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नई दिल्ली। भारत की विश्वसनीय सरकारी दूरसंचार कंपनी, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) ने शुक्रवार को अपना बहुप्रतीक्षित एक सीमित अवधि का 1 रुपए वाला ऑफर, 'फ्रीडम प्लान' लॉन्च किया है, जिसमें उपभोक्ताओं को पूरे एक महीने के लिए बीएसएनएल की 4G मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल करने का मौका मिलता है। यह पहल बीएसएनएल द्वारा भारत के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में शुरू की गई है और ये नागरिकों को भारत की स्वदेशी रूप से विकसित 4G तकनीक का बगैर किसी शुल्क के अनुभव करने का अवसर प्रदान करती है।
इस प्लान में शामिल हैं:असीमित वॉयस कॉल (लोकल/एसटीडी),प्रतिदिन 2 जीबी हाई-स्पीड डेटा,प्रतिदिन 100 एसएमएस, औरएक बीएसएनएल सिम—बिल्कुल मुफ़्त।इस ऑफर की घोषणा करते हुए, बीएसएनएल के सीएमडी, श्री ए. रॉबर्ट जे. रवि ने कहा:"'आत्मनिर्भर भारत' मिशन के तहत डिज़ाइन, विकसित और लागू किए गए बीएसएनएल के 4G के साथ, हमें भारत को उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल करने पर गर्व है, जिन्होंने अपना स्वयं का टेलीकॉम स्टैक तैयार किया है। हमारा 'फ्रीडम प्लान' हर भारतीय को 30 दिनों के लिए इस स्वदेशी नेटवर्क को मुफ़्त में परखने और अनुभव करने का मौका देता है और हमें भरोसा है कि वे बीएसएनएल में आए फर्क को महसूस करेंगे।"उन्होंने कहा कि बीएसएनएल देश भर में मेक-इन-इंडिया तकनीक का उपयोग करके, 1,00,000 4G साइट्स स्थापित कर रहा है, और यह पहल सुरक्षित, उच्च-गुणवत्ता और किफ़ायती मोबाइल कनेक्टिविटी के साथ डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है।सभी नागरिक नज़दीकी बीएसएनएल ग्राहक सेवा केंद्र, रिटेलर पर जाकर या टोल-फ्री नंबर 1800-180-1503 पर कॉल करके फ्रीडम प्लान का लाभ उठा सकते हैं।"बीएसएनएल के मेड-इन-इंडिया 4G के साथ आज़ादी का जश्न मनाएँ" - मुंबई। ऊंची कीमतों के बीच अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सोने की वैश्विक मांग सालाना आधार पर तीन प्रतिशत बढ़कर 1,249 टन हो गई है। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने बृहस्पतिवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। डब्ल्यूजीसी की 2025 की दूसरी तिमाही की स्वर्ण मांग प्रवृत्ति रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत स्वर्ण निवेश प्रवाह ने तिमाही वृद्धि को काफी हद तक बढ़ावा दिया। तेजी से अप्रत्याशित होते भू-राजनीतिक माहौल और मूल्य गति ने मांग को बनाए रखा। रिपोर्ट कहती है, “गोल्ड ईटीएफ में निवेश की कुल मांग में महत्वपूर्ण भूमिका रही।गोल्ड ईटीएफ में तिमाही के दौरान 170 टन का प्रवाह हुआ, जबकि 2024 की दूसरी तिमाही में इसमें मामूली निकासी देखने को मिली थी।'' रिपोर्ट में कहा गया, “एशियाई सूचीबद्ध कोषों ने 70 टन के साथ अमेरिकी प्रवाह के साथ तालमेल बनाए रखते हुए प्रमुख योगदान दिया। पहली तिमाही में रिकॉर्ड निवेश के साथ, वैश्विक गोल्ड ईटीएफ की मांग 397 टन तक पहुंच गई, जो 2020 के बाद पहली छमाही का उच्चतम योग है।” इस बीच, सोने के बिस्कुट और सिक्के में निवेश भी सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 307 टन हो गया।चीनी निवेशकों ने सालाना 44 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 115 टन का निवेश किया, जबकि भारतीय निवेशकों ने दूसरी तिमाही में कुल 46 टन का निवेश किया। पश्चिमी बाज़ारों में अलग-अलग रुझान उभरे, जहां दूसरी तिमाही में यूरोपीय शुद्ध निवेश दोगुने से भी ज़्यादा बढ़कर 28 टन हो गया, जबकि अमेरिका में सोने के बिस्कुट और सिक्कों की मांग आधी होकर नौ टन रह गई। केंद्रीय बैंकों ने खरीदारी जारी रखी और इस साल अप्रैल-जून तिमाही में पोलैंड, तुर्की और अज़रबैजान ने 166 टन की खरीदारी की। इस सुस्ती के बावजूद, जारी आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण केंद्रीय बैंक की खरीदारी काफी ऊंचे स्तर पर बनी रही। रिपोर्ट में कहा गया, “हमारे वार्षिक केंद्रीय बैंक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 95 प्रतिशत रिजर्व प्रबंधकों का मानना है कि अगले 12 महीनों में वैश्विक केंद्रीय बैंक स्वर्ण भंडार में वृद्धि होगी।” आभूषणों की मांग में गिरावट जारी रही, खपत की मात्रा में 14 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 2020 में कोविड महामारी के दौरान देखे गए निम्नतम स्तर के करीब पहुंच गई।
- नयी दिल्ली। टाटा मोटर्स एक अरब यूरो इक्विटी पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। कंपनी इटली की वाणिज्यिक वाहन विनिर्माता इवेको ग्रुप के अधिग्रहण के वास्ते आवश्यक 3.8 अरब यूरो के लिए यह राशि जुटा रही है। इस अधिग्रहण से यह वैश्विक स्तर पर चौथी सबसे बड़ी ट्रक विनिर्माता कंपनी बन जाएगी।कंपनी ने बुधवार को घोषणा की थी कि वह इवेको ग्रुप का अधिग्रहण करेगी जिसमें रक्षा कारोबार शामिल नहीं है। यह सौदा 3.8 अरब यूरो (करीब 38,240 करोड़ रुपये) में होगा, जो भारतीय वाहन विनिर्माता कंपनी का सबसे बड़ा अधिग्रहण होगा। टाटा मोटर्स समूह के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) पी. बी. बालाजी ने कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा, ‘‘ मॉर्गन स्टेनली और एमयूएफजी द्वारा प्रतिबद्ध ‘ब्रिज फाइनेंसिंग' सुविधा के माध्यम से 3.8 अरब यूरो का वित्तपोषण पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है ...उम्मीद है कि लेनदेन के पूरा होने के बाद अगले 12 से 18 महीने में इक्विटी और दीर्घकालिक ऋण के संयोजन द्वारा इसे समाप्त कर दिया जाएगा।'' ‘ब्रिज फाइनेंसिंग' एक अल्पकालिक ऋण है जिसका उपयोग अक्सर तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति या कंपनी को एक बड़े, दीर्घकालिक ऋण या वित्तपोषण स्रोत के आने से पहले तत्काल नकदी की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि यह लेनदेन अगले साल अप्रैल तक पूरा हो जाएगा, बशर्ते सभी नियामकीय मंजूरियां मिल जाएं।''
