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 राज्य में 4 लाख 45 हजार 897 नागरिकों का  ऑनलाइन प्रकृति परीक्षण किया गया

-छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन बिहार, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, उत्तराखण्ड जैसे राज्यों से रहा बेहतर
 रायपुर।  भारत सरकार आयुष मंत्रालय के तत्वावधान में  29 अक्टूबर 2024 को नवम् राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "देश का प्रकृति परीक्षण" अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का प्रथम चरण संविधान दिवस दिनांक 26 नवम्बर 2024 से पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती 25 दिसंबर 2024 तक संपन्न हुआ।  ऑनलाइन अभियान के अंतर्गत मोबाईल एप्लीकेशन के द्वारा देश के एक करोड़ नागरिकों के आयुर्वेदीय सिद्धांत अनुसार प्रकृति (वात-पित्त-कफ) परीक्षण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। राज्य में 25 दिसंबर 2024 तक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से जुड़े कुल 3,551 महाविद्यालयीन शिक्षकों, चिकित्सकों, छात्रों, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों तथा निजी चिकित्सकों द्वारा बतौर स्वयंसेवक (वालेंटियर) कुल 4,45,897 नागरिकों का  ऑनलाइन प्रकृति परीक्षण किया गया। छत्तीसगढ़ में इस अभियान को काफी अच्छा प्रतिसाद मिला तथा राज्य का प्रदर्शन बिहार, ओड़िशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, झारखण्ड, उत्तराखण्ड जैसे अनेक राज्यों की तुलना में काफी बेहतर रहा। अभियान के प्रथम चरण का समापन दिनांक 25 दिसंबर 2024 को माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में जशपुर जिले के कुनकुरी में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को प्रकृति परीक्षण कार्ड भेंट किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनसमुदाय से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को अपनाने तथा प्रकृति परीक्षण कराने की अपील की है। अभियान के तहत प्रदेश के राज्यपाल,  मुख्यमंत्री,  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सहित अन्य सांसद,  विधायकगण एवं जनप्रतिनिधियों सहित आम नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया।
 "देश का प्रकृति परीक्षण" अभियान का उद्देश्य आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के द्वारा जनसामान्य को मोबाईल एप्लीकेशन पर उनके प्रकृति के अनुरूप विभिन्न ऋतुओं में स्वस्थ रहने हेतु आवश्यक आहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या, परहेज एवं स्वास्थ्य से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण परामर्श उपलब्ध कराना है। अभियान के अंतर्गत जिन नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया है उन्हें "डिजिटल प्रकृति परीक्षण कार्ड” भी उपलब्ध हुआ है जिससे उन्हें भविष्य में किसी भी आयुर्वेद उपचार के लिए पृथक से प्रकृति परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। प्रकृति परीक्षण के द्वारा भविष्य में होने वाले अनेक जीवनशैली रोग जैसे मधुमेह, उच्चरक्तचाप, हृदयरोग तथा कैंसर से बचाव व नियंत्रण भी संभव होगा। मोबाईल एप्लीकेशन आधारित नागरिकों का निःशुल्क प्रकृति परीक्षण भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा, इस हेतु इच्छुक नागरिकों को अपने मोबाईल फोन के प्ले स्टोर से "देश का प्रकृति परीक्षण" एप्प डाउनलोड कर "सिटिजन लॉगिन" करना होगा। तदुपरांत वे प्रकृति परीक्षण हेतु निकटस्थ आयुर्वेद महाविद्यालय, चिकित्सालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थेरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों तथा निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर सकते हैं।

 

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