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- -सुशासन तिहार के दौरान सक्ती जिले के ठठारी गांव पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है।उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं।इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए।इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- रायपुर ।सुशासन तिहार के अंतर्गत सक्ती जिले के ग्राम ठठारी के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। खुले वातावरण में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव प्राप्त किए तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया।जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेकर उपभोक्ता बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा बस्तर में जनता के सहयोग से शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव की आवश्यकताओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ठठारी में बैंक शाखा खोलने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ठठारी को नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने हेतु कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बरगद की छांव में सजी यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक यादगार अवसर बन गई, जहां उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला।जनचौपाल में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा-लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी रू महिलाओं को दिया ‘करोड़पति दीदी’ बनने का मंत्र-स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचनरायपुर। सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है।जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों - जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित ‘आजीविका गाथा’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, जनप्रतिनिधियों ने भी किया वृक्षारोपणरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने गरियाबंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गत वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे देश में यह अभियान उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है तथा इसके तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में राजिम विधायक श्री रोहित साहू,बिन्द्रानवागढ़ विधायक श्री जनक ध्रुव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -अब नहीं भटकेगा किसान, ब्रॉडगेज रेल और आधुनिक गोदामों से बदलेगी धमतरी की तकदीर-धान का कटोरा अब बनेगा 'वेयरहाउसिंग हब': धमतरी की नई आर्थिक उड़ानरायपुर। छत्तीसगढ़ का कृषि प्रधान जिला धमतरी आज विकास और आत्मनिर्भरता के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। कभी रबी फसलों के रिकॉर्ड उपार्जन के बाद भंडारण की कमी से जूझने वाला यह जिला, आज अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दूरदर्शिता के कारण प्रदेश के एक प्रमुख 'वेयरहाउसिंग एवं कृषि लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में उभर रहा है।राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और छत्तीसगढ़ राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) के संयुक्त प्रयासों से जिले में 30 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त वैज्ञानिक भंडारण क्षमता विकसित की जा रही है, जो धमतरी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने के लिए तैयार है। विगत वर्षों में धमतरी ने रबी फसलों, विशेषकर चने के रिकॉर्ड उत्पादन और उपार्जन का गवाह बना। लेकिन इस खुशी के साथ एक बड़ी चुनौती भी सामने आई।जिले में पर्याप्त भंडारण क्षमता का न होना। मजबूरी में उपज को दूसरे जिलों के गोदामों में भेजना पड़ा, जिससे न केवल परिवहन का खर्च बढ़ा, बल्कि प्रशासनिक और सहकारी संस्थाओं पर भी भारी दबाव पड़ा।इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए धमतरी प्रशासन ने जिले में ही स्थायी और आधुनिक भंडारण अधोसंरचना विकसित करने की एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू किया।केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना” धमतरी के लिए वरदान साबित हो रही है। इसके तहत जिले की चार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का चयन किया गया है। जिसमे अंवरी,कोसमर्रा,पोटियाडीह-आमदी और कोलियारी शामिल है। इन चारों समितियों में 2,500-2,500 मीट्रिक टन क्षमता के आधुनिक गोदामों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। इनके पूरा होते ही ग्रामीण स्तर पर ही 10 हजार मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।