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मुंबई. मुंबई में गणेश मंडलों ने 18 सितंबर से शुरू होने वाले गणपति उत्सव के लिए अपने पंडालों की थीम तैयार कर ली है, जिसमें चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण और अयोध्या में बन रहा राम मंदिर भी शामिल है। मुंबई 10 दिवसीय उत्सव के लिए तैयार है, जिसका समापन 28 सितंबर को होगा। इस वर्ष लोगों को कई शानदार थीम देखने को मिलेंगी, क्योंकि शहर के गणपति मंडल अपने पंडालों के लिए आकर्षक विषयों पर काम कर रहे हैं। इस बार चंद्रयान -3 के प्रक्षेपण, अयोध्या राम मंदिर और मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक की 350वीं वर्षगांठ की थीम देखने को मिलेगी। शहर के बड़े मंडल इन्हें प्रदर्शित करेंगे। इस बीच, जीएसबी सेवा मंडल के 'महागणपति' इस साल 66.5 किलोग्राम सोने के आभूषणों, 295 किलोग्राम से अधिक चांदी के साथ-साथ अन्य कीमती वस्तुओं से जगमगाएगा। महागणपति संभवतः भारत की सबसे अमीर मूर्ति के रूप में प्रसिद्ध हैं और इसकी साज-सज्जा के भव्य तरीके के कारण यह शहर में हमेशा चर्चा में रहता है। जीएसबी सेवा मंडल के एक प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि शहर के पूर्वी हिस्से में किंग्स सर्कल में स्थित मंडल अपनी 69वीं वर्षगांठ मना रहा है और सुरक्षा व्यवस्था के तहत चेहरे की पहचान करने वाले कैमरों की स्थापना पहली बार की जा रही है। उन्होंने बताया, “मंडल ने इस साल 360.40 करोड़ रुपये का बीमा कवर लिया है। भक्तों के लिए आयोजकों ने क्यूआर कोड और डिजिटल लाइव प्रसारण की व्यवस्था की है।
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-प्रधानमंत्री ने लोकसभा में संसद के विशेष सत्र को संबोधित किया
- “आज भारत की 75 वर्षों की संसदीय यात्रा का पुनः स्मरण करने का अवसर है”-“हम भले ही नए भवन में शिफ्ट हो रहे हैं लेकिन यह भवन आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा क्योंकि यह भारतीय लोकतंत्र की यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है”- “अमृत काल की प्रथम प्रभा का प्रकाश, राष्ट्र में एक नया विश्वास, नया आत्मविश्वास भर रहा है”- “भारत इस बात के लिए गर्व करेगा कि जब भारत जी-20 का अध्यक्ष रहा, तब अफ्रीकन यूनियन इसका सदस्य बना”-“जी-20 के दौरान भारत 'विश्व मित्र' के रूप में उभरा”- “सदन का समावेशी माहौल पूरी शक्ति के साथ जन-आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करता रहा है”- “75 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि देश के जन सामान्य का हमारी संसद पर विश्वास बढ़ता ही गया है”- “संसद पर आतंकी हमला, सिर्फ लोकतंत्र पर ही नहीं, बल्कि हमारी आत्मा पर हमला था”- भारतीय लोकतंत्र के तमाम उतार-चढ़ाव देखने वाला हमारा यह सदन जनविश्वास का केंद्र बिंदु रहा है”नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज लोकसभा में संसद के विशेष सत्र को संबोधित किया। विशेष सत्र 18 से 22 सितंबर, 2023 तक आयोजित किया जा रहा है।सदन को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कार्यवाही को हाल में उद्घाटन किए गए भवन में स्थानांतरित करने से पहले भारत की 75 वर्षों की संसदीय यात्रा का पुनः स्मरण करने का अवसर है। पुराने संसद भवन के बारे में चर्चा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भवन भारत की स्वतंत्रता से पहले इम्पीरियल लेजिस्लेटिव कॉउन्सिल के रूप में कार्य करता था और स्वतंत्रता के बाद इसे भारत की संसद के रूप में मान्यता दी गई थी। उन्होंने बताया कि भले ही इस इमारत के निर्माण का निर्णय विदेशी शासकों द्वारा किया गया था, लेकिन यह भारतीयों द्वारा की गई कड़ी मेहनत, समर्पण और धन से विकसित हुआ। श्री मोदी ने कहा, 75 साल की यात्रा में इस सदन ने सर्वोत्तम परंपराएं और प्रथाएं बनाई हैं, जिसमें सभी का योगदान रहा है और सभी इसके साक्षी हैं। उन्होंने कहा, “हम भले ही नए भवन में शिफ्ट हो रहे हैं लेकिन यह भवन आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देती रहेगी। चूंकि यह भारतीय लोकतंत्र की यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय है।”प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत काल की प्रथम प्रभा का प्रकाश, राष्ट्र में एक नया विश्वास, नया आत्मविश्वास भर रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत और भारतीयों की उपलब्धियों पर चर्चा कर रही है। उन्होंने कहा, "यह हमारे 75 साल के संसदीय इतिहास के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।”चंद्रयान 3 की सफलता का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह भारत की क्षमताओं का एक और आयाम सामने लाता है जो आधुनिकता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और हमारे वैज्ञानिकों के कौशल और 140 करोड़ भारतीयों की ताकत से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों को उनकी उपलब्धि के लिए सदन और राष्ट्र की ओर से बधाई दी।प्रधानमंत्री ने याद किया कि कैसे सदन ने अतीत में गुटनिरपेक्ष आंदोलन के शिखर सम्मेलन के समय देश के प्रयासों की सराहना की थी और अध्यक्ष द्वारा जी-20 की सफलता की स्वीकृति के लिए आभार व्यक्त किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-20 की सफलता 140 करोड़ भारतीयों की है, किसी व्यक्ति विशेष या पार्टी की नहीं। उन्होंने भारत में 60 से अधिक स्थानों पर 200 से अधिक आयोजनों की सफलता को, भारत की विविधता की सफलता की अभिव्यक्ति के रूप में चिन्हित किया। उन्होंने समावेशन के भावनात्मक क्षण को याद करते हुए कहा, “भारत इस बात के लिए गर्व करेगा कि जब भारत जी-20 का अध्यक्ष रहा, तब अफ्रीकन यूनियन इसका सदस्य बना।”भारत की क्षमताओं के बारे में संदेह पैदा करने की कुछ लोगों की नकारात्मक प्रवृत्ति की ओर इशारा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जी-20 घोषणापत्र के लिए सर्वसम्मति और भविष्य के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया। इस बात पर जोर देते हुए कि भारत की जी-20 अध्यक्षता नवंबर के अंतिम दिन तक है, और राष्ट्र इसका पूरा उपयोग करने का इरादा रखता है, प्रधानमंत्री ने अपनी अध्यक्षता में पी-20 शिखर सम्मेलन (संसदीय 20) आयोजित करने के अध्यक्ष के संकल्प का समर्थन किया।उन्होंने कहा, “यह सभी के लिए गर्व की बात है कि भारत ने 'विश्व मित्र' के रूप में अपनी जगह बनाई है और पूरी दुनिया भारत को एक मित्र के रूप में देख रही है। उसका कारण वेदों से लेकर विवेकानन्द तक से मिले हमारे संस्कार हैं। सबका साथ सबका विकास का मंत्र हमें दुनिया को अपने साथ लाने के लिए एकजुट कर रहा है।”एक नए घर में स्थानांतरित होने वाले परिवार की उपमा देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि पुराने संसद भवन को विदाई देना एक बहुत ही भावनात्मक क्षण है। उन्होंने इन सभी वर्षों में सदन द्वारा देखी गई विभिन्न मनोभावों पर विचार करते हुए कहा कि ये यादें सदन के सभी सदस्यों की संरक्षित विरासत हैं। उन्होंने कहा, “इसका गौरव भी हमारा है।” उन्होंने कहा कि इस संसद भवन के 75 साल के इतिहास में देश ने नए भारत के निर्माण से जुड़ी अनगिनत घटनाएं देखी हैं और आज का दिन भारत के आम नागरिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है।प्रधानमंत्री ने उस दिन को याद किया जब पहली बार सांसद के रूप में वे संसद आये थे और भवन को नमन किया था। उन्होंने कहा कि यह एक भावनात्मक क्षण था और वह इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते थे। उन्होंने यह भी कहा, “यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है कि एक गरीब बच्चा जो रेलवे स्टेशन पर आजीविका कमाता था वह संसद तक पहुंच गया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि देश मुझे इतना प्यार, सम्मान और आशीर्वाद देगा।”प्रधानमंत्री ने संसद के गेट पर अंकित उपनिषद वाक्य का हवाला देते हुए कहा कि संतों ने कहा है कि लोगों के लिए दरवाजे खोलो और गौर करो कि उन्हें उनका अधिकार कैसे मिलता है। श्री मोदी ने कहा कि सदन के वर्तमान और पूर्व सदस्य इस कथन की सत्यता के गवाह हैं।प्रधानमंत्री ने समय के साथ सदन की बदलती संरचना पर प्रकाश डाला क्योंकि यह अधिक समावेशी हो गया और समाज के सभी वर्गों के प्रतिनिधि सदन में आने लगे। उन्होंने कहा, ''समावेशी माहौल लोगों की आकांक्षाओं को पूरी शक्ति से प्रकट करता रहा है।'' प्रधानमंत्री ने महिला सांसदों के योगदान के बारे में बताया कि इससे सदन की गरिमा बढ़ाने में मदद मिली है।