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राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में पीएम सूर्याघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्याघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता, घरेलू बिजली बचत एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। आवेदन से लेकर वेंडर चयन, इंस्टॉलेशन एवं सब्सिडी वितरण तक प्रत्येक चरण में तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना के अंतर्गत लंबित सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने कहा। वेंडर्स को निर्देशित किया गया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शेष इंस्टॉलेशन कार्यों को तेज गति से पूर्ण करें। सोलर पैनल स्थापना के दौरान सभी सुरक्षा मानकों एवं गुणवत्ता प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने कहा। बैंक अधिकारियों को सब्सिडी क्लेम प्रक्रिया के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने कहा। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित कर हितग्राहियों को आवेदन, इंस्टॉलेशन एवं सब्सिडी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देने कहा गया। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक कुल 8 हजार 831 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 4 हजार 145 में वेंडर चयन किया जा चुका है। 1 हजार 839 हितग्राहियों के यहां इंस्टॉलेशन पूर्ण हो चुका है तथा 1 हजार 136 प्रकरणों में सब्सिडी का वितरण किया गया है।
अपर कलेक्टर ने कहा कि ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समिति (बीएलबीसी) की बैठकों में पीएम सूर्याघर योजना को स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल किया जाए, ताकि सब्सिडी दावों, ऋण प्रक्रियाओं एवं लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके। इस योजना को जिले में मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाना है, जिसके लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास, नियमित निगरानी और सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि हितग्राहियों को योजना की सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। बैठक में डिप्टी कलेक्टर श्री अनिकेत साहू, विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता तथा विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे। - -वाटर प्लांट पर कार्रवाई—हजारों बोतल-पाउच जब्तबिलासपुर /कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं नियंत्रक खाद्य सुरक्षा के निर्देशानुसार नवरात्रि त्यौहार एवं बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। आर.आर. देवांगन, अभिहित अधिकारी के मार्गदर्शन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीर सागर पटेल एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी की टीम ने विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण कर कार्रवाई की।जांच के दौरान सीपत स्थित गंगोत्री मिनरल एंड वाटर प्लांट से पानी की बोतलों का विधिक नमूना लिया गया। साथ ही मिथ्याछाप (भ्रामक लेबलिंग) पाए जाने पर 1 लीटर की 210 पेटी (प्रत्येक में 12 नग), 250 एमएल की 3030 पानी बोतल तथा 250 एमएल के 29,100 पानी पाउच को सीज किया गया। इसके अलावा दो अन्य फर्मों को सुधार करने हेतु सूचना जारी की गई। टीम द्वारा सेवई, साबूदाना तथा अरहर और चना दाल के नमूने भी जांच हेतु लिए गए।इसी क्रम में रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रसाद कक्ष का निरीक्षण किया गया। भोग प्रमाणन (सर्टिफिकेट) हेतु खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। मंदिर परिसर के बाहर लगे ठेले और गुमटियों की भी जांच की गई, जहां अखाद्य रंग से तैयार चाट को नष्ट कराते हुए संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
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बिलासपुर /कलेक्टर के निर्देश एवं उप संचालक के मार्गदर्शन में जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में खनिज अमले ने जिले के निरतु, सेंदरी, तुरकाडीह, लोखंडी, कोनी, बिरकोना और सरकंडा क्षेत्रों में व्यापक जांच अभियान चलाया।
जांच के दौरान सरकंडा क्षेत्र से खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए 2 हाइवा तथा रेत का अवैध परिवहन करते 1 हाइवा वाहन को जब्त किया गया। वहीं निरतु क्षेत्र से 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, तुरकाडीह से 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली, लोखंडी क्षेत्र से 1 हाइवा और 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी अवैध परिवहन करते पकड़ा गया। इसके अलावा अशोक नगर क्षेत्र से मुरुम का अवैध परिवहन करते 1 हाइवा वाहन जब्त किया गया। इस कार्रवाई में कुल 5 हाइवा और 3 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित 8 वाहनों को जब्त कर पुलिस थाना सरकंडा एवं कोनी की अभिरक्षा में रखा गया है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। -
- खाद्य हिन्द पानी पाउच के कुल 606 बोरी को नमूना संकलन कर किया गया जप्त