इसके साथ ही, राज्य भंडारण गृह निगम (SWC) द्वारा धमतरी और कुरूद में 10-10 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो बड़े गोदाम विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के पास पहले से उपलब्ध 1 लाख मीट्रिक टन से अधिक की क्षमता के साथ अब धमतरी का नेटवर्क बेहद मजबूत होने जा रहा है।भंडारण क्षमता में यह विस्तार हवा में नहीं, बल्कि जमीन पर बढ़ती कृषि समृद्धि को देखकर किया जा रहा है। रबी विपणन वर्ष 2026 में जिले के 9,103 किसानों से 1 लाख 16 हजार 162 क्विंटल चने की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिसके एवज में 60.54 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। चने के साथ-साथ सरसों और मसूर का भी सफल उपार्जन किया गया है।धान मिलिंग के क्षेत्र में धमतरी हमेशा से अग्रणी रहा है, लेकिन अक्सर तैयार चावल और धान के सुरक्षित रख-रखाव की समस्या आती थी। इस नई क्षमता विस्तार से मिलिंग गतिविधियों में तेजी आएगी,भंडारण का दबाव कम होगा और परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी कमी आएगी। इसके साथ ही, धमतरी में ब्रॉडगेज रेल लाइन पर जल्द शुरू होने वाला रैक संचालन जिले के विकास में चार चांद लगाने वाला है। रेल मार्ग जुड़ने से यहां का चावल और कृषि उत्पाद देश के बड़े बाजारों तक बेहद कम लागत में पहुंच सकेंगे। धमतरी में विकसित हो रही वेयरहाउसिंग अधोसंरचना और जल्द प्रारंभ होने वाली ब्रॉडगेज रेल सेवाएं जिले को प्रदेश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स एवं व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी। यह पहल रोजगार सृजन, व्यापार विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। भंडारण क्षमता बढ़ने से कृषि उपज का बेहतर प्रबंधन, परिवहन लागत में कमी और विपणन व्यवस्था में सुधार होगा। यह नई अधोसंरचना किसानों, सहकारी संस्थाओं, व्यापारियों और उद्योगों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी। धमतरी की यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे सही समय पर सही बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का निर्माण करके एक पूरे क्षेत्र की तकदीर बदली जा सकती है। आने वाले वर्षों में, भंडारण की यह सुदृढ़ व्यवस्था और रेल कनेक्टिविटी न केवल किसानों की आय में वृद्धि करेगी, बल्कि धमतरी को छत्तीसगढ़ के नक्शे पर एक बड़े 'कृषि-व्यापार और लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में नई पहचान दिलाएगी।
- रायपुरl राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री, भारत सरकार) के अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति जी 07 जून 2026 को रायपुर (छत्तीसगढ़) के एक दिवसीय आधिकारिक प्रवास पर रहेंगी।राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष के दौरे में सहयोग हेतु श्री राजेन्द्र कुमार निषाद (निजी सचिव मो.-8756342092), एवं श्री रितिक विश्वकर्मा (मो. 7266050609) कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष के साथ रहेंगे।अध्यक्ष-राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग साध्वी निरंजन ज्योति जी 07 जून 2026 को नई दिल्ली से सुबह 06:30 बजे प्रस्थान कर सुबह 08:15 बजे रायपुर पहुंचेंगी l वे राज्य अतिथिगृह, रायपुर 07 जून 2026 को सुबह 09:30 बजे पिछड़े समाज के प्रतिनिधि मंण्डल से भेंट करेंगीl 10:30 बजे माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ से शिष्टाचार भेंट करने के बाद दोपहर 12 बजे माननीय राज्यपाल (छत्तीसगढ़) से शिष्टाचार भेंट करेंगी lराष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष 7 जून 14:00 बजे श्री बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बुढ़ापारा, रायपुर में पिछड़ा वर्ग संगठन के सामाजिक प्रगति चिन्तन सम्मेलन में शामिल होंगी l वे अपरान्ह 3 बजे राजकीय अतिथि गृह रायपुर में पिछड़ा वर्ग के कल्याणकारी योजनाओं पर समीक्षा बैठक लेंगी, जिनमें मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन माननीय अध्यक्ष एवं सदस्यगण, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग अयोग, प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्गविकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन शामिल होंगे l राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष 7 जून को ही शाम को 6:40 बजे रायपुर से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी l
- रायपुर। चौबे कॉलोनी, रायपुर निवासी वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा ( पौसरी वाले)का 6 जून को हृदयाघात से निधन हो गया, वे 68 वर्ष के थे। राजीव शर्मा वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस क्लब के मानद सदस्य राजेश शर्मा के अनुज थे। उनकी अंतिम यात्रा 7 जून को उनके निवास स्थान से महादेव घाट के लिए प्रात: 9:30 बजे निकलेगी ।
