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- नयी दिल्ली. न्यूजीलैंड ने सोमवार को कहा कि वह भारत के साथ हुए किसी भी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत अपने सेबों पर शुल्क में छूट पाने वाला ‘पहला' देश बन गया है। वर्तमान में, भारत में सेबों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है।न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते के तहत, भारत घरेलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए कोटा और न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) के साथ सेबों पर शुल्क में छूट दे रहा है। फिलहाल, न्यूजीलैंड से भारत का वार्षिक सेब आयात 31,392.6 टन है, जिसकी कीमत 3.24 करोड़ अमेरिकी डॉलर है, जबकि देश का कुल सेब आयात 5,19,651.8 टन (42.46 करोड़ अमेरिकी डॉलर) है। समझौते के अनुसार, समझौते के पहले वर्ष में न्यूजीलैंड को 32,500 टन सेब पर आयात शुल्क में छूट दी जाएगी। छठे वर्ष में यह कोटा बढ़ाकर 45,000 टन कर दिया जाएगा, जिस पर 25 प्रतिशत शुल्क और 1.25 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम का आयात शुल्क लागू होगा। इस कोटा से अधिक होने पर 50 प्रतिशत शुल्क लागू होगा। न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘न्यूजीलैंड किसी भी भारतीय मुक्त व्यापार समझौते में सेब के लिए तरजीही पहुंच प्राप्त करने वाला पहला देश है और कीवी फल के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच और कोटा से बाहर 50 प्रतिशत शुल्क कटौती प्राप्त करने वाला पहला कीवी फल निर्यातक है।'' यह महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका भी भारत के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते में अपने सेब पर शुल्क में छूट की मांग कर रहा है।
- नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की दो अनुषंगी कंपनियों के बाजार में सूचीबद्ध होने से लेकर महत्वाकांक्षी कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण में तेजी तक, कोयला क्षेत्र 2026 में बड़े बदलाव के लिए तैयार है। महत्वाकांक्षी खनन सुधारों और अहम खनिजों की बढ़ती वैश्विक मांग के साथ ही 2026 में हरित ऊर्जा की रफ्तार भी तेज रहेगी और इसे सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। भारत अपने महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत 2047' लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ रहा है और केंद्र सरकार राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कोयला और खनन क्षेत्र में व्यापक सुधार लागू कर रही है। इन बदलावों का लक्ष्य जटिल मंजूरी प्रक्रियाओं, कमजोर माल रवानगी व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल जैसी प्रमुख समस्याओं को दूर करना है, ताकि एक मजबूत और आत्मनिर्भर ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया जा सके। ये पहल स्वच्छ ऊर्जा की स्वीकार्यता में तेजी लाएंगी, आयात पर निर्भरता कम करेंगी और 2047 तक 30,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी। कोयला मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘मंत्रालय ऊर्जा सुरक्षा को और बढ़ाने के लिए कई सुधारों पर काम कर रहा है, जिससे विकसित भारत के लक्ष्य हासिल किए जा सकें। इन सुधारों में आमतौर पर खनन सुधार और मंजूरी प्रक्रिया से जुड़े सुधार शामिल होंगे। रवानगी और सुरक्षा में भी सुधार होंगे।'' स्वच्छ और अधिक कुशल ऊर्जा उत्पादन की दिशा में एक साहसिक कदम के तहत आने वाले वर्ष में देश का खनन क्षेत्र तकनीकी क्रांति से गुजरेगा। कोयला कंपनियां उन्नत प्रौद्योगिकी पर आधारित खनन के तरीकों को अपना सकती हैं। अधिकारी ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड की इकाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) को 2026 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टिट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआईएल) भी सार्वजनिक निर्गम लाने की तैयारी कर रही है। आने वाले वर्ष में सरकार देश की बढ़ती ऊर्जा और रासायनिक जरूरतों को पूरा करने और आयात घटाने के लिए कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण बढ़ा सकती है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और पूर्णकालिक निदेशक अरुण मिश्रा ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों का रणनीतिक महत्व सामने आ गया है। स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक परिवहन, ग्रिड विस्तार और उन्नत विनिर्माण से बढ़ती मांग ने दुर्लभ पृथ्वी तत्वों, पोटाश और टंग्स्टन जैसे खनिजों को सामान्य कच्चे माल की जगह अब एक रणनीतिक संपत्ति में बदल दिया है।
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-चांदी का भी नया रिकॉर्ड
नयी दिल्ली. वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतें 1,685 रुपये की बढ़त के साथ 1,38,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह जानकारी दी है। राजधानी में चांदी की कीमतें भी 10,400 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर 2,14,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गईं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘सोने और चांदी के सोमवार को एक और नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने से सर्राफा में तेजी का दौर जारी रहा।'' अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना हाजिर 80.85 डॉलर यानी 1.86 प्रतिशत बढ़कर 4,420.35 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। गांधी ने कहा, ‘‘चांदी और सोने में निवेशकों की रुचि काफी बढ़ गई है क्योंकि अमेरिका में ब्याज दरें कम हो रही हैं, राजकोषीय चिंताएं बढ़ रही हैं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था अधिक अनिश्चित होती जा रही है।'' उन्होंने कहा कि इससे सुरक्षित-संपत्ति की ओर बदलाव आया है। इसके अलावा, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण सुरक्षित निवेश विकल्प की मांग भी बढ़ गई है। विदेशी बाजारों में हाजिर चांदी 2.31 डॉलर या 3.44 प्रतिशत बढ़कर 69.45 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। कोटक म्यूचुअल फंड के कोष प्रबंधक, सतीश डोंडापति ने कहा, ‘‘चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं, जो बढ़ती निवेश मांग के साथ-साथ मजबूत औद्योगिक मांग को दर्शाती है। - नई दिल्ली। एनटीपीसी ने गुजरात और राजस्थान में अपनी सहायक कंपनियों के विभिन्न सोलर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से 359.58 मेगावाट नई वाणिज्यिक क्षमता जुड़ने की घोषणा की है। इसके साथ ही एनटीपीसी समूह की कुल वाणिज्यिक क्षमता 85.5 गीगावाट से अधिक हो गई है।