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नई दिल्ली। दार्जिलिंग में मकाईबाड़ी चाय बागान के मालिक लक्ष्मी ग्रुप द्वारा ब्रिटेन के चाय ब्रांड का अधिग्रहण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने और ब्रांडेड पोर्टफोलियो का दायरा बढ़ाने में मददगार साबित होगा। पिछले सप्ताह लक्ष्मी ने ब्रू टी में बहुलांश हिस्सेदारी के अधिग्रहण की घोषणा की। फिल और एडेन किर्बी द्वारा मैनचेस्टर में स्थापित ब्रू टी कंपनी रोल्ड होल-लीफ चाय का उपयोग करने के लिए जानी जाती है। डिजिटल-फर्स्ट मॉडल के साथ, यह ब्रांड अब पूरे ब्रिटेन में लगभग 10,000 घरों तक पहुंच बना चुका है।
फिल और एडेन किर्बी 20 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखेंगे और व्यवस्था के हिस्से के रूप में ब्रू टी कंपनी का नेतृत्व करना जारी रखेंगे, जबकि लक्ष्मी ग्रुप के पास 80 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। लक्ष्मी के लिए, ब्रू टी सौदा मुख्य रूप से, गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर केंद्रित है। लक्ष्मी ग्रुप के प्रबंध निदेशक रुद्र चटर्जी कहते हैं कि ब्रू टी असम, दार्जिलिंग और अफ्रीकी पारंपरिक पत्ती वाली बेहतरीन चाय पेश करती है। इस साझेदारी का उद्देश्य डायरेक्ट फार्म-टु-कप मॉडल तैयार करना है। लक्ष्मी समूह का चाय बागानों में शानदार अनुभव है और वह असम, दार्जीलिंग और रवांडा में सालाना लगभग 3.5 करोड़ किलोग्राम चाय का उत्पादन होता है। - नई दिल्ली।भारतीय शेयर बाजार मंगलवार के कारोबारी सत्र में हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 270.01 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 83,712.51 और निफ्टी 61.20 अंक या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,522.50 पर बंद हुआ।लार्ज कैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप लाल निशान में बंद हुएलार्ज कैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 100.30 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,415.45 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 54.95 अंक या 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 18,895.20 पर बंद हुआ। सेक्टोरल आधार पर आईटी, फाइनेंशियल सर्विसेज, रियल्टी, एनर्जी, प्राइवेट बैंक, इन्फ्रा और कमोडिटी हरे निशान में बंद हुए, जबकि ऑटो, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी और मेटल इंडेक्स पर दबाव देखा गया।सेंसेक्स पैक में कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल (जोमैटो), एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, इंफोसिस और टेक महिंद्रा टॉप गेनर्स थेसेंसेक्स पैक में कोटक महिंद्रा बैंक, इटरनल (जोमैटो), एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, इंफोसिस और टेक महिंद्रा टॉप गेनर्स थे। टाइटन, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, मारुति सुजुकी, एचयूएल, सन फार्मा, एचसीएल टेक और टाटा स्टील टॉप लूजर्स थे।भारतीय इक्विटी बाजार काफी हद तक सीमित दायरे में रहा, क्योंकि निवेशक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर निश्चित प्रगति की प्रतीक्षा कर रहे थेजियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाजार काफी हद तक सीमित दायरे में रहा, क्योंकि निवेशक भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर निश्चित प्रगति की प्रतीक्षा कर रहे थे। हालांकि संभावित सौदे को लेकर बाजार की धारणा आशावादी बनी हुई है, लेकिन औपचारिक पुष्टि की कमी ने नई खरीद गतिविधि को रोक दिया है।प्रमुख व्यापारिक भागीदारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू करने की समय सीमा बढ़ाने के अमेरिकी निर्णय ने निवेशकों को अधिक रक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया हैइसके अलावा उन्होंने आगे कहा, प्रमुख व्यापारिक भागीदारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू करने की समय सीमा बढ़ाने के अमेरिकी निर्णय ने निवेशकों को अधिक रक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया है। जैसे-जैसे वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही का आय सीजन करीब आ रहा है, बाजार का ध्यान कॉर्पोरेट प्रदर्शन और प्रबंधन टिप्पणियों की ओर स्थानांतरित होने की उम्मीद है, जो संभवतः भविष्य के बाजार की गति को निर्देशित करेगा।” भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सकारात्मक हुई थी। सुबह करीब 9.30 बजे, सेंसेक्स 91.57 अंक या 0.11 प्रतिशत बढ़कर 83,534.07 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 22.25 अंक या 0.09 प्रतिशत बढ़कर 25,483.55 पर कारोबार कर रहा था।
- नई दिल्ली। अदाणी पावर लिमिटेड ने विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड (VIPL) का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह अधिग्रहण 4,000 करोड़ रुपए में किया गया है। VIPL एक 2×300 मेगावॉट की कोयला आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट है जो बुटीबोरी, नागपुर (महाराष्ट्र) में स्थित है। VIPL दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) के तहत थी, जिसे इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत चलाया जा रहा था। अदाणी पावर की समाधान योजना को मुंबई NCLT ने 18 जून 2025 को मंजूरी दी थी। इसके बाद, यह योजना 7 जुलाई 2025 को लागू कर दी गई।इस अधिग्रहण के साथ अदाणी पावर की कुल उत्पादन क्षमता अब 18,150 मेगावॉट हो गई है। कंपनी अब बेस लोड पावर (लगातार बिजली सप्लाई) की क्षमता को बढ़ाने के लिए कई और प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। इनमें 6 अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट्स (1,600 MW प्रत्येक) शामिल हैं जो मध्य प्रदेश (सिंगरौली-महान), छत्तीसगढ़ (रायपुर, रायगढ़, कोरबा), राजस्थान (कवाई) और उत्तर प्रदेश (मिर्जापुर) में बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, 1,320 मेगावॉट की एक और अधिग्रहित परियोजना कोरबा में भी फिर से शुरू की जा रही है। इन सभी योजनाओं के साथ कंपनी का लक्ष्य है कि वह 2030 तक कुल 30,670 मेगावॉट की क्षमता हासिल कर ले। अदाणी पावर के सीईओ एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “VIPL का अधिग्रहण अदाणी पावर की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत हम संकटग्रस्त परियोजनाओं को खरीदकर उन्हें फिर से मुनाफे में बदलते हैं। हमारा उद्देश्य देश के हर कोने तक भरोसेमंद और किफायती बिजली पहुंचाना है, ताकि भारत के ‘सभी के लिए बिजली’ के सपने को पूरा किया जा सके।”अदाणी पावर लिमिटेड (APL) अदाणी ग्रुप का हिस्सा है और भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट थर्मल पावर कंपनी है। कंपनी की पावर प्लांट्स गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में फैली हुई हैं। इसके अलावा, गुजरात में एक 40 मेगावॉट का सोलर पावर प्लांट भी ऑपरेट करती है।
