुंदर संवाद के माध्यम से समझाया गया। बहुत से बच्चों ने पहली बार जाना कि किस तरह से गणेश जी ने माता- पिता की परिक्रमा करके संपूर्ण संसार की परिक्रमा का गौरव प्राप्त किया। अंत में गणपति की आरती के साथ दैनिक प्रार्थना सभा की समाप्ति की गई।आज की प्रार्थना सभा का संचालन शिवानी गोस्वामी ने किया। पार्वती जी के वेश में सृष्टि ठाकुर, शिवजी की वेशभूषा में रिद्धि साहू, सप्त ऋषि ममता टोंडण बनीं। गणपति ओजस सेन और कार्तिकेय संस्कार पटेल बनाए गए। संपूर्ण अभिनय व कार्यक्रम की योजना व उस पर क्रियान्वयन ग्रीन हाउस की इंचार्ज रचना तिवारी व सरोज प्रीतम के मार्गदर्शन में किया गया।
- 0- गणेशोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार, 15 सितंबर को पवन ओगले लिखित व रंजन मोड़क निर्देशित सस्पेंस- थ्रिलर हिंदी नाटक का होगा मंचनरायपुर। पुरानी हवेली के बाहर मूसलधार बारिश और तेज बिजली कड़कने की आवाज के बीच जज की अतृप्त आत्मा का आकाशवाणी नुमा ऐलान ‘जब तक असली कातिल का पता नहीं चल जाता, तब तक न तो मेरी आत्मा को मुक्ति मिलेगी और न ही इस हवेली से कोई बाहर जा पाएगा।जबर्दस्त डायलॉग के बीच गिरते- संभलते किसी तरह डॉक्टर, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, पुलिस इंस्पेक्टर, वकील से लेकर मंत्री जी तक हवेली के हॉल में पहुंचते हैं। जहां आराम कुर्सी पर मृत रिटायर्ड जज माथुर को देखकर वो सभी कांप जाते हैं है।बात हो रही है हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की, जिसका मंचन मंगलवार, 15 सितंबर को शाम 07:30 बजे महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर स्मृति रंगमंच पर किया जाएगा। मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दूसरे दिन पवन ओगले लिखित और रंजन मोड़क निर्देशित हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की केंद्रीय भूमिका में आचार्य चेतन गोविंद दंडवते प्रभावशाली अभिनय करते दिखेंगे। पवन ओगले, रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलोसकर, समीर टल्लू, विनाद राखुंडे और अक्षदा मातुरकर के कसे हुए संवादों के साथ रंगप्रेमी दर्शक एक कत्ल की तफ्तीश को करीब से होते हुए देख सकेंगे। साथ ही हर पल इस बात में उलझे रहेंगे कि अनुराधा का खून आखिर इनमें से किसने किया है।बैकग्राउंड म्यूजिक के माध्यम से नाटक को और भी भूतहा और रोमांचक बनाने के लिए अस्मि जैन के साथ चैतन्य मोडक ने खासी मेहतन की है। गौरव वर्मा व लोकेश साहू का प्रकाश संयोजन और प्रकाश गुरव व नानक गहलोत का मंच सज्जा ‘जस्टिस’ और भी यादगार बनाएगा। मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने रंगप्रेमी दर्शकों को नाटक ‘जस्टिस’ को देखने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है, ताकि नाटकों के कलाकारों को भावी नाटकों के लिए भी प्रोत्साहन मिल सके।
- 0- 17 सितंबर को पुलिस लाइन में सवा लाख दिये जलाएं जाएंगेदुर्ग. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन एवं राजनीतिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा संभाग स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की तैयारियां की जा रही हैं, इसी क्रम में 17 सितंबर को शाम सवा लाख दिए जलाये जायेंगे जिसके तैयारी को लेकर आज स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, श्री सुरेंद्र कौशिक, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, एसएसपी श्री विजय अग्रवाल सहित जिला प्रशासन के साथ कार्यक्रम स्थल पुलिस लाइन का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।केबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की 25 वर्षों की राजनीतिक एवं जनसेवा यात्रा सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रथम की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक, विकास से विरासत तक प्रधानमंत्री जी ने हर कदम देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया है।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सेवा यात्रा केवल 25 वर्षों का पड़ाव नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के विश्वास, परिश्रम और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाली यात्रा है। हर योजना, हर प्रयास और हर कदम देशहित एवं जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है।श्री यादव ने कहा कि सेवा का सफर संकल्प की नई उड़ान’ के भाव के साथ 17 सितंबर से प्रारंभ होने वाला यह अभियान प्रधानमंत्री जी की सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा एवं जनकल्याण की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं भारतीय जनता पार्टी संगठन के समन्वय से संभाग स्तरीय विभिन्न सेवा गतिविधियां, जनकल्याणकारी कार्यक्रम एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाया जाएगा।मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज विकसित भारत के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है। 25 वर्षों की सेवा यात्रा हमें आने वाले वर्षों में और अधिक समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए वर्ष 2026 के लिए जिला स्तर पर 3 स्थानीय अवकाश घोषित किये है। जारी संशोधित आदेश के अनुसार, जिले में 'नुआखाई/नवा खाई' के अवसर पर 15 सितंबर 2026 (मंगलवार), 'दशहरा (महाअष्टमी)' पर 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार) और 'भाईदूज' पर 11 नवंबर 2026 (बुधवार) को स्थानीय अवकाश रहेगा। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश दुर्ग जिले के सभी शासकीय कार्यालयों और संस्थानों के लिए लागू होगा। हालांकि, यह स्थानीय अवकाश जिले के कोषालय, उप-कोषालय एवं बैंकों के लिए लागू नहीं रहेगा।
- रायपुर. कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार कार्यालय उप संचालक कृषि, जिला रायपुर द्वारा खरीफ 2026 में कृषि आदान सामग्रियों में अनियमितता पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिले में 03 व्यापारियों के विरुद्ध पुलिस प्राथमिकी दर्ज की गई है, 09 पर विक्रय प्रतिबंध लगाया गया है, 03 गोदाम सील किए गए हैं और 01 को स्पष्टीकरण जारी किया गया है।जिला रायपुर अंतर्गत मेसर्स पुलकित बायोफर्टिलाइजर, हरियाणा द्वारा उर्वरक एवं श्री रविन्द्र कुमार मित्तल द्वारा बीज एवं उर्वरक का बिना प्राधिकार पत्र के व्यापार किए जाने पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।राज्य एवं जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल द्वारा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों के औचक निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई।मेसर्स एकॉन क्रॉप साइंसेस इंडिया प्रा. लि., उरकुरा द्वारा बिना प्राधिकार पत्र के जैव उत्प्रेरक का भंडारण एवं कीटनाशक गोदाम में अनियमितता पाए जाने पर विक्रय प्रतिबंध लगाकर नोटिस जारी किया गया। मेसर्स एमिरॉन ओवरसीस प्रा. लि., उरकुरा द्वारा बिना प्राधिकार पत्र के उर्वरक भंडारण, मेसर्स डेक्सीस एग्रो सोल्यूशन लि. द्वारा कीटनाशक उत्पाद के पैकेजिंग एवं भंडारण में अनियमितता, मेसर्स भास्कर कृषि केन्द्र, रवेली में अवसान अवधि समाप्त कीटनाशक उत्पाद, मेसर्स अभनपुर कृषि केन्द्र, अभनपुर द्वारा प्रिंसिपल सर्टिफिकेट इन्द्राज नहीं करने तथा मेसर्स सोपन एग्री केयर प्रा. लि., भनपुरी द्वारा बिना प्राधिकार पत्र के जैव उत्प्रेरक भंडारण पर विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई की गई।श्री निधि मार्केटिंग सी.एंड.एफ., उरकुरा रायपुर अंतर्गत मेसर्स हॉक एग्रीकेम प्रा. लि., मेसर्स ओसियन एग्रीटेक प्रा. लि. एवं मेसर्स त्रिवेणी एग्रो केमिकल्स एंड इंडस्ट्रीज लि. द्वारा कृषि उत्पादों के भंडारण में अनियमितता पर नोटिस जारी किया गया तथा भंडारण संबंधी बॉक्स, स्टीकर एवं सील जैसी सामग्री मिलने पर गोदाम को सील किया गया। वहीं मेसर्स आर.डी. इंटरप्राइजेस एवं मेसर्स डी.सी. इंटरप्राइजेस, रायपुरा द्वारा निरीक्षण में सहयोग नहीं करने पर विक्रय केंद्र को सील किया गया।उप संचालक कृषि ने बताया कि स्पष्टीकरण पर संबंधितों द्वारा पक्ष रखे जाने के बाद उर्वरक में अनियमितता पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा कीटनाशी उत्पादों में अनियमितता पर कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।संचालक कृषि विभाग एवं कलेक्टर डाक्टर गौरव सिंह के निर्देशानुसार कृषि आदानों की गुणवत्ता एवं व्यवसाय संबंधी अनियमितता पर लगातार कार्रवाई जारी है, जिससे कृषकों को सही समय पर उचित मूल्य पर गुणवत्ता युक्त आदान सामग्री निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जा सके।--
- 0- नगर निगम जोन-9 वार्ड, 8 सड्डू क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग और रामकी कम्पनी ने मिलकर स्वच्छता अभियान चलाया0- सेनेटरी कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा पृथक-पृथक रखकर सफाई मित्र को दें कचरा0- रायपुर शहर को स्वच्छ बनाने सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील0- नागरिकों से प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का दैनिक जीवन में उपयोग नहीं करने अपील0- सफाई वाहन नियमित नहीं आने की शिकायत रामकी कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 18002709992 पर दर्ज करवाने की अपीलरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री चंद्राकर और आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2025-25 