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रीवा। मध्यप्रदेश के रीवा जिले में 19 वर्षीय प्रेमिका की बेरहमी से पिटाई करते कैमरे में कैद हुए 24 वर्षीय प्रेमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लड़की को कथित तौर पर उसे शादी करने के लिए कहने पर पीटा गया था।
यह जानकारी पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने रविवार को दी। एसपी ने कहा कि बुधवार को हुई कथित घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एसपी ने बताया कि आरोपी के घर को तोड़ दिया गया है और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए थाना प्रभारी को भी निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने बताया कि चालक के रूप में कार्यरत आरोपी को शनिवार रात उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि 19 वर्षीय पीडि़ता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसका इलाज चल रहा है। एसपी भसीन ने बताया कि मऊगंज थाने की प्रभारी को अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए निलंबित कर दिया गया है और अधिकारियों ने मऊगंज पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले ढेरा गांव में आरोपी के घर को भी ध्वस्त कर दिया है। इसी बीच, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर महिलाओं पर अत्याचार करने वाला कोई व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। अत्याचार करने वालों को कठोरतम सजा से दंडित किया जाएगा, जिससे वह दोबारा अपराध न कर सकें। चौहान ने कहा, रीवा जिले के मऊ गंज क्षेत्र में युवती के साथ हुई बर्बरता की घटना के अपराधी का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) नवीन दुबे ने कहा कि लड़की और आरोपी के बीच प्रेम संबंध था और उनके बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने लड़की की पिटाई की। वीडियो में लड़की आरोपी से शादी करने के लिए कहती नजर आ रही है। आरोपी चिढ़ जाता है और फिर उसे लात एवं कई थप्पड़ मारता है, जिससे वह बेहोश हो जाती है। अधिकारी ने कहा कि पीडि़ता घटना की जानकारी देने थाने आई थी, लेकिन उसने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। अधिकारी ने कहा कि आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 151 के तहत हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हालांकि, जब हमले का वीडियो सामने आया, तो आरोपी के खिलाफ धारा 323 सहित भारतीय दंड संहिता के अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी फरार है। अधिकारी ने कहा कि पीडि़ता ने उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है जिसने वीडियो बनाया और प्रसारित किया तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक भसीन ने बताया की पुलिस ने वीडियो वायरल करने वाले युवक को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। -
नयी दिल्ली. कर संग्रह में 26 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ सरकार कर प्रशासन में सुधारों का अगला दौर शुरू करने जा रही है जिसमें आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने के लिए उपलब्ध फॉर्म की संख्या में कटौती की जा सकती है। इस बदलाव से करदाताओं को सहूलियत होगी और रिटर्न दाखिल करने में लगने वाले समय में कमी आएगी।
महामारी के बाद अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार के स्पष्ट संकेत और कर रिसाव को रोकने के सरकारी प्रयासों के चलते 2022 में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर संग्रह में उछाल आया है। आने वाले दिनों में सरकार कर चोरी करने वालों पर अधिक सख्ती कर सकती है। इसके साथ ही ऑनलाइन गेमिंग के अलावा ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सेवा प्रदाताओं के लिए सख्त कर मानदंडों पर भी विचार किया जा सकता है। भारत अगले साल जी-20 देशों के नेताओं की मेजबानी करने के लिए तैयार है। इसके साथ ही डिजिटल अर्थव्यवस्था में कराधान, विकासशील देशों को करों का उचित हिस्सा सुनिश्चित करना और क्रिप्टोकरेंसी का कराधान भी एजेंडे में होगा। लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ कर संरचना के युक्तिकरण से भी समान परिसंपत्ति वर्गों के बीच होल्डिंग अवधि में समानता आने की उम्मीद है। इस समय एक साल से अधिक के लिए रखे गए शेयरों पर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर 10 प्रतिशत कर लगता है। अचल संपत्ति की बिक्री और दो साल से अधिक के लिए रखे गए असूचीबद्ध शेयरों और तीन साल से अधिक के लिए रखे गए ऋण उपकरणों और आभूषणों पर 20 प्रतिशत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लगता है। नयी कर व्यवस्था में कुछ बदलाव अगले साल भी होने की उम्मीद है, क्योंकि सरकार व्यक्तिगत आयकरदाताओं के लिए छूट मुक्त कर व्यवस्था को और अधिक आकर्षक बनाना चाहती है। कर अधिकारी ज्यादातर करदाताओं के लिए एक सामान्य आईटीआर फॉर्म तैयार करने पर काम कर रहे हैं। हालांकि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए फॉर्म (आईटीआर-1 और 4) जारी रहेंगे। आईटीआर-1 और आईटीआर-4 दाखिल करने वाले करदाताओं को यह चुनने का विकल्प मिलेगा कि वे अपना कर रिटर्न दाखिल करते समय प्रस्तावित सामान्य आईटीआर फॉर्म या मौजूदा फार्म में से कौन सा फॉर्म चाहते हैं। फिलहाल विभिन्न श्रेणियों वाले करदाताओं के लिए सात तरह के आईटीआर फॉर्म उपलब्ध हैं। -
कोटा (राजस्थान) .नीट 2023 में मेरा चयन हो जाए'', ‘‘हे ईश्वर, पढ़ाई में मेरा फिर ध्यान लगने लगे'', ‘‘एम्स दिल्ली में मुझे (प्रवेश) मिल जाए'', आईआईटी दिल्ली में मुझे (प्रवेश) मिल जाए और मेरे भाई की गूगल में नौकरी लग जाए''...ये बातें किसी डायरी का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि यहां विभिन्न कोचिंग सेंटर में बड़ी संख्या में पढ़ रहे विद्यार्थियों द्वारा एक मंदिर में ‘विश्वास की दीवार' पर लिखी गईं मनोकामनाएं हैं। हर साल लाखों विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित अभियांत्रिकी संस्थानों एवं चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश पाने का सपना लेकर कोचिंग के लिए राजस्थान के कोटा आते हैं लेकिन शीघ्र ही वे व्यस्त दिनचर्या, तनाव और उम्मीदों के बोझ तले दब जाते हैं। तलवंडी क्षेत्र के राधाकृष्ण मंदिर के पुजारियों के अनुसार, वर्षों से विद्यार्थियों का विश्वास इतना पक्का हो चला है कि हर दो महीने में मंदिर की सफेदी करवानी होती है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 300 से अधिक विद्यार्थी मंदिर में आते हैं और इस साल यहां विभिन्न कोचिंग संस्थानों में रिकॉर्ड दो लाख विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। शुरू