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- नयी दिल्ली. पूर्वोत्तर राज्यों में सोमवार को हुई भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे कई स्थानों पर सड़कें और पुल बह गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर हालात और नुकसान की जानकारी ली। अरुणाचल प्रदेश के कम से कम 12 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है, जबकि असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार धीमाजी जिले के चार राजस्व मंडलों के 69 गांवों में करीब 16,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होने की संभावना जताई है।वहीं, विभाग ने कहा कि अगले दो दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश और उससे सटे राज्यों में लू चलने, कुछ स्थानों पर भीषण लू की आशंका है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू से फोन पर बात की और राज्य में भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ तथा भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। अधिकारियों के अनुसार, बातचीत के दौरान शाह ने प्रभावित क्षेत्रों, नुकसान और लोगों को राहत पहुंचाने की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने राहत कार्यों तथा अन्य आवश्यक सहायता के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। इसी तरह, शाह ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से भी बातचीत कर नदियों का जलस्तर बढ़ने से हुए नुकसान की जानकारी ली। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने गृह मंत्री को राज्य में जारी राहत और पुनर्वास कार्यों की जानकारी दी।इस बीच, उत्तर भारत के कई राज्यों में सोमवार को भी भीषण गर्मी का असर बना रहा। हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के साथ जल्द राहत मिलने की संभावना है। दिल्ली में लू का प्रकोप जारी रहा और ज्यादातर मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। लगातार दूसरे दिन राजधानी में रात भी इस मौसम की सबसे गर्म रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राजधानी के आधार केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक है। हालांकि, शाम साढ़े चार बजे से साढ़े छह बजे के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ आंधी आई, जिससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और तेज हवाएं चलीं। राजस्थान में भी कई क्षेत्रों में भीषण गर्मी का दौर जारी रहा। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से इस सप्ताह राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है। विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है। आईएमडी ने कहा, ''अगले दो से तीन दिनों के दौरान गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।'' उत्तराखंड में मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा, जबकि पर्वतीय इलाकों में यह सामान्य दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के दौरान राज्य में अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया है। पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के सभी पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली, तेज बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों, विशेषकर हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों के कुछ हिस्सों के लिए भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई है। इस बीच, पंजाब में भीषण गर्मी और अधिक नमी के कारण सोमवार को बिजली की मांग में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे राज्य की बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ा और पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को केंद्रीय ग्रिड से रिकॉर्ड मात्रा में बिजली लेनी पड़ी। आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कुछ स्थानों तथा उत्तराखंड, हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा के चलते करीब एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाढ़ के साथ आए मलबे के कारण जिला मुख्यालय केलांग जाने वाला मार्ग अवरुद्ध हो गया है। जिले के दूरदराज क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जोबरंग पुल भी पानी में डूब गया है। अधिकारियों ने बताया कि जिस्पा में अचानक आई बाढ़ के कारण मनाली-लेह राजमार्ग बंद हो गया, जबकि झालमा नाला में आई बाढ़ से कई गांवों तक पहुंचना संभव नहीं रह गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ों की चोटियों पर बर्फ पिघलने से झालमा नाले का जलस्तर बढ़ गया। इस अचानक आई बाढ़ के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 70 आरसीसी इकाई तीन मशीनों के साथ पूरी रात मनाली-लेह राजमार्ग को बहाल करने के काम में जुटी रहीं।
- नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार को कुल 9,439 करोड़ रुपये का लाभांश दिया है। केनरा बैंक के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ब्रजेश कुमार सिंह ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2,397 करोड़ रुपये के लाभांश का चेक सौंपा। इस अवसर पर वित्तीय सेवा सचिव संजय लोहिया भी मौजूद रहे। केनरा बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 4.20 रुपये का लाभांश घोषित किया है, जो दो रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर का 210 प्रतिशत है। पीएनबी के प्रबंध निदेशक और सीईओ अशोक चंद्रा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को 2,416 करोड़ रुपये का लाभांश चेक सौंपा। बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक बयान में कहा कि उसके एमडी एवं सीईओ देबदत्त चंद ने वित्त मंत्री को 2,811 करोड़ रुपये के लाभांश का चेक सौंपा। बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 8.50 रुपये का लाभांश घोषित किया है, जो दो रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर का 425 प्रतिशत है। इंडियन बैंक के एमडी एवं सीईओ बिनोद कुमार ने वित्त मंत्री को 1,815.05 करोड़ रुपये के लाभांश का चेक सौंपा। चेन्नई स्थित इंडियन बैंक ने एक बयान में कहा कि वह समावेशी बैंकिंग और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देकर सरकार के विकसित भारत लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के अनुरोध वाली याचिका पर त्वरित सुनवाई से सोमवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायाधीश शील नागू की पीठ ने कहा कि इस मामले को ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। पीठ ने मौखिक टिप्पणी की, ''आसमान नहीं टूट पड़ेगा ...इतनी क्या जल्दी है।''अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के नेतृत्व वाले एक बहु-विषयक विशेष जांच दल (एसआईटी) को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मामलों और प्रशासन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं व अन्य कथित अवैधताओं की जांच करनी चाहिए। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के अनुरोध वाली याचिका में केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और मंदिर ट्रस्ट को सार्वजनिक हित की रक्षा करने तथा करोड़ों भक्तों व दानदाताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक नियामक, पर्यवेक्षी और ऑडिट तंत्र का गठन व संचालन करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। याचिका में कहा गया, ''श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े धन के कथित गबन और अन्य कथित अनियमितताओं की खबरें सही साबित हों या नहीं, लेकिन इन खबरों ने उन पीढ़ियों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है, जिन्होंने अयोध्या की गौरवपूर्ण विरासत की पुनर्स्थापना के लिए लंबा संघर्ष किया है।'' इसमें आरोप लगाया गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बिना किसी प्राथमिकी या नियमित आपराधिक मामला दर्ज किए इस मामले की जांच शुरू कर दी है। याचिका में कहा गया है कि मंदिर ट्रस्ट से कथित रूप से धन गायब होने और अन्य कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित रिपोर्टों की सत्यता की स्वतंत्र रूप से जांच की जानी चाहिए। याचिका के अनुसार, यह जांच ऐसी एकीकृत जांच एजेंसी द्वारा कराई जानी चाहिए, जिसके पास जटिल वित्तीय और आपराधिक मामलों की जांच के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, संसाधन और संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध हो। इसमें कहा गया है, ''ऐसी जांच से आम लोगों का भरोसा अधिक मजबूत होगा, बजाय इसके कि केवल प्रशासनिक अधिकारियों वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) प्रारंभिक जांच करे, जिनके पास आपराधिक मामलों की जांच की विशेषज्ञता शायद नहीं हो।'' राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के आरोपों के बाद मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इस विशेष जांच दल (एसआईटी) में लखनऊ के मंडल आयुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल है।
