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- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर पृथ्वी के भविष्य को आकार देने वाले इस आवश्यक जीवन तत्व के संरक्षण की अपील की। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पानी हमें जीवन देता है और हमारे ग्रह के भविष्य को आकार देता है। विश्व जल दिवस के अवसर पर आइए हम एक-एक बूंद पानी के संरक्षण और उसके जिम्मेदार उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएं।''प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन उन लोगों की सराहना करने का भी है जो सतत तरीकों को अपनाते हैं, जागरूकता फैलाते हैं और संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व जल दिवस का एक प्रमुख उद्देश्य सतत विकास लक्ष्य- छह को हासिल करना है, जिसका उद्देश्य 2030 तक सभी के लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छता सुनिश्चित करना है। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि 2026 के विश्व जल दिवस अभियान में परिवर्तनकारी और अधिकार आधारित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया गया है जिसमें महिलाओं को जल संबंधी निर्णयों में समान आवाज, नेतृत्व और अवसर दिए जाने पर जोर दिया गया है।
- नयी दिल्ली. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कमजोर होते रुपये और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का भारत की वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ने की आशंका के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 88,180 करोड़ रुपये (लगभग 9.6 अरब डॉलर) निकाले हैं। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई की यह निकासी फरवरी में उनके द्वारा की गई खरीदारी के बाद देखने को मिली है। फरवरी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 महीनों का सबसे ऊंचा आंकड़ा था। हालिया निकासी के साथ 2026 में अबतक एफपीआई भारतीय शेयर बाजार से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निकाल चुके हैं। मार्च में (20 मार्च तक), एफपीआई हर कारोबारी सत्र में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने इस दौरान 88,180 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं।हालांकि, यह निकासी अक्टूबर, 2024 की 94,017 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी से कम है। एंजल वन के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा कि एफपीआई की निकासी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया तनाव है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है, जिससे एफपीआई जोखिम लेने से बच रहे हैं। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि बढ़ता अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल एफपीआई की निकासी की एक और बड़ी वजह है। ज्यादा प्रतिफल ने डॉलर वाली संपत्तियों का आकर्षण बढ़ाया है, जिससे भारत जैसे उभरते बाज़ारों से एफपीआई निकासी कर रहे हैं। इसी तरह की चिंता जताते हुए जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष ने एफपीआई की बिकवाली को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में कमजोरी, रुपये में लगातार गिरावट और भारत की वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर पड़ने की आशंका ने निवेशक धारणा को प्रभावित किया है।--
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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने शनिवार को जानकारी दी कि असम, केरल और पुडुचेरी में पहला रैंडमाइजेशन पूरा हो गया है। आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव व 6 राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम 15 मार्च को घोषित किया था।
ईवीएम को दो चरणों वाली रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से उनके संबंधित मतदान केंद्रों को आवंटित किया जाता है। पहले चरण में जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों को ईवीएम का रैंडम आवंटन किया जाता है जबकि दूसरे चरण में एसी स्तर से मतदान केंद्र स्तर तक ईवीएम का रैंडम आवंटन किया जाता है।चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, सभी चुनाव वाले राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) पास कर चुकी ईवीएम-वीवीपैट मशीनों का पहला रैंडमाइजेशन पूरा करना होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के आम चुनाव के साथ ही गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले उपचुनावों के लिए ईवीएम का पहला रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया गया है।पहला रैंडमाइजेशन राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में डीईओ की ओर से ईवीएम प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) के माध्यम से किया गया। निर्वाचन क्षेत्रवार रैंडमाइजेशन से चयनित ईवीएम और वीवीपैट की सूचियां सभी राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनके संबंधित जिला मुख्यालयों पर साझा की गई हैं।इन ईवीएम और वीवीपैट को संबंधित विधानसभा के स्ट्रांग रूम में राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुरक्षित रखा जाएगा। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद, पहली और दूसरी रैंडमाइजेशन से चयनित ईवीएम और वीवीपैट की सूची भी सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ साझा की जाएगी। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मथुरा दौरे पर हैं। वे आज शनिवार को गोवर्धन पहुंचीं, जहां वे गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर रही हैं। द्रौपदी मुर्मु गोवर्धन पहुंचने वाली देश की पहली राष्ट्रपति भी हैं।