राजनांदगांव । कलेक्टर के निर्देशानुसार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा जनसामान्य तक सही गुणवत्ता की खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती साधना चंद्राकर के नेतृत्व में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम द्वारा डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम नागतराई में संचालित फर्म हाइड्रावेडॉ एक्वा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जांच करने बिना अनुज्ञप्ति के प्रतिष्ठान का संचालन, प्रतिष्ठान में विनिर्मित पानी के लेबल पर विनिर्माता का पता मिथ्या एवं भ्रामक तथा विनिर्मित पानी का लेबल नियमानुसार नहीं पाया गया। टीम द्वारा मौके पर विनिर्मित एवं विक्रय हेतु भंडारित खाद्य हिन्द पानी पाउच (200 मिली प्रति पाउच) के कुल 606 बोरी को नमूना संकलन कर जप्त किया गया। सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रकरण को लैब की जांच रिपोर्ट एवं विवेचना पूर्ण कर शीघ्र ही प्रस्तुत किया जाएगा।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती साधना चंद्राकर ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा नागरिकों तक सही गुणवत्ता की खाद्य पदार्थ पहुंचाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने खाद्य कारोबारकर्ताओं से नागरिकों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत अपने प्रतिष्ठान में सुरक्षित और सही गुणवत्ता के खाद्य सामग्री का ही विक्रय, भंण्डारण, प्रदर्शन एवं विनिर्माण करने की अपील की है। यदि किसी भी प्रतिष्ठान पर मिलावटी या दूषित खाद्य सामग्री बेचे जाने का संदेह होने पर इसकी सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग की हेल्पलाइन 9340597097 पर की जा सकती है। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा बकाया जलकर वसूली को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। निगम प्रशासन ने आज 4 लाख रूपये निगम कोष में जमा कराये।
निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम द्वारा बकायेदारों के विरूद्व लगातार कार्यवाही की जा रही है। टीम ने घर-घर संपर्क कर जलकर जमा कराने के लिए प्रेरित किया, वहीं लम्बे समय से बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं को नोटिस भी जारी किये है। शहर में जलकर वसूली को और तेज करने के लिए विशेष अभियान जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से अपील है कि वे समय पर जलकर का भुगतान करें, ताकि दंडात्मक कार्यवाही से बजा जा सके और शहर की जल व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे। निगम द्वारा आगे भी इसी तरह की सख्त कार्यवाही जारी रहेगा, जिससे राजस्व में वृद्वि हो सके और विकास कार्यो को गति मिले। इस दौरान राजस्व अधिकारी जे. पी. तिवारी, बेदखली प्रभारी विनय शर्मा, बेदखली सहायक हरिओम गुप्ता सहित वसूलीकर्ता एजेंसी के कर्मचारी उपस्थित रहे। -
*निर्धारित से कम वसूली करने पर जोन 8,9,10 को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश*
*जिन प्रापर्टी आईडी से वसूली अब तक नहीं हुई है, उनका विवरण सूची बनाकर राजस्व विभाग को देने के निर्देश**निर्धारित लक्ष्य से कम राजस्व वसूली किये जाने पर जवाबदारी तय कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी-आयुक्तरायपुर/आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम रायपुर की राजस्व वसूली की गहन समीक्षा कर नगर निगम के हित में सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए.आयुक्त ने अब तक की राजस्व वसूली की जोनवार और वार्डवार समीक्षा करते हुए निर्धारित लक्ष्य से कम राजस्व वसूली किये जाने पर जोन 8,9,10 राजस्व विभाग को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए.आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों को रायपुर नगर निगम के हित में निर्देशित किया है कि अब तक जिन प्रापर्टी आईडी से राजस्व वसूली नहीं हुई है, उन सबका विवरण सूची बनाकर नगर निगम राजस्व विभाग के पास भेजा जाना सोमवार 23 मार्च तक सुनिश्चित कर लेवें.आयुक्त ने कहा कि निर्धारित लक्ष्य से कम राजस्व वसूली किये जाने पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी. दिनांक 31 मार्च 2026 तक नगर निगम रायपुर के हित को सर्वोपरि मानकर सभी 10 जोनों की राजस्व विभाग टीमें अपर आयुक्तगणों और उपायुक्तगणों सहित जोन कमिश्नरों और जोन सहायक राजस्व अधिकारियों के मार्गनिर्देशन में अधिकाधिक राजस्व वसूली नगर निगम रायपुर के लिए हर हाल में किया जाना सुनिश्चित करें.नगर निगम मुख्यालय भवन में आयुक्त द्वारा की गयी राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त सर्वश्री लोकेश्वर साहू, पंकज के. शर्मा, विनोद पाण्डेय, श्रीमती कृष्णा खटीक, उपायुक्त श्रीमती जागृति साहू, आईटी विशेषज्ञ श्री रंजीत रंजन, सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं, सभी जोनों के सहायक राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति रही. -
*- योजना के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन तथा निधि प्रवाह से संबंधित अभिलेखों का किया गया गहन परीक्षण*
दुर्ग/ जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीए) के अंतर्गत विशेष लेखापरीक्षा (स्पेशल ऑडिट) का निरीक्षण 19 मार्च से 21 मार्च 2026 तक किया जा रहा है। यह निरीक्षण वर्ष 2025-26 में संचालित कार्यों एवं समवर्ती गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। गठित लेखापरीक्षा दल में वरिष्ठ लेखा अधिकारी संजय कुमार टीम लीडर के रूप में शामिल हैं। उनके साथ वरिष्ठ लेखाकार रणवीर कुमार सुमन एवं लोक लेखा अधिकारी मधुसूदन साने भी दल का हिस्सा हैं। टीम द्वारा योजना के क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन तथा निधि प्रवाह से संबंधित अभिलेखों का गहन परीक्षण एवं सत्यापन किया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान कार्यों से संबंधित फाइलें, रजिस्टर, वाउचर एवं अन्य दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण कर योजना के क्रियान्वयन की स्थिति का आकलन किया गया। सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) 2017 नियम 39 के तहत अधीनस्थ प्राधिकरणों को लेखापरीक्षा दल को सभी आवश्यक अभिलेख, रिपोर्ट एवं भुगतान विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों को भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। निरीक्षण के क्रम में जनपद पंचायत धमधा अंतर्गत ग्राम पंचायत नवागांव में निजी डबरी निर्माण, वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों का स्थल निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लिया गया। -