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नयी दिल्ली। अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी की अगुवाई वाले समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) ने रविवार को 1,000 करोड़ रुपये के गैर परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) इश्यू की घोषणा की, जिसमें सालाना 9.30 प्रतिशत तक की प्रतिफल की पेशकश की गई है। कंपनी ने बयान में कहा कि यह निर्गम नौ जुलाई बुधवार को खुलेगा और 22 जुलाई को बंद होगा। यह सालाना 9.30 प्रतिशत तक का प्रभावी प्रतिफल प्रदान करता है।
यह अदाणी एंटरप्राइजेज का सुरक्षित, रेटेड, सूचीबद्ध विमोच्य, गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (एनसीडी) का दूसरा सार्वजनिक निर्गम है। अदाणी समूह के समूह मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) जुगेशिंदर ‘रॉबी' सिंह ने कहा, “एईएल द्वारा एनसीडी का दूसरा सार्वजनिक इश्यू, समावेशी पूंजी बाजार विकास और दीर्घकालिक बुनियादी ढांचे के विकास में खुदरा भागीदारी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। यह नया निर्गम एईएल की पहली एनसीडी पेशकश के लिए बाजार की मजबूत प्रतिक्रिया के बाद आया है, जिसमें छह महीने के भीतर रेटिंग उन्नत करने के बाद ऋण निवेशकों के लिए पूंजीगत मूल्यवृद्धि देखी गई।” पिछले साल सितंबर में पेश 800 करोड़ रुपये के एईएल के पहले एनसीडी को पहले ही दिन पूरी तरह अभिदान मिल गया था। एईएल एकमात्र कॉरपोरेट (एनबीएफसी के बाहर) है जो खुदरा निवेशकों के लिए सूचीबद्ध ऋण उत्पाद पेश करती है। यह व्यक्तिगत और गैर-संस्थागत निवेशकों को भारत की बुनियादी ढांचे की वृद्धि गाथा में भाग लेने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करती है। इस निर्गम का आकार 500 करोड़ रुपये का है। इसमें 500 करोड़ रुपये का ग्रीन शू विकल्प भी है। इससे कुल मिलाकर निर्गम 1,000 करोड़ रुपये तक होगा। -
नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि चाहे कोविड महामारी हो या वैश्विक युद्ध जैसी परिस्थितियां, भारत में कभी भी पेट्रोलियम उत्पादों की कमी नहीं हुई। उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता को दिया। हरदीप पुरी ने बताया कि जब इजरायल ने ईरान पर हमला किया था और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा था, तब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Hormuz) को बंद करने की धमकियां दी जा रही थीं। यही मार्ग विश्व के 20% तेल और गैस निर्यात का मुख्य रास्ता है। इसके बावजूद भारत में आपूर्ति बाधित नहीं हुई। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमने तेल आपूर्तियों को विविध स्रोतों से सुनिश्चित किया है। अब हमारी अधिकांश आपूर्ति हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर नहीं आती।”
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इससे देश का आयात बिल भी बढ़ता है और महंगाई दर में वृद्धि होती है, जिससे आर्थिक विकास प्रभावित होता है। लेकिन भारत ने अब रूस और अमेरिका से आयात बढ़ाकर तेल स्रोतों का विविधीकरण किया है और साथ ही रणनीतिक तेल भंडार बनाकर अपनी आपूर्ति को सुरक्षित किया है। केंद्रीय मंत्री पुरी ने बताया कि देश में अब 23 आधुनिक रिफाइनरियां कार्यरत हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 257 मिलियन मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है। इसके अलावा सरकार ने आपात स्थिति से निपटने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण सुविधाएं भी विकसित की हैं। पुडूर में 2.25 मिलियन मीट्रिक टन (MMT), विशाखापत्तनम में 1.33 MMT और मैंगलुरु में 1.5 MMT कच्चे तेल के भंडारण की क्षमता है।स्वच्छ ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की एक बड़ी उपलब्धि ईथेनॉल मिश्रण (E20) है। हरदीप पुरी ने बताया कि भारत ने पेट्रोल में 20% ईथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य 2025 की शुरुआत में ही हासिल कर लिया है, जो कि मूल रूप से 2030 के लिए तय किया गया था। यह उपलब्धि छह साल पहले पूरी कर ली गई, जो भारत के हरित ईंधन की ओर बढ़ते कदमों को दर्शाती है।उन्होंने यह भी कहा कि ई20 ईंधन अब देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों- इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सभी रिटेल आउटलेट्स पर उपलब्ध है। इसके कारण भारत ने ₹1 लाख करोड़ से अधिक की बचत की है, ₹1.5 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा की बचत की है, और यह राशि देश के किसानों को दी गई है। - नयी दिल्ली। रुपये पर किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की तस्वीर लगाने के लिए रबीन्द्रनाथ टैगोर, मदर टेरेसा समेत कई नामों पर विचार किया गया था लेकिन सहमति महात्मा गांधी के नाम पर बनी थी। उसी आम सहमति का नतीजा है कि नोट पर गांधी की तस्वीर लंबे समय से बनी हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कामकाज पर बने एक वृत्तचित्र में यह कहा गया है। आरबीआई ने अपने कामकाज और भूमिकाओं को लोगों के सामने लाने के लिए हाल में जारी वृत्तचित्र के जरिये यह भी बताया है कि वह प्रिंटिंग प्रेस से देश के हर कोने में रुपये को पहुंचाने के लिए ट्रेन, जलमार्ग, हवाई जहाज समेत बड़ी परिवहन प्रणालियों का उपयोग करता है। यह पहली बार है जब आरबीआई के कार्यों को वृत्तचित्र के रूप में लाया गया है।‘आरबीआई अनलॉक्ड: बियॉन्ड द रुपी' शीर्षक से जारी पांच भागों वाली यह श्रृंखला जियो हॉटस्टार के साथ मिलकर पेश की गयी है।इसमें कहा गया है, ‘‘बैंक नोट न केवल लेन-देन का साधन है, बल्कि देश की ताकत बयां करने के साथ संचार का प्रमुख जरिया भी है। आजादी से पहले ब्रिटिश भारत में रुपये पर उपनिवेशवाद और उससे जुड़े ऐतिहासिक और राजनीतिक संदर्भों का जिक्र होता था। इसमें वनस्पति और जीव-जन्तुओं (बाघ, हिरण) की तस्वीर होती थी...।'' रुपये पर ब्रिटिश साम्राज्य की भव्यता को ‘सजावटी हाथियों' और राजा के अलंकृत चित्रों के माध्यम से दर्शाया जाता था। आरबीआई के अनुसार, ‘‘लेकिन जब भारत आजाद हुआ, धीरे-धीरे रुपये में छपी तस्वीरों में भी बदलाव आया। शुरू में रुपये पर अशोक स्तंभ के शेर के प्रतीक चिन्ह, चर्चित स्थलों आदि का उपयोग हुआ। धीरे-धीरे भारत के विकास और प्रगति के साथ रुपये ने चित्रों के माध्यम से विकास की कहानी को बयां करना शुरू किया।'' देश में विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति और हरित क्रांति की उपलब्धियों को नोट पर आर्यभट्ट और खेती करते किसानों आदि की तस्वीरों के जरिये बखूबी उकेरा गया। केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘‘बाद में यह महसूस किया गया कि अगर बैंक नोट पर किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की तस्वीर हो तो उसे पहचानना आसान हो जाता है। नकली नोट का अगर डिजाइन ठीक नहीं है तो प्रसिद्ध व्यक्ति की तस्वीर से लोगों के लिए असली और नकली नोट की पहचान करना सरल हो जाता है।'' भारतीय संदर्भ में नोट के डिजाइन और सुरक्षा विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए कई ऐसी हस्तियां थी, जिनकी तस्वीर नोट पर आ सकती थी। इसके लिए रबीन्द्रनाथ टैगोर, मदर टेरेसा और अबुल कलाम आजाद समेत कई प्रसिद्ध लोगों पर विचार किया गया लेकिन अंतत: सहमति महात्मा गांधी पर बनी। आरबीआई के अनुसार, ‘‘उसी आम सहमति का नतीजा है कि लंबे समय से रुपये पर गांधी जी की तस्वीर लगी है...