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- रायपुर - आज राजधानी शहर की प्रथम नागरिक नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नक्सलियों द्वारा किये गए कायरतापूर्वक हमले में सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में शहीद एएसपी रायपुर निवासी आकाश राव गिरपुजे की पार्थिव देह पर उनके निवास स्थान पर पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें समस्त राजधानी वासियों की ओर से विनम्र आदरांजलि अर्पित की है. महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि शहीद आकाश राव गिरपुजे द्वारा मातृभूमि की सेवा करते हुए दी गयी शहादत को युगों - युगों तक ससम्मान स्मरण किया जाता रहेगा और नागरिकों को उनके साहस और वीरतापूर्ण कार्यों से सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा शक्ति प्राप्त होती रहेगी. शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुजे ना सिर्फ रायपुर शहर के बल्कि सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के गौरव पुरुष हैँ. उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी और भारत गणराज्य के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशानुरूप गृह मन्त्री श्री अमित शाह के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृह मन्त्री श्री विजय शर्मा के लोकप्रिय नेतृत्व में अतिशीघ्र सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य से नक्सलियों का पूर्णरूपेण सफाया होकर रहेगा.
- -25 मेडिकल स्टोरों की अनुज्ञप्ति निलंबित/निरस्तरायपुर । प्रदेश में नशीली दवाइयों के अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से राज्यभर में औषधि निरीक्षकों द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से संदेहास्पद मेडिकल संस्थानों में संयुक्त छापामार कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के तहत नारकोटिक दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित रिकॉर्ड, बिलिंग प्रणाली और सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। साथ ही, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के अंतर्गत आवश्यक विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ द्वारा विगत दो माह में कुल 2920 मेडिकल स्टोरों का नियमित निरीक्षण किया गया है। इसके अतिरिक्त, 'नकॉर्ड' ( नेशनल नारकोटिक्स कॉर्डिनेशन )की राज्य स्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में 3610 मेडिकल संस्थानों के सीसीटीवी फुटेज का परीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान नारकोटिक दवाओं की बिक्री में अनियमितता पाए जाने पर 25 मेडिकल स्टोरों की अनुज्ञप्ति को निलंबित अथवा निरस्त कर दिया गया है।ब्लड सेंटर्स होंगे पूरी तरह ऑनलाइनभारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 144 ब्लड सेंटर्स को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत किया जा रहा है। भविष्य में इन केंद्रों से संबंधित समस्त आवेदन एवं प्रक्रियाएं केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी। इस क्रम में सभी ब्लड सेंटर्स को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और पंजीयन की प्रक्रिया प्रगति पर है।
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-कृषि विश्वविद्यालय में चार दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का समापनरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहा समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्य शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रामविचार नेताम थे। वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह तथा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी के अंतर्गत विभिन्न आम प्रजातियों में पुरस्कार प्राप्त करने वाले आम उत्पादक किसानों तथा संस्थाओं को पुरस्कृत किया गया। छत्तीसगढ़ में आम उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रगतिशील कृषकों को भी सम्मानित किया गया।राष्ट्रीय आम महोत्सव का समापन करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित इस वृहद एवं भव्य राष्ट्रीय आम महोत्सव में छत्तीसगढ़ के किसानों एवं आम नागरिकों को 1600 से अधिक आमों को देखने का अवसर प्राप्त हुआ। इसके लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय तथा राज्य शासन का संचालनालय उद्यानिकी धन्यवाद का पात्र है। उन्होंने कहा कि यहां आकर अनेक नई-नई किस्मों को देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिससे छत्तीसगढ़ के किसानों को भी आम की नई-नई उन्नत एवं विभिन्न गुणों से परिपूर्ण प्रजातियों के बारे में जानने का मौका मिला। इसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ के किसान आम की नई प्रजातियों के उत्पादन के लिए प्रेरित होंगे। श्री नेताम ने आम की नवीन उन्नत किस्मों के विकास के लिए देश के कृषि वैज्ञानिकों को बधाई दी। श्री नेताम ने कहा कि इस तरह के आयोजन राजधानी रायपुर के अलावा बस्तर एवं सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल संभागों में भी आयोजित किये जाने चाहिए जिससे इन आदिवासी अंचलों के किसानों को भी लाभ मिल सके। श्री नेताम ने कहा कि आम महोत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों की लोकप्रिय आम प्रजातियों के साथ ही बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से 120 आम प्रजातियां शामिल की गई हैं जो छत्तीसगढ़ में आम की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय तथा उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को छत्तीसगढ़ में आम उत्पादन को और अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये।समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने राष्ट्रीय आम महोत्सव के बारे में मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों को जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 427 से अधिक किस्मों के 1200 से अधिक प्रादर्श एवं आम से बने 56 तरह के व्यंजनों का प्रदर्शन किया गया। विगत तीन दिनों में राष्ट्रीय आम महोत्सव में 10 हजार से अधिक लोगों ने मेले एवं प्रदर्शनी का अवलोकन किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए आम उत्पादकों द्वारा आम के विभिन्न किस्मों के फलों तथा पौधों का विक्रय भी किया गया जहां किसानों एवं आम नागरिकों द्वारा लगभग 50 हजार पौधे क्रय किये गये। मेले में बड़ी संख्या मात्रा में विभिन्न आम प्रजातियों के फलों का विक्रय भी किया गया। डॉ. चंदेल ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय परिसर में लगातार दूसरी बार आयोजित यह राष्ट्रीय आम महोत्सव सभी मायनों में काफी सफल रहा। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ में आम के उत्पादन हेतु विशिष्ट योगदान देने वाले प्रगतिशील कृषकों - श्री सुरेश गुप्ता ग्राम सिलफिली, जिला अम्बिकापुर, श्री तोरन लाल धु्रव ग्राम बारूका जिला गरियाबंद और श्री सुरेश ठाकुर ग्राम चंदनीडीह जिला रायपुर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विभाग तथा उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कृषि वैज्ञानिक तथा बड़ी संख्या में आम उत्पादक किसान उपस्थित थे। - -अब बच्चों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ और संतुलित बनाने के उद्देश्य से लागू किए गए युक्तियुक्तकरण का सकारात्मक असर अब विद्यालयों की कार्यप्रणाली में नजर आने लगा है। इसी पहल के अंतर्गत रायपुर के रावांभाटा स्थित माध्यमिक शाला में 8 शिक्षक की पदस्थापना की गई है, जिससे विद्यालय में शैक्षिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।पहले जहां 593 विद्यार्थियों में शिक्षक 9 थे वहीं अब युक्तियुक्तकरण के पश्चात अब 17 शिक्षक हो गए है। पहले जहां भरोसे कम शिक्षक को अत्याधिक कक्षाओं को पढ़ाने, प्रशासनिक कार्यों को निभाने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का उत्तरदायित्व निभाना पड़ता था, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना एक बड़ी चुनौती बन चुकी थी। अब युक्तियुक्तकरण के पश्चात नई पदस्थापन से शिक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर सकारात्मक सुधार की उम्मीद की जा रही है।जिले में रावांभाटा के निवासी श्री कुबेर साहू ने बताया कि मेरे दोनों बेटे इसी स्कूल में पढ़ते हैं। जब से पता चला कि नए शिक्षक आ रहे है तब से हम सब अधिक प्रसन्न है। इससे जिससे प्रत्येक शिक्षक को पाठ्यक्रम को समय पर पूर्ण कराने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। इससे न केवल बच्चों की सीखने की क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि शिक्षक प्रत्येक विद्यार्थी पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान भी दे सकेंगे। विशेषकर कमजोर छात्रों को अतिरिक्त सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा सकेगा। बच्चों को सफलता प्राप्त करने में सहयोग मिलेगा तथा बच्चों माता पिता का नाम रोशन करेंगे। इस परिवर्तन से ग्रामवासियों और पालकों में विश्वास जगा है कि अब उनके बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी।
- रायपुर।, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने सोमवार को रायपुर कलेक्टोरेट स्थित ईवीएम (EVM) एवं वीवीपैट (VVPAT) वेयरहाउस का कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के साथ त्रैमासिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की गई।निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में मशीनों की स्थिति तथा रखरखाव से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जांच की गई। श्री कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे EVM और VVPAT मशीनों के प्रबंधन में पूरी सतर्कता और सावधानी बरतें तथा नियमानुसार रिकॉर्ड संधारित करें।इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री पीएस ध्रुव, सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री रूपेश वर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री उमाशंकर बंदे, निर्वाचक पर्यवेक्षक रायपुर श्री संतोष चौबे सहित संबंधित अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
- -सभी सुपरवाईजर अपने सेक्टर के आंगनबाड़ी केन्द्रों का करें दौरा और योजनाआंे की साप्ताहित रिपोर्ट प्रदान करें: डॉ गौरव सिंहरायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह ने आज महिला एवं बाल विकास के पर्यवेक्षकों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की कल्याण के लिए शासन की कल्याणकारी योजनाओं का प्राथमिकता के साथ क्रियान्वित करें। उन्होंने पोषण ट्रेकर की समीक्षा की और कहा कि सभी सुपरवाईजर अपने सेक्टर में आने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों का समय पर खुलना और बंद होना सुनिश्चित करें। यह भी ध्यान रखें की केन्द्रों में बच्चों का नियमित रूप से आएं और उन्हें शासन द्वारा निर्धारित पौष्टिक पदार्थ मिले। उनका समय-समय पर वजन-उंचाई का मापन करें और यह अवलोकन करते रहें कि उनका निर्धारित मापदंड के अनुसार विकास हो। केन्द्र में बच्चों को गरम भोजन और माताओं को पूरक पोषण आहार अनिवार्य रूप से मिले। जिससे बच्चें कुपोषण से बाहर आए और स्वस्थ रहें। उन्होंने कहा कि जिन केन्द्रों में बाउंड्रीवॉल एवं अन्य की आवश्कयता हो तो उसकी सूची बनाकर भेजे।कलेक्टर ने कहा कि सभी परियोजना अधिकारी और सुपरवाईजर अपने-अपने सेक्टर में दौरा करें और योजनाओं की प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रदान करें, जिसमें योजनाओं की प्रगति का उल्लेख भी हो। साथ ही लक्ष्य के अनुसार अनिवार्य रूप से योजनाओं का क्रियान्वयन करें। