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नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) का दौरा कर अमृत भारत कोच सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि अमृत भारत ट्रेन को खास तौर पर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
पीएम मोदी द्वारा लॉन्च की गई ट्रेन के अनुभव के आधार पर अमृत भारत का वर्जन 2 किया डिजाइनपिछले साल प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च की गई ट्रेन के अनुभव के आधार पर अमृत भारत का वर्जन 2 डिजाइन किया गया है, जिसमें कई नई खूबियां हैं। आपने कपलर और पेंट्री कार देखी होगी, इन दोनों का डिजाइन पूरी तरह से बदल दिया गया है। एयर विंडो का डिजाइन भी पूरी तरह से बदल दिया गया है। पूरा फोकस गरीब परिवारों और मध्यम वर्ग पर रखा गया है।बहुत सस्ती सेवा और बहुत उच्च गुणवत्ता वाली यात्रा का अनुभव करेंगी प्रदानआगे उन्होंने कहा कि अमृत भारत का वर्जन 2.0 देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई। रेल मंत्री ने कहा, “अमृत भारत 2.O में कई सुधार किए गए हैं। 12 बड़े बदलाव किए गए हैं। अमृत भारत ट्रेनें कम आय वाले और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए हैं। ये बहुत सस्ती सेवा और बहुत उच्च गुणवत्ता वाली यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।”अमृत भारत ट्रेन आम नागरिकों के लिए बनाई गई हैरेल मंत्री ने प्लांट का दौरा किया और वंदे भारत रेक, अमृत भारत ट्रेन के कोच और विस्टाडोम डाइनिंग कार का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट के कर्मचारियों और श्रमिकों से भी बातचीत की। रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि अमृत भारत ट्रेन आम नागरिकों के लिए बनाई गई है। सामान्य कोच में किसी भी प्रीमियम कोच जैसी ही सुविधाएं हैं।ट्रेन को ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ बनाया गयाउन्होंने कहा, “ट्रेन को ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ बनाया गया है। आपको कई नई सुविधाएं देखने को मिलेंगी, जैसे सीटों और पंखों की गुणवत्ता, चार्जिंग पॉइंट, कुर्सियों में कमर का सहारा और नए डिजाइन वाले शौचालय। वंदे भारत ट्रेनों में भी लगातार सुधार किए जा रहे हैं।”विस्टाडोम कोच में कई सुधार किए गए हैंकेंद्रीय मंत्री ने कहा, “विस्टाडोम कोच में कई सुधार किए गए हैं, जैसे इसमें डाइनिंग कार जोड़ना। यह पर्यटकों के लिए किया गया है। यात्री मनोरम दृश्यों को देखते हुए भोजन कर सकते हैं। भविष्य में, इस नए कोच का उपयोग जम्मू-कश्मीर में किया जाएगा। रेल मंत्री वैष्णव ने यह भी कहा कि 10,000 इंजनों में ‘कवच’ लगाया जा रहा है और 15,000 किलोमीटर ट्रैकसाइड फिटिंग की जा रही है। इंजनों के सामने कैमरे भी लगाए जा रहे हैं।”अमृत भारत का किराया वंदे भारत से कम होगा, लेकिन सुविधाएं बराबर ही रहेंगीइससे पहले रेल मंत्रालय ने बताया था कि अमृत भारत ट्रेन में सामान्य और स्लीपर कोच होंगे, ताकि यात्रियों के लिए वहनीयता सुनिश्चित की जा सके और प्रीमियम वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं बरकरार रखी जा सकें। अमृत भारत का किराया वंदे भारत से कम होगा, लेकिन सुविधाएं बराबर ही रहेंगी।पहली अमृत भारत ट्रेन 30 दिसंबर, 2023 को शुरू की गईपहली अमृत भारत ट्रेन 30 दिसंबर, 2023 को सस्ती नॉन-एसी सेवाएं प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। ट्रेनों में एलएचबी स्लीपर क्लास, जनरल क्लास और एसएलआर कोच हैं। इन्हें नारंगी और काले रंग की योजना के साथ अनुकूलित एक लोकोमोटिव द्वारा खींचा जाता है और एक नाक शंकु के साथ फिट किया जाता है। पुश-पुल पद्धति पर चलने वाली इन ट्रेनों में दोनों सिरों पर लोकोमोटिव होते हैं, जिससे 130 किमी प्रति घंटे की गति मिलती है।पीएम मोदी ने फरवरी 2024 में 554 अमृत भारत स्टेशनों की नींव रखीपीएम मोदी ने फरवरी 2024 में 554 अमृत भारत स्टेशनों की नींव रखी, जो देश भर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों को नया रूप देने की सरकारी पहल है। - प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अपनी बचपन की यादें ताजा करते हुए कहा कि जब वह छोटे थे, उन दिनों वह आकाशवाणी पर रामचरितमानस का पाठ सुना करते थे।यहां सर्किट हाउस में आकाशवाणी के एफएम चैनल कुम्भवाणी (103.5 मेगाहर्ट्ज पर) का शुभारम्भ करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे याद है कि बचपन में जब मेरी उम्र सात-आठ साल रही होगी, तब मैं आकाशवाणी पर रामचरितमानस का पाठ सुनता था।”उन्होंने कहा, “उस समय दूरदर्शन और अन्य चैनल नहीं थे। हर घर में रेडियो जरूर होता था। आज तो एफएम चैनल युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय है और उनके स्मार्टफोन में भी वह सिग्नल पकड़ लेता है। यह कुम्भवाणी उन करोड़ों लोगों तक महाकुम्भ को पहुंचाएगा जो चाह कर भी यहां नहीं पहुंच पाते।”अपने प्रयागराज दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग किसी कारण से महाकुम्भ में नहीं पहुंच पा रहे हैं, उन तक हम प्रौद्योगिकी के माध्यम से पहुंचेंगे और महाकुम्भ का सजीव प्रसारण उनके समक्ष कर पाएंगे।योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाकुम्भ केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि सनातन गौरव और गर्व का एक महाआयोजन है, एक महासमागम है। उन्होंने कहा कि जिसको सनातन धर्म के गौरव और गरिमा को देखना हो तो वह कुम्भ का दर्शन करें।उन्होंने कहा कि जो लोग एक संकीर्ण दृष्टि से सनातन धर्म को देखते हैं, साम्प्रदायिक मतभेद, भेदभाव या छुआछूत के नाम पर लोगों को बांटने का काम करते हैं उन लोगों को आकर देखना चाहिए कि यहां पर ना पंथ का भेद है, ना जाति का भेद है, ना छुआछूत है, ना कोई लिंग का भेद है। उन्होंने कहा कि यहां सभी पंथ और सम्प्रदाय एक साथ एक ही जगह स्नान करते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोविड महामारी आई थी और लॉकडाउन प्रारंभ हुआ था तब जैसे ही दूरदर्शन ने रामायण सीरियल दिखाना प्रारंभ किया तो दूरदर्शन की टीआरपी बढ़ गई थी।इस अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री मंत्री डॉ एल मुरुगन ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, ओमप्रकाश राजभर, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, प्रसार भारती बोर्ड के अध्यक्ष नवनीत सहगल उपस्थित थे।
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नयी दिल्ली. आगामी गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) 21 से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। एक आधिकारिक बयान में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। सर्किट 1 आगंतुकों को राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत का भ्रमण कराता है, तथा उन्हें भवन के अग्रभाग, प्रमुख कक्षों और लंबे ड्राइंग रूम आदि दिखाता है। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित होने वाला ‘चेंज ऑफ गार्ड' समारोह एक सैन्य परंपरा है। यह हर सप्ताह आयोजित किया जाता है ताकि राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के एक नए समूह को कार्यभार संभालने का मौका मिल सके।