शनिवार को दिल्ली लौटने से पहले राष्ट्रपति मुर्मु का गोवर्धन परिक्रमा का भी कार्यक्रम तय था। उन्होंने गोवर्धन पहुंचकर गोल्फ कार्ट के जरिए 7 कोस की परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा पूरी होने के बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को वृंदावन में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नंद किशोर सोमानी कैंसर चिकित्सा ब्लॉक का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन आध्यात्मिक चेतना और मानवतावादी सेवा के संगम का सशक्त प्रतीक है। रामकृष्ण परमहंस की गहन भक्ति ने एक ऐसी शक्ति का संचार किया, जिसे उनके प्रमुख शिष्य स्वामी विवेकानंद ने बाद में मानवता के कल्याण के लिए संस्थागत रूप दिया। रामकृष्ण मिशन ने निरंतर यह संदेश दिया है कि प्रेम, सेवा और करुणा ईश्वर प्राप्ति का सर्वोच्च मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस मिशन ने यह सिद्ध किया है कि सच्ची निस्वार्थ सेवा और करुणा ही आध्यात्मिकता की वास्तविक अभिव्यक्ति है।आपको बता दें, राष्ट्रपति मुर्मु गुरुवार शाम मथुरा पहुंची थीं और वहां इस्कॉन मंदिर गईं। उन्होंने मंदिर में प्रार्थना की और शाम की आरती में भाग लिया। शुक्रवार को राष्ट्रपति वृंदावन पहुंची, जहां उन्होंने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुई इस शिष्टाचार भेंट में राष्ट्रपति और महाराज ने मुख्य रूप से अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की।श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचते ही प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों और शिष्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी का भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। राष्ट्रपति ने आश्रम में समय बिताते हुए संत के आशीर्वाद लिए और उनके विचारों को समझा। राष्ट्रपति मुर्मु ने साध्वी ऋतंभरा की ओर से स्थापित संस्था वात्सल्य ग्राम का भी दौरा किया। यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए जानी जाती है, और राष्ट्रपति वहां जाकर संस्थान के कामकाज की जानकारी ली। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों से मुलाकात की। -
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में संकट बढ़ने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रभावित होने के मद्देनजर सरकार ने शहरी गैस वितरण (सीजीडी) संस्थाओं को होटलों, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
आईजीएल, एमजीएल, गेल और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियां वर्तमान में प्रोत्साहन राशि की पेशकश कर रही हैं। पीएनजीआरबी ने इन्हें आवेदन जमा करने और उपभोक्ताओं के घरों तक गैस आपूर्ति शुरू होने के बीच की समय सीमा को कम करने और जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है।सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से सीजीडी विस्तार के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने का भी अनुरोध किया है। इस बीच, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन देने की पेशकश की है लेकिन अगर वे एलपीजी से पीएनजी में लंबे वक्त तक सहायता कर सकें।पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अब राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है कि वे इस सुधार को आगे बढ़ाएं और सीजीडी नेटवर्क का विस्तार सुनिश्चित करें और अपने क्षेत्रों में घरेलू और वाणिज्यिक/औद्योगिक पीएनजी उपभोक्ताओं को कनेक्शन जारी करने में तेजी लाएं।इस बीच, हाल के दिनों में 13,700 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं और 7,300 से अधिक उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में स्थानांतरित हो गए हैं, जिससे एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने में मदद मिली है।हालांकि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एलपीजी की आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय है लेकिन वितरकों के यहां आपूर्ति में कोई कमी नहीं आई है।खास बात यह है कि घबराहट में की गई बुकिंग में काफी गिरावट आई है। 13 मार्च को 89 लाख से घटकर 20 मार्च को लगभग 55 लाख रह गई है जबकि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।लगभग 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने गैर घरेलू एलपीजी के आवंटन के आदेश जारी किए हैं और सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्हें वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन का लगभग 50 प्रतिशत प्राप्त हो रहा है। सरकार ने बताया कि पिछले सप्ताह लगभग 11,360 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को सुरक्षित आपूर्ति मिलती रहेगी जिसमें घरेलू एलपीजी और सीएनजी परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति शामिल है। -
नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट इलाके में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई देशों ने मिडिल ईस्ट में ईरान की ओर से की जा रही कार्रवाई की घोर निंदा की और होर्मुज स्ट्रेट बंद करने को लेकर नाराजगी भी जाहिर की है। इसके साथ ही सभी देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान से हमले रोकने की अपील की।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन और लिथुआनिया के नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में हालात को लेकर संयुक्त बयान जारी किया है।संयुक्त बयान में कहा गया, “हम खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों, तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को असल में बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं। हम बढ़ते संघर्ष पर अपनी गहरी चिंता जताते हैं। हम ईरान से अपील करते हैं कि वह कमर्शियल शिपिंग के लिए स्ट्रेट को रोकने की अपनी धमकियों, माइन बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों और दूसरी कोशिशों को तुरंत बंद करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करे।”बयान में आगे कहा गया कि नेविगेशन की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसमें यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी भी शामिल है।ईरान की हरकतों का असर दुनिया के सभी हिस्सों के लोगों, खासकर सबसे कमजोर लोगों पर पड़ेगा। यूएनएससी प्रस्ताव 2817 के मुताबिक, हम इस बात पर जोर देते हैं कि इंटरनेशनल शिपिंग में इस तरह की दखलअंदाजी और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन में रुकावट अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। इस बारे में हम तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों पर तुरंत पूरी रोक लगाने की अपील करते हैं।