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नई दिल्ली। आगामी चुनावों को लेकर तैयारियां तेज करते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने अंतर-राज्यीय समन्वय को मजबूत करने के लिए अहम बैठक आयोजित की। आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को हिंसा-मुक्त, धमकी-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में चुनाव वाले 5 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और उनसे सटे 12 सीमावर्ती राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, सीईओ, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य चुनाव तैयारियों की समीक्षा और आपसी समन्वय को और बेहतर बनाना था।मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी के साथ असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आगामी आम चुनाव तथा छह राज्यों में उपचुनाव की तैयारियों की समीक्षा की।बैठक में कानून-व्यवस्था, अवैध नकदी, शराब, नशीले पदार्थों और हथियारों की जब्ती, अंतरराज्यीय चेक पोस्ट और व्यय संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। सीमावर्ती जिलों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर सीमाएं सील करने के निर्देश दिए गए, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।निर्वाचन आयोग ने पड़ोसी राज्यों से कहा कि वे चुनाव वाले राज्यों को हर संभव सहयोग दें, ताकि प्रलोभन और हिंसा से मुक्त मतदान सुनिश्चित किया जा सके।आयोग ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, आयकर विभाग, सीजीएसटी और राजस्व खुफिया निदेशालय सहित कई केंद्रीय एजेंसियों को चुनाव से पहले कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। इन एजेंसियों को खुफिया सूचनाओं के आधार पर अवैध नकदी, शराब, ड्रग्स और हथियारों की अधिकतम जब्ती सुनिश्चित करने को कहा गया है।इसके अलावा, चुनाव आसूचना संबंधी बहुविभागीय समिति के साथ भी बैठक की गई, जिसमें विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया। आयोग का लक्ष्य है कि आगामी चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। -
नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को बताया कि एलपीजी से भरे दो जहाज – पाइन गैस और जग वसंत- सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर आ रहे हैं। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पाइन गैस जहाज 27 मार्च को न्यू मंगलौर पोर्ट पहुंचेगा, जिसमें 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी है।
जबकि, जग वसंत जहाज 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचेगा, जिसमें 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लोड है। इसके अलावा, 20 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में मौजूद हैं। इससे पहले, जहाज ट्रैकिंग डेटा में दिखाया गया था कि दोनों जहाजों को सुरक्षित रास्ते की मंजूरी मिलने के बाद वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में आमतौर पर करीब 14 घंटे का समय लगता है।यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे यह अहम समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ है। जग वसंत ने कुवैत से एलपीजी लोड की थी, जबकि पाइन गैस ने यूएई के रुवैस से अपना कार्गो लिया था। तनाव के कारण ये जहाज पहले फंसे हुए थे, लेकिन अब इन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई है।इस महीने की शुरुआत में भी दो अन्य भारतीय जहाज इसी रास्ते से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सरकार वैश्विक तेल संकट से देश के लोगों को बचाने के लिए कई कदम उठा रही है और ऊर्जा सप्लाई के अंतरराष्ट्रीय रास्तों को सुचारू रखने की कोशिश कर रही है।राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए उन्होंने हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया, खासकर ईंधन परिवहन और समुद्री मार्गों में। उन्होंने कहा कि देश और देशवासियों को वैश्विक झटकों से बचाने का एकमात्र उपाय आत्मनिर्भरता है। वर्तमान में भारत का करीब 90 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाजों के जरिए होता है, जिससे हम दूसरों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में किसी भी वैश्विक संकट या युद्ध के समय स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ‘मेक इन इंडिया’ के तहत करीब 70,000 करोड़ रुपए की लागत से भारतीय जहाजों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। - नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि दुनिया जिस गंभीर स्थिति से गुजर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से देश हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। 'टीवी9 नेटवर्क समिट' को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों में भी, दुनिया भर के कई देश भारत की नीति और रणनीति एवं उसकी ताकत को देखकर आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा, ''आज दुनिया जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रही है, वे बेहद चिंताजनक हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया संघर्षों में उलझी हुई है और उनका प्रभाव विश्व भर में दिखाई दे रहा है, ऐसे में भारत और दुनिया पर चर्चा करना अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा, "कोविड-19 महामारी के बाद भी चुनौतियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसा कोई वर्ष नहीं बीता, जिसने भारत और भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है।" मोदी ने कहा कि पिछले 23 दिनों में जब से पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हुआ है, भारत ने रिश्ते बनाने, निर्णय लेने और संकट से निपटने में उल्लेखनीय क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, ''ऐसे समय में जब दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, भारत ने खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी देशों तक और 'ग्लोबल साउथ' से लेकर अपने पड़ोसियों तक असाधारण पुल बनाने में कामयाबी हासिल की है। आज भारत सभी के लिए एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में खड़ा है।'' 'ग्लोबल साउथ' का इस्तेमाल दुनिया के विकासशील या कम विकसित देशों के लिए किया जाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और चुनौतियों को टालने के बजाय उनका डटकर सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, ''लोग अक्सर पूछते हैं कि हम किसके पक्ष में हैं। मेरा जवाब है कि हम भारत के साथ खड़े हैं। हम भारत के हितों के साथ खड़े हैं। हम शांति और संवाद के साथ खड़े हैं।'' पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब राजनीति में व्यक्तिगत हित हावी हो जाते हैं, तो लोग देश के भविष्य के बजाय अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कहा, ''2004 से 2014 के बीच क्या हुआ? कांग्रेस शासन के दौरान, भारत को पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने राष्ट्र कल्याण को प्राथमिकता देने के बजाय सत्ता बनाए रखने को प्राथमिकता दी।'' मोदी ने कहा कि उस समय सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी किए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया था कि इस फैसले से आने वाली पीढ़ियों पर वित्तीय बोझ पड़ेगा।