के अंतर्गत नगर निगम जोन क्रमांक 9 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अनुबंधित सफाई कम्पनी रामकी कम्पनी के साथ मिलकर रायपुर नगर निगम जोन 9 के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 8 अंतर्गत सड्डू आवासीय क्षेत्र में घर - घर जाकर रहवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया. नगर निगम जोन 9 स्वास्थ्य विभाग और रामकी कम्पनी के स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम द्वारा महिलाओं को भारत सरकार द्वारा विगत दिनांक 1 अप्रेल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अंतर्गत नए नियम प्रभावशील होने की जानकारी दी गयी और सभी नागरिकों से अपने घर का प्रतिदिन का सूखा कचरा नीले रंग के डस्टबिन और गीला कचरा हरे रंग के डस्टबिन में रखकर नियमित सफाई मित्र को सफाई वाहन में देकर घर, मोहल्ले, वार्ड और रायपुर शहर को स्वच्छ बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की. साथ ही घर में सेनेटरी कचरा लाल रंग के डस्टबिन में रखने और घरेलू हानिकारक कचरा काले रंग के डस्टबिन में रखकर समय - समय पर घर में उपलब्धता अनुसार पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को सफाई वाहन में देकर स्वच्छता कायम करने की विनम्र अपील सभी नागरिकों से की गयी. साथ ही नागरिकों से घर का कचरा बाहर नाली, सड़क, गली, तालाब में नहीं फेंकने की और सफाई में सकारात्मक सोच सहित सहभागी बनने की अपील नगर निगम जोन 9 स्वास्थ्य विभाग और रामकी कम्पनी के स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम द्वारा स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाकर की गयी.साथ ही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का दैनिक जीवन में उपयोग कदापि नहीं करने और स्वच्छ पर्यावरण कायम करने में सहयोग देने की अपील की है.नगर निगम जोन 9 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नागरिकों से अनुबंधित सफाई कम्पनी रामकी का सफाई वाहन डोर टु डोर कचरा कलेक्शन करने हेतु नियमित नहीं आने पर तत्काल अनुबंधित सफाई कम्पनी रामकी कम्पनी के टोल फ्री नम्बर 18002709992 पर शिकायत दर्ज करवाकर समस्या का त्वरित समाधान प्राप्त करने की विनम्र अपील सभी नागरिकों से की है.
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने गणेशोत्सव की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि विघ्नहर्ता, मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश बुद्धि, ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के प्रदाता हैं। भगवान गणेश की आराधना की सनातन परम्परा जन-जन के जीवन में शुभता और नव-ऊर्जा का संचार करती है। श्री देव ने कामना करते हुए कहा कि रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक के जीवन से समस्त कष्टों, व्याधियों एवं बाधाओं का निवारण करें। प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का निरंतर विस्तार हो और हमारा छत्तीसगढ़ चहुँमुखी विकास के पथ पर अग्रसर रहे। सभी प्रदेशवासियों से अपील करते हुए श्री देव ने कहा कि वे गणेशोत्सव को पूर्ण भक्ति, उल्लास, सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण की भावना के साथ मनाएँ।
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-स्टील कचरे का किया 100% इस्तेमाल
-1.85 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क बनाई
रायगढ़। रायगढ़ में जिंदल स्टील ने देश के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने फैक्ट्रियों से निकलने वाले स्टील कचरे (स्टील स्लैग) का 100% इस्तेमाल करके 1.85 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क बनाई है। पूरी तरह से प्रोसेस किए गए स्टील स्लैग से बनी यह दुनिया की सबसे लंबी सड़क है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है। शनिवार को इस सड़क का उद्घाटन नयी दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह एवं जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने आनलाइन किया।
कचरे से कंचन (वेस्ट टू वेल्थ) का सपना साकार करने वाली इस सड़क के निर्माण में लगभग 2 लाख टन प्रोसेस्ड स्टील स्लैग का इस्तेमाल हुआ है। इससे प्राकृतिक पत्थरों की खुदाई और खनन पर निर्भरता खत्म हुई है। यह सड़क सिर्फ दिखाने के लिए नहीं, बल्कि भारी कमर्शियल गाड़ियों (ट्रक आदि) की आवाजाही को ध्यान में रखकर बेहद मजबूत बनाई गई है। इससे पैसे और संसाधनों की बचत होगी। पारंपरिक सड़कों के मुकाबले यह सड़क लगभग 35% पतली है और इसे बनाने में करीब 40% लागत की बचत हुई है।