- कृषक उन्नति योजना से मिली आर्थिक संबलता, बनाया स्वयं का मकानबालोद/परंपरागत खेती को अगर आधुनिक तकनीक से किया जाए तो किसान की तकदीर बदलते देर नहीं लगती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बालोद जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम अरकार के प्रगतिशील किसान श्री अनंद राम साहू ने। अनंद ने नैनो उर्वरक को अपनाकर न सिर्फ अपनी फसल का उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि अपनी खेती को एक बेहद मुनाफेदार व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने प्रति एकड़ 35 क्विंटल धान की पैदावार की है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन में जब उन्होंने अपने खेतों में नैनो उर्वरकों का छिड़काव किया, तो परिणाम चैंकाने वाले थे। अनंद राम बताते हैं कि नैनो उर्वरकों के इस्तेमाल से फसल की सेहत सुधरी और उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई। इसका असर खेतों में साफ दिखाई देता है। मैं जिले के दूसरे किसान भाइयों से भी अपील करता हूँ कि बेहतर उत्पादन के लिए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को जरूर अपनाएं। अनंद राम ने बताया कि शासन की किसान-हितैषी योजनाओं ने उनके जीवन को एक नई आर्थिक संबलता दी है। कृषक उन्नति योजना के तहत धान का बेहतर मूल्य मिलने से ओंकार को जबरदस्त आर्थिक लाभ हुआ। धान बेचकर मिले इसी मुनाफे से आज वे अपने सपनों का पक्का घर बना चुके हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वे समय पर खाद, बीज और खेती के दूसरे जरूरी कामों के लिए करते हैं, जिससे उन्हें कहीं से पैसे लेने की जरूरत नहीं पड़ती। अपनी इस सफलता से गदगद किसान अनंद राम साहू ने शासन-प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- बालोद/सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद विकासखंड के ग्राम बघमरा में सोमवार 08 जून को जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक ने बताया कि पूर्व में ग्राम बघमरा में जनसमस्या निवारण शिविर की तिथि 29 मई 2026 को निर्धारित की गई थी। जिसमें आंशिक संशोधन करते हुए सोमवार 08 जून 2026 को हाईस्कूल प्रागंण बघमरा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया है।
- *उप मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की*बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कोण्डागांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के तीनों नगरीय निकायों कोंडागांव , केशकाल और फरसगांव में वर्षा ऋतु के पहले आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने, नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में कहा कि कोण्डागांव जिला विकास की असीम संभावनाओं से परिपूर्ण है। केशकाल घाट बायपास के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी, इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से समय के साथ प्रभावी कार्यशैली अपनाने, नई तकनीकों का उपयोग करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।श्री साव ने कहा कि नक्सलवाद के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की प्रतीक्षा करता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।उप मुख्यमंत्री ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान सभी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पूर्व नालियों की सफाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने तथा अधिकारियों को अनिवार्यतः प्रातः भ्रमण करने के निर्देश दिए। द्वारा नियमित मॉर्निंग विजिट करने पर भी बल दिया। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों को मिशन मोड में पूर्ण करने तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को स्वच्छ, सुंदर एवं सुविधायुक्त बनाने पर विशेष जोर दिया।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सभी निर्माण एवं पेयजल योजनाओं का नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों, पुलों एवं भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति का आकलन करते हुए कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान खेल गतिविधियों के समन्वित एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में जल प्रदाय परियोजनाओं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), आकांक्षी शौचालय निर्माण, राजस्व वसूली, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। कोंडागांव की कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक श्री पंकज चन्द्रा, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी और चारों विभागों के विभागाध्यक्ष कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -टी सहदेवदुर्ग । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को इंटरनेशनल ब्लू क्रॉस एंड ब्लू क्रिसेंट मूवमेंट्स के छत्तीसगढ़ चैप्टर की दुर्ग जिला इकाई द्वारा महिला थाना दुर्ग परिसर में पौधारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला थाना प्रभारी टीआई नीता सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पौधारोपण किया। कार्यक्रम के दौरान संस्था की ओर से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी पुलिस कर्मियों को सम्मान स्वरूप एक-एक पौधा भेंट किया गया।इस पहल का उद्देश्य लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक करना तथा पर्यावरण संरक्षण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था की नेशनल डायरेक्टर सरस्वती धानेश्वर ने किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का विषय नहीं, बल्कि पौधों की सतत देखभाल करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है तथा आने वाली पीढ़िवयों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।इस अवसर पर संस्था के डिस्ट्रिक्ट कमांडर तरन सुरी, डिप्टी कमांडर नीलम बैनर्जी, सोशल वेलफेयर ऑफिसर ममता गोस्वामी, महिला वेलफेयर ऑफिसर सुनीता मुरकुटे, समन्वयक अधिकारी अभिषेक शर्मा, करना गुप्ता, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर राधिका देवांगन, अविनाश वैष्णव, लीगल हेड पुष्पलता साहू, लीगल ऑफिसर सीमा हिरवानी, एडवोकेट मोनिका सिंह, संगीता चंद्राकर, सीमा मेश्राम सहित संस्था के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थितजनों ने अधिकाधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प लिया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का प्रभावी संदेश दिया।
- *कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने किया निरीक्षण, स्थिति सामान्य, कोई जनहानि नहीं*रायपुर। जयस्तम्भ चौक, बॉम्बे मार्केट स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल ऑफिस में आज सुबह आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई कर आग पर काबू पा लिया गया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया है और अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है। घटना कार्यालय बंद होने के समय हुई, इसलिए किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। भवन और दस्तावेजों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।बचाव कार्य में एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे, जिला सेनानी नगर सेना श्री पुष्पराज सिंह, रायपुर तहसीलदार श्री राममूर्ति दीवान सहित संबंधित अधिकारी भी सक्रिय थे।
- *ई-रिक्शा चलाकर कर रहीं अपने व अपने परिवार की देखभाल*रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से लाभान्वित होकर श्रमिक महिला श्रीमती अनिता साहू ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आत्मनिर्भरता की नयी मिसाल कायम की है।श्रीमती साहू छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की पंजीकृत सदस्य हैं। वे बताती हैं कि पहले वे अपने पति स्वर्गीय श्री महेश साहू के साथ मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती थीं। पति के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। तीन बच्चों की शिक्षा और दैनिक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था।इसी दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि की सलाह पर उन्होंने जिला श्रम कार्यालय रायपुर से संपर्क किया। वहां उन्हें दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना की जानकारी दी गई। योजना के तहत मंडल की पंजीकृत महिला श्रमिकों को ई-रिक्शा क्रय करने के लिए एक लाख रुपये तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है।योजना की पात्रता होने पर जिला श्रम कार्यालय के सहयोग से उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा और स्वरोजगार शुरू किया।आज श्रीमती साहू ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। ई-रिक्शा से होने वाली आय से उन्होंने अपने घर की मरम्मत भी करायी।श्रीमती साहू ने छत्तीसगढ़ शासन एवं श्रम विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाएं श्रमिक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं जिससे वे खुशहाल जीवन जी रहे हैं।