जब महात्मा गांधी श्रृंखला पर नोट पेश किये गये, यह पहली श्रृंखला थी जिसका डिजाइन पूरी तरह से केंद्रीय बैंक की टीम ने किया था।'' रिजर्व बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, पहली बार 1969 में महात्मा गांधी की जन्म शताब्दी के अवसर पर 100 रुपये का स्मारक नोट जारी किया था। इसमें उनकी तस्वीर को सेवाग्राम आश्रम के साथ दिखाया गया था। उनकी तस्वीर नियमित रूप से रुपये पर 1987 से दिखाई देने लगी। उस वर्ष अक्टूबर में गांधी की तस्वीर के साथ 500 रुपये के नोट जारी किये गये। रिप्रोग्राफिक तकनीक के विकास के साथ, पारंपरिक सुरक्षा सुविधाएं अपर्याप्त मानी जाने लगीं। नई सुरक्षा विशेषताओं के साथ 1996 में एक नई 'महात्मा गांधी श्रृंखला' शुरू की गई। वृत्तचित्र में यह भी बताया गया है कि आरबीआई प्रिंटिंग प्रेस से अपने निर्गम कार्यालयों और वहां से करेंसी चेस्ट और बैंकों तथा देश के हर कोने में रुपये को पहुंचाने के लिए ट्रेन, जलमार्ग, हवाई जहाज समेत बड़ी परिवहन प्रणालियों का उपयोग करता है। रिजर्व बैंक के अनुसार, ‘‘यह केंद्रीय बैंक की जिम्मेदारी है कि देश के हर कोने में नोट पहुंचे। भारत में जहां उत्तर में पहाड़ है, पश्चिम में रेगिस्तान है और कुछ स्थानों पर कानून व्यवस्था की भी समस्या है। ऐसे में हर जगह नोट पहुंचाने के लिए बड़ी परिवहन प्रणाली का उपयोग करना पड़ता है।'' केंद्रीय बैंक जहां लक्षद्वीप में रुपये-पैसे पहुंचाने के लिए जलमार्ग का इस्तेमाल करता है वहीं नक्सल प्रभावित जिलों में हवाई जहाज और हेलिकॉप्टर का भी उपयोग करता है।
- नयी दिल्ली। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा है कि सरकार के 2047 तक ‘विकसित भारत' के सपने को पूरा करने के लिए भारत को सालाना 10 प्रतिशत की औसत मूल्यानुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर की जरूरत है। मूल्य के आधार पर या मूल्यानुसार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) किसी देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य है, जिसे वास्तविक जीडीपी के विपरीत, मुद्रास्फीति के समायोजन के बिना, वर्तमान बाजार मूल्यों का उपयोग करके मापा जाता है। मेमानी ने कहा, “भारत को विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए औसतन लगभग 10 प्रतिशत की मूल्यानुसार वृद्धि की आवश्यकता होगी।” उद्योग मंडल सीआईआई के नवनियुक्त अध्यक्ष मेमानी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता, जिसे शीघ्र ही अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है, ‘अनिश्चितता' के बादल को दूर करेगा तथा भारतीय कंपनियों को, विशेष रूप से श्रम-प्रधान क्षेत्रों में, बड़े बाजार तक पहुंच प्रदान करेगा। सीआईआई अध्यक्ष ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अधिक संयुक्त उद्यमों और साझेदारी का भी रास्ता खोलेगा। उन्होंने कहा, “..तो मुझे लगता है कि सबसे पहले जो अनिश्चितता थी, मुझे लगता है कि वह दूर हो जाएगी। लोगों को भविष्य में क्या होगा, इसकी स्पष्ट दिशा मिलेगी, और मुझे लगता है कि इसका बहुत सकारात्मक प्रभाव होगा।” सीआईआई के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग के कारण चालू वित्त वर्ष (2025-26) के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था के 6.4-6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण नकारात्मक जोखिम बना हुआ है। उन्होंने कहा, “आर्थिक रूप से हमारी स्थिति बहुत अच्छी है, चीजें बहुत स्थिर हैं।”मेमानी ने भारत की संभावनाओं के बारे में कहा, “हमारे संस्थान, चाहे वह पूंजी बाजार हो, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) हो, बैंक हों, अच्छी स्थिति में हैं। कॉरपोरेट बही-खाता मजबूत दिख रहा है।” रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखते हुए कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितता की पृष्ठभूमि में मजबूती, स्थिरता और अवसर की तस्वीर पेश करती है। चालू वित्त वर्ष के वृद्धि अनुमानों की तुलना पिछले वित्त वर्ष ‘2024-25' में दर्ज 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से की गई है।
- नयी दिल्ली,। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक अपनी बढ़ती कारोबारी जरूरतों और विस्तार के लिए चालू वित्त वर्ष में करीब 50,000 कर्मचारियों की भर्ती करेंगे। विभिन्न बैंकों से जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल नई भर्तियों में से करीब 21,000 अधिकारी होंगे और बाकी लिपिक (क्लर्क) सहित अन्य कर्मचारी होंगे। सार्वजनिक क्षेत्र के 12 बैंकों में से सबसे बड़ा ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) इस वित्त वर्ष में विशेषज्ञ अधिकारियों सहित करीब 20,000 लोगों की नियुक्त करने जा रहा है। इस प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए, एसबीआई ने देशभर में अपनी शाखाओं में ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए पहले ही 505 प्रोबेशनरी ऑफिसर (पीओ) और 13,455 जूनियर एसोसिएट्स की भर्ती कर ली है। 13,455 जूनियर एसोसिएट्स की भर्ती 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रिक्तियों को भरने के इरादे से की गई है। मार्च, 2025 तक एसबीआई के कुल कर्मचारियों की संख्या 2,36,226 थी। पिछले वित्त वर्ष के अंत तक बैंक में 1,15,066 अधिकारी कार्यरत थे। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए प्रति पूर्णकालिक कर्मचारी औसत भर्ती लागत 40,440.59 रुपये थी। एसबीआई से हर साल दो प्रतिशत से कम कर्मचारी नौकरी छोड़ते हैं।देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का ऋणदाता पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) चालू वित्त वर्ष में अपने कर्मचारियों की संख्या में 5,500 से अधिक की वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रहा है। मार्च, 2025 तक पीएनबी के कर्मचारियों की कुल संख्या 1,02,746 थी। एक अन्य सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया चालू वित्त वर्ष के दौरान लगभग 4,000 कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बना रहा है। इस बीच, वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से कहा है कि वे परिचालन को और बढ़ाने के बाद अपनी अनुषंगी कंपनियों में अपने निवेश का शेयर बाजारों में सूचीबद्धता के जरिये मौद्रीकरण करें, ताकि उन्हें अच्छा प्रतिफल मिल सके। सूत्रों ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की करीब 15 अनुषंगी कंपनियां या संयुक्त उद्यम मध्यम से लंबी अवधि में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) या विनिवेश के लिए तैयार हैं। सूत्रों ने बताया कि जहां भी जरूरत हो, बैंकों को अपनी अनुषंगी कंपनियों या संयुक्त उद्यमों के परिचालन को बढ़ाने के लिए धन का निवेश करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैंक सही समय पर इस मूल्य को निकालने पर विचार कर सकते हैं।