रायपुर । मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) के नवनिर्मित आई टी आई भवन के खिड़कियों में आग लगाने का असफल प्रयास करने के साथ - साथ परिसर में घुस कमरे का ताला तोड़ 02 ट्यूब लाइट व स्विच बोर्ड चोरी कर ले जाने की घटना सामने आयी है । बीते 18 मार्च को ठेकेदार के अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा साईट निरीक्षण करने पर इसकी जानकारी मिली । ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी देने के बाद इसकी लिखित सूचना ठेकेदार के अधिकृत प्रतिनिधि राजेन्द्र शुक्ला ने बीते गुरुवार को मंदिर हसौद थाना प्रभारी आशीष यादव को दी है ।
ज्ञातव्य हो कि पूर्ववर्ती शासन काल में टेकारी में आई टी आई की स्वीकृति के बाद इसके लिये भवन निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से निर्माण कार्य कराया जा रहा है । ठेकेदार राजस्थान एसोसियेट्स द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है और हेंडओव्हर की प्रक्रिया बाकी है । इसी दरम्यान यह घटना घटित हो गयी है । ग्रामीणों के अनुसार निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा यहां सी सी टी वी लगवाया गया था जिसे कुछ ही दिन पहले निकाला गया है । ग्रामीणों की आंशका है कि इसके पीछे ग्राम के ही कुछ नशेड़ी असमाजिक तत्वों का हाथ हो सकता है । इसके पूर्व भी बीते कुछ वर्षों के भीतर ग्राम के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से दो बार सी सी टी वी चोरी होने के साथ - साथ ग्राम के भाठापारा स्थित कतिपय दूकानों व घरों में भी चोरी की घटनाएं घटित हो चुका है जिसमें से कुछ की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराया गया है और कुछ का नहीं । ग्राम स्तर पर पतासाजी का प्रयास असफल रहने के साथ - साथ पुलिसिया असफलता के चलते इन असामाजिक तत्वों के हौसले और बुलंद होने की जानकारी ग्रामीण देते हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने एक बार फिर अपने स्तर पर पतासाजी का प्रयास शुरू कर दिया है साथ ही थाना प्रशासन से आग्रह किया है कि पुलिसिया रिकार्डधारी सहित संदिग्ध तत्वों को पकड़ कड़ाई से पूछताछ करने पर इसके सहित पुराने घटनाओं में शामिल तत्वों का भी खुलासा हो सकता है । -
-कलेक्टर ने अधिकारियों को बैठक में उपस्थित रहने के दिए निर्देश
बिलासपुर / उच्च न्यायालय बिलासपुर में लंबित अवमानना प्रकरणों की समीक्षा हेतु कल 21 मार्च को बैठक आयोजित की गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को तैयारी के साथ मंथन कक्ष में आयोजित बैठक में शामिल होने के निर्देश जारी किए हैं। ऐसे अवमानना प्रकरण जिनमें कलेक्टर बिलासपुर को पक्षकार बनाया गया है, उनमें उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों एवं जवाबदावा की समय-सीमा के पालन की समीक्षा की जाएगी। यह बैठक 21 मार्च 2026 को प्रातः 10 बजे मंथन सभा कक्ष में आयोजित होगी। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने प्रकरणों की अद्यतन जानकारी एवं आवश्यक दस्तावेजों सहित अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहें, ताकि प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। - -कलेक्टर ने की युवाओं से आवेदन करने की अपीलबिलासपुर /भारतीय थल सेना (अग्निवीर) में भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र युवाओं से 1 अप्रैल 2026 तक ऑनलाईन आवेदन मंगाये गये है। पुरूष अभ्यर्थी जनरल, तकनीकी, लिपिक, स्टोरकीपर, ट्रेडमैन एवं महिला अभ्यर्थी सेना पुलिस तथा स्थायी कैडर नर्सिंग असिस्टेंट, नर्सिंग असिस्टेंट वेट और सिपाही फार्मा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयु सीमा 17.5 से 22 वर्ष एवं आवेदन शुल्क 250 रूपए निर्धारित किया गया है। आवेदन वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर किये जा सकते है। ऑनलाइन कॉमन एंट्रेस एग्जाम (सीईई) 1 जून से 10 जून 2026 तक होने की संभावना है। विस्तृत जानकारी के लिए सेना भर्ती कार्यालय नवा रायपुर के टेलीफोन नंबर 0771-2965212, 2965214 एवं जिला रोजगार कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है। कलेक्टर ने जिले के युवाओं से अग्निवीर भर्ती में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
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बालोद/ जिला प्रशासन बालोद ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए जिले की सभी शराब दुकानों और उनके आसपास के क्षेत्रों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त करने निर्देश जारी किया है।
अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक ने जिला आबकारी अधिकारी को पत्र जारी कर शराब दुकान के 100 मीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में प्लास्टिक डिस्पोजल, गिलास और प्लेट आदि के उपयोग पर रोक लगाई है। यह पहल 'प्लास्टिक मुक्त बालोद जिला अभियान' के तहत की गई है। प्रशासन का यह उद्देश्य प्लास्टिक कचरे के ढेर और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करना है। -