में तो मंदिर प्रशासन ने ऐसी बातें लिखने को दीवारों को विरूपित करने के तौर पर लिया लेकिन वर्ष 2000 के शुरू में जब यहां अपनी मनोकामनाएं लिखने वाले कुछ विद्यार्थियों को आईआईटी और मेडिकल प्रवेश प्रवेश परीक्षा में सफलता मिल गई तो मंदिर लोकप्रिय हो गया और फिर उसे ‘विश्वास की दीवार' नाम दे दिया गया। पुजारी किशन बिहारी ने कहा, ‘‘काफी पहले, कुछ विद्यार्थी यहां प्रार्थना करने आए थे और उन्होंने आईआईटी या मेडिकल प्रवेश परीक्षा में चयनित होने की मनोकामनाएं दीवार पर लिखी थीं। कुछ महीने बाद दो विद्यार्थियों के माता-पिता मंदिर में आए और उन्होंने यह दावा करते हुए दान दिया कि दीवार पर लिखी उनके बच्चों की मनोकामनाएं पूरी हो गई हैं और तब से यह एक परिपाटी बन चली है।'' उन्होंने कहा, ‘‘शुरू में विद्यार्थी मंदिर की दीवार पर कहीं भी अपनी मनोकामनाएं लिख दिया करते थे और हम मंदिर को विरूपित न करने की बात कहकर उन्हें हतोत्साहित करने की कोशिश करते थे तथा उन्हें कार्रवाई की चेतावनी भी देते थे। लेकिन जब स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों का विश्वास पक्का हो चला तब हमने मंदिर में इसके लिए समर्पित क्षेत्र बनाने का फैसला किया और उसे ‘विश्वास की दीवार' नाम दिया।'' अन्य पुजारी त्रिलोक शर्मा ने कहा कि हर दो महीने में मंदिर की पुताई कराई जाती है क्योंकि दीवारें मनोकामनाओं से भर जाती हैं और अन्य विद्यार्थियों के लिए लिखने के वास्ते जगह नहीं रहती। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी विद्यार्थी आते हैं तो हम उन्हें आशीर्वाद एवं प्रसाद देते हैं और यह कहते हुए उत्साहित करते हैं कि ईश्वर केवल तभी मदद करता है जब आप कठिन परिश्रम करते हैं। कठिन परिश्रम ही कुंजी है।'' शर्मा ने कहा, ‘‘हम विद्यार्थियों एवं उनके माता-पिता से बात करते हैं। कई बार हमें नजर आता है कि विद्यार्थियों ने अपनी पसंद का कॉलेज या रैंक लिखी होती है। हम उन्हें समझाते हैं कि अपनी भावनाएं प्रकट करना अच्छा है लेकिन उसके लिए साथ में प्रयास भी जरूरी है।'' दबाव और गलाकाट प्रतिस्पर्धा के बीच यह मंदिर विद्यार्थियों के लिए ध्यान लगाने और अच्छा महसूस करने की जगह भी है। मध्य प्रदेश से आई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की अभ्यर्थी प्रगति साहू ने कहा, ‘‘ मैंने अब तक दीवार पर अपनी कोई मनोकामना नहीं लिखी है लेकिन जब मुझे अपनी तैयारी पर विश्वास हो जाएगा तब मैं मुख्य परीक्षा के आसपास यह लिखूंगी। लेकिन इस बीच जब भी मेरा मनोबल घट जाता है या मैं दबाव महसूस करती हूं तो मैं यहां आती हूं और प्रार्थना करती हूं या ध्यान लगाती हूं ताकि अच्छा महसूस करूं।'' संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहे महाराष्ट्र के विद्यार्थी कशिश गुप्ता ने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि कोई लिख देगा कि मैं नंबर वन रैंक चाहता हूं और उसे वह मिल जाएगी, बल्कि लोकप्रिय धारणा है कि आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दीजिए और फिर उस हिसाब से अपनी मनोकामनाएं लिखिए।'' दीवार पर कई मनोकामनाएं तो पढ़ाई में ध्यान लग जाने, बुरे ख्याल मन से चले जाने, परिवार को गौरवान्वित करने जैसी हैं।
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दमोह. मध्य प्रदेश विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के 28 वर्षीय एक जवान की शराब के नशे में धुत्त तीन युवकों ने शुक्रवार देर रात यहां कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शिव कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के कसाई मंडी में स्थित पुलिस चौकी में तैनात 10वीं बटालियन के एसएएफ जवान सुरेंद्र सिंह (28) शुक्रवार रात ड्यूटी के दौरान खाना खा रहे थे, तभी बाहर से किसी के चिल्लाने की आवाज आई। एएसपी के मुताबिक, एसएएफ जवान ने बाहर जाकर देखा तो ऑटो-रिक्शा में सवार शराब के नशे में धुत्त तीन युवक गाली-गलौज कर रहे थे। उन्होंने बताया कि एसएएफ जवान ने जब इन तीनों को रोका तो उन्होंने तुरंत उसके सिर पर पत्थर और लाठी से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। सिंह ने बताया कि सुरेंद्र को घायल देख पुलिस चौकी के अंदर मौजूद अन्य आरक्षक बाहर आए और उन्हें इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एएसपी ने कहा कि मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि सुरेंद्र पर हमला करने के बाद तीनों आरोपी वहां से फरार हो गए और उनकी तलाश की जा रही है।
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कोलकाता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी मार्ग पर पश्चिम बंगाल की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। पूर्वी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। पूर्वी रेलवे के प्रवक्ता एकलव्य चक्रवर्ती ने कहा कि आधुनिक यात्री सुविधाओं वाली सुपरफास्ट ट्रेन को दोनों दिशाओं से गंतव्य की दूरी तय करने में लगभग 7.5 घंटे लगेंगे। चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 दिसंबर को हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे।'' उन्होंने कहा कि राज्य में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा सप्ताह में छह दिन चलाई जाएगी। यह ट्रेन कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच यात्रा का समय काफी कम कर देगी। चक्रवर्ती ने कहा कि ट्रेन हावड़ा स्टेशन से सुबह 6 बजे रवाना होगी और न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर दोपहर डेढ़ बजे पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि एक घंटे के ठहराव के बाद दोपहर ढाई बजे ट्रेन जलपाईगुड़ी से रवाना होगी और रात 10 बजे हावड़ा पहुंचेगी।
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लखनऊ. राजधानी लखनऊ के सैरपुर क्षेत्र में रविवार को एक कार के अनियंत्रित होकर एक नाले में जा गिरने से उस पर सवार चार लोगों की मौत हो गयी। अपर पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) अभिजीत आर. शंकर ने बताया कि सैरपुर थाना क्षेत्र के नहरपुर गांव में एक कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। इस हादसे में निखिल शुक्ला, अंकित श्रीवास्तव, संदीप और राकेश यादव नामक व्यक्तियों की मौत हो गयी। उन्होंने बताया कि हादसे में घायल सत्यम पाण्डेय नामक व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बतायी जाती है। शंकर ने बताया कि कार सवार सभी लोग लखनऊ के थे और कहीं घूमने जा रहे थे। प्रथम दृष्ट्या यह घटना कार के तेज रफ्तार में होने की वजह से घटी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