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मेरठ .उत्तर प्रदेश के मेरठ की घनी आबादी वाली बस्ती सोहेल गार्डन के एक मकान में एक ही परिवार के पांच लोगों की कथित रूप से हत्या कर दी गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। मौके पर मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम पुलिस को एक मकान में एक दंपति और उनके तीन बच्चों के शव मिलने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि मकान के गेट पर बाहर से ताला लगा था। ताडा ने बताया कि इनमें एक शव के पैर चादर से बंधे थे। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया लगता है कि किसी भारी चीज से प्रहार कर हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से मकान में बाहर से ताला लगाया गया, उससे स्पष्ट होता है कि हमलावर कोई परिचित है और उसने संभवत: किसी रंजिश के कारण इस घटना को अंजाम दिया है। ताडा ने बताया कि घटना की जांच के लिए अपराध शाखा और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि श्वान दस्ते की भी मदद ली जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिन लोगों के शव मिले हैं, वे एक ही परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों में मोइन, उसकी पत्नी असमा और तीन बच्चे अफ़्सा (आठ), अजीजा (चार) अदीबा (एक) शामिल हैं। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि घटना का पता उस समय लगा जब मोइन का भाई सलीम अपनी पत्नी के साथ उससे मिलने उसके घर पहुंचा। स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चों के शव बेड के बॉक्स में बोरे में बांधकर रखे गए थे और मोइन एवं उसकी पत्नी के शव जमीन पर पड़े मिले।
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नई दिल्ली। पवित्र त्रिवेणी के तट पर आयोजित हो रहे महाकुंभ को दिव्य-भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। आयोजन को लेकर देश-विदेश के लोगों में उत्साह और जिज्ञासा है। हर कोई खु द को इस पल का साक्षी बनाना चाहता है।इन सबके बीच आस्था के इस महाकुम्भ की जो सबसे अहम कड़ी है वह है यहां आने वाले ‘कल्पवासी’। प्रति वर्ष की तरह इस बार भी माघ महीने में कल्पवासियों की आस्था से यह महाकुम्भ दिव्य होने वाला है।
पौष पूर्णिमा से शुरू होने वाले कल्पवास में अभी से कल्पवासियों का आना शुरू हो गया है,इसकी तैयारियां हो रहीं है। रायबरेली से आये दिनेश पांडे कई वर्षों से कल्पवास कर रहे हैं, दिनेश पांडे का कहना है कि उन सबके लिए कल्पवास अलौकिक अनुभव देने वाला होता है।अम्बुज व रविकांत कहते हैं कड़ाके की ठंड और सुविधाओं का टोटा इसमें कोई मायने नहीं रखता है।कहते हैं कि इन बार की व्यवस्था वाकई दिव्य है,सभी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रहीं है।अपने टेंट की व्यवस्था बनाने में जुटे कल्पवासियों का कहना है कि भीड़ होने के चलते वह लोग कल्पवास शुरू होने के छह दिन पहले ही आ गए है। प्रतापगढ़ से आये उमाकांत,रामलखन मिश्र का कहना है कि सामान्य कुटिया का रेट सात हजार पहुंच गया है। गोल वाला टेंट पहले सात-आठ हजार में मिल जाता था, अब 15 हजार का है।कल्पवासियों को खुद लेना होता है टेंटकल्पवासियों के टेंट की व्यवस्था मेला प्रशासन नहीं करता। टेंट कुछ संस्थाएं बनाती हैं, जिन्हें मेला प्रशासन मामूली दर पर जमीन उपलब्ध कराता है। यहीं पर संस्थाएं अपने कल्पवासियों के शिविर लगवाती हैं। प्रयागराज के ओमप्रकाश के अनुसार टेंट से लेकर जरूरत की सारी सुविधाओं के दाम 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं। मगर, उनका उत्साह कम नहीं पड़ा है। कल्पवासी तीर्थ पुरोहितों के ही शिविरों में प्रवास करते हैं। प्रयागवाल सभा के अध्यक्ष शिव शर्मा कहते हैं जो टेंट ढाई हजार में मिलते थे, वह चार हजार रुपये के मिल रहे हैं। इसी कारण शिविर महंगे हो गए हैं।जानें क्या है कल्पवाससंगम की रेती पर माघ के पूरे महीने निवास कर पुण्य फल प्राप्त करने की साधना को ही कल्पवास कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, कल्पवास की न्यूनतम अवधि एक रात्रि हो सकती है। तीन रात्रि, तीन महीना, छह महीना, छह वर्ष, 12 वर्ष या जीवनभर भी कल्पवास किया जा सकता है। मान्यता है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश होने के साथ एक मास के कल्पवास से इच्छित फल की प्राप्ति होती है। जन्म जन्मांतर के बंधनों से भी मुक्ति मिलती है। पुराणों के अनुसार, एक कल्पवास का फल उतना ही है, जितना सौ साल तक बिना अन्न ग्रहण किए तपस्या करने का। महाकुंभ में लाखों साधु-संतों के साथ आम लोग भी कल्पवास करते हैं। कल्पवास पौष पूर्णिमा स्नान के साथ 13 जनवरी से शुरू होकर एक माह बाद माघी पूर्णिमा तक चलेगा।कल्पवास में एक बार करते हैं भोजनकल्पवास की दिनचर्या बेहद कठिन होती है इसमें श्रद्धालु एक बार भोजन करते हैं और तीन बार स्नान। सुबह गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना से दिनचर्या शुरू होती है। शास्त्रों के अनुसार, कल्पवासी को दिन में तीन बार (भोर में, दोपहर और शाम ) गंगा स्नान करना चाहिए। एक बार भोजन और एक बार फलाहार लेना चाहिए। खाने-पीने में अरहर की दाल, लहसुन और प्याज जैसी चीजें वर्जित हैं। -
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (बीपीआरएंडडी) भारतीय पुलिस बलों को आवश्यक बौद्धिक, भौतिक और संगठनात्मक संसाधनों से युक्त करके पुलिसिंग के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए उन्हें स्मार्ट बलों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में बीपीआरएंडडी के कामकाज की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, बीपीआरएंडडी के महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित गृह मंत्रालय और बीपीआरएंडडी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।गृह मंत्री ने बीपीआरएंडडी के छह प्रभागों के साथ-साथ क्षेत्रीय कार्यालयों (सीएपीटी भोपाल और सीडीटीआई) की उपलब्धियों, चल रहे कार्यों और भविष्य की रूपरेखा का अवलोकन किया। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की दिशा में बीपीआरएंडडी द्वारा किए गए प्रयासों और पहलों की भी विशेष समीक्षा की।बैठक में चर्चा के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि एनसीआरबी, जेल अधिकारियों व फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर बीपीआरएंडडी, मोडस ऑपरेंडी ब्यूरो में अपराधों की कार्यप्रणाली का विश्लेषण करे, जिससे अपराधों को रोकने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि बीपीआरएंडडी जमीनी स्तर पर पुलिसिंग में आने वाली कठिनाइयों को चिन्हित कर उनका समाधान निकालने की दिशा में शोध करें।गृह मंत्री ने शोध अध्ययनों और परियोजनाओं में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थानों के साथ सहयोग सहित विभिन्न हितधारकों के योगदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस बलों को अधिकतम लाभ प्रदान करने के साथ-साथ पुलिस की सार्वजनिक छवि को बेहतर बनाने के लिए बीपीआरएंडडी की परियोजनाओं और अध्ययनों के साथ-साथ प्रकाशनों के दायरे के वैश्विक स्तर पर विस्तार और आउटरीच के निर्देश दिए।