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नयी दिल्ली. सहकारी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इफको ने के. जे. पटेल को अपना नया प्रबंध निदेशक (एमडी) नियुक्त किया है। पूर्व प्रमुख यू. एस. अवस्थी का कार्यकाल आज यानी बृहस्पतिवार को समाप्त हो रहा है। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघानी ने बयान में कहा कि पटेल को नया प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है।
पटेल अभी तक इफको में निदेशक (तकनीकी) थे। वह भारत के सबसे बड़े जटिल उर्वरक संयंत्र, इफको पारादीप संयंत्र का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने सौराष्ट्र विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है और उन्हें नाइट्रोजन एवं फॉस्फेट उर्वरक संयंत्रों के रखरखाव में 32 वर्ष से अधिक का समृद्ध अनुभव है। संघानी ने कहा, ‘‘ पटेल अपने साथ उद्योग की गहन समझ और सिद्ध रणनीतिक सोच लेकर आए हैं जो इफको के लक्ष्यों के अनुरूप है।'' उन्होंने इफको के साथ-साथ देश भर के किसानों के लिए निवर्तमान एमडी यू.एस. अवस्थी के योगदान और समर्पण की सराहना भी की। - नयी दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को कहा कि सरकार ने वाहन उद्योग में भारत को दुनिया का अग्रणी देश बनाने का लक्ष्य रखा है। गडकरी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि वाहन क्षेत्र ने अबतक देश में 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार दिया है, जो किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय वाहन उद्योग का आकार अब 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है।... हम सभी का मिशन है कि इस उद्योग को दुनिया में पहले स्थान पर लेकर जाएं।'' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिलहाल अमेरिका के वाहन उद्योग का आकार 78 लाख करोड़ रुपये है और चीन का वाहन उद्योग 47 लाख करोड़ रुपये है। भारत इस मामले में तीसरे स्थान पर है। गडकरी ने कहा कि 2014 में जब उन्होंने मंत्रालय का कार्यभार संभाला था, तब यह उद्योग केवल 7.5 लाख करोड़ रुपये का था। उन्होंने कहा कि वाहन क्षेत्र न केवल सबसे अधिक रोजगार दे रहा है, बल्कि केंद्र और राज्य सरकारों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के जरिये सबसे अधिक राजस्व भी दे रहा है। हालांकि, गडकरी ने इस बात को भी स्वीकार किया कि देश में कुल प्रदूषण का 40 प्रतिशत हिस्सा परिवहन क्षेत्र से आता है। उन्होंने इस एक आर्थिक चुनौती बताते हुए उद्योग जगत से हरित और वैकल्पिक ईंधन पर जोर देने को कहा।
- वाशिंगटन. रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले सिर्फ़ 0.2 प्रतिशत से बढ़कर अब कुल कच्चे तेल के आयात में 35-40 प्रतिशत तक पहुंचते-पहुंचते रूसी कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका जाने वाले सभी उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क और उसके ऊपर जुर्माना लगाने की घोषणा के बाद यह एक नई जांच का विषय बन गया है। भारत ऐतिहासिक रूप से अपना अधिकांश तेल इराक और सऊदी अरब सहित पश्चिम एशिया से खरीदता रहा है। हालांकि, फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद स्थिति बदल गई। चीन और अमेरिका के बाद दुनिया के तीसरे सबसे बड़े कच्चे तेल के आयातक भारत ने ‘छूट' पर उपलब्ध रूसी तेल खरीदना शुरू कर दिया। पश्चिम में कुछ लोगों ने यूक्रेन पर आक्रमण के लिए रूस को दंडित करने के साधन के रूप में इसे कच्चे तेल की आपूर्ति अस्वीकार कर दिया था। रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने से पहले भारत के आयात में रूस की बाजार हिस्सेदारी मात्र 0.2 प्रतिशत थी, लेकिन अब वह इराक और सऊदी अरब को पीछे छोड़कर यह भारत का नंबर एक आपूर्तिकर्ता बन गया है। इसकी हिस्सेदारी एक समय में 40 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। इस महीने, रूस ने भारत द्वारा आयातित कुल कच्चे तेल का 36 प्रतिशत आपूर्ति किया, जिसे पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधनों में परिवर्तित किया जाता है। अमेरिका जाने वाले सभी भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क या कर लगाने की घोषणा करते हुए, ट्रंप ने कहा कि भारत ‘हमेशा अपने अधिकांश सैन्य उपकरण रूस से खरीदता रहा है, और चीन के साथ, रूस का सबसे बड़ा ऊर्जा खरीदार ऐसे समय में है जब हर कोई चाहता है कि रूस यूक्रेन में हत्याएं रोके।” उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “इसलिए भारत को पहली अगस्त से उपरोक्त (रूसी खरीद) के लिए 25 प्रतिशत शुल्क और जुर्माना देना होगा।” वैश्विक रीयल-टाइम डेटा और एनालिटिक्स प्रदाता केप्लर के अनुसार, जनवरी, 2022 में भारत ने रूस से प्रतिदिन 68,000 बैरल कच्चा तेल खरीदा। उस महीने, इराक से भारत का आयात 12.3 लाख बैरल प्रतिदिन और सऊदी अरब से 8,83,000 बैरल प्रतिदिन था। जून, 2022 में, रूस इराक को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया। उस महीने उसने 11.2 लाख बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति की, जबकि इराक से 9,93,000 बैरल प्रतिदिन और सऊदी अरब से 6,95,000 बैरल प्रतिदिन की आपूर्ति हुई।
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नयी दिल्ली. देश की प्रमुख वाहन विनिर्माता टाटा मोटर्स ने बुधवार को इटली की वाणिज्यिक वाहन कंपनी इवेको ग्रुप एनवी का करीब 3.8 अरब यूरो (लगभग 38,240 करोड़ रुपये) में अधिग्रहण करने की घोषणा की। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उसके निदेशक मंडल की कार्यकारी समिति ने इवेको ग्रुप की 100 प्रतिशत सामान्य शेयर पूंजी के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। यह अधिग्रहण इटली की कंपनी के रक्षा व्यवसाय को छोड़कर पूरी तरह नकद भुगतान के जरिये किया जाएगा। यह अधिग्रहण सभी नियामकीय एवं कानूनी मंजूरियों के अधीन होगा। इस अधिग्रहण के तहत टाटा मोटर्स 2,71,215,400 सामान्य शेयरों के अधिग्रहण के लिए स्वैच्छिक निविदा पेशकश लेकर आएगी। इसमें प्रति शेयर 14.1 यूरो नकद भुगतान का प्रस्ताव है। यह पेशकश कम-से-कम 80 प्रतिशत शेयरों की स्वीकार्यता पर निर्भर होगी।
टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल कारोबार के अलग होने के बाद इस अधिग्रहण को ‘स्वाभाविक अगला कदम' बताया। उन्होंने कहा, “इस अधिग्रहण से संयुक्त समूह भारत और यूरोप को रणनीतिक घरेलू बाजार बनाकर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।” इवेको ग्रुप की चेयरपर्सन सुजेन हेवुड ने इसे ‘सतत गतिशीलता के साझा दृष्टिकोण वाली दो कंपनियों का रणनीतिक मेल' बताया। -
नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड का जून, 2025 की तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 11 प्रतिशत बढ़कर 6,108.46 करोड़ रुपये हो गया। देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी ने पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-जून तिमाही में 5,506.07 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। कंपनी का परिचालन राजस्व पहली तिमाही में घटकर 47,065.36 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 48,528.88 करोड़ रुपये था। हालांकि, अन्य आय सालाना आधार पर 452.80 करोड़ रुपये से बढ़कर 755.75 करोड़ रुपये हो गई। कुल व्यय 42,539.94 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 41,844.18 करोड़ रुपये था। इस बीच, कंपनी के निदेशक मंडल ने एनटीपीसी लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के रूप में गुरदीप सिंह की फिर से नियुक्ति को मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव पर आगामी वार्षिक आम बैठक में कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी।
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नयी दिल्ली. अमेरिका की दैनिक उपयोग की घरेलू वस्तुएं बनाने वाली प्रॉक्टर एंड गैंबल कंपनी ने भारत में जन्मे शैलेश जेजुरिकर को अपना अगला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। जेजुरिकर एक जनवरी 2026 से उपभोक्ता सामान बनाने वाली इस बहुराष्ट्रीय कंपनी का नेतृत्व करेंगे।
पीएंडजी भारतीय बाजार में भी एक अग्रणी एफएमसीजी कंपनी है जो एरियल, टाइड, व्हिस्पर, ओले, जिलेट, अम्बिपुर, पैम्पर्स, पैंटीन, ओरल-बी, हेड एंड शोल्डर्स और विक्स जैसे ब्रांड के साथ काम करती है। सिनसिनाटी (ओहियो) स्थित कंपनी के बयान के अनुसार, जेजुरिकर (58) 1989 में सहायक ब्रांड प्रबंधक के रूप में प्रॉक्टर एंड गैंबल (पीएंडजी) में शामिल हुए थे। शीर्ष नेतृत्व परिवर्तन के तहत वह जॉन मोलर का स्थान लेंगे। पीएंडजी ने बयान में कहा गया, ‘‘ शैलेश जेजुरिकर एक जनवरी 2026 से प्रॉक्टर एंड गैंबल के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में जॉन मोलर का स्थान लेंगे। निदेशक मंडल ने अक्टूबर 2025 में वार्षिक शेयरधारक बैठक में निदेशक के रूप में चुनाव के लिए खड़े होने के लिए भी जेजुरिकर को नामित किया है।'' भारतीय मूल के कई व्यक्ति बड़ी कंपनियों के शीर्ष पद पर काबिज हैं। मुरादाबाद में जन्मे सबीह खान को इस महीने की शुरुआत में आईफोन विनिर्माता कंपनी एप्पल के मुख्य परिचालन अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया। सत्य नडेला माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन एवं सीईओ हैं, जबकि सुंदर पिचाई गूगल और उसकी होल्डिंग कंपनी अल्फाबेट दोनों के सीईओ हैं। दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक एडोब के प्रमुख एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी शांतनु नारायण और आईबीएम के चेयरमैन, अध्यक्ष एवं सीईओ अरविंद कृष्णा हैं। साथ वैश्विक फार्मा कंपनी नोवार्टिस के सीईओ वसंत नरसिम्हन और वैश्विक बायोटेक कंपनी वर्टेक्स की सीईओ एवं अध्यक्ष रेशमा केवलरमानी हैं। इसी तरह, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के चेयरमैन, अध्यक्ष और एवं संजय मेहरोत्रा, कैडेंस के अध्यक्ष एवं सीईओ अनिरुद्ध देवगन और शनैल की वैश्विक सीईओ लीना नायर हैं। - नयी दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) इस साल अपने वैश्विक कार्यबल के लगभग दो प्रतिशत या 12,261 कर्मचारियों की छंटनी करने वाली है, जिनमें से ज्यादातर मध्यम और वरिष्ठ स्तर के होंगे। टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या 30 जून, 2025 तक 6,13,069 थी। हाल ही में समाप्त अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने अपने कर्मचारियों की संख्या में 5,000 की वृद्धि की। टीसीएस ने एक बयान में कहा कि यह कदम कंपनी की भविष्य के लिए तैयार संगठन बनने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत नई तकनीक के क्षेत्रों में निवेश, नए बाजारों में प्रवेश, ग्राहकों और स्वयं के लिए बड़े पैमाने पर एआई का उपयोग, साझेदारियों को मजबूत करना, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का निर्माण और अपने कार्यबल मॉडल को पुनर्गठित करने पर ध्यान दिया जाएगा। कंपनी ने कहा, ''इस यात्रा के एक भाग के रूप में, हम संगठन से उन सहयोगियों को भी हटाएंगे जिनकी तैनाती संभव नहीं हो सकती है। इसका प्रभाव हमारे वैश्विक कार्यबल के लगभग दो प्रतिशत पर पड़ेगा। इसमें मुख्य रूप से मध्यम और वरिष्ठ श्रेणी के अधिकारी होंगे।'' टीसीएस प्रभावित कर्मचारियों को उचित लाभ, क्षतिपूर्ति, परामर्श और सहायता देगी।
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नई दिल्ली। इंडियन कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पॉन्स टीम (सर्ट-इन) ने पहली बार सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों के लिए साल में कम से कम एक बार थर्ड पार्टी से साइबर सुरक्षा ऑडिट कराना अनिवार्य कर दिया है। यह नियम उन संगठनों के लिए लागू किया गया है जिनके पास डिजिटल सिस्टम, प्रक्रियाओं अथवा इन्फ्रास्ट्रक्चर है या फिर वे इसका परिचालन करते हैं। निजी क्षेत्र के पहली बार ऐसा निर्देश जारी किया गया है।