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नयी दिल्ली. कुछ देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में अधिकारी खुद यहां के सभी सरकारी अस्पतालों का दौरा करेंगे और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए उनकी तैयारियों का जायजा लेंगे। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। केंद्र सरकार के निर्देश के अनुपालन में मंगलवार को दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में ‘मॉक ड्रिल' का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव अमित सिंगला ने रविवार सुबह सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें सभी अस्पतालों का दौरा करने तथा वहां बिस्तरों की उपलब्धता एवं उपकरणों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘सोमवार से हम सरकारी अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर आदि की उपलब्धता के संबंध में स्थिति का वहां जाकर आकलन करने जा रहे हैं। यह विवरण मंगलवार से जनता के लिए दिल्ली सरकार के पोर्टल पर उपलब्ध होगा।'' दिल्ली सरकार के कोरोना वायरस डैशबोर्ड को आखिरी बार 12 दिसंबर को अपडेट किया गया था। अधिकारी ने कहा, मंगलवार से पोर्टल पर ‘रियल टाइम' डाटा उपलब्ध होगा।
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के एक अधिकारी ने कहा कि जांच जल्द ही शुरू होने की संभावना है। इस समय पूरी दिल्ली में करीब 2,500 से 3,000 के बीच नमूनों की जांच हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘रेजिडेंट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन और गैर-सरकारी संगठनों के साथ बैठकें की जा रही हैं। उन्हें उभरती स्थिति के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए कहा जा रहा है।'' अधिकारी ने कहा, ‘‘संभावना है कि हम संवेदनशील आबादी को बूस्टर खुराक प्रदान करने के लिए घर-घर जाकर अभियान शुरू करें।'' उत्तर-पश्चिमी जिले के एक अधिकारी ने कहा कि वे सभी को कम से कम दो गज की दूरी बनाए रखने, मास्क का उपयोग करने, भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने जैसे कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने के लिए कह रहे हैं। वहीं, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली जिले के एक अधिकारी ने कहा कि अभी स्थिति चिंताजनक नहीं लगती, लेकिन ‘‘हम पूरी तरह से तैयार हैं''। उन्होंने कहा, ‘‘हम निजी अस्पतालों में बिस्तरों की उपलब्धता के आंकड़ों को भी एकत्रित करने जा रहे हैं, जिन्होंने पिछली कोविड-19 लहरों के दौरान स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।'' मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा था कि कुछ देशों में मामलों में वृद्धि का कारण बनने वाले कोरोना वायरस के नए ओमीक्रोन स्वरूप बीएफ.7 का अब तक दिल्ली में कोई मामला नहीं आया है और उनकी सरकार किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने संक्रमण के सभी मामलों को जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजने, एहतियाती खुराक का दायरा बढ़ाने और अस्पतालों में कर्मियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए पूर्व अनुमति लेने और सभी अस्पतालों में मशीनों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वे ऑक्सीजन की उपलब्धता और भंडारण के मामले में आत्मनिर्भर हैं। पिछले साल कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान दिल्ली ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही थी, अस्पतालों ने सोशल मीडिया पर घटती ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर ‘त्राहिमाम संदेश' भेजे थे। हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा कि कुछ देशों में संक्रमण के मामले बढ़ने से भारत के लिए कोई खास चिंता वाली बात नहीं है क्योंकि देश में पूर्व के संक्रमण और कोविड रोधी टीकाकरण से लोगों के शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा उत्पन्न हो गई है। सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉक्टर जुगल किशोर ने कहा, "सरकार अग्रसक्रिय है और इसके निर्देश वैज्ञानिक हैं। कई देशों में संक्रमण के मामलों में तेजी को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन ओमीक्रॉन के किसी भी नए स्वरूप से भारत में कोई बड़ी परेशानी होने की आशंका नहीं है।" केंद्र ने शनिवार को राज्यों से 27 दिसंबर को ‘मॉक ड्रिल' करने को कहा था, ताकि चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों सहित स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी सुनिश्चित की जा सके। -
सूरत (गुजरात). गुजरात के सूरत में नौकरी से निकाले जाने से नाराज एक व्यक्ति और उसके सहयोगी ने रविवार को एक कशीदाकारी फर्म के मालिक, उसके पिता और चाचा की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूरत शहर में अमरोली इलाके के अंजनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित वेदांत टेक्सो कंपनी में यह तिहरा हत्याकांड हुआ। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सूरत पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है तथा मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। पुलिस उपायुक्त (जोन 5) हर्षद मेहता ने कहा, “आरोपी और उसका सहयोगी रविवार सुबह फर्म में आया था तथा इसके मालिक,उनके पिता और चाचा की चाकू मार कर हत्या कर दी।” मृतकों की पहचान कल्पेश ढोलकिया (36), धनजी ढोलकिया (61) और घनश्याम राजोडिया (48) के रूप में हुई है।
पुलिस उपायुक्त ने कहा, कशीदाकारी फर्म के मालिक और उसके कर्मचारी के बीच विवाद होने के बाद यह घटना हुई। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि फैक्टरी के मालिक ने 10 दिन पहले इस व्यक्ति को नौकरी से निकाल दिया था क्योंकि वह रात्रि ड्यूटी के दौरान सोते पाया गया था। उस समय उनके बीच तीखी बहस हुई थी।” मेहता ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को धारदार हथियारों से लैस होकर फैक्टरी में जाते हुए और कंपनी के मालिक, उसके पिता और चाचा पर कई बार हमला करते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने कहा, “पूरी घटना बहुत गंभीर और दुखद है। सूरत पुलिस की अलग-अलग टीम आरोपी को पकड़ने के लिए लगाई गई थी।” उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए उनके नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, “फॉरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और हमारा लक्ष्य एक सप्ताह के भीतर आरोप पत्र दाखिल करना है। प्राथमिक जांच से पता चला कि आरोपी ने फर्म के मालिक से विवाद होने के बाद ऑनलाइन चाकू खरीदा था। - मुजफ्फरनगर (उप्र) । केंद्रीय पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी राज्य मंत्री संजीव कुमार बालियान ने रविवार को कहा कि किसानों की समस्या के समाधान के दृष्टिगत आवारा पशुओं के लिए केंद्र सरकार ने मुजफ्फरनगर के पुरकाजी प्रखंड में एक गौ अभयारण्य बनाने का फैसला किया है। रविवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में बालियान ने कहा कि प्रस्तावित गौ अभयारण्य जिले के पुरकाजी प्रखंड के अंतर्गत मेघाचंदन गांव में 800 बीघा सरकारी जमीन पर बनेगा जिसमें 5,000 से अधिक आवारा पशुओं को आश्रय मिलेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गौ अभयारण्य परियोजना पायलट परियोजना के तौर पर शुरू होगी। उन्होंने कहा कि अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है तो राज्य में कुछ और गौ अभयारण्य बनाए जाएंगे। बालियान ने कहा कि शेड गौ-अभयारण्य में बायोगैस प्लांट और आवास बनेंगे और गौ अभयारण्य के रखरखाव के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छोटे गौशाला (गौशाला) आवारा पशुओं को हटाने में विफल रहे हैं। मंत्री ने कहा कि छह महीने बाद गौ अभयारण्य शुरू होने से क्षेत्र में आवारा मवेशी नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनाव से आवारा पशुओं की समस्या का मुद्दा उठता रहा है। file photo
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नई दिल्ली। देश के उत्तरी भागों में तीव्र शीतलहर और धुंध के कारण सामान्य जन-जीवन में बाधा आ रही है। मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड़ में अगले 24 घंटे में गंभीर शीतलहर का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। हालांकि उसके अगले दो दिनों में इसमें धीरे-धीरे कमी आएगी। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में घनी धुंध छाने की भी आशंका व्यक्त की है। हालांकि उसके बाद तीन से चार दिनों तक कुछेक जगहों पर घनी धुंध रह सकती है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी आने के साथ ही शीतलहर बढ़ गई है। राजधानी के निवासी कड़ाके की ठंड का सामना कर रहे हैं।राजस्थान में बहुत से जिले धुंध और शीतलहर की चपेट में हैं। जयपुर जिले में जोबनेर कल सबसे ठंडा स्थान रहा जहां तापमान शून्य से एक डिग्री नीचे दर्ज किया गया। वहीं माउंट आबू में तापमान शून्य से आधा डिग्री नीचे रहा। करौली, सीकर नागौर में भी तापमान शून्य के आसपास रहा, जबकि अन्य नौ जगहों पर यह पांच डिग्री से कम ही रहा। बिहार में शीतलहर के कारण आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को इस महीने की 31 तारीख तक बंद कर दिया गया है। -
ग्वालियर . ग्वालियर में सड़कों की मरम्मत नहीं होने से नाराज होकर चप्पल-जूते पहनना छोड़कर नंगे पांव चलने वाले मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के आग्रह पर 66 दिन बाद रविवार को चप्पलें पहन ली। इस दौरान सिंधिया ने कहा कि जिन सड़कों के लिए मंत्री तोमर ने चप्पलों का त्याग किया था, वो अब शानदार बन रही हैं। मालूम हो कि तोमर ने इस साल 20 अक्टूबर को अपने गृह नगर ग्वालियर में कहा था, ‘‘जनता को तकलीफ हो रही है। सड़कों को सही करने के लिए सरकार ने समय रहते पैसा दिया और अधिकारियों को इसे तुरंत सही करने के लिए कहा। जिस जनता ने उन्हें चुना है, उनके सामने मैं सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहा हूं कि सड़कें नहीं बनी हैं और इसके लिए माफी भी मांग रहा हूं।'' तोमर ने आगे कहा था, ‘‘जनता को जो पीड़ा हो रही है, उसका अहसास मुझे भी होना चाहिए। इसलिए जब तक (ग्वालियर की) तीन सड़कें लक्ष्मण तलैया, गेंडे वाली सड़क और अस्पताल रोड की मरम्मत नहीं होंगी, तब तक मैं जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा।'' इसके बाद नगर निगम ने शहर के कई इलाकों में सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। अब इन सड़कों का काम पूरा होने वाला है। सिंधिया रविवार को ग्वालियर आए और उन्होंने ऊर्जा मंत्री तोमर के सामने चप्पले रखकर पहनने का आग्रह किया। इसके बाद तोमर ने चप्पलें पहन लीं। इस दौरान सिंधिया ने कहा, ‘‘प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जिन सड़कों के निर्माण के लिए चप्पलें छोड़ी थी, वो अब पूरी हो रही हैं। इन सड़कों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी और शानदार सड़कें बन रही हैं। जल्दी ही इनका उदघाटन किया जाएगा।'' चप्पल पहनने के बाद तोमर ने कहा, ‘‘जिन लोगों को पीड़ा हुई, वे अब सड़कों पर अच्छी तरह चल सकेंगे और इसमें उन्हें आनंद की अनुभूति हो रही है।
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नयी दिल्ली. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 98वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था और यह दिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक ट्वीट में कहा,‘‘अटल जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। भारत के लिए उनका योगदान अमिट है। उनका नेतृत्व और दृष्टिकोण लाखों लोगों को प्रेरित करता है।'' प्रधानमंत्री मोदी ने नयी दिल्ली स्थित वाजपेयी के समाधि स्थल ‘सदैव अटल' जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मोदी ने इस साल अपने हालिया ‘मन की बात' रेडियो कार्यक्रम में भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री को एक महान राजनेता बताया था, जिन्होंने देश को एक असाधारण नेतृत्व दिया। राष्ट्रपति मुर्मू भी वाजपेयी के समाधि स्थल पर गईं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पर एक फोटो प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। वह यहां डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में भजन संध्या में भी शामिल हुईं। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने दिवंगत नेता को ‘सदैव अटल' जाकर श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पूर्व प्रधानमंत्री को एक ऐसे नेता के रूप में याद किया, जिनके तहत देश ने बुनियादी ढांचा और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति हासिल की। इससे पहले, बिरला ने मोदी और अन्य गणमान्य लोगों के साथ संसद के सेंट्रल हॉल में वाजपेयी की तस्वीर पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। इनके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सहित कई केंद्रीय मंत्रियों व गणमान्य हस्तियों ने भी ‘‘भारत रत्न'' वाजपेयी को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर एक प्रार्थना सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें भजन गायक अनूप जलोटा ने भजन गाए।