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नयी दिल्ली. नवीन ऊर्जा और कृत्रिम मेधा (एआई) बुनियादी ढांचे में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निवेश से कंपनी के बाजार मूल्य में अनुमानित 50 अरब डॉलर की वृद्धि होने की उम्मीद है। वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। अरबपति मुकेश अंबानी द्वारा संचालित तेल से लेकर दूरसंचार और खुदरा क्षेत्र की यह कंपनी मूल्य सृजन के अपने अगले चरण के लिए कमर कस रही है। वर्तमान में 240 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की रिलायंस की भविष्य की वृद्धि इसके विविध कार्यक्षेत्रों, विशेष रूप से नवीन ऊर्जा और एआई के विस्तार पर निर्भर करती है। सृजन से जुड़ी (जेन) एआई रिलायंस के लिए अगला मोर्चा है क्योंकि यह जामनगर ऊर्जा परिसर को अपने ऊर्जा उत्पादन का मौद्रिकरण करने के लिए फिर से तैयार कर रहा है, जो जनरल एआई रैंप के लिए वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख बाधा है। मॉर्गन स्टेनली ने रिपोर्ट में कहा, “हम नई ऊर्जा क्षेत्र से 60 अरब डॉलर तक के मूल्य सृजन की संभावना देखते हैं, क्योंकि रिलायंस रसायनों, डेटा केंद्रों और रिफाइनरियों को ऊर्जा प्रदान करने के लिए इलेक्ट्रॉनों का उपयोग करती है।” रिलायंस ने कहा कि उसका नया ऊर्जा कारोबार ‘पहले की तुलना में कहीं अधिक महत्वाकांक्षी, कहीं अधिक परिवर्तनकारी तथा कहीं अधिक वैश्विक दायरे वाला है।' रिलायंस जामनगर में जनरल एआई बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है जिसे दो साल में तैयार करने की योजना है। इसने एक गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता को बिजली देने की योजना की भी घोषणा की है जो एनवीडिया के ब्लैकवेल चिप्स का उपयोग करेगी।
- नई दिल्ली। महिंद्रा जुलाई 2025 के अंत से अपने बीई 6 और एक्सईवी 9 ई इलेक्ट्रिक एसयूवी के पैक टू वेरिएंट की डिलिवरी शुरू करेगी। अपडेट किए गए मॉडल अब दो बैटरी विकल्पों- 59 केडब्ल्यूएच और एक नए 79 केडब्ल्यूएच पैक के साथ उपलब्ध हैं, जो क्रमशः 400 किलोमीटर और 500 किलोमीटर की रेंज प्रदान करते हैं। बीई 6 पैक टू की कीमत 59 केडब्ल्यूएच वेरिएंट में 21 लाख 90 हजार रुपये और 79 केडब्ल्यूएच वर्सन के लिए साढ़े 23 लाख रुपये है। वहीं एक्सईवी 9 ई की कीमत 24 लाख 90 हजार रुपये और साढ़े 26 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। कीमतों में चार्जर और इंस्टॉलेशन लागत शामिल नहीं है, ग्राहक अतिरिक्त खर्च करके 7.2 केडब्ल्यू या 11.2 केडब्ल्यू चार्जर का चयन कर सकते हैं। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार मई 2025 में इलेक्ट्रिक यात्री वाहन बाजार में महिंद्रा की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 21.4 प्रतिशत हो गई।पहले से ही पुराने वेरिएंट बुक कर चुके ग्राहकों के पास 79 केडब्ल्यू एच बैटरी वाले वर्जन में अपग्रेड करने का विकल्प होगा। दोनों मॉडल फास्ट डीसी चार्जिंग को सपोर्ट करते हैं।महिंद्रा की ‘इलेक्ट्रिक ओरिजिन’ रेंज (जिसमें बीई 6 और एक्सईवी 9ई शामिल हैं) लगातार बिक्री दर्ज कर रही है। कंपनी के अनुसार हर 10 मिनट में एक महिंद्रा इलेक्ट्रिक एसयूवी बिकती है।बीई 6 और एक्सईवी 9ई पैक टू वैरिएंट में लेवल 2 एडीएएस,ऑल-व्हील डिस्क ब्रेक, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, छह एयरबैग और हाई-स्टिफनेस बॉडीशेल शामिल हैं। केबिन की विशेषताओं में डॉल्बी एटमॉस के साथ 16-स्पीकर हरमन कार्डन साउंड सिस्टम, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और ऐपल कारप्ले तथा वायरलेस चार्जिंग शामिल हैं।एक्सईवी 9ई में कोस्ट-टू-कोस्ट ट्रिपल-स्क्रीन डैशबोर्ड है, जबकि बीई 6 में डिजिटल कॉकपिट है। महिंद्रा का ईवी पोर्टफोलियो पूरे भारत में 300 से अधिक स्थानों को कवर करने वाले सर्विस नेटवर्क द्वारा समर्थित है।
- नई दिल्ली। भारत वित्त वर्ष 2025-26 में 1.15 बिलियन टन का रिकॉर्ड कोयला उत्पादन हासिल करने की राह पर है। यह जानकारी शनिवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई। केयरएज रेटिंग्स द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, देश का घरेलू कोयला उत्पादन वित्त वर्ष 2025 में 1,047.6 मिलियन टन के सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया, जो पिछले पांच वर्षों में 10 प्रतिशत की औसत वार्षिक दर से बढ़ रहा है। यह वृद्धि कोयला खनन को अधिक कुशल और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नीतिगत सुधारों की एक सीरीज के तहत देखी जा रही है।सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, माइन डेवलपर और ऑपरेटर (एमडीओ) मॉडल, कोयला खनन में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति और कोयला ब्लॉकों की नियमित नीलामी जैसी प्रमुख सरकारी पहलों ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद की है। खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम में संशोधन ने भी नियामक बाधाओं को दूर करने और प्राइवेट प्लेयर्स को आकर्षित करने में प्रमुख भूमिका निभाई है।कोयला उत्पादन में वृद्धि बिजली क्षेत्र की बढ़ती मांग के कारण हुई है, जिसका वित्त वर्ष 2025 में कुल कोल डिस्पैच में 82 प्रतिशत हिस्सा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्योगों, घरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की बढ़ती जरूरतों के कारण भारत की कुल कोयला खपत वित्त वर्ष 2021 में 922.2 मिलियन टन से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 1,270 मिलियन टन हो गई।कुल खपत में घरेलू कोयले की हिस्सेदारी भी बढ़ गई है, जो कि वित्त वर्ष 2021 में 77.7 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 82.5 प्रतिशत हो गई। आत्मनिर्भरता की ओर इस बदलाव को जनवरी तक 184 कोयला खदानों के आवंटन से समर्थन मिला है, जिनमें से 65 ब्लॉकों में उत्पादन शुरू हो चुका है। रिपोर्ट में कहा गया है, “इन सक्रिय खदानों ने वित्त वर्ष 2025 में लगभग 136.59 मिलियन टन उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करता है।” सबसे बड़े कोयला उत्पादक कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने वित्त वर्ष 25 में कुल उत्पादन में लगभग 74 प्रतिशत का योगदान दिया। प्राइवेट और कैप्टिव माइनर्स ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। मार्च में शुरू की गई कोयला ब्लॉक नीलामी के 12वें दौर में घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए 28 और खदानों की पेशकश की गई। इस बीच, बेहतर सप्लाई स्थितियों और सहायक सरकारी नीतियों के कारण कोयले की कीमतों में लगातार गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह ट्रेंड वित्त वर्ष 2026 में जारी रहने की उम्मीद है, जिससे उद्योगों के लिए कोयला अधिक किफायती हो जाएगा।