*प्रथम चरण में 1 मई से शुरू होगी मकानों की गणना*
बिलासपुर/जनगणना 2026-27 के तहत जिले में मकान गणना का कार्य 01 मई से शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। इसी सिलसिले में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिले के सकरी, नेवसा, रतनपुर एवं रानीगांव क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जमीनी स्तर पर जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।दौरे के दौरान कलेक्टर ने हाउस लिस्टिंग एवं जनसंख्या गणना से संबंधित की जा रही तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। कलेक्टर ने डिजिटल माध्यम से किए जाने वाले डेटा संकलन की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने फील्ड स्तर पर तैनात कर्मचारियों के प्रशिक्षण, तकनीकी संसाधनों की उपलब्धता तथा कार्य की निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उन्हें जनगणना के महत्व के बारे में अवगत कराया और इसमें सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास की आधारशिला है, इसमें दी गई प्रत्येक जानकारी भविष्य की योजनाओं को दिशा देती है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजागरूकता गतिविधियों को और तेज किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में सहभागिता निभा सकें। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नागरिकों की निजी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाए। जिले में 01 मई से 30 मई तक हाउस लिस्टिंग का कार्य किया जाएगा, जबकि जनसंख्या गणना का कार्य सितंबर 2026 से प्रारंभ होकर मार्च 2027 तक संचालित होगा। जनगणना की तैयारियों के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है, जबकि फील्ड स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण 23 मार्च से शुरू हो रहा है।दौरे के दौरान सहायक कलेक्टर श्री अरविंथ कुमारन, एडीएम श्री शिव कुमार बनर्जी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं मैदानी कर्मचारी उपस्थित थे। -
*श्री गिल ने रामकृष्ण हॉस्पिटल घटना में मृतक के परिजनों से की मुलाकात, दी सांत्वना*
*घटना स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन के दिए निर्देश*रायपुर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री हरदीप सिंह गिल ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान बीएसयूपी कॉलोनी, सिमरन सिटी संतोषी नगर पहुंचकर रामकृष्ण अस्पताल में हुई घटना के मृतक श्री गोविंद सेंदरे के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।परिजनों ने बताया कि मृतक घटना के दिन अस्पताल में सफाई कार्य के लिए गया था। इस पर श्री गिल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यकता होगी सरकार हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग उन सभी सफाई कर्मचारियों के साथ चाहें वह नियमित हों या ठेका प्रणाली के अंतर्गत कार्यरत हो उनके हितों के लिए कार्य करता है और परिजन अपनी बात आयोग तक रख सकते हैं।इसके पश्चात श्री गिल ने रामकृष्ण अस्पताल पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी ली, विशेष रूप से गैस रिसाव की स्थिति एवं उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों के बारे में पूछताछ की। निरीक्षण के दौरान श्री गिल ने कहा कि मैनुअल स्कैवेंजिंग पर पूर्णतः प्रतिबंध है और इस प्रकार के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि सीवरेज एवं सफाई कार्यों के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों और उपकरणों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन किया जाना अनिवार्य है।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, निगम उपायुक्त श्री विनोद पांडेय, सहायक पुलिस आयुक्त पुरानी बस्ती श्री देवांश सिंह राठौर सहित जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। -
बालोद। पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा की विशेष पहल पर जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण में जिले की 12 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिसमें विकासखंड डौंडी की ग्राम पंचायत खैरवाही एवं गुजरा शामिल हैं।
इसी क्रम में आज ग्राम पंचायत खैरवाही में सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत बनाने हेतु जनजागरूकता बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा इसके पूर्ण प्रतिबंध के लिए उपस्थित ग्रामीणों को शपथ दिलाई गई।कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्री शिवगिरी चुरेंद, सरपंच सुश्री वंदना ठाकुर, ग्राम सभा अध्यक्ष, उपसरपंच मन्नूलाल, पंचगण, श्री डी.एस. यादव (विकासखंड समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण), सुश्री सुनीता तारम (सचिव, ग्राम पंचायत खैरवाही) सहित बिहान समूह की महिलाएं, स्वच्छग्राही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षकगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कलेक्टर श्रीमती दिव्या मिश्रा ने कहा कि “सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है। इसे समाप्त करने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक नागरिक यदि दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग कम करने का संकल्प ले, तो हम अपने गांव और जिले को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बना सकते हैं। प्रशासन द्वारा इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।” -