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -अब 30 किलोमीटर नहीं, 03 किलोमीटर में ही तय हो सकेगा सफर-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा सड़क निर्माण की स्वीकृति देने पर क्षेत्रवासियों में खुशी की लहरबालोद। बालोद जिले के वनांचल क्षेत्र डौण्डी में ग्राम जुनवानी से चिखलीटोला तक का सफर लंबे समय से ग्रामीणों के लिए एक चुनौती रहा है। कच्ची और पथरीली सड़कें, जो एक पहाड़ी रास्ते से होकर गुजरती हैं, ने कई दशकों से यहां के लोगों को मुश्किलों से जूझने को मजबूर किया। लगभग तीन किलोमीटर की भौगोलिक दूरी को पार करने के लिए ग्रामीणों को 30 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, जिसमें समय, मेहनत और संसाधनों की भारी बर्बादी होती थी। लेकिन अब यह दशकों पुराना इंतजार खत्म होने जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन तिहार के दौरान इस पक्की सड़क की स्वीकृति ने न केवल ग्रामीणों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है, बल्कि क्षेत्र के विकास की एक नई गाथा लिखने की नींव रखी है। एक समय था जब ग्रामीणों ने अपनी एकता और मेहनत की मिसाल पेश करते हुए इस कच्चे मार्ग को श्रमदान से बनाया था। यह रास्ता उनके संकल्प का प्रतीक था, जिसे वे चलने लायक बनाने में सफल रहे, लेकिन पक्की सड़क की कमी ने इसे वाहन योग्य बनाने में बाधा डाली। ग्रामीणों के इस प्रयास को सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने सुशासन तिहार के दौरान ग्राम जुनवानी से चिखली तक सड़क निर्माण के लिए 11 करोड़ 47 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कदम केवल एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों के श्रम, उनके सपनों और उनके संघर्ष को साकार करने का प्रतीक है।यह पक्की सड़क मात्र एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के जीवन को आसान बनाने का माध्यम है। अब तीन किलोमीटर की दूरी को तय करने में लगने वाला समय और पैसा दोनों बचेंगे। ग्रामीणों को बाजार तक आसानी से पहुँच मिलेगी, किसानों के लिए उनके खेतों का रास्ता सुगम होगा, और हर राहगीर को नई उम्मीद का आधार मिलेगा। ग्रामीण श्री सालिक राम कोलियारा की बात याद करें, जिन्होंने बताया कि पहले यह रास्ता पगडंडी की तरह था, जहां सामान का बोझा ढोकर पैदल चलना पड़ता था। उनके दादा-पिता का सपना, जो अधूरा रह गया था, अब मुख्यमंत्री के इस फैसले से साकार होने जा रहा है। इस सकारात्मक बदलाव ने ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी ला दी है। क्षेत्र के पूर्व जनपद पंचायत सदस्य श्री संजय बैस ने इसे क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग बताया, जो अब पूरी होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सड़क से क्षेत्र का विकास तेजी से होगा, और मुख्यमंत्री के इस कदम ने उनकी उम्मीदों को बल दिया है। इसी तरह, ग्रामीण श्री हरिश्चंद्र नायक ने बताया कि श्रमदान से बनाए गए इस रास्ते को वाहन योग्य बनाने की उनकी लंबी मांग अब पूरी होने जा रही है। 30 किलोमीटर की दूरी को अब मात्र तीन किलोमीटर में तय करना संभव होगा, जो उनके दैनिक जीवन को क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। यह सड़क केवल दो गांवों को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, और व्यापार जैसी सुविधाओं तक पहुंच बढ़ेगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है, जो उनके श्रम और संकल्प को सम्मान देकर उनके सपनों को हकीकत में बदल रहे हैं। सुशासन तिहार के इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि सरकार जनता की आवाज सुनती है और उनके विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जुनवानी से चिखलीटोला तक की यह पक्की सड़क नई उम्मीदों का प्रतीक है। यह केवल एक भौतिक मार्ग नहीं, बल्कि ग्रामीणों के आत्मविश्वास और सरकार के सहयोग का संगम है। आने वाले दिनों में यह सड़क क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। यह सुशासन की जीती-जागती मिसाल है, जो यह संदेश देती है कि सरकार और समाज के संयुक्त प्रयास से कोई भी सपना असंभव नहीं है। बालोद जिले के इस वनांचल क्षेत्र के लिए यह सड़क न केवल एक राह है, बल्कि उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ने का मार्ग है।
- -दावा आपत्ति की अंतिम तिथि 13 जूनबालोद। , मिशन वात्सल्य अंतर्गत विभिन्न पदों की पूर्ति हेतु पात्र-अपात्र सूची जारी कर दी गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि मिशन वात्सल्य अंतर्गत चाईल्ड हेल्प लाईन (1098) के परियोजना समन्वयक, काउंसलर, चाईल्ड हेल्प लाईन सुपरवाईजर एवं केसवर्कर के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षण उपरांत पात्र एवं अपात्र सूची जारी की गई है। जिसे कार्यालय के सूचना पटल एवं जिले के वेबसाईट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन पर भी अवलोकन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में दावा आपत्ति जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला व बाल विकास जिला बालोद के कक्ष क्रमांक 79 में स्पीड पोस्ट, कुरियर, रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से 13 जून को शाम बजे तक बजे तक प्रेषित कर सकते है। निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- बालोद, ।नेशनल मिशन ऑन आंयल सीड् अंतर्गत मूल्य श्रृंखला भागीदार के चयन हेतु मुहर बंद आवेदन की अंतिम तिथि 12 जून निर्धारित की गई है। उप संचालक कृषि विभाग ने बताया कि जिले के बालोद, गुरुर, गुण्डरदेही, डौण्डी लोहारा एवं डौण्डी में वैल्यू चेन क्लस्टर संचालन के तहत कृषकों का चयन, बीज वितरण, स्वाइल हेल्थ जांच, कृषक प्रशिक्षण, कृषक खेत पाठशाला, कृषि मैपर में पंजीयन, कृषकों को उत्पाद विक्रय हेतु लिंकेज, प्लेटफार्म उपलब्ध कराने, सलाहकार सेवाओं प्रसार संबंधी कार्यों के क्रियान्वयन मूल्य श्रृंखला भागीदार के माध्यम से किया जाना है। उन्होंने बताया कि उक्त संबंध मेें मूल्य श्रृंखला भागीदार के चयन हेतु इच्छुक एफ.पी.ओ., स्व सहायता समूह, सहकारी संस्था से 12 जून को शाम 05.30 बजे तक मुहर बंद आवेदन आमंत्रित की गई है। इसके साथ ही प्राप्त आवेदन 16 जून को दोपहर 03 बजे खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि आवेदन केवल रजिस्टर्ड, स्पीड के माध्यम से ही स्वीकर किए जाएंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी कार्यालय उप संचालक कृषि, न्यू टाउनहाल, पी. डब्लू डी. कालोनी के सूचना पटल एवं जिले के वेबासाइट बालोद डाॅट जीओवी डाॅट इन प्राप्त की जा सकती है।