सभी देशों ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता निकालने की कोशिशों का आह्वान किया और कहा, “हम स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए सही कोशिशों में मदद करने के लिए तैयार हैं। हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो तैयारी की योजना कर रहे हैं। हम स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को सहयोग के साथ रिलीज करने की मंजूरी देने के अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के फैसले का स्वागत करते हैं। हम एनर्जी मार्केट को स्थिर करने के लिए दूसरे कदम उठाएंगे, जिसमें कुछ प्रोड्यूस करने वाले देशों के साथ मिलकर आउटपुट बढ़ाना शामिल है।”उन्होंने कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र और आईएफआईएस के जरिए सबसे ज्यादा प्रभावित देशों को मदद देने के लिए भी काम करेंगे। समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की आजादी से सभी देशों को फायदा होता है। हम सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय खुशहाली और सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों को बनाए रखने की अपील करते हैं।” - नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को कहा कि कोचिंग संस्थानों द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न भ्रामक विज्ञापनों पर उन्हें नोटिस दिए जाते हैं और जुर्माना लगाया जाता है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में प्रश्नकाल में कहा कि भ्रामक विज्ञापनों और अन्य धोखेबाजी वाली गतिविधियों के मामले में कोचिंग कक्षाओं को बहुत नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यूपीएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में वरीयता प्राप्त करने वाले छात्रों की तस्वीरों का इस्तेमाल कई कोचिंग संस्थान एक साथ करते हैं।जोशी ने कहा, ''हमने उन्हें नोटिस दिए हैं। उन पर जुर्माना लगाया जाता है और इस बारे में सूचना प्रकाशित भी की जाती है जिससे संस्थानों की साख पर सवाल खड़ा होता है और उन्हें विनियमित करने में मदद मिलती है। ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।'' वह आरएसपी के सदस्य एन के प्रेमचंद्रन के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे जिन्होंने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 में समय के अनुसार आमूल-चूल बदलाव की जरूरत बताते हुए कोचिंग संस्थानों द्वारा भ्रामक विज्ञापन दिए जाने और बढ़ा-चढ़ाकर सफलता के दावे किये जाने का मुद्दा उठाया और सरकार से उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे में पूछा।
- एटा (उप्र). उत्तर प्रदेश के एटा जिले में बुधवार को हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि सकरौली थाना क्षेत्र के बालगढ़ी के पास जलेसर से रजावली की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार कार के चालक ने सड़क किनारे पैदल जा रहे एक युवक को बचाने का प्रयास करते समय वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और कार ने एकs मोटरसाइकिल को टक्कर मारने के बाद एक पैदल यात्री को रौंद दिया। पुलिस के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।पुलिस ने बताया कि हादसे में तीन लोगों बबलू शर्मा (32), रचना (30) और दिगंबर (55) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक सतेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया। पुलिस के अनुसार गंभीर रूप से घायल कार चालक सतेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पातल भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- नयी दिल्ली. राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उच्च सदन के सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को विदाई देते हुए बुधवार को कहा कि सेवानिवृत्ति को अंत नहीं, बल्कि नयी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्च सदन के कुछ सदस्य इस वर्ष अप्रैल से जुलाई तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सभापति ने कामना की कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्य इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्र एवं जनता की सेवा करते रहें, जैसा उन्होंने सदन में किया है। इस अवधि के दौरान 20 राज्यों के कुल 59 सदस्य सेवानिवृत्त होंगे, जिनमें नौ महिलाएं शामिल हैं।राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान में हर दो साल में सदन के एक तिहाई सदस्यों की सेवानिवृत्ति का प्रावधान है, जिससे सदन की संरचना में आवधिक परिवर्तन होता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उच्च सदन के कामकाज में निरंतरता सुनिश्चित करती है और साथ ही नए सदस्यों को सदन में शामिल होने और अपने अनुभव एवं अंतर्दृष्टि से सदन को समृद्ध करने का अवसर प्रदान करती है। सभापति ने कहा कि यह प्रक्रिया वास्तव में हमारे विविध राष्ट्र के सूक्ष्म रूप में इस सदन के स्वरूप को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ''सेवानिवृत्ति को अंत के रूप में नहीं, बल्कि नयी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। यह नए सदस्यों को कमान सौंपने का प्रतीक है, जो नए विचारों, नयी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ इस संस्था की विरासत को आगे बढ़ाएंगे।''राधाकृष्णन ने कहा कि एचडी देवेगौड़ा एक प्रतिष्ठित नेता हैं जिनकी उपस्थिति ने सदन को गरिमा प्रदान की। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व और अनुभव से भी सदन को बहुत लाभ हुआ है। उपसभापति हरिवंश का विशेष उल्लेख करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि उन्होंने ''सदन की कार्यवाही का संचालन गरिमा, निष्पक्षता और गहन जिम्मेदारी के साथ किया और अंतर-संसदीय संघ, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ और ब्रिक्स संसदीय मंच सहित अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंचों में उनके योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद रखे जाएंगे।'' उन्होंने कहा कि भले ही कोई सेवानिवृत्त हो जाए लेकिन उसके अच्छे कार्य हमेशा जीवित रहते हैं। सभापति ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों में कई ऐसे प्रतिष्ठित लोग भी शामिल हैं जिन्होंने शासन और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सदस्यों के अनुभव से सदन को लाभ हुआ।
