आंध्रप्रदेश स्थापना दिवस पर अमरजीवी श्रीरामुलु को तेलुगु समाज ने किया याद
भिलाई तेलुगु समाज के बैनर तले स्थापना दिवस समारोह आयोजित
टी सहदेव
भिलाई नगर। आंध्रप्रदेश स्थापना दिवस पर भिलाई तेलुगु समाज के बैनर तले अमरजीवी के नाम से विख्यात क्रांतिकारी पोट्टी श्रीरामुलु की स्मृति में शुक्रवार को कैम्प-1 के श्रीरामुलु चौक में समारोह आयोजित किया गया। तेलुगु समाज ने आंध्रप्रदेश स्थापना दिवस के साथ-साथ पृथक छत्तीसगढ़ के 24 वर्ष पूर्ण होने का भी जश्न मनाया। इस चौक पर 23 साल पहले राज्य के तत्कालीन राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी के सहयोग से आंध्रप्रदेश के प्रणेता श्रीरामुलु की प्रतिमा स्थापित की गई थी। तबसे हर साल 1 नवंबर को यहां स्थापना दिवस समारोह मनाया जाता है।
इस अवसर पर अध्यक्ष बी जोगाराव ने अलग राज्य को लेकर उनके द्वारा किए गए संघर्ष को याद करते हुए कहा कि आंध्रप्रदेश पहले मद्रास राज्य का हिस्सा था। मद्रास राज्य से पृथक आंध्रप्रदेश की मांग को लेकर पोट्टी श्रीरामुलु ने आमरण अनशन किया था। अनशन के 58 वें दिन उनकी मृत्यु हो गई। अलग राज्य की मांग को लेकर दी गई उनकी प्राणाहुति से राष्ट्रव्यापी आक्रोश इतना भड़का कि तीन दिनों बाद ही पृथक आंध्रप्रदेश का गठन कर दिया गया। इस तरह भाषा के आधार पर 01 नवंबर 1956 को आंध्रप्रदेश भारत का पहला राज्य बना, जिसका श्रेय श्रीरामुलु को जाता है।
समारोह की शुरुआत श्रीरामुलु की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इस मौके पर महासचिव बी तुलसीराव, पूर्व पार्षद जे कोर्माराव, विधायक प्रतिनिधि डी कामराजू रेड्डी एवं टी डिल्लीराव, मीडिया प्रभारी टी सहदेव तथा छग तेलुगु महासंघ के संयोजक एल रुद्रमूर्ति ने अलग राज्य और दलितों के उत्थान को लेकर महान क्रांतिकारी नेता श्रीरामुलु द्वारा चलाए गए देशव्यापी अभियान का जिक्र किया। समारोह का संचालन संयोजक एम बाबूराव ने किया, जबकि महासचिव वाई भास्कर राव ने आभार जताया। समारोह में टी लोकनाथ, पी मुरहरी, एसटी नारायण, के राजेंद्र, एमके राव, के यर्रन्ना, टी गुन्नाराव, एल चैतन्या, जी ईश्वर राव, के वेंकटराव, टी वेंकट रेड्डी, ई तुलसीदास समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
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