मोटे तौर पर अनुमान लगाते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों सदनों में 7500 से अधिक जन प्रतिनिधियों ने सेवा की है, जहां महिला प्रतिनिधियों की संख्या लगभग 600 रही है। उन्होंने यह भी बताया कि श्री इंद्रजीत गुप्ता जी ने इस सदन में लगभग 43 वर्षों तक सेवा की है, और श्री शफीकुर रहमान ने 93 साल की उम्र में सेवा की। उन्होंने सुश्री चंद्रानी मुर्मु का भी जिक्र किया जो 25 वर्ष की कम उम्र में सदन के लिए चुनी गईं थीं।प्रधानमंत्री ने तर्क-वितर्क और कटाक्ष के बावजूद सदन में परिवार की भावना का जिक्र किया और इसे सदन का प्रमुख गुण बताया क्योंकि कड़वाहट कभी नहीं टिकती। उन्होंने यह भी याद किया कि कैसे, गंभीर बीमारियों के बावजूद, सदस्य महामारी के कठिन समय सहित अपने कर्तव्यों का पालन करने के लिए सदन में आए।एक ही सदन में 2 साल और 11 महीने तक संविधान सभा की बैठकों और संविधान को अपनाने और लागू करने के दिनों का स्मरण करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि “75 वर्षों में सबसे बड़ी उपलब्धि साधारण व्यक्ति का उनकी संसद में बढ़ता विश्वास रहा है।” उन्होंने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. कलाम से लेकर श्री रामनाथ कोविन्द और श्रीमती द्रौपदी मुर्मु तक विभिन्न राष्ट्रपतियों के अभिभाषण से सदन लाभान्वित हुआ है।प्रधानमंत्री ने पंडित नेहरू और लाल बहादुर शास्त्री से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के समय का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने नेतृत्व में देश को नई दिशा दी है और आज उनकी उपलब्धियों को सामने लाने का अवसर है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल, राम मनोहर लोहिया, चंद्र शेखर, लाल कृष्ण आडवाणी और अन्य लोगों का भी जिक्र किया जिन्होंने सदन में सार्थक चर्चा की और आम नागरिकों की आवाज को अभिव्यक्ति दी। श्री मोदी ने सदन में विभिन्न विदेशी नेताओं के संबोधन को भी याद किया जो देश के प्रति उनके सम्मान को प्रदर्शित करता है।उन्होंने पीड़ा के उन क्षणों को भी याद किया जब देश ने तीन पदासीन प्रधानमंत्रियों - नेहरू जी, शास्त्री जी और इंदिरा जी को खो दिया था।प्रधानमंत्री ने कई चुनौतियों के बावजूद वक्ताओं द्वारा सदन के कुशल संचालन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने निर्णयों में संदर्भ बिंदु बनाए। उन्होंने याद किया कि श्री गणेश वासुदेव मावलंकर से श्रीमती सुमित्रा महाजन और श्री ओम बिड़ला तक 2 महिलाओं सहित 17 अध्यक्षों ने सभी को साथ लेकर, सदन की कार्रवाई को सुनियोजित ढंग से चलाने में योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने संसद के कर्मचारियों के सराहनीय योगदान को य़ाद किया।प्रधानमंत्री ने संसद पर हुए आतंकी हमले को याद करते हुए कहा कि यह इमारत पर हमला नहीं बल्कि लोकतंत्र की जननी पर हमला था। प्रधानमंत्री ने कहा, "यह भारत की आत्मा पर हमला था।" प्रधानमंत्री ने उन वीरों के योगदान को स्वीकार किया जो अपने सदस्यों की रक्षा के लिए आतंकवादियों और सदन के बीच अटल खड़े थे उन्होंने संसद की रक्षा में जान न्यौछावर करने वाले बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।प्रधानमंत्री ने उन पत्रकारों को भी याद किया जिन्होंने नवीनतम तकनीक के उपयोग के बिना भी संसद की कार्यवाही की रिपोर्टिंग के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि पुरानी संसद को विदा कहना उनके लिए और भी कठिन काम होगा क्योंकि वे संसद से एक सदस्य के रूप में ही नहीं बल्कि इस प्रतिष्ठान से भावात्मक रूप से जुड़े हुए हैं।नाद ब्रह्म के अनुष्ठान पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी स्थान अपने आसपास के क्षेत्र में निरंतर मंत्रोंच्चार से तीर्थ स्थली के रूप में परिवर्तित हो जाता है, प्रधानमंत्री ने कहा कि 7500 प्रतिनिधियों की गूंज ने संसद को तीर्थस्थल के रूप में बदल दिया है, भले ही यहां चर्चाएं बंद हो जाएं।प्रधानमंत्री ने कहा, "संसद वह स्थल है जहां भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने अपनी शौर्य और साहस से अंग्रेजों में दहशत पैदा कर दी थी।" उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के 'स्ट्रोक ऑफ मिडनाइट' की गूंज भारत के प्रत्येक नागरिक को प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध भाषण को भी याद किया और कहा, “सरकारें आएंगी और जाएंगी। पार्टियां तो बनेंगी और टूटेंगी। यह देश बचना चाहिए, इसका लोकतंत्र बचना चाहिए”।पहली मंत्रिपरिषद का स्मरण करते हुए, श्री मोदी ने याद किया कि कैसे बाबा साहेब अम्बेडकर ने दुनिया भर की सर्वोत्तम प्रथाओं को शामिल किया था। उन्होंने नेहरू मंत्रिमंडल में बाबा साहेब द्वारा निर्मित उत्कृष्ट जल नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने दलितों के सशक्तिकरण के लिए औद्योगीकरण पर बल दिया। उन्होंने इस बात का भी स्मरण किया कि कैसे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पहले उद्योग मंत्री के रूप में पहली औद्योगिक नीति लाए थे।प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में ही लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 के युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों के उत्साह को बढ़ाया था। उन्होंने शास्त्री जी द्वारा रखी गई हरित क्रांति को भी याद किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई भी श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में इसी सदन का परिणाम थी। उन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र पर हमले और आपातकाल हटने के बाद लोगों की शक्ति के फिर से उभरने का भी स्मरण किया।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण विकास मंत्रालय के गठन को याद किय। प्रधानमंत्री ने कहा, "मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 इसी सदन की विशेषता रही।" उन्होंने कहा कि उस समय पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में नई आर्थिक नीतियों और उपायों को अपनाया गया जब देश आर्थिक संकट से जूझ रहा था। उन्होंने अटल जी द्वारा शुरू किए गए 'सर्व शिक्षा अभियान', जनजातीय मामलों के मंत्रालय के गठन और परमाणु युग के आविर्भाव के बारे में भी बात की। श्री मोदी ने 'वोट के बदले नोट' घोटाले का भी जिक्र किया।दशकों से लंबित ऐतिहासिक फैसलों को मंजूरी देने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 370, जीएसटी, वन रैंक वन पेंशन और गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा उठाया।प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सदन लोगों के विश्वास का साक्षी है और लोकतंत्र के उतार-चढ़ाव के बीच उस विश्वास का केंद्रबिन्दु रहा है। उन्होंने उस समय को भी याद किया जब अटल बिहारी सरकार एक वोट से गिर गई थी। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से पार्टियों के उद्भव होने को आकर्षण के एक केंद्र बिंदु के रूप में बताया।प्रधानमंत्री ने अटल जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड सहित 3 नए राज्यों के गठन पर भी प्रकाश डाला और तेलंगाना के गठन में सत्ता हथियाने के प्रयासों पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में उत्सवों का आयोजन नहीं किया गया क्योंकि विभाजन दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया था।श्री मोदी ने याद किया कि कैसे संविधान सभा ने अपना दैनिक भत्ता कम कर दिया था और कैसे सदन ने अपने सदस्यों के लिए कैंटीन सब्सिडी समाप्त कर दी थी। इसके अतिरिक्त, संसद सदस्यों ने अपनी संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना निधि से महामारी के दौरान देश की मदद की और वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती की। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह सदस्यों ने जन प्रतिनिधित्व कानून में बदलाव लाकर खुद को अनुशासित किया।प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि सदन के वर्तमान सदस्य बेहद भाग्यशाली हैं क्योंकि उन्हें अतीत को भविष्य के साथ जोड़ने का अवसर मिला है। वे कल पुरानी इमारत को विदाई देंगे। श्री मोदी ने कहा, "आज का अवसर उन 7500 प्रतिनिधियों के लिए गौरवान्वित क्षण है जिन्होंने संसद दीर्घा से प्रेरणा हासिल की है।"संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सदस्य बड़े जोश और उत्साह के साथ नए भवन में पदार्पण करेंगे। उन्होंने ऐतिहासिक क्षणों का स्मरण करने का अवसर प्रदान करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को धन्यवाद दिया। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांतिनिकेतन को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किये जाने पर देशवासियों को बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है। श्री मोदी ने कहा कि शांतिनिकेतन गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के दृष्टिकोण और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के शांतिनिकेतन को कल यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित रविन्द्र नाथ टैगोर के पिता महाऋषि देबेन्द्रनाथ टैगोर ने 1901 में इसकी स्थापना की थी। यह प्राचीन भारतीय पंरपराओं पर आधारित एक आवासीय विद्यालय और कला केन्द्र है। शान्तिनिकेतन धार्मिक और सांस्कृतिक विरोधाभासों से परे मानवता की एकता का दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। मानवता की एकता या विश्व भारती को मान्यता देते हुए 1921 में शांतिनिकेतन में एक वैश्विक विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। -