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘हम सबके प्रेरणास्रोत एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटलजी की जयंती पर मैं उन्हें नमन करता हूं। उन्होंने भारत में विकास एवं सुशासन का नया अध्याय लिखा और विश्व मंच पर देश को एक नई पहचान दिलाई। वे दूरद्रष्टा ही नहीं एक युगद्रष्टा भी थे। राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अविस्मरणीय है।'' अमित शाह ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘भारतीय राजनीति के शिखर स्तंभ अटल जी का जीवन देश को पुनः परम वैभव पर ले जाने में समर्पित रहा। उन्होंने विकास व सुशासन के नये युग की नींव रख अपने नेतृत्व से दुनिया को भारत के सामर्थ्य से परिचित कराया और जनता में राष्ट्रगौरव का भाव जगाया। आज अटल जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।'' भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने कहा, ‘‘भारतीय राजनीति के युगपुरुष, पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर नमन। राष्ट्र को समर्पित आपका जीवन सदैव हमारी प्रेरणा है।'' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। वाजपेयी भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में से एक थे। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनका पहला कार्यकाल 1996 में मात्र 13 दिनों का था। इसके बाद, वह 1998 में फिर प्रधानमंत्री बने और 13 महीने तक इस पद पर रहे थे। वर्ष 1999 में वह तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। इस बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने वाजपेयी के जन्म स्थान ग्वालियर में उनका एक स्मारक बनाने के लिए 4,050 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
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त्रिशूर (केरल) .फिल्म और लघु फिल्म (डॉक्यूमेंट्री) निर्देशक के. पी. शशि का रविवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 64 वर्ष के थे। केरल के फिल्म कर्मचारी महासंघ के एक संघ (एफईएफकेए) ने अपने फेसबुक पेज पर कार्टूनिस्ट शशि को श्रद्धांजलि दी। एफईएफकेए निर्देशकों के संघ ने भी फेसबुक पेज पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संघ ने अपने पोस्ट में कहा कि अस्पताल में इलाज के दौरान शशि का निधन हो गया। उन्होंने कहा, “उनका अंतिम संस्कार कल किया जाएगा।” एफईएफकेए और निर्देशकों के संघ दोनों ने कहा कि शशि ने सामाजिक और मनोवैज्ञानिक हिंसा की चपेट में आने वाली मलयाली महिलाओं के जीवन पर बनी अपनी फिल्म ‘इलयूम मुल्लुम' (पत्ती और कांटे) के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार जीता था। शशि के पिता के. दामोदरन केरल में कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक नेताओं में से एक थे।
उन्होंने कहा कि शशि ने 1970 के दशक में एक कार्टूनिस्ट के रूप में शुरुआत की थी, जब वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र थे।
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मेरठ. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के गंगानगर थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह दो भाइयों का शव संदिग्ध अवस्था में उनके घर से बरामद किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि गंगा नगर थाना क्षेत्र के अम्हेड़ा गांव निवासी मीरपाल (44) और उसका छोटा भाई विकास (26) अपने घर में मृत पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों के शव पर जख्म का कोई निशान नहीं है। एसएसपी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि मीरपाल की पत्नी कई साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी और छोटे भाई विकास की शादी इसी साल अप्रैल में हुई थी। सजवाण के मुताबिक, विकास की पत्नी भी पिछले चार महीने से उसे छोड़ कर अलग रह रही है और दोंनो ही भाइयों का अपनी पत्नियों से विवाद चल रहा है। एसएसपी के अनुसार, अभी मौत का कारण पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह पता चल पाएगी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने, कोविड-19 रोधी टीकों की 220 करोड़ से अधिक खुराक देने और 400 खरब डॉलर के निर्यात के आंकड़े को छूने जैसी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए रविवार को कहा कि वर्ष 2022 की इन विभिन्न सफलताओं ने आज पूरे विश्व में भारत के लिए एक विशेष स्थान कायम किया है। आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात' की 96वीं और इस वर्ष की अंतिम कड़ी में अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कई देशों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों की ओर देशवासियों का ध्यान आकर्षित करते हुए उन्हें सतर्क, सुरक्षित और सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने भारत को जी-20 समूह की अध्यक्षता मिलने का उल्लेख किया और देशवासियों से इस आयोजन को एक ‘‘जन-आंदोलन'' बनाने का आह्वान किया। मोदी ने कहा, ‘‘वर्ष 2022 वाकई कई मायनों में बहुत ही प्रेरक व अद्भुत रहा। इस साल भारत ने अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे किए और इसी वर्ष अमृतकाल का प्रारंभ हुआ। इस साल देश ने नयी रफ्तार पकड़ी।'' उन्होंने कहा, ‘‘साल 2022 की विभिन्न सफलताओं ने आज पूरे विश्व में भारत के लिए एक विशेष स्थान बनाया है। 2022 यानी भारत द्वारा दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का मुकाम हासिल करना, भारत द्वारा 220 करोड़ कोविड-19 रोधी टीके देने के अविश्वसनीय आंकड़े को पार करना और भारत द्वारा निर्यात का 400 अरब डॉलर का जादुई आंकड़ा पार कर जाना।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में जन-जन ने ‘आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को अपनाया और देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरिक्ष, ड्रोन, रक्षा और खेल की दुनिया सहित हर क्षेत्र में अपना दमखम दिखाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 ‘‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत'' की भावना के विस्तार के लिए भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष के दौरान एकता और एकजुटता व्यक्त करने के लिए लोगों ने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए। इस कड़ी में उन्होंने ‘हर घर तिरंगा अभियान' पर विशेष जोर दिया। चीन, जापान, दक्षिण कोरिया सहित विश्व के कई देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सतर्क रहने की भी अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय बहुत से लोग छुट्टियों के मूड में भी हैं। आप पर्वों का, इन अवसरों का खूब आनंद लीजिए, लेकिन थोड़ा सतर्क भी रहिए। आप भी देख रहे हैं कि दुनिया के कई देशों में कोरोना बढ़ रहा है। इसलिए हमें मास्क और हाथ धोने जैसी सावधानियों का और ज्यादा ध्यान रखना है।'' मोदी ने कहा, ‘‘हम सावधान रहेंगे तो सुरक्षित भी रहेंगे और हमारे उल्लास में कोई रुकावट भी नहीं आएगी।'' कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर मोदी ने पिछले दिनों केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और शीर्ष अधिाकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की थी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को सचेत करते हुए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 227 नए मामले आए, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,424 हो गई। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में कोराना वायरस संक्रमण से एक व्यक्ति की जान गई है। भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘साल 2023 में हमें जी-20 के उत्साह को नयी ऊंचाई पर ले जाना है। हमें इस आयोजन को एक जन-आंदोलन बनाना है।'' प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान कालाजार बीमारी का विशेष उल्लेख किया और कहा कि यह अब समाप्त होने के कगार पर है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक कालाजार का प्रकोप चार राज्यों के 50 से अधिक जिलों में फैला हुआ था लेकिन अब यह बिहार और झारखंड के चार जिलों तक ही सिमटकर रह गया है। मोदी ने विश्वास जताया कि बिहार और झारखंड के लोग इन चार जिलों से भी कालाजार को समाप्त करने में सरकार के प्रयासों में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री ने योग और आयुर्वेद के क्षेत्र में साक्ष्य आधारित अनुसंधान को एक चुनौती करार दिया और इस बात पर खुशी जाहिर की कि योग और आयुर्वेद आधुनिक युग की जांच और कसौटियों पर खरे उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा किए गए गहन अनुसंधान से पता चला है कि स्तन कैंसर के मरीजों के लिए योग बहुत असरकारी है। मोदी ने कहा, ‘‘इस केन्द्र के अनुंसधान के मुताबिक योग के नियमित अभ्यास से स्तन कैंसर के मरीजों की बीमारी के फिर से उभरने और मृत्यु के खतरे में 15 प्रतिशत तक की कमी आई है। इन नतीजों ने विश्व के महानतम विशेषज्ञों का ध्यान आकृष्ट किया है। यह पहला अध्ययन है जिसमें स्तन कैंसर से पीडि़त महिलाओं में योग से जीवन की गुणवत्ता के बेहतर होने का पता चला है।'' उन्होंने कहा कि इसके दीर्घावधि लाभ भी सामने आए हैं और टाटा मेमोरियल सेंटर ने अपने अध्ययन के नतीजों को पेरिस में ‘यूरोपियन सोसाइटी ऑफ मेडिकल आन्कोलॉजी' के सम्मेलन में भी प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भी ऐसे ही प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एम्स में हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को प्रमाणित करने के लिए छह साल पहले सेंटर फॉर इंटिग्रेटिव मेडिसिन एण्ड रिसर्च की स्थापना की गई थी। इसमें अत्याधुनिक तकनीकों और अनुसंधान पद्धतियों का उपयोग किया जाता है। ये केन्द्र अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में 20 अनुसंधान आलेख प्रकाशित कर चुका है।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी चुनौतियों पर विजय मिली है। उन्होंने इसका पूरा श्रेय चिकित्सा विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और देशवासियों की इच्छा शक्ति को दिया।
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नयी दिल्ली. दिल्ली और हैदराबाद हवाई अड्डे पर आ रही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों की कोरोना वायरस की यादृच्छिक (रैंडम) जांच शनिवार को शुरू हो गई। प्राधिकारियों ने देश में संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने की कोशिशों के तहत यह कदम उठाया है। हवाई अड्डों पर शनिवार से प्रत्येक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में आ रहे दो प्रतिशत यात्रियों को यादृच्छिक रूप से चुनकर उनकी कोविड-19 जांच की जाएगी। संबंधित विमानन कंपनी प्रत्येक उड़ान में जांच के लिए यात्रियों की पहचान करेगी और नमूने सौंपने के बाद ही यात्रियों को हवाई अड्डे से जाने की अनुमति दी जाएगी। हवाई अड्डे के प्रवेश द्वार पर सभी यात्रियों की थर्मल जांच की जाएगी और जांच के दौरान जिन लोगों में संक्रमण से मिलते-जुलते लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें फौरन पृथक किया जाएगा। हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आ रहे यात्रियों की जांच सुबह शुरू की गई। दिल्ली हवाई अड्डे ने सुबह एक ट्वीट किया, ‘‘हम तैयार हैं। आपकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। आज सुबह 10 बजे से टी3 पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में आ रहे दो प्रतिशत यात्रियों के यादृच्छिक नमूने लेने शुरू किए जाएंगे, जांच के लिए यात्रियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।'' हवाई अड्डा प्राधिकारियों ने जांच के दौरान सभी से कर्मचारियों का सहयोग करने का अनुरोध किया।
इस बीच, हैदराबाद में भी राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आ रही अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों की कोरोना वायरस की यादृच्छिक जांच शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पूर्वाह्न 11 बजे जेद्दा से आए कुछ यात्रियों के यादृच्छिक नमूने एकत्रित किए गए।
उन्होंने कहा, ‘‘अभी के लिए नमूने एकत्रित करने के वास्ते दो काउंटर बनाए गए हैं। सोमवार से ऐसे काउंटर की संख्या बढ़ा दी जाएगी।'' सूत्रों ने बताया कि हवाई अड्डे पर प्रत्येक यात्री की थर्मल जांच की जा रही है। -
नयी दिल्ली. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में कोविड-19 के मौजूदा परिदृश्य को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने या लॉकडाउन लागू करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कुछ देशों में मामले बढ़ने के मद्देनजर निगरानी और सतर्कता मजबूत करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 के गंभीर मामले आने और मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की आशंका नहीं है, क्योंकि भारत में लोगों में ‘हाइब्रिड प्रतिरक्षा' विकसित हो चुकी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के पूर्व निदेशक रणदीप गुलेरिया ने शुक्रवार को ‘ कहा, ‘‘कुल मिलाकर कोविड के मामलों में वृद्धि नहीं हुई है और भारत अभी ठीक स्थिति में है। मौजूदा परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने या लॉकडाउन लागू करने की कोई आवश्यकता है।'' डॉ. गुलेरिया ने कहा कि पहले के अनुभव दिखाते हैं कि संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए उड़ानों पर पाबंदी लगाना प्रभावी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘आंकड़े दिखाते हैं कि चीन में संक्रमण के तेजी से फैलने के लिए जिम्मेदार ओमीक्रोन का बीएफ.7 उपस्वरूप हमारे देश में पहले ही पाया जा चुका है।'' यह पूछने पर कि क्या आगामी दिनों में लॉकडाउन की आवश्यकता है, डॉ. गुलेरिया ने कहा, ‘‘कोविड के गंभीर मामले बढ़ने और मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने की संभावना नहीं है, क्योंकि टीकाकरण की अच्छी दर और प्राकृतिक रूप से संक्रमण होने के कारण भारतीयों में हाइब्रिड प्रतिरक्षा (हाइब्रिड इम्युनिटी) पहले ही विकसित हो चुकी है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए और लोगों के बीच हाइब्रिड प्रतिरक्षा की अच्छी-खासी दर होने के कारण लॉकडाउन की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती है।'' सफदरजंग हॉस्पिटल में फेफड़े और गहन देखभाल विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीरज गुप्ता ने कहा कि भारत को चीन तथा कुछ अन्य देशों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि को देखते हुए अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है, लेकिन ‘‘भारत के मौजूद परिदृश्य को देखते हुए निकट भविष्य में लॉकडाउन जैसी स्थिति की परिकल्पना नहीं की गई है।'' उन्होंने कहा कि ‘हाइब्रिड प्रतिरक्षा' किसी व्यक्ति को भविष्य में होने वाले संक्रमण के खिलाफ अधिक सुरक्षित बनाती है। डॉ. गुप्ता ने यह भी कहा कि चीन अभी अधिक कमजोर स्थिति में है, जिसकी वजह कम प्राकृतिक प्रतिरक्षा, खराब टीकाकरण रणनीति हो सकती है, जिसमें बूढ़े और कमजोर आबादी के मुकाबले युवा और स्वस्थ लोगों को तरजीह दी गई। साथ ही चीनी टीकों को संक्रमण से बचाव में कम प्रभावी भी पाया गया है। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के अध्यक्ष डॉ. एन के अरोड़ा ने कहा कि भारत में कोविड की मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई बात नहीं है। बहरहाल, उन्होंने कहा कि लोगों को कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाना चाहिए और टीके की एहतियाती खुराक लेनी चाहिए। जापान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, फ्रांस और चीन में मामले बढ़ने के बीच भारत ने निगरानी और कोविड संक्रमित नमूनों के जीनोम अनुक्रमण की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। भारत की 97 प्रतिशत पात्र आबादी ने कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक, जबकि 90 प्रतिशत ने दूसरी खुराक ले ली है। केवल 27 प्रतिशत आबादी ने एहतियाती खुराक हासिल की है।
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उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन में क्रिसमस की छुट्टियों और नए साल के दौरान प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना को देखते हुए मंदिर की प्रबंधन समिति ने शनिवार से अगले 13 दिनों तक इसके गर्भगृह में लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है। मंदिर समिति के एक पदाधिकारी ने बताया कि गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध पांच जनवरी तक लागू रहेगा।
मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी आशीष सिंह ने कहा, ‘‘साल के अंतिम सप्ताह में छुट्टियों के चलते महाकाल लोक और महाकाल दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हए 24 दिसंबर से पांच जनवरी तक गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।'' इससे पहले, एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा कारणों से 20 दिसंबर से इस मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। - पुणे । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (रांकापा) प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को कहा कि नेताओं को रात की यात्रा से बचना चाहिए और यदि ऐसा करना आवश्यक हो तो अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। पवार ने यह टिप्पणी सतारा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक जयकुमार गोरे की दुर्घटना के संबंध में की। गोरे और उनके अंगरक्षक और चालक समेत तीन अन्य व्यक्ति शनिवार तड़के तब घायल हो गए जब उनका वाहन यहां से करीब 110 किलोमीटर दूर फलटन में बाणगंगा नदी पर एक पुल से नीचे गिर गया। गोरे का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें छाती में केवल हल्की चोट लगी है और उनका रक्तचाप सामान्य है। राकांपा प्रमुख शरद पवार ने इस घटना पर कहा, ‘‘देर रात की यात्रा से बचना चाहिए। लेकिन मैं खुद इसका पालन नहीं करता हूं। मेरे घर के लोग हमेशा रात की यात्रा की बात करते हैं, लेकिन राजनीति में लोगों से मिलने से परहेज नहीं किया जा सकता। मैं सलाह दूंगा कि यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।'' पवार पुणे में महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित एक कार्यक्रम ‘भीमतडी जत्रा' के 14वें संस्करण के दौरे के दौरान बोल रहे थे।
- गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में 21 नवंबर को हुये दोहरे हत्याकांड के मामले में पुलिस ने शनिवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कहा कि कबाड़ी इब्राहिम और उसकी पत्नी हजारा की 21 नवंबर की रात घर में हत्या कर दी गई थी। पुलिस उपायुक्त (देहात) इराज राजा ने कहा कि आरोपियों की पहचान 19 वर्षीय मंजेश और 18 वर्षीय शुभम के रूप में की गई है। उन्होंने बताया कि 12 साल के एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है क्योंकि वह इस दोहरे हत्या का मास्टरमाइंड था। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान, मास्टरमाइंड ने पुलिस को बताया कि वह कालोनियों से कबाड़ खरीदा करता था और इसे इब्राहिम को बेचता था जिसकी वजह से उसे नकदी और आभूषण आदि की जानकारी थी और उसने लूट की योजना बनाई। राजा ने बताया कि पुलिस ने आरोपियो के पास से 12,000 रुपये नकदी, सोने की एक चेन और हजरा का मोबाइल फोन बरामद किया है। दूसरा आरोपी संदीप फरार है और उसे जल्द पकड़ लिया जाएगा।
