गर्भस्थ महिला जिजाऊ की तरह संकल्पबद्ध हो, तो जन्म लेते हैं शिवाजी महाराज
0- महाराष्ट्र मंडल में छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति की ओर से मासिक आरती में महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने दिया संदेश
रायपुर। गर्भस्थ महिला यदि जिजाऊ माता जैसी संकल्पबद्ध हो जाए कि उसका बेटा भारत मां को गुलामी की जंजीरों से आजाद करने वाला शूरवीर सम्राट बने, तो शिवाजी महाराज का जन्म होता है। जब भी हम शिवाजी महाराज का स्मरण करें, तो उसी समय हमें जिजाऊ माता की भी वंदना करनी चाहिए। महाराष्ट्र मंडल की छत्रपति शिवाजी महाराज व भारत मां की मासिक महाआरती में मुख्य अतिथि के रूप में महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने इस आशय के विचार व्यक्त किए।
सरला ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल को शिवाजी महाराज प्रतिमा के पास ही जिजाऊ मां से संबंधित ग्रंथ आदि रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें अपने परिवार और समाज में भी जिजाऊ माता की तरह ही जन्म से ही अपने बच्चों को राष्ट्र प्रेम का पाठ पढ़ाकर बड़ा करने का संदेश देना चाहिए। जिजाऊ माता का जीवन, उनके संस्कारों और छत्रपति शिवाजी महाराज के निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान का इतिहास गांव-गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए।
छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व सचिव व सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एमके राउत के कहा कि फिल्मों के माध्यम से समाज में माहौल तेजी से बदला है। ‘राजा शिवाजी’, ‘छावा’ जैसी फिल्मों को देखने के बाद लोग बादशाह अकबर की मजार को तोड़ने के लिए स्वस्फूर्त ही पहुंच गए। पुलिस को बुलवाकर किसी तरह उन्हें मजार स्थल से हटाना पड़ा। राउत ने कहा कि वे उत्कल समाज ओडिशा का प्रतिनिधित्व करते हैं और वहां कोई भी संस्था इतने सारे काम नहीं करती, जितने की यहां का महाराष्ट्र मंडल कर रहा है। अपने संक्षिप्त संबोधन में मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने संस्था की मूलभूत जानकारी देते हुए भावी कार्यक्रमों और शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के कार्यों और महत्व का ब्यौरा भी दिया।
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडे ने जिजाऊ माता के बाल्यकालीन संकल्पों और संस्कारों का स्मरण करते हुए आज की नारी को छत्रपति शिवाजी महाराज एवं भारत माता के प्रति अपने विचारों से प्रेरित किया। उन्होंने जिजाऊ माता के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। भाजपा व मराठा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी मोहन राव पवार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज किसी एक समाज के नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र का गौरव हैं। महाराष्ट्र मंडल उनकी गौरवशाली विरासत और आदर्शों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। शिवाजी महाराज के विचारों को सभी समाजों तक पहुंचाना हमारा सामूहिक दायित्व है।
एनआईटी के वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. समीर वाजपेयी ने शिवाजी महाराज और भारत माता के प्रति महाराष्ट्र मंडल के आयोजनों की सराहना करते हुए कहा कि जब वे शिवाजी महाराज के जीवन और गौरवगाथा का वर्णन करते हैं, तो श्रोताओं के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जब बच्चा किसी तरह साइकिल चलाना सीख रहा होता है, तो उसी उम्र में शिवाजी महाराज ने कोंढाणा किला जीतकर स्वराज के दृढ संकल्प की झलक दे दी थी। शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व प्रेरणादायी है और इसमें जब भी महाराष्ट्र मंडल को सहयोग की आवश्यकता होगी, तो हमें मंडल का सहभागी बनना सौभाग्यशाली लगेगा।
समूचे कार्यक्रम का संचालन करते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के पुरुष प्रमुख गणेशा जाधव पाटिल ने नवरात्रि के दौरान महाराष्ट्र मंडल की ओर से आयोजित दुर्गा दौड़ की जानकारी दी और मातृशक्ति, युवाओं और सामाजिक संगठनों से राष्ट्रभक्ति, संस्कार व सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। समिति के समन्वयक अभिषेक बक्षी ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि भविष्य निर्माण से अधिक आवश्यक चरित्र निर्माण है क्योंकि उज्ज्वल भविष्य की नींव सफलता और उपलब्धियों से नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, मूल्यों, विवेक और कर्तव्यनिष्ठा से रखी जाती है।
इस मौके पर सचिव चेतन दंडवते, वरिष्ठतम रंगसाधक अनिल श्रीराम कालेले, कल्याण देशपांडे, दीपक पात्रीकर, दिव्या पात्रीकर, कार्यकारिणी सदस्य नमिता शेष, परितोष डोनगांवकर, प्रवीण क्षीरसागर, वर्तिका क्षीरसागर, मंगला गणेशा पाटिल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









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