नई दिल्ली। संसद का पांच दिन का विशेष सत्र आज से शुरू हो रहा है। संसदीय कार्यवाही आज सामान्य रूप से पुराने भवन में होगी और कल से नये संसद भवन में शुरू हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष 28 मई को नये संसद भवन का उद्घाटन किया था। विशेष सत्र से पहले सरकार ने कल सदन नेताओं की सर्वदलीय बैठक बुलाई। लोकसभा में सदन के उपनेता, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व किया।
कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ. ब्रायन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव और राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा सहित विपक्षी दलों के अनेक नेता बैठक में उपस्थित थे। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीडिया को बताया कि बैठक में 34 दलों के नेता शामिल हुए और सरकार ने सुचारू सत्र के लिए सभी दलों का सहयोग मांगा।अनेक विपक्षी दलों ने सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पारित किए जाने की जोरदार वकालत की। यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान करता है। बैठक में नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में हाल की मुठभेड़ में शहीद होने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने नये संसद भवन के गज द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश भी इस अवसर पर मौजूद थे। - नयी दिल्ली । देश की पवित्र विधायिका के रूप में अपना दर्जा जल्द ही नए परिसर को सौंपने वाला पुराना संसद भवन 96 वर्ष से अधिक समय तक कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम और भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का साक्षी रहा। पुराने संसद भवन का उद्धाटन तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन ने 18 जनवरी, 1927 को किया था। इस इमारत ने औपनिवेशिक शासन, द्वितीय विश्व युद्ध, स्वतंत्रता की सुबह, संविधान को अंगीकार किए जाते और कई विधेयकों को पारित होते देखा, जिनमें से कई ऐतिहासिक एवं कई विवादित रहे।संसद के 18 सितंबर से शुरू होने वाले पांच दिन के विशेष सत्र के दौरान पहले दिन संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा होगी।विशेष सत्र की शुरुआत पुराने संसद भवन से होगी और अगले दिन कार्यवाही नए भवन में होने की संभावना है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 मई को नए संसद परिसर का उद्घाटन किया था और आशा व्यक्त की थी कि नया भवन सशक्तीकरण, सपनों को प्रज्वलित करने और उन्हें वास्तविकता में बदलने का उद्गम स्थल बनेगा। उद्घाटन के समय कई सांसदों और मशहूर हस्तियों सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने नए परिसर के निर्माण की प्रशंसा की थी।विधायी कामकाज के नए अत्याधुनिक भवन में स्थानांतरित होते ही भारत कई मायनों में इतिहास का एक पन्ना पलटेगा।इतिहासकार और वास्तुकार, पुरानी इमारत को ‘‘भारत के इतिहास और इसके लोकतांत्रिक लोकाचार के केंद्र’’ और दिल्ली के ‘‘वास्तुशिल्प आभूषण’’ के रूप में वर्णित करते हैं।पहली मंजिल पर लाल बलुआ पत्थर के 144 स्तंभ वाला गोलाकार पुराना संसद भवन वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना है। पुरानी इमारत का उस समय बहुत धूमधाम से उद्घाटन किया गया था, जब ब्रितानी राज की नयी शाही राजधानी – नयी दिल्ली – का रायसीना हिल क्षेत्र में निर्माण किया जा रहा था।अभिलेखीय दस्तावेजों और दुर्लभ पुरानी तस्वीरों के अनुसार, इस भव्य इमारत के उद्घाटन के लिए 18 जनवरी, 1927 को एक भव्य आयोजन किया गया था। उस समय इसे ‘काउंसिल हाउस’ के रूप में जाना जाता था।कुल 560 फुट के व्यास और एक-तिहाई मील की परिधि वाली इस इमारत को सर हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था, जिन्हें सर एडविन लुटियंस के साथ रायसीना हिल क्षेत्र में नई शाही राजधानी को डिजाइन करने के लिए चुना गया था।‘न्यू डेल्ही – मेकिंग ऑफ ए कैपिटल’ पुस्तक के अनुसार, लॉर्ड इरविन अपनी गाड़ी में ‘ग्रेट प्लेस’ (अब विजय चौक) पहुंचे थे और फिर उन्होंने ‘‘सर हर्बर्ट बेकर द्वारा उन्हें सौंपी गई सुनहरी चाबी से ‘काउंसिल हाउस’ का दरवाजा खोला था।’’उस समय घरेलू और विदेशी मीडिया में संसद भवन के उद्घाटन ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं।लगभग छह एकड़ क्षेत्र में फैली यह विशाल इमारत दुनिया की सबसे विशिष्ट संसद भवनों में से एक है और व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त संरचनाओं में शामिल है। इस भवन में संसद की पिछली बैठक अगस्त में मानसून सत्र के दौरान हुई थी। यह सत्र 11 अगस्त को समाप्त हुआ। इस दौरान 23 दिन में 17 बैठक हुईं।प्रसिद्ध वास्तुकार और शहरी योजनाकार ए जी के मेनन ने कहा, ‘‘संसद भवन सिर्फ एक प्रतिष्ठित इमारत नहीं है, यह इतिहास और हमारे लोकतंत्र का भंडार है।’’उन्होंने कहा कि सरकार ने भविष्य में जगह की अधिक आवश्यकता का हवाला देते हुए नया परिसर बनाया और कहा कि यह ‘सेंट्रल विस्टा’ पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है।उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, सवाल यह है कि क्या वास्तव में इसकी आवश्यकता थी? क्या हम इस पर विचार-विमर्श नहीं कर सकते थे, पुरानी संसद (भवन) में सुविधाओं में सुधार के तरीके नहीं ढूंढ सकते थे और इसमें लोकतंत्र की परंपरा को जारी नहीं रख सकते थे, जिसका यह भवन प्रतीक है? इस तरह की परियोजना के साथ आगे बढ़ने से पहले व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए था।’’मेनन ने कहा कि इस ऐतिहासिक इमारत ने देश में आजादी का सवेरा होते देखा, इसके कक्षों ने 15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक ‘ट्राइस्ट विद डेस्टिनी’ (नियति से साक्षात्कार) भाषण की गूंज सुनी और यहां संविधान सभा की बैठक हुई, उस पर चर्चा हुई और संविधान को पारित किया गया।संविधान सभा की मसौदा समिति का हिस्सा रहे दिवंगत केवल कृष्ण के बेटे अनिल कृष्ण (74) ने कहा, ‘‘मैं बचपन में अपने पिता के साथ संसद गया था। जो दो स्थान मुझे अच्छी तरह याद हैं, वे हैं मेरे पिता का कार्यालय और संसद कैंटीन।’’जब ‘संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख’ पर चर्चा होगी, तो उसी के साथ पुराना संसद भवन भी देश की पवित्र विधायिका के स्थान के रूप में अपना वर्षों पुराना दर्जा नए भवन को सौंप देगा।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज यशोभूमि द्वारका सेक्टर 25 में, द्वारका सेक्टर 21 से 'यशोभूमि द्वारका सेक्टर 25' स्टेशन तक एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन के विस्तार का उद्घाटन किया। नए मेट्रो स्टेशन में तीन सबवे होंगे – स्टेशन को प्रदर्शनी हॉल, कन्वेंशन सेंटर और सेंट्रल एरिना से जोड़ने वाला 735 मीटर लंबा सबवे; द्वारका एक्सप्रेसवे में प्रवेश/निकास को जोड़ने वाला दूसरा सबवे; जबकि तीसरा सबवे मेट्रो स्टेशन को 'यशोभूमि' के भावी प्रदर्शनी हॉल के फ़ोयर से जोड़ता है।दिल्ली मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर मेट्रो ट्रेनों की परिचालन गति को 90 से बढ़ाकर 120 किमी/घंटा करेगी, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी। 'नई दिल्ली' से 'यशोभूमि द्वारका सेक्टर 25' तक की यात्रा में लगभग 21 मिनट लगेंगे।प्रधानमंत्री धौला कुआं मेट्रो स्टेशन से मेट्रो के जरिए यशोभूमि द्वारका सेक्टर 25 मेट्रो स्टेशन पहुंचे।प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर पोस्ट किया:“दिल्ली मेट्रो में सभी मुस्कुराए! प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर के चरण-1 का उद्घाटन करने के लिए द्वारका की अपनी यात्रा के दौरान विभिन्न वर्गों के लोगों से बातचीत की।”प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया:"द्वारका और वहां से वापसी के मेट्रो के यादगार सफर को विभिन्न वर्गों के अद्भुत सह-यात्रियों ने और भी खास बना दिया।"
