तेलुगु भाषी विवाह योग्य युवक-युवतियों के मेगा इवेंट में दो सौ से ज्यादा पंजीयन
- आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में हुआ आयोजन
टी सहदेव
भिलाई नगर। आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में बालाजी मंदिर के आंध्र भवन ऑडिटोरियम में रविवार को तेलुगु भाषी विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए मेगा इवेंट आयोजित किया गया। इस इवेंट में प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़िशा के दो सौ से ज्यादा विवाह योग्य युवक-युवतियों ने पंजीयन कराया। इनमें अमेरिका, कनाड़ा, ऑस्ट्रेलिया तथा सिंगापुर के युवक-युवती भी शामिल हैं। परिचय वेदिका (सम्मेलन) की शुरुआत श्रीदेवी-भूदेवी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। 2015 में पहली बार परिचय वेदिका की शुरुआत हुई थी।
पंजीयन में ज्यादा थी युवकों की संख्या
पंजीयन कराने का सिलसिला सुबह दस बजे ही आरंभ हो गया था, जो शाम को पांच बजे के बाद भी जारी रहा। ट्विनसिटी के अलावा आसपास के शहरों रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, रायगढ़, चिरमिरी, कटनी, मनेंद्रगढ़ के सैकड़ों युवक-युवती और उनके अभिभावक इस मेगा इवेंट के साक्षी बने। पंजीयन में युवतियों की तुलना में युवकों की संख्या बहुत ज्यादा थी। लगभग नब्बे प्रतिशत युवकों के पंजीयन प्राप्त हुए। इस अवसर पर आंध्र महिला मंडली की अध्यक्ष पेरि पद्मा, रायपुर आंध्र एसोसिएशन के उपाध्यक्ष टी श्रीनिवास रेड्डी, एक्सक्यूटिव मेंबर्स बीवीएस राजकुमार, डी अनंतराव एवं एल रूबेशराव का शॉल देकर का सम्मान किया गया।
वैवाहिक रिशते जोड़ने का प्रयास
आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव ने इस मौके पर कहा कि विवाह योग्य युवक-युवतियों की विस्तृत जानकारी एक हफ्ते बाद भी कार्यालयीन समय में आकर प्राप्त कर सकते हैं। हमारा मकसद है युवाओं को एक-दूसरे से परिचय कराना और उनके विवाह की संभावनाओं को अंतिम परिणति तक पहुंचाना। सचिव पीएस राव ने कहा कि समाज के युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद कैरियर बनाने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में चले जाते हैं। हमारा प्रयास है कि ऐसे बच्चों को एक प्लेटफार्म देना, जिससे उन्हें मनपसंद जीवनसाथी के चुनने में मदद मिल सके। बदलते परिवेश और लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस तरह के सम्मेलनों की दरकार है।
सम्मेलन को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
सम्मेलन को सफल बनाने में उपाध्यक्ष के सुब्बाराव, कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर, सहसचिव बीए नायडु व एनएस राव, प्रबंधकारिणी सदस्यों के लक्ष्मीनारायण, सीएच श्रीनिवास, एस रवि, वाई भास्करराव, पी मुरहरी, के वेंकटराव, वेंकटेश्वर राव, के रमणमूर्ति, जेके राजू, एलएन राव, आर श्रीनिवास, जीवीकेएम रेड्डी, एम पद्मकिशोर, के श्रीनिवास, पी धर्माराव, केएल प्रसादराव, दुर्योधन रेड्डी, पी केशवराव, गणेश, बुच्चि लिंगम, एसवी विजय कुमार, पी हरिकृष्णा, वाईवीएस शर्मा, ए गोविंद राव, वीएसएस श्रीधर, ए सूर्य नारायण, आर गोपालराव तथा बी महेंद्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।







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