कार्तिक दीपोत्सव में सैकड़ों दीयों की रोशनी से जगमगाया बालाजी मंदिर
हर साल कार्तिक दीपोत्सव आयोजित करती है आंध्र महिला मंडली
टी सहदेव
भिलाई नगर। बालाजी मंदिर में गुरुवार को आंध्र महिला मंडली के तत्वावधान में दक्षिण भारतीयों का प्रमुख त्यौहार कार्तिक दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। आंध्र साहित्य समिति के सहयोग से आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस उत्सव में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इनमें न केवल आंध्रभाषी महिलाएं, बल्कि अन्य प्रांतों की महिलाएं भी थीं। इस उत्सव में पुरुषों की तादाद भी अच्छी खासी रही। पंडित गोपालाचारी के नेतृत्व में सनातन विधि विधान से शाम को लगभग छह बजे कार्तिक दीपोत्सव की शुरुआत हुई। इस दौरान मंदिर के कपाट खुले रहे, ताकि भक्तगणों को भगवान बालाजी का दर्शनलाभ मिल सके। बता दें कि महिला मंडली हर साल कार्तिक माह में दीपोत्सव आयोजित करती है।
*ध्वजस्तंभ पर आकाशदीप प्रज्वलित*
सबसे पहले मुख्य मंदिर और गोपुरम के मध्य में स्थित ध्वजस्तंभ की वैदिक मंत्रों के बीच पूजा-अर्चना की गई। उसके बाद ध्वजस्तंभ पर कार्तिक मास का मुख्य दीपक आकाशदीप को प्रज्वलित किया गया। आकाशदीप के प्रज्वलन के पश्चात ध्वजस्तंभ के सामने कार्तिक दीप जलाकर दीपोत्सव का विधिवत आरंभ किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने देवी लक्ष्मी की पूजा कर अपने और परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की। लक्ष्मी पूजन के उपरांत पंडित ने यजमानों से नवनिर्मित शीशालय में स्थापित हनुमंत वाहन, शेष वाहन तथा गरुड़ वाहन की आराधना कराई। इसके बाद यजमानों ने शीशालय के सामने निर्मित स्टैंड में साल के 365 दिनों के प्रतीक के रूप में रखे इतने ही दीये प्रकाशित किए। उधर मंदिर प्रांगण में बेसब्री से इंतजार कर रहीं महिलाओं ने पांच सौ से ज्यादा दीप जलाए, जिनकी रोशनी से सारा मंदिर परिसर जगमगा उठा।
*इनकी रही खास मौजूदगी*
दीपोत्सव में आंध्र साहित्य समिति के अध्यक्ष पीवी राव, सचिव पीएस राव, उपाध्यक्ष के सुब्बाराव, कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर, सह सचिव बीए नायडु एवं एनएस राव, प्रबंधकारिणी सदस्य के लक्ष्मीनारायण, तेलुगु सेना के प्रदेशाध्यक्ष नीलम चन्ना केशवुलु, जिलाध्यक्ष डी मोहन राव, मीडिया प्रभारी टी सहदेव, जी रामाराव, महिला मंडली की अध्यक्ष पेरी पद्मा, समाजसेविका बी पोलम्मा, पी मंजूश्री, नीलम माला, अनंत लक्ष्मी, तृप्ति लक्ष्मी, पावनी मोहन, वर लक्ष्मी, नागकुमारी, विजया निर्मला, सरस्वती, शशि, महेश्वरी, राजलक्ष्मी, बी तुलसी, श्यामला, हैमावती, पूनम, विमला, शिव कुमारी, विजया, लक्ष्मी, पद्मजा, ज्योति महेश, राजकुमारी, महालक्ष्मी, नारायणी, मीना, आदि तथा देवकी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।








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