- नयी दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उन्हें अपने चैंबर में शपथ दिलाई।खरगे हाल में कर्नाटक से संसद के उच्च सदन के लिए लगातार दूसरी बार निर्वाचित हुए हैं।इस मौके पर राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, सदन के नेता जे पी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा की मौजूदगी रही। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष 83 वर्षीय खरगे इससे पहले लोकसभा और कर्नाटक विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं। खरगे ने 1972 में पहली बार कर्नाटक विधानसभा का चुनाव जीता और बाद में लगातार नौ बार विधायक चुने गए। वह कर्नाटक सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे और 1999 से 2004 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे। खरगे 2009 और 2014 में कर्नाटक के गुलबर्गा लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्होंने रेल मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। वह वर्ष 2014 से 2019 तक लोकसभा में कांग्रेस के नेता रहे।
- पुरी । भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों के पारंपरिक स्नान अनुष्ठान का आयोजन सोमवार तड़के 12वीं शताब्दी के मंदिर परिसर में किया गया। इस दौरान देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर भगवान के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। स्नान यात्रा वार्षिक रथ यात्रा का पूर्व आयोजन मानी जाती है। इस अवसर पर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को गर्भगृह से बाहर लाया जाता है और सार्वजनिक रूप से 108 कलशों के जल से पवित्र स्नान कराया जाता है। मंदिर परिसर में बने ऊंचे मंच पर आयोजित इस अनुष्ठान का दर्शन श्रद्धालु मंदिर के सामने स्थित भव्य मार्ग से करते हैं। इस वर्ष स्नान यात्रा की शुरुआत सुबह 5:15 बजे देवताओं की पारंपरिक 'पाहंडी' यानी शोभायात्रा के साथ हुई, जो सुबह आठ बजे तक चली। स्कंद पुराण के अनुसार, 12वीं शताब्दी के इस मंदिर में काष्ठ प्रतिमाओं की स्थापना करने वाले राजा इंद्रद्युम्न ने ही इस स्नान अनुष्ठान की शुरुआत की थी। वेदी पर विराजमान किए जाने के बाद सेवायतों ने 'मंगला आरती' की, जो मंदिर के कपाट खुलने के बाद भगवान की पहली आरती होती है। स्नान पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं को खुले मंडप से मंगला आरती के दर्शन का अवसर मिलता है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर परिसर स्थित 'सुनाकुआ' (स्वर्ण कुएं) के पवित्र जल से भरे कुल 108 कलशों का जल भगवान की प्रतिमाओं पर अर्पित किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि इसके तुरंत बाद पुरी के गजपति महाराज दिव्यसिंह देव पारंपरिक रूप से 'स्नान मंडप' की झाड़ू लगाने की रस्म निभाएंगे और इसके बाद भगवान को 'गज वेश' (हाथी स्वरूप की पोशाक) में सजाया जाएगा। पुलिस महानिरीक्षक (मध्य क्षेत्र) सत्यजीत नाइक ने बताया कि पुरी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और इसके लिए पुलिस बल की 79 प्लाटून तैनात की गई हैं।
- ग्रेटर नोएडा । उत्तर प्रदेश एक और जिले के कई गांवों को हाईटेक शहर बनाने की तैयारी कर रही है। यह जल्द ही औद्योगिक विनिर्माण केंद्र बनने के साथ लाखों रोजगार पैदा करने वाले गंतव्य के रूप में उभरेगा। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति को और तेज करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एक बेहद महत्वाकांक्षी नई परियोजना पर काम शुरू कर दिया है। यमुना एक्सप्रेसवे के चरण दो विकास के तहत 'महायोजना/मास्टर प्लान 2041' के अंतर्गत 'हाथरस अर्बन सेंटर' को एक हाई-टेक औद्योगिक और आवासीय सैटेलाइट टाउन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। यीडा द्वारा विकसित किए जा रहे चार मुख्य अर्बन नोड्स (अलीगढ़, मथुरा, आगरा और हाथरस) में से हाथरस को विशेष तौर पर एक प्रमुख औद्योगिक विनिर्माण केंद्र के रूप में चुना गया है। इस विशाल परियोजना के लिए हाथरस और सासनी तहसील के कुल 50 से अधिक गांवों को अधिसूचित किया गया है, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग चार हजार हेक्टेयर (करीब 10 हजार एकड़) होगा। इस अत्याधुनिक शहर के नियोजन के लिए सलाहकार कंपनी 'आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स लिमिटेड' को नियुक्त किया गया है। मास्टर प्लान 2041 के तहत इस अर्बन सेंटर को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहला औद्योगिक जोन, इस विशाल भूभाग का मुख्य ध्यान फैक्ट्रियों और भारी विनिर्माण इकाइयों पर केंद्रित होगा। दूसरा आवासीय क्षेत्र, यहां काम करने वाले लोगों के लिए आधुनिक सोसायटी, फ्लैट्स और किफायती आवास विकसित किए जाएंगे। तीसरा वाणिज्यिक और लॉजिस्टिक्स हब जो व्यापारिक गतिविधियों के लिए मॉल, कमर्शियल टावर, होटल और विशाल भंडारगृह के लिए विशेष स्थान आरक्षित हैं। चौथा हरित क्षेत्र, जहां पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए कुल योजना क्षेत्र का 15 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तहत हरित और खुले क्षेत्र के रूप में संरक्षित रहेगा। प्रस्तावित हाथरस अर्बन सेंटर की भौगोलिक स्थिति इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह नया शहर सीधे नोएडा (जेवर) अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के कैचमेंट एरिया में आता है, जिसके लिए यीडा एक एक्सप्रेस-रोड नेटवर्क विकसित कर रहा है। इसके साथ ही यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेसवे के काफी करीब है और राष्ट्रीय राजमार्ग-93 (आगरा-अलीगढ़), बरेली-मथुरा राजमार्ग से बेहतर रूप से जुड़ा हुआ है। इसे आगरा के एक 'सैटेलाइट टाउन' के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ताजनगरी का औद्योगिक दबाव भी कम होगा। यमुना औद्योगिक एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी आर के सिंह ने बताया कि इस महायोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है।