रायपुर। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी रवि मित्तल को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में डिप्टी सेक्रेटरी पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) की मंजूरी के बाद की गई है।कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, रवि मित्तल का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से चार वर्ष का होगा या अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी का पद नीतिगत समन्वय और उच्चस्तरीय निर्णय प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान में रवि मित्तल छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग में आयुक्त और छत्तीसगढ़ संवाद सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इसके साथ ही वे मुख्यमंत्री सचिवालय में भी संयुक्त सचिव का दायित्व देख रहे हैं। पिछले डेढ़ साल से वे राज्य शासन के संचार और सूचना तंत्र में अहम भूमिका निभा रहे थे। इससे पहले वे जशपुर कलेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। -
-डिजिटल दौर में रायपुर प्रेस क्लब की बड़ी पहल
-पत्रकारिता को नए प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कदम;-अतुल तारे और पंकज झा की मौजूदगी में लॉन्चरायपुर ।रायपुर प्रेस क्लब ने डिजिटल युग के साथ कदम मिलाते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी द्वारा क्लब को हाईटेक बनाने के संकल्प के तहत अधिकृत वेबसाइट और यूट्यूब चैनल का शुभारंभ किया गया। हिन्दू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में स्वदेश समूह के संपादक अतुल तारे मुख्य अतिथि तथा मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा की अध्यक्षता में विधिवत लॉन्चिंग संपन्न हुई।कार्यक्रम की शुरुआत प्रेस क्लब सभागार में वरिष्ठ पत्रकारों की उपस्थिति में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना से हुई। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा बटन दबाकर प्रेस क्लब की वेबसाइट एवं यूट्यूब चैनल का औपचारिक शुभारंभ किया गया।इस पहल को पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब प्रेस क्लब की गतिविधियां, कार्यक्रम, संवाद और पत्रकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां डिजिटल माध्यम से भी व्यापक स्तर पर उपलब्ध होंगी।डिजिटल युग में अपडेट रहना जरूरी: अतुल तारेमुख्य अतिथि अतुल तारे ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह डिजिटल मीडिया का है और पत्रकारों के लिए इसके साथ खुद को अपडेट करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब का यह यूट्यूब चैनल और वेबसाइट पत्रकारों को अपनी बात और खबरों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पत्रकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, ऐसे में तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता करना अत्यंत आवश्यक है।समय की जरूरत है डिजिटल प्लेटफॉर्म: पंकज झाकार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पंकज झा ने कहा कि सूचना के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पत्रकारिता का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे स्थानीय पत्रकारों को एक मजबूत डिजिटल पहचान मिलेगी।उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मंच पत्रकारों की रचनात्मकता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।बदलाव के साथ कदम मिलाने का संकल्प: मोहन तिवारीप्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि यह केवल एक यूट्यूब चैनल का शुभारंभ नहीं, बल्कि पत्रकारिता के बदलते स्वरूप के साथ कदम मिलाने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि प्रेस क्लब लगातार अपने सदस्यों की सुविधा और हितों को ध्यान में रखते हुए नवाचार कर रहा है।उन्होंने सभी पत्रकार साथियों से अपील की कि वे इस डिजिटल मंच से जुड़कर इसे मजबूत बनाएं।कार्यक्रम के अंत में प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया तथा इस पहल को ऐतिहासिक बताया गया।उपस्थित प्रमुख सदस्यइस अवसर पर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेंद्र जांगड़े सहित पूर्व अध्यक्ष बृजेश चौबे, प्रकाश शर्मा, अनिल पुसदकर तथा वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, ठाकुर राम साहू, गोकुल सोनी, संदीप पुराणिक, प्रदीप दुबे, संतोष साहू, अनिल द्विवेदी, जयप्रकाश शर्मा, भरत योगी, नारद, शंकर चंद्राकर, कमलाकांत, प्रदीप डडसेना, संजय शुक्ला, दीपेश सोनी, सुखनंदन बंजारे, लवलेश द्विवेदी, अजीत शर्मा, लक्की, परमानंद वर्मा, अजीत यादव सहित बड़ी संख्या में पत्रकारगण उपस्थित रहे। - - कवर्धा में पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर द्वारा 'विबी-जी-राम-जी: ग्रामीण भारत का परिवर्तनकारी बदलाव' विषय पर 'वार्तालाप' का आयोजनकवर्धा। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन पत्र सूचना कार्यालय (PIB), रायपुर द्वारा आज कवर्धा में एक दिवसीय 'वार्तालाप' (मीडिया कार्यशाला) का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय 'विबी-जी-राम-जी (VB-G-RAM-G): ग्रामीण भारत का परिवर्तनकारी बदलाव' था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा और विशिष्ट अतिथि के रूप में कवर्धा जिला कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा उपस्थित रहे।मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री गणेश शंकर मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि 'विबी-जी-राम-जी' मात्र एक रोजगार देने वाली योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण आबादी के संपूर्ण आजीविका परिदृश्य के कायाकल्प के लिए तैयार की गई एक महत्वाकांक्षी पहल है। उन्होंने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि कृषि चक्र बाधित न हो, योजना में विशेष रूप से 60 दिनों का एक 'ब्लॉक' शामिल किया गया है, ताकि फसल कटाई के सीजन के दौरान किसान प्रभावित न हों। उन्होंने रेखांकित किया कि चूंकि भारत की 73% से अधिक आबादी आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, इसलिए यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। श्री मिश्रा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक दूरदर्शी नेता हैं और यह योजना उनके 'विकसित भारत 2047' के विजन का एक अनिवार्य हिस्सा है।कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को सूचित किया कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के लिए 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार सुनिश्चित किया गया है।कार्यशाला का समापन स्थानीय पत्रकारों के साथ संवाद के साथ हुआ, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जन तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में कवर्धा जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के अनेक प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
- रायपुर ।राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने 17 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित रामकृष्ण केयर अस्पताल में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान तीन सफाई कर्मियों की हुई मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया है। आयोग ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थल निरीक्षण की घोषणा की है तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की परिस्थितियों में हुई जनहानि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी दोषी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा।आयोग ने निर्देश दिए हैं कि ‘मैनुअल स्कैवेंजर्स के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’ (Prohibition of Employment as Manual Scavengers and their Rehabilitation Act, 2013) के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया गया है, जिनमें सेप्टिक टैंक की खतरनाक मैनुअल सफाई पर रोक, सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग तथा यांत्रिक प्रक्रियाओं को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मृतकों के परिजनों को त्वरित आर्थिक सहायता और पुनर्वास समर्थन उपलब्ध कराने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं। आयोग ने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवारों को विधि अनुसार मुआवजा और दीर्घकालिक सहायता मिल सके।राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सफाई कर्मियों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और जवाबदेही तय करना अनिवार्य है।
- रायपुर /युवाओं को रोजगार संबंधी जानकारी सुलभ कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। आज झारखंड के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम ने छत्तीसगढ जनसंपर्क की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा प्रकाशित लोकप्रिय पत्रिका ‘रोजगार और नियोजन’ का अवलोकन कर जानकारी ली। टीम को साप्ताहिक पत्रिकारोजगार और नियोजन पत्रिका के संबंध में सहायक संपादक श्रीमती गीतांजली नेताम ने रोजगार और नियोजन पत्रिका की पाठ्य सामग्री, स्वरूप और युवाओं के लिए उपयोगी जानकारी दी।झारखंड की टीम ने रोजगार और नियोजन पत्रिका की सराहना की l टीम में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग झारखंड के डिप्टी डायरेक्टर आनंद कुमार, विभाग की प्रतिनिधि श्रीमती सुनीता धान तथा विधि सलाहकार अमन कुमार शामिल रहे।झारखण्ड की टीम के अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के युवाओं को भी इसी प्रकार की विश्वसनीय और संगठित रोजगार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में ‘रोजगार और नियोजन’ जैसी पत्रिका प्रकाशित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए वे इस प्रकाशन की प्रति लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी प्रस्तुत करेंगे। टीम के सदस्यों ने कहा कि इस प्रकार की पत्रिका प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें सरकारी नौकरियों, योजनाओं और कैरियर मार्गदर्शन से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होती है।इस पहल को लेकर टीम ने उम्मीद जताई जा रही है कि यदि यह योजना साकार होती है, तो झारखंड के हजारों युवाओं को रोजगार संबंधी सटीक और समय पर जानकारी मिल सकेगी, जिससे उनके भविष्य निर्माण में सकारात्मक योगदान मिलेगा। झारखण्ड की टीम के छत्तीसगढ संवाद भ्रमण के अवसर पर रोजगार और नियोजन से संबद्ध अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे l