- नयी दिल्ली ।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना की शुरुआत की और इसके तहत कारीगरों व शिल्पकारों को तीन लाख रुपये तक कर्ज उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि सबको सम्मान का जीवन देना तथा सभी को सुविधा पहुंचाना ‘मोदी की गारंटी’ है।यहां नवनिर्मित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर ‘यशोभूमि’ में देशभर के कारीगरों व शिल्पकारों को प्रधानमंत्री ने ‘विश्वकर्मा’ कहकर संबोधित किया और कहा कि जैसे शरीर में रीढ़ की हड्डी की भूमिका होती है वैसे ही ‘विश्वकर्मा’ लोगों की समाज के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है।उन्होंने कहा, ‘‘उनके बगैर रोजमर्रा की जिंदगी की कल्पना भी मुश्किल है। यह योजना उन लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के लिए आशा की किरण है जो हाथों और औजारों से काम करते हैं।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि लोहार हो या दर्जी या कोई अन्य कारीगर, इनकी अहमियत कभी खत्म नहीं होने वाली है। उन्होंने कहा कि दुनिया कितनी भी आगे बढ़ जाए और प्रौद्योगिकी कहीं भी पहुंच जाए लेकिन इनकी भूमिका हमेशा बरकरार रहेगी क्योंकि फ्रिज के जमाने में भी लोग सुराही का पानी पीना पसंद करते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए आज समय की मांग है कि इन विश्वकर्मा साथियों को पहचाना जाए और उन्हें हर तरीके से समर्थन दिया जाए। हमारी सरकार अपने विश्वकर्मा भाई-बहनों को उनका सम्मान, सामर्थ्य और समृद्धि बढ़ाने के लिए एक सहयोगी बनकर आई है।’’इस योजना के अंतर्गत 18 विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कारीगरों और शिल्पकारों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ‘पीएम विश्वकर्म’ योजना पर अभी 13,000 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है।मोदी ने कहा, ‘‘जब बैंक आपसे गारंटी नहीं मांगता है तो आपकी गारंटी मोदी देता है। बिना गारंटी मांगे तीन लाख रुपये तक का आपको कर्ज मिलेगा और यह भी सुनिश्चित किया गया है कि इस कर्ज का ब्याज बहुत ही कम रहे।’’उन्होंने कहा कि आज देश में एक ऐसी सरकार है जो वंचितों को वरीयता देती है और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना के तहत हर जिले के विशेष उत्पादों को बढ़ावा दे रही है।मोदी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने ही पहली बार रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम सम्मान निधि के साथ मदद की है। आजादी के बाद पहली बार बंजारा और घुमंतू जनजातियों की परवाह की गई है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जिसे कोई नहीं पूछता, गरीब का यह बेटा मोदी उसका सेवक बनकर आया है। सबको सम्मान का जीवन देना, सभी तक सुविधा पहुंचाना यह मोदी की गारंटी है।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन में आए विश्व के नेताओं को ‘विश्वकर्मा’ लोगों के हाथों से बने सामान भेंट किए गए जो कि स्थानीय सामान को बढ़ावा देने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है।उन्होंने देशावासियों से अपील करते हुए कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ के प्रति समर्पण सभी का, पूरे देश का दायित्व है।उन्होंने कहा, ‘‘लोकल के लिए वोकल बनना पड़ेगा और फिर लोकल को ग्लोबल करना पड़ेगा। अब अनेक त्योहार आने वाले हैं। मैं सभी देशवासियों से लोकल खरीदने का आग्रह करूंगा।’’प्रधानमंत्री ने इससे पहले इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर ‘यशोभूमि’ के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित किया और दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस लाइन पर द्वारका सेक्टर 21 से सेक्टर 25 तक के विस्तार का भी उद्घाटन किया।उन्होंने ‘यशोभूमि’ को देश के प्रत्येक श्रमिक और प्रत्येक विश्वकर्मा को समर्पित किया तथा कहा कि विश्वकर्मा हजारों वर्षों से भारत की समृद्धि के मूल में रहे हैं।उन्होंने कहा, ‘‘प्रशिक्षण, प्रौद्योगिकी और उपकरण हमारे कारीगरों के लिए महत्वपूर्ण हैं।’’‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना का उद्देश्य न केवल देशभर के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से समर्थन देना है, बल्कि स्थानीय उत्पादों, कला और शिल्प के माध्यम से सदियों पुरानी परंपरा, संस्कृति तथा विविध विरासत को जीवित और समृद्ध रखना भी है। ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ में 18 पारंपरिक शिल्प-कलाओं को शामिल किया गया है।केंद्र सरकार ने ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना को शुरू करने की घोषणा केंद्रीय बजट 2023-24 में की थी। इस योजना के लिए वित्त वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2027-28 तक वित्तीय परिव्यय 13,000 करोड़ रुपये रखा गया है।इसके तहत, ‘विश्वकर्मा’ (कारीगरों व शिल्पकारों) को बायोमेट्रिक आधारित ‘पीएम विश्वकर्मा पोर्टल’ का उपयोग करके सामान्य सेवा केंद्रों के माध्यम से नि:शुल्क पंजीकृत किया जाएगा।उन्हें पीएम विश्वकर्मा प्रमाणपत्र और पहचान पत्र के माध्यम से मान्यता प्रदान की जाएगी और कौशल उन्नयन के लिए बुनियादी तथा उन्नत प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।यशोभूमि पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने इस केंद्र का मुआयना भी किया। ‘यशोभूमि’ में विश्वस्तरीय बैठक, सम्मेलन और प्रदर्शनियों की मेजबानी की जा सकेगी।
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नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि ''एक राष्ट्र एक चुनाव'' समिति की पहली बैठक इस महीने की 23 तारीख को होगी। पूर्व राष्ट्रपति ने ओडिसा की राजधानी भुवनेश्वर में एक निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं को यह जानकारी दी।
यह समिति लोकसभा, विधानसभाओं, नगर निकायों और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की संभावनाओं पर विचार के बाद अपनी सिफारिशें देगी। सरकार ने इस महिने की दो तारीख को श्री कोविंद की अध्यक्षता वाली 8 सदस्यीय समिति के संबंध में अधिसूचना जारी की थी। इस समिति के सदस्यों में केन्द्रिय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस के लोकसभा में नेता अधीर रंजन चौधरी, राज्यसभा के पूर्व नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद, 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एन के सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप, वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और पूर्व मुख्य सर्तकता आयुक्त संजय कोठारी शामिल हैं। विधि राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में हिस्सा लेंगे। -
नई दिल्ली। सरकार ने संसद के विशेष सत्र से पहले आज शाम सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसद का पांच दिन का विशेष सत्र कल से शुरू होगा।उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड आज नये संसद भवन पर गजद्वार के ऊपर ध्वजारोहण करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा में संविधान सभा की बैठक से लेकर 75 वर्ष की संसदीय यात्रा पर चर्चा होगी। सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित विधेयक संसद सत्र में चर्चा के लिए सूची बद्ध किया है। इसके अलावा अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक तथा प्रेस और आवधिक पंजीकरण विधेयक तथा डाकघर विधेयक सत्र के दौरान चर्चा के लिए सूचीबद्ध हैं। अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक तथा प्रेस और आवधिक पंजीकरण विधेयक राज्यसभा से पारित हो चुके हैं और लोकसभा में विचाराधीन हैं। डाकघर विधेयक तथा मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) विधेयक राज्यसभा में पहले ही पेश किये जा चुके हैं।