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भुवनेश्वर. ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा ने कम से कम 46 ऐसी फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक किया है जो 16 जुलाई से शुरू होने वाली सालाना रथ यात्रा के दौरान पुरी आने वाले पर्यटकों को होटल में रहने की जगह और दूसरी सुविधाएं देने के नाम पर ठग रही थीं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन होटल का कमरा बुक करते समय कथित तौर पर ठगी का शिकार हुए लोगों से कई शिकायतें मिलने के बाद अपराध शाखा के साइबर प्रकोष्ठ ने कार्रवाई शुरू की। पुरी के एक पुलिस थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में, राजस्थान के एक पर्यटक ने आरोप लगाया कि उसने एक वेबसाइट के जरिए अपने परिवार के लिए तीन कमरे बुक किए थे। हालांकि, होटल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनके नाम पर ऐसी कोई बुकिंग नहीं की गयी थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सिर्फ पिछले हफ्ते ही, अपराध शाखा के साइबर विशेषज्ञों ने पर्यटकों को ठगने वाली 46 फर्जी वेबसाइटों का पता लगाया। सबसे ज्यादा-11 वेबसाइट - 27 जून को ब्लॉक की गईं, जबकि 20 जून और 22 जून के बीच ऐसे 15 पोर्टल को बंद किया गया।" अधिकारी ने कहा, "हम रथ यात्रा के दौरान पुरी आने वाले पर्यटकों को निशाना बनाने वाली नकली होटल बुकिंग वेबसाइटों की पहचान करने और उन्हें ब्लॉक करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।" अधिकारी ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले सालाना त्योहार का फायदा उठा रहे थे। इस उत्सव में लाखों श्रद्धालु पुरी आते हैं। अधिकारी ने कहा, "उन्होंने कमरे का आकर्षक किराया, वीआईपी दर्शन और दूसरी सेवाओं की पेशकश करने वाले नकली पोर्टल बनाए हैं और मासूम श्रद्धालुओं से अग्रिम भुगतान की मांग कर रहे हैं।" काम करने के तरीके के बारे में बताते हुए अधिकारी ने कहा कि धोखाधड़ी करने वाले आम तौर पर असली होटलों की वेबसाइट की क्लोन बनाते थे या ऐसी मिलती-जुलती वेबसाइटें बनाते थे जो ऑनलाइन सर्च रिज़ल्ट में प्रमुखता से दिखाई देती थीं। अपराध शाखा के सूत्रों ने बताया कि पिछले एक साल में ओडिशा में ऑनलाइन होटल बुकिंग के दौरान ऐसे घोटालों में लगभग 30 पर्यटकों को करीब 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर में 'प्रथम पूजा' की, जिसके साथ इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो गयी। तीन जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर उपराज्यपाल सिन्हा ने कहा कि प्रशासन, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड, सेना, पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय समुदाय, सेवा प्रदाता और स्वयंसेवक पूरी समन्वय भावना के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। सिन्हा ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर लिखा, ''हर-हर महादेव! श्री अमरनाथ जी की पवित्र गुफा में 'प्रथम पूजा' करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिसके साथ वार्षिक अमरनाथ यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई। बाबा बर्फानी से सभी के लिए शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना की।'' उन्होंने कहा, ''सभी संबंधित पक्ष श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुगम और यादगार यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय सुधार, बेहतर सुविधाओं और जम्मू कश्मीर के लोगों के अमूल्य सहयोग के साथ हम श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं, ताकि उन्हें आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक यात्रा का अनुभव मिल सके। बाबा अमरनाथ जी सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को अपनी त्रि-भाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच के विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़ने से छूट दी गई है। कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों को एक बार की राहत देते हुए, सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि मौजूदा बैच को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, लेकिन वे दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा पढ़ सकते हैं। ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक महीने से अधिक पहले सीबीएसई ने घोषणा की थी कि एक जुलाई से 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा। सीबीएसई के इस आदेश के खिलाफ कई विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अदालत का रुख किया था।
सीबीएसई की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम सिंह ने कहा, ''कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच को त्रि-भाषा नीति का पालन नहीं करना होगा। कक्षा सातवीं से नौवीं के मौजूदा बैच को कक्षा 10 में जाने पर तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।'' उन्होंने कहा, ''एक बार की राहत के रूप में वर्ष 2026-27 में पहले से 9वीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी दो गैर-भारतीय (विदेशी) भाषाओं का अध्ययन जारी रख सकेंगे और उन्हें तीसरी भाषा के रूप में एक भारतीय भाषा अनिवार्य रूप से जोड़नी होगी।'' अप्रैल में, सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा छह से त्रि-भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करने और कक्षा नौवीं के वास्ते गणित तथा विज्ञान के लिए दो-स्तरीय प्रणाली शुरू करने की घोषणा की थी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत गणित और विज्ञान विषयों को दो स्तरों में पढ़ाया जाएगा-एक अनिवार्य मानक (स्टैंडर्ड) स्तर और दूसरा वैकल्पिक उन्नत (एडवांस्ड) स्तर। इसके तहत सभी विद्यार्थी 80 अंकों की समान परीक्षा देंगे। हालांकि, जो विद्यार्थी अधिक दक्षता हासिल करना चाहते हैं, वे अतिरिक्त उन्नत (एडवांस्ड) स्तर की परीक्षा भी दे सकेंगे। इस परीक्षा का उद्देश्य विषय की गहन वैचारिक समझ और उच्च स्तर की विश्लेषणात्मक एवं तार्किक सोच का आकलन करना होगा। सीबीएसई ने कहा था कि दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) नयी व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा वर्ष 2026-27 में 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए होगी। हालांकि, 15 मई को बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि विदेशी भाषा चुनने वाले विद्यार्थी ऐसा तभी कर सकेंगे, जब वे कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन कर चुके हों। ऐसे में विदेशी भाषा या तो तीसरी भाषा के रूप में चुनी जा सकेगी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में पढ़ी जा सकेगी। - मरने से पहले बनाया वीडियोफरीदाबाद/ हरियाणा के फरीदाबाद में एक कारोबारी पत्नी के टॉर्चर से इस कदर तंग आ गया कि उसने अपनी जिंदगी ख़त्म कर ली. गारमेंट्स कारोबारी ने अपनी दुकान के अंदर फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. सुसाइड से पहले पत्नी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए वीडियो बनाया.मामला जिले के सेक्टर-3 स्थित हाउसिंग बोर्ड परिसर का है. वारदात रविवार (28 जून) सुबह की है. मृतक की पहचान 28 साल के राहुल के रूप में हुई है. जो बल्लभगढ़ के सेक्टर-3 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का रहने वाला था. उसने चार माह पहले सेक्टर-3 में किराये की दूकान पर गारमेंट बिजनेस शुरू किया था.कारोबारी ने किया सुसाइडदो साल राहुल की ज्योति (26) नाम की युवती से लव मैरिज हुई थी. शादी के बाद पत्नी राहुल को प्रताड़ित करती थी जिससे तंग आकर उसने सुसाइड कर लिया. उसने अपने दूकान को अंदर से बंद कर फांसी लगा ली. सुसाइड से पहले राहुल ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट की थी. जिसमे उसने पत्नी और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया.पत्नी और ससुराल पक्ष पर आरोपवीडियो में उसने बताया, उसकी मौत के लिए उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष जिम्मेदार हैं. उन्हें सजा मिलनी चाहिए. पत्नी ज्योति, सास वीना, ससुर बिट्टू और साली नीतू पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे. शादी के बाद पत्नी चाहती थी कि माता पिता को छोड़ कर अकेले रहे. जिसके बाद सब छोड़कर अकेले रहा.पत्नी पीटती थी और परेशान करती थीपत्नी के कहने पर घर के सभी काम झाडू लगाना, बर्तन साफ करता था इसके बाद बावजूद वो पीटती थी और परेशान करती थी. ससुराल वाले भी मारपीट करते थे. जिस वजह से काफ़ी समय से मानसिक तनाव में था. वीडियो में आखरी में राहुल ने अपनी संपत्ति मां, बहन और भाइयों के नाम को करने को कही है.पत्नी और ससुराल पक्ष पर केस दर्जमामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गयी है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. साथ ही पत्नी और ससुराल पक्ष समेत सभी आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.
