डोंगरगढ़ में ज्योति कलश यात्रा को रास्ता देने थमेंगे ट्रेनों के पहिये
राजनांदगांव। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर में क्वांर नवरात्र की धूम है। शुक्रवार को सुबह नाै बजे ऊपर मां बम्लेश्वरी मंदिर में अष्टमी हवन व पूर्णाहुति हुई। वहीं नीचे मंदिर और शीतला मंदिर में शाम सात बजे हवन होगा। ऊपर मंदिर में 7591 ज्योति, नीचे मंदिर में 901 शीतला मंदिर में 61 ज्योति रखी गई है। ऊपर मंदिर पर ही ज्योति विसर्जन का कार्यक्रम 12 अक्टूबर शनिवार को सुबह चार बजे होगा। नीचे बम्लेश्वरी मंदिर में माई ज्योति का विसर्जन संध्या सात बजे नीचे बम्लेश्वरी मंदिर में प्रतिवर्षानुसार तय मार्ग पर शोभायात्रा निकालकर महावीर तालाब में ज्योति विसर्जित किया जाएगा। रेलवे द्वारा ब्लाक लेकर ज्योति कलश यात्रा को रास्ता दिया जाएगा। इस दौरान ट्रेनों के पहिये भी थमे रहेंगे।
नीचे मां बम्लेश्वरी मंदिर की ज्योतियो का विसर्जन अपने तय मार्ग से निकल कर रेलवे मुबई-हावड़ा लाइन मार्ग के पार स्थित महावीर तालाब में क्रमबद्ध निकलकर विसर्जन के लिए निकलेगी। पंडितों के द्वारा पूजा अर्चना कर ज्योति कलशों को निकालने का क्रम जारी होने के पूर्व रेलवेद्वारा ब्लाक लेने पर मंदिर से ज्योति निकलने का क्रम जारी रहता है। मार्ग में ही शीतला मंदिर में रखी गई 61 ज्योति भी इसी समय निकलती है। मां बम्लेश्वरी की माई ज्योति व शीतला मंदिर की माई ज्योति की इस अवसर पर भेंट होती है, विसर्जन के लिए महावीर तालाब के लिए एक साथ निकलती है।
पुलिस की रहेगी तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था
मां बम्लेश्वरी नीचे मंदिर की ज्योति जब विसर्जन के लिए निकाली जाती है उस समय पूरा पुलिस बल नीचे मंदिर से महावीर तालाब तक तैनात रहता है। ज्योति कलशों के दर्शन के लिए भी भारी संख्या में माता के भक्त पहुंचते हैं। रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी सहित रेलवे पुलिस बल भी व्यवस्था के लिए रेलवे लाईन के पास तैनात रहते हैं। जिस समय कोई ट्रेन नहीं होती उस समय कुछ समय के लिए रेलवे के द्वारा ब्लाक लिया जाता है। जिसके बाद ज्योति निकलने का क्रम जारी हो जाता है। ज्योति निकलने की यह परंपरा शुरू से हो रही है। जिसमे रेलवे द्वारा ज्योति निकलने के दिन सहयोग प्रदान करते हैं।












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