- नयी दिल्ली. सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को 33,660 करोड़ रुपये की 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (भव्य) को मंजूरी दी, जिसके तहत देशभर में 100 'प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल से देश में विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित होगा और विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलेगी। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने प्रेस वार्ता में बताया कि भव्य योजना की अवधि छह वर्ष होगी जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इसके पहले चरण में 50 पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए केंद्र सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। 'भव्य' योजना के तहत 100 एकड़ से लेकर 1,000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।'प्लग-एंड-प्ले' पार्क विकसित ढांचे वाले औद्योगिक क्षेत्र होते हैं जहां कंपनियां लंबी तैयारी के बगैर तुरंत ही उत्पादन या संचालन शुरू कर सकती हैं। इन पार्कों में आंतरिक सड़कें, भूमिगत उपयोगिताएं, पानी-निकासी, अवशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, तैयार फैक्ट्री शेड, किसी खास कंपनी की जरूरत के हिसाब से डिजाइन एवं तैयार 'बिल्ट-टू-सूट' इकाइयां, परीक्षण प्रयोगशालाएं, गोदाम और श्रमिकों के लिए आवास जैसी मूल्यवर्धित सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। वैष्णव ने कहा कि इन औद्योगिक पार्कों में बाहरी बुनियादी ढांचे के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक समर्थन दिया जाएगा, ताकि संपर्क सुविधा बेहतर हो सके। इस योजना के तहत परियोजनाओं का चयन 'चैलेंज मोड' के जरिये किया जाएगा, ताकि केवल निवेश के लिए तैयार एवं सुधारोन्मुख प्रस्तावों को ही आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत विकसित औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता को आधार बनाते हुए 'भव्य' योजना को राज्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी में लागू किया जाएगा।उन्होंने कहा कि पहले से स्वीकृत भूमि, तैयार बुनियादी ढांचे और एकीकृत सेवाओं के साथ 'भव्य' योजना निवेशकों के लिए प्रवेश संबंधी बाधाओं को काफी हद तक कम करेगी। इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। साथ ही, यह पहल एमएसएमई, स्टार्टअप, विनिर्माण इकाइयों और वैश्विक निवेशकों को तैयार औद्योगिक ढांचा उपलब्ध कराकर निवेश को आकर्षित करेगी। सरकार के मुताबिक, ये औद्योगिक पार्क 'पीएम गतिशक्ति' सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे, जिनमें हरित ऊर्जा, सतत संसाधन उपयोग और बहु-स्तरीय संपर्क सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल क्लस्टर-आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ घरेलू आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को गति देने में भी मददगार होगी।
- नयी दिल्ली. संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि 6जी प्रौद्योगिकी के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठन (आईटीयू) और 'तीसरी पीढ़ी की भागीदारी परियोजना' (3जीपीपी) द्वारा अंतिम मानक तय होने के बाद किया जाएगा। 3जीपीपी मोबाइल और वायरलेस नेटवर्क के लिए तकनीकी मानक विकसित करने वाले सात दूरसंचार मानक संगठनों का एक वैश्विक गठजोड़ है। सिंधिया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भारत का 'भारत 6जी गठजोड़' अपने सात कार्यसमूहों के जरिये 6जी मानकों के निर्माण में सक्रिय रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि देश वैश्विक स्तर पर इस तकनीक के मानक तय करने में भागीदार बना रहे।सिंधिया ने 6जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''इसका फैसला आईटीयू और 3जीपीपी द्वारा किया जाएगा और संभवतः मानक तय होने के बाद ऐसा होगा।'' इसके पहले उन्होंने 6जी मानकीकरण पर एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि 6जी प्रौद्योगिकी डिजिटल और तकनीकी दोनों दृष्टि से मानव सभ्यता में अगली बड़ी छलांग साबित होगी। संचार मंत्री ने 6जी नेटवर्क के सफल कार्यान्वयन के लिए चार प्रमुख बिंदुओं को जरूरी बताया। इनमें वैश्विक स्तर पर नेटवर्क, उपकरण और सेवाओं के बीच सहज संचार सुनिश्चित करना, साझा तकनीकी ढांचा, नवाचार एवं शोध को तेज करना और समावेशी विकास एवं स्वदेशी नवाचार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, लगातार संवाद और वैश्विक भागीदारी आवश्यक हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को बताया कि यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) राजस्थान के सीकर जिले के रोहिल और छत्तीसगढ़ के जाजवाल में 2,500 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला यूरेनियम खनन और प्रसंस्करण संयंत्र लगाने जा रहा है। सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि ये खनन परियोजनाएं वैधानिक मंजूरियां प्राप्त करने के अलग-अलग चरणों में हैं। उन्होंने कहा, ''यूसीआईएल, जो परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और जिसे देश में यूरेनियम अयस्क के खनन और प्रसंस्करण का काम सौंपा गया है, उसने यूरेनियम खनन की देशज क्षमता को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।'' मंत्री ने कहा कि यूसीआईएल ने 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण के अनुरूप नई यूरेनियम खनन परियोजना शुरू करने की योजना बनाई है।
- नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि निर्माणाधीन 85 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं कानूनी और भूमि अधिग्रहण संबंधी मुद्दों सहित विभिन्न कारणों से तीन साल से अधिक विलंबित हैं। सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने विलंब और लागत में वृद्धि से बचने के लिए विभिन्न पहल की हैं। गडकरी ने कहा, ''उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में, निर्माणाधीन 85 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण, वैधानिक मंजूरी, उपयोगिता स्थानांतरण, अतिक्रमण और कानून व्यवस्था संबंधी मुद्दों जैसी विभिन्न समस्याओं के कारण तीन साल से अधिक विलंबित हैं।''