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि दुनिया जिस गंभीर स्थिति से गुजर रही है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से देश हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है। 'टीवी9 नेटवर्क समिट' को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि युद्ध की मौजूदा परिस्थितियों में भी, दुनिया भर के कई देश भारत की नीति और रणनीति एवं उसकी ताकत को देखकर आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा, ''आज दुनिया जिन गंभीर परिस्थितियों से गुजर रही है, वे बेहद चिंताजनक हैं।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब दुनिया संघर्षों में उलझी हुई है और उनका प्रभाव विश्व भर में दिखाई दे रहा है, ऐसे में भारत और दुनिया पर चर्चा करना अत्यंत प्रासंगिक हो जाता है। उन्होंने कहा, "कोविड-19 महामारी के बाद भी चुनौतियां लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसा कोई वर्ष नहीं बीता, जिसने भारत और भारतीयों की परीक्षा न ली हो। लेकिन 1.4 अरब भारतीयों के एकजुट प्रयासों से भारत हर आपदा का सामना करते हुए आगे बढ़ रहा है।" मोदी ने कहा कि पिछले 23 दिनों में जब से पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हुआ है, भारत ने रिश्ते बनाने, निर्णय लेने और संकट से निपटने में उल्लेखनीय क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, ''ऐसे समय में जब दुनिया कई गुटों में बंटी हुई है, भारत ने खाड़ी देशों से लेकर पश्चिमी देशों तक और 'ग्लोबल साउथ' से लेकर अपने पड़ोसियों तक असाधारण पुल बनाने में कामयाबी हासिल की है। आज भारत सभी के लिए एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में खड़ा है।'' 'ग्लोबल साउथ' का इस्तेमाल दुनिया के विकासशील या कम विकसित देशों के लिए किया जाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और चुनौतियों को टालने के बजाय उनका डटकर सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, ''लोग अक्सर पूछते हैं कि हम किसके पक्ष में हैं। मेरा जवाब है कि हम भारत के साथ खड़े हैं। हम भारत के हितों के साथ खड़े हैं। हम शांति और संवाद के साथ खड़े हैं।'' पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब राजनीति में व्यक्तिगत हित हावी हो जाते हैं, तो लोग देश के भविष्य के बजाय अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उन्होंने कहा, ''2004 से 2014 के बीच क्या हुआ? कांग्रेस शासन के दौरान, भारत को पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। कांग्रेस ने राष्ट्र कल्याण को प्राथमिकता देने के बजाय सत्ता बनाए रखने को प्राथमिकता दी।'' मोदी ने कहा कि उस समय सरकार ने 1.48 लाख करोड़ रुपये के तेल बांड जारी किए थे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया था कि इस फैसले से आने वाली पीढ़ियों पर वित्तीय बोझ पड़ेगा।--
- नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे। इस दौरे के दौरान नवीन पार्टी की डिजिटल, सोशल और जमीनी स्तर पर पहुंच को मजबूत करने के लिए राज्य इकाई के नेताओं के साथ कई "उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठकों" की अध्यक्षता करेंगे। पार्टी ने बताया, "भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कल (मंगलवार) पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना होंगे, जहां वह चुनाव तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे।"पार्टी ने बताया कि अपने इस दौरे के दौरान भाजपा अध्यक्ष पार्टी की डिजिटल, सोशल और जमीनी स्तर की पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से कई उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठकें करेंगे। भाजपा ने कहा कि नवीन सोमवार को कोलकाता में हावड़ा और हुगली जोन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर अपने "मैराथन सत्रों" की शुरुआत करेंगे। भाजपा ने कहा कि बुधवार को नवीन राज्य की समृद्धि के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने के लिये दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। पार्टी ने कहा, "इसके बाद वह कोलकाता के साल्ट लेक स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय में भाजपा की राज्य चुनाव प्रबंधन टीम से मिलेंगे और बूथ स्तर की तैयारियों और चुनाव व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा करेंगे।" भाजपा ने बताया कि नवीन पार्टी की राज्य इकाई के विभिन्न इकाइयों जिनमें महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा और धार्मिक संगठन शामिल हैं, से भी बातचीत करेंगे। पार्टी ने बताया कि बुधवार को भाजपा अध्यक्ष राज्य कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ "रणनीतिक चर्चा" करेंगे।--
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और एक संस्था हैं। मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में ऐतिहासिक 8,931 दिन पूरे किए हैं। चौहान ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि मोदी अब भारत में निर्वाचित सरकार के सबसे लंबे समय तक कार्यरत प्रमुख बन गए हैं और उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता चौहान ने मोदी को देश के लिए अथक परिश्रम करने वाला और सार्वजनिक जीवन में समर्पण का उदाहरण पेश करने वाला नेता बताया।उन्होंने भाजपा मुख्यालय में कहा, "मोदी जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार, एक संस्था हैं। सार्वजनिक पद पर सबसे अधिक दिन बिताना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इससे भी अधिक उल्लेखनीय बात यह है कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में जनकल्याण के प्रति अथक प्रतिबद्धता दिखाई है।" चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों के पीछे राष्ट्रवाद ही मूल प्रेरक शक्ति रही है। उन्होंने कहा, ''हर भूमिका में, मैंने उनमें जो मूल प्रेरणा देखी है, वह राष्ट्रवाद है – राष्ट्र प्रथम, राष्ट्र सर्वोपरि। वे भारत माता के सच्चे भक्त और जनता के सेवक हैं। यही उनके कार्यों की मूलभूत प्रेरणा है।" चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार और जनता में निराशा के दौर में मोदी "विश्वास के प्रतीक" के रूप में उभरे।उन्होंने कहा, "मुझे 2011-13 के वे काले दिन याद हैं, जब घोटाले और भ्रष्टाचार व्यापक थे और लोग निराश थे। उस अंधकार में नरेन्द्र मोदी आस्था और विश्वास के प्रतीक बनकर उभरे।" केंद्रीय मंत्री ने कहा, "यह विश्वास व्याप्त गया कि 'अच्छे दिन आने वाले हैं'। 