धान से आगे बढ़ेगा किसान : दलहन-तिलहन की खेती पर मिलेगा 15 हजार प्रति एकड़ प्रोत्साहन
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने राज्य सरकार की बड़ी पहल
किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण में मिलेगी मदद
बिलासपुर/ राज्य सरकार ने खरीफ 2026 से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से किसानों को अधिक लाभकारी खेती अपनाने का अवसर मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हाथेश्वर के अनुसार योजना का उद्देश्य धान पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। प्रदेश में लगातार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत अब वैकल्पिक फसलों को अपनाने वाले किसानों को सीधा आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टैक में पंजीयन कराने के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे में अपनी फसल की जानकारी दर्ज करानी होगी। पात्रता की पुष्टि के बाद सहायता राशि सीधे किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन एवं तिलहन फसलें न केवल किसानों को बेहतर आर्थिक प्रतिफल देती हैं, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में भी सहायक होती हैं। वहीं मोटे अनाज एवं अन्य वैकल्पिक फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम हैं। इससे भूजल संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कपास तथा पोषक अनाज (मिलेट्स) की खेती अपनाकर शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। विभाग का विश्वास है कि इस पहल से जिले में वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और कृषि अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बन सकेगी।


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