- बालोद ।जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक 13 जून को सुबह 11 बजे से जिला पंचायत बालोद के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बैठक में सर्व संबंधितो को निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर उपस्थित होने को कहा है।
- बिलासपुर /छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक 16 जून को सवेरे 11 बजे से बिलासपुर, मुंगेली, जीपीएम जिले से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई जल संसाधन परिसर के प्रार्थना सभाकक्ष में करेंगी।
- रायपुर। प्रदेश में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन के लिए ओपन काउंसिलिंग की प्रक्रिया होगी। इसके लिए राज्य स्तरीय काउंसिलिंग की कार्यवाही एससीईआरटी परिसर शंकर नगर रायपुर में 17 जून से 26 जून तक की जाएगी। काउंसिलिंग के पश्चात अभ्यर्थी द्वारा चुने गए विद्यालय के लिए नियुक्ति पत्र जारी करना तथा दस्तावेजों का सत्यापन का काम जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा 25 जून से 4 जुलाई तक किया जाएगा। बीएड अभ्यर्थियों को आदेश जारी होने के 7 दिवस के भीतर संबंधित शालाओं में कार्यभार ग्रहण करना होगा।स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार काउंसिलिंग के लिए 29 जिलों के 103 विकासखण्डों की 1520 शालाओं से 2621 रिक्त पद लिए गए हैं। इनमें दुर्ग-रायपुर-बिलासपुर एवं जांचा-जांजगीर जिले को शामिल नहीं किया गया है। अधिसूचित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सेजेस शामिल होने के कारण सेजेस विद्यालयों को भी शामिल किय गया है। गौरतलब है कि बीएड अथ्यर्भियों के प्रकरण पर विचार के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा अनुसार बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग, अधिसूचित विकासखण्डों तथा इससे संलग्न निकट के विकासखण्ड एवं राज्य के सीमावर्ती विकासखण्डों में स्थित शालाओं की रिक्तियों को शामिल किया गया है। संलग्न विकासखण्डों को शामिल करते समय यह ध्यान रखा गया है कि वे मुख्यालय से दूर हो एवं वहाँ शिक्षकों की उपलब्धता कम हो।यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 अप्रैल को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सीधी भर्ती 2023 में नियुक्ति उपरांत सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारी सहायक शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए उन्हें सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के पद पर समायोजन करने का निर्णय लिया गया था। हटाये गए बी.एड अर्हताधारी सहायक शिक्षकों को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के राज्य में रिक्त 4,422 पदों में समायोजित करने तथा समायोजन गैर विज्ञापित पदों पर करने इसी प्रकार कला/विज्ञान संकाय से 12वीं उत्तीर्ण सहायक शिक्षकों को निर्धारित अर्हता (12वीं गणित/विज्ञान) पूर्ण करने हेतु 3 वर्ष की अनुमति देने का निर्णय लिया गया था। साथ ही इन अभ्यर्थियों को प्रयोगशाला कार्य के संबंध में एस.सी.ई.आर.टी. के माध्यम से दो माह का विशेष प्रशिक्षण देने और अन्य पिछड़ा वर्ग के शेष 355 अभ्यर्थियों के लिए सांख्येत्तर पदों का सृजन करने का निर्णय लिया गया था।काउंसिलिंग के लिए समय-सारिणीकाउंसिलिंग प्रविधि की सूचना का प्रकाशन 13 जून को होगा। तिथिवार काउंसिलिंग में शामिल अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन एवं पदांकन हेतु शालाओं की सूची का प्रकाशन 16 जून, ओपन काउंसिलिंग की अवधि 17 जून से 26 जून, जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा नियुक्ति आदेश जारी करने की तिथि 25 जून से 04 जुलाई, अभ्यर्थियों को आदेश जारी होने के 7 दिवस के भीतर शालाओं में कार्यभार ग्रहण करना होगा।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने चक्रधर सम्मान से सम्मानित, संगीत साधना के महान पुरोधा, कलागुरु वेदमणि सिंह ठाकुर ‘बेदम’ जी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कलागुरु ‘बेदम’ जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन संगीत की साधना एवं प्रचार-प्रसार में समर्पित कर दिया। रायगढ़ को ‘सांस्कृतिक राजधानी’ के रूप में गौरवान्वित करने में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उनके व्यक्तित्व, साधना और कला ने न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के सांस्कृतिक जीवन को समृद्ध किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देशभर के अनेक प्रतिष्ठित मंच उनकी प्रतिभा से आलोकित हुए हैं। उनके शिष्यों और संगीत साधकों के लिए उनका जाना अपूरणीय क्षति है। vमुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने तथा शोकाकुल परिवार और शिष्यों को इस दुःख की घड़ी में संबल देने की प्रार्थना की।
- -शहीद एएसपी श्री गिरपुंजे के पार्थिव देह पर पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि : परिवारजनों में मिलकर ढांढस बंधाया-मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के अधिकारियों की हाई लेवल बैठक में नक्सल घटना की जानकारी ली-अस्पताल पहुंचकर नक्सल घटना में घायल जवानों से की मुलाकातरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे के राजधानी रायपुर स्थित निवास पहुंचकर उनके पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे के शोकसंतप्त परिवारजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि शहीद एएसपी श्री आकाश राव गिरपुंजे ने अपने कर्तव्य के प्रति अदम्य साहस, निष्ठा और समर्पण दिखाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। सरकार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के साथ पहुंचे वन मंत्री श्री केदार कश्यप और गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम,अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपेरशन श्री विवेकानंद सिन्हा ने भी शहीद श्री गिरपुंजे को श्रद्धांजलि अर्पित की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुकमा के कोंटा में हुई नक्सल घटना के मद्देनजर अपना राजनांदगांव का प्रस्तावित दौरा स्थगित करते हुए मंत्रालय महानदी भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की हाई लेवल बैठक में इस घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट के विषय में अधिकारियों से जानकारी ली और नक्सल ऑपरेशन्स की समीक्षा की। उन्होंने घायल जवानों को त्वरित रूप से समुचित इलाज उपलब्ध कराने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक नक्सल ऑपेरशन श्री विवेकानंद सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में घायल जवानों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने घायल जवानों से उनका हाल-चाल जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। उन्होंने घायल जवानों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने चिकित्सकों को निर्देशित किया।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुकमा जिले के कोंटा में हुए नक्सली हमले में घायल हुए जवानों का हालचाल जानने आज रामकृष्ण अस्पताल पहुँचकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार और स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी ली सभी घायल जवानों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज को और अधिक प्रभावी एवं जन-हितैषी बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर में चिंतन शिविर 2.0 का आयोजन किया गया। इस शिविर में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के नवाचारों और सुशासन की आधुनिक तकनीकों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उनके मंत्रीमंडल के सहयोगियों ने विषय विशेषज्ञों के साथ सुशासन के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। चिंतन शिविर के अंतिम दिन प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य श्री संजीव सान्याल ने "आर्ट ऑफ गुड गवर्नेंस" विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, राज्य की क्षमताओं में वृद्धि करने, अनावश्यक नियमों को हटाने तथा सरकारी एजेंसियों के पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकारें अपने नीति-निर्धारण और कार्यान्वयन की गुणवत्ता को कैसे अधिक प्रभावी बना सकती हैं।डिजिटल हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकें और सुशासन के सम्बन्ध में बताया कि डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजीज दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। उन्होंने ई-हेल्थ रिकॉर्ड्स, टेलीमेडिसिन, मोबाइल हेल्थ ऐप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य तकनीक से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त होती हैं, बल्कि शासन के प्रति आम जनता का भरोसा भी बढ़ता है।राजनीतिक विश्लेषक और लेखक श्री उदय माहुरकर ने "गुड गवर्नेंस टू इलेक्शन" विषय पर भारतीय लोकतंत्र के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, राजनीतिक आचरण की गुणवत्ता, प्रशासनिक जवाबदेही और नीतियों के जन-हितैषी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सशक्त और पारदर्शी शासन प्रणाली लोकतंत्र में जनता का विश्वास बढ़ाती है और चुनावी प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सुशासन को मजबूत करने, चुनावों में पारदर्शिता लाने और प्रशासन में नैतिक मूल्यों की स्थापना के उपायों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा भारतीय प्रबंध संस्थान के निदेशक श्री राम काकानी भी उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान दंतेवाड़ा के युवा उद्यमियों को किया प्रोत्साहित:आईआईएम में दंतेवाड़ा के 50 युवा उद्यमी ले रहे हैं प्रशिक्षणरायपुर / छत्तीसगढ़ में खनिज, वन सहित अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके फलस्वरूप कृषि के साथ-साथ उद्योग-धंधों सहित प्रत्येक क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी मौजूदा क्षमताओं का सही ढंग से उपयोग कर प्रदेश और देश के नव निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विगत दिवस नवा रायपुर स्थित आईआईएम परिसर में दंतेवाड़ा के नवोदित उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जिले के 50 युवाओं का एक बैच देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम में उद्यमिता का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह प्रशिक्षण उनके कैरियर निर्माण एवं जीवन संवारने में अत्यंत कारगर सिद्ध होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब कोई युवा उद्यमी अपने सपनों को साकार करता है, तो वह अनेक युवाओं के लिए प्रेरणा और अवसर का द्वार खोलता है। यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि आप सभी बस्तर क्षेत्र से हैं और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। आज बस्तर को सबसे संभावनाओं वाला क्षेत्र माना जा रहा है। प्रशिक्षण में आपने उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें सीख ली हैं। अब उन्हें लागू कर अपने उद्यम को आरंभ कीजिए। शासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र के साथ-साथ उद्योगों के विकास के लिए भी अनुकूल वातावरण है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए हम निरंतर नवाचार, अनुसंधान तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हमने ‘नई औद्योगिक नीति 2024-30’ लागू की है। इस नीति का मूल मंत्र है: “न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन।” इसके तहत उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ‘सिंगल विंडो 2.0’ व्यवस्था लागू की गई है, जिसके माध्यम से सभी आवश्यक क्लीयरेंस सुलभता से प्रदान किए जा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में प्रदेश के पिछड़े माने जाने वाले बस्तर और सरगुजा अंचल को सर्वाधिक निवेश प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, ताकि उनका त्वरित विकास सुनिश्चित हो सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने चर्चा के दौरान यह भी बताया कि नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत बस्तर में उद्योग स्थापित करने पर विशेष अनुदान का प्रावधान किया गया है। बस्तर के विकास का रोडमैप भी गत माह तैयार किया गया है, जिसमें कृषि, वनोपज आधारित व्यवसाय और पर्यटन सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। बस्तर की कनेक्टिविटी अब उत्कृष्ट हो गई है, जिससे उद्यमियों के उत्पाद देश भर के बाजारों तक आसानी से पहुँच सकें। सड़कों के सशक्त जाल के माध्यम से विकास को प्रोत्साहन मिलता है।