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नयी दिल्ली. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को कहा कि अगले पांच. छह दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय रूप से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। वहीं, मौसमी बारिश में देरी के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दो वर्षों की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई।
आईएमडी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों तथा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित कुछ अन्य राज्यों के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।विभाग के अनुसार, इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में मानसून के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना है। हालांकि, विभाग ने 28 और 29 जून को उत्तर प्रदेश में लू चलने की चेतावनी भी दी है, जो कुछ स्थानों पर गंभीर रूप ले सकती है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी 'स्काईमेट' के अनुसार, यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो दिल्ली में चार जुलाई तक मानसून पहुंचने की संभावना है। इस बीच, दिल्ली में पिछले दो वर्षों में रविवार को सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई जहां न्यूनतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा जो औसत से 3.2 डिग्री अधिक है जबकि अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले 14 जून, 2024 को शहर का न्यूनतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में लू की स्थिति रही और आईएमडी द्वारा शाम साढ़े पांच बजे दर्ज किया गया 'फील्स लाइक' तापमान लगभग 50.7 डिग्री सेल्सियस था यानि 50.7 डिग्री सेल्सियस तापमान 'जितनी तेज गर्मी महसूस हो रही थी'। हालांकि, सोमवार के लिए विभाग ने गरज के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
स्काईमेट ने कहा कि मानसून के आगमन में देरी तथा शुष्क और नम हवाओं के परस्पर प्रभाव के कारण तापमान और आर्द्रता का स्तर दोनों असामान्य रूप से अधिक बना हुआ है। स्काईमेट के मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, ''सामान्यतः मानसून 27-28 जून तक दिल्ली पहुंच जाता है, जिसके बाद तापमान में गिरावट आती है और आर्द्रता बढ़ जाती है। इस वर्ष मानसून लगभग एक सप्ताह की देरी से पहुंचने की संभावना है। पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं, जबकि अरब सागर से आने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाएं दिल्ली में नमी बढ़ा रही हैं।'' उन्होंने कहा, ''जब ये शुष्क और नम वायु द्रव्यमान आपस में मिलते हैं तो बादल तो बनते हैं, लेकिन व्यापक वर्षा के लिए पर्याप्त नमी नहीं होती। बादल आमतौर पर शाम चार या पांच बजे बनते हैं, तब तक दिन का अधिकतम तापमान दर्ज हो चुका होता है। यही कारण है कि अधिकतम तापमान और 'फील्स लाइक' तापमान दोनों असामान्य रूप से अधिक बने हुए हैं। उधर, शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने हिमाचल प्रदेश में चार जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। केंद्र ने कहा कि दो जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।विभाग ने 30 जून से चार जुलाई के बीच राज्य के अलग-अलग स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश का 'अलर्ट' जारी किया है। शनिवार शाम से पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश हुई जबकि शिमला, कांगड़ा और मंडी जिलों में गरज के साथ बारिश दर्ज की गई। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लखनऊ में अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक था।
मौसम विभाग ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक था जबकि न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है। जम्मू में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने कहा कि 29 जून को जम्मू के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में मानसून-पूर्व बारिश होने की संभावना है। साथ ही कुछ स्थानों पर तेज बारिश, गरज और तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जताया गया है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि उत्तराखंड के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। केंद्र ने पर्वतीय जिलों के अलग-अलग स्थानों पर गरज, बिजली चमकने, तेज से अत्यधिक तेज बारिश और तेज हवाओं को लेकर 'येलो अलर्ट' जारी किया है। देहरादून में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री अधिक था जबकि न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। पंजाब और हरियाणा के लिए आईएमडी ने 29 जून तथा एक और दो जुलाई को छिटपुट बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जबकि कई स्थानों पर तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। एक से चार जुलाई के बीच दोनों राज्यों में गरज, बिजली चमकने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार (झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक) से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
राजस्थान में कई हिस्सों में उमस भरा मौसम बना रहा, हालांकि झुंझुनू जिले के पिलानी सहित कई स्थानों पर छिटपुट बारिश दर्ज की गई। पिलानी में सुबह से सात मिलीमीटर वर्षा हुई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में गरज के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। साथ ही, दो जुलाई से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में वर्षा गतिविधियों में तेजी आने की संभावना व्यक्त की है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 135वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान, उन्होंने कहा कि मुझे कई लोगों ने पत्र लिख कर एक खास विषय पर बात करने का सुझाव भेजा है। यह विषय गणेश उत्सव से जुड़ा है। वैसे तो गणेश उत्सव में अभी काफी समय बाकी है। लेकिन लोगों ने यह आग्रह किया है कि इस विषय पर अभी ही बात होनी चाहिए।
दरअसल, गणेश जी की मूर्तियां बनाने का काम बहुत पहले ही शुरू हो जाता है। मूर्ति बनाने वाले और मूर्तियों के व्यापार से जुड़े हुए लोग अभी से सक्रिय हो जाते हैं।मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि मेरा आप सभी के एक आग्रह है, आप प्रयास करें कि आपके घर, सोसाइटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो, वो हमारे देश की मिट्टी से बनी हो। वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। जो लोग गणेश जी की मूर्तियां बनाते हैं, उनसे भी मेरा आग्रह है कि वे मिट्टी की मूर्तियों को प्राथमिकता दें। जो मूर्तियां खरीदते हैं वे भी यह जरूर देखें कि गणपति बप्पा की मूर्ति किससे बनी है और किस देश में तैयार हुई है।प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियां बिल्कुल न खरीदें। मिट्टी की मूर्तियां पूजा के बाद सहज रूप से पानी में विलीन हो जाती हैं। इससे हमारी नदियां, तालाबों और पर्यावरण की रक्षा होती है। इससे हमारी आस्था भी बनी रहती है और प्रकृति के प्रति हमारा दायित्व भी पूरा होता है। जब हम स्थानीय कारीगरों से मूर्ति खरीदते हैं, तो हम वोकल फॉर लोकल के संकल्प को मजबूत करते हैं।उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस बार गणेश उत्सव और ऐसी हर उत्सव में हम ऐसी सारी बातों पर जरूर गंभीरता से सोचेंगे और देशहित में कदम भी उठाएंगे। पीएम ने कहा कि हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति हमारे देश के लोग हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे छोटे-बड़े प्रयास, हमें बहुत कुछ सिखाते हैं। ये प्रयास बताते हैं कि जब मन में संकल्प हो और समाज का साथ मिले तो कोई भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 135वें एपिसोड में रविवार को कहा कि भारतीय संस्कृति धीरे-धीरे दुनिया भर में अपनी पहचान बना रही है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोग भारत के संगीत, आध्यात्मिकता और पुरानी परंपराओं को अपना रहे हैं। पीएम मोदी ने डोमिनिकन रिपब्लिक का एक उदाहरण देते हुए स्पैनिश बोलने वाले स्थानीय लोगों के एक समूह के बारे में बताया जो वैदिक साहित्य पढ़ने और वैदिक मंत्रों का जाप सीखने के लिए एक साथ आए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज भारतीय संस्कृति दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच रही है। हमारे गीत, संगीत और आध्यात्म को दुनिया-भर के लोग जान रहे हैं और अपना रहे हैं। भारत से हजारों किलोमीटर दूर कैरेबियाई सागर में डोमिनिकन रिपब्लिक नाम का एक देश है। वहां भारतीयों की संख्या करीब 100 है शायद इससे भी कम होगी। इसके बावजूद भारतीय संस्कृति और आध्यात्म से जुड़ा एक बहुत अच्छा प्रयास वहां हो रहा है।”उन्होंने बताया कि वहां स्पेनिश भाषा बोलने वाले कुछ लोगों ने एक टीम बनाई है। इस टीम का नाम है, ‘ब्रहमकमल डोमिनिकाना’। टीम के सदस्य मिलकर वैदिक साहित्य का अध्ययन करते हैं। वे वैदिक मंत्रों का उच्चारण भी सीख रहे हैं। उन्हें इसकी कोई औपचारिक तौर पर प्रशिक्षण नहीं मिली है, लेकिन ऑडियो रिकॉर्डिंग्स सुनकर वैदिक मंत्रों का सही उच्चारण सीखा है। आज वे कई मंत्रों का बहुत अच्छे से जाप कर लेते हैं।प्रधानमंत्री ने कहा, “इनमें पुरुष सूक्तम, श्री सूक्तम, श्री रुद्रम, दुर्गा सूक्तम और देवी महात्मयम शामिल हैं। भारत से इतनी दूर रहकर हमारी परंपराओं को सीखने का उनका यह प्रयास बहुत प्रेरक है। मैं ‘ब्रहमकमल डोमिनिकाना’ वहां के सभी सदस्यों को उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मैं ऐसे सभी लोगों की हृदय से सराहना करता हूं जो भारतीय संस्कृति को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 135वें एपिसोड में मेघालय के रूट ब्रिज की चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण इन रूट ब्रिजों के सामने कई चुनौतियां भी आती हैं। ऐसे समय में मेघालय के लोगों ने इस प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई है। पहले ये पता लगाना भी आसान नहीं था कि ऐसे ब्रिजों की संख्या कितनी है? स्थानीय लोगों ने खुद इनकी गिनती शुरू की। इसके बाद समुदायों ने इन ब्रिजों की देख-भाल की जिम्मेदारी भी संभाली। आज स्थानीय लोग 120 से अधिक रूट ब्रिजों की देख-रेख कर रहे हैं। कुछ टीमें हर साल इन पुलों की स्थिति की जांच करती हैं। कुछ लोगों ने आस-पास के क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए नर्सरी भी तैयार की है। इस तरह के इनके संरक्षण के लिए एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तैयार हो गया है।
उन्होंने कहा कि मेघालय की पहचान बादलों से है, खूबसूरत नजारों से है। जो मेघालय जाता है, उसे वहां के लोगों का अपनापन भी लंबे समय तक याद रहता है। लेकिन, मेघालय की एक और विशेषता है, जिसकी मैं आज, ‘मन की बात’ में, आपसे चर्चा करना चाहता हूं। ये है – मेघालय के रूट ब्रिज। रास्ता वाला route नहीं, जड़ों वाला root।पीएम मोदी ने कहा कि इन रूट ब्रिजों की कहानी बहुत रोचक है। उन्होंने बताया कि ये ब्रिज कुछ दिनों या कुछ वर्षों में नहीं बनते। इन्हें तैयार होने में कई दशक लगते हैं। रबर के पेड़ों की जड़ों को धीरे-धीरे दिशा दी जाती है। इन जड़ों को जल-धाराओं के पार ले जाया जाता है। समय के साथ वही जड़ें एक मजबूत ब्रिज का रूप ले लेती हैं। इन ब्रिजों की एक और विशेषता है। ये जीवित ब्रिज हैं। समय बीतने के साथ ये और मजबूत हो जाते हैं। इनमें मेघालय के लोगों की सृजनशीलता दिखाई देती है। इनके पीछे वर्षों का धैर्य और प्रकृति के प्रति गहरा सम्मान है। ये ब्रिज बताते हैं कि मनुष्य प्रकृति के साथ मिलकर कितनी अद्भुत चीजें बना सकता है।प्रधानमंत्री ने बताया कि अब भारत ने मेघालय के रूट ब्रिजों को UNESCO World Heritage Site Network में शामिल कराने के लिए आवेदन किया है।पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष हैली वार जी को Padma Award से सम्मानित किया गया है। उन्होंने अपने जीवन के 50 से अधिक वर्ष इन रूट ब्रिजों की देखभाल में लगाए हैं। उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणादायक है|प्रधानमंत्री ने लोगों से कहा कि यदि उन्होंने कभी इन रूट ब्रिजों की यात्रा की हो, तो उनकी तस्वीरें social media पर जरूर साझा कीजिए। आपकी तस्वीरें दूसरे लोगों को भी मेघालय की इस अनोखी धरोहर के बारे में जानने के लिए प्रेरित करेगी। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में असम के दुर्लभ पक्षी ‘हरगिला’ (ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क) और उसके संरक्षण की प्रेरक कहानी देशवासियों के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था, जब असम के कुछ इलाकों में इस पक्षी को अशुभ माना जाता था, लेकिन लोगों की सोच बदलने के प्रयासों ने आज इसे गांवों की पहचान बना दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हरगिला एक बेहद दुर्लभ पक्षी है, जो प्रकृति को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके बावजूद लंबे समय तक लोगों के मन में इसे लेकर गलत धारणाएं बनी रहीं। लोग इस पक्षी को अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। यहां तक कि जिन पेड़ों पर हरगिला अपने घोंसले बनाता था, उन्हें भी काट दिया जाता था।पीएम मोदी ने बताया कि इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने यह स्थिति देखी और लोगों की सोच बदलने का संकल्प लिया। पूर्णिमा देवी ने सबसे पहले महिलाओं से संवाद किया और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर लोगों को समझाया कि हरगिला पर्यावरण के लिए कितना महत्वपूर्ण है। धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुड़ती गईं और फिर एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर गांवों से दूर भगाया जाता था, वही आज कई गांवों की पहचान और गर्व का प्रतीक बन चुका है।प्रधानमंत्री ने इस प्रयास को समाज में जागरूकता और सामूहिक भागीदारी का बेहतरीन उदाहरण बताया।ज्ञात हो कि हरगिला दुनिया के सबसे दुर्लभ और विशाल सारस प्रजातियों में से एक है। इसका नाम संस्कृत के दो शब्दों ‘हड’ (हड्डी) और ‘गिला’ (निगलना) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ ‘हड्डी निगलने वाला पक्षी’ है। यह मुख्य रूप से भारत के असम और कंबोडिया के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। वैश्विक स्तर पर इस पक्षी की करीब 80 प्रतिशत आबादी अकेले असम में रहती है। हरगिला एक मांसाहारी और मृतभक्षी (स्कैवेंजर) पक्षी है। यह सड़े-गले मांस, मरे हुए जीवों और कचरे को खाकर प्राकृतिक सफाईकर्मी की भूमिका निभाता है। साथ ही, यह आर्द्रभूमि (वेटलैंड) और जलाशयों के आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र को स्वच्छ और संतुलित बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चर्चित रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में उत्पन्न युद्ध जैसी स्थिति का उल्लेख करते हुए नागरिकों से संयम और उनकी अपील के असर पर बात की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी देशवासियों से आग्रह किया था कि जहां तक संभव हो, कुछ समय के लिए सोना खरीदने से बचें। साथ ही उन्होंने विदेश यात्रा को टालने, कार पूलिंग को बढ़ावा देने और पेट्रोल-डीजल की बचत करने की सलाह दी थी। इसके अलावा उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के बजाय प्राकृतिक और केमिकल-मुक्त खेती को अपनाने तथा जैविक खाद के अधिक उपयोग का आग्रह भी किया था।पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि देशवासियों ने उनकी अपील को न केवल सुना, बल्कि उस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दी है। उन्होंने बताया कि कई परिवारों ने निर्णय लिया है कि वे अपने पारिवारिक आयोजनों में इस बार नया सोना नहीं खरीदेंगे और आवश्यकता होने पर पुराने सोने को रीसायकल करके उपयोग करेंगे।उन्होंने यह भी बताया कि कई नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा किया है कि उन्होंने इस बार विदेश यात्राओं को टाल दिया है। इसके साथ ही कार पूलिंग को लेकर भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है और अब कई लोग एक ही दिशा में जाने के लिए साझा वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। इससे न केवल ईंधन की बचत हो रही है, बल्कि यातायात और प्रदूषण में भी कमी देखने को मिल रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग अब बसों और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का अधिक उपयोग कर रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। उन्होंने यह भी बताया कि देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक खेती और जैविक खाद की मांग में वृद्धि दर्ज की गई है। पीएम मोदी ने कहा, “मुझे इस बात की खुशी है कि इस ग्लोबल क्राइसिस का हम भारतीय मिलकर मुकाबला कर रहे हैं। मुझे विश्वास है जन भागीदारी की यही शक्ति हमें मजबूती देगी, हमें सफल बनाएगी।” -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान कहा कि जून के महीने में देश ने सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी कुछ ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जो हर देशवासी को गर्व से भर देती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हाल ही में कोलकाता में नौ-सेना से जुड़े एक कार्यक्रम में INS दूनागिरी, INS संशोधक और INS अग्रय को भारतीय नौ-सेना के बेड़े में शामिल किया गया। इन जहाजों का डिज़ाइन और निर्माण तक, सब कुछ स्वदेशी है।
मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने आगे कहा कि जून के महीने में ही विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) में भी देश ने एक बड़ी सफलता पाई। C-295, ये विमान ‘Made In India’ है और C-295 विमान ने अपनी पहली उड़ान पूरी की है, और ऐसे 40 विमान, भारत में ही बनाए जा रहे हैं। इससे MSME और एयरोस्पेस क्षेत्र (Aerospace sector) को नई शक्ति मिल रही है। रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प भी मजबूत हो रहा है। इसी महीने DRDO ने स्वदेशी ‘Long Range Land Attack Cruise Missile’ का भी सफल परीक्षण किया है। इसको DRDO की Laboratories और Indian Industries Partners ने मिलकर बनाया है, यानि, आज समुद्र से लेकर आकाश तक हमारा भारत अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बन रहा है।पीएम मोदी ने कहा कि जून में एक और आयोजन हुआ जिसमें पूरी दुनिया भारत के प्रयासों से जुड़ी, और ये कार्यक्रम था ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’। इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग के अनेक विविध कार्यक्रम हुए। हमारे देश में करोड़ों लोगों ने स्थान-स्थान पर योग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।उन्होंने बताया कि इस महीने, अहमदाबाद में आयोजित ‘विश्व योगासन चैम्पियनशिप’ की भी बड़ी चर्चा हुई। इसमें भारत ने कुल 114 पदक जीते हैं, इनमें 102 गोल्ड मेडल भी शामिल हैं। भारत इस चैम्पियनशिप की पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा। पीएम मोदी ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई भी दी। - पुरी. ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ के स्नान अनुष्ठान के सोमवार से शुरू हो रहे आयोजन के लिए शहर भर में त्वरित कार्रवाई दल (क्यूएटी) और श्वान दस्तों को तैनात किया गया है। इसके अलावा छह सूत्रीय कार्ययोजना के तहत छतों पर निगरानी व्यवस्था और एक एकीकृत नियंत्रण केंद्र भी स्थापित किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस ने करीब चार लाख श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना के मद्देनजर व्यापक तैयारियां की हैं ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस महानिरीक्षक (सेंट्रल रेंज) सत्यजीत नाइक ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद बताया कि इस अवसर पर विशेष इकाइयों के सहयोग से पुलिस बल की 79 प्लाटूनों के साथ कई दक्ष इकाइयों तथा अधिकारियों को भी तैनात किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उन्नत सुरक्षा उपायों के तहत क्यूएटी, श्वान दस्ते, छतों पर निगरानी, एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) के माध्यम से निगरानी, दंगा-रोधी जांच और समुद्री सुरक्षा व्यवस्थाएं भी की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि पूरे उत्सव के दौरान सहायता केंद्र, पुलिस नियंत्रण कक्ष, चिकित्सा सहायता केंद्र व वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता सेवाएं लगातार चलती रहेंगी।
- नयी दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में साझा सीट आवंटन प्रणाली (सीएसएएस) के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के पंजीकरण का पहला चरण शुरू हो गया है। इस संबंध में 26 जून को जारी की गई एक अधिसूचना के अनुसार, जिन अभ्यर्थियों ने साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी-यूजी) 2026 में भाग लिया है और वे विश्वविद्यालय के कॉलेजों में दाखिला लेना चाहते हैं, वे सीएसएएस पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के 67 कॉलेजों में 73 स्नातक (यूजी) और 100 से अधिक बीए पाठ्यक्रमों में दाखिला केवल सीयूईटी-यूजी 2026 के अंकों के आधार पर मिलेगा। इसके लिए छात्रों को विश्वविद्यालय द्वारा तय की गई पाठ्यक्रम-विशिष्ट योग्यताएं पूरी करनी होंगी। विश्वविद्यालय के अनुसार, अभ्यर्थी केवल अपने सीयूईटी-यूजी 2026 के आवेदन नंबर का उपयोग करके सीएसएएस पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। एक नयी पहल के तहत, पोर्टल पर जानकारी भरने की गलतियों को कम करने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारत सरकार के 'एपीआई सेतु' के माध्यम से उम्मीदवार का नाम, जन्म तिथि, फोटो और हस्ताक्षर जैसे जरूरी विवरणों को स्वतः जोड़ दिया गया है। शुरुआती पंजीकरण पूरा करने के बाद, अभ्यर्थियों को सीएसएएस के दूसरे चरण में भाग लेना होगा। इसके दौरान उन्हें अपने पसंदीदा पाठ्यक्रमों और कॉलेज के विकल्पों के लिए अपनी प्राथमिकताएं चुननी होंगी। दूसरे चरण में अभ्यर्थियों को अपने सीयूईटी-यूजी प्रश्नपत्रों का मिलान 12वीं कक्षा में पढ़े गए विषयों से करना होगा। विश्वविद्यालय ने कहा कि पाठ्यक्रमों की पात्रता तय करने और अभ्यर्थियों के अंकों की गणना करते समय केवल उन्हीं भाषा और विषय आधारित सीयूईटी प्रश्नपत्रों पर विचार किया जाएगा, जिन विषयों को छात्र ने 12वीं कक्षा में पढ़ा और उत्तीर्ण किया है। अधिसूचना के अनुसार, दूसरे चरण की समय-सारणी जल्द जारी की जाएगी।
- छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई जबकि आठ अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, जिले के बैहर थाना क्षेत्र में हुई पहली घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि गढ़ी थाना क्षेत्र में हुई दूसरी घटना में एक महिला की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गयी। बैहर थाना प्रभारी जयंत मर्सकोल्हे ने बताया कि हवाई पट्टी बिरवा के समीप भमोड़ी गांव में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने से बिरवा निवासी सतीश वलके (19) और लक्की मेरावी (18) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि भमोड़ी निवासी झाम सिंह ताराम (34) ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया जबकि चार अन्य लोगों का बैहर अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस के अनुसार, गढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत खुर्सीपार के कोमो गांव में बिजली गिरने से नुंकाटोला निवासी चंद्रावती पुसाम (39) की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि इस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है।
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लखनऊ. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने अयोध्या स्थित राम मंदिर को प्राप्त दान से जुड़े कथित गबन के मामले के बाद अपना इस्तीफा दे दिया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। मंदिर ट्रस्ट की ओर से इसके कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि द्वारा प्रेस को दिए गए एक बयान में कहा गया है कि मंदिर ट्रस्ट अपनी अगली बैठक में इस मामले में निर्णय लेगा। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने राम मंदिर दान के गबन से जुड़े विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट के साथ-साथ विश्व हिंदू परिषद, जिसके राय उपाध्यक्ष हैं, ने भी इस खबर की पुष्टि की।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने राय और अन्य ट्रस्टी अनिल मिश्रा, दोनों के इस्तीफे के बारे में गिरि का पत्र पोस्ट किया, हालांकि राम मंदिर ट्रस्ट अपनी अगली बैठक में इस्तीफों पर फैसला करेगा। ट्रस्ट के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे के बारे में बंसल ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया, ''हां, इसकी पुष्टि हो गई है।'' प्रेस नोट में गोविंद देव गिरि ने कहा, "श्री राम मंदिर (अयोध्या) में पिछले कुछ दिनों में हमने जो घटनाएं सुनी हैं, उससे हम स्तब्ध, आहत और बहुत दुखी हैं। यहां सभी राम भक्तों और राम सेवकों के प्रतिनिधियों के रूप में सेवा करते हुए, हम भगवान राम के भक्तों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हम निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने यह भी कहा, ''श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा मिल गया है। ट्रस्ट अपनी अगली बैठक में इस पर फैसला करेगा।" उन्होंने कहा कि ट्रस्ट भगवान राम की सेवा में व्यक्तिगत रूप से चांदी की ईंटें, आभूषण आदि समर्पित करने वाले भक्तों को आश्वस्त करता है कि ये वस्तुएं सुरक्षित खाते (सुरक्षित हिसाब सहित) के साथ उपलब्ध हैं। मंदिर के दानपात्र से प्राप्त धन के संबंध में ट्रस्ट के अनुरोध पर उप्र सरकार द्वारा गठित एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और इस पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बयान में कहा गया, "हम सभी को आश्वस्त करते हैं कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति उत्पन्न न हो। हम मांग करते हैं कि दोषियों को कड़ी सजा मिले। हम असामाजिक, धर्म-विरोधी और स्वार्थी तत्वों द्वारा सनातन धर्म की छवि को धूमिल करने के प्रयासों को सफल नहीं होने देंगे।" बयान में लोगों से अनुरोध किया गया है कि फैलाई जा रही भ्रामक और निराधार अफवाहों से बचें और दूसरों को भी इनका शिकार न बनने दें। गोविंद देव गिरि ने बयान में कहा, "हमें विश्वास है कि बादल छंट जाएंगे, अंधकार दूर हो जाएगा, सूर्य का सत्य-प्रकाश चमकेगा और भगवान राम की भक्ति की प्रबल धारा निर्बाध रूप से बहती रहेगी। जय श्री राम।
गिरि की ओर से इस्तीफों को लेकर शनिवार को पुष्टि किए जाने से एक दिन पहले प्राथमिकी में नामित आठ लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा दान के गबन और कुप्रबंधन के बारे में चौंकाने वाले निष्कर्षों के बाद मंदिर ट्रस्ट द्वारा यह प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। गिरफ्तार किए गए लोगों में राय का एक पूर्व चालक भी शामिल है जिसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सूत्रों ने बताया कि आठ नामित आरोपियों में से कुछ के पास से लगभग 80 लाख रुपये के अलावा कुछ विदेशी मुद्रा भी बरामद की गई है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा सोमवार को पुनर्निर्मित आरोग्य सेतु ऐप की शुरुआत करेंगे। यह ऐप मूल रूप से कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन अब यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी को संपूर्ण रूप से प्रबंधित करने के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार का नया आरोग्य सेतु 2.0 नागरिकों को एक ही डिजिटल पोर्टल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने, अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी को प्रबंधित करने और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) सेवाओं को व्यापक रूप से अपनाने में मदद करेगा। कोरोना वायरस महामारी के दौरान इससे संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने, जोखिम के प्रति जागरुकता और नागरिक सहभागिता के लिए विकसित इस ऐप को बाद में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) को सौंप दिया गया, ताकि इसे भारत के डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था में लंबे समय तक एकीकृत किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, आरोग्य सेतु 2.0 को एबीडीएम के दृष्टिकोण के अनुरूप फिर से बनाया गया है और यह ऐप के लगभग 20 करोड़ डाउनलोड का उपयोग देश भर में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए करेगा। यह ऐप उपयोगकर्ताओं को अपना 'आभा' (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाने और प्रबंधित करने, स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंच और इसे सुरक्षित रखने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं पर डिजिटल पंजीकरण के लिए 'स्कैन एंड शेयर' सुविधा का उपयोग करने की अनुमति देगा। इसकी प्रमुख विशेषताओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार, यह नया मंच व्यक्तियों और परिवारों के लिए एक विश्वसनीय व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड के रूप में काम करेगा और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार को गति देगा। -
