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कलेक्टर ने राजस्व संबंधी प्रकरणों की ली समीक्षा बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

 *-नक्शा बटांकन और भू-अर्जन मुआवजा भुगतान में तत्परता लाने तहसीलदारों को सौंपी मैदानी निरीक्षण की जिम्मेदारी*

*-स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा*
*-राजस्व प्रकरणों के निराकरण में देरी पर जताई नाराजगी, लापरवाही पर नोटिस जारी करने के दिए निर्देश*
*-कोटवारी भूमि की बिक्री पर लगेगा पूर्णतः प्रतिबंध
दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने अविवादित नामांतरण एवं अविवादित बटवारा(खाता विभाजन), विवादित नामांतरण एवं विवादित बटवारा, सीमांकन प्रकरण, व्यपवर्तन प्रकरण एवं आटो डायवर्सन, कोटवारी भूमि विक्रय पर सिविल वाद दायर, स्वामित्व योजना, भारतमाला व रेल अधिनियिम के तहत भू-अर्जन के लंबित प्ररकण, भू-आबंटन, जाति प्रमाण पत्र, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4, डीसीएस सर्वेयरों के मानदेय भुगतान, कोर्स रजिस्ट्रेशन, राजस्व पखवाड़ा में प्राप्त आवेदनों के निराकरण, ई-डिस्ट्रिक्ट लोक सेवा गारंटी, अभिलेख शुद्धता, नजूल राजस्व प्रकरणों व नक्शा बटांकन की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
      बैठक में जिले में कोटवारी भूमि के अवैध विक्रय की जानकारी ली। कुल 90 प्रकरणों में से 89 मामलों में सिविल वाद दायर किया जाना है, अब तक 32 मामलों में वाद दायर किया गया है। 57 प्रकरण अभी लंबित हैं। कलेक्टर ने लंबित मामलों में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने जिले के सभी तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे कोटवारी भूमि के सभी खसरा नंबरों की ग्रामवार सूची तैयार कर उपलब्ध कराएं। इस सूची के आधार पर पंजीयक द्वारा इन जमीनों के रजिस्ट्रेशन पर रोक (ब्लॉक) लगाई जाएगी, ताकि भविष्य में अवैध विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। अविवादित नामांतरण प्रकरणों के निराकरण में राजस्व न्यायालयों में निराकरण प्रतिशत 92.42 प्रतिशत दर्ज किया गया है। 16646 प्रकरणों में से 15385 का निराकरण किया है और 1237 प्रकरण अभी लंबित है। वहीं समय सीमा के बाहर 115 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कई प्रकरण तकनीकी समस्याओं के कारण लंबित हैं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन समस्याओं के समाधान के लिए पत्र तैयार कर उच्च स्तर पर प्रेषित किया जाए, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित हो सके। हालिया समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने लंबित और समय सीमा से बाहर प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि ऐसे प्रकरण जो समय सीमा के बाहर हैं और जिनमें पटवारी द्वारा अभिलेख दुरुस्ती नहीं किए जाने के कारण मामले लंबित दिख रहे हैं, उन्हें गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इस तरह की लापरवाही के लिए संबंधित पटवारियों को नोटिस जारी किया जाए। जिले में सीमांकन से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। बैठक बताया गया कि कुल 1,242 प्रकरणों में से 1,080 का निराकरण किया जा चुका है। वहीं 162 प्रकरण अभी लंबित हैं और 65 मामले समय सीमा के बाहर दर्ज किए गए हैं। कलेक्टर ने इन आंकड़ों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे फील्ड में जाकर लंबित और समय सीमा से बाहर प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निराकरण सुनिश्चित करें। सीमांकन जैसे महत्वपूर्ण मामलों में देरी से आम नागरिकों को परेशानी होती है। 
     कलेक्टर श्री सिंह ने सीमांकन से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा की। कुल 1242 मामलों में से 1080 का निराकरण किया गया है। वहीं 162 प्रकरण लंबित और 65 समय सीमा के बाहर दर्ज है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फील्ड में जाकर समय सीमा से बाहर और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। उन्होंने स्वामित्व योजना की प्रगति की जानकारी ली। जिले के 381 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है। 379 गांवों में आबादी भूमि के मैप-2 और मैप-3 प्राप्त हो चुके हैं। वहीं 106 गांवों में अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 273 गांवों में कार्य अभी प्रगति पर है। कलेक्टर ने अंतिम प्रकाशन के लिए शेष ग्रामों को शीघ्र करने को कहा, ताकि आगामी शिविर में वितरण का कार्य किया जा सके। कलेक्टर श्री सिंह ने भूमि-आबंटन के प्रकरणों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा शासकीय विभागों से भूमि आबंटन हेतु प्राप्त आवेदन को प्राथमिकता के साथ निपटाएं। कलेक्टर ने नक्शा बटांकन के कार्यों के सबंध में तहसीलदारों को निर्देशित किया कि मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीन की वस्तुस्थिति जांच की जाए एवं नक्शा बटांकन किया जाना भी सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा उन्होंने भू-अर्जन के लंबित प्रकरणों एवं मुआवजा भुगतान, भारतमाला परियोजना, राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण करने निर्देश दिए, जिससे प्रभावित लोगों को मुआवजा प्रदान करने में किसी भी प्रकार का विलंब न हो। कलेक्टर श्री सिंह ने जाति प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों को गंभीरता के साथ शीघ्र निराकृत करने के निर्देश दिए। 
बैठक में एडीएम श्री विरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, संयुक्त कलेक्टर री हरवंश मिरी, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थॉमस, एसडीएम श्री लवकेश धु्रव, श्री सोनाल डेविड, श्री महेश राजपूत, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम धु्रव सहित सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, एएसएलआर उपस्थित थे।
 
 

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