2014 में, दुनिया ने आश्चर्य से देखा कि उनके (मोदी) नेतृत्व में एक ही पार्टी ने बहुमत के साथ सरकार बनाई।" उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के एक नए चरण की शुरुआत हुई, जिससे लोगों को यह विश्वास हो गया कि "अगर मोदी हैं, तो सबकुछ संभव है।" चौहान ने कहा, "जो कभी असंभव लगता था, वह अब संभव होने लगा है – राजमार्ग, हवाई अड्डे, बंदरगाह, रेलवे, मेट्रो और बुलेट ट्रेन पर चर्चा।" सरकार की प्रमुख पहलों का उल्लेख करते हुए चौहान ने कहा कि कई योजनाओं ने निवेश और कल्याण को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा, "मेक इन इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने निवेश, आशा और विश्वास का एक नया वातावरण बनाया है।" उन्होंने महिला सशक्तीकरण के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "महिलाओं के लिए शिक्षा, कल्याणकारी योजनाएं और आर्थिक सशक्तीकरण की पहल जैसे 'लखपति दीदी' कार्यक्रम शुरू किए गए।" केंद्रीय मंत्री ने कहा, "तीन करोड़ का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिया गया है और अब लक्ष्य 6 करोड़ है। महिला सशक्तीकरण एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है, जिसमें विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण शामिल है।" राष्ट्रीय सुरक्षा पर चौहान ने कहा कि सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक' और हवाई हमले सहित कड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "हम दुनिया के प्रति मित्रवत हैं, लेकिन दृढ़ हैं। अच्छाई के लिए फूल की तरह कोमल और दुश्मनों के लिए वज्र की तरह कठोर। नक्सलवाद का अंत निकट है।" प्रमुख राजनीतिक निर्णयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो मुद्दे कभी नारे मात्र माने जाते थे, वे अब साकार हो चुके हैं।उन्होंने कहा, "एक कार्यकर्ता के रूप में, मुझे वे नारे याद हैं जो हम लगाया करते थे – 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे'। उस समय, यह सिर्फ एक नारा लगता था। यहां तक कि 'हम राम मंदिर बनाएंगे' भी दूर की बात लगती थी।" उन्होंने कहा, "लेकिन आज, देश और दुनिया ने देखा है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो चुका है और अनुच्छेद 370 निरस्त हो चुका है। जो असंभव लगता था, वह संभव हो गया है।" भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मोदी लोगों से सीधे जुड़ते हैं। चौहान ने मोदी को ''समाज सुधारक'' और ''असाधारण श्रोता'' बताया। उन्होंने कहा कि एक समृद्ध, मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना मोदी के नेतृत्व में पूरा होगा। चौहान ने यह भी कहा कि इतिहास चक्रों में चलता है और लंबे समय के बाद ही मोदी जैसे नेता जन्म लेते हैं।--
- चंडीगढ़. झारखंड झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में सोमवार को एक कैंटर-ट्रक ने ब्रेक फेल होने के बाद दो पैदल यात्रियों और एक मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी जिससे उनकी मौत हो गई जबकि हादसे में चार अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, ट्रक दिल्ली के किर्ती नगर से आ रहा था तभी हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में यह दुर्घटना हुई। उन्होंने बताया कि इस घटना में ट्रक ने दो पैदल यात्रियों (बिहार के छपरा के रहने वाले एक व्यक्ति और उसके भतीजे) को टक्कर मार दी जिससे दोनों की मौत हो गई।पुलिस के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, "इसके बाद बहादुरगढ़ के सेक्टर नौ पुराने बाईपास रोड की ओर जाते समय ट्रक ने एक ऑटो रिक्शा और उससे आगे चल रहे एक मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी। इस घटना में मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई, जबकि उसपर पीछे बैठा व्यक्ति घायल हो गया।" कैंटर ट्रक की चपेट में आने से अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायलों में एक महिला भी शामिल है जिसे रोहतक के पीजीआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि "पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि उसके वाहन के ब्रेक फेल हो गए थे। इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।"
- नई दिल्ली। कतर एयरवेज ने 20 से 22 मार्च के बीच भारत के विभिन्न शहरों के लिए कई उड़ानें संचालित कीं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों की आवाजाही सुनिश्चित हुई। इसी के साथ, दूतावास ने कतर में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सुरक्षा संबंधी सलाह जारी की है। कतर एयरवेज ने बीते दो दिनों में भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए 25 उड़ानें संचालित कीं। इस दौरान लगभग 7,750 भारतीय नागरिकों ने यात्रा की। दूतावास ने भारतीय समुदाय से आग्रह किया कि वे कतर के अधिकारियों की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों और सलाहों का बारीकी से पालन करें और उनका अनुपालन करें। स्थानीय अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि कार्यस्थलों पर सक्षम अधिकारियों और सुरक्षा और संरक्षा टीमों के निर्देशों का पालन करने से इमारतों के भीतर सुरक्षित व्यवहार को बढ़ावा मिलता है।दूतावास ने कहा कि विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में भौतिक कक्षाओं को धीरे-धीरे फिर से शुरू करने के लिए अधिकारियों का प्रयास जारी है। दूतावास ने लोगों से आग्रह किया कि आपातकालीन प्रक्रियाओं से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें, जिसमें शैक्षणिक परिसरों के भीतर ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ (सुरक्षित स्थान पर रुकने) के उपाय भी शामिल हैं।राजदूत ने उन अभिभावकों के एक समूह से मुलाकात की, जो जेईई और एनईईटी परीक्षाओं में बैठने वाले भारतीय छात्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस संबंध में दूतावास भारत में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी के साथ निकटता से समन्वय कर रहा है और सभी संबंधित पक्षों को घटनाक्रमों/अपडेट्स के बारे में सूचित करता रहेगा।वहीं, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मिलकर 24 मार्च को पश्चिम एशिया क्षेत्र से आने-जाने वाली 24 निर्धारित और गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करेंगी।दोनों एयरलाइंस जेद्दाह से आने-जाने वाली अपनी-अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखेंगी, जिसमें भारत और जेद्दाह के बीच कुल दस उड़ानें शामिल होंगी। इनमें से एयर इंडिया दिल्ली से एक और मुंबई से दो वापसी उड़ानें संचालित करेगी, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस हैदराबाद और कोझिकोड से एक-एक उड़ान संचालित करेगी। इसके अलावा, एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट से आने-जाने वाली चार निर्धारित उड़ानें संचालित करेगी, जिसमें दिल्ली और मुंबई से सेवाएं शामिल हैं।निर्धारित सेवाओं के अलावा, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से आने-जाने वाली कुल दस गैर-निर्धारित उड़ानें संचालित करेंगी। यह उस समय प्रस्थान स्टेशनों पर स्लॉट की उपलब्धता और अन्य मौजूदा स्थितियों पर निर्भर करेगा। ये उड़ानें संबंधित भारतीय और स्थानीय नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमतियों के साथ संचालित की जा रही हैं।