जिंदल स्टील ने सीएसआईआर और सड़क अनुसंधान संस्थान के साथ मिलकर इस स्लैग को वैज्ञानिक प्रक्रिया (क्रशिंग, मेटल निकालना और ग्रेडिंग) के जरिए सड़क बनाने लायक पत्थरों में बदला और सड़क की सबसे निचली परत से लेकर ऊपरी डामर (बिटुमिन) की परत तक इसी का इस्तेमाल किया। सभी कड़े पर्यावरणीय परीक्षणों के बाद ही इसे मंजूरी दी गई है। जिन्दल स्टील के चेयरमैन श्री नवीन जिंदल ने इस अवसर पर कहा कि भारत की तरक्की ऐसे नए प्रयोगों से होनी चाहिए जो पर्यावरण को बचाते हुए देश को फायदा पहुंचाएं। यह तकनीक दिखाती है कि कैसे उद्योग का कचरा देश निर्माण का जरिया बन सकता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री) ने कहा कि यह प्रोजेक्ट 'वेस्ट टू वेल्थ' (कचरे से संपत्ति) के सपने को साकार करता है। यह साबित करता है कि हमारी स्वदेशी तकनीक से देश की बड़ी समस्याओं का हल निकाला जा सकता है।
जिंदल स्टील ने इस प्रोसेस्ड स्लैग का नाम स्टील ग्रिट रखा है। इसका लोगो आज लोकार्पित किया गया। इस तकनीक को देश भर में बाकी सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल करने के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस्पात संयंत्रों से निकलने वाले स्लैग का उच्च गुणवत्ता वाली सड़क निर्माण में उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त करने वाली इस मील का पत्थर परियोजना का निर्माण जिंदल सीमेंट परियोजना स्थल को नेशनल हाइवे-49 से सीधे जोड़ने के लिए किया गया है। परियोजना के दौरान देश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने निरंतर दौरा कर इसका निरीक्षण किया एवं महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विगत दिनों गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्डस की टीम ने भी रायगढ़ का दौरा कर स्थल का मुआयना किया। शनिवार को उद्घाटन समारोह के दौरान जिंदल स्टील लिमिटेड रायगढ़ के समस्त अधिकारी—कर्मचारी आनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। - -भाजपा राज्यसभा सांसद ने ‘हरतालिका तीज’ पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीरायपुर। भारतीय जनता पार्टी की सांसद (राज्यसभा) लक्ष्मी वर्मा ने सनातन संस्कृति के अत्यन्त पावन एवं आस्था के प्रतीक 'हरतालिका तीज' (तीजा) पर प्रदेश की सभी माताओं, बहनों और समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए मंगलकामनाएँ व्यक्त की हैं।भाजपा सांसद श्रीमती वर्मा ने कहा कि हरतालिका तीज का पावन पर्व त्याग, तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था का अनुपम संगम है। यह महापर्व भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की दृढ़ इच्छाशक्ति, पतिव्रत धर्म और पारिवारिक मूल्यों की महत्ता को रेखांकित करता है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अत्यन्त कठिन तप किया था; यह पर्व उसी निश्छल भक्ति और संकल्प का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह व्रत परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और अखण्ड सौभाग्य का संचार करता है। श्रीमती वर्मा ने देवाधिदेव महादेव और जगज्जननी माँ पार्वती से प्रार्थना करते हुए कहा कि भगवान शिव और माता गौरी की कृपा समस्त मातृशक्ति पर सदैव बनी रहे। सभी का दाम्पत्य जीवन प्रेम, विश्वास और सौहार्द से परिपूर्ण रहे तथा हमारा प्रदेश सुख, शांति और समृद्धि के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़े।भाजपा सांसद श्रीमती वर्मा ने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकताओं के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार मातृशक्ति को केंद्र में रखकर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है, जिससे राज्य की करोड़ों महिलाएँ सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। राज्य सरकार द्वारा 'महतारी वन्दन योजना' के तहत प्रदेश की 70 लाख से अधिक पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 (वार्षिक ₹12,000) की सीधी आर्थिक सहायता उनके बैंक खातों में डीबीटी के जरिए दी जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) और स्व-सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से बहनों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों, कौशल प्रशिक्षण और वित्तीय संसाधनों से जोड़ा जा रहा है। लक्ष्य तय कर महिलाओं की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है, जिससे गाँव-गाँव में महिलाएँ सफल उद्यमी के रूप में उभर रही हैं। गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों की बहनों को रसोई के धुएं से मुक्ति और आर्थिक राहत देने की दिशा में बाल विकास व पोषण अभियानों को भी धरातल पर गति दी गई है।




























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