सर्ट-इन ने कहा है कि उसके दिशानिर्देश क्षेत्रीय नियामकों को जरूरत पड़ने पर एक से ज्यादा बार ऑडिट अनिवार्य करने की अनुमति भी देते हैं। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की सभी कंपनियों के लिए जारी किए गए दिशानिर्देशों में सर्ट-इन ने कहा है कि साइबर सुरक्षा ऑडिट में जोखिम आधारित और डोमेन विशिष्ट नजरिया अपनाना चाहिए, जो ऑडिट की जा रही कंपनी के कारोबारी संदर्भ, खतरे के परिदृश्य और परिचालन प्राथमिकताओं के अनुरूप है। बिज़नेस स्टैंडर्ड ने नए दिशानिर्देशों की एक प्रति देखी है।सभी क्षेत्रों में साइबर स्वच्छता मजबूत करने के मकसद से तैयार किए गए नए दिशानिर्देश बढ़ते डिजिटल खतरे और महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर उल्लंघन की बढ़ती संख्या के बीच जारी किए गए हैं।इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की डिजिटल जोखिम विश्लेषण मूल्यांकन और रोकथाम एजेंसी सर्ट-इन ने सिस्टम ओवरहॉल, प्रौद्योगिकी में बदलाव अथवा कॉन्फिग्रेशन एडजस्टमेंट, जिससे संवेदनशील डेटा और महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं, जैसे किसी भी बड़े बदलाव से पहले संभावित जोखिमों का मूल्यांकन करने, अनुपालन सुनिश्चित करने और क्रियान्वयन से पहले सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए भी साइबर सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया है।सर्ट-इन के दिशानिर्देशों के अनुसार, इन संगठनों को एक व्यापक जोखिम और भेद्यता मूल्यांकन, प्रवेश परीक्षण, नेटवर्क अवसंरचना और परिचालन ऑडिट, सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा नीति समीक्षा, सूचना सुरक्षा परीक्षण, सोर्स कोड समीक्षा और प्रक्रियाओं, संचार, अनुप्रयोगों और मोबाइल अनुप्रयोगों का सुरक्षा परीक्षण भी करना होगा। इसके अलावा, संगठनों को न्यूनतम विशेषाधिकार के सिद्धांत को भी लागू करना होगा। इसके तहत यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक कर्मचारी के पास अपनी विशिष्ट भूमिका या कार्य करने के लिए आवश्यक न्यूनतम स्तर की अनुमतियां हों। अपने कर्मचारियों को रिमोट एक्सेस देने वाली कंपनियां, दुरुपयोग से बचने के लिए संगठन के साइबर-अवसंरचना तक सभी पहुंच को टनल्ड, एन्क्रिप्टेड और लॉग करती हैं। -
नयी दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) इस साल अपने वैश्विक कार्यबल के लगभग दो प्रतिशत या 12,261 कर्मचारियों की छंटनी करने वाली है, जिनमें से ज्यादातर मध्यम और वरिष्ठ स्तर के होंगे। टीसीएस के कर्मचारियों की संख्या 30 जून, 2025 तक 6,13,069 थी। हाल ही में समाप्त अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने अपने कर्मचारियों की संख्या में 5,000 की वृद्धि की। टीसीएस ने एक बयान में कहा कि यह कदम कंपनी की भविष्य के लिए तैयार संगठन बनने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत नई तकनीक के क्षेत्रों में निवेश, नए बाजारों में प्रवेश, ग्राहकों और स्वयं के लिए बड़े पैमाने पर एआई का उपयोग, साझेदारियों को मजबूत करना, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का निर्माण और अपने कार्यबल मॉडल को पुनर्गठित करने पर ध्यान दिया जाएगा। कंपनी ने कहा, ''इस यात्रा के एक भाग के रूप में, हम संगठन से उन सहयोगियों को भी हटाएंगे जिनकी तैनाती संभव नहीं हो सकती है। इसका प्रभाव हमारे वैश्विक कार्यबल के लगभग दो प्रतिशत पर पड़ेगा। इसमें मुख्य रूप से मध्यम और वरिष्ठ श्रेणी के अधिकारी होंगे।'' टीसीएस प्रभावित कर्मचारियों को उचित लाभ, क्षतिपूर्ति, परामर्श और सहायता देगी।
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नई दिल्ली। अगर आप रिटायरमेंट के बाद एक सुरक्षित और बेहतर रिटर्न वाली स्कीम की तलाश कर रहे हैं, तो पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है। इस सरकारी योजना में आप एकमुश्त निवेश करके हर तिमाही तय ब्याज पा सकते हैं।
मान लीजिए कोई व्यक्ति इस योजना में 3 लाख रुपए का निवेश करता है और इसमें 5 साल तक निवेशित रहता है, तो उसे कुल 1.23 लाख रुपए सिर्फ ब्याज के रूप में मिलेंगे। यानी, मैच्योरिटी पर उसे कुल 4.23 लाख रुपए मिलेंगे। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आपको 8.2% सालाना ब्याज मिलता है, जो तिमाही आधार पर दिया जाता है। अगर आप 3 लाख रुपए जमा करते हैं, तो हर तिमाही आपको 6,150 की ब्याज आय होगी।इस योजना में पैसा सुरक्षित रहता है क्योंकि यह केंद्र सरकार द्वारा चलाई जाती है। साथ ही, इसमें आयकर की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है। यह योजना खासतौर पर 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए है, लेकिन कुछ खास शर्तों के साथ 55 वर्ष से ऊपर के रिटायर्ड कर्मचारी भी इसमें निवेश कर सकते हैं। 50-60 साल के रिटायर्ड रक्षा कर्मियों के लिए भी योजना उपलब्ध है। इस अकाउंट को सिंगल या जॉइंट दोनों तरह से खोला जा सकता है।समय से पहले बंद करने पर क्या होगा?अगर आप योजना की अवधि से पहले खाता बंद करते हैं तो कुछ कटौती का सामना करना पड़ सकता है:1 साल से पहले बंद करने पर: कोई ब्याज नहीं मिलेगा, और अगर ब्याज मिला है तो वह मूलधन से काटा जाएगा।1 से 2 साल के बीच बंद करने पर: 1.5% राशि मूलधन से काटी जाएगी।2 से 5 साल के बीच बंद करने पर: 1% राशि कटेगी।विस्तारित खाता: 1 साल पूरा होने के बाद बिना किसी कटौती के बंद किया जा सकता है।जानिए रिटायरमेंट के समय मिलने वाली कौन-कौन सी राशि होती है शामिलसेवानिवृत्ति लाभ का मतलब है वह समस्त भुगतान जो किसी कर्मचारी को रिटायरमेंट (सुपरएन्युएशन या अन्य कारणों से सेवा समाप्त होने) के समय मिलता है। इन लाभों में कई तरह की रकम शामिल होती हैं, जैसे:प्रोविडेंट फंड की देनदारी।सेवा निवृत्ति, सुपरएन्युएशन या मृत्यु पर मिलने वाला ग्रेच्युटी।पेंशन की एकमुश्त राशि (कम्युटेड पेंशन)।