केन्द्रीय गृह मंत्री ने नए आपराधिक कानूनों के प्रशिक्षण और कार्यान्वयन, मौजूदा पुलिस और जेल प्रक्रियाओं एवं प्रथाओं को बेहतर बनाने के माध्यम से पुलिस बलों के आधुनिकीकरण और नए युग की चुनौतियों से निपटने के लिए ब्यूरो के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के साथ मंत्रालय को जोड़ने वाली नोडल एजेंसी के रूप में बीपीआरएंडडी की भूमिका पर जोर दिया। शाह ने आपराधिक न्याय प्रणाली के सभी स्तंभों को उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं के आधार पर लक्षित सहायता के लिए ब्यूरो के काम को और अधिक सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए।गृह मंत्री ने पुलिसिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ मॉडल की आवश्यकता के साथ-साथ आपराधिक न्याय प्रणाली के हितधारकों, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों और मंत्रालय की समस्या की पहचान और प्रभावी समाधानों के लिए अधिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। गृह मंत्री ने ब्यूरो को इसके सुचारू संचालन के लिए समर्थन और सहायता का आश्वासन दिया। -
नई दिल्ली। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के नेतृत्व में युवा मामले विभाग आज (शुक्रवार) से भारत मंडपम, नई दिल्ली में विकसित भारत युवा नेता संवाद (यंग लीडर्स डायलॉग) का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम 12 जनवरी तक चलेगा। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को विकसित भारत के लिए अभिनव समाधान प्रस्तुत करने के लिए एक अनूठा मंच उपलब्ध कराना है। रविवार 12 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक विशेष रूप से तैयार की गई कॉफी टेबल बुक का उद्घाटन करेंगे, जो दस चिह्नित विषयों में से प्रत्येक से सर्वश्रेष्ठ निबंधों का संकलन होगा। इसके अंतिम दिन पीएम मोदी सभा को संबोधित करेंगे और युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे।
युवाओं को नीति निर्माताओं, राष्ट्रीय और वैश्विक हस्तियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगायंग लीडर्स डायलॉग के माध्यम से युवा नेताओं को नीति निर्माताओं, राष्ट्रीय और वैश्विक हस्तियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा, साथ ही उनके विचार देश के भविष्य को आकार देने में योगदान देंगे। देश भर के युवा नेताओं ने विकसित भारत के अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया है, जिसमें लगभग 30 लाख युवा शामिल हुए हैं।कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कुल 3,000 युवाओं का चयनदेश भर से सबसे होनहार आवाजों की पहचान करने और उन्हें सामने लाने के लिए तैयार की गई योग्यता-आधारित, बहु-स्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद, विकसित भारत युवा नेता संवाद में भाग लेने के लिए कुल 3,000 गतिशील और प्रेरित युवाओं का चयन किया गया है। इसके लिए 12 भाषाओं में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 30 लाख युवाओं ने भाग लिया। चयनित 3,000 प्रतिभागियों में से 1,500 प्रतिभागी विकसित भारत ट्रैक से हैं, जो राज्य चैंपियनशिप की शीर्ष 500 टीमों का प्रतिनिधित्व करते हैं, 1,000 प्रतिभागी पारंपरिक ट्रैक से हैं, जिन्हें राज्य स्तरीय युवा महोत्सवों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा युवा नवोन्मेषकों द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नवाचार के विषयों पर आयोजित प्रदर्शनियों के माध्यम से चुना गया है। वहीं, 500 पथप्रदर्शक (पाथब्रेकर्स) हैं, जिन्हें दस विषयगत ट्रैकों में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए आमंत्रित किया गया है।आपको बता दें आज शुक्रवार से विकसित भारत युवा नेता संवाद 2025 गतिविधियों की एक रोमांचक श्रृंखला के साथ शुरू हो रहा है। प्रतिभागी 10 चिह्नित विषयों पर केंद्रित विषयगत प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।शनिवार को “विकसित भारत के रंग” सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा11 जनवरी को कार्यक्रम की शुरुआत केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे के साथ मंत्रालय के अन्य गणमान्य व्यक्तियों की अगुवाई में उद्घाटन सत्र से होगी। शनिवार को “विकसित भारत के रंग” सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। यह भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को खूबसूरती के साथ प्रदर्शित करता है। इस आकर्षक कार्यक्रम में पारंपरिक और आधुनिक प्रदर्शनों का एक शानदार मिश्रण होगा, जो भारत की विविध सांस्कृतिक ताने-बाने को प्रदर्शित करेगा। यह कार्यक्रम देश की सांस्कृतिक विविधता, एकता और प्रगति को उजागर करके “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के सार को दर्शाएगा, जो भारत की पहचान को परिभाषित करने वाली जीवंत परंपराओं, कला रूपों और मूल्यों की एक ज्वलंत झलक पेश करेगा।11 और 12 जनवरी को विकसित भारत प्रदर्शनी का प्रदर्शन किया जाएगाइसके अलावा, 11 और 12 जनवरी को विकसित भारत प्रदर्शनी का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों की युवा-केंद्रित पहलों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और संस्कृति में अवसरों के साथ प्रतिभागियों को जोड़ने के लिए इंटरैक्टिव (संवादात्मक) अनुभव प्रदान करेगा।12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाएगाकार्यक्रम का अंतिम दिन, 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती और युवा सशक्तिकरण की उनकी चिरस्थायी विरासत का सम्मान करने के लिए राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जो प्रत्येक प्रतिभागी के लिए एक निर्णायक क्षण होगा। एक महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर, प्रधानमंत्री मोदी एक विशेष रूप से तैयार की गई कॉफी टेबल बुक का उद्घाटन करेंगे, जो दस चिह्नित विषयों में से प्रत्येक से सर्वश्रेष्ठ निबंधों का संकलन होगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री युवा गान (यूथ एंथेम) भी लॉन्च करेंगे, जो राष्ट्रीय प्रगति और विकास के एक साझा दृष्टिकोण के तहत भारत के युवाओं को प्रेरित करने और एकजुट करने के लिए बनाया गया एक दमदार संगीत है।रविवार को प्रतिभागी प्रधानमंत्री मोदी के साथ करेंगे व्यक्तिगत बातचीतरविवार को प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री मोदी के साथ व्यक्तिगत बातचीत करने का एक शानदार अवसर मिलेगा। साथ ही वह पीएम मोदी के साथ दोपहर के भोजन भी करेंगे। इससे युवा प्रतिभाओं को विकसित भारत के लिए अपने विचारों और आकांक्षाओं पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी सभा को संबोधित करेंगे और युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे। -