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नयी दिल्ली/ दिल्ली सरकार की ओर से तीन बिजली वितरण कंपनियों को 38,000 करोड़ रुपये से अधिक के लंबित भुगतान की तैयारी किए जाने के बीच राष्ट्रीय राजधानी में अप्रैल से बिजली की दरों में वृद्धि होने की संभावना है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने हालांकि, बताया कि सरकार उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए बिजली शुल्क में वृद्धि पर रियायत देने की योजना बना रही है। उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल अगस्त में निर्देश दिया था कि नियामकीय संपत्तियां जिनमें 27,200 करोड़ रुपये की वहन लागत भी शामिल है, दिल्ली की तीन निजी बिजली वितरण कंपनियों बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल को सात वर्षों में दीं जाए। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) ने जनवरी में केंद्रीय एजेंसी, विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) को सूचित किया था कि दिल्ली में कुल नियामक परिसंपत्तियां 38,552 करोड़ रुपये हैं। डीईआरसी ने कहा कि वसूली में देरी के कारण ब्याज जमा होने से मूल विनियामक परिसंपत्ति राशि में वृद्धि हुई है। अदालत ने डीईआरसी को वसूली योजना तैयार करने, वहन लागत (ब्याज) का हिसाब रखने और लागत वसूली में हुई लंबी देरी का स्पष्टीकरण देने वाला विस्तृत ऑडिट कराने का भी निर्देश दिया था। यह वसूली सात वर्षों की अवधि में बिजली बिलों में नियामक परिसंपत्ति अधिभार बढ़ाकर की जाएगी। दिल्ली के बिजली मंत्री आशीष सूद ने पिछले साल मार्च में कहा था कि वितरण कंपनियों को विनियामक परिसंपत्तियों के रूप में जमा हुए 27,000 करोड़ रुपये वसूलने के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि राष्ट्रीय राजधानी में बिजली की दरें बढ़ सकती हैं।
- नयी दिल्ली.। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने भारत के समक्ष कई अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, लेकिन सरकार स्थिति से निपटने के लिए सजग और तत्पर है। उन्होंने सदन में दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी नहीं हो तथा देश के नागरिकों को परेशानी नहीं हो। प्रधानमंत्री मोदी ने सदन को बताया कि देश के पास 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है। उन्होंने कहा कि हर संभव माध्यम से पेट्रोल और गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर जो भी कदम उठाए हैं, वे मौजूदा स्थिति को देखते हुए और भी प्रासंगिक हो गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट शुरू हुए तीन सप्ताह से ज्यादा हो गया है तथा सभी देशों की अर्थव्यवस्था और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ''इस युद्ध ने भारत के समक्ष अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये (चुनौतियां) न केवल आर्थिक, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी और मानवीय भी हैं।''
- मथुरा (उप्र) ।मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान से रामनवमी पर भगवान श्रीराम को अर्पण करने के लिए प्रसाद सोमवार सुबह अयोध्या भेजा गया। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि 11 मन (440 किलोग्राम) धनिया की पंजीरी, सवा मन (50 किलोग्राम) लड्डू तथा वस्त्र, फल आदि साम्रगी एक सजे-धजे वाहन में अयोध्या भेजी गई और इस दौरान भजन-कीर्तन में संस्थान के सदस्यों एवं भक्तजन ने भाग लिया। शर्मा ने बताया कि रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से भगवान का भोग लगाया जाएगा। रामनवमी का पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा।
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चेन्नई. हॉकी की बेहतरीन कवरेज के लिये मशहूर वरिष्ठ खेल पत्रकार एस त्यागराजन का सोमवार को यहां बढती उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण निधन हो गया । वह 85 वर्ष के थे । छह ओलंपिक और नौ एशियाई खेल कवर कर चुके त्यागराजन 1962 से 2013 तक 'द हिंदू' समाचार पत्र के लिये काम करते रहे । उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत 1961 में 'द इंडियन एक्सप्रेस' से की थी । 'द हिंदू' के खेल संपादक केसी विजय कुमार ने एक्स पर लिखा ,'' द हिंदू के लिये कई दशक तक काम करने वाले हॉकी पत्रकारिता के दिग्गज वरिष्ठ खेल संवाददाता एस त्यागराजन का निधन । त्यागराजन अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) और एशियाई हॉकी महासंघ (एएचएफ) की मीडिया और संचार से जुड़ी कई समितियों में भी रहे । वह भारतीय खेल पत्रकार संघ और तमिलनाडु खेल पत्रकार संघ के भी पूर्व अध्यक्ष रहे ।
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नयी दिल्ली. मोबाइल फोन के प्लान के अनुसार रोजाना मिलने वाले डेटा का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाने की स्थिति में उसका बाद में उपयोग करने की व्यवस्था होने की मांग करते हुए सोमवार को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि यह केवल डेटा की ही नहीं बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए चड्ढा ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन रीचार्ज कराता है तो उसे उसके प्लान के अनुसार डेटा मिलता है। ''यह डेटा रात बारह बजे समाप्त हो जाता है।'' उन्होंने कहा ''उपभोक्ता से पैसा पूरा लिया जाता है लेकिन रात बारह बजे तक अनुपयुक्त डेटा दिन समाप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है। यह अनुपयुक्त डेटा हमें अगले दिन नहीं मिलता जबकि यह हमारी मेहनत के पैसों से खरीदा जाता है।'' उन्होंने कहा ''विडंबना यह है कि रोज के डेटा की सीमा तय होती है, लेकिन मासिक डेटा सीमा नहीं होती। मासिक डेटा सीमा होने पर पूरा डेटा इस्तेमाल होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि लोग छुट्टी के दिन डेटा का अधिक उपयोग करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता और बचा हुआ डेटा वैलिडिटी समाप्त होने पर एक्सपायर हो जाता है।'' चड्ढा ने कहा कि आज इंटरनेट हर चीज के लिए जरूरी हो गया है और यह हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है।
आप सांसद ने मांग की कि अनुपयुक्त डेटा का बाद में इस्तेमाल करने की सुविधा दी जानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डेटा वैलिडिटी समाप्त होने के साथ समाप्त न हो। ''यह डेटा की ही बात नहीं है बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है।'' उन्होंने कहा कि माह के अंत में अगर अधिक डेटा बचा हो तो उपयोगकर्ता को इस डेटा का समायोजन अपने रीचार्ज प्लान में करने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त डेटा को 'डिजिटल संपत्ति' माना जाए और उसे स्थानांतरित करने की सुविधा उपयोगकर्ता को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी बिजली की खपत की जाती है उतना ही पैसा हम देते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह जितना डेटा इस्तेमाल हो, उपयोगकर्ता से उतने का ही पैसा लिया जाना चाहिए।