- 0- शिविर में मिला श्रीमती वर्षा हलदर को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत अनुज्ञा पत्ररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी एवं संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। नगर निगम जोन-10 कमल विहार गेट के पास देवपुरी धर्मशाला (गुरूद्वारा) में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में श्रीमती वर्षा हलदर को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत पक्के मकान के निर्माण हेतु अनुज्ञा पत्र प्रदान किया गया।श्रीमती हलदर ने उत्साह के साथ बताया कि मैं अपने परिवार के साथ किराए पर कच्चे मकान में निवासरत हूँ, लेकिन अब सुशासन तिहार में मुझे पक्का मकान बनवाने हेतु अनुज्ञा पत्र मिल गया है, जिससे अब मैं अपना पक्का मकान बनवा पाऊँगी और अपने परिवार के साथ नए मकान में ख़ुशी से रहूंगी | इस खुशी के क्षण में उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया।
- रायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में इंचार्ज मेडिकल ऑफिसर डॉ.शुभ्रत सिंह ठाकुर ने घरौंदा आश्रम (दिव्यांगजन आश्रम), यूपीएचसी उरला सुपरवाइजर श्री रामनारायण निषाद ने आंगनबाड़ी केंद्र डूमर तालाब एवं स्टॉफ नर्स श्रीमती प्रेमलता साहू ने आंगनबाड़ी केंद्र भनपुरी में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- बिना किसी परेशानी मिला खाद, किसान श्री रेवाराम सिन्हा ने सराही उर्वरक वितरण व्यवस्थारायपुर. राज्य शासन की किसान हितैषी पहल और कृषि विभाग की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है।जिले के विकासखंड अभनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पचेड़ा के किसान श्री रेवाराम सिन्हा ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समिति केंद्र में बिना किसी परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो गया। उन्होंने कहा कि समिति पहुंचने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका परमिट तत्काल जारी किया गया तथा आवश्यक उर्वरक भी आसानी से प्राप्त हो गया।किसान श्री रेवाराम सिन्हा ने बताया कि उनके पास लगभग नौ एकड़ कृषि भूमि है। उन्होंने बताया कि समिति से उन्हें खेती की आवश्यकता के अनुसार 8 बोरी डीएपी, 16 बोरी यूरिया एवं 20 बोरी एसएसपी (सिंगल सूपर फॉस्फेट) खाद प्राप्त हुआ है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल प्रबंधन में सुविधा होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत समिति केंद्र में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली से किसानों का समय बच रहा है तथा खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो पा रही हैं।श्री सिन्हा ने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाओं से खेती-किसानी के कार्यों में काफी सुविधा हुई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के प्रयासों का सीधा लाभ ग्रामीण अंचलों के किसानों को मिल रहा है।
- 0- मेले में 104 अभ्यर्थियों का हुआ साक्षात्कार, 25 हुए शॉर्टलिस्टरायपुर. विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर द्वारा शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में जिले के औद्योगिक क्षेत्रों की 6 निजी कंपनियों ने भाग लिया।रोजगार मेले में आई ट्रेड टेलीमैटिक्स निगरानी जीपीएस द्वारा 17 अभ्यर्थी, रामा उद्योग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 14 अभ्यर्थी, बार्बरिक ट्रांसफार्मर्स द्वारा 18 अभ्यर्थी, अविनाश डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 21 अभ्यर्थी, स्काई ऑटोमोबाइल्स (मारुति नेक्सा) प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 15 अभ्यर्थी एवं विश्वभारती ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 19 अभ्यर्थी सहित कुल 104 दिव्यांग अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया, जिनमें से 25 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया उपस्थित रहे, जिन्होंने वित्त विकास निगम द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाएँ, ऋण की ब्याज दरें एवं सफलता की कहानियों के माध्यम से दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वित्त एवं विकास निगम के सलाहकार श्री राजेश तिवारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थिति रहे।
- रायपुर. भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छ.ग. राज्य शाखा द्वारा आपदा राहत प्रबंधन राज्य समिति की पहली बैठक 8 जून 2026 को रेडक्राॅस भवन, रायपुर में आयोजित की जाएगी। यह बैठक दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक होगी।इस बैठक का उद्देश्य आपदा के समय जनसहभागिता एवं राहत कार्यों को प्रभावी रूप से संचालित करना है। साथ ही बैठक में आगामी वर्षा, बाढ़, तूफान, शीतलहर एवं अन्य संभावित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारी, स्वयंसेवकों की भूमिका तय करना, राहत सामग्री की व्यवस्था तथा राष्ट्रीय मुख्यालय से आवश्यक सहयोग प्राप्त करने संबंधी विषयों पर चर्चा की जाएगी।