एनटीपीसी ने अपनी सहायक कंपनी एनजीईएल के माध्यम से एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के गुजरात स्थित 1,255 मेगावाट क्षमता वाले खावड़ा-1 सोलर पीवी प्रोजेक्ट की 243.66 मेगावाट आंशिक क्षमता के वाणिज्यिक संचालन (सीओडी – कमर्शियल ऑपरेशन डेट) की घोषणा की है। इसके अलावा, कंपनी ने राजस्थान में एनटीपीसी के नोख सोलर पीवी प्रोजेक्ट (3×245 मेगावाट) की कुल 735 मेगावाट क्षमता में से 78 मेगावाट के वाणिज्यिक संचालन (सीओडी) की भी घोषणा की है।कंपनी ने एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनटीपीसी आरईएल) के गुजरात स्थित 450 मेगावाट हाइब्रिड ट्रेंच-V प्रोजेक्ट के तहत खावड़ा सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट की कुल 300 मेगावाट क्षमता में से 37.925 मेगावाट आंशिक क्षमता के वाणिज्यिक संचालन (सीओडी) की घोषणा भी की है। इन उपलब्धियों के साथ एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित एवं वाणिज्यिक क्षमता बढ़कर 85,541 मेगावाट तक पहुंच गई है।एनटीपीसी लिमिटेड देश की कुल बिजली आवश्यकताओं का लगभग एक-चौथाई योगदान दे रही है। कंपनी की कुल स्थापित क्षमता 85 गीगावाट से अधिक है, जबकि 30.90 गीगावाट अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है, जिसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है। एनटीपीसी वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।थर्मल, हाइड्रो, सोलर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी देश को भरोसेमंद, किफायती और सतत बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी बेहतर भविष्य के लिए सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को अपनाने पर लगातार काम कर रही है।बिजली उत्पादन के अलावा, एनटीपीसी ने कई नए व्यावसायिक क्षेत्रों में भी कदम रखा है, जिनमें ई-मोबिलिटी, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, वेस्ट-टू-एनर्जी, न्यूक्लियर पावर और ग्रीन हाइड्रोजन समाधान शामिल हैं।
- नई दिल्ली। दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री नवंबर में सालाना आधार पर 19 प्रतिशत बढ़कर 18 लाख यूनिट्स हो गई है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।आईसीआरए के अनुसार, जीएसटी में कटौती और कंपनियों द्वारा दिए गए ऑफर्स के कारण त्योहारी मौसम के बाद भी मांग बनी रही, जिससे दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री में बढ़ोतरी हुईआईसीआरए की रिपोर्ट में दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री में मजबूत बढ़त की वजह वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती और कंपनियों की ओर से डीलरों को दिए जाने वाले ऑफर्स को बताया है, जिससे त्योहारी मौसम के बाद शोरूम में ग्राहकों की आवाजाही बनी रही और डीलर्स इन्वेंट्री को फिर से भरने के लिए आकर्षित हुए।रेटिंग्स फर्म के अनुसार वित्त वर्ष 26 में जीएसटी कटौती, बेहतर खपत और मानसून से दोपहिया बिक्री 6-9% बढ़ेगीरेटिंग्स फर्म ने कहा कि वित्त वर्ष 26 दोपहिया वाहनों की वॉल्यूम ग्रोथ 6-9 प्रतिशत बढ़ सकती है। इसे जीएसटी में कटौती, शहरी खपत में बढ़ोतरी और सामान्य मानसून से ग्रामीण मांग में रिकवरी में मदद मिलेगी।हालांकि, नवंबर में दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत कम हुई है। इसकी वजह त्योहारी सीजन में ज्यादा बिक्री होना है। दीपावली और दशहरा जैसे त्योहारों के कारण अक्टूबर में त्योहारी सीजन में बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर थी।रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी के सकारात्मक प्रभाव और शादी के सीजन से मांग मजबूत रही, जिससे डीलरों को लगातार अच्छी प्रतिक्रिया मिलीरिपोर्ट में कहा गया कि जीएसटी के सकारात्मक असर और चल रहे शादी के सीजन से मिल रही मजबूत मांग के चलते डीलरों को ग्राहकों से लगातार अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।रिपोर्ट में बताया गया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में सालाना आधार पर मामूली 1.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, नवंबर में इनकी बिक्री 1,17,335 यूनिट रही। वित्त वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में समग्र दोपहिया वाहन सेगमेंट में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 6-7 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो धीरे-धीरे बढ़ते उपयोग को दर्शाती है।जीएसटी में कटौती के बाद मिनी, कॉम्पैक्ट और सुपर-कॉम्पैक्ट सेगमेंट में सुधार देखने को मिलाफेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) के आंकड़ों के अनुसार, खुदरा बिक्री में मजबूती के कारण, इन्वेंट्री का स्तर सितंबर के अंत में 60 दिनों से सुधरकर नवंबर 2025 तक 44-46 दिनों तक पहुंच गया। नवंबर में यात्री वाहनों की कुल बिक्री में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत रही, जो अक्टूबर के 69 प्रतिशत से कम है। वहीं, जीएसटी में कटौती के बाद मिनी, कॉम्पैक्ट और सुपर-कॉम्पैक्ट सेगमेंट में सुधार देखने को मिला।रिपोर्ट में कहा गया है कि नीतिगत सुधारों के जारी रहने और बाजार की बेहतर भावना से यह वृद्धि 2026 तक जारी रहेगी।
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नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हाल ही में एक नया फीचर आया है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। दरअसल, नए फीचर के तहत अब आप पिछले महीने के सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट देख पाएंगे। इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पोस्ट टॉप-10 में 8वें स्थान पर जगह बनाने में कामयाब रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आए दिन नए-नए अपडेट आते रहते हैं। एप्लिकेशन में आने वाले नए फीचर को लेकर लोगों में उत्साह भी होता है। लोग देखना पसंद करते हैं कि उन्हें एप्लिकेशन में अब कौन सा नया फीचर मिलने वाला है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) में आया यह नया फीचर किसी देश में पिछले महीने के सबसे ज्यादा लाइक किए गए ट्वीट्स दिखाता है।भारत में पिछले 30 दिनों में, 10 सबसे ज्यादा लाइक किए गए पोस्ट में पीएम मोदी के पोस्ट भी शामिल हैं। टॉप-10 में कोई और नेता नहीं है। पीएम मोदी एक ऐसे नेता हैं, जिनकी बढ़ते समय के साथ विश्वभर में लोकप्रियता बढ़ी है। दुनियाभर में उन्हें काफी पसंद किया जाता है।वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी भारत के प्रधानमंत्री के काफी चर्चे हैं। पीएम मोदी को एक्स पर 105.9 मिलियन यूजर्स फॉलो करते हैं। पीएम मोदी के जिस पोस्ट को सबसे ज्यादा पसंद किया गया है, उसमें उनकी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से संबंधित पोस्ट हैं।रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर की शुरुआत में दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे थे। इस दौरान पीएम मोदी और पुतिन के बीच दोस्ती के खास पल देखने को मिले। पीएम मोदी ने अपने खास दोस्त पुतिन के साथ हुई इस मुलाकात की कई खास तस्वीरें साझा कीं। इसे लोगों द्वारा खूब पसंद किया गया है। खासतौर से पीएम मोदी और पुतिन की कार में साथ बैठने की तस्वीर जब सामने आई, तो उसकी खूब चर्चा हुई।पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को तोहफे में गीता भेंट की, जिसे सबसे ज्यादा पसंद किया गया। इसके अलावा, जब वह पुतिन को लेने के लिए प्रोटोकॉल को तोड़ते हुए खुद एयरपोर्ट पहुंचे, उस पोस्ट को भी खूब पसंद किया गया। - नई दिल्ली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार सुबह घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई। इसकी वजह यह रही कि बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने अपनी ब्याज दर बढ़ा दी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया।मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 0.56 प्रतिशत गिरकर 1,33,772 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं शुरुआती कारोबार में चांदी की कीमतों में भी कमजोरी दिखी और मार्च डिलीवरी वाली चांदी 0.26 प्रतिशत गिरकर 2,03,034 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड करते नजर आई। हालांकि बाद में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली।कीमती धातुओं की कीमतों में यह गिरावट तब आई, जब बैंक ऑफ जापान ने अपनी प्रमुख ब्याज दर बढ़ाकर 0.75 प्रतिशत कर दी, जो सितंबर 1995 के बाद सबसे ज्यादा है।हालांकि बाजार को इस फैसले का पहले से अंदाजा था, फिर भी निवेशकों ने मुनाफा वसूली की। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर असर पड़ा और इसका प्रभाव सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के भाव पर भी दिखा।अमेरिका से आई महंगाई की रिपोर्ट ने भी सोने की कीमतों को नीचे खींचा। नवंबर में अमेरिका में महंगाई दर 2.7 प्रतिशत रही, जबकि विशेषज्ञों को इसके 3.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद थी।आमतौर पर सोने को महंगाई से बचाव का साधन माना जाता है, लेकिन जब महंगाई कम होती है तो सोने की मांग घट जाती है और कीमतों पर दबाव पड़ता है।इसके अलावा अमेरिकी डॉलर भी थोड़ा मजबूत हुआ। डॉलर इंडेक्स में 0.10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और वह एक हफ्ते के ऊंचे स्तर के पास पहुंच गया। जब डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों के लोगों के लिए सोना खरीदना महंगा पड़ता है, जिससे इसकी मांग कम हो जाती है।विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीय बैंकों के फैसले, अमेरिका की कम महंगाई और मजबूत डॉलर इन सभी कारणों ने मिलकर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों को नीचे धकेल दिया।
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नयी दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र बिजली कंपनी एनटीपीसी ने 2037 तक 244 गीगावाट की स्थापित क्षमता हासिल करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की है। इसके लिए सात लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की आवश्यकता होगी। एनटीपीसी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) गुरदीप सिंह ने ऋणदाताओं की बैठक में कंपनी की वृद्धि और विस्तार योजनाओं को साझा किया। एनटीपीसी ने कहा कि उसकी 32 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) क्षमता विभिन्न निर्माण चरणों में है। कंपनी ने 2032 तक 149 गीगावाट और 2037 तक 244 गीगावाट तक विस्तार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी ने कहा कि इस योजना में लगभग सात लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की जरूरत होगी।
विद्युत मंत्रालय के अधीन आने वाली एनटीपीसी भारत की सबसे बड़ी बिजली उत्पादन कंपनी है। कंपनी पारंपरिक और हरित स्रोतों के माध्यम से देश की लगभग एक-चौथाई बिजली की मांग को पूरा करती है। एनटीपीसी की समूह स्तर पर स्थापित क्षमता बुधवार को 85,000 मेगावाट को पार कर गई। -
नयी दिल्ली. अग्रणी वाहन निर्माता टाटा मोटर्स ने छोटी पेट्रोल कारों को कड़े कॉरपोरेट औसत ईंधन दक्षता (कैफे) मानकों से छूट देने का विरोध करते हुए कहा है कि इससे देश में टिकाऊ एवं स्वच्छ प्रौद्योगिकी पर आधारित मॉडल, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का विस्तार प्रभावित होगा। टाटा समूह की कंपनी ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजे पत्र में कहा है कि भविष्य की प्रौद्योगिकियों में नवाचार और सीधे उन्नत प्रौद्योगिकी को अपनाने की क्षमता अब भारत में दिखने लगी है और यात्री कारों में ईवी की हिस्सेदारी करीब पांच प्रतिशत तक पहुंच गई है। कंपनी ने इस पत्र में कहा, “हम यह कहना चाहते हैं कि 909 किलोग्राम तक वजन वाली, 1200 सीसी से कम इंजन क्षमता और 4,000 मिलीमीटर से कम लंबाई वाली पेट्रोल कारों को इन मानकों से छूट देने का प्रावधान, टिकाऊ प्रौद्योगिकी अपनाने पर फोकस को कमजोर कर सकता है।” कैफे मानक एक वाहन कंपनी के सभी मॉडल की औसत ईंधन दक्षता और कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए तय किए जाते हैं। इनका उद्देश्य वाहन कंपनियों को इलेक्ट्रिक और अन्य स्वच्छ प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। टाटा मोटर्स ने इस बात को लेकर आगाह किया कि वाहन के वजन के आधार पर छूट देने से वाहन कंपनियां आवश्यक सुरक्षा सुविधाओं की कीमत पर वजन कम करने के लिए प्रोत्साहित हो सकती हैं। इससे पिछले कुछ वर्षों में वाहन सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति पर असर पड़ सकता है। कंपनी ने सरकार से अपील की है कि कैफे मानकों के तहत रियायत देने के उद्देश्य से आकार या वजन के आधार पर कारों की कोई विशेष श्रेणी न बनाई जाए। सरकार ने अप्रैल 2027 से मार्च 2032 के बीच यात्री वाहनों की ईंधन खपत और कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए कैफे मानदंडों के मसौदा नियम जारी किए हैं। प्रस्तावित ढांचा कंपनियों के लिए सख्त समग्र लक्ष्य तय करता है, जबकि छोटी पेट्रोल कारों को कुछ राहत देने का प्रावधान भी करता है। टाटा मोटर्स ने कहा कि वाहन की किसी विशेष उप-श्रेणी को मानकों से छूट देने से ईवी जैसे विकल्प अपनाने की जरूरत कम हो जाती है।