- नयी दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 73वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ शुरू करते हुए समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाएगी और देशभर में विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन करेगी। यह कवायद महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर तक जारी रहेगी। प्रधानमंत्री स्वयं अपने जन्मदिन पर कई विकास पहलों के शुभारंभ का हिस्सा होंगे।रविवार को ‘विश्वकर्मा जयंती’ भी है और मोदी अपनी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना, ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा’ की शुरुआत करेंगे, जिसका उद्देश्य कारीगरों, शिल्पकारों और पारंपरिक कौशल में लगे अन्य लोगों की मदद करना है।चूंकि इन पारंपरिक व्यवसायों में लगे लोग मोटे तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग से आते हैं, इसलिए 13,000 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना को सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस वर्ग तक पहुंच बनाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है।मोदी का द्वारका में यशोभूमि नामक इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर (आईआईसीसी) के पहले चरण और दिल्ली मेट्रो के एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के विस्तारित खंड का भी रविवार को उद्घाटन करने का कार्यक्रम है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तारित खंड द्वारका सेक्टर 21 स्टेशन को द्वारका सेक्टर 25 से जोड़ेगा।अधिकारियों ने कहा कि यह देखते हुए कि देश में बैठकों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों की मेजबानी के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करना प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण है, द्वारका में यशोभूमि के संचालन से इस कवायद को बढ़ावा मिलेगा।‘सेवा पखवाड़ा’ के दौरान, भाजपा सदस्य कई गतिविधियों में शामिल होंगे, जिनमें सरकार की विभिन्न उपलब्धियों के साथ लोगों तक पहुंच बनाना और रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य शिविर जैसी कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन भी शामिल है। इस अवधि के दौरान कार्यक्रमों का विवरण तैयार करने के लिए भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पार्टी के संगठनात्मक नेताओं के साथ बैठकें की हैं।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज बिहार के अररिया में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) की जोगबनी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट पर 27 करोड़ रूपए की लागत से नवनिर्मित आवासीय भवनों का उद्घाटन किया। श्री अमित शाह ने बथनाहा में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के 35 करोड़ की लागत से नवनिर्मित कार्यालय भवनों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय, सचिव सीमा प्रबंधन, श्री अतुल दुल्लो, महानिदेशक, सशस्त्र सीमा बल, श्रीमती रश्मि शुक्ला और अध्यक्ष, लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, श्री आदित्य मिश्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज भारत के वीर सपूत परमवीर चक्र विजेता श्री तारापोर जी की पुण्यतिथि है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने परमवीर चक्र विजेता श्री तारापोर जी की स्मृति में अंडमान निकोबार में एक द्वीप का नाम तारापोर द्वीप रखकर भारत के नक्शे पर हमेशा के लिए श्री तारापोर जी की स्मृति को अंकित करने का काम किया है।श्री अमित शाह ने कहा कि बिहार में घुसपैठ, भूमि पर कब्जा करना और अवैध व्यापार आदि सीमा संबंधित कई मुद्दें हैं। गृह मंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों की सभी समस्याओं का हल केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर तुष्टिकरण की नीति के बिना कठोर कदमों के साथ कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में इन सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत 15 हज़ार किलोमीटर से अधिक लंबी भूमि सीमा पड़ोसी देशों के साथ साझा करता है। इस भूमि सीमा का उपयोग ना केवल व्यापार बढ़ाने बल्कि पड़ोसी देशों के साथ सांस्कृतिक, सामाजिक और व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए भी किया जा सकता है। श्री शाह ने कहा कि इसी दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया को अधिक सक्षम बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। आने वाले 5-6 साल में इस अथॉरिटी के सभी संस्थान भारत के पड़ोसी देशों की सीमा पर हमारे सांस्कृतिक और वाणिज्यिक राजदूत की तरह भी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया हमारे पड़ोसी देशों के लिए भारत का पहला संवाद केन्द्र है। आधुनिक सुविधाओं और तकनीक का इस्तेमाल करना और आवागमन व व्यापार को सुचारू रूप से चलाने के लिए सक्षम व्यवस्था खड़ी करना ही लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का उद्देश्य है।श्री अमित शाह ने कहा कि आज लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा जोगबनी में सुरक्षाकर्मियों और अन्य कर्मियों के लिए 27 करोड़ रूपए की लागत से बने आवासों का लोकार्पण हुआ है। इसके अलावा एसएसबी, बथनाहा में 35 करोड़ रूपए की लागत से बने कार्यालय भवनों का भी लोकार्पण हुआ है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सीमा बल हमारे दो मित्र देशों, नेपाल और भूटान की सीमा पर सुरक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक मेलजोल बढ़ाने का काम भी करता है। श्री शाह ने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध से लेकर आज तक भारत के सीमा सुरक्षा बलों के समर्पित जवानों ने ना केवल सीमाओं की सुरक्षा की है, बल्कि सीमांत क्षेत्रों में स्थित गावों की सांस्कृतिक पहचान और भारत के साथ जुड़ाव को और अधिक सुदृढ़ करने करने का काम भी किया है। उन्होंने कहा कि भारत के सभी सीमा सुरक्षा बल, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा, गरीबों के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भी पूरे उत्साह के साथ काम करते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कोरोना महामारी हो या बाढ़, हर जगह हमारे सीमा सुरक्षा बलों के जवानों ने मानवता का उत्कृष्ट संदेश सीमांत क्षेत्रों में पहुंचाने का काम किया है।केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यहां लगभग 7,485 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में बनी लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का औसत व्यापारिक आंकड़ा 10,500 करोड़ रूपए है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में नेपाल के साथ जुड़ी बाकी तीन लैंड पोस्ट बनने के साथ ही ये आंकड़ा और बढ़ेगा। श्री शाह ने कहा कि लैंड पोर्ट के माध्यम से नेपाल के साथ हमारे कोऑर्डिनेशन, कोलैबोरेशन और कोऑपरेशन में बहुत प्रगति हुई है। रोज़ाना 7,000 ट्रकों की आवाजाही यहीं से होती है और भारत-नेपाल के बीच कुल व्यापार का 14 प्रतिशत लैंड पोर्ट अथॉरिटी की इसी चेक पोस्ट के ज़रिए होता है।श्री अमित शाह ने कहा कि पहले किसी को बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की चिंता नहीं होती थी। श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहुत काम हुआ है और आज भारत के अंतिम गांव को प्रथम गांव बनाने का काम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने किया है। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने कनेक्टिविटी की दिक्कतों को दूर कर कल्याणकारी योजनाओं को गाँवों तक पहुंचाया है। भू-सीमा से पहले व्यापार लगभग असंभव था और जो होता था, वो ज्यादातर अवैध रूप से चलता था, लेकिन आज वैधानिक रूप से व्यापार बढ़ा है। इसके साथ-साथ पीपल टू पीपल संबंध बहुत मजबूत हुए हैं, जो बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी देशों के साथ हमारा पीपल टू पीपल कनेक्ट बढ़े यह बहुत जरूरी है और इन सब कामों के लिए लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी एक वन स्टेप सॉल्यूशन है। श्री शाह ने कहा कि एक ही जगह पर इन सारे उद्देश्यों की पूर्ति लैंड पोर्ट अथॉरिटी के माध्यम से हो रही है।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा अब तक 11 लैंड पोर्ट्स का विकास किया जा चुका है और कई अन्य पर काम प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच 19 लैंड कस्टम्स स्टेशनों की भी पहचान कर ली गई है। इनमें से 10 कस्टम्स स्टेशन बिहार सीमा पर हैं, जिससे बिहार के लोगों का व्यापार निश्चित रूप से बढ़ेगा।