- मुंबई. इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने बृहस्पतिवार को नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत को अपने निदेशक मंडल में गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की। कांत ने पिछले महीने भारत के जी-20 शेरपा के पद से इस्तीफा दे दिया था।इंटरग्लोब एविएशन ने बयान में कहा कि निदेशक मंडल में उनकी नियुक्ति नियामकीय और शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है। इंडिगो के निदेशक मंडल के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा, ‘‘इंडिगो को अमिताभ कांत को बोर्ड सदस्य के रूप में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। कांत के पास राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रशासनिक कार्यों का अच्छा-खासा अनुभव है। उनके नेतृत्व गुणों से इंडिगो को बहुत लाभ होगा...।'' मेहता ने कहा कि इंडिगो की टीम 2030 तक वैश्विक कंपनी बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में अपने व्यापक अनुभव और ज्ञान का लाभ उठा सकती है।नीति आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान, कांत ने कई प्रमुख भूमिकाएं निभाईं। इनमें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के बोर्ड में निदेशक और भारत के राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के सदस्य की भूमिका शामिल हैं। अपनी नियुक्ति पर कांत ने कहा, ‘‘मैं इंटरग्लोब एविएशन लि. (इंडिगो) के निदेशक मंडल में शामिल होकर बहुत खुश हूं...मैं इंडिगो और भारत के व्यापार, पर्यटन और आर्थिक विकास के अगले अध्याय में योगदान देने के लिए तत्पर हूं।''
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कोकराझार. देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने असम में वंचित वर्ग की लड़कियों के लिए एक महीने का सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत 40 नाबालिगों को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कार्यक्रम - बालिका सशक्तीकरण मिशन (जीईएम) 2018 से पूरे देश में राज्य द्वारा संचालित बिजली कंपनी द्वारा चलाया जा रहा है। एनटीपीसी के बोंगाईगांव संयंत्र ने असम के कोकराझार जिले में पहल का चौथा संस्करण शुरू किया है। कंपनी ने बयान में कहा, “एक जुलाई से 30 जुलाई, 2025 तक आयोजित होने वाला जीईएम- 2025 संरचित शिक्षण मॉड्यूल, रचनात्मक गतिविधियों और प्रतिभागियों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक कल्याण पर विशेष ध्यान देने के माध्यम से जीवन-परिवर्तनकारी अनुभव प्रदान करेगा।” इस वर्ष के कार्यक्रम के लिए आस-पास के 12 स्कूलों की कुल 40 लड़कियों का चयन किया गया है। वर्तमान में अपने चौथे वर्ष में, जीईएम पहल 10-12 वर्ष की आयु की ग्रामीण लड़कियों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करती है, उनके आत्मविश्वास, नेतृत्व गुणों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को पोषित करती है। कार्यक्रम का उद्घाटन कोकराझार जिला आयुक्त मसंदा एम पर्टिन और एनटीपीसी बोंगाईगांव के परियोजना प्रमुख अर्नब मैत्रा ने किया।
- एम्स्टर्डम. सबसे बड़ी भारतीय एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने बुधवार को मुंबई से एम्स्टर्डम के लिए अपनी सीधी उड़ान सेवा शुरू करने के साथ ही यूरोप में अपनी मौजूदगी का विस्तार किया। गुरुग्राम स्थित एयरलाइन ने इस साल मई में कहा था कि वह चालू वित्त वर्ष में लंदन, एथेंस और आठ अन्य अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने पर विचार कर रही है। फिलहाल इंडिगो की 40 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित होती हैं। मुंबई से नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम के लिए उड़ान इंडिगो के बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान के साथ सप्ताह में तीन बार संचालित होगी। एम्स्टर्डम का शिफोल हवाई अड्डा दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है और एक प्रमुख यूरोपीय केंद्र है। एयरलाइन ने मुंबई से ब्रिटेन के मैनचेस्टर के लिए भी अपनी उड़ानें शुरू की हैं।इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स ने कहा, ‘‘यूरोप में अपने पंख फैलाते हुए, हम भारत को दुनिया से जोड़ने वाली अपनी मुंबई-एम्स्टर्डम उड़ानें शुरू करने से उत्साहित हैं। यह मार्ग न केवल अवकाश, व्यवसाय और छात्र यात्रियों के लिए संपर्क बढ़ाएगा, बल्कि सांस्कृतिक, आर्थिक और कूटनीतिक रूप से भारत और नीदरलैंड के बीच संपन्न साझेदारी को भी गहरा करेगा।
- रेडमंड (अमेरिका). दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट हजारों कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है, जब कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है। अमेरिकी कंपनी ने बुधवार से कर्मचारियों को नौकरी से हटाये जाने का नोटिस भेजना शुरू कर दिया है।हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट ने यह नहीं बताया कि वह कितने कर्मचारियों की छंटनी करेगी। लेकिन यह आंकड़ा पिछले साल कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या के चार प्रतिशत से कम होगा। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि कर्मचारियों की छंटनी से दुनियाभर की कई टीमें प्रभावित होंगी, जिसमें उसकी बिक्री इकाई और उसका एक्सबॉक्स वीडियो गेम कारोबार शामिल है। बयान के अनुसार, ‘‘हम गतिशील बाजार में सफलता के लिए कंपनी और टीम को बेहतर स्थिति में लाने को लेकर आवश्यक संगठनात्मक बदलावों को लागू करना जारी रखे हुए हैं।'' माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, पिछले साल जून तक उसके पास 2,28,000 पूर्णकालिक कर्मचारी थे। उसकी नवीनतम छंटनी से उस कार्यबल में लगभग चार प्रतिशत की कटौती होगी। इस हिसाब से यह संख्या लगभग 9,000 होगी। लेकिन इस साल कम से कम तीन छंटनी पहले ही हो चुकी है। अब तक, की सबसे बड़ी छंटनी मई में हुई थी। उस समय माइक्रोसॉफ्ट ने लगभग 6,000 कर्मचारियों की छंटनी शुरू की थी, जो उसके वैश्विक कार्यबल का लगभग तीन प्रतिशत था। यह दो साल से अधिक समय में सबसे बड़ी नौकरी में कटौती थी। इसका कारण यह माना जा रहा है कि कंपनी कृत्रिम मेधा (एआई) पर काफी खर्च कर रही है।
- नयी दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी वाले लेनदेन को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग की प्रौद्योगिकी का उपयोग करने को कहा है। बुधवार को एक आधिकारिक बयान में यह कहा गया। दूरसंचार विभाग की यह प्रौद्योगिकी वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक उपकरण है। बैंक और वित्तीय संस्थान वास्तविक समय में वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक (एफआरआई) का उपयोग कर सकते हैं। यह वित्तीय धोखाधड़ी के मध्यम, उच्च या बहुत उच्च जोखिम के साथ उनके जुड़ाव के आधार पर मोबाइल नंबर को वर्गीकृत करता है। आंकड़े विभिन्न स्रोतों से एकत्र किये जाते हैं। इसमें भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी), दूरसंचार विभाग के चक्षु मंच और बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा साझा की गई खुफिया जानकारी शामिल है। बयान में कहा गया, ‘‘दूरसंचार विभाग 30 जून, 2025 को जारी रिजर्व बैंक की सलाह का स्वागत करता है, जिसमें सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, छोटे वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और सहकारी बैंकों को दूरसंचार विभाग के वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक को अपनी प्रणाली में एकीकृत करने का निर्देश दिया गया है।'' दूरसंचार विभाग की ‘डिजिटल इंटेलिजेंस' इकाई ने मई, 2025 में इसे पेश किया था। हालांकि, इस प्रणाली की उपयोगिता पहले ही प्रदर्शित की जा चुकी है। वर्तमान में फोनपे, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पेटीएम और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक जैसे प्रमुख संस्थान इस मंच का उपयोग कर रहे हैं। बयान के अनुसार, ‘‘ऐसे समय जब यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) पूरे भारत में सबसे पसंदीदा भुगतान प्रणाली बन गयी है, यह कदम लाखों नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा सकता है। एफआरआई दूरसंचार और वित्तीय दोनों क्षेत्रों में संदिग्ध धोखाधड़ी के खिलाफ त्वरित, लक्षित और सहयोगात्मक कार्रवाई की अनुमति देता है।