मलप्पुरम (केरल). केरल में लोगों को लावारिस हालत में मिले और सुरक्षित रखने के लिए करीपुर पुलिस थाने में जमा कराए गए करीब 64 ग्राम सोने के आभूषणों के कथित रूप से गायब होने के मामले की जांच शुरू कर दी गयी है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, राज्य विशेष शाखा से सूचना मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में एक टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोने की तीन चेन, दो बालियां, एक अंगूठी और एक कंगन लोगों को लावारिस हालत में मिले थे। इन्हें उनके वास्तविक मालिकों को लौटाने के उद्देश्य से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस थाने में जमा कराया गया था। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कुछ आभूषण करीपुर हवाई अड्डे पर यात्रियों को लावारिस अवस्था में मिले थे। इन्हें पुलिस थाने में रखी एक अलमारी में सुरक्षित रखा गया था। उन्होंने बताया कि जांच के तहत पुलिस थाने में लगे सीसीटीवी की फुटेज की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सकें कि आभूषण चोरी हुए हैं या नहीं। अधिकारियों ने बताया कि थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि डीएसपी जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट मलप्पुरम जिला पुलिस प्रमुख को सौंपेंगे।
- नई दिल्ली। उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत के तहत ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’(Operation Amistad underway) शुरू किया है। इस अभियान के माध्यम से भारत ने प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पहल की है। इसके लिए भारतीय सेना की एक विशेष मेडिकल टुकड़ी को वेनेजुएला रवाना किया गया ।भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय दल, भारतीय वायुसेना के दो विमानों से वेनेजुएला के लिए रवाना हुआ है। इनमें नौ अनुभवी सैन्य चिकित्सक भी शामिल हैं। यह दल वेनेजुएला के आपदा-प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, गंभीर रूप से घायल लोगों का उपचार, सर्जरी, ट्रॉमा प्रबंधन तथा प्रभावित लोगों को गहन चिकित्सा प्रदान करेगा।भारतीय सेना के अनुसार उनकी यह मेडिकल टीम अपने साथ लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और मानवीय राहत सामग्री लेकर गई है। इनमें भारत के आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत विकसित अत्याधुनिक भीष्म क्यूब भी शामिल है। यह एक मॉड्यूलर और तेजी से तैनात किया जा सकने वाला फील्ड अस्पताल है। यह एक ऐसा सिस्टम है जो आपदा प्रभावित क्षेत्रों में उन्नत ट्रॉमा केयर, आपातकालीन सर्जरी और गहन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है।इसी बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट किया कि ऑपरेशन अमिस्ताद जारी है। उन्होंने लिखा, ”भारतीय वायु सेना के दो सी-17 विमान भूकंप प्रभावित वेनेजुएला के राहत एवं बचाव प्रयासों में सहायता के लिए तत्काल राहत सामग्री लेकर रवाना हुए। इस सहायता में भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट के साथ 35 टन से अधिक राहत सामग्री, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। इसके अलावा दो भीष्म क्यूब भी भेजे गए हैं। भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला की सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़ा है तथा हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।”भीष्म क्यूब की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कम समय में स्थापित होकर लगभग 200 मरीजों तक को उपचार और जीवनरक्षक सुविधाएं प्रदान कर सकता है। इस प्रणाली ने भारत की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को नई मजबूती दी है। इसे दुनिया के विभिन्न संकटग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।भारत का यह मिशन केवल राहत सामग्री भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकट की घड़ी में मित्र देशों के साथ खड़े रहने की उसकी नीति का भी प्रतीक है। वेनेजुएला के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत इस संकट में मदद के लिए मौजूद है; हम आपके साथ हैं।ऑपरेशन अमिस्ताद भारत की उस मानवीय सोच को भी दर्शाता है, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ के सिद्धांत पर आधारित है। प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान सहायता पहुंचाने की भारत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह अभियान वैश्विक मानवता, करुणा और सहयोग के प्रति देश की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण बन गया है।वेनेजुएला में राहत एवं चिकित्सा सहायता का यह मिशन हजारों प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा। साथ ही साथ यह प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीय और जिम्मेदार मानवीय शक्ति की छवि को भी और मजबूत करेगा।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर, जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए 1-3 जुलाई, 2026 को नई दिल्ली की आधिकारिक यात्रा करेंगी। यह समिट दोनों पक्षों को द्विपक्षीय सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा करने और मजबूत करने के साथ-साथ परस्पर हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर देगा।यह प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत का पहला आधिकारिक दौरा होगा। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी अगस्त 2025 में जापान के दौरे पर पहुंचे थे, जहां वे 15वें भारत-जापान सालाना समिट में शामिल हुए। यह भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है।फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी ने हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में जीत पर जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची को बधाई दी थी। एक सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा था कि दोनों देशों के बीच स्पेशल स्ट्रेटेजिक और ग्लोबल पार्टनरशिप दुनिया भर में शांति, स्थिरता और खुशहाली बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि ताकाइची की काबिल लीडरशिप भारत-जापान दोस्ती को और ऊंचाइयों पर ले जाएगी।इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने अगस्त 2025 में टोक्यो में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ भारत-जापान आर्थिक मंच कार्यक्रम के दौरान शीर्ष उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी पर प्रकाश डाला और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए पांच-पॉइंट रोडमैप पेश किया।उन्होंने कहा अभी भारत-जापान बिजनेस फोरम की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें कंपनियों के बीच हुई बिजनेस डील का विस्तार से वर्णन दिया गया है। इस प्रगति के लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।दो दिवसीय जापान दौरे पर पीएम मोदी ने प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के एक समूह के साथ एक बैठक की। इस दौरान भारत और जापान के बीच मजबूत और मैत्रीपूर्ण संबंधों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, उन्होंने टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के राज्यपालों से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने से संबंधित कई समझौते पर मुहर लगी।पीएम मोदी ने जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ मियागी प्रांत के सेंडाई शहर का दौरा किया था। इस दौरान दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड (टीईएल मियागी) का दौरा किया। कारखाने में उन्हें टीईएल की वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में भूमिका, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और भारत के साथ वर्तमान व भविष्य के सहयोग के बारे में जानकारी दी गई थी।



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