सेवा की कहानी : टेंट हाउस व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनीं लखपति दीदी अफरोज खान
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम पौड़ी, विकासखंड बैकुंठपुर की निवासी श्रीमती अफरोज खान ने टेंट हाउस व्यवसाय के माध्यम से अपनी आजीविका को मजबूत बनाकर ग्रामीण महिला उद्यमिता का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। पहले जहां परिवार की सीमित आय के कारण आर्थिक कठिनाइयां बनी रहती थीं, वहीं आज अफरोज दीदी स्वयं की आजीविका गतिविधि के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले अफरीन दीदी के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति एवं बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। ऐसी परिस्थितियों में उन्होंने स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ कर परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का संकल्प लिया।
बिहान से वर्ष 2017 में बागवान नामक स्व-सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात अफरोज दीदी को बिहान योजना के माध्यम से बचत, ऋण एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी प्राप्त हुई। आगे बढ़ने के अवसरों की पहचान के बाद अपने समूह से उन्हें एक लाख रूपए की ऋण सहायता प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने टेंट हाउस व्यवसाय को अपनाया। अपने पति फिरोज खान के साथ मेहनत करके उन्होंने इसे स्थापित किया है। अब यही उनका मुख्य लाभप्रद व्यवसाय हो गया हैं।
निरंतर मेहनत, लगन एवं व्यवसाय के संचालन से आज अफरोज दीदी की वार्षिक आय एक लाख रूपए से अधिक तक पहुंच गई है। टेंट हाउस व्यवसाय से प्राप्त आय ने उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान किया है। अब वे अपने परिवार की दैनिक आवश्यकताओं एवं बच्चों की शिक्षा संबंधी खर्चों में योगदान दे रही हैं। श्रीमती अफरोज खान की सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विŸाीय सहयोग एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे अपनी आर्थिक परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। अफरोज दीदी की सफलता ‘सशक्त महिला-समृद्ध परिवार-आत्मनिर्भर गांव’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
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