ब्रेकिंग न्यूज़

 महाराष्ट्र मंडल में शहीद दिवस पर किया गया प्रेरक आयोजन

 - 23 मार्च शहीद दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के पराक्रम का किया गया स्मरण
 - तीनों ही बलिदानियों का उद्देश्य इस घटना के माध्यम से आजादी के आंदोलन के लिए जागरूक कर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़ा करना था: काले
 रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में रविवार शाम को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान के स्मरण में शहीद दिवस मनाया गया। तीनों वीर बलिदानियों की तस्वीर पर विशेष अतिथि आनंद मोडक, मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते समेत कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों ने गुलाल लगाकर माल्यार्पण किया। 
संक्षिप्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि भगत सिंह, श्रीराम हरि राजगुरु और सुखदेव थापर ने आजादी के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को अपनी शहादत से जो गति प्रदान की, वह देश की आजादी के बाद ही थमी। तीनों बलिदानियों ने पब्लिक सेफ्टी और ट्रेड डिस्ट्रीब्यूट बिल्स के विरोध में सेंट्रल असेंबली में आठ अप्रैल 1929 को बम फेंका था। बम फेंकने के बाद इन युवाओं के पास भागने का समय था, लेकिन उन्होंने न केवल सहर्ष गिरफ्तारी दी, बल्कि भारत देश की आजादी के नारों के साथ 23 मार्च 1931 को फांसी पर झूल गए। तीनों ही बलिदानियों का एकमात्र उद्देश्य यह था कि इस घटना के माध्यम से पूरा देश आजादी के आंदोलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ जागरूक होकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़ा हो जाए। 
 दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न निमोणकर ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि पराधीन भारत में भगत सिंह एक बात हमेशा कहा करते थे कि जिंदगी अपने कंधों पर जी जाती है। दूसरों के कंधों पर तो जनाजे जाते हैं। वे मानते थे कि देश को आजाद करना है, तो हमें अपने संघर्षों से ही करना होगा। किसी दूसरे से ऐसी अपेक्षा नहीं की जा सकती।
सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि जो लोग अपने अधिकार की बात करते हैं, हर सुविधा पर अपना हक जताते हैं, उन्हें इन पराक्रमियों का जीवन चरित्र पढ़ना चाहिए। सोचिये, अगर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने अपने अधिकारों की बात की होती, अपनी सुविधाओं के लिए लड़ाई की होती और इस देश ने मुझे क्या दिया जैसे विचार के साथ घूम- घूमकर अपनी भड़ास निकाली होती, तो आज हम कहां होते? हमारा देश कहां होता? जिस दिन हम यह सोचने लगे कि मैंने अपने देश के लिए क्या किया। उस दिन से भारत खुशहाल व तीव्र गति से प्रगति करने वाले राष्ट्र बनने की दिशा में सरपट दौड़ने लगेगा।
इस मौके पर उपाध्यक्ष गीता दलाल, मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, भवन प्रभारी निरंजन पंडित, महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, आध्यात्मिक और योग समिति की समन्वयक आस्था काले, शंकर नगर बाल वाचनालय की प्रभारी रेणुका पुराणिक, अंजलि काले, संध्या खंगन, अक्षता पंडित, अरविंद जोशी, अनिता जोशी, कल्पना किरवईवाले समेत अनेक पदाधिकारी व आजीवन सभासद इस मौके पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने सभी का आभार व्यक्त किया।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english