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नई दिल्ली। भारत के यात्री वाहन (पैसेंजर व्हीकल) उद्योग में नवंबर 2025 के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। त्योहारी सीजन के बाद भी लगातार बनी मांग, जीएसटी दरों में कटौती और सर्दियों में शादी के सीजन की शुरुआत के कारण वाहनों की मांग में तेजी देखी गई। इसके चलते बिक्री और उत्पादन-दोनों में सालाना आधार पर अच्छा इजाफा हुआ।
आईसीआरए की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर महीने में वाहनों की रिटेल बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 22% बढ़ी। हालांकि, अक्टूबर में त्योहारों के कारण हुई ऊंची बिक्री के मुकाबले नवंबर में यह 29% कम रही। वहीं, होलसेल बिक्री (कंपनियों से डीलरों को वाहनों की आपूर्ति) 19% की वृद्धि के साथ 4.1 लाख यूनिट तक पहुंच गई, क्योंकि कंपनियों ने मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन जारी रखा।रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में होलसेल बिक्री में 1 से 4% तक की वृद्धि हो सकती है। इसका कारण स्थिर मांग, जीएसटी में कटौती, नए मॉडलों की लॉन्चिंग और बाजार में बनी सकारात्मक स्थिति को बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के पहले आठ महीनों में होलसेल बिक्री 3.6% बढ़ी, जबकि रिटेल बिक्री में 6.1% की वृद्धि दर्ज की गई।फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार, बिक्री बढ़ने से डीलरों के पास मौजूद स्टॉक भी संतुलित हुआ है। सितंबर के अंत में जहां वाहनों का स्टॉक लगभग 60 दिनों का था, वह नवंबर तक घटकर 44-46 दिनों पर आ गया। नवंबर में यात्री वाहनों की कुल बिक्री में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी 67% रही, जो अक्टूबर में 69% थी। वहीं, जीएसटी में कटौती के बाद मिनी, कॉम्पैक्ट और सुपर-कॉम्पैक्ट सेगमेंट में बिक्री में सुधार देखा गया।रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर महीने में भारत में तीन पहिया वाहनों की बिक्री 21.3% बढ़कर 71,999 यूनिट तक पहुंच गई, जबकि दो पहिया वाहनों की बिक्री में 21.2% की वृद्धि हुई और यह 19,44,475 यूनिट रही।शहरी क्षेत्रों में बढ़ी मांग के चलते स्कूटरों की बिक्री में 29% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई और यह 7,35,753 यूनिट तक पहुंच गई। वहीं, ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थिर मांग के कारण मोटरसाइकिलों की बिक्री 17.5% बढ़कर 11,63,751 यूनिट रही।यात्री वाहनों की बढ़ती मांग का असर अन्य सेगमेंट पर भी दिखा। नवंबर में तीन पहिया मालवाहक वाहनों की बिक्री 24.6% बढ़कर 59,446 यूनिट हो गई, जबकि मालवाहक वाहनों की बिक्री में 10.9% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 10,874 यूनिट तक पहुंच गई।रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत से यात्री वाहनों के निर्यात में वृद्धि हुई है। मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से मजबूत मांग के चलते भारतीय वाहनों की विदेशों में अच्छी बिक्री हो रही है। - नयी दिल्ली. घरेलू और वैश्विक बाजारों में मजबूत मांग से चांदी की कीमत में बुधवार को 7,300 रुपये का उछाल आया और राष्ट्रीय राजधानी में यह पहली बार दो लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी का भाव बुधवार को 2,05,800 रुपये प्रति किलोग्राम रहा। मंगलवार को इसका बंद भाव 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम था। स्थानीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 600 रुपये चढ़कर 1,36,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गईं जबकि मंगलवार को यह 1,35,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने की कीमत 18.59 अमेरिकी डॉलर यानी 0.43 प्रतिशत बढ़कर 4,321.06 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गई। इसके अलावा, हाजिर चांदी ने विदेशी बाजार में पहली बार 66 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा पार कर लिया। चांदी की कीमत में 2.77 अमेरिकी डॉलर यानी 4.35 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 66.52 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
- नयी दिल्ली. देश की थोक मुद्रास्फीति नवंबर में शून्य से नीचे 0.32 प्रतिशत रही। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर में शून्य से नीचे 1.21 प्रतिशत और नवंबर 2024 में 2.16 प्रतिशत रही थी। उद्योग मंत्रालय ने बयान में कहा कि खाद्य पदार्थों, खनिज तेलों, कच्चे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, बुनियादी धातुओं के उत्पादन और बिजली आदि की कीमतों में कमी इसकी मुख्य वजह रही...। डब्ल्यूपीआई के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में खाद्य पदार्थों की महंगाई दर 4.16 प्रतिशत रही जबकि अक्टूबर में यह 8.31 प्रतिशत थी। सब्जियों की महंगाई दर 20.23 प्रतिशत रही जो अक्टूबर में 34.97 प्रतिशत थी। दालों की कीमतों में नवंबर में 15.21 प्रतिशत की कमी आई जबकि आलू तथा प्याज की कीमतें क्रमशः 36.14 प्रतिशत और 64.70 प्रतिशत घटीं। विनिर्मित उत्पादों के मामले में नवंबर में मुद्रास्फीति घटकर 1.33 प्रतिशत हो गई जबकि अक्टूबर में यह 1.54 प्रतिशत थी। ईंधन तथा बिजली की कीमतों की महंगाई दर 2.27 प्रतिशत रही जो अक्टूबर में 2.55 प्रतिशत थी।पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण नवंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में मामूली वृद्धि हुई और यह रिकॉर्ड निचले स्तर 0.25 प्रतिशत से बढ़कर 0.71 प्रतिशत हो गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) खुदरा मुद्रास्फीति पर नजर रखता है। केंद्रीय बैंक ने इस महीने की शुरुआत में नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया था। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का अनुमान पिछले सप्ताह 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया था। भारत ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत और अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।
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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी यात्री विमानन कंपनी इंडिगो ने उत्तर भारत में सर्दियों के मौसम को देखते हुए यात्रियों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। कंपनी ने बताया है कि सर्दी बढ़ने के साथ ही उत्तर भारत के कई इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाने लगा है, जिससे कभी-कभी उड़ानों के संचालन पर असर पड़ सकता है और विमानों की आवाजाही धीमी हो सकती है।