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नयी दिल्ली. दुर्लभ किस्म के कैंसर से पीड़ित और खाना निगलने में असमर्थ 14 वर्षीय एक लड़की को शहर के एक अस्पताल में नया जीवन मिला है। इस बीमारी की वजह से लड़की का दैनिक जीवन और पोषण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। चिकित्सकों ने किशोरी के 'सिग्नेट रिंग सेल कार्सिनोमा' नामक कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज किया। यह कैंसर उस जगह था, जहां भोजन नली पेट से मिलती है।
चिकित्सकों ने एक बयान में बताया कि लड़की का रोजमर्रा का जीवन काफी तकलीफदेह हो गया था और उसे जांच के लिए द्वारका के मणिपाल अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने बताया कि बायोप्सी सहित कई नैदानिक परीक्षणों से उसके दुर्लभ कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) के अध्ययनों के अनुसार, पेट और भोजन नली का कैंसर, विश्व स्तर पर काफी मामले सामने आते हैं लेकिन बाल रोगियों में इसका होना अत्यंत दुर्लभ है। कम उम्र के रोगियों में इस तरह के कैंसर अक्सर स्पष्ट रूप से पहचाने जाने योग्य जीवनशैली या पर्यावरणीय जोखिम कारकों के बिना विकसित होते हैं। चिकित्सकों ने बताया कि उपचार प्रक्रिया के तहत लड़की को सर्जरी से पहले पांच बार कीमोथेरेपी दी गयी।
मणिपाल कॉम्प्रीहेंसिव कैंसर सेंटर और ऑन्को रोबोटिक सर्जरी के प्रमुख डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास के नेतृत्व में ऑन्कोलॉजी टीम ने रोबोटिक सर्जरी द्वारा पेट के प्रभावित हिस्से को आसपास के लिम्फ नोड्स से हटा दिया। इस उन्नत प्रक्रिया की बदौलत टीम ट्यूमर को हटाने में सफल रही और साथ ही आसपास के महत्वपूर्ण अंगों को भी सुरक्षित रख पाई। इस मामले में, डॉ. डबास ने पाया कि मरीज पर सर्जरी से पहले की कीमोथेरेपी का अच्छा असर हुआ जिससे चिकित्सकों को उन्नत सर्जिकल उपचार शुरू करने में मदद मिली। रोबोटिक सर्जरी अधिक सटीकता, बेहतर दृश्यता और बेहतर परिणाम देती है, खासकर ऐसे नाजुक क्षेत्रों में। -
फूलबाणी. सुरक्षा बलों ने एक अभियान के दौरान ओडिशा के कंधमाल जिले में कथित तौर पर माओवादियों द्वारा संचालित तमंचा बनाने वाली एक फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। बल्लीगुडा के उपसंभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) शुभम भोसले ने बताया कि जिले के बल्लीगुडा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों ने शनिवार को बामुनिगांव थाना क्षेत्र के पनास्पदर गांव में छापेमारी अभियान के दौरान इस फैक्टरी का पता लगाया। पुलिस के अनुसार, बीएसएफ कर्मियों ने मौके से कुछ तैयार बंदूक, बैरल, कटर और बंदूक निर्माण के अन्य पुर्जे जब्त किए। पुलिस ने बताया कि कंधमाल जिले के दरिंगबाड़ी, कोटागढ़, तुमूदीबांधा, बामुनिगम और अन्य थाना क्षेत्रों में पिछले सप्ताह से ही तलाशी अभियान तेज कर दिया गया था, ताकि केकेबीएन (कंधमाल-कालाहांडी-बौध-नयागढ़) समूह से जुड़े कट्टर माओवादी सुक्रू और उसके साथियों को पकड़ा जा सके। पुलिस के मुताबिक, विशेष अभियान समूह (एसओजी), बीएसएफ, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य बलों के सुरक्षाकर्मियों को संगठित तरीके से माओवादी विरोधी अभियान में लगाया गया है, ताकि इस महीने के अंत तक माओवादियों का सफाया करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
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नयी दिल्ली. यूनेस्को के 'वैश्विक शिक्षा निगरानी' (जीईएम) दल ने बताया कि कक्षाओं में ध्यान केंद्रित करने में कमी और ऑनलाइन माध्यम से धमकाए जाने (साइबरबुलिंग) के मामलों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आधे से अधिक देशों ने स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। दल ने पाया कि सोशल मीडिया के उपयोग से खान-पान संबंधी विकार से पीड़ित होने की संभावना लड़कों की तुलना में लड़कियों में दोगुना होती है। फेसबुक के एक शोध के अनुसार, इंस्टाग्राम के उपयोग के बाद 32 प्रतिशत किशोरियों में अपने शरीर को लेकर असंतोष की भावना बढ़ गई। रिपोर्ट में टिकटॉक के 'एल्गोरिदम' को लेकर चिंताजनक रुझानों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह किशोरों को हर 39 सेकंड में 'शारीरिक छवि' से जुड़ी साम्रागी दिखाता है और हर आठ मिनट में खान-पान से जुड़े विकारों से संबंधित सामग्री दिखाता है। जीईएम के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया, "हालिया वैश्विक निगरानी से पता चलता है कि फिलहाल 114 शिक्षा प्रणालियों में स्कूलों में मोबाइल फोन पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लागू है, जो दुनिया के 58 प्रतिशत देशों का प्रतिनिधित्व करता है। यह विस्तार काफी तेज रहा है। जून 2023 में, जब 2023 की जीईएम रिपोर्ट में पहली बार इसका आकलन किया गया था, तब 24 प्रतिशत से भी कम देशों में ऐसे प्रतिबंध थे। वर्ष 2025 की शुरुआत तक यह बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया और मार्च 2026 तक इस आंकड़े में लगभग 20 प्रतिशत और बढ़ोतरी हो गई। अधिकारी ने कहा, "स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए जाने के मामलों में बढ़ोतरी कक्षाओं में बच्चों के ध्यान में कमी, ऑनलाइन माध्यम से धमकाए जाने (साइबरबुलिंग) और बच्चों पर डिजिटल माहौल के व्यापक प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है। हालांकि, वैश्विक परिदृश्य केवल प्रतिबंध की ओर साधारण बदलाव से कहीं अधिक जटिल है। उन्होंने बताया कि 2025 के अंत से कई देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लागू किया है, जिससे इस प्रवृत्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई है। हाल के समय में बोलीविया, कोस्टा रिका, क्रोएशिया, जॉर्जिया, मालदीव और माल्टा जैसे देश इस सूची में शामिल हुए हैं। फ्रांस उन देशों में शामिल है जहां इस मुद्दे पर बहस अब भी जारी है। यहां स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर शुरुआती और व्यापक रूप से उद्धृत प्रतिबंधों में से एक लागू किया गया था, जिसके तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में फोन के उपयोग पर रोक है। जीईएम की रिपोर्ट के अनुसार, नीति निर्माता अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या और अधिक विनियमन की आवश्यकता है। फ्रांसीसी संसद में विचाराधीन एक विधायी प्रस्ताव का उद्देश्य स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग को नियंत्रित करने वाले अधिक विशिष्ट नियम स्थापित करना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई मामलों में यह प्रतिबंध पूरे स्कूल समय या कक्षा के भीतर लागू होता है, जबकि कुछ व्यवस्थाओं में केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए या विशेष परिस्थितियों (जैसे दिव्यांग या बीमार छात्रों) में ही फोन के उपयोग की अनुमति दी जाती है, या फिर फोन बंद करके सुरक्षित रखने की शर्त होती है। रिपोर्ट के अनुसार, सभी सरकारें पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं हैं। कुछ देशों ने हाल ही में ऐसे राष्ट्रीय दिशा-निर्देश अपनाए हैं, जिनके तहत स्कूलों को फोन का उपयोग