उन्होंने कहा कि अन्य कारणों में ठेकेदार की कार्यान्वयन क्षमता को प्रभावित करने वाला वित्तीय संकट, ठेकेदार का खराब प्रदर्शन और कोविड-19 महामारी, कानून में परिवर्तन जैसी अप्रत्याशित घटनाएं शामिल हैं। गडकरी ने कहा कि सरकार ने देरी और लागत में वृद्धि को रोकने के लिए विभिन्न पहल की हैं। इन प्रयासों में सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) और 'जीआईएस' आधारित भूमि अधिग्रहण योजना के साथ एकीकृत ''भूमि राशि'' पोर्टल का उपयोग करके भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना, वन और पर्यावरण संबंधी मंजूरी में तेजी लाने के लिए 'परिवेश' पोर्टल को नया रूप देना, परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं की समीक्षा और समाधान के तंत्र का लाभ उठाना शामिल है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह के साथ पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति पर विचार-विमर्श किया और कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करना सर्वोपरि प्राथमिकता बनी हुई है। दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर राजनयिक संपर्क बनाये रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मैंने कुवैत के युवराज शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बात की और उन्हें ईद की शुभकामनाएं दीं।'' उन्होंने कहा, ''हमने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया और हाल के घटनाक्रम को लेकर चिंता व्यक्त की।'' प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर हमलों की निंदा की।उन्होंने कहा, ''होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम इस बात पर सहमत हुए कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए निरंतर राजनयिक संपर्क आवश्यक है।'' मोदी ने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण के लिए निरंतर समर्थन देने के वास्ते युवराज को धन्यवाद भी दिया। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के लगभग तीन सप्ताह बाद प्रधानमंत्री ने कुवैत के नेता से दूसरी बार बात की। इस संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने भी कई खाड़ी देशों को निशाना बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद से पश्चिम एशिया के कई नेताओं से बात की है। इनमें सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान, जॉर्डन, इजराइल और ईरान के नेता शामिल हैं।
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नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि 2025 में महिलाओं से ऑनलाइन दुर्व्यवहार, अश्लील सामग्री का प्रसार और उनका पीछा करने जैसी 76,650 से अधिक साइबर अपराध की घटनाएं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज की गईं, जो 2024 की तुलना में 28,322 अधिक हैं। गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने एक सवाल के लिखित जवाब में उच्च सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शिकायतों में अश्लील सामग्री और बाल यौन शोषण सामग्री से संबंधित मामले शामिल हैं।
पिछले पांच वर्षों में एनसीआरपी पर दर्ज, महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित साइबर अपराध की घटनाओं के आंकड़े साझा करते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसी शिकायतों की संख्या 2021 में 52,048 थी जो 2022, 2023, 2024 और 2025 में क्रमश: 62,224; 40,066; 48,335 और 76,657 थी। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अश्लील सामग्री से संबंधित शिकायतें सबसे अधिक 37,743 थीं। मंत्री ने ऑनलाइन और सोशल मीडिया से संबंधित अपराध श्रेणी के तहत दर्ज मामलों का भी विवरण साझा किया। आंकड़ों के अनुसार, इस श्रेणी में शिकायतों की संख्या 2021 में 72,301 थी जो 2022 में 1,31,634; 2023 में 1,41,264; 2024 में 1,57,054 और 2025 में 1,73,766 हो गई। -
नई दिल्ली। असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। नगांव (Nagaon) से लगातार दो बार के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि प्रद्युत बोरदोलोई कल भाजपा में शामिल हो सकते हैं। वहीं इस राजनीतिक घटनाक्रम से राज्य की चुनावी रणनीति और समीकरणों पर महत्वपूर्ण असर भी पड़ सकता है।
भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस संबंध में कहा है कि अगर बोरदोलोई भाजपा में शामिल होना चाहते हैं तो उनका स्वागत करेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि अगर बोरदोलोई भाजपा में शामिल होते हैं तो भाजपा उन्हें आगामी चुनावों में टिकट दे सकती है। 9 अप्रैल को असम में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में दो बार के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान है।गौरतलब हो बोरदोलोई के बेटे प्रतीक बोरदोलोई को मार्घेरिटा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस का टिकट मिला है और बोरदोलोई कांग्रेस के करीबी नेताओं में कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता को लेकर गौरव गोगोई से नाराज थे और यही वजह थी कि प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। - नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों की आय और सुरक्षा बढ़ाने को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए सरकार कई कदम उठा रही है, जैसे तंबाकू जैसी हानिकारक फसलों की जगह लाभदायक फसलों को बढ़ावा देना, एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद, फसल बीमा योजना में सुधार और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करना।संसद के निचले सदन में सांसदों द्वारा उठाए गए विभिन्न प्रश्नों का उत्तर देते हुए कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों से तंबाकू की खेती छोड़ने की अपील की है और इसके बदले कई फायदे वाली फसलों की पहचान की है। इनमें हाइब्रिड मक्का, मिर्च, शकरकंद, कपास, आलू, चिया, फीड बीन्स, लोबिया, रागी, अरहर, गन्ना, सोयाबीन, ज्वार और मूंगफली जैसी फसलें शामिल हैं, ताकि किसानों की नकद आय सुरक्षित बनी रहे।मंत्री ने कहा कि देश के ज्यादातर किसानों के पास छोटी जमीन होती है, इसलिए केवल एक ही फसल पर निर्भर रहना जोखिम भरा होता है। इसको देखते हुए सरकार ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग (मिश्रित खेती) के कई मॉडल तैयार किए हैं, जिनका अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन भी किया जा रहा है।