- कानपुर। फिरौती के लिए एक बुजुर्ग व्यवसायी का कथित तौर पर अपहरण करने और फिरौती नहीं देने पर हत्या की धमकी देने के आरोप में एक पुलिस कांस्टेबल समेत दो लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी । पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) प्रमोद कुमार ने कहा कि गिरफ्तार आरोपी कांस्टेबल की पहचान मुकेश कुमार (37) के रूप में की गई है जो फीलखाना पुलिस थाने में तैनात है, वहीं उसके साथी की पहचान शालू नंदा (40) के रूप में की गई है जो चाय बेचने वाला है। उन्होंने बताया कि कोतवाली पुलिस थाने में तैनात आरोपी अमित कुमार और उसका आरोपी साथी मोनू उर्फ बक्सर फरार हैं। य़ह घटना शुक्रवार शाम उस समय घटी जब पीड़ित रघुवीर चंद्र कपूर गोविंद नगर में अपनी परचून की दुकान में थे, तभी खाकी वर्दी में एक युवक कार से वहां आया। कुमार ने बताया कि खाकी वर्दी में आए युवक ने खुद को एसटीएफ से बताया और कपूर को बलपूर्वक कार में बिठा कर उसका अपहरण कर लिया । उन्होंने बताया कि इसके बाद, पीड़ित के भतीजे पंकज कपूर को फिरौती के लिए आरोपी मोनू उर्फ बक्सर की ओर से फोन किया गया और 35,000 रुपये फिरौती मांगी गई। पंकज ने तुरंत ही इसकी सूचना पुलिस को दी और पुलिस हरकत में आई तथा व्यापक स्तर पर वाहनों की जांच शुरू की, जिससे अपहरणकर्ताओं को कपूर को मुक्त करना पड़ा। उन्होंने बताया कि आरोपी मुकेश और आरोपी अमित कुमार को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय किया गया है।
- मुंबई। मुंबई की एक अदालत ने शनिवार को आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को बैंक द्वारा स्वीकृत ऋण में कथित धोखाधड़ी तथा अनियमितताओं से संबंधित एक मामले में 26 दिसंबर तक केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया। सीबीआई ने दंपती के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत 'आपराधिक विश्वासघात' के आरोप लगाने की अनुमति के लिए अदालत में अर्जी दी। दूसरी ओर, बचाव पक्ष के वकील ने दावा किया कि आईसीआईसीआई बैंक ने अतीत में कहा था कि उसे कोई नुकसान नहीं हुआ है और बताया कि ‘‘मुख्य कर्जदार'' को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को केंद्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को अपने दिल्ली कार्यालय में संक्षिप्त पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।शनिवार को उन्हें मुंबई में विशेष अवकाशकालीन अदालत के न्यायाधीश एस एम मेनजोंगे के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि आईसीआईसीआई बैंक ने वेणुगोपाल धूत द्वारा प्रवर्तित वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को बैंकिंग विनियमन अधिनियम, आरबीआई के दिशानिर्देशों और बैंक की ऋण नीति का उल्लंघन करते हुए 3,250 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाएं मंजूर कीं। हिरासत संबंधी सुनवाई के दौरान, जांच एजेंसी की ओर से पेश विशेष सरकारी वकील ए लिमोजिन ने दलील दी कि चंदा कोचर ने वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (वीआईईएल) को 300 करोड़ रुपये की ऋण सुविधा को मंजूरी देकर आईपीसी की धारा 409 के तहत ‘आपराधिक विश्वासघात' भी किया। उन्होंने कहा कि बाद में, चंदा कोचर ने वीडियोकॉन समूह के प्रबंध निदेशक वी एन धूत से कथित रूप से प्राप्त 64 करोड़ रुपये को अपने पति की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल लिमिटेड में निवेश करके अपने स्वयं के उपयोग के लिए परिवर्तित कर दिया। सीबीआई ने कहा कि लोकसेवक होने के नाते उन्हें बैंक का पैसा सौंपा गया था और उन्हें आईसीआईसीआई बैंक के दिशा-निर्देशों के मुताबिक अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी। एजेंसी ने मौजूदा धाराओं के अलावा, उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) लागू करने का अनुरोध करते हुए एक अर्जी दायर की। उस पर सुनवायी सोमवार को होगी।
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नयी दिल्ली। ने शनिवार को कहा कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की 6,400 रिक्तियों को भरने की योजना है। इसमें 2,000 से अधिक पद चिकित्सकों और शिक्षण संकाय के हैं। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ईएसआईसी अर्ध-चिकित्सा क्षेत्र की नौकरियों के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 10 विषयों में पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। यादव ने चेन्नई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ईएसआईसी ने 6,400 रिक्तियों को भरने की योजना बनाई है, जिसमें 2,000 से अधिक चिकित्सकों और शिक्षण संकाय के पद शामिल हैं। बयान में यादव के हवाले से कहा गया कि केंद्र सरकार की 'निर्माण से शक्ति' पहल के तहत देश भर में 100 बिस्तरों वाले 23 नए अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं।
- देहरादून । हरिद्वार के ‘एप्पल स्टोर' से चार साल पहले लाखों रुपये के मोबाइल फोन और लैपटॉप चोरी करने के मामले में वांछित अपराधी को शिरडी से गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को दी। एसटीएफ हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आयुष अग्रवाल ने बताया कि बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन के रहने वाले आरोपी राजू दास को महाराष्ट्र के शिरडी से गिरफ्तार किया गया। अधिकारी ने कहा कि आरोपी ने चार साल पहले हरिद्वार में एक ‘एप्पल स्टोर' से लगभग 40 लाख रुपये के मोबाइल फोन और लैपटॉप चुराए थे और तब से फरार था। उन्होंने कहा कि आरोपी के गिरोह के छह अन्य सदस्यों को भी शिरडी से गिरफ्तार किया गया। अग्रवाल ने कहा कि दोनों आरोपी मिलकर शिरडी के कुछ ब्रांडेड मोबाइल और लैपटॉप शोरूम में बड़ी चोरी करने की योजना बना रहे थे। एसटीएफ एसएसपी ने कहा कि आरोपी दास पर एक लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने कहा कि गिरोह देश भर में कई आपराधिक मामलों में वांछित है।(प्रतीकात्मक फोटो)
- देहरादून । कॉर्बेट बाघ अभयारण्य में पेड़ की अवैध कटाई और निर्माण गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में एक पूर्व वन अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक, सतर्कता (हल्द्वानी), प्रह्लाद मीणा ने शनिवार को कहा कि शुक्रवार को गाजियाबाद के वैशाली से आरोपी पूर्व डीएफओ किशन चंद को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि उस पर कॉर्बेट बाघ अभयारण्य के कालागढ़ वन प्रभाग के मोरघट्टी और पखरो रेंज में पेड़ों की अवैध कटाई और निर्माण में शामिल होने का आरोप था और उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया गया है। निलंबित डीएफओ अब सेवानिवृत्त हो चुका है और अक्टूबर से फरार था। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने मामले में पहले उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। किशन चंद पर मोरघट्टी फॉरेस्ट रेस्ट हाउस और पखरो में एक पुल के निर्माण में अधिकारियों से जरूरी वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी लिए बिना शामिल होने का आरोप है। आरोपी नियमों का उल्लंघन करते हुए भारतीय राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से पूर्व अनुमति लिए बिना पखरो रेंज में बाघों के बाड़ों के कथित निर्माण में भी शामिल था।file photo



















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