- -आवास और अधोसंरचना विकास को नई दिशा और गति देगा यह कानून: मुख्यमंत्री श्री साय-छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का नाम अब छत्तीसगढ़ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल -वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरीरायपुर / राज्य में आवासीय और शहरी अधोसंरचना विकास को व्यापक स्वरूप देने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। यह संशोधन द्वारा अब मंडल का नाम छत्तीसगढ़ गृह एवं अधोसंरचना विकास मंडल किया गया है एवं मंडल की भूमिका को विस्तार देते हुए उसे एक आधुनिक और बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।सदन में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का गठन मूलतः मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 के तहत किया गया था। राज्य गठन के बाद यह संस्था प्रदेश में आवासीय योजनाओं, नगरीय अधोसंरचना और किफायती आवास उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मंडल द्वारा लगभग 3,050 करोड़ रुपये की लागत से 78 नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा 735 करोड़ रुपये का ऋण भुगतान कर मंडल को ऋणमुक्त किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) के अंतर्गत 2,000 ईडब्ल्यूएस आवासों के निर्माण को स्वीकृति मिली है।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि 650 करोड़ रुपये से अधिक की 6 रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की डीपीआर तैयार हो चुकी है। नवंबर 2025 में आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेले में 2,060 करोड़ रुपये की 56 नई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया, जिसमें 2,517 संपत्तियों की बुकिंग और 1,477 का आवंटन किया जा चुका है। वर्तमान में मंडल छत्तीसगढ़ के 33 में से 27 जिलों में सक्रिय है और प्रक्रियात्मक सुधारों के माध्यम से रजिस्ट्री के साथ भौतिक कब्जा सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अलावा, 858 करोड़ रुपये की लागत से 146 विकासखंडों में शासकीय आवासों का निर्माण कर मंडल ने अपनी तकनीकी क्षमता भी सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई-दुर्ग और राजनांदगांव को एकीकृत कर एक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें गृह निर्माण मंडल की भूमिका अहम होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक 2026 के पारित होने पर कहा कि यह निर्णय राज्य में आवास और अधोसंरचना विकास को नई दिशा और गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मंडल का दायरा बढ़ाकर उसे एक आधुनिक एवं बहुआयामी इंफ्रास्ट्रक्चर एजेंसी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे शहरीकरण को सुव्यवस्थित रूप मिलेगा और आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती आवास उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “संकल्प से सिद्धि” के मंत्र के साथ प्रदेश में योजनाबद्ध शहरी विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे छत्तीसगढ़ आने वाले समय में एक सशक्त और विकसित राज्य के रूप में उभरेगा।
- -सुनियोजित शहरी विकास और अवैध प्लॉटिंग पर रोक की दिशा में बड़ा कदम: मुख्यमंत्री श्री साय- छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरी विकास को मिलेगी नई दिशा -वित्त मंत्री ओपी चौधरीरायपुर / छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और सुव्यवस्थित विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस संशोधन का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विस्तार और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करते हुए योजनाबद्ध विकास को गति देना है।सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी आवास एवं पर्यावरण विभाग के मुख्यतः रायपुर विकास प्राधिकरण और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण जैसे प्राधिकरणों पर ही निर्भर है। प्रदेश में बढ़ती आर्थिक विकास के फलस्वरूप, शहरों के व्यवस्थित विकास की आवश्यकता आज और बढ़ गई है। मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से नगर विकास योजनाओं के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। अहमदाबाद जैसे कई प्रमुख शहरों में रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाएं, नगर विकास योजना बनाकर, योजनाबद्ध तरीके से विकसित की गई हैं।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी रायपुर मास्टर प्लान के अंतर्गत एम.आर.-43 मार्ग का निर्माण नगर विकास योजना के माध्यम से किया जा रहा है, जो इस प्रणाली की उपयोगिता को दर्शाता है। संशोधन के तहत छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार अब नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों के दायरे का विस्तार किया जा रहा है । नगर तथा ग्राम विकास प्राधिकरणों के अलावा राज्य शासन के अभिकरणों, स्थानीय नगर निकाय और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों द्वारा भी नगर विकास योजना क्रियान्वित की जा सकेगी। इससे योजनाओं की संख्या में वृद्धि होने के साथ-साथ औद्योगिक और आवासीय विकास को भी नई गति मिलेगी।वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि इस विधेयक का मूल उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना, अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाना और उद्योग व आवास के लिए व्यवस्थित भूखंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संशोधन छत्तीसगढ़ के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 के पारित होने पर कहा कि यह निर्णय राज्य में सुनियोजित और संतुलित शहरी विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के इस दौर में अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक था। इस संशोधन के माध्यम से विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी बढ़ाकर विकास कार्यों को गति दी जाएगी, जिससे शहरों में बेहतर अधोसंरचना, व्यवस्थित आवास और उद्योगों के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक, सुव्यवस्थित और भविष्य के अनुरूप विकसित करना है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सके।