- नयी दिल्ली. रियल एस्टेट के बारे में डिजिटल रूप से जानकारी देने वाली ऑस्ट्रेलियाई कंपनी आरईए ग्रुप ने प्रवीण शर्मा को आरईए इंडिया का मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की घोषणा की है। कंपनी ने बयान में कहा कि शर्मा के पास तकनीक, डिजिटल, मीडिया और विज्ञापन के क्षेत्रों में भारत और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में 25 साल का प्रबंधन स्तर पर काम करने का अनुभव है। वह ध्रुव अग्रवाल का स्थान लेंगे, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में, प्रवीण पेटीएम से जुड़े थे, जहां उन्होंने ‘ऑनलाइन पेमेंट्स और कॉमर्स सर्विसेज' सहित कई कारोबार की स्थापना की और उनका नेतृत्व किया। इससे पहले उन्होंने गूगल में नौ साल तक काम किया था। आरईए ग्रुप के सीईओ, ओवेन विल्सन ने कहा, “मैं प्रवीण शर्मा का आरईए ग्रुप में स्वागत करते हुए काफी उत्साहित हूं। डिजिटल कारोबार में उनके व्यापक अनुभव से आरईए इंडिया को बड़ी रणनीतिक बढ़त मिलेगी.... मुझे विश्वास है कि वह आरईए इंडिया के अगले विकास चरण का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करेंगे।” अपनी नियुक्ति पर शर्मा ने कहा, “आरईए इंडिया से जुड़ना मेरे लिए बेहद रोमांचक और सम्मानजनक है। भारतीय प्रॉपटेक बाजार में काफी संभावनाएं हैं और मुझे विश्वास है कि आरईए इंडिया इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए अच्छी तरह से तैयार है।''
- मुंबई. व्हाइट कॉलर (कार्यालय में बैठकर काम करने वाले) नौकरियों के लिए कुल भर्तियां जून में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़ी है। इसमें मुख्य रूप से दूसरी श्रेणी के शहरों का योगदान रहा है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। नौकरी मंच फाउंडइट.इन पर आधारित ऑनलाइन नौकरी संबंधी गतिविधियां पोस्ट करने वाले फाउंडइट इनसाइट्स ट्रैकर के अनुसार, भारत में दूसरी श्रेणी के शहर देश की रोजगार वृद्धि को गति देने वाले प्रमुख इंजन के रूप में उभर रहे हैं। इसमें कहा गया है कि 26 प्रतिशत की वृद्धि के साथ कोयंबटूर में अवसरों में वृद्धि देखी गई, इसके बाद नागपुर और नासिक में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसमें मुख्य योगदान सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा), विनिर्माण और एफएमसीजी (रोजमर्रा के घरेलू उत्पाद) जैसे क्षेत्रों का योगदान है। फाउंडइंट के मुख्य राजस्व एवं वृद्धि अधिकारी (सीआरजीओ) प्रणय काले ने कहा, “दूसरी श्रेणी के शहरों की ओर भर्ती की गति में बदलाव, खास तौर पर आईटी और प्रवेश स्तर की भूमिकाओं में उल्लेखनीय है। नौकरी चाहने वालों के पास अब घर के करीब ही विविध अवसर हैं, जो भारत के समृद्ध और विविध प्रतिभा परिदृश्य को दर्शाता है।” उन्होंने कहा, “नियोक्ताओं के लिए ये शहर बेहतर बुनियादी ढांचे, लक्षित निवेश और भौगोलिक रूप से विविधता के रणनीतिक इरादे से प्रेरित पर्यावरण अनुकूल वृद्धि के लिए रणनीतिक अवसर प्रदान करते हैं।” काले ने कहा कि यह हाल के वर्षों में सबसे मजबूत वृद्धि है, जो भारत के रोजगार परिदृश्य में दूसरी श्रेणी के शहरों के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है।
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नई दिल्ली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों के बीच बुधवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में आईटी और ऑटो सेक्टर में खरीदारी देखी गई। सुबह करीब 9.23 बजे, सेंसेक्स 225.5 अंक या 0.27 प्रतिशत बढ़कर 83,922.79 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 58.75 अंक या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 25,600.55 पर था।
विश्लेषकों के अनुसार, 24,500-25,000 की रेंज को ब्रेक करने के बाद, निफ्टी 25,200-25,800 की नई रेंज में चला गया हैविश्लेषकों के अनुसार, 24,500-25,000 की रेंज को ब्रेक करने के बाद, निफ्टी 25,200-25,800 की नई रेंज में चला गया है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते के बारे में सकारात्मक खबर रेंज की अपर लिमिट को ब्रेक करने में मदद कर सकती है, लेकिन निफ्टी को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखना मुश्किल होगा।शुरुआती कारोबार में निफ्टी बैंक 45.20 अंक या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,414.25 पर थाशुरुआती कारोबार में निफ्टी बैंक 45.20 अंक या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,414.25 पर था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 59.20 अंक या 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,809.25 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 26.40 अंक या 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,082.10 पर था।चॉइस ब्रोकिंग के डेरिवेटिव एनालिस्ट हार्दिक मटालिया ने कहा, “बैंक निफ्टी के चार्ट संकेत देते हैं कि इंडेक्स को पहले 56,800 फिर 57,000 और इसके बाद 57,300 पर समर्थन मिल सकता है। अगर इंडेक्स आगे बढ़ता है, तो 57,650 प्रारंभिक प्रमुख प्रतिरोध होगा, उसके बाद 57,800 और 58,000 स्तर प्रमुख प्रतिरोध होंगे।”सेंसेक्स पैक में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स रहेइस बीच, सेंसेक्स पैक में इंफोसिस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और अदाणी पोर्ट्स टॉप गेनर्स रहे। जबकि, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, बीईएल और इटरनल टॉप लूजर्स रहे।एशियाई बाजारों में बैंकॉक, चीन, जापान, सोल और जकार्ता लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल हांगकांग हरे निशान में कारोबार कर रहा थाविदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 1 जुलाई को अपनी बिकवाली जारी रखी और 1,970.14 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने अपनी खरीद जारी रखी और उसी दिन 771.08 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। एशियाई बाजारों में बैंकॉक, चीन, जापान, सोल और जकार्ता लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल हांगकांग हरे निशान में कारोबार कर रहा था। पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिका में डाउ जोंस 400.17 अंक या 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ 44,494.94 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स 6.90 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6,198.05 पर बंद हुआ और नैस्डैक 166.85 अंक या 0.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ 20,202.89 पर बंद हुआ। -