- 0- 12 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र एवं हितग्राहियों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड वितरित किया गयारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेशभर में चल रहे 'सुशासन तिहार 2026' के अंतर्गत आज रायपुर नगर निगम जोन 10 के 7 वार्डों के लिए जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन देवपुरी गुरुद्वारा परिसर के पास स्थित हॉल में किया गया। शिविर में रानी दुर्गावती वार्ड क्रमांक 49, पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड 50, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड 52, बाबू जगजीवन राम वार्ड 53, कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड 54, रविन्द्रनाथ टैगोर वार्ड 55 एवं लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड 56 के नागरिकों की समस्याएं सुनी गईं और मौके पर निराकरण के प्रयास किए गए।शिविर का रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं रायपुर विकास प्राधिकरण अध्यक्ष पूर्व विधायक श्री नंदकुमार साहू ने किया।ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार के कार्यकाल में रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक के नए विकास कार्य स्वीकृत कराए जा चुके हैं। पूर्ववर्ती सरकार में विकास कार्य ठप्प थे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सुशासन तिहार शिविर में अधिक संख्या में पहुंचकर योजनाओं का लाभ लें और विकास कार्यों से जुड़ें।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों, मांगों और शिकायतों पर एक माह की निर्धारित समय-सीमा में शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विशेषकर जोन 10 के वार्डों में अवैध निर्माण संबंधी आवेदनों पर नगर निवेश विभाग द्वारा नोटिस जारी कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के 12 पात्र हितग्राहियों - बालू विश्वकर्मा, कामदेव साहू, प्रदीप सेन, हेमा बाई साहू, हिरेश साहू, कौशल्या शर्मा, लक्ष्मी पुरेना, मोना हलधर, रामदास जोशी, साद बाई, वर्षा हलधर एवं नंदकुमार गडरिया को मकान निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। साथ ही पात्र हितग्राहियों को नए राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं ई-श्रम कार्ड वितरित किए गए। गर्भवती माताओं की गोदभराई और नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन भी सम्पन्न हुआ।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने मौलश्री एवं महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कचनार का पौधा रोपित किया। जनप्रतिनिधियों ने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें।इस दौरान निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- 0- 1215 आवेदन प्राप्त, 410 का तत्काल निराकरण, हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ वितरितरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर आयोजित 'सुशासन तिहार 2026' के तहत आज धरसीवां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत जरौद में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में नागरिकों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। कुल 1215 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 410 आवेदनों का मौके पर ही तत्काल निराकरण किया गया। शेष आवेदनों पर संबंधित विभागों को समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।शिविर के मुख्य अतिथि रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल रहे। कार्यक्रम में धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य ओबीसी आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चंद्रकांती वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।शिविर में शासकीय योजनाओं का लाभ भी मौके पर दिया गया। 20 नए राशन कार्ड, 10 पेंशन कार्ड और 10 श्रम कार्ड बनाए गए। साथ ही 46 नागरिकों के लर्निंग लाइसेंस भी शिविर स्थल पर ही निर्मित किए गए।अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। शिविर में प्राप्त शेष आवेदनों का भी तय समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे एवं जनपद पंचायत सीईओ श्री आशीष केशरवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में शनिवार, 6 जून को शाम साढे़ छह बजे छत्रपति शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। कार्यक्रम की विशेष अतिथि महापौर मीनल चौबे होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले करेंगे। इस अवसर पर मासूम अथर्व शेष पारंपरिक राज्याभिषेक उद्घोष "आस्ते कदम, आस्ते कदम, आस्ते कदम!" का पाठ करेंगे। वहीं श्रावणी मुकादम शिवाजी महिमा से संबंधित सुंदर नृत्य की प्रस्तुति देंगी। इसी तरह अभिज्ञा शुक्ला जिजाऊ माता और आरुण्य उजाला शिवाजी स्वाभिमान पर संक्षिप्त प्रस्तुति देंगे।सचिव चेतन दंडवते ने बताया कि महाराष्ट्र मंडल के मुख्य द्वार के पास लाॅबी में शिवाजी महाराज की सिंहासनस्थ प्रतिमा का अनावरण राज्यपाल रमेन डेका के हस्ते होगा। वहीं इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल के अभिषेक विद्याधर बक्षी निर्देशित हिंदी नाटक 'शिव शौर्य' नाटक का मंचन भी किया जाएगा। अध्यक्ष काले ने महाराष्ट्र मंडल के समस्त सभासदों सहित आमजनों से इस गौरवशाली आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया है।