अवकाश नकदीकरण (Cash equivalent of leave) यानी छुट्टियों के बदले मिलने वाली राशि।ग्रुप सेविंग्स लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम में सेविंग्स का वह हिस्सा, जो रिटायरमेंट पर नियोक्ता द्वारा दिया जाता है।कर्मचारी पारिवारिक पेंशन योजना के तहत रिटायरमेंट या विदड्रॉल का लाभ औरवॉलंटरी या स्पेशल वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम के तहत मिलने वाली अनुग्रह राशि (ex-gratia)।अगर किसी कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उपरोक्त सभी लाभ उसके परिजनों को दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में भी इन्हें सेवानिवृत्ति लाभ के अंतर्गत माना जाता है। - नयी दिल्ली। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में घोषित शुल्क कटौती के कारण, रोल्स-रॉयस, बेंटले और एस्टन मार्टिन जैसे ब्रिटिश प्रमुख वाहन ब्रांड घरेलू बाजार में सस्ते हो जाएंगे। इस व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के बाद, ब्रिटेन के वाहन ब्रांड दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में अधिक कारें बेचने की कोशिश करेंगे और अमीरों को लक्षित करेंगे। आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) कहे जाने वाले इस समझौते पर बृहस्पतिवार को लंदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके ब्रिटिश समकक्ष केअर स्टार्मर की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। समझौते के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच कोटा के तहत वाहन आयात पर शुल्क वर्तमान में लगभग 110 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत रह जाएगा। यहां प्रमुख ब्रिटिश लक्ज़री वाहन ब्रांड पर एक नज़र डाली गई है।- भारतीय बाजार में रोल्स रॉयस कार की कीमत 7.5 करोड़ रुपये से लेकर 12.25 करोड़ रुपये तक है।- भारत में बेंटले मॉडल की कीमत पांच करोड़ रुपये से लेकर सात करोड़ रुपये तक है।- देश में एस्टन मार्टिन के मॉडल की कीमत वर्तमान में 3.99 करोड़ रुपये से 8.85 करोड़ रुपये के बीच है।- जगुआर लैंड रोवर की कीमत लगभग 68 लाख रुपये से 2.75 करोड़ रुपये तक है।- लोटस कारों की कीमत दो करोड़ रुपये से लेकर लगभग तीन करोड़ रुपये तक है।- मैकलारेन कारों की कीमत लगभग 4.5 करोड़ रुपये से लेकर लगभग छह करोड़ रुपये तक है।
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नई दिल्ली। दूरसंचार क्षेत्र में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) की लाभार्थी कंपनियों ने सामूहिक रूप से 4,305 करोड़ रुपए का निवेश किया है, जिससे 85,391 करोड़ रुपए की बिक्री हुई है, जिसमें 16,414 करोड़ रुपए का निर्यात (31 मई, 2025 तक) शामिल है।
दूरसंचार पीएलआई योजना के तहत कुल 42 कंपनियों को लाभार्थी के रूप में चिन्हित किया गया हैसंचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इस निवेश से 28,067 लोगों को रोजगार भी मिला है। दूरसंचार और नेटवर्किंग उत्पादों के लिए पीएलआई योजना का उद्देश्य इस सेक्टर में 12,195 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। दूरसंचार पीएलआई योजना के तहत कुल 42 कंपनियों को लाभार्थी के रूप में चिन्हित किया गया है। इसके अलावा, 5जी सेवाओं को शुरू करने के लिए, 700 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड सहित अंतरराष्ट्रीय मोबाइल दूरसंचार (आईएमटी) के लिए विभिन्न स्पेक्ट्रम बैंडों में एक्सेस स्पेक्ट्रम वर्ष 2022 और 2024 में आयोजित स्पेक्ट्रम नीलामी के माध्यम से दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) को आवंटित किया गया है।नीलामी के माध्यम से स्पेक्ट्रम प्राप्त करने वाले सफल बोलीदाताओं को 5जी सहित किसी भी आईएमटी तकनीक को लागू करने की अनुमति हैनीलामी के माध्यम से स्पेक्ट्रम प्राप्त करने वाले सफल बोलीदाताओं को 5जी सहित किसी भी आईएमटी तकनीक को लागू करने की अनुमति है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “डाक विभाग ने डाकघर बचत बैंक सेवाओं के डिजिटलीकरण, डाक जीवन बीमा को कागज रहित और ऑनलाइन प्रणाली में परिवर्तित करने, डाक घर निर्यात केंद्रों की स्थापना और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग, बीमा और ई-कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ई-कॉमर्स संस्थाओं के साथ सहयोग जैसी नई पहल की हैं।”दूरसंचार विभाग ने संचार क्षेत्र में इनोवेशन और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैंदूरसंचार विभाग (डीओटी) ने संचार क्षेत्र में इनोवेशन और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ‘डिजिटल कम्युनिकेशंस इनोवेशन स्क्वायर (डीसीआईएस)’ योजना के तहत, दूरसंचार विभाग ने स्वदेशी 5जी सहित उन्नत तकनीकों के विकास को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स और एमएसएमई द्वारा संचालित 126 परियोजनाओं को 108 करोड़ रुपए के कुल बजटीय परिव्यय के साथ समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि देश की सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए भारतनेट परियोजना को चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित किया जा रहा है और अब तक 2,14,325 जीपी को सेवा के लिए तैयार किया जा चुका है।( - नयी दिल्ली. ।गूगल प्ले और एंड्रॉयड ने 2024 में ऐप पब्लिशर और व्यापक भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अनुमानित चार लाख करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न किया। ‘ऐप पब्लिशर' से तात्पर्य ऐप (एप्लिकेशन) बनाने और उन्हें लोगों तक पहुंचाने वाली कंपनियों या लोगों से है। अर्थशास्त्र, नीति और राय अनुसंधान कंसल्टेंसी पब्लिक फर्स्ट की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जो स्मार्टफोन के तेजी से बढ़ते चलन, किफायती डेटा और डेवलपर एवं उद्यमियों के गतिशील परिवेश से अभूतपूर्व गति का अनुभव कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘ गूगल प्ले और एंड्रॉयड ने ऐप पब्लिशर और भारत की व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए 2024 में चार लाख करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न किया।'' इसमें कहा गया कि ऐप परिवेश गूगल प्ले और एंड्रॉयड ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर 35 लाख से अधिक नौकरियां उत्पन्न की।