इंडिगो ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर चेक कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके। इसके लिए कंपनी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी टीमें मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और पूरी तरह से तैयार हैं। जहां भी संभव हो, वहां जमीन स्तर पर जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और यदि इंतजार करना पड़े तो वह समय अधिक आरामदायक बनाया जा सके।इंडिगो ने यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सुरक्षा और सुविधा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी ने यात्रियों के धैर्य और विश्वास के लिए धन्यवाद देते हुए कहा है कि वह हर संभव प्रयास कर रही है ताकि यात्रियों की यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।गौरतलब है कि इंडिगो भारत की सबसे बड़ी और सबसे बड़ी यात्री एयरलाइन है। इंडिगो के बेड़े में 400 से अधिक विमान शामिल हैं और कंपनी रोजाना 2,200 से ज्यादा उड़ानों का संचालन करती है। यह एयरलाइन देश और विदेश के कुल 130 से अधिक गंतव्यों को जोड़ती है, जिनमें 40 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय गंतव्य शामिल हैं। इससे पहले सोमवार को एयर इंडिया ने भी घने कोहरे की वजह से कुछ फ्लाइट रद्द की थीं और यात्रियों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी। - नयी दिल्ली। मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोना 4 हजार रुपये बढ़कर 1,37,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने यह कहा। शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,33,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (अनुसंधान विश्लेषक...जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, ''अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोना के 4,350 अमेरिकी डॉलर के स्तर की ओर बढ़ने के साथ ही घरेलू बाजार में तेज उछाल देखने को मिला। इससे सोने की कीमतें नयी ऊंचाई पर पहुंच गईं।'' उन्होंने कहा कि पीली धातु ने वैश्विक मजबूती को दर्शाते हुए तेज बढ़त के साथ एक नया सर्वकालिक उच्च स्तर छू लिया। इससे पहले 17 अक्टूबर को सोना 1,34,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया था। त्रिवेदी ने कहा, ''यह तेजी सुरक्षित निवेश की मांग और इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों को लेकर बनी उम्मीदों के कारण आई है। अब ध्यान पूरी तरह अमेरिकी वृहत आर्थिक संकेतों पर है, जिससे अस्थिरता ऊंची बनी रहने की संभावना है।'' इस साल अब तक सोने की कीमतों में 58,650 रुपये यानी 74.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। सोने का भाव 31 दिसंबर 2024 को 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम था। दूसरी ओर, संघ के अनुसार चांदी की कीमतें सभी करों सहित 1,99,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रहीं। इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 1,09,800 रुपये यानी 122.41 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसका भाव 31 दिसंबर 2024 को 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने का हाजिर भाव लगातार पांचवें सत्र में बढ़ा और यह 49.83 अमेरिकी डॉलर यानी 1.16 प्रतिशत बढ़कर 4,350.06 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। पिछले पांच सत्रों में पीली धातु में कुल 159.32 अमेरिकी डॉलर यानी 3.80 प्रतिशत की बढ़त हुई है।इस बीच, विदेशी बाजारों में चांदी का हाजिर भाव दो अमेरिकी डॉलर यानी 3.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63.96 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
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नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात विनिर्माता कंपनी सेल की बिक्री मूल्य दबाव और मांग में अस्थिरता के बीच अप्रैल-नवंबर 2025 अवधि के दौरान सालाना आधार पर 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.27 करोड़ टन हो गई। कंपनी ने शनिवार को यह जानकारी दी। इस्पात क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएआईएल) ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1.11 करोड़ टन की बिक्री दर्ज की थी। कंपनी ने कहा, ''वैश्विक व्यापार नीति की अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न वैश्विक मूल्य दबाव और मांग में अस्थिरता सहित कई चुनौतियों के बावजूद एक मजबूत बिक्री रणनीति के कारण यह मजबूत प्रदर्शन संभव हो पाया।'' कंपनी ने बताया कि आठ महीने की अवधि के दौरान खुदरा बिक्री भी मजबूत रही। देशव्यापी ब्रांड प्रचार अभियानों के समर्थन से यह बिक्री अप्रैल-नवंबर 2024 में 8.6 लाख टन से 13 प्रतिशत बढ़कर 9.7 लाख टन हो गई।
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नई दिल्ली। भारत में बने रत्नों और आभूषणों का निर्यात नवंबर में 19% बढ़कर 2.52 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2.09 बिलियन डॉलर था। यह बढ़ोतरी तराशे और पॉलिश किए गए हीरों, सोने, चांदी और प्लैटिनम के आभूषणों की बढ़ती वैश्विक मांग के चलते हुई है।
इस साल नवंबर में निर्यात में तेज बढ़त का एक कारण पिछले वर्ष का कम आधार भी रहा, क्योंकि 2023 में दीपावली नवंबर में पड़ने के कारण कई विनिर्माण इकाइयां बंद थीं। कई मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि अमेरिका और चीन में क्रिसमस सीजन की मजबूत मांग ने भी भारतीय निर्यात को बल दिया है।अप्रैल-नवंबर की अवधि में कुल निर्यात 18.86 बिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 18.85 बिलियन डॉलर के लगभग बराबर है। इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मौसमी मांग और वैश्विक बाजार में सुधार के चलते उद्योग धीरे-धीरे गति पकड़ रहा है।विश्लेषकों के अनुसार, लैब में उत्पादित हीरे (LGD) के आभूषणों की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। नवंबर में इनका निर्यात 10% बढ़कर 76 मिलियन डॉलर हो गया; हालांकि, अप्रैल-नवंबर के दौरान यह 11% घटकर 757 मिलियन डॉलर पर आ गया। कट और पॉलिश किए गए हीरों (CPD) का निर्यात नवंबर में 38% बढ़कर 919.74 मिलियन डॉलर हो गया। नवंबर में सोने के आभूषणों का कुल निर्यात 1.21 बिलियन डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 1.23 बिलियन डॉलर की तुलना में थोड़ा कम है।जड़े हुए सोने के आभूषणों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। नवंबर में इनका निर्यात 49.24 बढ़कर 828 मिलियन डॉलर हो गया। दूसरी ओर, सादे सोने के आभूषणों का निर्यात नवंबर में 42.17% घटकर 390 मिलियन डॉलर रह गया, लेकिन अप्रैल-नवंबर की अवधि में इसमें 14.78% वृद्धि हुई और यह 3.53 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। इसमें अमेरिकी डॉलर में सोने की कीमतों में 44% की तेजी का बड़ा योगदान रहा।चांदी के आभूषणों का निर्यात नवंबर में 209% बढ़कर 198 मिलियन डॉलर हो गया, जबकि अप्रैल-नवंबर की अवधि में यह 29.69% बढ़कर 930 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। नवंबर में प्लैटिनम के आभूषणों का निर्यात भी लगभग दोगुना होकर 2023 के 15 मिलियन डॉलर से बढ़कर 30 मिलियन डॉलर पर पहुंच गया। -