- 0- शिवाजी महाराज के शौर्य, धैर्य व संयम की गाथा कहने वाले इस कास्ट्यूम ड्रामा में होंगे 25 से अधिक वरिष्ठ व नए नवेले रंगसाधक0- अभिषेक विद्याधर बक्षी लिखित व निर्देशित इस ऐतिहासिक नाटक में मंच सज्जा, लाइट और संगीत होगा आकर्षण का केंद्ररायपुर। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य, धैर्य व संयम को प्रतिष्ठित करता हिंदी नाटक ‘शिव शौर्य’ का मंचन शनिवार, छह जून को शाम 6:30 बजे महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर स्मृति रंगमंच पर होगा। लेखक, निर्देशक अभिषेक बक्षी के मार्गदर्शन में 25 कलाकारों की टीम पर्दे पर अभिनय करते नजर आएगी। गौरवशाली ऐतिहासिक पलों को दोबारा जीवित करने के लिए इस कास्ट्यूम ड्रामा में मंच सज्जा से लेकर लाइट, संगीत तक सभी कुछ खास और भव्य होगा। इसकी तैयारी पिछले ढाई महीने से महाराष्ट्र मंडल परिसर में जारी है।निर्देशक अभिषेक ने बताया कि मंच पर शिवाजी की केंद्रीय भूमिका वे खुद निभा रहे हैं। अनिकेत के रूप में विभिन्न शहरों में तहलका मचा चुके वरिष्ठ रंगसाधक शशि वरवंडकर इस नाटक में अफजल खान की क्रूर भूमिका में जान फूंकते नजर आएंगे। इसके लिए उनकी दमदार में डायलॉग डिलीवरी नाटक की बड़ी विशेषता होगी। चेतन दंडवते का लंबा रंगमंचीय अनुभव बाजी प्रभु देशपांडे की महत्वपूर्ण भूमिका को साकार कर रहा है।आकाशवाणी के प्रसिद्ध उद्घोषक दीपक हटवार नाटक 'शिव शौर्य' के सूत्रधार होंगे। श्वेता निगम बाजी प्रभु देशपांडे की पत्नी देशपांडे बाई, भारती पलसोदकर जिजाऊ माता और कीर्ति हिशीकर शिवाजी महाराज की पत्नी सई बाई और यशस्वी दंडवते दासी केसर की भूमिका को जीवंत करेंगी। इनके अलावा रविंद्र ठेंगड़ी, विनोद राखुंडे, पवन ओगले, अभय भागवतकर, पंकज सराफ़, पराग दलाल, अक्षदा मातुरकर, योगेश दंडवते, अनुष्का टेम्बे, प्रार्थना दंडवते, अतुल गद्रे, हेमंत मोहिते, गणेशा जाधव पाटिल, ज्योतिर्मय भोसले, रवि किरण दशपुत्रे भी मंच पर अपने अभियन की छाप छोड़ते नजर आएंगे। मंच सज्जा प्रवीण क्षीरसागर और संगीत संचालन परितोष डोनगांवकर का होगा। नेपथ्य में प्रकाश गुरव व उत्कर्ष हटवार होंगे। शिव शौर्य में विशेष सहकार्य रंजन मोडक का है।
- दुर्ग. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव प्रथम बटालियन, वार्ड-60 दुर्ग में वृक्षारोपण किया। साथ ही अन्य अतिथियों ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान मंत्री श्री यादव पुलिस जवानों से संवाद करते हुए पर्यावरण संरक्षण में उनकी सहभागिता और योगदान की सराहना की गई।मंत्री श्री यादव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति संरक्षण बेहद जरूरी है और पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला अभियान होना चाहिए। इस अवसर पर आईजी श्री अभिषेक सांडिल्य, कमांडेंट श्री राजेश कुकरेजा, जिला उपाध्यक्ष श्री शिवेंद्र परिहार, मंडल अध्यक्ष श्री मनमोहन शर्मा, पार्षद श्री गुड्ड यादव, श्री हिमांशु सिंह, श्रीमती मौसमी ताम्रकार, अभिषेक सिंह, धनंजय ठाकुर, मंगेश बोकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
- 0- “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत मंत्री श्री नेताम ने किया वृक्षारोपणदुर्ग. महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय दुर्ग द्वारा “खेत बचाओ अभियान- स्वस्थ मिट्टी, सशक्त किसान, समृद्ध भारत” विषय पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, सांकरा (पाटन) में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम उपस्थित रहे। कृषि मंत्री श्री नेताम ने इस अभियान का विधिवत शुभारंभ करते हुए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण किया।विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल, महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि आर. सक्सेना, जितेन्द्र वर्मा, सभापति नीलम राजेश चंद्राकर, सरपंच रवि सिगौर, हर्षा लोकमणी चंद्राकर, दिलीप साहू, कमलेश चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित “खेत बचाओ, पर्यावरण बचाओ” अभियान वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है तथा इसका प्रतिकूल प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। आज अनेक बीमारियां बढ़ रही हैं, जिसका एक प्रमुख कारण दूषित पर्यावरण एवं असंतुलित कृषि पद्धति है। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर अग्रसर होने का आह्वान करते हुए कहा कि मिट्टी परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा जल संरक्षण के माध्यम से कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आवश्यकतानुसार संसाधन उपलब्ध कराने तथा कृषि में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि हम अधिक से अधिक पौधे लगाते हैं तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण और पर्याप्त ऑक्सीजन उपलब्ध होगी। उन्होंने वर्ष 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए भूमि एवं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि किसानों के हित में रासायनिक खेती के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण का संस्कार हमें बचपन से परिवार और समाज से मिलता है। जल, जंगल, जमीन और जीव-जंतु एक-दूसरे पर आश्रित हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधे लगाने एवं जल संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके।कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी से संबंधित विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए, जिनका कृषि मंत्री रामविचार नेताम एवं सांसद विजय बघेल ने अवलोकन किया। इस अवसर पर किसानों को कृषि किट का वितरण भी किया गया। तत्पश्चात “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय द्वारा पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि वैज्ञानिक, विश्वविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, भूमि संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।कुलपति प्रो. रवि आर. सक्सेना ने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण एवं भूमि संरक्षण के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 600 पौधों का रोपण किया गया था, जबकि इस वर्ष 800 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम का स्वागत भाषण महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अमित दीक्षित ने दिया।
- 0- न्यायालय परिसर में हुआ व्यापक वृक्षारोपणदुर्ग. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के परिपालन में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा विभिन्न पर्यावरणीय एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर, दुर्ग तथा जिला अधिवक्ता संघ परिसर में व्यापक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में न्यायाधीशगण, जिले से चयनित स्टेट बार काउंसिल के सदस्य, अधिवक्तागण, न्यायालयीन अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने पौधारोपण कर हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण हेतु अपने दायित्वों के निर्वहन का संदेश दिया। जिसमें आम, नीम, बादाम, जामुन, चमेली सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया।कार्यक्रम की विशेषता न्यायपालिका, अधिवक्ता समुदाय एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के मध्य दिखाई देने वाला पारस्परिक सम्मान एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण रहा। न्यायालय परिसर में उपस्थित सभी वर्गों ने एक परिवार की भाँति मिलकर पौधारोपण किया, जिससे पर्यावरण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता, न्यायालय परिवार की एकता एवं सहयोग का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत हुआ, जिसने आयोजन को और अधिक गरिमामय एवं सफल बनाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा पैरालीगल वालेंटियर्स के सहयोग से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन विषयक जनजागरूकता शिविरों एवं कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के महत्व के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा जनसामान्य को जागरूक करने हेतु पर्यावरण संरक्षण संबंधी पाम्पलेट, बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया गया। साथ ही न्यायालय परिसर एवं अन्य उपयुक्त स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जागरूकता गतिविधियाँ संचालित कर लोगों को प्रकृति के संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने आमजन से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं तथा अधिकाधिक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण हितैषी गतिविधियों में सहभागिता कर भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।











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