- हैदराबाद । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मणिपुर हिंसा, हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों में सांप्रदायिक तनाव की हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि देश गंभीर आंतरिक चुनौतियों से घिरा है और भारतीय जनता पार्टी आग में घी डालने का काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में अपने शुरुआती संबोधन के दौरान संसद के विशेष सत्र को लेकर दावा किया कि सत्तारूढ पार्टी ‘विपक्ष विहीन’ संसद चाहती है और ऐसे में उसकी मंशा को लेकर सतर्क रहना होगा।खरगे ने कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की पिछली तीन बैठकों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के नेता लगातार हमले कर रहे हैं।खरगे ने कहा कि सरकार को 2021 की जनगणना और इसके साथ ही जातिगत जनगणना करानी चाहिए, ताकि कमजोर वर्गों को खाद्य सुरक्षा कानून और अन्य योजनाओं को लेकर पूरा अधिकार मिल सके।उन्होंने कहा, ‘‘आज देश कई गंभीर आंतरिक चुनौतियों से जूझ रहा है। मणिपुर की दिल दहला देने वाली घटनाओं को पूरी दुनिया ने देखा। 3 मई 2023 से वहां हिंसा आज भी जारी है। मणिपुर की आग को मोदी सरकार ने हरियाणा में नूंह तक पहुंचने दिया। यहां हिंसा की वारदातें हुईं, जिस कारण राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव फैला।’’खरगे ने कहा कि घटनाएं आधुनिक, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष भारत की छवि पर धब्बा लगाती हैं।उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ ऐसे हालात में सत्ताधारी दल, सांप्रदायिक संगठन और मीडिया का एक वर्ग, आग में घी डालने का काम कर रहा है।’’कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ हमें मिलकर ऐसी ताक़तों की पहचान करके उन्हें बेनक़ाब करते रहना है।’’उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आंकड़ों की हेराफ़ेरी कर रही है तथा 2021 की जनगणना नहीं कराने से 14 करोड़ लोग खाद्य सुरक्षा अधिनियम से और करीब 18 प्रतिशत लोग मनरेगा से बाहर हो गए हैं।संसद के विशेष सत्र का उल्लेख करते हुए खरगे ने कहा, ‘‘आप सबको पता है कि 18 सितंबर से मोदी सरकार ने 5 दिनों का संसद का विशेष सत्र बुलाया है। लंबे संशय के बाद चंद बातें एजेंडे के तौर पर आयी हैं, जिसमें प्रमुख है चुनाव आयोग पर सरकार का पूर्ण नियन्त्रण, परंतु हमें सत्तारूढ़ दल की मंशा को लेकर सतर्क रहना होगा।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सरकार विपक्ष विहीन संसद चाहती है। वो नहीं चाहती है कि उससे कोई सांसद, मीडिया या आम लोग सवाल पूछें।’कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री और भाजपा नेताओं के हमलों से हमारे ‘इंडिया’ गठबंधन की तीन बैठकों की सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हमारा कारवां जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, इनके हमले तेज होंगे।’’उन्होंने दावा किया, ‘‘विपक्षी गठबंधन की मुंबई बैठक के बाद ईडी, आयकर, सीबीआई को सरकार ने विपक्षी दलों के नेताओं से राजनीतिक बदला लेने के लिए लगा दिया है। ये स्वस्थ लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। लेकिन अफ़सोस की बात है कि यही हकीकत है।’’हाल ही में संपन्न जी20 शिखर बैठक का उल्लेख करते हुए खरगे ने कहा, ‘‘जी20 के आयोजन के बाद सरकार किस कदर खुद की वाहवाही में डूबी है। बारी-बारी से होने वाली जी-20 बैठक पर दिल्ली में 4,000 करोड़ रुपये खर्च हुए और अब जी20 की अध्यक्षता ब्राजील को मिल गयी है।’’खरगे ने कहा, ‘‘मैं उम्मीद करता हूं कि मोदी सरकार जश्न मनाना छोड़कर जनता के सरोकार और ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान देगी। ’’खरगे ने देश की अर्थव्यवस्था के गंभीर खतरे में होने का दावा किया और कहा कि महंगाई से गरीबों और आम लोगों के जीवन पर संकट है।उन्होंने दावा किया, ‘‘पिछले 5 साल में एक साधारण थाली की क़ीमत 65 प्रतिशत बढ़ गयी है। 74 प्रतिशत लोग पौष्टिक आहार से वंचित हैं। दाल की कीमत एक साल में 37 प्रतिशत तक बढ गयी है। हमारे देश में 65 प्रतिशत आबादी नौजवान हैं। इस सरकार में युवाओं का भविष्य अंधकार में है।’’उन्होंने यह भी कहा कि ‘सरकार चीन को लगातार क्लीनचिट दे रही है’ और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति ऐसी लापरवाही बेहद निंदनीय है। खरगे ने कहा, ‘‘पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भयावह प्राकृतिक त्रासदी आई। हमारी मांग है कि इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर केंद्र सरकार जरूरी मदद करे और पुनर्निर्माण में सहयोग दे।’’
- नई दिल्ली। भारत सरकार ने एनजीओ/निजी स्कूलों/राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में छठी कक्षा से कक्षा-वार आधार पर 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने की पहल को मंजूरी दे दी है। इस पहल के तहत, सैनिक स्कूल सोसाइटी ने देश भर के 19 नए सैनिक स्कूलों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओए)पर हस्ताक्षर किए हैं।साझेदारी मोड के तहत नए सैनिक स्कूल खोलने के लिए आवेदनों के आगे के मूल्यांकन के बाद, रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने साझेदारी मोड में 23 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस पहल से पिछले पैटर्न के तहत कार्यरत मौजूदा 33 सैनिक स्कूलों के अलावा, सैनिक स्कूल सोसाइटी के तत्वावधान में साझेदारी मोड के तहत कार्यरत नए सैनिक स्कूलों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने के दृष्टिकोण के पीछे का उद्देश्य छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशस्त्र बलों में शामिल होने सहित बेहतर कैरियर के अवसर प्रदान करना है। यह निजी क्षेत्र को आज के युवाओं को कल के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रशिक्षित करके राष्ट्र निर्माण की दिशा में सरकार के साथ मिलकर काम करने का अवसर भी प्रदान करता है।उपरोक्त 23 स्वीकृत नए सैनिक स्कूलों की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार सूची https://sainikschool.ncog.gov.in/ पर देखी जा सकती है।ये नए सैनिक स्कूल, संबंधित शिक्षा बोर्डों से संबद्धता के अलावा, सैनिक स्कूल सोसायटी के तत्वावधान में कार्य करेंगे और सोसायटी द्वारा निर्धारित साझेदारी मोड में नए सैनिक स्कूलों के लिए नियमों और विनियमों का पालन करेंगे। अपने नियमित सहायक बोर्ड पाठ्यक्रम के अलावा, वे सैनिक स्कूल पैटर्न के छात्रों को शैक्षणिक प्लस पाठ्यक्रम भी प्रदान करेंगे। इन स्कूलों के कामकाज से संबंधित विवरण https://sainikschool.ncog.gov.in/ पर उपलब्ध हैं। इच्छुक छात्रों और अभिभावकों को वेब पोर्टल पर जाने और इस अभिनव अवसर का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
- श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में पहाड़ी इलाके के जंगलों में छुपे आतंकवादियों का पता लगाने के लिए चल रहे अभियान में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि आतंकवादियों को पकड़ने के लिए चल रहा यह अभियान तीसरे दिन भी जारी है।बुधवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में तीन सैन्य अधिकारी और एक जवान शहीद हो गया था।अधिकारियों ने कहा,” ड्रोन से की जा रही निगरानी के आधार पर सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के छुपने की जगह पर मोर्टार के गोले दागे हैं।”उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने इलाके को पूरी तरह से घेर रखा है।दक्षिण कश्मीर जिले के कोकेरनाग इलाके के गडोले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में बुधवार सुबह सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स इकाई के कमांडिंग अधिकारी कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष ढोचक, जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हुमायूं भट्ट के साथ ही एक सैनिक भी शहीद हो गया था।