नई दिल्ली। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना (पीएलआई-एसएफपीआई) की विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत सितंबर 2025 तक 170 आवेदनों को स्वीकृति दी गई है। इस योजना से देश में प्रति वर्ष 35.00 लाख मीट्रिक टन की खाद्य प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि हुई है।
यह जानकारी आज शुक्रवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह द्वारा प्रदान की गई । वहीं, पीएलआई-एसएफपीआई (PLISFPI) के तहत अब तक लगभग 3.39 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न हुए हैं। योजना से लाभान्वित किसानों का डेटा संधारित नहीं किया जाता है।पीएलआई-एसएफपीआई के तहत प्रोत्साहन वहीं देय हैं, जहां योजना के अंतर्गत शामिल किए गए खाद्य उत्पादों की पूरी विनिर्माण प्रक्रिया, जिसमें प्राथमिक प्रसंस्करण भी शामिल है, भारत में ही संपन्न होती है।पीएलआई-एसएफपीआई के अंतर्गत स्वीकृत कृषि-आधारित प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों का कुल निर्यात 2019-20 के संदर्भ में 2024-25 तक 13.23% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ बढ़ा है।उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना 2020 में शुरू की गई एक सरकारी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य पात्र कंपनियों को उनकी बढ़ती बिक्री के आधार पर वित्तीय मदद देकर भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करना है।इस योजना का लक्ष्य शुरुआत में तीन क्षेत्र थे और समय के साथ, इसमें इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा से लेकर ऑटोमोबाइल और फूड मैन्युफैक्चरिंग तक 14 क्षेत्र शामिल हो गए हैं। -
नई दिल्ली। भारत में खुदरा महंगाई दर नवंबर में 0.71 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर की महंगाई दर 0.25 प्रतिशत से 46 आधार अंक अधिक है। यह जानकारी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में खाद्य महंगाई दर -3.91 प्रतिशत रही है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर -4.05 प्रतिशत है, जबकि शहरी इलाकों में खाद्य महंगाई दर -3.60 प्रतिशत रही है।
नवंबर में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अनाज की कीमत में 0.10 प्रतिशत, मांस और मछली की कीमत में 2.50 प्रतिशत, अंडों की कीमत में 3.77 प्रतिशत, दूध और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 2.45 प्रतिशत, ऑयल और फैट की कीमतों में 7.87 प्रतिशत, फलों की कीमतों में 6.87 प्रतिशत, चीनी और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 4.02 प्रतिशत और गैर अल्कोहल पेय पदार्थों की कीमतों में 2.92 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है।दूसरी तरफ सब्जियों की कीमतों में 22.20 प्रतिशत, दालों और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में 15.86 प्रतिशत और मसालों की कीमतों में 2.89 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।सरकारी आंकड़ों में बताया गया कि परिवहन और संचार में महंगाई दर नवंबर में 0.88 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर में 0.94 प्रतिशत पर थी। ईंधन और ऊर्जा में नवंबर में महंगाई दर 2.32 प्रतिशत रही है, जो कि अक्टूबर में 1.98 प्रतिशत थी।आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को जीएसटी रेट कटौती और खाद्य कीमतों में तेज गिरावट के कारण चालू वित्त वर्ष के लिए देश के मुद्रास्फीति दर के अनुमान को पहले के 2.6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया है। -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार के तहत बीमा कंपनियों में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अभी तक बीमा क्षेत्र में 74% तक विदेशी निवेश की अनुमति थी, जिसे अब हटा दिया गया है।
कैबिनेट के इस फैसले से बीमा क्षेत्र में अधिक विदेशी पूंजी आएगी, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अंततः इसका लाभ ग्राहकों को मिलने की उम्मीद है। बीमा कानून (संशोधन) विधेयक 2025 को संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किया जा सकता है, जो 19 दिसंबर को समाप्त होगा। लोकसभा बुलेटिन में इसे चर्चा के लिए सूचीबद्ध 13 विधेयकों में शामिल किया गया है। इस विधेयक का उद्देश्य इंश्योरेंस सेक्टर को गति देना, बीमा कवरेज को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना और व्यवसाय को सरल बनाना है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश करते हुए बीमा उद्योग में विदेशी निवेश की सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने के प्रस्ताव की घोषणा की थी। यह व्यापक वित्तीय सुधारों का हिस्सा है।वित्त मंत्रालय ने बीमा अधिनियम, 1938 के कई प्रावधानों में संशोधन का सुझाव दिया है। प्रमुख बदलावों में एफडीआई सीमा को 100% तक बढ़ाना, पूंजी की न्यूनतम आवश्यकताओं को कम करना और एक कंपोजिट लाइसेंस फ्रेमवर्क का निर्माण करना शामिल है। इसके अलावा, जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 में भी संशोधन किए जाएंगे।एलआईसी अधिनियम में प्रस्तावित बदलावों से एलआईसी के बोर्ड को नई शाखाएं खोलने और कर्मचारियों की नियुक्ति जैसे मामलों में अधिक अधिकार मिलेंगे।इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य पॉलिसीधारकों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना, वित्तीय स्थिरता को बढ़ाना और इंश्योरेंस मार्केट में अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है, ताकि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके।आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सुधार उद्योग की कार्यकुशलता बढ़ाएंगे, व्यापार संचालन को सरल बनाएंगे और 2047 तक “सभी के लिए बीमा” के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे। - नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 5 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 1.03 अरब डॉलर बढ़कर 687.26 अरब डॉलर हो गया।