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नयी दिल्ली. इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कंपनी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के तिपहिया वाहन एल्ट्रा सिटी एक्सट्रा ने एक बार चार्ज होने के बाद 324 किलोमीटर की दूरी तय कर भारत में नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने बुधवार को यह दावा करते हुए कहा कि इसके साथ ही कंपनी इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल हो गई है। कंपनी ने बयान में कहा कि उसकी अगली पीढ़ी की एल्ट्रा सिटी एक्सट्रा ने पूरी तरह चार्ज होने के बाद कर्नाटक के बेंगलुरु से तमिलनाडु के रानीपेट तक की 324 किलोमीटर की दूरी तय की है। इसके साथ ही इसका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में दर्ज हो गया है। ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मुख्य कारोबार अधिकारी (सीबीओ) मनोज एमपी ने कहा, “यह एक रिकॉर्ड से कहीं बढ़कर है। यह रोज़मर्रा के उद्यमियों को भरोसेमंद एवं उच्च प्रदर्शन वाले इलेक्ट्रिक यातायात समाधान उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एल्ट्रा सिटी एक्सट्रा के साथ हमने न सिर्फ नए मानक स्थापित किए हैं बल्कि किफ़ायती दाम पर नवाचार और सुरक्षा उपलब्ध कराने के वादे को और मजबूत भी बना लिया है।” इसी माह पेश एल्ट्रा सिटी एक्सट्रा, 2024 में एक चार्जिंग में 225 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली एल्ट्रा सिटी का अगली पीढ़ी का उन्नत संस्करण है। ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के प्रबंध निदेशक विकास सिंह ने कहा, “अल्ट्रा सिटी एक्सट्रा को ‘आज और आने वाले कल की सड़कों के लिए' डिज़ायन किया गया है। -
नयी दिल्ली,स्टॉकिस्ट के भारी खरीदारी से बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमतें 4,000 रुपये बढ़कर 1,18,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं जबकि सोने में 1,000 रुपये की तेजी रही। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,000 रुपये बढ़कर 1,01,020 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,00,020 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।
बुधवार को 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 900 रुपये बढ़कर 1,00,450 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 99,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने के साथ सोने की मांग बनी हुई है। इसका मुख्य कारण एक अगस्त की समयसीमा से पहले व्यापार समझौता होने की घटती उम्मीदें हैं।'' गांधी ने कहा कि इस अनिश्चितता ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है जिससे सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर में समग्र कमजोरी से भी कीमती धातु को समर्थन मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को चांदी 3,000 रुपये बढ़कर 1,14,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। पिछले तीन सत्रों में इसमें 7,500 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई थी। सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि चांदी में तेजी का मौजूदा रुझान मुख्य रूप से औद्योगिक मांग से प्रेरित है। इस बीच, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सितंबर आपूर्ति के लिए चांदी वायदा 896 रुपये यानी 0.77 प्रतिशत बढ़कर 1,16,551 रुपये प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, कमोडिटी एक्सचेंज में अगस्त आपूर्ति के लिए सोना वायदा 24 रुपये गिरकर 1,00,305 डॉलर प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना 0.26 प्रतिशत गिरकर 3,422.87 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध उपाध्यक्ष और विश्लेषक (जिंस एवं मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि निवेशक अमेरिका, ब्रिटेन और यूरो क्षेत्र से विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़ों का इंतजार करेंगे। इससे निकट भविष्य में सर्राफा कीमतों की दिशा के बारे में संकेत मिलेंगे। विदेशी बाजारों में हाजिर चांदी 0.26 प्रतिशत बढ़कर 39.39 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। -
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 539.83 अंक या 0.66 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,726.64 और निफ्टी 159 अंक या 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,219.90 पर बंद हुआ।
बैंकिंग शेयरों ने बाजार का नेतृत्व किया और निफ्टी बैंक 0.80 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआबैंकिंग शेयरों ने बाजार का नेतृत्व किया और निफ्टी बैंक 0.80 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ, जो कि मुख्य सूचकांक में दर्ज की गई बढ़त से अधिक है। लार्जकैप के साथ मिडकैप में भी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 203.70 अंक या 0.34 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,307.10 पर बंद हुआ। हालांकि, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट 18,893 पर बंद हुआ।सेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, मेटल और एनर्जी सबसे ज्यादा बढ़ने वाले इंडेक्स थेसेक्टोरल आधार पर ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, मेटल और एनर्जी सबसे ज्यादा बढ़ने वाले इंडेक्स थे। एफएमसीजी, रियल्टी और मीडिया सबसे ज्यादा गिरने वाले इंडेक्स थे। सेंसेक्स पैक में टाटा मोटर्स, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, इटरनल (जोमैटो), एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, एसबीआई, टीसीएस, एनटीपीसी और एचसीएल टेक टॉप गेनर्स थे। एचयूएल, अल्ट्राटेक सीमेंट, बीईएल, आईटीसी, टाइटन और टेक महिंद्रा टॉप लूजर्स थे।वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही की आय में मिली जुली शुरुआत के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाईजियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही की आय में मिली जुली शुरुआत के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। अमेरिका-जापान व्यापार समझौते ने बाजार में सकारात्मक भावना पैदा की है। इसके अतिरिक्त, भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति ने भी सकारात्मक रुख को और बढ़ाया है।वैश्विक व्यापार वार्ताओं में निरंतर प्रगति से निकट भविष्य में व्यापार तनाव कम होने और बाजार में अधिक स्थिरता आने की उम्मीद हैउन्होंने आगे कहा कि वैश्विक व्यापार वार्ताओं में निरंतर प्रगति से निकट भविष्य में व्यापार तनाव कम होने और बाजार में अधिक स्थिरता आने की उम्मीद है। हालांकि उच्च मूल्यांकन चिंता का विषय बना हुआ है, लेकिन मौजूदा बाजार मजबूती निकट भविष्य में आय में सुधार की संभावना का संकेत देती है। हालांकि, इस सुधार की गति और स्थिरता बाजार की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी। बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सुबह 9:35 बजे, सेंसेक्स 175 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 82,365 पर और निफ्टी 58 अंक या 0.23 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,119 पर था।( - रायपुर। जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड का नाम अधिकृत रूप से बदलकर जिन्दल स्टील लिमिटेड कर दिया गया है। यह नाम परिवर्तन भारत सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से अनुमोदन के बाद कल प्रभावी हुआ है।जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड का नाम बदलकर जिन्दल स्टील लिमिटेड करने की मुख्य वजह यह है कि कंपनी सिर्फ अपने मुख्य काम, यानी स्टील उत्पादन पर अधिक ध्यान देने और भविष्य में एक मज़बूत स्टील कंपनी के रूप में आगे बढऩे के लिए प्रतिबद्ध है। इस नए नाम से कंपनी को देश और विदेश, दोनों जगह अपनी पहचान साफ़ तौर पर स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, कंपनी अपनी पुरानी पहचान और मूल्यों को भी बनाए रखेगी।यह परिवर्तन कंपनी (इनकॉरपोरेशन) नियम-2014 के नियम-29 के अनुसार किया गया है । इसकी पुष्टि के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा नए नाम को दर्शाने वाला इनकॉरपोरेशन प्रमाणपत्र जारी किया गया है। कंपनी की कॉरपोरेट पहचान संख्या (CIN: L27105HR1979PLC009913 ) या इसके पंजीकृत कार्यालय के पते में कोई बदलाव नहीं हुआ है। पंजीकृत कार्यालय का पता जिन्दल स्टील लिमिटेड, ओ.पी. जिन्दल मार्ग, हिसार - 125005, हरियाणा (भारत) ही रहेगा ।जिन्दल स्टील का नाम भले ही बदल गया हो, लेकिन यह पहले की तरह ही एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी रहेगी, जिसके शेयरों की खरीद-बिक्री लोग कर सकेंगे । कंपनी के जितने भी पुराने अधिकार, जिम्मेदारियां, लेन-देन और करार हैं, वे सब वैसे के वैसे रहेंगे और पूरी तरह से लागू होंगे । इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। कंपनी ने इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से समस्त शेयरधारकों, भागीदारों और आम नागरिकों का ध्यान आकर्षित किया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि नाम परिवर्तन के सिलसिले में सभी स्टॉक एक्सचेंजों और अन्य वैधानिक प्राधिकरणों को अवगत कराया गया है।जिन्दल स्टील के बारे मेंजिन्दल स्टील एक बड़ी औद्योगिक कंपनी है, जो स्टील उत्पादन, खनन और इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण कार्य कर रही है। इस कंपनी ने पूरी दुनिया में 12 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) का निवेश किया है । यह लगातार अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा रही है और बेहतरीन व विश्वसनीय ढंग से काम करके मजबूती से आगे बढ़ रही है ताकि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में निरंतर योगदान कर सके। एक अग्रणी स्टील निर्माता के रूप में, जिन्दल स्टील औद्योगिक विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने के उद्देश्य से कार्बन फुटप्रिंट घटाने और कामकाज के आधुनिक तौर-तरीके अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें: कुलदीप सिंह, +919899692981; [email protected]जिन्दल स्टील लिमिटेड (पूर्व में जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड)
- नयी दिल्ली. मुंबई में 10 करोड़ रुपये और उससे अधिक कीमत वाले बेहद आलीशान (अल्ट्रा-लक्जरी) घरों की बिक्री इस साल पहली छमाही (जनवरी-जून) में 20 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 14,751 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। संपत्ति सलाहकार इंडिया सोथबी इंटरनेशनल रियल्टी (आईएसआईआर) और डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स की एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। यह रिपोर्ट मुंबई के आलीशान आवास बाजार (प्राथमिक और द्वितीयक दोनों) पर आधारित है।आंकड़ों के अनुसार, मूल्य के लिहाज से मुंबई में बेहद आलीशान घरों (10 करोड़ रुपये और उससे अधिक) की बिक्री इस साल के पहले छह महीनों में 20 प्रतिशत बढ़कर 14,751 करोड़ रुपये हो गई। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि में 12,285 करोड़ रुपये था। मात्रा के लिहाज से, इस साल जनवरी-जून में बेहद आलीशान घरों की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 692 इकाई हो गई, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 622 इकाई रही थी। आईएसआईआर के कार्यकारी निदेशक सुदर्शन शर्मा ने कहा, ‘‘मुंबई का लक्जरी रियल एस्टेट बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। वर्ष 2025 की पहली छमाही में रिकॉर्ड बिक्री खासतौर से वर्ली, प्रभादेवी, ताड़देव, मालाबार हिल और बांद्रा पश्चिम जैसे स्थापित बाजारों में लगातार मांग का संकेत देती है।'' उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे और आलीशान घरों की नई आपूर्ति के कारण मांग बढ़ी है।सीआरई मैट्रिक्स के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अभिषेक किरण गुप्ता ने कहा कि मुंबई के आलीशान आवास बाजार में खरीदारों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है।