इन मॉडलों के तहत किसान अनाज (गेहूं और धान), सब्जियां, फल, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन और एग्रो-फॉरेस्ट्री जैसी गतिविधियों को एक साथ अपना सकते हैं। इससे उन्हें पूरे साल स्थिर और ज्यादा आय मिल सकती है। कृषि मंत्री चौहान ने आगे बताया कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाया गया है और इस सीजन में एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीद की जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार ने दालों जैसे तूर, मसूर और उड़द के लिए भी व्यवस्था की है, जिसमें किसान रजिस्ट्रेशन के बाद अपनी पूरी उपज बेच सकते हैं और सरकार उसे खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे दाल उत्पादक किसानों को बड़ा सहारा मिला है। फसल बीमा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि पहले किसानों को मुआवजा पाने में कई महीने लग जाते थे, लेकिन अब नियमों में बदलाव कर दिया गया है, जिससे अगर किसी एक किसान की फसल भी खराब होती है तो उसे मुआवजा मिलना जरूरी होगा।उन्होंने यह भी बताया कि अगर 21 दिनों के भीतर बीमा राशि किसान के खाते में नहीं आती है, तो बीमा कंपनी और राज्य सरकार को 12 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। इससे किसानों को देरी का नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त है और फसल बीमा या अन्य योजनाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि रक्षक पोर्टल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है और जहां भी अनियमितता पाई जाती है, वहां दोषियों पर कार्रवाई की जाती है।उन्होंने यह भी कहा कि हाल के वर्षों में राजस्थान सहित कई राज्यों में फसल बीमा के तहत हजारों करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे गए हैं, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिला है।
- नयी दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तीन चुनावी राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के सत्तारूढ़ दलों को मंगलवार को ''विकास विरोधी'' करार देते हुए कहा कि इन्होंने इन प्रदेशों में रेलवे परियोजनाओं को अवरुद्ध कर रखा है। इन तीनों प्रदेशों तथा असम और पुडुचेरी में अगले महीने विधानसभा चुनाव होना है। वैष्णव ने रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इन ''विकास विरोधी'' सरकारों को जनता उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने केरल का उल्लेख करते हुए कहा, ''कांग्रेस और वाम दल केरल को विकास से दूर रखते हैं और फिर कहते हैं कि परियोजनाएं पूरी नहीं हो रही हैं।'' रेल मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में भी यही स्थिति है।उन्होंने कहा, ''रेलवे परियोजनाओं के लिए तमिलनाडु में 4,326 हेक्टेयर की जरूरत है, जिसमें 24 प्रतिशत जमीन अधिग्रहित की गई हैं। रेलवे परियोजनाओं का काम तभी पूरा हो सकता है जब राज्य सरकार जमीन अधिग्रहित करके दे।'' वैष्णव ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की विकास विरोधी सरकार ने राज्य के साथ बड़ा अन्याय किया है। उन्होंने कहा, ''60 ऐसी रेलवे परियोजनाएं हैं जिन्हें विकास विरोधी सरकार ने रोक रखा है और उनके लिए जमीन नहीं दे रही।''
- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बीच घरों में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने को लेकर एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा रहा है। सीतारमण ने राज्यसभा में अनुदान संबंधी पूरक मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि देश में खरीफ फसल के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध है और अगली रबी फसल के लिए पोषक तत्वों की खरीद को लेकर वैश्विक बोली प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। भारत अपनी घरेलू एलपीजी आवश्यकताओं का लगभग 65 प्रतिशत आयात करता है और इसका 90 प्रतिशत हिस्सा युद्ध से प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है।सीतारमण ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट ने एक नई चुनौती पैदा कर दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भरता पर जोर देने तथा भारत की बुनियादी मांगों को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों से देश को मदद मिली है। उन्होंने कहा, ''लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी आयात में कुल 65 प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। इसके परिणामस्वरूप, यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि हमें एलपीजी मिलेगी या नहीं। इस संकट के समय में हम निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं और इस बारे में पर्याप्त रिपोर्ट मौजूद हैं।'' एलपीजी क्षेत्र के बारे में सीतारमण ने कहा कि देश उत्पादन क्षमता बढ़ा रहा है और ''इस समय भी जिस तरह से हमने एलपीजी में घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाई है, उससे भी मदद मिल रही है।''उल्लेखनीय है कि सरकार ने आठ मार्च को तेल रिफाइनरियों और पेट्रोरसायन परिसरों को एलपीजी उत्पादन को अधिकतम करने का निर्देश दिया था। सीतारमण ने कहा, ''इसके परिणामस्वरूप, घरेलू स्तर पर भी, हम एलपीजी आपूर्ति के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ा रहे हैं, और घरेलू एलपीजी उत्पादन लगभग 25 प्रतिशत बढ़ रहा है और इस बढ़ी हुई क्षमता से प्राप्त पूरा उत्पादन घरेलू उपभोक्ताओं को जा रहा है।'' उन्होंने कहा, "इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि परिवारों को परेशानी न हो, न केवल पोत परिवहन के जरिये निरंतर प्रवाह बना हुआ है, बल्कि हमने घरेलू स्तर पर भी एलपीजी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए अन्य हाइड्रोकार्बन पदार्थों से एलपीजी उत्पादन की ओर रुख किया गया है। इसके परिणामस्वरूप, घरेलू आपूर्ति पर्याप्त रूप से व्यवस्थित होगी और आपूर्ति स्थिर बनी रहेगी।" उर्वरकों के बारे में मंत्री ने कहा कि खरीफ सत्र के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है और रबी फसल (शीतकाली) के लिए आयात को लेकर वैश्विक बोली प्रक्रिया शुरू होगी।--