- -‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम होगी आयोजन-अलग-अलग श्रेणियों में कुल 25 लाख रूपए तक का पुरस्काररायपुर / छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर लाने के उद्देश्य से “बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह आयोजन राज्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। 22 मार्च को आयोजित होने वाली यह मैराथन जगदलपुर के लालबाग मैदान से प्रारंभ होकर चित्रकोट जलप्रपात तक पहुंचेगी। यह रूट प्रतिभागियों को बस्तर के प्राकृतिक और ऐतिहासिक सौंदर्य से रूबरू कराएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन ‘रन फॉर नेचर-रन फॉर कल्चर‘ की थीम के साथ राज्य की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा।मैराथन में 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर जैसी अलग-अलग श्रेणियां रखी गई हैं, जिसमें देशभर से धावकों के शामिल होने की उम्मीद है। विजेता प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रूपए तक का आकर्षक पुरस्कार रखा गया है। साथ ही प्रतिभागियों को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और रनिंग फोटोज़ दिए जाएंगे। कार्यक्रम में ज़ुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसी गतिविधियां भी होंगी। प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वेबसाईट https://www.bastarheritage.run/registration एवं https://www.bastarheritage.run/registration का अवलोकन कर सकते हैं।
- -भगवान झूलेलाल की जयंती पर सिंधी समुदाय को नववर्ष की बधाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल जी की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर सिंधी समाज को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान झूलेलाल जी समरसता, सहिष्णुता और जल संरक्षण के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएँ आज भी मानवता को जोड़ने का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) सिंधी समाज का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है, जो न केवल झूलेलाल जी की जयंती के रूप में, बल्कि नववर्ष के रूप में भी पूरे उल्लास और आस्था के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की और कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि (20 मार्च) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक हैं। उनका नाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में अमर वीरांगनाओं में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का डटकर विरोध किया। उन्होंने अपने राज्य और मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और स्वाधीनता के लिए बलिदान दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी अवंती बाई नारी शक्ति और सामाजिक चेतना का प्रतीक थीं। उन्होंने समाज को जागरूक करने का कार्य किया और न केवल महिलाओं बल्कि पूरे राष्ट्र को संघर्ष की राह दिखाई। उनकी वीरता, बलिदान और नेतृत्व क्षमता भारत के इतिहास में नारी सशक्तिकरण का अमिट उदाहरण हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत का इतिहास वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है। रानी अवंती बाई लोधी जैसी महान नारियों की कहानियाँ हमें आज भी राष्ट्रभक्ति, त्याग और साहस की प्रेरणा देती हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे रानी अवंती बाई को लोधी के आदर्शों से प्रेरणा लें और उनके बलिदान को स्मरण कर देश और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किए जाने को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए माँ दुर्गा से प्रदेश की समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव अथवा भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नए विधेयक के लागू होने से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और समाज में संतुलन तथा विश्वास कायम रहेगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि अब धर्म परिवर्तन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को विधिसम्मत और पारदर्शी बनाना अनिवार्य होगा। इसके तहत संबंधित पक्षों को पूर्व में ही प्राधिकृत अधिकारी को सूचित करना होगा, जिसके बाद आवेदन की सार्वजनिक सूचना जारी कर निर्धारित समयसीमा में उसका परीक्षण किया जाएगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि धर्मांतरण किसी भी प्रकार के प्रलोभन, दबाव या अनुचित प्रभाव के बिना ही किया जाए।मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व में लागू कानून अपेक्षाकृत कम प्रभावी था, जिसके कारण अवैध गतिविधियों को रोकने में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। नए प्रावधानों में कठोर दंडात्मक व्यवस्थाएं जोड़ी गई हैं, जिससे ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई संभव होगी।उन्होंने कहा कि अनियंत्रित धर्मांतरण से कई बार सामाजिक असंतुलन और अशांति की स्थिति उत्पन्न होती है। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा को और सुदृढ़ किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध जनजागरण का जो अभियान चलाया, वह आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि समाज की जागरूकता और सहभागिता से ही इस दिशा में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह विधेयक प्रदेश में पारदर्शिता, न्याय और सामाजिक एकता को मजबूती देगा तथा छत्तीसगढ़ को एक सशक्त, संतुलित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित करेगा।









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