- नयी दिल्ली. एयरलाइन कंपनी अकासा एयर ने 2032 तक अपने विमानों के बेड़े की संख्या को 226 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी अंकुर गोयल ने मंगलवार को कहा कि एयरलाइन का इस अवधि के दौरान सालाना 25 से 30 प्रतिशत की क्षमता जोड़ने का इरादा है। आकासा एयर की शुरुआत 2022 में हुई थी। वर्तमान में 30 बोइंग 737 मैक्स विमानों के बेड़े के साथ यह 23 घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानों का परिचालन करती है। राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाता सम्मेलन में गोयल ने कहा कि एयरलाइन कंपनी लागत पर ध्यान दे रही है।अकासा एयर ने 226 बोइंग 737 मैक्स विमानों के ऑर्डर दिए हैं। इनमें से 30 का वर्तमान में कंपनी द्वारा परिचालन किया जा रहा है। गोयल ने कहा कि विमानन कंपनी का लक्ष्य 2032 तक बेड़े में 226 विमान रखना है। उन्होंने कहा कि अगले सात साल में हमारा सालाना क्षमता में 25 से 30 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य है।
- आणंद (गुजरात). सहकारी नेता अशोक चौधरी मंगलवार को ‘अमूल' ब्रांड का संचालन करने वाली सहकारी संस्था ‘गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ' (जीसीएमएमएफ) के निर्विरोध चेयरमैन चुने गए। यह महासंघ गुजरात और देश के कई अन्य राज्यों में दूध और डेयरी उत्पादों का विपणन करता है। आणंद के जिला कलेक्टर और चुनाव अधिकारी प्रवीण चौधरी ने बताया कि गोरधन धमेलिया को जीसीएमएमएफ का निर्विरोध वाइस चेयरमैन चुना गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अशोक चौधरी और गोरधन धमेलिया निर्विरोध चुने गए क्योंकि इन पदों के लिए कोई अन्य नामांकन प्राप्त नहीं हुआ था।'' जीसीएमएमएफ के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव के लिए महासंघ की यहां बैठक आयोजित हुई थी। गुजरात की 18 सहकारी डेयरी समिति इस महासंघ की सदस्य हैं। अशोक चौधरी मेहसाणा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (दूधसागर डेयरी) के प्रमुख हैं जबकि धमेलिया राजकोट जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (गोपाल डेयरी) के चेयरमैन हैं। जीसीएमएमएफ का चेयरमैन चुने जाने के बाद अशोक चौधरी ने कहा कि वह महासंघ के विकास को सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे, क्योंकि लगभग 36 लाख डेयरी किसान इससे जुड़े हुए हैं।
- नयी दिल्ली. फर्नीचर और घरेलू साजसज्जा का सामान बनाने प्रमुख कंपनी आइकिया इंडिया ने मंगलवार को पैट्रिक एंटनी को अपना अगला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की घोषणा की। आइकिया इंडिया ने बयान में कहा कि एंटनी की नियुक्ति अगस्त, 2025 से प्रभावी होगी और वह देश के खुदरा प्रबंधक और मुख्य स्थिरता प्रबंधक के रूप में भी काम करेंगे। वह सुजैन पुल्वरर की जगह लेंगे, जिन्होंने आइकिया में अपनी भूमिका छोड़ने का फैसला किया है।वह 28 वर्षों तक आइकिया से जुड़ी रहीं और आठ साल से अधिक का समय भारत में बिता चुकी हैं।एंटनी के पास भारत में काम करने का अनुभव है, जिसमें उप-सीईओ के रूप में पांच साल का कार्यकाल भी शामिल है।
- नयी दिल्ली. टाटा समूह, गूगल इंडिया और इन्फोसिस देश के शीर्ष तीन सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड बनकर उभरे हैं। रैंडस्टैड एम्प्लॉयर ब्रांड रिसर्च (आरईबीआर) 2025 की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक भारत का कार्यबल उद्देश्य संचालित रोजगार विकल्पों को प्राथमिकता दे रहा है। इसमें कार्य-जीवन संतुलन, समानता और आकर्षक वेतन की प्रमुख भूमिका है। सर्वेक्षण के मुताबिक, टाटा समूह ने वित्तीय सेहत, करियर में प्रगति के अवसरों और प्रतिष्ठा के मामले में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। ये संगठन के लिए शीर्ष तीन कर्मचारी मूल्य प्रस्ताव (ईवीपी) चालक हैं। इस साल गूगल इंडिया का दूसरा स्थान रहा और उसके बाद इन्फोसिस तीसरे स्थान पर रही।वर्ष 2025 के लिए भारत में शीर्ष 10 सबसे आकर्षक नियोक्ता ब्रांड में सैमसंग इंडिया (चौथा स्थान), जेपी मॉर्गन चेज (5), आईबीएम (6), विप्रो (7), रिलायंस इंडस्ट्रीज (8), डेल टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (9) और भारतीय स्टेट बैंक (10) शामिल हैं। सर्वेक्षण में कहा गया कि भारतीय स्टेट बैंक शीर्ष 10 नियोक्ता ब्रांड की सूची में आने वाला अकेला सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। इस सर्वेक्षण के लिए 34 बाजारों में 1,70,000 से अधिक उत्तरदाताओं की राय ली गई, जिसमें भारत के 3,500 से अधिक लोग शामिल हैं। अध्ययन से पता चलता है कि आज कर्मचारी केवल वेतन से कहीं अधिक की अपेक्षा करते हैं। वे समावेशी और भविष्य की सोच रखने वाले ऐसे कार्यस्थलों की तलाश में हैं, जो व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक वृद्धि, दोनों का समर्थन करते हों। रैंडस्टैड इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्वनाथ पी एस ने कहा, ‘‘2025 के नतीजे एक स्पष्ट बदलाव दर्शाते हैं - आज का कार्यबल अब पारंपरिक नौकरियों से संतुष्ट नहीं है, वे समानता, मकसद, सार्थक वृद्धि और कार्य-जीवन संतुलन की तलाश में हैं।'' उन्होंने कहा कि इस साल के आंकड़े नौकरी बदलने की इच्छा में लगातार वृद्धि को भी दर्शाते हैं और खासकर युवाओं में ऐसा पाया गया है।

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