रामनगर . कर्नाटक के रामनगर में कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बस की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस ने यह जानकारी दी। घटना में गंभीर रूप से घायल एक महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार दुर्घटना रामनगर और कनकपुरा के बीच अचलू गांव में हुई। मोटरसाइकिल चालक अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कनकपुरा से रामनगर जा रहा था। विपरीत दिशा से आ रही केएसआरटीसी बस ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे दुर्घटना हो गई। -
नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने बृहस्पतिवार को आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की और पार्टी नेताओं से बेहतर चुनावी प्रभाव के लिए विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों के नए समूहों तक पहुंचने के लिए कहा। नड्डा ने भाजपा की दिल्ली इकाई के कार्यालय का दौरा किया और विभिन्न चुनाव समितियों, राज्य पदाधिकारियों और आनुषांगिक संगठनों के प्रभारियों और सदस्यों के साथ बैठक में चार घंटे से अधिक समय बिताया। उन्होंने पांच फरवरी को 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। दिल्ली भाजपा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि नड्डा ने पार्टी कार्यालय में आयोजित चुनाव समन्वय समिति की बैठक में पार्टी नेताओं को संबोधित किया और मार्गदर्शन दिया। दिल्ली भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘‘भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी इकाई के संपर्क कार्यक्रमों और अभियानों को नए लोगों से मिलने और उन्हें बेहतर चुनावी नतीजों के लिए भाजपा का समर्थन करने के लिए मनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी का समर्थन करने वाले लोगों के एक ही समूह के साथ बातचीत करने से कोई लाभ नहीं होता है।''
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महाकुम्भ नगर. संगम तीरे बसे महाकुम्भ नगर में अखाड़ों के भव्य प्रवेश के बाद बृहस्पतिवार को ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन पर बहुप्रतीक्षित धार्मिक यात्रा निकाली गई। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कुंभ क्षेत्र में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आगमन की खुशी एक भव्य यात्रा के साथ मनायी गई जिसमें हजारों संत और साधु शामिल हुए। यह महाकुंभ के एक महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत है, जब चारों पीठों के शंकराचार्य संगम की पवित्र भूमि में प्रवेश कर रहे हैं। इस भव्य यात्रा ने भारत की सांस्कृतिक विरासत की विविधता और समृद्धि को भी प्रदर्शित किया। स्थानीय नागरिकों ने शहर भर में 108 स्थानों पर पुष्प वर्षा करते हुए यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके। प्रयागराज को आस-पास के जिलों से जोड़ने वाले सात प्रमुख मार्गों की सुरक्षा के लिए ‘चक्रव्यूह' सुरक्षा व्यवस्था की गई है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
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मुंबई. भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के मामले में एकजुट हैं। उन्होंने अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और सहयोग बढ़ाने पर संतोष व्यक्त किया। गार्सेटी ने कहा कि अमेरिकी स्वप्न और भारतीय स्वप्न एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, दोनों देशों के बीच संबंध "बहुआयामी" हैं और दोनों की साझेदारी की कोई सीमा नहीं है। यहां 'पीस एंड द रोल ऑफ द यूएस- इंडिया डिफेंस एंड सिक्योरिटी पार्टनरशिप' विषय पर एक सभा को संबोधित करते हुए गार्सेटी ने कहा कि आतंकवाद के कारण कई निर्दोष लोगों ने जान गंवाई है। उन्होंने कहा, "दोनों देशों को लश्कर, जैश, आईएसआईएस जैसे आतंकवादी संगठनों से खतरा है। इन आतंकवादी संगठनों की कोई सीमा नहीं है। हमें मिलकर इस खतरे का सामना करना चाहिए। हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से कहीं आगे एक दूसरे का सहयोग करते हैं, लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि हम समुदायों को कट्टरपंथ से मुक्त कैसे बना सकते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट हैं और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। अमेरिकी राजदूत ने कहा, "हमारा संबंध योगात्मक नहीं बल्कि गुणात्मक है। हम ऐसे देश नहीं हैं जो केवल यह सोचते हैं कि हमारे लोगों के लिए क्या सबसे अच्छा है, बल्कि हम दुनिया के बारे में भी सोचते हैं और हम सैन्य, स्वास्थ्य, जलवायु और महिला सशक्तिकरण के मामले में जो कुछ भी करते हैं, उसके प्रभाव के संबंध में भी सोचते हैं।” उन्होंने कहा, "अमेरिका भारत का नंबर एक सैन्य अभ्यास साझेदार है और हमने अलास्का के पहाड़ों से लेकर हिंद महासागर तक में संयुक्त सैन्य अभ्यास किए हैं।" गार्सेटी ने कहा कि अमेरिकी सपना और भारतीय सपना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
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पणजी. अर्थशास्त्री और 16वें वित्त आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया ने बृहस्पतिवार को कहा कि लोगों को यह तय करना है कि उन्हें मुफ्त की चीजें चाहिए या फिर वे बेहतर सड़कें, अच्छी जल निकासी व्यवस्था और बेहतर जलापूर्ति की सुविधा चाहते हैं। उन्होंने यहां आयोग के प्रतिनिधिमंडल और गोवा के शीर्ष मंत्रियों और अधिकारियों के बीच एक बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह बात कही। राज्यों के बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित धन का कथित तौर पर मुफ्त चीजें बांटने के लिए उपयोग किए जाने के बारे में पूछे गये एक सवाल पर, पनगढ़िया ने कहा कि यदि पैसा परियोजनाओं के लिए दिया गया है, तो इसका उपयोग उन कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए। हालांकि, लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार ही अंतिम निर्णय करती है। उन्होंने कहा, ‘‘निर्णय वित्त आयोग नहीं करता है। वित्त आयोग वृहद आर्थिक स्थिरता के हित में इस मुद्दे को उठा सकता है। आयोग सामान्य स्तर पर कुछ कह सकता है लेकिन यह नियंत्रित नहीं कर सकता कि राज्य राशि कैसे खर्च करें।'' पनगढ़िया ने कहा कि जिम्मेदारी अंततः नागरिकों पर है, क्योंकि वे सरकारें चुनते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर नागरिक मुफ्त सुविधाओं पर आधारित सरकार के लिए वोट करते हैं, तो वे मुफ्त चीजें मांगेंगे। अंततः, नागरिकों को यह तय करना चाहिए कि वे क्या चाहते हैं। क्या वे बेहतर सुविधाएं, बेहतर सड़कें, बेहतर जल निकासी सुविधा, बेहतर पानी चाहते हैं या फिर मुफ्त की चीजें चाहते हैं जिसमें आपके बैंक खातों में राशि का अंतरण भी शामिल है।'' आयोग के सदस्यों के साथ बैठक के दौरान, गोवा के अधिकारियों ने केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत तटीय राज्य के हिस्से को चार गुना बढ़ाने की मांग की। बैठक में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और कई मंत्री शामिल हुए। पनगढ़िया ने कहा कि गोवा सरकार ने आयोग से अपनी हिस्सेदारी 0.38 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.76 प्रतिशत करने का आग्रह किया है। यह व्यावहारिक रूप से गोवा की (वर्तमान) हिस्सेदारी का चार गुना है। वित्त आयोग के चेयरमैन ने कहा कि गोवा ने विभिन्न क्षेत्रों में 13 विशेष परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए 32,706 करोड़ रुपये की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि गोवा ने सुझाव दिया कि राज्यों को केंद्र की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जानी चाहिए। पनगढ़िया ने कहा, ‘‘यह एक आम सुझाव है जो राज्यों से आती रहे हैं। गोवा 15वां राज्य है जिसका हम दौरा कर रहे हैं। 15 में से 14 राज्यों ने कहा है कि हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत की जानी चाहिए। एक राज्य ने सुझाव दिया है कि यह 45 प्रतिशत होनी चाहिए।''