नयी दिल्ली. जिंदल स्टील ने अंगुल संयंत्र में अपनी पहली ‘गैल्वनाइजिंग लाइन' चालू करने की सोमवार को घोषणा की। इससे लेपित (कोटेड) उत्पादों की आपूर्ति में वृद्धि होगी जिससे उपकरण, मोटर वाहन, बुनियादी ढांचे और निर्माण सहित विभिन्न उद्योगों की जरूरतें पूरी हो सकेंगी। ‘कोटेड गैल्वनाइजिंग लाइन 1' (सीजीएल 1) को ओडिशा के अंगुल में कंपनी की इस्पात विनिर्माण सुविधा में मौजूदा कई करोड़ रुपये की निवेश योजना के तहत स्थापित किया गया है। जिंदल स्टील ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया, ‘‘ नई लाइन जिंदल पैंथर गैल्वनाइज्ड और जिंकल्यूम ब्रांड के तहत गैल्वनाइज्ड एवं गैल्वेनाइज्ड उत्पादों का उत्पादन करेगी। यह उपकरण, मोटर वाहन, बुनियादी ढांचे और निर्माण सहित विभिन्न उद्योगों की जरूरतों को पूरा करेगी।'' कंपनी के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा कि ‘गैल्वनाइजिंग लाइन' का चालू होना विविध उद्योग आवश्यकताओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एवं मूल्यवर्धित इस्पात उत्पाद प्रदान करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ‘कोटेड गैल्वनाइजिंग लाइन' से तात्पर्य उस औद्योगिक प्रक्रिया से है जिसमें धातु आमतौर पर इस्पात को जंग से बचाने के लिए उस पर जस्ते की सुरक्षात्मक परत चढ़ाई जाती है। इस प्रक्रिया को ‘गैल्वनाइजिंग' कहा जाता है। इसे सतत उत्पादन ‘लाइन' पर अंजाम दिए जाने पर इसे ‘गैल्वनाइजिंग लाइन' कहा जाता है। यहां ‘कोटेड' से तात्पर्य धातु पर सुरक्षात्मक परत चढ़ाने से है।
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नयी दिल्ली. सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह पांच साल में दोगुना होकर वित्त वर्ष 2024-25 में 22.08 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2020-21 में 11.37 लाख करोड़ रुपये था। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। सकल जीएसटी संग्रह 2024-25 में 22.08 लाख करोड़ रुपये के अपने उच्चतम स्तर को छू गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 9.4 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 में औसत मासिक संग्रह 1.84 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 2023-24 में 1.68 लाख करोड़ रुपये और 2021-22 में 1.51 लाख करोड़ रुपये था। जीएसटी के तहत पंजीकृत करदाताओं की संख्या 2017 के 65 लाख से बढ़कर आठ साल में 1.51 करोड़ से अधिक हो गई है। जीएसटी के आठ वर्षों पर एक सरकारी बयान में कहा गया, ‘‘इसके लागू होने के बाद से, माल और सेवा कर ने राजस्व संग्रह और कर आधार बढ़ाने में मजबूत वृद्धि दिखाई है। इसने भारत की राजकोषीय स्थिति को लगातार मजबूत किया है और अप्रत्यक्ष कराधान को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाया है।'' जीएसटी ने 2024-25 में 22.08 लाख करोड़ रुपये का अपना अबतक का सबसे अधिक सकल संग्रह दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत की वृद्धि है।
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नयी दिल्ली. निजी क्षेत्र की प्रमुख साधारण बीमा कंपनी एसबीआई जनरल इंश्योरेंस ने बीएलएस ई-सर्विसेज की अनुषंगी स्टारफिन इंडिया के साथ साझेदारी की है। यह साझेदारी कम आय वाले परिवारों के लिए विशेष रूप से तैयार ‘हॉस्पिटल डेली कैश बेनिफिट' योजना पेश करने के लिए की गई है। दोनों कंपनियों के संयुक्त बयान के अनुसार, यह योजना अस्पताल में भर्ती होने पर खर्चों का बोझ कम करने के उद्देश्य से लाई गई है। इसके तहत, बीमाधारक को बीमारी या दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर हर दिन एक निर्धारित नकद राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, आकस्मिक मृत्यु और अपंगता के लिए भी सुरक्षा दी जाएगी। एसबीआई जनरल इंश्योरेंस में व्यापार प्रमुख (इमेर्जिंग बिजनेस लाइन) प्रिया कुमार ने कहा, ‘‘ अस्पताल में भर्ती होने पर आर्थिक सहायता समय पर मिलना कमजोर वर्गों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है...इस साझेदारी के जरिये हम जरूरतमंद लोगों की वित्तीय मजबूती को बढ़ावा दे रहे हैं।'' बीएलएस ई-सर्विसेज लिमिटेड, (स्टारफिन इंडिया की मूल कंपनी) के चेयरमैन शिखर अग्रवाल ने कहा, ‘‘ इस पहल से हम अस्पताल में भर्ती होने पर परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना चाहते हैं। हमारी अनुषंगी कंपनी स्टारफिन इंडिया और एसबीआई जनरल इंश्योरेंस के बीच यह सहयोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सुलभ और किफायती बीमा समाधान लाने की हमारी प्रतिबद्धता को बताती है।
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नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई इकोनॉमी है और आने वाले समय में अच्छे मानसून और कृषि के कारण और बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। यह बयान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से सोमवार को दिया गया। आरबीआई के ताजा डेटा के मुताबिक, कृषि, निर्माण और सेवा क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन के दम पर 2024-25 की चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर बढ़कर 7.4 प्रतिशत हो गई, जिसके परिणामस्वरूप पूरे वित्तीय वर्ष के लिए विकास दर 6.5 प्रतिशत पहुंच गई थी।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह विकास दर जारी रहेगी और अच्छे मानसून के कारण अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन में सुधार होगासोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपना मीडिया इंटरव्यू पोस्ट करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह विकास दर जारी रहेगी और अच्छे मानसून के कारण अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन में सुधार होगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारे बाजारों की गहराई वास्तव में दिख रही है और इससे खुदरा विक्रेताओं और आम नागरिकों को लाभ हो रहा है।वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “हमारी प्रणालियां पारदर्शी और डिजिटल हैं और घर बैठे ही उन तक पहुंचा जा सकता है “वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “हमारी प्रणालियां पारदर्शी और डिजिटल हैं और घर बैठे ही उन तक पहुंचा जा सकता है। व्यक्ति दूसरों की मदद पर निर्भर रहने के बजाय खुद ही यह काम कर सकते हैं। ये एक बहुत अच्छी गतिशील अर्थव्यवस्था के संकेत हैं।”वित्त मंत्री ने कहा, “हमने स्पष्ट किया है कि हस्तशिल्प, हस्तनिर्मित सामान आदि को सहायता मिलेगी “वित्त मंत्री ने आगे कहा कि हमारी नीति स्पष्ट है कि श्रम-प्रधान इकाइयों को सहायता दी जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा, “हमने स्पष्ट किया है कि हस्तशिल्प, हस्तनिर्मित सामान आदि को सहायता मिलेगी। ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे हम एक (श्रम) और दूसरे (पूंजी/तकनीक) के बीच अंतर करें। विनिर्माण, चाहे वह रोजगार-प्रधान हो या स्वचालित, उसे नीतिगत समर्थन दिया जाएगा।”प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली इस सरकार ने “यह सुनिश्चित किया है कि हम कुछ ठोस नीतियां बनाएं जो लोगों, खासकर एमएसएमई की मदद करें”उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में सभी बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली इस सरकार ने “यह सुनिश्चित किया है कि हम कुछ ठोस नीतियां बनाएं जो लोगों, खासकर एमएसएमई की मदद करें।” इसके अतिरिक्त, वित्त मंत्री ने पोस्ट में कहा कि 2014 से रक्षा क्षेत्र की मांगों के छोटे और बड़े विवरणों पर ध्यान दिया गया है, चाहे वह बुलेटप्रूफ जैकेट हो या ऊंचाई पर समय पर सामान पहुंचाना हो। इसके कारण रक्षा उत्पादन के साथ निर्यात में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। -