मुख्यमंत्री श्री साय से मुलाकात के दौरान युवा अत्यंत उत्साहित नजर आए और उन्होंने भी अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर बड़े बचेली से श्री चंद्रकुमार साहू, किरंदुल-बैलाडीला से श्री अभिषेक गुप्ता, बचेली से श्री अनिरुद्ध कुमार, बीजापुर से श्री तेजस्व कुमार एवं श्री नीलम पांडे, बचेली से कु. शिल्पा कुमारी तथा दंतेवाड़ा से श्री राकेश यादव सहित कुल 50 युवा उद्यमी उपस्थित थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के आरक्षक के रिक्त पदों पर लिखित भर्ती परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 4 जून से शुरू हो गई है। नियंत्रक छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार उक्त पद के लिए 27 जुलाई को परीक्षा आयोजित की जाएगी। आबकारी आरक्षक परीक्षा हेतु ऑनलाईन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 27 जून को शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। उक्त आवेदन पत्र के त्रुटि सुधार हेतु आवेदन करने की तिथि 28 जून से 30 जून शाम 5 बजे तक निर्धारित है।नियंत्रक छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाईन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाईन पद्धति से किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी, जो परीक्षा में उपस्थित होते हैं, उनका परीक्षा शुल्क व्यापम द्वारा वापस कर दिया जाएगा। परीक्षा शुल्क उसी बैंक खाता में वापस किया जाएगा, जिस बैंक खाता से अभ्यर्थी ने ऑनलाईन आवेदन परीक्षा शुल्क का भुगतान किया है। विस्तृत जानकारी व्यापम की वेबसाईटhttps://vyapamcg.cgstate.gov.in/पर पर उपलब्ध है।
- -14 जून को मनाया जाएगा विश्व रक्तदाता दिवस-“गिव ब्लड, गिव होप: टुगेदर वी सेव लाइव्स” थीम पर आयोजित होंगे विशेष आयोजनरायपुर। विश्व रक्तदाता दिवस के उपलक्ष्य में 11 जून को प्रदेशभर के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों—में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष की थीम “गिव ब्लड, गिव होप: टुगेदर वी सेव लाइव्स” के संदेश को लेकर यह आयोजन राज्यभर में आयोजित किए जा रहे हैं।आगामी बुधवार को आरोग्य मेलों के अंतर्गत इन कार्यक्रमों में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आयोजन में रक्तदान के लिए पंजीकरण, शपथ ग्रहण समारोह, जनजागरूकता रैलियाँ और उत्कृष्ट रक्तदाताओं का सम्मान जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे।जनमानस में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयासविश्व रक्तदाता दिवस प्रतिवर्ष 14 जून को उन निःस्वार्थ रक्तदाताओं को सम्मान देने के उद्देश्य से मनाया जाता है, जो नियमित रूप से रक्तदान कर ज़रूरतमंदों की ज़िंदगी बचाते हैं। यह दिवस न केवल कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है, बल्कि स्वैच्छिक, नियमित और नि:शुल्क रक्तदान के महत्व को उजागर करने का भी माध्यम है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आमजन को रक्त व प्लाज्मा दान के महत्व से अवगत कराना है। साथ ही, नए रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करते हुए समाज में सहयोग, करुणा और सेवा की भावना को मजबूत करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।पंचायत स्तर पर भी होंगी गतिविधियाँगाँवों में भी कार्यक्रमों को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच की अगुवाई में रक्तदान शपथ समारोह आयोजित किए जाएंगे। नागरिकों को यह शपथ हिंदी, अंग्रेज़ी और स्थानीय भाषाओं में दिलाई जाएगी। इसके अतिरिक्त युवाओं और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से रैलियाँ, पोस्टर प्रदर्शनी और अन्य जनजागरूकता गतिविधियाँ चलाई जाएंगी।स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सभी ज़िला और ब्लॉक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 11 जून के इन कार्यक्रमों की समुचित तैयारी करें तथा समय पर सूचना प्रसारित की जाए। विभाग ने स्पष्ट किया कि इस पहल को एक जन-आंदोलन का रूप देते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस मानवसेवा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
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रायपुर ।बीजापुर जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तिमेड़ का आश्रित ग्राम भटपल्ली जल जीवन मिशन के अंतर्गत एक प्रेरणादायक सफलता का प्रतीक बनकर उभरा है। यहां अब समूह जल प्रदाय योजना के तहत हर घर में नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है।पूर्व में गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए केवल 15 हैंडपंप ही उपलब्ध थे, जिन पर पानी भरने के लिए ग्रामीणों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था। लेकिन अब जल जीवन मिशन के माध्यम से गांव के 81 परिवारों को घर-घर नल कनेक्शन के जरिये नियमित और स्वच्छ जल मिल रहा है।