सीमित करने की नीतियां बनाने के लिए कहा गया है, लेकिन सख्त राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कोमोरोस, कोलंबिया, एस्टोनिया, लिथुआनिया, आइसलैंड, पेरू, इंडोनेशिया, सर्बिया, पोलैंड और फिलीपींस ऐसे देशों में शामिल हैं। इसके अलावा, कई जगहों पर राज्य या क्षेत्रीय स्तर पर भी बहस जारी है, जहां सरकारें राष्ट्रीय दिशा-निर्देश और स्कूलों की स्वायत्तता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। जिन देशों में शिक्षा प्रणाली विकेंद्रीकृत है, वहां प्रतिबंध अक्सर पहले क्षेत्रीय या स्थानीय स्तर पर लागू किए जाते हैं। अमेरिका में कोई राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इसके 39 राज्यों ने प्रतिबंध या नियम लागू किए हैं जिनके तहत स्कूलों को कक्षाओं में फोन के उपयोग को प्रतिबंधित करने वाली नीतियां अपनानी होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक सफलता के लिए भावनात्मक स्वास्थ्य बेहद अहम है और इस पर सोशल मीडिया का प्रभाव खासकर लड़कियों में अधिक स्पष्ट रूप से देखा गया है। इसमें कहा गया है कि 10 वर्ष की उम्र में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग का संबंध आगे चलकर सामाजिक-भावनात्मक समस्याओं में वृद्धि से जुड़ा है, जबकि लड़कों में ऐसा रुझान नहीं देखा गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसी कारण कुछ देशों ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर पाबंदी लागू की है या उस पर विचार कर रहे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, पुर्तगाल और स्पेन जैसे देश शामिल हैं, जबकि डेनमार्क, चेक गणराज्य और इंडोनेशिया में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है।
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जमशेदपुर. झारखंड के जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और आईआईटी-रुड़की ने शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस समझौता ज्ञापन पर शुक्रवार को एनआईटी-जमशेदपुर के निदेशक गौतम सूत्रधार और आईआईटी-रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों प्रमुख संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है।
बयान में बताया गया कि इससे संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, संयुक्त पीएचडी पर्यवेक्षण, छात्र व संकाय विनिमय कार्यक्रमों, इंटर्नशिप के अवसरों और 'स्टार्टअप इनक्यूबेशन' पहल को बढ़ावा मिलेगा। -
नागपुर/ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि देवेंद्र फडणवीस के दिवंगत पिता गंगाधरराव फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सोच को आकार दिया ताकि वे राजनीति को समाज सेवा के साधन के रूप में देख सकें। नागपुर में 'गंगाधरराव फडणवीस निदान सेंटर' का उद्घाटन करने के बाद भागवत ने कहा कि यह सुविधा, जो जनसेवा के लिए है, यह उस व्यक्ति के नाम पर है जिसने अपने जीवन के माध्यम से यह दिखाया कि एक सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता को कैसे कार्य करना चाहिए। भगवत ने कहा, ''गंगाधरराव ने ही देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी की सोच को आकार दिया, जो विश्वासपूर्वक कह सकते हैं कि राजनीति का अर्थ सामाजिक सेवा है। गंगाधरराव लोगों से जुड़ने और उन्हें सामाजिक कार्यों में संलग्न करने में कुशल थे। वे ईमानदार रहे और एक व्यापक सामाजिक लक्ष्य की पूर्ति के लिए निस्वार्थ भाव से काम करते रहे।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अपने सक्रिय वर्षों के दौरान सीमित संसाधनों और धन के बावजूद, गंगाधरराव ने एक बड़े उद्देश्य के लिए लोगों को एक साथ लाने पर ध्यान केंद्रित किया, और जैसे-जैसे अधिक लोग जुड़ते गए समर्थन मिलता गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेवा कोई एहसान नहीं बल्कि आत्म-शुद्धि का साधन है और मन को ऐसे कार्यों में लगाए रखना आवश्यक है। चुनाव के समय सेवा करने वालों की संख्या में वृद्धि होती है, लेकिन भागवत ने कहा कि ऐसे प्रयास कभी-कभी स्वार्थ या भय से प्रेरित होते हैं और लंबे समय तक कायम नहीं रह पाते। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि उनके पिता द्वारा किए गए कार्यों का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा और उन्हें समाज की निस्वार्थ सेवा करने की प्रेरणा मिली। सुविधा के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए फडणवीस ने कहा कि निदान केंद्र के लिए काम करने वाली टीम ने जोर दिया था कि इसका नाम उनके पिता के नाम पर रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने कभी भी अपनी किसी दान-पुण्य पहल का नाम अपने पिता के नाम पर नहीं रखा था, लेकिन निदान केंद्र के से जुड़ी टीम उनकी माता को मनाने में सफल रही। उन्होंने कहा कि निदान केंद्र में आधुनिक उपकरण हैं जो किफायती कीमतों पर या मुफ्त में भी कई प्रकार की सेवाएं प्रदान करते हैं। फडणवीस ने कहा कि बचपन में पिता के कार्यों को देखकर उन पर गहरा प्रभाव पड़ा और इसी ने उन्हें समाज की निस्वार्थ सेवा करने के लिए प्रेरित किया। फडणवीस ने कहा कि आरएसएस और संघ प्रमुख मोहन भागवत से प्रेरणा लेकर और गडकरी के मार्गदर्शन में विभिन्न कल्याणकारी पहलें चलाई जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा, ''सरकार ने महाराष्ट्र में 4500 अस्पतालों का एक नेटवर्क बनाया है, जिनमें 2400 बीमारियों का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। इसके साथ ही ऐसे कई निदान केंद्रों की भी आवश्यकता है।'' गंगाधरराव के साथ अपने घनिष्ठ और लंबे जुड़ाव को याद करते हुए गडकरी ने कहा कि उन्होंने बेहद कठिन समय में भी भाजपा और जनसंघ के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया। गडकरी ने कहा कि उन्होंने नागपुर में पार्टी के विस्तार के लिए काम किया।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नर्सिंग को सेवा और संवेदना का पेशा बताते हुए रविवार को कहा कि जब सेवा और संवेदना मरीज के साथ जुड़ती हैं, तो उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ राज्य सरकार नर्सिंग अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ रही है। मुख्यमंत्री ने यहां चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद कहा, '' नर्सिंग का पेशा सेवा और संवेदना का है। आपकी सेवा और संवेदना जब मरीज के साथ जुड़ती है, तो उसके परिणाम हम सबके सामने आते हैं।''एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस अवसर पर 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं। आदित्यनाथ ने कहा, "नवरात्र के अवसर पर बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलना नारी सशक्तीकरण का एक आदर्श उदाहरण है। मैं सभी अभ्यर्थियों को हृदय से बधाई देता हूं और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को धन्यवाद देता हूं।" उन्होंने कहा, "वह समय बीत चुका है जब यह सोचा जाता था कि मेडिकल कॉलेज या नर्सिंग कॉलेज खोलने से क्या होगा। मेडिकल शिक्षा महंगी हो सकती है, लेकिन नर्सिंग ऐसा क्षेत्र है जिसमें डिग्री प्राप्त करने के बाद रोजगार की पूरी संभावना रहती है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की मांग केवल देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में हो रही है। उन्होंने कहा, "हाल ही में मैं जापान गया था, जहां बड़ी संख्या में नर्सिंग पेशेवरों की मांग है। जर्मनी, कोरिया और यूरोप के अन्य देशों में भी भारतीय नर्सों की मांग है और उन्हें भरोसा है कि वे उत्कृष्ट कार्य करेंगी।" आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नर्सिंग अधिकारियों को सेवाओं से जोड़ रही है। उन्होंने कहा, "आपका चयन लोकसेवा आयोग से हुआ है और अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से आपको इस अभियान को आगे बढ़ाना है।"पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा कमजोर था। उन्होंने कहा, "1947 से 2017 तक 70 वर्षों में प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे और निजी क्षेत्र सहित कुल संख्या 40 थी। आज सरकारी और निजी क्षेत्र मिलाकर इनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है। यह उपलब्धि नौ वर्षों में हासिल की गई है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है तथा समाज के हर वर्ग को बिना भेदभाव के अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जो देश में किसी भी राज्य द्वारा दी गई सबसे बड़ी संख्या मानी जा रही है। अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों से बंद पड़े एएनएम और जीएनएम प्रशिक्षण संस्थानों को पुनः शुरू किया गया है। प्रदेश में 35 बंद एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को फिर से संचालित किया गया है, जबकि 31 नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र से जुड़ी छात्राओं से आह्वान किया कि वे बीएससी नर्सिंग और जीएनएम पाठ्यक्रम के साथ मराठी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और बांग्ला जैसी भारतीय भाषाओं का भी ज्ञान प्राप्त करें, ताकि देश-विदेश में सेवा के अवसरों का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग का दायित्व संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नर्सिंग अधिकारियों को सेवा भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। पाठक ने कहा कि किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर वे उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। इस समारोह को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी संबोधित किया।
- बेंगलुरु. शहर के बाहरी इलाके में 21 मार्च की देर रात दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन महिलाओं सहित छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, काशी की आध्यात्मिक यात्रा के लिए निकलीं तीन महिलाओं की उस समय मौत हो गई जब हवाई अड्डे की ओर जा रहे उनके टेम्पो ट्रैवलर को देवनहल्ली के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इसने बताया कि तुमकुरु जिले के टिपटूर से काशी जाने के लिए 12 लोग हवाई अड्डे जा रहे थे।अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षतिग्रस्त टेम्पो के चालक सहित सभी घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है।पुलिस ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, एक अन्य सड़क दुर्घटना में, मेदाहल्ली के पास पंचर की वजह से सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से एक छोटे मालवाहक वाहन के भिड़ जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना में मालवाहक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के मद्देनजर कच्चे तेल, गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों तथा ऊर्जा एवं उर्वरक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति की रविवार को वरिष्ठ मंत्रियों के साथ समीक्षा की। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य देश भर में निर्बाध आपूर्ति और कुशल वितरण सुनिश्चित करना है तथा सरकार इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह , कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने इस उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्रियों सर्बानंद सोनोवाल (बंदरगाह एवं जहाजरानी), मनोहर लाल खट्टर (ऊर्जा), प्रह्लाद जोशी (खाद्य एवं उपभोक्ता मामले), किंजरापु राममोहन नायडू (नागरिक उड्डयन) और हरदीप सिंह पुरी (पेट्रोलियम), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और प्रधानमंत्री के दो प्रधान सचिव पी के मिश्रा और शक्तिकांत दास भी मौजूद थे।सूत्रों ने बताया कि पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति को देखते हुए कच्चे तेल, गैस, पेट्रोलियम उत्पादों और बिजली एवं उर्वरक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति की समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार सरकार पेट्रोलियम उत्पादों समेत सभी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर मौजूदा वैश्विक स्थिति और उपभोक्ता एवं उद्योग हितों की रक्षा के लिए उठाए गए उपायों की समीक्षा की गई। मोदी ने 12 मार्च को कहा था कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने विश्वव्यापी ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है, जो राष्ट्रीय चरित्र की एक गंभीर परीक्षा है और इससे शांति, धैर्य एवं लोगों में अधिक जागरूकता के जरिये निपटने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में उत्पन्न व्यवधानों से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है। मोदी ने कहा था, ''यह पता लगाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों से हम कैसे पार पा सकते हैं।'' प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया के कई नेताओं से बात की है।अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर 28 फरवरी को हमला किए जाने के बाद युद्ध की शुरुआत हुई। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के अपने कई पड़ोसी देशों पर हमला किया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया है, जो एक प्रमुख समुद्री मार्ग है और इसके जरिये दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा की ढुलाई होती है। संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने बहुत कम पोतों को इससे गुजरने की अनुमति दी है। इसके कारण भारत समेत कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति में गंभीर व्यवधान पैदा हो गया है। संघर्ष शुरू होने के बाद से मोदी ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान के नेताओं से टेलीफोन पर बातचीत की है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में बिताए गए रिकॉर्ड 8,931 दिनों की रविवार को सराहना की और कहा कि यह सेवा, कड़ी मेहनत एवं अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित एक मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और अब प्रधानमंत्री के रूप में मोदी द्वारा सार्वजनिक जीवन में 8,931 दिनों का रिकॉर्ड बनाया जाना राष्ट्र-प्रथम, शासन, कार्यों में ईमानदारी और प्रत्येक नागरिक की अथक सेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शाह ने 'एक्स' पर एक संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी रविवार को सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए भारत में सर्वाधिक समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले व्यक्ति बन गए। गृह मंत्री ने कहा, "मोदी जी की दशकों की सेवा ने एक नए युग को जन्म दिया है। चाहे गरीबों को उनके अधिकार दिलाना हो, विकास में नए मुकाम हासिल करना हो या वैश्विक मंचों पर देश का गौरव बढ़ाना हो, मोदी युग ने भारत को पूरी तरह से बदल दिया है।"