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को 10 हजार भारतीय नागरिकों का जीनोम अनुक्रमण डेटा जारी किया और कहा कि यह जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। जीनोम इंडिया डेटा देश में आनुवंशिक विविधता का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय जैविक डेटा केंद्र (आईबीडीसी) के शोधकर्ताओं को यह ‘प्रबंधित पहुंच' के माध्यम से उपलब्ध होगा। जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित जीनोमिक्स डेटा सम्मेलन में मोदी ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि देश के 20 से ज्यादा शोध संस्थानों ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। इस परियोजना का डेटा 10 हजार भारतीयों का ‘जीनोम सिक्वेंस' अब इंडिया बायोलॉजिकल डेटा सेंटर में उपलब्ध है। मुझे विश्वास है कि बायो-टेक्नोलॉजी शोध के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।'' मोदी ने कहा कि आईआईटी, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) और जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र (ब्रिक) जैसे 20 से भी ज्यादा प्रसिद्ध अनुसंधान संस्थानों ने इस शोध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत ने शोध की दुनिया में बहुत ही ऐतिहासिक कदम उठाया है। पांच साल पहले जीनोम इंडिया परियोजना को स्वीकृत किया गया था। इस बीच कोविड की चुनौतियों के बावजूद हमारे वैज्ञानिकों ने बहुत मेहनत से इस परियोजना को पूरा किया है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि इस राष्ट्रीय डेटाबेस में देश के असाधारण आनुवंशिक परिदृश्य को समाहित किया गया है और यह एक अमूल्य वैज्ञानिक संसाधन के रूप में काम करने का वादा करता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह आनुवांशिक और संक्रामक रोगों के उपचार में प्रगति की सुविधा प्रदान करेगा, नई दवाओं और सटीक चिकित्सा तकनीकों के विकास को बढ़ावा देगा और विविध समुदायों की जीवनशैली तथा आदतों में अनुसंधान को सक्षम करेगा।'' इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेन्द्र सिंह, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक एवं स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव राजीव बहल और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव राजेश एस गोखले उपस्थित थे।
- धार (मध्यप्रदेश) । केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान जिले में स्थित औद्योगिक नगरी पीथमपुर में देश की पहली हाइड्रोजन-सीएनजी बाजा व्हीकल का अनावरण किया। केंद्रीय मंत्री गडकरी इंदौर पहुंचेंगे और वे वहां ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में चल रही नेशनल हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे।आने वाले दिनों में हमारे देश का किसान हमारा ईंधन दाता बनेगाइस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हम लगातार इथेनॉल, बायोडीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में हमारे देश का किसान हमारा ईंधन दाता बनेगा। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि मेरे पास इनोवा कार है, जो इथेनॉल और बिजली से चल रही है। यह जीरो प्रतिशत प्रदूषण करती है। भारत की सभी बड़ी कंपनियां भविष्य को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल डीजल के अलावा अन्य पर लगातार काम कर रही हैं। सीएनजी से चलने वाली बाइक बाजार में उपलब्ध हैं, जो एक रुपये प्रति किलोमीटर में चल रही है। हम वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। महेंद्रा एंड महेंद्रा ने अभी ट्रैक्टर भी बाजार में उतारा है, जो सीएनजी से चल रहा है। गडकरी ने कहा कि पिछले 5 साल में चार करोड़ 50 लाख नौकरियां ऑटो इंडस्ट्री में मिल रही हैं। भारत में महेंद्रा एंड महेंद्रा ऑटो इंडस्ट्री में पहले नंबर पर चल रही है। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलकर भारत को ऊर्जा आयात करने वाले देश से निर्यात करने वाला देश बनाना है।एटीवी व्हीकल की टेक्नोलॉजी वोल्वो आयशर की ओर से उपलब्ध कराई गई हैअपने संबोधन के बाद केंद्रीय मंत्री गडकरी ने यहां देश की पहली हाइड्रोजन-सीएनजी बाजा व्हीकल का अनावरण किया। एटीवी व्हीकल की टेक्नोलॉजी वोल्वो आयशर की ओर से उपलब्ध कराई गई है। यह पांच फीसदी हाइड्रोजन और सीएनजी के मिश्रण से चलती है। इसका इंजन ग्रीव्स कॉटन का बाइ-फ्यूल इंजेक्शन है, जो स्थिर गतिशीलता की दिशा में बड़ा कदम है। वोल्वो ग्रुप इंडिया की उपाध्यक्ष मारिया एबेसन ने बताया कि 2025 में सीएनजी में पांच फीसदी हाइड्रोजन मिश्रण का इस्तेमाल किया जाएगा। वर्ष 2026 में इसे बढ़ाकर 18 फीसदी किया जाएगा।केन्द्रीय मंत्री गडकरी पीथमपुर से लौटकर इंदौर पहुंचेंगे और यहां ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में चल रही नेशनल हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। गडकरी इंदौर में नाथ मंदिर के दर्शन के लिए भी जाएंगे।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भुवनेश्वर में आयोजित 18वें प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) सम्मेलन में भारतीय प्रवासी समुदाय से भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लक्ष्य में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा, “1947 में भारत ने स्वतंत्रता प्राप्त की और हमारी स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतीयों ने भी अहम भूमिका निभाई। अब हमारा लक्ष्य है कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाया जाए।”