विगत आयोजित ग्रामसभा में भटपल्ली को शत-प्रतिशत "हर घर जल" ग्राम घोषित किया गया। इस अवसर पर ग्राम सरपंच श्रीमती वासम लक्ष्मी, सचिव श्री अल्लेम कृष्णाराव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत को जल आपूर्ति व्यवस्था के संचालन, प्रबंधन और सतत निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे न केवल ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ी है, बल्कि वे इसके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी भी निभा रहे हैं।भटपल्ली में यह पहल न केवल आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह ग्रामीण सहभागिता, सतत विकास और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना का भी उत्तम उदाहरण है। - रायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज नक्सलियों द्वारा सुकमा के डोंड्रा के निकट किए गए आईईडी विस्फोट में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश राव गिरीपुंजे के शहीद हो जाने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की सद्गति एवं शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। राज्यपाल ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की है।
- -समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला ने समाज की गतिविधियों से अवगत कराते हुए भवन को भू भाटक से मुक्त कराने का किया आग्रहरायपुर। सरयूपारीण ब्राह्मण समाज ने आज एक भव्य कार्यक्रम में होनहार बच्चों, समाज के प्रशासनिक अधिकारियो और पत्रकारों का सम्मान किया।सम्मान समारोह रायपुर के तुलसी भवन में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, विशिष्ट अतिथि के रूप में पुरंदर मिश्रा मौजूद थे। समारोह की अध्यक्षता जगदलपुर के महापौर संजय पांडे ने की। कार्यक्रम के प्रारंभ में समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला ने अतिथियों का माला पहना कर स्वागत किया। साथ ही उन्होंने आमसभा की कार्यवाही एवं समाज की गतिविधियों से अवगत कराते हुए भवन को भू भाटक से मुक्त कराने का आग्रह किया।जगदलपुर के महापौर संजय पांडे ने अपने उद्बोधन में समाज के लोगों को संगठित होने का आव्हान किया। वहीं विधायक पुरंदर मिश्रा ने जय जगन्नाथ से बात शुरू करते हुए समाज के अधिकारियों,पत्रकारों और बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक अर्जित करने वाले छात्रों को एक साथ सम्मानित करने के लिए सरयूपारीण ब्राह्मण समाज को बधाई दी।समाज के प्रवक्ता संजय तिवारी ने बताया कि कार्यक्रम में राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे अपनी धर्म पत्नी रेखा पांडे एवं विधायक पुरंदर मिश्रा धर्म पत्नी सरस्वती मिश्रा के साथ शामिल हुए। रेखा पांडे और सरस्वती मिश्रा का कार्यक्रम में समाज की महिलाओं ने आत्मीय स्वागत किया । समारोह में अधिकारी एस डी एम एन. के .चौबे ,विस्तार न्यूज के संपादक ज्ञानेंद्र तिवारी , अभिनव उपाध्याय , डी एस पी श्रुति शर्मा, तहसीलदार पंकज शुक्ला , एडिशनल एसपी शुभम तिवारी, डीएसपी राजीव पांडे ,आकाश तिवारी नेता प्रतिपक्ष ,लवकुश शुक्ला हरिभूमि ,संदीप शुक्ला आईबीसी 24 ,सौरभ तिवारी पत्रकार ,सहित बोर्ड परीक्षाओं में 80 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 174 छात्र छात्राओं का सम्मान किया गया ।मंच का संचालन राजेश त्रिपाठी,चंद्रशेखर द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम को समाज के संरक्षक एवं समाज सेवी अजय तिवारी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर सरयूपारीण ब्राह्मण के यूथ विंग के बैजनाथ मिश्र अंकुश शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी संगम लाल त्रिपाठी,मित्रेश दुबे, कैलाश तिवारी, राममूर्ति तिवारी,राजेंद्र शर्मा, शैलेंश शर्मा ,डी एस परोहा के अलावा अपर्णा तिवारी, कुसुम त्रिपाठी, संगीता पांडे आदि उपस्थित थे।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुकमा जिले के कोंटा में नक्सलियों द्वारा किए गए कायरतापूर्ण आईईडी विस्फोट में एएसपी आकाश राव गिरपुंजे जी के शहीद होने पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अत्यंत ही दुखद है। मैं उनकी शहादत को नमन करता हूँ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस कायराना हमले में कुछ अन्य अधिकारी एवं जवानों के भी घायल होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा एक बड़ी लड़ाई लड़ी जा रही है, जिसमें सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है। इसी से बौखलाकर नक्सली इस तरह की कायराना करतूतों को अंजाम दे रहे हैं। नक्सलियों को इसका परिणाम भुगतना होगा। वह दिन अब ज्यादा दूर नहीं, जब छत्तीसगढ़ से इनका अस्तित्व ही समाप्त कर दिया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद एएसपी आकाश राव गिरपुंजे जी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ खड़ी है।
- - एसडीओपी- टीआई घायल- पैदल गश्त पर निकले थे- दुखद घटना-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मासुकमा। सुकमा जिले के कोटा में नक्सलियों के आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर कोंटा डिविजन के एडिशनल एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे शहीद हो गए हैं। घटना में कोंटा एसडीओपी भानुप्रपात चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला घायल हो गए हैं। मौके पर अतिरिक्त फोर्स को रवाना किया गया है। .दरअसल नक्सलियों ने 10 जून को भारत बंद का आह्वान किया है।. इसे लेकर एएसपी आकाश राव अपनी टीम के साथ पैदल गश्त पर निकले थे। इसी दौरान कोंटा- एर्राबोर मार्ग पर डोंड्रा के पास नक्सलियों के लगाए गए आईईडी विस्फोट की चपेट में आ गए। इस विस्फोट में कुछ और अधिकारी और जवान घायल हुए हैं। सभी घायलों का कोन्टा अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।दुखद घटना-उपमुख्यमंत्री विजय शर्माछत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, "्र सुकमा आकाश राव गिरिपुंजे कोंटा-एर्राबोरा रोड पर डोंड्रा के पास आईईडी विस्फोट में घायल होने के बाद वीरगति को प्राप्त हो गए हैं। वे एक बहादुर जवान थे और उन्हें कई वीरता पुरस्कार दिए गए थे। यह हमारे लिए बहुत दुख का विषय है। तलाशी और अभियान शुरू कर दिया गया है..."
- रायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज नवा रायपुर के भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में दो दिवसीय चिंतन शिविर 2.0 का शुभारंभ हुआ। सुशासन एवं अभिसरण विभाग और आईआईएम रायपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, विधायक और प्रबुद्धजन शामिल हुए। इस मंच का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, अंतर-क्षेत्रीय समन्वय को सशक्त करना और जनकल्याण के लिए परिवर्तनकारी दृष्टिकोण विकसित करना है।मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह शिविर आत्मनिरीक्षण और ज्ञान के आदान-प्रदान का अनूठा अवसर है, जो छत्तीसगढ़ को सुशासन के नए आयामों तक ले जाएगा। उन्होंने पिछले चिंतन शिविर से प्राप्त सुझावों को लागू कर आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की बात कही। श्री साय ने बताया कि डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक प्रशासनिक सुधार किए गए, जिनमें ई-ऑफिस प्रणाली ने फाइलों के मैनुअल ढेर को समाप्त कर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की है। अब फाइलें ऑनलाइन मूव होती हैं, और हर कार्य की समय-सीमा निर्धारित है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हुई है।छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अटल जी के सुशासन के सिद्धांतों को धरातल पर उतारना इस वर्ष का मुख्य लक्ष्य है। डिजिटल गवर्नेंस को अपनाकर रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिसमें अब घर बैठे मिनटों में रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण हो रहा है। यह तकनीकी नवाचार भ्रष्टाचार को समाप्त करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है।नई उद्योग नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस ने निवेश को प्रोत्साहन दिया है। खनिज संसाधनों से समृद्ध छत्तीसगढ़ में कोर सेक्टर की अपार संभावनाओं को देखते हुए विशेष अनुदान की व्यवस्था की गई है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर और होम स्टे उद्यमियों के लिए अनुदान शुरू कर प्राकृतिक सौंदर्य को आर्थिक अवसरों में बदला जा रहा है। इसके अलावा, एआई और क्लाइमेट चेंज से जुड़े उद्यमों को प्रोत्साहन, नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट का शुभारंभ छत्तीसगढ़ को तकनीकी क्रांति का अग्रदूत बना रहा है।शिविर में ‘प्रथम दिवस परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’, ‘संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण’ और ‘सक्षमता से सततता तक: सार्वजनिक वित्त पर पुनर्विचार’ जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए गए। डॉ. विनय सहस्रबुद्धे, प्रो. हिमांशु राय, डॉ. रविंद्र ढोलकिया, श्री संजीव सान्याल, उदय माहुरकर और डॉ. राजेंद्र प्रताप गुप्ता जैसे प्रख्यात विशेषज्ञ अपने विचार साझा किए।मुख्यमंत्री ने बस्तर के विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि माओवाद पर प्रभावी कार्रवाई ने क्षेत्र में शांति और प्रगति की राह खोली है। बस्तर ओलंपिक, बस्तर पंडुम और बस्तर डायलॉग जैसे आयोजनों ने युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा है। हाल ही में बोधघाट परियोजना को मंजूरी मिलने से 7 लाख हेक्टेयर में सिंचाई और 125 मेगावाट बिजली उत्पादन संभव होगा, जिससे हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। नियद नेल्ला नार योजना से शासकीय योजनाओं का सेचुरेशन सुनिश्चित किया गया है।सुशासन तिहार के तहत 41 लाख से अधिक आवेदनों में से 99 प्रतिशत का गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर जनसमस्याओं का समाधान किया गया। समाधान शिविरों में जनता से सीधा संवाद और शासकीय योजनाओं का पात्र लोगों को लाभ मिला। मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल और जनप्रतिनिधियों ने गांव-गांव जाकर विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। श्री साय ने कहा कि छोटे कस्बों में स्कूल, अस्पताल और मल्टीप्लेक्स जैसी सुविधाओं के लिए अनुदान की व्यवस्था से पलायन रुकेगा और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। महतारी वंदन योजना और कृषक उन्नति योजना ने बड़े तबके की आर्थिक ताकत बढ़ाई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को आत्मसात करते हुए विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास का रोडमैप है।मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ उल्लेख किया कि जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर बने विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज में छत्तीसगढ़ का स्टील उपयोग हुआ है। उन्होंने सुशासन एवं अभिसरण विभाग और आईआईएम रायपुर को इस आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि चिंतन शिविर में प्राप्त सुझाव विकसित छत्तीसगढ़ की ठोस नींव रखेंगे।








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