- गुरुग्राम/चंडीगढ़ । कांग्रेस विधायक मामन खान को 31 जुलाई को नूंह हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। वहीं, प्रशासन ने जिले में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है और दो दिनों के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है। सांप्रदायिक झड़पों के बाद दर्ज की गई प्राथमिकी में फिरोजपुर झिरका से विधायक खान आरोपी थे। उन्हें कल देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। प्राथमिकी में धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्व को बढ़ावा देने सहित अन्य आरोप शामिल हैं।फिरोजपुर झिरका के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और मामले की जांच कर रही एसआईटी (विशेष जांच दल) के प्रमुख सतीश कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। यह पूछे जाने पर कि क्या विधायक को गिरफ्तार किया गया है, तो उन्होंने कहा, ‘‘हां।’’ नूंह से वरिष्ठ कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने भी खान की गिरफ्तारी की पुष्टि की।नूंह की सहायक पुलिस अधीक्षक उषा कुंडू ने कहा कि खान को स्थानीय अदालत में पेश किया जाने वाला है। उन्होंने कहा, ‘‘अगले आदेश तक जिले में धारा 144 लगा दी गई है।’’गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. वी. एस. एन. प्रसाद ने एक आदेश में कहा कि व्हाट्सऐप, फेसबुक, एक्स जैसे विभिन्न सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट और एक साथ कई एसएमएस भेजने संबंधी सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।आदेश में कहा गया है, ‘‘यह आदेश हरियाणा राज्य में जिला नूंह के अधिकार क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए जारी किया गया है और 15 सितंबर (सुबह 10 बजे) से 16 सितंबर (रात 11 बजकर 59 मिनट) तक प्रभावी रहेगा।’’प्रसाद ने कहा कि सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय तब लिया गया जब नूंह के उपायुक्त ने बृहस्पतिवार को उन्हें पत्र लिखकर आशंका व्यक्त की कि जिले में तनाव, प्रदर्शन, सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा सकता है और शांति भंग हो सकती है। प्रसाद ने कहा, ‘‘मोबाइल फोन और एसएमएस, व्हाट्सऐप, फेसबुक ट्विटर आदि जैसे विभिन्न सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार, प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों की भीड़ को बढ़ावा देने तथा संगठित करने संबंधी सूचना के प्रसार को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है ।उन्होंने कहा कि इस तरह की भ्रामक सूचनाएं जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं और आगजनी या बर्बरता तथा अन्य प्रकार की हिंसक गतिविधियों के कारण सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंच सकता है।’’प्रसाद ने कहा, ‘‘इस आदेश के माध्यम से मैं मोबाइल नेटवर्क पर दी जाने वाली वॉयस कॉल सेवा को छोड़कर मोबाइल इंटरनेट सेवाओं (2जी/ 3जी/ 4जी/ 5जी/ सीडीएमए/ जीपीआरएस), एक साथ कई एसएमएस (बैंकिंग और मोबाइल रिचार्ज को छोड़कर) भेजने तथा मोबाइल नेटवर्क पर दी जाने वाली सभी डोंगल सेवाओं आदि को हरियाणा राज्य के नूंह जिले का क्षेत्राधिकार में निलंबित करने का आदेश देता हूं।’’
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ करेंगे। इसका उद्देश्य न केवल देशभर के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से समर्थन देना है, बल्कि स्थानीय उत्पादों, कला और शिल्प के माध्यम से सदियों पुरानी परंपरा, संस्कृति और विविध विरासत को जीवित और समृद्ध रखना भी है। श्री मोदी, पारंपरिक शिल्प में लगे लोगों की सहायता करने पर हमेशा ध्यान देते रहे हैं। 18 पारंपरिक शिल्पकारों और कर्मियों को शामिल करने वाली इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्पादों और सेवाओं सर्वसुलभ और गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके अलावा इसे घरेलू और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ जोडना भी है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा और पारंपरिक कौशल के परिवार-आधारित कारोबार को मजबूत और पोषित करना है।
केंद्र सरकार इस योजना में 13 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके तहत बायोमेट्रिक-आधारित पीएम विश्वकर्मा पोर्टल का उपयोग करके जन सेवा केंद्रों के माध्यम से विश्वकर्माओं का नि:शुल्क पंजीकरण किया जाएगा। उन्हें पीएम विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र दिया जाएगा जिससे उन्हें अपने कौशल में मान्यता मिलेगी। इसके अलावा बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण सहित कौशल उन्नयन और 15 हजार रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा। विश्वकर्माओं को पांच प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर पहली किस्त में एक लाख रुपये और दूसरी किस्त में दो लाख रुपये की सहायता राशि बिना किसी गारंटी के दी जाएगी। -
नई दिल्ली। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने लगभग 45 हजार करोड़ रुपये के नौ पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में परिषद की बैठक हुई। 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ये सभी खरीद भारतीय विक्रेताओं से की जाएंगी।
परिषद ने हल्के बख्तरबंद बहुउद्देशीय वाहनों और एकीकृत निगरानी प्रणाली की खरीद के लिए स्वीकृति प्रदान की। इसमें तोप और रडार की तैनाती शामिल है।रक्षा अधिग्रहण परिषद ने नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के सर्वेक्षण जहाजों की खरीद को भी मंजूरी दे दी। स्वदेशी रूप से निर्मित कम दूरी की हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल-ध्रुवास्त्र की खरीद को मंजूरी दे दी गई है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से संबंधित उपकरणों के साथ 12 सुखोई-30 विमानों की खरीद के लिए मंजूरी दी गई।बैठक में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अब स्वदेशीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित परियोजनाओं के लिए 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री की सीमा के बजाय, न्यूनतम 60 से 65 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का लक्ष्य रखना चाहिए। -
नई दिल्ली। केरल के कोझिकोड में एक और व्यक्ति निपाह वायरस से संक्रमित पाया गया है। माना जा रहा है कि उच्च जोखिम वाली संपर्क सूची में शामिल यह व्यक्ति कुछ दिन पहले कोझिकोड मेडिकल कॉलेज के दौरे के समय संक्रमित हुआ होगा। इसके साथ ही निपाह वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। निपाह वायरस संक्रमण को रोकने के लिए कोझिकोड में कडे उपाय किये जा रहे हैं। इस बीच, निपाह संक्रमण को देखते हुए पड़ोसी तमिलनाडु और कर्नाटक में अधिकारियों ने केरल से आने वाले वाहनों और यात्रियों पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रवेश की अनुमति देने से पहले सीमा चौकियों पर यात्रियों की इन्फ्रारेड थर्मामीटर से जांच की जा रही है।
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मुंबई. बम्बई उच्च न्यायालय ने कहा है कि आधुनिक समाज में घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन पति-पत्नी को समान रूप से करना चाहिए। न्यायमूर्ति नितिन साम्ब्रे और न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की खंडपीठ ने यह टिप्पणी छह सितंबर को 35 वर्षीय उस व्यक्ति की अपील खारिज करते हुए की जिसमें उसने तलाक का अनुरोध किया था। इस व्यक्ति ने तलाक के अनुरोध संबंधी याचिका खारिज करने के पारिवारिक अदालत के मार्च, 2018 के आदेश को चुनौती दी थी। इस व्यक्ति का विवाह 2010 में हुआ था। व्यक्ति ने याचिका में कहा कि उसकी पत्नी हमेशा अपनी मां के साथ फोन पर बातें करती रहती थी और घर का काम नहीं करती थी। वहीं महिला ने दावा किया कि कार्यालय से लौटने के बाद उसे घर का सारा काम करने के लिए मजबूर किया जाता था और जब उसने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी तो उसे दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। उसने यह भी दावा किया कि उसके पति ने कई बार उसके साथ मारपीट की। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि पुरुष और महिला दोनों नौकरीपेशा थे और पत्नी से घर के सभी काम करने की अपेक्षा करना प्रतिकूल मानसिकता को दर्शाता है। अदालत ने कहा, ‘‘आधुनिक समाज में घरेलू जिम्मेदारियों का बोझ पति और पत्नी दोनों को समान रूप से उठाना पड़ता है। घरेलू कार्य केवल घर की महिला द्वारा किये जाने की अपेक्षा करने वाली मानसिकता में सकारात्मक बदलाव लाने की जरूरत है।'' अदालत ने कहा कि इस मामले में वैवाहिक संबंध के कारण पत्नी से यह उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि वह अपने माता-पिता के साथ संबंध नहीं रखेगी। अदालत ने कहा, ‘‘किसी व्यक्ति के अपने माता-पिता के संपर्क में रहने को किसी भी तरह से दूसरे पक्ष को मानसिक पीड़ा पहुंचाने वाला नहीं माना जा सकता।
