मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें : संभागायुक्त
व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ग्राम स्तर पर आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश
रायपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में लंबित आवेदनों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा के लिए आज संभागीय आयुक्त कार्यालय, रायपुर के सभागार में संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर संभाग के रायपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद एवं बलौदाबाजार जिलों के संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संभागायुक्त श्री धावड़े ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए तथ्यात्मक, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं होने तथा L1 स्तर पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिए जाने के कारण प्रकरणों के L2 एवं L3 स्तर तक एस्केलेट होने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाए। ऐसे प्रकरणों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित अधिकारी समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।
संभागायुक्त ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए ग्राम स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामों में सहज एवं दृष्टिगोचर स्थानों पर वॉल पेंटिंग, सूचना पट्ट एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए हेल्पलाइन की जानकारी प्रदर्शित की जाए, ताकि आमजन को शिकायत एवं समस्या दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी आसानी से मिल सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले के जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त सफलता की कहानियों, सकारात्मक समाचारों एवं Positive News/Impact Analysis का नियमित प्रकाशन एवं प्रसारण कराने के निर्देश दिए गए। हेल्पलाइन के माध्यम से आमजन की समस्याओं के निराकरण तथा शासन की उत्तरदायित्वपूर्ण कार्यप्रणाली से उत्पन्न सकारात्मक परिणामों को जनसामान्य तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
जिला स्तर पर आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, जनचौपाल, जनदर्शन एवं अन्य जनसंपर्क कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा नागरिकों को इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त ने ग्राम स्तर पर सहायता केंद्र/कियोस्क आदि की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि अशिक्षित अथवा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया से अनभिज्ञ नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने में सहायता मिल सके। इसके लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र, CSC एवं अन्य डिजिटल सेवा केंद्रों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
साथ ही, ग्राम सचिवों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की आवेदन प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं एवं शिकायत दर्ज कराने के संबंध में आमजन को आवश्यक जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
आगामी ग्राम सभाओं में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को स्थायी एजेंडा के रूप में शामिल करने के निर्देश दिए गए। ग्रामवासियों को हेल्पलाइन की उपयोगिता, आवेदन प्रक्रिया तथा शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्रदान करने को कहा गया।
जिले के नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली समय-सीमा बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों से सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए। साथ ही, निर्देशों के पालन एवं लंबित प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
संभागायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के लंबित आवेदनों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण के साथ-साथ इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।









.jpg)
Leave A Comment