- जम्मू. उधमपुर-रियासी रेंज की पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सारा रिजवी ने चैत्र नवरात्र से पहले मंगलवार को माता वैष्णो देवी मंदिर और यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वैष्णो देवी तीर्थयात्रा के आधार शिविर कटरा में संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए रिजवी ने नवरात्र के दौरान सुचारू और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए किए गए इंतजामों का आकलन किया। नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।अधिकारियों के अनुसार, डीआईजी ने वाहनों की जांच तेज करने के लिए विभिन्न स्थानों पर औचक चौकियां स्थापित करने तथा जम्मू-कश्मीर पुलिस व केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा चौबीसों घंटे संयुक्त गश्त के निर्देश दिए। उन्होंने पैदल गश्त बढ़ाने, ऊंचाई वाले स्थानों पर अतिरिक्त तैनाती, ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) को सक्रिय करने, क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने जैसे उपायों पर जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन पर विशेष बल दिया गया। डीआईजी ने कटरा शहर में आने वाले प्रवासियों, निर्माण श्रमिकों, पोनी चालक और अन्य व्यक्तियों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। बैठक में रियासी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक परमवीर सिंह के अलावा सीआरपीएफ, सेना, खुफिया ब्यूरो, अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी), भारतीय रेल, यातायात पुलिस और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान एसएसपी ने कटरा शहर के लिए व्यापक सुरक्षा ग्रिड योजना प्रस्तुत की और आधार शिविर, यात्रा मार्ग तथा गुफा मंदिर में की गई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। देशभर में नवरात्र उत्सव 19 से 27 मार्च तक मनाया जाएगा।
- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि स्वास्थ्य बीमा इस सरकार की प्राथमिकता है और उम्मीद है कि 2033 तक देश में सभी लोग बीमा के दायरे में आ जाएंगे। वित्त मंत्री ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि बीमा क्षेत्र का विस्तार हो रहा है और 2024-25 के दौरान इसने देश में 58 करोड़ लोगों को कवर किया। उन्होंने कहा, ''स्वास्थ्य बीमा इस सरकार की प्राथमिकता है। वास्तव में, हम उम्मीद कर रहे हैं कि 2033 तक सभी को बीमा कवर मिल जाएगा।'' मंत्री ने कहा कि दिसंबर 2025 में, सरकार ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढ़ाने के लिए एक विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य बाजार को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि बीमा नियामक आईआरडीएआई ने ग्रामीण क्षेत्रों में पैठ बढ़ाने के लिए 2024 में नियम अधिसूचित किए। वित्त मंत्री ने कहा, ''अगर सामान्य तौर पर बीमा की बात करें, तो हमारे सामने एक चुनौती है।''उन्होंने कहा कि हालांकि बीमा कवरेज अब भी कम है लेकिन सरकार लक्षित सुधारों और किफायती उपायों के माध्यम से इस अंतर को पाटने के लिए प्रयासरत है। वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य बीमा बाजार का जिक्र करते हुए कहा, ''आज यह क्षेत्र काफी विकसित हो चुका है और 2024-25 में 1,17,505 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिसमें 58 करोड़ लोगों को बीमा कवरेज प्राप्त है। इसमें सार्वजनिक, निजी और स्वतंत्र बीमा कंपनियों का संतुलित योगदान है।'' मंत्री ने कहा कि यदि बीमा कंपनियों द्वारा कोई भी कदाचार किया जाता है, तो नियामक उनके खिलाफ कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कानून का उल्लंघन करने वाली बीमा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और कई निजी बीमा कंपनियों पर 1-2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने कहा कि 2023-24 में, रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी पर 2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उन्होंने बताया कि इसी तरह, बजाज फाइनेंस लिमिटेड, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस सहित अन्य कंपनियों पर भी जुर्माना लगाया गया है।--
- नयी दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से कई छोटे उद्यमियों को फायदा हुआ है और इस योजना के शुरू होने के बाद से 39.48 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 8 अप्रैल, 2015 को शुरू की गई मुद्रा योजना के तहत कुल निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) कुल ऋणों का लगभग 2 प्रतिशत हैं। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर देते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एक बहुत ही लोकप्रिय योजना है और इससे कई छोटे उद्यमियों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा, ''...योजना शुरू होने के बाद से 39.48 लाख करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं। इसलिए यह सबसे बड़ी बैंक ऋण योजनाओं में से एक है, जो उन लोगों तक पहुंची है जिनके पास गिरवी रखने के लिए कुछ भी नहीं है।'' सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तीन घटक हैं- शिशु, किशोर और तरुण।उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2025 तक, शिशु श्रेणी में कुल ऋण राशि का 12.4 प्रतिशत बकाया है। किशोर श्रेणी में 9.48 प्रतिशत और तरुण श्रेणी में कुल दी गई राशि का 7.92 प्रतिशत बकाया है। उन्होंने कहा कि बैंक इन बकाया ऋणों की वसूली के लिए प्रयासरत हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने प्रश्नकाल के दौरान ही एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार ने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में आर्थिक सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मानदंडों का पालन नहीं करने के लिए विभिन्न कंपनियों पर कुल मिलाकर लगभग 20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी कानून के तहत, लाभ कमाने वाली कुछ कंपनियों के लिए एक वित्तीय वर्ष में अपने तीन साल के औसत वार्षिक लाभ का कम से कम 2 प्रतिशत सीएसआर गतिविधियों पर खर्च करना अनिवार्य है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सीएसआर खर्च से संबंधित हर निर्णय संबंधित कंपनी के बोर्ड द्वारा लिया जाता है। उन्होंने कहा, ''कंपनी और उसका बोर्ड यह तय करते हैं कि कितना खर्च करना है और कहां खर्च करना है। इसमें हम हस्तक्षेप नहीं कर सकते।'' इस पर हस्तक्षेप करते हुए, राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने पूछा कि क्या मानदंडों में बदलाव किया जा सकता है ताकि पिछड़े राज्यों को सीएसआर निधि का लाभ मिल सके। इस पर वित्त मंत्री ने कहा, "सभापति के रूप में, आपने यह कहा है। मैं इसे एक सुझाव के रूप में लेती हूं और इस पर गौर करूंगी।''--