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नयी दिल्ली. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) के नवनियुक्त अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने बृहस्पतिवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी को फिर से खड़ा करना और इसके संगठनात्मक ढांचे को ठीक करना उनकी पहली प्राथमिकताओं में से एक है। लवली के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर कांग्रेस के दिल्ली प्रभारी दीपक बाबरिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय मकान, सुभाष चोपड़ा, जयप्रकाश अग्रवाल और अनिल चौधरी मौजूद थे। लवली ने कहा, ‘‘मैं आलाकमान की उम्मीदों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करूंगा। मैं सभी को आश्वस्त करता हूं कि हम पार्टी को मजबूत करने के लिए हर कार्यकर्ता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।'' लवली को गत 31 अगस्त को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
शीला दीक्षित की सरकार में बतौर मंत्री कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले 54 वर्षीय लवली इससे पहले दिसंबर 2013 से फरवरी 2015 तक दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। लवली को कांग्रेस नेतृत्व ने ऐसे समय दिल्ली प्रदेश की कमान सौंपी है जब पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। कांग्रेस को दिल्ली में हुए पिछले दो विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली। अध्यक्ष के तौर पर लवली के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिल्ली में कांग्रेस के खोये जनाधार को वापस हासिल करने की होगी। इसके साथ ही उनके सामने एक और चुनौती लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ तालमेल की गुंजाइश बनाए रखने की भी होगी। लवली पूर्वी दिल्ली के गांधीनगर विधानसभा क्षेत्र से 1998 से 2013 तक लगातार विधायक रहे। वर्ष 2003 से 2013 तक शीला दीक्षित की सरकार में वह मंत्री रहे। उन्होंने शिक्षा, परिवहन, शहरी विकास और राजस्व जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। -
नयी दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी हालिया लद्दाख यात्रा से जुड़ा एक वीडियो जारी किया और कहा कि वह इस केंद्रशासित राज्य की आवाज उठाते रहेंगे क्योंकि ‘भारत माता' की आवाज ही हर देशवासी की आवाज है। राहुल गांधी ने यह वीडियो ‘एक्स' पर साझा करते हुए कहा, मेरे पिता (राजीव गांधी) ने एक बार मुझसे कहा था कि पैंगोंग झील पृथ्वी पर सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। तब से मैं हमेशा लद्दाख जाने के लिए उत्सुक रहा हूं...मैंने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा' जारी रखी है, ऐसे में मैंने सोचा कि मोटरसाइकिल से लद्दाख जाने से बेहतर क्या हो सकता है!'' उन्होंने कहा, ‘‘इस यात्रा में सबसे अविश्वसनीय खोज लद्दाखी लोगों का प्यार और विनम्रता थी। लद्दाख के बारे में उनकी सहानुभूति और ज्ञान बेजोड़ है और क्षेत्र के भविष्य के विकास की कोई भी योजना उनके सुझावों पर आधारित होनी चाहिए।'' राहुल गांधी के अनुसार, ‘‘लद्दाख भारत के मुकुटों में से एक है और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थानों में से एक है।'' कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘एक सरकार को अपने सभी लोगों को सशक्त बनाना चाहिए और लद्दाख को सुशासन की आवश्यकता है। भारत माता प्रत्येक भारतीय की आवाज है और मैं लद्दाख की आवाज को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। भारत माता की जय!
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नयी दिल्ली,जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव डॉ एस. रामचंद्रन की पत्नी भामा रामचंद्रन ने यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के बंदोबस्ती कोष में दो करोड़ रुपये का दान दिया है, जिसका उपयोग मशहूर वैज्ञानिक रामचंद्रन के नाम पर पीठ स्थापित करने के लिए किया जाएगा। एम्स ने एक बयान में यह जानकारी दी।
बयान में कहा गया कि इस दान का उद्देश्य तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना और डॉ. एस. रामचंद्रन की विरासत का सम्मान करना है। इसमें कहा गया कि राशि का उपयोग एम्स, नयी दिल्ली में ‘डॉ. एस रामचंद्रन चेयर फॉर न्यूरोसाइंसेज' स्थापित करने के लिए किया जाएगा। बयान में कहा गया कि प्रतिष्ठित भारतीय वैज्ञानिक डॉ. रामचंद्रन ने भारत सरकार के तहत जैव प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 1986 में इसके पहले सचिव के रूप में कार्य किया था। -
प्रयागराज, प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के असरावल खुर्द गांव में पारिवारिक कलह के चलते एक युवक ने अपनी बहन की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। धूमनगंज के पुलिस अधीक्षक वरुण कुमार ने बताया कि असरावल खुर्द गांव में बुधवार को आरोपी आशीष यादव नाम के युवक ने शादी के लिए मना करने पर अपनी बहन शिवानी (18) की गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि आरोपी आशीष ने तमंचे से अपनी बहन को गोली मारी जिसे अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी आशीष यादव को गिरफ्तार कर लिया है और परिजनों की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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नयी दिल्ली. संसद के 18 सितंबर से शुरू होने वाले पांच दिन के विशेष सत्र के दौरान संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा होगी। लोकसभा सचिवालय द्वारा बुधवार को जारी बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। बुलेटिन के अनुसार, इसमें संविधान सभा से लेकर आज तक संसद की 75 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों, अनुभवों, स्मृतियों और सीख पर चर्चा के अलावा चार विधेयकों का भी उल्लेख है। इनमें एडवोकेट संशोधन विधेयक 2023 और प्रेस एवं आवधिक पंजीकरण विधेयक 2023 राज्यसभा से पारित एवं लोकसभा में लंबित हैं। वहीं, डाकघर विधेयक 2023 तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त, अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा शर्त विधेयक 2023 सूचीबद्ध है। लोकसभा और राज्यसभा सचिवालयों ने हाल में अपने बुलेटिन में कहा था कि संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होगा और सरकार के कामकाज को देखते हुए यह 22 सितंबर तक चलेगा। इसमें कहा गया कि सत्र आमतौर पर पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे और फिर अपराह्न दो बजे से शाम छह बजे तक चलेगा। सचिवालय सूत्रों के अनुसार, विशेष सत्र के दौरान दोनों सदनों में प्रश्नकाल और गैर-सरकारी कामकाज नहीं होगा। सरकार ने 18 सितंबर से शुरू होने जा रहे संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र से पहले 17 सितंबर को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘इस महीने 18 सितंबर से शुरू होने वाले ससंद सत्र से पहले 17 सितंबर को शाम साढ़े चार बजे सभी दलों के सदन के नेताओं की बैठक बुलाई गई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में आमंत्रण नेताओं को ई मेल से भेज दिया गया है। पत्र भी भेजे जाएंगे।
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कानपुर . उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिधनू क्षेत्र में बुधवार को एक ट्रक और डम्पर के बीच टक्कर में कम से कम चार लोगों की मौत हो गयी जबकि नौ अन्य घायल हो गये। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि बिधनू थाना क्षेत्र में अफजलपुर मोड़ पर कानपुर से घाटमपुर की तरफ जा रहे एक ट्रक और सामने से आ रहे डम्पर के बीच जोरदार टक्कर हो गयी। उन्होंने बताया कि इस हादसे में सादिक (55), उसकी पत्नी शहनाज (45), हाजरा (42) और गोलू (चार) की मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में नौ अन्य लोग भी घायल हुए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया है।


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