प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशों में रह रहे भारतीयों के योगदान की सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों की वजह से भारत वैश्विक स्तर पर प्रेषण (remittances) में अग्रणी बना हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की प्रगति केवल महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे शहरों और गांवों में भी इसका प्रभाव दिखाई देता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपने मेजबान देशों में भारतीय विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने का आग्रह किया।उन्होंने कहा, “भारत की संस्कृति को दुनिया से जोड़ने की जरूरत है। आपको छोटे शहरों और गांवों में आकर यहां की संस्कृति को समझना चाहिए और इसे दुनिया तक पहुंचाना चाहिए।” प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से भारत के इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर, और स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों को विदेशों में नई पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा, “आपके पास यह मौका है कि आप अपने देशों में नई पीढ़ी को भारत का वास्तविक इतिहास बताएं।”इस दौरान पीएम मोदी ने भारत के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की भी अपील की। उन्होंने कहा, “आपको भारत के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए। ‘मेड इन इंडिया’ खाद्य उत्पाद, कपड़े और अन्य सामान खरीदें और दूसरों को भी प्रेरित करें।” प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों को भारत का राजदूत बताते हुए आश्वासन दिया कि संकट के समय उनकी सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा, “चुनौतियों के समय प्रवासी भारतीयों की मदद करना हमारा कर्तव्य है।” -
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन 21 से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। इस दौरान प्रत्येक शनिवार को होने वाला गार्डों की अदला-बदली का समारोह भी नहीं होगा।
गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन आम जनता के लिए रहेगा बंद
राष्ट्रपति कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि आगामी गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट समारोह के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) का दौरा आम जनता के लिए 21 से 29 जनवरी तक बंद रहेगा।
गार्डों की अदला-बदली का समारोह भी नहीं होगागणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के कारण राष्ट्रपति भवन में 11, 18 और 25 जनवरी को गार्डों की अदला-बदली का समारोह भी नहीं होगा। - प्रयागराज. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने महाकुम्भ मेला क्षेत्र में संस्कृति मंत्रालय की ओर से बनाए जा रहे कलाग्राम का भ्रमण कर बुधवार को तैयारियों का जायजा लिया और कहा कि ‘कलाग्राम' का भ्रमण आगंतुकों के लिए एक अनुपम स्मृति साबित होगा। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, बुधवार सुबह दिल्ली से प्रयागराज पहुंचे शेखावत ने महाकुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर-सात में बन रहे कलाग्राम का जायजा लिया। शेखावत ने कहा कि महाकुम्भ एक ऐसा अवसर है जहां पूरे भारत की विविधता का एक जगह अनुभव किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत के महान धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजन में उपस्थित होंगे, कलाग्राम उनका भारत की सांस्कृतिक विविधता से परिचय कराएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की सभी सांस्कृतिक विविधताओं- कला, हस्तशिल्प और स्थानीय भोजन, का अनुभव कराने के लिए कलाग्राम को विकसित किया गया है।
- प्रयागराज. महाकुम्भ मेले के लिए बने पार्किंग स्थल में 5.5 लाख वाहन खड़ा करने की सुविधा है। अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर ने यह जानकारी दी। भास्कर ने संवाददाताओं को बताया कि महाकुम्भ के लिए व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सभी पार्किंग स्थलों पर ‘वेंडिंग जोन' बनाए गए हैं जहां खाने पीने की सुविधा होगी। साथ ही वहां मेडिकल, शौचालय और आराम करने की सुविधा होगी। एडीजी ने बताया कि मेले के लिए 24 सैटेलाइट पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इसके अलावा आपातकालीन वाहनों के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर' बनाए गए हैं जिनका उपयोग किसी भी आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस, पुलिस बल के वाहनों को लाने, ले जाने के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों के जरिए प्रयागराज जनपद समेत उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लोगों को यातायात व्यवस्था की जानकारी दी जा रही है। सभी सात सड़क मार्गों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए हैं जहां मदद के लिए प्रशिक्षित लोग तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक स्नान पर्व के एक दिन पहले से स्नान के एक दिन बाद तक मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। वहीं, मुख्य स्नान पर्व (29 जनवरी को मौनी अमावस्या) पर स्नान के दो दिन पहले से स्नान के दो दिन बाद तक मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। भानु भास्कर ने स्पष्ट किया कि स्नान पर्व पर वाहन निर्धारित स्नान स्थल तक नहीं जा सकेंगे, लेकिन वे पार्किंग स्थल तक पहुंच सकेंगे।
- महाकुम्भ नगर. त्रिवेणी के तट पर 13 जनवरी से आयोजित होने जा रहे आस्था के जन समागम महाकुम्भ में सनातन धर्म के ध्वजवाहक अखाड़ों की दुनिया तेजी से विस्तार ले रही है। इसी क्रम में शैव उपासक संन्यासी अखाड़ों के छावनी क्षेत्र में प्रवेश के बाद बुधवार को विष्णु उपासक वैष्णव अखाड़ों का भी भव्य छावनी प्रवेश हुआ। शहर के के पी ग्राउंड परिसर से तीनों वैष्णव अखाड़ों- पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा, पंच दिगंबर अनी अखाड़ा और पंच निर्मोही अनी अखाड़ा की भव्य छावनी प्रवेश यात्रा प्रारंभ हुई। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु राम भद्राचार्य की अगुवाई में निकली इस प्रवेश यात्रा में 10,000 से अधिक वैष्णव उपासक संत शामिल हुए। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत राजेंद्र दास ने कहा कि प्रवेश यात्रा में तीनों वैष्णव अखाड़ों के सौ से अधिक महामंडलेश्वरों और द्वाराचार्यों ने हिस्सा लिया। तीनों वैष्णव अखाड़ों की छावनी प्रवेश यात्रा देखने के लिए शहर के मार्गों में दोनों तरफ हज़ारों लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा में सबसे आगे तीनों अखाड़ों के इष्ट भगवान हनुमान की धर्म ध्वजा और मूर्ति के बाद अखाड़ों के खालसों की रंग बिरंगी धर्म ध्वजा लहरा रही थी। तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य के रथ के बाद बैंड बाजे के साथ हाथी, घोड़े और ऊंट की सवारी में सिंहासन में विराजमान संत चल रहे थे। इन सबके बीच वैष्णव अखाड़ों के संतों के युद्ध कला कौशल का प्रदर्शन सबके लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। एक हाथ में माला और एक हाथ में भाला के संकल्प को दर्शाती इस युद्ध कला का प्रदर्शन कर रहे संतो पर जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई।