उन्होंने कहा कि इस नए भारत के निर्माण के लिए जीवन भर के प्रयास की आवश्यकता थी, और प्रधानमंत्री मोदी ने वह प्रयास किया। शाह ने कहा, "24 वर्षों से अधिक समय तक बिना छुट्टी लिए राष्ट्र और उसकी जनता की सेवा करना उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यही कारण है कि उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार जनता से अभूतपूर्व स्नेह प्राप्त हुआ। जनता का विश्वास, स्नेह और समर्थन उनके प्रति दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है।" इस उपलब्धि को ''सेवा, कड़ी मेहनत और अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित एक मील का पत्थर'' बताते हुए शाह ने अपने पोस्ट में कहा, ''अभूतपूर्व विश्वास और अद्वितीय सेवा पर निर्मित एक दुर्लभ विरासत। प्रधानसेवक मोदी।'' मोदी ने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।वह 21 मई, 2014 तक इस पद पर बने रहे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीट के साथ शानदार जीत दिलाने के बाद मोदी ने 26 मई को प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली। भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाली पहली गैर-कांग्रेसी पार्टी बनी, जिसने कांग्रेस को मात्र 44 सीट पर समेटते हुए धूल चटा दी।
- जम्मू. जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी के गुफा मंदिर की यात्रा अस्थायी स्थगन के बाद रविवार को फिर से शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने शनिवार को भवन क्षेत्र में भारी भीड़ के मद्देनजर यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी थी। दोपहर बाद तक करीब 39,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, जिसके चलते एहतियातन यह कदम उठाया गया। चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हुई है और 27 मार्च को समाप्त होगी।श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, "भवन में अत्यधिक भीड़ के कारण यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित की गई थी, जिसे अब फिर से शुरू कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि कटरा में रविवार सुबह से यात्रा के लिए पंजीकरण भी दोबारा शुरू हो गया।अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब एक लाख श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं। शनिवार को 39,000 से अधिक श्रद्धालु कटरा पहुंचे और मंदिर में मत्था टेका। पंजीकरण के बाद 5,000 से अधिक श्रद्धालु गुफा मंदिर की ओर रवाना हुए। पंजीकरण केंद्रों पर भी भारी भीड़ देखी गई। नवरात्र के तीसरे दिन 'जय माता दी' के जयकारों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु त्रिकुटा पहाड़ियों की घुमावदार रास्तों से होते हुए भवन की ओर बढ़ते नजर आए। फूलों से सुसज्जित और रंग-बिरंगी रोशनी से आलोकित गुफा मंदिर का परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार है। प्रशासन ने कटरा आधार शिविर और मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंध किए हैं ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारू ढंग से संचालित हो सके। वहीं, चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत के साथ श्री माता वैष्णो देवी श्राइन में 'शत चंडी महायज्ञ' भी बृहस्पतिवार को प्रारंभ हुआ।
- मंडला (मध्यप्रदेश) .मध्यप्रदेश के मंडला जिले में एक मोटरसाइकिल के अनियंत्रित होकर जर्जर पुल से नीचे गिर गई जिस कारण वाहन पर सवार चार युवकों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार रात लगभग आठ बजे के करीब जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र के भैंसवाही गांव के पास हुई जब एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर चार युवक पौड़ी गांव से भैसवाही गांव की ओर जा रहे थे। थाना प्रभारी अनीता कुड़ापे ने बताया कि पुल से गुजरने के दौरान सड़क के गड्ढे के कारण मोटरसाइकिल नीचे गिर गई। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में चारों युवक गंभीर रुप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।कुड़ापे ने बताया कि युवकों की पहचान रामतिला निवासी प्रमोद कुमार नरेती (24), बस्तरी निवासी संतलाल उइके (23) और कुटरई निवासी शिवम यादव (25) तथा गंगाराम (22) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर की जांच शुरू कर दी है।
- नयी दिल्ली. देश का कोयला आयात चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह (अप्रैल-जनवरी) के दौरान 4.2 प्रतिशत घटकर 21.31 करोड़ टन रहा है। समुद्री मार्ग से ढुलाई महंगी होने के कारण अभी कोयला आयात कमजोर ही रहने की संभावना है। आयात में गिरावट से पता चलता है कि देश कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, जबकि घरेलू उत्पादन बढ़ रहा है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव की वजह से आपूर्ति में आई बाधा की वजह से वैश्विक स्तर पर तापीय कोयले की कीमतें चढ़ रही हैं।बी2बी ई-कॉमर्स मंच एमजंक्शन सर्विसेज लि. के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान, गैर-कोकिंग कोयले का आयात 12.78 करोड़ था, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 14.11 करोड़ टन के आंकड़े से कम है। एमजंक्शन सर्विसेज सेल और टाटा स्टील का संयुक्त उद्यम है। अप्रैल-जनवरी, 2025-26 के दौरान कोकिंग कोयले का आयात 5.03 करोड़ टन रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 4.58 करोड़ टन था। जनवरी में देश का कोयला आयात 22.1 प्रतिशत घटकर 1.66 करोड़ टन रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में 2.13 करोड़ टन रहा था। जनवरी में हुए कुल आयात में से, गैर-कोकिंग कोयले का हिस्सा 94.5 लाख था, जो पिछले साल जनवरी के आंकड़े 1.23 करोड़ टन से कम है। कोकिंग कोयले का आयात 42.3 लाख था, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 52.3 लाख टन रहा था। एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय वर्मा ने कहा, ''घरेलू बाजार में ज्यादा स्टॉक होने की वजह से तापीय कोयले के आयात में (सालाना आधार पर) काफी गिरावट आई है। समुद्री मार्ग से ढुलाई की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ आयात और कम रहने की संभावना है।'' अगले कुछ साल में घरेलू कोयले का उत्पादन सालाना 6-7 प्रतिशत की दर से बढ़कर 2029-30 तक लगभग 1.5 अरब टन तक पहुंचने की उम्मीद है।



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