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीरता और साहस के महत्व को रेखांकित करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया है। उन्होंने कहा कि एक साहसी व्यक्ति अपने पराक्रम से पूरे विश्व को प्रभावित कर सकता है और कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वीरता और पराक्रम ऐसी पूंजी है, जिसके बल पर हर चुनौती को पार किया जा सकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत के युवाओं का साहस और आत्मविश्वास इस सोच को लगातार मजबूती दे रहा है और देश के लिए प्रेरणा बन रहा है।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किया पोस्टप्रधानमंत्री ने X पर अपने संदेश में लिखा- “वीरता और पराक्रम वो पूंजी है, जिससे हर कठिनाई का सामना किया जा सकता है। भारत के युवाओं का साहस और आत्मविश्वास इसी की प्रेरणा देता है।”संस्कृत सुभाषित के जरिए दिया संदेशप्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया-“एकेनापि हि शूरेण पादाक्रान्तं महीतलम्।क्रियते भास्करेणेव स्फारस्फुरिततेजसा ॥”सूर्य के उदाहरण से समझाया पराक्रम का प्रभावइस सुभाषित का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सूर्य अपने प्रखर और विस्तृत तेज से पूरी पृथ्वी को प्रकाशित करता है, उसी प्रकार एक वीर व्यक्ति अपने साहस और पराक्रम से पूरे विश्व को प्रभावित कर सकता है। -
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय का रक्षा उत्पादन विभाग एक बड़ा आयोजन करने जा रहा है। इस आयोजन को ‘नेशनल डिफेंस इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव 2026’ नाम दिया गया है। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य स्वदेशी रक्षा उपकरण के निर्माण को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम दिल्ली में 19 और 20 मार्च को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित होगा।
यह कॉन्क्लेव रक्षा उपकरणों को भारत में बनाने के लिए मजबूत तंत्र स्थापित करने में मदद करेगा। खास तौर पर छोटे और मध्यम उद्योगों यानी एमएसएमई को इस सेक्टर से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है ताकि वे भी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में हिस्सा ले सकें। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कार्यक्रम दिल्ली में 19 और 20 मार्च को मानेकशॉ सेंटर में होगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। इस बार का फोकस नई और एडवांस टेक्नोलॉजी पर है। इस थीम भी ‘एडवांस मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजीस’ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, 3डी प्रिंटिंग (एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) और स्मार्ट मैटेरियल्स।दरअसल, सरकार चाहती है कि भारत की डिफेंस इंडस्ट्री अब पुराने तरीके से नहीं, बल्कि हाई-टेक व स्वदेशी तकनीक से आगे बढ़े। इस कार्यक्रम में सिर्फ सरकारी अधिकारी ही नहीं, बल्कि प्राइवेट कंपनियां, डिफेंस पीएसयू, स्टार्टअप्स, वैज्ञानिक, टेक एक्सपर्ट और उच्च शिक्षण संस्थानों व यूनिवर्सिटीज से जुड़े शिक्षाविद व विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इस दौरान मंथन होगा कि भारत कैसे जल्द रक्षा क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन सकता है और दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत कर सकता है। यहां एक बड़ी प्रदर्शनी भी लगेगी, जिसमें भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अपनी नई तकनीक और प्रोडक्ट्स दिखाएंगी।इसके अलावा, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए कुछ नए चैलेंज भी लॉन्च किए जाएंगे, ताकि वे डिफेंस सेक्टर के लिए नए आइडिया और समाधान लेकर आएं। यह कॉन्क्लेव एक ऐसा मंच है जहां सरकार, उद्योग और तकनीकी विशेषज्ञ एक साथ आकर यह विमर्श करेंगे कि आने वाले समय में भारत की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को कैसे और तेज, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाया जाए।मंगलवार को -
नयी दिल्ली. राजा रवि वर्मा की दुर्लभ "यशोदा और कृष्ण" पेंटिंग, 8वीं शताब्दी की बुद्ध की कश्मीरी मूर्ति, और एम एफ हुसैन की "अंटाइटल्ड (बनारस)'' जैसी कृतियां सैफ्रोनार्ट की 'स्प्रिंग लाइव' और ऑनलाइन नीलामी में प्रमुख आकर्षण होंगे। नीलामी घर ने घोषणा की है कि वह 'पूर्व-आधुनिक और आधुनिक भारतीय कला के सावधानीपूर्वक चयनित संग्रह को एक साथ पेश करेगा, जो शताब्दियों से चली आ रही कलात्मक परंपरा का व्यापक निरंतर प्रवाह दर्शाता है। इस नीलामी का केंद्र आधुनिक भारतीय कला के विकास को आकार देने वाली कलाकृतियों का समूह है और दुर्लभ प्राचीन कलाकृतियों, मूर्तियों और समकालीन कलाकृतियों को भी नीलामी में शामिल किया गया है। सूची में राजा रवि वर्मा, एम एफ हुसैन, एस एच रजा, एफ एन सूजा की प्रमुख कृतियां शामिल हैं।
राजा रवि वर्मा के 1890 के दशक के तैलचित्र में यशोदा को गाय का दूध निकालते हुए दिखाया है, जबकि बाल कृष्ण दूध के गिलास के लिए पीछे से हाथ बढ़ा रहे हैं। तैलचित्र की अनुमानित कीमत 80-120 करोड़ रुपये है।
सैफ्रोनआर्ट के सीईओ और सह-संस्थापक दिनेश वजरानी ने कहा कि वर्मा की कृति "यशोदा और कृष्ण" एक भावपूर्ण ध्यानमग्न रचना है। उन्होंने कहा, "हम अपनी 'स्प्रिंग लाइव' और ऑनलाइन नीलामी में आधुनिक और समकालीन कला, मूर्तिकला और प्राचीन वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करते हुए बेहद प्रसन्न हैं। राजा रवि वर्मा की असाधारण कृति 'यशोदा और कृष्ण' को पहली बार नीलामी में शामिल करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।" वहीं, हुसैन की 'अनटाइटल्ड" कृति की अनुमानित कीमत 10-15 करोड़ रुपये है। इसमें वाराणसी शहर का चित्रण किया गया है। यह भव्य कृति वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर रोजमर्रा की जिंदगी से हुसैन के जुड़ाव को दर्शाती है। बुद्ध की एक दुर्लभ प्रारंभिक कश्मीरी कांस्य मूर्ति भी नीलामी में आकर्षण का केंद्र है, जो पहले प्रसिद्ध संग्राहक नलिनी और हरिदास स्वाली के संग्रह में थी। इस मूर्ति की अनुमानित कीमत 3 से 5 करोड़ रुपये है।



