नई दिल्ली। जुलाई, 2025 से कई नए वित्तीय नियम लागू होने जा रहे हैं, जिसका आपकी जेब पर सीधा असर हो सकता है। इनमें यूपीआई चार्जबैक, नए तत्काल ट्रेन टिकट बुकिंग और पैन कार्ड के नियमों में बदलाव शामिल हैं। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की ओर से हाल ही में सिस्टम को आसान बढ़ाने के उद्देश्य से यूपीआई चार्जबैक नियमों में बदलाव किया गया है। मौजूदा समय में बहुत अधिक दावों के कारण सभी चार्जबैक रिक्वेस्ट को खारिज कर दिया जाता है। ऐसे में सही चार्जबैक रिक्वेस्ट को प्रोसेस करने के लिए बैंक को यूपीआई रेफरेंस कंप्लेंट सिस्टम (यूआरसीएस) के जरिए एनपीसीआई के पास जाकर केस को व्हाइटलिस्ट करना पड़ता है।
वहीं, 15 जुलाई के बाद एनपीसीआई की इसमें कोई भूमिका नहीं रहेगी। अगर बैंक को कोई चार्जबैक रिक्वेस्ट सही लगती है तो उसे वह एनपीसीआई से व्हाइटलिस्ट किए बिना प्रोसेस कर सकती है।यूपीआई चार्जबैक एक औपचारिक विवाद है जिसे यूजर तब उठाता है जब कोई लेनदेन विफल हो जाता है या जब भुगतान की गई सेवा या उत्पाद वितरित नहीं किया जाता है। यह यूजर को बैंक या भुगतान सेवा प्रदाता से धन वापसी की मांग करने की अनुमति देता है।नए पैन कार्ड का आवेदन करने के लिए एक जुलाई से आपके पास आधार कार्ड होना जरूरी है। इससे पहले आप किसी भी वैध दस्तावेज या जन्म प्रमाणपत्र के जरिए पैन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते थे।जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग के कई नए नियम लागू हो जाएंगे। 1 जुलाई 2025 से आईआरसीटीसी की वेबसाइट या इसके मोबाइल ऐप के जरिए तत्काल ट्रेन टिकट के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य हो जाएगा।गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) ने 7 जून, 2025 को घोषणा की थी कि मासिक जीएसटी भुगतान फॉर्म जीएसटीआर-3बी को जुलाई 2025 से एडिट नहीं किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, जीएसटीएन ने कहा था कि करदाताओं को देय तिथि से तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने के बाद जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। -
नयी दिल्ली. अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी के सबसे छोटे पुत्र और तीन भाई-बहनों में सबसे पहले प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज में कार्यकारी निदेशक नियुक्त किए गए अनंत अंबानी को सालाना 10-20 करोड़ रुपये का वेतन और कंपनी के मुनाफे पर कमीशन सहित कई भत्ते दिए जाएंगे। शेयरधारकों को भेजी गई सूचना में यह जानकारी दी गई है। जहां सबसे अमीर एशियाई के तीनों बच्चे - जुड़वां आकाश और ईशा, और अनंत को 2023 में गैर-कार्यकारी निदेशकों के रूप में तेल-से-दूरसंचार-और-खुदरा समूह के निदेशक मंडल में शामिल किया गया था, वहीं सबसे छोटे अनंत को इस साल अप्रैल में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था। गैर-कार्यकारी निदेशकों के रूप में, तीनों को कोई वेतन नहीं मिल रहा था और प्रत्येक को वित्त वर्ष 2023-24 में चार लाख रुपये का शुल्क और 97 लाख रुपये का लाभ पर कमीशन दिया गया था। हालांकि, कार्यकारी निदेशक के तौर पर 30 वर्षीय अनंत वेतन और अन्य आवश्यक शर्तों के हकदार होंगे।
रविवार को शेयर बाजार को दिए गए नोटिस में रिलायंस ने कहा कि नियुक्ति के लिए शेयरधारकों की मंजूरी पोस्टल बैलेट के जरिये मांगी गई है। साल 2023 में नियुक्तियां भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी में उत्तराधिकार योजना का हिस्सा थीं, जिसे कई लोगों ने 2002 में उनके पिता की मृत्यु के बाद भाई-बहन के झगड़े से बचने के लिए अंबानी के प्रयास के रूप में देखा। ईशा रिलायंस रिटेल के निदेशक मंडल में हैं और हाल ही में बनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज में शामिल हुई हैं, आकाश दूरसंचार कारोबार के प्रमुख हैं। अनंत मैटेरियल्स और नवीकरणीय ऊर्जा खंड से जुड़े हैं। वहह पेशेवर प्रबंधकों के साथ मिलकर काम करते हैं। पोस्टल बैलेट में, रिलायंस ने कहा कि अनंत का “वेतन और भत्ते 10 करोड़ रुपये से 20 करोड़ रुपये प्रति वर्ष की सीमा में होंगे।” इसमें कहा गया, “सुविधाओं और भत्तों में आवास (सुसज्जित या अन्यथा) या उसके बदले में मकान किराया भत्ता; व्यय की प्रतिपूर्ति के साथ मकान रखरखाव भत्ता और/या गैस, बिजली, पानी, साज-सज्जा और मरम्मत के उपयोग के लिए भत्ते तथा स्वयं और आश्रितों सहित परिवार के लिए छुट्टी यात्रा रियायत शामिल होगी।” अनंत को अपने या पत्नी तथा व्यावसायिक यात्राओं के दौरान सहायकों के लिए यात्रा, भोजन तथा आवास पर किए गए व्यय की पैसा भी मिलेगा। साथ कंपनी के व्यवसाय के लिए कार की व्यवस्था तथा निवास पर संचार व्यय का खर्च भी मिलेगा। वह चिकित्सा के साथ-साथ अपने और अपने परिवार के सदस्यों के लिए कंपनी द्वारा व्यवस्थित सुरक्षा के भी हकदार होंगे। अधिसूचना में कहा गया, “वेतन, भत्ते और सुविधाओं के अलावा, अनंत एम. अंबानी शुद्ध लाभ के आधार पर पारिश्रमिक पाने के हकदार होंगे।” मुकेश अंबानी ने अगस्त, 2023 में तेल से लेकर दूरसंचार क्षेत्र में कारोबार करने वाली कंपनी के बोर्ड में अपने तीनों बच्चों को गैर-कार्यकारी निदेशकों के रूप में शामिल करने की घोषणा की थी, ताकि अंतिम उत्तराधिकार योजना तैयार की जा सके। इसके बाद उन्होंने कहा कि उनके बच्चे भारत की सबसे मूल्यवान और लाभदायक कंपनी रिलायंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुकेश अंबानी के विपरीत, जिन्हें अपने पिता के व्यवसाय की देखभाल के लिए स्टैनफोर्ड से पढ़ाई छोड़नी पड़ी, जुड़वां बच्चों ईशा और आकाश ने क्रमशः येल और ब्राउन से स्नातक किया। सबसे बड़े पुत्र आकाश कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2014 में समूह की दूरसंचार इकाई जियो की नेतृत्व टीम में शामिल हुए। उन्हें जून, 2022 में दूरसंचार इकाई जियो इन्फोकॉम का चेयरमैन बनाया गया। वह इंडियन प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस क्रिकेट टीम का प्रबंधन भी करते हैं। ईशा कंपनी के खुदरा, ई-कॉमर्स और लक्जरी कारोबार को संभालती हैं। कहा जाता है कि कंपनी के ई-कॉमर्स ऐप के ज़रिए फैशन के क्षेत्र में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने और शीर्ष अंतरराष्ट्रीय लक्जरी ब्रैंड के साथ बढ़ती साझेदारी के पीछे भी उनका ही हाथ है। अनंत रिलायंस के ऊर्जा कारोबार से जुड़े हैं, जिसमें जीवाश्म ईंधन से लेकर सौर पैनल निर्माण का विकास शामिल है। ब्राउन यूनिवर्सिटी से स्नातक अनंत, अपनी मां के साथ रिलायंस फाउंडेशन के बोर्ड में भी हैं, जो समूह की परमार्थ इकाई है। तीनों बच्चे जियो प्लेटफॉर्म्स के बोर्ड में हैं, जो रिलायंस की दूरसंचार और डिजिटल संपत्तियों और रिलायंस रिटेल का स्वामित्व रखने वाली इकाई है।






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