- महाकुंभ नगर.महाकुंभ मेले में स्नान के लिए 12 किलोमीटर के क्षेत्र में घाटों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयागराज दौरे से पहले सभी घाटों पर रोशनी की व्यवस्था की गई और सीढ़ियां तैयार की जा रहीं हैं तथा वस्त्र बदलने के लिए कक्ष बनाए गए हैं। उप्र मेला अधिकारी अभिनव पाठक ने बताया कि 12 किलोमीटर के क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और घाटों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि संगम क्षेत्र के प्रमुख घाटों को नए सिरे से विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि महाकुंभ के दौरान गंगा और यमुना के किनारे सात पक्के घाट बनाए गए हैं। इनमें दारागंज में गंगा नदी के किनारे बने 110 मीटर लंबे और 95 मीटर चौड़े दशाश्वमेध घाट पर ‘सीटिंग प्लाजा' (बैठने की व्यवस्था), ‘चेंजिंग केबिन' (वस्त्र बदलने के लिए कक्ष), पार्किंग, यज्ञशाला, आरती स्थल और ध्यान केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पाठक ने बताया कि इसी तरह, यमुना नदी के तट पर बने किला घाट को स्नानार्थियों की भारी भीड़ को संभालने के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं, यमुना नदी पर स्थित सरस्वती घाट स्नान और अन्य गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा। उन्होंने बताया कि गंगा नदी के तट पर काली घाट, छतनाग घाट और यमुना नदी के तट पर मोरी घाट और महेवा घाट का निर्माण किया गया है। हर घाट पर अलग-अलग प्रतीक चिह्न (डमरु, त्रिशूल आदि) लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को घाटों की पहचान में आसानी हो। उन्होंने बताया कि संगम पर निगरानी के लिए ‘वॉच टावर' लगाए जा रहे हैं। सभी घाटों पर पानी में अवरोधकों की व्यवस्था की जा रही है। पाठक ने बताया कि सभी नावों की जांच की जा रही है और उनकी क्षमता एवं लाइसेंस नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।
- बेंगलुरू,। बेंगलुरु में होमगार्ड के एक जवान ने बुधवार को जालाहल्ली क्रॉस पर अपनी पत्नी, बेटी और भतीजी की हत्या कर दी. पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, हेब्बागोडी पुलिस थाने से संबद्ध होमगार्ड गंगाराजू (42) ने कथित तौर पर अपनी पत्नी भाग्या (36), बेटी नव्या (19) और भतीजी हेमावती (23) की पीट-पीटकर हत्या कर दी.बेंगलुरु पूर्व के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार ने संवाददाताओं को बताया, "सूचना मिलने पर हमारी गश्ती टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और तीनों महिलाओं को मृत पाया, जिनके शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान थे. हमने होमगार्ड के तौर पर काम करने वाले गंगाराजू को मौके से गिरफ्तार कर लिया." कुमार ने बताया कि अपराध के बाद गंगाराजू ने हथियार लेकर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था.उन्होंने बताया कि हत्याओं के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है और आगे की पूछताछ के बाद इसका पता लगाया जाएगा. मकान मालिक (जहां गंगाराजू का परिवार पिछले पांच वर्षों से किरायेदार के रूप में रह रहा था) ने बताया कि इससे पहले दिन में झगड़ा हुआ था. पुलिस ने बताया कि मकान मालिक को संदेह है कि घटना के समय गंगाराजू नशे में था.
- नयी दिल्ली. केंद्र ने सभी राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि निर्दिष्ट अधिकतम कारावास की अवधि का आधा हिस्सा जेल में काट चुके उन अपराधों के लिए गिरफ्तार विचाराधीन कैदियों को रिहा किया जाना चाहिए जिनके लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास की सजा निर्दिष्ट नहीं की गई है ताकि कारागारों में भीड़ कम हो सके। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और जेल महानिदेशकों को भेजे पत्र में कहा कि जेल प्राधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 479 के प्रावधानों के तहत ऐसे पात्र कैदियों की रिहाई के लिए संबंधित अदालत से संपर्क करना चाहिए। बीएनएसएस की धारा 479 में कहा गया है कि यदि किसी कैदी के लिए उस अपराध के लिए निर्दिष्ट कारावास की अधिकतम अवधि का आधा समय जेल में काट लिया है जिसके लिए उसे जांच, पूछताछ या सुनवाई की अवधि के दौरान जेल में रखा गया है, तो उसे रिहा किया जाना चाहिए, बशर्ते कि यह ऐसा अपराध न हो जिसके लिए कानून के तहत मृत्यु या आजीवन कारावास की सजा निर्दिष्ट की गई हो। पत्र में कहा गया है, ‘‘पहली बार अपराध करने वाले ऐसे कैदियों को अदालत द्वारा मुचलके पर रिहा किया जाएगा, जो उस अपराध के लिए कारावास की अधिकतम अवधि का एक तिहाई हिस्सा जेल में काट चुके हैं। इसके अलावा, बीएनएसएस की धारा 479 (3) जेल अधीक्षक पर एक विशिष्ट जिम्मेदारी डालती है कि वह उपरोक्त विचाराधीन कैदियों को जमानत/मुचलके पर रिहा करने के लिए संबंधित अदालत में आवेदन करे।'' मंत्रालय ने कहा कि उसने 16 अक्टूबर, 2024 को इस मुद्दे पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक परामर्श जारी किया था और उनसे अनुरोध किया था कि वे सभी पात्र कैदियों को बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधानों का लाभ प्रदान करें और तदनुसार अदालत में उनकी जमानत याचिका दायर करें। इसमें कहा गया है कि संविधान दिवस यानी 26 नवंबर, 2024 के अवसर पर गृह मंत्रालय ने एक विशेष अभियान शुरू किया था, जिसके तहत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया था कि वे बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधानों के तहत पात्र कैदियों की पहचान करें और जमानत/मुचलके पर उनकी रिहाई के लिए संबंधित अदालतों में उनके आवेदन पेश करें। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संबंध में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भी भेजा था। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस अभ्यास में सक्रिय रूप से भाग लिया था और 26 नवंबर, 2024 तक बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधानों से लाभान्वित होने वाले कैदियों की संख्या का विवरण प्रस्तुत किया था। मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि यह एक बार की जाने वाली प्रक्रिया नहीं है और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को बीएनएसएस की धारा 479 के प्रावधानों का सभी पात्र कैदियों को निरंतर आधार पर लाभ प्रदान करने की आवश्यकता है। पत्र में कहा गया है, ‘‘राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध है कि वे संलग्न प्रपत्र में 27 नवंबर, 2024 से 31 दिसंबर, 2024 तक की अवधि के लिए तत्काल आधार पर विवरण उपलब्ध कराएं, जिसके बाद एक जनवरी, 2025 से मंत्रालय को मासिक आधार पर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