केंद्रीय बैंक के अनुसार, इस सप्ताह सोने का भंडार (गोल्ड रिजर्व) भी 1.188 अरब डॉलर बढ़कर 106.984 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (एसडीआर) में 93 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह बढ़कर 18.721 अरब डॉलर हो गया।आरबीआई विदेशी मुद्रा बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करता है, ताकि बाजार की स्थिरता बनी रहे।इस वर्ष भारत ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। सरकार द्वारा संसद को इस महीने की शुरुआत में दी गई जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2025) में कुल एफडीआई प्रवाह 50.36 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (43.37 अरब डॉलर) की तुलना में 16% अधिक है। यह किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि वित्त वर्ष 2012-13 में भारत का कुल एफडीआई प्रवाह 34 अरब डॉलर से अधिक था, जो बढ़कर 2024-25 में 80 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में भी एफडीआई प्रवाह मजबूत रहा। अप्रैल से सितंबर 2025 के दौरान कुल एफडीआई 18% बढ़कर 35.18 अरब डॉलर हो गया।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नेट एफडीआई प्रवाह में हालिया बढ़ोतरी का कारण भारतीय कंपनियों का विदेशी बाजारों में निवेश बढ़ना और पुनर्निवेश जैसे कारक हैं। यह रुझान दर्शाता है कि भारत न केवल विदेशी पूंजी आकर्षित कर रहा है, बल्कि निवेशकों को मजबूत रिटर्न भी दे रहा है, जिससे भारत एक विश्वसनीय निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है।सरकार ने व्यापार विविधीकरण बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के लिए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का भी प्रभावी उपयोग किया है। भारत अब तक 15 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (एफटीए) और 6 प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट्स (पीटीए) पर हस्ताक्षर कर चुका है।
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नई दिल्ली। कोल्हापुरी चप्पलों का निर्यात अब हर साल 1 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह संभावना इसलिए बढ़ी है क्योंकि इटली की मशहूर फैशन कंपनी प्राडा ने भारत की दो सरकारी कंपनियों के साथ मिलकर कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल बनाने के लिए एक समझौता (एमओयू) किया है। इस बात की जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दी।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि उन्हें बहुत खुशी हुई जब उन्होंने सुना कि प्राडा और भारत के कोल्हापुरी चप्पल बनाने वाले कारीगर एक साथ काम करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह अकसर सोचते थे कि कोल्हापुरी चप्पलें अपने सुंदर डिजाइन, हाथ से बनने वाली कला, चमकीले रंग और पहनने में आरामदायक होने के बावजूद एक बड़ा वैश्विक ब्रांड क्यों नहीं बन पातीं।केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि उन्हें खुशी है कि प्राडा ने इस कला को पहचाना और अब दुनिया भर में लोग कोल्हापुरी चप्पलों को एक नए रूप में देख पाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि भारत से कोल्हापुरी चप्पलों का निर्यात 1 अरब डॉलर तक पहुंचे और अब यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।इटली के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी से मिलने के बाद पीयूष गोयल ने कहा कि यह लक्ष्य इसलिए भी संभव है क्योंकि जो लोग एक बार कोल्हापुरी चप्पल पहन लेते हैं, वह फिर कोई और चप्पल पहनना ही नहीं चाहते। यह समझौता मुंबई में इटली के कॉन्सुलेट जनरल (वाणिज्य दूतावास) में हुआ। इसमें लिडकॉम और लिडकार नाम की दो सरकारी कंपनियां शामिल हैं। प्राडा की तकनीकी टीम ने कोल्हापुर जाकर वहां के कारीगरों से मिलकर पारंपरिक तरीके से चप्पल बनाने की प्रक्रिया को समझा।प्राडा की कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल को फरवरी 2026 में दुनिया के 40 चुनिंदा प्राडा स्टोर्स और उसके ई-कॉमर्श प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले, इस साल प्राडा को कारीगरों को श्रेय दिए बिना 1.2 लाख रुपए में कोल्हापुरी-स्टाइल सैंडल बेचने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके बाद कंपनी ने अपने अधिकारियों को भारत भेजा। उन्होंने कहा कि भारत यूरोपियन यूनियन (ईयू) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए प्रतिबद्ध है और वह इटली के साथ तकनीक, रक्षा, कपड़ा, कृषि और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में और मजबूत साझेदारी बनाना चाहता है। -
वॉशिंगटन. फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दर में लगातार तीसरी बार बुधवार को एक चौथाई अंक की कटौती की लेकिन संकेत दिया कि वह आने वाले महीनों में दरों को यथावत रख सकता है। फेडरल रिजर्व बुधवार को ब्याज दर में कटौती के बाद यह घटकर करीब 3.6 प्रतिशत हो गई, जो पिछले लगभग तीन वर्ष में सबसे कम है। ब्याज दरों में कटौती से उधार लेने की लागत कम हो सकती है, हालांकि बाजार की ताकतें भी इन दरों को प्रभावित कर सकती हैं। फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल ने संवाददाता सम्मेलन में संकेत दिया कि अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के बाद, आगामी महीनों में वह ब्याज दरों में और कटौती नहीं करेगा। पॉवेल ने कहा, ‘‘ आप देख रहे हैं कि कुछ लोगों का मानना है कि हमें यहीं रुक जाना चाहिए। हम सही स्थिति में हैं और हमें इंतजार करना चाहिए जबकि कुछ लोगों का मानना है कि हमें अगले साल और कटौती करनी चाहिए।'' उन्होंने अगले साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार किया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को इस कटौती की आलोचना करते हुए इसे बेहद कम बताया और कहा कि वह ‘‘कम से कम दोगुनी'' कटौती चाहते हैं। राष्ट्रपति इस महीने के अंत तक पॉवेल की जगह एक नए फेड प्रमुख का नाम घोषित कर सकते हैं।
पॉवेल का कार्यकाल मई में समाप्त हो रहा है। ट्रंप द्वारा नियुक्त नए प्रमुख संभवतः ब्याज दरों में अधिक कटौती के पक्ष में होंगे जो कई अधिकारियों के समर्थन से परे हो सकता है। -
न्यूयॉर्क/। वॉशिंगटन अमेरिकी कंपनी स्पेसएक्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने बुधवार को कहा कि वह अपनी उपग्रह आधारित इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक के साथ भारत में सेवाएं देने के लिए उत्साहित हैं।मस्क ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''स्टारलिंक के साथ भारत की सेवा करने के लिए उत्सुक हूं!''
