जनगणना-2027 की जनसंख्या गणना के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण
0- अधिकारियों-कर्मचारियों को दी गई विस्तृत जानकारी
0- कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार प्रशिक्षण में जनगणना कार्य को सुव्यवस्थित, त्रुटिरहित एवं समय-सीमा में पूरा करने पर जोर
बालोद. कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण अर्थात जनसंख्या गणना का कार्य सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 04 एवं 05 नवंबर 2026 को जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम हॉल में प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य एवं श्री हरिवंश सिंह मिरी और डिप्टी कलेक्टर श्री रामकुमार सोनकर की विशेष उपस्थिति रही।
प्रशिक्षण में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनसंख्या गणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिम्मेदारियों के निर्वहन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य जिले में जनगणना कार्य को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के साथ ही गणना के दौरान शुद्धता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है।
राज्य स्तरीय प्रशिक्षकों ने दी जनगणना की बारीकियों की जानकारी
अपर कलेक्टर एवं जिला जनगणना अधिकारी श्री जी.एल. यादव के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी श्री एस. कुजूर, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (डीआईओ) श्री धनालाल भारद्वाज, सभी अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के चार्ज जनगणना अधिकारी, सहायक चार्ज जनगणना अधिकारी, जनगणना लिपिक, तकनीकी सहायक तथा जिला जनगणना लिपिक उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षक श्री आशीष मिश्रा एवं श्री यशवर्धन सिंह ने प्रतिभागियों को जनसंख्या गणना से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही जनगणना कार्य के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और सावधानीपूर्वक निर्वहन करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया।
सटीक आंकड़े और बेहतर योजना निर्माण के लिए जनगणना महत्वपूर्ण
जनगणना देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की योजनाओं के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के माध्यम से जनसंख्या की स्थिति एवं विभिन्न आवश्यकताओं की जानकारी मिलती है, जिससे शासन को जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलती है।
जिला प्रशासन द्वारा जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता, जिम्मेदारी और निर्धारित समय-सीमा में संपन्न कराने की दिशा में तैयार किया जा रहा है।
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