- नयी दिल्ली. भारत में निर्मित 62 वाहन लेबनान पहुंचने वाले हैं, जिनका इस्तेमाल ‘लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल' (यूनिफिल) में तैनात भारतीय दल द्वारा किया जाएगा। रक्षा सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेड़े में सैन्य वाहन, उपयोगिता वाहन (एक टन और 2.5 टन), मध्यम और हल्के एम्बुलेंस, ईंधन वाहन और अन्य वाहन शामिल हैं। एक रक्षा सूत्र ने बताया कि अब तक लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में कार्यरत भारतीय सैनिक संयुक्त राष्ट्र द्वारा उपलब्ध कराए गए वाहनों का संचालन कर रहे थे। ये वाहन दूसरे देशों से मंगाए गए थे। सूत्र ने बताया कि स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देने और परिचालन दक्षता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भारत में निर्मित 62 वाहन अब यूनिफिल में तैनात भारतीय दल द्वारा इस्तेमाल के लिए लेबनान पहुंचने वाले हैं। सूत्र ने कहा कि भारत में निर्मित इन वाहनों को शामिल करने के साथ, भारतीय बटालियन अब ‘मजबूत और घरेलू प्लेटफॉर्म' का इस्तेमाल करेगी। यह कदम वैश्विक मंच पर भारत की आत्मनिर्भरता और इसकी बढ़ती रक्षा विनिर्माण क्षमताओं के प्रति प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करेगा। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम शांति मिशन में भारत के नेतृत्व को रेखांकित करता है तथा रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी नवाचार के प्रति राष्ट्र के समर्थन को उजागर करता है।
- महाकुंभ नगर. महाकुंभ शुरू होने में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है, ऐसे में राज्य पुलिस ने मेला क्षेत्र में, खासकर संगम के आसपास सघन जांच अभियान शुरू किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सरकार का अनुमान है कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक धार्मिक समागम के दौरान विदेशियों सहित करीब 40 से 45 करोड़ पर्यटक आएंगे। यहां जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘महाकुंभ 2025 के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण (आईपीएस) के नेतृत्व में मुख्य स्नान पर्व से पहले सघन जांच अभियान शुरू किया गया। अभियान में संगम घाट, पंटून पुल और प्रमुख चौराहों जैसे प्रमुख स्थानों पर संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।'' डीआईजी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने और सुरक्षा के प्रति कोई कोताही न बरतने के निर्देश दिए। बयान के अनुसार, किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक,क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों के नेतृत्व में टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों की गहन जांच की। सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए पंटून पुलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।आगामी पर्व की तैयारी में पुलिस सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर रही है। सभी पुलिस थानों को सतर्क रहने और शांतिपूर्ण महाकुंभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नई दिल्ली।। भारत में सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं से 2024 में दस हजार बच्चों की मौत हुई. अब सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के इलाज के लिए एक नई योजना लाई गई है.पिछले साल, सड़क दुर्घटनाओं में एक लाख 80 हजार लोगों ने जान गंवाई. इनमें से 66 फीसदी लोग 18 से 34 साल के बीच के थे. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को यह जानकारी दी. गडकरी के यूट्यूब चैनल पर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो मौजूद है, जिसमें उन्होंने यह भी बताया है कि पिछले साल 30 हजार लोगों की मौत हेलमेट ना पहनने के चलते हुई. इस हिसाब से देखें तो भारत में पिछले साल हर दिन औसतन 80 लोगों ने हेलमेट नहीं पहनने के चलते जान गंवाई.
कितनी सुरक्षित भारतीय कारें? देश में ही होगी सेफ्टी रेटिंगसड़क दुर्घटनाओं में दस हजार बच्चों की हुई मौतप्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की प्रेस रिलीज के मुताबिक, छह और सात जनवरी को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली में एक कार्यशाला का आयोजन किया. इसके दूसरे दिन सात जनवरी को हुई बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्री शामिल हुए. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस बैठक की अध्यक्षता की. कार्यशाला में सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.बैठक के बाद, गडकरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि स्कूल-कॉलेजों में घुसने और बाहर निकलने वाली जगहों पर पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के चलते पिछले साल दस हजार बच्चों ने जान गंवाई. उन्होंने कहा कि स्कूलों के लिए चलने वाले ऑटोरिक्शा और मिनी बसों को लेकर भी नियम बनाए गए हैं क्योंकि इनकी वजह से भी काफी मौतें होती हैं.घायलों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट की घोषणासड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के इलाज के लिए एक नई योजना शुरू की गई है. गडकरी ने मीडिया को बताया कि दुर्घटना होने के 24 घंटे के अंदर अगर पुलिस को इस बारे में सूचित कर दिया जाता है तो घायल व्यक्ति के सात दिनों के इलाज का खर्चा सरकार उठाएगी. इस खर्च की अधिकतम सीमा डेढ़ लाख रुपए तय की गई है. इलाज के लिए यह रकम सरकार की ओर से सीधे अस्पताल को दी जाएगी.पिछले साल असम, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, चंडीगढ़ और पुडुचेरी में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया था. दिसंबर 2024 में संसद में दिए एक जवाब में परिवहन मंत्रालय ने बताया था कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत करीब 2,200 घायलों को कैशलेस ट्रीटमेंट की सुविधा दी गई. अब इसी पायलट प्रोजेक्ट को देश भर में लागू कर दिया गया है.इसके अलावा, हिट एंड रन दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दो लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की गई है. परिवहन मंत्रालय द्वारा सड़क दुर्घटनाओं पर जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2022 में देश में हिट एंड रन की करीब 67 हजार दुर्घटनाएं हुईं थीं, जिनमें 30 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी. साल 2022 में सड़क दुर्घटनाओं में हुई 18 फीसदी मौतों के लिए हिट एंड रन की घटनाएं ही जिम्मेदार थीं.भारत में प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमीगडकरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बैठक में पहला महत्वपूर्ण मुद्दा सड़क सुरक्षा का था और दूसरा मुद्दा ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का था. उन्होंने कहा कि देश में 22 लाख ड्राइवरों की कमी है और इसे पूरा करने के एक नई नीति बनाई गई है. इसके तहत, सरकार की ओर से ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य, ड्राइवरों को प्रशिक्षित करके सड़कों को सुरक्षित बनाना है.देश में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई. प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की प्रेस रिलीज के मुताबिक, इस बात पर सहमति बनी कि ई-रिक्शा को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए नियम और दिशानिर्देश जारी करने की जरूरत है. इसके अलावा, बैठक में तीन एप्लिकेशनों का लाइव डेमो भी दिखाया गया जो सड़क को सुरक्षित बनाने और ब्लैक स्पॉट पहचानने में मदद कर सकते हैं.













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