मस्क की यह टिप्पणी केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की उस पोस्ट के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने दिल्ली में स्टारलिंक की उपाध्यक्ष (व्यवसाय परिचालन) लॉरेन ड्रेयर से मुलाकात की जानकारी दी थी।सिंधिया ने कहा, ''स्टारलिंक की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर और वरिष्ठ नेतृत्व टीम से मिलकर खुशी हुई। भारत में उपग्रह-आधारित संपर्क को अंतिम छोर तक पहुंचाने पर चर्चा हुई।''स्टारलिंक दुनिया की सबसे उन्नत उपग्रह प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक है, जो हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान करती है और दुर्गम एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी पहुंचा रही है। -
नयी दिल्ली ।अमेरिकी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सत्य नडेला ने बुधवार को कहा कि वह भारत में उनकी कंपनी की ओर से स्थापित की जा रही डेटा सेंटर क्षमता को लेकर उत्साहित हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कंपनी की निवेश योजना पर चर्चा की है। नडेला ने देश के कृत्रिम मेधा (एआई)-प्रधान भविष्य के लिए बुनियादी ढांचे और संप्रभु क्षमताओं के निर्माण में मदद करने के लिए 2030 तक 17.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की है जो पिछले दो महीनों में देश में तीसरा बड़ा एआई-संचालित निवेश है। माइक्रोसॉफ्ट के यहां एक कार्यक्रम में नाडेला ने कहा ‘‘ हम डेटा सेंटर की बढ़ती क्षमता को लेकर बेहद उत्साहित हैं। पुणे, चेन्नई और मुंबई में हमारे पास पहले से ही सुविधाएं मौजूद हैं। हैदराबाद स्थित हमारे ‘इंडिया साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन' को लेकर भी हम बेहद उत्सुक हैं जो अगले साल शुरू होने वाला है।'' हैदराबाद स्थित माइक्रोसॉफ्ट के ‘इंडिया साउथ सेंट्रल क्लाउड रीजन' के 2026 मध्य में चालू होने की उम्मीद है। नडेला ने कहा, ‘‘ हमने जो निवेश किया है, उससे हम बेहद उत्साहित हैं। मुझे (मंगलवार) प्रधानमंत्री मोदी से मिलने का मौका मिला और निवेश को लेकर हमारी उत्सुकता पर चर्चा की।'' भारत में डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण व्यवस्था लागू होने की तैयारी के बीच माइक्रोसॉफ्ट भारतीय ग्राहकों के लिए संप्रभु सार्वजनिक क्लाउड और संप्रभु निजी क्लाउड सेवाएं शुरू कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि लोगों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि संप्रभुता के साथ-साथ विश्व स्तरीय साइबर सुरक्षा एवं मजबूती सुनिश्चित करना भी जरूरी है।''
- मुंबई। घरेलू विमानन कंपनी स्पाइसजेट ने बुधवार को कहा कि वह मौजूदा सर्दियों की मांग को पूरा करने के लिए रोजाना 100 अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने की योजना बना रही है। एयरलाइन ने कहा कि वह इस सर्दी में प्रमुख मार्गों पर बढ़ती मांग को देखते हुए अपनी उड़ान सेवाओं को बढ़ाने और बाजार में पर्याप्त क्षमता सुनिश्चित करने की दिशा में काम कर रही है। एक दिन पहले सरकार ने इंडिगो की शीतकालीन समय-सारिणी में 10 प्रतिशत कटौती करने को कहा था, ताकि संकटग्रस्त एयरलाइन अपने संचालन को स्थिर कर सके और उड़ानों के रद्द होने की घटनाओं को कम किया जा सके। स्पाइसजेट ने एक बयान में कहा, ''इस (सेवाओं में बढ़ोतरी) प्रयास के तहत हम मौजूदा शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम के दौरान नियामकीय मंजूरी के अधीन अतिरिक्त 100 दैनिक उड़ानें शुरू करने की योजना बना रहे हैं।'' मौजूदा शीतकालीन समय-सारिणी के तहत स्पाइसजेट को प्रति सप्ताह 1,568 उड़ानें या प्रतिदिन 224 उड़ानें संचालित करने की अनुमति मिली है, जो पिछले साल के मुकाबले 20.89 प्रतिशत अधिक है। इस साल गर्मियों के मुकाबले यह वद्धि 26.45 प्रतिशत रही है।

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