पद्मावती की कुमकुम पूजा कर महिलाओं ने अखंड सौभाग्य का मांगा वरदान

-बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में शारदीय नवरात्रि महोत्सव धार्मिक सद्भाव से मनाया गया
टी सहदेव
भिलाई नगर। सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में शारदीय नवरात्रि महोत्सव धार्मिक सद्भाव से मनाया गया। महोत्सव के अंतिम दिन शाम को बालाजी भवन में बड़ी संख्या में मौजूद समाज की महिलाओं ने एक साथ कुमकुम पूजा कर अखंड सौभाग्य की प्राप्ति तथा परिवार की सुख-समृद्धि के लिए कुमकुम पूजा की। महोत्सव में समिति के अध्यक्ष पीवी राव तथा सचिव पीएस राव खास तौर पर मौजूद थे।
पंडित गोपालाचारी तथा पंडित अनिल कुमार के मार्गदर्शन में वैदिक विधि-विधान से की गई इस पूजा में सबसे पहले देवी लक्ष्मी के अवतार देवी पद्मावती के उत्सव विग्रह को फूलों तथा विभिन्न आभूषणों से अलंकृत कर पूजा स्थल पर स्थापित किया गया। उसके बाद सुहागनों ने अपने सामने कुमकुम, चंदन, हल्दी एवं अक्षत भरी थालियां रखकर पद्मावती का आह्वान किया और खुशहाली का वरदान मांगा।
भगवान का मंगल स्नान
महोत्सव के आखिरी दिन सुबह भगवान बालाजी की मंत्रोच्चार के बीच सनातन पद्धति से नित्य आराधना की गई। इसके अंतर्गत पहले भगवान बालाजी को मंगल स्नान कराया गया और उसके बाद अभिषेक किया गया। पूरे नौ दिन चले इस महोत्सव में पंडित गोपालाचारी ने भगवान के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे भक्तगणों के शीर्ष पर नित्य की भांति बालाजी के रजत निर्मित रत्नजड़ित षठगोपुरम रखकर आशीर्वाद दिया, ताकि भक्तों के मन में न तो बुरे विचार पनपें और न ही वे अकाल मृत्यु को प्राप्त हो सकें। बता दें कि षठगोपुरम के ऊपरी भाग में भगवान के श्रीचरणों की नक्काशी की गई होती है।
षठगोपुरम का रहस्य
अध्यक्ष पीवी राव ने षठगोपुरम के रहस्य की परतें खोलते हुए बताया कि यह भगवान के श्रीचरणों का प्रतीक होता है। सब भक्तों का भगवान के श्रीचरणों तक पहुंचना संभव नहीं होता, इसलिए उनके चरणों के प्रतीकस्वरूप षठगोपुरम को भक्तों के सिर से स्पर्श कराया जाता है। महोत्सव के आयोजन में समिति के उपाध्यक्ष के सुब्बाराव, सहसचिव एनएस राव, कार्यकारिणी सदस्यों जेके राजू, दुर्योधन रेड्डी, आर श्रीनिवास राव, एलएन राव, गोविंद राव, जीवीकेएम रेड्डी एवं श्रीधर समेत पदाधिकारियों का विशेष सहयोग रहा।







.jpg)

.jpg)

.jpg)
.jpg)

Leave A Comment